घर से भागना नहीं है समाधान

वे कौन से हालात हैं जो लड़की को घर छोड़ने को मजबूर कर देते हैं. आमतौर पर सारा दोष लड़की पर मढ़ दिया जाता है, जबकि ऐसे अनेक कारण होते हैं, जो लड़की को खुद के साथ इतना बड़ा अन्याय करने पर मजबूर कर देते हैं. जिन लड़कियों में हालात का सामना करने का साहस नहीं होता वे आत्महत्या तक कर लेती हैं. मगर जो जीना चाहती हैं, स्वतंत्र हो कर कुछ करना चाहती हैं वे ही हालात से बचने का उपाय घर से भागने को समझती हैं. यह उन की मजबूरी है. इस का एक कारण आज का बदलता परिवेश है. आज होता यह है कि पहले मातापिता लड़कियों को आजादी तो दे देते हैं, लेकिन जब लड़की परिवेश के साथ खुद को बदलने लगती है, तो यह उन्हें यानी मातापिता को रास नहीं आता है.

कुछ ऊंचनीच होने पर मध्यवर्गीय लड़कियों को समझाने की जगह उन्हें मारापीटा जाता है. तरहतरह के ताने दिए जाते हैं, जिस से लड़की की कोमल भावनाएं आहत होती हैं और वह विद्रोही बन जाती है. घर के आए दिन के प्रताड़ना भरे माहौल से त्रस्त हो कर वह घर से भागने जैसा कदम उठाने को मजबूर हो जाती है. यह जरूरी नहीं है कि लड़की यह कदम किसी के साथ गलत संबंध स्थापित करने के लिए उठाती है. दरअसल, जब घरेलू माहौल से मानसिक रूप से उसे बहुत परेशानी होने लगती है तो उस समय उसे कोई और रास्ता नजर नहीं आता. तब बाहरी परिवेश उसे आकर्षित करता है. मातापिता का उस के साथ किया जाने वाला उपेक्षित व्यवहार बाहरी माहौल के आगोश में खुद को छिपाने के लिए उसे बाध्य कर देता है.

आज लड़केलड़कियों को समान दर्जा दिया जा रहा है. उन में आपस में मित्रता आम बात है. मगर पाखंडों में डूबे मध्यवर्गीय परिवारों में लड़कियों का लड़कों से दोस्ती करने को शक की निगाह से देखा जाता है. यदि कोई लड़की किसी लड़के से बात करती है, तो उस पर संदेह किया जाता है. जब घर वालों के व्यंग्यबाण लड़की की भावनाओं को आहत करते हैं तो उस के अंदर विद्रोह की भावना जागती है, क्योंकि वह सोचती है कि जब वह गलत नहीं है तब भी उसे संदेह की नजरों से देखा जा रहा है, तो क्यों न अपने व्यक्तित्व को लोग और समाज जैसा सोचते हैं वैसा ही बना लिया जाए? जब बात सीमा से परे या सहनशक्ति से बाहर हो जाती है तो यह विद्रोह की भावना विस्फोट का रूप इख्तियार कर लेती है. लेकिन ऐसे हालात में भी घर वालों का सहयोगात्मक रवैया उस के बाहर बढ़ते कदमों को रोक सकता है, मगर अकसर मातापिता का उपेक्षापूर्ण रवैया ही इस के लिए सब से ज्यादा जिम्मेदार रहता है.

मातापिता की बड़ी भूल

ज्यादातर मातापिता सहयोग की भावना की जगह गुस्से से काम लेते हैं. दरअसल, युवावस्था एक ऐसी अवस्था होती है, जब बच्चों को सब कुछ नयानया लगता है. उन के मन में सब को जानने और समझने की जिज्ञासा रहती है. यदि उन्हें सही ढंग से समझाया जाए तो वे ऐसे कदम न उठाएं, क्योंकि यह उम्र का ऐसा पड़ाव होता है, जहां वह किसी के रोके नहीं रुकता. युवा बच्चे के मन की हर बात, हर इच्छा उस पर जनून बन कर सवार होती है, जिसे सिर्फ और सिर्फ मातापिता की सहानुभूति और प्रेमपूर्ण व्यवहार ही शिथिल कर सकता है. यदि मातापिता यह सोचते हैं कि बच्चे उन की डांट, मार या उपेक्षापूर्ण रवैए से सुधर जाएंगे तो यह उन की सब से बड़ी भूल होती है.

जरूरी है सहयोगात्मक रवैया

माना कि लड़कियों के घर से भागने की जिम्मेदार वे खुद हैं. पर इस में मातापिता और परिवेश का भी पूरापूरा योगदान रहता है. मातापिता लड़कियों की भावनाओं को समझने का प्रयास नहीं करते. जबकि उन का सहयोगात्मक रवैया बेहद जरूरी होता है. मगर लड़कियों को भी चाहिए कि वे भावावेश या जिद में आ कर कोई निर्णय न लें. बड़ों की बात को विवेकपूर्ण सुन कर ही कोई निर्णय करें, क्योंकि यथार्थ यह भी है कि एक पीढ़ी अंतराल के कारण विचारों में परिवर्तन होता है, जिस से मतभेद स्थापित होते हैं. बड़ों का विरोध करें, मगर उन की उचित बातों को जरूर मानें वरना यही पलायन प्रवृत्ति जारी रही तो आप ही जरा कल्पना कीजिए कि भविष्य में हमारे समाज का स्वरूप क्या होगा?

