Internet banking को बनाएं और ज्‍यादा सुरक्षित

इंटरनेट बैंकिंग काफी तेजी से बिल का पेमेंट करने या पैसे ट्रांसफर करने का सुविधाजनक जरिया बन गया है. इससे बैंक जाकर लंबी लाइन में खड़े होने से भी लोग बच जाते हैं और सारा काम घर बैठे सिर्फ कुछ क्लिक के जरिए बड़ी आसानी से हो जाता है. हालांकि, Internet Banking का इस्‍तेमाल करते समय खास सावधानी बरतने की जरूरत है. नहीं तो, धोखाधड़ी के शिकार हो सकते हैं. आइए, आज Internet Banking को सुरक्षित करने के ऐसे ही कुछ तरीकों की चर्चा करते हैं.

नियमित तौर पर बदलें अपना पासवर्ड

– समय-समय पर अपने Internet Banking का पासवर्ड बदलते रहें.

– अपने पासवर्ड को हर बार गोपनीय रखें और उसे किसी के साथ शेयर ना करें.

– अगर आप कई बैंक अकाउंट के नेट बैंकिंग का इस्तेमाल करते हैं तो अपने सभी पासवर्ड को कभी भी एक जगह ऑनलाइन सुरक्षित न रखें.

– इन पासवर्ड्स को कहीं किसी डायरी में सुरक्षित रखना ज्‍यादा अच्‍छा रहेगा.

पब्लिक कंप्यूटर पर Internet Banking का इस्‍तेमाल न करें

 – जहां तक संभव हो तो साइबर कैफे या लाइब्रेरी जैसी जगहों के कंप्यूटर पर Internet Banking करने से बचें.

– ऐसी जगहें भीड़भाड़ वाली होती हैं और एक कंप्यूटर कई लोगों द्वारा इस्तेमाल भी किया जाता है.

– ऐसे में दूसरों के द्वारा आपके पासवर्ड के देखने और चोरी किए जाने का जोखिम बढ़ जाता है.

– अगर ज्‍यादा जरूरत है तो ऐसे कंप्‍यूटर से ब्राउजिंग हिस्‍ट्री और टेंपरेरी फाइल डिलीट करना कभी न भूलें.

– इसके अलावा लॉगइन करते समय किसी भी ब्राउज़र में ‘रिमेंबर आईडी एंड पासवर्ड’ के ऑप्‍शन पर क्लिक न करें.

नेट बैंकिंग से जुड़ी जानकारी किसी से शेयर न करें

– बैंक कभी भी आपके ATM PIN, जन्मतिथि जैसी गोपनीय और निजी जानकारी की सूचना फोन या ईमेल के जरिए नहीं पूछता है.

– इस संबंध में लगातार बैंक SMS अलर्ट भी भेजते हैंं.

– अपनी लॉगइन आईडी और पासवर्ड का इस्तेमाल बैंक के आधिकारिक साइट पर ही करें और यह एक सुरक्षित वेबसाइट होनी चाहिए.

– इस बात पर गौर करें कि यूआरएल में ‘https://’लिखा हो. इसका मतलब होता है कि वेबसाइट सिक्योर है.

हमेशा इंटरनेट बैंकिंग का URL ही टाइप करें

– इंटरनेट बैंकिंग के सुरक्षित इस्तेमाल के लिए जरूरी है कि ब्राउज़र के एड्रेस बार में जाकर अपने बैंक का URL टाइप करें.

– कभी भी ईमेल में भेजे गए लिंक पर क्लिक न करें.

– फर्जीवाड़े के लिए हैकर्स बैंक की ओरिजिनल वेबसाइट जैसी साइट डिजाइन कर वही लिंक ईमेल से भेजते हैं.

– अगर आप ऐसी किसी फर्जी वेबसाइट पर एक बार लॉगइन करते हैं तो आपका अकाउंट हैक कर पैसे चुराए जा सकते हैं.

दिल्ली के दीवाली मेले

रौशनी, मिठाइयां, नए-नए कपड़ें, रंगोली के रंगों का त्यौहार दिवाली सबके मन में एक नई उमंग लेकर आता है. घर की सफाई और ढेर सारी शॉपिंग के साथ त्यौहार का स्वागत किया जाता है. इन्हीं सारी तैयारियों को सुविधाजनक बनाने के लिए हर साल जगह-जगह पर दिवाली मेलों का आयोजन किया जाता है, जहां आपको एक ही जगह पर त्यौहार के सारे सामान एक साथ मिल जाते हैं.

दिल्ली इसी रंग-बिरंगे रौशन दिवाली मेलों के लिए भी प्रसिद्ध है. कई अलग-अलग जगहों में दिवाली के मेले लगाए जाते हैं, जहाँ लोग शॉपिंग के साथ वहां आयोजित होने वाले मजेदार क्रियायों में भी हिस्सा लेते हैं, लजीज व्यंजनों का लुफ्त उठाते हैं, आदि.

चलिए आज हम ऐसे ही कुछ खास मेलों की सैर पर चलते हैं जहां जाकर आपकी दिवाली और भी रौशन हो जाएगी.

1. डिफेन्स कॉलोनी दिवाली मेला

डिफेन्स कॉलोनी दिवाली मेला साउथ दिल्ली में आयोजित किया जाने वाला सबसे प्रसिद्ध मेला है, जिसे साउथ दिल्ली दिवाली मेले के नाम से भी जाना जाता है. हर साल इस मेले का आयोजन डिफेन्स कॉलोनी रेसिडेंट्स वेलफेयर एसोसिएशन द्वारा किया जाता है. मेले के मुख्य आकर्षण यहां मिलने वाले लजीज व्यंजन, म्यूजिक प्रोग्राम और कई तरह की प्रतियोगोताएं होती हैं.

