झट प्यार पट ब्रेकअप

कुछ समय से सैलिब्रिटी ब्रेकअप्स सुर्खियों में छाए हुए हैं. पहले सलमान कैटरीना, फरहान अधुना, बिपाशा जौन अचानक अलग हो गए अब मलाइकाअरबाज ने अगल हो कर सब को हैरान कर दिया. छोटे परदे के मशहूर अभिनेता करण सिंह ग्रोवर का अपनी पहली पत्नी श्रद्धा निगम से तलाक, फिर जेनिफर से विवाह और फिर तलाक, फिर बिपाशा बसु से विवाह. यह रिश्ता कितने दिन या हमेशा चलेगा, यह देखना बाकी है. जैसे ही हम किसी सैलिब्रिटी को देख कर सोचते हैं कि वाह, क्या जोड़ी है. पता चलता है कि उस जोड़ी का भी ब्रेकअप हो चुका है और हमारा आधुनिक रिश्तों पर विश्वास डगमगाने लगता है.

रणबीर और दीपिका की जोड़ी देखते ही बनती थी, आज भी दोनों के फैंस दोनों को साथ देखना चाहते हैं. रितिक रोशन ने जब सुजैन से विवाह किया तो कइयों के दिल टूटे पर अब ये भी अलग हो चुके हैं.

हौलीवुड की जान ब्रैडपिट और जेनिफर का प्यार एक मिसाल था, पर ऐंजेलिना से ब्रैडपिट के संबंध होने पर इन का भी ब्रेकअप हो गया. बेन हिंजिस और लौरेन बुशनैल, कैटीपैरी और ओलैंडो ब्लूम, रिचर्ड पैरी और जेन फोंडा, निकी मिनाज और मीक मिल का ब्रेकअप भी सब को हैरान कर गया था.

टीवी की मशहूर हस्ती दिव्यांका त्रिपाठी और शरद मल्होत्रा दोनों ‘बनूं मैं तेरी दुलहन’ के सैट पर मिले थे. यह रिश्ता 7 साल चला पर फिर टूट ही गया. करण पटेल और काम्या पंजाबी का संबंध भी काफी चर्चा में रहा पर रिश्तों में अचानक आई खटास से ब्रेकअप भी हो गया. करण ने धूमधाम से अंकिता भार्गव से फिर जल्दी विवाह भी कर लिया.

आम लोगों में भी बढ़ता अलगाव

जहां मशहूर हस्तियों के टूटते रिश्तों के कई उदाहरण रोज देखने को मिलते हैं, वहीं आम लोगों के जीवन में भी इस तरह के रिश्ते कमजोर पड़ते दिख रहे हैं. झट प्यार भी होता है पर ब्रेकअप की खबर आते भी देर नहीं लग रही. पवई निवासी जूही और प्रशांत का 4 सालों से अफेयर था, दोनों के दोस्तों के ग्रुप में यह बात तय थी कि जल्द ही दोनों विवाह भी कर लेंगे. अलगअलग जाति थी पर दोनों के परिवार आधुनिक थे. दोनों के परिवार को यह संबंध पता भी था पर जब जूही के परिवार ने इस विवाह के लिए हामी नहीं भरी तो जूही ने प्रशांत से दूरी बनानी शुरू कर दी. आधुनिक, सुशिक्षित जूही का पीछे हटना सब को हैरान कर गया. जूही ने बहुत ही सहजता से तर्क दिया कि कौन फैमिली की टैंशन मोल ले. जितना साथ रहना था रह लिए. अब आगे देखते हैं.

बात सुननेपढ़ने में मामूली सी है पर अब रिश्ते सचमुच कमजोर पड़ते दिख रहे हैं. जूही का इतना व्यावहारिक दृष्टिकोण प्रशांत को तोड़ गया. वह कई दिन तक आहत रहा. जूही ने 6 महीने के अंदर मातापिता की मरजी से एक लड़के से विवाह भी कर लिया. जीवन में आगे बढ़ने में कोई बुराई नहीं पर प्रश्न यह है कि आधुनिक रिश्ते इतने कमजोर क्यों हैं?

रिश्ते निभाना आजकल जटिल क्यों हो रहा है? क्या हम प्रेम करना भूल गए हैं? या उस से भी बुरा यह है कि हम यही भूल गए हैं कि प्रेम है क्या? आजकल के रिश्ते इतनी जल्दी क्यों टूट रहे हैं, कारणों पर एक नजर:

हम शायद त्याग के लिए, समझौते के लिए, बिना किसी शर्त के प्यार करने के लिए तैयार ही नहीं हैं. हम आजकल हर चीज सुगमता से पा लेना चाहते हैं. हम पलायन कर जाते हैं, हम अपना प्यार पूर्णतया विकसित ही नहीं होने देते. समय से पहले ही सब पा लेना चाहते हैं या सब छोड़ देते हैं.

यह वह प्यार है ही नहीं जिस की हमें तलाश है. हम लाइफ में अब उत्तेजना और रोमांच चाहते हैं. हमें मूवीज और पार्टियों के लिए एक साथी चाहिए, न कि कोई ऐसा जो हमारे मौन को भी समझ ले. हम साथ समय तो बिताते हैं पर यादें नहीं सहेजते. हम बोरिंग लाइफ नहीं चाहते. हम अब जीवनसाथी नहीं, बस इसी समय वर्तमान का साथी सोच रहे होते हैं. हम अब किसी रहस्य की सुंदरता में यकीन नहीं करते, क्योंकि अब हमें साहसपूर्ण रोमांच भाता है.

हमारे पास प्यार का समय ही नहीं है, रिश्तों को निभाने का धैर्य हम में बचा ही नहीं. शहरी भागदौड़ के बाद प्यार की जगह ही नहीं बचती. हम भौतिक सपने देखने वाले व्यस्त इंसान हो गए हैं. रिश्ते अब सुविधा से ज्यादा कुछ भी नहीं.

