कलाकारों की जिंदगी अब सुधर गयी है – तृप्ति डिमरी 

फिल्म ‘बुलबुल’ में बंगाल के जमींदार पत्नी की भूमिका निभाकर चर्चित होने वाली अभिनेत्री तृप्ति डिमरी उत्तराखंड की है, लेकिन उसकी पढाई दिल्ली में हुई. उसे बचपन से अभिनय पसंद था. मॉडलिंग से उसने अपने कैरियर की शुरुआत की और फिल्मों में आई. लॉक डाउन में तृप्ति ने खाना बनाना,  फिल्में देखना, किताबें पढना आदि किया है और अपने परिवार के साथ समय बिता रही है. स्वभाव से नम्र और हंसमुख तृप्ति आज ओटीटी प्लेटफार्म पर अपनी फिल्म की वजह से पोपुलर हो चुकी है. वह आजकल डिजिटल पर प्रसंशकों की तारीफे पढ़ती है और खुश होती है. गृहशोभा के लिए उसने ख़ास बात की पेश है कुछ अंश.

सवाल-‘बुलबुल’ फिल्म इतनी सफल होगी, क्या आपने सोचा था ?

ये फिल्म इतनी सफल होगी मुझे पता नहीं था. मुझे ख़ुशी इस बात से हो रही है कि लोग हमारी बात को समझ रहे है, जो हमने उस फिल्म के ज़रिये कहने की कोशिश की है. इसमें सबके काम की तारीफ की जा रही है. शुरू में कहानी रूचिकर लगी थी, ये सोचकर हाँ कर दी थी. 

सवाल-महिलाओं की भावनाओं की कद्र आज भी नहीं की जाती, इसकी वजह क्या मानती है?

मेरे हिसाब से ये परिवार से ही शुरू होता है. महिलाओं को सम्मान देने और उनकी भावनाओं को कद्र देने की सीख उनके माता-पिता ही दे सकते है. मेरे परिवार में मेरे पेरेंट्स ने बचपन से समान अवसर दिया है. अगर भाई बाहर जा सकता है तो मैं भी बाहर जा सकती हूं. बराबरी की ये आदत बचपन से ही बच्चे को घर में दी जानी चाहिए. लिंग भेद उनमें नहीं आनी चाहिए, क्योंकि बचपन की सीख ही उन्हें एक अच्छा इंसान बनाती है, ऐसा होने पर हर घर में समस्या आधी हो जाएगी. 

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सवाल-इस फिल्म में जमींदार की पत्नी की भूमिका निभाने के लिए कितनी तैयारियां की?

निर्देशक अन्विता दत्त के साथ काम करते हुए ही सब कुछ सीखा है, उन्होंने पहले ही कह दिया था कि अभिनय आसान नहीं है. मेरे पास तैयारी के लिए दो महीने थे. उस समय मैंने निर्देशक के साथ मिलकर चरित्र को समझने की कोशिश की. इसमें मेरी दो भूमिका है, ,जिसमें जमींदारिन की भूमिका निभाना मेरे लिए कठिन था, क्योंकि उस किरदार से मैं काफी दूर हूं. वह चरित्र काफी संभला हुआ स्थिर चरित्र है. मेहनत अधिक करनी पड़ी. किरदार की तरह बोलना, सोचना, चलना आदि सीखा और उस चरित्र को आत्मसात किया. 

सवाल-अभिनय में आना एक इत्तफाक था या बचपन से ही सोचा था?

हर इन्सान के अंदर अभिनय करने की इच्छा होती है. मेरे अंदर भी थी, पर बड़े पर्दे पर कर पाऊँगी सोचा नहीं था, क्योंकि पूरे परिवार से कोई भी फिल्म इंडस्ट्री में नहीं था. मन था पर सोचा नहीं था. तैयारी भी नहीं किया. मेरे भाई के एक दोस्त ने मेरी फोटोग्राफी की. मेरी तस्वीर उसने कई एजेंसियों में भेज दी. मैं चुन ली गयी और धीरे-धीरे मॉडल और अब एक्टर बनी. मैं सही समय पर सही जगह पहुँच जाती थी और चीजें होती जाती थी. पोस्टर बॉयज के समय मुझे एक्टिंग नहीं आती थी और मैं कुछ अलग करने की कोशिश कर रही थी. मैने फिल्म किया, लेकिन लैला मजनू के समय मैने एक्टिंग क्लासेस लिया और एक्टिंग से मुझे प्यार हो गया. 

सवाल-परिवार का सहयोग कितना था?

परिवार का सहयोग पहले नहीं था, क्योंकि उन्हें लगता था कि अकेली लड़की मुंबई जाकर कैसे रहेगी. वे डरे हुए थे. फिल्म पोस्टर बॉयज को देखने के बाद उन्हें लगा कि लड़की सही दिशा में जा रही है. वे कभी नहीं चाहते थे कि मैं इस इंडस्ट्री में आकर संघर्ष करूँ और अपना समय बर्बाद करूँ, पर आज वे खुश है. मुझसे अधिक उत्साहित वे मेरे किसी भी फिल्म के लिए रहते है. 

सवाल-लॉक डाउन का फायदा ओटीटी प्लेटफॉर्म को मिला है, कलाकारों को कितना फायदा हुआ है?

आज कलाकार को फायदा अधिक है, क्योंकि ओ टी टी की वजह से आधे से अधिक कलाकारों की जिंदगी सुधर गयी है. शुरू में मैं जब मुंबई आई थी और लोगों से मिलती थी तो लोग कहते थे कि काम यहाँ नहीं है, पर अब सब व्यस्त है. काम अब अधिक हो रहा है. सबको काम मिल रहा है. कलाकारों को एक्स्प्लोर करने का अधिक मौका मिल रहा है. सिनेमा हॉल का मज़ा अलग है, उसके खुलने का इंतज़ार है, क्योंकि हर कलाकार अपने आप को बड़े पर्दे पर देखना चाहता है. लॉक डाउन  में डिजिटल प्लेटफॉर्म होने की वजह से लोगों को मनोरंजन मिल रहा है. नहीं तो मुश्किलें और अधिक होती. 

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सवाल-डिजिटल पर सर्टिफिकेशन नहीं होती, ऐसे में निर्माता, निर्देशक की जिम्मेदारी कितनी होती है कि वे ऐसे फिल्म बनांये, जिसे परिवार के सभी देख सके?

आज़ादी होने पर कुछ भी बना देना सही नहीं. स्टोरी पर फोकस करने की जरुरत है. बिना जरुरत के कुछ भी दिखा देना सही नहीं.  मेरी फिल्म में भी काफी इंटिमेट सीन्स है, जिसके लिए काफी लोगों ने मुझे कहा भी है कि ये दृश्य देखना उनके लिए कठिन था,पर स्टोरी के वह जरुरी था, क्योंकि उसके बाद लड़की की जिंदगी बदल जाती है. जिसके बाद से वह ठान लेती है कि वह किसी को अपने उपर हुक्म चलाने नहीं देगी. हमारे समाज में घटित फैक्ट को दिखाने में कोई समस्या नहीं होनी चाहिए.

