यहां नदी के ऊपर बहती है नदी

जर्मनी के मैगडेन शहर में नदी के उपर ऐसा ब्रिज है जिसमें नदी बहती है और साथ में बड़े-छोटे जाहज भी चलते है. इस ब्रिज की नदी शहर के बाहर एल्बे नदी में जा कर मिलती है. इस ब्रिज को मैगडेन वाटर ब्रिज के नाम से जाना जाता है.

व्यवसायिको के लिए ये नदी काफी महत्वपूर्ण है. इसके जरिए कई बड़े-छोटे व्यवसायिक जहाजों का उपयोग पूर्वी जर्मनी और पश्चिमी जर्मनी आने-जाने के लिए किया जाता है.नदी के ऊपर बने इस ब्रिज को साल 2003 में बनाया गया था. जहाजों के चलने के लिए ये दुनिया का सबसे लंबा जलमार्ग है, जो लगभग 1KM लंबा है.

मैगडेबर्ग शहर के बाहर हवेल और मिटेलैंड नहरे विपरित दिशाओं में बहती थीं. इसलिये इन नहरों को एक साथ मिलाकर नदी के ऊपर से ब्रिज के द्वारा ले जाया गया और शहर से काफी दूर एल्बे नदी में मिला दिया गया. तभी जहाजों के लिए एक नया रास्ता बन गया.

इस प्रोजेक्ट की कुल लागत 3566 करोड़ रुपए थी. इस ब्रिज को बनाने का काम सन् 1930 में ही शुरू करना था, लेकिन दूसरे विश्वयुद्ध के कारण ऐसा नहीं हो सका. साल 1997 में इस ब्रिज को बनाने की प्रक्रिया फिर शुरू हुई और 2003 में ये पूरा हो गया.

हेल्दी गिफ्टिंग यानी फ्रूट बुके

किसी अपने का खास मौका हो तो सबसे बड़ी टेंशन होती है कि गिफ्ट क्या दिया जाए और जब कुछ समझ नहीं आता तो थक हार कर लगता है चलो फ्लावर बुके  ही ले लेते हैं, क्योंकि ये सबसे आसान गिफ्टिंग उपाय लगता है, पर हम आपको गिफ्टिंग का एक यूनिक आईडिया बताते हैं, जो न केवल हेल्दी होगा, बल्कि आकर्षक भी होगा.

हमारे यहां शुरू से चाहे बर्थडे पार्टी हो, मेरिज एनिवर्सरी हो, बुके देने का ही चलन है, लेकिन जहां फ्लावर बुके  की शोभा कुछ घंटों तक सिमित रहती है, वहीं फ्रूट बुके  आकर्षक होने के साथ हेल्दी ऑप्शन भी देता है. खास मौकों पर फ्रूट बुके भेजने का  यह यूनिक आईडिया है २८ वर्षीय नेहा अग्रवाल का. नेहा कुछ हटकर करना चाहती थी, जिसमे नयापन हो और लोगों के लिए हेल्दी भी हो. चूंकि नेहा के पास फ़ूड टेक्नोलोजिस्ट की डिग्री थी, इसलिये नेहा ने लोगों की हेल्थ का ध्यान रखते हुए सोचा क्यों कुछ ऐसा किया जाए कि लोगों को हेल्दी गिफ्ट मिलें और उन्होंने फ्रूटज कॉन्सेप्ट्स के नाम से फ्रूट बुके का काम शुरू किया.

आज नेहा के फ्रूट बुके पसंद करने वालों की लिस्ट दिनबदिन लम्बी होती जा रही है. फलों को कलात्मकता के साथ पेश करने का यह आईडिया लोगों को खासा पसंद आ रहा है. फ्रूट बुके में ताजा फलों के साथ चोकलेट्स व ड्राई फ्रूट्स को शामिल किया  जाता है. फ्रूट बुके बनाते समय फलों की ताजगी का पूरा ध्यान रखा जाता है. आप चाहें तो अपनी पसंद के अनुसार मनचाहे आकार और फ्रूट का बुके बनवा सकते हैं. यानी आप अपनी पसंद का कस्टमाइज फ्रूट बुके आर्डर कर सकते हैं.

नेहा बताती हैं कि बुके बनाते समय फलों की क्वालिटी व ताजगी का पूरा ध्यान रखा जाता है. बुके को डिलीवरी करने से कुछ घंटे पहले ही तैयार किया जाता है. फलों का बुके सजाते समय हाइजिन का पूरा ध्यान रखा जाता है. फ्रूट बुके बनाते समय  फलों को निर्धारित तापमान पर रखा जाता है, ताकि फलों की फ्रेशनेस बरक़रार रहे. तापमान का ध्यान बुके बनाते समय और डिलीवरी के दौरान भी रखा जाता है. बुके को बनाने के बाद उसे हाइजीनिक और जर्म फ्री रखने के लिए जर्म प्रोटेक्ट शील्ड से कवर किया जाता है.

