विरासत कानून के अजीब प्रावधान

हिंदू विरासत कानून है एक अजीब प्रावधान है. 1956 में बने विरासत कानून में यह भी डाला गया है कि किसी व्यक्ति के मरने के बाद संपत्ति पत्नी और बच्चों में बराबर बंटने के साथ बराबर का हिस्सा मां को भी मिलेगा. यह एकदम अव्याहारिक व अनैतिक कानूनी प्रावधान है जिस का कोई सिरपैर नहीं है.

जब कानून बना था तो कहा गया था कि यह मां की सुरक्षा के लिए था पर यह तो कई बेटेबेटियों और पति के जिंदा रहने वाली मां को मिलने वाला हक है. बेटे के मरने के बाद अक्सर मांबाप विधवा और उस के बच्चों को पूरा हिस्सा न मिले इसलिए उस हक का उपयोग करते हैं.

स्वयं इंदिरा गांधी ने प्रधानमंत्री रहते हुए इस कानून का उपयोग किया था और मेनका, व वरुण को संजय गांधी की मृत्यु के बाद बराबर का हिस्सा इंदिरा गांधी, प्रधानमंत्री को देना पड़ा था. मेनका गांधी अपने हिस्से में बंटबारा न हो इस के लिए सुप्रीम कोर्ट तक गई थी पर इंदिरा गांधी नहीं मानी थी जबकि उस समय वह प्रधानमंत्री की और उस के साथ राजीव गांधी, सोनिया, प्रियंका और राहुल थे. मेनका और वरुण का एक हिस्सा कम किया था.

हां, यह जरूर सुनने में आया कि संजय गांधी की संपत्ति का एक तिहाई हिस्सा जो इंदिरा को मिला था इंदिरा गांधी ने वरुण गांधी को गिफ्ट कर दिया था और इस तरह छोटा सा वरुण संजय गांधी की संपत्ति का 2 तिहाई मालिक हो गया था और मेनका एक तिहाई की मालिक रह गई थी.

यह कानून जवान बेटों की मृत्यु पर जम कर इस्तेमाल किया जाता है. वृद्ध पिता मरते हैं तो उस समय उस की मां जिंदा नहीं होती इसलिए वो बड़ा नहीं बनता या जब विधवा हाथपैर मार कर जिंदा रहने का प्रयास कर रही हो तब प्रोटिडेंट फंड, फिक्सडिपोजिट, जौयंट प्रौपर्टी में मृत पति को मिला हिस्सा, मकान आदि पर सास अपने पति के पिता और भाईबहन के कहने पर हक जमाने लगे, यह बहुत गलत है.

जो लोग कहते हैं कि हिंदू कानून गंगा जल सा साफ और गौमूत्र सा पवित्र है, उन्हें ख्याल रखना चाहिए कि हिंदू संपत्ति, विवाद, गोद, विरासत कानून अनैतिकता से भरे हैं. 1956 व 2005 में कुछ सुधार हुए हैं पर समाज आज भी युवा औरतों के प्रति ही नहीं बूढ़ी औरतों के प्रति भी आज भी पौराणिकवाद में जी रहा है जब औरत होने का मतलब आहितर्य, सीता या द्रौपदी होना ही था.

नीली आंखों के गहरे रहस्य: भाग-2

शाम को भी उस का मोबाइल स्विच औफ था. 2 दिनों से उसे लगातार फोन करता रहा लेकिन उस का मोबाइल स्विच औफ ही मिला.

तीसरे दिन रविवार को उस का फोन आया. मन आशंकित हो उठा, न जाने कैसी खबर हो?

‘‘सर…’’

‘‘कमाल हो तुम भी, मैं लगातार 2 दिनों से तुम्हें फोन कर रहा हूं और तुम्हारा मोबाइल स्विच औफ जा रहा है,’’ मैं ने लगभग डांटते हुए, अधिकारपूर्वक उस से कहा लेकिन दूसरे ही क्षण मुझे आत्मग्लानि हुई कि मैं ने उस की मां की तबीयत के विषय में नहीं पूछा. धीरे से बोला, ‘‘सौरी मीठी, अब तुम्हारी मां की तबीयत कैसी है?’’

‘‘मम्मी ठीक नहीं हैं, सर. अस्पताल में दौड़धूप व उन की देखभाल में इतनी व्यस्त रही कि मोबाइल चार्ज करना ही भूल गई. और हमारा अपना है ही कौन जो मेरे फोन पर मेरी मम्मी का हाल पूछता. इस शहर में थोड़े समय पहले ही तो शिफ्ट हुई हैं हम मांबेटी.’’

‘‘क्या? तुम लोग अभी थोड़े वक्त पहले ही शिफ्ट हुई हो इस शहर में? और इतनी जल्दी खुद का मकान भी ले लिया जिस के आधार पर तुम बैंक से लोन लेना चाहती हो?’’ ऐसे नाजुक मौके पर भी मैं ने अपना बैंक वाला दिमाग दौड़ा लिया. मन में सोचा, मुझे बेवकूफ समझ रही है कल की लड़की. सोच रही है अपने नाम की तरह ही मीठी बातों में फंसा कर मुझ से लोन पास करवा लेगी.

‘‘सर, बात थोड़ी गंभीर है. फोन पर नहीं बता सकती. मुझे आप की मदद की सख्त जरूरत है. अगर आप मेरे घर आएंगे तो मेरी मम्मी से भी मिल लेंगे और मैं आप को अपनी बात खुल कर बता सकूंगी. मैं अपने घर का पता आप को अभी एसएमएस करती हूं.’’

जल्दी ही उस के पते का एसएमएस भी आ गया. उस का घर मेरे घर से काफी दूर था. एक बार को लगा, कहीं यह नीली आंखों वाली अपनी मां के साथ मिल कर मेरे खिलाफ कोई साजिश तो नहीं रच रही? नहीं, मैं नहीं जाऊंगा, आखिर मेरी उस से पहचान ही कितनी है? फिर अंदर से आवाज आई, इंसानियत के नाते बीमार को देखने जाना चाहिए. शायद वास्तव में उसे मेरी मदद की जरूरत हो? साधना को भी साथ ले जाऊंगा.

लेकिन दूसरे ही पल खयाल आया, अगर साधना को साथ ले गया तो मामला और पेचीदा हो सकता है. सुंदर और जवान लड़की को देख कर कहीं वह मेरे और उस के संबंधों को ले कर कोई गलत धारणा न बना ले और मुझ पर अधिक निगाह रखने लगे. हो सकता है मेरी जासूसी भी करे. आफत मेरी ही आएगी. इसलिए उसे साथ ले जाने का विचार त्याग  दिया और उस के घर जाने के लिए खुद को पूरी तरह से सतर्क व चौकन्ना कर लिया. साधना से कह दिया कि विजिट के लिए एक पार्टी के साथ जा रहा हूं.

उस का घर ढूंढ़ने में बहुत परेशानी हुई. काफी वक्त लग गया जबकि लगातार उस से मोबाइल पर घर की सिचुएशन पूछता रहा था. वह मुझे अपने घर के दरवाजे पर ही मिल गई. बेहद तनावग्रस्त, चिंतित और दुखी लगी. मुझे देख कर भरे स्वर में बोली, ‘‘थैंक्यू सर, प्लीज आइए,’’ कहती हुई मुझे अंदर ले गई जहां एक छोटे से कमरे में उस की बीमार मां लेटी थीं.

लगभग 50 वर्षीया एक महिला पलंग पर लेटी थीं, मुझे देख कर वे उठने का प्रयास करने लगीं. मैं ने रोक दिया, ‘‘प्लीज, आप लेटी रहिए.’’

