छोटी सरदारनी: फूटा हरलीन का गुस्सा, क्या परम से दूर हो जाएगी मेहर?

‘छोटी सरदारनी’ में मेहर जहां इस बात से परेशान है कि वह हरलीन की शर्त यानी अपने पेट में पल रहा बच्चा या परम और सरब के साथ जुड़ा ये नया रिश्ता, इनमें से किसे चुनें. वहीं अब हरलीन ने मेहर और उसके परिवार को परम से दूर रहने की चेतावनी भी दे दी है. आइए आपको बताते हैं हरलीन के बर्ताव की क्या है वजह…

यूवी का साथ बना परम के लिए मुसीबत

पिछले एपिसोड में हमने देखा कि यूवी की बदमाशी के कारण परम भी फंस जाता है, जिसकी वजह से स्कूल टीचर यूवी की दादी कुलवंत कौर को बुलाती है.

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कुलवंत कौर ने मारा स्कूल टीचर को थप्पड़

 

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#Precap of Monday episode. Haha Kulwant face when Sarabjeet said she will have to say sorry for her wrong deeds??? Sarabjeet my hero u simply rock?????????? This should hv been done long back but everytime Sarabjeet had overlooked or ignored Kul’s mistakes (email hack issue, etc) Now KK has done a big crime of slapping teacher which I cant accept at all as I myself is a teacher…not only a plain sorry but something more needs to b done to stop this ego of KK cz she commits crime in every seconds, ruining her own family peace, destroying Yuvi’s life?????? Reposted from @chotisarrdaarni – Precap #ChotiSarrdaarni #ColorsTV #avineshrekhi #chotisarrdaarni #colorstv #colorstvserial #sarabjeetgill #chotisardarni #kulwant #drama @cs_sarabjeet_fan

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यूवी की गलती होने के बावजूद कुलवंत कौर टीचर को थप्पड़ मार देती है, जिसकी वजह से परम और यूवी को स्कूल से निकाल दिया जाता है. वहीं इस बात की भनक जब हरलीन को लग जाती है तो वह और ज्यादा गुस्से में आ जाती है.

मेहर को कूसूरवार ठहराएगी हरलीन

अपकमिंग एपिसोड में आप देखेंगे कि हरलीन, सरब और मेहर, परम को स्कूल में वापस भेजने के लिए कोशिश करते नजर आएंगे तो वहीं हरलीन मेहर को चेतावनी देगी कि वह परम के मामले में न पड़े क्योंकि परम की मुसीबत का कारण वो और उसका परिवार है.

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अब देखना ये है कि क्या मेहर हरलीन की चेतावनी के बावजूद परम को स्कूल वापस भेजने के लिए अपनी कोशिशें जारी रखेगी? क्या मेहर और हरलीन के रिश्ते की खटास बढती जाएगी? जानने के लिए देखते रहिए ‘छोटी सरदारनी’, सोमवार से शनिवार, रात 7:30 बजे, सिर्फ कलर्स पर.

घरेलू बाजार पर कब्जे की होड़ 

देशभर के व्यापारी ई कौमर्स के खिलाफ छोटेमोटे आंदोलन कर रहे हैं और सरकार पर दबाव डाल रहे हैं कि इन कंपनियों पर लगाम कसे. अमेजन और फ्लिपकार्ट जैसी कंपनियां धमाकेदार विज्ञापन कर के और अभी भी बहुत भारी नुकसान सह कर बाजार पर कब्जा करने की कोशिश में हैं कि खुदरा चीजें लोग स्मार्टफोन पर देख कर ही खरीद लें.

इन ई कौमर्स कंपनियों का दावा है कि ये सस्ती चीजें दिला रही हैं, क्योंकि उत्पादक और ग्राहकों के बीच की कई कडि़यां इन के खर्र्च घटाती हैं और साथ ही ग्राहक को घर बैठे सामान पाने की सुविधा दे रही हैं.आज की अकेली व्यस्त घरेलू या कामकाजी औरत के लिए खरीदारी आसान नहीं है, क्योंकि भागमभाग में उस के पास समय नहीं रहता कि वह दुकानों के धक्के खाए. उसे लगता है कि बड़ी ई कौमर्स कंपनियां ब्रैंडेड उत्पाद ही बेचती हैं और निकट के खुदरा व्यापारी की तरह लोकल बना सामान दे कर टरका नहीं देतीं. ई कौमर्स कंपनियां ग्राहक की शक्ल देख कर व्यापार नहीं करतीं. ग्राहक छोटा हो या बड़ा, उन के लिए सब बराबर हैं.

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ई कौमर्स कंपनियां ईस्ट इंडिया कंपनी की तरह घरेलू बाजार पर कब्जा कर लेंगी उस में शक नहीं है पर सही बात यह है कि खुदरा किराने की व दूसरा सामान बेचने वाले दुकानदारों ने कभी ग्राहकों की चिंता नहीं की है. वे मोटा मुनाफा अपने पूंजी निवेश के बल पर कमाते रहे हैं. आम दुकानदार की सर्विस बहुत खराब है.

हमारे देश के 90% दुकानदार तो ग्राहक को दुकान में अंदर घुसने भी नहीं देते और सड़क के साथ लगे काउंटर से ही सामान बेचते हैं. हमारे दुकानदारों में जाति का भेदभाव भी बहुत है और वे नीची जातियों वालों के साथ बुरा व्यवहार करते हैं.हमारा खुदरा व्यापार संकरी व बदबूदार गलियों में चलता है, जहां सफाई तक के पैसे देने में दुकानदार हिचकता है.

