मजदूर चाहिए पर नखरे नहीं

दुनिया के अमीर देश अब जनसंख्या के मामले में चौराहे  पर खड़े हैं. एक तरफ औरतें बच्चे पैदा करने में हिचकिचा रही हैं, दूसरी ओर तकनीक और इंडस्ट्रीयलाइजेशन के कारण लोगों की कमी अखरने लगी है. हर देश में अब अमीरी के साथ गरीब देशों के वर्कर बस रहे हैं. भारत, मैक्सिको, फिलीपींस, बंगलादेश, नेपाल, पश्चिमी एशिया, अफ्रीका से लाखों लोग अपना जीवन सुधारने से ज्यादा अमीर देशों के अमीरों का जीवन सुधारने के लिए लाइनों में खड़े हैं.

अमीर देशों में हर सेवा में कालेपीले लोग दिख जाएंगे जो अपने देश से एक मेहनती बदन ही नहीं लाए हैं, अपने देश की संकीर्ण और निकम्मी संस्कृति भी सूटकेस में बांध कर लाए हैं. ये लोग अमीरों की सेवा विदेशी पैसे के लालच में कर रहे हैं पर जल्द ही इन्हें जन्म से मिली आदतें जोर मारने लगती हैं.

इन आदतों के कारण

अमीर देशों के अमीरों को, ये अमेरिकायूरोप के गोरे हो सकते हैं, पश्चिमी एशिया के अरब हो सकते हैं, दक्षिणपूर्व एशिया के ब्राउन भी हो सकते हैं, जो सेवा देने वाले सस्ते मजदूरों का काम चाहते हैं, इन से अपनी जीवनशैली बचाने का डर लग रहा है.

हर देश में राजनीति में ऐसे लोग घुस रहे हैं जो इस इंपोर्टेड लेबर को रोकना चाहते हैं. अमेरिका में डोनाल्ड ट्रंप इसी को ले कर पहले जीता था और 2024 के राष्ट्रपति चुनाव में जो बाइडेन को हरा दे तो बड़ी बात नहीं होगी. यह सिरफिरा नेता बड़ी बात यही कहता है कि वह दक्षिण अमेरिका से चोरीछिपे आ रहे मजदूरों को नहीं आने देगा. उस की और बातों का जनता समर्थन करे या न करे, इस का जरूर करे. यह वैसा ही है जैसा नरेंद्र मोदी मुसलिमों के बारे में कहते और करते हैं.

अमीर देशों में राइटिस्ट

पार्टियां सिर उठा रही हैं और उनके जवाब में लैफ्ट पार्टियां भी मुखर हो रही हैं. बीच का रास्ता अपनाने वाली पार्टियों की कमी होती जा रही है. दुनिया के मुद्दों में अब लेबर एक बड़ा छिपा मुद्दा बन गया है जिस का उत्तर किसी के पास नहीं है.

इसराईल ने फिलिस्तिनियों के खिलाफ मोरचा खोल रखा है और हजारों को हमास के हमले के जवाब में मार डाला है पर फिलिस्तिनी मजदूरों की कमी उसे सताने लगी है. चीन को भी अब मजदूर चाहिए. जापान और कोरिया को भी चाहिए. ठंडेगरम सभी अमीर देश गरीब देशों से ले कर इंपोर्ट कर रहे हैं पर फिर भुनभुना रहे हैं.

यह वैसा ही है जैसा हमारे यहां हर घर में होता है कि बाई चाहिए पर उस के नखरे नहीं. अब अगर आप बाई अपनी जरूरतों की खातिर आएगी तो वह अपने साथ अपना तौरतरीका, कल्चर, रंगरूप साथ लाएगी. उसे सहना पड़ेगा. जैसे हमारे यहां कोई राज्य भूमिपुत्रों के लिए ही नौकरियां रिजर्व कर के पनप नहीं सकता वैसे ही कोई अमीर देश बिना इंपोर्टेड लेबर के नहीं पनप सकता पर उस की राजनीति अलग चीज है, धर्मगुरु  और छोटी आंख वाले नेता इस का पूरा लाभ उठा रहे हैं.

मेरे परिवार में कैंसर का इतिहास रहा है, क्या मैं डायग्नोसिस करवा सकती हूं

सवाल

मेरे परिवार में कैंसर का पारिवारिक इतिहास है. मैं जानना चाहती हूं कि कैंसर के मामलों में समय पर डायग्नोसिस और उपचार की क्या भूमिका है?

जवाब

कैंसर केवल एक बीमारी नहीं है बल्कि कई स्वास्थ्य समस्याओं की चेतावनी भी है. कैंसर की शुरुआत शरीर के एक भाग या अंग से होती है लेकिन अगर समय रहते उपचार नहीं कराया जाए तो यह शरीर के अन्य भागों और अंगों में भी फैल जाता है. इस के परिणामस्वरूप एक गंभीर स्थिति उत्पन्न हो जाती है जिस का उपचार मुश्किल हो जाता है. विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार कैंसर के कुल मामलों और उस से होने वाली मौतों का अनुपात विश्व में भारत में सब से अधिक है क्योंकि हमारे देश में कैंसर के अधिकतर मामले एडवांस स्टेज में डायग्नोज होते हैं जिस से मरीजों के जीवित रहने की संभावना कम हो जाती है. अमेरिका के नैशनल कैंसर इंस्टिट्यूट के अनुसार, कैंसर का समय पर डायग्नोज हो जाए तो स्टेज-1 में ठीक होने की संभावना 95त्न तक होती है, जबकि स्टेज-4 आतेआते कैंसर इतना गंभीर हो जाता है कि ठीक होने की संभावना 5त्न से भी कम रह जाती है.

ये भी पढ़ें…

मुझे ब्रैस्ट कैंसर है. डाक्टर ने सर्जरी के द्वारा ब्रैस्ट का एक भाग निकालने का कहा है लेकिन मुझे किसी ने सलाह दी है कि पूरी ब्रैस्ट निकालना जरूरी है नहीं तो यह दोबारा हो सकता है?

जवाब

सर्जरी के द्वारा ब्रैस्ट के उसी भाग को निकाला जाता है जिस में कैंसर होता है. डाक्टर हमेशा ब्रैस्ट को सुरक्षित रखना चाहते हैं क्योंकि यह मरीज के आत्मविश्वास और सामान्य जीवन जीने के लिए बहुत जरूरी है. स्वस्थ ब्रैस्ट को बचाने से दोबारा कैंसर होने का रिस्क नहीं बढ़ता है. आप अपने डाक्टर पर विश्वास बनाए रखें और उन के निर्देशों का पालन करें.

समस्याओं के समाधान ऐल्प्स ब्यूटी क्लीनिक की फाउंडर, डाइरैक्टर डा. भारती तनेजा द्वारा      

पाठक अपनी समस्याएं इस पते पर भेजें : गृहशोभा, ई-8, रानी झांसी मार्ग, नई दिल्ली-110055.

स्रूस्, व्हाट्सऐप मैसेज या व्हाट्सऐप औडियो से अपनी समस्या 9650966493 पर भेजें.     

पड़ोसिन: क्या थी सीमा की कहानी

रविवार को सुबह ही घर की घंटी ने हम सब को जगा दिया. मैं दरवाजा खोलने के लिए उठने लगी तो पति ने कहा, ‘‘रुको, मैं देखता हूं. हो सकता है अखबार वाला हिसाब लेने आया हो. उस की खबर लेता हूं. महीने में 5-6 दिन पेपर नहीं डाला उस ने. ’’

पति अखबार वाले को कोसते हुए दरवाजा खोलने चले गए. मैं ने फिर चादर से मुंह ढक लिया.

