family story in hindi
family story in hindi
बारिश का मौसम प्रारम्भ हो चुका है, इन दिनों जगह जगह पर कॉर्न अर्थात भुट्टे के ठेले खड़े मिल जाते हैं. देशी और अमेरिकन यह दो वेरायटीज में मिलता है. देशी कॉर्न के छोटे छोटे दानों की अपेक्षा अमेरिकन कॉर्न के दाने आकार में बड़े और स्वाद में मीठे होते हैं.भुट्टे को यूं तो कोयले की आंच पर सेककर खाना श्रेष्ठतम तरीका है परन्तु इससे भांति भांति के व्यंजन भी बड़ी आसानी से बनाये जा सकते हैं. भुट्टे में फायबर, प्रोटीन, विटामिन्स तथा एंटीओक्सिडेंट भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं जिससे ये पाचन तन्त्र, आंखों और दिल को दुरुस्त रखने में सहायक होता है. आज हम आपको भुट्टे से बनने वाली रेसिपीज बनाना बता रहे हैं जिन्हें आप आसानी से बनाकर भुट्टे को अपनी डाईट में शामिल कर सकतीं हैं तो आइये देखते हैं कि इन्हें कैसे बनाया जाता है-
-चाकलेटी कार्न केक
सामग्री
कार्न के दाने 250 ग्राम
डार्क चाकलेट 100 ग्राम
मिल्क या लाइट चाकलेट 100 ग्राम
बारीक कटे बादाम 1 टीस्पून
विधि-
कार्न के दानों को उबाल कर छान लें और तीन चार घंटों के लिए सूती कपड़े पर फैला दें ताकि उनका पानी सूख जाए. अब दोनों चाकलेट को माइक्रोबेव में पिघलाकर भली भांति मिलाएं. कार्न के दाने डालकर चलाएं और बटर पेपर या सिल्वरफॉइल पर छोटे छोटे गोल केक के आकार में फैलाएं. ऊपर से कटे बादाम फैलाकर कटोरी से हल्के हाथ से दबा दें ताकि वे केक में अच्छी तरह चिपक जायें. 1 घंटे के लिए फ्रिज में सेट होने दें फिर प्रयोग करें.
-बेक्ड चीजी कार्न
सामग्री
कार्न के उबले दाने 250 ग्राम
मैदा 1 टी स्पून
दूध 1/2 कप
काली मिर्च पाउडर 1/4 टी स्पून
सॉल्टिड बटर 1 टी स्पून
नमक 1 चुटकी
चीज क्यूब 4
विधि-
बटर को पिघलाकर मैदा को हल्का भूरा होने तक भूनें. अब इसमें दूध धीरेधीरे डालते हुए भली भांति चलाएं ताकि गुठले न पड़ें. काली मिर्च और नमक डालकर पुनः चलांए. तैयार व्हाइट सॉस में उबले कार्न के दाने डालकर चलाएं. चीज को उपर से किसें और माइक्रोबेव में 5 मिनट तक कन्वेक्शन मोड में बेक करें। स्वादिष्ट बेक्ड कार्न तैयार हैं.
-कार्न विद ग्रीन ग्रेवी
सामग्री
पालक 250 ग्राम
उबले स्वीट कार्न 200 ग्राम
कटा प्याज 1 बारीक
बारीक कटे टमाटर 2
अदरक लहसुन पेस्ट 1/2 टी स्पून
घी 1 टी स्पून
बटर 1 टी स्पून
नमक स्वादानुसार
लाल मिर्च पाउडर 1/2 टी स्पून
गरम मसाला पाउडर 1/4 टी स्पून
धनिया पाउडर 1 टी स्पून
ताजी क्रीम 1 टी स्पून
विधि-
पालक को प्रेशर कुकर में 1 सीटी देकर उबाल लें. पानी निकालकर हैंड ब्लैंडर में पीस लें ध्यान रखें कि पालक को एकदम पेस्ट जैसा नहीं बनाना है. अब एक नानस्टिक पैन में घी और बटर को गर्म करके प्याज को सॉते करें. अदरक लहसुन पेस्ट, टमाटर और सभी मसाले डालकर मंदी आंच पर भूनें. जब मसाला पूरी तरह भुन जाए तो पालक प्यूरी, नमक और कार्न के दाने डालकर अच्छी तरह चलाएं. धीमी आंच पर 5 मिनट तक पकाकर गैस बंद कर दें और क्रीम डालकर ढक दें. तैयार करी को गर्मागर्म परांठों के साथ सर्व करें.
हर काम युवा जल्दबाजी में करना चाहते हैं. युवा ऊर्जा और जोश की यह खासीयत भी है कि गरम खून और उत्साह से भरी यह पीढ़ी हर काम को खुद करना जानती है. प्रेम भी युवा खुल कर करते हैं. समाज की सीमाओं से परे इन के रिश्ते दकियानूसी दौर को पार कर चुके हैं और सैक्स संबंधों के लिए किसी से परमिशन नहीं लेनी पड़ती.
एक शोध में पाया गया कि शारीरिक संसर्ग की गुणवत्ता बोझिल होने से रिश्ते बोझ लगने लगते हैं और युवा भूल जाते हैं कि असल रोमांस क्या है. आजकल युवाओं में बढ़ती थकान, दबाव या निराशा के कारण अपनी गर्लफ्रैंड के साथ सैक्सुअल रिलेशन बोझिल होते जा रहे हैं, जिस का नकारात्मक असर उन के रिश्ते पर भी दिखता है.
युवक युवती के बीच अगर सैक्स संबंधों में मधुरता है तो दोनों के रिश्तों में नई ऊर्जा का भी संचार होता है, लेकिन अगर सैक्स संबंध ही बोझिल हो चुके हैं तो रिश्ता भी बोझिल हुआ समझो. आइए, जानते हैं कि सैक्स संबंधों की बोझिलता दूर कर किस तरह युवा अपने रिलेशन में नई जान फूंक सकते हैं :
खुल कर करें इजहार
डौन युवाओं के बीच अगर सैक्स में डिजायर्स नहीं है तो रिश्ते में भी ऊष्मा नहीं आएगी. ज्यादातर युवतियां अपने साथी से संकोचवश सैक्स के बारे में अपनी फीलिंग्स छिपाती हैं, जिस के चलते उन्हें उस तरह का सैक्सुअल प्लेजर नहीं मिल पाता जिस की उन्हें चाहत होती है. मन की बात मन में ही रह जाती है. पार्टनर के सामने खुल न पाने के चलते सैक्स संबंध बोझिल लगने लगते हैं. अगर आप चाहते हैं कि रिश्तों में रोमांस का तड़का लगा रहे तो अपनी डिजायर्स पार्टनर से शेयर करें, जो अच्छा लग रहा है, उसे बताएं और बुरी फीलिंग्स को भी छिपाएं नहीं. अपने साथी के साथ हर बात शेयर करें और सैक्सुअल रिलेशन बनाते समय संकोच को किनारे कर उस का पूरा आनंद लें, आप पाएंगे कि रिश्तों की खोई ऊष्मा वापस आ रही है.
