Celebrity Divorce Stories : फिल्मों में प्यार का पाठ पढ़ाने वाले फिल्मी सितारे असल जीवन में प्यार से ज्यादा ब्रेकअप और तलाक से क्यों गुजर रहे हैं? बौलीवुड की कई हीरोइनें जिन्होंने शादी के बाद फिल्मों से संन्यास ले लिया था वह सभी एक बार फिर अपने पति से तलाक ले कर अभिनय कैरियर में वापसी कर रही हैं.

एक समय था जब हीरोइन से खासतौर पर सवाल किया जाता था कि वह शादी के बंधन में कब बंध रही है. लेकिन आज के समय में जहां धीरेधीरे लोगों का शादी पर से विश्वास उठता जा रहा है, वहीं शादी के बंधन में बंधने के बजाय लिवइन रिलेशनशिप में रहने में लोग ज्यादा सहज हैं. ऐसे में एक सवाल यह जरूर मन में आता है कि आज लोग शादी करने से क्यों कतरा रहे हैं?

टूटती शादियां

बौलीवुड की कई हीरोइनें जिन्होंने लव मैरिज की थी अब शादी का बंधन तोड़ कर तलाकशुदा का जीवन गुजार रही हैं, जिस में वे ज्यादा खुश भी नजर आ रही हैं।

मलाइका अरोड़ा, महिमा चौधरी, मल्लिका शेरावत, अमृता सिंह, श्वेता तिवारी आदि कई हीरोइनें हैं जो अपनी शादी खत्म कर के तलाकशुदा का जीवन व्यतीत कर रही हैं.

गौरतलब है कि आज लड़कों से भी ज्यादा लड़कियां शादी के बंधन में बंधने से कतरा रही हैं। आज कई लड़कियों को शादी का बंधन उम्रकैद की सजा जैसा लगने लगा है.

ऐसा नहीं है कि शादियां नहीं टिकतीं। माधुरी दीक्षित, दीपिका पादुकोण, आलिया भट्ट, कियारा आडवाणी, कैटरीना कैफ आदि कई हीरोइन हैं जिन का शादीशुदा जीवन अच्छा चल रहा है। इस के पीछे खास वजह यही है कि यह सभी हीरोइन ससुराल में और पति से उतना ही सम्मान और प्यार पाती हैं, जितना कि इन हीरोइनों ने अपने अभिनय कैरियर में पाया है.

इस के अलावा इन सभी हीरोइनों ने अपनी मरजी और अपनी शर्तों पर शादी के बंधन में बंधना मंजूर किया है। लेकिन बावजूद इस के सफल शादीशुदा हीरोइन का रेशो देखें तो तलाकशुदा और कुंआरी हीरोइनों के मुकाबले काफी कम है.

बौलीवुड में कई हीरोइनें और अन्य क्षेत्र से जुड़ी नामीगिरामी हस्तियां भी हैं जो शादी के बंधन में बंधना ही नहीं चाहतीं जैसे मिस यूनिवर्स सुष्मिता सेन, कोरियोग्राफर गीता शर्मा, वैभवी मर्चेंट, बौलीवुड और टीवी की जानीमानी निर्मात्री एकता कपूर आदि कई हस्तियां हैं जो शादी नहीं करना चाहतीं बल्कि बिना शादी किए सैरोगेसी से बच्चे पैदा कर के और गोद ले कर बच्चों के साथ रहना ज्यादा पसंद करती हैं जैसेकि एकता कपूर, सुष्मिता सेन आदि।

ऐसे में सवाल यह उठता है कि आज के समय में सैलिब्रिटीज हो या आम इंसान, शादी कर के घर बसाने के बजाय अकेले रहना ज्यादा क्यों पसंद कर रहे हैं? आज के समय में लड़कियां शादी के बंधन में घुटन क्यों महसूस करती हैं? आज के समय में 10 से 20 साल यहां तक की 40 साल वाली शादियां भी क्यों नहीं टिक रहीं?

जिम्मेदार कौन

शादी से पहले या शादी के 6 महीने तक जहां पति पत्नी को हर खुशी देने का वादा करता है, नखरे उठाता है, पत्नी की तारीफ करते नहीं थकता, वहीं शादी के कुछ सालों बाद ही पति पत्नी को कमतर समझने लगता है। कुछ समय बाद ही पति का डोमिनेटिंग नेचर शुरू हो जाता है। वह हर बात पर रोकटोक करने लगता है, जैसे यह मत पहनो, इस से बात मत करो, यहां मत जाओ, घर और बच्चों पर ध्यान दो या अगर नौकरी कर भी रही हो तो घर के साथसाथ घर और बच्चों को भी संभालो।

