दिल्ली में ही हैं 7 शहर

भारतीय पर्यटकों के साथ-साथ विदेशी पर्यटकों का भी प्रमुख आकर्षक केंद्र, दिल्ली में एक पर्यटक के लिए वे सारी चीजें हैं, जिसके लिए एक पर्यटक सदा लालायित रहता है. यहां की संस्कृति से लेकर यहां की विविधता तक और कई ऐसे ऐतिहासिक राज जो शायद ही आप सबको पता होंगे. दिल्ली जो भारत की राजधानी और एक प्रमुख शहर है, यह इतिहास में 7 ऐतिहासिक शहरों का गढ़ हुआ करता था.

आज हम आपको दिल्ली के उन प्रमुख शहरों से मुखातिब करवाते हैं, जिनका शासनकाल इतिहास के पन्नों में आज भी शान से दर्ज है.

1. किला राय पिथौरा

किला राय पिथौरा जिसे राय पिथौरा का किला भी कहते हैं एक दृढ़ शहर था. जिसे 12 वीं शताब्दी में चौहानों के राजा, पृथ्वीराज चौहान ने बनवाया था. एक घमासान युद्ध में चौहान वंश ने इस शहर को तोमर राजवंश से जीतकर और फैलाया. इसके अंदर 8 वीं सदी का पुराना लाल कोट किला भी शामिल है जिसे तोमर राजपूत शासक अनंगपाल तोमर द्वारा बनवाया गया था.

आज भी इस शहर के कुछ चिन्ह दिल्ली के साकेत, मेहरौली, किशनगढ़ व वसंत कुंज क्षेत्रों में हैं. सुरक्षा के लक्ष्य से बनाये गए किले के परिसर में पृथ्वीराज चौहान का पुतला आज भी शान से खड़ा है.

2. मेहरौली

मेहरौली ने बहुत कुछ देखा है. इसने शुरुआती हिंदू राजाओं की राजधानी लालकोट को अपनी जमीन पर देखा, गुलामों के बादशाह बन जाने का अजूबा देखा और सारी बादशाहत को खाक बराबर समझने वाले कुतुब साहब जैसे दरवेश को भी देखा. सन् 1192 में मोहम्मद गौरी द्वारा तराइन की दूसरी लड़ाई में पृथ्वीराज चौहान के खात्मे के बाद, मोहम्मद गौरी ने कुतुबुद्दीन ऐबक को देश का वाइसराय घोषित कर दिया, जिसके बाद सन् 1193 में कुतुबुद्दीन ने पूरी दिल्ली को अपने अधीन कर लिया जो तब तक चौहान वंश के ही अधीन थी.

सन् 1206 ईसवीं में जब मोहम्मद गौरी का देहांत हुआ, कुतुबुद्दीन दिल्ली के राजसिंघासन पर विराजमान हो गया जिसके बाद दिल्ली मामलुकों या दास वंश की राजधानी बन गयी. दास वंश मुस्लिम सुल्तानों का सबसे पहला वंश था जिन्होंने उत्तरी भारत में राज करना प्रारम्भ किया. मुगल सल्तनत के आरम्भ होते ही कुतुबुद्दीन ऐबक ने सारे हिन्दू मंदिरों को ध्वस्त कर इस्लामिक रचनाओं का निर्माण करवाया जिसे उसने मेहरौली, दिल्ली के दूसरे शहर का नाम दिया.

3. सिरी

कुतुबुद्दीन ऐबक के दास वंश को अल्लाउद्दीन खिलजी ने आगे बढ़ाया. खिलजी वंश के 6 शासकों में सबसे ज्यादा लोकप्रिय अल्लाउद्दीन खिलजी ने अपने वंश का विस्तार दक्षिण भारत तक किया व दिल्ली के तीसरे शेर सीरी का निर्माण किया. आज भी सिरी का किला जो मोठे पत्थरों की दीवार है, दिल्ली के प्रमुख क्षेत्रों में से एक है.