फ्रूट बुके को आकर्षक बनाने के लिए किस्म किस्म की टोकरियों और वास का प्रयोग किया जाता है. कटर की सहायता से फलों को हार्ट, फ्लावर की आकर्षक शेप दी जाती है और फलों को इस तरह अरेंज किया जाता है कि वह बुके का रूप ले ले.  फ्रूट बुके 3 साइज़ में उपलब्ध  होते हैं – स्माल ,मीडियम और लार्ज, जहां स्माल फ्रूट बुके  5 लोगों के लिए काफी होता है, वहीं मीडियम बुके 8 लोगों के लिए और लार्ज बुके 12 लोगों के लिए काफी होता है. आप सप्ताह के सातों दिन 24X7 ऑनलाइन आर्डर कर सकते हैं. आप बुके में अपनी पसंद के फलों का चुनाव कर सकते हैं. बुके की पेमेंट आप क्रेडिट कार्ड, डेबिट कार्ड, नेट बैंकिंग द्वारा कर सकते हैं. तो फिर तैयार हैं न आप हेल्दी गिफ्टिंग के लिए.

आप किसी भी तरह की जानकारी के लिए कस्टमर केयर नंबर 9871153804 पर संपर्क कर सकते हैं. इसके अलावा hello@fruitzkoncepts.com से भी जानकारी हासिल कर सकते हैं.

ऐसे सुधारें अपना क्रेडिट स्कोर

घर, कार, बच्‍चों की पढ़ाई जैसे दूसरे बड़े खर्चों के लिए हम सभी को लोन की जरूरत होती है. लेकिन जरूरी नहीं कि बैंक आपकी जरूरत के मुताबिक लोन दे ही दें, और यदि दिया भी तो ब्‍याज दरें इतनी अधिक होंगी कि उसे भरते भरते आपकी कमर की टूट जाएगी.

कई बार हम ना-समझी में और कभी लापरवाही के चलते अपना क्रेडिट स्‍कोर खराब कर लेते हैं. ऐसे में जरूरी है कि लोन के लिए एप्‍लाई करने से पहले हम अपना क्रेडिट स्‍कोर ठीक कर लें.

क्रेडिट स्कोर के क्‍या हैं पैमाने

क्रेडिट ब्‍यूरो आपका क्रेडिट स्‍कोर 300 से लेकर 900 के बीच तय करते हैं. 750 का स्‍कोर बेहतर माना जाता है. वहीं 675 के क्रेडिट स्‍कोर को कई बैंक बैंच मार्क मानते हैं. इससे नीचे क्रेडिट स्‍कोर होने पर बैंक अक्‍सर लोन देने से मना कर सकते हैं. वहीं यदि बैंक लोन देने के लिए तैयार भी हो गए तो आपको अधिक ब्‍याज दर की पेशकश की जाएगी. ऐसे में आपका क्रेडिट स्‍कोर जितना ज्‍यादा होगा. आपको लोन भी उतनी जल्‍दी और आसान शर्तों पर मिल जाएगा.

समय समय पर जांचते रहें क्रेडिट स्‍कोर

अक्‍सर हम सिर्फ लोन लेने की स्थिति में ही क्रेडिट स्‍कोर का पता करते हैं. लेकिन इस स्थिति में आपकी जरूरत इतनी बड़ी होती है कि आप न तो क्रेडिट स्‍कोर को ठीक करने के बारे में सोच पाते हैं, और न हीं बैंक से कम ब्‍याज दर के लिए मोलतोल कर पाते हैं. ऐसे में जरूरी है कि आप समय-समय क्रेडिट रिपोर्ट की जांच करते रहें. मकान लेने की सोच रहे हैं तो हर महीने क्रेडिट स्‍कोर जांच लें. इससे आपको अपने कमजोर पक्षों का पता चल जाएगा.

अनजानी गलतियां पड़ सकती हैं भारी

क्रेडिट रिपोर्ट में गलतियां होना बेहद सामान्‍य है. कई बार आपको अपनी गलतियां का अहसास भी नहीं होता जो आपका क्रेडिट स्‍कोर बिगाड़ देती हैं. कई बार बैंक रिकॉर्ड की गडबड़ी के कारण क्रेडिट रिकॉर्ड खराब हो जाता है और आपको पता ही नहीं चलता.

पेमेंट हिस्‍ट्री को तुरंत सुधारें

होम लोन के लिए एप्‍लाई करने से पहले जांच कर लें कि आपने पिछले 6 महीने में किसी लोन या क्रेडिट कार्ड की किश्‍त डिफॉल्‍ट तो नहीं की है. यदि ऐसा है तो बैंक से बात कर इस डिफॉल्‍ट की भरपाई कर दें.

