Bag Packing Skills: सुमित जब भी काम के सिलसिले में बाहर जाता है, पहले उनकी माँ सूटकेस पैक करती थी, शादी के बाद अब उनकी पत्नी सुमन पैक कर दिया करती है, ऐसे कई साल बीत गए. एक दिन जब सुमित को बाहर जाना था, ऑफिस से घर आकर उन्होंने देखा कि सुमन बीमार है, लेकिन उनका सूटकेस पैक कर रखा हुआ है, सुमित अपनी पत्नी की हाल – चाल पूछते हुए काम पर निकल  गया और दवाइयाँ ठीक से लेने की सलाह भी दी.

वहां जा कर उन्हें पता चला कि सुमन ने उनके शेविंग किट को पैक नहीं किया, उन्होंने फोन उठाया और बिना उसकी हाल चाल पूछे उस पर बरस पड़ा, आखिर उससे इतनी बड़ी भूल कैसे हो गई, जबकि वह हमेशा अच्छे से सामान को पैक कर देती है, सुमन को पहले तो अपनी भूल का पश्चाताप हुआ, लेकिन गुस्सा भी आया कि एक दिन उसके बीमार पड़ने पर क्या वह अपना समान खुद पैक नहीं कर सकता था, वह मन ही मन उसे कोसती रही.

अपना काम खुद करें

ये सही है कि कई घरों में खासकर बेटों के बाहर जाने पर उनके पेरेंट्स उनके समानो की पैकिंग करने लगते है, क्योंकि उन्हे अपना समान पैक करना नहीं आता, लड़का है कहकर उन्हे उस काम को सीखने की कला भी वे नहीं सीखाते, लड़का भी इसे सीखने की कोशिश नहीं करता, जो बाद में उनके लिए समस्या बन जाती है.

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