Wedding Special: सुंदर दिखना आपका हक है

सामान्य रूप से गोरी लड़की को ही खूबसूरत माना जाता है. गोरा रंग सब को लुभावना लगता है और इसे पाने के लिए लड़कियां क्या कुछ नहीं करतीं. मगर आज हम आप को दुनिया की सब से खूबसूरत काली लड़की के बारे में बताएंगे, जिस की खूबसूरती के दीवाने लाखोंकरोड़ों लोग हैं. इस लड़की का नाम है खोदिया डियोप. सिर्फ 27 साल की उम्र में खोदिया ने अपनी पहचान पूरे विश्व में ब्लैक वूमन के रूप में बनाई है.

लोग खोदिया की एक मुसकान पर फिदा हो जाते हैं. जिस काले रंग से लोगों को नफरत होती है उसी काले रंग ने खोदिया को शोहरत दिला दी. खोदिया दुनिया की सब से खूबसूरत काली महिलाओं में नंबर वन पर है. उसे लोग चारकोल, ब्लैक वूमन, ब्लैक क्वीन, मैलानिन देवी आदि नामों से पुकारते हैं.

सेनेगल, फ्रांस की रहने वाली खोदिया एक मौडल है और उस ने कई कंपनियों के साथ मौडलिंग का काम किया है. कई बड़ी कंपनियों के साथ महंगे ऐड भी किए हैं. दुनिया में लाखों गोरे लोगों के बीच वह एक ऐसी काले रंग की लड़की है जिस ने अपनी खूबसूरती और टेलैंट के दम पर दुनिया में अपना एक अलग मुकाम बना लिया है. अपने पहले फोटोशूट के बाद ही खोदिया सोशल मीडिया पर काफी फेमस हो गई थीं.

खोदिया की तसवीरों को देख कर वाकई यह कहना गलत नहीं होगा कि खूबसूरत होने के लिए जरूरी नहीं कि आप का रंग गोरा ही हो. काले लोग भी खूबसूरत हो सकते हैं. खोदिया डियोप दुनिया की पहली ऐसी ब्लैक मौडल है जिस का नाम वोग मैगजीन से ले कर टाइम्स मैगजीन तक छप चुका है. इसे विश्व की सब से खूबसूरत मिस वर्ल्ड ब्लैक ब्यूटी गर्ल का अवार्ड मिल चुका है.

1. मिथ को बदल दिया

खोदिया ने उस मिथ को हमेशा के लिए बदल कर रख दिया जिस में कहा जाता था कि गोरी महिलाएं ही खूबसूरत होती हैं. आप खोदिया की पौपुलैरिटी का अंदाज इसी बात से लगा सकते हैं कि उस के चाहने वाले फेसबुक, इंस्टाग्राम और ट्विटर पर करोड़ों की तादाद में हैं. खोदिया का आकर्षण कुछ ऐसा है कि जो भी उसे एक बार देखता है तो बस देखता ही रह जाता है. खोदिया डियोप की खूबसूरती का सब से बड़ा राज है उस का आत्मविश्वास.

इसी तरह 48 साल की बौलीवुड ऐक्ट्रैस मलाइका अरोड़ा अपनी बढ़ती उम्र को धता बताते हुए पहले की तरह फिट और ऐक्टिव दिखती है या यह भी कह सकते हैं कि पहले से अधिक फिट नजर आती है. उस की हैल्दी स्किन और फिटनैस को देख कर उस की असल उम्र का अंदाजा लगाना बेहद मुश्किल है. मलाइका खुद को फिट बनाए रखने के लिए जिम में पसीना बहाती है. मलाइका को उस की बोल्डनैस के लिए भी जाना जाता है. पार्टी हो या फिर कोई इवेंट वह अपनी ड्रैसिंग सैंस के जरीए हर किसी का ध्यान खींच लेती है.

उम्र या रंग ही नहीं अकसर खूबसूरती के लिए महिलाओं को स्लिमट्रिम फिगर भी मैंटेन करना पड़ता है और मोटी लड़कियों को आकर्षक नहीं माना जाता. हाल ही में ‘जर्नल औफ ईटिंग डिसऔर्डर्स’ में एक रिसर्च स्टडी छपी. उस में बताया गया कि जैसी मैनिकिंस (पुतलों) को हम शोरूमों या दुकानों में देखते हैं अगर इंसान वाकई ऐसा हो तो वह पूरी तरह से अनफिट होगा. इतना ही नहीं ऐसे फिगर की कल्पना करना भी सचाई से परे है. स्टडी कहती है कि अगर महिलाएं मैनिकिंस जितनी पतली हो जाएं तो उन के पीरियड्स भी नहीं होंगे.

2. हौआ कुछ इस कदर हावी है

शोधकर्ताओं ने ब्रिटेन के 2 शहरों के शोरूमों में मैनिकिंस पर स्टडी की. स्टडी के लेखक डा. एरिक राबिन्सन ने बताया कि इस बात के साफ सुबूत हैं कि बेहद दुबलीपतली काया को आदर्श मान कर लोग खासकर लड़कियां कई तरह के मानसिक रोगों और ईटिंग डिसऔर्डर का शिकार हो रही हैं. खूबसूरत दिखने के लिए एक खास तरह का फिगर हासिल करने का हौआ कुछ इस कदर हावी है कि दुनिया के कई देशों में लड़कियां ‘ऐनोरेक्सिया’ से पीडि़त हैं और उन्हें डाक्टरों की मदद लेनी पड़ती है.

ऐनोरेक्सिया एक तरह का इमोशनल डिसऔर्डर है जिस में व्यक्ति पर वजन घटाने का भूत कुछ इस तरह हावी हो जाता है कि वह खाना खाने से ही इनकार कर देता है. इस से मौत तक हो सकती है.

फिल्मों और सीरियल्स में मोटे किरदारों को बेवकूफ दिखाए जाने का भी चलन है. छोटे बच्चों के लिए बनाए जाने वाले कार्टून शो भी इस से अछूते नहीं हैं. ‘डोरेमोन’ के

जियान को देखिए या फिर ‘कितरेत्सू’ के बूटागोरिला को दोनों को ही मोटा और मंदबुद्धि दिखाया गया है.

हां, मैं सुंदर हूं

मोटे किरदारों को ‘ह्यूमर’ के लिए इस्तेमाल किया जाता है. फिल्म ‘कल हो न हो.’ की स्वीटू को याद करिए और याद कीजिए कौमेडी शो में पलक (कीकू शारदा का किरदार) को सामने वाले को उस के रंग, फिगर या उम्र की वजह से कमतर दिखने की बातें हमें कभी न कभी देखनेसुनने को मिल ही जाती हैं. कभी ये बातें हमें अपने रिश्तेदारों से सुनने को मिलती हैं. कभी अपने खुद के दोस्तों से, कभी खुद के मातापिता से भी सुनने को मिलती है.

कभीकभी हम टीवी ऐड, टीवी धारावाहिक और फिल्मों में किसी पात्र का मजाक बनते हुए देखते हैं. कोई काला है, कोई अधेड़ है तो कोई मोटा है तो कोई नाटा है. इतना सुनने के बाद कभीकभी तो हम खुद के शरीर के बारे में भी नकारात्मक भाव रखने लगते हैं. यह जो शर्म और नकारात्मक भाव हमारे अंदर पैदा हो रहा इसे बौडी शेमिंग की संज्ञा दी जाती है.

बौडी शेमिंग करने वाले हमारी त्वचा के रंग, शरीर के आकार, बालों की लंबाई और कपड़ों को ले कर कमैंट्स करते हैं कि तुम बहुत दुबले हो, तुम बहुत मोटे हो, तुम बहुत काले हो, तुम्हारे बाल बहुत छोटे हैं, तुम बहुत लंबे हो. किसी न किसी तरह से हमारे शरीर को ले कर कमैंट्स किए जाते हैं ताकि वे हमें नीचा दिखा सकें खासकर बौडी शेमिंग महिलाओं का जीवन दूभर बना देती है. पर ध्यान रखें आप कैसी भी हैं मोटी हैं, काली हैं या उम्र अधिक हो गई है आप खूबसूरत दिख सकती हैं और सुंदर दिखना आप का हक है.

3. परफैक्ट शरीर एक मिथा

जैसे हाथ की पांचों उंगलियां एकबराबर नहीं होती हैं वैसे ही 5 इंसान एकजैसे नहीं हो सकते हैं. आप गोरे हैं तो भी खूबसूरत हैं और आप काले हैं तो भी खूबसूरत हैं. खुद से प्यार करें. भले ही कोई आप को खूबसूरत कहे न कहे आप खुद से कहें कि आप बहुत सुंदर हैं. खुद में एक सकारात्मक और स्वस्थ भाव लाएं. धीरेधीरे आप खुद को सुंदर महसूस करने लगेंगी.

शिल्पा शेट्टी काजोल, दीपिका पादुकोण, बिपाशा, नंदिता दास जैसी डस्की स्किन बौलीवुड गर्ल्स ने साबित कर दिया कि सुंदरता केवल गोरे रंग में ही नहीं होती. सांवले रंग की औरतें भी गोरे रंग वाली महिलाओं की तरह सुंदर और अट्रैक्टिव दिख सकती हैं. इसी तरह विद्या बालन जैसी ऐक्ट्रैसेस ने मोटे होने के बावजूद अपनी खूबसूरती से सब को मंत्रमुग्ध कर दिया.

गोरे रंग को खूबसूरती का पैमाना मानने वाले आज भी सांवले रंग को नीचा बताने में पीछे नहीं रहते. इस का परिणाम यह होता है कि कई सांवली लड़कियां अपना आत्मविश्वास खो देती हैं. अपने अंदर के तमाम गुणों को भूल कर सांवलेपन के अफसोस और शर्म में जीने लगती हैं और खुद को गोरा बनाने की जुगत में लग जाती हैं. लेकिन शायद वे यह नहीं सम?ातीं कि ऐसा कर के वे खुद उस तथाकथित समाज के भ्रम में फंस कर सांवलेपन का मजाक उड़ा रही हैं. समाज से सांवलेपन के दोयम दर्जे के व्यवहार को खत्म करने के लिए सब से पहले हमें खुद अपने सांवले रंग से प्यार करना सीखना होगा.

मिस यूनिवर्स 2019 का ताज साउथ अफ्रीका की जोजिबिनी टूंजी के सिर पर सजा. वह एक ब्लैक वूमन है. एक काली औरत मिस यूनिवर्स बन सकती है तो क्या आप खूबसूरत नहीं दिख सकतीं?

4. एहसास होना जरूरी है

जिन लड़कियों को बारबार ऐसा लगता है कि उन का सांवला रंग उन्हें बदसूरत बनाता है, जिन्हें लगता है कि उन का छोटा कद या मोटा शरीर दूसरों के सामने उन्हें कम स्मार्ट दिखाता है उन्हें हर दिन खुद से यह कहना क्यों जरूरी है ‘मैं खूबसूरत हूं.’ छोटी आंखें, मोटा शरीर, उल?ो बाल, छोटा कद जैसी भी हैं आप खूबसूरत हैं और आप को यह एहसास होना जरूरी है. अपनी खूबसूरती पर हमेशा अपना भरोसा बनाए रखें. जब आप भीतर से खुश और आत्मविश्वास महसूस करती हैं तभी आप सुंदर दिखती हैं.

आप का व्यक्तित्व आप को दूसरों से अलग बनाता है. जिस तरह से आप किसी के सामने खुद को प्रस्तुत करते हैं उस से आप के और आप के व्यक्तित्व के बारे में सामने वाले को काफी कुछ पता चल जाता है. आप का व्यक्तित्व हर जगह आप की पहचान बन जाता है. चाहे वह आप का घर हो, परिवेश हो या स्कूलकालेज अथवा आप के कार्य करने का स्थान ही क्यों न हो.

5. बढ़ता है आत्मविश्वास

एक हालिया सर्वेक्षण की रिपोर्ट के अनुसार, आस्ट्रेलिया में 52% पुरुषों और 64% महिलाओं ने दावा किया कि जब उन्हें अपने बारे में यह पता चला कि वे अच्छा दिखते हैं या दिखती हैं तो उन के काम के पहले की तुलना में और बेहतर परिणाम आने लगे. यह केवल उन के अच्छे व्यक्तित्व की वजह से ही संभव हो पाया. अगर आप का अच्छा व्यक्तित्व दूसरों पर एक अमिट छाप छोड़ने एवं आसान व बेहतर तरीके से काम करवाने में एक अहम भूमिका अदा करता है तो आप सुंदर हैं.