गैर जरूरी खाते कर दें बंद

अक्‍सर हम एक से अधिक बैंक अकाउंट खोल लेते हैं. और बाद में उन्‍हें यूं ही छोड़ देते हैं. ऐसा करने से भी आपका क्रेडिट स्‍कोर खराब हो सकता है. बंद पड़े बैंक खाते के चलते बैंकों का आप पर बकाया जमा हो जाता है.

बार बार ने करें लोन के लिए आवेदन

आप जितनी बार लोन के लिए एप्‍लाई करते हैं, और जितनी बार होम लोन की एप्‍लीकेशन रिजेक्‍ट होती है. हर बार आपके क्रेडिट स्‍कोर छोड़ा बहुत गोता खा जाता है. ऐसे में जरूरी है कि एक ही जगह पर एक बार में लोन के लिए एप्‍लाई करें.

क्रेडिट लिमिट का सावधानी पूर्वक करें उपयोग

क्रेडिट कार्ड का गैर जरूरी इस्‍तेमाल भी आपका क्रेडिट रिकॉर्ड बिगाड़ सकता है. मान लीजिए आपके कार्ड की लिमिट 2 लाख है. इसका पूरा इस्‍तेमाल करने से बचें. माना जाता है कि आप यदि अपनी 40 फीसदी क्रेडिट लिमिट का उपयोग करते हैं तो आपका स्‍कोर बेहतर बना रहता है.

बनाएं अपना ट्रैक रिकॉर्ड

कई लोग अक्‍सर यही मान लेते हैं कि उन्‍होंने कोई लोन नहीं लिया है. तो उनका क्रेडिट स्‍कोर अच्‍छा ही होगा. लेकिन एसा नहीं है. अक्‍सर आपका कोई फाइनेंशियल ट्रैक रिकॉर्ड न होने से भी आपको लोन मिलने में परेशानी हो सकती है. यदि क्रेडिट ब्‍यूरो के पास आपका कोई डाटा ही नहीं होगा तो वह किस आधार पर आपका स्‍कोर तय करेगा.

गारंटर बनने में बरतें सावधानी

अक्‍सर हम बिना सोचे समझे बैंक या फाइनेंशियल इंस्‍टीट्यूशन के सामने गारंटर के रूप में पेश हो जाते हैं. लेकिन यह अक्‍सर आप पर भारी पड़ जाता है. यदि वह व्‍यक्ति जिसकी आपने गारंटी ली है. डिफॉल्‍ट कर जाता है. तो इसका खामियाजा आपको भी अपने क्रेडिट पॉइंट खोकर चुकाना पड़ता है.

सभी तरह के लोन का हो रिकॉर्ड

आपके पास सभी प्रकार के लोन का रिकॉर्ड होना चाहिए. जैसे आपके पास क्रेडिट कार्ड और पर्सनल लोन जिन के लिए कोलेटरल की जरूरत नहीं होगी. वहीं दूसा होम लोन या कार लोन जिसके लिए कोलेटरल आवश्‍यक है. सही मिश्रण होने पर आपको क्रेडिट एजेंसी से बेहतर अंक मिलते हैं.

महाराष्ट्र के खूबसूरत जलप्रपात

पहाड़ों के टेढ़े मेढ़े रास्तों से गुजरते हुए पानी के झरनों की मधुर आवाज किसे उत्साहित नहीं करती? अपने खूबसूरत सफ़र में पानी के इस मधुर आवाज को सुनते हुए, अंत में उस पानी की आवाज को खुद से बनते देखना एक मंत्रमुग्ध कर देने वाला सुखद अनुभव होगा. खासकर की मॉनसून और मॉनसून के बाद का मौसम ऐसी जगहों की यात्रा करने का असीम सुख आपको देता है.

प्रकृति को हानि पहुंचा कर बनायी गयी बड़ी-बड़ी इमारतों और शहरों के ट्रैफिक की चैं-पौं से दूर, चलिए महाराष्ट्र के कुछ ऐसे खूबसूरत प्राकृतिक झरनों की सैर पर चलते हैं जिनकी पवित्र,प्राकृतिक व अनछुई खूबसूरती आपका मन मोह लेंगी.

1. लिंगमाला जलप्रपात

हरे-भरे चादर से ढका हुआ महाबलेश्वर बारिश के मौसम में खूब शानदार और प्रफ्फुलित लगता है. लिंगमाला जलप्रपात अपनी इसी खूबसूरती के साथ महाबलेश्वर के प्रमुख पर्यटक आकर्षणों में से एक है. ऊपर से गिरता हुआ यह झरना नीचे जा वेन्ना झील में मिल जाता है.

