Party Snacks: मेहमानों को इंप्रेस करना है? ये टेस्टी रेसिपीज़ आज़माएँ

Party Snacks : पार्टी में अपने स्वाद का जादू बिखेरने के लिए ये रेसिपीज़ ज़रूर ट्राई करें:

बाजरा मेथी परांठा

सामग्री

– 2 कप बाजरे का आटा

–  1/2 कप मेथी कटी

–  1 छोटा टुकड़ा अदरक

–  1 हरीमिर्च कटी

–  1/4 कप दही

–  2 छोटे चम्मच तेल

–  नमक स्वादानुसार.

विधि

बाजरे के आटे को छान लें. अदरक और हरीमिर्च को पीस लें. बाजरे के आटे में पिसा अदरक, हरीमिर्च, मेथी, तेल और नमक डाल कर दही के साथ आटा गूंध लें. इस आटे की लोइयां बना कर रोटियां बना लें. गरम तवे पर तेल लगा कर दोनों तरफ से सेंकें. गरमगरम परांठे सब्जी के साथ परोसें.

‘बेसन की बाटी को ऐसे भी चटपटा बना सकती हैं.’

बेसन की बाटी

सामग्री

– 11/2 कप बेसन द्य 1/2 कप मक्के का आटा

– 2 बड़े चम्मच घी द्य 1/2 कप पनीर

– 1 हरीमिर्च कटी द्य 1 बड़ा चम्मच धनियापत्ती कटी द्य तलने के लिए तेल द्य नमक स्वादानुसार.

विधि

मक्के के आटे को छान कर बेसन, घी और नमक मिला कर गूंध लें. उबलते पानी में आटे की लोइयां बना कर 8-10 मिनट पकाएं. पानी से निकाल कर अच्छी तरह मसल कर छोटीछोटी बौल्स बनाएं. पनीर को मसल कर उस में धनियापत्ती, हरीमिर्च और नमक मिलाएं. आटे की छोटीछोटी बौल्स के बीच पनीर का मिश्रण भर कर अच्छी तरह बंद कर गरम तेल में सुनहरा होने तक तलें, सरसों के साग के साथ सर्व करें.

गोभी को पैटीज के रूप में सर्व करेंगी तो बच्चे भी पसंद करेंग

कौलिफ्लौवर पेटी

सामग्री

–  1 कप चावल पके

–  1 कप गोभी कसी

– 1/4 कप बादाम का पेस्ट

– 1 प्याज कटा

– 1/2 चम्मच अदरक बारीक कटा

– 1 हरीमिर्च कटी

–  2-3 बड़े चम्मच तेल

–  नमक स्वादानुसार.

विधि

चावलों को मिक्सी में पीस कर पेस्ट बना लें. अब इस में गोभी, बादाम का पेस्ट, हरीमिर्च, प्याज, अदरक व नमक अच्छी तरह मिला लें. आकार दे कर कटलेट बना गरम तवे पर तेल लगा दोनों तरफ से सुनहरा होने तक पका कर चटनी के साथ गरमगरम परोसें.

विंटर सीजन में सरसों के साग को ऐसे भी ट्राई करें.

सरसों पालक के कटलेट

सामग्री

–  2 कप पालक कटा द्य  2 कप सरसों कटी

– 1 छोटा टुकड़ा अदरक द्य 1 हरीमिर्च कटी

– 2 ब्रैडस्लाइस द्य 1/2 कप पनीर

–  2 बड़े चम्मच मक्खन द्य  नमक स्वादानुसार.

विधि

पालक और सरसों को स्टीम कर लें. फिर इसे अदरक और हरीमिर्च के साथ मिक्सी में पीस लें. ब्रैडस्लाइस का मिक्सी में चूरा कर लें. फिर ब्रैड चूरा, पनीर, पालक व सरसों का पेस्ट और नमक मिला लें. टिकियां बना कर गरम तवे पर मक्खन के साथ दोनों तरफ से सेंक कर सौस के साथ गरमगरम परोसें.

चावल की बड़ी

सामग्री

– 1 कप चावल द्य 1 हरीमिर्च द्य 1/2 कप फूलगोभी कसी

– 1/2 चम्मच अदरक कसा द्य 2 बड़े टमाटर द्य 1/4 चम्मच हलदी

– 1/4 चम्मच जीरा द्य 1 चम्मच धनिया पाउडर द्य 1/4 चम्मच गरममसाला

– 1/4 चम्मच लालमिर्च पाउडर द्य चुटकीभर हींग द्य 1 बड़ा चम्मच घी

–  तलने के लिए तेल द्य 1 बड़ा चम्मच धनियापत्ती कटी द्य नमक स्वादानुसार.

विधि

चावलों को पानी में 1/2 घंटा भिगो कर महीन पीस लें. फिर इस में अदरक, फूलगोभी, हरीमिर्च और नमक मिला कर अच्छी तरह फेंट लें. कड़ाही में तेल गरम कर मिश्रण की छोटीछोटी बडि़यां बना कर तल लें. एक कड़ाही में घी गरम कर जीरा, हलदी, धनिया पाउडर, लालमिर्च पाउडर और हींग डालें. इस में टमाटरों को मिक्सी में पीस कर डाल अच्छी तरह भून लें. 1 कप पानी और बडि़यां डाल कर 8-10 मिनट हलकी आंच पर पकने दें. फिर धनियापत्ती डाल कर परांठों के साथ परोसें.

सीजनल वैजिटेबल्स और पोहा का यह कौंबिनेशन जबरदस्त है.

वैज पोहा बौल्स

सामग्री

– 1 कप पोहा द्य 1-1 बड़ा चम्मच लाल, पीली व हरीमिर्च बारीक कटी

– 1 छोटा प्याज बारीक कटा द्य 2 छोटी गाजर कसी द्य 2 बड़े चम्मच कच्चा नारियल कसा

– हरीमिर्च बारीक कटी द्य 1 बड़ा चम्मच तेल द्य 1 बड़ा चम्मच गाढ़ा दही

– 1/2 चम्मच सरसों द्य करीपत्ता द्य हरीमिर्च कटी द्य नमक स्वादानुसार.

विधि

पोहे को पानी से धो कर छलनी में पानी निकालने के लिए रखें. फिर इस में सभी शिमलामिर्च, प्याज, हरीमिर्च, कच्चा नारियल, गाजर, दही व नमक मिलाएं. अच्छी तरह मिला कर इस की छोटीछोटी बौल्स बनाएं. फिर स्टीमर में 10-12 मिनट स्टीम करें. कड़ाही में तेल गरम कर सरसों डालें. भुनने पर करीपत्ता और हरीमिर्च डाल कर पोहे की बौल्स डाल अच्छी तरह मिलाएं और फिर एक प्लेट में सजा कर चटनी के साथ परोसें.

Body Massage: इन 10 Body Massage से रखें खुद को एनर्जेटिक

Body Massage : आपने मसाज तो कभी ना कभी करवाई होगी और मसाज के बारे में सुना भी बहुत होगा. लेकिन क्या आप जानती हैं मसाज कितने तरह की होती है. जी हां, आज हम आपको अलग अलग तरह के मसाज के बारे में बताने जा रहे हैं. जानिए, कौन सी मसाज किस समस्या के लिए करवाई जाती है और किस मसाज थेरेपी के क्या फायदे हैं.

1. स्वीडिश मसाज थेरेपी (Swedish Massage)

ये सबसे पॉपुलर मसाज है जिसे सिंपली मसाज थेरेपी के नाम से भी जाना जाता है. ये मसाज मसाज लोशन या ऑयल से होती है. ये बहुत ही कोमल और आरामदायक होती है. अगर आप पहली बार मसाज करवाने जा रही हैं तो स्वीडिश मसाज थेरेपी ले सकती हैं.

2. हॉट स्टोन मसाज (Hot Stone Massage)

टाइट मांसपेशियों को लूज करने, बॉडी को गर्म करने और बॉडी की एनर्जी बैलेंस करने के लिए हॉट स्टोन मसाज का इस्तेमाल होता है. इस मसाज के दौरान गर्म और चिकने पत्थर बॉडी के कुछ चुनिंदा हिस्सों में रखें जाते हैं. मसाज थेरेपिस्ट गर्म स्टोन को होल्ड‍ करके भी बॉडी के कई हिस्सों में प्रेशर बनाते हैं. हॉट स्टोन मसाज आमतौर पर उन लोगों के लिए बेस्ट है जिनको मसल्स टेंशन हैं.

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3. प्रेग्नेंसी मसाज (Pregnancy Massage)

इसे प्रीनेटल मसाज के नाम से भी जाना जाता है. ये प्रेग्नेंट महिलाओं में काफी पॉपुलर मसाज है. इस मसाज को कुछ खास एक्सपर्ट द्वारा ही किया जाता है. ये महिलाओं में तनाव को कम करने, स्वेलिंग कम करने, दर्द से राहत दिलाने, डिप्रेशन से बचाने और एंजाइटी दूर करने में मदद करती है. प्रेग्नेंसी मसाज को महिला की जरूरत के हिसाब से कस्टमाइज भी किया जा सकता है.

4. बैक मसाज (Back Massage)

बहुत से क्लीनिक और स्पा सेंटर 30 मिनट की बैक मसाज ऑफर करते हैं. जैसा की नाम से ही पता चल रहा है ये मसाज खासतौर पर कमर के लिए की जाती है. बैक पेन हो या शोल्डर पेन इस मसाज के जरिए दर्द में आराम मिलता है.

5. डीप टिश्यूस मसाज (Deep Tissue Massage)

ये मसाज मसल्स की डीप लेयर और कनेक्टिव टिश्यूज के लिए की जाती है. मसाज थेरेपिस्ट स्लोअर स्ट्रोक्स और फ्रिक्शन टेक्नीक से मसल्स की मसाज करते हैं. ये मसाज बेहद टाइट की जाती है. ताकि मसल्स से दर्द को दूर किया जा सके. इससे पहले हुए इंजरी को भी रिकवर किया जा सकता है.