2. दस्तकार रौशनी का त्यौहार

छत्तरपुर, देसु कॉलोनी के नेचर बाजार में हफ्ते भर पहले से शुरू हो जाने वाले दिवाली का कार्यक्रम दिल्ली के सबसे प्रसिद्ध मेलों में से एक है. यहां के हस्तशिल्प के सामान देश भर में मौजूद बेहतरीन शिल्पकारों द्वारा तैयार किये जाते हैं. मेले में लगी दुकानें रंग-बिरंगे परिधानों, गहनों, घरों को सजाने वाले सामानों आदि से भरे होते हैं. यह कार्यक्रम वास्तव में त्यौहार, संस्कृति और खुशहाली का उत्सव है.

3. सुंदर नगर दिवाली मेला

सुन्दर नगर दिवाली मेला दिल्ली का सबसे बड़ा मेला है जो लगभग 52 सालों से यहां आयोजित किया जा रहा है. यह यहां का सबसे ऑथेंटिक मेला है, जिसे हर साल सुन्दर नगर कॉलोनी पार्क दिल्ली पब्लिक स्कूल के सामने आयोजित किया जाता है. मेले में कई सारी दुकानें सजती हैं, झूले लगते हैं, जादू के खेल दिखाए जाते हैं और कई तरह की प्रतियोगिताएं आयोजित की जाती हैं. यह शहर का सबसे भीड़भाड़ वाला मेला होता है

4. सेलेक्ट सिटी वॉक दिवाली मेला

अगर आप कुछ महंगे और ब्रांडेड दिवाली तोहफों की तलाश में हैं, तो सोचिये मत निकल पड़िये सेलेक्ट सिटी वॉक दिवाली मेले की ओर. यहां फर्स्ट फ्लोर के बालकनी और बाहरी गलियारे में मेले का आयोजन किया जाता है. मेले में ब्रांडेड कपड़ों से लेकर आर्टिफिशियल गहनों और हाथ से की गई चित्रकारी की भरमार होती है.

5. ब्लाइंड स्कूल मेला

ब्लाइंड स्कूल मेला दिल्ली के सबसे प्रसिद्ध और प्रतिभा से भरे मेलों में से एक है, जहां नेत्रहीन बच्चों की कौशल को निखारने का पूरा मौका दिया जाता है. यहां मिलने वाले दिवाली के सामानों से कई सारी भावनाएं भी जुड़ी होती हैं जो चीजों को और भी खूबसूरत बना देती हैं. आपके त्यौहार को और खुशहाल और रौशन बनाने के लिए जरूरत पड़ने वाले हर तरह के सामान यहां आपको आराम से मिल जायेंगे. नेत्रहीन बच्चों द्वारा बनाई गई यहां मिलने वाली मोमबत्तियां, दीये, हाथ से बने चॉकलेट, मिठाइयां, घरों को सजाने वाले सामान जैसे बेशकीमती चीजें बिल्कुल ही सस्ते दरो पर मिलती हैं. ब्लाइंड स्कूल रिलीफ एसोसिएशन द्वारा आयोजित किये जाने वाले इस मेले में हर किसी का स्वागत होता है.

6. दिल्ली हाट दिवाली मेला

दिल्ली हाट दिवाली मेला कार्निवाल की तरह आयोजित किया जाता है, जहां कई अलग-अलग तरह के खेल, प्रतियोगिताएं, झूलें, नाटक आदि का आयोजन होता है. यहां आयोजित होने वाले कार्यक्रमों में देश की अलग-अलग संस्कृतियों और परंपराओं की झलक दिखती है. यह मेला देश की विविध संस्कृतियों को बखूबी दर्शाता है. अलग-अलग राज्यों में किस तरह दिवाली के त्यौहारों का आयोजन होता है, सारी झलकियां आपको यहां देखने को मिलेंगी.

7. एपिक सेंटर दिवाली मेला

दिल्ली एनसीआर, गुड़गांव में आयोजित किया जाने वाला यह मेला दिवाली शॉपिंग सबसे बड़ा का केंद्र है. मेले में मजेदार और रंग बिरंगे कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता है. दुकानों में सांस्कृतिक परिधान, दीए, लाइट्स, घरों को सजाने वाले सामान सजे होते हैं. यहां फूड कोर्ट भी बनाया जाता है.

तो इस दिवाली इन मेलों में जायें और अपने त्यौहार को और खास बनाइये और इसके साथ ही साथ प्रतिभाशील बच्चों और जरूरतमंद लोगों की भी जिन्दगी में खुशियों के नए रंग भरिए.

FILM REVIEW: ऐ दिल है मुश्किल

फिल्म की कहानी लंदन में रह रहे अयान (रणबीर कपूर) और अलीजेह (अनुष्का शर्मा) के इर्दगिर्द घूमती है. अमीर परिवार के अयान अपने पिता के डर से एमबीए की पढ़ाई कर रहा है, जबकि उसे गायक बनना है. एक दिन अयान की मुलाकात अलीजेह से हो जाती है और वह उससे इकतरफा प्यार करने लगता है. अलिजेह का मानना है कि इकतरफा प्यार एक कमजोरी है. अलिजेह ने प्यार में बहुद दर्द सहा है. अलिजेह, अयान से अपने रिश्तों को दोस्ती का नाम देती है. वह लखनऊ में अली (फवाद खान) से प्यार करती थी. पर एक दिन अली उसे धोखा देकर चला जाता है.

