दंगल: रिव्यू से पहले पढ़ें सान्या-फातिमा का इंटरव्यू

फिल्म ‘दंगल’ में फ्री स्टाइल रेसलर और कॉमनवेल्थ गोल्ड मेडलिस्ट गीता फोगट और उसकी रेसलर बहन बबीता कुमारी की भूमिका निभाने वाली फातिमा शेख और सान्या मल्होत्रा अपने चरित्र को लेकर खास चिंतित हैं. उन्होंने इस किरदार को जीवंत करने के लिए बहुत मेहनत की है.

रियल लाइफ के कोच के संरक्षण में उन्होंने 8 महीने तक प्रशिक्षण लिया. यह फिल्म उन दोनों के लिए चुनौती है और आगे दर्शकों की प्रतिक्रिया की प्रतीक्षा कर रही हैं. उनसे मिलकर बात करना अच्छा था. आइये जाने कैसे उन्होंने इस भूमिका को निभाया है.

प्र. आप दोनों अपने बारें में बतायें.

सान्या मल्होत्रा – मैं दिल्ली की हूं और बचपन से ही अभिनय का शौक था. पर दिल्ली में ऐसा कुछ खास नहीं है. फिर मैंने कंटेम्पर्री, बैले, हिप-हॉप सब तरह का डांस सीख लिया. पिता की आज्ञा लेकर केवल 15 दिनों के लिए मुंबई अपने दोस्तों के साथ रहने आई. फिर वापस दिल्ली गई और कहा कि मुझे एक्टिंग करनी है. मुझे मुंबई में रहना पड़ेगा. मेरे पिता एक पल के लिए रुके और बोले कि मुझे पता है कि तुम अच्छा करोगी, इसलिए जाओ. मेरे माता पिता ने मेरे काम के लिए बहुत सहयोग दिया.

मैं मुंबई आई, 4-5 महीने तक तो पता नहीं चला कि मैं क्या करूं, कहां जाऊं, किसको कॉल करूं, आदि चलता रहा. लेकिन धीरे-धीरे ऐड में काम मिलने लगा, काफी संघर्ष था. फिर मुझे दंगल फिल्म के गीता की भूमिका की ऑडिशन के लिए कॉल आया. मैंने ऑडिशन दिया और काफी अच्छा ऑडिशन हुआ था. फिर भी एक महीने तक कोई उत्तर नहीं मिला. लेकिन आशा थी कि यह भूमिका शायद मुझे ही मिलेगी.

इस दौरान मैं मेरी मां की बर्थडे के लिए दिल्ली जा रही थी कि मुझे कॉल आया कि आप शॉर्टलिस्ट हो चुके हो. आपसे आमिर खान मिलना चाहते हैं. मैं एयरपोर्ट में थी, इसलिए वहां से लौटकर आने की बात कही. यहां आकर देखा कि 15 लड़कियां अब भी मेरे सामने थी. यह एक और बाधा थी. उसमें कुछ लड़कियां गीता तो कुछ बबीता के लिए ऑडिशन दे रही  थी. लेकिन अंत में मुझे बबीता की भूमिका मिली और यहीं से मेरी जर्नी शुरू हो गई.

फातिमा शेख- मेरे माता-पिता जम्मू कश्मीर के हैं. मैं मुंबई में पैदा हुई और छोटी उम्र से ही कुछ फिल्में की है. चाची 420, वन टू का फॉर, जमानत आदि फिल्मों में काम किया था. फिर मैंने एक्टिंग बंद कर पढाई पर ध्यान दिया. पढाई के दौरान एक्टिंग को ‘मिस’ करने की वजह से फिर से एक्टिंग में आ गई और छोटी-छोटी भूमिका निभाने लगी. 12वीं के बाद मैंने पढाई छोड़ दी और एक्टिंग में आ गई.

प्र. आप दोनों इतनी कॉन्फिडेंट कैसे थी कि ये फिल्म आप दोनों को ही मिलेगी, ऑडिशन में आपको क्या पूछा गया था?

सान्या मल्होत्रा – मुझे फिल्म के ही तीन दृश्य करने के लिए दिए गए थे. जो गीता फोगट के थे. मैंने अच्छे से कर लिया था. लेकिन बाद में मुझे बबीता की भूमिका मिली. उससे मुझे कोई समस्या नहीं थी. मैं आमिर खान से मिलकर इतनी खुश थी कि कुछ समझ में नहीं आ रहा था, क्योंकि मुझे एक बड़ी फिल्म मिल रही थी.