लिंगमाला जलप्रपात कैसे पहुंचें?

लिंगमाला जलप्रपात महाराष्ट्र के हिल स्टेशन महाबलेश्वर से लगभग 7 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है. यहां आप महाबलेश्वर-पुणे रोड के जरिये पहुंच सकते हैं.

2. अम्बोली घाट जलप्रपात

अगर आपको बारिश और हरे-भरे प्रकृति से प्रेम है, तो इस मॉनसून के बाद आप अम्बोली घाट पर जाना न भूलें. घाट के आसपास बहती छोटी नदियां, पहाड़ियों से गिरते अस्थायी झरने इसकी घाट की खूबसूरती में चार चांद लगाते हैं. अम्बोली घाट महाराष्ट्र की ऐसी खूबसूरती है जिसकी यात्रा करना आप बिल्कुल भी न भूलें.

अम्बोली घाट जलप्रपात कैसे पहुंचें?

अम्बोली घाट, स्वंतनवाड़ी के पास सिंधुदुर्ग में स्थित है. यह गोवा से लगभग 114 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है. महाराष्ट्र के सभी मुख्य शहरों, जैसे मुम्बई, पुणे आदि से कई बसों की सुविधा स्वंतनवाड़ी तक के लिए उपलब्ध हैं. स्वंतनवाड़ी यहां का सबसे नजदीकी रेलवे स्टेशन भी है.

3. थोसेघर जलप्रपात

निःसंदेह ही शानदार थोसेघर जलप्रपात महाराष्ट्र के सबसे खूबसूरत जलप्रपातों में से एक है. एक खूबसूरत झरनों की श्रृंखला थोसेघर जलप्रपात की रचना करती है, जो सतारा शहर से लगभग 26 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है. खूबसूरत हरे-भरे पहाड़ियों की ऊंची ढलानों से दूध से सफेद पानी का गिरना एक आनंद भरे दृश्य की रचना करता है, जिसे देख आपको अद्भुत नैन सुख प्राप्ति का अनुभव होगा.

थोसेघर जलप्रपात कैसे पहुँचें?

पुणे से कई सारी बसें सतारा तक के लिए उपलब्ध हैं. आप सतारा पहुंच कर किसी भी ऑटो रिक्शा में सवार हो इस खूबसूरत जलप्रपात के सुन्दर दृश्य के नजारे लेने के लिए पहुंच सकते हैं.

4. पांडव कड़ा जलप्रपात

कथाओं के अनुसार कहा जाता है कि महाभारत के पांचों पांडव भाइयों ने इसी झरने के निचे स्नान किया था. इसलिए इस झरने का नाम पांडव कड़ा जलप्रपात पड़ गया. यह झरना, नवी मुम्बई के आदर्श पिकनिक स्थलों में से एक है. दुर्भाग्य से इस झरने में कई लोगों की जानें भी गयी हैं. इसलिए आप जब भी कभी इस झरने की यात्रा पर जाएं तो पूरी सावधानी बरतें और इसका भरपूर मजा लें.

पांडव कड़ा जलप्रपात कैसे पहुंचें?

मुंबई और पुणे से कई सारी बस सुविधाएं खारघर तक के लिए उपलब्ध हैं. मुंबई सी.एस.टी स्टेशन से हारबर मार्ग से आने वाली ट्रेन से आप खारघर पहुंच सकते हैं. आप या तो खारघर या नेरुल स्टेशन पर उतर कर यहां तक पहुंच सकते हैं.

5. भिवपुरी जलप्रपात

भिवपुरी जलप्रपात, महाराष्ट्र के करजात में बसे भिवपुरी नगर में स्थित एक दिलचस्प आकर्षण है. यह पर्यटक स्थल होने के साथ-साथ रोमांचक क्रियाओं का भी स्थल है. यह भारत के सबसे खूबसूरत जलप्रपातों में से भी एक है.

भिवपुरी जलप्रपात कैसे पहुंचें?

भिवपुरी, करजात के निकट ही स्थित है. किसी भी निजी या सरकारी वाहन से यहां आराम से पहुंचा जा सकता है. करजात यहां के लिए सबसे नजदीकी रेलवे स्टेशन है.  

6. कुने जलप्रपात

कुने जलप्रपात लोनावला और खंडाला के बीच में स्थित है. लोनावला बायपास पहुंचने के लिए मुम्बई-पुणे एक्सप्रेसवे से जाएं और उसके बाद इस जलप्रपात तक पहुंचने के लिए खंडाला की ओर बढ़ें.