हमारे खुदरा दुकानदार एक बार गल्ले में पैसे रख कर शेर हो जाते हैं और बेचे गए सामान के बारे में कोई जिम्मेदारी लेने को तैयार नहीं होते. ये दुकानदार बेहद अंधविश्वासी हैं और ग्राहक की जगह पूजापाठ को सफलता कामंत्र मानते हैं. ई कौमर्स कंपनियां अपनी वैबसाइटों पर जहां पूरी जानकारी देती हैं, वहीं खुदरा दुकानदार पसीने से तरबतर ग्राहक की जेब खाली कर उसे टरकानेकी कला जानता है.

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दक्षिण भारत में तो कुछ बड़ी कंपनियों ने बड़े स्टोर भी बनाए थे पर उत्तर भारत के शहरों में से नदारद हैं और ग्राहक को दरवाजेदरवाजे पर भटकना पड़ता है.ई कौमर्स कंपनियां एक बार बाजार पर कब्जा होने के बाद ग्राहकों और उत्पादकों दोनों को लूटेंगी इस में संदेह नहीं है पर वे जानती हैं कि एक बार ऊंचा मंदिर बन गया तो भक्त के पास दक्षिणा देने के अलावा कोई चारा न रहेगा. अभी तो वे विधर्मी छोटे दुकानदारों को बाजार के महाभारत में पिछाड़ने में लगी हैं और बेवकूफ दुकानदारों की कृपा से जंग जीतेंगी, इस में संदेह नहीं है.

वजह: भाग-3

पिछला भाग पढ़ने के लिए- वजह भाग-2

( अब तक आप ने पढ़ा कि पिता की मौत के बाद अपनी माँ रीता देवी की दूसरी शादी करा कर निशा जिम्मेदारी से मुक्त होना चाहती थी मगर रीता देवी अपने नए पति कमल कुमार से दूर ही भागती रहीं. शिमला ट्रिप के दौरान अपनी बेटी निशा की सहेली के साथ कमल कुमार के अवैध रिश्ते को देख कर रीता देवी आप से बाहर हो जाती हैं. अब आगे….. )

हल्ला सुन कर कमल कुमार और कुसुम भी भी नजरें चुराते कमरे में आ कर खड़े हो गए. उन्हें देख कर रीता देवी दहाड़ उठीं, ” मुझे क्या पता था कि मेरे पीठ पीछे यह सब होता है? मेरी बेटी की सहेली मेरे पति के साथ….. ? हाय मैं मर क्यों नहीं गई यह सब देखने से पहले….. ” कहतेकहते वह जमीन पर गिर पड़ीं और फूटफूट कर रोने लगीं.

रोतेरोते भी वह कुसुम को भलाबुरा सुनाती रहीं ,”मैं ने सोचा था कि मेरी बेटी मेरी खुशियों की चिंता कर रही है इसलिए मेरी शादी कराई पर मुझे क्या पता था कि इस सब के पीछे वह अपनी सहेली की खुशियां ढूंढ रही थी. मेरी अपनी बेटी की सहेली मेरे पति के प्यार पर डाके डाल रही है. तुझे लाज नहीं आई कुसुम अपने बच्चों को छोड़ कर उस शख्स के साथ मुंह काला कर रही है जो रिश्ते में तेरे बाप जैसा है और लानत है ऐसे मर्द पर भी जिस ने एक विधवा से केवल इस लिए शादी की ताकि उस की जवान बेटी की सहेली को अपने झांसे में ले कर मजे उड़ा सके…”

“बस करो रीता। किन रिश्तो की बात कर रही हो तुम? मेरे साथ अपना रिश्ता भला कब निभाया तुम ने? हमारी शादी को 5 महीने बीत चुके हैं पर आज तक 1 दिन भी मुझे अपने करीब नहीं आने दिया। जब साथ में बैठती हो, रमेश की बातें करने लगती हो. जब मैं प्यार करना चाहता हूं तो भी रमेश बीच में आ जाता है. तुम आज भी रमेश के लिए जीती हो , रमेश के लिए सजती हो और रमेश के लिए ही रोतीहंसती हो. तो फिर मैं कहां हूं? जब तुम्हें मेरी खुशियों की परवाह नहीं तो फिर मैं तुम्हारी परवाह क्यों करूँ ? हो कौन तुम मेरी जिंदगी में ? क्या दिया है तुम ने मुझे ? क्यों की थी मैं ने शादी ? एक ऐसी औरत को अपने घर में लाने के लिए जिस के पास मेरे लिए कभी समय ही नहीं? अपने बेटे को छोड़ कर मैं यहाँ आ कर क्यों बसा? अगर ऐसे ही रहना था तो उसी के साथ क्यों न रहूं? “कमल कुमार का गुस्सा भी भड़क उठा था.

अब तक निशा भी संभल चुकी थी. मां के कन्धों को झकझोरते हुए बोली, “मां यह पुरुष जो सामने खड़ा है, इस से मैं ने आप की शादी कराई थी ताकि आप को इस के जरिए सुरक्षा मिल सके.आप का भविष्य सुरक्षित हो जाए. आप का अपना घर हो, पति हो. जरूरत के वक्त आप को किसी अपने या पैसों के लिए मेरे मोहताज न रहना पड़े। जब कि मैं जानती थी कि मैं आप के लिए कुछ नहीं कर सकूंगी। पर आप ने इन्हें अपनाया ही नहीं। मिस्टर कमल कुमार ने कितनी दफा मुझ से अपने दुखड़े रोए. मैं ने आप को समझाया पर आप नहीं समझी और फिर धीरेधीरे मिस्टर कमल की नजरें कुसुम पर गईं . उन्हें लगा लगा कि कुसुम वह स्त्री बन सकती है जो उन्हें प्यार और साथ देगी. उन की शारीरिक आवश्यकताओं को पूरा कर सकेगी. मैं चाहती तो साफ इंकार कर सकती थी. कुसुम को उन से दूर कर सकती थी. पर हर बार इन्होने यह धमकी दी कि वह तुम्हें छोड़ कर चले जाएंगे। यह बात मुझे बैचैन कर देती थी. मैं गिड़गिड़ ई। आप का साथ न छोड़ने की विनती की और तब बदले में उन्होंने कीमत के तौर पर कुसुम का साथ मांगा। कुसुम भी पहले तैयार नहीं थी पर बाद में उस ने इस रिश्ते के लिए स्वीकृति दे दी. ”

“तो क्या उस ने इस वजह से…. ” रीता देवी के शब्द गले में अटक कर रह गए.

