Anupamaa से लेकर Ghum Hai Kisikey Pyaar Meiin तक, रीजनल शोज के हिंदी रीमेक हैं ये 7 सीरियल

टीवी इंडस्ट्री पर इन दिनों कई नए सीरियल टीआरपी लिस्ट में धमाल मचा रहे हैं. अनुपमा की कहानी से लेकर सीरियल गुम है किसी के प्यार में आज घर-घर में फेमस हो चुका है. लेकिन क्या आप जानते हैं आपके हिंदी फेमस टीवी सीरियल रीजनल टीवी शो के रिमेक हैं. आइए आपको बताते हैं पूरी खबर…

1. अनुपमा

टीआरपी चार्ट्स में इन दिनों पहले नंबर पर धमाल मचाने वाला रूपाली गांगुली (Rupali Ganguly) और सुधांशू पांडे स्टारर सीरियल अनुपमा (Anupamaa) भी रीजनल शो का रिमेक है. दरअसल, बंगाली सीरियल ‘श्रीमोई’ (Sreemoyee) पर बेस्ड सीरियल अनुपमा को मराठी भाषा में भी बनाया गया है, जो फैंस के बीच काफी पौपुलर है.

2. इमली

सुंबुल तौकीर खान (Sumbul Touqueer Khan) और गश्मीर महाजनी (Gashmeer Mahajani) स्टारर सीरियल इमली (Imlie) भी बंगाली सीरियल ‘इश्टी कुटूम’ का रीमेक है, जिसे इन दिनों औडियंस काफी पसंद कर रही हैं. वहीं सीरियल की कहानी भी आए दिन नए मोड़ ले रही है.

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3. गुम है किसी के प्यार में

सुपरहिट सीरियल्स में से एक नील भट्ट (Neil Bhatt), आएशा सिंह (Ayesha Singh) और ऐश्वर्या शर्मा (Aishwarya Sharma) स्टारर ‘गुम है किसी के प्यार में’  (Ghum Hai Kisikey Pyaar Meiin) भी बंगाली सीरियल कुसुम डोला का हिंदी रीमेक है, जिसे इन दिनों फैंस काफी पसंद कर रहे हैं. वहीं कुछ फैंस ने सई और विराट को #sairat नाम भी दे दिया है.

4. पवित्र रिश्ता

जल्द ही सीरियल पवित्र रिश्ता (Pavitra Rishta 2.0) का दूसरा सीजन शुरु होने वाला है. लेकिन अंकिता लोखंडे (Ankita Lokhande) और सुशांत सिंह राजपूत (Sushant Singh Rajput) स्टारर सीरियल पवित्र रिश्ता (Pavitra Rishta) पहले ही लाखों-करोड़ों दिलों को जीत चुका है. लेकिन क्या आप जानते हैं सीरियल पवित्र रिश्ता तमिल सीरियल थिरुमथि सेल्वम (Thirumathi Selvam) पर बेस्ड सीरियल रह चुका है.

5. कुल्फी कुमार बाजेवाला

टीवी एक्टर मोहित मलिक और आकृति शर्मा स्टारर सीरियल कुल्फी कुमार बाजेवाला (Kulfii Kumar Bajewala) भी फैंस के बीच पौपुलर रहा है. हालांकि ये सीरियल जल्द ही बंद हो गया था. लेकिन ये बंगाली शो ‘पोतोल कुमार गानवाला’ (Potol Kumar Gaanwala) पर बेस्ड सीरियल रह चुका है.

6. ससुराल गेंदा फूल

अमीर बहू और मिडिल क्लास फैमिली की कहानी बताने वाला रागिनी खन्ना (Ragini Khanna) और जय सोनी स्टारर सीरियल ‘ससुराल गेंदा फूल’  (Sasural Genda Phool) भी बंगाली सीरियल ‘ओगो बोधु शुंदोरी’ (Ogo Bodhu Sundari) का रीमेक रह चुका है, जिसे फैंस ने काफी पसंद किया था.

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7. साथ निभाना साथिया

गोपी बहू आज भी घर-घर में फेमस है. वहीं इसका दूसरा सीजन भी इन दिनों काफी पौपुलर हो रहा है. साथ निभाना साथिया  (Saath Nibhana Saathiya ) भी बंगाली सीरीज ‘के ऑपन के पोर’ (Ke Apon Ke Por) का हिंदी रीमेक है, जिसे फैंस ने काफी प्यार दिया है. वहीं आज भी ये फैंस के दिलों पर राज करता है. फफ

Mouni Roy ने कौपी किया Aishwarya Rai Bachchan के Jodhaa लुक, Photos Viral

बौलीवुड एंड टीवी एक्ट्रेस मौनी रॉय (Mouni Roy) अपने हौट लुक के लिए सुर्खियां बटोरती रहती हैं. हालांकि फैंस उनका इंडियन लुक भी काफी पसंद करते हैं. इसी बीच एक्ट्रेस मौनी रौय ने अपनी फैंस को तोहफा देते हुए इंडियन लुक में कुछ फोटोज शेयर की हैं, जिसमें वह जोधा अकबर फिल्म की जोधा यानी ऐश्वर्या राय बच्चन (Aishwarya Rai Bachchan) के मारवाड़ी लुक को कॉपी करती नजर आ रही हैं. वहीं उनका ये लुक फैंस को काफी पसंद आ रहा है. आइए आपको दिखाते हैं मौनी रौय की लेटेस्ट फोटोज…

रानी के लुक में दिखीं मौनी रॉय

 

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एक्ट्रेस मौनी रॉय (Mouni Roy) ने हाल ही में एक अपकमिंग प्रौजेक्ट की फोटोज सोशलमीडिया पर शेयर की हैं, जिसमें वह मारवाड़ी लुक में नजर आ रही हैं. वहीं फैंस उनके इस लुक की तुलना ऐश्वर्या राय बच्चन के जोधा लुक से कर रहे हैं. हालांकि मौनी रौय का लुक फैंस को काफी पसंद आ रहा है. दऱअसल, फोटोज में एक्ट्रेस मौनी रॉय (Mouni Roy) लाल रंग के जोड़े में दुल्हन की तरह सजी संवरी दिख रही है. वहीं इस लुक पर उनकी मारवाड़ी ज्वैलरी चार चांद लगा रहा है.

