जीवन की नई शुरुआत: भाग-1

अरे रे रे, कोई रोको उसे, मर जाएगा वो,” अचानक से आधी रात को शोर सुन कर सारे लोग जाग गए और जो देखा, देख कर वे भी चीख पड़े. जल्दी से उसे वहां से खींच कर नीचे उतारा गया, वरना जाने क्या अनर्थ हो गया होता.

यह तीसरी बार था, जब रघु अपनी जान देने की कोशिश कर रहा था.  लेकिन इस बार भी उसे किसी ने बचा लिया, वरना अब तक तो वह मर गया होता.

क्वारंटीन सेंटर का निरीक्षण करने पहुंचे डीएम यानी जिलाधिकारी को जब रघु की आत्महत्या करने की बात पता चली और यह भी कि वह न तो ठीक से खातापीता है और न ही किसी से बात करता है. वह खुद में ही गुमशुम रहता है. कुछ पूछने पर बस वह अपने घर जाने की बात कह रो पड़ता है, तो डीएम को भी फिक्र होने लगी कि अगर इस लड़के ने क्वारंटीन सेंटर में कुछ कर लिया तो बहुत बुरा होगा.

जिलाधिकारी ने वहां रह रहे एकांतवासियों से पूछा कि उन्हें दिया जा रहा भोजन गुणवत्तायुक्त है या नहीं? हाथ धोने के लिए साबुन, मास्क, तौलिया आदि की व्यवस्था के बारे में भी जानकारी ली, फिर वहां की देखभाल करने वाले केयर टेकर को खूब फटकार लगाई कि वह करता क्या है?एक इनसान आत्महत्या करने की क्यों कोशिश कर रहा है, उस से जानना नहीं चाहिए?

“फांसी लगाने की कोशिश कर रहे थे, पर क्यों?” उस जिलाधिकारी ने जब रघु के समीप जा कर पूछा, तो भरभरा कर उस की आंखें बरस पड़ीं.

“कोई तकलीफ है यहां? बोलो न, मरना क्यों चाहते हो? अपने परिवार के पास नहीं जाना है?”

जब जिलाधिकारी मनोज दुबे ने कहा, तो सिसकियां लेते हुए रघु कहने लगा, “जाना है साहब, कब से कह रहा हूं मुझे मेरे घर जाने दो, पर कोई मेरी सुनता ही नहीं.”

कहते हुए रघु फिर सिसकियां लेते हुए रो पड़ा, तो जिलाधिकारी मनोज को उस पर दया आ गई.

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“हां, तो चले जाना, इस में कौन सी बड़ी बात है, बल्कि यहां कोई रहने नहीं आया है.  अवधि पूरी होगी, सभी को भेज दिया जाएगा अपनेअपने घर.  बताओ, और कोई बात है? यहां किसी चीज की समस्या हो रही है?”

“नहीं… लेकिन, मेरे मांबाप बूढ़े और बीमार हैं, उन्हें मेरी जरूरत है,” कहते हुए रघु का गला भर्रा गया.  लेकिन जिलाधिकारी को लग रहा था कि बात कुछ और भी है, जो रघु को खाए जा रही है.

अपने घरपरिवार से दूर क्वारंटीन सेंटर में 15-20 दिनों से रह रहे रघु पर मानसिक दबाव बढ़ने लगा था. वह रात को उठ कर यहांवहां घूमने लगता और अजीब सी हरकतें करता था. कभी वह क्वारंटीन सेंटर की ऊंची दीवार को नापता, तो कभी बड़े से लंबे दरवाजे को आंखें गड़ा कर देखता. कई बार तो वह पेड़ पर चढ़ जाता, ताकि वहां से फांद कर दीवार पार कर सके, पर कामयाब नहीं हो पाता.

रघु की इस हरकत पर उसे फटकार भी पड़ी थी.  लेकिन उस का कहना था कि उसे घर जाना है, क्योंकि अब उस के सब्र का बांध टूटने लगा है. उस ने कई बार मरने की भी धमकी दी थी कि अगर उसे उस के घर नहीं जाने दिया गया तो वह अपनी जान दे देगा. लेकिन कौन सुनने वाला था यहां उस का? सब उसे ‘पागल-बताहा’ कह कर चुप करा देते और हंसते. जैसे सच में वह कोई पागल हो.  लेकिन वह पागल नहीं था. यह बात कैसे समझाए सब को कि उसे यहां से जाना है, नहीं तो सब खत्म हो जाएगा.

जिलाधिकारी मनोज के पूछने पर रघु कहने लगा, “साहब, अच्छीखासी खुशहाल जिंदगी चल रही थी हमारी. किसी चीज की कमी नहीं थी. पर इस कोरोना ने एक झटके में सब बरबाद कर दिया साहब, कुछ नहीं बचा, कुछ नहीं, ना ही नौकरी और ना ही मेरा प्यार…”

बोलतेबोलते रघु की हिचकियां बंध गईं और वह बिलख कर रोने लगा, “साहब, हम गरीबों की तो किस्मत ही खराब है, वरना क्या दालरोटी पर भी मार पड़ जाती? अच्छीखासी जिंदगी चल रही थी हमारी.  मेहनतमजदूरी कर के खुश थे हम. लेकिन सब मटियामेट हो गया.”

अपने आंसू पोंछते हुए रघु बताने लगा कि अभी दो साल पहले ही वह अपने गांव सिवान से गुजरात आया था. वह यहां मिस्त्री का काम करता था, जिस से उस की अच्छीखासी कमाई हो जाती थी. अपने मांबाप के पास घर भी पैसे भेजता था. लेकिन अब क्या करेगा, समझ नहीं आ रहा है.

बताने लगा कि वह यहां अहमदाबाद में एक कमरे का घर ले कर रह रहा था. सोचा था कि मांबाप को भी ले आएगा, सब साथ मिल कर रहेंगे. लेकिन जिंदगी में ऐसी उथलपुथल मच जाएगी, नहीं सोचा था.

रघु हमेशा खुश रहने वाला, हंस कर बोलने वाला इनसान था और यही बात मुन्नी को, जो उस की ही बस्ती में रहती थी और वह नेपाल से थी, उस के करीब लाता था.

रघु का साथ मुन्नी को खूब भाता था. उस के पिता बड़े बाजार से थोक भाव में सब्जीफल ला कर बाजार में बेचते थे. उसी से उन के 8 परिवार का खर्चा चलता था. मुन्नी भी दोचार घरों में झाड़ूबरतन कर के कुछ पैसे कमा लेती थी. मगर रघु को मुन्नी का दूसरे के घरों में झाड़ूबरतन करना जरा भी अच्छा नहीं लगता था. उसे जब कोई गंदी नजरों से घूरता, तो रघु की आंखों में खून उतर आता. मन करता उस का कि जान ही ले ले उस की. कितनी बार उस ने मुन्नी से कहा कि छोड़ दे वह लोगों के  घरों में काम करना. पर मुन्नी उस की बात को यह कह कर टाल दिया करती कि उसे क्यों बुरा लगता है? कौन लगती है वह उस की?

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वैसे तो मुन्नी को भी दूसरे के घरों में झाड़ूबरतन करना अच्छा नहीं लगता था, मगर क्या करे वह भी? अब  8-8 जनों का पेट एक की कमाई से थोड़े ही भर सकता था.  कितनी बार लोगों की भेदती नजरों का वह निशाना बनी है. जिन घरों में वह काम करती है, वहां के मर्द ही उस पर गंदी नजर रखते हैं.

