बॉलीवुड एक्ट्रेस के अजीबोगरीब डर

डर तो सभी को लगता है फिर वो चाहे किसी जानवर से हो या किसी और चीज से. लेकिन जब बात हो बॉलीवु़ड अभिनेत्रियों की तो जाहिर है उनकी तरह उनके डर भी अजीब होंगे जो आपको हैरान भी कर देंगे और आपको मुस्कराने पर मजबूर भी कर देंगे. तो आइये जानते है बॉलीवुड हीरोइन के अजीबो गरीब डर के बारे में.

आलिया भट्ट

प्रसिद्ध फिल्म निर्माता महेश भट्ट की बेटी और बॉलीवु़ड अभिनेत्री आलिया भट्ट को अंधेरे से बहुत डर लगता है. और डर से खौफ भी ऐसा कि वो एक मिनट भी अंधेरे में नहीं रह पातीं.

कटरीना कैफ

बॉलीवुड की टॉप हीरोइनो में शामिल कटरीना कैफ का डर वास्तव में एक फोबिया के अंतर्गत आता है जो काफी अजीब है. कटरीना कैफ को टमाटर से डर लगता है, अब चाहे कुछ लोग इसे अजीब कहे लेकिन जो सच है वो तो है.

अनुष्का शर्मा

खुबसूरत अभिनेत्री अनुष्का शर्मा को बाइक राइडिंग से बहुत डर लगता है. हालांकि वो ‘जब तक है जान’ और ‘रब ने बना दी जोड़ी’ जैसी फिल्मों में काम कर चुकी हैं. इनके अलावा वह कई फिल्मो में बाइक पर सीन भी दे चुकी हैं.

दीपिका पादुकोण

दीपिका पादुकोण सांप से बहुत डरती हैं. वैसे बात तो सही है दुनियां में शायद ही कोई होगा जिसे जहरीले सांपो से डर न लगता हो.

प्रियंका चोपड़ा

बॉलीवुड से हॉलीवुड का सफर तय कर चुकी प्रियंका चोपड़ा को घोड़ों से डर लगता है.

बिपाशा बासु

बॉलीवुड की खूबसूरत हॉट एंड सेक्सी अभिनेत्री बिपाशा बासु को छिपकली से डर लगता है, वो भी इतना डर कि वो छिपकली को देख भी नहीं सकतीं.

करीना कपूर

अनुष्का शर्मा की तरह करीना कपूर भी बाइक राइडिंग से बहुत डरती हैं. लेकिन ऐसे अनेक फिल्मी दृश्य है जिसमे यह बाइक राइडिंग करते हुए दिखाई गयी हैं.

सोनम कपूर

बॉलीवुड की नीरजा सोनम कपूर को लिफ्ट से बहुत डर लगता है.

विद्या बालन

बॉलीवुड की टैलेंटेड हीरोइन विद्या बालन को बिल्ली से डर लगता है.

सेलीना जेटली

खुबसूरत सैलीना जेटली को तितली से लगता है डर.

जरूरी है हैल्थ इंश्योरैंस

आज किसी भी बीमारी का इलाज कराना बेहद महंगा है. बीमारी का शिकार होने पर लोगों को उतना तनाव नहीं होता जितना उस के इलाज पर होने वाले खर्चे के बारे में सोच कर होता है. इस तनाव से निबटने का सर्वोत्तम तरीका है हैल्थ इंश्योरैंस कराना. स्वास्थ्य बीमा बेहद जरूरी है क्योंकि बीमारियां आप को कभी भी घेर सकती हैं और आप को आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है. यदि आप ने हैल्थ इंश्योरैंस कराया हुआ है तो आप बीमारियों का इलाज बिना किसी खर्च के करवा सकेंगे.

कैसे कैसे हैल्थ इंश्योरैंस

विभिन्न सरकारी और गैरसरकारी कंपनियों ने कई तरह के हैल्थ इंश्योरैंस प्लान पेश किए हैं, जिन में प्रमुख हैं :

कैशलैस प्लान : इस प्लान के तहत बीमाकृत व्यक्ति को अस्पताल में भरती होने पर एक पैसा खर्च करने की आवश्यकता नहीं. इलाज के दौरान आने वाला सारा खर्च बीमा कंपनी उठाती है. इस के लिए कंपनी ने कई अस्पतालों के साथ करार किया होता है. आप को वहां जा कर सिर्फ अपना मैडिकल कार्ड दिखाना होता है.

कुछ कंपनियां प्रीहौस्पिटलाइजेशन और पोस्टहौस्पिटलाइजेशन का खर्च भी उठाती हैं. एक बात का ध्यान जरूर रखना चाहिए, वह यह कि पौलिसी के नियमानुसार अस्पतालों में कमरे के किराए की एक लिमिट होती है. अगर आप उस लिमिट को पार करेंगे तो अतिरिक्त किराया आप को वहन करना होगा.

रीइंबर्समैंट प्लान : इस प्लान में बीमाकृत व्यक्ति इलाज के लिए अपने पास से पैसे खर्च करते हैं, जो बाद में बिल प्रस्तुत करने पर पौलिसी के नियमानुसार कुछ कटौतियों के साथ उन्हें वापस मिल जाते हैं.

