राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार “अभिनेता” और राजनीति

यह शायद अब होने लगा है की राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों में भी राजनीति की चौपड़ बिछाई जा रही है. अगरचे आप अजय देवगन को, जिन्हें सूचना प्रसारण मंत्री अनुराग ठाकुर ने सर्वश्रेष्ठ अभिनेता का पुरस्कार दिया है के सम्मान को महाराष्ट्र की सत्ता, राजनीति को जोड़ कर देखेंगे तो आपके सामने सब कुछ दूध का दूध और पानी का पानी , साफ साफ होगा.

महाराष्ट्र की राजनीति और षड्यंत्र अभी अभी देश ने देखा है कि किस तरह वहां भाजपा के इशारे पर शिवसेना के एक प्यादे एकनाथ शिंदे ने शिवसेना को तोड़ा है और मुख्यमंत्री बन गए हैं. सबसे बड़ा सवाल यह है कि एकनाथ शिंदे जिनके पास न तो शिवसेना पार्टी है और ना ही शिवसेना आलाकमान का आशीर्वाद या सभी विधायकों का समर्थन इसके बावजूद भाजपा की अनैतिक राजनीति और सत्ता की धमक के कारण एकनाथ शिंदे मुख्यमंत्री पद पर विराजमान हो गए हैं.

अब हम बात करें महाराष्ट्र की राजनीति एकनाथ शिंदे अजय देवगन की बीच के तारों की तो यह आपको समझना होगा कि जो कुछ महाराष्ट्र में भाजपा के शीर्ष नेताओं ने खेल खेला है उसमें मराठा, हिंदुत्व और महाराष्ट्र अस्मिता का घोल है, यहां भविष्य की राजनीति के साथ वोट बैंक जुड़ा हुआ है. अजय देवगन की फिल्म जनवरी 2020 में आई उनकी यह सौवीं फिल्म थी जो हिंदू मराठा भावना को जागृत करती है. और भाजपा को यही चाहिए. जहां हिंदुत्व है वहां भाजपा की सील तैयार है. अजय देवगन की यह फिल्म तानाजी मराठा पराक्रम को रेखांकित करती है.

अभिनय की दृष्टि से और बाजार की दृष्टि से यह फिल्म अपना कोई मुकाम हासिल नहीं कर पाई थी फिल्म समीक्षकों ने भी तानाजी को कोई विशेष तवज्जो नहीं दी इसके बावजूद राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार जब घोषित होते हैं तो अजय देवगन को सर्वश्रेष्ठ अभिनेता घोषित किया जाता है. इसकी बिसात शायद पहले ही बिछ चुकी थी यही कारण है कि उत्तर प्रदेश में योगी आदित्यनाथ सरकार ने फिल्म को टैक्स फ्री कर दिया था. भाजपा प्रवक्ता संबित पात्रा ने फिल्म की प्रदर्शन के समय ही भूरी भूरी प्रशंसा कर दी थी. बाद में यह महाराष्ट्र में टैक्स फ्री हुई और लगभग 150 करोड़ की लागत से बनी इस फिल्म ने सिर्फ 400 करोड़ की कमाई की है.

यहां यह देखना समीचीन होगा कि अजय देवगन सर्वश्रेष्ठ अभिनेता घोषित हुए हैं, यह फिल्म सर्वश्रेष्ठ नहीं है! बल्कि सूर्या को सर्वश्रेष्ठ फिल्म का पुरस्कार दिया गया है. इस सब को अगर आप देखें तो फिल्म पुरस्कारों में राजनीति का जो खेल खेला गया है वह आपके सामने होगा.

यह फिल्म बाक्स आफिस पर सामान्य रही. केंद्रीय सूचना और प्रसारण मंत्री अनुराग ठाकुर ने सभी विजेताओं को बधाई दी.और उन्होंने कड़ी मेहनत और पारदर्शिता के लिए निर्णायक मंडल की भी प्रशंसा की. मंत्री जी का इस अनावश्यक बात को कहना चर्चा का विषय बन गया कि आखिर मंत्री जी ने ऐसा क्यों कहा है क्या पहले निष्पक्ष और पारदर्शी रूप से सम्मान फिल्म और कलाकारों को नहीं मिलते थे?
आपने अगर अभिनेता सूर्या की ‘सोरारई पोटरु’नहीं देखी है तो एक बार अवश्य देखें और तुलना करें अजय देवगन और सूर्या में. आपके सामने दूध का दूध और पानी का पानी हो जाएगा. फिल्म एअर डेक्कन के संस्थापक कैप्टन जी आर गोपीनाथ के जीवन से प्रेरित है. इसी फिल्म के लिए अपर्णा बालामुरली ने सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री का पुरस्कार जीता. सूर्या की फिल्म ‘सोरारई पोटरु’ साल 2020 में आई थी.

जहां तक बात अजय देवगन की फिल्म का सवाल है तो अजय देवगन ने‌ मराठा साम्राज्य को फिर से हासिल करने के लिए क्रूर मुगल सरदार उदयभान सिंह राठौर के खिलाफ लड़ी गई लड़ाई को जीवंत किया था.

Pandya Store के ‘शिवा और रावी’ ने बताई असली लव स्टोरी, ऐसे हुई थी शुरुआत

स्टार प्लस के सीरियल ‘पंड्या स्टोर’ की कहानी जीतना दर्शकों को पसंद आती है उतनी है शो में मौजूद लव स्टोरी फैंस का दिल जीतती है. वहीं अगर शो में नजर आने वाली जोड़ी रियल लाइफ में भी साथ हो तो वह फैंस के लिए सोने पर सुहागा वाली बात हो जाती है. इसी बीच शिवा और रावी पांड्या के रोल में नजर आने वाले एक्टर कंवर ढिल्लों (Kanwar Dhillon) और एलिस कौशिक (Alice Kaushik) की डेटिंग की खबरों के बीच एक्टर ने अपनी लव स्टोरी बयां कर दी है. आइए आपको बताते हैं पूरी खबर…

सेट पर हुई पहली मुलाकात

 

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एक्ट्रेस एलिस कौशिक (Alice Kaushik) संग अपनी लव स्टोरी बताते हुए एक इंटरव्यू में एक्टर कंवर ढिल्लों (Kanwar Dhillon) ने कहा “हम दोनों सीरियल के सेट पर मिले थे. जहां वह अपने मॉक शूट के लिए आईं थी, जिसके बाद दोनों ने शूटिंग शुरू कर दी थी. उन्होंने मुझे बताया कि उनकी मम्मी एलिस इन वंडरलैंड देखती थीं, जिसकी वजह से उन्होंने मेरा नाम एलिस रखा. इस बात पर मैंने एक जोक कहा था कि शुक्र है कि मेरी मां ने ‘फिल्नस्टोंस और स्कूबी ढिल्लों’ नहीं रखा, क्योंकि उन्होंने कभी भी वो शो नहीं देखे.”