कहते तो बेटीबहन समान है, पर गलत इरादों से यहांवहां छूछाप कर देते हैं. देखने की कोशिश करते हैं कि लड़की कैसी है? लेकिन मुन्नी उस टाइप की लड़की थी ही नहीं. वह तो अपने काम से मतलब रखती थी. गरीबों के पास एक इज्जत ही तो होती है, वही चली जाए तो मरने के अलावा और कोई रास्ता नहीं बचता है. कुछ बोल भी नहीं सकती थी, अगर आवाज उठती तो उलटे मुंह गिरती. सो बच कर रहने में ही अपनी भलाई समझती थी.

गलती मुन्नी के मांबाप की भी कम नहीं थी. एक बेटे की खातिर पहले तो धड़ाधड़ 5 बेटियां पैदा कर लीं और अब उसी बेटी को दूसरेतीसरे घरों में काम करने भेजने लगे, ताकि पैसे की कमाई होती रहे.

चूंकि मुन्नी घर में सब से बड़ी थी, इसलिए छोटे भाईबहनों की जिम्मेदारी भी उस के ऊपर ही थी. बेचारी दिनभर चक्करघिन्नी की तरह पिसती रहती, फिर भी मां से गालियां पड़तीं कि ‘करमजली कहां गुलछर्रे उड़ाती फिरती है पूरे दिन.’

इधर मुन्नी को देखदेख कर रघु का कलेजा दुखता रहता, क्योंकि प्यार जो करने लगा था वह उस से. अपने काम से वापस आ कर हर रोज वह घर के बाहर खटिया लगा कर बैठ जाता और मुन्नी को निहारता रहता था. लेकिन आज कहीं भी उसे मुन्नी नहीं दिख रही थी, सो हैरानपरेशान सा वह इधरउधर देख ही रहा था कि उस के सिर पर आ कर कुछ गिरा. देखा, तो पेड़ पर चढ़ी मुन्नी उस के सिर पर पत्ता तोड़तोड़ कर फेंक रही थी.

“ओय मुन्नी… तू ने फेंका?” रघु लपका.

“नहीं तो… फेंका होगा किसी ने,” एक पत्ता मुंह में दबाते हुए शरारती अंदाज में मुन्नी बोली.

“देख, झूठ मत बोल, मुझे पता है कि तुम ने ही फेंका है.”

“अच्छा… और क्याक्या पता है तुझे?” कह कर वह पेड़ से नीचे कूद कर भागने लगी कि रघु ने झपट कर उस का हाथ पकड़ लिया.

“छोड़ रघु, कोई देख लेगा,” अपना हाथ रघु की पकड़ से छुड़ाते हुए मुन्नी बोली.

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“नहीं छोडूंगा. पहले ये बता, तू ने मेरे सिर पर पत्ता क्यों फेंका?” आज रघु को भी शरारत सूझी थी.

“हां, फेंका तो… क्या कर लेगा?” अपने निचले होंठ को दांतों तले दबाते हुए मुन्नी बोली और दौड़ कर अपने घर भाग गई.

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अमित शाह की तर्ज वाला नेपाल का नया नागरिकता कानून, भारत की बेटियों के लिए मुसीबत

लेखक- संजय रोकड़े 

भारत के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने पाखंड की नीतियों को अमलीजामा पहनाने के लिए जिस तरह से आक्रामक होकर अपने कानून बदलें अंजाम उनका असर दूसरे देशों पर भारत के खिलाफ जाता लिखने लगा है.

भारत का हर बड़ा शहर, पिछले दिसंबर में नरेन्द्र मोदी सरकार की उस नागरिकता कानून का विरोध कर रहा था जो उपर से तो लगा रहा था कि सबको नागरिकता देने का कानून है लेकिन इसके पीछे विदेशी हिंदूओं को रियायत देकर भारत में बसाने की रणनीति काम कर रही थी जो आरएसएस की नीति का एक हिस्सा थी. इससे बांग्लादेश और अफगानिस्तान भी नाराज से हुए क्योंकि उन पर कानून से माइनौरिटीज को तंग करने का आरोप लगा दिया गया.

इस नागरिकता कानून का उलटा असर हमारे पड़ोसी हिंदू राष्ट्र नेपाल में भारतीय बेटियों पर मुसीबत के रूप में सामने आ रहा है. हमारे पीएम ने जिस तरह से हिंदू-हिंदूत्व और हिंदू राष्ट्र की अवधारणा को एक उकसावे के रूप में बढ़ावा दिया था अब उसके परिणाम हमारे ही गैर भारतीय लोगों की मुसीबत के रूप में आने लगे है.

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नेपाल ने भी अब नागरिकता कानून में बदलाव किया है. नेपाल के गृहमंत्री राम बहादुर थापा ने साफ कहा कि बदलाव विशेष कर भारतीयों द्वारा नेपाल की नागरिकता पाने के संदर्भ में किया गया है.  उन्होंने भारतीय कानून का हवाला देते हुए कहा कि जिस तरह से भारत में किसी विदेशी नागरिकता वाले व्यक्ति को किसी भारतीय से शादी करने के सात साल बाद ही नागरिकता दी जाती है उसी तरह से नेपाल में भी किया जा रहा है.

नेपाली पुरुष से शादी करने वाली विदेशी महिला को सात साल बाद अपनी पुरानी नागरिकता त्यागने का प्रमाण या उससे जुड़ा प्रमाण दिखाने के बाद ही नेपाली नागरिकता दी जाएगी.  यह कानून भारत सहित सभी विदेशी महिलाओं पर लागू होगा.

इस बदलाव ने भारतीय बेटियों के लिए एक नई औैर बढ़ी मुसीबत खड़ी कर दी है. इस कानून में बदलाव के चलते भारतीय बेटियों की नागरिकता पर असर यह होगा कि जब भी कोई भारतीय बेटी नेपाली युवक से शादी कर बहू बन कर नेपाल जाएगी तो उसे वहां लगातार 7 साल रहने के बाद ही नेपाल की नागरिकता मिलेगी.

आम चर्चाएं है कि पड़ोसी राष्ट्रों में इस तरह के कानून मोदी सरकार की एकपक्षीय व हठधर्मिता से भरी नीतियों के चलते सामने आ रहे है. मोदी सरकार ने जिस तरह से देश में अपने राजकाज में मनमर्जियों को तरजीह दी है ठीक उसी तरह से वह इस नीति को अपने पड़ोसी राष्ट्रों के साथ भी प्रयोग करना चाह रही थी लेकिन पासा उलटा पड़ गया है. जिसे कमजोर समझ कर डराने की कोशिश की जाने लगी थी अब वही हावी होने लग गया.

हमारे सुलझे हुए बड़े-बड़े भाजपा नेताओं व मंत्रियों के बड़बोलेपन ने भी  पड़ोसी देश से संबंध खराब करने में खासी भूमिका निभाई. दरअसल होना यह चाहिए था कि मोदी सरकार के मंत्रियों को एक सफल कुटनीतिज्ञ की तरह बयान देकर स्थिति को कंट्रोल में लानी चाहिए थी पर हुआ इसके ठीक उलट. इसी बीच मंत्री धमकी भरे अंदाज में किसी बयानवीर की तरह चैलेंज करते दिखाई दिए.

अब राजनाथ सिंह को ही ले लें. ये बहुत पुराने और सुलझे हुए नेता की श्रेणी में आते है. इनकी इसी समझदारी के चलते अबकि बार इन्हें अहम माने जाने वाले जैसा रक्षा मंत्रालय सौपा गया है. लेकिन नेपाल के मसले पर इनने भी किसी ठस ठाकुर की तरह रोबिले अंदाज में बयानबाजी कर कह दिया कि नेपाल का भारत के साथ रोटी-बेटी का रिश्ता दुनिया की कोई ताकत नहीं तोड़ सकती है. जिस अंदाज और लहजे में राजनाथसिंह का बयान सामने आया उसने नेपाल को उकसाने का ही काम किया. अब नेपाल के इस कदम के बाद लग रहा है कि भारत-नेपाल का रोटी-बेटी का ये रिश्ता कमजोर पडऩे लगेगा. भारतीय बेटी और थाईलैंड की औरत अब बराबर हो गई हैं. खास स्टेटस खत्म.