हैल्थ इंश्योरैंस प्लान में सभी गंभीर बीमारियों का इलाज अस्पताल में भरती होने पर, वहां के खर्च आदि कवर किए जाते हैं. लेकिन अधिकांश हैल्थ प्लान में डिलीवरी के दौरान आने वाला खर्च, दांतों का उपचार, वे बीमारियां जिन से आप प्लान लेने से पहले ग्रस्त थे, चश्मा या कांटैक्ट लैंस बनवाने का खर्चा, डे केयर ट्रीटमैंट या ऐसे उपचार जिन के लिए अस्पताल में भरती होने की आवश्यकता नहीं होती आदि कवर नहीं किए जाते.

इस संदर्भ में हर कंपनी के अलग अलग नियम होते हैं. गंभीर बीमारियों के बारे में जो नियम हैं उन्हें अच्छी तरह से समझ लें क्योंकि कई हैल्थ इंश्योरैंस कंपनियां कुछ वर्षों तक गंभीर बीमारियों को कवर नहीं करतीं और कुछ वर्षों के बाद कवर करती हैं. इन बारीकियों को पहले ही समझ लें. कुछ कंपनियां डे केयर ट्रीटमैंट, यहां तक कि डाक्टर के फ्री कंसल्टेशन प्रदान करने वाले प्लान भी औफर कर रही हैं. इसी प्रकार एक निर्धारित समयावधि के बाद कुछ प्लान डिलीवरी का भी कुछ प्रतिशत तक का खर्च उठाते हैं.

प्रीएग्जिस्टिंग डिजीज भी कुछ कंपनियां अपने प्लान में कवर कर रही हैं पर यदि कोई कंपनी इतनी सुविधाएं प्रदान कर रही है तो वह अपना भी कुछ फायदा देख रही होगी. अकसर ऐसे प्लान के साथ या तो कुछ नियम व शर्तें जोड़ दी जाती हैं या फिर उन का प्रीमियम ज्यादा होता है.

कैशलैस प्लान की स्थिति में यदि आप को आपातस्थिति में किसी ऐसे अस्पताल में भरती होना पड़ जाता है जो आप के प्लान में वर्णित सूची में नहीं है तो भी आप को आप का पैसा वापस मिलेगा बशर्ते कि आप कंपनी को इस बारे में तुरंत सूचना दें और कंपनी द्वारा निर्धारित समयावधि के भीतर क्लेम दाखिल कर दें.

क्या है कूलिंग पीरियड ?

कूलिंग पीरियड वह समय है जिस दौरान आप का बीमा लागू नहीं होता. यह हैल्थ प्लान लेने के 30 दिन से 6 महीने तक का होता है. मान लीजिए कि आज आप ने हैल्थ इंश्योरैंस करवाया है और अगले ही दिन आप अस्पताल में भरती हो गए तो ऐसी स्थिति में बीमा आप पर लागू नहीं होगा. एक निश्चित समय के बाद ही आप इंश्योरैंस क्लेम कर सकते हैं. हां, कुछ गंभीर बीमारियों, ऐक्सिडैंट आदि की स्थिति में यह कूलिंग पीरियड लागू नहीं होता. इसी प्रकार कूलिंग पीरियड खत्म होने के तुरंत बाद यदि आप ने कोई सर्जरी कराई है तो उस का क्लेम देने से पहले कंपनी के विशेषज्ञों की टीम इस बात की पूरी जांच करती है कि कहीं यह बीमारी पहले से तो नहीं थी.

क्यों जरूरी है हैल्थ इंश्योरैंस ?

यदि आप सामान्य जीवन बीमा पौलिसी लेते हैं तो उस में ‘ऐड औन राइडर्स’ द्वारा आप को हैल्थ इंश्योरैंस का लाभ मिलता तो है पर उस के लिए आप को न सिर्फ अतिरिक्त प्रीमियम देना होता है बल्कि ऐसे प्लान में सिर्फ 6-7 गंभीर बीमारियां ही कवर की जाती हैं. ऐक्सिडैंट भी कवर नहीं होता. जबकि अलग से हैल्थ प्लान लेने में छोटीबड़ी कई बीमारियां उस में कवर होती हैं. साथ ही इन प्लान में दी गई आप की राशि को विभिन्न फंड्स में इन्वैस्ट कर के फंड बिल्ंिडग की जाती है ताकि आप की राशि में इजाफा हो.

मान लीजिए आप ने 10 साल के लिए 5 लाख का हैल्थ इंश्योरैंस कराया है. हो सकता है कि ये 5 लाख 10 साल तक आप के इलाज के लिए काफी हों पर समय के साथ चिकित्सा खर्च महंगा होने के कारण आप को 7 लाख रुपए खर्च करने पड़ गए तो ऐसी स्थिति में आप के प्लान में से इन्वैस्ट की गई राशि पर मिले मुनाफे और ब्याज से आप का यह खर्च पूरा हो सकता है. अलगअलग व्यक्तिगत हैल्थ प्लान लेने से बेहतर होता है सामूहिक पारिवारिक प्लान लेना. इस तरह के प्लान में आप को कम प्रीमियम में ज्यादा लाभ मिलते हैं.