 

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ज्वैलरी से हुआ मौनी रौय को प्यार

 

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जोधा लुक के अलावा सेट के लोकेशन की तारीफ करते हुए मौनी रौय ने कुछ और फोटोज शेयर की हैं, जिसमें वह मारवाड़ी ज्वैलरी फ्लौंट करती नजर आ रही हैं. गोल मांगटीका और नथ के साथ मौनी रौय का लुक फैंस का दिल जीत रहा है. इडियन लुक में मौनी फैंस का दिल जीतती नजर आ रही हैं.

अली गोनी के साथ आएंगी नजर

 

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खबरों की मानें तो एक्ट्रेस मौनी रौय जल्द ही टीवी एक्टर अली गोनी संग एक म्यूजिक वीडियो में नजर आएंगी, जिसके चलते फैंस काफी एक्साइटेड हैं. वहीं दोनों की एक साथ फोटोज भी सोशलमीडिया पर वायरल होनी शुरु हो गई हैं.

 

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Monsoon Special: फैमिली के लिए बनाएं तवा पुलाव

अगर आप डिनर में टेस्टी रेसिपी अपनी फैमिली और बच्चों को परोसना चाहते हैं तो तवा पुलाव आपके लिए बेस्ट रेसिपी हैं.

लालमिर्च पेस्ट बनाने के लिए

–  6-7 भीगी हुई साबूत लाल कश्मीरी मिर्च

–  4-5 लहसुन की कलियां

–  1 छोटा चम्मच जीरा.

तवा पुलाव बनाने के लिए  

–  2 बड़े चम्मच बटर

–  1 बड़ा चम्मच औयल

–  1 छोटा चम्मच जीरा

–  1 प्याज कटा हुआ

–  1 बड़ा चम्मच अदरकलहसुन का पेस्ट

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–  1/4 कप लालमिर्च का पेस्ट

–  1 कप पत्तागोभी कटी हुई

–  1/4 कप शिमलामिर्च कटी हुई

–  1 टमाटर कटा हुआ

–  1/2 कप आलू उबले व कटे हुए

–  1/4 कप हरे मटर उबले हुए

–  2 कपचावल उबले हुए

–  1/2 छोटा चम्मच नीबू का रस

–  2 बड़े चम्मच बटर

–  2 बड़े चम्मच पाव भाजी मसाला

–  नमक स्वादानुसार.

गार्निशिंग के लिए 

–  1 टमाटर कटा हुआ

–  थोड़ीसी धनियापत्ती कटी

–  टुकड़ों में कटा हुआ नीबू.

सर्व करने के लिए

–  पापड़ भुना हुआ

–  टमाटर का रायता.

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बनाने का तरीका

ब्लैंडर में भीगी हुई लालमिर्च, जीरा और लहसुन डाल कर पेस्ट तैयार कर के एक तरफ रख दें. फिर एक पैन में बटर और औयल गरम कर उस में जीरे को चटकाएं. फिर प्याज डाल कर अच्छी तरह चलाते हुए सुनहरा होने तक भूनें. अब अदरकलहसुन व तैयार लालमिर्च का पेस्ट डाल कर थोड़ी देर और चलाएं. इस के बाद इस में सारी सब्जियों को डाल कर अच्छी तरह 5-6 मिनट तक पकाएं. अब इस में चावल के साथ नमक डालते हुए अच्छी तरह मिलाएं. फिर इस में नीबू, बटर और पाव भाजी मसाला डाल कर एक बार चलाएं. अब टमाटर, धनियापत्ती और नीबू से गार्निश कर के टमाटर के रायते और पापड़ के साथ गरमगरम सर्व करें.

Monsoon Special: बारिश के मौसम में ऐसे करें स्किन की खास देखभाल

बारिश के मौसम में त्वचा का खास ख्याल रखना और भी जरुरी होता है, क्योंकि हवा में बढ़ी हुई नमी के कारण त्वचा चिपचिपी और बेजान हो जाती है. आइए जानें त्वचा की देखभाल करने के कुछ खास घरेलू उपाय.

– हफ्ते में कम से कम दो बार एक्सफोलिएट करें.

– फ्रूट एक्सट्रैक्ट से बना फेस वाश का इस्तेमाल करें.

– जितनी बार भी चेहरा धोएं, स्किन ब्राइटनिंग टोनर का इस्तेमाल जरुर करें, ताकि त्वचा के रोमछिद्र बंद हो जाएं.

– हेवी मौइश्चराइजिंग क्रीम्स, क्रीम बेस्ड मेकअप और आयली फाउंडेशन्स के इस्तेमाल से बचें.

– आयली स्किन के लिए मिंट बेस्ड स्किन टौनिक काफी अच्छा रहता है. आप रोज टौनिक को फ्रिज में स्टोर करके रखें और दिन में कई बार कौटन से अप्लाई करें. आपको काफी फ्रेश फील होगा.

– गुलाबजल भी नेचुरल टोनर का काम करता है.

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– मौनसून में चेहरे को साबुन से न धोएं. बेहतर होगा कि चेहरे को एस्ट्रिजेंट से साफ करें.

अपनाएं ये फैसपैक

– ओटमील-टमाटर का पैक भी काफी फायदेमंद है. 1 टेबलस्पून टमाटर के रस में थोड़ा-सा ओटमील मिलाकर पतला पेस्ट तैयार कर लें. इसमें 1 बूंद पेपरमिंट एसेंशियल आयल डालें और चेहरे को गुनगुने पानी से धोकर यह पैक अप्लाई करें. 10 मिनट बाद गीले कौटन बौल से पोंछकर ठंडे पानी से चेहरा धो ले.

– एक केले को मैश करके वेजीटेबल या सलाद आयल में फेंट लें . चेहरे पर लगाएं और 20 मिनट बाद धो लें.