4. तुगलकाबाद

दिल्ली के चौथे शहर तुगलकाबाद या तुगलकाबाद के किले का निर्माण गियासुद्दीन तुगलक ने करवाया था. प्रकृति की गोद में निर्जन पहाड़ियों पर खड़ी भूरे अनगढ़ पत्थरों की टूटी दीवारों वाले तुगलकाबाद को वास्तुशिल्प की दृष्‍टि से एक दुर्ग के रूप में स्थापित किया गया था. यह किला दो भागों में बंटा है- दक्षिणी दीवारों के साथ-साथ नगर दुर्ग और महल इसका एक भाग है और इसके उत्तर में बसा नगर दूसरा भाग है. दक्षिण में, तुगलकाबाद के मुख्य प्रवेश द्वार के पास ही गियासुद्दीन तुगलक का मकबरा भी स्थापित है, जो लाल बलुई पत्थर से बनाया गया था.

5. फिरोजाबाद

तुगलक शासकों में से एक, फिरोज शाह तुगलक ने कोटला फिरोज शाह या फिरोजाबाद को दिल्ली के पांचवे शहर के रूप में स्थापित किया. यह ऊंची दीवारों से युक्त महल, खभों वाले बड़े-बड़े हॉल, मस्जिदों, कबूतर टावर व बावलियों का गढ़ है. किले के अवशेषों के साथ-साथ, जामा मस्जिद और अशोक स्‍तम्‍भ के बचे अवशेष भी फिरोजाबाद में स्थित हैं. फिरोज शाह कोटला, यमुना नदी के तट पर स्थित है. यह जगह अशोक के स्‍तंभ के कारण प्रसिद्ध है, जो एक तीन मंजिला संरचना है.

6. शेरगढ़

शेरगढ़ आज पुराना किला के नाम से प्रसिद्घ किला है जिसे शेर शाह ने बनवाया था. इस किले का निर्माण शेरशाह ने मुगलों के दूसरे राजा, हुमायूं से दिल्ली को छीनने के बाद करवाया था. यह दिल्ली के छठे शहर के रूप में विस्तरित हुआ. इसके अंदर एक मस्जिद है जिसमें दो तलीय अष्टभुजी स्तंभ है. कुछ साहित्यकारों के अनुसार यह किला इंद्रप्रस्थ के स्थल‍ पर है जो पांडवों की विशाल राजधानी होती थी.

7. शाहजहांबाद

आज पुरानी दिल्ली के नाम से प्रसिद्ध शाहजहांबाद, दिल्ली के सातवें शहर का निर्माण अकबर के पुत्र शाहजहां ने करवाया था. इसी पुरानी दिल्ली या शाहजहांबाद में 17 वीं शताब्दी के वास्तुकला व इतिहास की अद्भुत रचनाएं, जामा मस्जिद व लाल किला स्थापित है. यह सुरक्षा दीवारों से परिबद्ध शाहजहानाबाद नामक क्षेत्र था. यह क्षेत्र मुगल साम्राज्य के पतन तक मुगलों की राजधानी रहा.

निवेश जो दे नियमित आय

जिस निवेश योजना के बारे में हम चर्चा करने जा रहे हैं वह उन पतियों के लिए एक सपने के सच होने जैसी है, जो अपनी-अपनी पत्नी से प्रत्येक महीने के घर के बजट के बारे में बातचीत करने से घबराते हैं.

प्रत्येक महीने का घर का बजट बनाते हुए जरूरी है आवश्यकता या उस से जुड़ी परेशानियों पर लगातार ध्यान देने की. पुराने समय से ही औरतों को घर के खर्चों को सही ढंग से संभालने के लिए जाना जाता है. उन के पास हमेशा आपात स्थिति के लिए पैसा संगृहीत होता है. पर जरा सोचिए कि अगर बिना किसी नौकरी के भी उन्हें हर महीने एक नियमित आय मिले तो कैसा लगे. जी हां, सिस्टेमैटिक विथड्रावल प्लान (एसडब्ल्यूपी) के आसान रास्ते के द्वारा यह मुमकिन है.

क्या है एसडब्ल्यूपी ?

जिस तरह से हर महीने निश्चित तारीख पर वेतन मिलता है, ठीक उसी प्रकार एसडब्ल्यूपी बैंक खाते में एक फिक्स्ड पैसा आना सुनिश्चित कर सकता है. बस आवश्यकता है तो निवेशक को एक खास योजना में शुरुआत में कुछ पैसा निवेश करने की. म्यूचुअल फंड स्कीम को एक बार एसडब्ल्यूपी निर्देश दिए जाते हैं. उदाहरण के लिए लगभग क्व15 लाख के निवेश के द्वारा एक निवेशक म्यूचुअल फंड को यह निर्देश दे सकता है कि हर महीने के 5वें दिन क्व6,500 दिसंबर, 2020 तक उस के बैंक अकाउंट में स्थानांतरित किए जाएं. यह सिर्फ एक उदाहरण था कि किस तरह से एक एसडब्ल्यूपी निर्धारित की जाए.