फातिमा शेख – ये ऑडिशन साधारण नहीं था, करीब 4-5 स्तर तक हमें निरीक्षण किया गया. इसमें पूरी शारीरिक स्वस्थता पर अधिक ध्यान  दिया गया. जिसमें मैं दौडू या व्यायाम करती हूं तो कैसी दिखती हूं. सारी बारीकियों को देखा गया. इसके अलावा हमारी एक्टिंग आमिर खान के साथ भी ली गई. सभी कलाकार के कॉम्बिनेशन को अच्छी तरह से परखा गया था. फिर हमें बुलाया गया, मुझे लगा कि अब फाइनल सुनने को मिलेगा. वहां रेसलिंग के ट्रेनर कृपा शंकर सिंह उपस्थित थे, मैं दुबली हूं, तो उन्होंने कहा कि मैं रेसलर नहीं बन सकती. वापस बुलाया फिर रेसलिंग का टेस्ट हुआ, जहां हम दो हफ्ते सिर्फ रेसलिंग ही करते रहे. ये मेरे लिए पहली बार था. कभी हमने इतना वर्कआउट जिंदगी में नहीं किया. मैं सुबह हाथ पैर न उठा पाने की वजह से रोती थी. लेकिन शुरू किया और टेस्ट में पास हुई. जब इसे आमिर खान ने बताया तो मेरे लिए इससे ख़ुशी की बात कुछ भी नहीं थी. फिल्म मिली है ये बात तो मैंने सुनी थी इसके बाद उन्होंने जो भी कहा था, मुझे कुछ भी सुनाई नहीं पड़ा. एक पल के लिए मैं सुन्न हो गई थी.

प्र. सान्या, आपको फिल्मों में आने की प्रेरणा कहां से मिली, क्या आपके परिवार का कोई कनेक्शन फिल्मों से था?

मुझे बचपन से फिल्म देखने का और डांस करने का शौक था. गाने चलते थे तो मैं खूब डांस करती थी. मैं कभी भी किसी समय डांस कर सकती थी. मुझे अवार्ड फंक्शन देखना बहुत पसंद था. मैं शीशे के आगे जाकर अवार्ड लेने की प्रैक्टिस करती थी. कहां से एक्टिंग का कीड़ा आया पता नहीं. मेरी मां को पेंटिंग अच्छा बनाना आता है. शायद यहीं से मेरे अन्दर क्रिएटिविटी आई. मेरे माता-पिता दोनों जॉब करते है.

प्र. आप दोनों अपने चरित्र के बारें में कितना जानती थी? कितनी तैयारियां की?

फातिमा शेख – मुझे गीता के बारें में बहुत अधिक पता नहीं था. ट्रेनिंग शुरू होने के बाद रोज मैं उनकी वीडियो देखती थी. ट्रेनर ने हमें प्रैक्टिस वीडियो भी दिया था. वीडियो ने चरित्र में घुसने में काफी मदद की. हरियाणवी भाषा में थोड़ी मुश्किल आई. मैं मुंबई की होने की वजह से हरियाणवी का ट्यूशन लिया.

सान्या मल्होत्रा – वीडियो देखकर पता चलता था कि रेसलर प्रैक्टिस कैसे करते है. अगर खड़े होते हैं तो कैसे पोज़ बनाते हैं आदि सारे हाव-भाव देखा प्रैक्टिस की, तब जाकर शूटिंग शुरू हुई. मुझे हरियाणवी आती है, क्योंकि मैं दिल्ली की हूं.

प्र. आप दोनों को स्पोर्ट्स का कितना शौक है?

सान्या मल्होत्रा – मुझे स्पोर्ट्स का ज़रा भी शौक नहीं. मुझे डांस पसंद है.

फातिमा शेख – मैं स्कूल में थोड़ी बहुत खेलती थी.

प्र. आमिर खान के साथ काम करने का अनुभव कैसा था?

सान्या मल्होत्रा – वे अपने काम को लेकर बहुत पैशनेट रहते हैं, लेकिन किसी को उसका प्रेशर नहीं देते. उन्हें देखकर मुझे बहुत प्रेरणा मिली.

फातिमा शेख – मुझे बहुत अच्छा लगा, वे अभिनय को आसान कर देते हैं. वे बहुत ही हंसमुख हैं.

प्र. कितना प्रेशर महसूस कर रही हैं? आप दोनों का खेल और खिलाड़ियों के प्रति भाव कैसा है?

सान्या मल्होत्रा – दंगल फिल्म ने मेरी लाइफ बदल दी. इन दो सालों के दौरान मैं एक रेस्पोंसिबल इंसान बन चुकी हूं. मेरे अन्दर बहुत बदलाव आ गया है. आत्माविश्वास बहुत बढ़ा है. मैं पहले बहुत इंट्रोवर्ट थी, किसी के साथ बात कर नहीं पाती थी. पहले मुझे रेसलिंग आसान लगा था. लेकिन ऐसा नहीं था. सात से आठ महीने मैंने रेसलिंग की प्रैक्टिस की है. अभी मैं कुछ भी कर सकती हूं.

फातिमा शेख – मेरे अन्दर खिलाड़ियों के लिए बहुत सम्मान बढ़ा है. वे कितना मेहनत करते हैं, फिर भी जब वे मेडल नहीं ला पाते, तो हम उसे ‘रिजेक्ट’ कर देते हैं, जो गलत है. अगर हम एक एथलीट की तरह जी पाते हैं, तो हम अपने प्रोफेशन में बहुत आगे बढ़ पाएंगे. इसके अलावा जिम्मेदारी मेरे अन्दर अवश्य बढ़ी है. मैं चाहतीहूं कि मेरा काम सबको पसंद आये.

प्र. रियल गीता, बबीता से क्या आप दोनों मिली है?

सान्या मल्होत्रा – हम दोनों एक बार फिल्म की मुहूर्त पर गीता फोगट और बबीता कुमारी से मिले है.

प्र. शूटिंग के दौरान आप दोनों को कोई मुश्किलें आई?