‘‘मम्मी, आप बैंक मैनेजर आनंदजी हैं. अपने ब्यूटीपार्लर के लिए मैं लोन के सिलसिले में इन से मिली थी.’’

‘‘आनंदजी, प्लीज आप इस के ब्यूटीपार्लर के लिए लोन पास करवा दीजिए, जिस से यह आत्मनिर्भर हो जाए,’’ कमजोर स्वर में जब वे बोलीं तो मीठी ने उन्हें चुप कराते हुए कहा, ‘‘प्लीज मम्मी, आप बोलिए मत, मैं बात कर लूंगी, आनंदजी से.’’

‘‘सर, आप क्या लेंगे चाय या कौफी?’’ मीठी ने पूछा तो मैं ने कहा, ‘‘मीठी, मैं यहां चाय या कौफी पीने नहीं आया हूं. मैं तो तुम्हारी मां को देखने आया हूं. अब उन की तबीयत कैसी है? उन्हें हुआ क्या है?’’

मेरे यह पूछने पर वह असहज हो गई. फिर अपनी मां को दवाई खिलाती हुई बोली, ‘‘मम्मी, आप यह दवाई खा कर आराम करो. मैं आनंदजी को अपना घर दिखाती हूं. इसी के आधार पर हमें लोन मिलेगा.’’

मुझे उस का व्यवहार कुछ अजीब सा लगा. इस की मां की तबीयत खराब है और इसे लोन की पड़ी है.

वह मुझे ऊपर एक कमरे में ले गई जो बहुत ही कलात्मक ढंग से सजा था और वहां सिर्फ एक बैड पड़ा था. बैड के अलावा वहां बैठने के लिए कोई कुरसी या स्टूल न था. लिहाजा, मुझे सकुचाते हुए उसी बैड पर बैठना पड़ा.

‘‘सौरी सर, मैं मम्मी के सामने आप को कुछ बता नहीं सकती थी, इसलिए आप को ऊपर ले कर आई हूं. इस समय मैं ने उन्हें वह दवाई दे दी है जिस से उन्हें गहरी नींद आ जाएगी.’’

यह सुन कर मेरी घिग्घी बंध गई. आखिर, यह लड़की कहना क्या चाहती है?

‘‘सर, हम लोग अलीगढ़ के नहीं, बल्कि आगरा के हैं. आगरा में हमारा छोटा सा खुशहाल परिवार था. मैं मीठी, मेरी मम्मी ममता और पापा मनोज. पापा ताजमहल में गाइड थे. उन के सपने बहुत ऊंचे थे. वे विदेश जा कर खूब पैसा कमाना चाहते थे. उन की इस चाहत और सपने को पूरा किया अमेरिका की सेरेना ने जो ताजमहल घूमते वक्त अपने गाइड की नीली आंखों की गहराई में इस कदर डूब गई कि उन्हें अपना बना कर ही दम लिया. वह बहुत अमीर थी, पापा यही तो चाहते थे. मम्मी बहुत रोईंगिड़गिड़ाईं, मेरा हवाला दिया लेकिन पापा नहीं पिघले. सेरेना ने हम मांबोटी को 15 लाख रुपए दे दिए या यों कहो, हमारे पापा की कीमत हमें दे दी. वे 15 लाख रुपए पा कर भी हम गरीब थे क्योंकि हमारे पापा हमारे पास नहीं थे.

‘‘औपचारिकता पूरी हो जाने के बाद पापा उस के साथ अमेरिका चले गए हमेशा के लिए. हम मांबेटी ने आगरा शहर छोड़ने का मन बना लिया. जिस प्रेम के प्रतीक ताजमहल की वजह से हमारा घरसंसार चलता था, हम सब मुहब्बत से रहते थे, उसी की वजह से हमारा सबकुछ हम से छिन गया क्योंकि हमारी दुनिया थे हमारे पापा. उन्होंने हमें बेशक भुला दिया था लेकिन हम उन्हें नहीं भुला सके थे, इसलिए हम आगरा में रहना ही नहीं चाहते थे.

‘‘हम अलीगढ़ आ गए. बरसों पहले जब नानाजी की पोस्टिंग अलीगढ़ में थी तब मम्मी यहां रही थीं, इसलिए उन्होंने अलीगढ़ को चुना. हम किराए के मकान में रहने लगे. हमें लगा ये 15 लाख रुपए धीरेधीरे खत्म हो जाएंगे. इसलिए हम ने एक ब्रोकर की मदद से 10 लाख रुपए का यह छोटा सा घर ले लिया. डेढ़ लाख रुपए में घर का जरूरी सामान खरीद लिया, 3 लाख रुपए मेरी शादी के लिए मम्मी ने गहने खरीद लिए और बाकी 50 हजार रुपए बैंक में जमा कर दिए.

‘‘मां ने घर का खर्चा चलाने के लिए एक प्राइवेट स्कूल में नौकरी कर ली और ट्यूशन भी पढ़ाने लगीं. मैं कालेज के बाद ब्यूटीपार्लर का कोर्स करने लगी. इस कार्य में मैं पारंगत हो गई, तो सोचा, क्यों न घर के नीचे वाले हिस्से में ब्यूटीपार्लर खोल लूं. कमाई अच्छी होगी, घर की घर में भी रहूंगी.

‘‘लेकिन मम्मी, पापा की बेवफाई सह न सकीं और दिल की मरीज हो गईं. उन्हें अटैक पड़ा तो एंजियोग्राफी से पता चला उन की 2 आर्टरीज ब्लौक हैं. डाक्टरों ने एंजियोप्लास्टी के लिए बोला है. इस का खर्चा लगभग 2-3 लाख रुपए तो होगा ही. बस, इसी वजह से परेशान हूं कि इतना पैसा इतनी जल्दी कैसे मैनेज करूं? यह सब मम्मी को बता कर परेशान नहीं करना चाहती.’’

मेरे दिमाग ने सचेत किया, इस के झांसे में मत आना. हो सकता है यह सब मनगढ़ंत कहानी हो. मैं बोला, ‘‘मीठी, इस मामले में मैं तुम्हारी क्या मदद कर सकता हूं?’’

‘‘सर, मैं चाहती हूं अगर आप किसी भी तरह 3 लाख रुपए का इंतजाम करवा दें तो मैं आप का एहसान जिंदगीभर नहीं भूलूंगी. 50 हजार रुपए मैं अपने अकाउंट से निकाल लूंगी,’’ आशाभरी नजरों से उस ने मुझे ताकते हुए कहा.

लेकिन मैं अंदर से मजबूत था और उस की भावनाओं के जाल में फंसने वाला नहीं था. ‘‘मीठी, 3 लाख रुपए तो बहुत होते हैं. 10-20 हजार रुपए की रकम होती तो मैं अभी दे देता. 3 लाख रुपए तो मेरे खाते में भी नहीं है,’’ मैं ने झूठ बोला हालांकि मैं जानता था कि उसे पता है कि मैं झूठ बोल रहा हूं क्योंकि एक बैंक मैनेजर के खाते में 3 लाख रुपए नहीं होंगे, ऐसा नहीं हो सकता.

‘‘सर, मैं आप से पैसा नहीं, बल्कि सहयोग मांग रही हूं. आप मेरे गहने गिरवी रखवा कर पैसा दिलवा दें क्योंकि ऐसा काम कोई भरोसेमंद इंसान ही कर सकता है.’’

‘‘तुम मुझ पर किस आधार पर विश्वास कर रही हो? तुम तो सिर्फ एक बार ही मुझ से मिली हो.’’