कई बार मासिक एसडब्ल्यूपी की राशि से अधिक राशि की आप को आवश्यकता हो सकती है. एसडब्ल्यूपी म्यूचुअल फंड्स की एक खुली योजना है, जिस में निवेशक बची राशि किसी भी समय एक आसान से रिडेंपशन निर्देश के द्वारा निकाल सकता है. एसडब्ल्यूपी निर्देश किसी भी समय रोका या बदला जा सकता है. अगर आप को ऐसा लगता है कि अब खर्चे बढ़ चुके हैं तो आप उसी योजना में अधिक निवेश कर सकते हैं और एसडब्ल्यूपी की राशि बढ़ा सकते हैं.

एसडब्ल्यूपी के फायदे

एसडब्ल्यूपी का एक अन्य फायदा यह है कि यह टैक्स रिटर्न्स के लिए बहुत कुशल या प्रभावशाली है. कल्पना करते हैं कि श्रीमान ए ने 15 लाख की म्यूचुअल फंड्स की एसडब्ल्यूपी में एक मासिक आय योजना (एमआईपी) में निवेश किया और श्रीमान बी ने बौंड/डिपौजिट योजना में 8% की ब्याज दर पर निवेश किया. केवल गणना के उद्देश्य से हम यह कल्पना करें कि प्रत्येक महीने 10 हजार एसडब्ल्यूपी के लिए रखे गए या फिर 1 लाख 20 हजार प्रति साल या निवेशित राशि का 8% केवल गणना के उद्देश्य के लिए यह भी मानिए कि एमआईपी में 8% रिटर्न मिला. श्रीमान ए और बी दोनों ही 30% के टैक्स स्लैब में हैं और क्रमानुसार दोनों को 10 वर्षों के लिए एसडब्ल्यूपी से और ब्याज से आय प्राप्त हुई.

ऊपर दिए गए उदाहरण में श्रीमान ए ने कैपिटल गेन टैक्स के तौर पर 37 हजार 537 का भुगतान किया, जबकि श्रीमान बी ब्याज की आय पर कर (टैक्स) के रूप में 3 लाख 60 हजार का भुगतान करने के लिए उत्तरदायी होंगे. 10 वर्षों के समय के उपरांत वे 12 लाख की राशि एसडब्ल्यूपी या ब्याज की राशि के तौर पर प्राप्त कर चुके होंगे.

अगर फंड्स को 10 वर्षों के बाद भी निकाला नहीं जाता है, तब 12 लाख पर श्रीमान ए 3.12% जबकि श्रीमान बी 30% कर (टैक्स) का भुगतान कर चुके होंगे (6% प्रति वर्ष इन्फ्लेशन दर की कल्पना के साथ). ये गणनाएं बिना किसी सरचार्ज के की गई हैं या खातों को आयकर से मुक्त कर के और इस अनुमान के साथ कि 10 सालों के बाद भी कोई फंड नहीं लिया गया है.

ध्यान रखें

अधिकतर सभी म्यूचुअल फंड्स योजनाओं के वर्ग में एसडब्ल्यूपी योजना की सुविधा उपलब्ध होती है. फिर भी यह सुझाव दिया जाता है कि एक निवेशक को अपने रिस्क की प्रवृत्ति को ध्यान में रखते हुए ही इस का चुनाव करना चाहिए. ऊपर दिया गया उदाहरण डैब्ट औरिऐंटेड फंड्स के संबद्ध में भी सत्य है, जिस में एमआईपी भी सम्मिलित है. जबकि इक्विटी औरिऐंटेड फंड्स अधिक कर लाभ पहुंचाते हैं, लेकिन ये निवेश के बाजार मूल्य में भारी उतारचढ़ाव लाते हैं.

यह योजना सेवानिवृत्त लोगों के लिए भी बहुत अच्छी है. उन की सेवानिवृत्ति के संग्रह को नियमित मासिक प्रवाह के लिए प्रयोग कर सकते हैं. कुछ निवेशक अपने बच्चों की मासिक फीस या जिन के बच्चे बोर्डिंग स्कूल में पढ़ते हैं उन की पौकेट मनी के लिए भी इस का प्रयोग कर सकते हैं.

