जोकुछ भी आप खाते हैं उस का असर आप के स्वास्थ्य और खूबसूरती पर पड़ता है. भोजन आप की त्वचा के रंग, आप के बालों और यहां तक कि आप के मूड को भी प्रभावित करता है. अगर आप भीतर से सेहतमंद हैं, तो आप की त्वचा खुदबखुद चमकती रहेगी. कई प्राकृतिक खाद्यपदार्थों में ऐंटीऔक्सीडैंट्स और मिनरल्स भरपूर मात्रा में होते हैं, जो न केवल आप के तनाव को नियंत्रित रखते हैं, बल्कि त्वचा को भी चमकदार बनाए रखते हैं. आप विटामिन और मिनरल्स से युक्त संतुलित आहार ले कर अपनी त्वचा को जवां और खूबसूरत बनाए रख सकते हैं.

कैसे प्रभावित करते हैं पोषक पदार्थ

वजन नियंत्रित रहता है: यह सभी जानते हैं कि बहुत ज्यादा खाने और गलत तरह का आहार लेने से वजन बढ़ता है. मगर इस का यह मतलब भी नहीं कि आप सुपर मौडल की तरह अपनेआप को बिलकुल पतला बना लें. मगर मोटापा डायबिटीज और दिल की बीमारियों तक का कारण बन सकता है.

सही आहार न लेने से बाल रूखे और बेजान हो जाते हैं: बालों को भी पोषण की जरूरत होती है. आहार का सीधा असर बालों पर पड़ता है. अगर आप के भोजन में विटामिंस और मिनरल्स पर्याप्त मात्रा में नहीं होंगे तो हेयर फौलिकल कमजोर हो जाएंगे, जिस से बाल भी कमजोर हो कर पतले होने लगेंगे.

नाखूनों को भी चाहिए पोषण: अगर आप के नाखून आसानी से टूट जाते हैं, तो इस का मतलब कि आप को अपने आहार में बदलाव लाना चाहिए. बालों की तरह ही नाखूनों को भी पोषण की जरूरत होती है. इसलिए अंडों, कम फैट युक्त डेयरी उत्पाद और मीट का सेवन करें. इस से आप के नाखूनों को पर्याप्त प्रोटीन मिलेगा.

पोषक पदार्थों के अभाव में मांसपेशियां भी कमजोर हो जाती है: आप की मांसपेशियों का खूबसूरती से सीधा संबंध है. अगर आप की पेशियां कमजोर होने लगें तो आप वर्कआउट नहीं कर पाएंगी. इस का असर आप के शरीर की मुद्रा पर पड़ेगा. अपनी पेशियों को मजबूत बनाए रखने के लिए प्रोटीन से युक्त खाद्यपदार्थों का सेवन करें ताकि वे अपना काम ठीक से करती रहें.

जो भी खाते हैं वह आप की त्वचा से झलकता है: रूखी व बेजान त्वचा आप के आहार का ही परिणाम होती है. अगर आप पर्याप्त मात्रा में प्रोटीन का सेवन करें, फल और सब्जियां भरपूर मात्रा में खाएं तो आप की त्वचा जवां और चमकदार बनी रहेगी. वसा से युक्त खाद्यपदार्थों एवं प्रोसैस्ड फूड का सेवन न करें. इस से त्वचा चिकनी हो जाती है और कीलमुहांसों की समस्या बढ़ सकती है.

सेहतमंद आहार एजिंग की प्रक्रिया को धीमा कर सकता है: आप के भोजन का असर आप के शरीर में हो रही एजिंग की प्रक्रिया पर भी पड़ता है. ऐंटीऔक्सीडैंट से युक्त आहार जैसे और्गेनिक फल और सब्जियां फ्री रैडिकल्स को दूर कर त्वचा को झुर्रियों और फाइन लाइंस से बचाती हैं.

आहार का असर आंखों और पलकों पर भी पड़ता है: अगर आप सही आहार न लें और पर्याप्त मात्रा में पानी न पीएं तो इस का असर आप की आंखों और पलकों पर पड़ने लगता है. पलकों के बाल भी सिर के बालों की तरह पोषण न मिलने पर गिरने लगते हैं और हलके हो जाते हैं. सही आहार न लेने से आंखों की चमक भी जाती रहेगी.

खूबसूरती के लिए जरूरी पोषक तत्त्व

विटामिन सी: विटामिन सी शक्तिशाली ऐंटीऔक्सीडैंट है. यह शरीर से औक्सीडैंट निकालता है और कैंसर की संभावना को भी कम करता है. विटामिन सी कोलोजन बनाने में मदद करता है, जो त्वचा को मुलायम बनाए रखने के लिए जरूरी प्रोटीन है. ब्रोकली, अंकुरित अनाज, अमरूद, अंगूर, पार्सले आदि में विटामिन सी बहुत अधिक मात्रा में पाया जाता है. इसलिए इन खाद्यपदार्थों को जरूर अपने आहार में शामिल करें.