– 1 अंडे की जर्दी को फेंटकर उसमें 1-1 टीस्पून दही और मुल्तानी मिट्टी मिला लें . गाढ़ा पेस्ट तैयार करके चेहरे पर लगाएं. सूखने पर धो लें. इसे हफ्ते में दो बार इस्तेमाल करें.

– मुल्तानी मिट्टी, चंदन पाउडर और बेसन को समान मात्रा में मिलाकर एयरटाइट कंटेनर में रख लें. जब भी यूज करना हो, तो 1 टेबलस्पून को थोड़े-से पानी में मिलाकर पेस्ट तैयार कर लें और अप्लाई करें, सूखने पर धो लें.

– मौनसून फेस पैक के लिए 3 टीस्पून ओटमील में अंडे की जर्दी और 1-1 टीस्पून शहद और दही मिलाएं. अगर आप अंडा यूज नहीं करना चाहती, तो उसकी जगह गुलाबजल या आरेंज जूस का इस्तेमाल करें और आधे घंटे बाद चेहरा धो लें . इस पैक को हफ्ते में दो बार लगाएं.

– आप फ्रूट मास्क का भी इस्तेमाल कर सकती हैं. पके पपीते में सेब, पाइनेप्प्ल और तरबूज को कद्दूकस करके मास्क बनाएं.

– आयली स्किन के लिए बेसन में दूध मिलाकर पैक तैयार कर लें और चेहरे पर अप्लाई करें. 20 मिनट बाद धो लें.

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– बारिश के मौसम में जितना हो सके, गुनगुने पानी से चेहरा धोएं, ताकि एक्स्ट्रा आयल निकल जाए.

– अगर आपकी स्किन ड्राई है, तो अल्कोहल फ्री टोनर का ही इस्तेमाल बेहतर होगा.

– ड्राई स्किन के लिए टोनर के रूप में 5 बूंद कैमोमाइल आयल में 1 टीस्पून दूध मिलाकर अप्लाई करें.

लौकडाउन में घर में रहने से मेरे चेहरे का ग्लो खत्म हो गया है, मैं क्या करुं?

सवाल-

कोविड-19 जैसी पैंडेमिक में लौकडाउन के समय हर वक्त घर में रहने से मेरे चेहरे का ग्लो खत्म होता जा रहा है. क्या इसे वापस लाया जा सकता  है?

जवाब-

कोविड-19 में फिजीकल ऐक्टिविटी में कमी का इफैक्ट स्किन और हेयर्स पर पड़ता है. फिजीकल ऐक्टिविटी की वजह से बौडी में बनने वाली ऐनर्जी से मैटाबोलिज्म अच्छा रहता है.

आप का मैटाबोलिज्म कम न पड़े इस के लिए आप घर में ही वर्कआउट करें. भोजन में प्रोसैस्ड फूड की जगह आप नारियल का पानी या फिर ताजा जूस शामिल करें. इस के अलावा ताजे फल और सब्जियां खाएं.

स्किन का ग्लो बढ़ाने के लिए आप एक खीरा, टमाटर और आलू को धो कर उन्हें मिक्सी में पीस लें. आप इसे आइसट्रे में डाल कर जमा दें. जब सुबह आप अपना काम शुरू करें तो एक क्यूब से चेहरे पर मसाज करें और उसे सूखने दें. थोड़ी देर बाद धो लें.

आप की त्वचा चमकती रहेगी. शरीर का ब्लड सर्कुलेशन बढ़ाने और डैड स्किन निकलने के लिए 1 छोटे चम्मच बेसन में 1/2 चम्मच दलिया/सूजी मिला लें. अगर आप की त्वचा औयली है तो इस में गुलाबजल मिला लें. अगर आप की त्वचा नौर्मल है तो इस में दही मिला लें. वहीं अगर बेहद रूखी है तो इस में मलाई मिला कर मसाज करें. इस से आप की त्वचा पर फौरन रौनक आ जाएगी.

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त्वचा के लिए बेसन के फायदे कमाल के होते हैं. उबटन के रूप में बेसन का इस्तेमाल खूब किया जा रहा है. बेसन को आप कई तरह से इस्तेमाल में ला सकती हैं.

औयली स्किन पर कमाल

अगर आप चेहरे पर बारबार औयल आने से परेशान हों तो बेसन और दही मिक्स कर के चेहरे पर लगाएं और 15 मिनट बाद इसे धो लें. साफ, चमकती त्वचा पर सब की निगाहें टिकी रह जाएंगी.

पल में हटाए बाल

कई लड़कियां चेहरे के अनचाहे बालों से परेशान रहती हैं. इन्हें हटाने के लिए वैक्स का सहारा लेती हैं. मगर आप नहीं जानतीं कि इस समस्या का निदान बेसन के पास भी है. इस के लिए 2 चम्मच बेसन और बराबर मात्रा में सरसों का तेल मिला कर इस लेप को चेहरे पर लगाएं और हलके हाथों से मसाज करें. इस प्रक्रिया को 2-3 बार दोहराएं. अनचाहे बाल हट जाएंगे.

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नाखूनों से जानें सेहत का राज, पढ़ें खबर

हमारे शरीर में किस चीज की कमी है या कौन सी बीमारी दस्तक दे रही है, उस की कंडीशन क्या है आदि हमारे नाखून आसानी से बता देते हैं.

इस बारे में मुंबई की ‘द स्किन इन’ की डर्मेटोलौजिस्ट डा. सोमा सरकार बताती हैं कि नाखूनों की सहायता से मिनरल्स, विटामिंस की कमी के अलावा थायराइड, ऐनीमिया, कार्डियक डिजीज, लंग्स डिसऔर्डर आदि बीमारियों का पता आसानी से लगाया जा सकता है. हैल्दी नाखूनों का रंग हमेशा हलका गुलाबी होता है. हर दिन हैल्दी नाखून 0.003 मिलीमीटर से 0.01 मिलीमीटर तक बढ़ते हैं, लेकिन यह व्यक्ति की उम्र और स्वास्थ्य पर भी निर्भर करता है. कम उम्र में नाखून जल्दी बढ़ते हैं, जबकि अधिक उम्र होने पर इन के बढ़ने की रफ्तार धीमी हो जाती है. ठंड के मौसम में नाखून जल्दी नहीं बढ़ते, जबकि गरमी के मौसम में जल्दी बढ़ते हैं.