“हां मां।  आप ही बताओ क्या करती मैं? आप इन के और अपने बीच से न तो दूरियां हटने दे रही थी और न पापा को बीच में लाने से रुकी. बहुत समय तक मैं कशमकश में रही। पर अंत में यह सोच कर कि शायद समय के साथ आप बदल जाओ मैं ने इन का कहा मान लिया. इन्हें आप की जिंदगी में रोके रखने के लिए वह सब किया जो इन्होंने कहा. मैं मानती हूं कि मैं गलत हूं. कुसुम भी गलत है और मिस्टर कुमार भी गलत हैं. पर क्या अपने सीने पर हाथ रख कर आप कह सकती है कि आप गलत नहीं? गलती की शुरुआत तो आप ने ही की थी न. तो फिर हमारी तरफ उंगली उठाने से पहले अपने अंदर झांक कर देखो. अब सब आप के सामने है. आप को मिस्टर कुमार से रिश्ता रखना है या नहीं और कितना रिश्ता रखना है यह सब आप के ऊपर छोड़ कर जा रही हूं मैं. कुसुम भी कभी आप की जिंदगी में दोबारा नहीं आएगी. अब मैं आप की जिंदगी में कोई दखल भी नहीं दूंगी। पर अपना कल आप को खुद देखना है. पापा लौट कर नहीं आएंगे आप को संभालने….. इस लिए फैसला आप का है कि आप मिस्टर कुमार को माफ कर नया जीवन शुरू करेगी या तलाक ले कर … ,” अपनी बात अधूरी छोड़ते हुए निशा ने बैग उठाया और कुसुम के साथ जाने लगी. रीता देवी ने हाथ बढ़ा कर निशा को रोका और निढाल सी सोफे पर बैठती हुई बोली, “सॉरी मिस्टर कुमार…”

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जानें क्या है वल्वा कैंसर

आमतौर पर महिलाओं को अन्य कैंसर किसी भी उम्र में हो सकते हैं, लेकिन वल्वा कैंसर 60 और उस से ज्यादा उम्र की महिलाओं को ही होता है. मगर छोटी उम्र की महिलाएं इस से अछूती ही रहें, यह भी जरूरी नहीं है. हालांकि वल्वा कैंसर बहुत आम नहीं है, लेकिन गंभीर बहुत है, क्योंकि यह एक महिला की सैक्सुअल लाइफ को प्रभावित कर सकता है. यह सैक्स को दर्दनाक और कठिन बना सकता है.

ऐसा ही कुछ अंजना के साथ हुआ. उसे योनि पर एक गांठ का एहसास होता था, लेकिन उस ने कभी इस ओर ज्यादा ध्यान नहीं दिया. मगर 2 साल बाद जब परेशानी होने लगी, तो डाक्टर को दिखाया. तब पता चलता कि उसे वल्वा कैंसर है.

अंजना कहती है कि कैंसर शुरुआती स्टेज में था, इसलिए डाक्टर ने 6 हफ्ते तक रैडिएशन थेरैपी दी, जिस से वहां की त्वचा जल गई और छाले पड़ गए. इसे ठीक होने में महीनों लग गए. लेकिन अभी भी कुछ दिक्कतों का सामना करना पड़ता है. वल्वा कैंसर के ट्रीटमैैंट के बाद सैक्स करने में इतना दर्द होता है कि उस के सामने शायद आप को प्रसवपीड़ा भी कम लगे.

क्या है वल्वा कैंसर

इस बाबत डा. अनिता गुप्ता कहती हैं कि वैजाइना के बाहर जो लिप्स होते हैं उन्हें वल्वा कहते हैं और जब इन में कैंसर होता है तो वह वल्वा कैंसर कहलाता है. यह वल्वा कैंसर ह्यूमन पैपिलोमा वायरस यानी एचपीवी के कारण होने वाला यौन रोग है और सैक्सुअली ऐक्टिव किसी भी महिला में संक्रमण फैला सकता है. वल्वा कैंसर जल्दी संकेत या लक्षण पैदा नहीं करता है. शुरुआत में बस सफेद पैच या खुजली होती है, जिसे महिलाएं फंगल इन्फैक्शन सम झ कर नजरअंदाज कर देती हैं और बाद में यही नजरअंदाजी उन की परेशानी बढ़ा देती है.

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इन्हें न करें नजरअंदाज

अमेरिकन कैंसर सोसायटी के अनुसार यूएस में 2017 में वल्वा कैंसर के करीब  6 हजार मामले सामने आए और इन में 1,150 महिलाएं वल्वा कैंसर की उस स्टेज पर पहुंच चुकी थीं जहां इलाज संभव नहीं था. दरअसल, इन महिलाओं को इस बात का आभास ही नहीं था कि इन्हें कैंसर है. इसलिए अगर कभी आप को वैजाइना में या उस के आसपास खुजली, घाव, गांठ, वल्वा पर उभार या वल्वा छूने पर दर्द हो या फिर पानी के फफोले, पेशाब करने में दर्द हो तो इन लक्षणों को हलके में न लें.

