बालों की असली खूबसूरती जड़ों से शुरू होती है. हम में से ज्यादातर महिलाएं बालों की खूबसूरती के लिए शैंपू, कंडीशनर, हेयर मास्क, सीरम और औयल पर काफी ध्यान देती हैं. मगर यह सोचना जरूरी है कि जिस स्कैल्प से हमारे बाल निकलते हैं उस की सेहत कैसी है?

आज हेयर केयर की दुनिया में एक बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है. अब सिर्फ बालों की लंबाई, चमक और सौफ्टनैस पर नहीं बल्कि स्कैल्प हैल्थ पर भी उतना ही ध्यान दिया जा रहा है. आखिर बालों की असली सेहत उन की जड़ों से शुरू होती है.

हमारी स्कैल्प में हजारों हेयर फौलिकल्स होते हैं. इन्हीं फौलिकल्स के अंदर से बाल बनता और बाहर आता है. अगर स्कैल्प में लगातार आयल, डैड स्किन सैल्स, स्वैट, पौल्यूशन या प्रोडक्ट बिल्डअप जमा होता रहे तो स्कैल्प का नैचुरल बैलेंस बिगड़ सकता है. इसी तरह बहुत ज्यादा ड्राइनैस, खुजली या इन्फ्लेमेशन भी बालों की क्वालिटी को प्रभावित कर सकती है.

सब से पहला नियम है अपनी स्कैल्प को पहचानें

हर किसी के लिए एक ही हेयर केयर रूटीन सही नहीं हो सकता. अगर आप की स्कैल्प औयली है तो बहुत हैवी और ग्रीसी प्रोडक्ट्स लगाने से बचें. मसाज के लिए हेयर टौनिक का इस्तेमाल करें अगर स्कैल्प ड्राई या सैंसिटिव है तो बहुत स्ट्रौंग शैंपू, बारबार वाशिंग और बहुत गरम पानी के प्रयोग से बचना चाहिए.

बालों को धोने का सही तरीका भी बहुत जरूरी है. शैंपू को केवल बालों की लंबाई पर लगाने के बजाय मुख्य रूप से स्कैल्प पर लगाएं और फिंगरटिप्स से हलके हाथों से मसाज करें. नेल्स से जोरजोर से रगड़ना सही नहीं है. इस से स्कैल्प में इरिटेशन हो सकती है. शैंपू अच्छी तरह रिंस करें ताकि कोई रैजिड्यू न रह जाए.

एक और जरूरी बात: बहुत ज्यादा औयल हमेशा ज्यादा फायदा नहीं देता. औयल लगाने से बालों को कंडीशनिंग और सौफ्टनैस मिल सकती है लेकिन बहुत ज्यादा तेल लगा कर कई घंटों या पूरी रात छोड़ देना हर महिला की स्कैल्प के लिए जरूरी नहीं है खासकर जिन की स्कैल्प औयली है या डैंड्रफ की समस्या रहती है उन्हें अपनी जरूरत के अनुसार ही औयलिंग करनी चाहिए.

घर पर स्कैल्प केयर के लिए ये आसान उपाय अपनाए जा सकते हैं:

हफ्ते में 1-2 बार हलके हाथों से 5 मिनट स्कैल्प मसाज करें. इस के लिए बहुत ज्यादा तेल की जरूरत नहीं है. थोड़ी मात्रा में कोकोनट औयल या आमंड औयल ले कर फिंगरटिप्स से धीरेधीरे मसाज करें या औयली हेयर के लिए औयल में हेयर टौनिक लगा कर मसाज करें. इस से रिलैक्सेशन मिलता है और बालों में सौफ्टनैस भी आ सकती है.

अगर बाल और स्कैल्प बहुत ड्राई महसूस होती हैं तो ऐलोवेरा जैल का हलका उपयोग भी किया जा सकता है. प्योर और फ्रैगरैंस फ्री ऐलोवेरा जैल को स्कैल्प पर थोड़ी देर लगा कर बाद में माइल्ड शैंपू से धो लें. लेकिन अगर स्कैल्प सैंसिटिव है तो पहले छोटे हिस्से पर पैच टैस्ट जरूर करें.

डैंड्रफ होने पर घरेलू नुसखों के नाम पर लैमन, बेकिंग सोडा या अनडायल्यूटेड ऐसैंशियल औयल्स सीधे स्कैल्प पर लगाने की गलती न करें. ये चीजें कुछ महिलाओं में इरिटेशन और ड्राइनैस बढ़ा सकती हैं. डाक्टर या हेयर स्पैशलिस्ट से सलाह लें. लगातार डैंड्रफ, रैडनैस या इचिंग हो तो सही कारण जानना ज्यादा जरूरी है.

बालों की सेहत केवल बाहर से की गई देखभाल पर निर्भर नहीं करती. प्रोटीन, आयरन, जिंक, विटामिन डी, विटामिन बी12 और अन्य न्यूट्रिएंट्स की कमी भी हेयर फौल में भूमिका निभा सकती है. इसलिए रोज के भोजन में दालें, पनीर, दही, नट्स, सीड्स, हरी सब्जियां और पर्याप्त प्रोटीन शामिल करें. क्रैश डाइट और बहुत तेजी से वजन कम करने वाली डाइट्स से भी बालों पर असर पड़ सकता है.

स्ट्रैस और नींद को भी नजरअंदाज नहीं किया जा सकता. लंबे समय तक स्ट्रैस रहने पर ऐक्सैसिव हेयर शेडिंग देखने को मिल सकती है. इसलिए ब्यूटी रूटीन के साथ अच्छी नींद, बैलेंस्ड डाइट और स्ट्रैस मैनेजमैंट भी जरूरी है.

सब से महत्त्वपूर्ण बात: हर हेयर फौल का इलाज हेयर औयल या हेयर स्पा नहीं है. अगर अचानक बहुत ज्यादा बाल ?ाड़ने लगें, बालों की डैंसिटी तेजी से कम हो, स्कैल्प में लगातार खुजली या लालिमा हो, गोलगोल पैचेज में बाल ?ाड़ें या समस्या कई हफ्तों तक बनी रहे तो किसी ब्यूटी क्लीनिक में जा कर लेजर या बायोप्रौन ट्रीटमैंट ले सकते हैं जरूरी हो तो डर्मैटोलाजिस्ट से सलाह भी ले सकते है. हेयर फौल के पीछे हारमोनल चेंजेस, न्यूट्रिशनल डैफिसिएंसीज, थायराइड जैसी स्थितियां, कुछ मैडिसिंस या अन्य मैडिकल कारण भी हो सकते हैं.

याद रखें, खूबसूरत बालों का मतलब सिर्फ लंबे, काले और चमकदार बाल नहीं है. हैल्दी हेयर की शुरुआत हैल्दी स्कैल्प से होती है. इसलिए अगली बार जब आप अपने बालों के लिए कोई नया सीरम या हेयर मास्क खरीदें तो एक सवाल खुद से जरूर पूछें— मैं अपने बालों की केयर कर रही हूं लेकिन क्या अपनी स्कैल्प की भी उतनी ही केयर कर रही हूं क्योंकि खूबसूरत बालों की कहानी ऊपर से नहीं, जड़ों से शुरू होती है

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