क्या कहते हैं नाखून

– अगर नाखूनों का आकार तोते की चोंच की तरह हो रहा है, तो उस व्यक्ति को कार्डियक की बीमारी या लंग्स डिसऔर्डर होने की संभावना होती है.

– नाखून की सतह पर सफेद लकीरें बायोटिन की कमी का संकेत देती हैं. बायोटिन शरीर में उपस्थित बैड कोलैस्ट्रौल को घटा कर शरीर को ऊर्जा प्रदान करती है. इस के अलावा ऐसे नाखून लिवर संबंधी बीमारी की ओर भी इशारा करते हैं. इस के लिए फ्रैश वैजिटेबल्स और सलाद खाना लाभदायक रहता है.

– कैल्सियम, प्रोटीन और विटामिंस की कमी से नाखून ब्रिटल हो जाते हैं. इस में नाखूनों के ऊपर से पपड़ी निकलने लगती है. असल में ऐसे नाखूनों में ब्लड सर्कुलेशन कम होता है. ऐसे नाखून वाले व्यक्ति अधिकतर थायराइड या आयरन की कमी के शिकार होते हैं. अत: समय रहते इलाज कराना जरूरी है. एग, फिश, बादाम आदि का सेवन इस में लाभदायक होता है.

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– जिन के नाखूनों का रंग नीला होता है उन की श्वास की बीमारी, निमोनिया या दिल से संबंधित बीमारियों से पीडि़त होने की संभावना होती है.

– पीले नाखून वाले व्यक्ति अधिकतर पीलिया के शिकार होते हैं. इस के अलावा सिरोसिस और फंगल इन्फैक्शन जैसी बीमारियां भी उन्हें हो सकती हैं. धूम्रपान करने वाले व्यक्ति के नाखून भी पीले या बदरंग हो जाते हैं.

– आधे सफेद और आधे गुलाबी रंग के नाखून वाले व्यक्ति को किडनी से संबंधित बीमारियां हो सकती हैं. ऐसे नाखून खून की कमी का भी संकेत देते हैं.

– सफेद रंग के नाखून लिवर से संबंधित बीमारियों जैसे हैपेटाइटिस का संकेत देते हैं.

– कई बार नाखूनों के आसपास की त्वचा सूखने लगती है. इस की अनदेखी न करें. ऐसा विटामिन सी, फौलिक ऐसिड या प्रोटीन की कमी से होता है, इसलिए अपने आहार में प्रोटीनयुक्त पदार्थ, पत्तेदार सब्जियां आदि जरूर शामिल करें.

डा. सोमा कहती हैं कि महिलाएं पानी में अधिक काम करती हैं. इसलिए उन में नाखूनों की बीमारी अधिक देखी जाती है. उन्हें अपने नाखूनों की देखभाल ऐसे करनी चाहिए:

– काम करने के बाद हलके गरम पानी से नाखूनों को साफ करने के बाद नेल क्रीम या किसी भी कोल्ड क्रीम से नाखूनों को मौइश्चराइज करें.

– ऐसीटोन युक्त नेल रिमूवर से नेल पौलिश कभी साफ न करें.

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– नाखूनों को समयसमय पर काट कर नेल फौइलर द्वारा साफ करें.

– नेल पौलिश लगाने से पहले नेल हार्डर लगाएं ताकि नाखून कैमिकल से सुरक्षित रहें.

– नाखूनों की बाहरी त्वचा का खास ध्यान रखें. नेल क्यूटिकल्स ही नाखूनों को फंगल और बैक्टीरिया के इन्फैक्शन से बचाते हैं.

– खाने में प्रोटीन, विटामिन, मिनरल्स वाले पदार्थ अधिक लें.

Monsoon Special: बेबी स्किन केयर करें कुछ ऐसे

बारिश का मौसम चिलचिलाती गर्मी से राहत तो दिलाती है, लेकिन अपने साथ तापमान और आर्द्रता के स्तिरों में भी परिवर्तन लाती है. मौनसून के शुरू होते ही पैरेंट्स के लिए बच्चों की देखभाल सही तरीके से करने की जिम्मेदारी बढ़ जाती है, क्योंकि बारिश में मच्छर, मक्खियाँ और कई प्रकार के कीडे-मकोडे अंदर आ जाते है, जिससे कई प्रकार की बिमारियों के अलावा उनके कांटने से बेबी की स्किन पर लाल रैशेज, इन्फेक्शन, सूजन आदि से जुड़ी समस्या दिखाई पड़ने लगती है. इस बारें में पुणे की प्रोफेसर एवं हेड, डिपार्टमेंट ऑफ नियोनेटोलॉजी, बीवीयू मेडिकल कॉलेज, मेम्बर, इंडियन एकेडमी ऑफ

पीडियाट्रिक्सव डॉ. प्रदीप सूर्यवंशी कहते है कि न्यूबौर्न बेबी की स्किन वयस्कन की तुलना में 40से60 गुना पतली होती है. इसलिए उनकी कोमलतापूर्ण देखभाल और पोषण की आवश्य्कता होती है. मौनसून के दौरान बेबी की स्किन की अच्छी देखभाल के लिए कुछ सुझाव निम्न है,

बेबी की मालिश

• बच्चों को तेल मालिश पुरानी प्रथा है. भारत के लगभग हर परिवार में बेबीओं पर तेल मालिश किया जाता है. इसके लाभ कई है, इंडियन एकेडमी ऑफ पीडियाट्रिक्सब (आईएपी) के अनुसार, सही तेल से बच्चों की उचित तरीके से मालिश किये जाने से उनका व्यीवहार सौम्या होता है, कॉर्टिसॉल का स्तर या मात्रा घटता है और बेबी का मानसिक रूप से बेहतर प्रदर्शन देखा गया.

