5 Tips: अपने गुस्से को करें काबू

क्रोध एक सामान्य, स्वस्थ भावना है, और हम सभी को तमाम मौकों पर गुस्सा आता है. लेकिन, जब यह नियंत्रण से बाहर है, यह आपके मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य के साथ-साथ आपको अपनों के साथ रिश्तों को भी नुकसान पहुंचा सकता है.

गुस्सा दिल के दौरे, स्ट्रोक, ब्लड प्रेशर के खतरे को बढ़ा सकता है. जो भी वयक्ति गुस्से का शिकार होता है वो सामाजिक मेलजोल में भी पिछडा़ रहता है.

जो लोग गुस्सा ज्यादा करते हैं उनके लिए ये कुछ टिप्स हैं जिनसे आप अपने गुस्से को काबू में रख सकते हैं-

1. कुछ भी बोलने से पहले अपने विचारों पर ध्यान दें क्योंकि हो सकता कि आपकी बात से किसी को गुस्सा आ सकता है.

2. अपने गुस्से के संकेतों को पहचानें. जब आप गुस्से में होते हैं तो आफके दिल की धड़कन तेज हो जाती है, और आप अधिक तेजी से सांस लेते हैं, इन चुनौतियों पर काबू पाने के लिए प्रयास करें.

3. यदि बहुत गुस्से में हों तो 10 या उससे आगे की गिनती गिनें इससे ये फायदा होगा कि आपका गुस्सा शांत हो जाएगा या उसकी तीव्रता कम हो जाएगी.

4. जब आप एक सकारात्मक गैर टकराव के रास्ते में अपने गुस्से का इजहार कर रहे होंगे तो आप दूसरों को चोट पहुंचाए बिना स्पष्ट रूप से अपनी निराशा व्यक्त करने में मददगार रहेंगे.

5. धीरे-धीरे सांस लें और आराम करें. तीन से चार बार सांस लें और सांस छोड़ें, जब आप सांस लें फिर आप 3 तक गिनें फिर 3 सेकेंड तक सांस को होल्ड करें फिर जब सांस छोड़ें तो 3 तक गिनें ऐसा करने से आप गुस्से को मात देने में काफी हद तक कामयाब रहेंगे.

6. रोज रात में पर्याप्त नींद लें. क्योंकि नींद पूरी ना होने का स्थिति में आप तमाम समस्यायों से ग्रसित हो सकते हैं. रात की अच्छी नींद आपके मूड को सुधार सकती है और गुस्से को कम कर सकती है.

Monsoon Special: इस बारिश के मौसम में कहिए ‘आमची मुंबई’

वैसे तो मुंबई में मॉनसून सीजन की शुरुआत जून में ही हो जाती है लेकिन इसका असर अगस्त-सितंबर तक रहता है. इस दौरान मुंबई के मौसम का बदलाव आपके अंदर एक नई ताजगी भर देता है.

1. मरीन ड्राइव

भारत की आर्थिक राजधानी मुंबई के मरीन ड्राइव का इतिहास बहुत ही पुराना है. कॉनक्रीट से बने इस सड़क का निर्माण 1920 में हुआ. समुद्र के किनारे तीन किलोमीटर के क्षेत्र में बनी यह सड़क दक्षिण मुंबई की खूबसूरती का केंद्र है. मानसून के मौसम में यहां आना हर किसी के लिए यादगार सपने जैसा होता है. इस मौसम में दुनियाभर के अधिकतर पर्यटक मरीन ड्राइव पर चहल-कदमी करते नजर आते हैं. यहां का खास आकर्षण समुद्र की उठती-गिरती लहरें हैं जो लोगों को खूब लुभाती हैं. मरीन ड्राइव, नरीमन प्वाइंट से लेकर चौपाटी से होते हुए मालाबार हिल तक के क्षेत्र में है. आप मुंबई की लोकल ट्रेन पकड़कर इस जगह का लुत्फ उठा सकते हैं.

2. गेटवे ऑफ इंडिया

मुंबई को जिस ऐतिहासिक स्मारक के लिए सबसे अधिक जाना जाता है वह है गेटवे ऑफ इंडिया. यह स्मारक दक्षिण मुंबई के अपोलो बन्दर क्षेत्र में अरब सागर के बंदरगाह पर स्थित है. ब्रिटिश राज के दौरान निर्मित यह स्मारक हमेशा से ही पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र रहा है. वैसे तो यहां पूरे साल भीड़ रहती है लेकिन मॉनसून के दौरान इस जगह पर लोगों की खासी हलचल देखी जा सकती है. गेटवे ऑफ इंडिया पहुंचने के लिए आपको चर्च गेट रेलवे स्टेशन पर उतरना होगा.

3. हाजी अली दरगाह

मुंबई में सबसे ज्यादा देखी जाने वाली जगहों में हाजी अली की दरगाह भी है. इसी दरगाह में सैयद पीर हाजी अली शाह बुखारी की मजार है जिसकी स्थापना 1431 में की गई थी. हाजी अली की दरगाह मुंबई के वरली तट के निकट स्थित एक छोटे से टापू पर स्थित है जिसकी खूबसूरती का नजारा दूर से भी देखा जा सकता है. यहां पहुंचने के लिए आपको मुंबई के लोकल ट्रेन से महालक्ष्मी मंदिर के रेलवे स्टेशन पर उतरना होगा.

4. वरली सी-फेस

जब मॉनसून अपने चरम पर होता है उस समय वरली सी-फेस का माहौल देखते ही बनता है. यहां का हाई टाइड पर्यटकों को अपनी ओर खींचता है. आप यहां ट्रेन या बस से आराम से पहुंच सकते हैं.