तब वह डॉ.फजाद के संग रिश्ता बना लेती है, पर वह अली द्वारा दिए गए दर्द को भूली नहीं है. एक दिन जब अयान के साथ अलिजेह पेरिस पहुंचती है, तो वहां उसकी मुलाकात डीजे बन चुके अली से होती है. पुराना प्यार जागता है और वह अयान को अकेले पेरिस से लंदन भेज देती है. कुछ दिन बाद अलिजेह फोन करके अयान को लखनऊ बुलाती है और बताती है कि वह अली के संग शादी कर रही है. अयान लखनऊ पहुंचता है और सोचता है कि शायद अलिजेह का मन बदल जाए, पर वह निराश होकर वहां से लौटता है और एअरपोर्ट पर उसकी मुलाकात मशहूर शायरा सबा तालियार खान (ऐश्वर्या राय बच्चन) से होती है, जिसका मानना है कि एक तरफा प्यार में बड़ी ताकत होती है.

अयान व सबा करीब आते हैं और एक दिन अयान विएना जाकर सबा के घर रहने लगता है. दोनों के बीच संबंध बनते हैं. एक दिन अयान यह बात अलिजेह को बताता है. अलिजेह, अयान से मिलने विएना आती है. सबा से भी मिलती है और यहां एक बार फिर अलिजेह के प्रति अयान का प्यार जागता है. पर अलिजेह उसे सिर्फ दोस्त कहकर चली जाती है. 2 साल बाद पता चलता है कि अलिजेह व अली के बीच बातचीत नहीं है. अयान, अलिजेह की खोज करता है. जब अलिजेह मिलती है, तो पता चलता है कि वह कैंसर की मरीज है. यानी कि प्यार कैंसर बन गया है. इस बीच अयान मशहूर गायक बन चुका है. अलिजेह अभी भी अयान को दोस्त मानती है, जबकि अयान कहता है कि वह उससे प्यार करता है. पर अंततः एकतरफा प्यार जीतता है.

फिल्म ‘ऐ दिल है मुश्किल’ में भी पटकथा के स्तर पर काफी कमियां हैं. यूं तो करण जौहर ने इस फिल्म में रिश्तों, प्यार व भावनाओं को परिभाषित करने का सफल प्रयास किया है. पर वह नई व पुरानी पीढ़ी के बीच के अंतर को पाटने के चक्कर में फिल्म को बर्बाद कर बैठे. इंटरवल से पहले की फिल्म पूरी तरह से वर्तमान समय के टीनएजर की सोच के अनुसार है. वर्तमान पीढ़ी सोचती है कि प्यार ‘कैफे काफी डे’ पर शुरू होकर ‘कैफे काफी डे’ पर खत्म हो जाता है. इंटरवल तक टीनएजर वाला धमाल व मस्ती है, पागलपन है. बहुत ही सतही स्तर का रिश्ता है.

मगर इंटरवल के बाद ऐश्वर्या के किरदार के आने के साथ फिल्म अलग रूप ले लेती है. तब परिपक्व प्यार की बात होती है. शायरी गुनगुनायी जाती हैं. प्यार के मायनों की बात होती है, मगर फिर पटकथा की ऐसी गड़बड़ होती है कि फिल्म संभलने की बजाय बर्बाद हो जाती है.

कुछ नई बात कहते कहते अचानक करण जौहर फिल्म पर अपनी पुरानी फिल्मों वाली छाप छोड़ने के चक्कर में प्यार को कैंसर बता गए. इंटरवल से पहले संवाद लेखक ने पुरानी फिल्मों के कुछ संवादों, कुछ पुरानी फिल्मों के नाम व सनी लियोनी के नाम का उपयोग कर स्तरहीन सेवाद लिखें हैं. जिन्हें सुनकर टीनएजर भी बोर होने लगते हैं. इंटरवल से पहले अयान का संवाद है ‘चांटा प्यार का एहसास करा गया. दूसरा चांटा प्यार का दर्द दे गया.’ यह बात समझ से परे है. फिल्म में कुछ अच्छी शायरी है.

करण ने फिल्म को सफल बनाने के लिए सारे मसाले डाल दिए हैं. इस के चलते शाहरुख खान, आलिया भट्ट व लिसा हेडन भी गेस्ट एपियरेंस में नजर आ गए. मगर जहां तक अभिनय का सवाल है, तो इस फिल्म में एक बार फिर अनुष्का ने अपनी चिरपरिचित अभिनय शैली के साथ दर्शकों का दिल जीतने में सफल रही हैं. ऐश्वर्या का किरदार बहुत बड़ा नहीं है. इंटरवल के बाद फिल्म में उनके आने से कुछ उम्मीदें बंधती है मगर वह बहुत जल्द खत्म हो जाती हैं.