‘‘सुधासुधा, जरा बाहर आना,’’ पति की आवाज सुन कर मैं चादर को एक ओर फेंक कर जल्दी से बाहर आ गई. दरवाजे पर सीमा को खड़ी देख मुझे अजीब लगा.

‘‘भाभीजी, आप अब तक सो रही हैं? चलो जाने दो. यह देखो मैं आप सब के लिए इडलीसांभर बना कर लाई हूं,’’ कह कर सीमा ने 2 बड़े बरतन मेरी ओर बढ़ा दिए. न चाहते हुए भी मुझे बरतन पकड़ने पड़े.

‘‘अच्छा भाभीजी मैं चलती हूं,’’ कह कर सीमा चली गई.

‘‘क्या बात है सुधा… नई पड़ोसिन से अच्छी बन रही है तुम्हारी …थोड़े दिन पहले कोफ्ते और आज इडलीसांभर …बढि़या है,’’ पति ने अखबार के पन्ने पलटते हुए कहा, पर मैं मन ही मन कुढ़ रही थी.

सीमा को हमारे पड़ोस में आए अभी 1 महीना ही हुआ है, पर वह हर किसी से कुछ ज्यादा ही खुलने की कोशिश करती है खासकर मुझ से, क्योंकि हम आमनेसामने के पड़ोसी थे. इसीलिए वह बिना बताए बिना बुलाए किसी भी वक्त मेरे घर आ धमकती, कभी कुछ देने तो कभी कुछ लेने. हम पिछले 5 सालों से यहां रह रहे हैं. इस कालोनी में सब अपने में मस्त रहते हैं. किसी को किसी से कोई लेनादेना नहीं. बस कभीकभार महिलाओं की किट्टी पार्टी में या फिर कालोनी के पार्क में शाम को मिल जाते हैं. इतने सालों में मैं शायद ही कभी किसी के घर गई हूं. इसीलिए सीमा की यह आदत आजकल चर्चा का विषय बनी हुई थी.

रविवार को सारा दिन आराम करने में निकल गया. शाम को बच्चों ने पार्क चलने को कहा तो पति भी तैयार हो गए. बच्चे और मेरे पति फुटबौल खेलने में व्यस्त हो गए, तो मैं कालोनी की महिलाओं के साथ बातों में लग गई.

‘‘और सुधाजी, आप की पड़ोसिन के क्या हालचाल हैं… यार, सच में कमाल की औरत है. आज सुबहसुबह आ कर इडलीसांभर दे गई… सारी नींद खराब कर दी हम सब की,’’ कह हमारे घर से 4 मकान छोड़ कर रहने वाली एकता ने बुरा सा मुंह बनाया.

‘‘अरे अच्छा ही हुआ जो इडली दे गई. मेरी नाश्ता बनाने की छुट्टी हो गई,’’ पड़ोसिन सविता हंसते हुए बोली.

‘‘अरे बरतन देखे थे …आज स्टील के बरतन कौन इस्तेमाल करता है? हमारी तो सारी क्रौकरी विदेशी है… बच्चे तो स्टील के बरतन देखते ही चिढ़ गए,’’ एकता बोली.

आजकल कालोनी में जब भी महिलाओं का ग्रुप कहीं एकसाथ नजर आए तो समझ लीजिए सीमा ही चर्चा का विषय होगी. कमाल है यह सीमा भी.

तभी सामने से सीमा आती दिखी तो एकता दबी जबान में बोली, ‘‘देखो तो जरा इसे… इस का दुपट्टा कहीं से भी सूट से मेल नहीं खा रहा… कैसी गंवार लग रही है यह.’’

‘‘क्या हाल हैं भाभीजी… आप सब को इडली कैसी लगी?’’ सीमा ने बहुत उत्साह से पूछा.

‘‘अरे, कमाल का जादू है तुम्हारे हाथों में सीमा… बहुत अच्छा खाना बना लेती हो तुम…’’ सब ने एक ही सुर में सीमा की तारीफ की. फिर थोड़ी देर बाद उस के जाने पर सभी उस का मजाक उड़ाते हुए हंसने लगीं.

कुछ दिन बाद कालोनी के शादी के हौल में एकता ने अपने बेटे का जन्मदिन मनाया. हर कोई बनठन कर पहुंचा. सीमा इतनी चटक रंग की साड़ी और इतने भारी गहने पहन कर आई गोया किसी शादी में आई हो. फिर एक बार वह सब के बीच मजाक का पात्र बन गई. आए दिन कालोनी में उस का या उस के पति का यों ही मजाक उड़ता. पूरी कालोनी की कारें साफ करने के लिए हम सब ने मिल कर 2 लोगों को रखा हुआ था. पर सीमा का पति दिन में 2-3 बार खुद अपनी कार साफ करता था. आए दिन कालोनी में सीमा का मजाक उड़ता और मैं भी उस में शामिल होती. हालांकि सीमा की काफी बातें मुझे अच्छी लगतीं पर कहीं सब इस की तरह मेरा भी मजाक न उड़ाएं, इसलिए मैं उस से दूरी बनाए रखती.

कुछ दिन बाद मेरी बूआसास को दिल का दौरा पड़ा. उन्हें अस्पताल में दाखिल कराया गया. देवर का फोन आते ही मैं और मेरे पति अस्पताल भागे. वहां हमें काफी समय लग गया. मैं ने घड़ी देखी तो खयाल आया कि बच्चे स्कूल से आते ही होंगे. जल्दबाजी में मैं चाबी चौकीदार को देना भूल गई. मुझे उसे समझ में नहीं आ रहा था कि क्या करूं. मैं ने एकता को फोन किया तो वह बोली कि यार सौरी मुझे शौपिंग के लिए जाना है. अभी घर पर ताला ही लगा रही थी और उस ने फोन काट दिया. एकता के अलावा मेरे पास और किसी का फोन नंबर नहीं था. मुझे खुद पर गुस्सा आ रहा था कि इतने सालों में मैं ने किसी का फोन नंबर लेने की भी कोशिश नहीं की. मुझे कुछ समझ नहीं आ रहा था कि क्या करूं. फिर मैं ने इन से कार की चाबी ली और घर चल दी. रास्ते में जाम ने दुखी कर दिया. घर पहुंचतेपहुंचते काफी देर हो गई.

सोच रही थी कि बच्चे 1 घंटे से दरवाजे पर खड़े होंगे. खुद पर बहुत गुस्सा आ रहा था. कार पार्क कर के घर पहुंची तो दरवाजे पर बच्चे नहीं थे. मैं घबरा उठी कि बच्चे कहां जा सकते हैं. पति को फोन मिलाने लगी तो देखा कि किसी अनजान नंबर से 4 मिस कालें आई थीं और 1 मैसेज भी था कि मम्मी आप, फोन क्यों नहीं उठा रहीं… हम सीमा आंटी के घर में हैं. मैसेज पढ़ कर मेरी जान में जान आई. मैं सीमा के घर पहुंची तो बच्चे खाना खा कर टीवी देख रहे थे.