6. अरोमाथेरेपी मसाज (Aromatherapy Massage)

अमरोमाथेरेपी मसाज में एक या इससे अधिक सेंट प्लांट्स का इस्तेमाल होता है जिसे एसेंशियल ऑयल कहा जाता है. इस मसाज में इस्तेमाल हुए ऑयल्स बॉडी को रिलैक्स करने के साथ-साथ एनर्जी देते हैं, स्ट्रेस कम करते हैं. अरोमाथेरेपी में सबसे ज्यादा जो एसेंशियल ऑयल इस्तेमाल होता है वो है लैवेंडर.

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7. शिआस्तु मसाज थेरेपी (Shiatsu Massage)

शिआस्तु एक जापानी मसाज थेरेपी है. इस थेरेपी में अंगूठे, उंगलियों और हथेलियों के साथ एक्यूप्रेशर के रूप में दबाव डाला जाता है. हर प्वॉइंट पर एनर्जी के साथ 2 से 8 सेकेंड तक प्रेशर डाला जाता है. इससे बॉडी का बैलेंस बनाने में मदद मिलती है. इस थेरेपी के बाद बॉडी में कोई सूजन नहीं आती और ना ही दर्द होता है.

8. रिफ्लैक्सोलॉजी मसाज (Reflexology Massage)

इस मसाज को फूट मसाज के नाम से भी जाना जाता है. ये सिंपल फूट मसाज से कहीं ज्यादा होती है. पैरों में अलग-अलग हिस्सों पर प्रेशर डाला जाता है. ये मसाज उन लोगों के लिए फायदेमंद है जो दिनभर खड़े रहकर काम करते हैं या फिर बहुत टायर्ड रहते हैं या फिर जिनके पैरों में दर्द रहता है.

9. थाई मसाज (Thai Massage)

शिआस्तु थेरेपी की तरह ही थाई मसाज में भी कुछ खास हिस्सों पर एनर्जी के साथ प्रेशर से दबाव डाला जाता है. इसमें योगा की तरह बॉडी स्ट्रेच होती है. ये सबसे ज्यादा एनर्जेटिक होती है. ये तनाव कम करती है और बॉडी को फ्लैसिबल करती है.

10. स्पोर्ट्स मसाज (Sports Massage)

जो लोग फीजिकल एक्टिविटीज में रहते हैं स्पोर्ट्स मसाज उनके लिए फायदेमंद होती है. ये ना सिर्फ बॉडी को रिलैक्स करती है बल्कि स्पोर्ट्स के दौरान हुई इंजरी को भी ठीक करती है. साथ ही ये खिलाड़ी को परफॉर्मेंस को भी बेहतर करने में मदद करती है. बॉडी में लचीलापन बढ़ाने से लेकर ये मसाज मसल्स की स्टिफनेस को भी खत्म करती है.

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Winter Special: सर्दियों के अनूठे हॉट ड्रिंक्स

सर्दियों का मौसम है जरुरी है कि हम कुछ टेस्टी और अलग ट्राय करें तो ऐसे में रेडी है ऐप्पल टी और मसाला मिल्क जिसे हम घर पर असान तरीकों से बना सकते है. तो रेडी है कुछ सर्दियों के हॉट ड्रिंक्स की लिस्ट जिसे घर वालों के साथ बनाएं और पिएं भी. आइए आपको रेसिपी बताते है…

  1. ऐप्पल टी

सामग्री

1.  2 कप पानी

 2. सेब टुकड़ों में कटा

 3.  ग्रीन टी बैग

 4.  1 टुकड़ा दालचीनी का

 5.  थोड़ा सा शहद व नीबू का रस

 6.  थोड़ा सा अदरक बारीक कटा.

विधि

एक सौसपैन में पानी डाल कर उस में दालचीनी, ग्रीन टी बैग, ऐप्पल के टुकड़े व अदरक डाल कर 9-10 मिनट तक उबालें. फिर उसे छान कर उस में शहद व नीबू का रस डाल कर सर्व करें.

2. मसाला मिल्क

सामग्री

1.  1 कप बादाम

 2.  1 कप पिस्ता

 3.  1 कप काजू

 4.  1 छोटा चम्मच जायफल पाउडर

 5.  1 साबूत जावित्री

6.  थोड़े से केसर के धागे

7.  थोड़ी सी कालीमिर्च

8.  थोड़ी सी हलदी

9.  8-10 हरी इलायची

10. 1 1/2 छोटे चम्मच अदरक पाउडर

 11. 1 1/2 बड़े चम्मच गुलाब की सूखी पत्तियां.

विधि

पैन में नट्स को रोस्ट कर के एक तरफ रखें. फिर एक जार में नट्स, मसाले, गुलाब की पत्तियों व केसर को मिला कर मिश्रण तैयार करें. अब एक गिलास दूध में 2 छोटे चम्मच तैयार मसालों के साथ 1 छोटा चम्मच चीनी डाल कर उबालें. गरमगरम मसाला मिल्क तैयार है.

3. वैजिटेबल टोमैटो सूप

सामग्री

1. 3-4 टोमैटो

 2.  7-8 बींस

 3.  1 गाजर

 4.  आधा घीया

 5.  थोड़ा सा कालीमिर्च पाउडर

 6.  2 बड़े चम्मच टोमैटो कैचअप

7.  2 गिलास पानी

8.  थोड़े से ब्रैड क्रूटौंस

9.  नमक स्वादानुसार.

विधि

प्रैशर कूकर में टोमैटो कैचअप और क्रूटौंस को छोड़ कर बाकी सारी सामग्री डाल कर 2 गिलास पानी डालें. फिर 7-8 मिनट तक पकने दें. फिर सूप को ब्लैंड कर के छान लें. अब इस में टोमैटो कैचअप डालें. कू्रटौंस डाल कर गरमगरम सूप सर्व करें.

Family Story in Hindi: रोशनी की आड़ में: क्या हुआ था रागिनी की चाची के साथ

Family Story in Hindi

पुरानी डायरी के पन्ने पलटते हुए अनुशा को जब रागिनी के गांव  का पता  मिला तो उसे लगा जैसे कोई खजाना हाथ  लग गया है. अनुशा को अतीत में रागिनी के कहे शब्द याद आ गए, ‘मेरे पति को अपने गांव से बड़ा लगाव है. गांव से नाता बना रहे, इस के लिए वह साल में 1-2 बार गांव जरूर जाते हैं.’

यही सोच कर अनुशा खुश थी कि अब वह रागिनी को पत्र लिख सकती है और जब भी उस के पति गांव जाएंगे तो वहां भेजा उस का पत्र उन्हें जरूर मिल जाएगा. रागिनी को कितना आश्चर्य होगा जब वह इस चौंका देने वाली खबर के बारे में जानेगी.

अनुशा के दिमाग में रागिनी की चाची के साथ घटित हुआ वह हादसा तसवीर की भांति घूमने लगा जिसे रागिनी ने कालिज के दिनों में उसे बताया था.

मैं और रागिनी बी.ए. कर रही थीं. दशहरे की छुट्टियां होने वाली थीं. इसलिए ज्यादातर अध्यापिकाएं घर चली गई थीं. उस दिन खाली पीरियड में हम दोनों कालिज कैंपस के लान में बैठी थीं. मैं ने रागिनी से पूछा, ‘आज तो तुम भी व्रत होगी?’

रागिनी ने बड़े रूखेपन से कहा था, ‘नहीं, घर में बस, मुझे छोड़ कर सभी का व्रत है. मेरी तो धर्मकर्म से आस्था ही मर गई है.’

‘क्यों, ऐसा क्या हो गया है?’ मैं ने हंसते हुए पूछा तो रागिनी और भी गंभीर हो उठी और बोली, ‘अनुशा, मेरे यहां एक बड़ी दर्दनाक घटना घट चुकी है जिस की चर्चा भी अब घर में नहीं होती.’

मैं उत्सुकता से रागिनी को एकटक देखे जा रही थी. उस ने कहा, ‘मेरी चाची को तो तुम ने देखा है. वह अपनी मां और छोटी बहन के साथ विंध्याचल गई थीं. चाची की बहन सुशीला अविवाहित थी लेकिन पूजापाठ, धर्मकर्म में उस की बड़ी रुचि थी. वे तीनों कई दिनों तक विंध्याचल में एक पंडे के घर रुकी रहीं. रोज गंगास्नान, पूजन, दर्शन और पंडे के यहां रात्रिनिवास. उन का यही क्रम चल रहा था.

‘एक दिन सुशीला खाना बना रही थी. उसे छोड़ कर चाची और उन की मां पूजा करने मंदिर चली गईं. कुछ देर बाद जब वे लौट कर आईं तो सुशीला को घर में न पा कर उन्होंने पंडे से पूछा तो उस ने बताया कि सुशीला भी खाना बनाने के बाद गंगास्नान को कह कर यहां से चली गई थी.

‘बहुत ढूंढ़ने के बाद भी जब सुशीला का कहीं पता न चला तो उन्होंने घर पर खबर भेजी. घर के पुरुष भी विंध्याचल आ गए. कई दिनों तक वे लोग सुशीला को इधरउधर ढूंढ़ते रहे. पुलिस में रिपोर्ट भी दर्ज कराई लेकिन सुशीला का कहीं पता नहीं चला.

‘चाची की मां का रोरो कर बुरा हाल हो गया था. वह पागलों की तरह हर किसी से सुशीला के बारे में ही पूछती रहतीं. यह पीड़ा वह अधिक दिनों तक नहीं झेल सकीं और कुछ ही महीने बाद उन की मौत हो गई.

‘बेटी के गायब होने से चाची के पिता तो पहले ही टूट चुके थे, पत्नी के मरने के बाद तो एकदम बेसहारा ही हो गए. बीमारी की हालत में मेरे चाचाजी उन्हें गांव से यहां ले आए. कुछ दिन इलाज चला लेकिन अंत में वह भी चल बसे. उसके बाद तो सुशीला मामले का अंत सा हो गया.

‘अब उस घटना की एकमात्र गवाह मेरी चाची ही बची हैं जो सीने में सबकुछ दफन किए बैठी हैं. उन की हंसी जैसे किसी ने छीन ली हो. इसीलिए मुझ पर हमेशा पाबंदियां लगाए रहती हैं. इतने समय जाना है, इतने समय तक आना है, तरहतरह की चेतावनी मुझे देती रहती हैं.