यह बात स्पष्ट है कि नेपाल के साथ भारत का विवाद चल रहा है. जिस तरह की परिस्थिति चल रही है उसको देखते हुए ही कोई भी बयानबाजी कुटनीतिक स्तर पर होनी चाहिए थी न कि किसी प्रकार के उकसावे वाली. सनद रहे कि इस कानून के पूर्व नेपाल ने भारत की आपत्ति को दरकिनार करते हुए नया नक्शा पारित कर दिश था क्योंकि भारत ने संविधान के अनुच्छेद 370 में संशोधन के बाद मनमर्जी नक्शा भी तो जारी कर दिया था.

नेपाल ने तीन दिन पहले ही विवादित नक्शे को कानूनी अमलीजामा पहनाया था. नेपाली संसद के उच्च सदन से संविधान संशोधन विधेयक को मंजूरी मिलने के बाद नेपाल की राष्ट्रपति बिद्या देवी भंडारी ने हस्ताक्षर कर इसे संविधान का हिस्सा घोषित कर दिया. बता दें कि इस नए नक्शे में नेपाल ने लिपुलेख, कालापानी और लिम्पियाधुरा को अपने क्षेत्र में दिखाया है जबकि भारत इन पर अपना दावा करते रहा है.

हमारे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की नेपाल के साथ असफल कूटनीति का ही परिणाम है कि नेपाल की सत्ता में बैठे वामपंथी दल ने चीन से नजदिकीयां बढ़ा ली. नेपाल में इन दिनों राजनीति में वामपंथियों का दबदबा है. वर्तमान प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली भी वामपंथी हैं और नेपाल में संविधान को अपनाए जाने के बाद वर्ष 2015 में पहले प्रधानमंत्री बने थे. इस समय उनको नेपाल के तमाम वामपंथी नेताओं का एक तरफा समर्थन हासिल है. केपी शर्मा अपनी भारत विरोधी भावनाओं के लिए भी जाने जाते हैं लेकिन मोदी इस पर कुछ ध्यान नही दे पाए और स्थिति आज सबके सामने है.

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बता दे कि बीते 12 जून को भारत-नेपाल सीमा पर तैनात नेपाल के सुरक्षा बलों की गोलीबारी में एक 22 साल के एक भारतीय युवक की मौत भी हो चुकी है, जबकि 3 गंभीर घायल हो गए थे. इसके पूर्व वर्ष 2015 में भारत के नाकेबंदी के बाद भी केपी शर्मा ने नेपाली संविधान में बदलाव नहीं किया और भारत के खिलाफ जवाबी कार्रवाई के लिए चीन के साथ दोस्ती बढ़ा कर एक डील कर ली. इसके तहत चीन ने अपने पोर्ट को इस्तेमाल करने की इजाजत नेपाल को दे दी.

नेपाल हमें कूटनीतिक रूप से परास्त करते जा रहा है और हमारे प्रधानमंत्री और उनके मंत्री गलत बयानबाजी से उठ कर कुछ कर नही पा रहे हैं.

चैटिंग के जरिए चीटिंग के 12 संकेत

 अगर आप का साथी लगातार फोन पर है, कभी कोने में, कभी दूसरे कमरे में जा कर चैटिंग करने लगता है, भले आप को उस पर कितना ही विश्वास हो, आप को उस की कुछ हरकतें तो खटक ही जाती हैं, आप को अलर्ट हो भी जाना चाहिए अगर इन में से कुछ बातों पर आप का ध्यान जाए.

वह अपने फोन से कौल्स और मैसेज डिलीट तो नहीं करता रहता? उस का फोन नए जैसा तो नहीं, न कोई मैसेज, न कौल की डिटेल्स, ये सब डिलीट करना चीटिंग का पावरफुल साइन है.

1. अकसर चीटिंग करने वाले पुरुष अपने अफेयर्स के नाम या नंबर को अलग तरह से रखते हैं.

2. क्या आप का साथी फोन पर बात करते हुए या चैटिंग करते हुए आप से एक दूरी तो नहीं रख रहा होता, आप उस की पार्टनर हैं, फैमिली या काम, किसी की भी बात आप से छिपाने की उसे जरूरत नहीं होने चाहिए.

3. आप से छिपाने का एक अच्छा रीजन भी हो सकता है, हो सकता है आप का साथी आप के लिए ही कोई सरप्राइज प्लान कर रहा हो, उस पर शक करने से पहले यह जरूर सुनिश्चित कर लें कि सच में क्या चल रहा है.

4. मौडर्न टैक्नोलौजी के दौर में किसी अफेयर में रुचि रखने वाले इंसान को घर से बाहर जाने की भी जरूरत नहीं, चैटिंग, औनलाइन डेटिंग लिंक्स, सीक्रैट एड्रैसेस ने इमोशनल अफेयर्स में बढ़ावा किया है. यदि आप का साथी बहुत ज्यादा औनलाइन रहता है, थोड़ा अलर्ट हो जाएं.

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5. यदि आप का साथी औफिस से आ कर आप के साथ एक कप चाय पीने का भी टाइम न निकाले और फौरन चैटिंग में बिजी हो जाए, आप को इस पर बात जरूर करनी चाहिए.

6. सरप्राइजिंग सीक्रैसी एक चिंता का विषय हो सकती है, अगर इस से पहले रिश्ता ईमानदार और खुला रहा हो.

7. यदि आप का पार्टनर फोन बजते ही या कोई मैसेज आते ही अलर्ट हो कर दूसरे रूम में जाए, आप के न होने पर ही फोन चैक करे, तो कुछ तो है जो ठीक नहीं है. किसी भी रिश्ते की सफलता के लिए ईमानदारी सब से महत्वपूर्ण है, उस से सच पता करने से पहले सारे पौइंट्स पर गौर कर लें.

8. जब उस का फोन आप के हाथ में है, देखें, वह नर्वस तो नहीं. यह नर्वस होना दिखाता है कि कुछ ठीक नहीं है. किसी के पास अगर कुछ छिपाने के लिए नहीं होगा, तो वह नर्वस नहीं होगा.

9.  यदि आप स्वभाव से जेलस नहीं हैं, पर आप को उस का कोने में जा कर चैटिंग करना खटक रहा है, ता उस से खुल कर बात करें, सब को प्राइवेसी का हक है पर कुछ छिपाना नजर आ रहा हो तो जरूर पूछें.

10. आजकल सभी अपनेआप फोन को अलगअलग तरीकों से पासवर्ड डाल कर प्रोटैक्ट करते हैं, अपने फोन में, औनलाइन नेटवर्क में, ईमेल्स में पासवर्ड रखना नार्मल है, एकदूसरे को पासवर्ड न बताना भी ओके है, पर यदि अगर आप उस के और वह आप के सब कोड्स अब तक जानते थे और अचानक वह सब बदल दे और आप को बताना न चाहे तो यह चीटिंग का साइन हो सकता है.

11. यदि आप का पति अपना फोन हमेशा अपने साथ रखे, यहां तक कि वाशरूम में भी साथ ले कर जाए, जहां इस की बिलकुल भी जरूरत नहीं, अलर्ट हो जाएं.