 

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🌸Growing up, I was extremely different from the character I play in Bulbbul. I was not an extrovert at all! She’s curious and excitable and I was the opposite of it. I was very shy and I never felt comfortable participating in school functions and activities. I even hated getting doubts cleared in class because I didn’t like having all those eyes on me. Something changed when I got to college. I realised it’s time I take to the stage and face the world. I became more involved in college activities and even joined a modelling agency, which turned out to be the door that opened these opportunities for me. I remember putting off giving my first audition because the thought of facing the camera terrified me. Surprisingly, I did well and I got selected, which led to my debut movie ‘Poster Boys’. From being uncomfortable with so many eyes on me to now feeling at home on a set, I’ve come a long way. I am here because I chose to fight my fear and get out of my comfort zone. I chose to trust myself and stopped listening to my insecurities. I’m still nervous in new situations, I still fumble but I now know you can always overcome those fears and give it your all. Remember, fear is just a feeling and no feeling is permanent. Fight it even if you fail. You can always get back up and try again. I’m glad I chose to fight. #Bulbbul @netflix_in @officialcsfilms @anushkasharma @kans26 @anvita_dee @avinashtiwary15 @rahulbose7 @paoli_dam @parambratachattopadhyay @manojmittra @saurabhma @an5hai @siddharthdiwan @itsamittrivedi @rameshwar_s_bhagat @lifaafa_ @veerakapuree @anishjohn83 @rod__sunil @hingoraniharry @keitanyadav @redchillies.vfx @redchillies.color @kyana.emmot @castingbay @ruchi.mahajan1 @buddhadevvarun

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सवाल-फिल्मों में अन्तरंग दृश्य करने में आप कितनी सहज होती है? 

अगर कोई दृश्य फिल्म के लिए जरुरत है तो उसे करने में कोई समस्या नहीं. दर्शकों के मनोरंजन के लिहाज से डाले गए अन्तरंग दृश्य करने में सहज नहीं. 

सवाल-गृहशोभा के ज़रिये क्या मेसेज देना चाहती है?

मेरे हिसाब से ये बहुत अच्छा समय है, क्योंकि पहली बार लॉक डाउन की वजह से सारे परिवार साथ में मिलकर काम कर रहे है. जितना हो सके इस समय को हंसते-हँसते अपने परिवार के साथ बिताएं. ये मौका बार-बार नहीं मिलेगा. अभी बाहर बहुत समस्या है. लोगों को दो वक़्त पेट भर खाना मिलना मुश्किल हो रहा है, ऐसे में अगर मुझे वह मिल रहा है तो हम लकी है. खुश रहिये. 

जानें किस फेस शेप के लिए कौन से Glasses हैं परफेक्ट, कहीं आप भी तो नहीं कर रहे ये गलती

आजकल के दौर में, बढ़ते Pollution और असंतुलित खान पान के कारन जहाँ एक तरह व्यक्ति को पूरा पोषण नहीं मिल पाता. वहीं दूसरी तरफ इस Covid -19 माहामारी के कारन अब Maximum काम कम्प्यूटर के द्वारा किया जाता है, जिससे आपकी आँखों पर बहुत जोर पड़ता है. जिसके कारण आपकी आंखे बहुत कमजोर हो जाती है. जिसके लिए या तो आपको Glasses पहनना होता है या लेंस .
और अगर आप सोचते हैं की आपकी आँखों पर Glasses चढ़ने से आपका लुक खराब हो जायेगा तो इस सोच से बाहर आइये .इसको मजबूरी न समझकर एक सुपर कूल Accessary समझिये.

ज़रा इस बात पर गौर करिये की आप अपने आपको स्टाइलिश दिखाने के लिए अपनी बॉडी पर काफी कुछ नया Try कर सकते हैं पर आप अपनी शक्ल पर सिर्फ एक ही चीज़ पहन सकते हैं और वो है Glasses या Sunglasses. Glasses दुनिया का एक ऐसा जादुई Accessary है जो आपके फेस शेप से लेकर आपके visual appearance को पूरी तरह बदल सकता है, बशर्ते आप अपने फेस शेप के हिसाब से सही glasses पहने तो. अगर आप थोड़ी सूझबूझ के साथ अपने लिए Glasses लेंगे तो न सिर्फ आपको कंफर्ट पूरा मिलेगा बल्कि आप और भी अधिक स्टाइलिश और स्मार्ट लगेंगे.

कई बार जब हम Glasses खरीदने शोरूम जाते है तो डिस्प्ले में रखे चश्मों में से कुछ के फ्रेम और कलर्स देखकर उन पर इतना फ़िदा हो जाते हैं कि तुरंत decide कर लेते हैं की हमें कौन सा Glasses खरीदना है. यानी हमारे लिए चश्मे(Glasses ) का चुनाव एक तरह की त्वरित प्रक्रिया होती है. इसके बाद जब घर आते हैं, तो आइना देख कर पता चलता है , ये तो हम पर बिल्कुल भी सूट नहीं कर रहे.
ऐसा इसीलिए होता है, क्योंकि हर चश्मे(Glasses ) को अलग-अलग फ़ेसकट को ध्यान में रखकर बनाया जाता है. और ज़्यादातर लोगों को इस बात का अंदाज़ा ही नहीं होता कि उन पर कौन सा glasses सूट करेगा.
इसलिए इस बात का ख़ास ध्यान रखें की आपके चश्मे(Glasses ) का फ्रेम सही हो. इससे आप अपने चश्मिश लुक के बावजूद ग्लैमरस और फैशनेबल लग सकते हैं.

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इसलिए आज हम आपके लिए लेकर आए हैं कुछ टिप्स जो आपके चेहरे की शेप के अनुसार बताएँगे की आपको किस फ्रेम का Glasses लेना चाहिए-.

गोलाकार चेहरा-

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अगर आपके चेहरे का आकार ऐश्वर्या राय या प्रीति जिंटा जैसा है तो इसका मतलब आपके चेहरे का आकार गोल है. इस तरह का चेहरा हमेशा भरा–भरा लगता है.
जिन लोगों का चेहरा गोल आकार का है उन्हें सिर्फ एक बात पर ध्यान देना है की वो कभी गोल आकार के या सर्कुलर Glasses न पहने क्योंकि राउंड या सर्कुलर Glasses आपके चेहरे को और ज्यादा राउंड और गोल मटोल Appearance देगा.
रेक्टेंगुलर फ्रेम्स या स्क्वायर फ्रेम्स आपके फेस को काफी सूट करेंगे. ये आपके राउंड फेस शेप में एक Structure ऐड करेगा और आपके सॉफ्ट फीचर्स को शार्प करके लुक को बैलेंस करेगा. एक चीज़ और आप रेक्टेंगुलर फ्रेम्स में ऐसे डिज़ाइन चुन सकते है जो पतले और चीकबोन्स के ऊपर हो. ये आपके चेहरे को परफेक्ट लुक देने में मदद करते है. आप कलर्ड फ्रेम्स भी चुन सकते है.