जाहिर है सुंदरता का मतलब सिर्फ गोरा या अच्छा फिगर होना ही नहीं है. कुछ लोग ऐसे भी होते हैं जिन्हें देख कर उन की प्रशंसा किए बिना नहीं रहा जा सकता. दरअसल, चेहरे के साथसाथ उन का बोलचाल, कपड़े पहनने का ढंग, चलने का ढंग और उन का पूरा व्यक्तित्व ही आप को आकर्षित करता है. इस का मतलब हम किसी से तभी प्रभावित होंगे जब पूरा व्यक्तित्व हमें खींच रहा हो. आप भी सुन्दर दिखना चाहती हैं तो अपनाएं ये टिप्स:

6. एक मीठी सी मुसकान

कभीकभी केवल एक मुसकान के जरीए लोगों को अपना मुरीद बनाया जा सकता है. अपने चेहरे पर मुसकान ला कर अपने व्यक्तित्व में और निखार लाएं. एक मुसकराता हुआ चेहरा आप को खूबसूरत बनाता है और आकर्षण लाता है. यह आप को सकारात्मक तरीके से आगे बढ़ने में मदद करता है, जबकि एक गुस्से और ?ां?ालाहट भरे चेहरे की खूबसूरती कहीं गुम हो जाती है.

7. अपनी बातचीत के तरीके में सुधार करें

बातचीत की कला में तभी सुधार हो सकता है जब आप लोगों से बात करते समय अपनी हिचकिचाहट अथवा ?ि?ाक पर काबू पाने में कामयाब होंगे. यदि आप में हैजीटेशन है तो आप इसे प्रयास कर के दूर कर सकते हैं. आप अलगअलग पृष्ठभूमि के लोगों के साथ बातचीत करें, सांस्कृतिक कार्यक्रमों, पार्टियों और किसी बहस में भाग लें. ऐसा करने से आप बातचीत की कला में निपुण हो सकते हैं.

8. सही हेयर कट

घर हो, औफिस हो या फिर खुद के लिए सुंदर दिखने की ख्वाहिश हो तो अपने बालों का भी खयाल रखें. हर समय एक ही हेयरस्टाइल रखने से भी पर्सनैलिटी में बदलाव नजर नहीं आता है. 6 महीने या 1 साल के गैप में हेयर कट करवाएं. अलगअलग हेयरस्टाइल ट्राई करें. खुले, बिखरे, बेजान बाल आप के व्यक्तित्व को खराब करते हैं. अपने चेहरे के आकार के अनुसार बाल कटवाना जरूरी है. सही हेयर कट आप के व्यक्तित्व को पूरी तरह से बदल सकता है.

9. त्वचा की देखभाल है जरूरी

खूबसूरत दिखने के लिए सब से जरूरी है कि आप अपनी त्वचा को सम?ों और उसी अनुसार इस की देखभाल करें. आप की स्किन किस प्रकार की है उसे जान कर ही मेकअप और स्किन केयर रूटीन को फौलो करें. जब आप की त्वचा ग्लो करेगी तो पूरी पर्सनैलिटी बेहतर लगेगी. कैमिकलयुक्तब्यूटी केयर प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल कम करें. डेली स्किन केयर रूटीन बनाएं. घरेलू नुसखों को भी आजमाएं.

10. महीने में एक बार जाएं ब्यूटीपार्लर

त्वचा और बाल यदि स्वस्थ नजर आते हैं तो आप की पूरी पर्सनैलिटी आकर्षक नजर आती है. बाल, त्वचा, हाथोंपैरों की देखभाल अच्छी तरह से करना बेहद आवश्यक है. इस के लिए महीने में एक बार पार्लर जरूर जाएं. अच्छी दिखने के लिए भौंहें और ऊपरी होंठ के बालों को हटाना जरूरी है. कुछ महिलाओं को ठुड्डी, गरदन, गालों के आसपास छोटेछोटे बाल होते हैं. इन्हें भी नियमित रूप से हटाएं. हाथों, पैरों की वैक्सिंग नियमित रूप से कराएं. मैनीक्योर, पैडीक्योर कराती रहें. नाखूनों को समयसमय पर काटती रहें. बड़े रखे हैं तो उन्हें अच्छी शेप में और साफ रखें.

11. लाइट मेकअप करें

हर दिन हैवी मेकअप कर के औफिस या कहीं बाहर जाना अच्छा नहीं होता. लाइट मेकअप करें. मेकअप दिन और रात के अनुसार ही करें. काजल, कौंपैक्ट पाउडर, हलके रंग की लिपस्टिक लगा सकती हैं. यह सिंपल मेकअप लुक आप को प्रेजैंटेबल और अच्छी तरह से तैयार दिखने में काफी मदद करता है.

12 बौडी और्डर पर ध्यान दें

कुछ महिलाओं के पसीने से अधिक दुर्गंध आती है. यह दुर्गंध भीड़ में आप को शर्मिंदा कर सकती है. बौडी और्डर व्यक्ति के आत्मविश्वास को प्रभावित करता है. इसलिए अपने लिए अच्छी क्वालिटी का परफ्यूम, डियो चुनें. अत्यधिक पसीना आता है तो डियोड्रैंट का भी उपयोग कर सकती हैं.

13. कपड़ों का चयन करें सोचसम?ा कर

हर बौडी शेप पर सभी स्टाइल के कपड़े सूट नहीं करते हैं. ऐसे में कपड़ों का चुनाव अपनी बौडी टाइप के अनुसार ही करना चाहिए. जो कपड़े शरीर में अच्छी तरह से फिट हों, जो रंग आप पर सूट करे वैसे रंग के कपड़े ही पहनें. वैसी ही ड्रैस खरीदें जिस में आप कंफर्टेबल महसूस करें. कहीं महत्त्वपूर्ण काम के लिए जा रही हैं तो कपड़े साफ और प्रैस किए हों. आप की ड्रैसिंग सैंस और पहनावा भी आत्मविश्वास को बढ़ाने में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाता है. सांवली लड़कियों को अकसर हलके रंगों के कपड़े पहनने चाहिए. वे हलका हरा, हलका पीला और नेवी ब्लू, गाढ़ा भूरा रंग पहन सकती हैं. इस के अलावा कभीकभी काले, नीले और मटमैले रंग के हलके शेड्स भी जरूर ट्राई करें.

14. चमकती त्वचा के लिए लें हैल्दी डाइट

फिजिकली फिट नजर आने के लिए हैल्दी डाइट लेना भी बहुत महत्त्वपूर्ण होता है. बैलेंस्ड डाइट से न सिर्फ आप अपना वजन कम कर सकती हैं बल्कि यह मैटाबालिज्म को भी दुरुस्त रखता है. आप शारीरिक और मानसिक रूप से अच्छा महसूस करेंगी तो रौनक चेहरे पर भी दिखेगी. याद रखें आप का खाना न सिर्फ आप के स्वास्थ्य पर असर डालता है बल्कि आप की त्वचा पर भी उस का प्रभाव पड़ता है.

अपने प्रतिदिन के आहार में फलों और सब्जियों को जरूर शामिल करें. ओमेगा-3 से भरपूर खाद्यपदार्थ जैसे अलसी, अखरोट, विटामिन युक्त खाद्यपदार्थ जैसे संतरे, शकरकंद और सीताफल बहुत जरूरी है, साथ ही आप उच्च प्रोटीन वाले खाद्यपदार्थ जैसे अंडा, चिकन, दाल, छोले और पनीर का सेवन करें. संपूर्ण पौष्टिक आहार आप के शरीर को सारे जरूरी तत्त्व प्रदान कर अंदर से स्वस्थ बनाता है और फिर उस की चमक आप के चेहरे पर भी दिखने लगती है.

जंक फूड खाने से इस का प्रभाव आप के पेट, लिवर और आंतों पर भी हो सकता है और आप की सुंदरता प्रभावित हो सकती है. इसलिए जितना हो सके इन खाद्यपदार्थों से दूर रहें और स्वस्थ भोजन व फास्ट फूड के बीच सही संतुलन बनाए रखें.

15. खूब पानी पीएं

हमारे शरीर का हर सिस्टम और फंक्शन पानी पर निर्भर करता है. पूरे दिन में कम से कम 8-10 गिलास पानी पीएं. ऐसा करने से आप के शरीर से विषैले तत्त्व बाहर निकल जाते हैं और त्वचा निखरी हुई और तरोताजा लगने लगती है. इस से ?ार्रियां भी कम होती हैं.

16. अच्छी नींद

किसी भी व्यक्ति के लिए नींद बहुत जरूरी है. रोज आप को 7-8 घंटे की सही और आरामदायक नींद की जरूरत होती है ताकि अगली सुबह जब आप उठें तो तरोताजा महसूस करें. ऐसा करने से आप को खूबसूरत और खिली त्वचा मिलेगी, साथ ही आंखों के नीचे काले घेरे यानी डार्क सर्कल्स भी नजर नहीं आएंगे. ?ार्रियों और एजिंग की समस्या से भी थोड़ी राहत मिलेगी.

सोते वक्त त्वचा नए कोलेजन का उत्पादन करती है इसलिए कभी नींद के साथ सम?ाता न करें और सही नींद लें.

17. फिजिकली ऐक्टिव रहें

शारीरिक व मानसिक स्वास्थ्य के लिए शारीरिक क्रिया बहुत जरूरी है. जो भी आप का मन करे जैसे दौड़ना, तैराकी करना, साइक्लिंग, व्यायाम आदि जरूर करें. वैज्ञानिक रूप से साबित हो गया है कि व्यायाम से न सिर्फ आप की त्वचा को फायदा होता है बल्कि मूड भी बेहतर होता है. हर सप्ताह कम से कम 3-4 घंटे की शारीरिक गतिविधि से आप के स्वास्थ्य में सुधार होगा. इस से रक्तसंचार बेहतर होगा, शरीर से विषाक्त पदार्थ बाहर निकलेंगे, त्वचा को ज्यादा मात्रा में औक्सीजन मिलेगी, तनाव को कम करने वाले ऐंडोर्फिन को बढ़ावा मिलेगा और आप को आंतरिक रूप से शांति का एहसास होगा.

18. तनाव से रहें दूर

आजकल की व्यस्त जीवनशैली में घर और काम के बीच तालमेल बैठाने के चक्कर में तनाव होना आम बात है. ज्यादा तनाव सिरदर्द और उच्च रक्तचाप जैसी समस्याओं का कारण बन सकता है. यहां तक कि तनाव का असर आप की त्वचा और चेहरे पर भी दिखने लगता है. तनाव से मुंहासे, बालों का गिरना और सफेद होना जैसी समस्याएं हो सकती हैं. ऐसे में अगर आप अपने काम और घर के तनाव से बच नहीं सकते तो उसे कम करने का प्रयास जरूर करें. ध्यान लगाएं, एक कप अच्छी गरम चाय पीएं, हलका म्यूजिक सुनें या जिस चीज से आप प्यार करते हैं वह करें. अपनेआप को वक्त दें.

19. ग्रीन टी पीएं

ग्रीन टी गुणों का खजाना है. यह न सिर्फ सेहत के लिए बल्कि त्वचा के लिए भी अच्छा पेयपदार्थ है. ग्रीन टी पोषक तत्त्व और ऐंटीऔक्सीडैंट से भरपूर होती है जो आप के शरीर के लिए लाभकारी होती है. इस में कैटेकिन शामिल होता है जो एक प्रकार का ऐंटीऔक्सीडैंट होती है, कोशिकाओं को नुकसान से बचाता है. यह रक्तप्रवाह में सुधार करता है, कोलैस्ट्रौल व रक्तचाप को कम करता है और त्वचा के स्वास्थ्य में सुधार लाता है. इस चाय में मौजूद ईजीसीजी वजन घटाने में भी काफी मददगार साबित हो सकता है. दमकती त्वचा के लिए आप प्रतिदिन ग्रीन टी पीने की आदत बनाएं.

20. बालों की सेहत का ध्यान रखें

आप के घने बाल भी आप की खूबसूरती में चार चांद लगाते हैं. खूबसरत व चमकदार बाल आप के व्यक्तित्व को निखारते हैं, लेकिन पसीना, धूलमिट्टी व प्रदूषण बालों की प्राकृतिक चमक को खत्म कर देता है. रूखेबेजान बाल का असर आप के लुक्स पर भी पड़ता है. बालों का सही तरीके से ध्यान रखना और उन्हें जरूरी पोषण देना महत्त्वपूर्ण है. आप हफ्ते में कम से कम से एक बार अपने बालों की नारियल तेल, जैतून तेल या बादाम तेल से मालिश करें.

हेयर स्पा उपचार भी महत्त्वपूर्ण है. बालों के लिए ऐसे उत्पादों का इस्तेमाल करें जिन में सल्फेट या हानिकारक रसायन न हो. बालों पर हीट का उपयोग न करें.