12. मोबाइल की ऐक्टिविटीज पर ध्यान देना ज्यादा आसान है, ध्यान दें कि जब वह फोन पर है तो क्या उस का स्वभाव बदल जाता है, क्या वह आप के सोने के बाद भी बहुत देर तक मैसेज या चैटिंग में व्यस्त रहता है, याद रखें, हर अफेयर शारीरिक नहीं होता, कभीकभी औनलाइन बातचीत या फोन की ऐक्टिविटीज इमोशनल चीटिंग हो सकती है.

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न्यू यौर्क के क्लीनिकल मनोवैज्ञानिक जैसन व्हीलर का कहना है, ‘‘दूसरे ऐडिक्शंन की तरह फोन का ज्यादा यूज होते किसी को दोषी न मानें, फोन का ज्यादा प्रयोग आप के रिश्तों की बड़ी प्रौब्लम्स से बचने के लिए भी हो सकता है, इस तरह का व्यवहार और बड़ी प्रौब्लम्स से बचने के लिए भी हो सकता है, पर यह एक बुरी आदत है, इस से बचने के लिए और उपाय किए जा सकते हैं,’’ आप इस बात को अपने पार्टनर से बिना उस की इंसल्ट किए भी बता सकते हैं जैसे ‘‘मुझे बहुत बुरा लगता है, जब तुम्हारा ध्यान मुझ पर नहीं जाता, फोन पर ही रहता है.’’ यह ट्रिक काम करती है. आप उस पर कोई आरोप भी नहीं लगा रहे हैं, अपनी फीलिंग्स शेयर कर रहे हैं, तो प्रौब्लम फोन पर रहने से ज्यादा बड़ी है.

हम ऐसे समय में जी रहे हैं जहां फोन होना हमारे जीवन की एक बहुत बड़ी जरूरत हो गई है, हमारी काम की चीजें, पासवर्ड्स और भी बहुत कुछ इस छोटी सी चीज में समाया है, हम जहां चाहें, यह जानकारी भरा साधन अपने साथ ले जा सकते हैं, अपने पार्टनर को फोन फ्री होने में हैल्प करें.

शिष्टाचार विशेषज्ञ डेन्ना होम्स के अनुसार एक ऐडिक्ट को यह समझने में कुछ टाइम लग सकता है कि लाइफ हर समय वाईफाई के बिना भी जी जा सकती है. व्हीलर की सलाह है कि अपने पार्टनर को रात को फोन पहुंच से बाहर रखने के लिए कहें, टाइम सैट कर लें कि किस टाइम आप दोनों फोन से दूर रहेंगे, कुछ नियम बनाएं, खाना खाते हुए फोन न देखे जाएं, होम्स के अनुसार बैडरूम में फोन होना रिलेशनशिप किलर का काम करता है, हमें तुरंत रिजल्ट्स की आशा भी नहीं रखनी चाहिए. धीरेधीरे अपने पार्टनर की इस आदत को छोड़ने में हैल्प करें, यदि आप के कहने पर हर बार लड़ाई होने लगे तो मामला गंभीर है, सफल रिश्ते के लिए फिजिकल कौंटैक्ट, आई कौंटैक्ट, बातचीत और समझने जरूरी होते हैं, यदि पार्टनर इन सब में से किसी चीज की कोशिश नहीं कर रहा है तो इसे चिंता की बात समझें.

शादी के बाद Kamya Punjabi का बदला लुक, आप भी कर सकती हैं ट्राय

शक्ति अस्तित्व के एहसास (Shakti- Astitva Ke Ehsaas Ki) की एक्ट्रेस काम्या पंजाबी (Kamya Punjabi) शादी के बाद अपनी लाइफ को बेहद खूबसूरती से जी रही हैं. हाल ही में काम्या (Kamya Punjabi) अपने सीरियल की शूटिंग के लिए गुरूग्राम से मुंबई पहुंच गई हैं. वहीं उन्होंने लौकडाउन और कोरोनावायरस के बढ़ते प्रकोप के बीच शूटिंग को लेकर कहा है कि हर मिडिल क्लास फैमिली घर पर बैठकर काम करना अफोर्ड नहीं कर सकती. हर किसी को काम के लिए घर से बाहर आना पड़ेगा, जिसके चलते मैं भी दूसरों के लिए अपने घर से बाहर आई हूं.

मैरिड लाइफ की बात करें तो काम्या पंजाबी (Kamya Punjabi) शादी के बाद बेहद खूबसूरती से अपने लुक को संवारते हुए नजर आती हैं औऱ फैंस के लिए अपने लुक की फोटोज शेयर करती है. आज हम आपको काम्या पंजाबी के कुछ लुक बताएंगे, जिसे आप शादी के बाद अपने फैमिली फंक्शन या किसी पार्टी में ट्राय कर सकती हैं.

1. शरारा लुक है परफेक्ट

अगर आप किसी फैमिली फंक्शन में कुछ नया और ट्रैंडी ट्राय करने का सोच रही हैं तो काम्या पंजाबी का ब्लैक औऱ गोल्डन कौम्बिनेशन वाला शरारा लुक आपके लिए परफेक्ट औप्शन है. ये सिंपल के साथ-साथ ट्रैंडी भी है.

 

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Beautiful outfit on a beautiful day 😍 Eid Mubarak Sabko 🤗 @anusoru

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2. कलरफुल लहंगा है परफेक्ट

 

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💃🏻

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अगर आपकी हाल ही में शादी हुई है और आप अपने लुक को कलरफुल दिखाना चाहती हैं तो काम्या पंजाबी का ये मल्टी कलर लहंगा और चोली ट्राय करें ये आपके लुक के लिए परफेक्ट औप्शन रहेगा.

3. पीला सूट करें ट्राय

शादी के बाद सिंपल और कूल लुक रखना चाहती हैं तो काम्या पंजाबी का पीला कलर का अनारकली सूट आपके लुक के लिए परफेक्ट औप्शन रहेगा.

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4. सिंपल साड़ी लुक है परफेक्ट

 

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Wishing everyone a Very happy Diwali 😊

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गरमी में अगर आप किसी फंक्शन में सिंपल लुक के साथ हैवी ज्वैलरी कौम्बिनेशन ट्राय करना चाहती हैं को काम्या पंजाबी की तरह प्लेन गोल्डन साड़ी के साथ हैवी नेकपीस आपके लुक के लिए परफेक्ट है.

जानें क्या हैं प्याज के हेल्थ से जुड़े अनगिनत फायदे

दोस्तों प्याज आमतौर पर सभी घरों में use किया जाता है. कभी सब्जी में तो कभी सलाद में , कई तरीकों से प्याज को खाया जाता है. इसके बिना तो खाने का स्वाद ही नहीं आता. बेशक, इसे काटते समय आंखों में पानी जरूर आता है, लेकिन इसे खाने से जो अनगिनत फायदे होते हैं, उसका कोई मुकाबला नहीं है.
वैसे तो कहा जाता है की प्याज खाने से लू नहीं लगती.आपको जानकर हैरानी होगी कि प्याज सिर्फ लू भर ही नहीं, बल्कि डायबिटीज व कैंसर जैसी बीमारियों से बचाने में भी सक्षम है.

आइय जानते है प्याज के हैरान करने वाले फायदे –

1-डायबिटीज की समस्या से ग्रसित लोगों को रोजाना प्याज सलाद के रूप में खाना चाहिए. प्याज में क्रोमियम पाया जाता है जो ब्लड शुगर लेवल को कंट्रोल करने में मददगार हो सकता है.

2-जिन लोगों के बाल बहुत झड़ते हैं उन्हें खूब प्याज खाना चाहिए.

3-प्याज खाने से कब्ज की समस्या को आसानी से दूर किया जा सकता है.