‘‘अरे भाभी, आप कहां चली गई थीं? बच्चे स्कूल से आ कर घंटी बजा रहे थे, तो मैं यहां ले आई. भाभी, आप मुझे बोल जातीं तो जल्दी घर नहीं आना पड़ता… अच्छा जाने दो… 1 मिनट रुको,’’ कह सीमा अंदर जा कर एक डब्बा ले आई. बोली, ‘‘भाभी, आप थक गई हैं… इस में सब्जीरोटी है. आप खा कर आराम कर लेना.’’

मैं उसे थैंक्यू कह कर बच्चों को ले कर घर आ गई. बच्चे कपड़े बदल कर पढ़ने बैठ गए. मैं मेज पर रखे डब्बे को देख रही थी. स्टील का डब्बा बिलकुल वैसा जैसा हम स्कूल ले कर जाते थे… मुझे याद है कि जब मां घर नहीं होती थीं, तो हम अपने पड़ोसी के घर खाना खा लेते थे और अगर मां को देर से आना होता था तो वहीं सो भी जाते थे. कभी घर मेरी पसंद की सब्जी नहीं बनी होती थी, तो साथ वाली लीला चाची के घर जा कर खाना खा आती थी. कभी मां या पिताजी की तबीयत ठीक नहीं होती थी तो लीला चाची, कमला मौसी हमारा घर संभाल लेती थीं. मां अकसर कहती थीं कि सुधि हारीबीमारी में रिश्तेदारों से पहले पड़ोसी काम आते हैं. पर अब देखो कालोनी में अगर कोई मर भी जाए तो उस का पता भी कालोनी के नोटिस बोर्ड से चलता है. मैं ने एक ठंडी सांस ली और डब्बा खोल कर खाना खा लिया.

अगले दिन बच्चों के स्कूल जाने से पहले मैं उन को सीमा के घर ले गई और बोली, ‘‘देखो बच्चों स्कूल से सीधा सीमा मौसी के घर आना …और सीमा बच्चो का खयाल रखना. मुझे आज अस्पताल में देर हो जाएगी.’’ मेरी बात सुन कर सीमा के चेहरे पर खुशी के भाव आ गए, तो मेरे पर संतोष के.

Propose Day Wishes In Hindi: पार्टनर को भेजें ये रोमांटिक शायरी और करें प्यार का इजहार

Propose Day Wishes In Hindi: वैंलेंटाइन वीक शुरू हो चुका है, आज यानी 8 फरवरी को प्रपोज डे मनाया जा रहा है. इस दिन लोग जिनसे प्यार करते हैं, उनसे अपना हाल-ए-दिल बयां करते हैं. हर प्यार करने वाले को इस दिन का बेसब्री से इंतजार रहता है. वैलेंटाइन वीक के दूसरे दिन आप भी अपने पार्टनर, बॉयफ्रेंड या क्रश को प्रपोज करना चाहते हैं, तो यह आर्टिकल आपके लिए है. प्रपोज डे के इस खास मौके पर हम आपके लिए कुछ शायरी लेकर आए हैं, जिनके जरिए आप अपने क्रश से दिल की बात कह सकते हैं.

तेरे हंसते दिल में कभी गम न हो
तेरी मुस्कुराती आंखे कभी नम न हो
दुआ करते हैं ऐसा कोई दिन न हो, जब मेरे साथ तुम न हो!
Happy Purpose Day 2024

इस बहार में महकती शाम हो
तुम प्यार में झलकता जाम हो
तुम अपने सीने में छुपाए फिरते हैं
हम तुम्हारी यादें मेरी ज़िन्दगी का दूसरा नाम हो तुम
Happy Propose Day 2024

ना हम तुम्हें खोना चाहते हैं
ना तुम्हारी याद में रोना चाहते हैं
Happy Propose Day 2024

हर घड़ी तेरा दीदार किया करते हैं
हर ख्वाब में तुझसे इज़हार किया करते हैं
दीवाने हैं तेरे हम यह इक़रार करते हैं
जो हर वक़्त तुझसे मिलने की दुआ किया करते हैं!
Happy Propose Day 2024

प्यार करना सीखा है, नफरतों की कोई जगह नहीं,
बस तू ही तू है इस दिल में, दूसरा कोई और नहीं!
Happy Propose Day 2024

मेरी बस एक तमन्ना थी जो हसरत बन गयी,
कभी तुमसे दोस्ती थी, अब मोहब्बत बन गयी!
Happy Propose Day 2024

प्यार करना सीखा है, नफरतों की कोई जगह नहीं,
बस तू ही तू है इस दिल में, दूसरा कोई और नहीं!
Happy Propose Day 2024

आज इजहार-ए-दिल का मौका हैं
तू कुबूल करे इसे यही मेरा तौहफा हैं
यूं तो महबूबा के लिए चांद तारे तोड़ लाऊ
पर ये कुदरती तोहफा भी तेरे आगे फीका है.
Happy Propose Day 2024

आंखों की गहराई को समझ नहीं सकते,
होठों से हम कुछ कह नहीं सकते।
कैसे बयां करें हम आपको ये हाल-ए-दिल,
तुम्हीं हो जिसके बिना हम रह नहीं सकते.
Happy Propose Day 2024

मेरी सारी हसरतें मचल गईं,
जब तुमने सोचा एक पल के लिए।
अंजाम-ए- दीवानगी क्या होगी,
जब तुम मिलोगी मुझे उम्र भर के लिए

Happy Propose Day 2024

Valentine’s Day 2024: प्यार के इन खास दिनों में दिखें खिली-खिली

वैलेंटाइन डे पर आप सुंदर, आकर्षक या रोमांटिक दिखने की चाहत रखती हैं तो हमारी आज की ये खबर आपके लिए ही है. आपको अगर इस दिन अपनी स्किन में चमक-दमक लाना है तो इसकी तैयारी आपको अभी से करनी पड़ेगी. चलिए बताते हैं वो टिप्स जिसे अपनाकर आप इस दिन खूबसूरत व आकर्षक दिख सकती हैं-

1. कौटन वूल पैड का करें इस्तेमाल

इस खास दिन के लिए कौटन वूल पैड का उपयोग करते हुए स्किन को प्रतिदिन ठंडे गुलाब जल की रंगत प्रदान करें. कौटन वूल पैड को इस्तेमाल करने से पहले फ्रिज में 15 मिनट के लिए गुलाब जल में कौटन वूल पैड को डुबोकर रखें. पहले इससे स्किन को धोएं फिर उसे धीरे-धीरे सहलाएं. इसे गालों पर ऊपरी तथा निचली ओर हल्के-हल्के सहलाते हुए लगाएं. दिन में दो बार ऐसा करें आपकी स्किन खिल उठेगी.

2. फेशियल स्क्रब करना ना भूलें

सप्ताह में एक बार अवश्य ही फेशियल स्क्रब का उपयोग करें. इससे स्किन से मृत कोशिकाएं हट जाती हैं, जिससे स्किन दमक उठती है. अखरोट के पाउडर तथा एक चम्मच शहद तथा एक चम्मच दही को मिलाकर फेशियल स्क्रब बना लें. इस मिश्रण को कुछ समय तक चेहरे पर लगाएं और हल्के से मसाज करें. कुछ देर बाद में स्वच्छ पानी से धो डालें.