जरा जरा टचमी… टचमी…
स्पर्श प्रेम और सैक्स का सब से अहम टूल होता है. एक स्पर्श अंगअंग में गुदगुदी भर सकता है जबकि गलत तरीके से किया गया स्पर्श मन को घृणा से भर देता है. सैक्स संबंध बनाते समय अगर अपने साथी को स्पर्श करने की कला आप को आती है तो सैक्स का आनंद कई गुणा बढ़ जाता है. सैक्स ऐक्सपर्ट मानते हैं कि स्पर्श का प्यार और सैक्स से गहरा रिश्ता है. इस के पीछे वजह है कि स्किनटूस्किन कौंटैक्ट से आप का औक्सिटोसिन लैवल बढ़ेगा. इस से आप रिलैक्स महसूस करेंगी और अपने पार्टनर के और करीब जाएंगी. थोड़ा तन से छेड़छाड़ और तन से तन का स्पर्श ही कामइच्छा को जागृत करता है. स्पर्श से कामइच्छा में इजाफा होता है और संबंधों में प्रगाढ़ता आती है. पार्टनर को प्रेमस्पर्श देना सब से कारगर तरीका है. पार्टनर का मूड बनाने के लिए कान के पीछे, आंखों पर किस भी कर सकते हैं.
शरारती बातें और चाइनीज फुसफुस
सैक्स एक कला है और इस में जितने प्रयोग किए जाएं यह उतनी निखरती है. इसलिए जब भी आप सैक्स संबंध बनाएं नए प्रयोग आजमाने से हिचकें नहीं. जब भी आप को मौका मिले पार्टनर को फोन मिलाएं और रोमांटिक तथा शरारत भरी बातें करें साथ ही उन्हें हिंट दें कि शाम को जब आप दोनों की मुलाकात होगी, तो क्या सरप्राइज मिलने वाला है. इशारा सैक्स को ले कर हो तो ज्यादा मजेदार होगा. अगर और प्लेजर खोज रहे हैं तो कान में फुसफुस वाला गेम भी खेल सकते हैं. इसे चाइनीजविस्पर गेम कहा जाता है. इस खेल को कइयों ने बचपन में खेला होगा. इस में नौटी बातों का तड़का लगा कर खेलेंगे तो मजा दोगुना हो जाएगा. जब अपने पार्टनर के साथ यह खेल खेलें तो उस के कानों में कुछ सिडक्टिव बातें कहें.
माहौल हो खुशनुमा
सैक्स कहीं भी और कभी भी करने वाली क्रिया नहीं है. जिस तरह खाना बिना भूख और स्वाद के गले नहीं उतरता, बेस्वाद लगने लगता है, ठीक उसी तरह सैक्स भी जबरन या गलत मूड और माहौल में करने से बेहद नीरस लगने लगता है. जिस से कई बार रिश्ते बोझिल लगने लगते हैं. सैक्स में माहौल और मूड जरूरी फैक्टर्स हैं. पुराने समय में तरहतरह के इत्र का इस्तेमाल होता था, क्योंकि सुगंध का सैक्स से रोचक रिश्ता है. महकता बदन और मदहोश करने वाली सुगंध से सैक्स की डिजायर और बढ़ जाती है. इसलिए अपने कमरे या जहां भी सैक्स करते हैं, वहां का माहौल खुशनुमा बना लें, कमरा सजाएं. कमरे का इंटीरियर बदलें. कमरे की लाइट डिम हो और रोमांटिक म्यूजिक चला हो, फिर दिनभर की थकान दूर करने के लिए पार्टनर की मसाज करें.
रोल प्ले और साथ में बाथ
रोजरोज एक ही काम करने से उस में बोझिलता आना स्वाभाविक है. हर रिश्ता कुछ नया और एडवैंचर्स की मांग करता है. कई बार उस के लिए खुद को बदलना भी पड़ता है. सैक्सुअल रिलेशन में इसी काम को रोल प्ले भी कहते हैं. इस में कुछ फिक्शन और नौन फिक्शन किरदारों को मिला कर एक किरदार बना लें और अपने साथी के साथ सैक्स के दौरान उस किरदार में रहें. आप पाएंगे कि आप को सैक्स की कुछ अलग अनुभूति हो रही है और नया रोमांचकारी अनुभव भी मिलेगा. पार्टनर के साथ एक रोमांटिक कहानी बनाएं, दोनों रोल बांट लें और बैडरूम में रोल प्ले करें या फिर रोल निभाएं, जो आप निभाना चाहते हैं. एकदूसरे के करीब आने का यह क्रिएटिव तरीका है. साथ ही अपनी सैक्स अपील उभारने के लिए ट्रांसपेरैंट ड्रैसेज और इरोटिक लिंजरी का सहारा लेने से भी सैक्स में तड़का लगता है. सैक्स ड्राइव बढ़ाने के लिए यह भी एक नायाब तरीका हो सकता है. बाथरूम में अच्छा परफ्यूम स्प्रे करें. बाथटब में एकसाथ बाथ लें.
स्ट्रैसफ्री सैक्स, पोर्न की लत और हैल्दी फूड
युवाओं में काम की टैंशन, नौकरी का तनाव और थकान सैक्स को बेमजा करते हैं. लिहाजा, रिश्ते भी अपना आकर्षण खोने लगते हैं. इसलिए किसी भी तरह खुद को रिलैक्स करिए तभी स्वस्थ सैक्स का मजा ले सकेंगे. जब स्ट्रैसफ्री रहेंगे तभी अपने साथी की डिजायर समझेंगे और उसे सैक्स का पूरा आनंद दे सकेंगे वरना सैक्स तो होता है, लेकिन एकतरफा और अधूरा सा रहता है, जिस में एक साथी असंतुष्ट रहता है. जिस का गुस्सा उस रिश्ते को खराब भी कर सकता है. सैक्स का स्वस्थ खाने और हैल्थ से भी कनैक्शन है. वैसे तो स्वास्थ्य के लिहाज से भी यही सलाह दी जाती है. यहां भी हम यही सुझाव देंगे. यदि आप सैक्स करना चाहते हैं तो कम खाना खाएं या फिर घंटेभर पहले खाना खा लें. इस से बैड पर आप को आलस नहीं आएगा.