ऐसे शुरु हुई लव स्टोरी

 

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इसके अलावा एक्ट्रेस एलिस ने बताया कि सेट पर पहली मुलाकात के बाद उनकी बातचीत का दौर शुरु हुआ. और मुझे लगता है कि सब चीजें किसी न किसी कारण की वजह से होती है और इसी वजह से मैंने कुछ दिनों बाद शूटिंग शुरू की थी. वह मुझे पूरे दिन हंसाता था और मुझे उनकी आवाज बहुत पसंद है. शो में ऐसे कई सीन थे, शो में कपल होने के कारण रावी और शिवा के कैरेक्टर में हमें आंखों में देखना होता था. लेकिन कंवर के साथ यह ऑर्गेनिक था.” वहीं प्रपोजल के बारे में बात करते हुए एक्ट्रेस ने कहा कि “जब हम गजनेर में शूटिंग कर रहे थे तो उन्होंने उस वक्त मुझे प्रपोज किया था. वह ज्यादा कुछ रोमांटिक नहीं कर पाए थे, लेकिन उन्हें मेरी पसंद के बारे में सबकुछ मालूम था. उन्होंने मुझे गुलाब का फूल दिया और मुझे प्रपोज किया, जिससे मैं बहुत खुश हो गई.”

फैंस को पसंद है कैमेस्ट्री

सीरियल पांड्या स्टोरी की बात करें तो शिवा और रावी की कैमेस्ट्री फैंस को काफी पसंद है. वहीं दोनों को फैंस साथ देखने का इंतजार करते हैं और रोमांटिक सीन्स देखने के लिए बेताब रहते हैं.

GHKKPM: सई और पाखी की लड़ाई पर भड़केगा विराट, पढ़ें खबर

सीरियल गुम है किसी के प्यार में (Ghum Hai Kisikey Pyaar Meiin) के मेकर्स ट्रोलिंग का शिकार हुए हैं. हालांकि सीरियल की पौपुलैरिटी बढ़ती जा रही है. हाल ही में जहां शो में एक नई एंट्री हुई है तो वहीं अपकमिंग एपिसोड में चौह्वाण परिवार में बवाल होता हुआ नजर आने वाला है. आइए आपको बताते हैं क्या होगा शो में आगे(Ghum Hai Kisikey Pyaar Meiin Upcoming Twist)…

पाखी पर बरसेगी सई

 

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अब तक आपने देखा कि में पाखी के प्रैग्नेंसी में परेशानियों के चलते सई उसका ख्याल रखने की कोशिश करती है. लेकिन सई से परेशान होकर पाखी चौह्वाण परिवार के सामने हंगामा खड़ा करती है. इसी के चलते पाखी चिल्लाना शुरु कर देती  है और सई और उसके बीच बड़ा झगड़ा हो जाता है.

पाखी के कारण परेशान होगा विराट

 

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अपकमिंग एपिसोड में आप देखेंगे कि घरवालों के सामने सई, प्रेग्नेंसी में आने वाली दिक्कतों को लेकर पाखी पर सवाल उठाएगी, जिसके कारण पाखी गुस्से में दिखेगी और विराट को फोन करेगी. पर सई उससे कहेगी कि विराट जरुरी मीटिंग में हैं. लेकिन पाखी किसी की नहीं सुनेगी और लगातार विराट को फोन करेगी, जिसके चलते विराट परेशान हो जाएगा और उसे अपने सीनियर से डांट पड़ेगी.

गुस्से में सई-पाखी पर भड़केगा विराट

इसके अलावा, डांट पड़ने के बाद विराट तुरंत घर पहुंचेगा. जहां पर पाखी और सई लड़ते दिखेंगे. हालांकि पाखी, सई के खिलाफ उसे भड़काने की कोशिश करेगी. लेकिन विराट किसी की नहीं सुनेगा और पाखी और सई दोनों पर बरस जाएगा और खरी खोटी सुनाएगा. दूसरी तरफ, विराट के शांत करने के बाद भी सई और पाखी झगड़ते दिखेंगे. दरअसल, पाखी की हरकतें देख और अपने बच्चे की सेफ्टी के लिए सई, उसका कमरा शिफ्ट करने के लिए कहेगी, जिसे सुनकर भवानी अपना रिएक्शन देती दिखेगी. वहीं विराट, सई से माफी मांगता हुआ नजर आएगा.

Senco Teej Special: सेन्को के साथ बनाएं तीज को और भी खास, लीजिए इस कॉन्टेस्ट में हिस्सा

तीज का त्यौहार हर साल सावन महीने में धूमधाम से मनाया जाता है. ये त्यौहार न सिर्फ महिलाओं के लिए खास है बल्कि पति पत्नी के रिश्ते के लिए भी बेहद अहम है.

इस दिन महिलाएं दुल्हन की तरह सोलह श्रृंगार करती है और अपने मनपसंद जेवर पहनती है. लेकिन क्योंकि ये त्यौहार सबसे खास है और हर कोई इस मौके पर सबसे खूबसूरत लगना चाहता है. इसीलिए सेन्को लाया है तीज के मौके पर लेटेस्ट गोल्ड एंड डायमंड्स सेट का कलेक्शन.

यहां आपको मिलेंगे एक से बढ़कर एक गोल्ड एंड डायमंड के हैवी नेकलेस, ईयरिंग और झुमके, कंगन, रिंग्स और बहुत कुछ…

सेन्को तीज स्पेशल कॉन्टेस्ट…

आपकी तीज को डबल स्पेशल बनाने के लिए इस बार सेन्को लाया है एक खास मौका, जहां आपको मिल सकते हैं सेन्को की तरफ से खूबसूरत तोहफे, बस आपको लेना होगा सेन्को तीज स्पेशल कॉन्टेस्ट में हिस्सा और देनें होंगे कुछ सवालों के सही जवाब…

सही जवाब देनें वाले चुनिंदा यूजर्स को मिलेगा एक स्पेशल सरप्राइज तो फिर देर किस बात की, नीचे दिए बैनर पर क्लिक कीजिए और बनिए इस कॉन्टेस्ट का हिस्सा और शानदार ईनाम के साथ अपनी तीज को बनाएं यादगार…

रिटायरमैंट से पहले वित्तीय प्लानिंग

बचत का हर व्यक्ति के जीवन में होना बहुत जरूरी है. जितना भी आप कमाएं उस का कुछ भाग बचत के रूप में जरूर रखें. अगर ऐसा आप कमाते वक्त नहीं सोचते तो आगे चल कर दिनोंदिन बढ़ती महंगाई की मार आप को अवश्य झेलनी पड़ेगी. एक उम्र के बाद काम करना वश में नहीं होता, जबकि बढ़ती उम्र की वजह से बीमारी और अच्छे खानपान वगैरह के खर्च बढ़ते जाते हैं. ऐसे में जितनी जल्दी आप रिटायरमैंट से पहले सेविंग के बारे में सोचेंगे, उतनी ही बड़ी आप की बचत होगी. जब आप रिटायरमैंट के कगार पर होंगे तो भले ही बाजार की कीमतों की अपेक्षा आप की बचत कम दिखे, पर अपनी जरूरतों को सीमित दायरे में रख कर और अच्छी प्लानिंग कर के आप एक अच्छी जिंदगी गुजार सकेंगे. आज के दौर में यह बहुत जरूरी है कि अपनी रिटायरमैंट से पहले सेविंग में विविधता लाई जाए. लेकिन यह कैसे करें, इस के बारे में मुंबई के फाइनैंशियल प्लानर धवल कक्कड़ से बातचीत हुई.