5. जुहू बीच

बांद्रा से लगभग 30 मिनट की दूरी पर स्थित जुहू बीच मुंबई शहर का सबसे प्रसिद्ध तट है. यह जगह मुंबई और बाहर से आने वाले पर्यटकों के लिए पहली पसंद है. यह जगह पाव भाजी के लिए पूरे विश्वभर में विख्यात है. मानसून के दिनों में इस जगह पर लोगों की खासी भीड़ देखी जा सकती है. मानसून में जुहू के टॉप होटल पर्यटकों को कई तरह की छूट भी देते हैं. मुंबई के लोकल ट्रेन से बांद्रा वेस्ट रेलवे स्टेशन पहुंचकर आप इस जगह से रूबरू हो सकते हैं.

GHKKPM: सई को मिली सरोगेट मदर, पाखी बनाएगी नया प्लान

सीरियल गुम हैं किसी के प्यार में (Ghum Hai Kisi Ke Pyaar Mein) की कहानी जहां दर्शकों की दिलचस्पी बढ़ा रही है तो वहीं मेकर्स ट्रोलिंग का सामना करते नजर आ रहे हैं. हाल ही में भवानी के सई को बांझ कहने के चलते मेकर्स सोशलमीडिया पर ट्रोल हुए थे. हालांकि ट्रोलिंग को अनदेखा करते हुए मेकर्स सीरियल में पाखी को सरोगेट मदर बनाने की पूरी तैयारी करते हुए नजर आ रहे हैं. हालांकि अपकमिंग एपिसोड में सई और पाखी के बीच जंग होते हुए नजर आएगी. आइए आपको बताते हैं क्या होगा शो में आगे…

भवानी मांगेगी पाखी से माफी

अबतक आपने देखा कि सई को सरोगेट मदर मिल जाती है, जिसके बाद भवानी, पाखी से माफी मांगती हुई नजर आती है. हालांकि पाखी माफी करने का नाटक करते हुए भवानी को भड़काती है. वहीं विराट और सई अस्पताल में जाकर सरोगेसी की तैयारी करेंगे.

सई को मिलेगी सरोगेट मदर

 

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अपकमिंग एपिसोड में आप देखेंगे कि सई और विराट जहां अस्पताल में सरोगेट मदर का इंतजार करेंगे तो वहीं पाखी अपना भेष बदलकर डौक्टर बनकर सई की सरोगेट मदर गीता के पास पहुंचेगी. जहां वह गीता के मन में सरोगेसी को लेकर प्रक्रिया को लेकर डराएगी, जिसके चलते वह सरोगेसी के लिए मना कर देगी.

सरोगेसी के लिए पाखी को चुनेगा विराट

इसके अलावा आप देखेंगे कि गीता को लेकर जब सई उसके घर जा रही होगी तो उसके पीछे गुंडे पड़ जाएंगे, जो लूटने के चक्कर में सई के सर पर वार कर देंगे. वहीं अस्पताल में विराट, सई का इंतजार करेगा. लेकिन भवानी उसे पाखी को मां बनने का मौका देने की बात कहेगी और उसे सरोगेट मदर बनाने के लिए अस्पताल बुलाने के लिए कहेगी. वहीं विराट, सई को फोन करेगा. लेकिन वह फोन नहीं उठा पाएगी, जिसके चलते विराट, पाखी को सरोगेसी के लिए कहेगा.

 

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किंजल की गोदभराई में कपाड़िया फैमिली के साथ Anupama ने ऐसे की मस्ती

टीआरपी में पहलें नंबर पर बने रहने वाला सीरियल अनुपमा (Anupama) में जल्द ही जश्न का माहौल दिखने वाला है. हालांकि इसमें कई बवाल होते हुए भी नजर आएंगे. दरअसल, जल्द ही किंजल की गोदभराई (Kinjal baby shower) की रस्में होने वाली है, जिसमें बा, राखी, और अनुज की भाभी बरखा के बीच तीखी बहस होती नजर आएगी. इसी बीच सीरियल के सेट से फोटोज वायरल हो रही है, जिसमें शाह परिवार को छोड़ अनुपमा कपाड़िया फैमिली संग मस्ती करते हुए दिख रही है. आइए आपको बताते हैं पूरी खबर

अनुपमा ने की कपाड़िया फैमिली संग मस्ती

 

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बा और राखी दवे शाह हाउस में किंजल की गोदभराई के लिए मान गए हैं, जिसके बाद सेलिब्रेशन की तैयारियां शुरु हो गई हैं. वहीं इन रस्मों की फोटोज भी सोशलमीडिया पर वायरल हो रही हैं, जिसमें  अनुपमा शाह परिवार की बजाय अनुज और उसके भैया भाभी संग पोज देती नजर आ रही है. दरअसल, अनुपमा के रोल में नजर आने वाली एक्ट्रेस रुपाली गांगुली ने सेलिब्रेशन की कुछ फोटोज शेयर की है, जिसमें वह गौरव खन्ना और दूसरी कास्ट के साथ मस्ती करती हुई भी नजर आ रही है.

समर भी नहीं रहा पीछे

जहां सीरियल में अधिक, पाखी को अपने प्यार के जाल में फंसाने की कोशिश कर रहा है तो वहीं समर और सारा की दोस्ती गहरी हो रही है. इसी बीच समर और अधिक की भले ही औनस्क्रीन दोस्ती न दिखी हो. लेकिन औफस्क्रीन पारस कलनावत की दोस्ती साफ दिख रही है. दरअसल, पारस कलनावत ने भी गोदभराई के सेट से कुछ फोटोज शेयर की हैं, जिसमें वह मस्ती करते नजर आ रहे हैं.

अपकमिंग ट्विस्ट की बात करें तो बरखा, राखी दवे और बा को एक ही जगह गोदभराई में होने से अनुपमा परेशान होगी. वहीं खबरों की मानें तो राखी दवे को किंजल के गिरने की बात पता चल जाएगी और वह गोदभराई में बवाल खड़ा कर देगी.