21. सही फिटिंग वाले कपड़े

पहनावा आप के व्यक्तित्व को काफी प्रभावित करता है. आप का पहनावा आप के आकर्षण का केंद्र बनता है, इसलिए अपने कपड़ों का चुनाव बहुत ध्यान से करना चाहिए. हमेशा अपने लिए सही फिटिंग वाले कपड़े चुनें जो न तो ज्यादा ढीले हों और न ज्यादा तंग. ऐसे रंग के कपड़ों का चुनाव करें जो आप के व्यक्तित्व को निखारें. जब भी शौपिंग के लिए जाएं अपनी बौडी के हिसाब से सही स्टाइल और साइज के कपड़ों का चुनाव करें.

नई शादी और वर्क लाइफ: कैसे बने तालमेल

वर्क ऐंड फैमिली लाइफ को बैलेंस करना आज किसी भी महिला के लिए सब से बड़ी चुनौती है क्योंकि घरपरिवार के साथसाथ वर्क प्लेस दोनों की बागडोर को एकसाथ संभालना या फिर इन के बीच बैलेंस बना कर चलना इतना इजी टास्क नहीं है खासकर तब जब परिवार की सपोर्ट न हो. ऐसे में अगर बात हो नवविवाहिताओं की, जिस के लिए सास बनाम बौस के द्वंद्व में फंसना लाजिम है. ऐसे में वे कैसे घर व औफिस में तालमेल बैठाएं, आइए जानते हैं:

परिवार को प्राथमिकता दें आप को यह बात भलीभांति सम?ानी होगी कि आप की अभीअभी शादी हुई है, इसलिए आप को अपने नए घर में शुरू से ही अपने संबंधों को संभाल कर, उन में मिठास बना कर चलना होगा और यह तभी संभव है जब आप शादी के बाद सब से पहले अपने नए घर को प्राथमिकता देंगी. इस के लिए आप उन के साथ समय बिताएं, उन की आदतों को जानने की कोशिश करें, उन की बात को पहले सम?ों, फिर रिस्पौंस करें.घर में क्या चीज किस समय होती है, उस के अनुसार खुद को ऐडजस्ट करने की कोशिश करें.

इस में आप अपने पार्टनर से भी फुल सपोर्ट मांगें ताकि आप को शुरुआत से ही चीजों को सम?ाने व उन में तालमेल बैठाने में दिक्कतों का सामना न करना पड़े. जब आप उन्हें दिल से अपना मान लेंगी, उन के लिए हर बैस्ट करने की कोशिश करेंगी तो यकीन मानिए आप को घर व वर्क लाइफ में बैलेंस बैठाने में जरा भी दिक्कत नहीं होगी.

औफिस में ज्यादा देर रुक कर काम न करें शादी हुई है तो आप को घर पर ज्यादा समय तो देना ही पड़ेगा, लेकिन इस का यह मतलब नहीं कि आप औफिस को प्राथमिकता देना छोड़ दें. बस आप शुरुआत में औफिस में बात कर लें कि मैं अभी कुछ समय औफिस टाइम से ज्यादा औफिस को टाइम नहीं दे पाऊंगी. लेकिन मैं औफिस हौर्स में अपने काम को फुल प्राथमिकता दूंगी.इस से आप का बौस आप की बात को जरूर सम?ोगा और इस से आप को घर व औफिस के बीच तालमेल बैठाने में भी आसानी होगी वरना अगर आप शादी से पहले की तरह ही औफिस में रुकरुक कर काम करती रहीं, तो न तो घर वाले आप को सम?ा पाएंगे और न ही आप उन्हें, तो आप को उन से तालमेल बैठाने में काफी दिक्कत हो सकती है. इसलिए शादी के बाद थोड़े दिनों के लिए औफिस को औफिस में ही छोड़ कर आने में सम?ादारी है. तभी आप अपने नए रिश्तों में मधुरता बैठा पाएंगी, वरना इस काम में देरी आप पर बाद में काफी भारी पड़ सकती है.

लेट नाइट शिफ्ट अवौइड करेंहो सकता है कि आप ऐसी कंपनी में जौब करती हों, जहां आप की शिफ्ट्स में ड्यूटी लगती हो और शादी से पहले आप ने यह बात अपने इनलौज को भी बता दी हो, तभी रिश्ते की बात आगे बढ़ी हो, फिर भी आप को शुरुआत में यह बात सम?ानी होगी कि चाहे आप का पार्टनर, आप के इनलौज कितने भी अच्छे क्यों न हों, लेकिन शुरुआत में आप का लेट नाइट घर आना उन्हें अखरेगा जरूर.इसलिए बौस या फिर अपने टीम लीड से बात कर के पहले से ही उन्हें सम?ा दें कि मेरी अभीअभी शादी हुई है, इसलिए मु?ो थोड़ा टाइम घर व औफिस में बैलेंस बैठाने में थोड़ी मुश्किल हो सकती है. लेकिन अगर मैं शुरुआत में थोड़े दिन औफिस में लेट नाइट शिफ्ट अवौइड करूं तो इस से मु?ो अपने परिवार को ज्यादा व अच्छे से सम?ाने में आसानी हो पाएगी, जिस से आगे चीजों में तालमेल बैठाना थोड़ा आसान हो जाएगा.

वर्क एरिया की गौसिप को घर न लाएं चाहे आप का पार्टनर कितना भी अच्छा हो, फैमिली काफी सपोर्ट करती हो, फिर भी आप को इस बात को सम?ाना होगा कि यह आप की मौम का घर नहीं है, जहां आप घर पहुंचते ही अपने औफिस की बातें करना शुरू कर दें.औफिस से आते ही बस कभी कुलीग की बात, तो कभी आप के बौस ने आज यहयह टास्क दिया, आज हम ने औफिस में यह मस्ती की, कल का यह प्लान है बगैराबगैरा. ऐसी बातों से अकसर थोड़े समय में ही पार्टनर व घर के लोग ऊबने लगते हैं. उन्हें लगता है कि आप के पास सिर्फ और सिर्फ औफिस के बारे में बात करने का समय है जबकि आप परिवार के साथ अच्छा तालमेल बैठाने के लिए औफिस से आ कर उन के साथ चाय पर आप का आज का दिन कैसा गया, कुछ नई चीजों के बारे में उन से जान सकती हैं.

इस से आप अपने परिवार वालों के साथ क्वालिटी टाइम भी स्पैंड कर पाएंगी और इस से आप की फैमिली व पार्टनर को भी अच्छा लगेगा कि आप उन के साथ घुलनेमिलने की कोशिश कर रही हैं क्योंकि रिश्तों में मिठास व अपनापन दोनों तरफ से होना चाहिए न कि ऐफर्ट सिर्फ एक तरफ से.परिवार के साथ वक्त बिताएं अभी आप न्यूली वैड हैं तो पार्टनर व फैमिली के साथ मस्ती, आउटिंग भरे पल तो बनते ही हैं क्योंकि शादी के शुरुआती दिन ही ताउम्र याद आते हैं वरना बाद में इंसान घरपरिवार की जिम्मेदारियों में उल?ा कर रह जाता है.

ऐसे में आप शादी के शुरुआती दिनों में औफिस से बीचबीच में लीव ले कर कभी फैमिली के साथ डिनर प्लान करें, तो कभी बाहर घूमने का प्रोग्राम बनाएं, तो कभी मूवी देखने जाएं.इस से नए रिश्तों को सम?ाने के साथसाथ आप को अपने पार्टनर के साथ भी टाइम स्पैंड करने का मौका मिल जाएगा और जब भी फैमिली आप के साथ टाइम स्पैंड करने की बात कहे तो मना न कहें, बल्कि चीजों को मैनेज करना सीखें. इस से जब आप परिवार की बातों का मान रखेंगी तो परिवार वाले भी आप की हर बात का मान रखेंगे. लेकिन ये सब ऐफर्ट आप को शुरुआत में ही करने पड़ेंगे.

तभी दोनों तरफ से अच्छी सम?ा विकसित होगी. सैलरी या पोजिशन की डींगें न हांकेंहो सकता है कि आप की सैलरी आप के पार्टनर से ज्यादा हो या फिर आप की कंपनी में पोजिशन काफी अच्छी हो, लेकिन इस का यह मतलब बिलकुल नहीं कि आप अपने पार्टनर के सामने या फिर हमेशा घर में अपनी सैलरी या पोजिशन की ही डींगें हांकती रहें. इस से सिर्फ और सिर्फ आप अपनों को नीचा ही दिखाएंगी.इस से अच्छा यह है कि आप दूसरों को सम?ों और सब का सम्मान करें वरना आप की यह हरकत शुरुआत में ही रिश्तों में खटास पैदा करने का काम करेगी. इसलिए अगर आप शादी के बाद औफिस व घर में तालमेल बैठा कर चलना चाहती हैं तो सम?ादारी से काम लें. वरना एक बार रिश्तों में पैदा हुई कड़वाहट ताउम्र रिश्तों में घुल कर रह जाती है, जिस से बचना काफी हद तक आप के अपने हाथ में है.

Year Ender 2022: अनुज-अनुपमा से लेकर साई-विराट तक टीवी पर हिट रही यें 7 जोड़िया 

भारतीय टीवी इंडस्ट्री की पॉपुलैरिटी बॉलीवुड से कम नहीं है. आपको आसपास ऐसे कई लोग मिल जाएंगे, जो लगभग हर रोज़ आने वाले उनके फ़ेवरेट टीवी शोज़ या सीरियल्स का एक भी एपिसोड मिस नहीं करते हैं. भले ही सुबह का नाश्ता या कोई ज़रूरी काम मिस हो जाए, लेकिन उनके शो का एक भी एपिसोड नहीं मिस हो सकता है. इसके साथ ही सीरियल्स में ऐसी कई जोड़ियां भी हैं, जिनकी वजह से लोगों को ये सीरियल और भी ज़्यादा पसंद आते हैं.तो आइए जानते है ऐसे कौन सी जोडियां है जो फैंस का दिल जीत लेती है.

 1. अनुज-अनुपमा (Anuj-Anupama)

सबसे पहले हम टीवी के नंबर 1 शो ‘अनुपमा’ के बारे में बात करते हैं. इसमें अनुपमा (रुपाली गांगुली) और अनुज (गौरव खन्ना) की जोड़ी टीवी इंडस्ट्री में धमाल मचा रही है. उन्होंने दर्शकों के लिए कपल गोल्स सेट कर दिए हैं, जिनको देखकर ऐसा लगता है कि क्या वाकई रियल दुनिया में ऐसा प्यार मिल सकता है. इसके साथ ही उनके ऑन-स्क्रीन बॉन्ड के साथ ही ऑफ़-स्क्रीन बॉन्ड भी काफ़ी एडोरेबल है.

2. राम-प्रिया (Ram-Priya)

टीवी के पॉपुलर शो ‘बड़े अच्छे लगते हैं’ के सीज़न 2 में लीड कैरेक्टर्स निभाने के लिए नकुल मेहता और दिशा परमार को चुना गया. इस शो में नकुल ‘राम’ के क़िरदार में हैं, तो वहीं दिशा ‘प्रिया’ के क़िरदार में लोगों के दिलों में बस चुके हैं. शो में राम और प्रिया की बॉन्डिंग धीरे-धीरे मज़बूत हो रही है. उनकी केमिस्ट्री इतनी नैचुरल लगती है कि आप उनसे प्यार किए बिना नहीं रह पाएंगे.

3. साई-विराट (Sai-Virat)

अक्टूबर 2020 में प्रीमियर हुए ‘गुम है किसी के प्यार में’ शो में साई और नील बड़ी फैन फॉलोइंग एंजॉय करते हैं. इसमें नील भट्ट और ऐश्वर्या शर्मा लीड कैरेक्टर में हैं.

 

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4. शिवा-रवि (Shiva-Ravi)

टीवी शो ‘पंड्या स्टोर’ में कंवर ढिल्लों और एलिस कौशिक ‘शिवा’ और ‘रवि’ का क़िरदार निभा रहे हैं. दोनों के रियल लाइफ़ में भी डेटिंग के रूमर्स हैं. तो ऐसा भी हो सकता है कि उनकी ऑन-स्क्रीन केमिस्ट्री इसलिए काफ़ी ख़ूबसूरत है, क्योंकि वो ऐसी केमिस्ट्री अपनी रियल लाइफ़ में भी शेयर करते हैं.

5. आनंद-आनंदी (Anand-Anandi)

‘बालिका वधू’ का दूसरा सीज़न 9 अगस्त 2021 से 25 फ़रवरी 2022 तक प्रीमियर किया गया था. इसमें शिवांगी जोशी और रणदीप राय ने ‘आनंद‘ और ‘आनंदी‘ की भूमिका निभाई थी. इस शो के सीज़न 1 की वजह से इसकी काफ़ी पॉपुलैरिटी थी.