उन्होंने बताया कि सब से पहले आप अपनी उम्र, जरूरतों, आय और बैकग्राउंड पर ध्यान दें. ये 4 कारक प्रमुख हैं. अगर आप के पास घर है तो ‘हाई रिस्क हाई रिटर्न’ पर आप जा सकते हैं. अगर घर लेना है, शादी करनी है तो मार्केट रिस्क हमेशा कम लें, क्योंकि बाजार भाव हमेशा चढ़ता और उतरता रहता है, जिस में पैसा खोने का डर लगा रहता है.

7 साल की सेविंग सब से आदर्श मानी जाती है. लेकिन अगर आप के रिटायरमैंट में देर है तो जल्दी पैसा बनाने की बात सोचनी चाहिए. प्रौपर्टी और सोने में इन्वैस्टमैंट अच्छा होता है, क्योंकि यह अर्थव्यवस्था के चढ़नेउतरने पर निर्भर रहने वाली स्कीम की अपेक्षा अधिक लाभ देता है. किसी भी इन्वैस्टमैंट को करते समय उस की अवधि अवश्य देख लें. अगर मंदी का समय हो तो ‘बायर’ बनें और तेजी हो तो ‘सैलर’. इस से आप को एक अच्छी रकम हाथ लगेगी, जो भविष्य में काम आएगी. स्टाक और बांड्स मेें रिटायरमैंट

सेविंग करना भी अच्छा होता है. उस में पैसे खोने का डर रहता है, पर अगर आप का ध्यान रोज मार्केट की तरफ रहे तो ऐसा नहीं होता. म्यूचुअल फंड में ‘सिप’ यानी ‘सिस्टेमैटिक इन्वैस्टमैंट प्लान’ लें. इस के लिए अच्छे फाइनैंशियल एडवाइजर की सलाह लें. भारत में करीब 100 म्यूचुअल फंड कंपनियां हैं जिन में से केवल 10 ही ऐसी हैं जहां आप का पैसा सुरक्षित रह सकता है.

हमेशा ‘टर्म प्लान’ में इन्वैस्ट करें ताकि अगर आप पर कोई आपदा आए तो परिवारजनों को आप की बचत का लाभ मिल सके. लेकिन आप कितना व्यय करेंगे और कितना बचाएंगे इस की योजना इस प्रकार बनाएं- अगर आप की उम्र 20 से 30 वर्ष हो तो अपनी आय का 20% सालाना आप बचत कर सकते हैं.

35 साल की उम्र होने पर 15 से 20%, 45 से 50 वर्ष की उम्र होने पर 10 से 15% और 50 वर्ष के ऊपर होने पर 10% अपनी आय की सालाना बचत कर सकते हैं. गोल्ड फंड या गोल्ड ऐक्सचेंज क्रैडिट फंड में पैसा डालें. अपनी बचत का 99% भी आप सोने की खरीद में डाल सकते हैं. इस में रिस्क नहीं होता, इस का लाभ अधिक मिलता है.

सरकार की ऋण पालिसी में पैसा डालें. ‘गवर्नमेंट सिक्यूरिटीज’ में पैसा डालना हमेशा लाभदायक रहता है, क्योंकि यह रिस्क फ्री रहता है और बाजार भाव के उतारचढ़ाव का असर इस पर नहीं पड़ता. प्लान अवश्य करना चाहिए. ऐसी पालिसी के धारक बनें जिस का भविष्य में आप को पूरा लाभ मिले. अपनी आमदनी को हमेशा ‘व्हाइटमनी’ में रखें. ‘ब्लैकमनी’ कभी न रखें.

वित्तीय प्लानिंग में अपनी आय और संपत्ति का वसीयतनामा पहले तैयार करें, जिस में पावर औफ एटार्नी जरूर बनाएं. नहीं तो संपत्ति और पैसे को ले कर परिवार में झगड़े होने लगते हैं. हर 5 साल बाद अपने इन्वैस्टमैंट की जांचपरख अवश्य करें, इस से बाजार भाव के अनुसार आप अपने फाइनैंस की प्लानिंग फिर से कर पाएंगे.

इस के आगे धवल कक्कड़ कहते हैं कि आज के युवाओं को इस बारे में अधिक ध्यान देना चाहिए, क्योंकि आज के युवा 30 से 40 हजार रुपए प्रतिमाह कमाते हैं पर उन्हें शौक पूरे करने की अधिक धुन रहती है. वे पैसे खर्च अधिक करते हैं. जबकि आज से 20-30 वर्षों बाद जब हमारे देश का और अधिक विकास हो चुका होगा तब महंगाई और अधिक होगी. खर्चा 5 गुना अधिक बढ़ेगा. ऐसे में शुरू से बचत न करने पर और अधिक परेशानी आएगी.

Top 10 Best Monsoon Fashion Tips in Hindi: टॉप 10 बेस्ट मानसून फैशन टिप्स हिंदी में

Monsoon Fashion Tips in Hindi: इस आर्टिकल में हम आपके लिए लेकर आए हैं सरिता की 10 Best Monsoon Fashion in Hindi 2022. मानसून सीजन में अक्सर हम फैशन का ध्यान रखने के चक्कर में कोई ना कोई मुसीबत मोल ले लेते हैं. चाहे वह कपड़ा हो या जूते हर किसी का अपना महत्व होता है और इनका ध्यान ना रखा जाए तो ये आपके फैशन को खराब कर सकता है. इसीलिए आज हम आपके लिए लेकर आए हैं Top 10 Monsoon Fashion in Hindi 2022, जिससे आप मानसून में भी अपने फैशन को फ्लौंट कर सकती हैं. साथ ही मौसम का लुत्फ उठा सकती हैं. तो अगर आपको भी है मौनसून फैशन के बारे में पढ़ने का शौक तो यहां पढ़िए गृहशोभा की Best Monsoon Fashion Tips in Hindi.

1. Monsoon Special: ट्राय करें इन 5 टीवी एक्ट्रेसेस के Flower प्रिंट ड्रेसेस

Monsoon Fashion Tips

मानसून सीजन में अक्सर फ्लावर प्रिंट ड्रेसेस ट्रैंड में होती हैं, जिसे हर कोई ट्राय करता है. वहीं अगर बात टीवी एक्ट्रेसेस की जाए तो उनका फैशन हर किसी को पसंद आता है, क्योंकि ये आसानी और किफायती दामों में मिलने वाला फैशन होता है. ‘ये रिश्ता क्या कहलाता है’ की ‘नायरा’ यानी शिवांगी जोशी (Shivangi Joshi) हो या ‘नागिन’ की रश्मि देसाई (Rashmi Desai) हर कोई इनके फैशन को ट्राय करना चाहता है. आज हम आपको मानसून में टीवी की 5 टौप एक्ट्रेसेस के फ्लालर प्रिंटेड ड्रेसेस फैशन के बारे में बताएंगे, जिसे आप घर बैठे मानसून में ट्राय कर सकती हैं…

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2. Monsoon Special: इन 4 टिप्स को फौलो कर रेनी सीजन में भी दिखेंगी स्टाइलिश

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मानसून सीजन में अक्सर हम फैशन का ध्यान रखने के चक्कर में कोई ना कोई मुसीबत मोल ले लेते हैं. चाहे वह कपड़ा हो या जूते हर किसी का अपना महत्व होता है और इनका ध्यान ना रखा जाए तो ये आपके फैशन को खराब कर सकता है. मानसून में जरूरी है कि आप फैशन से जुड़ी कुछ बातें जान लें, जिससे आप होने वाले नुकसान से बच जाएं. आइए आपको बताते हैं मानसून में क्या पहनें और क्या नहीं.