फातिमा शेख – हम दोनों ने काफी तैयारियां फिल्म के पहले की थी इसलिए शूटिंग करना कठिन नहीं था. सारे संवाद पूरी तरह याद थे. निर्देशक नितीश तिवारी ने बहुत मदद की. सारी शूट लुधियाना, पूना और दिल्ली में हुई.

प्र. फिल्मों में अन्तरंग दृश्य करने में आप दोनों कितनी सहज है?

सान्या मल्होत्रा – मैं कलाकार हूं और हर तरह के अभिनय करना चाहती हूं. मैं अपने आप को किसी भी परिस्थिती में रोकना नहीं चाहती, अगर चरित्र मुझे अच्छा लगे.

फातिमा शेख – मेरे हिसाब से अभिनय मेरा प्रोफेशन है, रियल नहीं, इसलिए जो भी काम मिलेगा उसे करना चाहूंगी.

प्र. आप दोनों कितनी फैशनेबल है?

सान्या मल्होत्रा – मैं अधिक फैशनेबल नहीं, लेकिन अब थोड़ा सोचना पड़ता है. मैं बहुत फूडी हूं, कुछ भी अच्छा मिले, खा लेती हूं. मां के हाथ का बना दाल चावल मुझे बहुत पसंद है.

फातिमा शेख – मैं कुछ भी पहन लेती हूं कई बार भाई के कपड़े भी मैं पहन लेती हूं. मलाई और घी पसंद है. मेरे पापा अच्छा खाना बनाते हैं. उनके हाथ का बना राजमा चावल और यखनी, कश्मीरी डिश पसंद है.

शांति की तलाश यहां होगी खत्म

भारत एक सांस्कृतिक देश है जहां पर अलग-अलग किस्म के लोग रहते हैं. भारत के चारों दिशाओॆ में कई तरह के रंग, वेशभूषा, और पहनावे देखने को मिलते हैं. यह सब राज्य में रहने वाले लोगों में और खासकर उस राज्य में देखा जा सकता है.

ऐसे कई राज्य हैं जहां पर शिलाएं, प्राचीन इमारतें और किलें देखे जा सकते हैं. कुछ को तो विश्व में प्रसिद्धी मिल गई है, पर कुछ अपने अस्तित्व को लेकर लड़ रहे हैं. अगर आपको भी अपनी संस्कृति से बहुत ज्यादा प्यार है, पर आप शांति की तलाश कर रहे हैं, तो आपको यहां जरूर जाना चाहिए. अगर आपको अपने देश के बारे में नई-नई बातें जानने का शौक है, तो भारत की इन जगहों पर जरूर जाएं. यहां पर आपको संस्कृति की झलक के साथ-साथ सुकून भी मिलेगा.

कोलकाता

पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता का खुद एक अलग ही महत्व है. यह हुगली नदी के किनारे बसा एक ऐसा शहर है जहां देखने के लिए फोर्ट विलियम, ईडन गार्डन्स, बॉटनिकल गार्डन्स, बेलूर मठ, मार्बल पैलेस जैसी जगहें हैं. यहां का फोर्ट विलियम भारत के सबसे बड़े पार्कों में से एक है. ईडन गार्डन्स का भी विशेष आकर्षण है. बॉटनिकल गार्डन्स में विश्व का दूसरा सबसे बड़ा बरगद का पेड़ है जो 10,000 वर्ग मीटर में फैला है, इसकी लगभग 420 शाखाएं हैं. मार्बल पैलेस में महत्वपूर्ण प्रतिमाएं और पेंटिंग हैं.

गया

तीन दिन और रात के तपस्या के बाद में गौतम बुद्ध ने फाल्गु नदी के तट पर बोधि पेड़ के नीचे ज्ञान की प्राप्ति की थी. बिहार में इसे मंदिरों के शहर के नाम से भी जाना जाता है. यहां का सबसे प्रसिद्ध मंदिर महाबोधि मंदिर है. इस मंदिर को यूनेस्‍को ने 2002 में वर्ल्‍ड हेरिटेज साइट घोषित किया था. इसके अलावा गया में घूमने के लिए नालन्‍दा और राजगीर भी हैं. बोधगया घूमने का सबसे बढ़िया समय बुद्ध जयंती महाबोधि मंदिर है.

जयपुर

जयपुर को गुलाबी नगरी अर्थात पिंक सिटी के नाम से जाना जाता है. इस शहर में सुंदर नगरों, हवेलियों और किलों की भरमार है. जयपुर का अर्थ है – जीत का नगर. जयपुर शहर किसी रजवाडे के शहर से कम नहीं लगता है. सिटी पैलेस जयपुर का एक प्रमुख लैंडमार्क है. पैलेस में एक संग्राहलय है जिसमें राजस्थानी पोशाकों व मुगलों तथा राजपूतों के हथियार का बढ़िया संग्रह हैं. इसमें विभिन्न रंगों व आकारों वाली तराशी हुई मूंठ वाकी तलवारें भी हैं, जिनमें से कई मीनाकारी के जड़ाऊ काम व जवाहरातों से अलंकृत है तथा शानदार जड़ी हुई म्यानों से युक्त हैं.