तो अब आप के लिए यह समय है एसडब्ल्यूपी के साथ एक नए निवेश का जो महीने के अधिकतर खर्चों को कवर करे. अपनी पत्नी को अर्थात गृहिणी को उस बैंक खाते का डैबिट कार्ड देना न भूलें ताकि वह आप के खर्चों के पोर्टफोलियो को बेहतर तरीके से संभाल सके.

12 साल बाद अलग होंगे ब्रैड पिट और एंजेलीना

हॉलीवुड अभिनेत्री फिल्मकार एंजेलीना जोली ने अपने परिवार की सेहत की खातिर पति ब्रैड पिट से अलग होने का फैसला किया है.

शादी के दो साल बाद जोली ने परस्पर विरोधी मतभेदों का हवाला देते हुए तलाक की अर्जी दी. यह युगल 10 साल साथ रहने के बाद 2014 में शादी के बंधन में बंधे थे. सूत्रों ने बताया कि जोली ने यह फैसला इसलिए लिया क्योंकि वह बच्चों की परवरिश के पिट के तरीकों से नाखुश थीं.

एंजेलीना के वकील ने कहा, ‘‘यह फैसला परिवार की सेहत के चलते लिया गया है.’’ अभिनेत्री के वकील ने कहा, ‘‘इस वक्त वह बयान नहीं दे पाएंगी और इस मुश्किल वक्त में उन्होंने उनके परिवार को निजता प्रदान करने को कहा है.’’

अदालत के मुताबिक दस्तावेज मिल गए हैं और जोली (41)  ने अदालत से इस युगल के छह बच्चों मैडॉक्स, पैक्स, जहारा, शिलोह, विविएन और नॉक्स का संरक्षण प्रदान करने के लिए कहा है तथा उन्होंने अनुरोध किया है कि पिट को बच्चों से मिलने का अधिकार दिया जाए.

अपने बयान में पिट ने कहा, ‘‘इस कदम से मैं बहुत दुखी हूं लेकिन इस वक्त जो सबसे अधिक मायने रखता है वह है हमारे बच्चों की भलाई. मैं मीडिया से अनुरोध करता हूं कि वे इस चुनौतीपूर्ण वक्त में उनकी निजता का ख्याल रखे.’’

एक सूत्र ने कहा, ‘‘पिट (52) और जोली दोनों अपने बच्चों का बहुत ख्याल रखते हैं तथा दोनों ओर बेहद उदासी छाई है.’’ एक अन्य करीबी ने कहा, ‘‘यह तलाक पूरी तरह से चौंकाने वाला कदम है. निश्चित रूप से इस साल उन्होंने अधिक समय अलग रहकर बिताया है लेकिन फिर भी यह एक चौंकाने वाला कदम है. उन्होंने केवल अपनी शादी की सालगिरह साथ मनाई थी.’’

कौन है बॉलीवुड की नई ड्रीम गर्ल

इन दिनों बॉलीवुड की दो एक्ट्रेस हैं, जो हॉलीवुड में भी छाई हुई हैं. इनमें एक प्रियंका चोपड़ा तो दूसरी दीपिका पादुकोण है, जिनका करियर काफी अच्छे दौर से गुजर रहा है. पर्दे पर उन्होंने कई तरह के किरदार को जीवंत किया है और अपने अभिनय के दमखम से दर्शकों की खूब वाहवाही लूटी है.

वैसे दीपिका को अब तक अपनी तारीफ में भले ही कई अच्छे कॉम्प्लीमेंट मिले हों, मगर ये वाला जरूर उनके लिए खास होगा. आखिरकार बॉलीवुड की ‘ड्रीम गर्ल’ हेमा मालिनी ने जो दिया है, वो भी अपना खिताब.

जी हां, हाल ही में हेमा मालिनी एक इंटरव्यू में दीपिका के काम की तारीफ करती नजर आईं और यहां तक कि उन्हें बॉलीवुड की मौजूदा ‘ड्रीम गर्ल’ तक करार दे दिया.

अब जब दीपिका को इस बारे में पता चला तो उन्होंने तुरंत ट्वीट करते हुए हेमा मालिनी के प्रति अपना प्यार जाहिर किया और कहा कि वो भी उनसे बेहद प्यार करती हैं. आपको बता दें कि दीपिका इन दिनों अपनी पहली हॉलीवुड फिल्म की शूटिंग में व्यस्त हैं, जिसमें वो सुपरस्टार विन डीजल के साथ नजर आएंगी.