‘‘उम्र भले ही कम हो मेरी लेकिन वक्त और हालात ने मुझे इतना परिपक्व कर दिया है कि इंसान की नीयत और फितरत को पहचानने में कभी गलती नहीं करती हूं,’’ आत्मविश्वास से भरे स्वर में वह बोली.

मेरी जिज्ञासा बढ़ी और मुसकरा कर बोला, ‘‘जरा मेरी नीयत और फितरत तो बताओ.’’

‘‘सर, आप परीक्षा ले रहे हैं मेरी. लेकिन मैं सच जरूर बताऊंगी.’’

मैं मन ही मन थोड़ा डर गया, पता नहीं मेरे बारे में क्या बताए? लेकिन मैं हंस कर बोला, ‘‘हांहां, बताओ, जरा मैं भी तो सुनूं मेरे बारे में क्या धारणा है तुम्हारी?’’

‘‘आप बहुत ही नेकदिल और ईमानदार इंसान हैं लेकिन मुझे ले कर आप थोड़ा आशंकित व भयभीत हैं. कहीं मैं आप के साथ फ्रौड या धोखा न कर दूं.’’

हालांकि वह सच कह रही थी लेकिन मैं ने कहा, ‘‘नहीं, मीठी तुम गलत बोल रही हो, ऐसा कुछ भी नहीं है.’’

‘‘नहीं सर, आप अपनी जगह ठीक हैं. 3 लाख रुपए की रकम कोई छोटीमोटी तो है नहीं जो किसी अजनबी को दे दी जाए. अगर आप की जगह मैं होती तो शायद मैं भी हिचकिचाती. लेकिन आप मेरे गहने ले जाइए और अपने किसी परिचित व विश्वसीनय सुनार से उन की जांच करवा लीजिए. और फिर पैसा दिलवा दीजिए. मैं मम्मी की जल्दी से जल्दी एंजियोप्लास्टी कराना चाहती हूं.’’

मैं ने मन में सोचा जब यह लड़की अपने कीमती गहने मुझे सौंप रही है, सिर्फ मुझ पर विश्वास कर के तो इंसानियत के नाते मुझे भी इस की मदद करनी चाहिए.

‘‘ठीक है, मेरा एक खास परिचित ज्वैलर है. वह यह काम भी करता है. मैं अभी उस से फोन पर बात कर के देखता हूं.’’

‘‘सर, अगर पैसा आज ही मिल जाए तो बेहतर होगा. कल सुबह ही टैक्सी कर के मम्मी को दिल्ली ले जाऊंगी.’’

मैं ने ज्वैलर से बात की तो उस ने हां कर दी. मैं ने मीठी से पूछा, ‘‘गहने घर पर हैं या लौकर में?’’

‘‘मैं ने कल ही गहने और कैश लौकर से निकाल लिए थे, पता नहीं कब जरूरत पड़ जाए,’’ कहती हुई वह एक बैग ले आई और सारे गहने दिखा दिए.

‘‘चलो जल्दी से तैयार हो जाओ, मैं ने ज्वैलर को टाइम दे दिया है.’’

‘‘मैं क्या करूंगी वहां जा कर? आप हो तो सही.’’

‘‘नहीं मीठी, तुम्हें चलना पड़ेगा. गहने कितने वजन के हैं? कितने रुपए के हैं. लिखापढ़ी, रसीद बहुतकुछ होता है. जल्दी चलो और अपनी मां को भी बता दो.’’

‘‘सर, मुझे आप पर पूरा भरोसा है, प्लीज आप जल्दी जाइए.’’

‘‘मीठी, मुझे यह ठीक नहीं लग रहा. उस ज्वैलर को इन गहनों के बारे में क्या बताऊंगा? तुम साथ होगी तो मुश्किल नहीं होगी.’’

‘‘कह देना, एक दूर की रिश्तेदार के हैं, बीमारी की वजह से आने में असमर्थ हैं,’’ कहती हुई वह मुसकरा पड़ी.

मन में आया कह दूं कि तुम दूर की नहीं, मेरे दिल की रिश्तेदार हो.

गहनों का बैग ले कर मैं तुरंत निकल पड़ा. इस दौरान साधना के पचासों फोन आए लेकिन मैं ने रिसीव नहीं किए. हर बार काट दिए. रास्ते में फिर फोन बजा. मुझे पता था कि उसी का होगा. सुबह का निकला और लगभग शाम हो चली, चिंता तो कर रही होगी, इसलिए स्कूटी साइड में रोक कर बात की.

‘‘अरे, सुबह से कहां हो आप? एक कप चाय पी कर निकले हो. फोन करना तो दूर, मेरा फोन भी काट रहे हो. कहीं किसी मुसीबत में तो नहीं हो,’’ वह घबराए और आशंकित स्वर में बोली.

‘‘नहीं साधना, मैं किसी मुसीबत में नहीं हूं. बस, हुआ यों, मैं जिस पार्टी के साथ था उस की मां की अचानक तबीयत खराब हो गई तो मानवता के नाते मैं उस के साथ अस्पताल में हूं. तुम परेशान मत हो,’’ बड़ी सफाई से झूठ बोलते हुए मैं ने उसे आश्वस्त कर दिया.

ज्वैलर्स की दुकान पर पहुंच कर जैसे ही गहनों का बैग खोला तो ज्वैलर शरारत से मुसकरा कर बोला, ‘‘बैंक मैनेजर साहब, किस का लौकर तोड़ दिया?’’

‘‘अरे यार, बात यह है कि…’’

‘‘जुए में बुरी तरह हार कर भाभी के गहने चुरा लाए हो. लेकिन याद रखो दोस्त, जैसे ही भाभी को पता चलेगा, वे तुम्हें रुई की तरह धुन देंगी,’’ मेरी बात पूरी होने से पहले ही वह फिर शरारत पर उतर आया था.

‘‘अरे भाई, यह मस्तमजाक छोड़ो. पहले मेरी बात सुनो. मेरे एक दूर के रिश्तेदार हैं जो बहुत बीमार हैं. उन्हें तुरंत दिल्ली के एक अस्पताल में ले जाना है, जहां उन का औपरेशन होना है. ये गहने उन्हीं के हैं. उन्हें पैसों की सख्त जरूरत है. इन की जल्दी से जांच कर लो कि असली हैं या नकली? अगर असली हैं तो इन्हें गिरवी रख कर कितना पैसा मिल जाएगा.’’

वह शीघ्र ही गहनों की शुद्धता की जांच करने लगा और बोला, ‘‘गुरु, शुद्ध खालिस सोने के हैं.’’

‘‘क्या कीमत होगी इन की?’’

उस ने जल्दी ही गहनों को तोल कर बताया, लगभग 3 लाख रुपए के हैं. मैं पूरे 3 लाख रुपए दे दूंगा क्योंकि किसी जरूरतमंद बीमार के लिए चाहिए और आप मेरे खास परिचित भी हो. उस ने गहनों की लिखापढ़ी, लिस्ट, रसीद सबकुछ देते हुए पूरे 3 लाख रुपए भी दे दिए.

रुपए ले कर निकला तो बाहर गहरा अंधेरा हो गया था. मैं ने स्कूटी मीठी के घर की तरफ दौड़ा दी. अपना मोबाइल भी स्विच औफ कर लिया क्योंकि मुझे पता था साधना बारबार फोन करेगी. घर जा कर कह दूंगा कि बैटरी डिस्चार्ज हो गई थी. उस के घर पहुंचतेपहुंचते रात हो चुकी थी.

वह दरवाजे पर खड़ी मेरा इंतजार कर रही थी. मुझे जल्दी से ऊपर कमरे में ले गई, ‘‘सर, काम बना?’’