हमें हर चीज में फौरन खुशी चाहिए. चाहे वह हमारी औनलाइन पोस्ट हो, कैरियर हो या वह इंसान जिसे हम प्यार करते हैं. रिश्तों में गंभीरता समय के साथ आती है, दूसरे व्यक्ति से पूर्णतया जुड़ने में सालों लग जाते हैं. अब प्यार के लिए समय और धैर्य कम ही पड़ जाते हैं.

हम विकल्पों में विश्वास करने लगे हैं. हम सोशल लोग हैं, हम लोगों को जानने की बजाय बस उन से मिलते हैं. हम लालची हो गए हैं. हमें सब कुछ चाहिए. हम जरा से आकर्षण पर भी रिश्ता शुरू कर देते हैं और थोड़ा सा अपेक्षाकृत अच्छा साथी मिलने पर फौरन पुराने से बाहर आ जाते हैं.

टैक्नोलौजी हमें एकदूसरे के बहुत ज्यादा पास ले आई है. इतना पास कि सांस लेना मुश्किल हो गया है. हमारी शारीरिक उपस्थिति की जगह टैक्स्ट्स, वौइस मैसेज, स्नैप चैट्स, वीडियो कौल्स ने ले ली है. हमें एकदूसरे के साथ समय बिताने की जरूरत ही महसूस नहीं होती, हमारे पास एकदूसरे के बारे में पहले ही बहुत जानकारी होती है, बात करने के लिए कुछ रह ही नहीं जाता.

प्यार और सैक्स को अलगअलग ही देखा जाने लगा है. सैक्स अब आसान है, निष्ठा रखना मुश्किल है. रिश्तों के बाहर सैक्स अब बड़ी बात नहीं रही. प्यार की जगह हमारे जीवन में सीमित रह गई है.

यह व्यावहारिक पीढ़ी है, जो तर्क जानती है. हमें पागलपन की हद तक प्यार करना नहीं आता. हम अपना हितअहित सोचसमझ कर ही कोई कदम उठाते हैं. प्यार में दीवानों की तरह किसी को देखने भागे जाने का समय अब किसी के पास नहीं.

हम प्यार में कमिटमैंट और दिल टूटने से डरते हैं. हम अब आंख बंद कर किसी के प्यार में पड़ कर अपनी लाइफ खराब नहीं कर सकते.

इंसान का सब से जरूरी गुण प्यार है. हम शायद धीरेधीरे इस शब्द के माने ही भूल रहे हैं. आधुनिक समय में रह रहे हम कहीं प्यार का वजूद, महत्त्व ही न भूल जाएं, यह विचारणीय है. रिश्तों से प्यार, सहयोग, समर्पण कहीं पूरी तरह से न खो जाए, इस बात का ध्यान रखना होगा. मशीन की तरह न जी कर जीवनरूपी पौधे को प्यार भरे रिश्तों से सींचना होगा ताकि चारों ओर हवाओं में प्यार भरे रिश्तों की खुशबू आए.

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Monsoon Special: बच्चों के लिए बनाएं चीज चिली पनीर डोसा

मसाला डोसा से लेकर पनीर डोसा तक आपने ट्राय किया होगा. लेकिन क्या आपने चीज चिली पनीर डोसा ट्राय किया है. ये आसान रेसिपी आपके बच्चों से लेकर फैमिली को बेहद पसंद आएगी.

सामग्री

1 कप पनीर कसा हुआ

1/2 कप चीज कसा हुआ

1 छोटा प्याज कटा

1 छोटा टमाटर कटा

थोड़ी सी पत्तागोभी कटी

1 बड़ा चम्मच तेल

1 कटी हरी मिर्च, नमक स्वादानुसार.

विधि

सारी सामग्री का मिश्रण तैयार करें. पहलेबताई गई मल्टीग्रेन डोसा बनाने की विधि के अनुसार डोसा बना कर उस में चीज चिली पनीर मिश्रण स्टफ करें. सांबर और नारियल चटनी के साथ परोसें.

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TMKOC: शैलेश लोढ़ा की होगी शो में वापसी! ‘जेठालाल’ ने कही ये बात

पौपुलर सीरियल्स में से एक ‘तारक मेहता का उल्टा चश्मा’ दर्शकों का दिल जीतने में कोई कसर नहीं छोड़ रहा है. जहां शो में दयाबेन की एंट्री को लेकर सीरियल सुर्खियों में है तो वहीं अब खबरे हैं कि तारक मेहता यानी एक्टर शैलेश लोढ़ा भी शो में वापसी कर सकते हैं. आइए आपको बताते हैं पूरी खबर…

जेठालाल ने कही ये बात

हाल ही में कहा गया था कि ‘तारक मेहता का उल्टा चश्मा'(Taarak Mehta Ka Ooltah Chashmah) से जेठालाल के परम मित्र तारक मेहता यानी एक्टर शैलेश लोढ़ा ने शो को अलविदा कह दिया था. लेकिन अब जेठालाल यानी एक्टर दिलीप जोशी के एक बयान के बाद कयास लगाए जा रहे हैंकि शो में एक्टर की दोबारा वापसी हो सकती है. दरअसल, एक्टर दिलीप जोशी (Dilip Joshi) ने एक इंटरव्यू में कहा है कि “बदलाव जाहिर सी बात है. थोड़ी मुश्किल होती है जब वह शो छोड़ते हैं, क्योंकि आपका आपके को-स्टार के साथ एक रिदम सेट हो जाता है. लेकिन कभी भी ‘ना’ मत कहिए. क्योंकि शैलेश भाई आ भी सकते हैं.” एक्टर के इस बयान के बाद शो के फैंस बेहद खुश हो गए हैं.

