रेबेका नौक्स उर्फ बैकी लिंच वर्तमान समय में डब्ल्यूडब्ल्यूई की सब से बेहतरीन महिला रेसलर्स में से एक हैं और उन्हें दबंग अंदाज के लिए जाना जाता है. वह एक पेशेवर आयरिश महिला पहलवान हैं. 5 फुट 6 इंच लंबी, रंगे हुए लाल बालों और मस्कुलर बदन वाली बैकी लिंच सेक्सी भी कम नहीं हैं. उन के लाल रंग के बाल, जानदार मुस्कान और अदायगी फैंस को काफी लुभाती है. जनवरी 1987 में डब्लिन, आयरलैंड में जन्मी बैकी की पर्सनैलिटी काफी आकर्षक है. बेकी लिंच एक्टिंग में भी हाथ आजमा चुकी हैं. टीवी सीरीज ‘वाइकिंग’ में उन्होंने एक छोटा किरदार निभाया था.

हालांकि बेकी लिंच का रेसलिंग करियर चोटों से बहुत प्रभावित रहा है. 2006 में गंभीर हेड इंजूरी की वजह से उन्हें कई सालों के लिए प्रोफेशनल रेसलिंग से दूर रहना पड़ा.  2012 में उन्होंने रेसलर के रूप में वापसी की और डबल्यू डबल्यू ई ज्वाइन किया.

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वर्ल्ड रेसलिंग एनटरटेनमेन्ट यानी डबल्यू डबल्यू ई सार्वजनिक तौर पर व्यवसाय करने वाली, निजी नियंत्रण वाली खेल मनोरंजन कंपनी है जो खासतौर पर प्रोफेशनल रेसलिंग यानी पेशेवर कुश्ती उद्योग में है. कंपनी के राजस्व का बड़ा भाग फ़िल्मों,संगीत उत्पादों की लाईसेंसिंग तथा उत्पादों की सीधी बिक्री से आता है. विन्स मैकमोहन कंपनी के सब से बडे हिस्से के मालिक और चेयरमैन हैं. इस के दफ्तर लॉस एंजिल्स और न्यूयौर्क सिटी में हैं.

डबल्यू डबल्यू ई के बिज़नस का फोकस पेशेवर रेसलिंग पर है. यह एक बनावटी खेल और प्रदर्शन कला है जो थियेटर में होने वाली कुश्ती के साथ मिल कर पूर्ण होती है. इस में मैच फिक्सिंग या बैटिंग वगैरह  नहीं होता. मौजूदा समय में यह दुनिया की सब से बड़ी पेशेवर रेसलिंग प्रोमोशन कंपनी है. डबल्यू डबल्यू ई के 3 ब्रांड हैं: रौ, स्मैक डाउन और ई सी डबल्यू.

खुद को ‘द मैन’ कहने वाली लिंच किसी भी स्थिति में झुकने का नाम नहीं लेती हैं. वह किसी से भी भिड़ जाने का दम रखती हैं. बैकी लिंच ने रैसलमेनिया 35 में 2019 रॉयल रंबल मैच जीत कर एक बार फिर से अपनी पहचान बनाई है. पेश है उन से की गई बातचीत के मुख्य अंश ;

सवाल- जीवन के इस मुकाम तक पहुंचने के क्रम में किन संघर्षों का सामना करना पड़ा ?

मैं अपने भाई के साथ अक्सर कुश्ती देखा करती थी. कुश्ती देखना मुझे बहुत पसंद था. मगर यदि आप रेसलर बनना चाहते हैं तो आप को इंग्लैंड, अमेरिका जैसी जगहों पर जा कर ट्रेनिंग लेनी जाना पड़ती है. मुझे आयरलैंड के प्रोफेशनल रेसलर फिन बैलर के स्कूल में सीखने का मौका मिला. संत एंड्रियूज नेशनल स्कूल में छोटे से हौल के फ्लोर पर सिर्फ 6 ब्लू मैट्स पर हम ने 3 माह तक रेसलिंग की. हम वहां हर संडे जाते और ट्रेनिंग लेते. इंग्लैंड जा कर समर कैंप करते जहां जिम में 8 से 9 घंटे की ट्रेनिंग दी जाती.

सच कहूं तो शुरुआत में मेरा परफौर्मेंस बहुत बेकार रहता था. रेसलिंग मेरे लिए बहुत कठिन था. मैं एक एथलीट थी. मगर स्वभाव से मैं बहुत टफ थी. रेसलिंग भले ही मेरे लिए नया था मगर मैं इस में चैंपियन बनना चाहती थी. मुझे याद है एक ऐसा समय भी आया था जब रोते हुए मैं ने फिन बेलर से कहा था कि मैं लड़कों जैसा रेसलिंग करना चाहती हूँ. उन्होंने कहा कि वे मुझे ऐसा ही बनाने का प्रयास कर रहे हैं. रेसलमेनिया के बाद मैं वैकेशन पर भी नहीं गई. मुझे रेसलिंग का बिजनेस पसंद है और मैं चाहती हूं कि लोग भी इसी तरह पसंद करें.

सवाल- आप की स्ट्रांग पर्सनैलिटी का राज क्या है ?

मैं हमेशा से ही बहुत बोलने वाली और अपनी बात रखने वाली लड़की रही हूं. मैं कुछ भी बोलने से हिचकती नहीं थी. पापा ने भी मुझे कभी रोका नहीं. मैं बचपन से ही टफ रही हूँ. शायद यही वजह है कि मेरी पर्सनैलिटी ऐसी है. इस खूबी के कारण ही मुझे द मैन का तमगा मिला और मैं ने इसे भरपूर जीने का प्रयास किया है.