छोटे किरदार में भी ऐश्वर्या इंटीमसी के दृश्य देकर चौंकाती हैं. मगर शाहरूख के किरदार के आने के बाद लगता है कि कहानी में नया मोड़ आएगा. क्योंकि सबा बता चुकी है कि शाहरूख का किरदार यानी कि तालियार खान से उनका तलाक हो चुका है, पर वह अभी भी अच्छे दोस्त हैं. लेकिन सबा व तालियार खान की मुलाकात अयान की मौजूदगी में क्यों करवायी गई, पता ही नहीं चलता. फिल्म में रणबीर कपूर और अनुष्का शर्मा के बीच केमिस्ट्री सही ढ़ग से नहीं उभर पाती, जिसका असर कथा कथन पर भी पड़ता है. अलिजेह ने प्यार में कई धोखे खाए हैं, उसका प्रभाव उभर कर नही आता. फवाद खान प्रभावित करने में असफल रहे.

फिल्म की अवधि 2 घंटे 37 मिनट है, मगर फिल्म जिस तरह से बढ़ती है, उससे दर्शक सोचने लगता है कि फिल्म कब खत्म होगी, यह बात निर्देशक व पटकथा लेखक की कमजोरी की ओर इशारा करती है. फिल्म का अंत करते समय अलिजेह को कैंसर का मरीज बताकर फिल्म को बर्बाद करने की ही कोशिश कही जाएगी. रणबीर कपूर, ऐश्वर्या राय बच्चन, अनुष्का शर्मा,फवाद खान जैसे बेहतरीन कलाकारों, लंदन व पेरिस की खूबसूरत लोकेशन का सही उपयोग करने में निर्देशक बुरी तरह से मात खा गए.

विवेक ओबेरॉय ने पापा को दिया सरप्राइज दीवाली गिफ्ट

बॉलीवुड अभिनेता विवेक ओबेरॉय के लिए उनका परिवार कितना मायने रखता है इस बात का अंदाजा आप इसी बात से लगा सकते हैं कि वह तकरीबन हर छोटे बड़े त्यौहार पर अपने परिवार के साथ ही होते हैं. हाल ही में उन्होंने अपने परिवार के साथ गणेश चतुर्थी पर पूजन किया था जिसकी तस्वीरें सोशल मीडिया पर खूब शेयर हुईं.

अब इस दिवाली पर उन्होंने अपने पिता सुरेश ओबेरॉय को एक लक्जरी एसयूवी कार गिफ्ट की है. एक मीडिया सूत्र से मिली खबर के मुताबिक विवेक हर साल अपने परिवार के लिए कुछ न कुछ खरीदते हैं, लेकिन इस बार इस मामले में उन्होंने थोड़ा और आगे जाने का फैसला किया है. उन्होंने अपने परिवार के हर सदस्य से पूछा कि वह क्या चाहते हैं? जानकारी के मुताबिक उनके पिता ने विवेक को कुछ भी नहीं बताया. अब क्योंकि विवेक इस बात से अच्छी तरह वाकिफ हैं कि उनके पिता को भी विवेक की ही तरह कारों का शौक है, तो विवेक ने अपने पिता तो कार गिफ्ट करने का फैसला किया और उनके लिए एक महंगी एसयूवी कार खरीद लाए.

इस कार को हाल ही में उनके मुंबई स्थित घर पर डिलीवर किया गया. विवेक ने कहा कि मुझे आज भी अपनी पहली कार याद है जो मेरे पिता ने मुझे गिफ्ट की थी. इसलिए यह मेरे लिए एक बहुत ही एक्साइटेड कर देने वाला मोमेंट था. गौरतलब है कि हाल ही में दिए एक बयान में विवेक ने कहा था कि वह उनकी अगली फिल्म ‘पावर प्ले’ इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) पर आधारित होगी, जिसमें इस खेल से जुड़े पहलुओं को भी शामिल किया जाएगा. विवेक ने कहा, “फिलहाल हम एक्सेल इंटरटेनमेंट द्वारा निर्मित एक रोमांचक परियोजना की शूटिंग कर रहे हैं. इसका नाम ‘पावर प्ले’ है और यह आईपीएल पर आधारित है. इसकी कहानी आईपीएल से प्रेरित है और यह पर्दे के पीछे घटित कांड, रैकेट और भी कई बातों को उजागर करेगी.”

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, विवेक 12 हिस्सों की वेब सीरीज में आईपीएल के पहले चेयरमैन व कमीश्नर ललित मोदी के किरदार में नजर आएंगे. बड़े पर्दे पर वह यशराज फिल्म्स की फिल्म ‘बैंक चोर’ में दिखाई देंगे.अभिनेता ने बताया कि अगले साल मार्च में प्रदर्शित होने वाली इस फिल्म को लेकर वह बहुत उत्साहित हैं.’ कृष-3′ में नकारात्मक किरदार निभाने वाले विवेक को फिल्म ‘कृष-4’ के लिए भी साइन किया गया है.वह राम गोपाल वर्मा की फिल्म ‘कंपनी-2’ से इस साल के अंत में बतौर निर्माता शुरुआत करने जा रहे हैं.

पूजा भट्ट पहुंची पाकिस्तान

एक तरफ जहां सभी विवादों से बचकर फिल्म ‘ए दिल है मुश्किल’ आज सिनेमाघरों में रिलीज हो गई है. उरी हमले के बाद से इस फिल्म में पाकिस्तानी कलाकार होने के चलते फिल्म का काफी विरोध हुआ था. खैर, खबर हम लाए हैं पूजा भट्ट की. दरअसल, पूजा भट्ट हाल ही में पाकिस्तान गई हैं.

बता दें कि पूजा भट्ट कराची में ‘फैशन पाकिस्तान वीक’ को अटेंड करने के लिए गई हैं. इस पर पूजा भट्ट ने मीडिया से बातचीत के दौरान कहा कि वो पाकिस्तान जाकर काफी खुश हैं.