दयाबेन के लिए जारी है एक्ट्रेस की तलाश

 

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हाल ही में ‘तारक मेहता का उल्टा चश्मा’ (Taarak Mehta Ka Ooltah Chashmah) शो में दयाबेन की वापसी को लेकर खबरें थीं कि हम साथ एक्ट्रेस राखी विजान शो में दयाबेन का किरदार निभाती नजर आएंगी. हालांकि एक्ट्रेस ने इन खबरों को अफवाह बताते हुए एक्ट्रेस ने ट्वीट कर लिखा, ‘ये खबर अफवाह है, जिसने मुझे हैरान करक दिया है. मुझे प्रोड्यूसर या चैनल की ओर से अभी तक अप्रोच नहीं किया गया है.’

बता दें, जहां एक्टर शैलेश लोढ़ा ‘वाह भाई वाह’ का हिस्सा बने हुए हैं. तो वहीं दयाबेन के रोल में एक्ट्रेस दिशा वकानी अब शो में कभी एंट्री नहीं करेंगी, जिसके चलते फैंस निराश हैं.

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अनुपमा-अनुज की लड़ाई का फायदा उठाएगी बरखा, अनु देगी करारा जवाब

सीरियल अनुपमा (Anupama) में इन दिनों फैमिली ड्रामा देखने को मिल रहा है. जहां शाह परिवार की अनुज से नजदीकियां बरखी भाभी को खल रही हैं तो वहीं वनराज को परिवार के टूटने का डर सता रहा है. इसी बीच अनुपमा-अनुज के झगड़े ने बरखा के प्लानिंग की शुरुआत कर दी है. आइए आपको बताते हैं अपकमिंग ट्विस्ट  (Anupama Lates Update) से जुड़ी अपडेट…

अनुपमा-अनुज के बीच होगी बहस

 

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अब तक आपने देखा कि  वनराज के कारण अनुपमा-अनुज झगड़ते हैं. वहीं अनुज, अनुपमा से कहता है कि वह शाह परिवार से दूर रहे क्योंकि वह नहीं चाहता कि वनराज और लीला उस पर आरोप लगाएं और ऊंची आवाज में बात करें. हालांकि अनुपमा कहती है किंजल मां बन रही है, फिर वह उसे इस स्थिति में कैसे अकेला छोड़ सकती है और वह वनराज को खुद संभाल लेगी. लेकिन अनुज गुस्से में कहता है कि वह उसका चेहरा भी नहीं देखना चाहता, जिसके चलते अनुज-अनुपमा के बीच बहस होती है.

बरखा उठाएगी फायदा

 

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अपकमिंग एपिसोड में आप देखेंगे कि वनराज, पाखी पर चिल्लाता नजर आएगा और उसे कपाड़िया हाउस जाने से मना करेगा. वहीं अनुज-अनुपमा के झगड़े को हवा देते हुए बरखा, अनुपमा से उसके मायके की बुराई करेगी, जिसे सुनकर अनुपमा टूट जाएगी. वहीं अंकुश, बरखा को अनुज-अनुपमा के मामले में दखल देने से मना करेगा. हालांकि बरखा और अधिक दोनों इस बात का फायदा उताते हुए नजर आएंगे. लेकिन दूसरी तरफ अनुज-अनुपमा एक-दूसरे से माफी मांगेंगे और अपनी लड़ाई को खत्म करते दिखेंगे.

 

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अनुपमा देगी बरखा को करारा जवाब

 

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इसके अलावा आप देखेंगे कि बरखा, अनुपमा से कहेगी कि उसे चिंता करने की जरुरत नहीं है क्योंकि मैरिड कपल के बीच झगड़े होंगे और कोई भी पति अपनी लाइफ में पत्नी के एक्स हस्बैंड को देखना पसंद नहीं करेगा. हालांकि अनुपमा, बरखा को जवाब देते हुए कहेगी कि वह अपने और अनुज के रिश्ते के बीच किसी को दखल नहीं देने देगी. वहीं अनुपमा, बरखा से पूछेगी कि उसने बिलों और खर्चों की जांच जीके को दी थी, जो सही नहीं है. अनुपमा की बात सुनकर बरखा चौंक जाएगी.

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जहां से चले थे: पेरेंट्स की मौत के बाद क्या हुआ संध्या के साथ

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डेब्यू से पहले ही Shanaya Kapoor का छाया लुक, ऐसे जीत रही हैं फैंस का दिल

करण जौहर की प्रौड्यूस की गई बौलीवुड फिल्म बेधड़क से में एक्टर संजय कपूर की बेटी शनाया कपूर फिल्मी दुनिया में कदम रखने वाली हैं, जिसके लिए वह डांस से लेकर अपने लुक्स पर खास ध्यान दे रही हैं. हाल ही में कपूर्स सिस्टर्स की लेट नाइट पार्टी में एक्ट्रेस शनाया कपूर का ग्लैमरस अंदाज देखने को मिला है, जिसे देखकर फैंस बेहद खुश हैं. हालांकि इससे पहले कई बार वह अपने ग्लैमरस अंदाज से फैंस का दिल जीत चुकी हैं. आइए आपको बताते हैं पूरी खबर…

शनाया कपूर ने लूटी लाइमलाइट

हाल ही में एक्ट्रेस जाह्नवी कपूर ने अपनी बहन खुशी कपूर के मुंबई लौटने की खुशी में एक पार्टी दी थी, जिसमें अदाकारा कपूर सिस्टर्स का जलवा देखने को मिला था. हालांकि इस पार्टी में एक्ट्रेस शनाया कपूर ने अपने लुक्स से जान डाल दी थी. शिमरी ड्रैस में पार्टी में पहुंची एक्ट्रेस ने अपने इस लुक को फ्लौंट करते हुए एक से बढ़कर एक फोटोज क्लिक करवाई और सोशलमीडिया पर शेयर की थीं, जिसे देखते ही फैंस दिवाने हो गए हैं.