पोर्न की लत को ले कर सैक्स ऐक्सपर्ट्स का कहना है कि एक सीमा तक पोर्न देखना रिलेशनशिप के लिए अच्छा है. लेकिन शोध बताते हैं कि सैक्स में आती बोझिलता के चलते रिश्तों की गर्माहट खत्म हो रही है, जिस के नतीजे ब्रेकअप के रूप में सामने आ रहे हैं.
सवाल-
मैं 57 वर्षीय घरेलू महिला हूं. मेरा वजन 98 किलोग्राम और लंबाई 5 फुट 3 इंच है. मेरे घुटनों में बहुत दर्द रहता है. और्थोपैडिक सर्जन ने नी रिप्लेसमैंट सर्जरी कराने से पहले वजन कम करने की सलाह दी है. काफी प्रयासों के बाद भी मेरा वजन कम नहीं हो रहा है. डाक्टर ने मुझे बैरिएट्रिक सर्जरी कराने की सलाह दी है. क्या यह सुरक्षित सर्जरी है?
जवाब-
आप के और्थोपैडिक डॉक्टर ने सही सलाह दी है. आप को नी रिप्लेसमैंट सर्जरी कराने से पहले अपना वजन कम करना ही होगा क्योंकि वजन अधिक होने से सर्जरी कराने से भी आप को आराम नहीं मिलेगा. बैरिएट्रिक सर्जरी एक बहुत ही सुरक्षित सर्जरी है, लेकिन आप इसे किसी अच्छे अस्पताल में प्रशिक्षित डाक्टर से ही कराएं. इसे कराने के बाद जोड़ों का दर्द भी कम होगा और इस के बाद अगर आप नी रिप्लेसमैंट सर्जरी का विकल्प भी चुनेंगी तो भी अच्छे परिणाम प्राप्त होंगे.
सवाल-
मैं 32 वर्षीय कामकाजी महिला हूं. पिछले 2 वर्षों से मैं नियमित रूप से ऐक्सरसाइज कर रही हूं? लेकिन मेरा वजन कम नहीं हो रहा है. मैं जानना चाहती हूं कि खानपान की वजन कम करने में क्या भूमिका है?
जवाब-
वजन कम करने में खानपान की सब से महत्त्वपूर्ण भूमिका होती है. आप कितनी भी ऐक्सरसाइज कर लें लेकिन अगर आप अपनी कैलोरी इनटेक को नियंत्रित नहीं रखेंगी तो वजन कम कर पाना संभव नहीं होगा. दिन में 3 बार मेगा मील खाने के बजाय 6 बार मिनी मील खाएं. गेहूं के बजाय मल्टीग्रेन आटे का सेवन करें. हरी सब्जियां जैसे पालक, मेथी और सरसों खूब खाएं. एक दिन में 600 ग्राम हरी सब्जियां खाने की कोशिश करें. जितनी बार भोजन करें उतनी बार आप की थाली में एक ऐसा पकवान जरूर हो, जिस में प्रोटीन पाया जाता हो. चावल, चौकलेट, कौफी, चिप्स, मिठाई तथा फास्ट फूड के स्थान पर सादा, सुपाच्य तथा संतुलित भोजन लें. भोजन को खूब चबाचबा कर खाएं तथा हमेशा कुछ न कुछ खाते रहने से परहेज करें. रात का खाना सोने से 2 घंटे पहले कर लें.
सवाल-
मेरा 2 साल का बेटा है. उस का वजन थोड़ा ज्यादा है. मैं ने सुना है जो बच्चे बचपन में मोटे होते हैं युवा होने पर उन के मोटापे की चपेट में आने की आशंका अधिक होती है?
जवाब-
गोलमटोल बच्चे सब को बड़े प्यारे लगते हैं. दरअसल, हम छोटे बच्चों के वजन को किसी शारीरिक समस्या से नहीं बल्कि सुंदरता और स्वास्थ्य से जोड़ कर देखते हैं, लेकिन अगर नवजात शिशुओं और छोटे बच्चों का वजन सामान्य से अधिक है तो उन के महत्त्वपूर्ण अंगों और मस्तिष्क का विकास प्रभावित हो सकता है. बच्चों में मोटापे को रोकने के लिए बनाई इंडियन एकेडमी औफ पीडिएट्रिक्स की एक रिपोर्ट के अनुसार बच्चों के मोटे वयस्कों में बदलने की आशंका 70% होती है. आप अपने बच्चे के खानपान का ध्यान रखें, उसे अपने साथ वौक पर ले जाएं. जैसेजैसे उस की उम्र बढ़ती जाए उसे आउटडोर ऐक्टिविटीज में भाग लेने और नियमित रूप से ऐक्सरसाइज करने के लिए प्रेरित करें.
अगर आपकी भी ऐसी ही कोई समस्या है तो हमें इस ईमेल आईडी पर भेजें- submit.rachna@delhipress.biz सब्जेक्ट में लिखे… गृहशोभा-व्यक्तिगत समस्याएं/ Personal Problem
सेहत के लिए अखरोट के फायदे अनगिनत हैं. अखरोट भी ब्राज़ील नट, काजू, पहाड़ी बादाम और पिस्ते की ही प्रजाति से संबंध रखता है. अखरोट में ओमेगा-3 फैट की उपस्थिति के साथ ही कॉपर, मैंगनीज और बायोटिन भी उच्च मात्रा में होता है. अखरोट को पावर फूड का नाम दिया गया है क्योंकि यह शरीर का स्टेमिना बढ़ाने में मदद करता है.
अखरोट के स्वास्थ्य लाभ
1. नींद ना आने की समस्या को दूर करता है अखरोट
हमारे शरीर को समय पर पर्याप्त मात्रा में नींद की ज़रूरत होती है. मेलाटोनिन नामक होर्मोन हमारी नींद के लिए उत्तरदायी होता है, और यही मेलाटोनिन अखरोट में भी पाया जाता है. इसीलिए जिन लोगों में नींद ना आने की समस्या होती है उन्हें अखरोट के सेवन की सलाह दी जाती है.