टैक्स्चर के अनुरूप करें बालों की केयर

आप के बालों का आकारप्रकार न केवल आप की जीवनशैली को प्रदर्शित करता है, बल्कि आप की मनोस्थिति का भी आभास देता है. बालों का प्राकृतिक सौंदर्य बनाए रखने के लिए जरूरी है कि उन की बनावट को ध्यान में रख कर उन की देखभाल की जाए.

कैसे करें टैक्स्चर के अनुरूप बालों की केयर जानते हैं इशिका तनेजा से.

सामान्य बाल और उन की देखभाल

– अगर आप को गरमी के मौसम में 2 दिन बाद और सर्दी के मौसम में 3 दिन बाद बाल धोने की जरूरत महसूस हो, तो समझें आप के बाल सामान्य हैं. जरूरत और समय के अनुसार बालों को वाश करती रहें.

– हफ्ते में 1 बार रात को तिल और बादाम के तेल को मिक्स कर के बालों की मसाज कर सुबह शैंपू से धो लें.

– बालों को ज्यादा टाइट बांध कर न सोएं और धोने के लिए कुनकुने पानी का प्रयोग करें.

– सामान्य बालों को ज्यादा देखभाल की जरूरत नहीं पड़ती. इन में बादाम, नारियल या आंवले का कोई भी तेल लगा सकती हैं.

औयली बाल और उन की देखभाल

अगर बाल धोने के बाद गरमी के मौसम में अगले दिन और सर्दियों के 2 दिन में ही चिपचिपे लगें और उन्हें दोबारा धोने की जरूरत महसूस हो, तो समझ जाएं कि बाल तैलीय हैं.

– शैंपू करने से सिर की त्वचा एवं बालों से तेल की सफाई हो जाती है, रूसी, धूल इत्यादि दूर हो जाती है. इसलिए बालों को सप्ताह में कम से कम 1 बार शैंपू से धो लेना चाहिए. शैंपू से बालों का पीएच लैवल बना रहता है.

– बाल फूलेफूले व खिले हुए रहें इस के लिए नीबू का प्रयोग कंडीशनर की तरह करें. 1 मग पानी में 1/2 नीबू डालें. बालों को वाश करने के बाद इस पानी से लास्ट रिंस करें.

– औयली बाल बिना तेल लगाए ही तेल लगे बालों जैसे दिखते हैं, क्योंकि इस तरह के बाल पहले से ही नमीयुक्त होते हैं. इन बालों को अच्छी तरह साफ करने की जरूरत होती है, क्योंकि ये जल्दी गंदे हो जाते हैं. इन में जैतून या तिल के तेल का प्रयोग कर सकती हैं.

– यदि बाल अत्यधिक तैलीय होने के कारण सिर में रूसी हो गई है, तो 1/2 कप पानी में 1 चम्मच त्रिफला डाल कर कुछ देर उबाल कर ठंडा होने दें. फिर छान लें. अब इस में 1 चम्मच सिरका मिला कर रात में बालों में लगाएं और फिर मसाज करें. सुबह बालों को शैंपू से धो लें.

– ठंड में बालों में रूसी होने लगती है, इसलिए मौइश्चराइजिंग यानी जिस में बादाम, औलिव औयल और शहद जैसी चीजें हों का इस्तेमाल करें.

– डैंड्रफ को हलके में न लें. वरना यह बालों तक न्यूट्रिशन नहीं पहुंचने देगा. इस के लिए नीम के कैप्सूल खा सकती हैं या उन्हीं कैप्सूलों को काट कर बालों में लगा सकती हैं. ऐक्सपर्ट की सलाह लेना बेहतर होगा.

ड्राई बाल और उन की देखभाल

शैंपू और कंडीशनर करने के बावजूद यदि बाल रूखेसूखे और सख्त दिखाई दें, तो समझ जाएं कि बालों का टैक्स्चर शुष्क है.

– बाल धोने से पहले औलिव और कैस्टर औयल को मिक्स कर के सिर की मालिश करें.

– घरेलू कंडीशनर के तौर पर अंडे में नीबू और औलिव औयल की कुछ बूंदें मिला कर बालों में लेप की तरह 1/2 घंटा लगाए रखें. फिर किसी कंडीशनरयुक्त शैंपू से सिर धो लें ताकि अंडे की गंध चली जाए.

– रूखे बालों के लिए ऐसे तेल का चुनाव करें, जो उन्हें अंदरूनी तौर पर नमी प्रदान करे. इस के लिए नारियल, जैतून या सरसों का तेल बालों में लगा सकती हैं. बालों के अंदर तक तेल पहुंचाने के लिए बालों की तेल से मालिश करने के बाद गरम तौलिए की भाप लें. इस से तेल बालों की जड़ों तक आसानी से पहुंच जाएगा. यह बालों को अंदरूनी पोषण देने का काम करता है.

