योंतो आए दिन रेप के मामले लगातार सामने आते रहते हैं, लेकिन कई बार ऐसे मामले भी सामने आते हैं, जिन में प्रेमिका ने अपने प्रेमी पर रेप का इलजाम लगाया. ऐसे मामले सच में चौंका देने वाले होते हैं.

प्रयागराज से दिल्ली आए विशाल की कहानी भी कुछ ऐसी ही चौंका देने वाली है. विशाल दिल्ली में अपनी गर्लफ्रैंड कंचन के साथ एक ही फ्लैट में रहता था. दोनों साथ में रह कर सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे थे. साथ कोचिंग जानाआना था. दोनों ज्यादातर वक्त एकदूसरे के साथ ही बिताते थे.

विशाल अपने कैरियर को ले कर बहुत सीरियस था, जबकि कंचन अपने कैरियर से ज्यादा विशाल को ले कर सीरियस थी या यों कह लीजिए कंचन विशाल के साथ अपना भविष्य देखने लगी थी.

यूपी के बलिया की रहने वाली कंचन का स्वभाव थोड़ा जिद्दी और गुस्से वाला था. दिल्ली आने के बाद उस में काफी बदलाव आया. विशाल और कंचन की मुलाकात दिल्ली में हुई. देखते ही देखते दोनों एकदूसरे के करीब आने लगे.

ये नजदीकियां विशाल के लिए खतरनाक साबित होंगी इस का उसे अंदाजा भी नहीं था. एक ही फ्लैट में रहने के बावजूद विशाल ने कभी कंचन के साथ सैक्स संबंध बनाने की कोशिश नहीं की. दोनों एकदूसरे के नजदीक तो आए, लेकिन एक दायरे में रह कर.

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विशाल अपने परिवार का अकेला बेटा था और उस के पेरैंट्स चाहते थे कि वह जल्दी शादी कर ले. इधर विशाल की परीक्षा शुरू होने वाली थी और दूसरी तरफ शादी का दबाव. विशाल ने अपने परिवार वालों से गुस्से में बोल दिया कि अगर उस की परीक्षा क्लीयर हो गई तो वह जल्द ही शादी कर लेगा.

2 महीने बाद विशाल का रिजल्ट आया, जिसे देख कंचन के पैरों तले की जमीन खिसक गई. विशाल ने परीक्षा क्लीयर कर ली थी.

अब कंचन को डर था कि विशाल उस से दूर हो जाएगा. विशाल बहुत खुश नजर आ रहा था. आखिर उस की मेहनत रंग जो लाई थी. उस के घर वाले भी बहुत खुश थे.

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उधर कंचन के व्यवहार में बदलाव दिखने लगा था. हर बात पर गुस्सा, चिड़चिड़ापन. विशाल ये सब देख रहा था, लेकिन उस ने कंचन से कुछ कहा नहीं. रिश्ते की शुरुआत में ही विशाल ने कंचन को बोल दिया था कि वह उस से शादी नहीं कर सकता और इस बात पर कंचन भी विशाल से सहमत थी. लेकिन अब वह उस पर अपना हक जमाने लगी थी. विशाल कंचन की इन हरकतों को नजरअंदाज कर देता था.

कुछ समय बाद विशाल ने फैसला किया कि अब उसे अलग हो जाना चाहिए. अत: वह कुछ दिनों के लिए प्रयागराज चला गया. प्रयागराज जाते ही कुछ दिनों बाद उस की सगाई हो गई. यह बात जब विशाल ने कंचन को बताई तो वह उस पर चिल्लाने लगी. धमकियां देने लगी कि अगर विशाल ने उस से शादी नहीं की तो वह मर जाएगी, उसे बरबाद कर देगी

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विशाल ने कंचन को बहुत समझाने की कोशिश की पर वह तो अपनी जिद्द पर अड़ी थी. सगाई के बाद जब विशाल दिल्ली अपने फ्लैट सामान लेने आया तो उस दिन कंचन फ्लैट में ही थी. विशाल के आने पर कंचन फूटफूट कर रोने लगी और उस से शादी के लिए बोलने लगी. विशाल उसे समझा रहा था. तभी कंचन उस के घर वालों को भी उलटासीधा सुनाने लगी. विशाल से यह सहन न हुआ तो वह उसी वक्त वहां से गुस्से में निकल गया.

पूरी रात विशाल परेशान था. उस रात विशाल अपने एक दोस्त के घर रुका. उसे परेशान देख दोस्त ने उस से परेशानी की वजह पूछी. लेकिन विशाल चुप रहा. अगली सुबह जब विशाल उठा तो सबकुछ बदल चुका था. पुलिस उस के सामने थी. उस के दोस्त के घर वाले उसे गुस्से में देख रहे थे. उस की समझ में नहीं आ रहा था कि ये सब क्या हो रहा है. दरअसल, मामला यह था कि कंचन ने विशाल पर जबरदस्ती यानी रेप का आरोप लगाया था. यह बात सुनते ही विशाल हक्काबक्का रह गया. उसे यकीन ही नहीं हो रहा था कि कंचन ऐसा इलजाम भी उस पर लगा सकती है. कंचन के द्वारा विशाल पर झूठा रेप का इलजाम लगाने से विशाल की पूरी दुनिया तहसनहस हो गई.