वहीं जब पाकिस्तानी कलाकारों पर भारत में लगे बैन के बारे में पूजा से बात की तो पूजा ने कहा, कि भारत और पाकिस्तान के बीच जब हवाई रास्ते खुले हैं, तो कलाकारों का आना-जाना लगा ही रहेगा. आपको बता दें कि पूजा भट्ट इस शो में रैंप वॉक करती नजर आएंगी.

बहुत ज्यादा उम्मीदें नहीं जगाती ‘शिवाय’

एक्शन और रोमांच से भरपूर  अजय देवगन निर्देशित फिल्म का बजट लगभग एक सौ दस करोड़ रूपए है. यह फिल्म बाक्स ऑफिस पर अपनी लागत वूसल कर पाएगी, इसमें संशय है. अजय देगवन का दावा है कि यह फिल्म पिता पुत्री के रिश्तों की कहानी है, मगर इसमें फिल्म पूरी तरफ से सफल नहीं हो पाती. फिल्म में एक्शन की भरमार है, मगर भावनात्मक दृष्य ठीक से नहीं उभरे हैं.

फिल्म ‘‘शिवाय’’ की कहानी शिवाय (अजय देवगन) से शुरू होती है, जो कि ऊंची से ऊंची हिमालय की चोटियों में आराम से चढ़ जाता है. उसे ट्रेकिंग में महारत हासिल है. वह पर्वतारोहण का इंचार्ज है. एक दिन जब वह कुछ देसी व विदेशी सैनानियों को ट्रेकिंग पर हिमालय की सबसे ऊंची चोटी पर ले जाता है, तो जिस पहाड़ी पर वह होते हैं, वहां बादल फटने लगता है. पर शिवाय चलाकी से सभी को वहां से दूसरी पहाड़ी पर भेज देता है और अंत में वह बुलगैरिया से आयी सैलानी ओलगा (इरिका कर) को बचाने जाता है, तो उसी वक्त पहाड़ी दो टुकडे़ में फट जाती है. पर उससे पहले वह खुद ओलगा के साथ बचाने में सफल हो जाता है.

दोनों के बीच प्यार पनपने के साथ ही शारीरिक संबंध बन जाते हैं और फिर ओलगा जिद करती है कि उसे वापस अपने देश बुलगेरिया जाना है. ओलगा का मानना है कि उसे अपने देश में बहुत काम करना है. और शिवाय के साथ उसका जो भी संबंध था, वह उतने दिन के लिए ही था. पर वह उससे प्यार करती रहेगी. लेकिन तभी पता चलता है कि वह गर्भवती है. अब शिवाय कि जिद है कि वह बच्चे को जन्म देने के बाद ही बुलगैरिया जा सकती है. शिवाय की जिद के चलते ओलगा एक बेटी गौरा (अबिगेल याम्स) को जन्म देती है. पर उसका ना नाम रखती हैं ना चेहरा देखती है. वापस अपने वतन बुलगैरिया चली जाती है. इधर शिवाय अकेले ही अपनी बेटी को पालता है. पर्वतारोहण के समय उसे अपने साथ ले जाता हैं.

गौरा गूंगी है,पर ट्रेकिंग में वह भी माहिर है. एक दिन गौरा को अपनी मां की फोटो और उनकी लिखी चिट्ठी मिल जाती है, जिन्हें पढ़कर वह शिवाय से जिद करती है कि वह उसे बुलगैरिया ले जाए. बेटी की खुशी के लिए वह उसे लेकर बुलगैरिया जाता है. बुलगैरिया में वह जिस होटल में रुकता है, उस होटल के एक कमरे में एक नाबालिग बच्चे को यौन शोषण से मुक्त कराकर अपराधी को पुलिस के हवाले कर देता है. फिर ओलगा की तलाश के लिए वह भारतीय दूतावास में मदद मांगने जाता है, जहां उसकी मुलाकात अनुष्का (साएशा सहगल) से होती है.

बाहर निकलकर शिवाय एक रेस्टारेंट में  बैठकर कुछ खाना चाहता है कि तभी गौरा का अपहरण हो जाता है. शिवाय गौरा के अपहरणकर्ताओं का पीछा करता है, उसके हाथ से कई खून हो जाते हैं. पर अपहरणकर्ता भाग जाते हैं. पुलिस शिवाय को पकड़कर उस पर  आरोप लगाती है कि वह ह्यूमन ट्रेफीकिंग व जिस्म फरोशी का धंधा करवाता है और उसने कुछ लोगों की हत्या की है. भारतीय दूतावास शिवाय की मदद के लिए वकील भेजता है. पर वकील ज्यादा मदद नही कर पाता. शिवाय को पता चलता है कि यदि तीन दिन में उसकी बेटी नही मिली, तो उसकी बेटी को दूसरे देश पहुंचा दिया जाएगा. क्योंकि वहां पर बच्चों के साथ यौनशोषण और ह्यूमन ट्रेफीकिंग का धंधा काफी बड़े पैमाने पर होता है.