– ठंड के दिनों में अर्निका ट्री औयल इस्तेमाल करें. यह वाटर बेस्ड होता है. पानी जैसा पतला होने के कारण स्कैल्प इसे तुरंत अजौर्ब कर लेती है. इस से हेयरफाल

नहीं होगा और न ही स्कैल्प ड्राई होगी.

– इशिका तनेजा, ऐग्जीक्यूटिव डाइरैक्टर, एल्प्स कौस्मैटिक क्लीनिक

बिगड़ैल बेटी के बाद जेठानी को सबक सिखाएगी Anupama, करेगी घर से बाहर

रुपाली गांगुली (Rupali Ganguly) स्टारर सीरियल ‘अनुपमा’ (Anupama) महिलाओं को प्रेरित करने का काम करता है, जिसके चलते सीरियल टीआरपी लिस्ट में अक्सर टॉप पर रहता है. वहीं मेकर्स भी सीरियल की कहानी में नए-नए ट्विस्ट लाकर फैंस हैरान करते हैं. इसी बीच बेटी को सबक सिखाने के फैसले के बाद सीरियल में अनुपमा अपनी जेठानी की अक्ल ठिकाने लगाने वाली हैं. हालांकि इस नए मोड़ के साथ कई नए ट्विस्ट आने वाले हैं.

पाखी के बाद बरखा होगी घर से बाहर

बिगड़ेल पाखी को सबक सिखाने के बाद अनुपमा का बरखा पर गुस्सा नजर आने वाला है. दरअसल, आने वाले एपिसोड में पाखी को कपाड़िया हाउस से निकालने के बाद अनुपमा (anupama) अपनी जेठ और जेठानी यानी बरखा और अंकुश को कपाड़िया हाउस से निकालने का फैसला लेगी. दरअसल, अनुपमा, अंकुश से कहेगी कि पाखी को उकसाने वाली बरखा थीं, ऐसे में उन्हें भी घर से जाना पड़ेगा. वहीं अनुपमा के फैसले पर अनुज भी अंकुश से अपने दूसरी जगह रहने का इंतजाम करने के लिए कहेगा. हालांकि इतने में अनुज और अनुपमा (anuj and anupama) की मुसीबतें खत्म नहीं होगी. दरअसल, शो के अपकमिंग प्रोमो में अनुपमा और अनुज जैसे ही कुछ दिन के लिए शहर से बाहर जाने के लिए निकलेंगे वैसे ही दरवाजे पर  एक साइन बोर्ड होगा, जिसे देखकर अनुपमा परेशान हो जाएंगी.

अधिक के फैसले से खुश होगी अनुपमा

 

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अपकमिंग एपिसोड में आप देखेंगे कि पाखी के लालच से हटकर अधिक अपने पैरों पर खड़े रहने की बात करेगा. हालांकि पाखी, वनराज से उसे शाह हाउस में ले जाने के लिए कहेगी. लेकिन अपने दामाद का ईगो दिखाते हुए अधिक शाह हाउस जाने से मना कर देगा. वहीं अधिक के फैसले पर अनुपमा को गर्व महसूस होगा और वह उन्हें आशीर्वाद देगी कि परिवार से दूर रहकर वह कामयाबी और संघर्ष का सामना कर सके.

परिवार ने छोड़ा पाखी का साथ

अब तक आपने देखा कि संगीत फंक्शन को रोकते हुए अनुपमा अपनी बिगड़ेल बेटी पाखी को खरी खोटी सुनाती है. वहीं पूरी फैमिली के सामने उसके लालच का पर्दा फाश भी करती है, जिसके चलते अनुपमा का साथ देते हुए घरवाले पाखी का साथ छोड़ देते हैं. वहीं उसे लालच छोड़कर सही रास्ते पर चलने की सलाह देते हैं.

GHKKPM: सई के चौह्वाण निवास आने से परेशान होगी पाखी, करेगी ये काम

स्टार प्लस के सीरियल ‘गुम है किसी के प्यार में’  (Ghum Hai Kisikey Pyaar Meiin)की कहानी में विराट और सई के बीच लड़ाइयां बेटी सवि के कारण जारी है. जहां एक तरफ, सवि से विराट का बार-बार मिलने सई को पसंद नहीं आ रहा तो वहीं पति के बदले बिहेवियर के कारण पाखी की रातों की नींद चली गई है, जिसके चलते अब सीरियल में पाखी का एक बार फिर बदला रुप दिखने वाला है. आइए आपको बताते हैं क्या होगा सीरियल में आगे (Ghum Hai Kisikey Pyaar Meiin Upcoming Episode)…

परेशान होगी पाखी

अब तक आपने देखा कि सवि के बेटी होने का सच जानने के बाद विराट उसे चौह्वाण हाउस जाने की बात कहता है. हालांकि सई मना कर देती है. लेकिन विराट, सवि को अपनी बेटी बताकर  उसके और सई के साथ एक परिवार की तरह फोटो क्लिक करवाता हैं, जिसे देखकर पाखी परेशान नजर आती है. हालांकि भवानी, सवि को चौह्वाण हाउस लाने से मना करेगी. लेकिन विराट का साथ देते हुए पाखी उसकी बात मान जाएगी.