4-प्याज के सेवन से पीरियड्स के दौरान दर्द या अनियमित माहवारी जैसी समस्याओं को भी दूर किया जा सकता है.

5-अगर आपके मुंह में इन्फेक्शन या दांत में कोई परेशानी है तो कच्चे प्याज को 2-3 मिनट तक चबाएं, ऐसा करने से इन्फेक्शन ठीक हो सकता है.

6-आंखों की रोशनी कम होने, आंखों से पानी आने पर प्याज के रस में गुलाबजल मिलाकर इसकी कुछ बूंद आंखों में डालें.

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7- प्याज में अच्छी मात्रा में Quercetin नाम का एंटीऑक्सीडेंट पाया जाता है जो कैंसर को रोकने में मदद कर सकता है. इसमें विटामिन ‘सी’ भी पाया जाता है, यह भी कैंसर रोकने के लिए कारगर है. प्याज खाने से कई तरह के कैंसर जैसे प्रोस्टेट कैंसर, ब्रेस्ट और फेफड़ों के कैंसर से बचा जा सकता है.

8-प्याज में मिथाइल सल्फाइड और अमीनो एसिड पाए जाते हैं. जो खराब कोलेस्ट्रॉल को कम और अच्छे कोलेस्ट्रॉल को बढ़ाने में मदद कर सकते हैं.

9-रोजाना प्याज खाने से दिल की बीमारियां होने का खतरा कम होता है.

10-जिन लोगों को खून की कमी होती है, प्याज उनके लिए रामबाण हैं. यहां तक की

11-प्याज के सेवन से यूरिन इंफेक्शन भी दूर किया जा सकता है.

12- प्याज का सेवन अच्छी नींद और कैलोरी बर्न करने में भी मददगार है.

13 -तनाव कम करने और इम्यून सिस्टम बढ़ाने में भी प्याज फायदेमंद होता है.

दोस्तों ये तो थे प्याज़ खाने के फायदे .पर क्या कभी आपने सिरके वाली प्याज़ खायी है. आपने सिरके वाला प्‍याज़ उत्‍तर भारत के लगभग सभी रेस्‍ट्रॉन्‍ट्स में देखा होगा.ये ज्‍यादातर लाल रंग के होते हैं . दोस्तों अक्सर जब हम लोग restaurant और होटल में खाना खाने जाते है तो खाने के साथ अक्सर सिरके वाली प्याज serve की जाती है.जो खाने में बहुत टेस्टी लगती है और इसे हम बड़े चाव से खाते हैं.पर क्या कभी आपने इसे घर में बनाने का try किया है.अगर नहीं, तो चलिए आज हम बनाते restaurent जैसी सिरके वाली प्याज़.

हमें चाहिए-

छोटे प्याज-15 से 20 ( छोटे प्याज नहीं हैं तो बड़े प्याज को ही तीन से चार पीस कर लें.)

• व्हाइट वेनेगर या एप्पल साइडर वेनेगर-2 टेबलस्‍पून
• ½ कप पानी
• चुकंदर- एक पीस कटे हुए
• चीनी-1 टेबल स्पून
• नमक- स्वादानुसार
• ¾ टेबलस्‍पून लाल मिर्च (ऑप्शनल)

बनाने का तरीका-

1- सबसे पहले प्याज को छीलकर पानी से धोलें.फिर उसे हल्का सा कट कर ले.

2-अब एक बाउल में व्हाइट विनेगर लेकर उसमें आधा कप पानी मिक्स करें.अब इसमें 1 टेबलस्पून चीनी, स्वादानुसार नमक ,लालमिर्च और चुकंदर डालकर अच्छी तहर मिक्स करें.

3- अब इसमें प्याज डालकर अच्छी तरह मिक्स करें और और एक कांच के जार में भरकर दो से तीन दिन के लिए छोड़ दें.

4-इन 2-3 दिनों में रोज जार 2 से 3 बार अच्छी तरह हिलाएं. जिससे प्‍याज में अच्‍छी तरह से सिरका लग जाए.

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5-2-3 दिन बाद सिरके वाले प्याज (वेनेगर ऑनियन) तैयार हो जाएंगे. . अब इन्हें खाने के साथ सर्व करें. आप सिरके वाले प्‍याज को किसी भी प्रकार के भोजन के साथ सर्व कर सकती हैं।

6- सिरके वाले प्याज को फ्रिज में रखकर स्टोर करें.

ध्यान रहेः प्याज खत्म होने के बाद वेनेगर वॉटर को बार-बार इस्तेमाल ना करें.
वे लोग इस बात का खास ख्याल रखें जिन्हें गैस्ट्रिक या स्ट‍मक कैंसर हैं क्योंकि वेनेगर में एसिडिक कॉन्टेंट होता है. ऐसे में वे वेनेगर के इस्तेमाल से पहले डॉक्टर की सलाह ले लें.

इन्वैस्टमैंट जानकारी: बेहतर कौन- एफडी या आरडी

फाइनैंशियल सिक्योरिटी यानी वित्तीय सुरक्षा हर इंसान की ज़रूरत है. इस के लिए घरेलू खर्चों के बाद कुछ पैसा भविष्य के लिए बचाया जाता है. समाज का वह वर्ग क्या करे जिस की स्थिति रोज़ कुआं खोदो रोज़ पानी पियो जैसी है. इस तबके की तो कोई सुनने वाला ही नहीं.

समाज बदला है, परिवर्तन आया है, शिक्षा पर जोर भी है. लेकिन फिर भी ज़्यादातर लोगों में जानकारी का अभाव है. हमारे गरीब देश भारत में आर्थिक रूप से पिछड़े तबके के लिए भी स्कीम्स हैं. बता दें कि पोस्ट औफिस में हर महीने 10 रुपए जमा करने के लिए रेकरिंग डिपौजिट (आरडी) यानी आवर्ती जमा खाता खुलवाया जा सकता है.

सुरक्षित भविष्य के लिए बचत कर उसे निवेश करना हर इंसान के लिए अनिवार्य है. समाज के निम्नवर्ग, निम्नमध्यवर्ग, मध्यवर्ग और छोटे वेतनभोगियों को भविष्य की फाइनैंशियल सिक्योरिटी के लिए निवेश यानी इन्वैस्ट करने के 2 अतिलोकप्रिय रास्ते हैं – एफडी (फिक्स्ड डिपौजिट) यानी सावधि जमा और आरडी (रेकरिंग डिपौजिट) यानी आवर्ती जमा.

जान लें कि एफडी में एकमुश्त रकम जमा करनी होती है जबकि आरडी में आमतौर पर एक निश्चित रकम हर महीने जमा करनी होती है. और यह भी जान लें कि फिक्स्ड और रेकरिंग डिपौजिट, दोनों ही स्कीम्स में इनकम टैक्स के नियम एकजैसे ही हैं. अब सवाल यह है कि एफडी और आरडी में बेहतर कौन है?

यह स्वाभाविक हकीकत है कि हर व्यक्ति अपने निवेश पर ज्यादा रिटर्न चाहता है. अगर निवेश के 2 विकल्पों में रिटर्न एकसमान हो तो आप अपनी पूंजी की ज्यादा सुरक्षा वाले विकल्प को पसंद करेंगे.

पूंजी की सुरक्षा के साथ निश्चित अंतराल पर नियमित आय के लिए लोग लंबे समय से फिक्स्ड डिपौजिट को निवेश का बेहतर विकल्प मानते हैं. लेकिन, अगर आप के पास निवेश के लिए एकमुश्त रकम नहीं है और आप मासिक आमदनी से बचत कर संपत्ति बनाना चाहते हैं, तब रेकरिंग डिपौजिट निवेश का अच्छा विकल्प है.