‘‘हांहां, बन गया. पूरे 3 लाख रुपए हैं, गिन लो,’’ कहते हुए मैं ने उसे नोटों का बैग थमा दिया.

‘‘थैंक्यू सर,’’ कहती हुई वह भावावेश में मुझ से कस कर लिपट गई. मैं हक्काबक्का रह गया. यह अप्रत्याशित स्थिति मेरे लिए अकल्पनीय थी. इस के लिए मैं तैयार न था. लेकिन उस के जिस्म की गरमी, सांसों की तेज रफ्तार…मैं खुद पर काबू न रख सका और उसे बेतहाशा चूमने लगा.

 

अधूरे प्यार की टीस: भाग 2-क्यों बिखर गई सीमा की गृहस्थी

अलग होने के बाद भी सीमा ने लड़ाईझगड़े बंद नहीं किए थे. फिर उस ने मकान व दुकान के हिस्से कराने की रट लगा ली थी. राकेश अपने दोनों छोटे भाइयों के सामने सीमा की यह मांग रखने का साहस कभी अपने अंदर पैदा नहीं कर सके. इस कारण पतिपत्नी के बीच आएदिन खूब क्लेश होता था.

3 बार तो सीमा ने पुलिस भी बुला ली थी. जब उस का दिल करता वह लड़झगड़ कर मायके चली जाती थी. गुस्से से पागल हो कर वह मारपीट भी करने लगती थी. उन के बीच होने वाले लड़ाईझगड़े का मजा पूरी कालोनी लेती थी. राकेश को शर्म के मारे सिर झुका कर कालोनी में चलना पड़ता था.

फिर एक ऐसी घटना घटी जिस ने सीमा को रातदिन कलह करने का मजबूत बहाना उपलब्ध करा दिया.

उन की शादी के करीब 5 साल बाद राकेश का सब से पक्का दोस्त संजय सड़क दुर्घटना का शिकार बन इस दुनिया से असमय चला गया था. अपनी पत्नी अंजु, 3 साल के बेटे नीरज की देखभाल की जिम्मेदारी दम तोड़ने से पहले संजय ने राकेश के कंधों पर डाल दी थी.

राकेशजी ने अपने दोस्त के साथ किए वादे को उम्र भर निभाने का संकल्प मन ही मन कर लिया था. लेकिन सीमा को यह बिलकुल अच्छा नहीं लगता था कि वे अपने दोस्त की विधवा व उस के बेटे की देखभाल के लिए समय या पैसा खर्च करें. जब राकेश ने इस मामले में उस की नहीं सुनी तो सीमा ने अंजु व अपने पति के रिश्ते को बदनाम करना शुरू कर दिया था.

इस कारण राकेश के दिल में अपनी पत्नी के लिए बहुत ज्यादा नफरत बैठ गई थी. उन्होंने इस गलती के लिए सीमा को कभी माफ नहीं किया.

सीमा अपने बेटे व बेटी की नजरों में भी उन के पिता की छवि खराब करवाने में सफल रही थी. राकेश ने इन के लिए सबकुछ किया पर अपने परिवारजनों की नजरों में उन्हें कभी अपने लिए मानसम्मान व प्यार नहीं दिखा था.

अपनी जिंदगी के अहम फैसले उन के दोनों बच्चों ने कभी उन के साथ सलाह कर के नहीं लिए थे. जवान होने के बाद वे अपने पिता को अपनी मां की खुशियां छीनने वाला खलनायक मानने लगे थे. उन की ऐसी सोच बनाने में सीमा का उन्हें राकेश के खिलाफ लगातार भड़काना महत्त्वपूर्ण कारण रहा था.

उन की बेटी रिया ने अपना जीवनसाथी भी खुद ढूंढ़ा था. हीरो की तरह हमेशा सजासंवरा रहने वाला उस की पसंद का लड़का कपिल, राकेश को कभी नहीं जंचा.

कपिल के बारे में उन का अंदाजा सही निकला था. वह एक क्रूर स्वभाव वाला अहंकारी इनसान था. रिया अपनी विवाहित जिंदगी में खुश और सुखी नहीं थी. सीमा अपनी बेटी के ससुराल वालों को लगातार बहुतकुछ देने के बावजूद अपनी बेटी की खुशियां सुनिश्चित नहीं कर सकी थी.

शादी करने के लिए रवि ने भी अपनी पसंद की लड़की चुनी थी. उस ने विदेश में बस जाने का फैसला अपनी ससुराल वालों के कहने में आ कर किया था.

राकेश को इस बात से बहुत पीड़ा होती थी कि उन के बेटाबेटी ने कभी उन की भावनाओं को समझने की कोशिश नहीं की. वे अपनी मां के बहकावे में आ कर धीरेधीरे उन से दूर होते चले गए थे.

इन परिस्थितियों में अंजु और उस के बेटे के प्रति उन का झुकाव लगातार बढ़ता गया. उन के घर उन्हें मानसम्मान मिलता था. वहां उन्हें हमेशा यह महसूस होता कि उन दोनों को उन के सुखदुख की चिंता रहती है.

इस में कोई शक नहीं कि उन्होंने नीरज की इंजीनियरिंग की पढ़ाई का लगभग पूरा खर्च उठाया था. सीमा ने इस बात के पीछे कई बार कलहक्लेश किया पर उन्होंने उस के दबाव में आ कर इस जिम्मेदारी से हाथ नहीं खींचा था. वह अंजु से उन के मिलने पर रोक नहीं लगा सकी थी क्योंकि उसे कभी कोई गलत तरह का ठोस सुबूत इन के खिलाफ नहीं मिला था.

राकेशजी को पहला दिल का दौरा 3 साल पहले और दूसरा 5 दिन पहले पड़ा था. डाक्टरों ने पहले दौरे के बाद ही बाईपास सर्जरी करा लेने की सलाह दी थी. अब दूसरे दौरे के बाद आपरेशन न कराना उन की जान के लिए खतरनाक साबित होगा, ऐसी चेतावनी उन्होंने साफ शब्दों में राकेशजी को दे दी थी.

पिछले 5 दिनों में उन के अंदर जीने का उत्साह मर सा गया था. वे खुद को बहुत अकेला महसूस कर रहे थे. उन्हें बारबार लगता कि उन का सारा जीवन बेकार चला गया है.

मोबाइल फोन की घंटी बजी तो राकेशजी यादों की दुनिया से बाहर निकल आए थे. उन की पत्नी सीमा ने अमेरिका से फोन किया था.

‘‘क्या रवि ठीकठाक पहुंच गया है?’’ सीमा ने उन का हालचाल पूछने के बजाय अपने बेटे का हालचाल पूछा तो राकेशजी के होंठों पर उदास सी मुसकान उभर आई.

‘‘हां, वह बिलकुल ठीक है,’’ उन्होंने अपनी आवाज को सहज रखते हुए जवाब दिया.

‘‘डाक्टर तुम्हें कब छुट्टी देने की बात कह रहे हैं?’’

‘‘अभी पता नहीं कि छुट्टी कब तक मिलेगी. डाक्टर बाईपास सर्जरी कराने के लिए जोर डाल रहे हैं.’’

‘‘मैं तो अभी इंडिया नहीं आ सकती हूं. नन्हे रितेश की तबीयत ठीक नहीं चल रही है. तुम अपनी देखभाल के लिए एक नर्स का इंतजाम जरूर कर लेना.’’

‘‘ठीक है.’’

‘‘अपने अकाउंट में भी उस का नाम जुड़वा दो.’’

‘‘ठीक है.’’

‘‘मैं तो कहती हूं कि आपरेशन कराने के बाद तुम भी यहीं रहने आ जाओ. वहां अकेले कब तक अपनी बेकद्री कराते रहोगे?’’