जाह्नवी कपूर भी नहीं थीं कम

 

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दरअसल, हाल ही में अपनी डेब्यू फिल्म द आर्चीज के ऊटी शिड्यूल को पूरा करके खुशी कपूर मुंबई लौटी थीं, जिसके चलते जाह्नवी कपूर ने पार्टी रखी थी. वहीं इस पार्टी की थीम के चलते हर कोई शिमरी अंदाज में नजर आया था. जहां एक्ट्रेस जाह्नवी कपूर पर्पल कलर की शिमरी ड्रैस में नजर आईं थीं तो वहीं एक्ट्रेस खुशी कपूर शनाया कपूर से मैचिंग सिल्वर शिमरी ड्रैस में नजर आईं.

 

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फैशन में नहीं हैं कम

एक्ट्रेस शनाया कपूर के फैशन की बात करें तो वह बिकिनी हो या इंडियन अवतार, हर लुक में फैंस का दिल जीतती हैं. वहीं अपने इंस्टाग्राम पेज पर अपने नए-नए लुक से फैंस के दिलों पर बिजलियां गिराती हुई नजर आती हैं. फैंस को उनका हर अंदाज बेहद पसंद आता है.

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साथ खाना बनाने के 4 फायदे

लंबे समय तक साथ रहने के बाद चाहे पतिपत्नी हों या लिव इन पार्टनर, दोनों एकदूसरे के प्रति लापरवाह होने लगते हैं. लापरवाही धीरेधीरे आदत में बदल जाती है और रिश्ते में दरार का कारण बनती है. ऐसे में समझदारी से काम न लिया जाए तो रिश्ते की नींव कमजोर होने लगती है. इसलिए रिश्ता चाहे नया हो या पुराना, समयसमय पर एकदूसरे को स्पैशल फील कराते रहना जरूरी है. इस से आपसी प्यार और भरोसा बढ़ता है .

आजकल की भागदौड़ वाली जिंदगी में अधिकतर घरों में कपल्स औफिस जाते हैं या फिर वर्क फ्रौम होम कर रहे हैं. कई बार दोनों के औफिस टाइम भी अलगअलग होते हैं, जिस के कारण उन के पास समय का अभाव बना रहता है. वे एकदूसरे के लिए भी वक्त नहीं निकल पाते हैं. ऐसे में एकदूसरे के लिए वक्त की कमी के चलते धीरेधीरे कपल्स के बीच दूरी आने लगती है, जो आगे चल कर उन के रिश्ते में दरार पैदा कर सकती है.

याद रखें किसी भी रिश्ते को सफल और मजबूत बनाए रखने के लिए व्यक्ति को उचित समय देना पड़ता है. यदि आप बहुत व्यस्त रहते हैं तो अपने पार्टनर के साथ कुछ पल क्वालिटी टाइम जरूर बिताएं. वर्क फ्रौम होम  में भी आप दोनों छुट्टी ले कर एकदूसरे के साथ एक यादगार समय बिता सकते हैं. ऐसा करने से आप न सिर्फ उन के मन में चल रही नकारात्मकता बल्कि उन के अकेलेपन को भी दूर कर पाएंगे.

भरें दांपत्य में मिठास

दांपत्य में मिठास बनाए रखने के लिए कुछ स्पैशल करें. एकदूसरे को स्पैशल फील कराने के लिए कहीं बाहर जाने के बजाय घर पर ही पार्टनर संग हैल्दी और टेस्टी डिश बनाएं. ऐसी डिश का चुनाव करें जिसे आप दोनों मिल कर बना सकें ताकि आप एकदूसरे की मदद कर सकें एवं एकदूसरे के साथ ज्यादा समय और यादगार समय बिता सकें. साथ बैठ कर खाने का मजा ले सकते हैं. भले ही आप के घर खाना बनाने के लिए प्रोफैशनल कुक हो, फिर भी किसी छुट्टी के दिन पतिपत्नी दोनों मिल कर खाना बनाएं और एकसाथ खाएं.

हो सकता है आप के हस्बैंड को खाना बनाना नहीं आता हो. ऐसे में आप उन की मदद सब्जी काटने, खाने की टेबल सजाने, खाना बनाते समय जो चीजें आप को चाहिए उन की मदद ले सकते हैं और साथसाथ बातें कर सकते हैं तथा उन्हें खाना बनाने के गुर भी सिखा सकती हैं.

पार्टनर संग साथ में कुछ भी बनाने से पहले एकदूसरे से डिस्कस जरूर कर लें और एकदूसरे से सु?ाव मांगने में संकोच न करें. इस तरह आप एकदूसरे के साथ क्वालिटी टाइम बिता सकते हैं और अपनी छुट्टी का भरपूर मजा ले सकते हैं अगर पत्नी ने पति की पसंदीदा डिश बनाई है तो पति उन की पसंद की कोई चीज बनाएं. इस से दोनों स्पैशल फील करेंगे और एकदूसरे के लिए प्यार और भरोसा बढ़ेगा.

अपने रिश्ते को मजबूत बनाए रखने के लिए मिल कर खाना बनाने के बाद या दौरान इन बातों का अवश्य ध्यान रखें:

1. थैंक्यू बोलें

किचन में उन के द्वारा की गई हर मदद के लिए उन्हें थैंक्यू कहना न भूलें आप के ऐसा करने से उन्हें काफी अच्छा फील होगा और आप की बौंडिंग भी बेहतर बनेगी.

2. कौंप्लिमैंट जरूर दें

पार्टनर को दिया आप का एक कौंप्लिमैंट बहुत बड़ा कमाल कर सकता है. आप के ऐसा करने से आप के साथी का कौन्फिडैंस बढ़ जाता है जिस से आपसी प्यार बढ़ता है.

3. तारीफ करना न भूलें

तारीफ के दो बोल दुनिया के हर रिश्ते को मजबूती देते हैं. इसलिए पार्टनर की अच्छी आदतों, अच्छे काम, केयरिंग नेचर और सकारात्मक नजरिए की हमेशा तारीफ करें. जब भी पार्टनर कुछ नया और क्रिएटिव करें उन की  तारीफ करना न भूलें. आप के द्वारा तारीफ का हर शब्द उन्हें अलग ही खुशी देगा. इस से आप एकदूसरे के और करीब आ जाएंगे और आप के रिश्ते को मजबूती मिलेगी.