वहीं वो ‘बाजीराव मस्तानी’ के बाद एक बार फिर संजय लीला भंसाली के साथ काम करने जा रही हैं. उनकी अगली फिल्म है ‘पद्मावती’, जिसकी शूटिंग जल्द शुरू होने वाली है.

क्या है अजय देवगन के ऑनस्क्रीन किस का राज

‘शिवाय’ अजय देवगन का ड्रीम प्रोजेक्ट है. इस फिल्म के लिए अजय देवगन कुछ भी कर सकते हैं. बता दें, इस फिल्म में पहली बार अजय देवगन ऑनस्क्रीन किस करते दिखेंगे. जी हां, 25 सालों में पहली बार. इससे पहले अजय देनगन ने कई फिल्मों में हॉट सीन्स दिए हैं, लेकिन ऑनस्क्रीन किसिंग से हमेशा दूर रहे.

खबर के मुताबिक अजय शिवाय में अपने करियर का पहला ऑनस्क्रीन किसिंग सीन देंगे. शिवाय के नए गाने ‘दरखास्त’ में अजय और एरिका (ओल्गा का किरदार) के बीच रोमांस की झलक दिखेगी.

लेकिन अब हर किसी की जुबान पर एक ही सवाल है, अजय देवगन ने अपनी किसिंग पॉलिसी 25 साल बाद क्यों तोड़ी? और वो भी शिवाय के साथ ही क्यों? ऐसा माना जा रहा है कि ये सीन फिल्म की डिमांड है. अजय देवगन के पास ये सीन देने के अलावा कोई चारा नहीं था.

फिल्म के सूत्र ने बताया कि अजय की कभी भी नो किसिंग पॉलिसी नहीं थी. शिवाय एक खूबसूरत प्रेम कहानी है और इंटिमेट सीन इस फिल्म की डिमांड है. आप जब फिल्म देखेंगे तो खुद समझ जाएंगे कि इन सीन्स के बिना ये कहानी अधूरी रह जाती.

सनी नहीं चाहतीं उनपर बनी डॉक्यूमेंट्री भारत में रिलीज हो

सनी लियोनी ने कहा है कि वह अपने जीवन पर बनी डॉक्यूमेंट्री को इंडिया में रिलीज नहीं होने देना चाहती हैं. सनी लियोनी पर बनी डॉक्यूमेंट्री ‘मोस्टली सनी’ का प्रीमियर अभी ‘टोरंटो अंतरराष्ट्रीय फिल्म फेस्टिवल’ में दिखाया भी गया था. लेकिन सनी इस डॉक्यूमेंट्री फिल्म को भारत में रिलीज करने के विरोध में हैं.

दरअसल, सनी का मानना है कि उनपर बनी यह डॉक्यूमेंट्री फिल्म उनकी कहानी को दिखाने से ज्यादा फिल्म निर्देशक के अपने विचार हैं. उन्होंने कहा कि यह मेरी बायोपिक नहीं हैं, बल्कि इसमें दूसरे के विचार ज्यादा है.

सनी का मानना है कि इस फिल्म में उनकी कहानी को सही तरीके से नहीं दिखाया गया है और सनी इससे नाराज भी हैं. सनी ने कहा है ‘किसी को भी यह अधिकार नहीं है कि वह आपके जीवन को गलत तरीके से दिखाए.’

हांलाकि फिल्म निर्देशक दिलीप मेहता का कहाना है कि उन्हें आश्चर्य है कि डॉक्यूमेंट्री बनने के बाद सनी ऐसा कह रही हैं और वह अब इस डॉक्यूमेंट्री में कुछ बदलाव की मांग कर रही हैं.’ इस डॉक्यूमेंट्री फिल्म में सनी के जीवन से जुडी कई बातों को दर्शाया गया है.

सनी का कहना है कि अगर यह फिल्म भारत में रिलीज होगी तो मेरे बारे में यहाँ के लोगों को गलत संदेश जायेगा.

