5 Tips: कैसे रखें स्वस्थ और चमकदार बाल

सर्दी का मौसम आ गया है. इन दिनों सूरज की हानिकारक यूवीए और यूवीबी किरणों से बालों को कम नुकसान होता है. लेकिन सर्दी में भी कई कारण है जिन के चलते बालों को नुकसान पहुंचता है, इसलिए इस मौसम में भी बालों की देखभाल व सुरक्षा का ध्यान रखें. शीतलहर, सूखी हवा और कठोर मौसम में बालों का टूटना अधिक  होता है. इस दौरान बाल बहुत ज्यादा शुष्क हो जाते हैं. इसलिए जरूरी है कि इस मौसम में हम अपने बालों का कुछ ज्यादा ही खयाल रखें.

आइए जानते हैं, हेयर ऐक्सपर्ट व डा. एस क्लिनिक के फाउंडर डा. अरविंद पोसवाल से कुछ आसान टिप्स:

1. बालों को सही तरह से सुखाएं

सर्दी में बालों को पूरी तरह से सुखाना कठिन होता है. गीले बालों को बांधें नहीं, क्योंकि यह बालों और सिर में डैंड्रफ, ब्रेकेज और दोमुंह बालों जैसी कई समस्याओं को पैदा करता है. बालों को कभी भी तौलिए से न सुखाएं, क्योंकि रगड़ के कारण बाल टूटते हैं. बालों को सुखाने का सब से अच्छा तरीका है धीरेधीरे तौलिए के साथ अतिरिक्त नमी निचोड़ें और फिर धीमी सैटिंग पर हेयर ड्रायर का उपयोग कर लें, पर ध्यान रहे कि हेयर ड्रायर करने की दूरी बालों से कम से कम 15 सैंटीमीटर हो.

2. तेल से बालों का ध्यान रखें

2 चम्मच जैतून का तेल गरम करें. हलके हाथों से उसे सिर पर लगाएं और मालिश करें. धीमी मालिश से तेल बालों की जड़ों तक प्रवेश करता है और उन्हें मजबूत करता है. यह स्कल्प को मौइस्चराइज करने और रक्त संचार करने में मदद करता है और इस से बालों के रोमछिद्रों को पर्याप्त पोषण मिलता है, जिस से बाल स्वस्थ और मजबूत होने के साथसाथ झड़ने और गिरने से भी बचते हैं.

3. बाल कंडीशनिंग करना न भूलें

बालों को सर्दी के दौरान नमी की आवश्यकता होती है और ऐसे में बालों की कंडीशनिंग और देखभाल काफी महत्त्वपूर्ण है. हेयर औयल्स और गहरे कंडीशनिंग पैक का उपयोग सप्ताह में एक बार बालों को स्वस्थ बनाए रखने के लिए महत्त्वपूर्ण है. इन औयल्स और कंडीशनिंग पैक्स को बालों में लगा कर कुछ देर छोड़ने के बाद किसी अच्छे शैंपू से धो लें और फिर कंडीशनर का बालों के सिरों पर इस्तेमाल करें.

ध्यान रहे कि कंडीशनर बालों के सिरों पर करें. कंडीशनर को कुछ मिनट के लिए बालों पर लगा कर छोड़ दें और फिर ठंडे या गरम पानी से धोएं. कोशिश करें कि बालों को ठंडे पानी से ही धोएं, जिस से बालों की नमी बनी रहेगी और बाल चमकदार और खूबसूरत दिखेंगे.

4. फ्रीज से निबटें

सर्दी में सब से कष्टप्रद चीजों में से एक फ्रीज है. स्वेटर, स्कार्फ, दस्ताने सभी आप के बालों पर भारी पड़ते हैं, ये बालों को और भी ज्यादा स्टैटिक बना देते हैं. फ्रीज से निबटने के लिए बालों पर बाजार में उपलब्ध वेंटेड हेयर ब्रश से कंघी करें. साथ ही साथ, बालों को केवल कुनकुने या ठंडे पानी से धोएं क्योंकि गरम पानी सभी नैचुरल औयल्स को खींच लेता है जो बालों की सुरक्षा व पोषण के लिए जरूरी होता है.

5. डैंड्रफ से लड़ें

हवा में नमी की कमी के कारण सर्दी के दौरान सिर की स्कल्प पहले से रूखी रहती है और उस में खुजली होने लगती है. इस से डैंड्रफ और जलन जैसी समस्याएं हो जाती हैं, जो बालों के कमजोर हो कर टूटने व झड़ने का कारण बनती हैं. ज्यादातर लोगों को यह पता नहीं होता कि डैंड्रफ की समस्या सही देखभाल के साथ खत्म हो सकती है. इस के लिए केवल जैतून या नारियल के तेल के कुछ चम्मच और नीबू के रस का एक चम्मच चाहिए.

तेल कुछ सैकंड तक गरम करें और फिर नीबू का रस उस में मिलाएं. इस तेल और नीबू के रस मिश्रण से सिर में मालिश करें और इसे 20-30 मिनट तक सिर पर लगा रहने दें. इस के बाद किसी अच्छे शैंपू से बालों को धो लें.

Monsoon Special: सुन्दर और लहराते बालों के लिए चिपचिपी स्काल्प को कहें अलविदा

मानसून में बारिश की बूंदे जहां गर्मी की चिलचिलाती धूप से राहत दिलाती हैं वही स्किन और बालों के लिए काफी नुक्सान दायक हो सकती हैं, बारिश के समय में होने वाली चिपचिपाहट और नमी बालों और स्काल्प के लिए अनुकूल नहीं मानी जाती है , इस मौसम में नमी और तेल के कारण पसीने का स्राव होता है जो की बालों और खोपड़ी से चिपक जाता है और मिट्टी और प्रदूषकों को आकर्षित करता है, इस स्थिति से जहां बालों का गिरना शुरू हो जाता है वही स्काल्प भी एलर्जिक हो जाती है. बालों में रूसी, एलर्जी, संक्रमण, बदबू, कमजोर रोम जैसी समस्याएँ भी सामने आती हैं. इसके साथ ही असंतुलित और खराब आहार, हार्मोनल असंतुलन जैसे अन्य कारक, हेयर डाई और केमिकल युक्त उत्पादों के उपयोग से भी समस्या बढ़ जाती है और आपके बालों को सुस्त और कमज़ोर दिखाती है.

आइये जाने सिलवरीन स्पा और मेकओवर अकादमी से ब्यूटी एक्सपर्ट पूर्णिमा गोयल से की कैसे मानसून के समय बालों और सकाल्प खूबसूरत और स्टाइलिश रखा जाए. यदि आप भी इस तरह की समस्याओं का सामना कर रहे हैं तो आपको इस बारे में विशेषज्ञ से परामर्श ले लेना चाहिए और उसी के अनुसार उपचार शुरू कर देना चाहिए. इसके अतिरिक्त आप घरेलु तरीकों से ही अपनी स्किन और हेयर के कंडीशन को बेहतर कर सकते हैं. आप प्राकृतिक हेयर मास्क, रेगुलर स्पा और नेचुरल ट्रीटमेंट लेकर कई समस्याओं से बचाव पा सकते हैं.