‘मुझे चाची पर बड़ा गुस्सा आता था, उन की टोकाटाकी से परेशान हो कर मैं ने एक दिन चाची को बुरी तरह झिड़क दिया था. तभी चाची ने मुझे यह घटना रोरो कर बताई थी. अनुशा, उसी दिन से मेरा मन धर्मकर्म, पूजापाठ, व्रतउपवास से बुरी तरह उचट गया.

‘उक्त घटना ने मेरे मन में कई सवाल खड़े कर दिए हैं. मेरी निसंतान चाची, जिस संतान की कामना से गई थीं उन की वह इच्छा आज तक पूरी नहीं हो सकी है. चाची की मां कुंआरी बेटी सुशीला को अच्छा घरवर पाने की जिस कामना के लिए विंध्याचल गई थीं वह पूरी होनी तो दूर, सुशीला बेचारी तो दुनिया से ही ओझल हो गई. अब तुम्हीं बताओ अनुशा, मैं क्या उत्तर दूं अपने मन को?’

रागिनी की बातें सुन कर वास्तव में मैं निरुत्तर और ठगी सी रह गई. रागिनी ने मुझे कसम दी थी कि इस घटना की चर्चा मैं कभी किसी दूसरे से न करूं क्योंकि उस के परिवार की इज्जत, मर्यादा का सवाल था.

बी.ए. के बाद रागिनी की शादी हो गई. उस की ससुराल झांसी के एक गांव में है. शादी के बाद भी हमारा संपर्क बना रहा. उस ने अपने गांव का पता मेरी डायरी में यह कह कर लिख दिया था कि मेरे पति को गांव से बहुत लगाव है. वहां उन का आनाजाना लगा ही रहता है.

कुछ दिनों बाद मेरी भी शादी हो गई. मैं जब भी मायके जाती तो रागिनी का समाचार मिल जाता था. लेकिन बाद में रागिनी के पिता स्कूल से रिटायर होने के बाद अपने पुश्तैनी घर इटावा चले गए और उस के बाद हमारा संपर्क टूट गया.

मैं अपने छोटे बेटे का मुंडन कराने विंध्याचल गई थी. मुझे क्या पता था कि सुशीला की जीवनकथा में अभी एक और नया अध्याय जुड़ने वाला है जिस का सूत्रपात मेरे ही हाथों होगा. तभी से मेरे मन में अजीब सी खलबली मची हुई है. जी करता है किसी तरह रागिनी मिल जाए तो मन का बोझ हलका कर लूं. जाने उस की चाची अब इस दुनिया में हैं भी या नहीं.

अचानक पति की इस आवाज से मेरी तंद्रा भंग हुई, ‘‘मैं 5 मिनट से खड़ा तुम्हें देख रहा हूं और तुम इन पुरानी किताबों और डायरी में न जाने क्या तलाश रही हो. मेरा आफिस से आना तक तुम्हें पता नहीं चल सका. अनुशा, यही हाल रहा तो तुम एक दिन मुझे भी भूल जाओगी. अब उस घटना के पीछे क्यों पड़ी हो जिस का पटाक्षेप हो चुका है.’’

‘‘नहीं, सुधीर, रागिनी को सबकुछ बताए बगैर मुझे चैन नहीं मिलेगा, आज उस का पता मुझे मिल गया है. परिस्थितियों ने तुम्हें उस घटना का राजदार तो बना ही दिया है सुधीर, अच्छाखासा किरदार तुम ने भी तो निभाया है. रागिनी को सबकुछ जान कर कितना आश्चर्य होगा. कैसा लगेगा उसे जब दुखों की पीड़ा और खुशियों की हिलोरें उस के मन में एकसाथ तरंगित हो उठेंगी. हो सकता है, उस की चाची भी अभी जीवित हों और सबकुछ जानने के बाद और कुछ नहीं तो उन के मन को एक शांति तो मिलेगी ही.’’

सुधीर बोले, ‘‘मैडम, अब जरा आप इन झंझावातों से बाहर निकलें और चल कर चायनाश्ते की व्यवस्था करें.’’

‘‘ठीक है, मैं नाश्ता बनाती हूं. आप दोनों बच्चों को बाहर से बुला लें.’’

‘‘मम्मी, मेरा होमवर्क अभी पूरा नहीं हुआ है. प्लीज, करा दो न,’’ बड़े भोलेपन से पिंकू ने अनुशा से कहा.

‘‘बेटे, आप लोग आज सारे काम खुदबखुद करो. तुम्हारी मम्मी अपनी पुरानी सहेली को पत्र लिखने जा रही हैं जो शायद सुबह तक ही पूरा हो पाएगा. क्यों अनुशा, सही कह रहा

हूं न?’’

‘‘बेशक, आप सच कह रहे हैं. रागिनी को पत्र लिखे बिना मेरा मन न तो किसी काम में लगेगा, न ही चित्त स्थिर हो सकेगा. संजीदगी भरे पत्र के लिए रात का शांतिपूर्ण माहौल ही अच्छा होता है.’’

अनुशा विचारों में खोई हुई पेन और पैड ले कर रागिनी को पत्र लिखने बैठ गई.

स्नेहमयी रागिनी,

मधुर स्मृति,

इतने लंबे अरसे बाद मेरा पत्र पा कर तुम अचंभित तो होगी ही. साथ ही रोमांचित भी. बात ही कुछ ऐसी है जो अकल्पनीय होते हुए भी सत्य है. अच्छा तो बगैर किसी भूमिका के मैं सीधे मुख्य बात पर आती हूं.

पिछले माह हम अपने छोटे बेटे पिंकू का मुंडन कराने अपने पूरे परिवार के साथ विंध्याचल गए थे. शायद मेरे ये वाक्य तुम्हारे दिमाग में एक पुरानी तसवीर खींच रहे होंगे. सच, मैं उसी से संबंधित घटना तुम्हें लिख रही हूं.

उस दिन सोमवार था. हम वहां रुकना नहीं चाहते थे लेकिन परिस्थितियां कुछ ऐसी बनीं कि हमें शीतला पंडे के यहां ठहरना पड़ा.

दूसरे दिन पिंकू का मुंडन हो गया. हम ने सोचा, थोड़ा घूमफिर कर आज ही निकल जाएंगे.

हम एक टैक्सी तय कर उस में बैठ ही रहे थे कि शीतला पंडे का लड़का, जिस का नाम भानु था, मेरे पास आ कर बोला कि मांजी, हमें भी साथ ले चलिए, आप का बड़ा उपकार होगा. और बीचबीच में वह सहमी निगाहों से अपने घर की तरफ भी देख लेता था.

मुझे उस पर बड़ी दया आई. मैं ने सुधीर से उसे भी साथ ले चलने के लिए कहा तो वह बोले कि देख रही हो, इस के घर के सभी लोग मना कर रहे हैं. तुम जानती तो हो नहीं. घर वाले सोच रहे होंगे कि बेटा धंधा छोड़ कर कहीं घूमने न चला जाए. खैर, मेरे कहने पर सुधीर शीतला पंडे से भानु को साथ ले जाने की बात कह आए और वह मान भी गया.

मेरे दोनों बच्चे बहुत खुश थे. वे विंध्याचल के पहाड़ और पत्थर देख कर उछल रहे थे. हम लोग मंदिर पहुंच गए और वहीं बैठ कर नाश्ता करने लगे. बातों के सिलसिले में मैं ने सुधीर से कहा कि ऐसे स्थानों पर पिकनिक मनाना कितना अच्छा लगता है. भौतिक और आध्यात्मिक दोनों का आनंद एकसाथ मिल जाता है.

‘‘भानु, तुम भी खाओ,’’ कह कर मैं ने पहला कौर मुंह में उतारा ही था कि वह जोरजोर से रो पड़ा. अचानक उस का रोना देख हम परेशान हो गए. लेकिन रागिनी, भानु की कहानी तो हर पल रुलाने वाली थी.

भानु रोते हुए कहे जा रहा था कि मांजी, बाबूजी, मुझे इस नरक से निकाल लीजिए. शीतला मेरा बाप नहीं, मेरा काल है जो मुझे खा जाएगा. मैं मरना नहीं चाहता. मुझे अपने साथ ले चलिए, मांजी.

भानु की आंखों में समंदर उमड़ रहा था. उस ने धीमे स्वर में अपनी जो कहानी सुनाई वह तुम्हारे द्वारा बताई कहानी ही थी. भानु तुम्हारी चाची की छोटी बहन सुशीला का बेटा है.

मैं ने भानु को चुप कराया और आगे की बात जल्दी पूरी करने को कहा क्योंकि उस को टैक्सी ड्राइवर का खौफ भयभीत किए जा रहा था. मैं ने सुधीर के कान में यह समस्या बताई तो सुधीर जा कर ड्राइवर से बातें करते हुए उसे कुछ आगे ले गए.

भानु अब थोड़ा आश्वस्त हो कर आंसू पोंछता हुआ कहने लगा कि मेरी मां ने मरने से पहले मुझे अपनी कहानी सुनाई थी जो इस प्रकार है : ‘उस दिन जब मेरी अम्मां और दीदी मंदिर चली गईं तो शीतला मेरे पास आकर बैठ गया और कहने लगा कि सुशीला,क्या बनाया है आज, जरा मुझे भी खिलाओ.

‘मैं थाली में खाना लगाने लगी तो शीतला बोला कि तू तो बड़ी भोली है.  सुशीला, मैं तो ऐसे ही कह रहा था. अच्छा, खाना तो बना ही चुकी है. चल तुझे आज घुमा लाऊं.

अभी अम्मां और दीदी आ जाएं तो साथ ही चलेंगे सब लोग. मैं अपनी बात कह ही रही थी तभी शीतला ने मुझे पकड़ कर कुछ सुंघा दिया था. बस, मुझे सुस्ती छाने लगी.

जब मुझे होश आया तो मैं ने खुद को एक बड़े से पुराने मकान में कैद पाया. वहां शीतला के साथ कुछ लोग और थे जिन की आवाजें ही मुझे सुनाई पड़ती थीं. मेरा कमरा अलग था जिस में शीतला के सिवा और कोई नहीं आता था.’

भानु अपनी मां की कही कहानी को विस्तार से सुना रहा था :

‘एक दिन मैं वहां से भागने का रास्ता तलाश रही थी कि शीतला भांप गया. फिर तो उस का रौद्ररूप देख कर मैं कांप गई. मुझे कई तरह से प्रताडि़त करने के बाद वह बोला कि आगे से ऐसी हरकत की तो ऐसी दुर्गति बनाऊंगा कि तुझे खुद से भी नफरत हो जाएगी.