2. अखरोट डाइट करने वालों के लिए फायदेमंद
अखरोट में फैट और कैलोरी की भरपूर मात्रा होती है, और अखरोट खाने के फायदें भी अनेक हैं इसीलिए यह डाइट करने वालों के लिए बहुत फायदेमंद होता है. शरीर को लाभ देने वाले वसा की उचित मात्रा के साथ अखरोट में ज़रूरी फाइबर और प्रोटीन भी होते हैं जो शरीर को ऊर्जा और सेहत प्रदान करते हैं.
3. एंटीऑक्सीडेंट गुणों से भरपूर अखरोट
आपको यह जानकार आश्चर्य नहीं होना चाहिए कि अखरोट एंटीऑक्सीडेंट का एक बहुत बड़ा स्रोत है. और इसमें ओमेगा 3 एसिड भी उच्च मात्रा में पाया जाता है जो सूक्ष्म कणों की वजह से शरीर को होने वाले नुकसान को ठीक करता है. यह शरीर के लिए एक ज़रूरी वसीय अम्ल है.
4. गर्भधारण करने वाली महिलाओं के लिए अखरोट
अखरोट से होने वाले स्वास्थ्य लाभ सभी के लिए समान होते हैं चाहे वह किसी भी उम्र के हों, इसीलिए बच्चों से लेकर बूढ़ों तक, सभी के लिए अखरोट खाना फायदेमंद माना जाता है. विटामिन B समूह के अंतर्गत आने वाले तत्व जैसे राइबोफ्लेविन, थाइमिन आदि की उपस्थिति भी अखरोट की गिरियों में पाई जाती है जो गर्भवती महिलाओं की सेहत और उनके गर्भस्थ शिशु के विकास के लिए बहुत ज़रूरी और लाभकारी होता है. इसीलिए प्रेग्नेंट महिलाओं को अखरोट का सेवन करना चाहिए.
5. कोलेस्ट्रॉल को कम करता है अखरोट
अखरोट में ओमेगा 3 की उपस्थिति ही शरीर में कोलेस्ट्रॉल के स्तर को कम करने में सहयोग देती है. और इसके अलावा पित्ताशय को ठीक रख उसे सुचारु रूप से कार्य करने में भी मदद देती है. इस प्रकार आप देख सकते हैं कि अखरोट सेहत के लिए गुणों का खज़ाना है.
6. अखरोट के सेवन से ब्रेस्ट कैंसर से बचाव
नियमित रूप से अखरोट का सेवन कई बीमारियों से बचा सकता है. रोजाना अखरोट खाने से शरीर को पर्याप्त मात्रा में फाइटोस्टेरॉल और एंटीऑक्सीडेंट्स मिलते हैं जो ब्रेस्ट कैंसर से बचाव के लिए ज़रूरी होते हैं. इस तरह अखरोट का नियमित सेवन करने से आप ब्रेस्ट कैंसर जैसी भयावह बीमारी से बच सकते हैं.
7. दिल को स्वस्थ रखता है अखरोट
अखरोट हृदय को रोगों से बचाता है. अखरोट को ऐसे ही बिना किसी सैचुरेटेड फैट वाली चीज़ के साथ खाएं. यह आपके दिल को बीमारियों से बचाने में भी मदद करता है. इसमें मौजूद शरीर के लिए सेहतमंद वसीय अम्ल आपके दिल को सेहतमंद बनाते हैं. अपने दिल की हिफ़ाजत के लिए अखरोट को रोजाना अपने आहार में शामिल करें.
8. अखरोट खाने से होता है तनाव कम
उच्च रक्त चाप का मुख्य और सबसे बड़ा कारण तनाव है. तनाव ही आपके ब्लड प्रेशर को बढ़ा कर परेशानियाँ पैदा कर देता है. अनेक तरह की शारीरिक और मानसिक समस्याएँ तनाव को बढ़ाने में मदद करते है. अखरोट को तनाव कम करने वाला आहार माना जाता है, और कई शोधों में इसे सिद्ध भी किया जा चुका है. अतः अखरोट के लाभ अनन्य और बहुमूल्य हैं, इसका आपको नियमित सेवन करना चाहिए.
भारत के गुरु, स्वामी, धर्माचार्य, महंत, पंडित, पुजारी इस मामले में अमेरिकी तरहतरह के चर्चों में पादरियों, प्रिस्टों, बिशपों, पेस्टरों से बेहतर हैं. भारत में शायद ही किसी पर सैक्सुअल ऐब्यूज करने का आरोप लगता हो पर अमेरिका के दक्षिण में चर्च के एक संप्रदाय साउदर्न बैपटिस्ट कनवैंशन के पास 2000 से 2019 तक के 700 चर्चों के पादरियों पर लगाए गए आरोपों की लंबी लिस्ट है.
वर्षों से साउदर्न बैपटिस्ट कनवैंशन चर्च इस लिस्ट में नए नाम जरूर जोड़ता रहा है पर इसे पब्लिक होने से रोकता रहा है. मई, 2022 में जब यह रिपोर्ट लीक हो गई और इस लिस्ट के चेहरे टीवी स्क्रीनों पर दिखने लगे तो चर्च ने माना कि इन लोगों ने सैकड़ों लोगों की जिंदगियों से खेला है और साउदर्न बैपटिस्ट कनवैंशन चर्च इन पादरियों के गुनाहों के शिकारों को कुछ न्याय दिलाने का वादा करता है. विदेशी चर्च को भारत में एक सम?ा जाता है जबकि विदेशों में चर्च सैकड़ों टुकड़ों में बंटा है, ठीक वैसे ही जैसे हमारे यहां हर मंदिर, हर आश्रम, हर मठ अपने एक गुरु या संप्रदाय की निजी संपत्ति होता है. न चर्च, न गुरुद्वारे, न बौद्ध मठ, न मंदिर किसी एक सत्ता के अंग हैं.
वे सब अलगअलग अस्तित्व रखते हैं और सब के पास अपार संपत्ति है और धर्म की गाड़ी ईश्वर नहीं वह पैसा चलाता है जिसे भक्त दान करते हैं. चर्च या धर्म की हर दुकान में काम करने वालों को सैक्स सुख पाने का अवसर खास दूसरा मोटिव होता है. कैलिफोर्निया के इस चर्च में कम से कम 700 लोगों पर दोष लगाया जा चुका है और जब से यह भंडाफोड़ हुआ है, नए नाम जुड़ रहे हैं. चर्च की चर्चा इसलिए की जा रही है कि भारत में धर्म की दुकानें आमतौर पर इन आरोपों से मुक्त रहती हैं.