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3. Monsoon Special: बौलीवुड एक्ट्रेसेस की इन फ्लोरल ड्रेसेज से पाएं नया लुक

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आजकल आपने मार्केट में देखा होगा फ्लोरल ड्रैसेज ट्रैंड में हैं. बौलीवुड से लेकर हौलीवुड एक्ट्रेसेस तक फ्लोरल ड्रैसेज में आए दिन दिखतीं रहती है. साथ ही गरमियों में इन ड्रैसेज का हल्का कपड़ा और पैटर्न आपको ठंडक का एहसास भी दिलाता है. इसलिए फ्लोरल पैटर्न के कपड़े आपके लिए बेस्ट औप्शन हो सकते हैं. मौनसून में खुद को आकर्षक दिखाने के लिए फ्लोरल ड्रैसेज ट्रैंड आपके बहुत काम आएगा. आज हम आपको कुछ ऐसी ही फ्लोरल ड्रैसेज ट्रैंड के बारे में बताएंगे, जो आपकी पर्सनेलिटी को और निखार देगा. तो आइये जानते है इन टिप्स के बारे में.

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4. Monsoon Special: ट्राय करें श्रद्धा कपूर के ये 4 ट्रैंडी लुक्स

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अगर आप भी मौनसून में ट्रेंड में रहना चाहते हैं तो श्रद्धा कपूर की ये फ्लावर प्रिंट ड्रेस आपके लिए परफेक्ट है. ब्राउन कलर की फ्लावर प्रिंट ड्रेस के साथ ब्लैक बूट्स आपके लुक को मौनसून में परफेक्ट बनाएगा. ये फैशनेबल के साथ-साथ कम्फरटेबल रहेगा.

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5. Monsoon Special: मौनसून में ऐसे चुनें सही फुटवियर्स

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फुटवियर मौसम के हिसाब से पहनना चाहिए. इसी बात को ध्यान में रखते हुए हम आप को मौनसून के फैशन फुटवियर के बारे में बता रहे हैं. जी हां, जब सर्दी और गरमी में फुटवियर फैशन में बदलाव होता है, तो भला बरसात में क्यों नहीं? मौनसून सीजन में बाजार में फुटवियर के ढेरों विकल्प मिल जाएंगे, जो बरसात में भी आप के स्टाइल में चार चांद लगा देंगे.

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6. Monsoon Special: ट्राय करें ये ट्रैंडी मौनसून फैशन

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बारिश के मौसम यानी मौनसून में दिल का मयूर रहरह कर नाच उठता है. इस मौसम में कुछ अलग अंदाज के फैशनेबल कपड़े पहनने का मजा ही कुछ और होता है. आशिमा एस कुटोर की संस्थापक और फैशन डिजाइनर आशिमा शर्मा बता रही हैं कि मौनसून के अनुरूप आप के वार्डरोब में किस तरह की ड्रैसेज होनी चाहिए. ये ड्रैसेज स्टाइलिश लुक देने के साथसाथ कंफर्टेबल भी रहेंगी:

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7. Monsoon Special: 18 साल की उम्र में बौलीवुड एक्ट्रेसेस को टक्कर देती हैं अवनीत कौर

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मानसून में अगर आप कुछ अलग और परफेक्ट लुक चाहती हैं तो नियोन कलर आपके लिए परफेक्ट औप्शन है. अवनीत की तरह आप नियोन कलर के साथ वाइट का कौम्बिनेशन करके आप अपने लुक को चमका सकते हैं. ये आपके लुक को मानसून में ब्राइट लुक देगा.

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8. Monsoon Special: ट्राय करें ‘कुंडली भाग्य’ की प्रीता के ये लुक

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टीवी एक्ट्रेसेस आजकल बौलीवुड पर भारी पड़ रहे हैं. चाहे उनकी सीरियल की पौपुलैरिटी हो या उनका फैशन. आज हम ऐसी ही टीवी सेलिब्रिटी की ही बात करेंगे. जी टीवी के पौपुलर शो में से एक कुंडली भाग्य की प्रीता यानी लीड एक्ट्रेस श्रद्धा आर्या की. श्रद्धा आर्या अपनी एक्टिंग और कैरेक्टर के साथ-साथ सोशल मीडिया पर अपने हौट फैशन को लेकर भी सुर्खियों में रहती हैं. उनके इंस्टाग्राम पर अक्सर आपको सीजन से जुड़ी कईं नई ड्रेसेस और फैशन के बारे में पता चलता है. आज हम आपको उनके हौट और ट्रेंडी मौनसून फैशन के बारे में बताएंगे.

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9. Monsoon Special: मौनसून के लिए परफेक्ट है सोनाक्षी सिन्हा के ये लुक्स

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बौलीवुड एक्ट्रेस सोनाक्षी सिन्हा इन दिनों अपनी पर्सनल और प्रोफेशनल लाइफ को लेकर सुर्खियों में रहती हैं. बीते दिनों सुशांत सिंह राजपूत के सुसाइड मामले के बाद स्टार किड्स लोगों के निशाने पर आ गए हैं, जिनमें एक्ट्रेस सोनाक्षी सिन्हा का नाम भी शामिल है. पर आज हम उनके किसी मामले की नहीं बल्कि उनके फैशन की बात करेंगे. सोनाक्षी जितना खुद को फिट रखने की कोशिश करती हैं उतना ही वह अपने फैशन को भी अप-टू-डेट रखना पसंद करती हैं. ये उनके इंस्टाग्राम की फोटोज से साफ नजर आता है. आज हम मौनसून में ड्रेसेस के लिए सोनाक्षी की ड्रेस के बारे में बताएंगे…

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10. Monsoon Special: परफेक्ट हैं एक्ट्रेसेस की ये नियोन ड्रेसेज

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मौनसून आते ही बौलीवुड स्टार्स के नए-नए फैशन आ गए हैं. आजकल बौलीवुड एक्ट्रेसेस के बीच मौनसून में नियोन कलर ट्रैंड में हैं. आए दिन कोई न कोई बौलीवुड सेलेब नियोन कलर के कौम्बिनेशन में नजर आ रहें हैं. हाल ही में एक्ट्रेस मलाइका अपने वेकेशन के दौरान नियोन कलर को कैरी करती हूं नजर आईं थीं. ऐसे ही और भी कईं स्टार्स हैं जो नियोन को मौनसून में ट्राय कर चुके हैं, जिसे आप भी मौनसून के दौरान ट्राय कर सकते हैं.