ऐसे बनेगा बच्चा वैल बिहेव्ड

रीटा अपने 5 साल के बच्चे के साथ अपनी सहेली के घर गई. वहां पर बच्चे ने प्लेट में रखी सारी चीजें उठा कर अपनी जेब में रख लीं और फिर रीटा की सहेली की 4 साल की बेटी को धक्का दे दिया. रीटा के समझाने पर वह उस से भी ऊंची आवाज में बात करने लगा. बच्चे के इस व्यवहार से रीटा को बहुत शर्मिंदगी महसूस हुई.

जब आप अपने छोटे बच्चे को ले कर किसी के घर जाती हैं, तो वह वहां किस तरह का व्यवहार करेगा, यह समझ पाना मुश्किल होता है. कई बार वह घर में अच्छा व्यवहार करता है, लेकिन बाहर जाने पर अजीब सा व्यवहार करने लगता है. इस संबंध में वरिष्ठ मनोवैज्ञानिक डा. अतुल वर्मा का कहना है कि बच्चा जैसा भी व्यवहार करता है वह अपने परिवार से ही सीखता है. आप घर में जिस तरह से किसी से बात करती हैं बच्चा उसे ही फौलो करता है. कई बार वह ध्यान आकर्षित करने के लिए भी उलटीसीधी हरकतें करता है.

पेरैंटिंग का अर्थ अपने बच्चे की हर जायजनाजायज मांग को पूरा करना नहीं वरन अपनी सही बात को बच्चे के नजरिए का ध्यान रखते हुए उसे उसी तरीके से सिखाना है जैसे वह चाहता है. आप अपने बच्चे को अच्छीबुरी बातों की जानकारी तो देती हैं, लेकिन उसे अपने से छोटों और बड़ों को संयमित व्यवहार कैसे करना है जैसे बुनियादी बातों की सीख देना भूल जाती हैं, जिस की वजह से वह कब किस से कैसा व्यवहार करता है जैसी बातें नहीं सीख पाता.

कुछ छोटीछोटी बातों का ध्यान रख कर आप अपने बच्चे को संयमित व्यवहार करना सिखा सकती हैं. मसलन:

1. खुद को बदलें

अपने बच्चे को वैल बिहेव्ड बनाने के लिए आप को स्वयं को भी बदलना होगा. आप अपने परिवार के साथ जैसा व्यवहार करती हैं, आप का बच्चा भी वैसा ही व्यवहार करना सीखेगा. आप चाहती हैं कि आप का लाडला अपने बड़ों की इज्जत करे, उन से ऊंची आवाज में बात न करे, तो इस के लिए आप को खुद को परिवार की इज्जत करनी होगी. अपने सासससुर और परिवार के दूसरे सदस्यों के साथ मैत्रीपूर्ण और सम्मानपूर्ण व्यवहार करना होगा. यकीन मानिए, अगर आप अपने बच्चे से कहेंगी कि आप अपने बड़ों से अच्छी तरह बात करो या फिर झूठ न बोलो, तो वह नहीं करेगा. बच्चे को समझाने के लिए आप को खुद में बदलाव लाना होगा, क्योंकि बच्चे की समझ इतनी विकसित नहीं होती है कि वह आप के कहे को समझ कर उसे व्यवहार में लाए. आप अपने बच्चे के सामने किसी से झूठ बोल रही हैं और उस से यह अपेक्षा कर रही हैं कि वह झूठ न बोले तो ऐसा संभव नहीं है.

2. अपने बनाए नियम पर प्रतिबद्ध रहें

आप ने अपने बच्चे के लिए कुछ नियम बना रखे होंगे. मसलन, आप उसे सप्ताह में 2 बार चौकलेट देंगी या फिर वह दिन में 2 घंटों के लिए ही अपना मनपसंद कार्टून शो देख सकता है आदि. अगर आप चाहती हैं कि आप का  बच्चा अपने जीवन में नियमों का पालन करे, तो इस के लिए आप को भी अपने बनाए रूल्स को फौलो करना होगा. ऐसा नहीं है कि जब आप का मूड हो या फिर आप किसी काम में बिजी हों तो नियमों में ढील दे दें. जैसे कि आप घर या औफिस का जरूरी काम कर रही हैं और आप का बच्चा आप को डिस्टर्ब कर रहा है, तो आप ने उस समय भी उस के लिए टीवी चला दिया जो उस के टीवी देखने का समय नहीं है. इस तरह की बातों से बच्चा कन्फ्यूज होता है. अत: आप जो रूल्स बना रही हैं, उन पर अडिग रहें. अगर आप संयुक्त परिवार में रहती हैं, तो भी परिवार के सदस्यों से इस बाबत बात कर लें कि वे आप के बच्चे को नियमों का पालन करने में मदद करें न कि रूल्स तोड़ने में.

3. मारने पीटने से करें तोबा

आप की आदत अपने बच्चे को बिना बात के पीटने की है, तो अपनी इस आदत पर तुरंत विराम लगा दें, क्योंकि आप मारपीट कर बच्चे को कुछ सिखाने की बजाय उस से अपने संबंधों को ही खराब कर रही हैं. अगर आप को उस की किसी बात पर गुस्सा आ रहा है, तो उसे मारने के बजाय प्यार से समझाएं कि वह जो कर रहा है वह गलत है. इस के अलावा उसे डांटते समय गालीगलौज न करें. अगर आप उस से गालीगलौज करेंगी या फिर बिना बात के उसे पीटेंगी तो इन बातों से बच्चे के मन में विद्रोह की भावना पनपती है. छोटा हो या बड़ा हर किसी को इज्जत की जरूरत होती है. आप चाहती हैं कि आप का बच्चा आप की और परिवार के दूसरे सदस्यों की इज्जत करे, तो आप भी उसे पूरा सम्मान दें.