‘‘तुम मेरी फिक्र न करो और अपना ध्यान रखो.’’

‘‘मेरी तुम ने आज तक किसी मामले में सुनी है, जो अब सुनोगे. वकील को जल्दी बुला लेना. रवि के यहां वापस लौटने से पहले दोनों काम हो जाने…’’

राकेशजी को अचानक अपनी पत्नी की आवाज को सुनना बहुत बड़ा बोझ लगने लगा तो उन्होंने झटके से संबंध काट कर फोन का स्विच औफ कर दिया. कल रात को अपनेआप से किया यह वादा उन्हें याद नहीं रहा कि वे अब अतीत को याद कर के अपने मन को परेशान व दुखी करना बंद कर देंगे.

‘इस औरत के कारण मेरी जिंदगी तबाह हो गई.’ यह एक वाक्य लगातार उन के दिमाग में गूंज कर उन की मानसिक शांति भंग किए जा रहा था.

अनुपमा के खिलाफ हुए डिंपल और समर, मालती देवी के साथ किया कॉन्ट्रैक्ट

अनुपमा धारावाहिक जबसे स्टार प्लास पर टेलीकस्ट हुआ है तभी से टीआरपी की लिस्ट में धूम मचा रहा है. इस सीरियल को धांसू बनाने के लिए मेकर्स आए दिन नया ट्विस्ट लेकर आते ही रहते हैं. रुपाली गांगुली और गौरव खन्ना स्टारर ‘अनुपमा’ के अपकमिंग एपिसोड में डिंपल फोड़ेगी बॉम्ब सबके उड़ जाएंगे होश.

अनुपमा को आएगा बुरा सपना

सीरियल में आगे देखने के लिए मिलेगा कि, सोते वक्त अनुपमा एक बुरा सपना देखती है. सपने में अनुपमा पहले छोटी अनु को ढूंढती है. उसके मिल जाने के बाद वह शाह हाउस में सब बच्चों को बाहर बुलाती है. यहां पर उसे समर के मरने की खबर दी जाती है.

समर की खमोशी अनुपमा की बढ़ाएगी चिंता

रुपाली गांगुली और गौरव खन्ना स्टारर ‘अनुपमा’ में जहां दोनों परिवार मिलकर हिम्मत बढ़ा रहे होते है कि मालती देवी जो कुछ भी करेगी, उसका दोनों परिवार के लोग मिलकर सामना करेंगे. लेकिन शाह हाउस में खुशियों का माहौल होता है तब समर मायूस होकर घर में कदम रखेगा. अनुपमा उससे बार-बार पूछेगी कि क्या हो गया? आखिर वह इतना क्यों परेशान हो गया.

 

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डिंपल करेगी ऐलान

अब कहानी में नया ट्विस्ट आएगा. मालती देवी अनुपमा से बदला लेने के लिए समर और डिंपी को अपनी तरफ करेगी. वह उनके साथ एक कॉन्ट्रैक्ट साइन करने की कोशिश करेगी, जिससे दोनों गुरुकुल का हिस्सा बन जाएंगे.

रुपाली गांगुली और गौरव खन्ना स्टारर ‘अनुपमा’ में डिंपल के ऐलान करने से सबके होश उड़ हो जाते है. डिंपल कहेगी, हमने मालती देवी की एकेडमी के साथ कॉन्ट्रैक्ट साइन किया है. यह सब सुनकर सबके होश उड़ हो जाते है.

मालती देवी के दिमाग में क्या चल रहा है

मालती देवी बहुत ही आसानी से डिंपल को मोहरा बनाकर घर की सारी जानकारी जान लेती है. वहीं मालती देवी ने अनुपमा के सबसे लाडले बेटे को अपने यहां काम पर रखा है. दर्शकों के थ्योरीज की माने तो मालती देवी धीरे-धीरे करके उसके सभी बच्चे को उसके खिलाफ करना चाह रही है.

GHKKPM: सेट पर फिर लौटी Sai Joshi, देखें वीडियो

स्टार प्लास का टॉप सीरियल ‘गुम है किसी के प्यार में’ दर्शको में काफी फेमस है. शो के मेकर्स ने कई कोशिशे कर लीं टीआरपी में नंबर वन बनने की लेकिन ऐसा कुछ धमाल कर नहीं पाए. वहीं सोशल मीडिया पर कुछ तस्वीरे तेजी से वायरल हो रही है. वायरल वीडियो में देखा जा सकता है कि सई जोशी का किरदार निभाने वाली एक्ट्रेस आएशा सिंह (Ayesha Singh) को ‘गुम है किसी के प्यार में’ के सेट पर मस्ती करती नजर आ रही है.

क्या GHKKPM में लौट आई सई?

‘गुम है किसी के प्यार में’ सीरियल में सई जोशी किरदार निभाने वाली एक्ट्रेस आएशा सिंह (Ayesha Singh) ‘गुम है किसी के प्यार में’ शो के सेट पर नजर आई है. वारयल तस्वीरों में देखा जाता है वह सेट पर पहुंचकर अपने पुराने दोस्तो, कास्ट और क्रू से मुलाकत के दौरान ये तस्वीरे क्लिक की गई है. बता दें, ‘गुम है किसी के प्यार में’ पिछले दिनों एक लंबा लीप आया था. जिसके बाद शो की कहानी नए कास्ट के साथ बढ़ रही है. लेकिन उनके फैंस सई को शो में काफी मिस कर रहे है.

BTS वीडियो में शूटिंग को एन्जॉय करती दिखीं सई

जब सोशल मीडिया पर ये तस्वीरें और वीडियो सामने आई. जिनमें सई उर्फ आएशा सिंह (Ayesha Singh) सेट पर नजर आ रही है. इस दौरान उनके फैंस का खुशी का ठिकाना नहीं रहा. लोगों ने इन तस्वीरों को जमकर शेयर किया है और लिखा है- सई जोशी फिर से एक बार ‘गुम है किसी के प्यार में’ के सेट पर लौट आई है.

दूसरी वीडियो में कास्ट-क्रू के साथ दिखीं

वीडियो में देखा जा सकता है एक सीन में सवि और ईशान अपना रोल प्ले कर रहे है. वहीं आएशा शूटिंग को एन्जॉय कर रही हैं. दूसरे वीडियो में आएशा कास्ट और क्रू के साथ मस्ती करती नजर आ रही है. इस पर एक यूजर ने कमेंट किया है- वह लौट आई है दोस्तो, फिर एक बार ‘गुम है किसी के प्यार में’ के सेट पर देख कर बहुत खुशी हुई.

कैंसर के 7 लक्षण महिलाएं न करें नजरअंदाज

कैंसर एक ऐसी बीमारी है जो पूरी तरह से आप के बस से बाहर है. इस बीमारी को ले कर लोग काफी डरे रहते हैं. जैनेटिक, उम्र और वातावरण ऐसे कारण हैं जिन की वजह से कैंसर सेल्स की ग्रोथ की संभावना बढ़ जाती है जो आप के कैंसर के खतरे को बढ़ा सकती है. यह कोशिकाओें की अनियंत्रित ग्रोथ का नतीजा होता है. लेकिन कुछ कैंसर होते हैं, जिन से महिलाओें को विशेषतौर पर खतरा रहता है.

हालांकि, लोगों को शुरुआती चरण में कैंसर को पहचानना और समझना बहुत महत्त्वपूर्ण है. जब कैंसर की बात आती है, तो समय माने रखता है और वास्तव में यह आप के जीवन को बचाने में मदद कर सकता है. कैंसर के ऐसे कई लक्षण हैं जिन्हें महिलाओं को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए.