6. अभिमन्यु-अक्षरा (Abhimanyu-Akshara)

टीवी शो ‘ये रिश्ता क्या कहलाता है’ के बारे में कौन नहीं जानता होगा. ये शो सबसे लंबे समय तक चलने वाले शो की लिस्ट में आता है. अक्टूबर 2021 में इस शो में हर्षद चोपड़ा और प्रणाली राठौड़ ने लीड कैरेक्टर्स के तौर पर एंट्री मारी थी. इसमें वो अभिमन्यु और अक्षरा का क़िरदार निभा रहे हैं, जो एक-दूसरे से बहुत प्यार करते हैं. हालांकि, अक्षरा अपना प्यार अपनी बहन आरोही के लिए कुर्बान कर देती है. लेकिन इन दोनों के बीच की केमिस्ट्री हमेशा व्यूअर्स को आकर्षित करती है.

7. रुद्राक्ष-प्रीशा (Rudraksh-Preesha)

एक और सबसे प्यार की जाने वाली जोड़ी सीरियल ‘ये हैं चाहतें’ में ‘रुद्राक्ष‘ और प्रीशा‘ की है. इसमें अबरार क़ाज़ी और सरगुन कौर लूथरा ने लीड भूमिका निभाई है. दोनों की केमिस्ट्री ऑन-स्क्रीन बेस्ट है और ये शो की TRP से बखूबी झलकता है. इस शो में डॉ. प्रीशा, एक अकेली मां होती है, जो अपनी बड़ी बहन की मृत्यु के बाद उसके बच्चे सारांश का पालन-पोषण करती है. फिर उसकी मुलाकात रुद्राक्ष से होती है, जो एक रॉकस्टार है.

 

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किस इनविटेशन की बात कर रहे हैं‘फाडू’ फेम एक्टर गुंजन जोशी, पढ़ें इंटरव्यू

दिल्ली से एन एस डी से एक्टिंग की ट्रेनिंग लेकर आये थे एक्टर बनने, पर बने फिल्म स्टोरी राइटर, जिसे दर्शकों और इंडस्ट्री के लोगों का प्यार मिला, क्योंकि मेरा शौक एक आर्टिस्ट बनना ही था, जिसमे राइटिंग,डायरेक्शन, एक्टिंग आदि सब शामिल रहा है. आर्ट को कवर करना मेरा मुख्य मकसद था, जो मुझे लेखन से भी मिला,मेरे आदर्श गुरुदत्त है, क्योंकि उन्होंने लेखन से लेकर अभिनय किया और दोनों में सफल रहे , कहते है.

अभिनेता गुंजन जोशी

जोशी आज एक अभिनेता है, उनकी रोमांटिक सीरीज ‘फाडू’ सोनी लाइव पर रिलीज हो चुकी है, जहाँ उनके अभिनय को दर्शक पसंद कर रहे है.गुंजन जोशी मध्यप्रदेश के एक छोटे से कस्बे से है.उन्हें हमेशा से एक्टर बनने की इच्छा थी, इसलिए उन्होंने एन एस डी से अभिनय की ट्रेनिंग ली और मुंबई काम करने आये.यहाँ आने पर उन्हें एक्टिंग से अधिक लेखन में मौका मिला और उन्होंने पहली कॉमेडी फिल्म ‘मैं, मेरी पत्नी और वो, बैरिस्टर रॉय आदि की कहानी लिखी, इससे उन्हें प्रसिद्धि मिली और उन्होंने कई फिल्मों के अलावा धारावाहिकों के लिए भी लिखने का काम किया है. वेब सीरीज फाडू में वे एक डॉन की भूमिका निभा रहे है. इसमें उन्हें स्क्रिप्ट और चरित्र को समझने के बाद उन्होंने इस भूमिका को निभाया है.

मिली प्रेरणा

अभिनय में आने की इच्छा के बारें में पूछने पर वे बताते है कि मैं भले ही मध्यप्रदेश के इंदौर के छोटे से कस्बे नीमच से हूँ, पर फिल्में देखना बहुत पसंद था. मैं अपने कोर्स की कहानियों को पढने के बाद उसके मंचन के बारें में सोचता था. उस दौरान मेरे शहर में गणेश उत्सव पर नाटकों की प्रतियोगिता होती थी, मैं उसमे कोर्स की कहानियों को नाटक के रूप में लिखकर मंचन करता था, उसमे मेरी पहली कहानी ‘पञ्च परमेश्वर’ थी, जिसे सभी ने पसंद किया था. ये मैंने 12 साल की उम्र में किया था. मेरे इस काम में मेरे माता-पिता का बहुत सहयोग रहा है. नीमच से मुंबई आने का मन गुंजन जोशी ने पहले से ही बना लिया था, क्योंकि इस क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए ट्रेनिंग और मुंबई दोनों की जरूरत थी. स्कूल से ही उन्होंने नाटकों में भी अभिनय शुरू कर दिया, इसके बाद उच्च शिक्षा के लिए इंदौर गए और वहां जाकर इलेक्ट्रॉनिक ऑनर्स में स्नातक किया और एन एस

डी में फॉर्म भरा और दाखिला मिल गया. इससे वे दिल्ली गए और अपनी शिक्षा पूरी कर उन्होंने प्रोफेशनलथिएटर शुरू किया. वहां कुछ दिन काम कर वे मुंबई आये और अभिनय के लिए कोशिश करने लगे. मुंबई में अभिनय का काम नहीं मिला, पर लेखन का काम मिला. इसके अलावा एड एजेंसी में भी काम किया, इससे ही आगे शो मिला. शुरू में उनकी संघर्ष समुद्र में एक बूंद की तरह रही , जिसमें डेढ़ साल तक कम्युनिकेट करना पड़ा था.

संघर्ष नहीं था आसान

वे कहते है कि मुंबई में बिना काम के रहना मुश्किल होता है, इसलिए मैंने सामने जो मिला उसे करता गया, इससे मेरी जान-पहचान बनी. मैंने नॉन फिक्शन कहानियां लिखी, जिसे सभी ने पसंद किया. मैंने ट्रेनिंग एक्टिंग की ली थी, पर काम लिखने का करने लगा. मैने वर्ष 2000 को एन एस डी से निकलकर मुंबई एक्टर बनने आया था, आज 20 साल बाद मैं एक सही एक्टर बन पाया. एक सही काम पाने के लिए मेहनत, लगन और धीरज की बहुत जरुरत होती है. संघर्ष हर काम में होता है. कुछ नया काम करना आसान नहीं, क्योंकि पहचान और अंजान के बीच समस्या बहुत सारी होती है. परिवार का कोई व्यक्ति

अगर इंडस्ट्री से होता है, तो आगे बढ़ने में आसानी होती है. परिचय कई बार काम आता है. बाहर से आया व्यक्ति और इंडस्ट्री में रहने वाले व्यक्ति की समझ में बहुत अंतर होता है. असल में किसी नई शुरुआत का मेहनत हर क्षेत्र में हर व्यक्ति को करना पड़ता है.

ओटीटी ने दिया मौका

गुंजन जोशी को आज का दौर बहुत पसंद है, क्योंकि इसमें नए कलाकारों को काम करने का मौका मिल रहा है, लेकिन इसमें कुछ कमियां भी है. ओटीटी की कहानियों के गिरते स्तर के बारें में पूछने पर वे कहते है कि नई जेनरेशन के कलाकारों के लिए ओटीटी एक वरदान है. अब कास्टिंग डायरेक्टर नए-नए कलाकारों कोढूँढ़ते है, ऐसे में अच्छे कलाकारों के लिए मौका अधिक है. जब ओटीटी शुरू हुई थी, तब उन कहानियों को इसमें जगह मिली, जिसे डेली सोप या फिल्मों में कहना संभव नहीं था. उनके लिए केवल 8 से 10 एपिसोड ही काफी थे और इस दौरान ओटीटी को आगे आने में सफलता मिली. कोविड के समय इसमें बाढ़ आ गई और अब हर कोई पहले कहानी लिखने के लिए कहते है, उसे कैसे बनानी है, उसके बारें में बाद में सोचते है.

इससे कहानी की आत्मा कम होकर उसे जल्दी से सबकी आँखों में आने के लिये जरुरत से अधिक गाली- गलौज, सेक्सुअल कंटेंट, वायलेंस आदि भरे जाते है, लेकिन इसमें कुछ सीरीज अच्छी भी है, जिसे लोग देखते है. ये प्लेटफार्म बहुत अच्छा है, जिसे हर कोई अपने समय के अनुसार देख सकता है. स्टोरी की थीम क्लियर न होने पर बनी वेब सीरीज कभी अच्छी नहीं बन पाती. इसके अलावा अभी ओटीटी प्लेटफार्म कीसंख्या बहुत बढ़ गयी है, जिसमे सीरीज की संख्या बढ़ने की वजह से अच्छी और बेकार वेब शो के अनुपात काफी बढ़ चुका है.

परिवार की जिम्मेदारी

वेब सीरीज में सर्टिफिकेशन है, लेकिन जिसे एडल्ट कंटेंट कहकर 18+ कह दिया जाता है, उसे लोग अधिक देखते है. ऐसे में सर्टिफिकेशन का बहुत अधिक महत्व नहीं रहता, लेकिन इसके अलावा कुछ किया जाना संभव नहीं. गुंजन कहते है कि सर्टिफिकेशन जरुरी है, पर सेंसर नहीं. (हँसते हुए) असल में निषेध में हीआमंत्रण है. परिवार की जिम्मेदारी है कि वे बच्चों को कंटेंट देखने के बारें पेरेंट्स को थोडा गाइड करना चाहिए . गुंजन आगे कहते है कि मेरी पत्नी तमन्ना महाजन है, वह भी एक्ट्रेस है, मेरा एक बेटा है. बेटे के बाद उन्होंने थोड़े दिनों के लिए ब्रेक लिया था, वे मेरे साथ लिखने में भी मदद करती है, पर उनका झुकाव एक्टिंग की और है. अभी एक्टिंग में आ रही है. आगे फिल्म ‘बवाल’ में कॉमेडी और ‘मिरांडा ब्रदर्स’ में काम किया है. थोड़ी गहराई वाली फिल्म में काम करना मुझे पसंद है.

पसंद एक्टिंग

गुंजन कहते है कि मुझे एक्टिंग में सबसे अधिक मज़ा आता है. आगे मुझे मीनिंग फुल कमर्शियल फिल्म में काम करना है, क्योंकि रियल के साथ फिल्मों में मनोरंजन का होना जरुरी है. कला का उद्देश्य मनोरंजन होना जरुरी है. सुंदर कहानियों को कहने में मैं विश्वास करता हूँ.नए साल की नई बातगुंजन का दिनचर्या साधारण होता है, अलग-अलग चीजो को देखना, पढना, हफ्ते में दो बार खाना बना लेना आदि पसंद है, क्योंकि उन्हें इसका शौक है. नए साल में मैं ऐसी कहानियों में काम करना चाहते है , जिसे लोग देखे, फील करें और कुछ आगे खुद करने के लिए प्रेरित हो.

काजल अग्रवाल ने दिखाई बेटे की पहली झलक, पति संग दिए रोमांटिक पोज

अपनी एक्टिंग के लिए जानी मानी एक्ट्रेस काजल अग्रवाल इन दिनों मीडिया की सुर्खियों में है, साउथ फिल्मों में एक्टिग करन वाली काजल अग्रवाल सोशल मीडिया पर काफी एक्टिव है. वो समय समय पर कई फोटो और वीडियो शेयर करती रहती है ऐसे पहली बार काजल ने अपने बेटे की पहली झलक दिख लाई है.

आपको बता दे, कि एक्ट्रेस ने पहली बार इंस्टाग्राम पर बेटे की फोटो शेयर की है साथ अपने पति गौतम किचलू के साथ भी रोमांटिक फोटो शेयर की है. उनकी इन तस्वीरों को फैंस काफी पसंद करते है. गौतम किचलू और काजल अग्रवाल ने अपने बेटे का फेस अभी तक दुनिया को नहीं दिखाया है. इसी बीच काजल ने अपने इंस्टाग्राम हैंडल से कुछ तस्वीरें शेयर की है, इन तस्वीरों में एक्ट्रेस अपने बेटे के साथ नजर आ रही है.

साउथ फेमस एक्ट्रेस काजल अग्रवाल ने अभी हाल ही में इंस्टाग्राम पर कुछ पोस्ट शेयर की हैं. पहली पोस्ट में वो अपने पति के साथ दिखाई दे रही हैं, तो दूसरी तस्वीर में एक्ट्रेस अपने बेटे के गोद में लिए नजर आ रही है. एक्ट्रेस की ये दोनों पोस्ट सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रही है. काजल अग्रवाल की बेटे की फोटो पर फैंस दिल वाले इमोजी कमेंट बॉक्स में भेज रहे है.तो वहीं दूसरे पोस्ट पर भी फैंस जमकर प्यार लुटा रहे है.साथ ही साथ इन दोनों पोस्ट को फैंस सोशल मीडिाय पर खूब शेयर भी कर रहे है.