ओवल आकर

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अगर आपका माथा और चिन दोनों चौड़े हैं और आपके चेहरे का आकार बॉलीवड एक्ट्रेस कटरीना कैफ जैसा है.इसका मतलब आपका चेहरा अंडाकार है यानी ओवल शेप का .
अगर आपका चेहरा ओवल आकर यानी अंडाकार है तो आपको सिर्फ दो बातों पर ध्यान देना है.पहली की आप पूरी तरह से square या rectangular Glasses न पहने और दूसरी की आप पूरी तरह से राउंड या सिचुलर Glasses न पहने. आप वो Glasses पहने जो इन राउंड और rectangular को मिला कर बनायीं गयी है.जिसमे थोडा structure भी हो ,dimension भी हो और थोडा सॉफ्ट और सर्कुलर टच भी हो. ओवल शेप के लिए फ्रेम चुनते वक्त ध्यान रखें की चश्मे (Glasses ) का फ्रेम बहुत पतला भी न हो और बहुत मोटा भी नहीं.

चौकोर आकार –

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जिनके फेस पर काफी थिक structure हैं या जिनका फेस रेक्टेंगल की तरह है और जिनकी काफी सख्त और तीखी jawline है यानी आपके चेहरे का आकार अनुष्का शर्मा जैसा है. तो आपको भी सिर्फ एक ही चीज़ पर ध्यान देने की जरूरत है और वो ये है की आप अपने स्क्वायर और structural फेस के मुताबिक rectangular ,square और structural glasses न पहने. इस फेस शेप वाले राउंड और सर्कुलर glasses पहन सकते है जो आपके फेस में थोडा सॉफ्ट टच ऐड करेंगे. चेहरे को सॉफ़्ट दिखाने के लिए Narrow फ़्रेम स्टाइल. यानि, ऐसा फ़्रेम जिसकी चौड़ाई गहराई से अधिक हो, वो लें.
इस चेहरे पर थोड़े वर्क, डिजाइन और कंट्रास्ट वाले चश्मे(glasses) अच्छे लगेंगे. कोशिश करें कि चश्मे(glasses) का ब्रिज अधिक लंबा न हो.

लम्बा आकार

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अगर आपके माथे और जबड़े की चौड़ाई समान है और आपके चेहरे का आकार बॉलीवुड एक्ट्रेस कीर्ती सेनन जैसा है ,तो इसका मतलब आपका चेहरा लंबा है.
अगर आपका चेहरा इस शेप का है तो आप ओवर साइज फ्रेम चुन सकते है. विशेषकर वे, जो आपके फेस से अधिक चौड़े है. बहुत अधिक छोटे और नैरो फ्रेम्स न ले क्योंकि ये आपके फेस की लम्बाई को और अधिक बढाने का काम करेंगे.

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हार्ट शेप

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अगर आपके चेहरे का आकार दीपिका पादुकोण जैसा है यानी दिल के आकार का.
ऐसे फेस शेप वाले लोगों पर रेक्टेंगुलर, ओवल या राउंड शेप फ़्रेम के चश्में अच्छे लगेंगे. इसके साथ ही आपको ये ध्यान रखना पड़ेगा कि चश्मे(glasses) का फ़्रेम ऊपर के बजाए नीचे से अधिक चौड़ा हो. इससे चेहरा बैलेंस रहता है . दिल के आकार वाले लोगों के लिए कैट आई फ्रेम भी बहुत बढि़या है. इन्हें ऐविएटर खरीदने से बचना चाहिए, क्योंकि यह उन के चेहरे के आकार को बिगाड़ सकता है.और एक चीज़ आप अपने फ़्रेम का कलर लाइट ही चुनें.

डायमंड शेप-

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बॉलीवुड एक्ट्रेस करीना कपूर की तरह अगर आपका फेस शेप है तो आप डायमंड फेस शेप वाली हैं.
ऐसे चेहरे वालों का फेस ऊपर से काफी पतला होता है इसीलिए आपको ऐसे फ्रेम का चुनाव करना चाहिए जो आपकी आँखों की ओर ध्यान आकर्षित करें. और ऊपर के हिस्से में चौड़ाई ऐड करे.
आंखों को हाईलाइट और चीकबोन्स को सॉफ़्ट दिखाने के लिए आप सेमि-rimless, rimless, ओवल, राउंड फ्रेम ट्राई कर सकते है. इसके अलावा आप कैट आई फ्रे़म भी ले सकते हैं. आप टॉप हैवी फ्रेम चुन सकते है. ये आपके लिए बेस्ट ऑप्शन है.

फ्रेम चुनते वक्त रखें ध्यान

फ्रेम चुनते वक्त ध्यान रखें कि फ्रेम का साइज़ आपकी chickbones तक ही हो अगर glasses आपकी chickbones इ बड़े होंगे तो वो आपके शक्ल पर बहुत बड़े नज़र आयेंगे और अगर glasses आपकी chickbones से छोटे होंगे तो वो बहुत छोटे नजर आयेंगे.
अगर आप अपनी आंखों की पुतली यानी eyeball के रंग से मिलता फ्रेम लेते हैं तो यह आपके ऊपर और भी जंचेगा.

बालों के रंग का भी है महत्व

चश्मे(glasses) का रंग अगर आपके बालों को कांप्लिमेंट करता है तो आप यकीनन स्टाइलिश लगेंगे. अगर आपके बाल काले या गाढ़े भूरे हैं तो आप डार्क शेड्स, बोल्ड कलर्स और एक से अधिक शेड्स के कांबिनेशन वाले चश्में पहन सकते हैं. अगर आपके बाल हल्के भूरे रंग के हैं तो मेटल या पेस्टल शेड्स के लाइट फ्रेम आप पर अधिक जचेंगे.

Beauty Tips: 60 सैकेंड स्किन क्लिंजिंग रूल

1 मिनट तक अपने मुंह को धोना 60 सैकेंड रूल के नाम से जाना जाता है. यह आज कल बहुत प्रसिद्ध है और बहुत सी लडकियां व महिलाएं इसे ट्राई कर रही हैं. हम में से कुछ लडकियां या महिलाएं एक परफैक्ट या दाग धब्बे रहित स्किन के साथ पैदा नहीं होती हैं. किसी की स्किन बहुत ज्यादा औइली हो जाती है जिस से पिम्पलस की समस्या होती है. तो ऐसी समस्याओं के साथ हम किसी ऐसे उपाय की खोज में रहती हैं जिस से हमारी स्किन पहले से बेहतर हो जाए. आजकल 60 सैकेंड रूल इंटरनेट पर ट्रेंडिंग में है और हर कोई इसे ट्राई कर रहा है. आप को भी एक परफैक्ट स्किन के लिए इसे जरूर ट्राई करना चाहिए.