हमारे भक्त अमेरिकी भक्तों से ज्यादा भक्तिभाव रखते हैं और अपने पंडितों, स्वामियों, गुरुओं के खिलाफ ज्यादा बोलते नहीं हैं. आसाराम बापू जैसे इक्कादुक्का मामलों में सजा हुई है पर आमतौर पर अगर मामला अदालत में चला जाता भी है तो जज या तो घबरा कर उसे टालते रहते हैं या फिर मामले में पूरे सुबूत नहीं हैं कह कर बंद कर देते हैं.
सैक्सुअल ऐब्यूज पर हर तरह के धर्म लाखों डौलर के सम?ौते हर साल आजकल कर रहे हैं. पीडि़तों को वे कहते हैं कि भगवान के काम में ज्यादा दखलंदाजी न करो, मरने के बाद ईश्वर को क्या जवाब दोगे? भक्त जो ईश्वर की काल्पनिक भक्ति में अगाध विश्वास रखता है आमतौर पर चुप रहता है. चर्च के पादरियों के सैक्सुअल ऐब्यूज का उस के पास वही उत्तर होता है जो एक हिंदू के पास है- ईश्वर सब देखता है, ईश्वर सब पापों का दंड खुद देगा. धर्म ने हर तरह के दुकानदारों, भक्तों को इस तरह भ्रमित कर रखा है कि वे संतों, महंतों, पादरियों, मुल्लाओं की हर ज्यादती को वरदान सम?ाते हैं.
वे तनमन और धन से की जाने वाली सेवा में तन से की जाने वाली सेवा का कोई अवसर नहीं छोड़ना चाहते. जिन गुनाहों पर सैक्युलर सरकार और कानून गुनहगारों को जेल में डाल देता है, उसी को धर्म केवल पाप कहता है और या तो प्रायश्चित्त करवाता है या फिर कह देता है कि न्याय मरने के बाद ईश्वर की अदालत में होगा. जब गुनहगार ईश्वर का अपना एजेंट हो तो कौन सा कानून उसे सजा देगा यह अमेरिका में स्पष्ट है, भारत में भी.
वह जमाना गया जब मांएं घर का कामकाज और बच्चों की देखरेख ही करती थीं. जैसेजैसे टाइम ऐडवांस होता जा रहा है, वैसेवैसे ही मांएं भी सुपर ऐडवांस होती जा रही हैं. खुद को प्रोफैशनली स्टैंड करने के साथसाथ आज की मांएं अपने लुक्स में भी चेंज ला रही हैं. आज हर मां अपनी उम्र से यंग दिखना चाहती है. ऐसी ही सुपर मौम्स के लिए पेश हैं, कुछ खास ग्रूमिंग व मेकअप टिप्स, जिन पर गौर फरमा कर न केवल खूबसूरत, बल्कि यंग भी दिखेंगी:
फेस मेकअप
मेकअप की परफैक्ट शुरुआत के लिए सब से पहले फेस पर प्राइमर का इस्तेमाल करें. इस के अंदर सिलिकौन होता है, जो चेहरे की फाइन लाइंस व रिंकल्स वाली जगह को भर देता है. चूंकि मेकअप करने के बाद ऐजिंग साइन ज्यादा दिखाई देते हैं, इसलिए उन्हें मेकअप से पहले फिल करना जरूरी है. डीडी यानी डैमेज डिफाइंग क्रीम से चेहरे को स्मूद टैक्सचर दें. इस क्रीम में शामिल विटामिन और मिनरल्स स्किन को रिंकल्स से बचाते हैं अगर चेहरे पर कोई मार्क्स या स्कार्स है, तो उसे लिक्विड कंसीलर की मदद से कवर करें. आई मेकअप से पहले चेहरे पर लूज पाउडर लगा कर फेस मेकअप फिक्स करें. फेस के फीचर्स को हाइड नहीं, बल्कि हाईलाइट करें. इस के लिए चीकबोंस के ऊपर, आईब्रोज के नीचे और ब्रिज औफ द नोज पर हाईलाइटर का इस्तेमाल करें और चीकबोंस पर क्रीम बेस्ड ब्लशऔन लगाएं. यह स्किन को हाइड्रेट तो करेगा ही, साथ ही मेकअप पर ग्लो भी लाएगा.
ब्यूटी रेजीम
स्किन की इलास्टिसिटी और फ्लैक्सिबिलिटी को बनाए रखने के लिए 2-3 माह में 1 बार कोलोजन मास्क जरूर लगवाएं. यह त्वचा में कसाव लाता है और उसे साइन औफ ऐजिंग के प्रभाव से भी बचाता है. रात को चेहरा धोने के बाद एएचए क्रीम का इस्तेमाल जरूर करें. इस उम्र में लगभग 20 से 25 दिनों के अंतराल पर अपनी स्किन के मुताबिक फेशियल जरूर लें. 40 साल की उम्र के बाद त्वचा में नमी की कमी होने लगती है, इसलिए इस उम्र में मौइश्चराइजर बेस्ड ब्यूटी व स्किन केयर प्रोडक्ट्स का ही इस्तेमाल करें. घरेलू उपाय के तौर पर चिरौंजी को कुछ देर दूध में भिगो कर फिर दरदरा पीस लें. अब इस पेस्ट में 1/2 चम्मच मुलतानी मिट्टी और 1/2 चम्मच चंदन पाउडर मिला कर चेहरे पर लगाएं. 15 मिनट तक लगाए रखने के बाद चेहरे को धो लें. यह एक अच्छा नरिशिंग पैक है. इस से त्वचा में चमक एवं ताजगी आ जाएगी.
बेसिक रूल्स फौर मेकअप
यों तो रूल्स को फौलो करने की कोई उम्र नहीं होती, लेकिन उम्र के अनुसार मेकअप रूल्स अपनाने के तरीके जरूर बदल जाते हैं. 40 साल की उम्र के बाद त्वचा अधिकतर ड्राई होने लगती है, इसलिए क्लींजिंग के लिए केवल नरिशिंग क्लींजिंग मिल्क या फिर क्लीजिंग क्रीम का इस्तेमाल करना चाहिए. क्लींजिंग क्रीम त्वचा को रूखा किए बिना गहराई तक क्लीन करेगी. बढ़ती उम्र की निशानियों में बेहद कौमन समस्या है ओपन पोर्स. समय के साथ पोर्स बढ़ जाते हैं. इन पोर्स को मिनिमाइज करने के लिए क्लींजिंग के बाद टोनिंग जरूर करें. मौइश्चर की कमी से चेहरे पर रिंकल्स दिखाई दे सकती हैं, इसलिए स्किन पर मौइश्चराइजर की परत जरूर लगाएं. सूर्य की हानिकारक किरणें न केवल त्वचा को टैन्ड करती हैं, बल्कि उन में उपस्थित यूवीए रेज से त्वचा में झुर्रियां, ब्राउन स्पौट्स आदि भी दिखाई देने लगते हैं. इसलिए धूप में निकलने से पहले सनस्क्रीन लगा कर स्किन को इन रेज से प्रोटैक्ट करें.