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Top 10 Best Monsoon Romantic Stories In Hindi: टॉप 10 बेस्ट मानसून रोमांटिक कहानियां हिंदी में

Top 10 Monsoon Food Recipes In Hindi: मौनसून की टॉप 10 फूड रेसिपी हिंदी में

Top 10 Monsoon Beauty Tips In Hindi: मौनसून की टॉप 10 ब्यूटी की खबरें हिंदी में

Monsoon Special: नाश्ते में परोसें मसालेदार मिस्सा परांठा

नाश्ते में अगर आप अपनी फैमिली के लिए नई रेसिपी ट्राय करना चाहते हैं तो पराठें की ये नई रेसिपी ट्राय करना ना भूलें.

सामग्री

1 कप आटा

1/2 कप मैदा

1/2 कप बेसन

1/4 कप सूजी

1 बड़ा चम्मच अदरक लहसुन पेस्ट

1/2 छोटा चम्मच हलदी पाउडर

2 छोटे चम्मच सौंफ पाउडर

1 छोटा चम्मच लालमिर्च पाउडर

1 छोटा चम्मच बेकिंग पाउडर

1/4 कप दही

1 बड़ा चम्मच धनियापत्ती कटी

परांठे सेंकने के लिए पर्याप्त रिफाइंड औयल

नमक स्वादानुसार.

विधि

आटे में सारी चीजें मिक्स कर के कुनकुने पानी से गूंध लें. ढक कर आधा घंटा रखा रखें. फिर छोटीछोटी लोइयां बना कर छोटेछोटे परांठे बेल कर तवे पर तेल डाल कर सेंक लें.

अनमोल रिश्तों की डोर को जरा प्यार से संभाले

भारत में तलाक के मामलों में तेजी से वृद्धि हो रही है. 10 साल पहले जहां भारत में 1 हजार लोगों में 1 व्यक्ति तलाक लेता था, वहीं अब यह संख्या 1,000 पर 13 से ज्यादा हो गई है. तलाक याचिकाएं पहले से दोगुनी मात्रा में जमा हो रही हैं. खासकर मुंबई, बैंगलुरु, कोलकाता, लखनऊ जैसे बड़े शहरों में यह ट्रैंड ज्यादा देखने को मिल रहा है. इन शहरों में मात्र 5 सालों में तलाक फाइल करने के मामलों में करीब 3 गुना वृद्धि दर्ज की गई है.

2014 में मुंबई में तलाक के 11,667 केस फाइल किए गए जबकि 2010 में यह संख्या 5,248 थी. इसी तरह 2014 में लखनऊ और दिल्ली में क्रमश: 8,347 और 2000 केस फाइल किए गए जबकि 2010 में यह संख्या क्रमश: 2,388 और 900 थी.

तलाक के मामलों में इस बढ़ोतरी और दंपती के बीच बढ़ते मतभेदों की वजह क्या है? क्यों रिश्ते टिक नहीं पाते? ऐसे क्या कारण हैं जो रिश्तों की जिंदगी छोटी कर देते हैं?

इस संदर्भ में अमेरिका के मनोवैज्ञानिक और मैरिज ऐक्सपर्ट जौन गौटमैन ने 40 सालों के अध्ययन और अनुभवों के आधार पर निष्कर्ष निकाला कि मुख्य रूप से 4 ऐसे कारक हैं, जिन की वजह से दंपती के बीच संवादहीनता की स्थिति पैदा होने लगती है. इस स्थिति के 6 सालों के अंदर उन का तलाक हो जाता है.

आलोचनात्मक रवैया:

वैसे तो कभी न कभी सभी एकदूसरे की आलोचना करते हैं पर पतिपत्नी के बीच यह आम बात है. समस्या तब पैदा होती है जब आलोचना करने का तरीका इतना बुरा होता है कि चोट सीधे सामने वाले के दिल पर लगती है. किसी भी हाल में एक जना दूसरे को गलत साबित करने के प्रयास में लग जाता है. उस पर इलजामों की बौछार करने लगता है. ऐसे में कई दफा पतिपत्नी एकदूसरे से इतनी दूर चले जाते हैं कि फिर लौटना कठिन हो जाता है.

घृणा:

जब आप के मन में जीवनसाथी के लिए घृणा और तिरस्कार के भाव उभरने लगें तो समझ जाएं कि अब रिश्ता ज्यादा दिन टिकने वाला नहीं. घृणा प्रदर्शन के तहत ताने देना, नकल उतारना, नाम से पुकारना जैसी कितनी ही हरकतें शामिल होती हैं, जो सामने वाले को महत्त्वहीन महसूस कराती हैं. इस तरह का व्यवहार रिश्तों की जड़ों पर चोट करता है.

बचाव करने की आदत:

जीवनसाथी पर इलजाम लगा कर खुद को बचाने का रवैया जल्द ही रिश्तों के अंत की वजह बनता है. पतिपत्नी से अपेक्षा की जाती है कि वे हर स्थिति में एकदूसरे का सहयोग करें. मगर जब वे एकदूसरे के ही विरोध में खड़े होने लगें तो उन का रिश्ता कोई नहीं बचा सकता.

संवादहीनता:

जब व्यक्ति अपने जीवनसाथी के प्रति उदासीनता की चादर ओढ़ लेता है, संवाद खत्म कर देता है और उस की बातों को नजरअंदाज करने लगता है, तो दोनों के बीच आई यह दीवार रिश्ते में मौजूद रहीसही जिंदगी भी खत्म कर देती है.

कुछ और कारण

 क्वालिटी टाइम: इंस्टिट्यूट फौर सोशल ऐंड इकोनौमिक चेंज, बैंगलुरु द्वारा की गई एक रिसर्च के अनुसार पतिपत्नी के अलगाव का सब से प्रमुख कारण ड्युअल कैरियर कपल (पतिपत्नी दोनों का कामकाजी होना) की लगातार बढ़ती संख्या है. इस रिसर्च में यह बात सामने आई है कि 53% महिलाएं अपने पति से झगड़ती हैं, क्योंकि उन के पति उन के साथ क्वालिटी टाइम नहीं बिताते, वहीं 31.7% पुरुषों को अपनी कामकाजी पत्नियों से शिकायत है कि उन के पास परिवार के लिए समय नहीं है.

सोशल मीडिया: हाल ही में अमेरिका में किए गए एक अध्ययन में पाया गया कि सोशल मीडिया में अधिक समय देने की प्रवृत्ति और तलाक दर में पारस्परिक संबंध है. जितना ज्यादा व्यक्ति सोशल मीडिया में ऐक्टिव होता है, परिवार टूटने का खतरा उतना ही ज्यादा होता है.

इस की मुख्य रूप से 2 वजहें हो सकती हैं. पहली यह कि सोशल मीडिया में लिप्त रहने वाला व्यक्ति पत्नी को कम समय देता है. वह सारा समय नए दोस्त बनाने व लाइक्स और कमैंट्स पाने के चक्कर में लगा रहता है. दूसरी यह कि ऐसे व्यक्ति के ऐक्स्ट्रा मैरिटल अफेयर्स होने के चांसेज बढ़ जाते हैं. सोशल मीडिया पर फ्रैंडशिप ऐक्सैप्ट करना और उसे आगे बढ़ाना बहुत आसान होता है.

धर्म का असर रिश्तों पर

सामान्यतया रिश्तों में कभी खटास और कभी मिठास का दौर चलता ही रहता है. मगर इस का मतलब यह नहीं कि आप अपनी गलतियों पर ध्यान न दें और समाधान के लिए पंडेपुजारियों के पास दौड़ें. पंडेपुजारी पतिपत्नी के रिश्ते को 7 जन्मों का बंधन बताते हैं. रिश्तों को बचाने के लिए वे सदा स्त्री को ही शिक्षा देते हैं कि वह दब कर रहे, आवाज न उठाए.