जब पुलिस उसे अदालत ले जा रही होती है, तभी वह सभी पुलिस वालों को मारकर भागता है. फिर एक देहव्यापार के अड्डे पर जाकर सभी लड़कियों को छुड़ाता है. फिर अनुष्का को बुलाता है. अनुष्का उसे पुलिस के सामने समर्पण की सलाह देती है. पर वह तैयार नही है. तभी वहां पुलिस पहुंच जाती है. शिवाय अकेले उन सभी पुलिस वालों को मार कर वहां से निकल जाता है. अपने पिता (गिरीष कर्नाड) के कहने पर अनुष्का, शिवाय की मदद करना चाहती है. अब अनुष्का के कहने पर अनुष्का का प्रेमी व मशहूर हैकर वाग उसकी मदद के लिए आता है. पता चलता है कि गौरा कहां है, पर  वहां शिवाय व अनुष्का के पहुंचने से पहले उस शख्स को मार दिया जाता है.

अंत में पता चलता है कि इसका सरगना पुलिस अफसर चंगेज है. तथा गौरा को एक वैन में भरकर देश की सीमा की तरफ ले जाया जा रहा है. खैर, शिवाय वैन तक पहुंच जाता है. उसमें से वह गौरा के साथ साथ दूसरे तमाम बच्चों को भी छुड़ा लेता है. तभी वहां हैलीकोप्टर से चंगेज पहुंच जाता है. फिर चंगेज व दूसरे पुलिस वालों के साथ शिवाय की मारामारी होती है. अंततः सभी पुलिस वाले और चंगेजा मारा जाता है. शिवाय अस्पताल पहुंच जाता है. स्वस्थ होने पर वह ओलगा के घर गौरा को लेने जाता है, जहां वह पाता है कि गौरा, ओलगा के घर में ज्यादा खुश है. इसलिए गौरा को छोड़कर भारत वापस आने लगता है. एयरपोर्ट पर अनुष्का उसे समझाती है, तो शिवाय सोच में पड़ जाता है कि वह भारत वापस जाए या ना जाए. इसी बीच वहां गौरा पहुंचती हैं और शिवाय से झगड़ती है कि वह उसे छोडकर क्यों जा रहा था. गौरा, शिवाय की एअर टिकट फाड़ कर फेंक देती है. शिवाय, गौरा को गोद में उठा लेता है.

फिल्म में कामिक्स को लेकर कई घटिया व गलत संवाद हैं. फिल्म का सबसे बड़ा कमजोर पक्ष इसकी लंबाई है. फिल्म के कथानक वगैरह को देखते हुए यह फिल्म दो घंटे में आराम से समेटी जा सकती थी. इंटरवल के बाद फिल्म के पटकथा लेखक बुरी तरह से मात खा गए हैं. कैमरामैन बधाई के पात्र हैं. बेहतरीन लोकेशन हैं. उन्होंने कई दिल दहलाने वाले सीन फिल्माए हैं. उनकी फोटोग्राफी हालीवुड फिल्मों की याद दिला देती है.

जहां तक अभिनय का सवाल है तो एक्शन दृश्यों में अजय देवगन बहुत अच्छे उभरते हैं, मगर भावनात्मक दृश्यों में अजय देवगन और इरिका कर दोनों ही निराश करते हैं. गिरीष कर्नाड ने अपने करियर में इससे अधिक कमजोर किरदार कभी नहीं निभाया होगा. इस फिल्म से साएशा सहगल अपने करियर की शुरुआत कर रही हैं. जबकि यदि उनके किरदार को फिल्म से हटा दिया जाए, तो भी कथानक पर कोई असर न पड़ता. मगर इस फिल्म से वह अभिनय करियर शुरू कर रही हैं, तो उनका ग्लैमरस दिखना जरुरी था. इसी कारण उन्हे बाथटब में स्नान करते हुए भी दिखा दिया गया. बाल कलाकार अबिगेल याम्स ने एक गूंगी लड़की का किरदार बहुत ही बेहतरीन तरीके से निभाया है. सौरभ शुक्ला के हिस्से में करने को कुछ है ही नहीं.

दो घंटे 52 मिनट यानी कि लगभग तीन घंटे की अवधि वाली फिल्म ‘‘शिवाय’’ के निर्माता, निर्देशक व कहानीकार अजय देवगन, पटकथा व संवाद संदीप श्रीवास्तव, संगीतकार मिठुन, कैमरामैन असीम बजाज तथा कलाकर हैं- अजय देवगन, साएशा सहगल, इरिका कर, अबिगेल याम्स, वीर दास, गिरीष कर्नाड, सौरभ शुक्ला व अन्य..

‘निजी जीवन में नहीं कर सकती ब्रेकअप सेलिब्रेट’

इंडो-कैनेडियन मूल की सिंगर जोनिता गांधी इन दिनों सुर्खियों में हैं. उनका गाया गीत ‘सैंयाजी से आज मैंने ब्रेकअप कर लिया’ सोशल मीडिया पर खूब सराहा जा रहा है. मगर निजी जीवन में जोनिता ऐसा बिल्कुल नहीं मानती हैं. वो कहती हैं कि मैं कभी भी अपने ब्रेकअप को सेलेब्रेट नहीं कर सकती. ना मैं ऐसा करना चाहूंगी.

फिल्म ‘ऐ दिल है मुश्किल’ का यह गीत युवाओं में खासा लोकप्रिय हो रहा है. फिल्म रिलीज हो चुकी है. इस बारे में जब जोनिता गांधी से बात की गई तो वो बोलीं ‘ब्रेकअप किसी के लिए भी मुश्किल वक्त होता है. फिल्म में तो यह एक मौज-मस्ती के हिसाब से रखा गया है. यंगस्टर्स पसंद कर रहे हैं. मैं इस बात से खुश हूं.’