क्या है 60 सैकेंड रूल

आप को हमेशा अपना फेस एक मिनट तक अच्छे से धोना चाहिए. जब हम मेक अप अप्लाई करते हैं तो मेक अप के साथ साथ उस में डर्ट, गंदगी व तेलीय पदार्थ जमा हो जाते हैं जिन्हें अच्छे से साफ करना बहुत जरूरी होता है.

60 सैकेंड तक मुंह धोने से न केवल आप अपना मेक अप व डर्ट अच्छे से रीमूव कर पाएंगी बल्कि आप अपनी स्किन की तरफ भी ध्यान देंगी. आप अपने नाक के कोनों को, अपनी चिन के नीचे व हेयर लाइन के आस पास के एरिया को अच्छे से क्लीन करें. यह तकनीक आप को बहुत ही बेसिक प्रतीत होगी क्योंकि यह है भी बहुत बेसिक लेकिन आप की स्किन के लिए यह वरदान साबित हो सकती है.

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क्लिंज़र का इस्तेमाल

इस से आप की स्किन का टैक्श्चर साॅफ्ट होगा, पिम्पलस ठीक हो जाएंगे व एक तरह का निखार आएगा. मुंह धोने के लिए आप अपने किसी भी फेवरेट क्लिंज़र का इस्तेमाल कर सकती हैं. जो आप की स्किन को सूट करता हो. इसे अपनी उंगलियों की टिप्स की सहायता से अपने मुंह पर अप्लाई करें व मुंह को अच्छे से धोएं.

आप चाहें तो डबल क्लिंजिंग भी कर सकती हैं. उस के लिए आप को 30 सैकेंड के लिए पहले औइल क्लिंजर से मुंह साफ करना पड़ेगा. ताकि मेक अप व  गंदगी, स्किन से निकल जाए. व उस के बाद 30 सैकेंड तक दोबारा क्लिंज़र की सहायता से मुंह धोलें.

यदि आप हर रात इस तकनीक से अपना मुंह 60 सैकेंड के लिए धोती हैं तो आप को रिज्लट एक महीने में ही देखने को मिल जायेगागा. आप इस को रोजाना ट्राई करें. यकीन मानिए यह आप की दाग धब्बों वाली स्किन के लिए एक वरदान साबित होगा.

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व्हाट्सऐप ग्रुप में हैं तो ध्यान दें

हम सभी विभिन्न कारणों से व्हाट्सऐप ग्रुप क्रिएट करते हैं या ग्रुप का हिस्सा बनते हैं. कभी औफिस के काम की चर्चा के लिए, कालेज के प्रोजेक्ट के लिए, किसी ट्रिप की प्लानिंग के लिए, इस रविवार कहां खाने जाएं तय करने के लिए, परिवार से जुड़े रहने के लिए तो कभी दोस्तों से गपे मारने के लिए. लेकिन, व्हाट्सऐप ग्रुप में ऐसा कोई न कोई व्यक्ति जरूर होता है जो या तो ग्रुप का सही इस्तेमाल नहीं जानता या अजीब से मैसेज भेज सब का ध्यान भंग करता है और ग्रुप से रिमूव हो कर ही दम लेता है. कभीकभी अनजाने में हम ही वह व्यक्ति बन जाते हैं.

व्हाट्सऐप ग्रुप का हिस्सा बने रहने के लिए कुछ अनकहे नियम होते हैं जिन्हें जानना बेहद जरूरी है, नहीं तो आज नहीं तो कल या तो आप ग्रुप से निकाल दिए जाएंगे या सभी आप को उपद्रव की तरह देखने लगेंगे.

नवीन सर का ही उदाहरण ले लीजिए. वे हमारे औफिस के ग्रुप का हिस्सा हैं. उन्हें इमोजी इस्तेमाल करने में या तो दिक्कत होती है या वे शायद इमोटिकंस का सही मतलब नहीं समझते. वे अकसर ग्रुप में किसी मैसेज की तरफ इशारा करने के लिए उंगली वाली इमोजी की जगह मिडिल फिंगर वाली इमोजी का इस्तेमाल करते हैं. पहली बार तो ऐसा लगा जैसे सच में वह किसी को मिडिल फिंगर दिखाना चाहते हैं परंतु बाद में समझ आया कि यह उन की इमोटीकंस की गलत समझ है. हंसी तो बहुत आई पर बहुत ज्यादा जूनियर होने के नाते उन्हें टोकना मुझे सही नहीं लगा लेकिन किसी और ने भी उन्हें नहीं टोका यह देख कर आश्चर्य हुआ. खैर, यदि आप भी ऐसे ही भूल करते हैं तो संभल जाएं, क्या पता कोई आप को भी हंसी का पात्र समझता हो.

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व्हाट्सऐप ग्रुप के निम्नलिखित अनकहे नियमों का पालन करें:

• किसी से बिना पूछे उन्हें व्हाट्सऐप ग्रुप में ऐड न करें. यह व्यक्ति की निजी पसंद है कि वह किसी ग्रुप का हिस्सा बनना चाहता है या नहीं. पहले पर्मिशन लें उस के बाद ही उसे ग्रुप में ऐड करें. आप के बिना पूछे ऐड किए जाने पर यदि व्यक्ति ग्रुप लेफ्ट करता है तो उस के निर्णय का सम्मान करें और जबर्दस्ती ऐड न करें.

• अगर आप ग्रुप के एडमिन हैं तो ग्रुप कंट्रोल फीचर का इस्तेमाल करें. यदि आप चाहते हैं कि ग्रुप पर केवल इंपोर्टेंट नोटिस ही पोस्ट किए जाएं तो ग्रुप में सिर्फ एडमिन ही मैसेज भेज सकें, इस के लिए ग्रुप सेटिंग्स में सेंड मैसेजेस औप्शन में जा कर ‘ओनली एडमिन’ सिलैक्ट करें. इस से आप बेवजह के मैसेजेस से बच जाएंगे.

• ग्रुप पर वही मैसेज भेजें जो सभी लोगों के लिए रेलेवेंट हों न कि सिर्फ आप और आप के दोस्त के लिए. अगर किसी एक व्यक्ति को कुछ बताने के लिए मैसेज भेजा जा रहा है तो वह आप उसे डायरैक्ट मैसेज कर के भी बता सकते हैं. खासकर किसी एक ही व्यक्ति से लंबी बात करनी है तो ग्रुप में बाकी सभी को परेशान न करें.

• यदि व्हाट्सऐप ग्रुप पर किसी से बहस शुरू होती है तो उसे ज्यादा न बढ़ाएं. मैसेज पर आप की सीधी सी बात भी अहंकारी लग सकती है. आप के शब्दों का कुछ अलग ही मतलब निकाला जा सकता है. बहसबाजी के लिए कोई भी ग्रुप सही जगह नहीं है. किसी एक व्यक्ति से बहस करनी है तो पर्सनल मैसेज पर करें या आमनेसामने. कुछ लोगों के कारण पूरे ग्रुप की शांति भंग नहीं होनी चाहिए.