3. फेस पैक का करें इस्तेमाल

सूखे तथा पिसे हुए करी पत्ता को फेस पैक में शामिल कर सकते हैं. इससे चेहरे की चमक बढ़ जाती है. करी पत्ता को दो चम्मच जई या चोकर, दो चम्मच गुलाब जल व एक चम्मच दही में मिलाकर इसका पेस्ट बना लें. इस पेस्ट को आंखों तथा होठों को छोड़कर बाकी चेहरे पर लगा लें तथा आधा घंटा बाद चेहरे को धो डालें.

4. औयली स्किन के लिए अपनाएं ये टिप्स

तैलीय स्किन के लिए मुलतानी मिट्टी को गुलाब जल में मिलाकर पेस्ट बना लें. इसे होठों चेहरे पर लगा लें तथा जब यह सूख जाए तो पानी से धो डालें. सामान्य स्किन के लिए मुलतानी मिट्टी में शहद और दही मिलाकर पेस्ट बना लें. इस पेस्ट को चेहरे पर 30 मिनट तक लगाने के बाद ताजे पानी से धो डालें.

5. फ्रूट पैक का करें इस्तेमाल

चेहरे की आभा बढ़ाने के लिए फ्रूट पैक काफी सहायक होते है. सेब को पीसकर इसे पके पपीते की लुगदी तथा मसले हुए केले में मिलाकर मिश्रण बना लें तथा इस मिश्रण में दही या नीबू का रस भी मिलाया जा सकता है. इस मिश्रण को चेहरे पर आधे घंटे तक लगा रहने दीजिए तथा बाद में चेहरे को साफ पानी से धो डालिए. इससे चेहरे की लालिमा बढ़ती है.

Baby को ब्रेस्टफीडिंग कराते समय बरतें ये सावधानियां

ब्रैस्ट फीड कराने वाली मांओं के लिए ब्रैस्ट की साफसफाई पर बहुत ध्यान देने की आवश्यकता होती है. साफसफाई से संबंधित ये टिप्स हर मां के लिए जानने जरूरी हैं:

– बच्चे को फीड कराने से पहले हाथ जरूर धोने चाहिए, क्योंकि आप दिनभर में हाथों से कई काम करती हैं. ऐसे में उंगलियों व हथेलियों के गंदे व संक्रमित होने की संभावना अधिक रहती है. वैसे भी संक्रमित करने वाले जीवाणु व विषाणु इतने छोटे होते हैं कि दिखाई नहीं देते हैं और नवजात को दूध पिलाने के दौरान स्थानांतरित हो जाते हैं. इस से शिशु कई बीमारियों से ग्रस्त हो जाता है. इसलिए शिशु में बीमारियों को फैलने से रोकने के लिए मां का अपने हाथों को उचित तरीके से धोना बेहद आवश्यक है.

– स्तनों व निपलों को साफ रखना भी जरूरी है, क्योंकि कपड़ों की वजह से निपलों पर पसीना जमने से वहां कीटाणु पनपते हैं, जो ब्रैस्ट फीडिंग के दौरान शिशु के पेट में पहुंच जाते हैं और फिर उसे नुकसान पहुंचाते हैं. इसलिए ध्यान रहे कि शिशु को ब्रेस्टफीडिंग कराने से पहले अपने स्तनों व निपलों को कुनकुने पानी में रुई या साफ कपड़ा भिगो कर उस से अच्छी तरह पोंछें. निपल की सूजन को कम करने के लिए आप दूध की 4-5 बूंदें निपल पर लगा कर सूखने दें. कई बार नवजात दूध पीते वक्त दांतों से काट लेता है, जिस से जख्म बन जाता है और फिर दर्द होता है. इस दर्द को कम करने में भी मां का अपना दूध काफी मददगार साबित होता है.

– शिशु के जन्म के बाद से ही मां के स्तनों के आकार में परिवर्तन आ जाता है. ऐसी स्थिति में टाइट ब्रा पहनने से बचना चाहिए, क्योंकि टाइट ब्रा पहनने के बहुत नुकसान होते हैं. एक तो शिशु को दूध पिलाने में दिक्कत होती है दूसरा स्तनों में दूध का जमाव बढ़ जाता है, जोकि बाद में गांठ का रूप ले लेता है.

– कई मांएं ब्रैस्ट फीड कराते समय निपल शील्ड का उपयोग करती हैं, जो दूध पिलाते वक्त उन के सामने आने वाली समस्याओं का अल्पकालीन समाधान है. इन निपल शील्ड को उपयोग करते समय इन की साफसफाई पर भी ध्यान देना जरूरी है और इन्हें लगा कर दूध पिलाने से पहले इन्हें हर बार स्टेरलाइज कर लेना चाहिए ताकि शील्ड पर मौजूद कीटाणु हट जाएं और नवजात के पेट में न जा पाएं.

– ब्रैस्ट फीडिंग कराने वाली मांएं रैग्युलर ब्रा की जगह नर्सिंग ब्रा पहनती हैं, जिस से शिशु को फीड कराना आसान रहता है, क्योंकि यह साधारण ब्रा के मुकाबले काफी आरामदायक व फ्लैक्सिबल होती है. कौटन से बनी इस ब्रा में जहां हवा पास होती रहती है वहीं इस में लगा इलास्टिक त्वचा को काफी सौफ्ट टच देता है. अगर आप अभी मां बनी हैं और बच्चे को ब्रैस्ट फीड कराती हैं, तो बौडी केयर की नर्सिंग ब्रा एक अच्छा विकल्प है. इस तरह की ब्रा में कप में निपल वाली जगह खोलने की सुविधा होती है और पीछे हुक भी अधिक लगे होते हैं, जिन्हें आप अपने हिसाब से लूज व टाइट कर सकती हैं. इस ब्रा की बनावट स्तनों  को पूरा सहारा देती है. लेकिन कई बार दूध पिलाते वक्त ब्रा पर दूध गिर जाने से वहां बैक्टीरिया पनप जाते हैं और वह गंदी भी हो जाती है. इसलिए नर्सिंग ब्रा को हर दिन बदलें.

– ब्रेस्टफीडिंग के लिए आप जिन उपकरणों जैसेकि ब्रैस्ट पंप का उपयोग कर रही हैं, तो उस की साफसफाई भी जरूरी है. ब्रैस्ट पंप धोने के लिए रसोईर् या शिशु की बोतल धोने वाले ब्रश का प्रयोग भूल कर भी न करें. इसे साफ करने के लिए अलग साधन का प्रयोग करें.

Valentine’s Day 2024: इस तरह से बनाएं Dry वैजिटेबल मंचूरियन

सर्दियों में अगर कुछ टेस्टी और हेल्दी बनाना चाहते हैं तो आपके लिए ये रेसिपी काम की है. वैज मंचूरियन आसानी से बनने वाली रेसिपी है, जिसे आप कभी भी बनाकर अपने हस्बैंड और फैमिली को खिला सकते हैं. आइए आपको बताते हैं वैज मंचूरियन की टेस्टी रेसिपी…

ड्राई वैजिटेबल मंचूरियन

सामग्री

– 1 कप कद्दूकस की पत्तागोभी

– 1 गाजर कद्दूकस की

– 1/4 कप हरा प्याज कटा

– 1/4 कप शिमलामिर्च बारीक कटी

– 1/4 कप फ्रैंचबींस बारीक कटी

– 1 हरीमिर्च बारीक कटी

– 1 छोटा चम्मच अदरक कद्दूकस किया

– 3 बड़े चम्मच कौर्नफ्लोर

– 2 बड़े चम्मच मैदा

– 1 बड़ा चम्मच सोया सौस

– 2 छोटे चम्मच रैड चिली सौस

– 1/4 छोटा चम्मच कालीमिर्च पाउडर

– 2 बड़े चम्मच टोमैटो सौस

– 2 छोटे चम्मच अदरक व लहसुन पेस्ट

– 2 छोटे चम्मच सिरका

– 1 बड़ा चम्मच प्याज बारीक कटा

– थोड़ा सा हरा प्याज बारीक कटा

– वैजिटेबल बौल्स फ्राई करने के लिए रिफाइंड औयल

– नमक स्वादानुसार.

