बालों को बिना नुकसान पहुंचाए नया लुक देना चाहती हैं तो हेयर ऐक्सटैंशन आप के लिए बेहतर औप्शन है. हेयर ऐक्सटैंशन में इस्तेमाल किए जाने वाले बालों को पहले कीटाणुमुक्त किया जाता है. ऐसा करना इसलिए जरूरी है, क्योंकि ये बाल किसी के कटे हुए असली बाल होते हैं. यह काम चाइना, सिंगापुर जैसे शहरों में बहुतायत में होता है. इस प्रक्रिया में कटे बालों के साथ ग्राहक के बालों का सैंपल भी भेजा जाता है ताकि उस की पौलीशिंग इस तरह हो कि वह ग्राहक के असली बालों जैसा लगे.

क्यों है बेहतर विकल्प

हेयर ऐक्सटैंशन के जरीए किसी भी तरह की हेयरस्टाइल बनाई जा सकती है. अगर बाल बौबकट हों तब भी जूड़ा या कमर तक लंबे कर्ली हेयर बनाए जा सकते हैं. साइड बन या मेसी ब्रेड्स भी बनाई जा सकती हैं. शादी के रिसैप्शन के लिए आजकल दुलहनें भी हेयर ऐक्सटैंशन का यूज कर रही हैं. इन दिनों कलर करवाने का क्रेज भी बढ़ रहा है. लेकिन कई महिलाएं बालों में किसी पसंदीदा कलर से हाईलाइटिंग तो चाहती हैं, लेकिन कलर नहीं लगवाना चाहतीं. ऐसे में ऐक्सटैंशन हेयर पर कलर लगा कर उन्हें हाईलाइटर की तरह  लगाया जा सकता है. यह पूरी तरह सेफ और आसान है. ऐक्सटैंशन को खास तरह के न दिखने वाले क्लिप्स के जरीए भी लगाया जा सकता है. यह सब से आसान तरीका है, क्योंकि क्लिप्स को कभी भी निकाला जा सकता है.

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नैचुरल जैसे सिंथैटिक

हेयर ऐक्सटैंशन में काम आने वाले नैचुरल और सिंथैटिक बालों में काफी अंतर होता है, क्योंकि सिंथैटिक बालों को आर्टिफिशियल तरीके से तैयार किया जाता है, जबकि नैचुरल बालों को लोग कई बार डोनेट कर देते हैं. इसलिए नैचुरल बालों से बने हेयर ऐक्सटैंशन खरीदने से पहले क्वालिटी चैक जरूर करें. सिंथैटिक हेयर ऐक्सटैंशन बहुत कम दाम पर आसानी से मिल जाते हैं इसलिए सिंथैटिक और नैचुरल हेयर ऐक्सटैंशन में प्राइस डिफरैंस भी होता है, लेकिन सिंथैटिक हेयर नैचुरल हेयर ऐक्सटैंशन की तुलना में टिकाऊ नहीं होते. चूंकि नैचुरल हेयर ऐक्सटैंशन को आप कलर भी कर सकती हैं इसलिए इन का दाम ज्यादा होता है. नैचुरल हेयर ऐक्सटैंशन एक साल तक आराम से चल जाते हैं. कुछ लोगों को सिंथैटिक हेयर ऐक्सटैंशन से ऐलर्जी होती है इसलिए इस के इस्तेमाल से पहले अपने हेयर स्टाइलिस्ट से सलाह लें.

शौर्ट टर्म ऐक्सटैंशन

अगर सिर्फ एक पार्टी के लुक के लिए हेयर ऐक्सटैंशन इस्तेमाल करना चाहती हैं तो आप क्लिप औन ऐक्सटैंशन करा सकती हैं. इस में आप के बालों की सतह पर हेयर क्लिप्स को अटैच कर दिया जाता है, जिन्हें आप पूरे दिन के इस्तेमाल के बाद आसानी से रात में निकाल सकती हैं. लेकिन अगर 1 हफ्ते तक बालों को उसी लुक में रखना चाहती हैं तो टैंपरेरी ग्लू औन बौंडैड ऐक्सटैंशन करा सकती हैं. इस में बालों के स्कैल्प पर लिक्विड ग्लू लगा कर ऐक्सटैंशन को सैट किया जाता है और बाद में निकालने के लिए औयल बेस्ड सौलवैंट का इस्तेमाल किया जाता है. इस के लिए आप हेयर स्टाइलिस्ट की मदद जरूर लें.

लौंग टर्म ऐक्सटैंशन

अगर 4-6 महीने के लिए ऐक्सटैंशन चाहिए तो फिर केराटिन बौंड का यूज किया जा सकता है. इस में नकली बालों के टिप पर केराटिन लगा होता है. इसे असली बालों के साथ मिला कर केराटिन को गरम रौड से हलका सा पिघला दिया जाता है, जिस से ऐक्सटैंशन असली बालों के साथ चिपक जाता है. बाल धोने पर भी यह निकलता नहीं है. लौंग टर्म ऐक्सटैंशन करवाने में काफी समय लगता है और अगर इसे अच्छी तरह सैट न करवाया जाए तो यह बालों को डैमेज भी कर सकता है.

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इसी के साथ इंटरलौक प्रक्रिया के जरीए आप के बालों के ऊपरी सिरे पर हेयर ऐक्सटैंशन को लगाया जाता है. इस में बालों को बिलकुल सीधा कर दिया जाता है. इस में आप चोटी नहीं बना सकतीं. ब्रेडेड वर्जन उन लोगों के लिए बहुत अच्छा है जिन के बाल मोटे होते हैं. ऐसे बालों में लगे हेयर ऐक्सटैंशन चोटी बनाने पर दिखते नहीं हैं. अगर केराटिन बौंड का उपयोग करना पसंद नहीं है तो सिलाई जैसा तरीका अपना कर हेयर ऐक्सटैंशन का इस्तेमाल किया जा सकता है, जिस में असली बालों के साथ नकली बालों को 2 कपड़ों की सिलाई की तरह जोड़ा जाता है. अगर आप सही तकनीक का प्रयोग करें तो बालों का ऐक्सटैंशन आप के लिए कभी भी हानिकारक साबित नहीं होता.

 -भारती तनेजा

डाइरैक्टर, एल्प्स ब्यूटी क्लीनिक ऐंड एकैडमी

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