• ग्रुप पर यदि किसी चीज का फैसला लेने के लिए मैसेज किया जा रहा है तो यह उम्मीद न करें कि आप के मैसेज भेजते ही कोई उस पर रिप्लाई कर देगा. लोगों को समय दीजिए और मैसेज पढ़ लिए जाने के बाद ही कोई प्लान बनाइए या उसे वायरल कीजिए.

• हर ग्रुप में एक न एक व्यक्ति ऐसा जरूर होता है जिसे अपने सारे चुटकुले, मीम्स, गलतसलत जानकारी व्हाट्सऐप ग्रुप में भेजनी होती है. अगर आप यह करते हैं तो यकीन मानिए आप बाकी सब के लिए इर्रिटेटिंग से ज्यादा कुछ नहीं हैं. ग्रुप में ओवर स्पैमिंग न करें.

• अपनी पूरी बात को एक ही मैसेज में लिखें बजाए अलगअलग शब्दों को 10 अलग मैसेज में लिखने के.

• यह सब से जरूरी पौइंट है, कभी भी किसी भी तरह के फेक मैसेज को या अप्रमाणित जानकारी को ग्रुप में शेयर न करें. ‘गोमूत्र के सेवन से कोरोना भाग जाता है’ या ‘कश्मीरियों ने पाकिस्तान जिंदाबाद के नारे लगाए’ जैसी खबरें जबतक किसी प्रमाणित और विश्वसनीय स्त्रोत से न आए तब तक उन्हें फौरवर्ड न करें. आसान शब्दों में ‘व्हाट्सऐप यूनिवर्सिटी’ का हिस्सा न बनें. ग्रुप पर कोई इस तरह की सूचना भेजे तो उसे सख्त हिदायत दे कर मना करें.

• ‘यह साईं बाबा का चमत्कारी मंत्र है. इसे 7 लोगों को फौरवर्ड कीजिए और आप को 12 घंटों में सुखद समाचार मिलेगा’ जैसे मैसेज न केवल डिस्टर्बिंग हैं बल्कि आप का बददिमाग होना भी प्रमाणित करते हैं. पढ़ेलिखे हो कर भी आप ऐसी चीजें मानते और फौरवर्ड करते हैं तो आप मूर्ख हैं. यदि आप के पास इस तरह के मैसेज आते हैं और आप उस व्यक्ति को कड़े शब्दों में दोबारा फौरवर्ड करने से मना नहीं करते हैं तो आप महामूर्ख हैं.

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• अगर आप का बहुत बड़ा फैमिली ग्रुप है जिस से आप चाह कर भी नहीं निकल सकते और उस पर केवल ऋतु मामी या पूजा आंटी के बेटे के कम नंबर आने जैसी चुगलियां या बातें होती हैं तो उस ग्रुप को म्यूट कर दें. मैसेजेस आएंगे भी तो आप को पता नहीं चलेगा.

• अगर आप के दोस्तों के या औफिस के 5-6 ग्रुप हैं और सभी पर लगभग सभी लोग हैं, तो किसी जानकारी, फोटो या विडियो को एक ही ग्रुप में डालें. किसी को अपने फोन में एक ही तरह की विडियो या फोटो 5 बार सेव हुई अच्छी नहीं लगती.

• किसी एक ही व्यक्ति की बात का सटीक रिप्लाई देना हो तो उस व्यक्ति के मैसेज पर ‘रिप्लाई’ के औप्शन पर क्लिक कर के रिप्लाई दें जिस से यह स्पष्ट हो जाए कि आप ने किसे क्या कहा है.

• जब ग्रुप में बहुत सारी बातें हो रही हों तो किसी एक व्यक्ति को खासतौर पर कुछ कहने के लिए @ दबा कर उस के नाम को क्लिक करें जिस से वह टैग हो जाए. इस से जब भी वह व्यक्ती व्हाट्सऐप ग्रुप खोलेगा तो उसे नोटिफिकेशन दिख जाएगी कि उस के लिए कोई बात कही गई है.

• आज कल कई खबरें या मैसेज बिना किसी प्रोपर फैक्ट के होते हैं. इन मैसेजेस की भाषा भी अभद्र व किसी व्यक्ति या वर्ग की भावनाओं को ठेस पहुंचा सकती है. इस तरह के मैसेज शेयर करने से बचें. कोरोना के समय में तबलीगी जमात की खबरों में ऐसी कई तरह की बातें थीं जो पूर्ण रूप से गलत या सही तथ्यों के साथ छेड़खानी कर लिखी गई थीं. नफरत और घृणा फैलाने वाली सामग्री से दूर रहें और उसे फैलाने वालों को भी चेताएं.

• संवेदनशील घटनाओं की तस्वीरें व्हाट्सऐप ग्रुप में डालने से पहले ध्यान रखें कि यह किसी व्यक्ति को मानसिक क्षति भी पहुंचा सकती हैं. सुशांत सिंह राजपूत की मृत्यु के बाद उन की मृत तस्वीरें धड़ल्ले से पोस्ट की गई थीं. इस तरह की चीजें व्यावहारिक तौर पर भी सही नहीं हैं, इन्हें शेयर न करें.

• यदि कोई व्यक्ति व्हाट्सऐप ग्रुप पर अपनी किसी समस्या के बारे में बात करता है या यह कहता है कि वह सही महसूस नहीं कर रहा है तो उसे ‘यार, तेरा रोजरोज का ड्रामा है’ जैसे मैसेज न करें. आप यह कह सकते हैं कि ये ग्रुप शायद सही स्थान नहीं है जहां आप अपनी तकलीफ बता सकें. कठोर शब्दों का इस्तेमाल करने से बचें. आप नहीं जानते कोई व्यक्ति किन हालातों से गुजर रहा है. सभी की भावनाओं का खयाल रखें.

• कोई व्यक्ति अगर व्हाट्सऐप ग्रुप पर किसी मैसेज को सीन या उस का रिप्लाई नहीं कर रहा है लेकिन औनलाइन है तो यह आप का काम नहीं है कि आप उसे बारबार मैसेज कर रिप्लाई करने के लिए कहें. व्यक्ति व्यस्त भी हो सकता है और यह उस की निजी पसंद है कि वह रिप्लाई कब करेगा.

• व्हाट्सऐप ग्रुप को समयसमय पर चेक करते रहें. ऐसा न हो कि आप के औफिस का ग्रुप हो जिसे आप 3 दिन बाद खोल कर रिपलाई कर रहे हों.

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• अगर ग्रुप पर आप के लिए या आप से रिलेटेड बात की जा रही है तो उस का रिप्लाई दें. रिप्लाई न दे कर आप खुद की पहचान घमंडी या अहंकारी के रूप में बना रहे हैं. औफिशियल ग्रुप में इस तरह का व्यवहार आप को मुश्किल में डाल सकता है.