विधि

पत्तागोभी में सभी सब्जियां हरीमिर्च, अदरक, 2 बड़े चम्मच कौर्नफ्लोर, 2 बड़े चम्मच मैदा व थोड़ा सा नमक मिलाएं. इस में 1 छोटा चम्मच सोया सौस, कालीमिर्च चूर्ण मिला कर छोटीछोटी बौल्स बना कर डीप फ्राई कर लें. पुन: एक नौनस्टिक कड़ाही में 1 बड़ा चम्मच तेल गरम कर के प्याज, अदरक, लहसुन पेस्ट सौते करें. टोमैटो सौस, चिली सौस, सोया सौस व सिरका डालें.

1 कप पानी में बचा मैदा व कौर्नफ्लोर घोल कर मिश्रण में डालें. उबाल आने पर वैजिटेबल बौल्स डालें और मिश्रण के सूखने तक धीमी आंच पर पकाएं. हरे प्याज से सजा कर सर्व करें.

Chocolate Day 2024: जानें, कितने प्रकार की होती हैं चॉकलेट, जो स्वाद को बढ़ाती है दोगुना

Chocolate Day 2024: किसी भी खुशी को सेलिब्रेट करना हो या रूठे को मनाना हो चॉकलेट से बेहतर कोई दूसरा विकल्प नहीं होता. कुछ समय पहले तक चॉकलेट को केवल बच्चों का खाद्य पदार्थ माना जाता था परन्तु अब बाजार में विविधतापूर्ण चॉकलेट बाजार में उपलब्ध हैं जो बच्चे बड़े सभी को खूब भाती हैं. आजकल अनेकों मिठाइयों, केक्स, ब्राउनीज़, समोसे, शकरपारे, आइसक्रीम आदि में चॉकलेट का भरपूर प्रयोग किया जा रहा है. और इस प्रकार वर्तमान समय में चॉकलेट न केवल बच्चों बल्कि बड़ों की भी प्रिय मिठाई बन चुकी है.

चॉकलेट का हम विविध रूपो में प्रयोग करते हैं और बड़े स्वाद से खाते भी हैं परन्तु बहुत कम लोग इसके प्रकारों के बारे में जानते हैं. तो आइए जानते हैं इसके विविध प्रकार ताकि खरीदते समय आप इसके स्वरूप और उपयोग के अनुसार खरीद सकें.

डार्क चॉकलेट

एकदम गहरे कोकोकोला रंग वाली ये चॉकलेट थोड़ी कम मीठी और हल्के कड़वे स्वाद वाली होती है. किसी भी डिश में स्ट्रांग फ्लेवर और टेक्सचर देने के लिए इसका प्रयोग किया जाता है.

मिल्क चॉकलेट

ये सबसे लोकप्रिय और फ़ेवरिट फ्लेवर में से एक है. हल्के ब्राउन कलर, क्रीमी टेक्सचर, और अच्छी मिठास वाली इस चॉकलेट को मुख्यतया खाने के लिए ही प्रयोग किया जाता है. इसमें 10 से 40 प्रतिशत कोकोआ होता है जो चीनी और दूध से बनाया जाता है.

व्हाइट चॉकलेट

व्हाइट चॉकलेट में किसी भी प्रकार का लिकर या अन्य कोकोआ उत्पाद शामिल नहीं होता. वास्तव में इसका स्वाद चॉकलेट जैसा न होकर वनीला मिल्क जैसा होता है. ये मुख्यतया चीनी, कोकोआ बटर, दूध, वनीला और लेसिथिन से बनी होती है.

बिटर स्वीट चॉकलेट

इसमें 50 प्रतिशत कोकोआ होता है. कोकोआ की मात्रा अधिक होने के कारण अन्य चॉकलेट्स की अपेक्षा ये स्वाद में थोड़ी कड़वी और थोड़ी मीठी होती है इसीलिए इसे बिटर चॉकलेट कहा जाता है.

कोकोआ पाउडर

बहुत तेज तापमान पर जब चॉकलेट को पिघलाया जाता है तो उसका तरल पदार्थ अलग हो जाता है और शेष बचे ठोस पदार्थ को भली भांति सुखाकर कोकोआ पाउडर तैयार किया जाता है. यह दो प्रकार का होता है- नेचुरल कोकोआ जिसका रंग हल्का ब्राउन होता है तथा डच कोकोआ जो डार्क रंग और हल्के फ्लेवर वाला होता है.

बेकिंग चॉकलेट

इसका कोई स्वाद नहीं होता. इसे बेकिंग करने में ही प्रयोग किया जाता है. इसे खाया नहीं जा सकता परन्तु मैदा, दूध, सूजी, शकर आदि के साथ मिलकर ये आपकी डिश के स्वाद को दोगुना अवश्य कर देती है.
स्वादिष्ट होने के अलावा चॉकलेट स्वास्थ्य के लिए भी बहुत लाभकारी होती है. तो आइए इसके सेहतमंद लाभों पर भी एक नजर डाल लेते हैं-

तनाव कम करने में मददगार

ऑस्ट्रलियाई शोधार्थियों के अनुसार डार्क चॉकलेट खाने से ब्लड प्रेशर सन्तुलन में रहता है. कोको में मौजूद आंटीओक्सीडेंट तनाव से उत्पन्न बीमारियों चिंता, बी. पी. शुगर आदि में लाभकारी होते हैं.

दिल के लिए फायदेमंद

यूरोपीय सोसाइटी ऑफ कॉर्डियोलॉजी विभाग द्वारा किये गए शोध के अनुसार चॉकलेट के नियमित सेवन से दिल को काफी हद तक स्वस्थ रखा जा सकता है.

मूड बेहतर करने में कारगर

ऑस्ट्रलियाई शोधकर्ताओं के 2015 के शोध के अनुसार चॉकलेट में लोगों के मूड को ठीक करने की क्षमता होती है.

वजन घटाने में कारगर

कैलिफोर्निया के सैन डिएगो विश्वविद्यालय के एक अध्ययन के अनुसार नियमित रूप से चॉकलेट खाने वाले वयस्कों का बॉडी मास इंडेक्स कम रहता है.

बेहतरीन एंटी एजिंग

वैज्ञानिकों के अनुसार चॉकलेट में मौजूद कोको फ्लेवनाल्स बढ़ती उम्र के लक्षणों को जल्दी नहीं आने देता.

