Marriage : सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है जिसमें एक मां अपनी डॉक्टर (MBBS/MD) बेटी के लिए दूल्हा न मिल पाने की शिकायत कर रही हैं. मां का कहना है कि उनकी बेटी 30-32 साल की है और पूरी तरह फिट है, लेकिन जब वे उसके लिए अपनी बिरादरी में लड़के देखती हैं, तो 32-34 साल के लड़के ‘अंकल’ जैसे नजर आते हैं. उन्होंने कहा कि इस उम्र के ज्यादातर लड़के या तो गंजे हो गए हैं या काफी मोटे हैं.

इस वीडियो पर इंटरनेट यूजर्स की तीखी प्रतिक्रिया सामने आई है और लोग दो गुटों में बंट गए हैं. कई लोगों ने मां को ट्रोल करते हुए सवाल उठाया कि अगर 34 का लड़का ‘अंकल’ है, तो 34 की लड़की ‘आंटी’ क्यों नहीं? यूजर्स का कहना है कि आजकल डॉक्टर बनने और करियर बनाने में 30-32 साल लग जाते हैं, और काम के तनाव के कारण लुक्स पर असर पड़ना स्वाभाविक है. कुछ यूजर्स ने इसे मां की अवास्तविक उम्मीदें (unrealistic expectations) करार दिया है.

दरअसल, जब हम बिरादरी, डिग्री और लुक्स को प्राथमिकता देते हैं, तो शादी एक रिश्ता कम और ‘बिजनेस डील’ ज्यादा लगने लगती है. अगर उस डॉक्टर बेटी को एक ऐसा साथी मिले जो उसे समझे, उसके काम का सम्मान करे, तो क्या उसका ‘गंजापन’ या ‘मोटापा’ वाकई मायने रखेगा?

दूसरे, अगर मनपसंद लड़का नहीं मिल रहा, आपका मन नहीं मान रहा तो शादी करने की जरुरत ही क्या है? अगर दिल कर रहा है, तो कर लो शादी अगर दिल नहीं कर रहा तो मत करो शादी. ये जो समाज में हिसाब बैठा है कि शादी तो करनी ही पड़ेगी ये गलत है. शादी करना जरुरी नहीं है ये तो बस आपकी अपनी आवशयकता है. आपकी आवश्यकता होती तो आप 20 साल में शादी कर लेते आवशकता नहीं है तो नहीं कर रहें. इसमें दिक्कत और मुसीबत क्या है?

शादी जरुरत से जयादा सामाजिक दबाव है

अगर आप बिना शादी के ही खुश है और आपको किसी साथी की जरुरत महसूस नहीं होती तो सिर्फ ‘लोग क्या कहेंगे’ की वजह से शादी करना ठीक नहीं है. ये आपका व्यक्तिगत फैसला होना चाहिए. जबकि पढाई ख़तम होते ही जैसे ही नौकरी लग जाती है समाज शादी का दबाव बनाना शुरू कर देता है. जब मन तैयार हो और सही व्यक्ति मिले, तभी यह कदम उठाना समझदारी है.

शादी करने की कोई उम्र नहीं होती

आपको शादी करनी है, तो भी कोई बुराई नहीं है और शादी की कोई उम्र नहीं है. लेकिन यह आपकी इच्छा पर निर्भर करता है इसके लिए आपको सामाजिक दबाव लेने की जरुरत  नहीं है. अगर शादी करने का फैसला लेने में आपको देर हो गई है, तो कोई बात नहीं. समाज ने ये टैबू भी बना दिया है कि 25 – 26 की उम्र तक शादी करना सही है उसके बाद बुढ़ापे में क्या शादी होगी. यह अपने आप में ही गलत सोच है. शादी काने की कोई उम्र नहीं होती. अगर पहले आपने शादी नहीं की और 35 साल की उम्र में आपको कोई पसंद आ जाता हटो उसमे बुरा ही क्या है जब आप मन से तैयार हो तभी शादी करें.

बढ़ती उम्र में शादी ‘सही साथी’ से हो ‘लुक्स’ से नहीं

अगर आप 32 की हो गई हो और आपको बड़ी उम्र का  लड़का अच्छा लग रहा है तो न तो आप उसके मोटे पेट पर जाओ और ना ही उसके उड़ते हुए बालों पर जाओं. अगर उसका व्यवहार, बातचीत का तरीका सही लग रहा है तो आगे बढ़ जाओं. आपने 22 साल की उम्र में उस लड़के से शादी की होती तो 34 साल की उम्र में आज भी वो पके हुए बालों में आपको अच्छा ही लगता.

22 की उम्र में वो 25 का होता और आपने उससे शादी की होती तो 10 साल बाद आज वो वैसा ही लगता जैसा लड़का आप आज 32 की उम्र में देख रही है. लेकिन क्या शादी के इतने सालों बाद उसके मोटापे के कारण आप उसे छोड़ देती, नहीं न. फिर आज ये क्यूँ  सोचना कि ये लड़का बड़ा लग रहा है.

30 या 32 की उम्र में शादी करने का एक फायदा यह भी है कि इंसान दिमागी तौर पर ज्यादा परिपक्व (Mature) होता है. उसे पता होता है कि उसे जीवन से क्या चाहिए. ऐसे में किसी के “मोटे पेट” या “उड़ते बालों” के बजाय उसके बातचीत के तरीके और व्यवहार को देखना ज्यादा मायने रखता है, क्योंकि अंत में साथ उसी के साथ निभाना है.

जुड़ाव व्यवहार और सोच से होना चाहिए, न कि केवल लुक्स से “सुंदर चेहरा उम्र के साथ ढल जाता है, लेकिन सुंदर स्वभाव उम्र के साथ और भी कीमती हो जाता है.”आप दिन के 24 घंटे किसी के चेहरे को देखकर नहीं बिता सकते. आपको बातें करनी होती हैं, फैसले लेने होते हैं और एक-दूसरे के विचारों को समझना होता है. अगर सोच नहीं मिलती, तो दुनिया का सबसे सुंदर व्यक्ति भी आपको सबसे ज्यादा मानसिक तनाव दे सकता है. जब जीवन में चुनौतियाँ आती हैं—जैसे बीमारी, आर्थिक मंदी या भावनात्मक उतार-चढ़ाव—तब साथी का “गुड लुक्स” आपके काम नहीं आता. उस वक्त काम आता है उसका धैर्य, उसकी सहानुभूति, उसकी समस्याओं को सुलझाने की समझ,

उम्र के साथ शरीर बदलता ही है. जो व्यक्ति आज 25 का फिट नौजवान है, वह 40 की उम्र तक पहुंचते-पहुंचते शारीरिक रूप से बदलेगा ही. अगर आप किसी के साथ 10 साल बिता चुके होते, तो आप उसके बढ़ते वजन या कम होते बालों की वजह से उसे छोड़ते नहीं. यही नजरिया शादी की शुरुआत में भी होना चाहिए. इसलिए जुड़ाव व्यवहार और सोच से होना चाहिए, न कि केवल लुक्स से.

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