इसके साथ ही यहां देखने के लिए सिटी पैलेस से कुछ दूर जयपुर का जंतर मंतर, गोविंद देवजी का मंदिर, सरगासूलीराम निवास, बागरामगढ़ झील, सांगानेर, जयगढ़ किला, पुराना शहर, आमेर जैसी ऐसी कई जगहें हैं.

वाराणसी

वाराणसी धर्म एवं विद्या की पवित्र तथा प्राचीनतम् नगरी है. वैदिक साहित्य की संहिताओं ब्राह्मण ग्रन्थों एवं उपनिषदों में काशी का उल्लेख है. यहां के काशी विश्वनाथ मंदिर पूरे विश्व में प्रसिद्ध हैं. यहां लगभग 84 घाट हैं. ये घाट लगभग 4 मील लम्‍बे तट पर बने हुए हैं. इन 84 घाटों में पांच घाट बहुत ही पवित्र माने जाते हैं. इन्‍हें सामूहिक रुप से ‘पंचतीर्थी’ कहा जाता है.

अस्‍सीघाट सबसे दक्षिण में स्थित है जबकि आदिकेशव घाट सबसे उत्तर में स्थित हैं. काशी को बहुत लोग मिनी भारत भी कहते हैं.

सावधानी से करें आइपीओ में निवेश

किसी भी कारोबार की शेयर वैल्यू फिक्स होने के बाद उसका आइपीओ (आरंभिक सार्वजनिक निर्गम) बाजार में आता है. निवेशकों और आम जनता की इसमें काफी रुचि रहती है.

आइपीओ में निवेश से कुछ बातों पर ध्यान देना जरूरी है

कंपनी बीहेवियर

आइपीओ में निवेश करने से पहले कंपनी का पास्ट और ग्रोथ का एनालिसिस जरूर करें. यदि इंडस्‍ट्री में कंपनी बेहतर प्रदर्शन कर रही है तो इसमें निवेश करना फायदेमंद हो सकता है.

आइपीओ का उद्देश्य

आइपीओ का उद्देश्य जानना बेहद जरूरी है. ऐसा करने से आपको इस बात का पता चलेगा कि कंपनी आइपीओ के जरिए पैसे क्यों जुटा रही है. इससे आप अनुमान लगा सकती हैं कि कंपनी का ग्रोथ होगा या नहीं.

कंपनी के आइपीओ प्रोस्पेक्टस को पढ़ें

निवेश करने से पहले कंपनी के आइपीओ प्रोस्पेक्टस को ध्यान से पढ़ें. ऐसा करने से आपको आइपीओ के उद्देश्‍य को समझने में आसानी होगी और साथ ही इससे जुड़े जोखिमों के बारे में भी पता चलेगा.

इश्यू प्राइस को देखें

इश्यू प्राइस कहीं ओवर प्राइस्‍ड या अंडर प्राइस्‍ड तो नहीं है, यह जानने के लिए इनकी तुलना करना जरूरी है.

‘आ गया हीरो’ से कमबैक कर रहे हैं गोविंदा

कॉमेडी किंग माने जाने वाले गोविंदा आ गया हीरो फिल्म से बड़े पर्दे पर कमबैक करने वाले हैं. फिल्म का फर्स्ट लुक गोविंदा ने ट्वीट कर जारी किया.

हालांकि पिछले कुछ सालों में गोविंदा ने फिल्मों में छोटे रोल्स भी किए हैं. लेकिन लीड रोल में उनकी फिल्म बहुत दिनों बाद आ रही है.

दरअसल इस फिल्म की शूटिंग बहुत पहले शुरू हुई थी लेकिन किन्हीं वजहों से इसे रोक दिया गया था. फिल्म को गोविंदा ही प्रोड्यूस कर रहे हैं और फिल्म का नाम पहले ‘अभिनय चक्र’ रखा गया था.

बता दें कि फिल्म में गोविंदा आईपीएस ऑफिसर के रोल में दिखेंगे. आ गया हीरो में आशुतोष राणा का भी अहम किरदार है.

किसी बात का पछतावा नहीं: सनी लियोन

“खूबसूरती परफैक्ट फिगर में नहीं, बल्कि फिट फिगर में होती है. कहने का मतलब यह है कि बहुत जरूरी है कि आप की फिगर ही नहीं, बल्कि आप की सेहत भी अच्छी हो. अगर आप की सेहत अच्छी होगी तो आप की त्वचा और फिगर अपनेआप ही खूबसूरती की दास्तान कह देगी. इसलिए बहुत जरूरी है कि आप अपनी सेक्सी फिगर से ज्यादा अच्छी सेहत पर ध्यान दें’’ यह कहना है दुनिया की सबसे सेक्सी सनी लियोन का, जिनकी खूबसूरती के चर्चे हर मर्द की जबान पर हैं.

हर औरत सनी लियोन की तरह सेक्सी और खूबसूरत फिगर की मालकिन बनना चाहती है. लिहाजा हमने सनी से उनकी खूबसूरती और सेक्सी फिगर का राज जानने के लिए उन से बातचीत की. पेश हैं, सनी की जबानी उन की खूबसूरती की कहानी:

सनी का परफेक्ट बौडी में नहीं फिट बौडी में विश्वास का कारण?