कब हुआ था बेटे का जन्म

काजल अग्रवाल और गौतम किचलू ने 19 अप्रैल 2022 को एक बेटे के मम्मी-पापा बने है. जानकारी के लिए बता दें काजल अग्रवाल ने साल 2020 में गौतम किचलू से शादी की थी. जिसके बाद काजल मीडिया की लाइमलाइट में बनी हुई है.

तुनिषा शर्मा के अतिंम संस्कार में फूट-फूट कर रोई आरोपी की बहन फलक नाज

जानीमानी एक्ट्रेस तुनिषा शर्मा का मंगलवार के दिन अतिंम संस्कार हुआ. एक्ट्रेस ने ‘अली बाबा दास्तान ए-काबुल’ के सेट पर मेकअप रूम में सुसाइड कर लिया था.जिनकी पोस्टपार्टम रिपोर्ट आने के बाद अंतिम संस्कार करने की अनुमति दी गई.एक्ट्रेस ने 24 दिसंबर को फांसी लगाकर अपनी जान दे दी थी. जिस घटना से सब हैरान थे.

आपको बता दें, कि इस मामले में  तुनिषा के को-एक्टर शीजान खान (Sheezan Khan) को गिरफ्तार कर लिया गया है और फिलहाल शीजान चार दिन की पुलिस रिमांड पर हैं. इस दौरान एक्ट्रेस को अंतिम विदाई देने के लिए टीवी इंडस्ट्री के बड़े सितारे पहुंचे थे.लेकिन तुनिषा के अंतिम संस्कार में आरोपी शीजान खान की बहन फलक नाज को देखकर हर कोई हैरान रह गया. फलक भी तुनिषा के अंतिम संस्कार में पहुंची थीं, जिसकी तस्वीरें सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रही हैं.

 

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जी हां, अंतिम संस्कार की इन तस्वीरों में देखा जा सकता है कि फलक नाज फूट-फूटकर रो रही हैं.बता दें कि फलक नाज तुनिषा शर्मा के काफी करीब थीं. तुनिषा भी फलक से बहुत प्यार करती थीं और वह अक्सर एक्ट्रेस के साथ अपनी तस्वीरें इंस्टाग्राम पर पोस्ट करती नजर आ जाती थीं.

 

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तुनिषा को अंतिम विदाई देने पहुंची मां बेटी का पार्थिव शरीर देखकर बेहोश हो गई थीं. इस वीडियो में देखा जा सकता है कि किस तरह बेटी के अंतिम संस्कार में तुनिषा की मां बेहोश हो गई हैं और लोग एक्ट्रेस की मां सहारा दे रहे हैं। तुनिषा शर्मा की मां का यह वीडियो देखकर हर किसी की आंखें नम हो रही हैं.

बता दें कि तुनिषा शर्मा की मौत के बाद फलक नाज ने एक पोस्ट शेयर किया था, जिसमें उन्होंने लिखा था, “हर कोई कहानी का दूसरा पहलू जानने के लिए बेताब है.हम भी हैं, लेकिन हम चाहते हैं कि इस मुश्किल घड़ी में हमारी निजता का ध्यान रखा जाए. सही वक्त आने दीजिए और हम इस मुद्दे को जरूर संबोधित करेंगे.लेकिन यह सही वक्त नहीं है.

 

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छुटकारा: नीरज को क्या पता था

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Winter Special: झड़ते बाल कैसे रोके

हर महिला की चाहत होती है कि उस के सुंदर, घने, काले बाल हों जो उस की खूबसूरती को बढ़ा जाएं. जब ये बाल उम्र से पहले ही झड़ने लग जाएं तो दिल पर क्या बीतती है यह तो कोई युवा महिला ही बता सकती है. सिर्फ औरतें ही नहीं बल्कि पुरुषों को भी इस मुसीबत का सामना करना पड़ता है. वर्तमान समय में हर दूसरा व्यक्ति बाल झड़ने की समस्या से जूझ रहा है. इस समस्या से

निजात पाने के लिए कोई घरेलू नुस्खों को अपनाता है तो कोई आयुर्वेदिक तेल और तरह तरह के शैंपू आजमाता है. कोई सप्प्लिमेंट्स लेने लगता है तो कोई बालों की कटिंग ही करा लेता है. लेकिन समस्या जस की तस बनी रहती है. औसत वयस्क के सिर में लगभग 100,000 से 150,000 बाल होते हैं. अमेरिकन एकेडमी ऑफ डर्मेटोलॉजिस्ट के अनुसार प्रतिदिन 50 से 100 बालों का गिरना सामान्य है. अगर आप के बाल इस से ज्यादा गिरते हैं और गुच्छों में निकलते हैं तो समझ जाइए कि आप के बाल झड़ने लगे हैं.

समय पर ध्यान नहीं दिया गया तो परिणाम के रूप में गंजेपन की सौगात मिल सकती है. वैसे महिलाओं में गंजापन कम ही देखा जाता है. मगर ज्यादा समय तक बाल झड़ने की समस्या बने रहने से उन के बाल पतले और छोटे हो जाते हैं. साथ ही बालों की खूबसूरती भी चली जाती है. इसलिए समय रहते अपने बालों की चिंता करें, उन का ख़याल रखें और अगर बाल ज्यादा संख्या में गिर रहे हैं तो कारण समझने का प्रयास करें. दरअसल बालों के गिरने की समस्या अक्सर खराब हेयर केयर रूटीन, सही डाइट न लेने और स्कैल्प से जुड़ी बीमारियों के कारण होता है. मन में किसी तरह का तनाव हो तो भी बाल कम हो जाते हैं.

बाल झड़ने के पैटर्न

सिर के ऊपर धीरे धीरे बालों का कम होना – यह बालों के झड़ने का सब से आम प्रकार है. बाल झड़ने की यह समस्या बढ़ती उम्र के साथ लोगों को प्रभावित करता है. पुरुषों में अक्सर माथे पर हेयरलाइन पर बाल झड़ने लगते हैं मगर महिलाओं के साथ ऐसा नहीं होता. उन के पूरे बाल कम होने लगते हैं. चकत्तों में बालों का झड़ना – कई लोगो में गोलाकार में बाल झड़ने की समस्या होती है. इस में लोग अपने सिर पर सिक्के के आकार के गंजेपन के चकत्ते महसूस करते हैं.

हल्के से छूने से गुच्छों में बालों का झड़ना – कुछ लोगों को एक साथ काफी बाल टूटने की समस्या का सामना करना पड़ता है. ऐसे में बाल गुच्छे में टूटते हैं जिस की वजह से गंजापन तेजी से होता है. लेकिन यह समस्या जल्द ही ठीक भी हो जाती है. बालों से जुड़ी यह समस्या तब होती है जब कोई व्यक्ति किसी गंभीर और लंबे समय तक किसी शारीरिक समस्या से जूझता रहता है.

पूरे शरीर से बाल झड़ना –  कई लोगों को पूरे शरीर में बाल झड़ने की समस्या होती है. ऐसे में अचानक से शरीर से बाल झड़ने लग जाते हैं. कुछ चिकित्सीय उपचारों जैसे कि कैंसर के लिए कीमोथेरेपी से भी पूरे शरीर के बाल झड़ सकते हैं. बाद में आमतौर पर बाल फिर से उग आते हैं. कोई भी समस्या होने के पीछे कोई न कोई कारण जरूर जरूर होता है. इसी प्रकार बाल झड़ने की समस्या होने के पीछे भी कई कारण होते हैं जिन की पहचान कर बाल झड़ने की समस्या से बच सकते हैं.

आइए जानते हैं बाल झड़ने के कुछ संभावित कारणों के बारे में ;

  • तनाव या डिप्रेशन के कारण – जब कोई व्यक्ति लगातार काफी लंबे समय से डिप्रेशन की समस्या जूझता है तो उस दौरान उसे बाल झड़ने की समस्या का सामना करना पड़ सकता है. वैसे तो डिप्रेशन एक मानसिक बीमारी है लेकिन समय पर उपचार न होने से यह एक शारीरिक समस्या के रूप में भी सामने आने लगती है. ऐसे में केवल बाल ही नहीं झड़ते बल्कि बाल सफ़ेद भी होने लगते हैं.
  • पोषण की कमी – शरीर में पोषण की कमी भी बाल झड़ने का एक सब से मूल कारण है. खासकर महिलाएं अपने पोषण का ख़याल नहीं रखतीं. अगर आप संतुलित आहार नहीं लेते तो आप को बाल झड़ने की समस्या संभावित रूप से हो सकती है. इसलिए अपने खाने में हमेशा विटामिन ई, आयरन, जिंक और सबसे जरूर प्रोटीन को जरूर शामिल करना चाहिए.
  • हेयर स्टाइलिंग या हेयर स्टाइल –  जरूरत से ज्यादा हेयर स्टाइलिंग करने की वजह से भी बाल झड़ने की समस्या का करना पड़ सकता है. जब आप ज्यादा हेयर स्टाइलिंग करवाते हैं तो इस की वजह से आप के बालों को कस कर खींचा जाता है और केमिकल्स लगाए जाते हैं जिस से ये कमजोर हो सकते हैं.
  • कैंसर रोग के कारण – कैंसर होने के कारण रोगी को बाल झड़ने की समस्या का सामना करना पड़ सकता है. इस गंभीर रोग के दौरान रोगी को अक्सर काफी गंभीर और जटिल उपचारों से गुजरना पड़ता है और साथ ही काफी दवाएं भी लेनी पडती है जिसकी वजह से रोगी के पूरे शरीर से बाल झड़ने लगते हैं.
  • डैंड्रफ या रूसी- डैंड्रफ या रूसी के कारण आमतौर पर हर किसी के बाल झड़ते हैं. डैंड्रफ कई कारणों से होता है जैसे कि ड्राई स्कैल्प के कारण, ऑयली बालों के कारण, गंदगी के कारण, मौसम बदलने के कारण या फिर खराब हेयर केयर रूटीन के कारण.
  • आनुवांशिकता – बाल झड़ने की समस्या पारिवारिक भी हो सकती है.  अक्सर यह देखा गया है अगर किसी  को बाल झड़ने की समस्या है तो उस की आने वाली पीढ़ी में भी यह समस्या होती है.
  • लूपुस डिसऑर्डर – ऑटोइम्यून डिसऑर्डर की वजह से भी अक्सर लोगो को बाल झड़ने की समस्या का सामना करना पड़ता है जिस मे लूपुस भी एक है. लूपुस ऑटोइम्यून डिसऑर्डर होने पर शरीर के कई हिस्सों में लंबे समय तक सूजन आ जाती है जिस की वजह से उस हिस्से में ब्लड ठीक से नहीं पहुँच पाता और फिर बाल झड़ने की समस्या हो जाती है.
  • हार्मोन बदलने के कारण – अगर शरीर में हार्मोन अचानक से बदलने लग जाए या हार्मोन असंतुलित हो जाए तो इस की वजह से भी बाल झड़ने की समस्या का सामना करना पड़ता है.  यह समस्या अक्सर महिलाओं में मासिक धर्म और गर्भवस्था के दौरान देखी जाती है.
  • प्रसव के बाद– महिलाओं में बाल झड़ने का एक कारण गर्भावस्था भी है. गर्भावस्था के बाद ज्यादातर महिलाओं के बाल झड़ने लगते है. कई नई माताओं को गर्भावस्था के बाद अत्यधिक बाल झड़ने का अनुभव होता है. बाल झड़ना आमतौर पर जन्म देने के लगभग चार महीने बाद होता है.
  • दवाओं के कारण – मधुमेह, खून पतला करने की दवाएं, थायरॉइड , आर्थराइटिस, ब्लड प्रेशर और दिल की दवाएं लेने की वजह से व्यक्ति को बाल झड़ने की समस्या का समाना करना पड़ सकता है.
  • एनॉरेक्सिया और बुलिमिया – बाल झड़ने की यह समस्या किशोरों में दिखाई देती है. अक्सर किशोर स्लिम फिट बॉडी की चाहत में अक्सर डाइटिंग करते हैं जिस की वजह से उन्हें एनॉरेक्सिया और बुलिमिया जैसे ईटिंग डिसऑर्डर की समस्याहो जाती है. इन डिसऑर्डर्स से ग्रसित युवा  कुपोषण का भी सामना करना पड़ता है जिस की वजह से बाल झड़ने की समस्या होने लगती है. एलोपेसिया यूनिवर्सलिस एलोपेसिया यूनिवर्सलिस एक ऐसी बीमारी है जिस में आप के शरीर के बाल भी झड़ने लगते हैं. जिन लोगों के बाल पूरी तरह झड़ जाते हैं वह एलोपेसिया टोटलिस के शिकार हो जाते हैं लेकिन जिन लोगों के शरीर के बाल धीमे धीमे झड़ते हैं उन्हें एलोपेसिया यूनिवर्सलिस कहते हैं. आमतौर पर एलोपेसिया डॉक्टरों के द्वारा ट्रीटमेंट करने पर कुछ महीनों में ठीक हो सकता है. टेलोजेन एफ्लुवियम   टेलोजेन एफ्लुवियम के कारण भी लोगों के बाल तेजी से झड़ने लगते हैं.  ये तब होता है जब आप का शरीर तनाव, सदमा, आघात या बीमारी से गुजरता है. इस से आप के सिस्टम को नुकसान पहुंचता है. सर्जरी, कुछ दवाओं के इस्तेमाल, क्रैश डाइटिंग, अत्यधिक तनाव, थायराइड आदि के कारण आप के बाल टेलोजन की स्थिति तक पहुंच जाते हैं और बाल पतले हो कर टूटने लगते हैं. ऐसे में डॉक्टरी उपचार की जरूरत हो सकती है.