4. बदलें अपने बोलने के लहजे को

यदि आप को पार्टनर के संग किसी काम से कोई परेशानी हो रही है या कोई बात पसंद न हो तब तो उसे उस लहजे में कहें कि बुरा न लगे. जैसे पार्टनर का कोई काम पसंद न आए तो यह न कहें कि यह काम आप ने अच्छे से नहीं किया या आप को नहीं आता बल्कि यों कहें कि आप ने मेरी बहुत मदद कर दी इस के लिए थैंक्यू. उन्हें सिखाएं कि देखिए ऐसे करते हैं ताकि अगली बार वे आप के हिसाब से काम कर सकें.

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अपनी पसंदीदा जींस धोते वक्त कभी ना करें ये गलतियां

हम में से ज्यादातर लोग ऐसे होंगे जो अपना अधिकांश समय जींस पहने-पहने ही बिताते हैं. जींस की लोकप्रियता का अंदाजा आप इस बात से भी लगा सकती हैं कि आज के समय में ये हर किसी की आलमारी का हिस्सा बन चुकी है. इसे पहनना काफी आरामदेह है.

एक बात और ज्यादातर लोग जींस इसलिए भी खरीदते हैं क्योंकि जींस बहुत जल्दी गंदी नहीं होती है और इसे कई बार बिना धुले भी पहनी जा सकती है.

जींस को घर पर धोना काफी कठिन कार्य होता है. वह इसलिए क्‍योंकि इसको धोने पर बहुत जल्‍द रंग फेड हो जाता है और मटीरियल भी खराब हो जाता है. ज्‍यादातर लोग इसे ड्रायक्‍लीन करवाने के लिए दे देते हैं पर इसमें खर्चा भी होता है और समय भी जाता है. तो चलिए आज हम आपको वो तरीके बताते हैं जिससे आपकी जींस का रंग जल्दी फीका नहीं पड़ेगा और वो लंबे समय तक आपका साथ निभाएगी.

वाशिंग मशीन में धोने के दौरान

अगर आप जींस को वाशिंग मशीन में धो रही हैं तो आपकी मशीन जेंटल मोड पर होनी चाहिए. इससे आपकी जींस का रंग फीका नहीं पड़ता है.

1. डिटर्जेंट का चयन

हमेशा ही माइल्ड डिटर्जेंट का इस्तेमाल करना चाहिए. ब्लीच या फिर ऐसे डिटर्जेंट के इस्तेमाल से बचना चाहिए जिसमें बहुत अधिक मात्रा में कास्ट‍िक सोडा हो.

2. जींस को हमेशा उल्टा करके धोएं

जींस धोते वक्त इस बात का विशेष ख्याल रखना चाहिए कि धोने से पहले ही आप उसे पलट लें. ऊपरी भाग अंदर की ओर आ जाए और अंदर का भाग ऊपर की ओर. इससे जींस के डैमेज होने का खतरा कम हो जाता है.

3. ठंडा पानी

क्या जींस धोते वक्त आपको हमेशा ये डर बना रहता है कि कहीं आपकी जींस रंग न छोड़ दे? जींस को हमेशा ठंडे पानी से धोना चाहिए या फिर गुनगुने पानी से. जींस को कभी भी गर्म पानी से नहीं धोना चाहिए. गर्म पानी की वजह से जींस रंग छोड़ सकती है, खासतौर पर गाढ़े रंग की जींस. गर्म पानी से धोने पर जींस के सिकुड़ने का खतरा भी बना रहता है.

4. जींस को बाकी कपड़ों से अलग धोएं

जींस को बाकी कपड़ों से अलग धोना चाहिए. कहीं ऐसा न हो कि आप जिस कपड़े के साथ जींस धो रहे हों वो रंग छोड़ता हो. वरना आपकी जींस खराब हो सकती है. जींस को हाथ से धोना ही सबसे अच्छा रहता है. इसके साथ ही जींस को बहुत अधिक नहीं धोना चाहिए वरना इसका रंग बहुत जल्दी फीका पड़ जाएगा.

5. जब साफ करनी हो सफेद जीन्स

अगर आपको सफेद जींस साफ करनी है तो पानी में थोडा सा सफेद सिरका, अमोनिया और बेकिंग सोडा मिला लें. उसके बाद 15 मिनट के लिए जींस को उसमें भिगोने के बाद साफ करें. इससे जींस साफ भी हो जाएगी और उसमें चमक भी आएगी.

6. जींस पर लिखे इंस्ट्रक्शन का पालन

हर जींस पर साफ-साफ लिखा होता है कि उसे कैसे धोना है और कैसे रखना है. अमूमन लोग इन इंस्ट्रक्शन को पढ़कर भी नजरअंदाज कर देते हैं. कोशिश कीजिए कि आप इन सारे इंस्ट्रक्शन्स का पालन करें.

एक्सपर्ट एडवाइस से दूर करें पुरुष बांझपन से जुड़ा कलंक

आइए उन लोगों की मदद करें जो “पिता बनना चाह रहे हैं’’ और बांझपन की समस्या से जूझ रहे हैं. बांझपन की समस्या वर्षों से एक चिंता का विषय रही है. यह दुनिया भर में 8-12% जोड़ों को प्रभावित करती है. सभी बांझपन के मामलों में, लगभग 40-50% मामले पुरुष बांझपन के कारण होते हैं. संतान सुख के लिए मां और पिता दोनों की प्रजनन क्षमता (fertility)अच्छी होनी चाहिए अगर दोनों में से किसी एक की फर्टीलिटी कमजोर होती है, तो बच्चे को जन्म देने में परेशानी आ सकती है. इसलिए  मां के साथ-साथ पिता को भी अपनी फर्टिलिटी पर ध्यान दे कर तुरंत इलाज करवाने की आवश्यकता होती है ताकि समय रहते सही इलाज किया जा सके.