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अरोमा थेरेपी का उपयोग

खुजली और खोपड़ी की गंध को रोकने के लिए अरोमाथेरेपी बहुत उपयोगी हो सकती है. सुगंध और सुगंध तेल चमत्कार कर सकते हैं. आप टी ट्री आयल के स्प्रे के तेल का उपयोग करें, जो अपने विरोधी बैक्टीरियल गुणों के लिए जाना जाता है और खुजली वाली खोपड़ी, चकत्ते, खोपड़ी के दाने और घावों आदि के लिए इलाज करता है. सादे पानी में कुछ बूँदें टी ट्री आयल की मिलाकर स्प्रे करें. जब भी आपको खुजली महसूस हो तो इसे अपने बैग में रखें और अपने स्कैल्प पर स्प्रे करें.

सूखे और घुंघराले बाल

यह एक और आम और कठिन समस्या है. केले और शहद से बने हेयर पैक लगाएं , यह आपके बालों को प्राकृतिक मॉइस्चराइजर और पोषण देगा और आपके बालों को मुलायम, रेशमी और दमदार बनाए रखेगा. एक साथ आधा कप दूध, शहद और एक्स्ट्रा वर्जिन तेल की कुछ बूंदें सूखी स्काल्प की समस्या से छुटकारा पाने के लिए लगाएं और स्वस्थ, पौष्टिक और चमक वाले बाल प्राप्त करें. बालों की अतिरिक्त कंडीशनिंग के लिए मेयोनेज़ से तैयार अतिरिक्त कंडीशनिंग मास्क बना सकते हैं , गर्म तौलिया कवर के साथ इस प्रक्रिया का पालन करें और बालों को शांत ठंडे पानी से धोएं.

इसके अतिरिक्त आप सिरके, केले और एवोकैडो तेल के पैक के साथ सुस्त और बेजान बालों में चमक वापस ला सकते हैं. ऑयली और स्टिकी स्कैल्प के लिए नींबू का रस थेरेपी बहुत अच्छा काम करता है.· अपनी स्काल्प पर नींबू का रस लगाएँ, इसे 15 मिनट के लिए छोड़ दें और बाल धो लें . आप एलोवेरा जेल में नींबू का रस भी मिला सकते हैं. या बस पुदीने के पेस्ट का इस्तेमाल करें.

सावधानी बरतें

जब आप हेयर प्रोडक्ट खरीदते हैं तो सावधानी बरतें क्योंकि नमी आधारित हेयर प्रोडक्ट्स को इस सीजन में अल्कोहल बेस्ड क्रीम या जैल से बदलें.

क्या करें और क्या नहीं

सप्ताह में कम से कम दो बार अपने बालों को धोएं. नमी से तेल और पसीने का स्राव होता है जो बालों और खोपड़ी को चिपक जाता है जो जमी हुई गंदगी और प्रदूषकों को आकर्षित करता है. बाल धोने के लिए माइल्ड शैम्पू और कंडीशनर चुनें. शिकाकाई, रीठा, ब्राह्मी, आंवला और मेंहदी जैसे हर्बल अर्क वाले शैंपू बेहतर विकल्प हैं.

मानसून में बालों की खास देखभाल

मानसून में आप बाहर जाते समय रंगीन स्कार्फ और सुंदर बैंड के साथ अपने घुंघराले बालों को कवर कर सकते हैं जो स्टाइलिश दिखते हैं और आपकी पोशाक के रंग के साथ मेल खाते हैं. यदि आप पूल पार्टी, बीच पार्टी या एक रेट्रो इवेंट स्टाइल के लिए जा रहे हैं, तो अपने बालों को बोहेमियन तरीके से स्टाइल कर सकते हैं.

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लंबे बालों को अच्छी तरह से हाई बन या लो बन में बांधा जा सकता है. छोटे बाल बड़े करीने से और अच्छी तरह से कटे हुए होने चाहिए गीले बालों में कभी कंघी न करें क्योंकि इससे आपके बाल कमजोर हो जाते हैं और टूटने का खतरा रहता है. अपने बालों के सूखने के बाद चौड़े दांतों वाली कंघी का इस्तेमाल करें.

विटामिन ई और सी से भरपूर आहार लेना, बादाम, पालक, जैतून, आंवला, और टमाटर, खट्टे फल बहुत महत्वपूर्ण हैं. दैनिक आहार में ताजे फल, कच्चे सलाद, अंकुरित अनाज और दही शामिल करना चाहिए.· इसके अलावा, रोजाना कम से कम 10 गिलास पानी पिएं और तैलीय, मसालेदार, जंक या बाहर के खाने से बचें.

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8 Tips: घने और सौफ्ट हेयर के लिए ट्राय करें ये टिप्स

जब से मैं ने होश संभाला था, अपने बालों को एक सुनामी जैसा पाया था. 12 या 13 वर्ष की उम्र उस समय (90 के दशक में) इतनी ज्यादा नहीं होती थी कि मु  झे कुछ सम  झ आता. तेल से तो उस समय मेरा दूरदूर तक नाता नहीं था. शायद ही कभी तेल को बालों में लगाया हो. मेरे बाल बहुत घने थे जिस के लिए अधिकतर लोग तरसते हैं. मेरी सहेलियां और दूरपास की रिश्ते की बहनें मेरे जैसे बाल चाहती थीं. मेरे बाल वेवी थे, इसलिए बिना ड्रायर के ही हमेशा फूले हुए लगते थे.

बाल क्योंकि वेवी थे, इसलिए मेरी मम्मी हमेशा बौयकट ही करवाती थीं. बौयकट के कारण मु  झे अपना साधारण चेहरा और अधिक साधारण लगता था. कंडीशनर, स्पा इत्यादि का तब प्रचलन नहीं था. बाल धोने के लिए हमें हफ्ते में 1 बार ही शैंपू मिलता था. हफ्ते में बाकी दिन मु  झे नहाने के साबुन से ही बाल धोने पड़ते थे. साबुन से धोने के कारण और तेल या अन्य कोई घरेलू नुसखा न अपनाने के कारण मेरे कड़े बाल और अधिक रूखे और कड़े हो गए थे.

फिर भी बिना किसी प्रकार की देखभाल के भी मेरे बाल न   झड़ते थे, न टूटते थे. जब मैं कालेज में आई तो स्टैपकट करा लिया जो मेरे बालों के टैक्स्चर के कारण अच्छा लगता था. फिर शुरू हुआ इक्कादुक्का सफेद बालों में मेहंदी लगाना. हर 15 दिन बाद मैं मेहंदी लगा लेती थी, बाल चमकने के साथसाथ बहुत सख्त भी हो गए थे. ये सारे प्रयोग मैं चाची, नानी इत्यादि के घरेलू नुसखों की मदद से कर रही थी.

शैंपू और कंडीशनर का चुनाव

जब भी बाल कटाने जाती तो हमेशा कहा जाता कि मेहंदी की एक परत मेरे बालों पर जम गई है. अधिक मेहंदी बालों के लिए नुकसानदेह है. पर मैं ने अधिक ध्यान नहीं दिया. विवाह के बाद मेरे ब्यूटी रूटीन में कंडीशनर भी जुड़ गया. अब मैं हफ्ते में 3 दिन बाल धोती थी और बाद में कंडीशनर लगाती थी. पर यहां भी मैं ने एक गलती करी कि मैं ने शैंपू और कंडीशनर का चुनाव अपने बालों के हिसाब से नहीं, बल्कि मूल्य के हिसाब से किया.