कैसे निबटें

वल्वा कैंसर के इलाज के बहुत तरीके हैं, लेकिन यह उस के प्रकार और स्टेज पर निर्भर करता है कि कब, कौन सा इलाज बेहतर है:

रैडिएशन थेरैपी: इस प्रकार की थेरैपी में हाई ऐनर्जी लाइट निकलती है, जो कैंसर कोशिकाओं को खत्म करती है. लेकिन यह आसपास की त्वचा को काफी नुकसान पहुंचाती है.

कीमोथेरैपी: इस थेरैपी में या तो दवा के जरीए कैंसर को खत्म करने की कोशिश की जाती है या फिर कैंसर कोशिकाओं को बढ़ने से रोकने की.

सर्जरी: वल्वा कैंसर के इलाज का मुख्य तरीका सर्जरी है. इस इलाज का उद्देश्य वैजाइना को कोई नुकसान पहुंचाए बिना इस कैंसर को दूर करना होता  है, जिस में लेजर सर्जरी, ऐक्शिसन, स्किनिंग वल्वेक्टोमी, रैडिकल वल्वेक्टोमी आदि शामिल हैं.

वल्वा मेलानोमा: इस में डार्क पैच उभरते हैं. इस प्रकार के कैंसर का शरीर के अन्य भागों में फैलने का जोखिम भी होता है और इस की इस प्रक्रिया को मैटास्टेसिस कहा जाता है और इस का असर कम उम्र की महिलाओं पर पड़ता है.

ऐडेनोकार्किनोमा: यह कैंसर ग्लैंड्युलर कोशिकाओं में शुरू होता है और इस के स्क्वैमस सैल का कार्सिनोमा के मुकाबले फेफड़ों और लिंफ नोड्स में फैलने की अधिक संभावना होती है.

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रिकोज कार्सिनोमा: यह स्क्वैमस सैल कैंसर का एक उपप्रकार है और धीरेधीरे बढ़ने वाले मस्से के रूप में प्रकट होता है.

स्क्वैमस सैल कार्सिलोना: यह  कैंसर कोशिकाओं में होता है और धीरेधीरे फैलता है. यह अधिकतर वैजाइना के आसपास ही रहता है, लेकिन फेफड़ों, लिवर या हड्डियों में भी फैल सकता है. यह कैंसर का सब से आम प्रकार है.

सरकोमा: यह कैंसर जितना दुर्लभ है उतना ही घातक भी होता है और संयोजी ऊतक यानी कनैक्टिव टिशू में होता है.

मोहसिन और शिवांगी ने ऐसे मनाया 1000 एपिसोड्स का जश्न, देखें फोटोज

टीवी के पौपुलर एक्टर मोहसिन खान और एक्ट्रेस शिवांगी जोशी के शो ने 1000 एपिसोड पूरे कर लिए हैं, जिसके कारण शो की पूरी टीम जश्न के मूड में हैं. हाल ही में शो के सेट से पार्टी की कुछ फोटोज वायरल हुई हैं, जिसमें मोहसिन और शिवांगी केक काटते नजर आ रहे हैं. आइए आपको दिखाते हैं मोहसिन और शिवांगी के सेलिब्रेशन की खास फोटोज….

फैस के फ्लावर बुके के साथ दिखे शिवांगी और मोहसिन

शो के 1000 एपिसोड पूरे होने की खुशी में मोहसिन और शिवांगी के फैंस ने फ्लावर बुके भेजा, जिसके साथ दोनों स्टार्स ने फोटो खिंचवाई. इसी के साथ सीरियल के प्रोड्यूसर राजन शाही भी मोहसीन और शिवांगी के साथ नजर आए.

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औनस्क्रीन फैमिली के साथ नजर आए दोनों स्टार्स

शिवांगी जोशी जहां मोहसिन से अपनी नजरें ही नहीं हटा पा रही थीं तो वहीं मोहसिन और शिवांगी अपने औनस्क्रीन परिवार के साथ के 1000 एपिसोड के पूरे होने का जश्न धूमधाम से मनाते हुए नजर आए.

शो के प्रोड्यूसर ने केक काटकर दी बधाई

 

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शो को मिल रही सफलता के लिए राजन शाही ने हर किसी को बधाई दी. मोहसिन और शिवांगी ने मिलकर प्रोड्यूसर साहब के साथ केक काटा.

फोटोज खिंचवाती नजर आईं शिवांगी

सेट पर शिवांगी जोशी केक की सेल्फी लेते हुए नजर आई. तो वहीं मोहसिन ने भी अपने औनस्क्रीन फैमिली के साथ खूब सारी फोटोज क्लिक करवाई.

बता दें, शो में जितनी मोहसिन और शिवांगी की जोड़ी हिट है तो रियल लाइफ में भी मोहसिन और शिवांगी की डेटिंग और ब्रेकअप की खबरें आती रहती हैं. वहीं अब देखना ये है कि क्या ये जोड़ी औन स्क्रीन से औफ स्क्रीन कपल बनते हैं या नही.

फाउंडेशन लगाते वक्त न करें ये गलती

मेकअप करते समय फाउंडेशन बहुत जरूरी होता है, यह आपके चेहरे को नया लुक देता है लेकिन कुछ महिलाएं इसे लगाने का सही तरीका नहीं जानती और कोई न कोई गलती कर बैठती हैं. इसलिए मेकअप देखने में थोड़ा अजीब सा लगता है. लेकिन फाउंडेशन लगाने से पहले यह बात जान लें कि यह आपको गोरा बानने के लिये बिल्‍कुल भी नहीं बना है इसलिये कृपया कर के अपने चेहरे के रंग से दो टोन हल्‍के रंग का फाउंडेशन खरीदना बिल्‍कुल छोड़ दें. इससे आप बिल्‍कुल आर्टिफीशियल दिखाई देती हैं. यहां पर कुछ आम सी गल्‍तियां दी हुई हैं जिसे आप अक्‍सर करती हैं चेहरे पर फाउंडेशन लगाते वक्त.