मिस्टर पर्फेक्शनिस्ट की नॉट सो पर्फेक्ट फिल्में

आमिर खान आज बॉलीवुड का एक ऐसा नाम नाम है जिसे मिस्टर पर्फेक्शनिस्ट के नाम से जाना जाता है. वैसे आमिर खान ने कामयाबी पाई थी फिल्म कयामत से कयामत तक से और उसके बाद तो आमिर खान ने कई कामयाब फिल्में दी. लेकिन 90 के दशक में आमिर खान का करियर हिचखोले खाना लगा था जब उन्होंने कुछ ऐसी फिल्में की जो बॉक्स ऑफिस पर फ्लॉप साबित हुई.

इनमें यश चोपड़ा बैनर की फिल्म का नाम भी शामिल है. आमिर खान के साथ उस फिल्म में सैफ अली खान और विनोद खन्ना भी थे. फिल्म थी ‘परम्परा’.

परंपरा के अलावा आतंक ही आतंक, राख, जवानी जिंदाबाद, अव्वल नंबर, दौलत की जंग, मेला, दीवाना मुझसा नहीं, तुम मेरे हो, लव लव लव, और मन फिल्म का नाम भी शामिल है. हालाकि इनमें से कुछ फिल्मों की कहानी बहुत अच्छी थी. पर बॉक्स ऑफिस पर ये फिल्में कुछ खास धमाल नहीं कर पाई.

आमिर खान इन फ्लॉप होती फिल्मों से सबक लेते हुए. चुनिंदा अच्छी फिल्में करने का फैसला लिया. और आमिर खान का ये फैसला धीरे धीरे सही साबित होने लगा. फिल्में चलने लगी और इस तरह आमिर खान ने एक नया ट्रेंड स्थापित करते हुए इंडस्ट्री के सबसे परफेक्ट एक्टर होने का खिताब हासिल कर लिया.

मिस्टर पर्फेक्शनिस्ट होने के बाद भी आमिर की कुछ ऐसी भी फिल्में हैं जिन्हें पर्फेक्ट का दर्जा नहीं मिल पाया. एक नजर डालिए आमिर की कुछ नॉट सो पर्फेक्ट फिल्मों पर.

फिल्म: जवानी जिंदाबाद

डायरेक्टर: अरुण भट्ट

स्टारकास्ट: आमिर खान, फरहा नाज, कादर खान, जावेद जाफरी, असरानी

फिल्म: लव लव लव

डायरेक्टर: बब्बर सुभाष

स्टारकास्ट: आमिर खान, जूही चावला, गुलशन ग्रोवर, दिलीप ताहिल, ओम शिवपुरी

फिल्म: परंपरा

डायरेक्टर: यश चोपड़ा

स्टारकास्ट: आमिर खान, सैफ अली खान, विनोद खन्ना, रवीना टंडन, सुनील दत्त

फिल्म: मन

डायरेक्टर: इन्द्र कुमार

स्टारकास्ट: आमिर खान, मनीषा कोइराला, अनिल कपूर, रानी मुखर्जी, शर्मिला टैगोर

फिल्म: मेला

डायरेक्टर: धर्मेश दर्शन

स्टारकास्ट: आमिर खान, ट्विंकल खन्ना, फैसल खान, ऐश्वर्या राय, टिन्नू वर्मा

फिल्म: बाजी

डायरेक्टर: आशुतोष गोवारिकर

स्टारकास्ट: आमिर खान, ममता कुलकर्णी, कुलभूषण खरबंदा, असरानी

फिल्म: अव्वल नम्बर

डायरेक्टर: देव आनन्द

स्टारकास्ट: आमिर खान, देव आनन्द, आदित्य पंचोली, नीता पुरी, एकता बहल

फिल्म: तुम मेरे हो

डायरेक्टर: ताहिर हुसैन

स्टारकास्ट: आमिर खान, जूही चावला, अजीत वाच्छानी, राजेन्द्रनाथ जुत्शी, सुधीर पाण्डे

फिल्म: आतंक ही आतंक

डायरेक्टर: दिलीप शंकर

स्टारकास्ट: आमिर खान, जूही चावला, रजनीकान्त, अर्चना जोगलेकर, ओम पुरी

फिल्म: दौलत की जंग

डायरेक्टर: एस. ए. कादेर

स्टारकास्ट: आमिर खान, जूही चावला, कादर खान, परेश रावल, दिलीप ताहिल

रौशन हो घर आंगन

आपके मूड को तरोताजा करने के लिए, आपको स्वस्थ रखने के लिए और आपको घर में कंफर्टेबल फिल देने के लिए सिर्फ एक चीज का पर्फेक्ट होना जरूरी है, वो है ‘लाइटिंग’. ज्यादातर लोग घर को रिडेकोरेक्ट करने के लिए नए फर्नीचर, पेंटिंग के लिए रंग या फिर ऐंटिक ढूंढने और सेलेक्ट करने में अपना समय लगाते हैं. पर घर की लाइटिंग की तरफ बहुत कम लोग ही ध्यान देते हैं. पर घर की लाइटिंग अगर सही हो तो पुराना फर्नीचर भी नया लगता है. घर में कहां से नेचुरल लाइट आनी चाहिए और कहां पर आर्टिफिशियल लाइट होनी चाहिए यह तय करना बहुत जरूरी है.