4. गलत मांगों को न करें पूरा

अपने बच्चे को प्यार करना अच्छी बात है, लेकिन इस का अर्थ यह नहीं है कि आप उस की जिद को भी पूरा करें. कभीकभार जब आप मार्केट जाती हैं या फिर कोई घर में आ जाता है तो उस समय बच्चा फालतू की जिद करने लगता है. वह बेकार में गुस्सा दिखाने लगता है. अगर आप उस की बात को पूरा करेंगी, तो उस में अपनी बात को पूरा कराने के लिए जिद करने की आदत विकसित होगी जोकि उस के संयमित विकास के लिए ठीक नहीं है. अत: उस की जिद को इग्नोर करें. 1-2 बार ऐसा करने से उसे समझ आ जाएगा कि जिद कर के सारी मांगों को पूरा नहीं कराया जा सकता है.

5. ढेर सारा प्यारदुलार और खूब सारी बातें

बच्चे की सही परवरिश के लिए यह बेहद जरूरी है कि आप उस से खूब सारी बातें करें. जब वह स्कूल से आता है, तो उस ने स्कूल में क्या किया, उसे स्कूल में कोई दिक्कत तो नहीं है या फिर उसे क्या अच्छा लगता है और क्या नहीं जैसी बातें करें. इस से आप के बच्चे में आप के साथ अपनी बातें शेयर करने की हिम्मत आएगी. बच्चा गलत व्यवहार सिर्फ आप का अटैंशन पाने के लिए करता है. इस से बचने के लिए जब भी वह कुछ अच्छा करता है उस की तारीफ करें. उसे खूब सारा प्यार करें और गले लगाएं. इस से बच्चे के मन में सुरक्षित होने का एहसास आएगा और वह अच्छा व्यवहार करना सीखेगा.

6. इन बातों का भी रखें ध्यान

– बच्चे को वैल बिहेव्ड बनाने के लिए यह बेहद जरूरी है कि आप उस के सम्मान का ध्यान रखें. अगर उस से कोई गलती हो गई है, तो उस के लिए उसे सब के सामने डांटने के बजाय अकेले में समझाने की कोशिश करें.

– आप जिस तरह का व्यवहार अपने बच्चे से चाहती हैं, उस के साथ वैसा ही व्यवहार करें. अगर यह कहा जाए कि बच्चा बहुत बड़ा कौफी कैट होता है, तो गलत नहीं होगा. अगर आप चाहती हैं कि आप के बच्चे में पढ़ने की आदत विकसित हो, तो इस के लिए आप को खुद भी पढ़ना होगा.

– अपने बच्चे में किसी काम के लिए आभार जताने और गलती को महसूस करने के लिए उसे थैंक्यू और सौरी जैसे छोटेछोटे शब्दों का महत्त्व बताएं. इस के लिए अगर उस ने आप का छोटा सा भी काम किया है, तो आप उसे थैंक्यू कहना न भूलें और गलती होने पर उसे सौरी बोलने से न हिचकें. आप के द्वारा किए गए ये छोटेछोटे प्रयास आप के लाड़ले को वैल बिहेव्ड बनाने में मददगार साबित होंगे.

सैक्स ऐजुकेशन

बच्चे के सही विकास के लिए यह बेहद जरूरी है कि आप के बच्चे के साथ ऐसा कुछ न हो, जिस की वजह से उस का बचपन अनायास खत्म हो जाए. हर जगह होने वाले चाइल्ड ऐब्यूज को देखते हुए यह बेहद जरूरी है कि आप अपने बच्चे को समयसमय पर सैक्स संबंधित जानकारी देती रहें. उसे यह बताएं कि अगर कोई उस के प्राइवेट पार्ट को छूने की कोशिश करता हो, तो वह इस बारे में आप से बताए. बच्चा आप से अपने मन की बातें बांट सके, इस के लिए उसे सहज बनाना जरूरी है ताकि कोई उस के साथ किसी तरह का दुराचार न कर सके.

Monsoon Special: लंच में परोसें चावल के साथ कढ़ी

लंच में अगर आप मौनसून में टेस्टी रेसिपी ट्राय करना चाहते हैं तो कढ़ी चावल की रेसिपी आपके लिए परफेक्ट औप्शन है.

सामग्री

1 बड़ा चम्मच घी

4-5 करीपत्ता

1 चुटकी हींग

1 कप बेसन

3 कप दही

1/2 छोटा चम्मच साबूत धनिया

1/2 छोटा चम्मच मेथीदाना

3-4 सूखी लालमिर्चें

1/2 छोटा चम्मच जीरा

1/2 छोटा चम्मच सरसों

1 छोटा चम्मच हलदी

नमक स्वादानुसार.

विधि

एक बरतन में बेसन, दही और जरूरतानुसार पानी मिला कर घोल तैयार कर लें. कड़ाही में घी गरम कर सूखी लालमिर्चें, साबूत धनिया, मेथीदाना, सरसों और जीरा को भूनें. फिर इस में करीपत्ता, हलदी, हींग, और नमक मिलाएं. अब इस में दही और बेसन का घोल डाल कर धीमी आंच पर एक उबाल आने तक पकाएं. चावल के साथ परोसें.

REVIEW: तलाक जैसे संवेदनशील मुद्दे पर बेतुकी फिल्म है JUG JUGG JEEYO

रेटिंगः दो स्टार

निर्माताः धर्मा प्रोडक्शंस और वायकाम 18 स्टूडियो

निर्देशकः राज मेहता

कलाकारः अनिल कपूर, नीतू कपूर, वरूण धवन,  किआरा अडवाणी,  मनीष पौल, प्रजाक्ता कोली,  टिस्का चोपड़ा, वरूण सूद,  एलनाज नौरोजी व अन्य.