आई मेकअप
आई मेकअप के लिए शिमर, ग्लिटर्स और बहुत ज्यादा लाउड शेड्स का इस्तेमाल न करें, क्योंकि इन से रिंकल्स और भी ज्यादा रिफलैक्ट होती हैं. आईशैडो के लिए सौफ्ट पेस्टल शेड्स का इस्तेमाल कर सकती हैं. त्वचा में कुदरती नमी और लचीलेपन में कमी आने के कारण आंखें पहले से थोड़ी छोटी हो जाती हैं. ऐसे में लिक्विड आईलाइनर के बजाय पैंसिल आईलाइनर या फिर आईलैश जौइनर का इस्तेमाल करना ठीक रहता है. आईलाइनर की एक पतली लाइन लगा कर स्मज कर लें और ध्यान रखें कि वह ड्रूपिंग न हो, बल्कि ऊपर की ओर उठी हुई हो.
एक उम्र के बाद आईब्रोज नीचे की तरफ झुकने और हलकी होने लगती हैं. ऐसी आंखों को उठाने के लिए आईपैंसिल की मदद से आर्क बना लें और अगर आर्क बना हुआ है, तो उसे पैंसिल से डार्क कर लें. इस से आंखें उठी हुई और बड़ी नजर आएंगी. आईलैशेज पर वौल्यूमाइजिंग मसकारे का डबल कोट जरूर लगाएं. इस उम्र तक आतेआते लगभग सभी की आंखें छोटी होने लगती हैं, इसलिए वाटरलाइन पर व्हाइट पैंसिल लगाएं, क्योंकि इस से आंखें बड़ी नजर आती हैं. हां, चाहें तो लोअरलिड पर ब्लैक लाइनर भी लगा सकती हैं.
लिप मेकअप
होंठों पर ब्राइट शेड की लिपस्टिक लगा कर ज्याद यंग दिख सकती हैं. यदि आप के होंठ पतले हो गए हैं, तो उन्हें ब्राइट शेड के लिपलाइनर से आउटलाइन करें और लिप प्लंपर का इस्तेमाल करें. ऐसा करने से लिप्स पौउटी नजर आएंगे. इस के बाद लिपलाइनर से मैच करती ब्राइट शेड की लिपस्टिक से लिप्स को फिल करें.
– भारती तनेजा डायरैक्टर औफ एल्पस ब्यूटी क्लीनिक ऐंड ऐकैडमी
‘‘10 साल पहले जो यूएस एक प्रोजैक्ट के सिलसिले में गया तो अब वापस आया हूं. घर में पहले भी मेरा ही राज रहता था और अभी भी मेरा ही है. फिलहाल 4 साल के लंबे प्रोजैक्ट पर इंडिया में ही हूं. 4 साल बाद देखा जाएगा कहां क्या करना है,’’ उत्तर देते हुए अमजद ने बड़ी सफाई से अपने परिवार के सदस्यों की बात को गोल कर दिया.
तभी बैरा आ कर कौफी रख गया. कौफी पीतेपीते दोनों कालेज के दिनों की मीठी
यादों में मानो खो से गए. उस समय की बातों
को याद कर के कितनी ही देर तक दोनों हंसते रहे. बातें करतेकरते कब 11 बज गए पता ही
नहीं चला.
जैसे ही प्रणति ने घड़ी देखी तो चौंक गई, ‘‘ओह इतना टाइम हो गया. अब मैं चलती हूं.’’
‘‘अभी भी तुम समय देख कर घबरा जाती हो. क्या आज भी पहले की तरह तुम्हें अधिक समय हो जाने पर घर में डांट पड़ती है?’’
‘‘अरे पगले घर में बैठा कौन है जो मुझे डांटेगा,’’ प्रणति हंसते हुए बोली.
‘‘यदि तुम चाहो तो हम आगे भी मिल सकते हैं,’’ अमजद ने कुछ हिचकते हुए कहा.
‘‘कल संडे है तो थोड़ा बिजी रहूंगी घर के कामों में, परसों मिलते हैं.’’
‘‘ठीक है मंडे इसी समय इसी जगह,’’ कह कर वह कार स्टार्ट कर के घर आ गई. घर आ कर भी उस के कानों में अमजद की बातें ही गूंजती रहीं. पहली बार उसे इतनी गहरी नींद आई कि रात की सोई आंख दूध वाले के द्वारा बजाई घंटी से सुबह 8 बजे ही खुली. दूध फ्रिज में रख कर वह खिड़की के परदे हटा हाथ में चाय का कप ले कर खिड़की से सटे सोफे पर आ बैठी. परदे से छन कर आ रही धूप ने चाय का मजा दोगुना कर दिया था. चाय पीतेपीते उसे अमजद से अपनी पहली मुलाकात याद आ गई…
उस दिन उस के कालेज का पहला दिन था. खाली पीरियड होने के कारण वह लाइब्रेरी में जा बैठी थी. वह एक अंगरेजी नौवेल में डूबी थी कि तभी उस के कानों में कोई पुरुष स्वर पड़ा, ‘‘मेम इफ यू हैव एन ऐक्स्ट्रा पैन दे न प्लीज गिव मी.’’
‘‘यस प्लीज,’’ कह कर उस ने एक पैन उस की ओर बढ़ा दिया. उस के बाद तो कालेज में मुलाकातों का सिलसिला बढ़ता ही गया. अमजद उस की ही विधा का 1 साल सीनियर छात्र था और नोट्स के आदानप्रदान से प्रारंभ हुआ यह सिलसिला कब प्यार में बदल गया. दोनों को ही पता नहीं चला. स्नातकोत्तर करने के बाद इंदौर में ही रह कर अमजद ने बैंकिंग की तैयारी की और प्रथम प्रयास में ही बैंक की परीक्षा पास कर के अधिकारी बन गया. वहीं प्रणति के मातापिता का सपना उसे एक पीसीएस अधिकारी बनाने का था सो अपने मातापिता का सपना पूरा करने के लिए वह पीसीएस की तैयारी में जुट गई.