घर को रौशन करने के लिए लाइटिंग टिप्स-

1. घर खरीदते वक्त रखें ध्यान

अगर आप घर बनवा रही हैं, तब तो आप अपने घर की लाइटिंग खुद ही डिसाइड कर सकती हैं. पर अगर आप घर खरीद रही हैं तब उसकी लाइटिंग पर विशेष ध्यान दें. मकान में किस तरफ से रौशनी आ रही है, यह अच्छे से चेक कर लें.

2. नैचुरल लाइट से बने घर का मूड

घुप्प अंधेरा कमरा किसे पसंद है? अंधेरी सड़क पर चलने में भी दिल की धड़कनें तेज हो जाती हैं. नैचुरल लाइट का घर में आना बहुत जरूरी है. इससे आपकी त्वचा, आंखो, बालों और यहां तक की आपके माइंड को भी आराम मिलता है. नैचुरल लाइट से कुछ जीवाणु भी खत्म हो जाते हैं.

3. रौशन घर दे अलग खुशी

रौशनी से भरा घर स्पेशियस नजर आता है. आपको सामान कम करने की जरूरत नहीं पड़ेगी. अगर आपके घर की लाइटिंग अच्छी होगी तो आप भी अच्छा फील करेंगी.

4. खिड़कियां हैं बहुत जरूरी

आपके घर के हर कमरे में एक खिड़कियां जरूर होनी चाहिए. खिड़कियों के ऊपर वेंटिलेटर भी होना चाहिए. इससे नैचुरल लाइट आपके घर में आएगी और आपका घर रौशन रहेगा.

5. आर्टिफिशियल लाइट बढ़ाए घर की शान

घर में एलईडी और फ्लोरोसेंट लाइट को ऐंट्री दीजिए. यह ईकोफ्रेंडली हैं और घर को रौशन भी करते हैं.

6. बेडरूम में लगायें वे विंडो

बेडरूम में वे विंडो लगाना बहुत अच्छा ऑप्शन है. वे विंडो के पल्ले बाहर की तरफ खुलते हैं. इसे लगवाने से कमरे में भरपूर रौशनी आएगी.

7. वॉशरूम में भी हो प्रोपर वेंटिलेशन

आपके बाथरूम में भी प्रोपर लाइटिंग होने के साथ साथ प्रोपर वेंटिलेशन होना चाहिए. वॉशरूम में ऐक्जॉस्ट फैन लगवाना न भूलें.

8. गर्मियों के लिए हो अलग व्यवस्था

रौशनी सभी को अच्छी लगती है. लेकिन गर्मियों की धूप किसी को पसंद नहीं है. गर्मी की धूप से बचने के लिए आप खिड़कियों के शीशे पर ब्लैक फिल्म लगवाएं.

बॉलीवुड में एंट्री कर सकती हैं प्रियंका जग्गा

बिग बॉस 10 की सबसे विवादित प्रतिभागी प्रियंका जग्गा शो के बहार होने के बाद भी चर्चा में हैं. दरअसल उनके चर्चा की वजह यह हैं की वो बॉलीवुड में बहुत जल्दी एंट्री करने वाली हैं. प्रियंका ने खुद फेसबुक के माध्यम से प्रोड्यूसर इंद्र कुमार और डायरेक्टर राधे मोहन को धन्यवाद का पोस्ट डाला हैं.

निर्देशक इंद्र कुमार ग्रैंड मस्ती और मस्ती जैसी फिल्में कर चुके हैं. सलमान खान ने दिसम्बर के महीने में प्रियंका को गलत बर्ताव के कारण घर से बहार कर दिया था उसके बाद प्रियंका ने सलमान पर निशाना साधते हुए कहा की आपको आपका शो मुबारक हो.

आपको ये भी बता दें कि प्रियंका काफी पहले से एक्टिंग में ट्राई कर रही हैं. कुछ साल पहले वो एक पंजाबी गाने के वीडियो में भी फीचर हो चुकी हैं, लेकिन बिग बॉस 10 में भाग लेने के बाद प्रियंका का नाम घर-घर तक पहुंच गया.

..तो नहीं फैलेगा काजल

काजल लगाने से आपकी आंखे सुंदर हो जाती हैं. साथ ही ये आंखो में होने वाली बीमारियों से भी बचाता है.

आज के समय की बात करें तो काजल फैशन के साथ-साथ मेकअप में शामिल हो गया. इसके बिना तो लड़कियों का श्रृंगार ही अधूरा लगता है. इसको लगाने से आपकी आंखो काफी सुंदर और बड़ी दिखने लगती है.