अवधिः दो घंटे तीस मिनट

‘‘गुड न्यूज’’ फेम निर्देशक राज मेहता इस बार पारिवारिक ड्रामा वाली हास्य फिल्म ‘‘जुग जुग जियो’’ लेकर आए हैं, जो कि काफी निराश करती है.

कहानीः

फिल्म की कहानी पटियाला,  पंजाब के एक परिवार की है,  जिसके मुखिया भीम हैं. भीम(अनिल कपूर) के परिवार में उनकी पत्नी गीता(नीतू कपूर), बेटा कुकू(वरूण धवन ), कुकू की पत्नी नैना (किआरा अडवाणी) और बेटी गिन्नी ( प्रजाक्ता कोली  ) है. इस अत्याधुनिक परिवार की लीला अजीब है. भीम अपनी शादी के 35 वर्ष बाद अपनी पत्नी गीता को तलाक देने जा रहे हैं, पर वजह नही पता. जबकि उनका बेटा कुकू शादी के पांच वर्ष बाद अपनी पत्नी नैना को तलाक देेने जा रहा है, इसे भी वजह पता नही. बेटी गिन्नी प्यार तो गौरव से करती है, मगर अपने माता पिता व भाई भाभी को आदर्श दंपति मानते हुए पिता द्वारा सुझाए गए युवक बलविंदर से विवाह करने जा रही है. कुकू और नैना एक दूसरे से पांचवीं  कक्षा में पढ़ते समय से प्यार करते आ रहे हैं और दोनों शादी भी कर लेते हैं. शादी के बाद दोनो टोरंटो , कनाडा चले जाते हैं, क्योंकि वहां पर नैना की नौकरी लग जाती है. जबकि कुकू वहां पर नाइट क्लब में बाउंसर की नौकरी करने लगते हैं. अचानक शादी की पांचवीं सालगिरह के दिन दोनों एक दूसरे को तलाक लेेने का निर्णय सुना देते हैं. पर तय करते हैं कि पटियाला में गिन्नी की शादी के ेबाद यह दोनो अपने निर्णय से परिवार के सदस्यों को अवगत कराएंगे. पटियाला पहुॅचकर दोनांे आम शादी शुदा जोड़े की ही तरह रहते हैं. गिन्नी की शादी की रस्में शुरू होती है और एक दिन भीम शराब के नशे में अपने बेटे कुकू से कह देता है कि गिन्नी की शादी के बाद वह गीता को तलाक देकर अपनी प्रेमिका मीरा( टिस्का चोपड़ा) के साथ रहने जा चले जाएंगे. यह बात कुकू को पसंद नही आती. फिर कुकू अपने साले गुरप्रीत शर्मा (मनीष पौल ) की सलाह पर बलविंदर से बैचलर पार्टी में भीम को भी बुलाने के लिए दबाव डालते हैं, जिससे भीम की ठरक मिट सके. पर यहां एक अलग ही हंगामा हो जाता है. उधर गिन्नी अपनी बैचलर पार्टी से बाहर निकलकर अपने प्रेमी गौरव (वरूण सूद )  के साथ ‘किसिंग’ करती है. कई तरह के नाटकीय घटनाक्रमों के साथ फिल्म का अंत हो जाता है.

लेखन व निर्देशनः

कहानी व पटकथा की नींव ही कमजोर है. कहानी को बेवजह रबर की तरह खींचा गया है. ढाई घंटे की अवधि वाली इस फिल्म में लेखक व निर्देशक  दोनों यह नही बता सके कि नैना यानी कि किआरा अडवाणी कनाडा में कहां नौकरी करती है और नैना व कुकू के बीच तलाक की नौबत क्यों आयी? जबकि पत्नी नैना के कैरियर के लिए कुकू पटियाला छोड़कर कनाडा जाकर बाउंसर की नौकरी करता है. इसी तरह भीम क्यों गीता केा छोड़कर मीरा के साथ जिंदगी जीने का निर्णय लेता है, नही बताया. एक तरफ गीता, नैना को समझाती है कि विवाह को सफल बनाने के लिए नारी को समझौतावादी होना चाहिए, तो कुछ समय बाद वह सम्मान की भी बात करती है. पूरी तरह से लेखक व निर्देशक खुद ही कंन्फ्यूज हैं. उन्हे नही पता कि वह किस तरह की की कहानी सुनाना चाहते हैं. नैना व ककू के जो हालात हैं, वही हालात ज्यों का त्यों 2006 में आयी फिल्म ‘कभी अलविदा ना कहना’ में शाहरुख खान व रानी मुखर्जी के किरदारों के बीच दर्शक देख चुके हैं. इतना ही नही फिल्म के संवादो मंे कहीं कोई अहसास नजर नहीं आता. कहानी पंजाबी पृष्ठभूमि की है, इसलिए कहीं भी बेवजह पंजाबी गाने ठॅंूसे गए हैं. तलाक जैसे संवेदनशील मुद्दे पर  राज मेहता दर्शकों को अच्छी कहानी सुनाने में बुरी तरह से असफल रहे हैं. फिल्म का क्लायमेक्स एकदम घटिया है. क्लायमेक्स में लेखक व निर्देशक यह भी भूल गए कि वह भारतीय परिवार की कहानी बता रहे हैं. गानों के फिल्मांकन में पानी की तरह पैसा बहाया गया है, मगर सब बेकार. एक भी गाना प्रभाव नहीं छोड़ता. डेढ़ सौ करोड़ की लागत वाली इस फिल्म में दर्शकों को बांध कर रखने की ताकत नही है.