• मालिश करने का सबसे उपयुक्ता समय तब होता है, जब बच्चा पूरी तरह से आराम कर चुका हो और भूखा न हो. इसके अलावा कमरा गर्म हो और हाथों में थोड़ा-सा तेल लेकर मालिश की शुरुआत करें और उसे धीरे-धीरे स्किन पर मालिश करते जाएं. मालिश के लिए हल्केआ और चिपचिपाहटरहित मिनरल ऑयल का इस्ते माल करना चाहिए, जिसमें विटामिन E भरपूर मात्रा में मौजूद हो.

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• ज्या,दा जोर लगाकर मालिश न करें, ऊपर की ओर प्या र भरी थपकी देने के साथ बेबी के सामने और पीठ की ओर गोलाई में हल्केन-हल्केी मालिश करें. जेंटल स्पर्श के साथ की जाने वाली मालिश से माता-पिता और बच्चे के बीच रिश्ता मजबूत होता है और बच्चे की स्किन में गर्माहट आती है, जो मौनसून के बदलते तापमान की वजह से फायदेमंद है.

खुशनुमा स्ना न

• मालिश की तरह ही नहाने का समय भी बच्चेच से जुड़ाव बढ़ाने का अच्छाक मौका होता है. मौनसून के दौरान, रोज नहलाना जरूरी नहीं होता. हफ्ते में दो से तीन बार नहलाना उपयुक्ति होता है. बेबी को नहलाने का कमरा गर्म होना चाहिए और गुनगुने पानी से नहलाया जाना चाहिए. पैरेंट्स, बेबी को नहलाने के लिए बेबी क्लेनन्जर या बेबी सोप का इस्तेामाल कर सकते है. आपको यह भी देखना होगा कि बच्चेा को नहलाने के लिए प्रयोग किये गए उत्पाद में पैराबिन या डाई न हों, चिकित्स्कीय रूप से प्रामाणिक हो और बच्चेि की स्किन के लिए उपयुक्तन हो. मिल्कर प्रोटीन और विटामिन E से भरपूर बेबी सोप सबसे अच्छा होता है.

• बेबी सोप किटाणुओं को धीरे-धीरे हटा देने के साथ-साथ स्किन को कोमल और चिकना बना देती है. साबुन की तरह ही, नैचुरल मिल्कस एक्सलट्रैक्ट्स , राइस ब्रैन प्रोटीन जैसे तत्वोंत और 24 घंटे मॉइश्चनराइजिंग प्रदान करने वाले बेबी वॉश भी बेबी के लिए सही होता है.

• नहलाने के बाद, नर्म एवं गर्म तौलिये से बेबी के शरीर को पोंछकर सूखा दें. क्रीज वाले स्थान जैसे गर्दन, अंडरआर्म आदि को अच्छीस तरह से सूखा लें, जिससे रैशेज न हों.

मॉइश्चजराइजिंग है ज़रूरी

• शोध के अनुसार, भारत में 3 में से 2 बेबीओं की स्किन रूखी होती है. एक अच्छी मॉइश्चधराइजिंग क्रीम या लोशन का उपयोग करने से बच्चे की स्किन में नमी बनाए रखने में मदद मिलती है. सही उत्पाद न केवल पोषण देता है, बल्कि बच्चे की स्किन की रक्षा भी करता है. बेबी को नहलाने के बाद ग्लिसरीन या मिल्क एक्सोट्रैक्ट्स और राइस ब्रैन प्रोटीन के साथ 24 घंटे के लॉकिंग सिस्टम वाले लोशन का उपयोग किया जा सकता है.

• मॉइश्च राइजर लगाते समय दोनों हाथों पर थोड़ा सा लोशन लें और बच्चे के आगे-पीछे दिल के आकार में लगाएं. विटामिन E और मिल्कन एक्स ट्रैक्स्ीछ वाले बेबी क्रीम बेबी के चेहरे पर और शरीर के बाकी हिस्सों पर लोशन का प्रयोग अच्छा रहता है.

डायपर केयर

• बेबी के डायपर के जगह की देखभाल करना महत्वपूर्ण है. विशेष रूप से आर्द्र मौसम के दौरान, गीले और तंग डायपर से बच्चे को अधिक पसीना हो सकता है, जिससे डायपर के उपयोग वाली जगह पर डायपर डर्मेटाइटिस और इंफेक्शअन हो सकता है.

• बीच-बीच में डायपर बदलते रहें या जब भी संभव हो बच्चे को बिना डायपर का ही रखे. डायपर क्षेत्र को साफ करने के लिए मॉइश्चंराइजरयुक्त अल्कोहल-मुक्त वाइप्स का उपयोग करें. डायपर क्षेत्र को साफ और सूखा रखने से रैशेज से बचा जा सकेगा. अगर रैशेज की समस्या बनी रहती है, तो डॉक्टर से सलाह लें.

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कम्फ़र्टेबल पोशाक

• मौनसून के दौरान, पूरी लंबाई वाले सूती कपड़े पहनाएं, जिससे स्किन को ताजी हवा लगने के साथ-साथ रैशेज और मच्छ रों से बचा जा सके. फेब्रिक सॉफ्ट हो, धोने में आसानी हो. पजामे में टाइट रबड़ या इलास्टिक न लगा हो. यदि भारी बारिश के चलते तापमान घटता है, तो बच्चेब को नर्म हल्के ऊनी कपड़े पहनाएं.

तोलमोल कर बोलने के फायदे

अपने अच्छे व्यवहार व प्यार से कोई भी किसी का दिल जीत सकता है, उसे अपने अनुरूप बना सकता है. जरूरत होती है सिर्फ खुद को टटोलने की कि कहीं खुद में कुछ खामियां तो नहीं? कहीं छोटीछोटी बातों पर झगड़े तो नहीं होते? अगर आप इस पर गौर करेंगे, तो यकीन मानिए कि झगड़े बंद हो जाएंगे. वैसे हम सब की यही कहानी है. कितना पढ़लिख लिया है पर गुस्सा कंट्रोल में नहीं रहता. जानेअनजाने जबान फिसल ही जाती है. भले ही मन में सामने वाले के लिए कुछ नहीं है पर दिल को छलनी करने वाली बात जबान पर क्यों आ जाती है? यही आदत रिश्तों के दरमियान दूरियां ले आती है, जिन्हें फिर संजोना मुश्किल ही नहीं असंभव होता है.