• ग्रुप पर लोगों से सम्मानपूर्वक बात कीजिए और यदि कोई आप को कुछ गलत कहता है तो यकीनन जवाब दीजिए. ग्रुप पर बात न कर के आप अपनी बात पर्सनल चैट में भी रख सकते हैं.

• किसी भी औफिशियल या फौर्मल ग्रुप का नाम और आइकन अपनी मर्जी से कभी भी न बदलें. आप के पास कोई अच्छा सुझाव है तो ग्रुप एडमिन से डिस्कस कीजिए और पर्मिशन लीजिए.

युवाओं के टूटते सपने

गिरतअर्थव्यवस्था, कोरोना के कहर और उस के बाद अब चीन के खतरनाक मंसूबों का युवा पीढ़ी पर बहुत असर पड़ेगा. जो पीढ़ी सपने देख रही थी कि इंटरनैट की तकनीक की वजह से दुनिया में सीमाएं नहीं रहेंगी, रंगभेद नहीं रहेगा, काम करने, पढ़ने और घूमने के मौके दुनियाभर में होंगे. यही नहीं, औटोमेशन की वजह से चीजें सस्ती होंगी, घरों में सामान भरा होगा, गरीबअमीर का भेदभाव नहीं होगा, वह सब भी अब सपना ही रह गया है. भारत के ही नहीं दुनियाभर के युवा अब काले कल को देख रहे हैं.

भारत ने अपने पैरों पर खुद कुल्हाड़ी मारी है. भ्रष्ट सरकार को सत्ता से बेदखल करने के बाद देशवासियों को जो उम्मीद थी कि अच्छे दिन वाली सरकार आएगी, उस पर पानी फिर गया है क्योंकि न सिर्फ सरकार के फैसले एकएक कर के बेहद परेशान करने वाले साबित हो रहे हैं, बल्कि नोटबंदी और जीएसटी की वजह से देश के व्यापार का भट्ठा भी बैठ गया. नई नौकरियां उड़नछू हो गईं. स्कूलकालेज महंगे हो गए. कोरोना से पहले ही इंजीनियरिंग कालेजों में ताले लगने शुरू हो गए थे. सरकारी पढ़ाई भी कोरोना की वजह से महंगी होने लगी थी.

कोरोना ने अब, देश में पढ़ने का मौका न मिले तो, बाहर जा कर पढ़ने के अवसर भी बंद कर दिए. चीन की लद्दाख और अरुणाचल प्रदेश में घुसपैठ ने पढ़ाई के लिए चीन जाने के अवसरों को जीरो कर दिया. कोरोना की वजह से वुहान से भारतीय छात्र तो आए ही, अब दूसरे शहरों से भी आएंगे क्योंकि चीन व भारत के संबंध नेताओं की हठधर्मी की वजह से खराब से खराब होते जा रहे हैं.

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लाइन औफ ऐक्चुअल कंट्रोल, एलएसी, का विवाद नया नहीं है. 1962 में भारत-चीन युद्ध के बाद जो भी सीमा तय हुई थी वह सिर्फ कागजों पर थी. वास्तव में कौन से पत्थर कहां लगेंगे, यह तय नहीं हुआ था. इस बारे में छिटपुट गरमागरमी 1962 से अब तक होती रही है. पर दोनों देश समझते थे कि मामले को उभारने का लाभ नहीं है. दोनों देश तैयारी में लगे थे कि अगर युद्ध का माहौल बन ही जाए, तो 1962 वाली हालत न हो.

1962 से 2014 तक अगर चीन-भारत सीमा पर कुछ नहीं हुआ होता, तो बात दूसरी थी. इन सालों में भारत ने बेतहाशा सड़कें बनाईं, सैनिक चौकियां बनाईं, सीमा से थोड़ी दूरी पर फौजियों को जमा कर रखा, फौजियों को लगातार ऊंची पहाडि़यों में लड़ाई का अभ्यास कराया.

पिछली सरकारों ने और वर्तमान सरकार ने चीन से संबंध बिगड़ने नहीं दिए, पर अब जम्मूकश्मीर में हुए बदलाव के बहाने चीन और नेपाल नए भारतीय नकशे को ले कर बहसों पर उतर आए हैं. चीन से हाथापाई में जो 20 सैनिकों को जान देनी पड़ी और कई जवानों को गंभीर सी साधारण चोटें आई हैं, उस ने युवाओं के भविष्य पर एक और काला निशान लगा दिया है.

देश की अर्थव्यवस्था अब और लड़खड़ाएगी. चीन के साथ बिगड़ते आर्थिक संबंधों का मतलब है सस्ते चीनी सामान का न मिलना. हजारों व्यापारियों का धंधा ठप हो जाएगा. सरकार के पास फिलहाल जनता को शांत करने या भड़काए रखने का उपाय चीनी सामान का बहिष्कार का नारा लगाना ही है. चीन के खिलाफ सर्जिकल स्ट्राइक उतनी आसान नहीं. कमजोर तो पाकिस्तान भी नहीं है, पर चीन की क्षमता का तो अमेरिका तक को पता है. भारत सरकार चीनी सामान और व्यापार की आड़ में अपना निकम्मापन छिपाएगी. जैसे पहले पंडेपुजारी गांव में हैजे का दोषी डायनों को मानते थे, यहां सीमा पर विवाद में सैनिकों की जानों के लिए दोषी चीनी सामान को माना जाएगा.

देशभक्ति के नाम पर यह आदेश सिर पर रखा जाएगा पर हजारोंलाखों नई नौकरियां गायब हो जाएंगी. कोरोना की वजह से पहले ही देश के अनेक धंधे ठप हो रहे थे, अब रहीसही उम्मीद भी समाप्त हो रही है.

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मेरी शादी की बात चल रही है, क्या कौंटैक्ट लैंस की बात लड़के वालों को बताई जाए?

सवाल

मैं 23 वर्षीय युवती हूं. रिश्ते की बात चल रही थी. कई अच्छे प्रस्ताव इसलिए हाथ से निकल गए कि उन्हें चश्मा लगाने वाली बहू नहीं चाहिए. मैं ने अब कौंटैक्ट लैंस लगवा लिए हैं ताकि मेरे लिए उपयुक्त वर मिल सके.

1-2 जगह रिश्ते की बात चल भी रही है. क्या उन्हें कौंटैक्ट लैंस की बात बताई जाए? घर में काफी तनातनी चल रही है. मुझे क्या करना चाहिए?

जवाब
कौंटैक्ट लैंस चश्मे का बेहतर विकल्प है और यह कोई ऐब नहीं है. शादी से पहले दोनों पक्षों की ओर से पारदर्शिता बरतना जरूरी होता है. यदि आप के घर वाले नहीं चाहते कि लड़के वालों से इस का जिक्र किया जाए तो आप अकेले में लड़के से बात कर सकती हैं.