फिर विवाह के डेढ़ साल बाद मैं ने बेटी को जन्म दिया. बाल बेहिसाब   झड़ रहे थे, सब यही कह रहे थे कि मां बनने के बाद ये बदलाव नौर्मल हैं. बेटी के जन्म के बाद मु  झे हाइपोथायरायडिज्म की समस्या भी हो गई थी. फिर भी मैं ने अपने बालों की देखभाल में कोई परिवर्तन नहीं किया. फिर धीरेधीरे जब मेहंदी की परत के कारण मेरे बाल एकदम लाल हो गए तो परिवार वालों के कहने पर मैं ने हेयर कलर करना आरंभ कर दिया. कभी घर पर कलर करती थी तो कभी पार्लर में कराती थी. जब भी पार्लर में कलर करवाने जाती, एक ही बात बताई जाती कि स्पा लेना जरूरी है.

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मगर जैसे आमतौर पर सब को लगता है, मु  झे भी यही लगा कि ये पार्लर वाले पैसा उघाहने के लिए ऐसा बोलते हैं. 32 से 40 साल तक लगातार कलर करने के कारण बाल बेहद रूखे हो गए. फिर भी मैं ने कुछ नहीं सीखा और घुस गई हेयर कैराटिन की दुनिया में. पार्लर में बोला गया यह मेरे बालों को एकदम ठीक कर देगा पर मेरे लिए स्पा कराना जरूरी है.

सही देखभाल

अब मैं एक बात बताना चाहूंगी कि कैराटिन, स्मूदनिंग या स्ट्राइटेनिंग सब में कैमिकल्स का ही प्रयोग होता है. इस भुलावे में न रहें कि कैराटिन में कैमिकल्स नहीं होते हैं. हेयर कलर हो या किसी भी प्रकार का हेयर ट्रीटमैंट सब में कैमिकल्स होते हैं. जरूरत है कि अपने बालों को सम  झ कर उस हिसाब से ही देखभाल करें.

अब इतने सालों बाद मु  झे सम  झ आया है कि अपने के बालों को अपने से बेहतर कोई नहीं सम  झ सकता है. अपने पति, बच्चों, बहन, दोस्तों या फिर पार्लर के कहने पर बालों पर कदापि प्रयोग न करें. ये बात याद रखिए ये आप के बाल हैं, कोई प्रयोगशाला नहीं है. उलटेसीधे प्रयोग बंद कीजिए.

अब 44 साल की उम्र में यह तो नहीं कहूंगी कि मेरी जुल्फें काली, रेशमी और घनी हो गई हैं, पर मैं ने अब अपने बालों को सम  झ कर उन की देखभाल आरंभ कर दी है. आइए, मैं कुछ छोटेछोटे टिप्स आप से शेयर करती हूं शायद ये आप के लिए भी फायदेमंद साबित हों. ये सारे टिप्स या सु  झाव मेरे अपने अनुभव पर आधारित हैं:

औयल मसाज है जरूरी: औयल मसाज का कोई भी विकल्प नहीं है. बाजार में उपलब्ध खुशबूदार तेल के बजाय घर में उपलब्ध सरसों का तेल या प्राकृतिक नारियल के तेल का इस्तेमाल करें. बालों को धाने से पहले मसाज आवश्यक है. अगर रातभर तेल लगा कर नहीं रख सकती हैं तो कम से कम 2 घंटे अवश्य रखें.

बालों के हिसाब से हेयर मास्क: अगर आप बाल धोने से पहले उन पर 2 चम्मच प्याज का रस लगाती हैं तो यह आप के बालों को मुलायम बनाने के साथसाथ मजबूत भी बनाता है. मेथीदाना और दही का मास्क भी रूखे बालों के लिए लाभकारी है. मुलतानी मिट्टी का पैक तैलीय बालों के लिए उत्तम है. आप की रसोई में ही सबकुछ है पर जरूरत है अपने बालों को सम  झें और फिर उन की देखभाल करें. अकसर हम दूसरों की देखादेखी कोई भी हेयर मास्क लगा लेते हैं जो सही नहीं है.

हेयर कलर और हेयर स्पा साथसाथ: अगर आप हेयर कलर करती हैं तो माह में कम से कम 1 बार हेयर स्पा जरूरी है. 3 माह में 1 बार हेयर कलर पार्लर पर करवा सकती हैं. टच अप हर 15 दिनों में घर पर कर सकती हैं. हेयर स्पा भी आप 1 माह घर पर और 1 माह पार्लर में करवाएं. बालों की सेहत बनी रहेगी.

नैचुरल बालों से ही होती है शान: जहां तक हो सके बालों पर रिबौंडिंग, कैराटिन या कर्लिंग न करवाएं. ये सब कैमिकल ट्रीटमैंट हैं, जो आप के बालों की क्वांटिटी और क्वालिटी दोनों को खराब कर देते हैं. आप के बाल चाहे सीधे हों, घुंघराले हो या फिर वेवी उन्हें वैसे ही रहने दें. ये कैमिकली ट्रीटेड बालों से अधिक मजबूत और घने होते हैं.

ट्रिमिंग है जरूरी: हर 2 या 3 माह में ट्रिमिंग अवश्य कराएं. ट्रिमिंग कराते रहने से बाल संभले हुए और बेहतर लगते हैं.

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विटामिन और मिनरल्स: विटामिंस और मिनरल्स को फल, सब्जी या कैप्सूल के रूप में अपनी थाली में शामिल कर सकती हैं. जिंक, विटामिन ई इत्यादि बालों के लिए बहुत अच्छे रहते हैं.

हारमोनल उपचार: अगर कोई हारमोनल असंतुलन है तो उस का उपचार अवश्य करवाएं.

उम्र के हिसाब से देखभाल: जो हेयर मास्क 20 की उम्र के लिए कारगर है वह 40 में नहीं होगा. अपनी उम्र व जीवनशैली के हिसाब से ही अपने बालों की देखभाल करें.

माना कि आप के बालों का टैक्स्चर आप के जीन, आप की जीवनशैली पर बहुत हद तक निर्भर करता है, पर अपने अनुभव के आधार पर यह अवश्य कह सकती हूं कि थोड़ी सी मेहनत से व कुछ सजगता से हम बालों को संभाल जरूर सकते हैं.

फ्रूट हेयर पैक: ऐसे बनाएं बालों को घने, मजबूत और खूबसूरत

सिर पर सिर्फ बाल होना ही काफी नहीं होता बल्‍कि उनका स्वस्‍थ होना भी जरुरी है. बालों से इंसान के व्‍यक्‍तित्‍व पर बहुत फर्क पड़ता है. सिर में रूसी हो और सिर हमेशा खुजलाता रहे तो, बालों की क्‍वालिटी भी खराब होने लगती है. लेकिन क्‍या आप जानती हैं कि केला, संतरा, एवाकाडो या फिर पपीता आदि का पेस्‍ट अगर सिर पर लगाया जाए तो बालों की सभी समस्‍याएं हल हो जाती हैं. इसलिए अगर आपको भी लंबे, काले, घने और खूबसूरत बाल चाहिये तो अपनाइए यहां दिए गए कुछ फ्रूट हेयर पैक-

1. कैमिकल से खराब हुए बालों के लिये

केले के टुकड़े में 1 चम्‍मच नींबू का रस और 1 अंडे का पीला भाग मिला कर पेस्‍ट बना कर सिर पर लगाएं.