सेलेनियम: सेलेनियम भी शक्तिशाली ऐंटी औक्सीडैंट है, जो त्वचा का लचीलापन बनाए रखता है. यह मिनरल न केवल एक्नों को दूर रखता है बल्कि त्वचा को कैंसर से भी बचाता है. अखरोट, ट्यूना, लिवर, व्हीट, जर्म, प्याज, सीफूड, साबूत अनाज, भूरे चावल और पोल्ट्री उत्पादों में सेलेनियम भरपूर मात्रा में पाया जाता है.

विटामिन ई: विटामिन ई त्वचा के लिए बेहद जरूरी है. यह विटामिन ए के साथ मिल कर त्वचा को कैंसर से बचाता है. विटामिन ई में ऐंटीऔक्सीडैंट गुण होते हैं जो प्रदूषण, धुएं, प्रोसैस्ड फूड एवं धूप के कारण त्वचा में बनने वाले फ्री रैडिकल्स को दूर करते हैं. इस तरह के फ्री रैडिकल्स झुर्रियों और एजिंग के मुख्य कारण होते हैं. बादाम, अंडा, अखरोट, ऐवोकाडो, ऐस्पेरैगस, सूरजमुखी के बीजों, पाइन नट, पालक, ओटमील, जैतून आदि में विटामिन ई प्रचुर मात्रा में पाया जाता है.

विटामिन ए और बीटा कैरोटिन: विटामिन ए त्वचा की मरम्मत और रखरखाव के लिए बहुत जरूरी है. अगर आप की त्वचा रूखी है, उस से पपड़ी उतरती है तो समझ लीजिए कि आप की त्वचा में विटामिन ए की कमी है. बीटा कैरोटिन को विटामिन ए का प्रीकर्सर कहा जाता है. यह ऐंटीऔक्सीडैंट रंगीन खाद्यपदार्थों में पाया जाता है. यह धूप से त्वचा को होेने वाले नुकसान से भी बचाता है. लिवर, कौलर्ड ग्रीन, ऐस्पेरैगस, आड़ू, बीट ग्रीन, पालक, अंडा, शकरकंदी, रैड पैपर आदि विटामिन ए और बीटा कैरोटिन के अच्छे स्रोत हैं.

जिंक: जिंक एक महत्त्वपूर्ण ट्रेस मिनरल है जो त्वचा के क्षतिग्रस्त ऊतकों की मरम्मत करने और घाव भरने में मददगार होता है. जिंक त्वचा को सूर्य की अल्ट्रावायलेट किरणों के नुकसान से भी बचाता है. अगर आप कीलमुंहासों से परेशान हैं तो हो सकता है कि आप में जिंक की कमी हो. जिंक त्वचा में तेल की मात्रा को भी नियंत्रित करता है. कद्दू के बीच, अदरक, दालें, सीफूड, मशरूम, साबूत अनाज आदि जिंक के अच्छे स्रोत हैं.

ओमेगा-3: ओमेगा-3 शरीर में कार्टिसोल के स्तर को नियंत्रित रखता है, जो त्वचा को जवां बनाता है. अखरोट, सालमन, अलसी, चाइना सीड आदि ओमेगा-3 के अच्छे स्रोत हैं.

सेहतमंद त्वचा के लिए सुझाव

खूब पानी पीएं: पानी पीने से त्वचा की नमी बरकरार रहती है और उस में मौजूद टौक्सिंस निकल जाते हैं. त्वचा कोमल और मुलायम बनी रहती है.

सलाद खाएं: कच्ची पालक, उबले अंडे का सेवन करें. इन में कैरोटिनौइड ऐंटीऔक्सीडैंट और फैट सोल्यूबल रेटिनौल होता है. ये अच्छे ऐंटीऔक्सीडैंट हैं और त्वचा को स्वस्थ बनाए रखने में मदद करते हैं.

हलदी का सेवन करें: भूरे, चावल, मांस के व्यंजन, शेक आदि हलदी डाल कर लें.

सेहतमंद पशु उत्पाद: सप्ताह में 2-3 बार सालमन फिश लें, इस में बेहतरीन गुणवत्ता के ओमेगा-3 फैटी ऐसिड और ऐस्टैजेंथिन होते हैं. ग्रास फ्रेड मीट और ग्रास फेड बटर के साथ इस का सेवन करें.

चीनी का सेवन कम मात्रा में करें: चीनी और चीनी से बनी चीजों के सेवन से बचें. ये ग्लाइसैशन को बढ़ाते हैं, जिस का त्वचा के ऊतकों पर बुरा असर पड़ता है.

बुरे फैट से बचें, अच्छे फैट का सेवन करें:  वनस्पति तेल जैसे कौर्न औयल, कपास का तेल, कनोला और मूंगफली के तेल का सेवन न करें. इन के बजाय नारियल का तेल, ऐवोकाडो, जैतून का तेल, ऐक्स्ट्रा वर्जिन औलिव औयल और ग्रास फेड बटर या घी का सेवन करें.

-श्रुति शर्मा

बैरिएट्रिक काउंसलर और न्यूट्रिशनिस्ट, जेपी हौस्पिटल, नोएडा

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