चॉकलेट से बनाएं कुछ हैल्दी व्यंजन

हैल्दी चॉकलेट बार

कितने लोंगो के लिए 6
बनने में लगने वाला समय 10 मिनट
मील टाइप- वेज

सामग्री

डार्क चॉकलेट 100 ग्राम
मिल्क चॉकलेट 100 ग्राम
कॉर्नफ्लैक्स 50 ग्राम
प्लेन ओट्स 50 ग्राम
परमल 50 ग्राम
अलसी पाउडर 1/2टीस्पून
बादाम कतरन 1 टीस्पून
बारीक कटे अखरोट 1 टीस्पून

विधि

दोनों चॉकलेट को एक साथ मिलाकर माइक्रोबेव मोड पर 2 मिनट गर्म करें. चलाकर पुनः 2 मिनट गर्म करें. अब इसे अच्छी तरह चलायें, जब चॉकलेट पिघलकर एकसार हो जाये तो कॉर्नफ्लैक्स को हाथ से क्रश करके डालें. शेष मेवा, परमल और ओट्स को भी डालकर भली भांति चलाएं. सिल्वर फॉयल पर कलछी की सहायता इसे फैलाएं. गर्म में ही चौकोर कट के निशान लगाएं. आधे घण्टे के लिए फ्रिज में रखकर टुकड़े तोड़कर एयरटाइट जार में भरकर रखें.

नोट- यदि आपके पास माइक्रोबेव नहीं है तो डबल बॉयलर पद्धति का प्रयोग करें. एक चौड़े मुंह के भगौने में पानी गर्म होने रखें. एक कटोरे में दोनों चॉकलेट डालें और भगौने में एक स्टैंड रखकर कटोरे को रख दें, लगातार चलाते हुए चॉकलेट के पिघलने तक गर्म करें. ततपश्चात उतारकर अन्य सामग्री मिलाएं.

चॉकलेटी राइस

कितने लोगों के लिए 4
बनने में लगने वाला समय 15 मिनट
मील टाइप – वेज

सामग्री

पके चावल 2 कप
कोको पाउडर 2 टेबलस्पून
पिसी शकर 1 टेबलस्पून
कटी मेवा 1 टीस्पून
चॉकलेट सॉस 1 टीस्पून
सजाने के लिए क्रीम 1टेबलस्पून

विधि

एक नॉनस्टिक पैन में चावल और शकर मिलाएं. जब शकर पूरी तरह पिघल जाए तो चॉकलेट सॉस और कोको पाउडर डाल कर मिलाएं. तेज आंच पर पानी के एकदम सूखने तक लगातार चलाते हुए पकाएं. गैस बंद करके मेवा मिलाएं. ठंडा होने पर सर्विंग डिश में डालें ऊपर से क्रीम डालकर परोसें.

Valentine’s Day 2024: बस एक अफेयर- सुनयना की आखिर ऐसी क्या इच्छा थी  

‘‘अब आ भी जाओ सुनी, इतनी देर से कंप्यूटर पर क्या कर रही है?’’

सुनील अधीर हो रहा था सुनयना को अपनी बांहों में लेने के लिए, पर सुनयना को उसे तड़पाने में मजा आ रहा था. उस ने एक नजर सुनील को देखा, फिर शरारत से मुसकरा कर वापस कंप्यूटर पर अपना काम करने लगी.

‘‘आ रही हूं, बस अपनी प्रोफाइल पिक्चर लगा दूं.’’

‘‘अरे नहीं, ऐसा मत करना. तुम्हारा यह दीवाना क्या कम है जो अब फेसबुक पर भी अपने दीवानों की फौज खड़ी करना चाहती हो,’’ सुनील परेशान होने का नाटक करता हुआ बोला.

सुनयना ने उस की बात पर ध्यान न देते हुए फोटोगैलरी से एक खूबसूरत सी फोटो ढूंढ़ निकाली, जिस में उस ने पीले रंग की सिल्क की साड़ी पहनी हुई थी और अपने सुंदर, लंबे, कालेघने बालों को आगे की ओर फैला रखा था. अपनी प्रोफाइल पिक्चर लगाते हुए वह गुनगुनाने लगी, ‘‘ऐ काश, किसी दीवाने को हम से भी मोहब्बत हो जाए…’’

‘‘है वक्त अभी तौबा कर लो अल्लाह मुसीबत हो जाए,’’ सुनील ने गाने की आगे की लाइन को जोड़ा और उसे कंप्यूटर टेबल से अपनी गोद में उठा कर बैड पर ले आया. सुनील की बांहों में सिमटी सुनयना के चेहरे पर आज अजब सी मुसकराहट थी.

‘‘अब पता चलेगा बच्चू को, हर वक्त मुझे चिढ़ाता रहता है.’’

सुदर्शन व्यक्तिव और हंसमुख स्वभाव का धनी सुनील कालेज में सभी लड़कियों के आकर्षण का केंद्र था. उस के पास गर्लफ्रैंड्स की लंबी लिस्ट थी जिन्हें ले कर वह अकसर सुनयना को चिढ़ाया करता था और सुनयना चिढ़ कर रह जाती थी. कभीकभी सोचती कि काश, शादी से पहले उस का भी कम से एक अफेयर तो होता, तो वह भी सुनील को करारा जवाब दे पाती.

सुनील के मोबाइल की फोटोगैलरी में न जाने कितनी लड़कियों की फोटोज होतीं जिन्हें दिखादिखा कर वह सुनयना को चिढ़ाता और उस की आंखों में जलन व चेहरे पर कुढ़न देख कर मजे लेता रहता. पर उसे यह कह कर मना भी लेता, ‘‘ये सब तुम्हारे आगे पानी भरती हैं सुनी, कहां ये सब लड़कियां और कहां तुम, तभी तो मैं ने तुम्हें चुना है. लाखों में एक है मेरी सुनी,’’ कहतेकहते सुनील उसे बांहों में भर लेता और सुनयना भी उस की आगोश में आ कर समंदर में गोते लगाती. थोड़ी देर के लिए सारी जलन और कुढ़न भूल जाती. पर एक अफेयर तो उस का भी होना चाहिए था, यह बात अकसर उसे परेशान कर जाती.

‘‘मैं मान ही नहीं सकता कि शादी से पहले तुम्हारा कोई बौयफ्रैंड नहीं रहा होगा. अरे, इतनी सुंदर लड़की के पीछे तो लड़कों की भीड़ चलती होगी.’’

कभीकभी सुनील छेड़ता तो सुनयना को वह लड़का याद आ जाता जिस ने उसे तब देखा था जब वह अपनी सहेली रमा के साथ उन के समाज के एक विवाह सम्मेलन में शामिल होने गई थी. रमा ने बताया था कि उस लड़के की शादी उस की बूआ की बेटी के साथ होने वाली है. बाद में पता चला कि उस लड़के ने वहां रिश्ता करने से मना कर दिया था क्योंकि उसे पहली नजर में ही सुनयना भा गई थी. उस के बाद वह जहां भी जाती, उस लड़के, जिस का नाम मनोज था, को अपने पीछे पाती. पर बड़ी चतुराई से वह उसे नजरअंदाज कर जाती थी. वैसे देखने में मनोज किसी हीरो से कम नहीं लगता था पर बात यहां दिल की थी. सुनयना का दिल तो कभी किसी पर आया ही नहीं. आया तो आया बस सुनील पर ही जब वह उसे देखने अपने मम्मीपापा के साथ आया था. पहली नजर का प्यार बस उसी पल जागा था और आंखें मौन स्वीकृति दे चुकी थीं.

पहले पगफेरे के लिए जब मायके आई और सुनील के साथ साड़ी मार्केट गई थी तब एक दुकान पर टंगी साड़ी सुनील को पसंद आ रही थी. दुकानदार से मुखातिब हुए तो मनोज सामने आ गया. सुनयना ने झेंप कर उसे भैया कह कर संबोधित किया तो मनोज के चेहरे का रंग उड़ गया.