फर्टिलिटी कंसल्टेंट, दिल्ली एनसीआर, नोवा साउथएंड आईवीएफ एंड फर्टिलिटी  की डॉ अस्वती नैर, बता रही हैं पुरुष बांझपन से जुड़े कलंक को दूर करने के बेहतर उपाय.

पुरूष बांझपन

दशकों पहले, बांझपन (इनफर्टिलिटी) को हमेशा एक ऐसे रूप में देखा जाता था जो कभी भी पुरुषों से संबंधित नहीं थी. हालांकि, समय बीतने के साथ इंसानी शिक्षा ने अपने सबसे तेज समय में इस सच्चाई को स्वीकार कर लिया कि बांझपन पुरुषों से भी संबंधित है. हमारी सांस्कृतिक समझ में हमेशा से यह धारणा रही है कि पुरुष की वीरता हमेशा उसकी उर्वरता से मापी जाती है. एक बार यह साबित हो जाए कि वह बांझपन से पीड़ित है, तो उसकी वीरता नगण्य हो जाती है. हालांकि, बहुत से पुरुष अपनी स्थिति के बारे में बात करने में शर्मिंदगी महसूस करते हैं और अपनी समस्याओं के बारे में बात करने का साहस खो देते हैं, इस डर से कि समाज उन्हें “अपमान”, “कलंकित”, “कमजोर”, “अयोग्य” के प्रतीक के रूप में चिन्हित करेगा. यह अभी भी पुरुषों के लिए सार्वजनिक रूप से बात करने के लिए एक वर्जना बना हुआ है.

पुरुष आम तौर पर इस मामले में पीछे हट जाते हैं और इसे लेकर किए जाने वाले टेस्ट या जांच को लेकर हिचकिचाते हैं क्योंकि बांझपन विशेष रूप से पुरुषों का बांझपन अपने साथ कई सारे लांछनों को लेकर आता है. इसके अलावा इन मुद्दों को अक्सर यौन मुद्दों से जोड़कर भ्रम की स्थिति फैलाई जाती है. यह निदान और बांझपन का इलाज चाहने वाले पुरुषों को हतोत्साहित करता है. इसलिए पुरुष बांझपन की बात केवल तभी सामने आती है, जब दंपत्ति बच्चा पैदा करने की कोशिश कर रहे होते हैं.

बांझपन का कारण-

बांझपन का मुख्य कारण खराब शुक्राणु गतिशीलता या शुक्राणुओं की कम संख्या है. एक शुक्राणु की कार्यशीलता कई समस्याओँ से प्रभावित होती है, जिसमें हार्मोन और पिट्यूटरी समस्याओं के साथ-साथ पर्यावरणीय स्तर पर कई अन्य कारक शामिल हैं, जिसमें हमारी रोजाना की पेशेवर जिंदगी और निजी जिंदगी है और हमारे आस-पास की परिस्थितियां हैं.

अनुवांशिक कारण

इसके अलावा, अनुवांशिक कारणों से भी बांझपन की समस्या हो सकती है. उम्र, मोटापा और नशीली दवाओं और शराब का सेवन, लैपटॉप और मोबाइल फोन से विकिरण और धूम्रपान कुछ ऐसे प्रमुख कारक हैं जो बांझपन का कारण बनते हैं.

पुरुष बांझपन का इलाज-

पुरुष बांझपन के निदान में प्रजनन इतिहास और शुक्राणु विश्लेषण का प्रारंभिक मूल्यांकन महत्वपूर्ण प्रक्रियाएं हैं. पुरुषों के लिए यह पहले से कहीं अधिक महत्वपूर्ण है कि वे आगे आएं और अपनी प्रजनन क्षमता का परीक्षण करवाएं और डॉक्टरों से इसके बारे में बात करें. इनमें से अधिकांश समस्याओं का इलाज बिना सर्जिकल उपचार के किया जा सकता है. जबकि कुछ को सर्जिकल उपचार की आवश्यकता होती है. पुरुषों में बांझपन के इलाज की कुछ तकनीकों में इंट्रायूटेराइन इनसेमिनेशन, आईवीएफ और इंट्रासाइटोप्लाज्मिक स्पर्म इंजेक्शन शामिल हैं.

डाइट में शामिल करें एंटीऑक्सीडेंट और कुशल विटामिन सप्लीमेंट-

एक सक्रिय, लाभकारी जीवन शैली को बनाए रखने के लिए संतुलित मात्रा में पोषक तत्वों, प्रोटीन, वसा, कार्बोहाइड्रेट, विटामिन और खनिजों से युक्त भोजन का उचित सेवन सुनिश्चित करना महत्वपूर्ण है. भोजन में पर्याप्त एंटीऑक्सीडेंट और कुशल विटामिन सप्लीमेंट शामिल करना सुनिश्चित करने से प्रजनन क्षमता को बढ़ाने में मदद मिलती है.

पुरुष बांझपन से जुड़े ‘लांछनों’ को कम करने के उपाय-

इस दुनिया में हर समस्या का एक समाधान होता है और उन सभी समस्याओं का समाधान केवल उसके पास आकर और उसके बारे में बात करने से ही होता है. सबसे पहले पुरुष बांझपन के बारे में चर्चा शुरू करने की तत्काल आवश्यकता है. सार्वजनिक और निजी स्वास्थ्य सेवा प्रदाताओं, सरकार और आम जनता को शामिल करते हुए इस दिशा में एक सहयोगात्मक प्रयास की आवश्यकता है. जानकारी साझा करने की प्रक्रिया इस मामले में बेहद मददगार हो सकती हैं. कई महिला सार्वजनिक हस्तियां, विशेष रूप से मशहूर हस्तियां, सामने आ रही हैं और खुले तौर पर अपने प्रजनन मुद्दों पर चर्चा कर रही हैं, जिससे कई संघर्षरत लोगों को प्रेरणा मिली है. हालांकि, पुरुष बांझपन अभी भी एक वर्जित विषय है, जिसे बदलने की जरूरत है। यह तभी हो सकता है जब मुख्य धारा की मीडिया में प्रजनन या फर्टिलिटी चर्चा का विषय बने. लांछनों को उखाड़ फेंकना चाहिए और इसके बारे में बात और चर्चा करते हुए सर्वाधिक महत्वपूर्ण विषयों में से एक को संबोधित करना चाहिए.

