Open pores care : चेहरे की खूबसूरती सिर्फ गोरे रंग या मेकअप से नहीं बल्कि साफ और हैलदी स्किन से निखरती है. मगर कई महिलाओं की शिकायत होती है कि उन के चेहरे पर ओपन पोर्स यानी बड़ेबड़े रोमछिद्र दिखाई देते हैं, जिस से स्किन का टैक्स्चर खराब लगने लगता है. खासकर नाक, गाल और माथे के आसपास यह समस्या ज्यादा देखने को मिलती है.
ओपन पोर्स होते क्यों
हमारी त्वचा में मौजूद पोर्स तेल और पसीना बाहर निकालने का काम करते हैं. जब इन में ज्यादा तेल, गंदगी या मृत त्वचा जमा हो जाती है तो ये बड़े दिखाई देने लगते हैं. इस के अलावा औयली स्किन, बढ़ती उम्र, धूप से होने वाला नुकसान, बारबार पिंपल्स होना और जेनेटिक कारण भी ओपन पोर्स की वजह बन सकते हैं.
मौडर्न स्किनकेयर क्या कहता है
आज के स्किन ऐक्सपर्ट्स मानते हैं कि ओपन पोर्स को पूरी तरह खत्म नहीं किया जा सकता लेकिन सही स्किनकेयर से इन्हें काफी कम दिखाया जा सकता है.
नियासिनमाइड: यह एक लोकप्रिय स्किनकेयर इनग्रीडिऐंट है जो अतिरिक्त तेल को नियंत्रित करने और स्किन को स्मूद बनाने में मदद करता है. इस के नियमित उपयोग से पोर्स कम दिखाई देने लगते हैं.
सैलिसिलिक ऐसिड: यह पोर्स के अंदर तक जा कर तेल और गंदगी को साफ करता है. ब्लैकहैड्स और ऐक्नों से परेशान महिलाओं के लिए यह काफी फायदेमंद माना जाता है.
रैटिनौल: रैटिनौल त्वचा में कोलेजन बढ़ाने का काम करता है, जिस से स्किन टाइट और पोर्स छोटे दिखाई देने लगते हैं. हालांकि इस का उपयोग विशेषज्ञ की सलाह से करना बेहतर होता है.
सनस्क्रीन: कई महिलाएं सनस्क्रीन को नजरअंदाज कर देती हैं, जबकि सूर्य की किरणें त्वचा के कोलेजन को नुकसान पहुंचा कर पोर्स को और ज्यादा बड़ा दिखा सकती हैं. इसलिए रोजाना एसपीएफ 30 या उस से अधिक वाला सनस्क्रीन लगाना जरूरी है.
मौडर्न ट्रीटमैंट्स
अगर स्किनकेयर प्रोडक्ट्स से मनचाहा परिणाम नहीं मिल रहा है तो त्वचा विशेषज्ञ कुछ एडवांस ट्रीटमैंट्स की सलाह दे सकते हैं.
माइक्रोनीडलिंग: इस प्रक्रिया में त्वचा पर बेहद महीन सुइयों का इस्तेमाल किया जाता है, जिस से कोलेजन का निर्माण बढ़ता है और स्किन का टैक्स्चर बेहतर होता है.
क्रस्न माइक्रोनीडलिंग: यह माइक्रोनीडलिंग का उन्नत रूप है, जिस में रेडियो फ्रीक्वैंसी तकनीक का उपयोग किया जाता है. इस से त्वचा टाइट होती है और पोर्स कम दिखाई देते हैं.
लेजर ट्रीटमैंट: लेजर तकनीक त्वचा की ऊपरी परत को सुधार कर नए कोलेजन के निर्माण में मदद करती है. इस से स्किन ज्यादा स्मूद और चमकदार दिखती है.
कैमिकल पील्स: कैमिकल पील्स त्वचा की मृत कोशिकाओं को हटा कर नई और ताजा त्वचा को सामने लाते हैं. इस से पोर्स और दागधब्बे दोनों में सुधार देखा जा सकता है.
घर पर क्या करें
दिन में 2 बार चेहरा साफ करें.
मेकअप हटा कर ही सोएं.