लड़का समझदार हुआ तो आप की साफगोई का कायल हो जाएगा और शादी के बाद आप को मलाल नहीं होगा कि आप ने उन्हें सचाई से रूबरू नहीं कराया.

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जिस्म का हर अंग बेहद अहम है, लेकिन आंखों से ज्यादा अहम दूसरा अंग नहीं होता. आप के आंखों की रोशनी सही है, देखने में कोई दिक्कत नहीं है तो आप को इस बात की फिक्र नहीं होगी कि आंखों पर कोई आंच आ सकती है. यह और बात है कि उम्र बढ़ने के साथ आंखों की रोशनी आज जैसी मजबूत नहीं रहेगी.

आंखों के सिलसिले में आंख खोलने वाली बात यह है कि आंख से जुड़ी बीमारियों के अलावा भी कुछ बीमारियां ऐसी होती हैं जो आंखों की रोशनी को इतना ज्यादा प्रभावित कर सकती हैं कि इंसान अंधेपन के करीब पहुंच जाए.

विशेषज्ञ डाक्टरों का कहना है कि ऐसी कई बीमारियां हैं जो आंखों से जुड़ीं नहीं होती हैं लेकिन वे आंखों की रोशनी को नुकसान पहुंचा सकती हैं. वे कहते हैं कि डायबिटीज और हाइपरटेनसिव रेटिनोपैथी, तम्बाकू और अल्कोहल एम्ब्लौयोपिया, स्टेरौयड का इस्तेमाल और ट्रामा इंसान को अंधा बना सकते हैं और लोगों को इस का पता बहुत देर से चलता है.

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Monsoon Special: फैमिली के लिए बनाएं आलू चाट

अगर आपको भी घर पर बैठे बैठे चाट खाने का मन है तो आज हम आपको चाट बनाने की आसानी रेसिपी बताएंगे, जिसे आप कम समय में अपनी फैमिली और बच्चों के लिए बना सकती हैं.

चाट मसाला बनाने के लिए  

–  11/2 छोटे चम्मच कालीमिर्च

–  3 छोटे चम्मच जीरा

–  2 छोटे चम्मच सौंफ

–  1/4 छोटा चम्मच अजवाइन

–  1 छोटा चम्मच साबूत धनिया

–  1 छोटा चम्मच चीनी

–  11/2 छोटे चम्मच अमचूर पाउडर

–  11/2 छोटे चम्मच लालमिर्च पाउडर

–  नमक स्वादानुसार.

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बनाने के लिए फ्राई की

–  तलने के लिए औयल

–  3-4 उबले हुए आलू टुकड़ों में कटे हुए.

चाट बनाने के लिए बनाने के लिए

–  1 प्याज बारीक कटा हुआ

–  1 छोटा चम्मच अदरक कटा हुआ

–  थोड़ी सी धनियापत्ती –  थोड़ा सा नीबू का रस या फिर इमली का पानी.

विधि चाट मसाला की

पैन गरम कर उस में काली मिर्च, जीरा, सौंफ, अजवाइन व धनिया डाल कर अच्छी तरह भूनें. फिर इसे एक प्लेट में निकाल कर ठंडा होने के लिए रखें. फिर ग्राइंडर में डाल कर इस में नमक, चीनी, अमचूर पाउडर व लालमिर्च पाउडर डाल कर फाइन पाउडर तैयार करें.

विधि आलू फ्राई करने की

एक गहरे तले वाले पैन में तेल गरम कर के उस में आलुओं को दोनों तरफ से तब तक फ्राई करें जब तक वे कुरकुरे व सुनहरे न हो जाएं. फिर एक प्लेट में निकालें.

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विधि चाट बनाने की

एक बाउल में फ्राई किए आलुओं में बारीक कटा प्याज, अदरक, धनियापत्ती और नीबू का रस डाल कर अच्छी तरह मिलाएं, तैयार चाट मसाला तुरंत सर्व करें.

Hyundai Grand i10 Nios: Exterior

हुंडई ग्रैंड आई 10 निओस एक स्पोर्टी कार है जो हर तरह से आरामदायक है, जिसे प्रमाण की कोई आवश्यकता नही है. एक बोल्ड, ग्लॉसी ब्लैक, कैस्केडिंग ग्रिल के साथ स्वेप्ट-बैक प्रोजेक्टर हेडलैम्प्स आपको आकर्षित करती हैं. साथ ही Boomerang के आकार का LED DRLs  और प्रोजेक्टर फॉग लैंप एड कैरेक्टर को फ्रंट-एंड से जोड़ते हैं.

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Hyundai Grand i10 Nios मे कोई बुरा एंगल नहीं है, ये आपकी सहूलियत के हिसाब से फिट बैठता है. इसीलिए हुंडई ग्रैंड आई 10 Nios निश्चित रूप से #MakesYouFeelAlive.

मलाइका अरोड़ा का फिटनेस सीक्रेट, इम्युनिटी बढ़ाने के लिए लेती हैं ये ड्रिंक

लेखक- बृहस्पति कुमार पाण्डेय

कोरोना वायरस के चलते दुनियाभर के लोगों के रहन सहन और खान-पान की आदतों में सुधार देखनें की मिल रहा है लोग खुद के सेहत को लेकर बेहद सजग रहनें लगें हैं कोरोना महामारी के इस दौर में बॉलीवुड सिलेब्रिटीज भी खुद को सेहतमंद बनाए रखनें के लिए काफी सजगता बरत रहें हैं. बॉलीवुड सिलेब्रिटीज में ऐसा ही एक नाम है मलाइका अरोड़ा (Malaika Arora) का जो अपने डाईट में हेल्दी फूड्स को शामिल कर अपनी इम्युनिटी बढ़ाने के उपाय अपना रहीं हैं.

मलाइका अरोड़ा (Malaika Arora) नें अपनें इन्स्टाग्राम (Instagram) एकाउंट पर एक वीडियो शेयर कर इम्युनिटी बढ़ाने वाली स्पेशल रेसिपी के बारे में जानकारी दी है. उन्होंने अपनें शेयर किये वीडियों में इम्युनिटी बढ़ाने वाले काढ़े के बारे में न केवल जानकारी दी है बल्कि उसे अपनें चाहनें वालों को बना कर दिखाया भी.