संस्कृति के कारण पैदा हुए इस संवेदनशील मुद्दे पर तथाकथित “शर्म” एक बेहद मजबूत बाधा है, जिसे दूर करने की आवश्यकता है। लेकिन सामूहिक प्रयासों और सकारात्मक रणनीति के साथ, हम एक समाज के रूप में इस विचार को  बदलने की शक्ति रखते है. जन्म देना और पिता बनना हर आदमी के जीवन की एक प्रमुख उपलब्धि होती है.

उज्ज्वल, बेहतर भविष्य के लिए मार्ग प्रशस्त करना-

जब पुरुष बांझपन के मुद्दों के लिए चिकित्सकीय सलाह लेने का साहस जुटाते हैं, तो यह स्वास्थ्य सेवा पेशेवरों की जिम्मेदारी है कि वे सरल और आसानी से उपलब्ध देखभाल प्रदान करें. रोगियों के लिए एक स्वागत योग्य वातावरण तैयार करना और अधिक समझदार व पारदर्शी होना इस मामले में महत्वपूर्ण  हैं.

पुरुष बांझपन के कारणों और परिणामों के बारे में समझ की कमी के कारण, स्वास्थ्य पेशेवरों को समस्या की व्याख्या करनी चाहिए, संभावित उपचार विकल्प निर्धारित करना चाहिए, मानसिक स्वास्थ्य सहायता प्रदान करनी चाहिए, और जीवनशैली में बदलाव, आहार और व्यायाम के माध्यम से गर्भधारण की संभावनाओं को बेहतर बनाने के तरीकों को साझा करना चाहिए. यह अन्य पुरुषों को मदद मांगने के लिए प्रोत्साहित करेगा और उन्हें इस मामले में आगे बढ़ने से भयभीत होने से रोकेगा, जिससे बेहतर और उज्जवल भविष्य का मार्ग प्रशस्त होगा.

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क्या निर्देशक Aanand L Rai और अक्षय कुमार को फिल्म Raksha Bandhan का मिलेगा सहारा

फिल्मकार आनंद एल राय जब तक आम दर्शकों की पसंद के अनुरूप छोटे शहरों की छोटी छोटी बातों व सामाजिक मुद्दों को लेकर  तनु वेड्स मनु’,‘रांझणा’, ‘तनु वेड्स मनु रिटर्न’,‘निल बटे सन्नाटा’,‘शुभ मंगल सावधान’ जैसी फिल्में लेकर आते रहे,तब तक वह सफलता के शिखर की तरफ बढ़ते चले गए. आनंद एल राय की इन सभी फिल्मों को दर्शकों ने काफी पसंद किया. मगर इन फिल्मों की सफलता के बाद आनंद एल राय गफलत के शिकार हो गए. उन्होने मान लिया कि जो वह सोचते है,वही सही है. बस यहीं से मामला गड़बड़ा गया. परिणामतः ‘मुक्काबाज’,‘जीरो’,‘लाल कप्तान’, ‘हसीन दिलरूबा’,‘अतरंगी रे’ जैसी उनकी फिल्में बाक्स आफिस पर कोई कमाल न दिखा पायीं. इनमें से ‘जीरो’ और ‘अतरंगी रे’ का निर्माण करने के साथ ही आनंद एल राय ने निर्देशन भी किया.

मगर इन फिल्मों की असफलता से आनंद एल राय ने कुछ सबक सीखा और एक बार फिर वह जमीनी सतह से जुड़े विषय  पर ‘रक्षाबंधन’’ फिल्म लेकर आ रहे हैं,जो कि आगामी ग्यारह अगस्त को देश भर के सिनेमाघरों में पहुॅचेगी, जिसका ट्रेलर चंादनी चैक स्थित डिलाइट सिनेमाघर मंे रिलीज किया गया. . फिल्म ‘रक्षाबंधन’ की कहानी पुरानी दिल्ली के बस्ती चांदनी चैक  की पृष्ठभूमि में चार बहनों व भाई के बीच प्यार,अपनापन व लगाव के साथ मध्यमवर्गीय जीवन की कहानी है. फिल्म ‘‘रक्षा बंधन’’ का ट्रेलर एक भाई(अक्षय कुमार) और उसकी चार बहनों(सहजमीन कौर, दीपिका खन्ना, सादिया खतीब और स्मृति श्रीकांत) के बीच प्यार भरे रिश्ते और चंचल मजाक को दर्शाता है. इसी के साथ भाई(अक्षय कुमार ) की प्रेम कहानी भी है. वह जिस लड़की(भूमि पेडनेकर ) से बचपन से प्यार करता है,उसके संग खुद विवाह नही रचा पा रहा है,क्यांेकि वह अपनी चार बहनों का विवाह कराने के लिए दर दर भटक रहा है . यानी कि इसमें कहीं न कहीं दहेज प्रथा पर भी बात की गयी है. हिमांशु शर्मा और कनिका ढिल्लों लिखित इस फिल्म में सीमा पाहवा,नीरज सूद व अभिलाष थपलियाल की भी अहम भूमिकाएं हैं.