मैं परफैक्ट बौडी से ज्यादा फिट बौडी में विश्वास रखती हूं. मैं ने ज्यादातर लोगों को देखा है सेक्सी फिगर पाने के लिए डाइटिंग शुरू कर देते हैं, जिस से वे अत्यधिक पतले हो कर बीमार लगने लगते हैं जबकि सच बात यह है कि डाइटिंग करने के बजाय हैल्दी खाना खाना चाहिए. आप जितना सही खाना खाएंगे उतना ही फिट रहेंगे. मेरी अच्छी सेहत का राज सही खानपान और समय पर खाना है.

क्या खाएं और क्या नहीं?

जिंदगी में अगर हमने स्वादिष्ठ खाने का त्याग करना सीख लिया तो समझ लो हम स्वस्थ जीवन के लिए बुक हो गए हैं. ज्यादातर देखा गया है कि जबान को अच्छी लगने वाली चीजें सेहत के लिए खराब होती हैं जैसे जंक फूड, मिठाई, चौकलेट, केक आदि. मैं इन सब चीजों से दूर रहती हूं. मेरी डाइट प्लान बहुत ही बोरिंग है, लेकिन हैल्दी है. जैसे मैं दिन की शुरुआत नारियल पानी से करती हूं. नारियल पानी पीने से तरोताजा महसूस होता है और स्किन भी अच्छी रहती है. चाय की जगह ब्लैक कौफी पीना पसंद करती हूं. 100 कैलोरी से ज्यादा का नाश्ता नहीं करती हूं, नाश्ते में अंडे की सफेदी और टोस्ट खाती हूं.

खूबसूरत दिखने के नायाब नुस्खे क्या हैं?

खूबसूरत दिखने के लिए 2 चीजें बहुत जरूरी हैं, सब से पहले आप की पौजिटिव सोच और दूसरी आप का अपने प्रति आत्मविश्वास. अगर अपनी बात करूं तो मैं अपनी जिंदगी में कभी किसी बात को ले कर पछतावा नहीं करती.

जब मैं ने बौलीवुड में कदम रखा तो मुझे अपने लिए कई सारी बातें सुनने को मिलीं, लेकिन मैं ने उन्हें ले कर कभी ओवर रिएक्ट नहीं किया और न ही निगेटिव सोच रखी. उस का नतीजा यह है कि धीरे धीरे मुझे बौलीवुड इंडस्ट्री स्वीकार करने लगी. पौजिटिव सोच और सबने मुझे एक मजबूत इनसान बनाया.

अगर आप में आत्मविश्वास की कमी होगी या आप की सोच निगेटिव होगी तो वह सब आप की बौडी लैंग्वेज में नजर आ जाएगा. इसलिए खूबसूरत दिखने के लिए पौजिटिव सोच और आत्मविश्वास होना बहुत जरूरी है.

ऐक्सरसाइज करने के खास तरीके?

मैं हफ्ते में 3 दिन ऐक्सरसाइज जरूर करती हूं. अगर शूटिंग होती है तो 30 मिनट की ऐक्सरसाइज करती हूं और अगर फ्री होती हूं तो पूरे 2 घंटे ऐक्सरसाइज करती हूं. मुझे अपने पति के साथ ऐक्सरसाइज करने में बहुत मजा आता है.

जिम में वही मेरे पार्टनर हैं. मैं कार्डियो ज्यादा करती हूं, जिस में ऐक्सरसाइज के दौरान मेरा मकसद कैलोरी कम करना ही होता है. कंधों की ऐक्सरसाइज के लिए बौक्सिंग करती हूं और कमर के नीचे का हिस्सा पतला करने के लिए साइकलिंग ज्यादा करती हूं, मैं हर सैशन में 500-600 कैलोरी बर्न करती हूं.

मेकअप टिप्स?

दरअसल, मुझे मेकअप करने से सख्त नफरत है. खासतौर पर मुझे पाउडर लगाना बिलकुल पसंद नहीं है. इसलिए मैं क्रीम बेस्ड मेकअप करती हूं. मेकअप उतारने के लिए जैपनीज मौइश्चराइजर का इस्तेमाल करती हूं. इस के अलावा ब्लश भी क्रीम बेस्ड ही लगाती हूं. मेकअप के लिए मेरे ज्यादातर प्रोडक्ट वाटर बेस्ड होते हैं. मसकारा भी मैं लाइट वेट और पतला इस्तेमाल करती हूं. लाइनर और काजल भी वाटर बेस्ड ही लगाना पसंद करती हूं. इस के अलावा किस फौर ग्लौसी जो हर रंग में आता है उसे जरूर होंठों पर लगाती हूं. अगर शूटिंग नहीं होती तो मैं बहुत हलका मेकअप करती हूं. ताकि मेरी स्किन को भी थोड़ा आराम मिले.

बालों की देखभाल?

मुझे बालों की खासतौर पर देखभाल करनी पड़ती है, क्योंकि प्रोफैशन के हिसाब से मेरे बालों पर कैमिकलयुक्त प्रोडक्ट्स और बहुत ज्यादा ब्लो ड्राई का इस्तेमाल होता है. इसलिए मैं नियमित तौर पर बालों में नारियल तेल लगा कर मसाज करती हूं. बालों को मजबूत बनाने के लिए प्रोटीनयुक्त पदार्थ भी लगाती हूं ताकि बालों की जड़ से देखभाल हो सके.