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2. रंगहीन बालों के लिये

मान लीजिये कि आपने बालों में बहुत ज्‍यादा कलरिंग की है और बालों के अंत में उसका रंग उड़ने लगा है तो, आपको केले से बना पैक लगाना होगा. केले के साथ 2 चम्‍मच नीम पाउडर, 2 कप पपीते का गूदा और हल्‍का सा गुनगुना पानी. इस पैक को बालों में लगाने से उसकी शाइन वापस आ जाएगी.

3. औयली बालों के लिये

संतरे का रस, 1 चम्‍मच तुलसी पाउडर, 1 कप दही और आमला पाउडर एक साथ मिलाइये. इस पैक को लगाने से सिर के पोर्स बंद हो जाएंगे और बाल औयली नहीं होगें.

4. झड़ते बालों के लिये

अगर बाल झड़ने लगे तो आप मेथी को पीस कर ग्रीन टी या हल्‍के गरम पानी के साथ मिला कर सिर पर लगाएं.

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5. खुजलीदार सिर के लिये

अगर रूसी की वजह से सिर में खुजली होती रहती है तो आमले के रस के साथ नींबू का रस और 1 कप दही मिला कर पेस्‍ट बनाइये. इससे सिर की रूसी गायब हो जाएगी.

6. बेजान बालों के लिये

पैक बनाने के लिये 1 कप नारियल के दूध में, 3 चम्‍मच गुडहल पाउडर, आधा कप नींबू का रस और आधा कप बीयर मिलाइये. इस पैक से मुर्झाए हुए बाल एक दम शाइन करेगें.

5 TIPS: बालों को बचाना है तो उन्हें बांधे

लंबे और घने बाल जब लड़कियां खोल कर रखती हैं तो वे और भी खूबसूरत दिखने लगती हैं यानी कि खुले बाल उनकी सुंदरता में चार-चांद लगा देता है. पर बालों को हर समय खुला छोड़ना बिल्‍कुल संभव नहीं हो पाता इसलिए अच्‍छा होगा कि उन्‍हें बांध कर रखा जाए. रबर बैंड से बाल बांध कर रखने से आपके बाल बेवजह टूटने से रुक जाते हैं और कलरफुल बैंड बालों की शोभा भी बढ़ाते हैं. बालों को झड़ने से बचाने के‍ लिए उन्‍हें बांधना बहुत ही जरुरी है.

जानिए बालों को क्यों बांधे ?

1. स्‍कार्फ बांधे

रात को सोने से पहले बालों को स्‍कार्फ से बांधने से बाल स्‍वस्‍थ्‍य रहते हैं. जिन लोगों के बाल लंबे हैं, उन्‍हें बाल जरुर स्‍कार्फ से बांधने चाहिये. रात को सोते समय पता नहीं चलता कि आप बेड़ पर कहां से कहां तक जाएंगी और आपके बाल कितने टूटेगें, इसलिए अच्‍छा है कि उन्‍हें बांध लिया जाए.

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2. रात में बालों का टूटना

रात में सोते वक्‍त बाल उलझ जाते हैं और सुबह कंघी करते वक्‍त टूट जाते हैं. जब भी रात में सोने जाएं तो अपने बालों को बांध कर ही सोएं वरना वह बहुत झड़ेंगे.

3. रबर बैंड बांधे

गर्मियों में बालों को बांधना जरुरी है. जब भी बाला बांधे तो ज्‍यादा टाइट रबर बैंड न बांधे. इससे बाल बैंड में बुरी तरह से टूट कर उलझ जाते हैं. इसलिए हमेशा सिल्‍क या साटन का बैंड चुने, जो खोलते समय आराम से बालों से फिसल जाए.

4. हेयरस्‍टाइल

ऐसी हेयरस्‍टाइल रखें जिसको बनाने से आपके बाल न टूटे. इसलिए अच्‍छा रहेगा कि आप एक सिंपल सी पोनी टेल रखें, जो बालों को टूटने से बचायेगी. हाई पोनी टेल गर्मियों में सही रहती है क्‍योंकि वह आपके शरीर से लग कर बालों को तोड़ेगी नहीं.

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5. बालों का सूखापन

रात का समय आपके बालों को सूखा और कमजोर बना देता है. वह इसलिए क्‍योंकि सिर के नीचे लगाने वाली तकिया, बालों से नमी और तेल को सोख लेती है. इसलिए जब आप कंघी करेंगी तब बाल कमजोर हो कर टूट जाएंगे. सोते समय बालों को बांधे और स्‍कार्फ लगाएं.

लंबे, घने और मजबूत बाल पाने के 6 बेहतरीन तरीके

आजकल की भागदौड़ और व्यस्त जीवनशैली के चलते लेकिन कई महिलाएं लंबे, घने और मजबूत बाल पाने की सोचती भी नहीं. यह तो उनके लिए एक सपने जैसा ही है. लेकिन अगर आप हमारे बताए गए इन तरीको को आजमाएंगी तो आपका यह सपना सच होते देर नही लगेगी.

1. बालों में तेल लगाएं

अगर बाल बढाना है तो स्कैल्प और पूरे बालों में बादाम का तेल लगाए. बादाम के तेल में विटामिन इ भारी मात्रा में पाया जाता है. बालों में तकरीबन 1 घंटे के लिये तेल लगा रहने दें जिससे बालों की जड़ तेल को पूरी तरह से सोख ले. सिर पर हल्‍के गरम तेल से मालिश करें और गरम पानी में डुबोई हुई तौलिये से सिर ढंक कर भाप लें.

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2. हफ्ते में दो बार बाल धोएं

जिस तरह से बालों में तेल लगाना जरुरी है उसी तरह से बालों की सफाई और धुलाई भी बहुत जरुरी है. अगर आपके बाल लंबे हैं तो उन्‍हें हफ्ते में दो बार जरुर धोएं. आपके सिर की सफाई बहुत जरुरी है जिससे जड़ों को सांस लेने की जगह मिल सके.

3. ड्रायर और अन्‍य मशीनों से दूर रहें

हौट आयरन, ब्‍लो ड्रायर या फिर बालों को कर्ली करने वाली मशीनों से दूर रहें क्‍योंकि इससे बाल खराब हो जाते हैं. अगर आपके बाल लंबे हैं तो उसे सुखाने के लिये धूप में पांच मिनट तक खड़ी हो जाएं लेकिन ड्रायर का प्रयोग ना करें.

4. हेल्‍दी खाएं

बालों के लिये कुछ आहार बहुत अच्‍छे होते हैं जैसे, हरी सब्‍जियां, बादाम, मछली, नारियल आदि. इनको अपनी डाइट में शामिल करें और लंबे बाल पाएं.

5. ट्रिम करवाएं

बालों को तीन महीने पर एक बार जरुर ट्रिम करवाएं, जिससे दोमुंहे बालों से निजात मिले. बालों को ट्रिम करवाने से बाल जल्‍दी जल्‍दी बढते हैं.