आणविक अंकोलौजिस्ट और कैंसर आनुवंशिकीविद, डा. अमित वर्मा के अनुसार, कैंसर के ऐसे कई लक्षण हैं जिन्हें महिलाओं को कभी भी नजरअंदाज नहीं करना चाहिए, जिन में शामिल हैं :

  1. ब्रैस्ट में परिवर्तन 

ब्रैस्ट में कोई असामान्य गांठ, मोटा होना या डिंपल, या निप्पल में परिवर्तन, जैसे डिस्चार्ज या उलटा हो तो डाक्टर से जांच जरूर कराएं.

2. असामान्य रक्तस्राव 

रजोनिवृत्ति के बाद कोई रक्तस्राव, भारी या लंबे समय तक मासिकधर्म, माहवारी के बीच रक्तस्राव का मूल्यांकन किया जाना चाहिए.

3. पेट या पैल्विक दर्द 

पेट या पैल्विक में लगातार या गंभीर दर्द इस के लक्षण हो सकते हैं. डिंबग्रंथि या अन्य प्रजनन कैंसर.

4. आंत्र या मूत्राशय की आदतों में परिवर्तन 

यदि आप आंत्र या मूत्राशय की आदतों में कोई परिवर्तन अनुभव करते हैं, जैसे कब्ज, दस्त या पेशाब करने में कठिनाई, यह कोलोरेक्टल या मूत्राशय के कैंसर का संकेत हो सकता है.

5. बिना वजह वजन कम होना 

अगर बिना प्रयास किए आप का वजन कम हो रहा है, तो यह कैंसर का संकेत हो सकता है. खासकर यदि आप को भूख कम लगती है या थकान महसूस हो रही है.

6. त्वचा में परिवर्तन

तिल या अन्य त्वचा के घावों के रंग, आकार या आकृति में कोई भी परिवर्तन होने पर त्वचा विशेषज्ञ द्वारा जांच जरूरी है.

7. लगातार खांसी या आवाज भारी होना 

ऐसी खांसी जो 1 महीने से अधिक समय तक बनी रहे या 2 सप्ताह से अधिक समय तक स्वर बैठा रहना फेफड़ों के कैंसर का संकेत हो सकता है.

यदि आप इन में से किसी भी लक्षण का अनुभव करते हैं, तो इस का निर्धारण करने के लिए तुरंत डाक्टर से मिल कर परामर्श लें.

लव सैंटर क्यों बन रहे जिम

प्यार उम्र नहीं देखता, सरहदें नहीं देखता, बंधन नहीं देखता. जो एक बार प्यार में पड़ जाता है वह हर बंदिश को तोड़ कर अपने इश्क को मुकम्मल करने की पुरजोर कोशिश में लग जाता है. जी हां, ऐसी ही कहानी है राजस्थान की कनिका सोनी की जिसे बिहार के जिम ट्रेनर लक्की से प्यार हो गया और दोनों ने भाग कर शादी कर ली.

पहले लोगों का प्यार स्कूलकालेज, औफिस या फिर शादीब्याह के मौकों पर परवान चढ़ता था, लेकिन अब इस की जगह जिम सैंटरों ने ले ली है. लोग जिम में पसीना बहाते हुए प्यार में पड़ जाते हैं. बिहार के जमुई के रहने वाले मातापिता ने बेटी को शहर के सब से बड़े जिम में कसरत करने भेजा. लेकिन बेटी को उसी जिम ट्रेनर से प्यार हो गया और दोनों ने मातापिता के मरजी के खिलाफ जा कर शादी कर ली.

सिर्फ युवा ही नहीं, बल्कि शादीशुदा लोग भी जिम ट्रेनर के प्यार में पड़ जाते हैं. एक शादीशुदा महिला का कहना है कि उसे अपने जिम ट्रेनर से प्यार हो गया, लेकिन यह बात वह अपने पति को कैसे बताए सम?ा नहीं आता. सिर्फ आम घरों की लड़कियों या महिलाओं का दिल ही अपने जिम ट्रेनर पर नहीं आया, बल्कि वर्कआउट करतेकरते अपने जिम ट्रेनर को दिल दे बैठी ये हसीनाएं भी:

  1. आयरा खान

अमीर खान की बेटी आयरा खान की फिलफाल शादी तो नहीं हुई है, लेकिन जल्द ही वह जिम ट्रेनर नुपुर शिखरे के साथ शादी के बंधन में बंधने वाली हैं. नुपुर शिखरे आयरा के पापा के जिम ट्रेनर थे. आयरा नुपुर को 3 साल से डेट कर रही हैं.

सुष्मिता सेन: मिस यूनिवर्स का टाइटल अपने नाम करवा चुकीं बौलीवुड अभिनेत्री सुष्मिता सेन एक समय पहले मौडल रोहमान शौल को डेट कर रही थीं. दोनों के बीच इतना प्यार बढ़ गया कि रोहमान शौल सुष्मिता सेन के जिम ट्रेनर बन गए थे. रोहमान सुष्मिता को जिम ट्रेनिंग देते थे जिस के कई वीडियो सुष्मिता ने खुद अपने इंस्टाग्राम पर शेयर किए.

2. निगार खान

ऐक्ट्रैस निगार खान ने साहिल खान से शादी की थी. कभी बौलीवुड में ऐक्टिंग करने वाले साहिल खान जिम ट्रेनर हैं. बता दें कि जैकी श्रौफ की पत्नी आयशा श्रौफ का भी नाम जिम ट्रेनर साहिल के साथ जुड़ चुका है. हालांकि आयशा ने इसे अफवाह बताया था.

3. अलाया एफ

अलाया एफ का बौयफ्रैंड ऐश्वर्य ठाकरे भी पहले जिम ट्रेनर था. उन का भी ऐक्टर को छोड़ जिम ट्रेनर पर दिल आ गया.

4. मैडोना

हौलीवुड ऐक्ट्रैस मैडोना का ऐक्स बौयफ्रैंड कालोंस लियोन भी जिम ट्रेनर है. हालांकि अब मैडोना किसी और को डेट कर रही हैं.

5. दिशा पाटनी

बौलीवुड की सब से फिट ऐक्ट्रैसेज में शुमार दिशा पाटनी कभी टाइगर श्रौफ के संग रिलेशन में थीं. लेकिन इन दोनों उन्हें अपने नए हैंडसम बौयफ्रैंड के साथ देखा जा रहा है. वे अपने नए बौयफ्रैंड ऐलैक्जैंडर ऐलैक्स को डेट कर रही हैं. दोनों साथ वर्कआउट करते हैं. ऐलैक्जैंडर जिम ट्रेनर भी हैं.

6. देवोलीना भटाचार्जी

टीवी ऐक्ट्रैस देवोलीना भट्टाचार्जी ने अपने जिम ट्रेनर शाहनवाज शेख से शादी कर सभी को चौंका दिया. देवोलीना ने अपने प्यार की खातिर धर्म की दीवार को गिरा कर मुसलिम ट्रेनर शाहनवाज को हमसफर बना लिया.

प्यार तो वही पर उस का पैटर्न बदल रहा है

औनलाइन प्यार का क्रेज तो है ही, पर इस के अलावा अब प्यार की तलाश में लोग जिम सैंटर का रुख करने लगे खासकर सिंगल लोग इसे एक पंथ दो काज की तरह लेते हैं कि शरीर भी फिट रहेगा और इमोशनल सेहत भी शानदार हो जाएगी. जिम चाहेअनचाहे एक ऐसी जगह बन गई है कि जहां कोई अकेला सप्ताह में 1/2 या 7 दिन चला जाए, तो कोई आंख उठा कर नहीं देखने वाला. आप यहां आराम से अपने जिम ट्रेनर प्रेमी से नैनमटक्का कर सकते हैं, कोई कुछ नहीं बोलेगा क्योंकि कोई शंका ही नहीं करेगा कि आप वहां पर अपने प्रेमी के साथ प्रेमआलाप करने जा रहे हैं.