दोनों में क्या है समानता :

फिक्स्ड डिपौजिट हो या रेकरिंग डिपौजिट, दोनों ही बैंकों और पोस्टऔफिस द्वारा औफर किए जाने वाले फिक्स्ड इनकम प्रोडक्ट हैं. अगर आप किसी बैंक या पोस्टऔफिस में इन दोनों डिपौजिट्स में से कोई भी खाता खुलवाते हैं तो पोस्टऔफिस या बैंक आप को पहले से तय ब्याजदर के हिसाब से नियमित अंतराल पर या मैच्योरिटी पर निश्चित ब्याज देते हैं.

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टर्म यानी अवधि पूरी होने पर आप की ओर से निवेश की गई रकम और उस पर लागू ब्याज आप को मिल जाता है. दूसरे बैंकिंग उत्पादों पर मिलने वाला ब्याज लगभग हर तिमाही बदलता है, लेकिन फिक्स्ड और रेकरिंग डिपौजिट खुलवाते वक्त जो ब्याजदर तय की जाती है, वही आप को मिलती है. ब्याजदर स्कीम के अंत तक जारी रहती है.

टैक्स देनदारी में दोनों में क्या है अंतर :

फिक्स्ड और रेकरिंग डिपौजिट, दोनों ही स्कीम्स में इनकम टैक्स के नियम एकजैसे ही हैं. दोनों ही स्कीम पर मिलने वाले ब्याज को आप की कुल आय में जोड़ दिया जाता है और उस पर आप को अपने टैक्स स्लैब के हिसाब से टैक्स चुकाना होता है.

यदि आप अपनी आमदनी के हिसाब से 30 फीसदी वाले टैक्स स्लैब में हैं तो एफडी और आरडी पर मिलने वाले ब्याज पर भी 30 फीसदी की दर से ही टैक्स लगेगा.

टैक्स डिडक्शन के मामले में आरडी थोड़ा बेहतर है. एफडी पर सालाना ब्याज अगर 10,000 रुपए से अधिक मिलता है तो बैंक टीडीएस  काट लेता है, लेकिन रेकरिंग पर कोई डिडक्शन नहीं होता. यह एक ऐसा फीचर है जिस के चलते निवेशकों का रुझान आरडी की ओर बढ़ा है.

किस में मिलता है बेहतर रिटर्न : 

यदि आप इन दोनों योजनाओं की तुलना करें तो फिक्स्ड डिपौजिट में आप को अधिक रिटर्न मिलता है. इस की वजह यह है कि एफडी  में आप एकमुश्त रकम जमा करते हैं जिस पर ब्याज उसी दिन से चालू हो जाता है. जबकि, रेकरिंग डिपौजिट, वास्तव में, मासिक आमदनी से थोड़ीथोड़ी रकम जोड़ कर संपत्ति बनाने का माध्यम है.

इसे ऐसे समझिए – मान लीजिए कि आप ने प्रति महीने 2,000 रुपए की दर से साल में 24,000 रुपए रेकरिंग डिपौजिट में जमा किए. इस में अगले साल से आप को कुल 24,000 रुपए के निवेश पर ब्याज मिलेगा. जिस साल आप ने निवेश शुरू किया उस साल में आप ने पहले महीने 2000 रुपए ही बैंक में जमा किए हैं.

अगर सिर्फ एक साल के हिसाब से बात करें तो रेकरिंग डिपौजिट की 2,000 रुपए की पहली किस्त पर आप को उस साल के 11 महीने,  दूसरी किस्त पर 10 महीने, तीसरी किस्त पर 9 महीने और चौथी किस्त पर सिर्फ 8 महीने का ही ब्याज मिलेगा.

अगर आप ने साल की शुरुआत में 24,000  रुपए एफडी में लगा दिए तो इस निवेश पर ब्याज पहले दिन से ही शुरू हो जाएगा. दोनों ही स्कीम्स पर एकसमान तिमाही चक्रवृद्धि ब्याज मिलता है. अगर हम यह मान लें कि आप के निवेश पर ब्याज दर 9 फीसदी है तो एफडी में एक साल के अंत में आप कुल 26,324 रुपए पाएंगे जबकि आरडी में आप को कुल 25,195  रुपए ही मिलेंगे.

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ध्यान रखें :

यह ध्यान रखें कि एफडी  में आप ने बैंक में शुरुआत में ही 24,000 रुपए जमा कर दिए जबकि आरडी  में आप हर महीने 2,000 रुपए जमा कर रहे हैं, सो, ब्याज में जो अंतर है वह इसी वजह से है. सो, रुपए कमाइए, खर्च में से बचाइए, निवेश कर बढ़ाइए और फिर आर्थिकतौर पर सुरक्षित रहिए.

क्या है नो मेकअप लुक

केवल फिल्म इंडस्ट्री ही नहीं, बल्कि हर क्षेत्र की महिलाओं को खूबसूरत दिखना होता है. लेकिन इस बीच देशविदेश में लागू लौकडाउन की वजह से बहुत से लोगों को जमीनी हकीकत यानी रियल लुक पर ले आया है.

जाहिर है, इस दौरान न आप मेकअप आर्टिस्ट से मेकअप करवा सकती हैं और न ही खुद को ग्रूम करने के लिए किसी ब्यूटीपार्लर में जा सकती हैं. ऐसे में अब कईयों का रियल लुक नजर आने लगा है.

अचानक क्यों होने लगी चर्चा

‘द वाशिंगटन पोस्ट’ ने इस रियल लुक को ले कर स्टोरी की है. हाल ही में जब मशहूर अर्थशास्त्री जैफरी सैच ने टीवी पर एक चर्चा के दौरान डोनाल्ड ट्रंप को इडियट प्रैसिडैंट कहा तो अचानक से वे चर्चा में आ गए.

दरअसल, उन के चेहरे पर बालों की लटें आ रही थीं. जाहिर सी बात है कि इस कमैंट की वजह से वे एकदम से चर्चा में आ गए. हालांकि अगर यह लौकडाउन से पहले का वक्त होता तो मेकअप परफैक्ट होता और चेहरे पर बालों की लटें आने का सवाल ही नहीं होता.

सिर्फ जैफरी जैसे ऐक्सपर्ट ही नहीं, अमेरिका के कई न्यूज ऐंकर इस लौकडाउन के चलते अपने रियल लुक में नजर आ रहे हैं.

एक वह दौर भी था

भारत के संदर्भ में बात करें तो दूरदर्शन की अपने जमाने की मशहूर न्यूज रीडर सलमा सुलतान की याद आती है. खुबसूरत और सलीकेदार साड़ी और बालों में कान के पीछे लगा गुलाब 80 के दशक में उन की पहचान बन चुकी थी.

उस दौर को याद कर सलमा कहती हैं कि उस वक्त न तो दूरदर्शन के पास इतना बजट था कि वह हम लोगों के लिए कोई स्टाइलिस्ट रख सकें और न ही इस की कोई दरकार थी. खबरें पेश करनी होती थीं तो जाहिर है कि कुछ मेकअप करना पड़ता था, जिस में फाउंडेशन, लिपस्टिक और काजल ही शामिल हुआ करते थे.

सलमा बताती हैं,”अपनी स्टाइलिंग हम खुद ही किया करते थे. मेरे घर के बगीचे में तब भी और आज भी बहुत गुलाब हुआ करते हैं. एक दिन बगीचे में बैठी थी तो खयाल आया कि क्यों न आज गुलाब का फूल बालों मे लगा लूं.