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6. बांध कर रखें

लंबे बालों को प्रदूषण, धूल मिट्टी और हवा से बचाना चाहिये. अगर आप कहीं सफर पर निकल रहीं हैं तो अच्‍छा होगा कि बालों को बांध लें या फिर जूडा बना लें.

मानसून में बालों और स्किन की देखभाल के कुछ आसान से टिप्स

मॉनसून आते ही अनेक प्रकार की स्किन और हेयर से जुड़ी प्रॉब्लम्स होना शुरू हो जाती है. खासकर वैसे लोगो के लिए जिनकी स्किन या तो ड्राई है या ओइली. मॉनसून में स्किन पर एक्ने होने की भी संभावनाएं बाकी दिनों के मुकाबले काफी ज्यादा हो जाती है. इसके लिए इन दिनों स्किन पर खास तौर पर ध्यान देने की जरूरत होती है..

मॉनसून मे स्किनकेयर  और बालों के लिए कुछ आसान से टिप्स बता रही हैं, डॉ निवेदिता दादू प्रसिद्ध डर्मेटोलॉजिस्ट और संस्थापक और अध्यक्ष, डॉ निवेदिता दादू के डर्मेटोलॉजी क्लिनिक.

  1. स्किन को रेगुलर इंटरवल पर एक्सफोलिएट करें. स्किन से डेड स्किन सेल्स को निकालने के लिए और स्किन के बंद पोर्स को खोलने के लिए स्किन को एक्सफोलिएट करें. इसके लिए आप कॉफी, पपीता, टी बैग्स और बैकिंग सोडा का इस्तेमाल कर सकते है.
  2. मॉनसून के समय स्किन को क्लीन करना सबसे जरूरी है. इसलिए मॉनसून मे दिन में कम से कम तीन बार स्किन को क्लीयर करें. ताकि स्किन पर अधिक गंदगी न रहे, गंदगी से फंगल इंफेक्शन होने का खतरा होता है.
  3. मॉनसून में स्किनकेयर के लिए सबसे बेस्ट है अपने स्किन को हाईड्रैट रखना. इसलिए अच्छी मात्रा में पानी पिये, पानी बॉडी से सारे टॉक्सीन्स को बाहर निकालने में मदद करती है और एक्ने और अनेक प्रकार के पिंपल्स को होने से रोकता है.
  4. मॉनसून में किसी भी प्रकार के मैकअप के प्रयोग करने से बचें, क्योंकि यह स्किन के पोर्स को बंद कर देता है जिससे स्किन पर अनेक तरह के इंफेक्शन और पिंपल्स होने के चांसेस होते है.
  5. मॉनसून के दिनों में स्किन को टोन करना सबसे ज्यादा जरूरी होता है. इसके लिए आप नैचुरल टोनर जैसे निम्बू का रस, ग्रीन टी और खीरे के रस का इस्तेमाल कर सकते है.

मॉनसून के दौरान हेयरकेयर के लिए अपनाये जाने वाले आसान से टिप्स

मॉनसून में शैंपू के बाद बिल्कुल रूखे हो जाते है और अपनी चमक खोने लगते है. मॉनसून के कारण जो ह्युमिडीटी हो जाती है वातावरण में वो स्किन को बिल्कुल रूखा और बेजान बना देती है.

  1. मॉनसून में बालों में शैंपू का इस्तेमाल और जल्दी जल्दी करें खासकर जब आपकी स्किन ओइली हो.
  2. मॉनसून के दौरान किसी भी अन्य प्रकार के कंडिशर के प्रयोग से बचें. इसके बजाय नैचुरल और हेर्बल कंडिशर का इस्तेमाल करें.
  3. मॉनसून के दौरानअपने हेयर को नैचुरल तरीको से केयर करे जैसे नैचुरल ऑयल और एग वाईट लगाये.
  4. किसी भी तरह के कॉस्मेटिक्स जैसे जेल्स और क्रीम के इस्तेमाल से बचें यह आपके बालों को खराब कर सकते है.
  5. बारिश के दौरान एंटी बक्टीरियल और एंटी फंगल शैंपू और कंडिशर का इस्तेमाल करें. यह अनेक प्रकार के फंगल और बक्टीरियल इंफेक्शन से स्कैल्प को बचाता है.
  6. अगर आप कहीं बाहर से आरहे है तो तुरंत बालों को धो लें और बालों को सूखा लें. क्योंकि अधिक मोइस्चर से स्कैल्प में अनेक तरह के इंफेक्शन हो सकते है. अगर आपके बाल भीगे है तो उसे कभी नही बांधे.

बेसन के इस्तेमाल से दूर करें ये 3 ब्यूटी प्रौब्लम

निखरी त्वचा पाने के लिए आप कई तरीके अपनाती हैं. लेकिन बेसन एक ऐसी चीज है, जो हर घर में इस्तेमाल होता है. कुछ लोग इसका इस्तेमाल फेस-वाश की तरह करते हैं तो कुछ फेस-मास्क के तौर पर.

त्वचा और बालों से जुड़ी कई समस्याओं के समाधान के लिए आप बेसन का इस्तेमाल कर सकती हैं. अगर आपके चेहरे पर अनचाहे बाल हैं, धूप की वजह से आपको टैनिंग हो गई है या फिर आपके बाल रूखे हो गए हैं तो, आप भी बेसन का इस्तेमाल कर सकती हैं. इसकी सबसे बड़ी खासियत ये है कि इसका कोई साइड-इफेक्ट नहीं है.

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  1. हेल्दी बाल

बेसन के पाउउर में बादाम, दही, और एक चम्मच औलिव औयल मिलाकर पेस्ट तैयार कर लें. आप चाहें तो इसमें अंडा भी मिला सकती हैं. इस पेस्ट को बालों में लगाकर, कुछ देर के लिए छोड़ दें. इससे बाल सौफ्ट और सेहतमंद हो जाएंगे.

2. अनचाहे बालों से छुटकारा पाने के लिए

अगर आप अनचाहे बालों से परेशान हैं तो बेसन पाउडर में मेथी पाउडर मिलाकर एक पेस्ट तैयार कर लें. इस पेस्ट को उन हिस्सों पर लगाएं जहां अनचाहे बाल हैं. जब ये पैक सूख जाए तो इसे बालों की ग्रोथ की उल्टी दिशा में हल्के हाथों से रगड़ कर छुड़ाएं. इसके बाद चेहरे को ठंडे पानी से धो लें.

3. टैनिंग दूर करने के लिए

बेसन पाउडर में दही, नींबू का रस, चुटकीभर हल्दी मिलाकर एक पेस्ट तैयार कर लें. इसे शरीर के प्रभावित हिस्सों में लगाएं. जब ये सूख जाए तो पानी से धो लें. उसके बाद मसाज करना न भूलें.