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आखिर क्यों होता है ऐसा

दरअसल, एकदूसरे के टच में रहते हुए यानी लंबे समय तक साथ रहते हुए पार्टनर के साथ इमोशनल जुड़ाव हो जाता है. यह जुड़ाव इतना गहरा होता है कि किसी एक का जुदा होना दूसरे को बरदाश्त नहीं होता. ऐसे में जब किसी एक की तरफ से नकारात्मक प्रतिक्रिया होती है तो दूसरा कुछ भी करने पर उतारू हो जाता है.

इस बारे में मनोचिकित्सक अमित कुमार का कहना है, ‘‘जब हम किसी के साथ ज्यादा वक्त बिताते हैं फिर चाहे वह कोई पशु हो या इंसान हम धीरेधीरे उस से क्लोज हो जाते हैं और फिर इस बात का एहसास हमें तब होता है जब वह दूर चला जाता है.’’

अगर हम रिलेशनशिप की बात करें तो एक ही रूम में एक व्यक्ति के साथ रहना, सारा वक्त साथ बिताना, छोटी से छोटी बातें भी शेयर करना ये सब हमारी जिंदगी का हिस्सा बन जाता है. दरअसल, हमें इस की आदत हो जाती है और जब ऐसा न हो तो गुस्सा आना स्वाभाविक है.

मगर जरूरत से ज्यादा गुस्सा आना, हर बात पर लड़ना यह तभी होता है जब सामने वाले की जिंदगी में वैसा नहीं होता जैसा वह चाहता है. आप देखेंगे ऐसे व्यक्ति तुरंत गुस्सा करने लगते हैं तो कभी शांत रहते हैं. इन का यह व्यवहार इन्हें डिप्रैशन की ओर ले जाता है. डिप्रैशन से पीडि़त व्यक्ति हर वक्त खुद में खोया नजर आएगा. ऐसे लोग जिद में आ कर कुछ भी कर सकते हैं.

मगर ऐसे भी लोग हैं जो ऐसे घिनौने इलजाम अपने फायदे के लिए लालच में आ कर लगाते हैं.

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कैसे बचें रेप के झूठे इलजाम से रेप एक जघन्य अपराध है, इस में कोई दो राय नहीं, पर जब सहमति से संबंध बनें और बाद में लड़की रेप का झूठा इलजाम लगा दे तो यह कानून का बेजा इस्तेमाल ही कहलाएगा.

कई बार लड़की के मातापिता ही ऐसा इलजाम लगा देते हैं और वह भी सिर्फ कुछ रुपयों, कुछ दिनों की सुखसुविधा के लिए. यह कहां की समझदारी है? शायद वे भूल जाते हैं कि इस से उन की बेटी के जीवन पर क्या प्रभाव पड़ेगा?

यदि कोई किसी पर रेप का झूठा आरोप लगाता है और वह झूठा साबित होता है तो हमारे कानून के अनुसार इलजाम लगाने वाले को 10 साल की सजा के साथसाथ जुरमाना भी देना पड़ सकता है.

मुद्दे की बात यह है कि आखिर कैसे इन निर्दोष पीडि़तों को रेप के झूठे आरोप से बचाया जाए? न जाने आज कितने निर्दोष व्यक्ति कालकोठरी में इस कलंक के साथ घुटघुट कर जिंदगी जी रहे हैं.

कुछ सुझाव

इस पूरे मामले पर एडवोकेट सुमित शर्मा कहते हैं कि जैसा हम जानते हैं आजकल किसी भी महिला या पुरुष की दोस्ती के बाद शारीरिक संबंध बनाना कोई बड़ी बात नहीं है. ऐसे में बहुत सी लड़कियां पुरुष को शादी के लिए या ठगने के लिए उस पर रेप का आरोप लगा देती हैं. यदि कोई पुरुष शादी का झांसा दे कर शारीरिक संबंध बनाता है तो यह रेप की श्रेणी में आता है. लेकिन कई बार लड़का निर्दोष होता है और लड़की के जाल में फंस जाता है. ऐसे में लड़कों को इन सुझावों को अपनाना चाहिए:

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– यदि रेप करने का कोई ठोस सुबूत नहीं है तो आप लड़की से शारीरिक संबंध नकार सकते हैं तथा मैडिकल टैस्ट में टू फिंगर टैस्ट की रिपोर्ट पर जोर दे कर लड़की को गलत साबित कर सकते हैं.

– अगर लड़की ने कभी शारीरिक संबंध के लिए अप्रोच किया है और उस का कोई सुबूत आप के पास है तो आप उसे कोर्ट में पेश कर सकते हैं.

– यदि शारीरिक संबंधों की रिपोर्ट फोरेंसिंक रिपोर्ट या वीडियो अथवा फोटो में है तो आप संबंध बनाना स्वीकार करें तथा संबंध धोखे

से नहीं बनाए यह साबित करें. लेकिन ध्यान रखें यह तभी कारगर है जब लड़की की उम्र 18 वर्ष हो.

– मैडिकल रिपोर्ट की कमियां देखें व उन्हें हथियार के तौर पर इस्तेमाल करें.

– यदि केस ज्यादा गंभीर हो तो चार्जशीट जल्दी फाइल करवाने की कोशिश करें.

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