विराट से सवाल करेगी पाखी

अपकमिंग एपिसोड में आप देखेंगे कि विराट, पाखी से पूछेगा कि क्या उसे कोई चीज  परेशान कर रही है, जिसका जवाब देते हुए वह विराट से उसके फैसले के बारे में अपने इमोशन शेयर करेगी और कहेगी  वह उसके सवि के प्रति प्यार और सई के साथ रिश्ते को लेकर डर रही है. पाखी की बात सुनकर विराट भड़क जाएगा और पाखी को गलत समझेगा. इसके साथ ही विराट, पाखी से कहेगा कि वह उसे सवि से अलग करना चाहती है. वहीं पाखी, विराट को समझाने की कोशिश करती है. लेकिन विराट गुस्से में नजर आता है.

चौह्वाण हाउस आएगी सवि

पाखी और विराट की बहस के अलावा आप देखेंगे कि भवानी के खिलाफ जाकर विराट, सवि को चौह्वाण निवास लेकर आएगा. वहीं परिवार के लोग सवि का गृहप्रवेश करेंगे और एक कपड़े पर सवि के पैरों के निशान लेंगे. लेकिन सवि को गिरता देख सई भी उस कपड़े पर पैर की छाप छोड़ देगी. वहीं ये होते देख पाखी परेशान हो जाएगी और परिवार के सामने पैरों के निशान मिटाना शुरु कर देगी, जिसे देखकर परिवार वाले हैरान रह जाएंगे.

Winter Special: सर्दियों में भी रहेंगे चमचमाते बाल

सर्दी का मौसम अपने साथसाथ कई समस्याएं भी ले कर आता है. उन्हीं में से एक है बालों की समस्या. आइए, जानते हैं सर्दी के मौसम में होने वाली बालों की समस्याओं के बारे में:

1. बालों का टूटना

अकसर सर्दी के मौसम में स्वस्थ बाल भी नाजुक हो जाते हैं और हवा में मौइश्चराइजर होने की वजह से वे टूटने लगते हैं. अत: इस परेशानी से बचने के लिए आवश्यकतानुसार तेल की कुछ बूंदें अंडे के साथ मिलाएं और फिर बालों पर लगाएं. अगर चाहें तो अंडा हिना मास्क के साथ भी लगा सकती हैं. उस के बाद माइल्ड शैंपू से धो लें. आप पाएंगी सुंदर, सिल्की व कोमल बाल.

2. गरम तेल से मसाज

अकसर मालिश के लिए प्राकृतिक तेल जैसे औलिव औयल, नारियल तेल, कैस्टर औयल इस्तेमाल किए जाते हैं. ये बालों को मौइश्चराइज करने के साथसाथ उन्हें टूटने से भी बचाते हैं.

3. संतुलित आहार

बालों को टूटने से रोकने का संतुलित भोजन बेहतरीन उपाय है. अत: हमारे भोजन में चावल, दाल, हरी सब्जियां, अंकुरित अनाज इत्यादि पर्याप्त मात्रा में हो. इस के साथ ही दिन भर में कम से कम 8-10 गिलास पानी जरूर पीना चाहिए.

4. दोमुंहे बाल

अगर बालों को ड्रायर से सुखाएंगी तो उस से वे दोमुंहे होंगे और जल्दी टूटेंगे. अत: आवश्यकतानुसार तेलों का मिश्रण जैसे नारियल तेल, औलिव व बादाम के तेल के प्रयोग से बाल घने और सुंदर बनेंगे.

5. अंडा मास्क

3 चम्मच अंडे की जरदी को 1 चम्मच शहद के साथ मिलाएं फिर बालों पर हलके हाथों से लगाएं. कुछ देर बाद माइल्ड शैंपू से धो लें.

6. शहद मसाज

2 चम्मच शहद 4 कप गरम पानी में मिलाएं और फिर शैंपू के बाद बालों पर लगाएं.

7. सूखे बाल व सूखी स्कैल्प

टीट्री औयल में पावरफुल ऐंटीफंगल और ऐंटीबैक्टीरियल ताकत होती है. बालों के लिए यह एक बेहतर घरेलू उपचार है.

8. ऐलोवेरा जैल

बालों से डैंड्रफ खत्म करने के लिए ऐलोवेरा जैल सब से बेहतरीन उपाय है. इस के अलावा ऐलोवेरा जैल से बालों में मसाज कर

10-15 मिनट बाद धो लें. इस से बालों की खुजली भी कम हो जाएगी. बेकिंग सोडा पेस्ट भी बालों की खुजली में असरदायक है. इस के लिए बेकिंग सोडे का पेस्ट बना कर बालों में लगाएं. आधे घंटे बाद बालों को धो लें.

9. नारियल तेल

नारियल तेल घरेलू उपचार में सब से ज्यादा इस्तेमाल होने वाला सामान है. यह बालों की नमी को बनाए रखता है और बालों को ड्राई होने से बचाता है. कुनकुने नारियल तेल से बालों की जड़ों में मालिश करें. फिर घंटे भर बाद उन्हें धो लें.

10. नीबू का रस

सूखे बालों व सूखी स्कैल्प के चलते बालों में रूसी हो जाती है. ऐसे में नींबू का रस इस के लिए सब से बेहतर उपाय है. नींबू के रस से बालों में हलकेहलके मसाज की जाए तो रूसी कम होगी.