ड्रम्स औफ हैविन

सामग्री

– 6 चिकन विंग्स

– 1 छोटा चम्मच अदरक-लहुसन का पेस्ट

– 1/2 छोटा चम्मच सोया सौस

– 1 छोटा चम्मच लालमिर्च पाउडर

– 2 छोटे चम्मच कौर्नफ्लोर

– 2 छोटे चम्मच मैदा

– जरूरतानुसार तेल फ्राई के लिए

– नमक स्वादानुसार

विधि

चिकन विंग्स लें और तोड़ लें. इसे जौइंट्स से तोड़ें जिस से छोटी हड्डियां दिखने लगेंगी. अब इस में से हड्डियों को निकाल दें ताकि विंग्स को बौल जैसा आकार दिया जा सके. विंग के किनारों को काट दें. पूरे 6 विंग्स के साथ ऐसा करें. फिर मैदा, कौर्नफ्लोर, मिर्च पाउडर, सोया सौस, अदरकलहसुन का पेस्ट और चिकन पीस को मिला दें. अब 30 मिनट के लिए मिश्रण को अलग रख दें. फिर इसे डीप फ्राई करें और नयासा की स्टाइलिश प्लेट में गरमगरम सर्व करें.

-व्यंजन सहयोग: शैफ सी.एस. रावत

ऐग्जीक्यूटिव शैफ, ज्यू वौंग, ईस्ट पटेल नगर, दिल्ली

फैशन के साथ लौंजरी भी करें अपडेट

महिलाएं अपने कपड़ों फुटवियर, मेकअप, ऐक्सैसरीज आदि पर बहुत ध्यान देती हैं. हर चीज मैचिंग चाहिए. लेकिन जब बारी आती है लौंजरी की तो सोचती हैं कोई सी भी पहन लो. क्या फर्क पड़ता है? कौन सी दिखने वाली है. पर बता दें कि आप का व्यक्तित्व आप की लौंजरी से झलकता है. इसलिए सही लौंजरी का चुनाव कर अपनी स्मार्टनैस बढ़ाएं.

न करें ये लौंजरी मिस्टेक

– महिलाएं अंडरगारमैंट्स का प्रयोग तब तक करती हैं जब तक वे पूरी तरह खराब न हो जाएं जो कि गलत है. कुछ समय बाद अंडरगारमैंट्स बदलने चाहिए भले ही वे खराब हुए हों या नहीं.

– कुछ महिलाओं को अपने कप का सही साइज पता नहीं होता. वे या तो साइज से बड़ी ब्रा पहनतीं हैं या फिर छोटी.

– सभी आउटफिट के साथ एक ही तरह की ब्रा पहनना भी लौंजरी मिस्टेक है, जिस की वजह से कभीकभी उप्स मोमैंट का शिकार होना पड़ता है जैसे टाइट फिटेड ड्रैस या ट्राउजर से पैंटी लाइन नजर आना, ब्लैक ड्रैस से व्हाइट ब्रा दिखना आदि.

– अगर सही क्वालिटी की लौंजरी का चुनाव न किया जाए तो उस की एलास्टिक से कई तरह की प्रौब्लम्स होती हैं जैसे स्किन पर निशान पड़ना, दाने निकलना, दर्द होना, रैशेज आना इत्यादि.

– एक मिस्टेक यह भी करती हैं कि लौंजरी को सही तरह से साफ न करतीं. हड़बड़ी में बस जैसेतैसे धो देती हैं, जबकि इन्हें सही तरह साफ करना जरूरी है, क्योंकि यह सीधी त्वचा के संपर्क में रहती है और पसीना सोखती है. अगर सही तरह से साफ न की जाए तो इंफैक्शन का खतरा रहता है.

लौंजरी फैशन इन ऐंड आउट

– इन दिनों सिंपल ब्लैक ऐंड व्हाइट व स्किन कलर की लौंजरी की बजाय कलरफुल लौंजरी के फैशन है.

– आज ब्रा को स्टाइलिश लुक देने के लिए नया ऐक्सपैरिमैंट क्रौस बैक ब्रा के रूप में किया गया है. इस में आगे का हिस्सा नौर्मल ब्रा की तरह होता है और पीछे स्ट्रिप्स क्रौस स्टाइल में होती हैं.

– स्ट्रिप्स में ट्रांसपैटेंट व कलरफुल स्ट्रिप्स खास पसंद की जा रही हैं.

– अनलाइंड और नौनवायर ब्रा भी फैशन में हैं.

– लौंजरी फैशन में वैलवेट, सिल्क, शिफौन, साटिन फैब्रिक ट्रैंड में हैं.