टिनिआ केपिटिस (tinea capitis)

टिनिआ केपिटिस का मतलब है एक दाद संक्रमण जो त्वचा पर और खोपड़ी पर बालोंके रोम के अंदर विकसित होता है.  यह एक तरह का फंगल इंफेक्शन है जो त्वचा की अलगअलग जगहों पर बनता है. यह सिर में हो जाए तो आप के बाल तेजी सेटूटने और गिरने लगते हैं. स्कैल्प इंफेक्शन स्कैल्प इंफेक्शन स्कैल्प में बैक्टीरियल या फंगल इंफेक्शन के कारण होताहै. इस में फंगस या बैक्टीरिया बालों के रोम या क्षतिग्रस्त त्वचा के  माध्यम से खोपड़ी में प्रवेश करते हैं तो खोपड़ी संक्रमित हो सकती है. इस से बाल तेजी से टूटने लगते हैं.

रक्तचाप की समस्या के कारण – रक्तचाप की समस्या होने से बाल झड़ने शुरू हो सकते हैं. जब कोई व्यक्ति ब्लड प्रेशर की समस्या से जूझ रहा होता है तो ऐसे में ब्लड का प्रेशर बाधित हो जाता है. साथ ही ब्लड में सोडियम की मात्रा अधिक हो जाती है. इस की वजह से ब्लड बालों तक ठीक से पोषण नहीं पहुंचा पाते और व्यक्ति के बाल तेजी से गिरने लगते हैं.

बालों का गिरना कैसे रोकें

अगर आप बाल झड़ने की समस्या से जूझ रहे हैं तो निम्नलिखित उपायों को अपना कर इस से बच सकते हैं अपने बालों को सही तरीके से धोएं पतले या झड़ते हुए बाल ज्यादा नाजुक होते हैं. ये आसानी से टूट जाते हैं.

ऐसे में आप को बाल धोते समय कुछ बातों का खास ख्याल रखना चाहिए. जैसे कि एक सौम्य शैम्पू का प्रयोग करें. हर शैंपू के बाद मॉइस्चराइजिंग कंडीशनर लगाएं. कंडीशनर आप के स्ट्रैंड्स को कोट करता है जिस से टूटना और स्प्लिट एंड्स कम हो जाते हैं. अपने बालों को माइक्रोफाइबर टॉवल में लपेटें ताकि ये अधिक तेजी से सूख सके. कोशिश करें कि अपने बालों को प्राकृतिक  तरीके से सूखने दें. केमिकल स्ट्रेटनिंग और कलरिंग से बचें जितना हो सके अपने बालों को नेचुरल रूप में रहने दें क्योंकि केमिकल स्ट्रेटनिंग और कलरिंग आप के बालों को नुकसान पहुंचा सकते हैं. अगर आप ये करवा भी रहे हैं तो सैलून में करवाएं और बाद में एक मॉइस्चराइजिंग कंडीशनर का उपयोग करें. बालों में अलग अलग तरह के कलर, शैम्पू, हेयर मास्क आदि का प्रयोग न करें. कोशिश करें कि आप एक ही ब्रांड के उत्पादों का प्रयोग करें.

बालों को हौले से ब्रश करें

अपने बालों को धीरे से ब्रश करें. इस से बालों का ब्लड सर्कुलेशन बेहतर होता है और उन्हें नुकसान भी नहीं पहुँचता. ब्रश या कंघी करते समय अपने बालों की मालिश करें. बालों को हमेशा प्यार से संभाले. बारीक़ कंघी की जगह चौड़ी कंघी का इस्तेमाल करें और बालों को खींचे नहीं. अगर बाल गीलें हैं तो उन्हें भी प्यार से ही संभालें. अपने बालों को कस कर न बांधें. बालों का हेयर स्टाइल ऐसा रखें जिस से बालों पर जोर न पड़े क्योंकि यह बालों के झड़ने का कारण बन सकता है.

डाइट सही रखें

अपनी डाइट को सही रखें ताकि बाल मजबूत बनें. आयरन और प्रोटीन से भरपूर चीजें खाएं जो बालों को मजबूत बनाते हैं. बहुत कम कैलोरी वाले खाने  से भी बाल झड़ सकते हैं. बालों के रोम ज्यादातर प्रोटीन से बने होते हैं जिन्हें केराटिन कहा जाता है. आहार में आयरन और प्रोटीन को जरूर शामिल करें. इन दोनों की कमी की वजह से बाल झड़ने की समस्या सब से ज्यादा होती है और बाल सफ़ेद भी होते हैं. अपने आहार में विटामिन बी को भी शामिल करें.

विटामिन बी की से बाल झड़ने की समस्या तेजी से बढ़ती है. गाजर खाने से बालों का झड़ना कम हो जाता है क्योंकि इसमें मौजूद विटामिन ए हमारे बालों को नरिश करता है और स्कैल्प को भी हेल्दी रखता है. इसी तरह हेयरफॉल हो रहा हो तो आप को वॉलनट्स का सेवन करना चाहिए. इस में विटामिन बी, प्रोटीन, जिंक और आयरन की मौजूदगी होती है जो बालों की सेहत के लिए फायदेमंद है.  विटामिन बी-12, आयरन, जिंक और ओमेगा 6 फैटी एसिड्स की कमी होने से भी बाल बहुत ज्यादा झड़ने लगते हैं. अंडे को बालों के लिए काफी अच्छा माना जाता है.लो फैट डेयरी प्रोडक्ट्स भी आप के बालों की ग्रोथ के लिए बेहतर विकल्प है. इस में कैल्शियम की भरपूर मात्रा पाई जाती है जो बालों की मजबूती के लिए जरूरी है. डाइट में ताजे फल और सब्जियों को शामिल करें. अंकुरित अनाज खाएं और दही को दैनिक आहार में शामिल करें. रोजाना 6 से 8 गिलास पानी पिएं. नींबू पानी और फलों और सब्जियों के ताजा निकाले गए जूस  भी पीएं. नियमित रूप से एक्सरसाइज करें.

सिगरेट शराब पीना कर दें बंद

वैसे ही नशे की लत बहुत खतरनाक है उस पर बालों के मामले में इस का नतीजा और भी बुरा होता है. शराब और सिगरेट के सेवन से प्रोटीन सिंथेसिस प्रभावित होता है. इस से बाल पतले और कमजोर हो जाते हैं. धूम्रपान करने से सिगरेट में मौजूद टॉक्सिन बालों में मौजूद हार्मोन को नष्ट भी कर सकते हैं. इस से बालों का विकास रुक जाता है. इसलिए जितनी जल्दी हो सके इस नशे को अपने जीवन से दूर करें.

शुगर से करें परहेज

मीठा खाने के शौकीन लोगों के लिए चीनी छोड़ना मुश्किल जरूर है लेकिन ऐसा करने से आपके बालों का झड़ना कम हो सकता है. रिपोर्ट्स के अनुसार चीनी खा कर आप अपने शरीर में इंसुलिन की मात्रा बढ़ा रहे हैं जो आप के बालों को सिर से अलग करता है. साथ ही यह मेल हार्मोन एंड्रोजन का भी उत्पादन करती है. इस से आपके हेयर फॉलिकल्स भी सिकुड़ जाते हैं और बाल झड़ने का कारण बन जाते हैं. कई लोग इसे नजरअंदाज करते हैं और बाल झड़ने के बाद भी चीनी के सेवन पर रोक नहीं लगाते.

हेड मसाज से बचें

जब आप के बाल झड़ने हैं तो हेड मसाज करने से बचना चाहिए क्योंकि इस से बालों का गिरना बढ़ सकता है. दरअसल मसाज करने से बालों की जड़ें कमजोर होती हैं और स्कैल्प मसाज करने पर ज्यादा बाल टूट सकते हैं. आप स्कैल्प पर तेल लगा कर रातभर इसे छोड़ सकती हैं. इस के लिए शुद्ध नारियल का तेल, ऑलिव ऑयल, बादाम का तेल और तिल का तेल यूज़ करें. गर्म किया हुआ तेल आप को ज्यादा फायदा पहुंचाएगा. आप तेल को स्कैल्प पर लगाने के बाद हल्के हाथों से उंगलियों का इस्तेमाल करते हुए सर्कुलर मोशन से मसाज कर सकते हैं लेकिन अधिक जोर न दें.

माइल्ड शैंपू का यूज करें

बाल झड़ने की परेशानी से बचने के लिए स्कैल्प को अच्छी तरह से साफ करना बहुत जरूरी है, इस के लिए माइल्ड शैंपू का यूज करें. बस इस बात का ध्यान रखें कि स्कैल्प और बालों को हफ्ते में दो या तीन बार बहुत कम शैंपू से धोना चाहिए. आप शिकाकाई, आंवला, रीठा, ब्राह्मी, भृंगराज जैसे हर्बल हेयर टॉनिक के साथ समय से पहले बालों के झड़ने का इलाज कर सकते हैं. ये सभी चीजें  बालों की मजबूती के लिए जानी जाती हैं.

खींचने वाले हेयर स्टाइल ना करें

बाल कोमल होते हैं.  टाइट ब्रैड और पोनीटेल या इस तरह के दूसरे हेयर स्टाइल आप के बालों को खींचते हैं जो आप के बालों को नुकसान पहुंचा सकते हैं. इसलिए ऐसे हेयर स्टाइल से तौबा कर लें.

केमिकल्स और ब्लीच का प्रयोग न करें

बालों के उपचार के केमिकल्स बालों के रोम को नुकसान पहुंचाते हैं. बाल झड़ रहे है तो हाइलाइट्स, पेरोक्साइड उपचार, रंगों और पर्म के उपयोग को रोक दें.

प्राकृतिक चीजों का उपयोग –  प्याज का रस निकाल लें. बालों की जड़ों में इस से मसाज करें. आधे घंटे बाद पानी से धो लें. बालों के झड़ने की समस्या में आराम मिलेगा. एलोवेरा हेयर फॉल को कंट्रोल करने में कारगर है. एलोवेरा की पत्तियों के गूदे को निकाले और उसे बालों की जड़ों में मसाज करें. आधे घंटे बाद पानी से धो दें. हेयर फॉल कम हो जाएगा. बालों की हर तरह की समस्या को रोकने में आंवला बहुत असरदार है. आंवले के पाउडर में शिकाकाई, रीठा डालकर उस का पेस्ट बालों पर लगाएं और सूखने दें. इस के बाद बालों को पानी से धो लें.

Wedding Special: जानें फेस सीरम क्यों ज़रूरी है

आज के समय में प्रदूषण, तनाव और गलत दिनचर्या की वजह से हमारी त्वचा समय से पहले ही बेजान, रूखी और उम्रदराज लगने लगती है. कम उम्र के लोगों में भी चेहरे पर दाग धब्बों और मुहांसों का प्रकोप शुरू हो जाता है. ऐसे में जरूरी है कि हम अपने चेहरे की त्वचा की अच्छी तरह से देखभाल करें और मेकअप पोत कर समस्याएं छिपाने के बजाए इसे स्वाभाविक रूप से स्वस्थ और आकर्षक बनाएं.

त्वचा की देखभाल का एक अहम हिस्सा है सफाई के बाद एक अच्छी क्वालिटी के फेस सीरम का प्रयोग करना. फेस सीरम एक लाइट वेट मॉइश्चराइजर की तरह होता है. वाटर बेस्ड होने के कारण यह तुरंत ही त्वचा में गहराई से अब्जॉर्ब हो कर उस को अंदर से नमी देता है. नियमित रूप से सीरम का इस्तेमाल करने से त्वचा अधिक स्वस्थ, जवां और चमकदार बनती है. त्वचा में नमी भी बनी रहती है.