‘अब मेरे सामने कोई रास्ता नहीं था. मैं ने इसे ही अपनी तकदीर मान लिया और होंठ सी कर चुप रह गई. एक दिन मेरे कहने पर शीतला ने मेरी मांग में सिंदूर भर कर मुझे पत्नी का चोला जरूर पहना दिया. साल भर के अंदर ही तेरा जन्म हुआ. शीतला ने बड़ा जश्न मनाया. खुश तो मैं भी थी कि मेरा भी कोई अपना आ गया. साथ ही मैं कल्पना करने लगी कि मेरा बेटा ही मुझे यहां से मुक्ति दिलाएगा. लेकिन क्या पता था कि यह राक्षस तुझ पर भी जुल्म ढाएगा. गलती मेरी ही है, कभीकभी गुस्से में मेरे मुंह से निकल जाता था कि मेरा बेटा, बड़ा हो कर तुझे बताएगा. बस, तभी से शीतला के मन में भय सा व्याप्त हो गया था.’

भानु ने आगे बताया कि मेरी मां जिस दिन अपनी दुख भरी कहानी बता कर रो रही थी शीतला छिप कर सबकुछ सुन रहा था. वह गुस्से में तमतमाया, गड़ासा ले कर आया और मेरे सामने ही मेरी मां का सिर धड़ से अलग कर दिया. मुझे तरहतरह से समझाया और डराया- धमकाया. मैं भी बेबस, लाचार था. मां के चले जाने से मैं एकदम अकेला पड़ गया था लेकिन मेरे मन में बदले की जो आग लगी थी वह आज तक जल रही है, मांजी.

भानु की कहानी दिल दहला देने वाली थी लेकिन हम कर ही क्या सकते थे. खैर, उस समय उसे दिलासा दे कर हम वापस लौट आए थे.

यद्यपि भानु पर बड़ा तरस आ रहा था. वह आंखों में आंसू लिए मायूसी से हमें देख रहा था. भानु यानी तुम्हारी चाची की बहन सुशीला का बेटा, रागिनी. तुम्हारी बताई वह घटना मेरी आंखों के सामने नग्न सत्य बन कर खड़ी थी, जो मेरी आस्था पर चोट कर रही थी. साथ ही यह पूरे समाज के सामने एक ऐसा सवाल खड़ा कर रही है जिस का जवाब हम सभी को मिल कर ढूंढ़ना है. खासकर हम औरतें अपनी मर्यादा पर यह प्रहार कब तक सहती रहेंगी, इस का भी जवाब हमें खुद तलाशना है. धर्म की आड़ में धर्म के ठेकेदार कब तक यह नंगा नाच करते रहेंगे?

ऐसे अनेक सवाल हैं रागिनी, जिन के जवाब हमें ही तलाशने हैं. खैर, अभी तो मैं अपनी मुख्य बात पर आती हूं. हां, तो दूसरे दिन हम अपने घर आ गए. सुधीर से मैं बारबार भानु को छुड़ा लाने की सिफारिश करती रही.

मेरे इस आग्रह पर उन्होंने यहां पुलिस स्टेशन में सूचना भी दर्ज कराई. यहां से विंध्याचल थाने पर संपर्क कर के जांचपड़ताल शुरू हो गई. यहां से पुलिस टीम विंध्याचल गई. दुर्भाग्य से वहां के दरोगा की सांठगांठ भी शीतला से थी जिस से शीतला को पुलिस काररवाई की भनक लग गई थी. लेकिन पुलिस उसे गिरफ्तार करने में सफल हो गई. भानु ने पुलिस के सामने कई रहस्य उजागर किए.

खैर, तुम्हें यह जान कर खुशी होगी कि शीतला को आजीवन कारावास हो गया है और उस की संपत्ति जब्त कर ली गई है. भानु 8वीं तक पढ़ा था सो आजकल वह एक सरकारी दफ्तर में चपरासी है. उस ने अपना घरपरिवार बसा लिया है और अपना अतीत भूल कर वह एक नई जिंदगी जीने का प्रयास कर रहा है. उस का यह कहना कितना सच है कि धर्मस्थलों में एक शीतला नहीं अनेक धूर्त शीतला अभी भी मौजूद हैं जो देवी- देवताओं की आड़ में भोली जनता और महिलाओं का शोषण कर रहे हैं.

मैं सोच सकती हूं कि मेरा पत्र पढ़ कर तुम्हें कैसा लग रहा होगा. पर सबकुछ सत्य है. मिलने पर तुम्हें विस्तार से सारी बातें बताऊंगी. भानु अपनी मां द्वारा दिए नाम से ही अब जाना जाता है.

पत्र का उत्तर फौरन देना. मुझे बेसब्री से इंतजार रहेगा. प्रतीक्षा के साथ…

तुम्हारी अनुशा.’’

कहानी- किरन पांडेय

Superstar Rajinikanth: 75 साल में भी गजब की फिटनेस, जानें सीक्रेट्स

Superstar Rajinikanth : साउथ के सुपरस्टार रजनीकांत 75 वसंत देख चुके हैं और इस उम्र में भी पूरी तरह से फिट और ऐनर्जेटिक हैं.

इस उम्र में भी रजनीकांत न सिर्फ फिल्मों में सक्रिय हैं, बल्कि बौलीवुड और साउथ इंडस्ट्री में अपना दमखम रखते हैं. रजनीकांत आज भी इतने ही फिट नजर आते हैं जितने आज से 20 साल पहले थे.

हाल ही में एक इंटरव्यू के दौरान उन्होंने अपने शारीरिक रखरखाव, अपनी दिनचर्या और अनुशासन को ले कर खास बातचीत की.

क्या है फिटनैस मंत्र

रजनीकांत के अनुसार उन के स्वस्थ जीवन में ऐक्सरसाइज का बहुत बड़ा योगदान है. रजनीकांत के अनुसार, “मैं दिन की शुरुआत ऐक्सरसाइज से ही करता हूं, जिस के मुझे बहुत सारे फायदे नजर आते हैं. ऐक्सरसाइज करने से शरीर में लचीलापन और जोड़ों की गतिशीलता में सुधार रहता है, फेफड़ों की क्षमता और औक्सीजन सप्लाई भी बहुत बेहतर होता है. इस से न सिर्फ तनाव कम होता है, बल्कि मन भी शांत रहता है क्योंकि मैं हर दिन व्यायाम करता हूं और इसलिए मेरा बैलेंस सही रहता है.”

वे कहते हैं,”मेरा मनाना है कि हर बड़ी उम्र के लोगों को व्यायाम जरूर करना चाहिए क्योंकि इस से न सिर्फ हम फिट रहते हैं, बल्कि आत्मविश्वास में भी बढ़ोत्तरी होती है.”

वर्कआउट करना भी पसंद

वे कहते हैं कि मुझे व्यायाम बहुत पसंद है, लेकिन इस के साथ ही मैं थोड़ा बहुत वर्कआउट भी करता हूं, जैसे भारी मशीनों के बजाय हलकेफुलके वर्कआउट को प्राथमिकता देता हूं . वौकिंग और स्ट्रेचिंग पूरे दिल से करता हूं क्योंकि वौकिंग और स्ट्रेचिंग करने से दिल की सेहत अच्छी रहती है और मसल्स भी टोन होती है.”

साधारण खाना खाना पसंद

रजनीकांत कहते हैं,”सादा जीवन उच्च विचार, मैं इस बात को दिल से मानता हूं. मैं ने शुरू से ही घर का बना साधारण खाना खाया है. फास्ट फूड या तैलीय और प्रोसेस्ड फूड से बनी चीजों से दूर रहता हूं. मुझे शाकाहारी खाना पसंद है जिस में दाल, दलिया, हरी सब्जी मैं रोज खाता हूं. रात में देर से या ज्यादा खाना खाने से परहेज करता हूं. नियमित तौर पर हर्बल टी जरूर पीता हूं क्योंकि यह हाइड्रेशन के लिए फायदेमंद होती है लेकिन मीठा पेय या मिठाइयां मैं न के बराबर लेता हूं. इस की बजाय में आहार में नट्स और सीड्स खाना पसंद करता हूं क्योंकि इस से डायबिटीज और ब्लड प्रेशर कंट्रोल रहता है.”

पौजिटिव सोच रखता हूं

वे कहते हैं कि मेरा मानना है कि अगर शारीरिक तौर पर परफैक्ट रहना है तो मानसिकतौर पर फिट रहना बहुत जरूरी है. इस के लिए मेरी कोशिश रहती है कि मैं निगेटिव लोगों से दूर रहूं. ज्यादा से ज्यादा खुद पर ध्यान दूं. ऐसा करने से 75 की उम्र में भी न सिर्फ चेहरा दमकता है बल्कि ऐनर्जी लेवल भी हाई होती है. अगर फिटनैस मंत्र की बात करें तो मेरा मानना है लाइफस्टाइल सादगी पर टिकी होनी चाहिए. महंगे शौक और दिखावे से मैं दूरी बना कर रखता हूं. सुबह जल्दी उठता हूं और रात को जल्दी सोता हूं और पूरी तरह से शारीरिक और मानसिक तौर पर अनुशासित रहता हूं, यही मेरा फिटनैस मंत्र है.

Crime Story in hindi : गलती – क्या हुआ था कविता के साथ

लेखक- विनय कुमार पाठक

Crime Story : साढ़े 5 लाख रुपए कोई छोटी रकम नहीं होती. साढ़े 5 लाख तो क्या, उस के पास अभी साढ़े 5 हजार रुपए भी नहीं हैं और उसे धमकी मिली है साढ़े 5 लाख रुपए देने की. नहीं देने पर उस की तसवीर को उजागर करने की धमकी दी गई है.

उस ने अपने मोबाइल फोन में ह्वाट्सऐप पर उस तसवीर को देखा. उस के नंगे बदन पर उस का मकान मालिक सवार हो कर बेशर्मों की तरह सामने देख रहा था. साथ में धमकी भी दी गई थी कि इस तरह की अनेक तसवीरें और वीडियो हैं उस के पास. इज्जत प्यारी है तो रकम दे दो.