मैं ने अपने पड़ोस कि नईनवेली दुलहन ओजल को पिछले कुछ दिनों से गंभीर हावभाव लिए देखा. हरदम खिलखिलाती, चंचल व मस्तमौला रहने वाली ओजल का यों गंभीर देखा नहीं गया. बहुत पूछने पर उस ने बताया कि उस की हसबैंड से कोल्ड वार चल रही है. ताज्जुब हुआ कि प्यार में साथ जीनमरने की कसमें खाने के बाद मांबाप की रजामंदी व आशीर्वाद से वंचित इस कपल ने कोर्ट मैरिज की और आज महज 3 महीने शादी में टूटने की कगार पर आ खड़ी हुई. उन के अटूट प्यार का यह अंजाम, ओजल का पति से यों रूठना और 2 सप्ताह से बातचीत बंद रहना मुझ से देखा न गया. मैं ने उस की मुलाकात पड़ोस में रहने वाले फैमिली कांउसर व सुप्रीम कोर्ट के वकील सरफराज सिद्दीकी से करवाई, ताकि उस की नई जिंदगी के आगाज में यों गाठें नहीं आएं और प्यार की सौंधी महक से घरआंगन ताउम्र महकता रहे. सरफराज ने उन्हें समझाया तो बिगड़ते हालात संभल गए और अब खुशहाल है उन की जिंदगी.

सोचसमझ कर बोलो

सरफराज कहते हैं कि तीर कमान से और बात जबान से एक बार निकलने के बाद वापस नहीं आती, इसलिए जो भी बोलो सोचसमझ कर बोलो. पतिपत्नी के बीच तूतू मैंमैं असामान्य नहीं है. उन में लड़ाईझगड़ा होना तो आम बात है. माना कि पतिपत्नी के प्यारे रिश्ते का ठोस बनाने के लिए कभीकभार की मीठी नोकझोंक बहुत अहम है, लेकिन एक सीमा तक. वरना रिश्ते में जहर घुलते देर नहीं लगती. वैसे लड़ाई के बाद प्यार पतिपत्नी के रिश्ते को और मीठा कर देता है. पर इसे आदतन मैरिज लाइफ में शामिल करना अलगाव, तलाक जैसी गंभीर स्थितियां तक रिश्ते में ले आता है. सोचो कि झगड़ा होता क्यों है? इस की मुख्य वजह क्या है? कभीकभी तो पति या पत्नी पता भी नहीं चलता कि उस ने ऐसा क्या बोला कि नाराजगी हो गई? लेकिन सच तो यह है कि आप ने अनजाने में ही सही, कुछ ऐसा बोल दिया जो उन के  दिल को लग गया. ये गलतियां आप से अकसर होती हैं.

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आइए जानते हैं कुछ ऐसी बातें जिन पर चुप्पी लगाना आप के और उन के लिए जरूरी है. कारण, शरीर पर लगे घाव तो भर जाते हैं, लेकिन दिल पर लगे घाव जीवन भर दर्द का एहसास देते रहते हैं. रिश्ते में नाराजगी न हो, इस के लिए कुछ बातों से दूरी और कुछ बातों का खयाल रखना नितांत आवश्यक है.

मेरा बौयफ्रैंड मेरी गर्लफैंड

याद रहे कि जो बात बीत गई सो बीत गई. पुरानी बातों पर चर्चा करने से रिश्ते में खटास और नाराजगी ही हाथ आएगी. अगर आप पार्टनर के दिल में बस चुकी हैं या पार्टनर आप के दिल में बस चुका है या यों कहें कि आप दोनों एकदूजे के दिल की धड़कनों को पहचानते हैं, तो ऐसे में आप की या उन की ऐक्स बौयफ्रैड या गर्लफ्रैंड पर चर्चा नाराजगी लाने के सिवा कुछ और नहीं करेगी. इस के अलावा नई और पुरानी गर्लफ्रैंड या बौयफ्रैंड की तुलना भी रिश्ते में दरार ले आएगी. इसलिए पुराने याराने की भूलवश भी चर्चा नहीं करें.

जादुई वाक्य

आई लव यू’ वाक्य में तो जैसे शहद घुला है. आइए एक पुराना दिन याद करते हैं. मिलने का समय शाम 5 बजे तय हुआ था और आप किसी कारणवश सही समय पर नहीं पहुंचे. ऐसे में उन का गुस्से से लालपीला होना लाजिम था. लाख समझाने के बावजूद गुस्सा शांत होने का नाम नहीं ले रहा था. लेकिन आप के जादुई वाक्य ने सब भुला दिया. आप ने उन का हाथ अपने हाथों में लिया और बोल दिया, ‘आई लव यू’. बस फिर क्या था, गुस्सा काफूर और प्यार में इजाफा होता गया. न कोई सवाल न कोई जवाब. यह एक जादुई वाक्य है. परिस्थिति चाहे जैसी भी हो, यह एक वाक्य ही काफी होता है, उसे ठीक करने के लिए. पर एक बात का खयाल रखने की जरूरत है. जब आप यह बोलते हैं कि ‘आई लव यू’, तो महिला के भीतर भावनाओं का सागर उमड़ पड़ता है. वह आप से पलट कर सवाल करती है कि क्या वाकई आप शिद्दत से ऐसा महसूस करते हैं? इस के साथ ही कई और सवाल भी वह आप से करेगी. अगर ऐसे सवालों का सामना करने के लिए आप तैयार नहीं हैं, तो बेहतर

यही होगा कि आप ऐसा कुछ कहने की बजाय कुछ और कह कर उन का दिल जीतने की कोशिश करें.