कई औरतें अपना घर बचाने के चक्कर में पति की कई सारी बातें मान लेती हैं. पढ़ीलिखी और समझदार होने के बावजूद घर में शांति बनाए रखने के चक्कर में पति की गालियां और मार भी खा लेती हैं। लेकिन जब पति इसी शराफत को पत्नी की कमजोरी समझने लगता है और अपनी मनमानी करते हुए घर से बाहर अफेयर भी शुरू कर देता है, पति का खराब व्यवहार दिल और दिमाग को दुखी कर देता है, तो बड़ी उम्र में पहुंचने के बाद भी हीरोइनें या आम औरतें तलाक ले लेती हैं, लेकिन तब तक बहुत देर हो जाती है क्योंकि बड़ी उम्र में फिर से जिंदगी की दूसरी पारी शुरू करने के लिए न तो पहले जैसी ताकत होती है, न ही हिम्मत और उम्र होती है. बावजूद इस के कई हीरोइनें जिन्होंने तलाक के बाद दूसरी पारी शुरू की हो, अभिनय कैरियर में हार न मानते हुए फिर से शुरुआत करती हैं। फिर चाहे वह टीवी ऐक्ट्रैस माही विच हो या फिल्म ऐक्ट्रैस अमृता सिंह और मलाइका अरोड़ा और करिश्मा कपूर ही क्यों न हों।

पतिपत्नी के बीच अब बराबरी का रिश्ता

एक समय वह भी था जब लड़कियां ज्यादा पढ़तीलिखती नहीं थीं। बचपन से ही मांबाप शिक्षा देते थे कि लड़की की डोली मायके से और अर्थी ससुराल से उठनी चाहिए, जिस के चलते लड़कियां पति पर निर्भर रहती थीं। पति जहां बाहर कमाने जाते थे, वहीं औरतें घर संभालती थीं। लेकिन आज के समय में औरतें आदमियों से भी ज्यादा पढ़ीलिखी होती हैं। कई औरतें आदमियों से ज्यादा कमाती भी हैं, जिस के चलते पतिपत्नी का रिश्ता अब बराबरी का हो गया है।

पति को पत्नी के साथ कंधे से कंधा मिला कर घर के काम से ले कर बच्चे संभालने तक बराबरी से काम करना पड़ता है क्योंकि औरतें भी बाहर जा कर पति की तरह ही न सिर्फ पैसे कमाती हैं बल्कि पति के बराबर ही घरपरिवार और बच्चों के पालनपोषण में बराबर का योगदान देती हैं, जैसेकि आज के समय में ऐक्ट्रैस और ऐंकर कौमेडी शो की जज अर्चना पूरन सिंह अपने पति और बच्चों से ज्यादा पैसे कमा रही हैं। इसी तरह कोरियोग्राफर डाइरैक्टर फराह खान भी अपने पति से ज्यादा पैसे कमा कर 3 बच्चे और परिवार का पालनपोषण कर रही हैं।

ऐसे में पति से कंधा मिला कर चलने वाली पत्नी को अगर किसी भी तरह पति नीचा दिखाने की कोशिश करता है या बारबार में बेइज्जती करता है, तो ऐसे में कमजोर शादीशुदा रिश्ता को टूटने में समय नहीं लगता क्योंकि आज के समय में पत्नियां पति से मानसिक व शारीरिक सपोर्ट चाहती हैं। वे चाहती हैं कि पति उन की ताकत बनें न कि उन को कमजोर बनाएं.

किसी तीसरे की ऐंट्री

शादीशुदा रिश्ते में तभी दरार पड़ती है जब किसी तीसरे की ऐंट्री होती है, जैसेकि हीरो नंबर-1 कहलाने वाले गोविंदा की पत्नी सुनीता के साथ 40 साल की शादी तब खटाई में पड़ गई जब गोविंदा की जिंदगी में उन की उम्र से आधी उम्र की लड़की की ऐंट्री हो गई। भले ही गोविंदा के साथ अफेयर की चर्चा वाली यह लड़की गोविंदा की फिल्म की हीरोइन है, लेकिन खबरों के अनुसार गोविंदा का उस लड़की से अफेयर भी चल रहा है और वह अपनी पत्नी के साथ रहते भी नहीं हैं. इन्हीं कारणों से सुनीता अपने पति गोविंदा की बुराई हर जगह करती नहीं थकती हैं, वहीं गोविंदा अपनी सफाई देते नहीं थकते.

पतिपत्नी का रिश्ता विश्वास और वफादारी पर टिका होता है, जिस के चलते पत्नी अपने पति की बड़ी से बड़ी गलती भी माफ करने के लिए तैयार हो जाती है लेकिन अगर पति शादीशुदा रिश्ते में धोखा देता है तो पत्नी तलाक लेने से भी पीछे नहीं हटती। फिर चाहे वह आम लड़की हो या कोई फिल्मी हीरोइन.

आज की औरतें बेचारी नहीं हैं, बल्कि खुद के दम पर जीने की ताकत भी रखती हैं। इसलिए बेवफाई को बरदाश्त न करते हुए को तलाक दे कर जिल्लत भरी जिंदगी से छुटकारा पाने में ज्यादा विश्वास रखती हैं.

कहते हैं, दूध का जला छाछ भी फूंकफूंक कर पीता है, यही वजह है कि आज के समय में शादीशुदा रिश्तों की कड़वाहट, प्यारभरे रिश्ते में मिलावट को देखते हुए आज लड़कियां शादी करने के बजाय कुंआरी या लिवइन रिलेशनशिप में रहना ज्यादा पसंद करती हैं। इस में कोई बंधन नहीं होता और न ही कोई कमिटमैंट होता है और न ही कोर्टकचहरी का चक्कर। यही वजह है कि आज के समय में लड़कियां असफल शादी से गुजरने के बजाय कुंआरी रहना ज्यादा पसंद करती हैं.

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