यह ह्वाट्सऐप मैसेज आया था उस की मकान मालकिन सारंगा के फोन से. एक औरत हो कर दूसरी औरत को वह कैसे इस तरह परेशान कर सकती है? अभी तक तो कविता यही जानती थी कि उस की मकान मालकिन सारंगा को इस बारे में कुछ भी नहीं पता. बस, मकान मालिक घनश्याम और उस के बीच ही यह बात है. या फिर यह भी हो सकता है कि सारंगा के फोन से घनश्याम ने ही ह्वाट्सऐप पर मैसेज भेजा हो.

कविता अपने 3 साल के बच्चे को गोद में उठा कर मकान मालकिन से मिलने चल दी. वह अपने मकान मालिक के ही घर के अहाते में एक कोने में बने 2 छोटे कमरों के मकान में रहती थी.

मकान मालकिन बरामदे में ही मिल गईं.

‘‘दीदी, यह क्या है?’’ कविता ने पूछा.

‘‘तुम्हें नहीं पता? 2 साल से मजे मार रही हो और अब अनजान बन रही हो,’’ मकान मालकिन बोलीं.

‘‘लेकिन, मैं ने क्या किया है? घनश्यामजी ने ही तो मेरे साथ जोरजबरदस्ती की है.’’

‘‘मुझे कहानी नहीं सुननी. साढ़े 5 लाख रुपए दे दो, मैं सारी तसवीरें हटा दूंगी.’’

‘‘दीदी, आप एक औरत हो कर…’’

‘‘फालतू बातें करने का वक्त नहीं है मेरे पास. मैं 2 दिन की मुहलत दे रही हूं.’’

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‘‘लेकिन, मेरे पास इतने पैसे कहां से…’’

‘‘बस, अब तू जा. 2 दिन बाद ही अपना मुंह दिखाना… अगर मुंह दिखाने के काबिल रहेगी तब.’’

कविता परेशान सी अपने कमरे में वापस आ गई. उस के दिमाग में पिछले 2 साल की घटनाएं किसी फिल्म की तरह कौंधने लगीं…

कविता 2 साल पहले गांव से ठाणे आई थी. उस का पति रामप्रसाद ठेले पर छोटामोटा सामान बेचता था. घनश्याम के घर में उसे किराए पर 2 छोटेछोटे कमरों का मकान मिल गया था. वहीं वह अपने 6 महीने के बच्चे और पति के साथ रहने लगी थी.

सबकुछ सही चल रहा था. एक दिन जब रामप्रसाद ठेला ले कर सामान बेचने चला गया था तो घनश्याम उस के घर में आया था. थोड़ी देर इधरउधर की बातें करने के बाद उस ने कविता को अपने आगोश में भरने की कोशिश की थी.

जब कविता ने विरोध किया तो घनश्याम ने अपनी जेब से पिस्तौल निकाल कर उस के 6 महीने के बच्चे के सिर पर तान दी थी और कहा था, ‘बोल क्या चाहती है? बच्चे की मौत? और इस के बाद तेरे पति की बारी आएगी.’

कोई चारा न देख रोतीसुबकती कविता घनश्याम की बात मानती रही थी. यह सिलसिला 2 साल तक चलता रहा था. मौका देख कर घनश्याम उस के पास चला आता था. 1-2 बार कविता ने घर बंद कर चुपचाप अंदर ही पड़े रहने की कोशिश की थी, पर कब तक वह घर में बंद रहती. ऊपर से घनश्याम ने उस की बेहूदा तसवीर भी खींच ली थी जिन्हें वह सभी को दिखाने की धमकी देता रहता था.

इन हालात से बचने के लिए कविता ने कई बार अपने पति को घर बदलने के लिए कहा भी था पर रामप्रसाद उसे यह कह कर चुप कर देता था कि ठाणे जैसे शहर में इतना सस्ता और महफूज मकान कहां मिलेगा? वह सबकुछ कहना चाहती थी पर कह नहीं पाती थी.

पर आज की धमकी के बाद चुप रहना मुमकिन नहीं था. कविता की समझ में नहीं आ रहा था कि वह क्या करे. इतने पैसे जुटाना उस के बस में नहीं था. यह ठीक है कि रामप्रसाद ने मेहनत कर काफी पैसे कमा लिए हैं, पर इस लालची की मांग वे कब तक पूरी करते रहेंगे. फिर पैसे तो रामप्रसाद के खाते में हैं. वह एक दुकान लेने के जुगाड़ में है. जब रामप्रसाद को यह बात मालूम होगी तो वह उसे ही कुसूरवार ठहराएगा.

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रामप्रसाद रोजाना दोपहर 2 बजे ठेला ले कर वापस आ जाता था और खाना खा कर एक घंटा सोता था. मुन्ने के साथ खेलता, फिर दोबारा 4 बजे ठेला ले कर निकलता और रात 9 बजे के बाद लौटता था.

‘‘आज खाना नहीं बनाया क्या?’’ रामप्रसाद की आवाज सुन कर कविता चौंक पड़ी. वह कुछ देर रामप्रसाद को उदास आंखों से देखती रही, फिर फफक कर रो पड़ी.

‘‘क्या हुआ? कोई बुरी खबर मिली है क्या? घर पर तो सब ठीक हैं न?’’ रामप्रसाद ने पूछा.

जवाब में कविता ने ह्वाट्सऐप पर आई तसवीर को दिखा दिया और सारी बात बता दी.

‘‘तुम ने मुझे बताया क्यों नहीं?’’ रामप्रसाद ने पूछा.

कविता हैरान थी कि रामप्रसाद गुस्सा न कर हमदर्दी की बातें कर रहा है. इस बात से उसे काफी राहत भी मिली. उस ने सारी बातें रामप्रसाद को बताईं कि किस तरह घनश्याम ने मुन्ने के सिर पर रिवौल्वर सटा दिया था और उसे भी मारने की बात कर रहा था.

रामप्रसाद कुछ देर सोचता रहा, फिर बोला, ‘‘इस में तुम्हारी गलती सिर्फ इतनी ही है कि तुम ने पहले ही दिन मुझे यह बात नहीं बताई. खैर, बेटे और पति की जान बचाने के लिए तुम ने ऐसा किया, पर इन की मांग के आगे झुकने का मतलब है जिंदगीभर इन की गुलामी करना. मैं अभी थाने में रिपोर्ट लिखवाता हूं.’’

रामप्रसाद उसी वक्त थाने जा कर रिपोर्ट लिखा आया. जैसे ही घनश्याम और उस की पत्नी को इस की भनक लगी वे घर बंद कर फरार हो गए.

कविता ने रात में रामप्रसाद से कहा, ‘‘मुझे माफ कर दो. मुझ से बहुत बड़ी गलती हो गई.’’

‘‘माफी की कोई बात ही नहीं है. तुम ने जो कुछ किया अपने बच्चे और पति की जान बचाने के लिए किया. गलती बस यही कर दी तुम ने कि सही समय पर मुझे नहीं बताया. अगर पहले ही दिन मुझे बता दिया होता तो 2 साल तक तुम्हें यह दर्द न सहना पड़ता.’’

कविता को बड़ा फख्र हुआ अपने पति पर जो इन हालात में भी इतने सुलझे तरीके से बरताव कर रहा था. साथ ही उसे अपनी गलती का अफसोस भी हुआ कि पहले ही दिन उस ने यह बात अपने पति को क्यों नहीं बता दी. उस ने बेफिक्र हो कर अपने पति के सीने पर सिर रख दिया.

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Romantic Story:रोहित ने क्या किया कि मानसी को वह फिर प्यारा लगने लगा

Romantic Story

औफिस बंद होने के बाद मानसी समीर के साथ लौंग ड्राइव पर निकली थी. हमेशा की तरह उस का साथ उसे बहुत सुकून दे रहा था.

मानसी मन ही मन सोच रही थी, ‘एक ही छत के नीचे सोने के बाद भी रोहित मुझे बेगाना सा लगता है. अगर मुझे जिंदादिल समीर का साथ न मिला होता, तो मेरी जिंदगी बिलकुल मशीनी अंदाज में आगे बढ़ रही होती.’

करीब घंटे भर की ड्राइव का आनंद लेने के बाद समीर ने चाय पीने के लिए एक ढाबे के सामने कार रोक दी. उन्हें पता नहीं लगा कि कार से उतरते ही वे रोहित के एक दोस्त कपिल की नजरों में आ गए हैं. कुछ देर सोचविचार कर कपिल ने रोहित को फोन कर बता दिया कि उस ने मानसी को शहर से दूर किसी के साथ एक ढाबे में चाय पीते हुए देखा है.

उस रात रोहित जल्दी घर लौट आया था. मानसी ने साफ महसूस किया कि वह रहरह कर उसे अजीब ढंग से घूर रहा है. मन में चोर होने के कारण उसे यह सोच कर डर लगने लगा कि कहीं रोहित को समीर के बारे में पता न चल गया हो. फिर जब वह रसोई से निबट कर ड्राइंगरूम में आई तो रोहित ने उसे उसी अजीब अंदाज में घूरते हुए पूछा, ‘‘तुम मुझ से अब प्यार नहीं करती हो न?’’

‘‘यह कैसा सवाल पूछ रहे हो?’’ मानसी का मन और ज्यादा बेचैन हो उठा.

‘‘तुम मुझे देख कर आजकल प्यार से मुसकराती नहीं हो. कभी मेरे साथ लौंग ड्राइव पर जाने की जिद नहीं करती हो. औफिस से देर से आने पर झगड़ा नहीं करती हो. क्या ये सब बातें यह जाहिर नहीं करती हैं कि तुम्हारे दिल में मेरे लिए प्यार नहीं बचा है?’’

मानसी ने हिम्मत कर के शिकायती लहजे में जवाब दिया, ‘‘आप के पास वक्त ही कहां है, मुझे कहीं घुमा लाने का? रही बात आप के औफिस से देर से आने पर झगड़ा करने की, तो वह मैं ने बहुत कर के देख लिया… बेकार घर का माहौल खराब करने से क्या फायदा?’’

‘‘अगर तुम जल्दी आने को दबाव डालती रहतीं तो शायद मेरी आदत बदल जाती. तुम साथ घूमने की जिद करती रहतीं तो कभी न कभी हम घूमने निकल ही जाते. मुझे तो आज ऐसा लग रहा है मानो तुम ने अपने मनबहलाव के लिए किसी प्रेमी को ढूंढ़ लिया है.’’

