गौरव चोपड़ा एक लोकप्रिय फिल्म और टीवी अभिनेता हैं.  वे अपने अब तक के एक्टिंग करियर में कई फिल्मों और टीवी शोज में अभिनय कर चुके हैं जिन मे कभी हां कभी ना, लावण्या, दिल क्या चाहता है, गुलमोहर ग्रांड, इश्क में मरजावां, उतरन आदि टीवी शोज शामिल हैं. गौरव टीवी की दुनिया के सब से बड़े कंट्रोवर्सियल रियलिटी शो बिग बॉस सीजन 10 का भी हिस्सा रह चुके हैं. उन्होंने होलीवुड में भी काम किया है. फिलहाल वह  ज़ी टी वी के नए शो  ‘एक शक्ति…एक अघोरी’ सीरियल में बतौर लीड किरदार आ रहे हैं. पेश है उनसे की गई बातचीत के मुख्य अंश ;

आप ने आज तक कई तरह के रोल किये , रियलिटी शोज, वेब सीरीज और फिल्मों में भी काम किया. क्या करने में आप को सब से ज्यादा मजा आया?

मैं यह नहीं कह सकता कि क्या करने में मजा आता है. मैं करता वह हूं जो करने में मजा आता है. इसलिए थोड़ा कम करता हूं. कांसेप्ट सुनने में यदि मजा आता है तभी कोई किरदार निभाता हूं. यदि मुझे लगता है कि यह सीरियल या सीरीज मैं देखना चाहूंगा तभी मैं अपने औडियंस से कहता हूं  कि जाइये और देखिये. वर्ना किस हक़ से कहूं. सिर्फ पैसे कमाने के लिए मैं काम नहीं करता.

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आप ने हौलीवुड में भी काम किया है. हौलिवुड का अनुभव कैसा रहा? वहां के देखे यहां क्या अंतर लगा ?

वहां का सिस्टम बहुत अलग है. वे अपने सिस्टम और रूल्स को बहुत फौलो करते हैं और हम अपने दिल को बहुत फौलो करते हैं. वहां पर जो राइटर है वह कहानी लिखता है मगर फिल्म बनाते वक्त एंडिंग यानी क्लाइमैक्स को 3 -4 तरीकों से शूट कर लिया जाता है. फिर वे रिसर्च करते हैं, लोगों का ओपिनियन लेते हैं कि कहानी में कौन सा एन्ड सूट करेगा. फिर फाइनली वही एंडिंग बना लेते हैं. क्यों कि उन्हें पता है कि दर्शकों को वही पसंद आएगा और फिल्म उन के लिए ही बन रही है.

यहां पर यदि राइटर को कहा जाए कि हम क्लाइमेक्स चेंज करना चाहते हैं तो उसे दिल का दौरा ही पड़ जाएगा. वह घबड़ा जाएगा कि उस की कहानी बदली जा रही है या किरदारों को मनमुताबिक स्पेस नहीं दिया जा रहा. जाहिर है हमारे यहां इमोशंस ज्यादा हैं और वहां नियम ज्यादा है.

  1. इस सीरियल में आप ईशान नाम के लड़के का रोल कर रहे हैं. इस किरदार में ऐसा क्या खास है जिस ने आप को सब से ज्यादा अट्रैक्ट किया है?

इस किरदार के 2 पहलू हैं. दो अलगअलग किस्म के लुक हैं. 2 अलग किस्म की परफॉर्मेंसेज है. जब वह इस शहर में आता है तो वह आप की तरह अंग्रेजी में बात करता है. मॉडर्न कपड़े पहनता है. बाइक चलाता है. जब कि उस का अघोरी लुक बिल्कुल अलग और पारम्परिक है. परफॉरमेंस भी अलग है.

अघोरी के बारे में आप की धारणा क्या है?

ऐसा कुछ नहीं. सब से पहले मैं ने इस किरदार को समझने की कोशिश की. अघोरी वह होता है जो अपनी जिंदगी में अघोर फौलो करता है और यह एक ऐसी किस्म की जिंदगी है जिस में मेरे और आप के बीच में मेरी नजर में और मेरे दिल में कोई अंतर नहीं है. मेरे मन में कोई शक, ईर्ष्या या जलन और क्रोध नहीं है. मैं किसी दूसरे इंसान को खुद से भिन्न नहीं समझता.

यदि मेरे हाथ में दर्द है तो मैं उस के लिए कुछ करना चाहूंगा. इसी तरह यदि आप के हाथ में दर्द है और मैं आप को खुद से अलग नहीं समझता तो मैं आप के लिए भी कुछ करना चाहूंगा. अघोरी अपनी शक्ति और सिद्धि का इस्तेमाल दूसरों को ठीक करने के लिए करते हैं.

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अघोरियों को ले कर जो धारणा हमारे मन में रहती है वह एक गलतफहमी है. जैसे कहीं भी अच्छे बुरे सब होते हैं वैसा ही अघोरियों की दुनिया में भी है. जो बुरे होते हैं वे काला जादू ,तंत्र आदि में चले जाते हैं. जब कि कुछ केवल अघोरी होते है जो तप वाली जिंदगी बिताते हैं. यह कोई भी हो सकता है अघोरी के लिए जरूरी नहीं कि वह नागा साधुओं की तरह ही रहे.

आपको सीरियस रोल्स ज्यादा पसंद हैं या हर तरह के एक्सपेरिमेंट्स करना चाहते हैं ?

ऐसा नहीं है. आप किसी रोल को अच्छे से निभाते हैं तो बाद में आप को वही रोल ऑफर किए जाने लगते हैं.

यदि आप एक्टर नहीं होते तो क्या होते ?

यदि मैं एक्टर नहीं होता तो कपड़े बना रहा होता यानी दरजी होता. दरअसल मैं ने नेट से फैशन डिजाइनिंग का कोर्स किया है. इसलिए वही काम कर रहा होता.

क्या आप ने भी कभी अपनी जिंदगी में हिम्मत हारी है और फिर मजबूत बन कर आगे बढ़े हैं?

ऐसा तो होता ही रहता है. जिंदगी में उतारचढ़ाव आते रहते हैं. कई बार हमें उम्मीद की कोई किरण दिखाई नहीं देती है. यही हमारी जिंदगी का सार है. हार न मानना, चलते रहना, मुश्किलों का सामना करते हुए आगे बढ़ना, यही जिंदगी है. बाद में जब हम किसी को अपनी जिंदगी की पुरानी कहानी सुनाते हैं तो मजे से बताते हैं कि वह वक्त भले ही कठिन था पर हौसले के बल पर हम ने मुश्किलें पार कर ली. ऐसे में क्यों न हम बाधाओं का सामना भी मजे लेते हुए करें. इस से मुश्किलें भी आसान हो जाती हैं.

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Edited by Rosy

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