फेस सीरम का उपयोग मॉइस्चराइज़र, सनस्क्रीन और मेकअप के नीचे एक बेस लेयर के रूप में किया जाता है. युवाओं की यंग त्वचा को आमतौर पर इस की बहुत अधिक आवश्यकता नहीं होती है पर इस के इस्तेमाल करने से उन्हें भी एक स्वस्थ, बेदाग़ त्वचा मिलती है और समय से पहले त्वचा की उम्र बढ़ने और झुर्रियों को रोकने में मदद मिल सकती है. आप अपनी त्वचा की सफाई और टोनिंग के बाद दिन में एक या दो बार फेस सीरम का उपयोग कर सकते हैं.

फेस के लिए सीरम क्यों है जरूरी

फेस सीरम उन के लिए खासतौर पर जरूरी है जो चेहरे पर उभर रहे उम्र के असर, गहरे दाग धब्बों, हाइपरपिगमेंटेशन, एक्ने, बंद रोम छिद्र और डिहाइड्रेशन की वजह से परेशान हैं. इस के प्रयोग से आप को इन समस्याओं से जूझने में मदद मिलेगी;

1. चेहरे के दाग धब्बों को कम करने में : रोजाना सूर्य से निकलने वाली यूवी किरणें हमारी त्वचा को बेजान और बेरंग करती हैं. ऐसे में फेस सीरम में मौजूद ग्लाइकोलिक एसिड स्किन को चमकदार बनाने के साथ ही एक नया कॉम्प्लेक्शन भी देता है. अगर आप इस का रोजाना इस्तेमाल करेंगी तो कुछ दिनों के बाद ही आप को अंतर पता चल जाएगा कि चेहरे पर से गहरे दाग धब्बे कम होने लगे हैं. करीब एक महीने में चेहरे की बारीक रेखाएं और झुर्रियां भी कम होने लगती हैं.

2. बेजान त्वचा को रौनक देने के लिए : उम्र बढ़ने के साथ ही हमारी स्किन अपनी चमक खोने लगती है. ऐसे में स्किन के लिए फेस सीरम जरूरी हो जाता हैजो स्किन की गहराई में जा कर चमक वापस लाने का काम करता है.

3. एंटी एजिंग के लिए : द जर्नल ऑफ क्लिनिकल एंड एस्थेटिक डर्मेटोलॉजी द्वारा किए गए एक शोध में यह बात साफ हो गई कि फेस सीरम चेहरे पर आने वाली बारीक रेखाओं और झुर्रियों को कम करने में अहम भूमिका निभाता है. केवल दोतीन हफ्तों के इस्तेमाल के बाद ही आप को अंतर नजर आने लगेगा. एंटी एजिंग के लिए आप को हाइलूरोनिक एसिड युक्त हाइड्रेटिंग सीरम को चुनना चाहिए. यह फेस सीरम आप की स्किन को जवां लुक देने के साथ ही झुर्रियों को दूर करता है. कुछ फेस सीरम विटामिन सी युक्त आते हैं. ये भी एंटी एजिंग के लिए बेस्ट हैं.

4. मुंहासे दूर करने के लिए : अगर आप के चेहरे पर अक्सर ही मुंहासे निकलते रहते हैं तो आप को फेस सीरम का इस्तेमाल जरूर करना चाहिए. इन में बेंजोइल पेरोक्साइड और सेलिसाइक्लिक एसिड होता है जो एक्ने को धीरे धीरे कम कर देता है और आप को पहले सी स्वस्थ स्किन मिल जाती है.

5. मॉइस्चर और वॉल्यूम में मदद के लिए : उम्र के बढ़ने के साथ ही आप की स्किन खासकर गाल और आंखों के नीचे का हिस्सा मॉइस्चर और वॉल्यूम खोने लगती है. ऐसे में फेस सीरम का इस्तेमाल चेहरे के इन हिस्सों में वॉल्यूम और मॉइस्चर वापस लाता है. फेस सीरम की 2- 3 बूंदें उंगलियों पर ले कर जब आप पूरे चेहरे पर लगाती हैं तो जल्द ही फर्क नजर आने लगता है.

6. स्किन को एक्सफोलिएट करने के लिए : फेस सीरम में लैक्टिक और फोलिक एसिड भी होता है जो स्किन को स्मूथ फील और इवन टोन देता है.

7. स्किन को हाइड्रेट करने के लिए : आप की स्किन रूखी और बेजान महसूस हो रही है तो इस का मतलब यह है कि आप को मॉइस्चराइजर के अलावा भी कुछ और चाहिए. अपने फेस क्रीम पर निर्भर रहने के बजाय आप हाइड्रेटिंग फेस सीरम का प्रयोग करके अपनी ड्राई स्किन में नमी वापस ला सकती हैं.

8. खूबसूरत दिखने के लिए : फेस सीरम में कोलैजन कॉन्टेंट होता है जिस की वजह से आप को अपनी स्किन के टेक्सचर में सुधार नजर आएगा. स्किन पहले से कहीं ज्यादा खूबसूरत और सेहतमंद भी दिखने लगती है. अगर आप की स्किन पर खुले रोमछिद्र हैं तो वे कम हो जाएंगे, ब्लैकहेड्स के साथ व्हाइटहेड्स भी कम होने लगेंगे.

किस प्रकार का सीरम लें

बाजार में कई तरह के सीरम उपलब्ध हैं जो त्वचा की बारीक रेखाओं, झुर्रियों, गहरे दाग धब्बों, बेजान और सूखी त्वचा जैसी समस्याओं को ठीक करने के लिए होते हैं. मगर समस्या यह होती है कि आप अपने लिए एक सही सीरम का चुनाव कैसे करें. इस के लिए आप को निम्न बातों का ध्यान रखना चाहिए-

त्वचा का प्रकार : आप को अपनी त्वचा के प्रकार का पता होना चाहिए. त्वचा मुख्य रूप से 5 तरह की होती है; नॉर्मल स्किन ,ऑयली स्किन, ड्राई स्किन , सेंसिटिव स्किन और मिक्स स्किन. अगर आप की स्किन पहले से ऑयली है और आप ऐसे फेस सीरम का इस्तेमाल कर रही हैं जो आप की त्वचा को और भी ऑयली बना रहा है तो समस्या हो सकती है. इस लिए स्किन के हिसाब से मुफीद सीरम
ही चुनें.

त्वचा संबंधित परेशानी : किसी भी फेस सीरम को लेने से पहले आप यह सोचें कि आप फेस सीरम क्यों खरीदना चाहती हैं? क्या आप झुर्रियों को कम करने के लिए फेस सीरम लेना चाहती हैं या उन गहरे धब्बों की वजह से जो सूरज की तेज रोशनी की वजह से आपके चेहरे पर दिखने लगे हैं या फिर आप मुंहासों से परेशान हैं. समस्या के अनुरूप सीरम लिया जाए तो यह आप को तुरंत आराम पहुंचाएगा.

अलग अलग फेस सीरम में कई तरह के इंग्रेडिएंट्स होते हैं. इस सन्दर्भ में डर्मेटोलॉजी और कॉस्मेटोलॉजिस्ट डॉ चांदनी जैन गुप्ता के मुताबिक़ सीरम में सेरामाइड्स, ग्लिसरीन, एलोवेरा, विटामिन सी, के, ई, लिकोराइस , जिंक, अर्निका जैसे एंटीइन्फ्लामेट्री इनग्रेडिएंट्स और अन्य नेचुरल इनग्रेडिएंट्स होते हैं. यह आप की त्वचा में गहराई तक जा कर असर दिखाते हैं. सीरम में बाकी स्किन प्रोडक्ट्स की अपेक्षा एक्टिव इनग्रेडिएंट्स का कॉन्संट्रेशन हाई होता है.

इस में मौजूद सेरामाइड त्वचा के अंदर मॉइस्चर को लॉक कर ड्राइनेस रोकने में मदद करता है. ग्लिसरीन त्वचा के हाइड्रेशन में सुधार करता है और शरीर के नेचुरल प्रोटेक्टिव बैरियर को रिस्टोर करता है. एलोवेरा त्वचा में मौजूद चिकनाई को हटाने में मदद करता है. विटामिन सी, के और ई एंटीऑक्सीडेंट हैं जो त्वचा को तनाव और अन्य सामान्य पर्यावरणीय कारकों के कारण मौजूद मुक्त कणों से होने वाले नुकसान से बचाते हैं. लीकोरिस त्वचा को चमकदार बनाने में मदद करता है क्योंकि इस में लिक्विरिटिन नामक एक सक्रिय यौगिक होता है जबकि जिंक में एंटी एजिंग गुण होते हैं. इसी तरह आर्निका स्किन के घाव भरने में मदद करती है.

आइए जानते हैं कि फेस सीरम अप्लाई करने का सही तरीका क्या है:

-सब से पहले चेहरे पर मौजूद किसी भी तरह की गंदगी, धूल और ऑयल हटाने के लिए क्लींजर से त्वचा को साफ़ करें.

-अब अपनी पसंद के सीरम की 2 बूंदे उंगलियों पर ले कर क्लीन की हुई त्वचा पर मालिश करते हुए लगाएं ताकि वह अच्छी तरह से आप की त्वचा में अवशोषित हो जाए. सीरम को हल्के हाथ से अपवर्ड मोशन में मसाज करते हुए लगाएं. ज्यादा जोर से या रगड़ते हुए न लगाएं.

-ड्राई स्किन वालों को सीरम गीली त्वचा पर ही लगाना चाहिए क्योंकि नमी वाली त्वचा में यह अच्छी तरह से पेनेट्रेट हो जाता है. सेंसिटिव स्किन वालों को अपनी स्किन के सूखने यानी ड्राई होने का इंतज़ार करना चाहिए. वरना यह सीरम के पेनेट्रेशन को धीमा कर देगा जिस से स्किन इरिटेशन होने की आशंका रहती है.

-हर बार सीरम के बाद त्वचा को मॉइस्चराइज जरूर करें. दिन के समय 30 या इस से अधिक एसपीएफ़ की सन स्क्रीन लगाना भी जरूरी है ताकि सूरज की रोशनी से बचा जा सके.

-सीरम को हम मेकअप बेस या प्राइमर की तरह इस्तेमाल कर सकते हैं. इस के बाद किया जाने वाला मेकअप आसानी से त्वचा पर फैल जाता है जिस से मेकअप का यूज़ भी कम होता है. साथ ही स्किन पर पहले से ही सीरम लगा लेने से प्राइमर का इफेक्ट अच्छा आता है.

-इसी तरह बढ़ती उम्र के साथ होंठों के पास फाइन लाइन आ जाती है. थोड़ा सा सीरम होंठों के चारों ओर लगा लें. इस से जब आप लिपस्टिक लगाएंगी तो आप के होंठ ज्यादा उभर कर आएंगे.

-कंसीलर लगाने से पहले आंखों के चारों ओर सीरम लगाने से आई मेकअप स्मज नहीं होता यानी फैलता नहीं है. सीरम मेकअप को स्मूथ फिनिश देता है. विटामिन सी और कोलेजन होने के कारण स्किन में समा कर यह फाइन लाइन्स को उभरने से रोकता है.

सोचने की क्षमता आएगी कहां से

प्यार करने में कितने जोखिम हैं, यह शीरींफरहाद,  लैलामजनूं से ले कर शकुंलतादुष्यंत, अहिल्याइंद्र, हिंदी फिल्म ‘संगम’ तक बारबार सैकड़ों हजार बार दोहराया गया है. मांबाप, बड़ों, दोस्तों, हमदर्दों की बात ठुकरा कर दिल की बात को रखते हुए कब कोई किस गहराई से प्यार कर बैठे यह नहीं मालूम.

दिल्ली में लिव इन पार्टनर की अपनी प्रेमिका की हत्या करने और उस के शव के 30-35 टुकड़े कर के एक-एक कर के कई दिनों तक फेंकने की घटना पूरे देश को उसी तरह हिला दिया है जैसा निर्भया कांड में जबरन वहशी बलात्कार ने दहलाया था.

इस मामले में लड़की के मांबाप की भी नहीं बनती और लड़की बिना बाप को बताए महीनों गायब रही और बाप ने सुध नहीं ली. इस बीच यह जोड़ा मुंबई से दिल्ली आ कर रहने लगा और दोनों ने काम भी ढूंढ़ लिया पर निरंतर हिंसा के बावजूद लड़की बिना किसी दबाव के प्रेमी को छोड़ कर न जा पाई.