1. पाउडर फाउंडेशन ना लगाएं

पाउडर फाउंडेशन से आपका चेहरा आर्टिफीशियल दिखेगा और इससे चेहरा सूख जाता है. इसकी जगह पर क्रीम फाउंडेशन या लिक्‍विड फाउंडेशन लगाएं.

2. फाउंडेशन टेस्‍ट करें

जब भी आप फाउंडेशन खरीदने जाती हैं, तो आप उसे अपनी कलाई पर टेस्‍ट कर के देखती हैं, जो कि गलत है. आपके चेहरे और आपकी कलाई का रंग अलग होता है इसलिये हमेशा फाउंडेशन को चेहरे पर लगा कर देखें.

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3. पहले प्राइमर लगाएं

लड़कियां फाउंडेशन को डायरेक्‍ट चेहरे पर लगा लेती हैं जिससे चेहरा अजीब सा दिखने लगता है. चेहरे पर पहले प्राइमर लगाएं और फिर फाउंडेशन लगाएं. इससे आपका फाउंडेशन ज्‍यादा देर तक टिकेगा.

4. हमेशा फाउंडेशन ब्रश का प्रयोग करें

अभी तक आप फाउंडेशन को ब्रश या उंगलियों से लगा रही होंगी. आपको फाउंडेशन लगाने के लिये ब्रश का प्रयोग करना चाहिये. ब्रश से फाउंडेशन एक समान लगता है और त्‍वचा में पूरी तरह से समा जाता है.

5. पूरे चेहरे पर ना लगाएं फाउंडेशन

गोरी दिखने के चक्‍कर में आप पूरे चेहरे पर फाउंडेशन पोत लेती हैं जो कि गलत होता है. इसे केवल उसी जगह पर लगाया जाना चाहिये जहां पर दाग-धब्‍बे या काले घेरे हों. आप जितना कम फाउंडेशन लगाएंगी आप उतनी ही नेचुरल दिखेगीं.

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6. कंसीलर भी लगाएं

अंडर आई डार्क सर्कल को छुपाने के लिये कंसीलर लगाना ना भूलें. फाउंडेशन अकेला डार्क सर्कल को नहीं छुपा सकता. प्राइमर लगाने के तुरंत बाद ही कंसीलर लगाना चाहिये और उसके बाद फाउंडेशन का प्रयोग करन चाहिये.

बौलीवुड एक्ट्रेसेस का सिक्विन शिमरी साड़ी फैशन करें ट्राय

नया साल जल्द ही खत्म होने वाला है. वहीं इस पूरे साल में कई नई चीजें हुई है. बौलीवुड की ही बात करें तो एक्ट्रेसेस का फैशन इस बार इंडियन और वेस्टर्न लुक का फ्यूजन रहा है. आज हम बौलीवुड हसीनाओं के साड़ी लुक की बात करें, जो साल खत्म होते-होते भी काफी पौपुलर रहा है. सिक्विन शिमरी साड़ी इसबार काफी पौपुलर हुई है. आज हम आपको सिक्विन शिमरी साड़ी के बौलीवुड एक्ट्रेसेस के कुछ लुक बताएंगे, जिसे आप भी ट्राय कर सकती हैं.

1. भूमि पेडनेकर का ये लुक करें ट्राय

अगर आप वेडिंग सीजन में कुछ नया ट्राय करना चाहते हैं तो भूमि पेडनेकर की वाइट सिक्विन शिमरी साड़ी लुक ट्राय करें. औफ शोल्डर डीप नेक वाले ब्लाउज के साथ ये लुक परफेक्ट है. ये आपके लुक को परफेक्ट बनाने में मदद करेगा.

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2.  पार्टी परफेक्ट है करिश्मा कपूर की ये ड्रेस

पार्टी की बात की जाए तो ब्लैक कलर परफेक्ट होता है. करिश्मा कपूर की ये ब्लैक सिक्विन शिमरी साड़ी के साछ औफ शोल्डर ब्लाउज आपके लुक के लिए परफेक्ट औप्शन है.

3. सिल्वर साड़ी है परफेक्ट

मैटेलिक सिल्वर रंग की सिक्विन साड़ी में पार्टी के दौरान तारा सुतारिया के लुक ने भी खूब धमाल मचाया था. सिल्वर रंग के डीप वी नेक के ब्लाउज के साथ साड़ी को पेयर किया था, जिसे आप भी पार्टीज या वेडिंग सीजन में ट्राय कर सकती हैं.

4. जाह्नवी कपूर की शिमरी साड़ी

 

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Still fighting jet lag tbh….✨

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जान्हवी कपूर भी मनीष मल्होत्रा की सिक्विन साड़ी के क्रेज से बच नहीं पाईं. पर्पल कलर की खूबसूरत शिमरी साड़ी में कुछ दिनों पहले ही उन्होंने इंस्टाग्राम पर फोटो शेयर की थी.

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5. कृति सेनन का लुक करें ट्राय


इंडियन और वेस्टर्न लुक देने के लिए सिक्विन साड़ी के साथ औफ शोल्डर ब्लाउज और उसके साथ हैवी झुमके कृति सेनन के लुक पर चार चांद लगा रहे हैं.