‘‘क्या बेचारे को भैया कह दिया, उस की बचीखुची आशिकी का तो खयाल किया होता,’’ सुनील की हंसी रोके नहीं रुक रही थी.

अगले दिन अपनी फेसबुक प्रोफाइल देखी तो 20 फ्रैंड रिक्वैस्ट आ चुकी थीं. सुनयना मुसकरा कर सब की प्रोफाइल का मुआयना करने लगी. मैसेंजर पर भी ढेरों मैसेज आए थे. सारे मैसेज उस की तारीफों के पुल से अटे पड़े थे. एक मैसेज पढ़ कर उस के चेहरे पर मुसकान आ गई जिस में लिखा था-

‘आप बहुत खूबसूरत हैं. काश, आप मुझे पहले मिल जातीं, तो मैं आप से शादी कर लेता.’

‘पर आप मुझ से बहुत छोटे हैं, फिर यह कैसे संभव होता,’ सुनयना ने लिखा तो वहां से भी जवाब आ गया.

‘प्यार उम्र नहीं देखता मैम, प्यार तो हर सीमा से परे अपनी मंजिल ढूंढ़ लेता है.’ वहां से जवाब आया तो सुनयना ने स्माइल करता इमोजी डाल दिया. उस का नाम सौरभ था और वह दिल्ली में रहता था.

अब तो जब भी सुनयना फेसबुक पर आती, सौरभ से चैटिंग होती. उस की बातों से लगता था कि वह सुनयना का दीवाना हो चुका था. इन दिनों सुनील को भी सुनयना कुछ ज्यादा ही खूबसूरत और रोमांटिक लगने लगी थी. अब उस ने सुनील की सहेलियों से चिढ़ना भी बंद कर दिया था. जब भी सुनील उसे किसी लड़की की फोटो दिखा कर चिढ़ाता, तो वह चिढ़ने के बजाय मंदमंद मुसकराने लगती.

‘‘आजकल तुम बहुत बदल गई हो, पहले से ज्यादा खूबसूरत हो गई हो, ज्यादा संवर कर रहने लगी हो. क्या बात है, कहीं सचमुच मेरा कोई रकीब तो पैदा नहीं हो गया.’’ सुनील कभीकभी हैरानी से कहता तो सुनयना भी आंखें मटका कर जवाब देती.

‘‘हो सकता है.’’

‘‘पर जरा, संभल कर, इन मनचलों का कोई भरोसा नहीं, खुद को किसी मुसीबत में न फंसा लेना.’’

‘‘डौंट वरी सुनील, ऐसा कुछ नहीं होगा,’’ सुनयना लापरवाही से कहती.

आजकल वह जल्दी काम से फ्री हो कर औनलाइन आ जाती. रोजाना चैट करते हुए सौरभ उस से काफी खुल चुका था. मैम से सुनयना और तुम संबोधन तक बात पहुंच गई थी.

‘‘सुनयना मैं तुम से प्यार करने लगा हूं.’’

‘‘सौरभ, तुम नहीं जानते मैं, शादीशुदा हूं.’’

‘‘इस से मुझे कोई फर्क नहीं पड़ता. मैं सिर्फ इतना जानता हूं कि अब मेरा तुम्हारे बिना रहना मुश्किल होता जा रहा है. तुम अब मेरी जान बन चुकी हो और मुझे तुम से मिलना है, बस.’’

‘‘मैं तुम से नहीं मिल सकती सौरभ और वैसे भी तुम अपनी हद पार कर रहे हो.’’

‘‘हद तो पार हो ही चुकी है सुनयना. बस, तुम जल्दी से अपना पता बता दो. मैं आ जाऊंगा.’’

बहुत समझाने पर भी सौरभ एक ही बात पर अड़ गया तो सुनयना को झुंझलाहट होने लगी. उस ने कुढ़ते हुए सौरभ को ब्लौक किया और बुदबुदाने लगी, ‘ये सारे लड़के एकजैसे होते हैं. सिर्फ चैटिंग काफी नहीं थी, जो मिलना चाहता है. मैं बिना अफेयर के ही भली थी.’

शाम को जब सुनील घर आया तो उस का उखड़ा हुआ मूड देख कर तुरंत माजरा समझ गया.

‘‘क्यों, कर दिया उसे ब्लौक?’’ सुनील ने कहा. सुनयना देखती रह गई. ‘इसे यह कैसे पता चल गया.’ सुनील सुनयना को देख कर हंसे जा रहा था.

‘‘यहां मेरी जान पर बन आई है और तुम्हें हंसी सूझ रही है,’’ सुनयना ने खिसियाते हुए कहा.

‘‘हंसूं नहीं तो और क्या करूं सुनी, यह अफेयरवफेयर तुम्हारे बस की बात नहीं. और उस लड़के से डरने की जरूरत नहीं. मैं इस तरह के लड़कों को अच्छी तरह जानता हूं. इन लोगों की सोच ही घटिया होती है.’’

सुनील की बात सुन कर सुनयना की फिक्र कुछ कम हुई और सुनील ने उस के सामने अपने मोबाइल से सारी लड़कियों की फोटोज डिलीट कर दीं. सौरभ को ब्लौक करने के बाद भी कुछ दिनों तक सुनयना का मूड थोड़ा उखड़ाउखड़ा रहा. इसलिए उस ने फेसबुक पर लौगइन नहीं किया था. पर एक दिन बोरियत से परेशान हो कर उस ने सोचा, आज फेसबुक पर सहेलियों से कुछ चैटिंग करती हूं और उस ने लौगइन किया तो यह देख कर अवाक रह गई कि सौरभ ने अपनी दूसरी आईडी बना कर उसे वापस न सिर्फ फ्रैंड रिक्वैस्ट भेजी, बल्कि इनबौक्स में उस के लिए ढेर सारे मैसेज भी छोड़ रखे थे.

‘‘यों मुझे ब्लौक कर के मुझ से पीछा नहीं छूटेगा जानेमन. मेरी फ्रैंड रिक्वैस्ट एक्सैप्ट कर लेना. अब तुम्हारे बिना जिया नहीं जाता.’’

‘‘क्या हुआ फेसबुक छोड़ कर भाग गईं क्या?’’

‘‘अपना पता दे दो, प्लीज.’’

इस तरह के मैसेज पढ़ कर सुनयना का सिर घूम गया.

‘यह क्या मुसीबत पाल ली मैं ने. अब क्या होगा, यह तो पीछे ही पड़ गया.’

सोचसोच कर सुनयना परेशान हो रही थी. उस ने गुस्से में फेसबुक बंद किया और सिर पकड़ कर बैठ गई. पर इस मुसीबत की हद उतनी नहीं थी जितनी उस ने सोची थी. सौरभ उस की सोच से बढ़ कर मक्कार निकला, उस ने सुनयना की फेसबुक आईडी हैक कर ली और उस की सहेलियों को उलटेसीधे मैसेज भेजने शुरू कर दिए. सुनयना को तब पता चला जब उस की सहेलियों के फोन आने शुरू हुए. आखिर उस ने सार्वजनिक मैसेज कर सब से माफी मांगी और सब को बताया कि उस की फेसबुक आईडी हैक हो चुकी है. हार कर उसे अपनी फेसबुक आईडी डिऐक्टिवेट करनी पड़ी. पर सौरभ कहां पीछा छोड़ने वाला था. उस रोज सुबह घर के काम से फ्री हो कर अपने बैड पर बैठी मैगजीन पढ़ रही थी कि तभी दरवाजे की घंटी बजी. दरवाजा खोला तो सौरभ को सामने पा कर वापस दरवाजा बंद करने लगी पर सौरभ उसे ढकेल कर अंदर आ गया.