अभिनयः

राज मेहता की किस्मत अच्छी रही कि उन्हे बेहतरीन कलाकारों के साथ काम करने का अवसर मिला. सभी कलाकारों ने अपनी तरफ से सर्वश्रेष्ठ देेने का प्रयास किया है, मगर जब उन्हे कहानी,  पटकथा व संवादों का सहयोग नहीं मिलेगा, तो कलाकार क्या करेगा?फिर भी कुकू के किरदार में वरूण धवन ने बेहतरीन अभिनय किया है. नृत्य हो या नाटकीय दृश्य या हास्य हर जगह वह बेहतर कलाकार के रूप में उभरते हैं. किआरा अडवाणी ने एक बार फिर साबित कर दिखाया कि उनके अंदर अभिनय प्रतिभा की कमी नही है. नीतू कपूर को अभिनय में वापसी के लिए इससे अच्छा अवसर नही मिल सकता था. लेकिन इन सभी कलाकारों के मुकाबले अति उत्तम अभिनय अनिल कपूर का रहा. वह पूरी फिल्म को अपने कंधों पर लेकर चलते हैं. हास्य और भावनाओं के बीच बेहतरीन सामंजस्य बैठाने का काम अनिल कपूर ने ही किया है.

किंजल की गोदभराई में नही होंगे वनराज-काव्या, Anupama में आएंगे धमाकेदार ट्विस्ट

सीरियल अनुपमा (Anupamaa) के मेकर्स शो को दिलचस्प बनाने के लिए कोई कसर नहीं छोड़ रहे हैं. जहां वह फैंस की खुशी के लिए #MaAn का रोमांस दिखाते नजर आ रहे हैं तो वहीं दर्शकों को फैमिली ड्रामा का भरपूर मजा दे रहे हैं. इसी बीच सीरियल में बड़ा धमाका होता नजर आने वाला है, जिसके चलत अनुपमा के सामने मुसीबत खड़ी होगी. आइए आपको बताते हैं क्या होगा शो में आगे…

राखी के कारण भड़केगी अनुपमा

 

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अब तक आपने देखा कि अनुपमा (Anupama) और अनुज, किंजल को शाह हाउस छोड़ने आते हैं. जहां बापूजी फर्श पोछते हुए दिखते हैं. वहीं राखी को सबक सिखाती नजर आती है. वहीं राखी, अनुपमा को ताना मारती है कि वह एक करोड़ का घर होने के बाद भी काम कर रही है. वहीं राखी, बरखा की शाह बेइज्जती के बारे में भी अनुपमा को सुनाती हुई नजर आती है.

कपाडिया परिवार को नहीं बुलाएगी बा

 

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अपकमिंग एपिसोड में आप देखेंगे कि राखी थाली पीटते हुए सभी को बताती है कि वह किंजल की गोदभराई सेलिब्रेशन (Kinjal Baby Shower) में सभी को आमंत्रित करने आई है. हालांकि बा और अनुपमा इसके लिए समय मांगते हैं. हालांकि राखी अपना फैसला सुनाती है और कहती है कि वह कल उसके घर पहुंच जाएं. हालांकि लीला कहती है रस्म ससुराल में होती है, इसलिए यह उनकी सुविधा के अनुसार यहां होगा. वहीं राखी कपाड़िया परिवार को भी न्योता देने की बात कहती है. पर लीला कहती है कि इस समारोह में केवल अनुपमा, अनुज और जीके ही शामिल होंगे

वनराज के लिए बा करेगी ये काम

इसके अलावा आप देखेंगे कि अनुपमा, बा को पूरा कपाड़िया परिवार बुलाने के लिए कहेगी. हालांकि बा इस बात के लिए राजी नहीं होगी. लेकिन बापूजी, किंजल की गोद भराई समारोह के लिए कपाड़िया को आमंत्रित करेंगे. वहीं लीला, वनराज को गोदभराई के बारे में बताएगी. इसी बीच काव्या पूछेगी कि उनके बिना सेरेमनी कैसे हो सकती है. हालांकि लीला कहेगी कि वनराज के लौटने के बाद ही वह समारोह करेगी. अब देखना होगा कि किंजल की गोदभराई में कौनसा नया तमाशा शुरु होगा.

TMKOC: ‘पुरानी अंजलि भाभी’ ने लगाया मेकर्स पर आरोप, 2 साल से नहीं दिए बचे पैसे

पौपुलर टीवी शो ‘तारक मेहता का उल्टा चश्मा’ इन दिनों सुर्खियों में छाया हुआ है. जहां फैंस नई दयाबेन की एंट्री का इंतजार कर रहे हैं तो वहीं एक के बाद एक किरदार के शो को छोड़ने की खबरें फैंस को परेशान कर रही है. इसी बीच पुरानी अंजलि भाभी ने शो के मेकर्स पर पैसे न लौटाने का आरोप लगाया है. आइए आपको बताते हैं पूरी खबर…

नेहा मेहता ने लगाया आरोप

 

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साल 2020 में तारक मेहता शो को अलविदा कहने वाली पुरानी अंजलि भाभी यानी एक्ट्रेस नेहा मेहता (Neha Mehta) ने हाल ही में अपने एक इंटरव्यू में शो के मेकर्स पर आरोप लगाया था कि उनकी बची हुई पेमेंट नही की है. दरअसल, एक इंटरव्यू में एक्ट्रेस ने कहा था कि ‘मैं बहुत ही सम्मानित जिंदगी जीती हूं और किसी भी चीज की शिकायत करने में विश्वास नहीं करती. न ही मुझे ऐसा करना पसंद है. 12 साल बाद मैंने यह शो 2020 में छोड़ दिया था. आखिरी 6 महीनों के बकाया पैसे मुझे अब तक नहीं मिले हैं. हालांकि शो छोड़ने के बाद मैंने पेसों के लिए उन्हें कई बार फोन किया. मैं उम्मीद करती हूं कि जल्द ही इसका समाधान निकलेगा और मुझे मेरी मेहनत से कमाए पैसे मिल जाएंगे.’