खाने को ऐंजौय करें

अगर आप खाने के शौकीन हैं, तो वे भला क्यों नहीं हो सकतीं? माना छरहरी दिखने के लिए वे काफी मेहनत करती हैं, लेकिन आप को बता दें कि नए स्वाद चखना लड़कियों को बहुत लुभाता है. शादी से पहले या शादी के बाद आप दोनों डिनर के लिए होटल गए हैं. मैन्यू कार्ड देख कर पार्टनर ने भारीभरकम और्डर दे दिया, जिसे देखते ही आप हैरानपरेशान हो गए. यह सब देख आप शांत रहिए. भूल कर भी उस से यह सवाल न कीजिए कि क्या वाकई तुम इतना सब खा सकोगी? वरना आप का नतीजा भुगतना पड़ सकता है. अच्छा होगा कि आप खाने पर  कोई चर्चा ही न करें. गौरतलब है कि खानेपीने को ले कर लड़कियां काफी इमोशनल होती हैं. नएनए स्वाद चखना एक तरह से उन का जनून होता है. खानेपीने के बात पर टीकाटिप्पणी से नाराजगी की आलम इतना बढ़ सकता है कि रिश्ते में चुप्पी पसर जाए. अगर आप दोनों टेबल पर हों, तो उन पलों को ऐंजौए करें. साथ ही पार्टनर को नाराज नहीं करना चाहते, तो खानेपीने के लंबे और्डर पर कोई सवाल न करें.

आदत हो गई तुम्हारी

कोई भी काम गलत हो या आप के कहे अनुसार न हो, तो आप बिना कुछ सोचे यह बोल देते हैं कि तुम्हारी ऐसी आदत हो गई है. भले ही सुनने में यह बात छोटी लगे, लेकिन यह बात चिनगारी की तरह आग को बढ़ाती है. यही नहीं, उन की आदत का रोना रो कर आप उन्हें खुद को गलत साबित करने का मौका दे रहे हैं. और यहीं से छोटी सी बात तूतू मैंमैं फिर मनमुटाव की स्थिति उत्पन्न कर देती है.

मां बहन जैसी हो

गर्लफ्रैंड या पार्टनर की कभी उस की मां या बहन से तुलना न करें. आप उन्हें उतना बेहतर नहीं जानते हैं, जितना कि वे जानती हैं. आप यह भी नहीं जानते कि दोनों के बीच वास्तव में कैसा रिश्ता है. इन सब बातों के अलावा सब से महत्त्वपूर्ण बात यह है कि हर शख्स अपनी एक अलग पहचान चाहता है, तो फिर उस की तुलना किसी से क्यों की जाए?

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टटोलिए स्वयं को

सिर्फ कटु आलोचना व दूसरों के सामने उपहास कर के तो हम किसी को बदल नहीं सकते. उस के लिए आवश्यकता है कि हम सामने वाले की भी भावनाओं को समझें. अपने अच्छे व्यवहार व प्यार से जब हम औरों का दिल जीत सकते हैं, तो पार्टनर को बहुत कुछ अपने अनुरूप भी बना सकते हैं. जरूरत है सिर्फ अपनेआप को टटोलने की कि कहीं हम में ही तो कुछ खामियां नहीं? पतिपत्नी के संदर्भ में यह बात और भी जरूरी है. हमारा सही सोचने का ढंग ही हमें सही दिशा में ले चलने के लिए सहायक होगा. फिर हमें औरों से शिकायत नहीं होगी.

Family Story In Hindi: मन्नो बड़ी हो गई है- मां और सास में क्या होता है फर्क

लेखक- डा. मनोज श्रीवास्तव

Family Story In Hindi: मन्नो बड़ी हो गई है- भाग 1

लेखक- डा. मनोज श्रीवास्तव

‘‘भाभी, चाय पी लो,’’ नीचे से केतकी की चीखती आवाज से उस की आंख खुल गई. घड़ी देखी, सिर्फ 7 बजे थे और इतने गुस्सेभरी आवाज.

करण पास ही बेखबर सोया था. वह भी उठते हुए यही बोला, ‘‘अरे, 7 बज गए, उठोउठो. केतकी ने चाय बना ली है.’’

‘‘एक चाय ही तो बनाई है. बाकी घर के सारे काम मैं ही तो अकेले करती हूं.’’

‘‘सुबहसुबह तुम बहस क्यों करने लग जाती हो. तुम्हें उठा रहे हैं तो उठ जाओ,’’ करण उनींदी में बोला और फिर चादर तान कर सो गया.

अंदर तक सुलग गई मैं. जब रात में अपनी इच्छापूर्ति करनी होती है तब नहीं सोचते कि इसे सोने दूं, क्योंकि सुबह इसे उठना है. तब तो कहते हैं, अभी तो हमारी शादी को कुल 2 महीने ही हुए हैं. रात की बात सुबह जगाते समय कभी याद नहीं रहती. रोजाना की तरह नफरत दिल में लिए नाइटी संभाल कर मैं सीधा बाथरूम में घुस गई. बंदिशें इतनी कि बिना नहाएधोए, साफ सूट पहने बिना सास के पास नहीं जा सकती.

जल्दीजल्दी नहाधो कर नीचे पहुंची. सास के पांव छुए. वे ?बजाय आशीर्वाद देने के, घड़ी देखने लगीं. गुस्सा तो इतना आया कि घड़ी उखाड़ कर फेंक दूं या सास की गरदन मरोड़ दूं. शुरूशुरू में मायके में मेरी भाभी जब 8 बजे उठ कर नीचे आती थीं तो कभीकभार मम्मी कह देती थीं, ‘बेटा, थोड़ा जल्दी उठने की आदत डालो.’ इस पर भाभी का खिसियाया चेहरा देख कर, एक दिन मैं बोल पड़ी थी, ‘मम्मी, भाभी को गुस्सा आ रहा है. इन्हें कुछ मत कहो.’ भाभी हड़बड़ा गई थीं. तब मुझे भाभी पर व्यंग्य करने में मजा आया था और अपनी मम्मी की नरमी पर गुस्सा.

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‘‘क्यों भाभी, मम्मी को इस तरह देख रही हो, मानो खा ही जाओगी,’’ मैं केतकी के व्यंग्य पर चौंकी. वह लगातार मेरा चेहरा ही देखे जा रही थी.