आजकल मार्केट में कई तरह के काजल आसानी से उपलब्ध हैं. लेकिन इन्हें लगाते ही आपकी आंख के नीचे पूरा काजल फैल जाता है. जिसके कारण आपका पूरा चेहरा खराब हो जाता हैं. साथ ही यह बहुत ही भद्दा भी लगता है.

अगर आपके साथ भी ऐसा होता है, जिसके कारण आप काफी परेशान भी रहती हैं. आपने कई उपाय अपनाए लेकिन आंखो का काजल फैलना कम नहीं हुआ, तो आप इन उपायों को अपनाकर इस समस्या से निजात पा सकती हैं.

1. जब आप काजल लगाएं, तो उससे पहले अपनी आंखो के नीचें थोड़ा सा बेबी पाउडर लगा लें. इससे आपके आंखो का काजल नहीं फैलेगा.

2. आप चाहें तो मार्केट में मिलने वाला वॉटर प्रूफ काजल का इस्तेमाल कर इसे फैलने से रोक सकती हैं. यह लंबे समय तक आंखों में टिका भी रहता है.

3. अगर आपके आंखो का काजल फैल जाता है, तो इसके लिए आप आईलाइनर का भी इस्तेमाल कर सकती है. ऐसा करने के लिए सबसे पहले आईलाइनर को आंखो में लगाकर फिर काजल लगाएं. इससे काजल फैलेगा नहीं.

4. काजल लगाने से पहले टोनर से आंखो के नीचे अच्छी तरह से साफ कर लें. जिससे कि वहां मौजूद ऑयल खत्म हो जाएं. इसके बाद ही काजल लगाएं. इससे वह फैलेगा नहीं.

इन फिल्मों के नाम जान नहीं रोक पाएंगे आप अपनी हंसी

फिल्म इंडस्ट्री में कई अच्छी-बुरी फिल्में बनती हैं. कुछ फिल्में गानें से तो कुछ अपनी कहानी या डायलॉग से नाम कमाते हैं. लेकिन यकिन मानिए कुछ ऐसी भी बॉलीवुड फिल्में हैं जिनके नाम सुन आप अपनी हंसी नहीं रोक पाएंगे.

जानिए उन अजीबोगरीब फिल्मों के नाम.

खून की प्यासी डायन

भूखी है डायन. पी जाएगी आपका खून!

बढ़ती का नाम दाढ़ी

जो कुछ बढ़ता है वो दाढ़ी होता है.

जल बिन मछली नृत्य बिन बिजली

पानी के बिना मछली नहीं रह सकती है. लेकिन बिजली तो रौशनी देती है, कड़कती है ये नाचने कब से लगी. बिजली ने नया बिजनेस शुरू कर दिया क्या? 

दिलरुबा टांगेवाली

एक तो टांगेवाला की जगह टांगेवाली. और वो भी दिलरुबा. अब तो भगवान ही बचाए.

चुड़ैल की रात

चुड़ैल या तो रोज घुमती है या कभी नहीं. लेकिन इस फिल्म का नाम सुन तो ऐसा लगता है कि चुड़ैल की भी अपनी रात होती है.

डाकू मुन्नी बाई

मुन्नी तो बदनाम हुई थी. डाकू कब से बन गई.

कच्चा यौवन

यौवन तो यौवन होता है. यह कच्चा कैसे हो सकता है.

शैतानी खजाना

क्या पैसे-जेवरात के अलावा भी किसी भी चीज का खजाना होता है! और वह भी शैतान की.

तेरे मरे बीच में

अब दो लोगों के बीच में क्या हो सकता है.

खून की प्यासी

क्या इस फिल्म में लोग पानी की जगह खून पीते हैं?

प्यार की चीख

कोई प्यार से बुलाए तो क्या उसे चीख कहते हैं.

प्यासा दरिंदा

जब दरिंदा है तो प्यासा तो होगा ही.

एक रात शैतान के साथ

कौन होगा जो शैतान के साथ रात गुजारना चाहेगा या चाहेगी?

पुराना पुरुष

आदि मानव तो सुना है ये पुराना पुरुष क्या होता है?

घर में हो साली तो पूरा साल दिवाली

साली आधी घरवाली होती है. साली के होने से दिवाली कब से मनने लगा!

कातिल चुड़ैल

जब चुड़ैल के हाथों हो गया खून.

जहां सति वहां भगवान

हम तो रोम रोम में भगवान ढ़ूंढ़ते हैं. पर यह फिल्म तो सति में भगवान खोजने बोल रहा है.

पति फौज में पत्नि मौज में

जब पति फौज में होगा तो पत्नि मौज में कैसे हो सकती है भला.

सास अनाड़ी बहु खिलाड़ी

सास बहु की लड़ाई में तो कोई किसी से कम नहीं होता है. फिर इस फिल्म में बहु खिलाड़ी और सास अनाड़ी कैसे?

भेड़ियों का समूह

क्या ये जानवरो वाली फिल्म है?

अकेले मत जइयो

अकले मत जाना नहीं तो जिंदा नहीं बचोगे.

बंदूक दहेज के सीने पर

दहेज का भी सीना होता है. आपको पता चले तो हमें भी बताना.