‘‘तुम, तुम यहां कैसे? घर का पता कहां से मिला?’’

सुनयना के शब्द उस के मुंह में ही अटक रहे थे.

‘‘हम प्यार करने वाले हैं जानेमन, फिर आजकल किसी का भी पता ढूंढ़ना मुश्किल थोड़े ही है. वोटर आईडी से किसी का भी पता मालूम चल जाता है. बस, हम ने तुम्हारा पता ढूंढ़ा और पहुंच गए अपनी जान से मिलने.’’

जानेमन, यह शब्द सुन कर सुनयना को खुद से ही घिन आ रही थी और सौरभ सोफे पर धंसा बोलता रहा.

‘‘यार, तुम ने तो एक ही झटके में हम से पीछा छुड़ा लिया और हम हैं कि तुम से प्यार कर बैठे.’’

गुस्से और डर से सुनयना का चेहरा लाल हुआ जा रहा था. पर किसी तरह खुद को संभालते हुए उस ने कहा, ‘‘अब आ ही गए हो तो बैठो, तुम्हारे लिए पानी लाती हूं.’’

उस ने रसोई में जा कर लंबीलंबी सांसें लीं और कुछ सोचने लगी.

‘‘ये लो पानी.’’

कह कर सुनयना सौरभ के सामने बैठ गई और बोली, ‘‘देखो सौरभ, सुनील के घर आने का वक्त हो रहा है, इसलिए अभी तुम जाओ. मैं तुम से वादा करती हूं, तुम से मिलने जरूर आऊंगी.’’

‘‘कब, कहां मिलोगी, जल्दी बताओ,’’ सौरभ के चेहरे पर कुटिल मुसकान आ गई.

‘‘जल्द ही मिलूंगी. यह तुम से वादा रहा.’’

‘‘पहले बताओ, कहां मिलोगी? तभी मैं यहां से जाऊंगा.’’

‘‘फोन पर बता दूंगी. अब जाओ.’’

सौरभ आश्वस्त हो कर चला गया तो सुनयना निढाल सी सोफे पर धंस गई. उस ने कभी सोचा भी नहीं था कि जरा सी दिल्लगी उसे मुसीबत में डाल देगी.

‘‘मैं ने तुम से कहा था मुसीबत में मत पड़ जाना. अब पड़ गया न वह पीछे.’’

सुनील को सारी बात पता चली तो वो झल्लाने लगा और सुनयना बस रोए जा रही थी.

‘‘अब रोओ मत, चलो, आंसू पोंछ लो. इस सौरभ को तो मैं ऐसा सबक सिखाउंगा कि याद रखेगा.’’

‘‘क्या करोगे तुम?’’ सुनयना ने अपनी साड़ी के पल्लू से आंसू पोंछते हुए कहा.

‘‘उसे फोन करो और लोधी गार्डन बुलाओ, कहना वहीं मिलोगी.’’

सुनयना लोधी गार्डन में एक बैंच पर बैठी थी. सौरभ सही समय पर आ गया था. वह अपनी जीत पर बड़ी कुटिलता से मुसकरा रहा था पर उस की यह मुसकान ज्यादा देर न रही. सुनील और उस के दोस्त, जो झाडि़यों के पीछे छिपे थे, बाहर आए और सौरभ को घेर लिया.

‘‘क्यों बे, ज्यादा आशिकी सवार हुई है क्या? शादीशुदा औरतों को फंसाता है?’’

कह कर सुनील ने उस की पिटाई शुरू कर दी. इतने सारे लोगों को एकसाथ देख कर उस की सारी आशिकी हवा हो गई और वह भागने लगा. पर उन सब ने उसे पकड़ लिया और पुलिस में देने की बात करने लगे तो सौरभ गिड़गिड़ाने लगा. माफी मांगने और आइंदा कभी ऐसी हरकत न करने का वादा ले कर ही उसे छोड़ा गया. इस तरह एक अफेयर का अंत हुआ.

हेल्दी टिफिन हेल्दी किड्स कॉम्पटीशन

हेल्दी टिफिन बच्चों को हेल्दी रखने में सहायक होते हैं. हालांकि खाने में स्वाद और स्वास्थ्य दोनों को संतुलित करना मुश्किल है. ये एक ऐसी समस्या है, जिसका मदर्स हमेशा से समाधान निकालने की कोशिश में लगी रहती हैं. टिफिन सिर्फ हेल्दी फूड सर्व करने तक ही सीमित नहीं है, बल्कि इसे साफ हेल्दी लंच बौक्स में परोसना भी जरूरी होता है. एंटी बैक्टीरियल एक्सो, सिर्फ सफाई नहीं करता, बल्कि गंदे बर्तनों पर 10 सेकंड में 700 पर्सेंट बढ़ने वाले बैक्टीरिया का खात्मा भी करता है और लंच बौक्स को साफ करके टिफिन बौक्स को भी हेल्दी बनाता है.

आइए आपको बताते हैं कुछ मजेदार रेसिपीज के बारे में…

  1. ग्रीन चीला

रात भर भीगी हुई आधी कटोरी छिलका मूंग दाल को पीस कर उसमें थोड़ी बारीक कटी हुई शिमला मिर्च, गाजर, प्याज, नमक और कालीमिर्च पाउडर मिक्स कर चीला का घोल बना लें. अब पैन में घी गरम कर धीमी आंच पर चीला दोनों तरफ से सुनहरा सेंक लें. सॉस या हरी चटनी के साथ टिफिन में दें.

2.मलाई सूजी रैक्टेंगल्स

sooji

3/4 कप मलाई को फेंट कर कटे प्याज, हरी और लाल शिमलामिर्च, नमक, सूजी, कालीमिर्च पाउडर के साथ अच्छी तरह मिक्स करें. ब्रैड के किनारों को काट कर तैयार मिश्रण दोनों तरफ लगाएं और पैन में घी गरम कर दोनों तरफ से सुनहरा होने तक सेंक लें. कैचप के साथ टिफिन में दें.

प्रतियोगिता की विजेता: संगीता माथुर, कोटा, राजस्थान

हमें अपने हेल्दी और टेस्टी लंच बौक्स रेसिपीज को grihshobha@delhipress.biz पर भेजें या 9650966493 पर व्हाट्सऐप करें. ताकि आप दूसरी मदर्स की मदद कर सकें और यहां आपको अपनी हेल्दी रेसिपीज को फीचर करने का मौका मिल सकें.

स्कैन करें और जानें कि आपके बच्चों के लंच बौक्स स्वास्थय समस्याओं का कारण कैसे हो सकते हैं.

EXO

रेसिपी भेजने की अंतिम तिथि: 25 फरवरी 2024

चयनित रेसिपीज को पत्रिका में प्रकाशन और 1000/- का अमेजन गिफ्ट वाउचर जीतने का मौका.

अनलिमिटेड कहानियां-आर्टिकल पढ़ने के लिएसब्सक्राइब करें