आश्चर्यजनक रूप से उसे भी प्रथम प्रयास में ही वह म.प्र. लोक सेवा आयोग की परीक्षा पास कर के पंचायत विभाग में डिप्टी डाइरैक्टर बन गई. मातापिता के साथसाथ उस की खुशी का भी कोई ठिकाना नहीं था. रिजल्ट आने के बाद अपनी सफलता की सूचना सर्वप्रथम उस ने अमजद को कालेज के पास ही एक पार्क में मिल कर दी थी.
उस की सफलता पर खुश होते हुए अमजद बोला था, ‘‘कौंग्रेट्स माई लव, यदि आप की इजाजत हो तो यह बंदा कुछ अर्ज करना चाहता है.’’
‘‘इजाजत है, इजाजत है.’’
‘‘अब जबकि हम दोनों ही सैटल हो गए हैं तो क्या आप हमारी शरीके हयात बनना पसंद करेंगी?’’ अमजद ने पास ही लगे एक सुर्ख गुलाब को तोड़ कर उस की ओर बढाते हुए कहा.
अमजद के इस नायाब और खूबसूरत प्रपोज करने के तरीके से वह शरमा गई और फिर खुश होते हुए बोली, ‘‘हां हमें मंजूर है.’’
फिर अमजद ने कुछ गंभीर स्वर में कहा, ‘‘तुम्हें क्या लगता है तुम्हारे मातापिता इस विवाह के लिए तैयार होंगें क्योंकि आज भारतीय समाज ने काफी लंबे समय के बाद विवशतावश अंतर्जातीय विवाह को तो स्वीकार कर लिया है परंतु हमारा विवाह अंतर्धमीय है जिसे आज राजनीति में लव जिहाद की संज्ञा दी जाती है और जिस के लिए हमारी सरकारों ने कानून बना रखे हैं. दरअसल, जब बात हिंदूमुसलमान की आती है तो लोंगों को प्रेम जैसी पवित्र भावना में भी धर्म की बू आने लगती है, जबकि दुनिया के प्रत्येक धर्म में प्यार को एक पवित्र भावना ही माना गया है और प्यार कभी जातिधर्म को देख कर नहीं किया जाता बल्कि स्वत: हो जाता है और 2 प्रेमियों की इस पवित्र भावना के बीच सरकार और कानून का क्या काम? तुम्हारे मातापिता इस बारे में क्या सोचते हैं यह तो मुझे नहीं पता पर वे हमें सहज रूप से स्वीकार करेंगें इस में संदेह अवश्य है.’’
‘‘अरे नहीं अमजद मेरे मातापिता काफी उदार विचारों वाले हैं. उन्होनें आज तक मेरी किसी बात को टाला नहीं हैं. मुझे नौकरी करने और अपने तरीके से जीने की पूरी आजादी दी है. मेरे पिताजी एक सरकारी अधिकारी के पद से रिटायर हैं और नौकरी के दौरान कई जगहों पर आनेजाने से वे काफी खुले विचारों वाले हैं. मां भी कालेज में प्रोफैसर और बहुत आधुनिक खयाल वाली हैं. अपनी इकलौती बेटी की भावनाओं की उन्होंने हमेशा कद्र की है, इसलिए मुझे उन की सोच पर पूरा विश्वास है,’’ प्रणति ने अपने मातापिता की ओर से आश्वस्त होते हुए कहा.
‘‘मेरे परिवार में हम 2 भाईबहन ही हैं. दीदी ने भी अपनी पसंद से ही विवाह किया है तो शायद मुझे कोई परेशानी नहीं होगी फिर मेरे मातापिता बहुत अधिक सीधेसादे और उदार हैं. वे मेरे मातापिता कम दोस्त अधिक हैं… उन्हें मैं पहले भी कई बार तुम्हारे बारे में बता चुका हूं,’’ अमजद ने खुश होते हुए कहा.
उस दिन दोनों पार्क की बैंच पर एकदूसरे के हाथ में हाथ डाले घंटों भविष्य के सुनहरे सपने बुनते रहे. उस की सफलता की खुशी में पापा ने अपने करीबी दोस्तों और रिश्तेदारों की एक पार्टी रखी थी. जब पार्टी के सभी लोग चले गए तो मम्मीपापा खुश होते हुए उस के पास आए और पापा उस के सिर पर हाथ रख कर बोले, ‘‘बेटा हमें तुम पर बहुत गर्व है… तुम ने हमें समाज में वह मान दिलाया जो आजकल के लड़के भी नहीं दिला पाते. बस अब तुम्हारे हाथ पीले करने की ही बारी है.’’
‘‘पापा वह मैं…’’ कह कर उस ने भी अमजद के बारे में मम्मीपापा को बताना चाहा पर तभी पापा बोले, ‘‘अरे, हां कल मेरे कलीग कर्नल सिंह अपने परिवार के साथ तुम से मिलने आ रहे हैं… उन का बेटा सेना में मेजर है. अगर बात बन जाए तो इस जिम्मेदारी से भी मैं मुक्त होना चाहूंगा.’’
कर्नल सिंह और मेजर जैसे शब्दों ने उस के कानों
में घमासान मचा दिया उसे लगा यदि अभी अमजद के बारे में मम्मीपापा को नहीं बताया तो बहुत देर हो जाएगी. सो उस ने हिम्मत कर के बैडरूम से बाहर जाते मम्मीपापा को आवाज लगाई, ‘‘मांपापा मेरी बात सुनिए. मैं अमजद नाम के एक लड़के से प्यार करती हूं और उसी से शादी करूंगी,’’ एक सांस में अपनी बात कह कर वह उन की प्रतिक्रिया का इंतजार करने लगी.
प्रणति की बात सुनते ही पापा के कदम रुक गए उन की आंखों में क्रोध की ज्वाला दहकने लगी, वे मुड़ कर बोले, ‘‘क्या कहा बेटा एक बार फिर से कह मैं ठीक से सुन नहीं पाया.’’