प्रकृति के ऐसे सौन्दर्यों की यात्रा करना अपने में ही अलग एक अद्वितीय अनुभव होता है. ये जलप्रपात महाराष्ट्र के उन प्रमुख आकर्षणों में से एक हैं, जिनके नजारों के मजे लेना आप बिल्कुल भी न भूलें. हालांकि इनमें से कई प्रपात, मौसमी जलप्रपात हैं और जुलाई से दिसम्बर तक के महीने इनकी यात्रा के लिए सबसे सही समय हैं.

रीटेक से घबरा एक्टर ने डायरेक्टर को निकलवाया

 

रजत टोकस जल्द ही आपको शुरू होने वाले नए सीरियल में काम करते दिखाई देने वाले हैं. इस सीरियल का नाम है ‘चंद्रनंदिनी’. लेकिन रजत से जुड़ी एक खबर आ रही है.

खबर ये है कि रजत ने इस सीरियल में काम करने की एक शर्त रखी है. रजत ने एक डायरेक्टर के साथ काम करने से साफ मना कर दिया है. उस डायरेक्टर का नाम है संत राम वर्मा.

दरअसल, रजत का कहना है कि डायरेक्टर संत राम वर्मा अपने सीन्स को लेकर काफी प्रोफेशनल हैं और जब तक सीन के लिए शॉट पर्फेक्ट न हो जाए वो रीटेक पर रीटेक करते रहते हैं.

इस बात का पता सीरियल की प्रोड्यूसर एकता कपूर को पता चला तो उन्होंने साफ जाहिर कर दिया हमेशा की तरह बालाजी टेलीफिल्म के सीरियल्स के डायरेक्शन की शुरुआत डायरेक्टर संत राम वर्मा ही करेंगे. इस बात को लेकर खबर आ रही है कि चैनल स्टार प्लस रजत टोकस की बातों पर सहमत है और उनकी शर्त को मानते हुए डायरेक्टर को शो से अलग करने की निर्देश जारी कर चुका है.  

हाल ही में चैनल और शो के तमाम कास्ट और निर्माताओं के साथ एक मीटिंग हुई जिसमें सभी लोग पहुचें थे, लेकिन डायरेक्ट संत राम वर्मा नहीं पहुंचे थे. अब ये खबर है कि फिलहाल संत राम वर्मा एकता कपूर के सीरियल को डायरेक्ट नहीं कर रहे हैं और किसी अन्य सीरियल को डायरेक्ट करने में व्यस्त हैं.

आपको बता दें कि एकता कपूर का ये सीरियल स्टार प्लस पर चल रहे सीरियल ‘सिया के राम’ की जगह लेगा. जो अक्टूबर के महीने में खत्म हो रहा है. इस शो की शूटिंग सेट पर नहीं, बल्कि रीयल लोकेशंस पर की जाएगी. यह शूटिंग पटना (बिहार) में की जाएगी, जहां मगध और पाटलिपुत्र है.

टीवी पर पृथ्वीराज चौहान और अकबर जैसे ऐतिहासिक किरदारों को निभा चुके रजत टोकस ‘चन्द्रनंदिनी’ में चन्द्रगुप्त मौर्य का रोल करते नजर आएंगे. वहीं, श्वेता बसु का रोल शो में नंदिनी का होगा.

विद्या की जान खतरे में!

विद्या बालन इन दिनों फिल्म कहानी-2 की शूटिंग में बिजी हैं. इसी की शूटिंग के लिए अमेरिका गईं थीं. जब वो अमेरिका से भारत लौटीं तो एक भयानक बीमारी की चपेट में आ गईं हैं.

अमेरिका से लौटते के बाद उन्हें थकान महसूस हो रही थी. फिर उन्हें तेज बुखार हो गया. डॉक्टर्स को दिखाया तो पता चला कि उन्हें डेंगू हुआ है. देश के कई राज्यों में डेंगू और चिकनगुनिया तेजी से फैल रहा है.

सिर्फ दिल्ली में ही चिकनगुनिया से 12 लोगों की मौत हो चुकी है. हाल ही में खबर आई थी कि इमरान हाशमी को भी मलेरिया हो गया है. विद्या के एक करीबी ने उन्हें डेंगू होने की पुष्टि की है.

उन्होंने बताया ‘विद्या बालन को डेंगू हुआ है और डॉक्टर ने उन्हें लगभग 10 दिनों तक आराम करने की सलाह दी है.’ फिलहाल विद्या ने अपने सारे शूटिंग शेड्यूल कैंसिल कर दिए हैं.

अगले साल रिलीज होगी जुड़वा-2

निर्माता साजिद नाडियाडवाला की फिल्म ‘जुड़वा 2’ 29 सितंबर 2017 को रिलीज होगी. इसमें अभिनेता वरुण धवन की दोहरी भूमिका होगी. यह फिल्म 1997 की हिट कॉमिडी फिल्म ‘जुड़वा’ का सीक्वल है.