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“दूसरे दिन भी मैं ने ऐसे ही फूल बालों मे लगा लिए. 2 दिन लगाने के बाद तीसरे दिन छोड़ दिया. इस के बाद अचानक पत्रों और फोन की जैसे बाढ़ आ गई. लोग पूछने लगे कि वे गुलाब कहां गए?
“फिर इस के बाद न्यूज पढ़ते वक्त मैं नियमित रूप से गुलाब लगाने लगी.”

सलमा कहती हैं कि मैं यह नहीं कहती कि आप इस फील्ड में हैं तो मेकअप न करें. लेकिन मेकअप की परतों के अंदर खुद की खूबसूरती को न छिपाएं. मेकअप एक कला है, पर शख्सियत पर हावी होते ही आप खो जाएंगे. अच्छा है कि इस लौकडाउन ने मेकअप की परतों में कैद लोगों और खासकर महिलाओं को राहत देने में मदद की है.

नो मेकअप लुक का आया जमाना

कोरोना वायरस के कारण कुछ तो लौकडाउन और कुछ सोशल डिस्टैंसिंग की वजह से न ही पार्लर खुले हैं और न ही कौस्मेटिक शौप. अगर खुल भी गए, तो पहले जैसी बात नहीं रह जाएगी, क्योंकि एक डर बना रहेगा कि कहीं हम संक्रमण के शिकार न हो जाएं.

लेकिन इन सब के बीच एक चैलेंज इस समय बहुत तेजी से चल रहा है और वह है नो मेकअप चैलेंज, जिस में महिलाएंलड़कियां बिना मेकअप किए अपनी फोटोज शेयर कर रही हैं, जिसे ‘नो मेकअप लुक’ के नाम से जाना जा रहा है.

बौलीवुड भी पीछे नहीं

बौलीवुड अदाकारा भी इस नो मेकअप लुक को काफी पसंद कर रही हैं. तसवीरें शेयर करने का ट्रैंड चल रहा है. लौकडाउन की वजह से बौलीवुड के सैलिब्रिटीज भी अपने घरों में समय बिता रहे हैं. ऐसे में वे न तो खुद को ग्रूम कर पा रहे हैं और न ही मेकअप कर रहे हैं.

लौकडाउन के बीच उन्होंने अपनी ऐसी ही कुछ तसवीरें शेयर कीं, जिन में उन का बदला हुआ लुक नजर आया.

बौलीवुड ऐक्ट्रैस करीना कपूर खान भी सोशल मीडिया पर काफी ऐक्टिव रहती हैं. वे अकसर अपनी तसवीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर पोस्ट करती रहती हैं. हाल ही में करीना ने अपनी कुछ तसवीरें शेयर कीं, इन में वे बिना मेकअप नजर आईं. फैंस को उन का यह रूप काफी पसंद भी आ रहा है.

लोगों ने तारीफ करते हुए लिखा कि बिना मेकअप सामने आने के लिए हिम्मत चाहिए, तो किसी ने उन के नो मेकअप लुक पर भद्दे कमैंट्स भी किए.

भोजपुरी फिल्म और टीवी ऐक्ट्रैस मोनालिसा ने भी नो मेकअप तसवीरें शेयर की हैं. बिना मेकअप के वे काफी खूबसूरत लग रही हैं. फैंस ने भी उन की तसवीरों पर कमैंट्स करते हुए कहा कि वे बिना मेकअप के भी काफी अच्छी लग रही हैं.

मेकअप की जगह स्किन पर दें ध्यान

इन दिनों टीवी सैलिब्रिटीज भी अपने घर पर ही हैं. वे भी मेकअप से दूर अपनी स्किन की देखभाल करने में लगी हैं. अलादीन फेम अवनीत कौर ने अपने ब्यूटी टिप्स शेयर किए, जिन्हें आप भी आजमा सकती हैं.

वे कहती हैं,”मैं हमेशा खुद को फिट ऐंड फाइन रखती हूं. मैं फेसमास्क लगाती हूं, जिस में हलदी, नीबू, दही जैसी चीजें शामिल हैं जोकि हमारे किचन में आसानी से मिल जाते हैं.

“मैं उन ब्यूटी ट्रिक्स का इस्तेमाल करती हूं जो मेरी त्वचा को कैमरे के लिए हरदम तैयार करने में मदद करते हैं.”

आमतौर पर सैलिब्रिटीज को शूटिंग के दौरान इतना समय नहीं मिलता है कि वे खुद का ठीक ढंग से खयाल रख पाएं. लेकिन इस समय कोरोना वायरस के चलते देश में अधिकतर बाजारें बंद हैं, जिस के कारण बौलीवुड सैलिब्रिटीज अपना खयाल खुद ही रख रहे हैं.

हाल में ही करीना कपूर ने इंस्टाग्राम पर एक तसवीर शेयर की है, जिस में वे फेस मास्क लगाए हुए नजर आ रही हैं. इतना ही नहीं इस फेसमास्क को बनाने की विधि के बारे में उन्होंने अपने फैंस को बताया है.

ऐसे बनाया करीना ने फेसपैक

एक बाउल में 2 चम्मच चंदन पाउडर, 2 बूंदें विटामिन ई और चुटकीभर हलदी के साथ थोड़ा सा दूध डाल कर अच्छी तरह से मिक्स करें. इस के बाद चेहरे पर लगाएं. कम से कम 20 मिनट लगा रहने दें. फिर साफ पानी से धो लें.

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डू इट योरसैल्फ

इंडस्ट्रीज से जुड़े जावेद हबीब कहते हैं कि आने वाले दिनों में हेयर, ब्युटि और मेकअप इंडस्ट्री में बहुत कुछ बदलने वाला है. मेकअप में प्रोफैशनल के अलावा दूसरे लोगों में डू इट योरसैल्फ देखने को मिलेगा. इस का मतलब यह नहीं कि लोग सैलून जाना छोड़ देंगे, बल्कि वे स्किन ट्रीटमैंट लेंगे.

फेशियल मसाज बेहतर होगा. जाहिर है, महिलाओं का मेकअप पर फोकस कम होगा. ब्रैंड और क्वालिटी पर ज्यादा ध्यान रहेगा.

Medela Flex Breast Pump: मैनुअल से बेहतर है इलेक्ट्रिक ब्रेस्ट पंप

मेरा  नाम स्वाति है, मैं 6 महीनों पहले ही मां बनी हूं, जिसके बाद मेरी जिंदगी में बहुत बदलाव आ चुका है. मुझे अपने और परिवार के लिए समय नही मिल पाता था, जिसके कारण मैने मार्केट से मैनुअल ब्रेस्ट पंप खरीदा, लेकिन ब्रेस्ट पंप लेने के बाद भी मेरे पास बिल्कुल समय नही मिलता था. साथ ही मुझे इस प्रौडक्ट को लेकर कोई संतुष्टि नही मिली. क्योंकि मेनुअल ब्रेस्ट पंप से दूध को निकालने में भी मुझे समय के साथ हाथों में दर्द भी रहने लगा.

इसके बाद जब परेशान होकर मैने मेरी दोस्त सानिया को अपनी इस प्रौबल्म के बारे में बताया तो उसने मुझे इलेक्ट्रिक ब्रेस्ट पंप का इस्तेमाल करने की बात कही. क्योंकि वह भी इस प्रौबल्म का सामना कर चुकी थी और इलेक्ट्रिक पंप से उसकी लाइफ भी बेहद आसान हो गई थी, जिसके कारण उसने मुझे भी इलेक्ट्रिक ब्रेस्ट पंप का इस्तेमाल करने की सलाह दी.

साथ ही सानिया ने मुझे समझाते हुए कहा कि भले ही हम किसी चीज पर पैसे खर्च करके अपनी लाइफ को आसान बनाने की कोशिश करते हैं, लेकिन अगर वही चीज हमारे काम को आसान करने की बजाय बढ़ा दे तो वह चीज खरीदना बेकार हो जाती है, जिसके बाद मुझे यह बात समझ आई कि सानिया सही कह रही है.