ज्यादा गंभीर बात यह रही कि लड़के को न कोई दुख या पश्चात्ताप था न चिंता. लड़की को मारने के बाद उस के टुकड़े फ्रिज में रख कर वह निश्चिंतता से काम करता रहा. जो चौंकाने वाला है, वह यह व्यवहार है.

इंग्लिश में माहिर यह लड़का आखिर किस मिट्टी का बना है कि उसे न हत्या करने पर डर लगा, न कई साल तक जिस से प्रेम किया उस का विछोह उसे सताया. यह असल में इंट्रोवर्ट होती पीढ़ी की नई बीमारी का एक लक्षण है. केवल आज में और अब में जीने वाली पीढ़ी अपने कल का सोचना ही बंद कर रही है क्योंकि मांबाप ने इस तरह का प्रोटैक्शन दे रखा था कि उसे लगता है कि कहीं न कहीं से रुपयों का इंतजाम हो ही जाएगा.

जब उस बात में कोई कमी होती है, जब कल को सवाल पूछे जाते हैं, कल को जब साथी कोई मांग रखता है जो पूरी नहीं हो पाती तो बिफरना, आपा खोना, बैलेंस खोना बड़ी बात नहीं, सामान्य सी है. जो पीढ़ी मांबाप से जब चाहे जो मांग लो मिल जाएगा की आदी हो चुकी हो उसे जरा सी पहाड़ी भी लांघना मुश्किल लगता है. उसे 2 मंजिल चढ़ने के लिए भी लिफ्ट चाहिए, 2 मील चलने के लिए वाहन चाहिए और न मिले तो वह गुस्से में कुछ भी कर सकती है.

यह सबक मांबाप पढ़ा रहे हैं, मीडिया सिखा रहा है. स्कूली टैक्स्ट बुक्स इन का जवाब नहीं है. रिश्तेनातेदार हैं नहीं जो जीवन के रहस्यों को सुल झाने की तरकीब सु झा सकें. और कुछ है तो गूगल है, व्हाट्सऐप है, फेसबुक है, इंस्टाग्राम है, ट्विटर है जिन पर सम झाने से ज्यादा भड़काने की बातें होती हैं.

पिछले 20-25 सालों से धर्म के नाम पर सिर फोड़ देने का रिवाज सरकार का हिस्सा बन गया है. हिंसक देवीदेवताओं की पूजा करने का हक पहला बन गया है. जिन देवताओं के नाम पर हमारे नेता वोट मांगते हैं, जिन देवताओं के चरणों में मांबाप सिर  झुकाते हैं, जिन देवीदेवताओं के जुलूस निकाले जाते हैं सब या तो हिंसा करने वाले होते हैं या हिंसा के शिकार हैं.

ऐसे में युवा पीढ़ी का विवेक, डिस्क्रीशन, लौजिक, दूसरे के राइट्स के बारे में सोचने की क्षमता आखिर आएगी कहां से? न मांबाप कुछ पढ़ने को देते हैं, न बच्चे कुछ पढ़ते हैं. न मनोविज्ञान के बारे में पढ़ा जाता है न जीवन जीने के गुरों के बारे में. नैचुरल सैक्स की आवश्यकता को संबंधों का फैवीकोल मान कर साथ सोना साथ निभाने और लगातार साथ रातदिन, महीनों, सालों तक रहने से अलग है.

युवाओं को दोष देने की हमारी आदत हो गई है कि वे भटक गए हैं जबकि असलियत यह है कि भटकी हुई यह वह जैनरेशन है जिस ने इमरजैंसी में इंदिरा गांधी का गुणगान किया, जिस ने ओबीसी रिजर्वेशन पर हल्ला किया, जिस

के एक धड़े ने खालिस्तान की मांग की और फिर दूसरे धड़े ने मांगने वालों को मारने में कसर न छोड़ी. भटकी वह पीढ़ी है जिस ने हिंदूमुसलिम का राग अलापा, जिस ने बाबरी मसजिद तुड़वाई, जिस ने हर गली में 4-4 मंदिर बनवा डाले, जिस ने लाईब्रेरीज को खत्म कर दिया, जिस ने बच्चों के हाथों में टीवी का रिमोट दिया.

आज जो गुनाह हमें सता रहा है, परेशान कर रहा है वह इन दोनों ने उस पीढ़ी से सीख कर किया जो देश के विभाजन के लिए जिम्मेदार है, जो करप्शन की गुलाम है, जो पैंपरिंग को पाल देना सम झती है. जरा सा कुरेदेंगे तो सड़ा बदबूदार मैला अपने दिलों में दिखने लगेगा, इस युवा पीढ़ी में नहीं जिसे जीवन जीने का पाठ किसी ने पढ़ाया ही नहीं. पाखंड के गड्ढे में धकेलने की साजिश  दिल्ली विश्वविद्यालय के अच्छे पर सस्ते कालेजों में ऐडमिशन पाना अब और टेढ़ा हो गया है क्योंकि केंद्र सरकार ने 12वीं कक्षा की परीक्षा लेने वाले बोर्डों को नकार कर एक और परीक्षा कराई. कौमन यूनिवर्सिटी ऐंट्रैस टैस्ट और इस के आधार पर दिल्ली विश्वविद्यालय और बहुत से दूसरे विश्वविद्यालयों के कालेजों में ऐडमिशन मिला. इस का कोई खास फायदा हुआ होगा यह कहीं से नजर नहीं आ रहा.

दिल्ली विश्वविद्यालय में 12वीं कक्षा की परीक्षा में बैठे सीबीएसई की परीक्षा के अंकों के आधार पर 2021 में 59,199 युवाओं को ऐडमिशन मिला था तो इस बार 51,797 को. 2021 में बिहार पहले 5 रैंकों में शामिल नहीं था पर इस बार 4,450 स्टूडैंट रहे जिन्होंने 12वीं बिहार बोर्ड से की और फिर क्यूईटी का ऐग्जाम दिया. केरल और हरियाणा के स्टूडैंट्स इस बार पहले 5 में से गायब हो गए.

एक और बदलाव हुआ कि अब आर्ट्स खासतौर पर पौलिटिकल साइंस पर ज्यादा जोर जा रहा है बजाय फिजिक्स, कैमिस्ट्री, बायोलौजी जैसी प्योर साइंसेज की ओर. यह थोड़ा खतरनाक है कि देश का युवा अब तार्किक न बन कर भावना में बहने वाला बनता जा रहा है.

क्यूईटी परीक्षा को लाया इसलिए गया था कि यह सम झा जाता था कि बिहार जैसे बोर्डों में बेहद धांधली होती है और जम कर नकल से नंबर आते हैं. पर क्यूईटी की परीक्षा अपनेआप में कोई मैजिक खजाना नहीं है जो टेलैंट व भाषा के ज्ञान को जांच सके. औब्जैक्टिव टाइप सवाल एकदम तुक्कों पर ज्यादा निर्भर करते हैं.

क्यूईटी की परीक्षा का सब से बड़ा लाभ कोचिंग इंडस्ट्री को हुआ जिन्हें पहले केवल साइंस स्टूडैंट्स मिला करते थे जो नीट की परीक्षा मैडिकल कालेजों के लिए देते थे और जेईई की परीक्षा इंजीनियरिंग कालेजों के लिए. अब आर्ट्स कालेजों के लाखों बच्चे कोचिंग इंडस्ट्री के नए कस्टमर बन गए हैं.

देश में शिक्षा लगातार महंगी होती जा रही है. न्यू ऐजुकेशन पौलिसी के नाम पर जो डौक्यूमैंट सरकार ने जारी किया है उस में सिवा नारों और वादों के कुछ नहीं है और बारबार पुरातन संस्कृति, इतिहास, परंपराओं का नाम ले कर पूरी युवा कौम को पाखंड के गड्ढे में धकेलने की साजिश की गई है. शिक्षा को पूरे देश में एक डंडे से हांकने की खातिर इस पर केंद्र सरकार ने कब्जा कर लिया है. देश में विविधता गायब होने लगी है. लाभ बड़े शहरों को होने लगा है, ऊंची जातियों की लेयर को होने लगा है.

क्यूईटी ने इसे सस्ता बनाने के लिए कुछ नहीं किया. उलटे ऊंची, अच्छी संस्थाओं में केवल वे आएं जिन के मांबाप 12वीं व क्यूईटी की कोचिंग पर मोटा पैसा खर्च कर सकें, यह इंतजाम किया गया है. अगर देशभर में इस पर चुप्पी है तो इसलिए कि कोचिंग इंडस्ट्री के पैर गहरे तक जम गए हैं और सरकारें खुद कोचिंग अस्सिटैंस चुनावी वादों में जोड़ने लगी हैं.

12वीं के बोर्ड ही उच्च शिक्षा संस्थानों के ऐडमिशन के लिए अकेले मानदंड होने चाहिए. राज्य सरकारों को कहा जा सकता है कि वे बोर्ड परीक्षा ऐसी बनाएं कि बिना कोचिंग के काम चल सके. आज के युवा को शौर्टकट का औब्जैक्टिव टैस्ट नहीं दिया जाए बल्कि उन की सम झ, भाषा पर पकड़, तर्क की शक्ति को परखा जाए. आज जो हो रहा है वह शिक्षा के नाम पर रेवड़ी बांटना है जो फिर अपनों को दी जा रही है.

बढ़ता जीएसटी बढ़ती महंगाई

नरेंद्र मोदी सरकार बढ़ते जीएसटी कलैक्शन पर बहुत खुश हो रही है. 2017 में जीएसटी लागू होने के कई सालों तक मासिक कलैक्शन 1 लाख करोड़ के आसपास रहा था पर इस जूनजुलाई से उस में उछाल आया है और 1.72 लाख करोड़ हो गया है. 1.72 लाख करोड़ कितने होते हैं यह भूल जाइए, यह याद रखिए कि जीएसटी अगर ज्यादा है तो मतलब है कि सरकार जनता से ज्यादा टैक्स वसूल कर रही है. अगर सालभर में टैक्स 25 से 35% तक बढ़ता है और लोगों की आमदनी 2 से 3% भी नहीं बढ़ती तो मतलब है कि हर घरवाली अपने खर्च काट रही है.

निर्मला सीतारमण ने नरेंद्र मोदी की तर्ज पर एक आम गृहिणी की तरह अपना वीडियो एक सब्जी की दुकान पर सब्जी खरीदते हुए खिंचवाया और इसे भाजपा आईटी सैल पर वायरल किया कि देखो वित्त मंत्री भी आम औरत की तरह हैं. पर यह नहीं सम झाया गया कि सब्जी पर भी भारी टैक्स लगा हुआ था चाहे वह उस मिडल ऐज्ड दुकानदार महिला ने चार्ज नहीं किया हो.

सब्जी आज दूर गांवों से आती है और ट्रक पर लद कर आती है. इस ट्रक पर जीएसटी, डीजल पर केंद्र सरकार का टैक्स है. सब्जी जिस खेत में उगाई जाती है उस पर चाहे लगान न हो पर जिस पंप से पानी दिया जाता है उस पर टैक्स है, जिस बोरी में सब्जी भरी गई उस पर टैक्स है, जिस वेब्रिज पर तोली गई उस पर टैक्स है.

उस ऐज्ड दुकानदार ने जिन इस्तेमाल किए लकड़ी के तख्तों पर अपनी दुकान लगाई, उन पर टैक्स है, जो बत्ती उस ने जलाई उस पर टैक्स है, जिस थैली, चाहे कागज की हो या पौलिथीन की हो, उस पर टैक्स है. निर्मला सीतारमण ने 100-200 रुपए की जो सब्जी खरीदी थी उस पर कितना टैक्स है इस का अंदाजा लगाना बहुत मुश्किल नहीं है.

बढ़ता जीएसटी देश के बढ़ते उत्पादन को ही नहीं जताता यह महंगाईर् को बताता है. पिछले 1 साल से हर चीज का दाम बढ़ रहा है. दाम बढ़ेंगे तो टैक्स भी बढ़ेगा. हर घर वैसे ही बढ़ती कीमत से परेशान है पर वह इस के लिए जिम्मेदार दुकानदार या बनाने वाले को ठहराता है, जबकि कच्चे माल से दुकान तक बढ़ी कीमत वाले मौल पर कितना ज्यादा जीएसटी देना पड़ा यह नहीं सोचता.

वह इसलिए नहीं सोचता क्योंकि उसे पट्टी पढ़ा दी गई है कि उस के आकाओं ने उसे राममंदिर दिला दिया, चारधाम का रास्ता साफ कर दिया, महाकाल के मंदिर को ठीक कर दिया तो सभी भला करेगा. वह मंदिरों में अपनी  झोली खुदबखुद खाली कर के देता है और बचाखुचा सरकार उस की  झोली से बंदूक के बल पर छीन लेती है.

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