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सवाल- जीवन का कोई पल जिसे आप दोबारा जीना चाहती हैं?

मेरा पसंदीदा मैच शेर्लोट फ्लेयर के साथ लास्ट वुमन स्टैंडिंग मैच एट आल वुमंस इवोलुशन पे पर व्यू   इसे मैं दोबारा जीना चाहूंगी.

सवाल- जो लड़कियां आप के नक्शेकदम पर चलना चाहती हैं उन के लिए टिप्स क्या देना चाहेंगी?

कड़ी मेहनत करें और अपना काम बखूबी करते रहे. यह हर तरह से आप को बेहतर बनाएगा. अपनी फिटनेस, बोलने की क्षमता, रिंग के अंदर और बाहर भी दूसरों से कनेक्ट होने की क्षमता आदि पर काम करना कभी भी न छोड़े. आप को ट्रैवल करना चाहिए और इस से जितना हो सके उतना अनुभव जुटाने का प्रयास करना चाहिए. जितना संभव हो उतने रेसलिंग मैचेस देखे. इस गेम के बारे में पढ़ें. दूसरे एथलीटस की जिंदगी के बारे में जाने. मेरे बारे में जाने. समझने का प्रयास करें कि हम सब ने कैसे सफलता पाई. खुद पर विश्वास करना भी कभी न छोड़े.

सवाल- आप की भविष्य की योजनाएं क्या है?

इस बदलती दुनिया में जैसेजैसे चीजें मेरे सामने आती हैं वैसे ही मैं उन्हें स्वीकार कर लेती हूं और आगे भी ऐसा ही करूंगी. फिलहाल मैं अपने करियर पर फोकस करूंगी और अपने डब्ल्यूडब्ल्यूई के प्रोफेशनल रेसलिंग को और बेहतर बनाने का प्रयास करूंगी.

सवाल- घर वालों का कितना सपोर्ट मिलता है ? घर में और कौनकौन है ?

मेरी माँ को यह गेम उतना पसंद नहीं. वह थोड़ी कंजरवेटिव नेचर की है और शायद उन्हें मेरा यह सब करना उतना पसंद नहीं आता. मगर जैसेजैसे वह मुझे इस मुकाम तक पहुंचते हुए देख रही है तो उन्हें एहसास हो रहा है इस गेम ने मेरा जीवन कितना बदल दिया है. मेरे पापा ज्यादा कुछ नहीं कहते मगर मुझे प्रोत्साहित करते हैं. वे मेरे सोशल मीडिया एक्टिविटीज पर ज्यादा ध्यान नहीं देते.

सवाल- आप को मोटिवेशन किस से मिलता है ?

कितने लोग ऐसे हैं जिन्होंने मुझे उस वक्त मदद की जब मैं खुद पर ही विश्वास नहीं कर पा रही थी. जैसे कि सेठ रोलिंस ने मेरी बहुत मदद की. एक समय था जब मैं लगातार एक स्टार बिल्डर यानी ऐसा व्यक्ति थी जिसे किसी और को अच्छा दिखाने के लिए उपयोग में लाया जाता है. उस दौरान मेरी उपस्थिति के कोई मायने नहीं थे. पर मुझे खुशी और गर्व है कि मैं ने बहुत से लोगों को गलत साबित कर दिया.

सवाल- अपनी ट्रेनिंग के बारे में डिटेल में बताइए.

मैं किसी भी इवेंट पर जाने से पहले खुद को एकाग्र करती हूं. संभव होता है तो सुबह में इस के लिए योगा करती हूं. फिर यह लिखने का प्रयास करती हूं कि मैं उस मैच को कैसे होता हुआ देखना चाहती हूं और फिर उसे विजुलाइज भी करती हूं. सामान्यतया यह सब मैं मैच से पहले वाली रात में करती हूं. जहां तक बात एक्सरसाइज की है तो मैं सप्ताह में 5-6 बार क्रौसफिट और जब मौका मिले तब योगा करती हूं. रिंग के अंदर और बाहर दोनों ही तरह की ट्रेनिंग जरूरी है.

सवाल- आप ने एक्ट्रेस के रूप में भी काम किया है. उस प्रोफेशन को छोड़ कर रेसलर बनने की वजह क्या थी?

भले ही मैं ने फिल्मों में काम किया हो मगर रेसलिंग हमेशा से मेरे जीवन का हिस्सा रहा है. मैं चाहती थी कि डब्ल्यूडब्ल्यूई से वापस आ कर अपने साथी रेसलर्स के साथ कम्पीट करूं. प्रोफेशनल रेसलिंग में जो थ्रिल है वह कहीं भी नहीं है. लाखों लोगों के सामने हर  वीक जा कर आप खुद को फिजिकली और मेंटली टेस्ट करते हैं. मुझे लगता है यह सब से कठिन इंडस्ट्री है.

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एक माह के लिए मै सिर्फ 3 घंटे की नींद पर रह चुकी हूं. टूर करते हुए अपीयरेंस के लिए तैयार रहना, टीवी पर आना ,हमेशा अपना जबरदस्त परफौरमेंस दिखाना वरना आप पीछे रह जाओगे, यह सब आसान नहीं. मगर यही तो इस गेम का फन है. यह एक खूबसूरत आर्टफौर्म है.

सवाल- एक पल जिस ने आप की जिंदगी/ करियर को बदल दिया ?

मुझे लगता है यह रैसलमेनिया 35 जीतना और इस साल डबल चैंपियन का खिताब अपने नाम करना ही था. मैं बता नहीं सकती कि उस दिन मैं क्या महसूस कर रही थी और कितनी खुश थी. मैं ने पूरी जिंदगी इस का सपना देखा था.

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