Attention Seeker: अपने आसपास आपको बहुत से लोग ऐसे मिलेंगे जिन्हें हर वक्त खुद के बारे में बात करना पसंद होता है. वे चाहते हैं हम जो कह रहे हैं उसे लोग धयान से सुने और समझें। हमारी बातों पर तवज्जों दें हम पर अटेंशन दें. लेकिन जब ये चाहत हद से ज्यादा बढ़ जाएँ तो उस व्यक्ति को अटेंशन सीकर का नाम दे दिया जाता है. अटेंशन सीकिंग बिहेवियर के शिकार लोगों से डील करना बहुत मुश्किल होता है. ऐसे लोग हर पल, हर घड़ी हर किसी का ध्यान अपनी ओर आकर्षित करना चाहते हैं और इसके लिए कुछ भी करने को तैयार रहते हैं. लेकिन ऐसे लोग किसी मुसीबत से काम नहीं होते हैं. हर कोई इनके पास खड़ा होने और बात करने से बचता है. आइये जाने कैसे डील करें इन लोगों से.
अटेंशन सीकर के सामने से हट जाना सबसे अच्छा जवाब है
जब अटेंशन सीकर अपनी वाहवाही करने लगे, तो उस वक्त उसकी बातों से पककर इरिटेट होने से अच्छा है उन्हें बीच में ही रोककर बोले सॉरी मैं अभी 2 मिनट में आया फोन सुनकर और 15 मिनट तक आये ही नहीं वो इसका सबसे अच्छा जवाब है. एक आध बार आप ऐसा करेंगे तो अटेंशन सीकर खुद ही समझ जाएगा कि आप उसे क्या मैसेज देना चाहते हैं. ऐसा करके आपने आपने बिन कुछ कहे सब कह दिया.
खुलकर बात करें
बहुत बर्दाश्त कर लिया. क्यूँ ना अब एक दिन उनसे आमने सामने बैठकर बात कर ही ली जाये. उन्हें बिना झिझके सारी बात बताएं कि किस तरह उनके अटेंशन सीकर वाले व्यहार से सब लोगों को परेशानी हैं और लोग उनसे बचने लगे हैं. उन्हें कहें कि भले ही आपको बुरा लगे लेकिन मैं आपका वेलविशर होने के नाते यह बता रहा हूँ ताकि आप अपनी आदत को बदल सकें. एक अच्छा दोस्त होने के नाते उन्हें यह आदत बदलने में मदद भी करें.
इगनोर करें
उनकी पकाऊ बातों को इगनोर करना एक अच्छा ऑप्शन हो सकता है. जितना ज्यादा आप उन पर और उनकी बातों पर तवज्जों देंगें उतना ही ज्यादा वे आपसे चेप होंगे और अपनी ख़ुदपसन्दी के किस्से सुनाएंगे. इसलिए जब वे अपने किस्से सुनाने शुरू करें तो उनकी बात बीच में ही काटकर कुछ और टॉपिक छेड़ दें.
अटेंशन सीकर को ना दें बढ़ावा
जब एक पार्टनर अटेंशन सीकर होता है तो ऐसे में दूसरा पार्टनर उसे खुश करने के लिए अपना पूरा फोकस सिर्फ उस पर ही रखता है। जबकि वास्तव में यह व्यवहार स्वीकार्य नहीं है. एक वक्त के बाद आप खुद को मेंटली काफी परेशान महसूस करेंगे। इसलिए, बेहतर होगा कि आप अपने रिश्ते में कुछ हेल्दी बाउंड्री सेट करें। उन्हें यह बताएं कि उनका कौन सा व्यवहार रिश्ते के लिए ठीक नहीं है। इससे रिलेशन को बैलेंस करना काफी आसान होगा।
अटेंशन सीकर व्यक्ति की आप चापलूसी ना करें
एक अंटेशन सीकर व्यक्ति की खास बात यह होती है कि वे अपने गुणों से भलीभांति परिचित हैं. वे जानते हैं कि वे हैंडसम और इंटलीजेंट हैं। लेकिन उन्हें फील गुड तब होता है जब सामने वाले को उनके इन गुणों के बारे में पता हो. इसके लिए वे अपने आसपास के लोगों को अपनी योग्यता के बारे में हमेशा शो ऑफ करना चाहते हैं, बल्कि वे तारीफ और प्रशंसा भी सुनना चाहते हैं। वे ऐसा इसलिए करते हैं क्योंकि उनके अंदर छिपी असुरक्षाएं होती हैं और जब कोई उनकी प्रशंसा करता है तो इससे उनका ईगो बूस्ट अप होता है। लेकिन आप उनके इस जाल में ना फंसे. अगर आपको उनकी कोई बात अच्छी लग भी रही है तो उसे उनके सामने ना कहें वरना उन्हें चने के झाड़ पर चढ़ाने वाले आप खुद ही होंगे.