– लेस व नैट वाली ब्रा खास पसंद की जा रही है. लेस में फ्लोरल लेस की काफी डिमांड है.

– मोल्डेड कप, ब्रेकलेस ब्रा, स्ट्रैप्लैस ब्रा, पुशअप ब्रा, मिनिमाइजर ब्रा, सैक्सी लैस न्यूड ब्रा, फैशन में है.

स्टाइल योर ब्यूटी विद ग्रोवरसंस

जब हम अपनी बाहरी खूबसूरती के साथ कोई कंप्रोमाइज करना पसंद नहीं करते तो फिर हम अपनी इनर ब्यूटी के साथ कैसे कर सकते हैं? अंदर से खूबसूरत व कौन्फिडैंट फील करने पर ही बाहरी पर्सनैलिटी अट्रैक्टिव लगती है, इसलिए अपनी खूबसूरती को ग्रोवरसंस के साथ निखारिए. ग्रोवरसंस आप को लौंजरी की एक कंप्लीट रैज उपलब्ध कराता है. इस में आप को डिफरैंट स्टाइल व कलर, लेटैस्ट ट्रैंड, परफैक्ट साइज यानी सारी चीजें मिलेंगी. तो अब सोचना क्या ग्रोवरसंस लौंजरी से दीजिए अपनी फिगर को सैक्सी लुक.  

उत्तराखंड के मखमली बुग्याल

देश के उत्तराखंड राज्य में कई ऐसे बुग्याल हैं जो अपनी खूबसूरती के लिए विश्व विख्यात हैं. इनकी खूबसूरती का खुद से एहसास करने दूर-दूर से पर्यटक यहां पहुंचते हैं. अब आप सोच रहे होंगे कि ये बुग्याल क्या हैं? तो हम आपको बताये देते हैं, बुग्याल दूर-दूर तक फैले हरे मखमली घास के मैदान हैं. उत्तराखंड के गढ़वाल हिमालय में हिमशिखरों के नीचे जहां पेड़ों की संख्या समाप्त हो जाती हैं वहीं से हरे-भरे घास के ये मखमली मैदान शुरू होते हैं. वहां के मूल भाषा में इन्हें बुग्याल कहते हैं.

इन बुग्यालों की सुंदरता यह है कि हर मौसम में आप इन पर नया रंग देखेंगे. बुग्याल का अर्थ ही है पहाड़ों की ऊंचाई पर स्थित घास के मैदान. इन बुग्यालों पर पहुंच आप जहां भी नजर डालेंगे, आपको ऐसा लगेगा कि किसी ने इन पहाड़ों पर घांस के गद्दे बिछा दिए हों. ऐसे ही कई छोटे-बड़े गद्देदार बुग्याल उत्तराखंड की घाटियों में फैले हुए हैं.

चलिए आज हम इन्हीं बुग्यालों की सैर पर चलते हैं.

10500 फीट ऊंचाई पर स्थित दयारा बुग्याल लगभग चार किलोमीटर क्षेत्र में फैला है. यहां से हिमालय की सतोपंथ, चौखंभा, नंदादेवी और त्रिशूली जैसी चोटी के समीपता से दर्शन होते हैं.

1. बेदनी बुग्याल

प्रसिद्ध बेदनी बुग्याल रुपकुण्ड जाने के रास्ते पर पड़ता है. इस बुग्याल के बीचों-बीच फैली झील यहां के सौंदर्य में चार चांद लगी देती है.

2. पंवाली बुग्याल

पंवाली बुग्याल के निचले भूभाग में दिखते मोरु, खिर्सू, देवदार और भोजवृक्ष आदि पेड़ों के सघन वन और फूलों की सैकड़ों प्रजाति यात्रियों में अद्भुत ऊर्जा भरती है.

3. औली बुग्याल

चमोली जिले के जोशीमठ से 12 किलोमीटर की दूरी पर 2600 मीटर की ऊँचाई पर स्थित है औली बुग्याल. साहसिक खेल स्कीइंग का ये एक बड़ा केन्द्र है. गर्मियों में यहां खिले विभिन्न प्रकार के फूल पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र होते हैं.

4. खलिया बुग्याल

खलिया बुग्याल उत्तराखंड के पिथौरागढ़ के मुंसियारी क्षेत्र क्षेत्र में स्थित एक खूबसूरत बुग्याल है.