जंगल की बेटी

जंगल का तो राजा होता है.

धोती लोटा और चौपाटी

रोटी कपड़ा और मकान तो सुना है ये धोती लोटा और चौपाटी क्या है. क्या धोती और लोटा ले कर चौपाटी जाना है.

मुर्दे की जान खतरे में

मरने के बाद कैसे किसी की जान खतरे में हो सकती है.

आलम आरा की बेटी

आलम आरा के फिल्म बाद आलम आरा की बेटी भी बन गई.

मैं चुप रहूंगी

चाहे दुनिया इधर से उधर क्यों ना हो जाए आप चुप ही रहना.

कब तक चिप रहूंगी

जब मौन व्रत टूट जाए तो बोल देना.

ग्यारह हजार लड़कियां

क्या कर दिया इन लड़ियों ने की इनकी संख्या याद करनी परी.

तेल मालिश बूट मालिश

इस तेल से आपका सिर और बूट दोनों की मालिश हो जाएगा.

उधार का सिंदूर

पड़ोसी के पति के नाम का सिंदूर लगा रही हैं! उधार से कब तक काम चलेगा.

आज का एम एल ए राम अवतार

पता नहीं कल कौन बगेगा एम एल ए.

मिस्टर 100%

हर काम परफेक्शन के साथ करते हैं ये मिस्टर 100%

सोने का दिल लोहे का हाथ

ये कैसा इंसान है? कहीं किसी दूसरे ग्रह से तो नहीं आया है!

पाप को जला कर राख कर दूंगा

और उस राख को मिट्टी में मिला दूंगा.

राजा रानी को चाहिए पसीना

राजा रानी को तो नौकर, महल, सुख सुविधा चाहिए होता है. सोचने वाली बात ये है कि राजा रानी पसीने का क्या करेंगे.

लम्बू इन हॉन्ग कॉन्ग

हॉन्ग कॉन्ग तो सिर्फ लम्बू ही जा सकता है.

अल्ला मेहरबान तो गधा पहलवान

अल्ला के करम से गधा भी पहलवान बन जाता है और पहलवान कमजोर.

कच्ची जवानी

अलहड़ जवानी तो ठीक है ये जवानी कच्ची कैसी होती है?

जब लेना हो होम लोन

घर खरीदने के लिए होम लोन मददगार साबित होते हैं परंतु कुछ गलतियों की वजह से कई लोग इन्हें हासिल करने में नाकामयाब हो जाते हैं. यहां ऐसी 10 गलतियों के बारे में जानकारी दी जा रही है जिन से बचने पर आसानी से होम लोन प्राप्त किया जा सकता है :

जरूरत से अनभिज्ञता

घर खरीदने की प्रक्रिया शुरू करने से पहले आप को अपने स्तर पर पर्याप्त खोज करनी चाहिए. किसी अन्य द्वारा दी गई जानकारी या सूचना पर आंख मूंद कर विश्वास न करें. यदि आप खुद यह मेहनत नहीं करेंगे तो हो सकता है कि आप को अपनी मनचाही संपत्ति न मिले या जो मिले उसे खरीदना आप की क्षमता से बाहर हो. सब से पहले उन परियोजनाओं या इलाकों को चिह्नित करें जो आप को अपने मतलब की लगें. फिर इस बात पर गौर करें कि आप की जरूरतों पर इन में से कौन सी संपत्ति खरी उतरती है.

क्रैडिट रिपोर्ट प्राप्त नहीं करना

बैंक या हाउसिंग फाइनेंस कौर्पोरेशन के साथ होम लोन संबंधी बातचीत करने से पहले आप को अपनी क्रैडिट रिपोर्ट को किसी तरह की गलती या गड़बड़ के लिए, जरूर जांच लेनी चाहिए. यदि आप को कोई गलत या गड़बड़ दिखाई दे तो उसे तुरंत चुनौती दें क्योंकि इस से आप का क्रैडिट स्कोर प्रभावित होता है. नकारात्मक क्रैडिट रिपोर्ट आप के लोन लेने की क्षमता पर बेहद बुरा प्रभाव डालती है. अच्छी क्रैडिट रिपोर्ट से आप अधिक लोन लेने के योग्य हो सकते हैं.

व्यावहारिक पहलुओं का ध्यान नहीं रखना

कई बार लोग केवल कुछ ऊपरी बातों पर ही ध्यान देते हैं क्योंकि उन्हें लगता है कि वे अपनी मासिक आय का 80 से 85 फीसदी मासिक किस्त के रूप में अदा कर सकते हैं. हालांकि वे उन खर्चों का ध्यान रखना भूल जाते हैं जो अचानक करने पड़ सकते हैं. इस तरह के गलत आकलन की वजह से आप अपनी क्षमता से अधिक लोन ले सकते हैं जिस से आर्थिक रूप से आप पर बोझ तथा दबाव पड़ सकता है. ऐसे में स्वीट होम के मालिक बनने का ख्वाब आर्थिक समस्या की वजह से बुरा साबित हो सकता है.