अचानक मेरी भाभी मुझ में आ गईं. मेरे शब्द गले में ही अटक गए. भाभी को भी ऐसी ही बेइज्जती महसूस होती रही होगी मेरे व्यंग्यों पर.

‘‘चाय पी लो, केतकी झाड़ू लगा चुकी है,’’ सास का स्वर शुष्क था. साथ ही, केतकी ने ठंडी चाय मेरे हाथ में पकड़ा दी. मैं चाय को तेजी से सुड़क कर उस के पीछे रसोई में लपकी. अगर मैं ऐसा नहीं करती तो सास बोलतीं, ‘देख, कैसे मजे लेले कर पी रही है, ताकि केतकी दोतीन काम और निबटा ले तथा इस महारानी को कोई काम न करना पड़े.’

केतकी परात में आटा छान रही थी. चाय का कप सिंक में रखते हुए मैं ने कहा, ‘‘दीदी, तुम तैयार हो जाओ. मैं नाश्ता बनाती हूं,’’ मेरे शब्द मुंह से निकलते ही केतकी परात छोड़ कर रसोई से निकल गई, मानो मुझ पर एहसान कर दिया हो. मैं ने चाय पी या नहीं, यह पूछना तो दूर की बात है.

‘शुरू से ही सारा काम थमा दो. आदत पड़ जाएगी,’ ऐसी नसीहतें अकसर रिश्तेदार व पड़ोसिनें दे जाया करतीं. मेरी मम्मी को भी मिली थीं. पर मेरी मम्मी ने कभी अमल नहीं किया था. अगर थोड़ाबहुत अमल किया था, तो मैं ने. पर यहां तो शब्ददरशब्द अमल किया जा रहा है.

जितनी तेजी से मेरा दिमाग अतीत में घूम रहा था उतनी ही तेजी से मेरे हाथ वर्तमान में चल रहे थे. आटा गूंधा, आलू उबाले, चाय बनाई तथा दूध गरम किया. इतने में केतकी नहाधो कर तैयार हो गई थी.

सास बिस्तर पर बैठेबैठे ही चिल्लाने लगी थीं, ‘‘नाश्ता न मिले तो यों ही चले जाओ. देर मत करना. इस के घर में तो सोते रहने का रिवाज होगा. बता दो इस को कि यहां मायके का रिवाज नहीं चलेगा.’’

जल्दीजल्दी दूध गिलासों में डाला. आलू में मसाला डाल कर उन के परांठे बनाने लगी. दूध व परांठे ले कर जैसे ही कमरे में पहुंची, केतकी मुझे देखते ही पर्स उठा कर जाने की तैयारी करने लगी.

‘‘दीदी, नाश्ता.’’

‘‘देर हो चुकी है.’’

एक तीखी निगाह मुझ पर डाल कर वह तेजी से निकल गई. मेरी निगाह अचानक घड़ी पर पड़ गई. आधा घंटा पहले ही?

‘‘घड़ी क्या देख रही है,’’ सास ने घूरती निगाहों से देखा. मेरा मन घबराने लगा कि अभी करण को पता चलते ही वह सब के सामने मुझ पर बरस पड़ेगा. मैं निकल गई. दूसरे कमरे में महेश खड़ा था. सास की बड़बड़ाहट जारी थी, ‘सुबह तक सोती रहती है. कितनी बार कहा है कि सवा 6 बजे तक नहाधो कर नीचे आ जाया कर. पड़ीपड़ी सोती रहती है महारानियों की तरह.’ सुबहसुबह सास के तीखे व्यंग्यबाणों को सुन कर दिमाग भन्ना गया.

‘‘भाभी, नाश्ता बना हो तो दे दो,’’ महेश के शांत स्वर से मुझे राहत मिली.

‘‘हांहां, लो न,’’ मैं ने केतकी वाली प्लेट उसे थमा दी.

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‘‘केतकी ने नाश्ता नहीं…’’ मेरी उतरी शक्ल देख उस ने बात पलट दी, ‘‘छोड़ो, एक मिरची वाला परांठा बना दोगी, जल्दी से. पर, मां को मत बताना कि ज्यादा मिरची डाली है,’’ महेश हाथ में प्लेट लिए मुसकराता हुआ सास के पास चला गया.

‘‘अभी लाती हूं,’’ मैं खुश हो गई.

परांठा बना कर ले गई तो सास ने मेरी आहट सुनते ही बड़बड़ाना शुरू कर दिया, ‘देर नहीं हो रही है. जल्दी ठूंस और ठूंस के जा.’

‘‘नाश्ता तो आराम से करने दो, मम्मी. लाओ भाभी, धन्यवाद. बस, और मत बनाना.’’

मैं वापस जाने लगी तो सास के शब्द कानों में पड़े, ‘‘परांठे के लिए धन्यवाद बोल रहा है, पागल है क्या?’’ पर मुसकराते हुए महेश के नम्र शब्दों के आगे मेरे लिए सास के तीखे शब्दों के व्यंग्यबाण निरस्त हो गए थे. क्या घर के बाकी लोग भी ऐसे नहीं हो सकते थे?

मुझे याद है, जब एक दिन भाभी मम्मी को दवा दे कर हटीं तो मम्मी बोली थीं, ‘जाओ, जा कर सो जाओ. तुम थक गईर् होगी,’ मैं ने मम्मी से पूछा था, ‘दवा देने से वे थक कैसे जाती हैं? तुम इस तरह बोल कर भाभी को सिर चढ़ाती हो.’

मेरी नादानी पर मम्मी हंसी थीं. फिर बोलीं, ‘हम बूढ़े लोग तन से थकते हैं और तुम जवान लोग मन से थक जाते हो. प्यार के दो बोल मन नहीं थकने देते. जब तू बड़ी हो जाएगी, तेरी शादी हो जाएगी, तब अपनेआप समझ जाएगी.’ मम्मी की बातों पर मैं चिढ़ जाती थी कि वे मुझे बेवकूफ बना रही हैं.

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