अगर आपकी भी ऐसी ही कोई समस्या है, तो ये लेख अंत तक जरूर पढ़ें…

-डा. संदीप कुमार सिंहा

निदेशक, पीडिएट्रिक सर्जरी ऐंड

पीडिएट्रिक यूरोलौजी, मेदांता, गुरुग्राम

सवाल

Appendicitis : मेरी बेटी की उम्र 13 साल है. उसे अकसर पेट में दर्द रहता है. जांच कराने पर अपैंडिसाइटिस का पता चला. क्या सर्जरी कराना जरूरी है?

जवाब

अपैंडिक्स के संक्रमण को अपैंडिसाइटिस कहते हैं. यह बच्चों में होने वाली सब से सामान्य समस्याओं में से एक है. इस के कारण बच्चों में पेट दर्द, उलटी होना, जी मिचलाना, बुखार, भूख न लगना, कब्ज, डायरिया या पेशाब से संबंधित समस्याएं भी हो जाती हैं. इसे दवाइयों या दूसरे उपचारों से ठीक नहीं किया जा सकता. सर्जरी ही इस का एकमात्र उपचार है. अपैंडिसाइटिस एक मैडिकल इमरजैंसी है इसलिए तुरंत सर्जरी कराएं. सर्जरी में देरी से जटिलताएं बढ़ सकती हैं और यह घातक भी हो सकता है.

सवाल

मैं 28 वर्षीय 20 सप्ताह की  गर्भवती महिला हूं. अल्ट्रासाउंड में आया है कि गर्भस्थ शिशु को हाइड्रोनेफ्रोसिस है?

जवाब

फीटल हाइड्रोनेफ्रोसिस यानी ऐंटीनेटल रीनल स्वैलिंग जिसे सामान्य भाषा में किडनी की सूजन कहा जाता है जो यूरिन के जमा होने से होती है. फीटल हाइड्रोनेफ्रोसिस का पता अकसर प्रीनैटल अल्ट्रासाउंड में चलता है. अत्याधुनिक अल्ट्रासाउंड मशीनों के आने से गर्भस्थ शिशु की किडनियों को ज्यादा स्पष्ट रूप से देखना संभव हो पाया है. अगर कोई गर्भस्थ शिशु इस से पीडि़त है तो उस पर नजर रखी जाती है और बच्चे के जन्म के बाद कुछ जरूरी जांचे की जाती हैं. जांचों के परिणाम पर ही निर्भर करता है कि उपचार की जरूरत है या नहीं और अगर उपचार जरूरी है तो समस्या की गंभीरता के आधार पर उपचार विकल्प चुने जाते हैं.

 

मेरा बेटा इंग्युनल हर्निया के साथ जन्मा है. यह क्या होता है? क्या इस के लिए कोई नानसर्जिकल उपचार भी उपलब्ध है?

 

कई बच्चे जन्मजात इंग्युनल हर्निया की समस्या से पीडि़त होते हैं. यह समस्या तब होती है जब आंत का एक भाग पेट के निचले भाग में एक ओपनिंग से बाहर निकल जाता है जिसे इंग्युनल कैनल कहते हैं. कस कर बंद होने के बजाय कैनल आंत के लिए स्थान छोड़ देती है ताकि वह फिसल कर यहां से बाहर आ जाए. इंग्युनल हर्निया का कोई नौनसर्जिकल उपचार नहीं है. केवल सर्जरी के द्वारा ही इसे ठीक किया जा सकता है.

सवाल

मेरी बेटी को यूपीजे है. इस के लिए उपचार के कौनकौन से विकल्प उपलब्ध हैं?

जवाब

यूपीजे यानी यूरैट्रो पेल्विक जंक्शन औब्सट्रक्शन के कारण किडनी ब्लौक हो जाती है. अधिकतर मामलों में यह रीनल पेल्विस पर ब्लौक होती है जहां किडनी दोनों में से एक यूरैटर (ट्यूब जो ब्लैडर तक यूरिन ले जाती है) से जुड़ती है. ब्लौकेज के कारण किडनी से यूरिन का प्रवाह धीमा या ब्लौक हो जाता है. अगर इस का उपचार न कराया जाए तो किडनी की कार्यप्रणाली प्रभावित होती है और किडनी फेल होने का खतरा बढ़ जाता है. अगर किसी बच्चे को यह समस्या है तो मातापिता को घबराना नहीं चाहिए. इस का पूरी तरह उपचार संभव है. कीहोल सर्जरी ने इसे काफी आसान बना दिया है.

व्हाट्सऐप मैसेज या व्हाट्सऐप औडियो से अपनी समस्या इस नम्बर 8588843415 पर  भेजें. 

या हमें इस ईमेल आईडी पर भेजें- [email protected] सब्जेक्ट में लिखे…  गृहशोभा-व्यक्तिगत समस्याएं/ Personal Problem

और कहानियां पढ़ने के लिए क्लिक करें...