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Valentine’s Special: जानें क्या है महिलाओं के अच्छे बाल और स्किन के लिए पोषण की जरुरतें

स्वस्थ शरीर और बेहतर जीवनशैली के लिए सही पोषण जरुरी है. आप का पूरा व्यक्तित्व खासकर आप की स्किन, बाल और नाखून आप के स्वास्थ्य का आईना कहे जाते हैं. सही पोषण आप को आकर्षक और सेहतमंद दिखाने में मददगार है. इस सन्दर्भ में स्पर्श हॉस्पिटल की न्यूट्रीशनिस्ट आनंधी अय्यर से जानते हैं पोषण से जुड़ी आवश्यक जानकारी ;

स्किन:

स्किन शरीर का सब से बड़ा अवयव है. यह रोगाणुओं और संक्रमण से हमारे शरीर की रक्षा करता है. स्वस्थ चमकती स्किन अच्छी सेहत का संकेतक है. स्किनकेयर इंडस्ट्री में एंटीएजिंग क्रीम एक फलनेफूलने वाली इंडस्ट्री है. लेकिन एक अनिवार्य सच्चाई यह है कि हम जो कुछ शरीर के अंदर लेते हैं उसी के अनुरुप हमारा शरीर बाहर से चमकता है.

स्किन कम उम्र की लगे इस के लिए क्या खाना चाहिए?

स्वस्थ भोजन लेना महत्वपूर्ण है और हमें एंटी-ऑक्सिडेंट्स , फलों और सब्ज़ियों से भरपूर खाद्यपदार्थों को अपने आहार में शामिल करना चाहिए. प्रतिदिन सब्ज़ियों की कम से कम 5 सर्विंग्ज़ और फलों के 2 सर्विंग्ज़ बेहद ज़रुरी है.

किस तरह का आहार स्किन की सेहत सुधारता है?

लायकोपेन, ल्यूटिन, बीटा कैरोटीन और विटामिन सी टोमैटो में प्रचूर मात्रा में उपलब्ध होते हैं जो एक स्वस्थ शरीर के रखरखाव में सहायक होते हैं. इसे ऑलिव ऑइल जैसे वसा(चर्बी) के स्त्रोत के साथ मिलाने से इस के शरीर में समावेशित किए जाने में मदद मिलती है. ब्रोकली में विटामिन ए, विटामिन सी और ल्यूटिन होता है जो शरीर को ऑक्सिडेटिव क्षति से बचाने में मदद करता है. इस में सल्फोराफेन भी मौजूद होता है जो सूरज से होनेवाली क्षति के खिलाफ शक्तिशाली एंटी-ऑक्सिडेंट है.

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लाल और पीली शिमला मिर्च में एंटी-ऑक्सिडेंट्स होते हैं और बीटा कैरोटीन के ये स्त्रोत हैं जो स्किन की रक्षा करने में सहायक होते हैं. इस के साथ ही ये विटामिन सी का अच्छा स्त्रोत है जो रुखेपन और झुर्रियों से स्किन का बचाव करता है.

गाजर, शकरकंद, संतरा और पालक में पाया जानेवाला बीटा कैरोटीन प्राकृतिक धूप अवरोधक का काम करता है.

क्या स्वस्थ फैट (वसा) स्किन के लिए अच्छा है?

वसा के कम मात्रा में सेवन से स्किन रुखी और झुर्रीदार हो जाती है. हमें अपने आहार में अखरोट जैसे नट्स, अलसी के बीज, एवोकैडो, सूरजमुखी फूलों के बीज और वसायुक्त मछलियां जैसे सैल्मन, मैकरेल (बांगड़ा) और हेरिंग से मोनो-अनसैचुरेटेड और पॉली-अनसैचुरेटेड फैट (वसा) शामिल करना चाहिए .

क्या चॉकलेट खाना  स्किन के लिए अच्छा है?

डार्क चॉकलेट का एक टुकड़ा खाने से आप की स्किन पर ज़बरदस्त असर पड़ता है क्यों कि इस में मौजूद कोकोआ एंटी-ऑक्सिडेंट्स का एक स्त्रोत है और अल्ट्रावॉयलेट रेडिएशन (पराबैंगनी विकिरण) से रक्षा करता है.

क्या अंड़ों से मुंहासे आते हैं?

अंडे प्रोटिन, विटामिन ए, ई, सेलेनियम और ज़िंक का स्त्रोत हैं. किसी भी अन्य खाने की तरह यदि इस का सेवन ज़रुरत से ज़्यादा किया जाए तो इस से समस्या आ सकती है. एक अंडे में 54 एमजी पोटैशियम होता है जो आप के चेहरे को साफ रख सकता है.

बाल :

बालों का विकास लोगों के लिए अलगअलग होता है और इस की औसत वृद्धि करीब 1.5 इंच प्रति महीना होती है.

स्वस्थ बालों के लिए क्या खाएं?

मछली, अंडे, एवोकैडो, अखरोट, बीज, डेयरी उत्पाद जैसे प्रचुर मात्रा में फैट के स्त्रोत खाएं.

बालों के विकास में कौन से विटामिन महत्वपूर्ण हो सकते हैं?

विटामिन डी की कमी का संबंध बालों के गिरने से है. विटामिन डी का स्तर बनाए रखने के लिए धूप में 15-20 मिनट तक रहना सहायक हो सकता है. एक और विटामिन जो बालों में वृद्धि के लिए जाना जाता है वो है बी विटामिन बायोटिन. आमतौर पर इस की कमी बहुत दुर्लभ होती है क्यों कि ये संपूर्ण अनाज, नट्स, मछली, सीफूड, हरे पत्तेवाली सब्ज़ियों जैसे अनेक खाद्यपदार्थों में मिलता है. वीगन (शाकाहारी) इस के सप्लीमेंट के सेवन के बारे में विचार कर सकते हैं. महिलाओं में लोहे की कमी के चलते बाल झड़ने की समस्या आ सकती है. इसलिए पर्याप्त मात्रा में हरे पत्तियों की सब्ज़ियां, लाल मांस, दालें, खजूर और अंजीर का सेवन करें. अपने सभी आहार में प्रोटिन के स्त्रोत का इस्तेमाल करें. बालों का गिरना प्रोटिन की कमी से भी जुड़ा हुआ है. बालों को गिरने से बचाने के लिए अन्य सुझाव हैं- हेयर जेल, रासायनिक उत्पाद आदि का सीमित उपयोग.

बालों के लिए कौन  से पोषण की ज़रुरत है ?

स्वस्थ संतुलित आहार लेना हेयर शाफ्ट के रखरखाव में सहायक होता है. बालों की वृद्धि में ज़िंक महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं. सीप/घोंघा, गोमांस, नट्स, बीज, गेहूँ के अंकूर, दाल  जैसे खाद्य पदार्थ आप के आहार में ज़िंक लाने में मदद करते हैं.

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नाखून:

नाखूनों की सख्त सतह हाथों और पैरों की ऊंगलियों की रक्षा करने में सहायक होती है. नाखून प्रोटीन से बनते हैं इसलिए अपने  आहार में मछली, गो-मांस, अंडे, जैसे स्त्रोत शामिल करें. सूखे नाजुक नाखून जो आसानी से टूट जाते हैं खराब स्वास्थ्य के एक संकेतक हो सकते हैं.

क्या आहार से नाखूनों की वृद्धि में सुधार आ सकता है?

प्रचुर मात्रा से युक्त जामून, केले, संतरे, अमरुद, आंवला और अन्य मौसमी फल आप की ये ज़रुरतें पूरी कर सकते हैं. स्ट्रॉबेरी, किवी में विटामिन सी भरपूर होता है जो नाखूनों को मज़बूत करने वाले कोलेजन के उत्पादन में मदद करते हैं. खुबानी, केले जैसे सुखाए गए फलों में विटामिन ए, बी6 प्रचुर मात्रा में उपलब्ध होता है.