फेवरेट बॉलीवुड नंबर्स की बात पर जोनिता ने कहा ‘मैं ओंकारा का गीत ‘नमक इश्क का’ खूब पसंद करती हूं. यह बहुत ही मजेदार गीत है. यही कारण है कि मैं व्यक्तिगत तौर पर विशाल भारद्वाज और रेखा भारद्वाज की बड़ी फैन हूं. जब कभी भी मौका मिलेगा तो मैं विशाल सर के साथ जरूर काम करना चाहूंगी. मैं उन्हें बहुत पसंद करती हूं.’

जोनिता आमतौर पर लाइव शो करती हैं. बॉलीवुड गीतों में नए और पुराने गीत पसंद करने वाली जोनिता हिंदी ठीक से नहीं बोल पाती हैं मगर बावजूद इसके जब बात गाने की हो तो वो इसे ठीक से मैनेज कर लेती हैं. जोनिता ने बताया वो बॉलीवुड में हर काम का लुत्फ उठा रही हैं.

आपको बता दें कि अभी तक जोनिता गांधी ने इन फिल्मों भी अपनी आवाज दी है जिसमें ‘पिंक’ का टाइटल ट्रैक, ‘ढिशूम’ का ‘सौ तरह के दर्द’ और ‘ऐ दिल है मुश्किल’ का ब्रेकअप सॉन्ग शामिल हैं. अच्छी बात यह है कि तीनों ही गीत खूब पसंद किए गए हैं.

रहन सहन पर 100 करोड़ खर्च करती हैं ये एक्ट्रेस

प्रियंका चोपड़ा अपने रहन-सहन को लेकर किसी भी तरह का कॉम्प्रोमाइज नहीं करतीं, फिर चाहे बात देश की हो या विदेश की. वह अपने आराम का पूरा ख्याल रखती हैं. पिछले दिनों जब वे अपनी हॉलीवुड फिल्म की शूटिंग कर रही थीं, तब उन्होंने कैनेडा में काफी महंगा बंगला रेंट पर लिया था.

अब न्यूयॉर्क में उन्होंने खुद के लिए सभी सुविधाओं वाला अपार्टमेंट लिया है. कुछ वक्त पहले प्रियंका ने मुंबई में जो बंगला खरीदा था, उसका रेनोवेशन शुरू हो गया है. प्रियंका ने मुंबई के एक बड़े बिल्डर को यह काम सौंपा है.

उन्होंने बिल्डर से अपनी सभी लग्जरी सुविधाओं की बात कर ली है कि उन्हें क्या-क्या चाहिए. प्रियंका ने बिल्डर से कहा है कि वह टॉप ब्रैंड के प्रोडक्ट्स ही उनके घर में इस्तेमाल करें.

दरअसल, प्रियंका अपने घर में हर तरह की लग्जरी सुविधा दखे ना चाहती हैं. इस सबके लिए 100 करोड़ रुपए से भी ज्यादा के खर्च की बात सामने आई है. रिपोर्ट के मुताबिक प्रियंका चोपड़ा 100 करोड़ रुपए खर्च करने को तैयार हैं.

दीवाली स्पेशल स्वीट बाइट्स: चौकलेट चैरी

सामग्री

– 500 ग्राम ग्लेज्ड चैरी

– 25 ग्राम ब्राउन शुगर

– 4 अंडे

– 100 ग्राम कस्टर शुगर 

-100 ग्राम मैदा

– 2 बड़े चम्मच कोको पाउडर 

– 150 एमएल फेंटी हुई मलाई 

– 300 एमएल दूध

विधि

एक पैन को थोड़ा तेल लगा कर गरम करें और उस में चैरी डालें. ऊपर से थोड़ा ब्राउन शुगर डालें औैर अलग रख दें. फिर मैदे और कोको पाउडर को मिला कर अलग रख दें. फिर अंडे फोड़ कर एक बाउल में डालें. इस में थोड़ी शक्कर डालें और अच्छी तरह मिक्स करें. अब इस मिश्रण में मैदे का मिश्रण, मलाई, दूध डालें और अच्छी तरह मिलाएं. अब इस मिश्रण को चैरी पर डालें और 160 डिग्री तापमान पर तब तक बेक करें जब तक यह बीच से थोड़ा फूलने न लगे. फिर गरमगरम सर्व करें.

व्यंजन सहयोग:

शैफ आशीष राय

बारबेक्यू नैशन हौस्पिटैलिटी

दिखें हौट प्रैगनैंसी में भी

गर्भावस्था किसी भी महिला की जिंदगी का वह खूबसूरत समय होता है जब वह नित नया अनुभव करती है. उस के भीतर आंतरिक बदलावों के साथसाथ शारीरिक बदलाव भी आते हैं. जहां एक ओर नए मेहमान का आगमन खुशी देता है, वहीं

दूसरी ओर बढ़ता वजन उसे परेशान भी करता है और वह सोचती है कि उसे तो अब बस ढीलेढाले कपड़े ही पहनने होंगे, जो उस की खूबसूरत और फैशनेबल दिखने की चाहत में बाधक बनेंगे. लेकिन वह गलत सोचती है. ऐसा नहीं है.

गर्भावस्था में भी महिलाएं खूबसूरत व फैशनेबल दिख सकती हैं और 2 से 3 होने की खुशी को फैशनेबल और कंफर्टेबल कपड़े पहन कर दोगुना कर सकती हैं. अब आप को अपने बढ़े हुए पेट को ढीली शर्ट से छिपाने की जरूरत नहीं. गर्भावस्था के इस खूबसूरत समय में टैंट की तरह दिखने के बजाय हौट व ग्लैमरस दिखें.