अटेंशन सीकर के विक्टिम कार्ड में ना फंसे
अटेंशन सीकर लोग हमेशा दूसरों की सहानभूति हासिल करना चाहते हैं. वे अपने दोस्तों व आसपास के लोगों के साथ कई तरह के झूठ बोलकर खुद को विक्टिम दिखाने की कोशिश करते हैं। वास्तव में यह उनका तरीका होता है दूसरों का ध्यान अपनी ओर आकर्षित करने का। इसलिए आप उनकी इस तरह के बातों में ना आएं क्यूंकि सच्चाई क्या है ये तो आप खुद भी जानते हैं.
मनोचिकित्सक की सलाह भी ले सकते हैं
यदि अटेंशन सीकर्स का व्यवहार कंट्रोल में न हो और समस्या ज़्यादा गंभीर हो जाए, तो साइकोथेरेपिस्ट की मदद लेनी चाहिए. इसका इलाज बेहद चैलेंजिंग होता है. इसमें जो बिहैवियर होता है, पीड़ित को महसूस ही नहीं होता कि उनके पार्ट में कोई गड़बड़ी है. उनके मूड में उतार चढ़ाव, रिश्ते खराब होते हैं. इसमें जो मेन ट्रीटमेंट होता है, वो है कॉग्निटिव बिहैविरल थेरेपी. इसमें हमलोग सोचने समझने के तरीके पर काम करते हैं. व्यक्ति की कॉग्निटिव इरर को पहचानते हैं, फिर 20 से 25 सेशन में उसे सुधारने का प्रयास करते हैं.
साथ ही साथ परिवार वालों की काउंसिलिंग करते हैं, उन्हें भी थेरेपी देते हैं कि वो उन्हे.कोई संज्ञा देने या जज करने से बचे. अटेंशन सीकर लोगों के पैरेंट्स अगर छोटी उम्र से ही बच्चों को ख़ुद से प्यार और अपना सम्मान करना सिखाएं, उनका आत्मविश्वास बढ़ाने की कोशिश करें, तो बड़े होने पर उनमें अटेंशन पाने की चाह या यूं कहें कि अटेंशन की भूख नहीं रहेगी। इसके बारे में उनके पेरेंट्स से भी बात की जाती है.
साइकोलॉजिस्ट ऐसे व्यक्तियों को डांस, म्यूज़िक, पेंटिंग, क्रिएटिव राइटिंग जैसे एक्सप्रेसिव आर्ट में शामिल होने की सलाह देते हैं. इनके ज़रिए अपनी भावनाओं को व्यक्त करने से उन्हें ख़ुशी का अनुभव होता है और उनकी आंतरिक शक्ति बढ़ती है. धीरे धीरे उनके व्यवहार में काफी बदलाव आता है.
अटेंशन सीकर से जो काम की बात मिल सके ले लो
अटेंशन सीकर व्यक्ति जहाँ पकाऊ होता है वहां इस बात से भी इंकार नहीं किया जा सकता उसको बहुत सारे चीजे मालूम भी होती हैं. वो बेवकूफ नहीं है वो वास्तव में बाकियों से थोड़ा सा ज्यादा अकल्मन्द होता है. उसे बहुत सारी चीजे मालूम है और बहुत से चीजों के बारे में वह बखान ज्यादा करता है. लेकिन उसे फिर भी मालूम बहुत होता है. इसलिए उससे जो काम की बात मिल सके ले लो. किसी से भी क्यां लेना बुरा है है कुछ सीखने को मिल रहा है तो सीख लें. लेकिन उसकी भी एक सीमा तय कर लें.
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