दरअसल, धर्मगुरुओं की तो मंशा ही होती है कि व्यक्ति 7 जन्मों के चक्कर में फंसा रहे और गृहकलेषों से बचने के लिए तरहतरह के धार्मिक अनुष्ठानों व क्रियाकलापों में पानी की तरह पैसा बहाता रहे.

स्त्रियां ज्यादा भावुक होती हैं. जपतप, दानपुण्य में विश्वास करती हैं. इसी का फायदा उठा कर धर्मगुरु उन से ये सब करवाते रहते हैं ताकि उन्हें चढ़ावे का फायदा मिलता रहे.हाल ही में एक परिवार इसलिए बरबाद हो गया क्योंकि गृहक्लेष से बचने के लिए घर की स्त्री ने तांत्रिक का दरवाजा खटखटाया.

गत 25 मई को दिल्ली के पालम इलाके में एक बेटे ने अपनी मां की चाकू घोंप कर बेरहमी से हत्या कर दी. 63 साल की मां यानी प्रेमलता अपने बेटेबहू के साथ रहती थी. हर छोटीबड़ी समस्या के समाधान के लिए वह तांत्रिकों और ज्योतिषियों के पास जाती. घर में आएदिन होने वाले झगड़ों के निबटारे के लिए भी वह तांत्रिक के पास गई और फिर उस के बताए उपायों को घर पर आ कर आजमाने लगी. यह सब देख कर बहू को लगा कि वह जाटूटोना कर रही है अत: उस ने यह बात पति को बताई. फिर इसी बात को ले घर में खूब झगड़ा हुआ और बेटे ने सब्जी काटने वाले चाकू से मां पर हमला कर दिया.

मजबूत बनाएं रिश्ता 

रिश्ते बनाना बहुत सहज है पर उन्हें निभाना कठिन. जौन गौटमैन के मुताबिक रिश्ते को मजबूत बनाने के लिए कपल्स को इन बातों का खयाल रखना चाहिए:

लव मैप का फंडा: लव मैप मानव मस्तिष्क का वह हिस्सा है जहां व्यक्ति अपने जीवनसाथी से जुड़ी हर तरह की सूचना जैसे उस की परेशानियों, उम्मीदों, सपनों समेत दूसरे महत्त्वपूर्ण तथ्यों व भावनाओं को इकट्ठा रखता है. गौटमैन के मुताबिक दंपती लव मैप का प्रयोग एकदूसरे के प्रति अपनी समझ, लगाव और प्रेम प्रदर्शित करने में कर सकते हैं.

साथ दें सदा: जीवनसाथी के जीवन से जुड़े हर छोटेबड़े मौके पर उस के साथ खड़े रहें. पूरे उत्साह और प्रेम के साथ उस के हर दुखसुख के भागीदार बनें.

महत्त्व स्वीकारें: किसी भी तरह का फैसला लेते वक्त या कोई भी महत्त्वपूर्ण काम करते समय जीवनसाथी को भूलें नहीं. उस की सहमति अवश्य लें.

तनाव करें दूर: पतिपत्नी के बीच तनाव लंबे समय तक कायम नहीं रहना चाहिए, जीवनसाथी आप की किसी बात से आहत है तो मीठे शब्दों का लेप जरूर लगाएं. एकदूसरे के साथ सामंजस्य बनाए रखें. कंप्रोमाइज करना सीखें.

दूरी न दें बढ़ने: कई दफा पतिपत्नी के बीच का विवाद इतना गहरा हो जाता है कि पास आने के सारे रास्ते बंद हो जाते हैं. साथी स्वयं को अस्वीकृत महसूस करता है. दोनों इस बारे में बात तो करते हैं पर कोई सकारात्मक समाधान नहीं निकाल पाते. हर वादविवाद के बाद वे और ज्यादा कुंठित महसूस करते हैं.

गौटमैन कहते हैं कि कभी ऐसा मौका न आने दें. पतिपत्नी के बीच विवाद इसलिए बढ़ता है क्योंकि उन की बातचीत में मधुरता, उत्साह और लगाव का अभाव होता है. वे समझौता नहीं करना चाहते. इसी वजह से भावनात्मक रूप से भी एकदूसरे से दूर हो जाते हैं. यह दूरी कितनी भी बढ़ जाए पर एक कपल को यह जरूर पता लगाना चाहिए कि विवाद के मूल में क्या है और उसे कैसे दूर किया जाए.

पार्टनर को अच्छा महसूस कराएं: पतिपत्नी को इस बात का खयाल रखना चाहिए कि उस के जीवनसाथी को क्या पसंद है, वह किस बात से खुश होता है. समयसमय पर जीवनसाथी के साथ बीते खुशनुमा लमहों का जिक्र करें ताकि वही प्यार आप फिर से महसूस कर सकें.

जीवनसाथी का सम्मान करें

 अगर आप अपनी शादी को कामयाब बनाना चाहते हैं, तो आप को अपने जीवनसाथी का सम्मान करना होगा. इस के लिए आप को अपने जीवनसाथी को महसूस कराना होगा कि आप उसे अपने बराबर समझते हैं और उस की भावनाओं को ध्यान में रखते हुए ही आप कोई निर्णय लेते हैं. आप को अपने जीवनसाथी की गोपनीयता का भी सम्मान करना चाहिए.

आप को अपने पति या पत्नी के प्रति दयालु, प्यार भरा और समझदारी भरा व्यवहार करना चाहिए. यदि आप का कोई एक दिन बुरा बीता हो और जिस की परछाई आप अपनी जिंदगी पर स्पष्ट रूप से देख रहे हों तो आप साथी से माफी मांगने की पहल करें. आप ने उन से शादी की है इसलिए आप उन के साथ कैसा भी बुरा व्यवहार कर सकते हैं, यह सोचने के बजाय, साथी को सम्मान दें.

– शैली माहेश्वरी गुप्ता, मिसेज यूनिवर्सल ऐलिगैंस, 2017

 अच्छे रिश्ते के लिए जरूरी बातें 

सफल रिश्ते के लिए क्या करें जिन से जीवनसाथी के साथ वैवाहिक जीवन सुखद बीते, आइए जानते हैं:

विश्वास: आप अपने जीवनसाथी पर कितना यकीन कर सकते हैं, वह अपनी बातों पर कितना टिका रहता है जैसी बातें रिश्ते का भविष्य तय करती हैं.

ड़ाव: औथर रोनाल्ड ऐडलर 4 तरह के जुड़ाव का जिक्र करते हैं जिस से हम स्वयं को जीवनसाथी के साथ जुड़ा हुआ महसूस करते हैं. पहला फिजिकल, दूसरा इमोशनल, तीसरा इंटलैक्चुअल और चौथा शेयर्ड ऐक्टीविटीज.

सहजता: रिश्ते में सहजता होनी जरूरी है. आप स्वयं सोचिए कि जब आप पार्टनर के साथ होते हैं तो क्या आप का बैटर सैल्फ बाहर आता है? पार्टनर के साथ रहते हुए आप खुद को सहज महसूस कर पाती हैं? यदि ऐसा है तभी आप का रिश्ता लंबा खिंच सकता है.