यॅूं तो फिल्म ‘‘रक्षाबंधन’’ का ट्रेलर 21 जून को दिल्ली में रिलीज किया गया. मगर हमें मुंबई में 20 जून को ही देखने का अवसर मिल गया था. ट्रेलर देखने के बाद जब आनंद एल राय से हमारी अनौपचारिक बातचीत हुई,तो उस बातचीत में आनंद एल राय ने कहा-‘‘ मैं अपने मन की बात कह रहा हॅूं. मैने महूसस किया कि हम डिजिटिलाइजेशन और डिजिटल के लिए सिनेमा बनाने के फेर में दर्शकों की पसंद को ही भुला बैठे और हम अपने दशकों से ही दूर हो गए. इस अहसास के बाद मैने पुनः दर्शकों की नब्ज को पकड़कर रिश्तों की भावनात्मक कहानी ‘रक्षाबंधन’ लेकर आ रहा हॅूं. इसकी कहानी का कंेद्र बिंदु भाई बहन के बीच प्यार का अटूट भावनात्मक बंधन है,जिससे हर दर्शक रिलेट करेगा और इसे पसंद करेगा. हमें लगता है कि हम इस बात को ट्रेलर से भी बता पा रहे हंै. ’’

भारतीय परिवेश में ‘रक्षा बंधन’’ का खास महत्व है. यह भाई बहन के प्यार के साथ ही भाई द्वारा बहन को उसकी रक्षा करने का वादा करने का त्योहार है. इस पर बहुत कम फिल्में बनी हैं. 1976 में ‘रक्षा बंधन’ नामक फिल्म को जबरदस्त सफलता मिली थी. वैसे तो 2001 में इस नाम को पुनः रजिस्टर करवाया गया था. मगर इस विषय पर ज्यादा फिल्मंे नही बनी. 2000 तक कुछ फिल्मों में ‘रक्षाबंधन’ के कुछ दृश्य व गाने नजर आते रहे. मगर फिर धीरे धीरे बौलीवुड से ‘रक्षाबंधन’ का त्यौहार ही नहीं भाई बहन व पारिवारिक रिश्ते ही गायब होते चले गए. इस दृष्टिकोण से आनंद एल राय की फिल्म ‘‘रक्षाबंधन’’ दर्शकों को भा सकती है. मगर सब कुछ इस बात पर निर्भर करता है कि उन्होने फिल्म में इसे किस तरह से पेश किया है. आधुनिक जमाने में ‘रक्षाबंधन’’ की परंपरा में भी काफी बदलाव आया है. इसके अलावा ट्रेलर से आभास होता है कि फिल्म की कहानी का हिस्सा दहेज जैसी कुप्रथा भी है. पर इसे किस तरह से पेश किया गया है,उसी पर फिल्म की सफलता व असफलता निर्भर करेगी. इतना ही नही अनौपचारिक बातचीत में आनंद एल राय ने जिन बातो का जिक्र किया और जिसका उन्हे ज्ञान हुआ है,उसे वह अपनी फिल्म को दर्शकों तक पहुॅचाने के लिए किस तरह से अमल में लाते हैं,उस पर भी काफी कुछ निर्भर करेगा.

इसके अलावा इस फिल्म में नायक की भूमिका में अक्षय कुमार हैं. इस फिल्म से अक्षय कुमार ने भी काफी उम्मीदे बांध रखी हैं. फिल्म के ट्रेलर लंाच के बाद अक्षय कुमार ने कहा-‘‘मेरी बहन अलका के साथ मेरा रिश्ता मेरे पूरे जीवन का मुख्य बिंदु रहा है. एक रिश्ते को पर्दे पर इतना खास और शुद्ध साझा करने में सक्षम होना जीवन भर की भावना है. जिस तरह से आनंद राय जी  दिल और आत्मा के साथ सरल कहानी को सामने लेकर आए हंै,वह इस बात का प्रमाण ह. अस इंडस्ट्ी में उनके जैसे बहुत कम लोग हैं,जो स्क्रीन पर इतनी नाजुकता से भावनाओं को प्रस्तुत कर सकते हैं.  मैं इसका हिस्सा बनकर धन्य हॅूं. ’’

निर्माता व निर्देशक आनंद एल राय के साथ ही अक्षय कुमार के लिए भी फिल्म ‘‘रक्षा बंधन’’ सबसे बड़ी अग्नि परीक्षा है. क्योंकि अक्षय कुमार की ‘लक्ष्मी’, ‘बेलबौटम’, ‘बच्चन पांडे’ व ‘सम्राट पृथ्वीराज’ जैसी फिल्मों की बाक्स आफिस पर बड़ी दुर्गति हो चुकी है. दर्शकों का एक वर्ग उनसे काफी नाराज है. तो अब अक्षय कुमार को अपेन उन प्रशंसकों व दर्शकों को अपनी तरफ लाने का दोहरा भार है. देखना है कि फिल्म के रिलीज से पहले वह इस काम को किस तरह से अंजाम देेते हैं.

कुल मिलाकर फिल्म ‘‘रखाबंधन’’ का ट्रेलर कुछ अच्छी उम्मीदें जगाता है,मगर इस फिल्म को सही अंदाज में दर्शकों तक कैसे फिल्मकार आनंद एल राय पहुॅचाते हैं, उस पर सारा दारोमदार रहेगा. पिछले कुछ समय में कुछ बेहतरीन फिल्मों को भी दर्शकों ने नकार दिया, क्योंकि उन फिल्मों का प्रचार ही गलत ढंग से हुआ था. फिल्म की  विषयवस्तु कंटेंट को सही रूप में पहुॅचाना भी आज की तारीख में सबसे बड़ी चुनौती बन गयी है. हर फिल्मकार व कलाकार को याद रखना होगा कि अब दर्शक महज कलाकार या निर्देशक का नाम देखकर अपनी जेब से पैसे खर्च कर फिल्म देखने के लिए सिनेमाघर नही जाना चाहता. उसे एक अच्छी कहानी व मनोरंजन चाहिए.

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