 

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मेकर्स ने कही ये बात

नेहा मेहता (Neha Mehta) के दिए बयान पर शो के मेकर्स ने भी अपना पक्ष सामने रखते हुए कहा है कि “हम अपने कलाकारों को अपना परिवार समझते हैं. हमने नेहा मेहता से कई बार संपर्क किया, जिससे वह सारी प्रक्रियाएं पूरी कर सकें. लेकिन उन्होंने एग्जिट दस्तावेज साइन नहीं किये और अपनी पॉलिसी के मुताबिक ऐसे में हम सेटलमेंट नहीं कर सकते. उन्होंने बीते दो सालों से हमारे कॉल का जवाब देना बंद कर दिया है. यहां तक कि उन्होंने शो हमसे मिले बिना ही छोड़ दिया था. हम उम्मीद करते हैं कि काश उन्होंने इन झूठे आरोपों की जगह हमारे ई-मेल का जवाब दिया होता. उन मेकर्स के बारे में गलत न कहा होता, जिन्होंने पिछले 12 सालों से उन्हें फेम और करियर दिया है.” मेकर्स के दिए बयान पर अभी एक्ट्रेस का कोई रिएक्शन सामने नहीं आया है.

बता दें कि ‘तारक मेहता का उल्टा चश्मा’ शो की शुरुआत से हिस्सा रहीं एक्ट्रेस नेहा मेहता ने 2020 में शो को अलविदा कहा था, जिसके बाद उनकी जगह लेने नई एक्ट्रेस का चुनाव किया गया. वहीं फैंस भी नई एक्ट्रेस से खुश हैं. हालांकि अंजलि मेहता के रोल में एक्ट्रेस को फैंस आज भी मिस कर रहे हैं.

जानें क्या हैं Exercise के सही नियम

‘मेरी जिम जाने की दिल से चाहत है, लेकिन क्या करूं समय ही नहीं मिलता,’ यह बात कुछ लोगों से अकसर सुनने को मिलती है. फिटनैस के लिए आज का युवावर्ग जितना जागरूक और सजग है, उतना ही दूसरा वर्ग भी हो जाए और काम के झमेले, काम के तनाव वगैरह में से अपनेआप पर ध्यान देने के लिए समय निकाले तो अपनी चाहत पूरी न होने और अपने स्वास्थ्य व फिटनैस को ले कर पछतावा नहीं रहेगा.

शरीर प्रकृति की एक सुंदर, परिपूर्ण रचना है. यह शरीर जितना चलताफिरता है उतना ही मजबूत, हट्टाकट्टा और लचीला बना रहता है. इस शरीर को अच्छे आहार और व्यायाम का जोड़ दे कर प्रकृति का दिया हुआ लचीलापन व हट्टाकट्टापन जिंदगी भर संभाला जाता है. सहज रूप से करीना के जीरो फिगर और सिक्स पैक एब्स का आकर्षण हर एक को होता है, लेकिन उस के लिए कितने लोग मेहनत करने को तैयार होते हैं? सभी लोग इस के पीछे भागें यह जरूरी नहीं है, लेकिन अपने शरीर की सुडौलता बनाए रखने और जिंदगी भर स्वस्थ रहने के लिए अपनी व्यस्त जीवनशैली से थोड़ा समय अपने लिए निकालने में क्या मुश्किल है?

‘अपनीअपनी डफली अपनाअपना राग’ यह कहावत व्यायाम के लिए भी खरी उतरती है. जबकि व्यायाम की रूपरेखा इंसान के स्वास्थ्य, जीवनपद्धति, व्यवसाय व उम्र इन सभी चीजों को ध्यान में रख कर तय करनी पड़ती है. किसी एक इंसान के द्वारा किया जाने वाला व्यायाम दूसरे व्यक्ति को भी सूट करेगा ऐसा नहीं है. अच्छी नहीं लगने वाली तनाव, कष्ट या क्लेशदायक गतिविधि को हम व्यायाम नहीं कह सके हैं. लेकिन योग, रनिंग, वेट ट्रेनिंग, स्विमिंग, कोई खेल खेलना या डांस करना इन में से कोई भी व्यायाम हमें जिंदगी भर स्वस्थ रख सकता है.

व्यायाम के तत्त्व

व्यायाम करते समय 5 चीजें ध्यान में रखनी चाहिए:

1. शरीर का खिंचाव बढ़ाना:

व्यायाम के सभी तत्त्वों में यह सब से महत्त्वपूर्ण तत्त्व है. व्यायाम करते वक्त हम शरीर को जो खिंचाव देते हैं, वह हमारी आम गतिविधियों के खिंचाव से ज्यादा होना चाहिए. धीरेधीरे उस की गति बढ़ानी चाहिए.

2. मांग के अनुसार निर्माण करना:

यह व्यायाम का बहुत ही महत्त्वपूर्ण तत्त्व है. अपना शरीर व उस के अवयव हम जैसी मांग करें वैसे काम करने लगते हैं. खुद को हालात से जोड़ने लगते हैं. उसी तरह व्यायाम के लिए भी बौडी उस के अनुकूल करनी पड़ती है. जैसे, अगर वेट ट्रेनिंग करनी है तो शुरुआत वार्मअप वेट ट्रेनिंग से करनी पड़ती है. मतलब यह कि प्रमुख व्यायाम में जो स्नायु काम करने वाले हैं वही स्नायु पहले व्यायाम के लिए तैयार करने होते हैं.

3. शरीर में कमजोरी न आने देना:

अच्छी तरह व्यायाम करने के बाद शरीर में कमजोरी नहीं आने देना चाहिए वरना शरीर सक्षम नहीं रहता है. ऐसा न हो इस के लिए सही आहार, ज्यादा पानी व नींद की जरूरत होती है.