वहीं क्लब में अगर आप की मैंबरशिप भी है, तो वहां जाओ खाओपीओ बस. स्पोर्ट्स में भी पार्टनर चाहिए. लेकिन जिम में आप पूरे सप्ताह अकेले जा सकते हैं और फिर भी अकेले ही रह जाएं आप का कोई दोस्त न बने, तो भी कोई आंख नहीं उठती. यह सोशलाइजिंग की सब से सुलभ जगह है.

जिम में मी टाइम

वैसे तो कोई भी इंसान यह सोच कर जिम नहीं जाता कि वहां उसे कोई साथी मिल जाएगा और वह उस के साथ इश्क लड़ाएगा. वह तो वहां सिर्फ अपनी फिटनैस के लिए आता है, लेकिन जिम में आने वाला कोई शख्स अगर सचमुच अपने रिश्ते को ले कर उदास है तो जिम का माहौल उस की मदद जरूर करता है. जिम ट्रेनर या कोई और उस व्यक्ति को अकेलेपन से जू?ाते देख उस के साथ सिंपैथी दिखाने लगता है, उस का ध्यान रखने लगता है, तो वह उस की ओर आकर्षित होता चला जाता है और एक दिन वह प्यार का रूप ले लेता है.

परेशानियों की वजह भी

मगर जिम वाला प्यार परेशानियों की वजह भी बन रहा है. ऐसे कई मामले देखने को मिल रहे हैं जैसे पिछले साल ही पटना के नामीगिरामी डाक्टर राजीव कुमार सिंह की पत्नी खुशबू सिंह, जो 2 बच्चों की मां है वह 26 साल के जिम ट्रेनर के प्यार में पागल हो गई. दोनों लेट नाइट तक फोन पर बातें करते रहते थे. लेकिन यह बात डाक्टर पति को नागवार गुजरी और उस ने जिम ट्रेनर को जान से मारने की धमकी दे डाली.

उस के बाद उस की सुपारी दे कर उस पर अज्ञात बदमाशों से एक के बाद एक दनादन 5 गोलियां दगवा दीं. यह जानकारी खुद जिम ट्रेनर विक्रम ने पुलिस को दी. गोली लगने के बाद खून से लथपथ वह खुद स्कूटी चला कर अस्पताल पहुंचा तब उस की जान बच पाई.

ऐसा ही एक मामला उत्तराखंड के देहरादून का है जहां जिम ट्रेनर के प्यार में पागल एक पत्नी ने पति को नींद की गोलियां खिला कर उस की जान ले ली. हरियाणा के यमुनानगर में जिम ट्रेनर के प्यार में पड़ी एक महिला ने 10 लाख रुपयों में अपने पति की जान का सौदा कर डाला.

बीते साल एक व्यापारी की हत्या का बड़ा खुलासा हुआ. पुलिस जांच के मुताबिक पत्नी के जिम ट्रेनर से संबंध और उन की ब्लैकमेलिंग से परेशान पति ने खुद को ही खत्म कर डाला.

इश्क और मुश्क छिपाए नहीं छिपते

कहते हैं इश्क और मुश्क छिपाए नहीं छिपते और आज के टैक्नोलौजी के युग में तो तुरंत प्यार पर पड़ा परदा बेपरदा हो जाता है. हम कहां जा रहे हैं, क्या कर रहे हैं, किस से मिल रहे हैं टैक्नोलौजी के जरीए आसानी से पता लगाया जा सकता है. जिम में होने वाले अफेयर को ले कर कई बार पतिपत्नी के बीच जासूसी भी की जाती है. इस में जिम के तौलिए को खोज निकालना या साक्ष्य के तौर पर कोई मैसेज तलाशने की कोशिश की जाती है.

धोखा दे रहे पार्टनर के ईमेल तक पहुंचने के लिए एक खास तरह के सौफ्टवेयर का भी इस्तेमाल किया जाता है. पिछले साल ही 15 अक्तूबर में मध्य प्रदेश के भोपाल के कोहेफिजा में एक फिटनैस सैंटर में ऐसा ही मामला देखने को मिला, जहां पतिपत्नी के बीच जम कर हंगामा हुआ. जब पत्नी को पता चला कि फिटनैस सैंटर में पति का किसी अन्य लड़की से अफेयर चल रहा है तो वह वहां पहुंच गई और पतिपत्नी और वो के बीच जम कर जूतमपैजार हो गई.

पुलिस के मुताबिक, महिला के पति का जिम में आने वाली एक लड़की के साथ अफेयर चल रहा था, जिस का पत्नी को पता चल गया और फिर उस के जिम सैंटर आ कर उस लड़की की चप्पलों से जम कर पिटाई कर डाली.

बढ़ने लगे हैं जिम में प्यार के मामले

महिलाओं को ले कर किए गए एक सर्वे में पाया गया है कि 90 फीसदी महिलाओं का फिटनैस ट्रेनर पर कभी न कभी क्रश रहा. वहीं जिम ट्रेनर का भी वहां आने वाली लड़कियों पर क्रश रहा. जिम न सिर्फ बौडी को ले कर आप की चिंता खत्म कर सकता है बल्कि आप के शादीशुदा जीवन का भी अंत कर सकता है.

आज तलाक के मामलों की बड़ी वजह फिटनैस ट्रेनर्स के साथ अफेयर को देखा जा रहा है. एक वकील का कहना है कि अकसर विवाहित जीवन के अंत की वजह ऐक्स्ट्रा मैरिटल अफेयर्स होते हैं. इस तरह के मामलों में सामने आया है कि ट्रेनर के साथ ‘पर्सनल’ हो कर महिलाएं पहले से मुश्किलों से गुजर रहे विवाहित जीवन में परेशानी को और बढ़ा देती हैं. नतीजा यह होता है कि कपल तलाक के लिए कोर्ट का दरवाजा खटखटाते हैं. आमतौर पर ऐसे शादीशुदा जोड़े संपन्न परिवारों से होते हैं, जहां पति बिजनैस में बिजी रहता है.

ऐसे में साथ और सुख तलाश रही महिला को पर्सनल ट्रेनर में यह सब नजर आने लगता है, तो वह उस की ओर आकर्षित होने लगती है.

‘यूनिवर्सिटी औफ ओंटारियो’ की एक स्टडी के मुताबिक, जो लोग अपने पार्टनर के साथ जिम जाते हैं उन के लिए इस दौरान किया गया वर्कआउट काफी इफैक्टिव हो सकता है. अगर आप अपने पार्टनर के साथ जिम जाते हैं तो आप के लिए यह एक प्लस पौइंट है क्योंकि एकसाथ ऐक्सरसाइज करने से आप फिट तो रहेंगे ही आपस का रिश्ता भी मजबूत बनेगा. जो कपल कुछ चीजें एकसाथ करते हैं जैसे साथ में सैर पर जाना, डिनर करना, घूमने जाना उन के रिश्ते काफी अच्छे होते हैं. जो कपल समय की कमी के कारण साथ समय नहीं बिता पाते वे साथ में वर्कआउट करते वक्त अपने लाइफपार्टनर के साथ क्वालिटी टाइम बिता सकते हैं.