ड्रैसिंग स्टाइल?

मुझे इंडियन ड्रैसेज खासतौर पर साड़ी पहनना बहुत पसंद है और वह शायद इसलिए कि मुझे पहले कभी खूबसूरत साड़ी पहनने का मौका नहीं मिला. इंडिया आने के बाद मैं सारी प्रैस कौन्फ्रैंस में साड़ी पहन कर जाना पसंद करती हूं. इस के अलावा मुझे गाउन और जींसटीशर्ट पहनना भी पसंद है. इनमें मैं काफी सहज रहती हूं.

पसंदीदा ज्वैलरी?

रोजमर्रा की जिंदगी में मुझे लाइट वेट ज्वैलरी पहनना पसंद है जैसे डायमंड, प्लैटिनम पर्ल से बनी ज्वैलरी. लेकिन खास मौकों पर मुझे नक्काशीदार सोने से बनी जड़ाऊ ज्वैलरी पहनना अच्छा लगता है. पर्सनली मैं खूबसूरत ज्वैलरी की बहुत शौकीन हूं. मेरे पास अच्छाखासा कलैक्शन है.

लाइफस्टाइल?

मेरा मानना है कि अगर आप को अच्छी जिंदगी जीनी है तो पर्सनल लाइफ में सादा जीवन उच्च विचार रखों. अगर आप शोओफ की जिंदगी जीएंगे तो आप सहज नहीं रह पाएंगे, फिर अगर आप सहज नहीं रहेंगे तो आप की सेहत पर इस का बुरा असर होगा. इसलिए कोशिश करें कि पर्सनल जिंदगी पर प्रोफैशनल जिंदगी की छाप न आने दें.

पाकिस्तान में रिलीज नहीं होगी दंगल

आमिर खान की फिल्म ‘दंगल’ 25 दिसंबर को रिलीज होने जा रही है. दुनियाभर में मौजूद आमिर के प्रशंसक इस फिल्म को लेकर खासे उत्साहित हैं. लेकिन पाकिस्तान में मौजूद आमिर के चाहने वालों के लिए बुरी खबर है. ये फिल्म वहां रिलीज नहीं होगी.

दरअसल उड़ी हमले के बाद भारत-पाकिस्तान के बीच तनाव के साथ ही यहां के फिल्म जगत में उथल-पुथल मच गई है. एक तरफ भारत में पाक फिल्मी कलाकारों के काम करने पर बैन लगा. वहीं दूसरी तरफ पाकिस्तान के सिनेमाघरों के मालिकों और डिस्ट्रिब्यूटर्स ने भारतीय फिल्मों की स्क्रीनिंग पर वहां रोक लगा दी. डिस्ट्रिब्यूटर्स के स्पोक्सपर्सन ने एक स्टेटमेंट जारी कर यह साफ कर दिया है कि ‘दंगल’ पाकिस्तान में रिलीज नहीं होगी.

गौरतलब है कि पाकिस्तान में भारतीय फिल्में रिलीज न करने के फैसले के बाद से पिछले दो महीनों के दौरान वहां के सिनेमा मालिकों को करीब 150 करोड़ रूपए का नुकसान हुआ है. पिछले दिनों खबर आई कि पाकिस्तान में इंडियन फिल्मों की स्क्रीनिंग पर लगी रोक अब खत्म हो गई है और अब वहां ‘दंगल’ रिलीज होगी.

तापसी कर सकती हैं श्रद्धा को रिप्लेस

2016 की हिट फिल्म ‘बागी’ का सीक्वल बनने जा रहा है. लेकिन सूत्रों की मानें तो श्रद्धा कपूर इस फिल्म में नहीं होंगी. उनकी जगह तापसी पन्नू का नाम लगभग तय किया जा चुका है. प्रॉड्यूसर साजिद नाडियाडवाला की प्रोडक्शन टीम के एक अहम सूत्र ने ये जानकारी दी है.

उन्होंने बताया कि शब्बीर खान निर्देशित ‘बागी’ 100 करोड़ क्लब में शामिल हो चुकी है, इसलिए सीक्वल में श्रद्धा को कास्ट किया जाना तय माना जा रहा था, लेकिन अब तापसी और साजिद के बीच उस किरदार को लेकर फाइनल डिस्कशन चल रहा है. सूत्र के मुताबिक, इस बारे में ऑफिशियल अनाउंसमेंट होनी भर बाकी है.

‘गाजी’, ‘नाम शबाना’ और ‘जुड़वा 2’ जैसी फिल्मों के साथ तापसी ने करियर में अच्छी ग्रोथ हासिल की है. नए साल में उनकी 6 फिल्में रिलीज हो रही हैं. तापसी ने साजिद नाडियाडवाला के साथ तीन फिल्मों की डील भी साइन की है.

डबल चिन छिपाने के मेकअप टिप्स

चेहरे की खूबसूरती निखारने में तो मेकअप मदद करता ही है लेकिन क्या आप जानते हैं कि कई बार मेकअप आपकी कई तरह की सौंदर्य समस्याओं को भी मिनटों में हल कर देता है.