उस फिल्म में सलमान खान ने प्रमुख भूमिका निभाई थी. मूल फिल्म के निर्देशक डेविड धवन ही इस फिल्म का भी निर्देशन करेंगे. नाडियाडवाला ग्रैंडसन्स के आधिकारिक ट्विटर हैंडल पर इस फिल्म के रिलीज होने की जानकारी दी गई है. वरुण ने भी फिल्म के रिलीज होने की तारीख शेयर की है.

फिलहाल वरुण अपनी अगली फिल्म ‘बद्रीनाथ की दुल्हनियां’ की शूटिंग में व्यस्त हैं, जिसमें उनके साथ आलिया भट्ट भी नजर आएंगी. इस फिल्म को सलमान की फिल्म ‘जुड़वा’ का सीक्वल बताया जा रहा है, जिसमें सलमान खान डबल रोल में नजर आएंगे.

Movie Review: राज रीबूट

राज फ्रेंचाइजी की नई हारर फिल्म ‘‘राज रीबूट’’ में कुछ नयापन नही है. फिल्म डराने की बजाय हंसाती है. विक्रम भट्ट की हारर फिल्मों की ही तरह इस फिल्म में भी दरवाजों की आवाज, अपने आप दरवाजा खुलने, नारी का भूत के अधीन होना, खून का टपकना, किसी काले अतीत का उजागर होना वगैरह मौजूद है.

फिल्म की कहानी के अनुसार रेहान (गौरव अरोड़ा) और शायना (कृति खरबंदा) शादीशुदा हैं. शायना व रेहान कभी रोमानिया में रह चुके हैं. शानिया के ही कहने पर रेहान फिर से रोमानिया में बेहतर काम ढूढ़ता है और यह दंपति रोमानिया पहुंचता है. वहां पर नए मकान में रहना शुरू करते ही रेहान का शायना के प्रति व्यवहार बदल जाता है. अब रेहान उसके साथ हम बिस्तर भी नहीं होना चाहता. जबकि शायना चाहती है कि वह रोमानिया में रहते हुए मां बन जाए. शायना को रेहान के इस बदले हुए व्यवहार की वजह नहीं पता चलती. इस बीच उसे अहसास होता है कि उस मकान में उन दोनों के अलावा भी कोई और है. वह अपने पति को यह बात समझाने का असफल प्रयास करती है. धीरे धीरे वह खुद भूत के अधीन हो जाती है.

शायना अपने साथ हो रही घटनाओं का जिक्र अपनी सहेलियों से करती है, तो उसकी सहेलियां कहती हैं कि भूत होते हैं. तब अपने पति के सामने सबूत रखने के लिए शायना वीडियो कैमरा खरीदने जाती है. उसी दुकान पर उसकी मुलाकात आदित्य श्रीवास्तव (इमरान हाशमी) से होती है, जो कि शायना का पुराना प्रेमी है. शायना उसे गंदा इंसान समझती है. आदित्य उससे कहता है कि उसे पता है कि उसके साथ क्या क्या हो रहा है. वह बताता है कि शायना को अपने वाश बेसिन के शीशे में आंख दिखती है. बाथरूम में खून टपकता है…वगैरह वगैरह. आदित्य का दावा है कि इन सब से सिर्फ वही उसे बचा सकता है. पर शायना उसकी बात सुने बगैर घर चली जाती है. रात में वह कैमरा लगाकर सोती है. सुबह लैपटाप पर उसे नजर आता है कि एक भूत चल रहा है. वह अपने पति रेहान को बुलाकर देखने के लिए कहती है, पर रेहान को कुछ दिखायी नहीं देता.

तभी लैपटाप के सामने भूत आकर बैठ जाता है. वह कहता है कि तुम्हारा पति तुम्हारी बात पर यकीन नहीं करेगा. क्योंकि रेहान ने पिछली बार यहां से जाते समय एक इंसान की हत्या की थी. जिसकी हत्या हुई थी, उसकी आत्मा अब शायना के माध्यम से रेहान से बदला लेना चाहती है. आदित्य कहता है कि उसे यह सब बातें सपने में नजर आयी हैं. आदित्य श्रीवास्तव कहता है कि पहले तुम लोग जिस पुराने मकान में रहते थे, उस मकान में जो पुरानी दीवार है, उसके नीचे खोदकर देखो तो रेहान के खून से सने कपड़े मिल जाएंगे. शायना वहां जाकर खुदवाती है, तो दीवार के नीचे से एक प्लास्टिक बैग में टीशर्ट मिलती है, जिस पर ‘आर के’ लिखा होता है. रेहान आदतन अपने कपड़ों में कहीं न कहीं आर के जरूर लिखवाता है.