 

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This is a true blue make in India home remedy. Age old traditional tried and tested homemade immunity booster. Indian gooseberry (Aamla), fresh organic turmeric and ginger root with some Apple cider vinegar and a dash of peppercorns is all it takes to make this magic potion. For better results, ensure that yor ACV is with mother and in its purest form. Just blend these ingredients together and enjoy it’s health boosting properties. With all the immunity booster clutter suddenly available in the in the name of Covid 19, stick to this home made, quick and organic recipe for best results. #HomeRemedies #Malaika’sTrickOrTip #LoveYourGut #Malaika’sNuskha #HomeMadeWithLove

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उन्होंने अपनें इस पोस्ट के कैप्शन में लिखा है “ये मेक इन इंडिया होम रेसिपी है. ये बरसों पुराना पारंपरिक तरीका है जिससे अपनी इम्युनिटी को बढ़ाया जा सकता है. आंवला, एप्पल सिडेर विनेगर, आर्गेनिक हल्दी, अदरक और पेपरकॉर्न के सहारे आप इस मैजिक ड्रिंक को बना सकते हैं. इस क्लिप में देखा जा सकता है कि मलाइका आंवला, अदरक, हल्दी और पेपरकॉर्न को मिक्सर में डालती हैं. इसके अलावा वे थोड़ा सा एप्पल विनेगर और पानी भी डालती हैं. इस ड्रिंक में विटामिन सी भरपूर मात्रा में है और इससे इम्युनिटी काफी बेहतर होती है.”

इसके पहले भी मलाइका अरोड़ा (Malaika Arora) अपनें फैन्स को पानी पीनें के सही तरीके के बारे में इन्स्टाग्राम (Instagram) कर जानकारी दी थी. उन्होंने पानी पीनें के सही जानकारी देनें के बारे में वीडियो पोस्ट कर कहा था की “”जब भी पानी पी रहे हैं तो बैठकर पानी पीजिए. ध्यान रहे कि बैठकर पानी पीना है, खड़े होकर पानी बिल्कुल नहीं पीना है. यह वैज्ञानिक तौर पर बताया गया है कि बैठकर पानी पीना शरीर के लिए काफी फायदेमंद होता है. यह आपकी बॉडी को हाइड्रेट करता है. मलाइका अरोड़ा (Malaika Arora) के इस वीडियो को 8 लाख से भी ज्यादा बार देखा जा चुका है.

 

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Hey guys, I hope you are all enjoying the #14Days14Asanas challenge because I SO am! Keep those gorgeous pictures rolling in and do not forget to tag me, @sarvayogastudios @thedivayoga and #14Days14Asanas Today’s challenge is Vrikshasana or the Tree Pose – Stand erect with the soles of your feet flat on the ground – Fold the right leg and place the sole on the inner thigh of your left leg, with your toes pointing downwards – The right leg should be perpendicular to the left leg – Fix your gaze and slowly extend your arms upwards, in a namaskar position – Repeat on the other side This is an easy but a fundamental one, now let’s see you guys do it! #internationalyogaday #sarvayoga #divayoga #mylifemyyoga #fitindiamovement #malaikasmoveoftheweek

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मलाइका अरोड़ा (Malaika Arora) लॉक डाउन के दौर से ही अपनें सेहत से जुड़े राज अपनें फैन्स के लिए शेयर करती रहीं हैं. उन्होंने इन दोनों वीडियोज के अलावा भी कई ऐसे वीडियो जारी किये थे जिसमें उन्होंने इम्युनिटी बढ़ाने वाले रेसिपी की जानकारी दी थी. इसके अलावा उन्होंने खुद को फिट रखनें के लिए किये जाने वाले एक्सरसाइज की भी तस्वीरें शेयर कर जानकारी दी थी.

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‘छइयां-छइयां’ गर्ल के नाम से मशहूर मलाइका अरोड़ा 46 साल की उम्र मे भी अपनी फिटनेस और डाइट की मदद से कई नई उम्र की अभिनेत्रियों को पीछे छोड़ रहीं हैं। यही वजह है की मलाइका अरोड़ा (Malaika Arora) अपनें फैन्स के बीच काफी पसंद की जाती हैं.वर्तमान में इन्स्टाग्राम (Instagram) पर उनके फैनफॉलोइंग की संख्या 11 मिलियन से भी अधिक है.

लॉकडाउन के बाद बदला गोयनका फैमिली की बहुओं का लुक, ‘नायरा’ बनीं टिपिकल देसी बहू

कोरोनावायरस के बढ़ते कहर के बीच अनलॉक 2.0 शुरू हो चुका है, जिसके चलते सीरियल्स की शूटिंग भी शुरू हो गई है. हाल ही में कुछ सीरियल्स के नए एपिसोड भी टीवी पर टेलीकास्ट होना शुरू हो गए हैं, जिसके बाद फैंस अपने पसंदीदा सीरियल्स का इंतजार कर रहे हैं.

सीरियल ‘ये रिश्ता क्या कहलाता है’ की शूटिंग पिछले हफ्ते से ही शुरु होने के बाद से फैंस शो के नए एपिसोड्स देखने को बेताब हैं, जिसके चलते वह नायरा कार्तिक की फोटोज सोशलमीडिया पर वायरल करते रहते हैं. इसी बीच शूटिंग की कुछ फोटोज वायरल हो रही हैं, जिसमें दोनों का लुक बेहद खूबसूरत लग रहा है. आइए आपको दिखाते हैं वायरल फोटोज…

कार्तिक से नजरें नहीं हटा पा रही है नायरा

‘ये रिश्ता क्या कहलाता है’ के सेट से सामने आई इस फोटोज में नायरा अपने कार्तिक से नजरें ही नहीं हटा पा रही हैं. वहीं शूटिंग के बीचों बीच वक्त मिलते ही शिवांगी जोशी सेट पर आराम फरमाती भी नजर आई.

 

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Isss picture se mujhe feellsss milra hai🙈 pta nhi kyu😎 #shivin#mohsinkhan#shivangijoshi#kaira#yrkkh

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साथ दिखे मोहसिन खान और शिवांगी जोशी

‘ये रिश्ता क्या कहलाता है’ के फैंस मोहसिन खान और शिवांगी जोशी की साथ फोटोज का इंतजार कर रहे थे, जिसके बाद वायरल हुई इन फोटोज को देख कर फैंस खुशी से फूले नहीं समा रहे हैं.

साथ दिखा गोयनका परिवार

सीरियल के सेट पर पूरी टीम पहुंच चुकी है और हर कोई जोरो-शोरों से शूटिंग में जुट चुका है. वहीं इसी के साथ शो के नए ट्रैक का भी आगाज हो चुका है, जिसमें अपने परिवार को बुरी नजर से बचाने के लिए नायरा एक बड़ा दांव लगाने वाली है.

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डबल रोल में नजर आएंगी शिवांगी जोशी

‘ये रिश्ता क्या कहलाता है’ में अबसे शिवांगी जोशी डबल रोल निभाती हुई नजर आने वाली हैं, जिसमें एक तरफ नायरा सती सावित्री वाले लुक में नजर आएगी तो दूसरी तरफ मौर्डन टीना के लुक में नजर आएंगे.

बता दें, सीरियल ‘ये रिश्ता क्या कहलाता है’ में डबल रोल का ड्रामा न्यू एंट्री अलका कौशल के कारण चलेगा, जिसमें ट्विस्ट एंड टर्न्स देखने को मिलेंगे.

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