लोन देने वालों के बारे में पर्याप्त पड़ताल नहीं करना

विज्ञापनों में किए गए लुभावने वादों तथा आकर्षक ब्याज दरों के प्रस्ताव या दोस्तों एवं परिवार वालों की बातों में आ कर जल्दबाजी में कोई फैसला न करें. पूरी पड़ताल करें. इस के लिए इंटरनैट की सहायता से ब्याज दरों तथा होम लोन औफर्स की आपस में तुलना भी की जा सकती है. आजकल इंटरनैट पर सभी बैंकों के औफर्स तथा उन की ब्याज दरों की सारी जानकारी उपलब्ध होती है, जिस का अध्ययन करने से आप के लिए फैसला करना सरल हो जाएगा.

हड़बड़ी में लोन स्वीकार करना

होम लोन की बात हो तो ध्यान रखें कि आप होम लोन के पहले प्रस्ताव को ही स्वीकार न कर लें. जिस तरह से आप बाजार में खरीदारी के वक्त विभिन्न दुकानों पर घूम कर अपनी पसंद तथा जरूरत की चीज की तलाश करते हैं, ठीक उसी तरह से आप को उपयुक्त होम लोन की खरीदारी करनी चाहिए.

आवेदन में सभी तथ्यों की जानकारी नहीं देना

यह आप के ही हित में है कि आप अपने आवेदन में सारे तथ्य सहीसही जाहिर कर दें. यदि आप के क्रैडिट कार्ड पर राशि बकाया है या पहले से आप ने अन्य लोन ले रखे हैं तो ये आप की होम लोन क्षमता को प्रभावित करेंगे. बेहतर होगा कि आप अपने बारे में सभी तथ्यों को आवेदन में लिख दें. इन बातों को छिपाने का पता चलने पर बैंक आप को होम लोन देने से इनकार कर सकता है.

लोन एग्रीमैंट को अच्छे से नहीं पढ़ना

किसी भी लोन एग्रीमैंट पर साइन करने से पहले उसे अच्छी तरह से पढ़ना जरूरी होता है. इन में कोई ऐसा नियम या शर्त हो सकती है जो आप को बिलकुल मंजूर न हो. इसे पढ़ कर सुनिश्चित हो जाएगा कि आप किस परिस्थिति में पैर रखने जा रहे हैं. यदि आप को किसी शर्त पर आपत्ति है तो उस के बारे में बैंक के साथ बात की जा सकती है.

वित्तीय स्थिति को व्यवस्थित नहीं रखना

अपनी आय तथा व्यय संबंधी वित्तीय आंकड़ों की व्यवस्थित जानकारी रखने से आप को बैंक से लोन लेने में तो आसानी होगी ही, अपनी वित्तीय स्थिति का सटीक आकलन लगाने में भी सहायता होगी. इतना ही नहीं, इस की मदद से आप निकट भविष्य में अपनी आय में होने वाले इजाफे का अनुमान भी लगा सकते हैं.

होम लोन पर इंश्योरैंस नहीं लेना

यदि लोन लेने वाले व्यक्ति के साथ कोई अनहोनी घट जाए तो लोन अदा करने का बोझ परिवार पर आ सकता है. ऐसी किसी परिस्थिति से परिवार को सुरक्षा प्रदान करने के लिए होम लोन का बीमा अवश्य करवाना चाहिए. लोन लेने वाले की मृत्यु की स्थिति में लोन की बाकी सारी राशि को बीमा कंपनी अदा कर देती है. इसी प्रकार क्रिटिकल इलनैस पौलिसी के तहत लोन लेने वाले की आय में किसी गंभीर रोग की वजह से कमी आने पर भी बीमा कंपनी एक तय समय तक किस्तों की अदायगी करती है.

सही रवैया न अपनाना

आप को लोन देने में बैंक की एक अहम भूमिका होती है परंतु इस के लिए आप को उन का अत्यधिक आभारी होने की जरूरत भी नहीं है. कई बार होम लोन देने में बैंकों का अपना हित अधिक समाया होता है और वे आप का फायदा उठा सकते हैं. वास्तव में लोन लेने वाले ग्राहक के रूप में आप के पास अधिक शक्ति होनी चाहिए. बेशक आप को अपने बैंक पर भरोसा हो परंतु लोन से संबंधित प्रोसैसिंग फीस, प्री पेमैंट फीस, लीगल फीस,वैल्युएशन फीस जैसी सभी बातों पर पैनी नजर रखनी चाहिए.

‘मेट्रो सफर’ सेहत के लिए हानिकारक है

दिल्ली मेट्रो दिल्ली की लाइफलाइन है. रोजाना लाखों लोग मेट्रो से सफर करते हैं. मेट्रो ट्रेन के फर्श पर न बैठने की हिदायत दी जाती है, पर आप मेट्रो के फर्श पर बैठती हैं. कभी-कभी पिकनिक सरीखा घेरा बनाकर भी बैठ जाती हैं. भेड़-बकरियों की तरह जबरदस्ती मेट्रो में घुसती हैं, क्योंकि आपको ऑफिस जल्दी पहुंचना है. यह सब जायज है, क्योंकि सब यही करते हैं. इस सबके बाद भी आपको दरवाजों पर ही खड़े होना है, भले ही अंदर कितनी भी खाली जगह हो. पर आज हम आपके मेट्रो ट्रेवलिंग हैबिट्स के बारे में बात नहीं करेंगे.