6. जैकलीन का शिमरी सिक्विन साड़ी लुक करें ट्राय

जैक्लीन की शिमरी सिक्विन यैलो साड़ी और उसके साथ सिल्वर ब्लाउज का कौम्बिनेशन परफेक्ट औप्शन है. इसे आप किसी शादी की रस्मों में ट्राय कर सकती हैं.

छोटी सरदारनी: हम सबमें बसती है एक ‘मेहर’

छोटी सरदारनी की मेहर इन दिनों काफी चर्चा में है. दरअसल, मेहर का किरदार ही कुछ ऐसा है कि हर आम लड़की खुद को उससे जुड़ा हुआ महसूस कर सकती है. शायद यही वजह है कि ये शो कम समय में काफी मशहूर हो गया है और टीआरपी चार्ट्स की टॉप 5 की लिस्ट में भी पहुंच गया है. तो चलिए आपको बताते हैं मेहर की वो खूबियां जो आपको अपने अंदर भी देखने को मिलेगी.

1. जड़ों से जुड़ी हुई

एक कॉलेज गर्ल से लेकर एक बच्चे की सौतेली मां बनने तक का सफर मेहर ने बहुत जल्दी तय कर लिया. लेकिन फिर भी वो अपनी जड़ों से जुड़ी है. भले ही उसकी मां ने उससे उसका प्यार छीन लिया हो, लेकिन फिर भी वो अपने परिवार के बारे में सोचती है और उनकी हर मुश्किल में उनके साथ होती है. वो अपने आदर्शों से कभी समझौता नहीं करती. भले ही सरबजीत और वो पति-पत्नी का रिश्ता कायम न कर पाए हो, लेकिन वो एक आदर्श बहू और मां के सारे फर्ज पूरे करती है.

2. निडर

 

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Beware of the brother-sister duo ?

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हालात चाहे कितने ही मुश्किल क्यों न हो मेहर हमेशा अपने दिल की सुनती है और वही फैसला लेती है जो उसे सही लगता है. फिर चाहे इसके लिए उसे कितनी ही तकलीफ क्यों न उठानी पड़े. आज की दौर की महिलाएं भी ऐसी ही तो हैं.

3. बच्चों की फेवरेट

 

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Wishing you all the happiness, always. Happy Children’s Day cutie ❤️?

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कहने को तो परम, मेहर का सौतेला बेटा है, लेकिन मेहर की जान परम में बसती है और परम भी उसे बेहद प्यार करता है. मेहर न सिर्फ परम की फेवरेट है बल्कि अपने भतीजे युवी के भी काफी करीब है. इसका मतलब ये है कि वो बच्चों के बेहद करीब है. असल जिंदगी में भी महिलाओं को बच्चों से काफी लगाव होता है.

4. भगवान पर भरोसा

 

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Wishing everyone a very happy and blessed gurupurab. Satnam Waheguru ?

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मेहर को अपने बाबा जी पर पूरा भरोसा है. वो एक सच्ची सरदारनी है. भले ही उसने जिंदगी में मुश्किल हालत देखे हो, लेकिन अपने भगवान से उसका भरोसा कभी नहीं डगमगाया. अगर आप गौर करें तो रियल लाइफ में आपके साथ भी तो ऐसा होता है कि भले ही आपके मुताबिक चीजें न हो रही हो, लेकिन भगवान से आपका भरोसा टूटता नहीं है.

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5. मॉर्डन

 

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my fam away from fam gave me the best surprise ever. forever grateful. ♥️

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मेहर जितनी संस्कारी है उतनी ही मॉर्डन भी है. वो जीप चलाती है, महिलाओं के हक के लिए बात करती है और अपने परिवार की हर मुश्किल में बराबरी से खड़ी होती है. जैसा कि हम सब करते हैं. नए जमाने में हम मर्दों से कंधे से कंधा मिलाकर चल रहे हैं, लेकिन अपने परिवार का भी पूरा ख्याल रखते हैं.

मेहर की ये जर्नी देखकर हम कह सकते हैं कि हम सबके अंदर भी एक मेहर है और हमारी कहानी भी बिल्कुल मेहर की तरह है जिसमें प्यार से बिछड़ने का दर्द है तो परिवार के लिए कुछ कर गुजरने का जज्बा भी है. मतलब आपकी और हमारी जैसी ही तो है मेहर की कहानी.

दबंग 3 फिल्म रिव्यू: ”महज सलमान खान के फैंस के लिए…’’

रेटिंग: दो स्टार

निर्माता: अरबाज खान,सलमान खान और निखिल द्विवेदी

निर्देशकः प्रभु देवा

लेखकः सलमान खान,प्रभु देवा,दिलीप शुक्ला,आलोक उपाध्याय

कलाकारः सलमान खान, किच्चा सुदीप,सोनाक्षी सिन्हा,साई मांजरेकर, अरबाज खान.

अवधिः 2 घंटे 39 मिनट

अमूमन लोग सफल फिल्म की फ्रेंचाइजी के सिक्वअल बनाकर दर्शकों को अपनी तरफ खींचने का काम करते हैं. दर्शक सोचता है कि यह पिछली फिल्म का सिक्वअल है, तो इस बार ज्यादा अच्छी बनी होगी, मगर अफसोस ‘दबंग’ फ्रेंचाइजी के साथ ऐसा नहीं कहा जा सकता.हर सिक्वअल के साथ इसका स्तर गिरता ही जा रहा है. 2010 की सफल फिल्म ‘दबंग’का निर्दैशन अभिनव कष्यप ने किया था.और इस फिल्म ने सफलता के कई रिकार्ड बना डाले थे.उसके बाद इस फिल्म से अभिनव कश्यप को बाहर का रास्ता दिखा दिया गया था.इसका सिक्वअल ‘‘दबंग 2’’ 2012 में आयी थी,जिसे खुद अरबाज खान ने निर्देषित किया था,मगर पहले के मुकाबले यह कमजोर थी.पर सलमान खान के प्रशंसकों ने इसे सफल बना दिया था. अब पूरे सात वर्ष बाद इस फ्रेंचाइजी की अगली फिल्म ‘‘दबंग 3’’आयी है,जिसका निर्देषन सलमान खान के खास प्रभु देवा ने किया है,जो कि ‘दबंग 2’ से भी निचले स्तर की है. वैसे यह ‘दबंग’ सीरीज की प्रिक्वअल फिल्म है.