‘‘ये कैसी बेकार की बातें मुंह से निकाल रहे हो?’’ मानसी की धड़कनें तेज हो गई थीं.

‘‘तब मुझे बताओ कि मेरी पत्नी होने के नाते तुम ने अपना हक मांगना क्यों छोड़ दिया है?’’

‘‘मेरे मांगने से क्या होगा? तुम्हारे पास मुझे देने को वक्त ही कहां है?’’

‘‘मैं निकालूंगा तुम्हारे लिए वक्त पर

एक बात तुम अच्छी तरह से समझ लो, मानसी,’’ बेहद संजीदा नजर आ रहे रोहित ने हाथ बढ़ा कर अचानक उस का गला पकड़ लिया, ‘‘मैं तुम्हारे लिए ज्यादा वक्त नहीं निकाल पाता हूं पर मेरे दिल में तुम्हारे लिए जो प्यार है, उस में कोई कमी नहीं है. अगर तुम ने मुझ से दूर जाने की बात भी सोची तो मैं तुम्हारी जान ले लूंगा.’’

मानसी ने उस की आंखों में देखा तो वहां भावनाओं का ऐसा तेज तूफान नजर आया कि वह डर गई. तभी रोहित ने अचानक उसे झटके से गोद में उठाया तो उस के मुंह से चीख ही निकल गई.

उस रात रोहित ने बहुत रफ तरीके से उसे प्यार किया था. ऐसा प्रतीत हो रहा था मानो वह अपने भीतर दबे आक्रोश को बाहर निकालने के लिए प्रेम का सहारा ले रहा था.

मानसी उस रात बहुत दिनों के बाद रोहित से लिपट कर गहरी और तृप्ति भरी नींद सोई. उसे न समीर का ध्यान आया और न ही अपनी विवाहित जिंदगी से कोई शिकायत महसूस हुई थी.

अगले दिन मानसी औफिस पहुंची तो बहुत रिलैक्स और खुश नजर आ रही थी. रोहित के होंठों से बने उस की गरदन पर नजर आ रहे लाल निशान को देख कर उस की सहयोगी किरण और ममता ने उस का बहुत मजाक उड़ाया था.

लंच के बाद उस के पास समीर का फोन आया. उस ने उत्साहित लहजे में मानसी से पूछा, ‘‘आज शाम बरिस्ता में कौफी पीने चलोगी?’’

‘‘आज नहीं,’’ मानसी की आवाज में न चाहते हुए भी रूखापन पैदा हो गया.

कौफी पीने की शौकीन मानसी के मुंह से इनकार सुन कर समीर हैरान होता हुआ बोला, ‘‘मुझे लग रहा है कि तुम्हारी तबीयत ठीक

नहीं है.’’

‘‘नहीं, मेरी तबीयत ठीक है.’’

‘‘तो फिर मुझे तुम्हारा मूड क्यों खराब लग रहा है?’’

‘‘मेरा मूड भी ठीक है.’’

‘‘तब साफसाफ बता दो कि मेरे साथ कौफी पीने चलने के लिए रूखे अंदाज में क्यों इनकार कर रही हो?’’

मानसी ने उसे सच बता देना ही उचित समझा और बोली, ‘‘मुझे लगता है कि रोहित को मेरे ऊपर शक हो गया है.’’

‘‘उस ने तुम से कुछ कहा है?’’

‘‘हां, कल रात पूछ रहे थे कि मैं कभी उन के साथ लौंग ड्राइव पर जाने की जिद क्यों नहीं करती हूं.’’

‘‘मुझे लग रहा है कि तुम बेकार ही उस के इस सवाल से डर रही हो. उस के पास तुम्हारी खुशियों, भावनाओं व इच्छाओं का ध्यान रखने की फुरसत ही कहां है.’’

‘‘फिर भी मुझे सावधान रहना होगा. वे बहुत गुस्से वाले इनसान होने के साथसाथ भावुक भी बहुत हैं. मैं तुम्हारे साथ बाहर घूमने जाती हूं, अगर उन्हें इस बात का पता लग गया तो मेरी जान ही ले लेंगे.’’

‘‘जैसी तुम्हारी मरजी,’’ ऐसा कह कर नाराज समीर ने झटके से फोन काट दिया था.

उस शाम रोहित उसे लेने औफिस आ गया था. उस की कार गेट से कुछ दूरी पर खड़ी थी. मानसी यह कल्पना कर के कांप गई कि अगर उस ने समीर के साथ घूमने जाने को ‘हां’ कर दी होती तो आज गजब हो जाता.

रोहित बहुत खुश लग रहा था. दोनों ने पहले कौफी पी, फिर बाजार में देर तक घूम कर विंडो शौपिंग की. उस के बाद रोहित ने उसे उस का पसंदीदा साउथ इंडियन खाना खिलाया.

घर लौटते हुए कार चला रहे रोहित ने अचानक उस से पूछा, ‘‘तुम पहले तो इतना कम नहीं बोलती थीं? क्या मेरे साथ बात करने को तुम्हारे पास कोई टौपिक नहीं है?’’

‘‘जब भी बोलती हूं, मैं ही बोलती हूं, जनाब,’’ मानसी ने मुसकराते हुए जवाब दिया.

‘‘फिर भी मुझे लगता है कि तुम पहले की तरह मुझ से खुल कर बात नहीं करती हो?’’

‘‘इस वक्त मैं बहुत खुश हूं, इसलिए यह बेकार का टौपिक शुरू कर के मूड मत खराब करो. वैसे कम बोलने की बीमारी आप को है, मुझे नहीं.’’

‘‘तो आज मैं बोलूं?’’

‘‘बिलकुल बोलो,’’ मानसी उसे ध्यान से देखने लगी.

घर पहुंच कर रोहित ने कार रोकी पर उतरने की कोई जल्दी नहीं दिखाई. वह बहुत भावुक अंदाज में मानसी की आंखों में देखे जा रहा था. फिर उस ने संजीदा स्वर में बोलना शुरू किया, ‘‘मैं ने अपने बचपन में बहुत गरीबी देखी थी, मानसी. मेरे ऊपर दौलतमंद बनने का जो भूत आज भी सवार रहता है, उस के पीछे बचपन के मेरे वह कड़वे अनुभव हैं जब ढंग से 2 वक्त की रोटी भी हमें नहीं मिल पाती थी.’’

‘‘सच तो यह है कि उन कड़वे अनुभवों के कारण मेरे अंदर हमेशा हीन भावना बनी रहती है. मानसी, तुम बहुत सुंदर हो और तुम्हारा व्यक्तित्व मुझ से ज्यादा आकर्षक है. उस हीन भावना के कारण मेरे मन में न जाने यह भाव कैसे पैदा हो गया कि अगर मैं ने तुम्हारे बहुत ज्यादा नाजनखरे उठाए तो तुम मुझ पर हावी हो जाओगी. अपनी इस नासमझी के चलते मैं तुम से कम बोलता रहा.

‘‘कल रात मुझे अचानक यह एहसास हुआ कि कहीं मेरी इस नासमझी के कारण तुम मुझ से बहुत दूर चली गईं तो मैं बिखर कर पूरी तरह से टूट जाऊंगा. तुम मुझ से कभी दूर न जाना, मानसी.’’

‘‘मैं कभी आप से दूर नहीं जाऊंगी,’’ कह कर मानसी उस के हाथ को बारबार चूम कर रोने लगी तो रोहित की पलकें भी भीग उठीं.

अपनी आंखों से बह रहे आंसुओं के साथ मानसी ने मन में रोहित के प्रति भरी सारी शिकायतें बहा डालीं.

समीर ने 2 दिन बाद मानसी को लौंग ड्राइव पर चलने के लिए आमंत्रित किया पर मानसी तैयार नहीं हुई.

‘‘मैं रोहित को नाराज होने का कोई मौका नहीं देना चाहती हूं.’’ समीर के जोर देने पर उस ने साथ न चलने का कारण साफसाफ बता दिया.

‘‘और मेरे नाराज होने की तुम्हें कोई चिंता नहीं है?’’ समीर ने चुभते लहजे में पूछा.

‘‘पति को पत्नी के चरित्र पर किसी पुरुष से दोस्ती के कारण शक होता हो तो पत्नी को उस दोस्ती को तोड़ देना चाहिए.’’

‘‘तुम यह क्यों भूल रही हो कि इसी पति के रूखे व्यवहार के कारण तुम कुछ दिन पहले जब दुखी रहती थीं, तब मैं ही तुम्हें उस अकेलेपन के एहसास से नजात दिलाता था. आज वह जरा प्यार से बोल रहा है, तो तुम मुझे दूध में गिरी मक्खी की तरह निकाल फेंकने को तैयार हो गई हो.’’

‘‘मुझे इस विषय पर तुम से कोई बात नहीं करनी है.’’

‘‘तुम ने मेरी भावनाओं से खेल कर पहले अपना मनोरंजन किया और अब सतीसावित्री बनने का नाटक कर रही हो,’’ समीर उसे अपमानित करने पर उतारू हो गया.

‘‘मुझ से ऐसी टोन में बात करने का तुम्हें कोई हक नहीं है,’’ मानसी को अपने गुस्से पर नियंत्रण रखने में कठिनाई हो रही थी.

‘‘और तुम्हें मेरी भावनाओं से खेल कर मेरा दिल दुखाने का कोई हक नहीं है.’’

‘‘ओह, शटअप.’’

‘‘तुम मुझे शटअप कह रही हो?’’ समीर गुस्से से फट पड़ा, ‘‘अगर तुम नहीं चाहती हो कि रोहित की बुराई करने वाली तुम्हारी सारी मेल मैं उसे दिखा दूं, तो जरा तमीज से बात करो मुझ से, मैडम.’’

‘‘तुम ऐसा नहीं कर सकते हो,’’ उस की धमकी सुन कर मानसी

डर गई.

‘‘मैं ऐसा बिलकुल नहीं करना चाहता हूं. तुम क्यों मुझ से झगड़ा कर रही हो? मैं तुम्हारी दोस्ती को खोना नहीं चाहता हूं, मानसी,’’ समीर ने फिर से उस के साथ अपने संबंध सुधारने की कोशिश शुरू कर दी.