4. निरंतरता:

व्यायाम में निरंतरता बनाए रखना जरूरी होता है, अन्यथा सब बेकार हो जाता है. व्यायाम नियमित रूप से नहीं करेंगे तो स्नायु व्यायाम के बारे में भूल जाएंगे. इस का सभी तत्त्वों पर नकारात्मक प्रभाव होता है.

5. व्यायाम में वैविध्य रखना:

लगातार एक ही तरह के व्यायाम की शरीर को आदत हो जाती है तो भी उस का सकारात्मक परिणाम दिखना बंद हो जाता है. इसलिए व्यायाम में वैविध्य रख कर उस का सुव्यवस्थित नियोजन कर व्यायाम विशेषज्ञ के मार्गदर्शन के अनुसार व्यायाम करना चाहिए.

कौन सा व्यायाम करें

हर एक के शरीर का स्ट्रक्चर और जरूरतें अलगअलग होती हैं. उन के अनुसार ही व्यायाम चुनना चाहिए. इस के लिए प्रशिक्षक की मदद लेनी चाहिए. व्यायाम का प्रकार,समय,

परिवर्तन आदि प्रशिक्षक की सलाह ले कर तय करना चहिए.

व्यायाम के लिए उपयुक्त टिप्स

– व्यायाम का प्रकार कोई भी हो व्यायाम के मूलभूत तत्त्वों का पालन करना चाहिए.

– कौन सा व्यायाम करना है यह विशेषज्ञ के मार्गदर्शन के बाद ही तय करना चाहिए.

– व्यायाम तकलीफ देने वाला न हो कर आनंददायी होना चाहिए.

– तालमेल बैठाने वाला व्यायाम करें, लेकिन उसे नियमित रूप से करें.

– हर दिन के व्यायाम का समय निश्चित करें और उसी समय का पालन करें.

– व्यायाम करना अपनी जीवनशैली बनाएं.

– व्यायाम से पहले कुछ हलका खाएं. जैसे, सलाद, फल या ड्राईफ्रूट.

– खाने के 3-4 घंटे बाद व्यायाम करें.

– व्यायाम के परिधान आकर्षक होने के साथ सूती और आरामदायी होने चाहिए.

– मौसम के अनुसार कपड़ों में बदलाव करें. ठंडी हवा में ऊपर से जैकेट पहनें.

– व्यायाम करते वक्त पसीना पोंछने के लिए पास में नैपकिन रखें.

– इस बात को समझें कि व्यायाम की शुरुआत में बदनदर्द होता है, लेकिन बाद में फायदा ही फायदा होता है.

– व्यायाम करते वक्त मन को तरोताजा व सोच सकारात्मक रखें.

चलती रहें दौड़ती रहें

चलना व्यायाम के रूप में इस्तेमाल करना चाहती हैं तो इन टिप्स पर ध्यान दें:

– चलते वक्त श्वसन क्रिया पर नियंत्रण रखें. दीर्घ श्वसन क्रिया से हृदय का भी व्यायाम होता है.

– व्यायाम बिना खर्चे का है, लेकिन शूज पर अच्छे पैसे खर्च करें और सही माप के शूज का चुनाव करें.

– मोजे सूती इस्तेमाल करें.

– आज के संघर्ष भरे जीवन में व्यायाम के लिए कोई भी समय अच्छा ही है, लेकिन चलने के लिए सुबह के समय का चुनाव करें, क्योंकि उस वक्त हवा में धूलमिट्टी, धुएं आदि का प्रभाव कम होता है.

दौड़ना एक परिपूर्ण व्यायाम

वजन कम होना, शारीरिक क्षमता बढ़ना आदि दौड़ने के महत्त्वपूर्ण फायदे हैं. इस के अलावा और भी कई फायदे दौड़ने से शरीर को होते हैं:

निरोगी हृदय: दौड़ने से हृदय के स्नायुयों को अच्छा फायदा होता है. हृदय की गति बढ़ती है. इस से स्नायुओं की ताकत बढ़ती है.

वजन कम होना: वजन कम करने के लिए दौड़ना एक सुंदर व्यायाम है. एक साधारण व्यक्ति दौड़ते वक्त लगभग 1 हजार कैलोरीज जलाता है. इस से वजन कम हो जाता है.

हड्डी की क्षमता बढ़ाना: व्यायाम न करने से हड्डियां कमजोर होती हैं. लेकिन नियमित रूप से दौड़ने से व्यायाम न करने पर भी हड्डियों की क्षमता बढ़ती है.

श्वसन क्रिया में सुधार: दौड़ने से श्वसन क्रिया में सुधार होता है. श्वसन को मदद करने वाले स्नायुओं की ताकत और श्वसन क्षमता बढ़ती है.

वसा कम होना: जल्दी दौड़ने के लिए ऊर्जा लगती है, जिस के लिए शरीर में जमे हुए फैट्स का ज्वलन होता है. इस में वेट कम हो कर शरीर सुडौल बनता है.

मानसिक तनाव से मुक्ति: नियमित दौड़ने से तनाव से दूर रहने में भी मदद मिलती है. इस से सकारात्मक मानसिकता तैयार होती है. दिन भर फ्रैश रहने के लिए मदद मिलती है और थकावट नहीं होती.

अच्छी नींद आना: दौड़ने पर पूरे शरीर को व्यायाम मिलने से अच्छी नींद आती है.

प्रसन्न रहना: दौड़ने से शरीर में बदलाव होते हैं. इस से इंसान प्रसन्न रहता है.

बीमारी से दूर रहना: नियमित रूप से दौड़ने से स्ट्रोक, रक्तचाप, डायबिटीज जैसी बीमारियों से दूर रहना संभव होता है.

– अली शेख, फिटनैस विशेषज्ञ

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