कृति सेनन फिल्मों में आने से पहले इलैक्ट्रौनिक्स की छात्रा थीं. उन की बचपन से फिल्मों में आने की इच्छा थी, पर उन के परिवार वाले चाहते थे कि वे पहले पढ़ाई पूरी करें. कृति ने ऐसा ही किया. शिक्षा खत्म होते ही पहले मौडलिंग और फिर बौलीवुड की ओर रुख किया. लेकिन फिल्मों में उन्हें डेब्यू करने का मौका मनोवैज्ञानिक तेलुगु फिल्म ‘थ्रिलर’ से मिला.

इस के बाद उन की फिल्म आई ‘हीरोपंती’, जिस के लिए कृति को बैस्ट फीमेल डेब्यू अवार्ड मिला और फिर शुरू हुआ कृति का सफर. पहली फिल्म की सफलता के बाद कृति ने ‘दिलवाले’, ‘राबता’, ‘बरेली की बर्फी’, जैसी फिल्मों में काम किया. इन दिनों कृति फिल्म ‘अर्जुन पटियाला’ में काम कर रही हैं. कृति बचपन से काजोल और शाहरुख की फिल्में देखती आई हैं और उन के लिए फिल्म ‘दिलवाले’ में उन के साथ काम करना किसी सपने के पूरा होने जैसा था. वे कहती हैं, ‘‘इतने बड़े बैनर में निर्देशक रोहित शेट्टी के साथ काम करना मेरे लिए बहुत बड़ी बात थी.

मेरा अनुभव उस फिल्म में काम करने का एक परिवार की तरह था. लगता ही नहीं था कि मैं शूट कर रही हूं. ‘दिलवाले’ रिलीज से पहले मैं ने केवल एक फिल्म ‘हीरोपंती’ की थी, जिस में टाइगर श्रौफ और मैं दोनों ही नए थे. ‘‘ऐसे में हमारे दर्शकों की संख्या सीमित थी. ‘दिलवाले’ फिल्म के बाद मेरे दर्शकों की संख्या बहुत बढ़ गई है.

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फिल्मी बैकग्राउंड से न होने पर आम जनता आप को जाने, आप के काम को पहचाने, यह बहुत जरूरी है, जिस के बल पर आप को आगे काम मिलता है.’’ खुद को प्रूव करना पड़ता है भाई भतीजावाद हर इंडस्ट्री में होता है, लेकिन इस से कृति को कोई फर्क नहीं पड़ता. वे कहती हैं, ‘‘इस से मौका पहले अवश्य मिलता है, पर बाद में प्रतिभा ही आगे आती है.

यह सही है कि इंडस्ट्री में रहने वाले लोगों का ध्यान पहले स्टार किड्स पर ही केंद्रित होता है. ऐसे में आउटसाइडर को अपनेआप को सिद्ध करने की जरूरत होती है.’’ कृति जब भी स्क्रिप्ट पढ़ती हैं, उसे फील करना चाहती हैं. हर स्क्रिप्ट को वे एक दर्शक  के नजरिए से पढ़ती और देखती हैं, क्योंकि अगर कहानी उन्हें रोमांचित करेगी, तो फिल्म बनने के बाद भी सब को आकर्षित करेगी. इतना ही नहीं कृति हर फिल्म में अपना सौ प्रतिशत देती हैं.

VIDEO : हैलोवीन नेल आर्ट

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