कहानीः

‘‘दबंग’’ फ्रेंचाइजी की यह तीसरी फिल्म ‘प्रिक्वअल’ है, इसीलिए  कहानी अतीत में चलती है. फिल्म के शुरू होने पर एक षादी समारोह में पहुंचकर चुलबुल पांडे,माफिया डौन बाली सिंह के लिए काम करने वाले स्थानीय गुंडे द्वारा लूटे गए सोने के जेवर वापस दिलाते हैं. इसी केस के चलते चुलबुल पांडे की मुलाकात बाली सिंह से होती है और उन्हे अपने पुराने घाव याद आते हैं. फिर कहानी अतीत में चली जाती है.
चुलबुल पांडे को याद आता है कि वह धाकड़ पांडे से पुलिस इंस्पेक्टर चुलबुल पांडे कैसे बने थे.फिर खुशी(साईं मांजरेकर)का चुलबुल पांडे(सलमान खान)के संग रोमांस की कहानी षुरू होती है.दरअसल चुलबुल की मां नैनी देवी (डिंपल कपाड़िया) ने खुशी को चुलबुल के भाई मक्खी (अरबाज खान) के लिए पसंद किया था, मगर मक्खी को शादी करने में कोई रुचि नहीं थी.उधर चुलबुल और दहेज परंपरा के खिलाफ जाकर अपनी मंगेतर खुशी को डौक्टर बनाने के लिए कटिबद्ध है, मगर तभी उनके प्यार पर ग्रहण लग जाता है. बाली की नजर खुशी पर पड़ती है और वह खुशी को पाने के लिए उतावला होकर कुछ भी करने पर आमादा है. खुशी के लिए ही धाकड़ बदलते हैं, दुनिया के लिए कुछ अच्छा करने से लेकर एक निश्चित तरीके से अपने धूप का चश्मा लगाने तक,खुशी में सब कुछ शामिल हो जाता है और चुलबुल पांडे बन जाते हैं. मगर बाली सिंह (किच्चा सुदीप )का दिल खुशी पर आ जाता है, इसलिए बाली गुस्से व ईष्र्या के चलते खुशी के साथ उसके परिवार का खात्मा कर देता है. फिर पूरी फिल्म की कहानी चुलबुल पांडे और बाली सिंह के बीच बदला लेने की कहानी बन जाती है.

लेखनः

फिल्म की पटकथा स्वयं अभिनेता सलमान खान ने दूसरे लेखकों के साथ मिलकर लिखा है,इसलिए सलमान खान के प्रशंसक तो ताली बजाएंगे,मगर फिल्म की पटकथा खामियां का पिटारा है.फिल्म में चुलबुल पांडे अपनी पत्नी रज्जो को खुशी के साथ अपनी प्रेम कहानी सुनाते हैं, जबकि रज्जो पांडे और खुशी एक दूसरे से परिचित थीं. यह बहुत अजीब सा है.कुछ अपमान जनक संवाद व दृश्य भी हैं.फूहड़ हास्य दृश्य भी हैं.‘दबंग 3’में कुछ भी नया नही है. इंटरवल से पहले फिल्म काफी धीमी है. फिल्म का सबसे बड़ा नकारात्मक पक्ष इसकी लंबाई है. क्लामेक्स जरुर रोचक बन गया है.

नाच गानाः

फिल्म के निर्देशक प्रभू देवा मूलतः नृत्य निर्देषक हैं,इसलिए फिल्म में बेवजह छह गाने ठूंसे गए हैं, जो कि फिल्म में लगभग 30 मिनट ले जाते हैं.

निर्देशनः

प्रभू देवा पूरी तरह से विफल रहे हैं. उनका सारा ध्यान सलमान खान को हीरो के रूप में चित्रित करने में ही रहा. उन्होंने फिल्म में वह सब दिखाया है,जो कि सलमान खान के प्रशंसक देखना चाहते हैं. इस चक्कर में वह खुद को दोहराने में भी पीछे नही रहे. फिल्म के तमाम मसालों में प्रभु ने दहेज, नोटबंदी, पानी के सरंक्षण जैसे मुद्दों को भी पिरोया है. सलमान खान ने जब जबभी सामाजिक संदेश जबरदस्ती फिल्म के अंदर पिरोया है तब तब फिल्म बरबाद कर दी.