Winter Special: सर्दियों में गरमाहट दे बादाम वटी

सर्दियों में आपके शरीर को अंदर से भी गरमाहट की जरूरत होती है. सर्दियों में बनायें बादाम वटी ताकि आपका शरीर को अंदर से भी गर्माहट मिलती रहे.

सामग्री

– 100 ग्राम बादाम

– 50 ग्राम चीनी

– 3 बड़े चम्मच मिल्क पाउडर

– 1/4 कप पानी

– 3 बादाम, सजावट के लिए

विधि

बादामों को गरम पानी में 2 घंटे भिगोएं.

– बादामों को छिलका उतार कर कपड़े से पोंछ लें.

– सूखी मिक्सी में बादाम पीस लें.

– पिसे हुए बादाम में मिल्क पाउडर भी मिला दें.

– एक कड़ाही में चीनी व पानी डाल कर एकतार की चाशनी तैयार करें.

– इस में बादाम पाउडर डाल कर अच्छी तरह चलाएं. आंच बंद कर दें. मिश्रण को बराबर चलाती रहें. थोड़ी देर में यह किनारे छोड़ देगा.

– मिश्रण को एक चौपिंग बोर्ड पर लगभग 1/2 इंच मोटा फैलाएं. इस पर बादाम के 2 टुकड़े कर के लगा दें. ठंडा होने पर टुकड़े काट लें. बादाम वटी तैयार है.

सैक्सरिंग : प्यार के नाम पर फंस न जाना

युवाओं का पहला आकर्षण प्रेम ही होता है. शायद ही कोई ऐसा युवा होगा जो रोमांस के इस फेज में न फंसा हो. कोई अपना लव इंटरैस्ट अपनी क्लासमेट में ढूंढ़ता है तो कोई पासपड़ोस की ब्यूटीफुल युवती पर फिदा हो जाता है. युवावस्था के आकर्षण से जुड़े हारमोंस ही हमें किसी विपरीतलिंग की तरफ आकर्षित करते हैं.

हालांकि हर बार यह प्यार सच्चा हो, इस की कोई गारंटी नहीं. प्यार के नाम पर कैमिकल लोचा भी हो सकता है, प्यार एकतरफा भी हो सकता है और कई बार लव को लस्ट यानी वासना की शक्ल में भी देखा जाता है. इन सब प्यार की अलगअलग कैटेगरीज से गुजरता हर युवा मैच्योर होतेहोते सीखता है कि लव के असल माने क्या हैं?

इस रोमांटिक फेज में उपरोक्त कैटेगरीज के अलावा एक और खतरनाक फेज होता है सैक्सरिंग का यानी प्यार के नाम पर जब कोई युवती किसी युवती को फंसा ले तो वह सैक्सरिंग में उलझ कर रह जाती है.

प्यार में सौदा नहीं

करन अरोड़ा को कम उम्र में ही पेरैंट्स ने महंगी बाइक दिला दी. महंगी और ऐडवांस्ड बाइक के टशन में वह रोज स्कूल से कोचिंग आता. वह प्रिया को कई बार घर से कोचिंग तक लिफ्ट दे चुका था.

इस के पीछे कारण यह था कि अचानक कुछ दिनों से प्रिया करन की तारीफ उस के दोस्तों के बीच कुछ ज्यादा ही करने लगी थी. दोस्तों से अपनी तारीफ सुन कर करन को लगा कि वह प्रिया को प्रपोज कर देगा. एक दिन कोचिंग से बंक मार कर वह प्रिया को मौल ले गया और उसे प्रपोज कर दिया.

प्रिया ने जितनी जल्दी हामी भरी उस की करन को उम्मीद तो नहीं थी, लेकिन प्रिया की हां से वह इतना उत्साहित हो गया कि दिमाग के बजाय दिल से सोचने लगा. उस दिन उस ने प्रिया की पसंद की ड्रैस, आर्चीज के गिफ्ट व फेवरिट रेस्तरां के खाने में हजारों रुपए खुशीखुशी खर्च कर डाले.

प्रिया के प्यार का यह नाटक उस दिन खुला जब करन के ही दोस्त यश ने उसे बताया कि प्रिया तो सौमिक की कार में घूम रही है और आजकल उस की गर्लफ्रैंड के तौर पर फेमस है.

हैरानपरेशान करन ने जब प्रिया से फोन कर सफाई मांगी तो उस ने उलटे सौमिक से पिटवाने की धमकी दे डाली.

लुटापिटा करन उस को पेरैंट्स से झूठ बोल कर कोर्स फीस के पैसों से स्मार्टफोन, ज्वैलरी व लैपटौप दिलवा चुका था. जाहिर है वह लव के नाम पर लूटा गया था.

अचानक लड़की आप के करीब आ जाए तो उस पर लट्टू होने के बजाय जरा दिमाग लगा कर सोचिए कि इस नजदीकी की वजह प्यार है या आप की मोटी जेब, क्योंकि प्यार कोई सौदेबाजी नहीं होती. जो लड़की आप से प्यार करेगी वह बातबात पर महंगे गिफ्ट्स नहीं मांगेगी और न ही हर समय आप की जेब ढीली करेगी. अगर आप की गर्लफ्रैंड भी आप से ज्यादा आप के तोहफों पर ध्यान देती है तो समझ जाइए कि आप भी सैक्सरिंग में फंसने वाले हैं.