सम्मान: जौन गौटमैन ने अपने 20 सालों के अध्ययन के बाद निष्कर्ष निकाला कि तलाक की सब से अहम वजह है एकदूसरे के प्रति सम्मान का अभाव.

एकदूसरे का सम्मान करने के बजाय जब मन में नकारात्मक भाव, आलोचनात्मक रवैया और कटाक्ष करने की प्रवृत्ति पैदा होने लगे तो समझ जाएं कि रिश्ते का अंत नजदीक है. कम्यूनिकेशन स्टडीज में इसे ‘टफ टु ए पर्सन ऐंड सौफ्ट औन द इशु’ कहा जाता है.

बात बढ़ाएं नहीं: झगड़े हर घर में होते हैं, मगर उन्हें लंबा न खिंचने दें. कुछ लोग झगड़े के दौरान पागलों की तरह चीखतेचिल्लाते हैं. ऐसे में जरूरी बातें गौण हो जाती हैं और दंपती बेमतलब की बातों में उलझते चले जाते हैं. भावनात्मक रूप से उन का रिश्ता बिलकुल जड़ हो जाता है.

मन से करीब रहेंगे तभी समस्या का समाधान होगा और आप का रिश्ता पूर्ववत हो जाएगा और आप पूरी तरह साथी को माफ कर पाएंगे.

मुसीबत में साथ: सफल और लंबे रिश्ते के लिए जरूरी है मुसीबत के समय जीवनसाथी के साथ खड़े रहना. उसे अपने कंधों का सहारा देना. आर्थिक चुनौतियां हों या शारीरिक, अच्छे वक्त के साथसाथ बुरे वक्त में भी एकदूसरे के करीब रहना जरूरी है.

आर्थिक फैसलों पर सहमति: एक अध्ययन के मुताबिक वे पतिपत्नी जो सप्ताह में 1 बार आर्थिक फैसलों पर एकदूसरे के प्रति असहमति दिखाते हैं, के बीच तलाक की संभावना 30% तक बढ़ जाती है.

ऐसे बनाएं सुखद जीवन

 पतिपत्नी की खुशी में आपसी संबंध महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं. 30% से ज्यादा नई शादियों का तलाक में अंत होने लगा है. ऐसे में कई ऐसे कदम हैं, जो तलाक के जोखिम को कम करने, समस्याओं से बचने और सेहतमंद रिश्ता बनाए रखने के लिए उठाए जा सकते हैं:

– पतिपत्नी के बीच की भावनात्मक विरक्ति की वजह से ब्रेकअप या तलाक होता है. ऐसे में अपने साथी की भावनाओं को अच्छी तरह से समझना, उस के दृष्टिकोण को सुनना और उसे हंसाने की कोशिश करना जरूरी है.

– शोधकर्ताओं ने पाया है कि बातचीत करने का तरीका समर्पण के स्तर, व्यक्तित्व की विशेषताओं या तनावपूर्ण जिंदगी की घटनाओं से ज्यादा महत्त्वपूर्ण है, जिस से यह अनुमान लगाया जाता है कि खुशनुमा विवाहित जोड़े तलाक तक जाएंगे या नहीं. खासतौर पर संचार के नकारात्मक तरीकों जैसेकि क्रोध और अपमान को अलग होने की संभावना बढ़ने से जोड़ा जाता है.

– अपने साथी की भावनाओं, पसंदों और विचारों की प्रशंसा करनी चाहिए. साथी का सम्मान करना चाहिए. उस के द्वारा किए गए छोटेछोटे कामों के लिए भी धन्यवाद कहना न भूलें.

– जीवन में कई चुनौतियों का सामना करना पड़ता है जैसेकि कैरियर की चुनौतियां, सेहत के मामले, भविष्य को ले कर चिंताएं आदि. ये समस्याएं अकसर संबंध को प्रभावित करती हैं. इसलिए पतिपत्नी को पारस्परिक समझदारी और परिपक्वता के साथ इन का सामना करना चाहिए.

– डा. मनीत वालिया, मनोचिकित्सक, केडिहैल्थ

अनियंत्रित Diabetes छीन सकती है आंखों की रोशनी

डायबीटिज को सामान्य रोग समझ कर उस की अनदेखी करना आप के लिए खतरनाक हो सकता है क्योंकि डायबीटिज की जटिलता से छिन सकती है आंखों की रोशनी भी. डायबिटीज रेटिनोपैथी में नई रक्तवाहिनियां, रेटिना के आसपास बनने लगती हैं जिस से रक्तस्राव होने लगता है.

55 वर्षीय सुशीलकांत 10 वर्षों से डायबीटिज यानी डायबिटीज के मरीज हैं. पिछले कई दिनों से उन की शुगर भी नियंत्रण में नहीं है. एक शाम उन को लगा कि उन की आंखों के आगे अंधेरा सा छा रहा है, फिर कुछ देर ठीक रहा और थोड़ी देर बाद फिर वही स्थिति हो गई. 2 दिनों के बाद अचानक उन्हें लगा कि उन्हें नहीं के बराबर यानी बहुत ही कम दिख रहा है. तुरंत चिकित्सक से संपर्क किया गया. जांच से मालूम हुआ कि डायबीटिज का असर आंख पर पड़ा है और उन का रेटिना क्षतिग्रस्त हो गया है. चिकित्सक की सलाह पर शहर के बाहर विशेषज्ञ रेटिना सर्जन से संपर्क किया गया. रेटिना सर्जन के इलाज से उन की आंखों की रोशनी को बचाया जा सका वरना वे नेत्रहीन हो जाते.

डायबीटिज यदि ज्यादा पुराना हो या अनियंत्रित हो तो उस का कुप्रभाव आंखों पर अवश्य पड़ता है. इसे चिकित्सा शास्त्र में ‘डायबिटिक रेटिनोपैथी’ कहा गया है. इस जटिलता, जो डायबीटिज जन्य है, में आंखों के परदे, जिसे ‘रेटिना’ कहा गया है, की रक्तवाहिनियां नष्ट हो जाती हैं और इस से रक्त बहने लगता है या रिसाव होने लगता है. यह जटिलता समाज के  उच्चवर्ग में अधिक देखने को मिलती है. ऐसे में हरेक डायबीटिज रोगी को चाहिए कि वह वर्ष में 2 बार अपना नेत्रपरीक्षण अवश्य करवाएं.

दृष्टि पर प्रभाव : कैसेकैसे

एक तरह की रेटिनोपैथी तो अधिकतर लोगों में देखने को मिलती है. इस का कोई लक्षण या संकेत नहीं मिलता. इस में रेटिना में सूजन आ सकती है तथा आंखों के पास गंदगी या मैल जमा हो सकता है. चिकित्सा विज्ञान के अनुसार, आंख की इस छोटी से रक्तवाहिनी को काफी नुकसान झेलना पड़ता है. यह रेटिनोपैथी फैलती नहीं है.