इधर रेहान अपने दोस्त की मदद से एक तांत्रिक के पास जाता है. तांत्रिक के कहने पर रेहान अपनी पत्नी शायना का हेअर ब्रश जाकर देता है. इससे वह बता देता है कि रेहान के घर में भूत का वास है. विस्तार से जानने के लिए तांत्रिक उसके घर आता है. रेहान बहाने से शायना को दो घंटे के लिए घर से बाहर भेज देता है. इधर तांत्रिक कागज पर लिखना शुरू करता है कि उसकी पत्नी अब कहां है? क्या कर रही है? उधर अचानक शायना को कुछ अजीब सा लगता है और वह वहां से भागती है. छिपकली की तरह उछलते कूदते वह घर के अंदर पहुंचकर तांत्रिक पर झपट्टा मारती है. तांत्रिक का ध्यान भंग होता है. बात वहीं खत्म.

परेशान शायना, आदित्य से मिलकर भूत से छुटकारा दिलाने की बात कहती है. आदित्य उसे एक टैरोकार्ड रीडर के पास ले जाता है. वह बताना शुरू करती है, पर जैसे ही शायना दो पत्ते खींचती है, टैरोकार्ड रीडर डरकर उनसे जाने के लिए कहती है. इस बीच रात हो जाती है. वापसी में एक होटल के सामने इनकी कार खराब हो जाती है. मजबूरन रात में होटल में अलग अलग कमरा लेकर रूक जाते हैं. आदित्य, शायना के कमरे में आता है. दोनों का पुराना प्यार जाग जाता है. पर जैसे ही आदित्य, शायना को किस करने जाता है, शायना के गले में पड़े मंगलसूत्र की वजह से पीछे हटता है. वह यह कहकर अपने कमरे में चला जाता है कि वह मंगलसूत्र पहनी औरत को किस नहीं करता. तब शायना मंगलसूत्र उतार कर आदित्य के कमरे में जाती हैं फिर दोनों रात भर मौज मस्ती करते हैं.

इधर रेहान कई तांत्रिको से मिलता है. एक तांत्रिक कहता है कि जब वह हत्या की बात स्वीकार करेगा तभी उसे रास्ता मिलेगा. तब रेहान अपना अतीत याद करता है. जब वह और शायना लिव इन रिलेशनशिप में रह रहे थे. रेहान की मां ने उसके पास मंगलसूत्र भेजा था कि यह बहू को पहना दे. मां कहती है कि मंगलसूत्र में बहुत बड़ी ताकत होती है. इस मंगलसूत्र में दोहरी ताकत है. क्योंकि इसे उन्होंने वैष्णोदेवी मंदिर में चढ़ाकर प्रसाद के रूप में लिया है. शादी से एक दिन पहले रेहान को संदेश मिलता है कि वह शायना से शादी ना करे. शायना पर किसी और का हक है. रेहान उस आदमी की तलाश करते हुए एक माडलिंग स्टूडियो में पहुंचता है. जहां आदित्य (इमरान हाशमी) मौजूद होता है. रेहान और आदित्य में बहस हो जाती है. रेहान को आदित्य अपने लैपटाप पर शायना के साथ अपनी गंदी तस्वीरें दिखाता है. जिसे देखकर रेहान गुस्से में लैपटाप उठाकर आदित्य को मारता है, आदित्य गिरता है, उसका माथा फट जाता है और उसकी मौत हो जाती है. अब रेहान यह सारी घटना तांत्रिक को बताता है. तब तांत्रिक कहता है कि घर के कमरे में शायना को रस्सी से बांधकर गजस्तोत्र का पाठ करना पड़ेगा.

गज स्तोत्र की हिंदू धर्म के अनुसार कहानी यह है कि जब समुद्र में एक मगरमच्छ ने हाथी का पैर पकड़ लिया था, तब हाथी ने विष्णु भगवान को याद करते हुए स्तोत्र पढा था, जिससे उस मगरमच्छ ने हाथी का पैर छोड़ दिया था. तांत्रिक के कहे अनुसार कमरे में शायना को बांध दिया जाता है. तांत्रिक गज स्तोत्र पढ़ना शुरू करता है. कई मुसीबतें आती हैं. भूत नहीं भागता. तभी अलमारी खुलती है. कपड़ों से मंगलसूत्र गिरता है. रेहान मंगलसूत्र को हाथ में लेकर शायना से चिपक जाता है. मंगलसूत्र कि ताकत रंग लाती है और भूत भाग जाता है.