सिंगल होना शर्मिंदगी नहीं

सैक्सरिंग का सब से आसान शिकार युवतियां ज्यादातर उन युवकों को बनाती हैं जो सिंगल होते हैं. साइकोलौजिस्ट भी मानते हैं कि हमारे समाज व युवाओं का रवैया कुछ ऐसा है कि जो लड़के सिंगल होते हैं उन का मजाक बनाया जाता है, उन पर जल्द से जल्द गर्लफ्रैंड बनाने का दबाव डाला जाता है. मानो किसी युवक की गर्लफ्रैंड नहीं है तो उस में कोई न कोई कमी होगी.

इस मनोवैज्ञानिक दबाव के तले दब कर युवक अपनी सोचसमझ खो कर एक अदद युवती की तलाश में जुट जाता है जो जल्दी से जल्दी उस की गर्लफ्रैंड बनने को तैयार हो. भले इस के लिए उसे कोई भी कीमत चुकानी पड़े. इसी जल्दबाजी व मनोवैज्ञानिक दबाव का फायदा चालाक व शातिर युवतियां उठाती हैं और सिंगल युवकों को झूठे प्यार के सैक्सरिंग में फांस कर उन की जेबें ढीली करती हैं. कई मामलों में तो उन की पढ़ाईलिखाई व कैरियर तक बरबाद कर डालती हैं.

युवाओं को यह समझने की जरूरत है कि सिंगल होना कोई  शर्मिंदगी की बात नहीं है. जब तक कोई ईमानदार या सच्चा प्यार करने वाली युवती न मिले, सिंगल रहना बेहतर है. पढ़ाई, कैरियर, शौक व दोस्तों को समय दे कर सैक्सरिंग से बचने में ही समझदारी दिखाने वाले युवा कुछ बन पाते हैं.

इमोशनल अत्याचार के साइड इफैक्ट्स

अकसर युवतियों से धोखा खाए या यों कहें कि सैक्सरिंग के शिकार युवक भावनात्मक तौर पर टूट जाते हैं और प्रतिक्रियास्वरूप कुछ ऐसा कर बैठते हैं जो उन के भविष्य को खतरे में डाल देता है.

जनवरी 2017, दिल्ली के कृष्णा नगर इलाके के रोहन को जब एक युवती ने झूठे प्यार के जाल में फंसा कर चूना लगाया तो उस ने उस से बदला लेने की ठान ली व एक दिन स्कूल से लौटते समय युवती के चेहरे पर ब्लैड मार दिया.

घायल युवती के परिजनों ने रोहन के खिलाफ पुलिस में शिकायत कर दी. इस तरह मामला उलटा पड़ गया. युवती का तो कुछ नहीं बिगड़ा, रोहन को जरूर हवालात की हवा खानी पड़ी.

अकसर सैक्सरिंग के शिकार युवा इमोशनली इतने डिस्टर्ब हो जाते हैं कि धोखा खाए प्रेमी की तरह उस युवती से बदला लेने की ठान लेते हैं. आएदिन हम प्रेम में ठुकराए प्रेमियों की आपराधिक कृत्यों की खबरें पढ़ते रहते हैं. कोई तेजाब से हमला करता है तो कोई युवती का अपहरण तक कर डालता है. कोई सैक्स संबंधों की  पुरानी तसवीरों, सैक्स क्लिप्स या प्रेमपत्रों के नाम पर लड़की को सबक सिखाना चाहता है.

प्यार से अपराध की ओर न जाएं

याद रखिए ये तमाम हिंसात्मक व अनैतिक रास्ते अपराध की उन गलियों की ओर ले जाते हैं, जहां से युवाओं के लिए वापस आना नामुमकिन सा हो सकता है. एक तो पहले ही युवती ने फंसा कर आप का धन व समय बरबाद कर दिया. उस पर उस से बदला लेने के लिए अतिरिक्त समय, धन व भविष्य दांव पर लगाना कहां की समझदारी है?

बेहतर यही है कि उस बात को भूल कर आप अपने कैरियर पर ध्यान दें. एक न एक दिन आप को सच्चा प्यार जरूर मिलेगा. इस धोखेभरी लवस्टोरी से इतना जरूर सीखिए कि अगली बार जब कोई युवती आप की भावनाओं से खिलवाड़ कर आप पर सैक्सरिंग का वार करे तो उस के झांसे में न आएं.

सैक्सरिंग के लक्षण

कोई युवती आप से सचमुच प्यार करती है या फंसा रही है, उसे समझने के लिए सैक्सरिंग के कुछ लक्षण समझना जरूरी है. निम्न पौइंट्स से समझिए कि कौन सी युवती स्वाभाविक तौर पर सैक्सरिंग के जाल में आप को फंसाना चाहती है :

–       जब बातबात पर शौपिंग, पार्टी या महंगे गिफ्ट्स की डिमांड करे.

–       जब खुद से जुड़ी जानकारियां छिपाए व आप की हर बात जानना चाहे.

–       आप के दोस्तों या परिवार से मिलने से कतराए.