पालक, ब्रोकली, चौलाई, मेथी जैसी हरे पत्ती वाली सब्ज़ियां पर्याप्त मात्रा में लोह, फोलेट, कैल्शियम प्राप्त कर नाखूनों को मज़बूत करने में मदद मिलती है

स्वस्थ नाखूनों के लिए कौन से विटामिनों की कमी दूर करनी चाहिए?

गाजर, शकरकंद, कद्दू में भरपूर मात्रा में विटामिन ए पाया जाता है जो एक महत्वपूर्ण एंटी-ऑक्सीडेंट है. टोमैटो, शिमला मिर्च में प्रचुर मात्रा में विटामिन सी उपलब्ध होता है जो कोलेजन के निर्माण में सहायक होता है. दाने और बीज का इस्तेमाल फैट, प्रोटिन और मैग्नेशियम के स्वस्थ स्त्रोत के रुप में करें. आप के नाखूनों में खड़ी लकीरें मैग्नेशियम की कमी के कारण हो सकती हैं. सूरजमुखी और अलसी के बीजों में भरपूर मात्रा में विटामिन बी6, ज़िंक और विटामिन ई पाया जाता है.

कौन सा आहार नाखूनों को मज़बूत बनाता है ?

कैल्शियम और प्रोटिन से भरपूर डेयरी उत्पाद मज़बूत नाखूनों के निर्माण में मदद करते हैं. अंड़ों में भरपूर मात्रा में प्रोटिन और विटामिन बी12, बायोटिन या विटामिन बी 7, विटामिन ए, ई और सल्फर मौजूद होता है. सेम और फलियों में बायोटिन, प्रोटिन और खनिज से भरे होते हैं. इन का सेवन करें और फायदे हासिल करें.

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आप हम और ब्रैंड

‘‘हमारे उत्पाद महंगे नहीं हैं. जो भी उत्पाद बाजार में पेश किया जाता है, उसे बेहतर गुणों व किफायती मूल्य के साथ ही लाया जाता है…’’

दिब्येंदु राय (सीओओ, डेज मैडिकल)

युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत दिब्येंदु राय किसी भी मुकाम को हासिल करने के लिए निरंतर प्रयास करते हैं. इन का मानना है कि कोशिश करने से ही आत्मविश्वास बढ़ता है. इन के हार न मानने वाले इसी जज्बे ने डेज मैडिकल को बुलंदियों पर पहुंचा दिया है. एफएमसीजी और रिटेल इंडस्ट्री में 22 वर्षों का अनुभव रखने वाले एवं हार्ड कोर मार्केटिंग प्रोफैशनल के रूप में प्रसिद्ध दिब्येंदु आज डेज मैडिकल में सीओओ के पद पर कार्यरत हैं.

आइए, जानते हैं दिब्येंदु की सफलता की कहानी उन्हीं की जुबानी:

कंपनी के सीओओ की जिम्मेदारी लेने के बाद आप ने क्या बदलाव किए?

डेज मैडिकल एक मशहूर कंपनी है, लेकिन इस में आने के बाद मैंने यह देखा कि इतना मजबूत और प्रसिद्ध ब्रैंड होने के बाद भी कोई इस की प्रसिद्धि का उपयोग सही ढंग से नहीं कर रहा. इसीलिए मैंने कंपनी की छवि निर्माण की पहल की. मैंने एक अलग मीडिया प्लान बनाने की कोशिश की. मैंने गौर किया कि यहां केवल टैलीविजन पर प्रमोशन होते थे और प्रिंट की ओर कोई ध्यान नहीं दिया जाता था. फिर मैंने हमारी ब्रैंड ऐंबैसेडर, हेयर ऐक्सपर्ट प्रिसिला कौर्नर के नाम से मैगजीन में इनोवेशन बनाने पर जोर दिया जोकि अपने ही तरीके से काफी प्रसिद्ध भी हुआ. मैं 2 साल तक केकेआर के साथ भी जुड़ा. हम ने फ्लाइट मैगजीन के पिछले कवर पर विज्ञापनों की शुरुआत की. हम युवाओं का ध्यान आकर्षिंत करने के लिए एमटीवी, वीटीवी के साथ भी जुड़े. हमने केयोकार्पिन को 10 रुपए के पैक में और जारों (शीशियों) में बाजार में पेश किया, जिस में हम आगे रहे. प्रमुख स्थान में अपनी जगह बनाना अपने आप में एक चुनौती थी. हम ने ग्रामीण क्षेत्रों में अपने विक्रेताओं और स्टौकिस्टों को बढ़ा दिया था. हम ऐसी श्रेणी में पहले थे, जिस ने हेयर औयल ब्रैंड के लिए किसी हेयर औयल ऐक्सपर्ट को रखा था. इस के अलावा हम ने लोगों को बालों की देखरेख के प्रति जागरूक बनाने के लिए अपनी कैच लाइन को ही बदल दिया था.

केयोकार्पिन की यूएसपी क्या है?

केयोकार्पिन की सब से मजबूत यूएसपी इस की गुणवत्ता और प्रदर्शन है. दूसरी इस की मनमोहक खुशबू. इस में एक अलग सा आकर्षण है, जिस ने आज हमें नंबर वन बना दिया. इतना ही नहीं पिछले 65-70 वर्षों से इस की खुशबू वैसी ही है जैसी पहले थी. हम ने औलिव औयल, विटामिन ई की शुरुआत की, जबकि केयोकार्पिन पहले जैसा ही है.

वह कौन सा रहस्य है, जो आप के ब्रैंड को भारतीय जीवनशैली से जोड़े रखता है?

पूर्वी भारत में बालों के तेल के बहुत सारे ब्रैंड मौजूद थे, लेकिन वे अब अप्रचलित हैं, लेकिन हमारा ब्रैंड आज भी लोकप्रिय है, जिस का कारण है कि हम ने अपने ब्रैंड को आधुनिक तरीके से बनाया है. यह तो आप को पता ही होगा कि आज के समय में औलिव औयल के बारे में लोग काफी जागरूक हैं. हम ने अपने प्रयोगकर्ताओं से बात की तो उन का कहना है कि यह केवल त्वचा को ही नहीं, बल्कि बालों को भी संपूर्ण पोषण प्रदान करता है. बालों को प्रदूषण से बचाने में हमारे उत्पाद यकीनन अच्छे हैं, जिस की वजह से हमारे ग्राहक हमारे प्रति वफादार हो गए हैं.

स्वास्थ्य देखभाल और व्यक्तिगत देखभाल उत्पादों के संदर्भ में उपभोक्ताओं को किस तरह की समस्याओं का सामना करना पड़ता है? आप के उत्पाद ऐसी समस्याओं का समाधान कैसे करते हैं?