पर्याप्त मात्रा में पानी पीएं.
संतुलित और पौष्टिक आहार लें.
चेहरे को बारबार हाथ लगाने से बचें.
पिंपल्स को फोड़ने की आदत छोड़ दें.
ओपन पोर्स कोई बीमारी नहीं है लेकिन सही देखभाल न होने पर ये त्वचा की खूबसूरती को प्रभावित कर सकते हैं. अच्छी स्किनकेयर आदतें, सही प्रोडक्ट्स और जरूरत पड़ने पर आधुनिक डर्मैटोलौजी ट्रीटमैंट्स की मदद से पोर्स को काफी हद तक कम दिखाया जा सकता है. याद रखें, हर महिला की त्वचा अलग होती है, इसलिए किसी भी नए प्रोडक्ट या ट्रीटमैंट को अपनाने से पहले त्वचा विशेषज्ञ की सलाह लेना सब से सुरक्षित और प्रभावी तरीका है.
ओपन पोर्स पर मेकअप
अगर आप के चेहरे पर ओपन पोर्स हैं और मेकअप करने के बाद वे और ज्यादा नजर आने लगते हैं तो परेशान होने की जरूरत नहीं है. सही तकनीक और सही प्रोडक्ट्स की मदद से आप पोर्स को काफी हद तक छिपा सकती हैं और फ्लालैस लुक पा सकती हैं.
मेकअप शुरू करने से पहले स्किन तैयार करें
एस. स्टूडियो की ब्यूटी ऐक्सपर्ट और ओनर सविता बर्तवाल बता रही हैं कि मेकअप लगाने से पहले चेहरे को अच्छी तरह साफ करें और हलका मौइस्चराइजर लगाएं. इस के बाद पोरमिनिमाइजिंग प्राइमर का इस्तेमाल करें. यह पोर्स को भरने का काम करता है और त्वचा को स्मूद बेस देता है.
भारी फाउंडेशन से बचें
कई महिलाएं ओपन पोर्स छिपाने के लिए ज्यादा फाउंडेशन लगा लेती हैं लेकिन इस से पोर्स और उभर कर दिख सकते हैं. हलका, औयल फ्री और मैट फिनिश फाउंडेशन चुनें. फाउंडेशन को ब्रश के बजाय डैंप ब्यूटी ब्लैंडर से हलके हाथों से लगाएं.
ब्लरिंग प्रोडक्ट्स का करें इस्तेमाल
आजकल बाजार में ब्लरिंग प्राइमर, पोर फिलिंग बाम और सौफ्ट फोकस पाउडर जैसे आधुनिक प्रोडक्ट्स उपलब्ध हैं. ये स्किन को स्मूद दिखाने में मदद करते हैं और पोर्स को कम दिखाते देते हैं.
ज्यादा पाउडर लगाने की गलती न करें
बहुत ज्यादा कौंपैक्ट या पाउडर लगाने से पोर्स और टैक्स्चर उभर सकता है. सिर्फ टीजोन (माथा, नाक और ठुड्डी) पर हलका पाउडर लगाएं.
सैटिंग स्प्रे का इस्तेमाल करें
मेकअप पूरा होने के बाद सैटिंग स्प्रे लगाएं. इस से मेकअप स्किन में अच्छी तरह सैट हो जाता है और पोर्स कम नजर आते हैं.
आधुनिक स्किनकेयर भी है जरूरी
सिर्फ मेकअप से काम नहीं चलेगा. नियासितामाइड, सैलिसिलिक ऐसिड और रैटिनौल जैसे स्किनकेयर प्रोडक्ट्स नियमित रूप से इस्तेमाल करने से लंबे समय में पोर्स कम दिखाई देने लगते हैं.
ध्यान रखें
ओपन पोर्स को पूरी तरह गायब नहीं किया जा सकता लेकिन सही मेकअप तकनीक और स्किनकेयर से उन्हें काफी हद तक छिपाया जा सकता है. खूबसूरत मेकअप का राज सिर्फ ज्यादा प्रोडक्ट्स नहीं बल्कि सही तरीके से उन का इस्तेमाल करना है.