–       अपने फैमिली या फ्रैंड सर्किल से मिलवाते वक्त आप की पौकेट खाली करवाए.

–       बातबात पर आप की तारीफ करे और आप की हर बात पर सहमति जताए.

–       हर जरूरत पर आर्थिक मदद की डिमांड करे.

–       झगड़े की वजहों में पैसों का ताना मारे.

–       आप के अमीर व संपन्न दोस्तों से करीबी बढ़ाए.

–       आप की आर्थिक मदद करने से कतराए या बहाने बनाए.

–       प्यार के नाम पर भावनात्मक सहारे के बजाय सिर्फ फिजिकल रिलेशन को तरजीह दे.

अगर इन तमाम पौइंट्स पर आप की गर्लफ्रैंड खरी उतर रही हो तो सावधान हो जाइए. आप पर सैक्सरिंग फेंका जा चुका है. सही मौका पाते ही सैक्सरिंग का छल्ला गले से निकाल फेंकिए और ब्रेकअप सौंग पर जम कर अपनी फेक लवर से आजादी का जश्न मनाइए.

शादी के बाद मैं पत्नी के साथ क्या खुश रह पाऊंगा?

सवाल-

मैं 25 वर्षीय युवक हूं. मेरी शादी होने वाली है. पर मैं अपनी एक व्यक्तिगत समस्या को ले कर बेहद परेशान हूं. मैं किसी दोस्त से भी इस बारे में बात नहीं कर सकता. इसीलिए आप को लिख रहा हूं. मेरा यौनांग काफी छोटा है. पता नहीं विवाह के बाद मैं पत्नी को यौनसुख देने और पिता बनने में समर्थ हो पाऊंगा या नहीं.कृपया कोई दवा या क्रीम बताएं, जिस के प्रयोग से मेरा यौनांग बड़ा हो जाए.

जवाब-

यौनांग के आकार का शारीरिक सुख पर कोई प्रभाव नहीं होता. आप बेवजह परेशान न हों. आप की सैक्स लाइफ में इस से कोई परेशानी नहीं होगी और न ही संतानोत्पत्ति में कोई रुकावट आएगी.

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मेरठ का 30 वर्षीय मनोहर अपने वैवाहिक जीवन से खुश नहीं था, कारण शारीरिक अस्वस्थता उस के यौन संबंध में आड़े आ रही थी. एक वर्ष पहले ही उस की शादी हुई थी. वह पीठ और पैर के जोड़ों के दर्द की वजह से संसर्ग के समय पत्नी के साथ सुखद संबंध बनाने में असहज हो जाता था. सैक्स को ले कर उस के मन में कई तरह की भ्रांतियां थीं.

दूसरी तरफ उस की 24 वर्षीय पत्नी उसे सैक्स के मामले में कमजोर समझ रही थी, क्योंकि वह उस सुखद एहसास को महसूस नहीं कर पाती थी जिस की उस ने कल्पना की थी. उन दोनों ने अलगअलग तरीके से अपनी समस्याएं सुलझाने की कोशिश की. वे दोस्तों की सलाह पर सैक्सोलौजिस्ट के पास गए. उस ने उन से तमाम तरह की पूछताछ के बाद समुचित सलाह दी.

क्या आप जानते हैं कि सैक्स का संबंध जितना दैहिक आकर्षण, दिली तमन्ना, परिवेश और भावनात्मक प्रवाह से है, उतना ही यह विज्ञान से भी जुड़ा हुआ है. हर किसी के मन में उठने वाले कुछ सामान्य सवाल हैं कि किसी पुरुष को पहली नजर में अपने जीवनसाथी के सुंदर चेहरे के अलावा और क्या अच्छा लगता है? रिश्ते को तरोताजा और एकदूसरे के प्रति आकर्षण पैदा करने के लिए क्या तौरतरीके अपनाने चाहिए?

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जानें क्या हैं गर्भनिरोधक गोलियों के 10 साइड इफेक्‍ट

अनचाहे गर्भ को रोकने के लिये अक्‍सर महिलाएं बर्थ कंट्रोल पिल्‍स यानी गर्भ निरोधक गोलियों पर विश्‍वास रखती हैं. अगर इन्‍हें सही समय पर लिया जाए तो यह अपना काम असरदार तरीके से करती हैं.

किसी किसी चीज का फायदा है तो उसका नुकसान भी जरुर होगा इसलिये बर्थ कंट्रोल के भी कुछ साइड इफेक्‍ट होते हैं, जैसे मतली, यौन रुचि में बदलाव, वजन का बढ़ना, सिरदर्द, चक्कर आना, स्तन में सूजन आना आदि, जैसी बातें हर महिला को पता होती हैं. लेकिन कुछ ऐसे भी साइड इफेक्‍ट हैं, जो डॉक्‍टर आपको नहीं बताएगा.

बर्थ कंट्रोल पिल शरीर में हार्मोन को कंट्रोल करता है, इसलिये इसके कुछ नुकसान भी हो सकते हैं. आइये जानते हैं इनके बारे में.