5. चोपता बुग्याल

गढ़वाल का स्विट्जरलैंड कहा जाने वाला चोपता बुग्याल 2100 मीटर की ऊंचाई पर स्थित है. चोपता से हिमालय की चोटियों के दर्शन सामने से किये जा सकते हैं.

6. रोहिणी बुग्याल

रोहिणी बुग्याल चोपता घाटी में ही चोपता बुग्याल के पास ही स्थित शांतिपूर्ण कैंपिंग की जगह है.

7. गुरसों बुग्याल

गुरसों बुग्याल औली घाटी में औली बुग्याल के बगल में ही स्थित गुलों का भी बुग्याल है.

8. हर की दून बुग्याल

हर की दून बुग्याल उच्च हिमालय के निकट स्थित एक अत्यन्त दुर्गम अन्चल है.

9. फुलंदी बुग्याल

फुलंदी बुग्याल नंदा देवी बायोस्फियर रिज़र्व में स्थित बुग्याल है.

वीजे बाणी हैं ‘बिग बॉस 10’ की पहली कंटेस्टेंट

रियलिटी शो ‘बिग बॉस 10’ के कंटेस्टेंट्स को लेकर अभी तक कई कयास लगाए जा चुके हैं. अभी तक कई सेलिब्रिटी का नाम सामने आ चुका है. कई सेलिब्रिटी तो अपने नाम का खंडन भी कर चुके हैं. लेकिन अब ये तय हो गया है कि ‘बिग बॉस 10’ के घर में आना वाला पहला सदस्य कौन होगा.

आपको बता दें कि वीजे बाणी (पूरा नाम गुरबाणी जज), इस सीजन की पहली कन्फर्म कंटेस्टेंट हैं. पिछले सप्ताह उनकी डील तय हुई. हालांकि, खुद बाणी ने अभी तक इस बारे में कोई खुलासा नहीं किया है.

कौन हैं वीजे बाणी

वीजे बाणी एमटीवी के शो ‘रोडीज 4’ (2006) के दौरान पहली बार चर्चा में आई थीं. वे इसकी रनरअप रही थीं. इसके बाद उन्होंने इसी शो के सीजंस 6, 7, 9, 10, 11, 12 को होस्ट किया. वे फियर ‘फैक्टर: खतरों के खिलाड़ी 4’ और ‘सो यू कैन डू दैट’ में भी नजर आ चुकी हैं. बाणी ने ‘आपका सुरूर’, ‘साउंडट्रैक’ और ‘जोरावर’ (पंजाबी) जैसी फिल्मों में भी छोटे-छोटे रोल किए हैं.

टीवी एक्टर मयूर वर्मा ने इस बात का कंफर्म किया है कि वह बिग बॉस के घर में बतौर कंटेस्टेंट जा रहे हैं. मयूर ने यह जानकारी दी है. मयूर को ज्यादातर लोग सीरियल ‘स्वारागिनी’ के कार्तिक मल्होत्रा के रूप में जानते हैं. मयूर, सलमान खान के इस रियलिटी शो ‘बिग बॉस 10’ का हिस्सा बनकर बेहद उत्साहित नजर आ रहे हैं.

बता दें कि मयूर वर्मा से शो के मेकर्स ने पिछले सीजन यानि ‘बिग बॉस 9’ के लिए भी संपर्क किया था. तब इन्हें वाइल्ड कार्ड एंट्री देने की बात चल रही थी. लेकिन तब मयूर ने इसका हिस्सा बनने से इनकार कर दिया था. दरअसल, उन्हीं दिनों मयूर का अपनी गर्लफ्रेंड मरिना कुवर से ब्रेकअप हुआ था. वह इस स्थिति में नहीं थे कि बिग बॉस के घर के माहौल को बर्दाश्त कर सकें.

वैसे बता दें कि मरिना ने ‘बिग बॉस 9’ में वाइल्ड कार्ड एंट्री ली थी और अपने डांस से उन्होंने काफी सुर्खियां बटोरी थीं. मयूर का कहना है कि वह ब्रेकअप के तुरंत बाद मरिना के साथ स्क्रीन शेयर करते हुए कंफर्टेबल महसूस नहीं करते. इसलिए उन्होंने ‘बिग बॉस 9’ के लिए मना कर दिया था. लेकिन इस बार ऐसा कुछ नहीं है.

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