कुछ पलों की खामोशी के बाद मानसी ने आवेश भरे लहजे में जवाब दिया, ‘‘आज तुम्हारा असली चेहरा देख कर मुझे तुम से नफरत हो रही है. तुम्हारी मीठी बातों में आ कर मैं ने तुम्हें अपना दोस्त और सच्चा शुभचिंतक माना, यह मेरी बहुत बड़ी गलतफहमी थी.’’

‘‘तुम्हारी धमकी से डर कर मैं तुम्हारी जिद के सामने झुकूंगी नहीं, समीर. तुम्हें जो करना है कर लो, पर आगे से तुम ने मुझ से किसी भी तरह से संपर्क करने की कोशिश की तो फिर रोहित ही तुम्हारी खबर लेने आएंगे.’’

समीर को कुछ कहने का मौका दिए बगैर मानसी ने फोन काट कर स्विच औफ कर दिया.

उस रात मानसी रोहित की छाती से लग कर बोली, ‘‘आप दिल के बहुत अच्छे हो. मैं बेवकूफ ही आप को समझ नहीं पाई. मुझे माफ कर दो.’’

‘‘और तुम मुझे मेरी नासमझियों के लिए माफ कर दो. अपने रूखे व्यवहार से मैं ने तुम्हारा दिल बहुत दुखाया है,’’ रोहित ने प्यार से उस का माथा चूम कर जवाब दिया.

‘‘मैं आप को कुछ बताना चाहती हूं.’’

‘‘पर मुझे कुछ सुनना नहीं है, मानसी. सुबह का भूला शाम को घर आ जाए तो उसे भूला नहीं कहा जाता. मैं तो बस इतना चाहता हूं कि आगे से हम अपने दिलों की बातें खुल कर एकदूसरे से कहें और सच्चे माने में एकदूसरे के हमसफर बनें.’’

मानसी भावविभोर हो रोहित की छाती से लग गई. उस ने समीर के बारे में कुछ भी सुनने से इनकार कर के उसे अपनी नजरों में गिरने से बचा लिया था. रोहित के प्यार, विश्वास व संवेदनशील व्यवहार के कारण उस का कद उस की नजरों में बहुत ऊंचा हो गया था.

Winter Special Recipe : स्नैक्स में परोसें गोलगप्पा पकौड़े, बनाने के लिए फौलो करें ये टिप्स

Winter Special Recipe : मार्केट में आपने गोलगप्पे तो काफी खाए होंगे. लेकिन क्या आपने घर पर गोलगप्पे की नई रेसिपी ट्राय की है. गोलगप्पा पकौड़े एक आसान रेसिपी है, जिसे आप अपनी फैमिली के लिए ट्राय कर सकते हैं.

सामग्री

–  10-15 गोलगप्पे

–  3-4 आलू उबले

–  1/4 कप चने उबले

–  1/4 कप गाढ़ा दही

–  2 बड़े चम्मच कसा चीज

–  1 हरीमिर्च

–  1 छोटा चम्मच जीरा

–  1/4 कप सेव बारीक

–  1/4 कप चावल का आटा

–  1 बड़ा चम्मच मैदा

–  1 चुटकी हलदी

–  थोड़ी सी हरी चटनी

–  तेल तलने के लिए

–  नमक स्वादानुसार.

विधि

आलुओं को मसल लें. चने, दही, चीज, जीरा पाउडर, नमक, हरीमिर्च और हरी चटनी को मिला कर अच्छी तरह मिक्स कर लें. चावल का आटा व मैदा मिला कर पकौड़ों के घोल जैसा घोल बना लें. इस में नमक व हलदी मिला कर अच्छी तरह फेंट लें. गोलगप्पों को ऊपर से थोड़ा सा तोड़ कर उन में आलू चने का मिश्रण भरें. फिर इन्हें चावल के आटे के घोल में डुबो कर ऊपर से बारीक सेव लपेट कर तल लें.

सर्दियों में होने वाली परेशानियों का ये है आसान इलाज

Winter Health Tips: सर्दी के मौसम में खांसी, जुकाम, गले की खराश, जैसी समस्याएं आम हैं. खराश की समस्या को जल्दी ठीक करना जरूरी है, नहीं तो ये खांसी का रूप ले लेती है. इस खबर में हम आपको बताने वाले हैं कि सर्दी, खांसी, खराश जैसी समस्याओं का दवाइयों के बिना, घरेलू नुस्खों की मदद से कैसे इलाज कर सकते हैं.

इसमें एंटीबैक्टीरियल गुण होते हैं. गले के इंफेक्शन और दर्द में अदरक काफी लाभकारी होता है. इसके लिए आप एक कप में गर्म पानी उबाल लें. उसमें शहद डाल कर मिलाएं और दिन में दो बार पिएं. कुछ ही दिनों में आपको अंतर समझ आएगा.

1. नमक पानी से करें गरारा

गले की खराश में नमक के पानी का गरारा काफी लाभकारी होता है. खराश के कारण गले में सूजन आ जाती है. गुनगुने पानी और नमक का गरारा करने से सूजन में काफी आराम मिलता है. इसे दिन में 3 बार करने से आपको जल्दी ही आराम मिलेगा.

2. मसाला चाय

लौंग, तुलसी और काली मिर्च को पानी में डाल कर उबाल लें. इसके बाद इसमें चायपत्ती डालकर चाय बना लें. सर्दियों में नियमित तौर पर इसका सेवन करें. आपको सर्दी संबंधित परेशानियां नहीं होंगी.

3. अदरक

अदरक को पानी में डाल कर उबाल  लें. थोड़ी देर तक उसे उबालें ताकि अदरक का अर्क पानी में आ जाए. इसके बाद पानी में शहद मिला कर पिएं. सर्दी से होने वली परेशानियों में आपको काफी आराम मिलेगा.

4. लहसुन

लहसुन इंफेक्शन पैदा करने वाले जीवाणुओं को मार देता है. इसलिए गले की खराश में लहसुन बेहद फायदेमंद है. उपचार के लिए गालों के दोनों तरफ लहसुन की एक-एक कली रखकर धीरे-धीरे चूसते रहें.

5. भाप लेना

सर्दियों में होने वाली परेशानियों में भाप लेना काफी कारगर होता है. किसी बड़े बर्तन में गुनगुना पानी कर लें और तौलिया से पानी और चेहरा ढक कर भाप लें. आराम मिलेगा.

OTT की तरफ रुख करती बौलीवुड की नईपुरानी हीरोइनें, क्या है खास वजह

OTT: हर कलाकार की इच्छा होती है कि वह अपने अभिनय कैरियर में कम से कम एक ऐसी फिल्म जरूर करे, जिस में निभाए किरदार के चलते उस को जिंदगीभर याद किया जाए. फिर चाहे वह हेमा मालिनी की फिल्म ‘शोले’ या ‘ड्रीम गर्ल हो’, जया भादुरी की फिल्म ‘गुड्डी’ या ‘चुपके चुपके’ हो, काजोल की फिल्म ‘बाजीगर’ या ‘दिलवाले दुलहनिया ले जाएंगे’ हो, माधुरी दीक्षित की फिल्म ‘हम आप के हैं कौन’ या ‘राम लखन’, वगैरह ही क्यों न हो.

लेकिन साथ ही एक कड़वा सच यह भी है कि हिंदी फिल्मों में हीरोइनें की ऐक्टिंग कैरियर बहुत कम समय का होता है, खासतौर पर तब जब उन की शादी हो जाती है। बड़ी से बड़ी हीरोइनों को भी मां और भाभी के किरदार औफर्स होने लगते हैं।

इसी वजह से एक समय की मशहूर हीरोइन माधुरी दीक्षित, सुष्मिता सेन, रवीना टंडन, शिल्पा शेट्टी और काजोल जैसी हीरोइनों ने अच्छे रोल न मिलने की वजह से फिल्मों से सन्यास ले लिया और घर बैठ गईं। लेकिन OTT प्लेटफौर्म के आने के बाद वैब सीरीज की अच्छी कहानी और दमदार किरदारों ने कई पुरानी और नई हीरोइनों को OTT की तरफ आने के लिए प्रेरित किया क्योंकि वैब सीरीज में हीरोइन सिर्फ शो पीस नहीं होतीं या मां और भाभी के किरदार में फंसी हुई नहीं रहतीं, बल्कि बड़ी उम्र की हीरोइनों को भी वैब सीरीज में अलग तरह के चैलेंजिंग किरदार निभाने का मौका मिल रहा है, जो उन्होंने अपने अभिनय कैरियर में कभी नहीं किए और जिस के चलते बौलीवुड की कई मशहूर हीरोइनें जैसे माधुरी दीक्षित, शबाना आजमी, रवीना टंडन, शिल्पा शेट्टी, काजोल वैब सीरीज कर रही हैं.

पेश हैं, इसी सिलसिले पर एक नजर :

वैब सीरीज और फिल्मों में फर्क

हीरोइनों की वैब सीरीज में दिलचस्पी के पीछे कई सारी वजह हैं, जिस में से खास वजह यह है कि ऐसा एक किरदार करने का मौका मिलना जो दिलचस्प है और चैलेंजिंग भी है, जिसे इन हीरोइनों ने कभी फिल्मों में नहीं किया. इस के अलावा वैब सीरीज जो 6 या 8 एपिसोड की होती है उस में हीरोइन को उसी वक्त आना होता है, जब उन की जरूरत होती है क्योंकि एक ऐक्टर के अपने रोल के लिए वैब सीरीज की टाइम लिमिट कम होती है। इसलिए हीरोइन को एक वैब सीरीज के लिए ज्यादा समय नहीं देना पड़ता.

फिल्मों में जहां हीरोहीरोइन पर पूरी फिल्म की कहानी टिकी होती है, वहीं वैब सीरीज में कहानी के मुताबिक हर किरदार की अपनी अलग जगह होती है। लिहाजा, जब हीरोइन का शूट होता है तो उसे उतने समय तक ही अपना काम करना होता है। ऐसे में हीरोइन का समय भी बचता है, पैसा भी अच्छाखासा मिलता है और अपना मनपसंद किरदार निभाने का मौका भी मिलता है क्योंकि पूरी वैब सीरीज किसी एक ऐक्टर पर निर्भर नहीं होती बल्कि वैब सीरीज की कहानी में क्रिएट किए गए किरदारों पर निर्भर होती है। इसलिए जब जिस की जरूरत होती है तभी उस को सेट पर शूटिंग के लिए बुलाया जाता है.