‘‘प्रणति ने साहस कर के वही बात दोहरा दी. जब तक वह कुछ और सोचसमझ पाती उस के गाल पर एक तमाचा और उस के कानों में पापा का स्वर पड़ा, ‘‘क्षत्रिय समाज के अध्यक्ष रिटायर्ड एसडीएम रूपसिंह की बेटी एक मुसलमान से प्यार कर के उसे दिल बैठी है और हम से उम्मीद करती है कि हम उस की शादी कर दें. तो कान खोल कर सुन ले बेटी. यह सही है कि हम ने तुझे पूरी छूट दी है पर इस का मतलब यह बिलकुल नहीं कि शादी करने की आजादी भी तुम्हें मिल गई. मेरी बेटी का विवाह मेरी मरजी से मेरे चुने लड़के से अच्छे कुल और खानदान में होगा. कल चुपचाप तैयार हो जाना सुबह 11 बजे कर्नल अपनी पत्नी और बेटे के साथ आ जाएंगे,’’ अपना तुगलकी फरमान सुना कर मांपापा उसे वहीं रोता छोड़ सोने चले गए.
इन दिनों टीवी इंडस्ट्री में चर्चाएं गर्म हैं कि यश और ममता पटनायक के जल्द प्रसारित होने वाले नए टीवी सीरियल ‘‘चन्ना मेरेया’’ में ‘लव ने मिला दी जोड़ी’ व ‘मिले जब हम तुम’ फेम अभिनेत्री परमीत चैहान एक युवा बेटे की मां का किरदार निभाते हुए नजर आने वाली हैं. मगर असनी माजरा कुछ और ही है. इस सच के बारे में बात करते हुए अभिनेत्री परमीत चैहान अति उत्साह के साथ कहती हैं-‘‘ मैं अपने बेटे के साथ स्क्रीन पर साझा किए गए रिश्ते से प्यार करती हूं. देखिए,इस सीरियल का शीर्षक सुनते ही मेरे दिमाग में जो शब्द आते हैं, उसके अनुसार यह एक गहरी प्रेम कहानी है और आत्मा साथी है.
मैं इस सीरियल के फ्लैशबैक संस्करण में नायक की मां की भूमिका निभा रही हूं. यानी कि नायक के युवा होने से पहले ही मेरे किरदार की मृत्यु हो जाती है. जी हॉ! मेरे किरदार की मृत्यू तब हुई थी,जब नायक सिर्फ एक छोटा लड़का था. वह एक गर्मजोशी से प्यार करने वाली मां थी,जिसने कभी नहीं दिखाया कि उसके अपने भीतर क्या चल रहा है. मुझे लगता है कि मैं इस मायने में बहुत अलग हूं, मैं भावनात्मक रूप से अभिव्यंजक हूं. इस सीरियल में अभिनय करने का अनूठा अनुभव है. नायक और उसकी माँ के बीच का रिश्ता दिल को छू लेने वाला है. ’’
परमीत चैहान आगे कहती हैं-‘‘सीरियल ‘चन्ना मेरेया’ में कई बड़े कलाकारों का समावेश है. मैने तो अब तक नायक यानी कि आदित्य के बचपन का किरदार निभा रहे कलाकार के साथ ही शूटिंग की है. वह एक प्यारा बच्चा है. दूसरों के साथ भी काम करने की उम्मीद है. मैं पहली बार यश सर और ममता मैम के साथ काम कर रही हूं. मैं बहुत उत्साहित हूं. ’’
अभिनेत्री का मानना है कि अब दर्शक विकसित और बुद्धिमान हो चुका है. उसे कहानी की समझ हो चुकी है. वह अब टीवी पर भी कुछ हटकर रोचक कहानियंा देखना चाहते हैं. वह मानवीय संबंधों को विभिन्न रूपों में देखना चाहते हैं और यह सब कुछ सीरियल ‘चन्ना मेरेया’ में नजर आने वाला है. वैसे अब टीवी इंडस्ट्री में बड़ी तेजी से बदलाव आ रहा है. प्रतिस्पर्धा जबरदस्त है. अब कलाकारों पर भी अच्छी परफार्मेंस देने का दबाव बढ़ गया है. इससे अब अच्छे विषयों पर काम होने लगा है. मुझे लगता है कि हमारे दर्शकों को एक ऐसी कहानी की जरूरत है जिसे वे हर दिन देख सकें. दर्शक हमारी कहानियां जीते हैं. यह उनके लिए व्यक्तिगत है. ’’
टीवी एक्ट्रेस और कौमेडियन भारती सिंह अपनी प्रैग्नेंसी और काम को लेकर सुर्खियों में रही हैं. हालांकि बेटे के जन्म के बाद भी एक्ट्रेस ने अपने बेटे लक्ष्य का चेहरा फैंस से छिपाकर रखा था. लेकिन अब बेटे के 3 महीने पूरे होने पर एक्ट्रेस ने उसकी फोटोज और वीडियो की झलक फैंस को दिखा दी है. आइए आपको दिखाते हैं भारती सिंह के बेटे का चेहरा…
3 महीने का हुआ लक्ष्य
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भारती सिंह और उनके पति हर्ष लिंबाचिया ने अपने बेटे की पहली फोटो और वीडियो फैंस को दिखाई है. दरअसल, एक्ट्रेस अपने यूट्यूब चैनल के जरिए बेटे लक्ष्य के 3 महीने पूरे होने की पार्टी की झलक फैंस को दिखाई है. वहीं इसमें भारती और उनके पति हर्ष मस्ती करते हुए नजर आ रहे हैं और बेटे पर खूब प्यार लुटा रहे हैं.
करीना कपूर के बेटे से हुई तुलना
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स्टारकिड्स की क्यूटनेस का हर कोई कायल है. वहीं करीना कपूर के बेटे जेह और तैमूर की क्यूट फोटोज सोशलमीडिया पर छाई रहती हैं. हालांकि भारती सिंह के फैंस उनके बेटे लक्ष्य को दोनों से ज्यादा क्यूट बता रहे हैं, जिसके चलते फोटोज सोशलमीडिया पर तेजी से वायरल हो रही हैं.
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डिलीवरी के बाद काम पर लौटीं भारती
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3 अप्रैल 2022 को बेटे लक्ष्य को जन्म देने वाली भारती सिंह अपनी डिलीवरी के कुछ दिन बाद ही काम पर लौट गई थीं, जिसके चलते उन्होंने बहुत सुर्खियां बटोरी थीं. वहीं फैंस ने उनके काम की तरफ इस बिहेवियर की काफी तारीफ भी की थी. हालांकि कुछ दिनों पहले सोशलमीडिया पर फेक न्यूज थी कि एक्ट्रेस की बुरी तबीयत खराब हो गई है, जिसके कारण वह अस्पताल में एडमिट हो गई है. हालांकि सोशलमीडिया के जरिए एक्ट्रेस ने इन खबरों को अफवाह बताया था, जिसके बाद फैंस को तसल्ली हुई थी.