बच्चे अब टैस्टट्यूब से होगे

1978 से पहले जितने बच्चे पैदा होते थे वे अपनी मां की कोख में ही स्पर्म और एग के मिलन से होते थे. आज हर मिनट में कम से कम एक बच्चे का पहला जन्म टैस्टट्यूब में होता है जब पुरुष का स्पर्म और औरत का एग फर्टीलाइज किया जाता है, दुनिया की आजादी में सवा करोड़ लोगों ने मां के पेट में पहला जन्म नहीं लिया था. उन्हें मां के गर्भ में प्रत्यारोपित किया गया था.

जैसेजैसे लड़कियां काम पर जाने लगी हैं, बच्चे पैदा करना और उन्हें पालना एक आफत लगने लगी है और वे इसे 40-42 तक टालती हैं. इस समय यदि स्पर्म काउंट या एग प्रोडेक्शन कम हो जाए या यूट्स और फैलोपीयन ट्यूबें जबाव देने लगे तो वे आईवीएफ सेंटरों में चक्कर लगाना शुरू करती हैं.

अपने कैरियर की ऊंचाई पर पहुंचने के बाद उन्हें एहसास होता है कि उन से ज्यादा तेज, ज्यादा टैकसैवी कंपीटीटर वर्षा फोर्स में आने लगी है और उन्हें काम के बजाए शारीरिक सुख को प्रायरोसी देनी चाहिए. बच्चे, अपने बच्चे, इस सुख का हिस्सा है.

इन विद्रो फॢटलाइजेशन ड्रग्स और तकनीक की बड़ी मांग होने लगी है और अब बच्चे पंडों, पादरियों की मेहरबानी से नहीं डाक्टरों और टैक्रीशियनों की मेहरबानी से हो रही है. आज 125 पैदा हुए बच्चों में से एक आईटीएफ से हो रहा है, कल ज्यादा होंगे यह पक्का है.

अभी आईवीएफ तकनीक मानसिक व शारीरिक तौर पर पेनफुल है और मंहगी भी है पर जैसेजैसे मांग बढ़ेगी, यह सस्ती होगी और हर 5 में से एक अगर आईवीएफ से होने लगे तो बड़ी बात नहीं.

जैसे आज जिंदगी शुरू से प्लान की जाती है. स्कूल जाने से लेकर इंजीनियर, डाक्टर बनना सब पलांड है, नेचुरल नहीं, वैसे ही बच्चे भी प्लान किए जाएं अपनी सुविधा के हिसाब से तो कोई हर्ज नहीं. गनीमत यह है कि चर्च, मसजिद या मंदिर ने इस का जम कर विरोध नहीं किया है. शायद इसलिए उन्हें तो हर नए बच्चे एक नया दान करने वाला भक्त दिखता है. बच्चा टैस्टट्यूब में हुआ हो या औरत के शरीर में बच्चे को होने के बाद कोई धर्म उसे छोड़ता नहीं है जबकि यह उन के ईश्वरीय ग्रंथों के नितांत खिलाफ है, मर्द, बात पैसे की है, नहीं.

8 Tips: लौंग लास्टिंग मेकअप इन मौनसून

मौनसून में मेकअप को देर तक टिका कर रखना है तो कुछ मौनसून मेकअप टिप्स को फौलो कर लौंग लास्टिंग व परफैक्ट लुक पा सकती हैं.

  • जहां तक संभव हो वाटरप्रूफ और स्मजप्रूफ मेकअप प्रोडक्ट का इस्तेमाल करें.
  • ब्राइट की जगह लाइट मेकअप को महत्त्व दें, जो थोड़ा इधरउधर होने पर भी खराब न लगे.
  • वाटर बेस्ड मेकअप प्रोडक्ट्स खरीदें जिस से कि चेहरे पर एक्स्ट्रा औयल न आए.
  • मेकअप पूरा होने पर सैटिंग स्प्रे का इस्तेमाल करें.
  • ब्लोटिंग शीट्स साथ रखें. जब लगे चेहरे पर औयल जमा हो रहा है तो आप इन शीट्स का इस्तेमाल कर मेकअप सैट कर सकती हैं.
  • फिनिशिंग स्प्रे या सैटिंग स्प्रे मेकअप का लास्ट टच है. यह मेकअप को सैट कर देता है और मेकअप देर तक टिका रहता है.
  • यदि मौनसून में निकली धूप में घूम रही हैं तो बीचबीच में फेस मिस्ट स्प्रे आप को फ्रैश महसूस कराएगा.
  • मौनसून मेकअप टिप्स में बर्फ का विकल्प भी आसान और असरदार हो सकता है. बर्फ लगाने से न सिर्फ चेहरे पर आने वाले पसीने की समस्या कम हो सकती है, बल्कि त्वचा को ठंडक और आराम भी मिलता है. आइस क्यूब को फेसवाश करने के बाद भी उपयोग किया जा सकता है. इस के अलावा मेकअप से कुछ मिनट पहले भी आइस क्यूब का उपयोग कर सकती हैं. ऐसा करने से पसीना कम आएगा व मेकअप भी काफी लंबे समय तक टिका रहेगा.

फटी एड़ियों को ठीक करने का तरीका बताएं?

सवाल-

मेरी उम्र 37 साल है. मेरी समस्या फटी एडि़यों को लेकर है. बताएं इन्हें ठीक करने के लिए क्या करूं?

जवाब-

फटी एडि़यों के लिए एक बालटी कुनकुना पानी में 2 चम्मच नीबू का रस और थोड़ा सा नारियल का तेल मिला लें. फिर 15-20 मिनट तक इस में पैर डुबोए रखें. फिर एडि़यों को प्यूबिक स्टोन से अच्छी तरह रगड़ें. इस से उन की डैड स्किन साफ हो जाएगी. इस के बाद पैरों को ठंडे पानी से धो कर उन की जैतून या नारियल के तेल से मालिश करें. ऐसा करने से आप की फटी एडि़यां ठीक हो जाएंगी.

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हमारे शरीर का हर हिस्सा हमारी खूबसूरती को बयां करता है, लेकिन ध्यान सिर्फ चेहरे की तरफ ही जाता है और बाकी हिस्सों को नजरअंदाज कर दिया जाता है, जिन में एड़ियां भी शामिल हैं, जो बेजान व रूखी होने की वजह से फट जाती हैं और कभीकभी तो स्थिति इतनी बदतर हो जाती है कि खून निकलने की नौबत भी आ जाती है. हालांकि सर्दियों के मौसम में यह परेशानी अधिक बढ़ जाती है और कभीकभी तो असहनीय पीड़ा होती है. अगर आप भी इसी परेशानी से गुजर रही हैं और अपनी एडि़यों को खूबसूरत बनाना चाहती हैं, तो यह जानकारी आप ही के लिए है:

क्यों फटती हैं एड़ियां

आप की एड़ियों के फटने के कई कारण हो सकते हैं, जहां मौसम में बदलाव इस का कारण सम झा जाता है, वहीं लंबे समय तक खड़े रहना, नंगे पांव चलना, पैरों को पानी में अधिक रखना, गलत फुटवियर पहनना आदि भी इस के कारण हो सकते हैं या फिर डायबिटीज, थॉयराइड, मोटापा आदि भी एड़ियां फटने का कारण हो सकते हैं.

1. एड़ियों को यों खूबसूरत बनाएं

वैसलीन, पैट्रोलियम जैली एडि़यों के लिए वरदान हैं. इन्हें लगाते ही एड़ियां बिलकुल सौफ्ट हो जाती हैं. नीबू का रस और वैसलीन मिला कर उस से फटी एडि़यों पर रोजाना रात में सोने से पहले हलकी मसाज करें. इस से एड़ियां जल्द ही ठीक होने लगेंगी.

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