यदि आप डबल चिन से परेशान है और फिटनेस के सारे फंडे अपनाकर थक चुकी हैं तो मेकअप आपकी इस ख्वाहिश को काफी हद तक पूरा कर सकता है. अब पार्टी में जाने से पहले शीशे में बार-बार अपनी डबल चिन देखकर परेशान होने की जरूरत नहीं है. आपकी इसी मुसीबत को आसान कर देंगे ये फटाफट मेकअप ट्रिक्स.

चिन के निचले हिस्से को मेकअप के दौरान थोड़ा डार्क रखें और इसे अपनी गर्दन के कलर से भी इसे मैच करें.

मेकअप करते समय गले और आंखों के मेकअप पर ज्यादा ध्यान दें ताकि यह उभरे हुए नजर आएं. इससे लोगों का ध्यान आपकी चिन से हट जाएगा और चेहरा सुंदर दिखने लगेगा.

चेहरे की जॉ लाइन पर ध्यान देना भी जरूरी है. मेकअप के जरिए यदि इन्हें उभारा जाए तो भी डबल चिन पर ज्यादा ध्यान नहीं जाता.

गले में कोई ज्वैलरी पहनें. नेकलेस की सुंदर डिजाइन या फिर सोने के तारों से बनी चेन लोगों का डबल चिन से ध्यान हटाने का काम करेगी.

कपड़ों की डिजाइन भी आपकी सहायता कर सकती है. नेकलाइन, चौड़ा गला और वी-नेक डबल चिन को छिपाने में कारगर साबित होते हैं.

हेयरस्टाइल बनाते समय भी बहुत ध्यान दें. बालों को खुला रखें और इन्हें आगे की तरफ रखें. चेहरे के आकार के हिसाब से आप किसी हेयर स्टाइलिस्ट की मदद भी ले सकती हैं.

तो इसलिए आती है डकार

आम तौर पर लोग समझते हैं कि डकार आ गई, मतलब पेट भर गया और कुछ लोग इसे बदहजमी की शिकायत कहते हैं. लेकिन ऐसा नहीं है. डकार आना शारीरिक क्रिया का एक अंग है. कूकर में जैसे दाल या सब्जी पकाते समय गैस ज्यादा बन जाती है तो सेफ्टी वॉल्व अपने आप सीटी देने लगता है, उसी तरह से पेट में इकट्ठा गैस आवाज के साथ जब मुंह व गले के सहारे बाहर निकलती है तो उसे डकार आना कहा जाता है.

ऐसे आती है डकार

जब हम खाना खाते हैं तो भोजन के साथ कुछ वायु पेट में प्रवेश कर जाती है. भोजन नली और पेट के बीच डायफ्राम होता है. भोजन के पेट में प्रवेश हो जाने के बाद यह खुद ही बंद हो जाता है. इससे पेट में कुछ वायु इकट्ठी हो जाती है. लेमन सोडा आदि पेय पदार्थों के पीने से भी पेट में ज्यादा गैस पैदा हो जाती है, जिससे शरीर के कंट्रोल रूम रूपी मस्तिष्क बेकार गैसों को बाहर निकालने का आदेश दे देता है. इसके बाद कुछ मांसपेशियां सख्त हो जाती हैं जिससे भोजन नली में छाती और पेट के बीच बना दरवाजा(डायफ्राम) कुछ देर के लिए खुल जाता है. वायु गले और मुंह से होती हुई बाहर आती है. यह पेट भरने का परिचायक नहीं है.

डकार आने पर आवाज का कारण

जब इकट्ठा वायु पेट से भोजन नली में आती है तो एक तरह का कंपन करने लगती है जो गले और मुंह से बाहर निकलने पर आवाज करती है. अगर पेट की वायु बाहर निकलने पर कंपन न करे तो आवाज नहीं होगी, जो असंभव है क्योंकि यह स्वाभाविक शारीरिक क्रिया है.

डकार न आने पर

अगर डकार न आए यानी मस्तिष्क पेट में एकत्रित गैस को बाहर निकालने के लिए आदेश देने में कुछ देरी कर रहा है. इससे हमें बेचैनी होने लगती है.

डकार न आए तो

– पेट में अक्सर दर्द की शिकायत रहने लगती है.

– भूख कम लगने लगती है.

– पाचन क्रिया शिथिल पड़ जाती है.

नाखूनों को दें स्टाइलिश व कलरफुल लुक

विंटर सीजन खुद को फैशनेबल फ्लौंट करने का सब से बढि़या मौसम होता है, जिस में आप पेल से ले कर डार्क व न्यूड से ले कर बोल्ड किसी भी लुक को बिना किसी हिचकिचाहट के अपना सकती हैं.

तो इस विंटर सीजन की दस्तक के साथ कमिंग फैशन ट्रैंड्स पर भी नजर डालना शुरू कर दीजिए ताकि आप के स्टाइलिश लुक में कोई कमी न रह जाए.

 

तो चलिए, नेल्स को इस फौल विंटर में सैक्सी व स्टाइलिश बनाने के लिए जानें टौप 10 नेल कलर्स व ट्रिक्स.

बरगंडी या औक्सब्लड

इस साल के हौट ये ड्यूल लिप कलर्स इस विंटर सीजन में आप के नेल्स को भी ट्रैंडी दिखाएंगे. वूल स्टफ आउटफिट के साथ रैड वैल्वेट व ब्लडी कलर्स बेहद सैक्सी नजर आएंगे. डिफरैंट लुक के लिए आप नेल्स पर रैड के डिफरैंटडिफरैंट शेड्स अप्लाई कर सकती हैं.