विक्रम भट्ट अपनी हर हारर फिल्म में हिंदू धर्म के किसी न किसी कथा टोटके को अपनी फिल्म का हिस्सा जरूर बनाते रहे हैं. यदि हम रोमानिया के खूबसूरत लोकेशन को भूल जाएं, तो फिल्म में ऐसा कुछ नही है, जो देखने लायक हो. इसके लिए कैमरामैन मनोज सोनी बधाई के पात्र हैं. जिन्होंने रोमानिया की खूबसूरत लोकेशन को कैमरे में कैद किया है. फिल्म का संगीत ठीक ठाक है. घटिया पटकथा और बेमन निर्देशित यह फिल्म पूरी तरह से बोर करती है. फिल्म डराने में असफल रहती है. कथानक के स्तर पर भी विक्रम भट्ट मात खा गए. विक्रम भट्ट ने अपनी कुछ पुरानी फिल्म के अलावा कुछ अंग्रेजी फिल्मों के सीन चुराकर चूंचूं का मुरब्बा बना डाला. इंटरवल से पहले फिल्म की गति धीमी है, इंटरवल के बाद लंबे और हिले डुले सीन बेड़ा गर्क कर देते हैं. फिल्म में गालियों की भरमार है.

जहां तक अभिनय का सवाल है, तो गौरव कहीं से भी अभिनेता नहीं लगते. उन्होंने बहुत घटिया काम किया है. कृति खरबंदा भी अपनी छाप छोड़ने में असफल हैं. कमोबेश यही हाल इमरान हाशमी का भी है. उन्हे देखकर लगता है कि वह अभिनय भूल चुके हैं. शायद महेश भट्ट ने फिल्म ‘‘राज रीबूट’’ को पहले ही देख लिया था और समझ गए थे कि अब इसमें वह किसी भी तरह से दर्शकों को बांध नहीं पाएंगे. इसीलिए उन्होंने कहा हैं कि वह इसके बाद राज का अगला सिक्वअल नहीं बनाएंगे.

रोजाना 15 मिनट की सैर बढ़ा देगी लाइफ

सैर करने के ढेरों फायदे हैं. सैर करने से न केवल इम्यून सिस्टम दुरुस्त रहता है बल्क‍ि मांस-पेशि‍यां भी मजबूत होती हैं. पर क्या आप जानते हैं हर रोज या फिर सप्ताह में कितने मिनट की सैर करनी चाहिए?

एक अध्ययन के मुताबिक, एक शख्स को हर रोज 15 मिनट और सप्ताह में करीब 90 मिनट की सैर करनी चाहिए. हर रोज 15 मिनट के स्लो वॉक से असमय मौत होने की आशंका 14 फीसदी तक कम हो जाती है. अध्ययन में कहा गया है कि इस तरह की लाइफस्टाइल अपनाने वालों की उम्र करीब 3 साल तक बढ़ जाती है.

हार्ट केयर फाउंडेशन ऑफ इंडिया के अध्यक्ष के.के. अग्रवाल ने लांसेट में प्रकाशित एक अध्ययन का हवाला देते हुए बताया कि कम से कम 15 मिनट के बाद की जाने वाली हर अतिरिक्त 15 मिनट की सैर मौत की संभावना को 4 प्रतिशत और कम कर देती है. रेग्युलर सैर करने से हर तरह के कैंसर का खतरा भी लगभग 1 प्रतिशत तक कम हो जाता है.

उनके अनुसार, व्यायाम के यह सभी फायदे हर उम्र, वर्ग, लिंग और दिल के रोगियों में भी देखे गए हैं.

तो एक साथ आ गए शाहरुख और सलमान

इस साल शाहरुख खान की फिल्म ‘फैन’ रिलीज हुई है. वहीं सलमान खान की भी सिर्फ एक फिल्म ‘सुल्तान’ आई. दोनों ही फिल्में यशराज बैनर तले बनी है. लिहाजा, दोनों ही फिल्मों को एक साथ ‘बुसान इंटरनेश्नल फिल्म फेस्टिवल’ में स्क्रीन किया जाएगा.

6 से 15 अक्टूबर तक चलने वाले इस फिल्म फेस्टिवल में अली अब्बास जफर निर्देशित फिल्म ‘सुल्तान’ ओपन सिनेमा सेक्शन में प्रदर्शित की जाएगी. वहीं मनीष शर्मा निर्देशित ‘फैन’ एशियन सिनेमा सेक्शन में दिखाई जाएगी. कोई शक नहीं कि खान्स फैन इस खबर से बेहद खुश होंगे. आखिर साल खत्म होते होते शाहरूख- सलमान एक साथ आ ही गए.

बहरहाल, फिल्म फेस्टिवल की बात छोड़ दें तो सलमान, शाहरुख की कई फिल्में लाइन में हैं. दोनों खान एक के बाद एक धमाकेदार फिल्मों के साथ फैंस के सामने आने वाले हैं.

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