महिलाओं के लिए आज जो मुख्य समस्या है, वह यह है कि बाहर काम पर जाने के कारण उन के पास व्यक्तिगत सौंदर्य के लिए समय का अभाव है. इस कारण उन्हें महंगे पार्लरों और सैलूनों का रास्ता चुनना पड़ रहा है. प्रदूषण और नौकरी का तनाव बालों की खूबसूरती छीन लेते हैं, जिस की वजह से बाल बेजान हो जाते हैं. फिर महिलाएं इन बेजान बालों से छुटकारा पाने के लिए विभिन्न कैमिकल युक्त उत्पादों और स्पा का प्रयोग करती हैं, जिस से उन के बालों पर दुष्प्रभाव पड़ता है और फिर बालों को इन दुष्प्रभावों से बचाने के लिए तेल की आवश्यकता पड़ती है. पहले समय में मांएं अपनी बेटियों के बालों को संवारा करती थीं. लेकिन आज के समय में कालेज और औफिस जाने वाली लड़कियों के पास समय का अभाव होता है. इन दिनों महिलाएं अधिक मात्रा में हेयर कलर, सीरम आदि का प्रयोग अपने बालों पर कर रही हैं, जिस से बाल नाजुक और सख्त हो जाते हैं. इसीलिए बालों को नुकसान से बचाने के लिए आप को बालों में तेल लगाने की आदत को अपनाना होगा. यही कारण है कि हमारी कैच लाइन ‘‘हेयर का इंश्योरैंस करो, रोज केयोकार्पिन करो’’ है.

किस तरह से केयोकार्पिन उपभोक्ताओं की उम्मीदों पर खरा उतरता है?

हमारे उत्पादों पर विश्वास उन के प्रदर्शन में निहित है. अगर ग्राहक हमारी कंपनी के द्वारा बनाए गए उत्पाद पर विश्वास नहीं करता, तो उसे खरीदता भी नहीं. हम ने इस की सामग्री, इस की महक में कोई बदलाव नहीं किया है. हम ने कभी केयोकार्पिन पर भी कोई प्रयोग नहीं किया है. जो उत्पाद 50 वर्ष पहले शुरू हुआ था, वह आज भी मौजूद है. लेकिन आज के आधुनिक ट्रैंड को ध्यान में रखते हुए हम ने औलिव औयल को शामिल किया है, जिस ने हमारे उत्पाद को काफी बेहतर बना दिया है.

आप महिलाओं से जुड़े उत्पादों का निर्माण करते हैं. क्या आप महिलाओं के रोजगार या सशक्तीकरण में पहल करते हैं?

जी हां, हमारे रिसर्च डिपार्टमैंट में महिलाएं शामिल हैं. लेकिन यदि हम हार्ड कोर लेबर श्रेणी की बात करें, तो हम ने यहां महिलाओं को नियुक्त नहीं किया है. मार्केटिंग विभाग के संदर्भ में हमारा मानना है कि इस काम के लिए ज्यादा समय लगने और दूरदराज के इलाकों में जाने के कारण किसी महिला को शामिल करना उचित नहीं होगा.

आप का उत्पाद मौजूद ब्रैंड से कैसे भिन्न है?

केयोकार्पिन एक सफल उत्पाद है. पिछले 50 वर्षों से इस ने मौजूदा ब्रैंड के रहते हुए भी अपनी एक अलग पहचान बनाई है. यह हमारी कंपनी की दूरदर्शिता थी कि आने वाले समय में कामकाजी महिलाओं की संख्या बढ़ेगी, जिस के कारण उन के पास अपने बालों की देखभाल करने के लिए समय का अभाव होगा. इसी बात को ध्यान में रखते हुए हम ने उसी दौरान नौनस्टीकी, सुगंधित तेल पेश किया, जिस से आप के बाल उलझन फ्री रहेंगे. महिलाओं को बालों में अधिक चिपचिपापन अच्छा नहीं लगता जो कि नारियल तेल में अधिक पाया जाता है. हम ने महिलाओं की इस समस्या को पहचाना और उन के लिए भारत में पहली बार लाइट हेयर ?ले कर आए. बाद में हम ने विटामिन ई और औलिव औयल इस में शामिल कर इस के गुणों को और भी बढ़ा दिया.

क्या आप केवल बड़े शहरों के उपभोक्ताओं को ही लक्षित करते हैं या ग्रामीण क्षेत्रों के उपभोक्ता भी इस में शामिल हैं?

ऐसा नहीं है कि हम केवल शहरों पर ही ध्यान दे रहे हैं. अगर आप हमारे उत्पाद का आकार देखेंगे, तो हमारे स्टौक में 50 एमएल ही नहीं है बल्कि 25 एमएल  भी शामिल है. मात्रा के संदर्भ में शहरों से अधिक ग्रामीण क्षेत्रों में हमारा योगदान अधिक है, क्योंकि हम वहां 100 एमएल, 50 एमएल और 25 एमएल अधिक संख्या में बेचते हैं. लेकिन शहरी योगदान की बात करें, तो यहां भी हम पीछे नहीं हैं. यहां हम 500 एमएल और 300 एमएल अपने उपभोक्ताओं को बेचते हैं. इतना ही नहीं, हमारी उपभोक्ता केवल महिलाएं ही नहीं हैं, बल्कि एक शोध से पता चला है कि 42% पुरुष भी हमारे तेल का उपयोग करते हैं. इसीलिए हम दोनों को अपना लक्ष्य मानते हैं.

केयोकार्पिन बौडी औयल और औलिव औयल जैसे उत्पादों का निर्माण करते वक्त आप अपने उपभोक्ताओं की किन मूल जरूरतों को ध्यान में रखते हैं?

हम सब से पहली चीज जिसे ध्यान में रखते हैं वह है पैसे का मूल्य. हमारे उत्पाद महंगे नहीं हैं. जो भी उत्पाद बाजार में पेश किया जाता है, उसे बेहतर गुणों व किफायती मूल्य के साथ बाजार में लाया जाता है. इसीलिए तो हम इस की गुणवत्ता के साथ समझौता किए बिना इस की वृद्धि पर जोर देते हैं. अगर हम बौडी औयल की बात करें, तो त्वचा की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए हम ने इस में औलिव औयल शामिल किया है ताकि हमारे उपभोक्ताओं की त्वचा कोमल व सुरक्षित रहे.

उपभोक्ता इन दिनों औनलाइन उत्पादों की तलाश करते हैं. इस पर आप का क्या विचार है?

हम ई कौमर्स कंपनी जैसे अमेजन के साथ सूचीबद्ध हैं, जिस के जरीए हम अपने उत्पाद प्रस्तुत करते हैं, लेकिन क्योंकि इस का उत्पाद पोर्टफोलियो कम है और यह एक कोमोडिटी (लाभ) उत्पाद है, जिसे प्रतिदिन इस्तेमाल करने के लिए लक्षित किया जाता है, हम औनलाइन प्लेटफौर्म को बढ़ावा नहीं देते हैं.

आप ने पहले ही अपने तेल को काफी लोकप्रिय बना दिया है? अब पाइपलाइन में क्या है? क्या आप का अगला उत्पाद शैंपू है?

हमारे जेहन में काफी उत्पाद हैं, जिन्हें मैं अभी उजागर नहीं करना चाहता. हालांकि हम फायदे के लिए कोई नया उत्पाद पेश करने की जल्दबाजी में नहीं हैं. हम पहले शोध करेंगे और फिर अपने उपभोक्ताओं की जरूरतों को जानेंगे. लेकिन हम जो कुछ भी लाएंगे, यकीनन वह वैल्यू औफ मनी को ध्यान में रख कर बनाया जाएगा.

-अवंति सिन्हा

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