दूसरी तरह की रेटिनोपैथी में नई रक्तवाहिनियां रेटिना के आसपास बनने लगती हैं, जिस से रक्तस्राव होने लगता है. इस में कई बार व्यक्ति की दृष्टि चली जाती है. नई रक्तवाहिनियों के पनपने से रेटिना पर खिंचाव आ सकता है जिस से वह अलग भी हो सकती है. रेटिना की आगे की जैली में भी खून आ सकता है.

जब रेटिना से द्रव्य बाहर निकलता है तो वह रेटिना के बीच ‘मैक्यूला’ पर आने लगता है. इसे ‘मैक्युलोपैथी’ कहा जाता है.

इस के अलावा डायबीटिज के रोगियों में मोतियाबिंद भी जल्दी पनपता है. अल्प आय वर्ग में यह ज्यादा देखने को मिलता है क्योंकि उन का ज्यादातर कार्य सूर्य की रोशनी में होता है. रक्त संचार अव्यवस्थित व अपूर्ण होने के कारण आंखों को लकवा भी मार सकता है.

डायबीटिज के पुराने मरीजों की दृष्टि में शुरूशुरू में धुंधलापन आता है, रेटिना की सतह तथा दृष्टि के लिए उत्तरदायी मुख्य नाड़ी ‘औप्टिक नर्व’ पर नई रक्त वाहिनियां बनने लगती हैं.

बचाव : कैसे हो मजबूत

– डायबीटिज हो या उच्च रक्तचाप या दोनों, इन्हें हर हालत में नियंत्रित रखें. चाहे दवा से या परहेज से.

– अपने रक्तशर्करा व रक्तचाप की नियमित जांच कराएं.

– धूम्रपान या तंबाकू का सेवन त्याग दें.

– हरी सब्जियों का अधिक सेवन करें.

– खुराक में विटामिन ए, विटामिन सी व विटामीन ई आदि का भरपूर सेवन करें.

– फिश या फिश औयल का सेवन करें.

प्रमुख कारण

– आंख की रेटिना पर कुप्रभाव का पहला महत्त्वपूर्ण कारण है डायबीटिज कितने समय से है. एक चिकित्सकीय आंकड़े के अनुसार, करीब 10 वर्षों से डायबीटिज के रोगी पर इस के होने की संभावना 50 फीसदी, 20 वर्षों से डायबीटिज के रोगी पर 70 फीसदी तथा 30 वर्षों से डायबीटिज के रोगी पर 90 फीसदी संभावना रहती है.

– यदि डायबीटिज के साथ उच्च रक्तचाप भी है तो संभावना और अधिक बढ़ जाती है.

– गर्भावस्था में भी इस की संभावना बढ़ जाती है.

– यह स्थिति वंशानुगत भी होती है.

– स्त्रियों में पुरुषों की अपेक्षा यह स्थिति अधिक पाई जाती है.

निदान तकनीकें

– रक्त शर्करा स्तर की नियमित जांच कराते रहें.

– ‘फंडस फ्लोरिसीन एजिंयोग्राफी’ नामक विशिष्ट जांच से यह स्थिति स्पष्ट हो जाती है कि लेजर तकनीक द्वारा उपचार की जरूरत कहांकहां है.

– ‘औफ्थालमोस्कोप’ नामक उपकरण द्वारा आंखों की नियमित जांच करवाएं.

इस प्रकार, इस वैज्ञानिक जानकारी के साथ डायबीटिज के रोगी अपनी आंखों की रोशनी को बचा सकते हैं क्योंकि अंधेपन के कारणों में इस स्थिति की विशेष भूमिका रहती है.

लेजर पद्धति से उपचार

लेजर फोटो कोएगुलेशन द्वारा लेजर बीम प्रभावित रेटिना पर डाली जाती है जिस से रक्तस्राव या रिसाव बंद हो जाता है, साथ ही, दूसरी असामान्य रक्तवाहिनियों का बनना भी बंद हो जाता है. यह उपचार यदि रोगी को समय पर मिल जाए तो परिणाम अच्छे रहते हैं.

यदि रोग काफी ज्यादा बढ़ गया हो तो शल्यक्रिया द्वारा उपचार संभव है, जिसे ‘वीट्रेक्टौमी सर्जरी’ कहा गया है. इस में अलग हुए रेटिना को फिर जोड़ा जाता है.

एक नया इंजैक्शन वीईजीएफ आंखों में लगाया जाता है, जिस के प्रभाव से इस के अतिरिक्त अन्य खामियां भी ठीक हो जाती हैं. इस के साथसाथ लेजर द्वारा भी उपचार लिए जाने के अच्छे परिणाम आते हैं.

पैसों की तंगी झेल चुकी हैं ‘तारक मेहता का उल्टा चश्मा’ की ‘सोनू’, पढ़े खबर

सीरियल ‘तारक मेहता का उल्टा चश्मा’ (Taarak Mehta Ka Ooltah Chashmah) के किरदार जहां अपनी एक्टिंग से फैंस का दिल जीतते हैं तो वहीं लोगों के दिलों में बस जाते हैं. ऐसे ही आत्माराम भिड़े की बेटी सोनू के रोल में नजर आने वाली पलक सिधवानी (Palak Sidhwani) भी हैं. आज फैंस के दिलों पर राज करने वाली एक्ट्रेस पलक तंगी का दर्द भी झेल चुकी हैं. आइए आपको बताते हैं पूरी खबर…

आर्थिक तंगी का सामना कर चुकी हैं एक्ट्रेस

 

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अपनी जिंदगी के मुश्किल दिनों का किस्सा सुनाते हुए एक्ट्रेस पलक सिधवानी ने एक इंटरव्यू में कहा कि कॉलेज पूरा होते ही वह काम की तलाश में जुट गई थी. लेकिन एक समय ऐसा भी आया था जब एक्ट्रेस के पास कुछ भी नहीं था और मैं बहुत कमजोर फील कर रही थी. एक दिन वह बिल्कुल टूट गई और रोने भी लग गई थीं. दरअसल एक्ट्रेस ने बताया कि मुंबई में शुरुआती दौर में उन्हें पैसों की तंगी से गुजरना पड़ा था और 2000 रुपये बचाने के कारण उन्हें घर भी बदलना पड़ा था.

ऐसे मिल सोनू का रोल

आर्थिक तंगी के अलावा एक्ट्रेस पलक ने अपनी तारक मेहता में एंट्री का किस्सा सुनाते हुए बताया कि वेब सीरीज होस्टेज के दौरान तारक मेहता के कास्टिंग डायरेक्टर ने उन्हें अप्रोच किया. दरअसल, उन्होंने आईएमडीबी पर नाम चेक किया और उन्हें मैसेज किया, जिसका जवाब उन्होंने दो दिन बार मैसेज देखकर दिया. हालांकि पिता को एक्टिंग पसंद ना होने के बावजूद मां ने एक्ट्रेस की मदद की और पिता को मनाया, जिसके बाद उन्हें सोनू का रोल मिला.

बता दें, सोनू के रोल में पहले एक्ट्रेस झील मेहता और फिर निधि भानुशाली नजर आ चुकी हैं और वह फैंस के दिलों को जीत चुकी हैं. हालांकि एक्ट्रेस पलक सिधवानी को भी आज फैंस पहचानने लगे हैं और उनकी पौपुलैरिटी बेहद बढ़ गई है.

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