1. सिरदर्द और माइग्रेन

शरीर में हार्मोन के उतार चढाव की वजह से सिरदर्द या माइग्रेन हो सकता है. कई बर्थ कंट्रोल पिल एस्‍ट्रोजन के लेवल को घटा देते हैं जिससे सिरदर्द होने लगता है. अगर आपको भी ऐसा साइडइफेक्‍ट होता है, तो अपनी पिल डॉक्‍टर से कह कर बदल लें.

2. मतली

अगर इसे खाने के बाद मतली महसूस हो तो, पिल को खाना खाते समय या सोने से पहले लें. इसे कई दिनों तक एक ही समय पर लें, जिससे इसका साइड इफेक्‍ट कम हो जाए.

3. ब्रेस्‍ट में सूजन या कड़ापन आना

पिल लेने से महिलाओं के ब्रेस्‍ट में सूजन आ जाती है, जो कि पिल लेने के कई हफ्तों बाद ठीक भी हो जाती है. यह केवल हार्मोन के बदलाव की वजह से होता है. इस दौरान कॉफी और नमक का सेवन कम कर दें और सपोर्ट वाली ब्रा ही पहनें. अगर आपको छाती में दर्द, सांस लेने में दर्द हो, तो आपको डाक्टरी सलाह लेनी ही चाहिए.

4. पीरियड के दरमियान असामान्य ब्लीडिंग

पिल लेने के दो या तीन महीने कें अंदर महिलाओं को पीरियड के दरमियान असामान्य ब्लीडिंग से जूझना पड़ता है. हार्मोनल पिल लेने से यूट्रस में एंडोमेट्रियल की लाइनिंग कमजोर हो कर गिरने लगती है और इसी वजह से ब्‍लीडिंग शुरु हो जाती है. अगर आपको पिल लेते वक्‍त 5 या उससे अधिक दिनों तक ब्‍लीडिंग हो तो डॉक्‍टर से मिलना ना भूलें.

5. वजन बढ़ना

गोलियां लेने के हफ्ते-महीने बाद शरीर का वजह बढ़ने लगता है, लेकिन यह केवल वॉटर रिटेंशन की वजह से होता है जो कि बाद में चला जाता है. बर्थ कंट्रोल में भारी मात्रा में एस्‍ट्रोजन होता है, जो भूख खतक कर के वजन बढाने का काम करता है. इससे जांघों, हिप्‍स और ब्रेस्‍ट पर चर्बी बढ़ जाती है.

6. वेजाइनल यीस्‍ट इंफेक्‍शन

इस दौरान योनि में खुजली, जलन, तथा यीस्‍ट इंफेक्‍शन होने की संभावना बढ़ जाती है. यह रोग तब और ज्‍यादा बढ सकता है अगर महिला को मधुमेह है या फिर वह बहुत ज्‍यादा शक्‍कर या शराब का सेवन करती हो या फिर उसका इम्‍यून सिस्‍टम कमजोर हो.

7. मूड में बदलाव

मूड स्‍विंग या फिर डिप्रेशन भी हो सकता है क्‍योंकि सिंथेटिक हार्मोन दिमागी नसों पर असर डालते हैं. अगर आपके घर में किसी को डिप्रेशन था, तो अपने डॉक्‍टर को यह बात जरुर बतलाएं.

8. आंखों की रौशनी में परिवर्तन

वे महिलाएं जो शुरु से ही चश्‍मा लगाती है, उन्‍हें गर्भ निरोधक गोली खाने पर आंखों की रौशनी में फरक देखने को मिल सकता है. हार्मोन की वजह से आंखों की पुतलियों में सूजन आ जाती है, जिसकी वजह से यह पेशानी होती है. लंबे समय तक ओरल पिल लेने से ग्‍लूकोमा जैसी बीमारी भी हो सकती है.

9. रक्‍त के थक्‍के जमना

ओरल पिल लेने के साइड इफेक्‍ट में, रक्‍त के थक्‍के जमना एक आम पर गंभीर समस्‍या है. महिलाएं जो ओवरवेट, 35 की उम्र पार कर चुकी है या फिर हाल ही में बच्‍चे को जन्‍म दिया है, वे इसके रिस्‍क पर सबसे ऊपर रहती हैं. अगर आपको सांस लेने में दिक्‍कत, सीने में दर्द या पैरों में सूजन महसूस हो तो यह फेफड़े या दिल में रक्‍त जमने का संकेत हो सकता है.

10. यौन रुचि में कमी

कई महिलाओं में यह गोलियां, यौन रूचि में कमी डाल सकती हैं. यह हार्मोनल गोलियां, टेस्‍टोस्‍ट्रोन का प्रॉडक्‍शन रोक देती हैं, जिससे आपकी सेक्‍स लाइफ पर असर पड़ सकता है. इससे सेक्‍स के दौरान दर्द भी होता है.

जरुरी टिप्‍स

– ओरल पिल्‍स को रोजाना एक ही समय पर लें.

– ये गोलियां आपको यौन संक्रमित बीमारियों से नहीं बचाएंगी.

– यह गोलियां उनको सूट नहीं करेंगी, जो स्‍मोकिंग करती हैं या फिर जिन्‍हें ब्‍लड क्‍लॉटिंग की बीमारी है.

– जैसे ही लगे कि आप प्रेगनेंट हो सकती हैं, वैसे ही यह गोली खाएं.

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