विवाह 2 अजनबियों का वह बंधन होता है जिस में वे एकदूसरे का जीवन भर साथ निभाने का वादा करते हैं. लेकिन कई बार पारिवारिक दबाव के चलते यह बंधन बेमेल भी हो जाता है, जिस में पति तो बेहद आकर्षक होता है. मगर पत्नी उस के मुकाबले उन्नीस नहीं पंद्रह यानी कम आकर्षक या गंवार होती है. इस के चलते इस अटूट बंधन में गांठ पड़ने की संभावना रहती है, क्योंकि खूबसूरत और आकर्षक पति को लगता है उस का और उस की पत्नी का कोई मेल नहीं है. वह उस से कटाकटा सा रहने लगता है. जबकि विवाह व प्यार के लिए खूबसूरती से ज्यादा आपसी तालमेल की जरूरत होती है. वैसे भी विवाह 2 शरीरों का ही नहीं 2 दिलों का भी मिलन होता है. 1986 में बनी फिल्म ‘नसीब अपनाअपना’ में ऋषि कपूर का विवाह गांव की सांवली लड़की राधिका के साथ होता है. ऋषि कपूर उस में कोई दिलचस्पी नहीं लेता, लेकिन राधिका अपने पति को लुभाने की पूरीपूरी कोशिश करती है.

ब्यूटी पर भारी टैलेंट

कहावत है खूबसूरती देखने वाले की आंखों में होती है. अगर आप की पत्नी आप के मुकाबले लुक्स में उन्नीस है तो यह आप पर निर्भर करता है कि आप अपनी पत्नी को किस नजर से देखते हैं. आप उस के लुक्स को अनदेखा कर के उस के गुणों व टैलेंट को ज्यादा महत्त्व दे सकते हैं. माना कि आप की पत्नी गोरी नहीं है, खूबसूरत नहीं है, मोटी है लेकिन उस में कुछ गुण अवश्य होंगे, जिन्हें आप खूबसूरती से ज्यादा महत्त्व दे सकते हैं. हो सकता है वह अच्छी कुक हो, गीतसंगीत में माहिर हो, अच्छी पेंटिंग करती हो. आप उस के उन गुणों को महत्त्व दें. उस की सराहना करें. अगर आप उस की कम खूबसूरती को ले कर उस की अनदेखी करेंगे या उस से दूरी बनाएंगे, तो आप न केवल उस के साथ ज्यादती करेंगे, बल्कि खुद के साथ भी ज्यादती करेंगे. आप अपने आसपास नजर दौड़ाए. ऐसे अनेक जोड़े होंगे, जिन का शारीरिक रूप से कोई मेल नहीं है, फिर वे एकदूसरे के पूरक है, एकदूसरे को पूरी तरह सपोर्ट करते हैं, क्योंकि उन्होंने एकदूसरे को दिल से अपनाया है.

खूबसूरती के असल माने

कई बार देखने में आता है कि पत्नी बेहद खूबसूरत तो होती है, लेकिन पति के साथ उस का कोई तालमेल नहीं होता. वे एकदूसरे के अच्छे दोस्त नहीं होते, सुखदुख में उन की आपसी साझेदारी नहीं होती. ऐसे में पत्नी की खूबसूरती मात्र दिखावा बन कर रह जाती है. पतिपत्नी के रिश्ते में सूरत से ज्यादा आपसी प्यार व समझदारी महत्त्व रखती है. वैसे भी जब 2 लोग आपस में प्यार करते हैं तो काला, गोरा, मोटा, पतला, लंबा, ठिगना कोई महत्त्व नहीं रखता, क्योंकि प्यार अंधा होता है. आप छैलछबीले हैं, लेकिन आप की पत्नी गंवार है, तो भी आप उसे उसी रूप में स्वीकारें. जब आप उसे प्यार करने लगेंगे तो वह आप को खूबसूरत दिखने लगेगी. प्यार का एहसास खूबसूरती पैदा करता है, मुश्किलों का सामना करने की हिम्मत देता है. आप पत्नी से इसलिए प्यार न करें कि वह खूबसूरत है, बल्कि अपने प्यार से उस की खूबसूरती को निखारें.

बेमेल विवाह में ऐसे होगा मेल

माना कि आप दोनों के लुक्स, स्टाइल में अंतर है, लेकिन अब वह आप की बैटर हाफ है यानी आप के जीवन की पार्टनर है तो आप की जिम्मेदारी बनती है कि आप उसे बैस्ट हाफ बनाएं बजाय उसे अपने से कमतर होने का एहसास कराने के. दोस्तों, रिश्तेदारों के सामने न खुद शर्मिंदा हों न उसे शर्मिंदा कराएं. पत्नी की भावनाओं को महत्त्व दें व पूरे आत्मविश्वास के साथ अपने दोस्तों व रिश्तेदारों के सामने उस की खूबियों का बखान करें. कुछ तो लोग कहेंगे लोगों का काम है कहना, इस पर अमल कर अपनी बैटर हाफ में आत्मविश्वास जगाएं. ‘तुम से विवाह कर के मेरी तो जिंदगी ही बरबाद हो गई,’ कई पति ऐसी बातें कह कर पत्नी को उस की कमियों का एहसास कराते हैं. इस से रिश्ते में प्यार व जुड़ाव पनपने के बजाय नफरत व अलगाव पैदा होता है, जो किसी भी रिश्ते के टूटने के लिए पर्याप्त होता है.

ऐसे बेमेल विवाह के बावजूद एकदूसरे के साथ मेल करना ही पतिपत्नी के स्वस्थ रिश्ते की पहचान होती है. हाल ही में धनबाद झारखंड की ऐसिड अटैक की शिकार सोनाली मुखर्जी की उड़ीसा के इंजीनियर चितरंजन तिवारी ने अपनी पत्नी बना कर यह जता दिया कि वह सिर्फ सोनाली मुखर्जी की बाहरी नहीं आंतरिक खूबसूरती से प्यार करता है. आप को जान कर हैरानी होगी कि इस ऐसिड अटैक में सोनाली का 70 फीसदी चेहरा जल गया था. सोनाली और चितरंजन का वैवाहिक बंधन साबित करता है कि विवाह में शारीरिक बनावट के बजाय मन का मेल अधिक माने रखता है.

गू्रमिंग का लें सहारा

बाजार में, मेकअप, ब्यूटीफिकेशन व पर्सनैलिटी डैवलपमैंट के इतने औप्शन हैं कि आप पत्नी का टोटल लुक चेंज कर सकते हैं. अच्छा हेयर कट, फिगर के अनुकूल ड्रैस, सैक्सी साड़ी व ब्लाउज व चेहरे के अनुसार मेकअप आप की पत्नी को बेहतर लुक दे सकता है. आप चाहें तो अपनी पत्नी को पर्सनैलिटी डैवलपमैंट की क्लासेज भी जौइन करा सकते हैं जहां उसे टेबल मैनर्स, गैस्ट का वेलकम, बोलचाल, चालढाल सभी की सही ट्रेनिंग दी जाएगी. इस से उस का व्यक्तित्व निखर जाएगा और आप हैरान हो जाएंगे कि क्या यह वही पत्नी है. यही नहीं गू्रमिंग से आप की पत्नी में आत्मविश्वास भी जगेगा.

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