कई बार मेकर्स कलाकारों को सामने लाने के बजाय पूरी वैब सीरीज में फोन का इस्तेमाल किए बिना किरदारों को दिखाए बातों के जरीए भी पूरी वैब सीरीज की कहानी गढ़ देते हैं, जो दर्शक वैब सीरीज में चल रहे किसी एक किरदार के बातों के आधार पर खुद ही इमेजिन कर लेते हैं जबकि सामने दिखाया कुछ नहीं जाता. सिर्फ फोन पर एक किरदार द्वारा बोला जाता है.

हौलीवुड वैब सीरीज में कई बार ऐसे सीरीज देखने को मिलते हैं, जिस में 1-2 किरदार के साथ ही पूरी वैब सीरीज तैयार हो जाती है.

कहने का मतलब यह है कि वैब सीरीज में काम करने वाली अभिनेत्री को सारे फायदे होते हैं और अभिनय की संतुष्टि भी होती है. इसी के चलते कई सारी नईपुरानी बौलीवुड हीरोइनें आज के समय में वैब सीरीज कर रही हैं।

जानिए, बौलीवुड की मशहूर अभिनेत्रियां जो अभिनय से दूर हो गई थीं लेकिन बाद में OTT प्लेटफौर्म की बनीं शान :

माधुरी दीक्षित नेने : बौलीवुड दिवा माधुरी दीक्षित नेने जो अपने अभिनय कैरियर में 2 पीढ़ियों के हीरोज के साथ काम कर चुकी हैं, जैसे विनोद खन्ना, अक्षय खन्ना, ऋषि कपूर और रणबीर कपूर आदि, ने 2002 के बाद फिल्मों में काम करना बहुत कम कर दिया था। वे ज्यादातर डांस रियलिटी शोज में जज बन कर नजर आती थीं. अच्छा किरदार न मिलने की वजह से माधुरी ने फिल्मों से दूरी बना ली थी। लेकिन OTT  प्लेटफौर्म ने उन का ध्यान अपनी ओर आकर्षित किया, जिस के बाद माधुरी ‘द फेम गेम’ में नकारात्मक भूमिका में नजर आईं। उस के बाद माधुरी की एक फिल्म ‘मजा मा’ भी OTT प्लेटफौर्म पर रिलीज हुई.

फिलहाल माधुरी दीक्षित नई वैब सीरीज ‘मिसेज देशपांडे’ को ले कर चर्चा में हैं क्योंकि धकधक गर्ल कहलाने वाली माधुरी ने इस वैब सीरीज में ऐसा खतरनाक काम किया है जिसे देखने के बाद दर्शकों के रोंगटे खङे हो सकते हैं।

‘मिसेज देशपांडे’ साइको थ्रिलर वैब सीरीज है, जिस में माधुरी दीक्षित ने खौफनाक ऐक्सप्रेशन के साथ सीरियल किलर का रोल निभाया है। हमेशा रोमांटिक और इमोशनल रोल में नजर आने वाली माधुरी दीक्षित इस में खतरनाक खूनी के किरदार में नजर आई हैं. यह वैब सीरीज फ्रांसीसी सीरीज से प्रेरित है. माधुरी की यह वैब सीरीज जिओ हौट स्टार पर रिलीज हुई है.

रश्मिका मंडाना : बौलीवुड की चर्चित अभिनेत्री रश्मिका मंडाना, जिन्होंने साउथ के बाद बौलीवुड में ‘पुष्पा 2’, ‘थामा’, और ‘सिकंदर’ जैसी फिल्मों में काम कर के अपनी अलग पहचान बनाई है, नेटफ्लिक्स पर ‘द गर्लफ्रैंड’ फिल्म के जरीए दस्तक दी है.

सुष्मिता सेन : मिस यूनिवर्स रह चुकीं 90 के दशक की मशहूर अभिनेत्री सुष्मिता सेन ने अपने अभिनय कैरियर में कई अच्छी फिल्में कीं। लेकिन 2010 के बाद हिंदी फिल्मों से उन्होंने दूरी बना ली। लेकिन अब पिछले 2 सालों से सुष्मिता सेन OTT प्लेटफौर्म पर अभिनय का जलवा बिखेर रही हैं, जिस के चलते डिजनी+हौट स्टार पर सुष्मिता अपनी वैब सीरीज ‘आर्या’ को ले कर चर्चा में हैं।

इसी वैब सीरीज का दूसरा भाग ‘आर्या 2’ भी चर्चा में रहा. अब जल्दी ही सुष्मिता सेन की वैब सीरीज ‘आर्या’ का तीसरा भाग भी रिलीज होने जा रहा है. इस सीरीज के अलावा सुष्मिता सेन अपनी एक और वैब सीरीज ‘ताली’ को ले कर चर्चा में हैं, जिस में उन्होंने किन्नर की भूमिका निभाई है।

सुष्मिता ने ट्रांसजैंडर ऐक्टिविस्ट गौरी सावंत का किरदार निभाया है। उन्होंने इस वैब सीरीज में बेहतरीन अदाकारी का परिचय दिया है.

काजोल : काजोल की वैब सीरीज ‘द ट्रायल’ का पहला भाग बेहद लोकप्रिय हुआ। इस वैब सीरीज में काजोल ने वकील की भूमिका निभाई है, जो अपने पति के घोटाले के बाद परिवार के लिए बतौर वकील वापस कोर्ट में पहुंचती है. ‘द ट्रायल’ की सफलता के बाद इस का दूसरा सीजन भी रिलीज हुआ है.

रवीना टंडन : 90 के दशक की मशहूर हीरोइन रवीना टंडन ‘केजीएफ चैप्टर 2’ से अभिनय कैरियर में वापसी के बाद नेटफ्लिक्स पर प्रदर्शित वैब सीरीज ‘आरण्यक’ में नजर आईं। इस वैब सीरीज में रवीना टंडन ने पुलिस औफिसर की भूमिका निभाई है.

ईशा देओल : 2000 के दशक में ‘युवा’, ‘धूम’, ‘न तुम जानो न हम’, ‘एलओसी’, ‘कारगिल’ जैसी कई बेहतरीन फिल्मों में काम कर चुकीं अभिनेत्री ईशा देओल ने शादी के बाद फिल्मों से दूरी बना ली थी. लेकिन इस साल वैब सीरीज ‘रुद्र’ से अजय देवगन के साथ OTT पर वापसी की है.

डिंपल कपाड़िया : अपने अभिनय कैरियर में लगभग हर तरह के किरदार निभा चुकीं अभिनेत्री डिंपल कपाड़िया वैब सीरीज ‘सास बहू’ और ‘फ्लेमिंगो’ में अभिनय करती नजर आईं जो एक क्राइम थ्रिलर सीरीज है। इस में डिंपल कपाड़िया के साथ राधिका और ईशा तलवार भी शामिल हैं.

अनन्या पांडे : बौलीवुड अभिनेत्री अनन्या पांडे फिल्मों के अलावा वैब सीरीज ‘कौल मी बे’ में अभिनय करती नजर आईं। इस वैब सीरीज में अनन्या एक अमीर लड़की की भूमिका में नजर आईं. यह वैब सीरीज एक अमीर लड़की की कहानी पर आधारित है.

इस वैब सीरीज का दूसरा भाग ‘कौल मी बे 2’ भी जल्दी ही आने वाला है. इस सीरीज में अन्य कलाकार वीर दास और सयानी गुप्ता हैं.

इस के अलावा शिल्पा शेट्टी, रोहित शेट्टी की वैब सीरीज ‘इंडियन पुलिस फोर्स’ में पुलिस औफिसर की भूमिका में नजर आईं। इस के अलावा ‘शेप औफ यू फिटनैस’ सीरीज और ‘हीयर मी लव मी डेटिंग’ रियलिटी शो में रिलेशनशिप गाइड की भूमिका में अमेजन प्राइम वीडियो के रियलिटी शो में नजर आईं.

करिश्मा कपूर : करिश्मा ‘मैंटल हुड’ वैब सीरीज में मां की भूमिका में नजर आईं. फिलहाल, उन की आने वाली वैब सीरीज ‘ब्राउन’ जो क्राइम ड्रामा है, इस वैब सीरीज में वे पुलिस औफिसर की भूमिका में नजर आएंगी.

हुमा कुरैशी : हुमा वैब सीरीज ‘महारानी 4’ में दबंग किरदार में नजर आई हैं. अब वे ‘दिल्ली क्राइम 3’ में नकारात्मक भूमिका में नजर आने वाली हैं.

हुमा के अनुसार, उन्हें निगेटिव किरदार निभाने में मजा आता है क्योंकि उस में ऐक्टिंग का ज्यादा स्कोप होता है.

प्रियामणि : साउथ की हीरोइन प्रियामणि मशहूर अभिनेता मनोज बाजपेयी अभिनीत वैब सीरीज ‘फैमिली 3’ में जयदीप अहलावत और निमृत कौर के साथ नजर आएंगी.

म्यूजिक इंडस्ट्री के चर्चित भूषण कुमार की पत्नी दिव्या खोसला डार्क कौमेडी थ्रीलर ‘एक झुग्गी’ वैब सीरीज में नजर आएंगी जो बस्ती में रहने वाली संघर्षरत महिला की कहानी है, जिस के हाथ एक भ्रष्ट ब्रोकर का खोया हुआ मोबाइल मिल जाता है, जिस से वह ब्रोकर को ब्लैकमेल करने का फैसला करती है.

‘डब्बा कार्टेल 5’ महिलाओं की कहानी है जो डब्बा डिलिवरी सर्विस करती है लेकिन ड्रग औपरेशन में फंस जाती है। इस में शबाना आजमी, ज्योतिका और शालिनी पांडे मुख्य भूमिका मे हैं.

इस के अलावा बौलीवुड ऐक्ट्रैस टिस्का चोपड़ा बतौर निर्देशक साइकोलौजिकल फिल्म ‘साली मोहब्बत’ OTT पर रिलीज कर रही हैं। इस फिल्म की मुख्य कलाकार राधिका आप्टे हैं

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