जरा सोचिए, रोजाना लाखों लोग, अलग-अलग तरह के लोग मेट्रो से सफर करते हैं. क्या कभी सोचा है कि भीड़-भाड़ वाले मेट्रो से सफर आपके स्वास्थ्य को किस तरह नुकसान पहुंचा रहा है? नहीं न?

1. मेट्रो सफर से होती है मानसिक थकान

मेट्रो ट्रेन के कोच बंद रहते हैं और दरवाजे भी स्टेशन आने पर ही खुलते हैं. बंद दरवाजों से कई बार आपको घुटन महसूस हो सकती है. अगर भीड़ अधिक हो तो आप और अधिक असहज महसूस करेंगी.

ये टिप्स अपनाकर आप बंद मेट्रो में भी सहज महसूस करेंगी:

– लंबी सांसें लें और छोड़ें.

– वक्त का सही इस्तेमाल करें. कोई अखबार, किताब या मैगजीन निकालकर पढ़ें. गानें सुनें या फिल्म देखें.

– अपनी अच्छी यादों को तरोताजा करें.

– अपने सह यात्रीयों से बात करें. वैसा इसका चलन कम है. पर आप चाहें तो पहल कर सकती हैं.

2. देर तक मेट्रो में खड़े होकर सफर करने से आपके शरीर को नुकसान होता है.

– गर्दन और पीठ में दर्द

– मांसपेशियों में सूजन

– जोऐंट पैन

– ऐड़ियों में दर्द

– शरीर में दर्द

इन आसान से टिप्स को अपनाकर मिल सकती है राहत:

– मेट्रो में बैठने की कम सीटें होती हैं. अगर आपको सीट नहीं मिलती है, तो आप एक स्थान पर खड़े न रहकर मुवमेंट कर सकती हैं. मुवमेंट का मतलब कोच में मुवमेंट नहीं. आप अपने स्थान पर खड़े होकर ही अपने पैरों को ऊपर-नीचे कर सकती हैं.

– अपने पैर की ऊंगलियों पर खड़े होने की कोशिश करें.

– मेट्रो कोच की दीवार या पिलर का सहारा लेकर अपनी पीठ को आराम दें.

– रोजाना हिल्स पहनने की आदत छोड़ दें.

3. संक्रामक रोगों का खतरा

मेट्रो में सफर से आपको संक्रामक रोगों का खतरा भी रहता है. मेट्रो में सफर से सर्दी से लेकर टीबी होने तक का खतरा है. सीजनल बीमारियां फैलने का रिस्क भी है.

बचें संक्रामक रोगों से:

– खाली पेट सफर करना ऐवॉयड करें.

– मेट्रो में सफर करने से पहले और मेट्रो से उतरने के बाद अपने हाथों और चेहरे को साफ करें.

– घर पहुंच कर नहा लें. ताकि शरीर से सारे जर्म धुल जायें और आप फ्रेश फिल करें.

सलमान को डेट करना चाहती हैं ये एक्ट्रेस

पिछले साल सलमान खान के भाई सोहेल खान के बैनर तले बनी फिल्म ‘फ्रीकी अली’ में नवाजुद्दीन सिद्दिकी के अपोजिट नजर आईं एमी जैक्सन इस साल अब तक की सबसे महंगी इंडियन फिल्म ‘2.0’ में रजनीकांत और अक्षय कुमार के साथ नजर आएंगी. एमी को अपनी इस नई फिल्म से कुछ ज्यादा ही उम्मीदें हैं.

ब्रिटेन के लिवरपूल शहर से बॉलीवुड में एंट्री करने वाली एमी ने बेशक अब तक सलमान खान के साथ कोई फिल्म नहीं की हो, लेकिन सोहेल की फिल्म की शूटिंग के दौरान एमी की कई बार सलमान से मुलाकात हुई और इसी दौरान मीडिया में पहली बार सलमान के साथ एमी का नाम भी जोड़ा गया, लेकिन दोनों इन खबरों पर जब पूरी तरह से खामोश रहे, तो कुछ ही दिनों में इनके एक साथ होने की खबरों पर विराम लग गया.

पिछले दिनों एक पार्टी में पहुंचीं एमी से जब वहां मौजूद मीडिया ने सलमान के बारे में बात की, तो एमी का जवाब था, ‘सलमान में कुछ तो ऐसा जादू है कि हर कोई उनकी ओर खिंचा चला जाता है. फिर भला मैं इससे कैसे बच पाती. मुझे बेशक सलमान के साथ ज्यादा वक्त बिताने का मौका नहीं मिल पाया, लेकिन मैंने सलमान के साथ जितना भी वक्त गुजारा, उसे खूब इंजॉय किया. अगर मुझे एक बार फिर मौका मिले, तो मैं यकीनन सलमान के साथ डेट पर जाना पसंद करूंगी.’

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