ग्लिटर नेल्स

ग्लिटरी नेल पौलिश भी इस विंटर सीजन में आप को स्टाइलिश लुक देगी खासतौर पर वैडिंग, डेट या नाइट पार्टी में तो इन नेल पेंट्स का अपना ही जलवा रहेगा. बस अपनी ड्रैस से मैच करता वाइब्रेट शेड नेल्स पर लगाएं और ग्लिटर बेस्ड नेल कलर को टौप कोट के तौर पर लगा लें. आप के नेल्स पार्टी की रौनक में चार चांद लगा देंगे.

मिडनाइट ब्लू

ब्लू के शेड्स किसी भी मौके पर किसी के भी साथ खूब भाते हैं. फिर चाहे वह आप की ड्रैस हो अथवा ऐक्सैसरीज. अगर बात की जाए अपकमिंग ट्रैंड्स की तो ब्लू के शेड्स सब से ज्यादा हिट हैं, जो आप के हाथों को बेहद ब्राइट व खूबसूरत लुक देंगे.

न्यूड

न्यूड शेड्स हमेशा ही डीसैंट व क्यूट नजर आते हैं, फिर चाहे मौसम कोई भी हो. विंटर 2016-17 में न्यूड शेड्स की अहमियत बाकी अन्य शेड्स से ज्यादा रहेगी. इन शेड्स से हाथों को फेयरी व क्लीयर लुक मिलेगा और आप का ओवरऔल लुक फैंटास्टिक नजर आएगा.

ग्रे

लाइट व डार्क का परफैक्ट कौंबिनेशन कहलाए जाने वाला यह हौट कलर हर तरह से क्लासी नजर आएगा. इस में थोड़ा सा ग्लैमर ऐड करने के लिए आप क्रिएटिव नेल आर्ट, नेल ऐक्सैसरीज का सहारा भी ले सकती हैं. यह काफी हौट व ब्यूटीफुल नजर आएगा.

पेल

सौफ्ट लुक पसंद करने वाली महिलाओं के लिए पेल शेड्स हमेशा बैस्ट होते हैं. न्यूट्रल मेकअप, सौफ्ट रोमांटिक कलर्स के साथ आप पेल कलर को परफैक्टली कैरी कर सकती हैं.

पर्पल शेड्स

पर्पल श्रग, स्वैटर व टौप के साथ इस विंटर को मैचिंगमैचिंग बनाने के लिए आप इस हिट कलर के शेड्स से नेल्स को डैकोरेट कर सकती हैं. यकीन मानिए ये आप की पर्सनैलिटी को कंप्लीटली निखार देंगे. वैसे इस विंटर सीजन में पर्पल के सभी शेड्स जैसे लाइलैक, लैवेंडर, जैम, मलबैरी आदि का खुमार केवल आप के हाथों पर ही नहीं, बल्कि आउटफिट पर भी खूब रहेगा.

मैटेलिक कलर्स

इस विंटर सीजन में नेल्स पर मैटेलिक शेड्स का कोट भी लगा सकती हैं. गारमैंट्स, ऐंबैलिशमैंट व नेल्स पर मैटेलिक शाइन आप के लुक को रौयल दिखाएगी.

डार्क ग्रीन

ऐमरल्ड, डार्क टिंबरलैंड ग्रीन जैसे टिंट्स वाली शिमरी ऐनैमल्स से नेल्स को फ्लौंट कर सकती हैं, क्योंकि ग्रीन भी इस फौल विंट्स के हिट कलर्स की श्रेणी में शामिल है.

ब्लैक कार्बन शेड्स

कार्बन ब्लैक शेड को आप किसी भी कलर के आउटफिट के साथ कौन्फिडैंटली कैरी कर सकती हैं. यह आप के हर अटायर पर बखूबी सूट करेगा और सिंपल व ऐलिगैंट नजर आएगा.

नेल आर्ट

पार्टी वाले मूड के लिए सोकडी नेल आर्ट 3 औफ नेल पेंट्स भी करवा सकती हैं. लेकिन अगर गर्ली कैजुअल मूड में रंगने का मन है तो पोल्का डौट्स, स्ट्राइप्स, ऐनिमल प्रिंट्स, ग्लिटर्स, न्यूजपेपर आर्ट, कार्टून कैरेक्टर आदि बनवा सकती हैं.

स्ट्राइप्स बनवा कर नेल्स को लंबा दिखा सकती हैं. कालेजगोइंग हैं तो पिकाचो, स्किटी, टौरचिक, टर्टविग, जूबट, जिगलीपफ, स्किर्टिल आदि कैरेक्टर्स को भी अपने नेल्स पर फ्लौंट कर सकती हैं.

इस के साथ पौकेमौन बौल्स जैसे सफारी बौल, मास्टर बौल, स्पोर्ट बौल, पिकाचो बौल, अल्ट्रा बौल, डस्क बौल आदि को भी अपनी डिजाइन के तौर पर चुन सकती हैं. वाइब्रेंट शेड की ये बौल्स व कैरेक्टर्स आप के हर तरह के आउटफिट पर जंचेंगे.

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