अभिनयः

सलमान खान को  अभिव्यक्ति की कला में महारत हासिल है.वह अपने चेहरे पर शरारत और प्यार को उतनी ही आसानी से दर्ज कराते हैं,जितना कि यह खून की लालसा और गुस्सा को करते है.
रज्जो पांडे किरदार में सोनाक्षी सिन्हा महज सेक्सी नजर आयी हैं, अन्यथा वह अपने अभिनय से इस फिल्म को डुबाने में कोई कसर बाकी नहीं रखती.
खुशी के किरदार में सांई मांजरेकर जरुर कुछ उम्मीदें जगाती हैं. सुंदर दिखने के साथ कुछ भावनात्मक दृश्यों में सांई मांजरेकर ने अपनी अभिनय प्रतिभा का अच्छा परिचय दिया है.पर उनके किरदार के साथ भी न्याय नही हुआ.
फिल्म के खलनायक बाली सिंह के किरदार में दक्षिण भारतीय अभिनेता किच्चा सुदीप ने जबरदस्त परफार्मेंस दी है. पर फिल्म सलमान खान की है, सलमान खान ने ही पटकथा व संवाद भी लिखे हैं,ऐसे में सुदीप के बाली सिंह के किरदार को ठीक से रेखांकित नह किया गया. वैसे सुदीप इससे पहले बहुभाषी एक्शन ड्रामा वाली फिल्म ‘‘पहलवान’’ में अपने अभिनय का जलवा दिखाकर हिंदी भाषी दर्शर्कों के बीच अपनी पैठ बना चुके हैं.

एक्शनः

फिल्म के सारे एक्षन दृश्य  अतार्किक और सलमान खान की स्टाइल के ही हैं. मारधाड़, विस्फोट, अति हिंसा सब कुछ है. एक्शन दृश्यों में सलमान खान की उम्र जरुर बाधा बनती है.
यदि आप सलमान खान के धुर प्रशंसक नहीं हैं, तो आपके लिए इस फिल्म को सहन करना मुश्किल है.

Bigg Boss 13: सिद्धार्थ और शहनाज की लड़ाई में उड़ा कैप्टन असीम का मजाक, ‘Sexuality’ पर किया कमेंट

बिग बौस के घर में आए दिन कोई ना कोई नया ड्रामा तो दर्शकों को देखने को मिलता ही रहता है. कभी किसी कैप्टेंसी टास्क के चलते तो कभी लग्जरी बजट टास्क के चलते घरवाले आपस में भिड़ते ही रहते है और दर्शकों को एंटरटेन करने का एक मौका भी नहीं छोड़ते. हाल ही के कैप्टेंसी टास्क की बात करें तो पंजाब की कैटरीना कैफ यानी शहनाज गिल चाहती थीं कि उन्हें कैप्टन बनाने में पारस छाबड़ा उनकी मदद करें पर पारस अपनी करीबी दोस्त माहिरा शर्मा को सपोर्ट करना चाहते थे और इसी बात पर शहनाज ने घर के अंदर काफी हंगामा खड़ा कर दिया था.

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सिद्धार्थ हुए शहनाज से खफा…

इसी के चलते सिद्धार्थ शुक्ला शहनाज गिल से काफी नाराज हो गए थे कि वो हर समय पारस पारस करती रहती हैं और जब शहनाज को लाइमलाइट में आना होता है तो वे सिद्धार्थ के पास आ जाती हैं. बीते पूरे एपिसोड में सिद्धार्थ शहनाज से नाराज रहे और शहनाज ने उन्हें मनाने की हर तरकीब आजमाई. इस दौरान शहनाज ने घर के मास्टर माइंज विकास गुप्ता का भी सहारा लिया कि वे क्या करें जिससे कि सिद्धार्थ उनसे बात करने लग जाए.

सिद्धार्थ को आया शहनाज की कोशिशों पर तरस…

इसके बाद रात को सोते हुए शहनाज ने फिर से सिद्धार्थ को मनाना शुरू किया और यहां तक की सिद्धार्थ के पैर भी दबाए. सिद्धार्थ को शहनाज की इतनी कोशिशों पर तरस आ गया और वे उनसे बात करने लग गए. इसके बाद जो हुआ वो वाकई हैरान कर देने वाला था. दरअसल असीम रियाज की गेम दिन ब दिन स्ट्रौंग होती जा रही है और इस बात का किसी को अंदाजा नहीं था कि असीम इतना आगे तक आ जाएंगे.

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मिलकर उड़ाया असीम की सेक्सुएलिटी का मजाक…

एक वीडियो सोशल मीडिया पर काफी वायरल हो रही है जिसमें सिद्धार्थ और शहनाज साथ मिलकर असीम की सेक्सुएलिटी का मजाक उड़ा रहे हैं. इस वीडियो में शहनाज असीम से कहती हैं कि, “तूने अपना अप्पर लिप कराया हुआ है फिलर कराया हुआ है न तूने.” इसके बाद असीम कहते हैं कि ” तू कितनी गंदी है, मैं क्यों कराऊंगा, मैं लड़की थोड़ी हूं.” तभी असीम के दोस्त सिद्धार्थ बीच में बोलते हैं “लड़की नहीं क्या तू?. सिद्धार्थ मजे लेते हुए असीम को कहते हैं “तू लड़का है, लेकिन तू बता तू लड़का है”

क्या होगा असीम का रिएक्शन…

इसके बाद सिद्धार्थ आरती से कहते हैं “जब असीम किसी लड़की से बात करता है तो ऐसा लगता है जैसे दो लड़कियां बात कर रही हैं.” शहनाज असीम का मजाक उड़ाते हुए खेती हैं कि “तू है न क्यूट सा बेबी लगता है और तू क्लिप लगाया कर.” अब देखने वाली बात ये होगी कि असीम सिद्धार्थ और शहनाज के इस मजाक पर क्या रिएक्शन देते हैं.

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ये सदस्य हैं घर से बेघर होने के लिए नोमिनेटिड…

आपको बता दें, असीम रियाज बिग बौस के अगले नए कैप्टन बन चुके हैं, और इस हफ्ते घर से बेघर होने के लिए 4 सदस्य नोमिनेटिड हैं जिसमें से सिद्धार्थ शुक्ला, शेफाली बग्गा, आरती सिंह, मधुरिमा तुली, अरहान खान, और विशाल आदित्य सिंह का नाम शामिल है.

Written By:- Karan Manchanda

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