इसी के साथ उसने मुझे मेडेला के इलेक्ट्रिक ब्रेस्ट पंप का इस्तेमाल करने की सलाह देते हुए कहा कि यह Medela Flex Breast Pump के जरिए वह कम समय में ही काफी दूध निकाल कर स्टोर कर सकती है, जिससे उसे बार-बार बच्चे को खुद फीडिंग नहीं करवानी पड़ेगी. साथ ही वह आराम से औफिस का काम और अपने बच्चे का ख्याल रख पाएगी और इस पूरी प्रोसेस में 10 से 15 मिनिट का समय लगेगा. इसी के साथ उसने मुझे यह भी बताया कि Medela Flex Breast Pump स्विटजरलैंड में बनाए जाते है, जो कि हाइजीन के मामले में बेहद सुरक्षित भी है और इसके साथ मिलने वाली गारंटी आपको प्रौडक्ट को लेकर सिक्योरिटी भी देती है.

सानिया से मेडेला के इलेक्ट्रिक ब्रेस्ट पंप के बारे में जानने के बाद मैनें इस प्रौडक्ट को खरीदा और इस प्रौडक्ट को खरीदने व इस्तेमाल करने के बाद मुझे एक संतुष्टि भी मिली.

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शुरु हुई ‘बाहुबली’ एक्टर राणा दग्गुबाती की शादी की तैयारी, मास्क पहनकर दुल्हन बनेगी मंगेतर

साउथ की फिल्मों से लेकर बौलीवुड में धूम मचा चुके एक्टर राणा दग्गुबाती उनकी मंगेतर मिहीका बजाज संग जल्द शादी के बंधन में बंधने वाले हैं. ‘बाहुबली’ के भल्लादेव उर्फ राणा दग्गुबाती (Rana Daggubati) हाल ही में रोका सेरेमनी में एक्टर अपनी मंगेतर मिहीका बजाज दोनों पारंपरिक लुक में नजर आए थे. वहीं अब उनकी शादी की तैयारियों भी शुरू हो चुकी हैं, जिसकी फोटोज भी सोशलमीडिया पर वायरल हो रही है. आइए आपको दिखाते हैं ‘बाहुबली’ स्टार की कोरोनावायरस के बीच वेडिंग सेलिब्रेशन की फोटोज…

कोरोनावायरस के बीच होगी शादी

खबरों की मानें तो राणा दग्गुबाती (Rana Daggubati) मिहीका बजाज के साथ अगस्त में शादी करने वाले है. दोनों की शादी ऐसे वक्त में होने वाली है जब देश में कोविड-19 का कहर है. ऐसे में दूल्हा-दुल्हन पूरी सावधानी से शादी की तैयारी में जुटे हैं. हाल ही में मिहीका बजाज ने अपनी फोटोज शेयर की हैं, जिसमें वह दुल्हन बनने के साथ मास्क पहने हुए नजर आ रही हैं.

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शादी की तैयारियां हुई शुरू

हाल ही में मिहीका बजाज ने अपने लुक की एक प्यारी सी फोटो शेयर की है. इस फोटो में मिहीका बजाज लहंगा चुन्नी पहने नजर आ रही हैं. इसके साथ ही उन्होंने कैप्शन दिया है, ‘उत्सव जारी है… थैंक्यू मेरा दिन बेहद खास बनाने के लिए…’.

रोका सेरेमनी की फोटोज हुई वायरल

बाहुबली एक्टर (Rana Daggubati) की रोका सेरेमनी की फोटोज सोशल मीडिया पर हंगामा मचा चुकी हैं. रोका सेरेमनी में ‘बाहुबली’ स्टार और उनकी मंगेतर मिहीका बजाज पारंपरिक तरीके से तैयार हुए थे और दोनों की खूबसूरत फोटोज में फैंस उन्हें बधाई देते नजर आए थे.

 

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And it’s official!! 💥💥💥💥

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बता दें, अपनी फिल्म हाथी मेरे साथी को लेकर राणा दग्गुबाती (Rana Daggubati) बीते दिनों सुर्खियों में रहे हैं. देश में लॉकडाउन के बीच ये फिल्म रिलीज नही हो पाई, जिसके कारण उनके फैंस को काफी दुख हुआ था.

फादर्स डे पर Sonam Kapoor ने दिया हेटर्स को करारा जवाब, सुशांत के सुसाइड पर हुई थीं ट्रोल

बॉलीवुड एक्टर सुशांत सिंह राजपूत (Sushant Singh Rajput) के सुसाइड के बद से फिल्म इंडस्ट्री के स्टार किड्स ट्रोलर्स के निशाने पर हैं. सुशांत के सुसाइड के पीछे की वजह ढूंढने के लिए जहां पुलिस कईं लोगों से पूछताछ कर रही है तो वहीं कुछ लोग फिल्म इंडस्ट्री में फैले नेपोटिज्म और ‘प्रोफेशनल राइवलरी’ को उनके सुसाइड के लिए जिम्मेदार मान रहे हैं, जिसके चलते वह स्टार्स को ट्रोल करने में लगे हुए हैं.

वहीं ट्रोलर्स से परेशान होकर सोनाक्षी सिन्हा और आयुष शर्मा जैसे सितारों ने अपने ट्विटर अकाउंट को डिलीट कर दिया था. वहीं कुछ स्टार्स ट्रोलर्स पर अपनी नाराजगी जता रहे हैं. हाल ही में एक्ट्रेस सोनम कपूर (Sonam Kapoor) ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट का कमेंट सेक्शन को हटा दिया था और अब फादर्स डे के मौके पर ट्विटर पर वह ट्रोलर्स के कमेंट्स के खिलाफ नाराजगी जताती नजर आ रही हैं.

फादर्स डे के मौके पर फूटा सोनम का गुस्सा

ट्रोलर्स से परेशान सोनम कपूर (Sonam Kapoor) ने फादर्स डे के मौके पर ट्विटर पर हेटर्स को करारा जवाब देते हुए कहा है, ‘आज फादर्स डे के मौके पर मैं ये बात कहना चाहती हूं कि हां, मैं अपने पापा की बेटी हूं. हां मैं यहां उनकी वजह से हूं… हां मैं खास हूं… ये कोई अपमान की बात नहीं है. मेरे पिता ने मुझे ये सबकुछ देने के लिए बहुत मेहनत की है. ये मेरा कर्म है कि मैं कहां पैदा हुई, किसके घर पैदा हुई और मैं बहुत गर्वित हूं. उनकी बेटी होकर.’ इतना ही नहीं, सोनम कपूर ने बैक टू बैक कई सारे ट्वीट्स कर हेटर्स को करारा जवाब दिया है. इसी के साथ सोनम ने कुछ स्क्रीन शौट्स भी शेयर किए है.

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सोनाक्षी भी दे चुकी हैं जवाब

बीते दिनों सोनम कपूर से पहले सोनाक्षी सिन्हा (Sonakshi Sinha) ने भी ट्रोलर्स को ट्विटर पर करारा जवाब दिया था. लेकिन इसके बावजूद उनके खिलाफ लोगों का गुस्सा देखने को मिला था, जिसके बाद सोनाक्षी ने ट्विटर एकाउंट डिएक्टिवेट कर दिया था.

बता दें, हाल ही में सलमान खान (Salman Khan) में अपने फैंस से गुजारिश की थी कि वह सुशांत के फैंस और फैमिली का साथ दें ना कि उनके लिए लड़े, जिसके बाद फैंस उनके इस कदम की तारीफें कर रहे हैं.

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