ढेरों हैं औप्शन

मार्केट में वुड बी मौम्स को फैशनेबल और मौडर्न दिखाने के ढेरों औप्शन मौजूद हैं. आइए नजर डालें उन पर:

कुरती : आप ऐंब्रौयडरी वाली कंट्रास्ट योक की कुरती, मैंडरियन कौलर की रोलअप स्लीव कुरती, लेस वाली कुरती, पैचवर्क वाली कुरती, फ्रंट स्मोकिंग व बैकटाई वाली कुरती को लैगिंग के साथ पहन सकती हैं. चाहें तो कैपरी के साथ भी पहन सकती हैं व हौट व ग्लैमरस दिख सकती हैं.

टौप्स: काफ्तान भी गर्भावस्था में पहनने वाला एक स्मार्ट औप्शन हो सकता है, जिसे लैगिंग व कैपरी के साथ पहना जा सकता है. यह आप को स्मार्ट लुक देगा. आप चाहें तो बटन वाली टीशर्ट भी स्पैगैटी के साथ पहन सकती हैं. यह आप के शरीर के ऊपरी हिस्से को सपोर्ट देगा. एंपायर कट रैप ड्रैसेज और टौप भी आप के शरीर के ऊपरी हिस्से को खूबसूरती देंगे. सफेद पोंचो को टाइट्स के साथ मैच कर के आप फ्लैट चप्पलें पहन कर आउटिंग पर जा सकती हैं. ये कंफर्टेबल होने के साथसाथ आप को फैशनेबल लुक भी देंगे.

जींस, पैंट: प्रैगनैंसी में स्मार्ट लुक के लिए आप जींस व निटेड पैंट भी पहन सकती हैं. ओवर द टमी स्टाइल की यह निटेड पैंट स्टै्रचेबल तो होती ही है, इस में लाइट इलास्टिक या वेस्टबैंड भी होता है, जो पेट के बढ़ते साइज के अनुसार ऐडजस्ट किया जा सकता है. बाजार में मैटरनिटी जींस व पैंट की पूरी रेंज उपलब्ध है. इन के साथ हैवी वर्क वाली कुरती या टीशर्ट पहन कर मौडर्न व ट्रैंडी लुक पाया जा सकता है. अगर आप गर्भावस्था में जींस पहनने का शौक रखती हैं, तो स्ट्रैचेबल डैनिम या सिल्की डैनिम पहन सकती हैं. इस के साथ आप कौटन फैब्रिक की औक्सफोर्ड शर्ट पहन सकती हैं.

ऐक्सैसरीज: आप प्रिंटेड कलरफुल स्कार्फ, स्टोल का प्रयोग कर के खुद को स्टाइलिश लुक दे सकती हैं. इस से देखने वाले की नजर आप के बढ़े शरीर के बजाय आप के स्टाइलिश लुक पर जाएगी. फंकी ब्रेसलेट, इयररिंग्स व बीड्स की माला को भी आप अपने फैशन स्टेटमैंट का हिस्सा बना सकती हैं.

बाजार में गर्भवती महिलाओं के लिए खास फ्लैट बेलेरीना शूज स्टाइल भी मौजूद हैं, जिन्हें आप जींस या पैंट के साथ पहन सकती हैं.

गर्भावस्था के दौरान फैशनेबल दिखने की बात पर फैशन डिजाइनर मीनाक्षी खंडेलवाल कहती हैं, ‘‘महिलाओं व फैशन का गहरा संबंध है. लेकिन अधिकांश महिलाएं इस दौरान अपने बढ़े हुए पेट को छिपाने की कोशिश करती हैं

और इस कोशिश में ढीलेढाले बेढंगे कपड़े पहन कर जिंदगी के इस खूबसूरत समय को निराशा में गंवा देती हैं. लेकिन अब समय बदल रहा है. विदेशी महिलाओं की तरह भारतीय महिलाएं भी गर्भावस्था के दौरान मौडर्न व फैशनेबल दिखने की राह पर हैं. इसी चाहत को ध्यान में रखते हुए बड़ीबड़ी कंपनियां भी वुड बी मौम्स के लिए खास डिजाइन किए कपड़ों के रिटेल स्टोर खोल रही हैं. ये स्टोर गर्भवती महिलाओं को स्मार्ट लुक देने में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं.’’

मीनाक्षी खंडेलवाल ने गर्भावस्था के दौरान हौट व ग्लैमरस दिखने की चाहत को पूरा करने में मददगार कुछ टिप्स हमारे साथ शेयर किए. आइए, जानें क्या हैं वे खास टिप्स:

– प्रैगनैंसी के समय ऐसा टौप चुनें जिस का फ्रंट डिजाइन प्लीटेड योक वाला हो. टौप आगे से भले ही चौड़ा हो पर पीछे से नौट वाला फिटेड हो.

– गारमैंट की हेमलाइन में वैरिएशन ला कर खुद को ऐक्साइटिंग लुक दें.

– कपड़ों का फैब्रिक कौटन व स्पैंडैक्स ही चुनें, जो कंफर्टेबल होने के साथसाथ स्ट्रैचेबल भी होते हैं.

– कपड़ों का चुनाव करते समय हलके रंगों के बजाय गहरे रंग चुनें. ऐसा करना आप को स्लिम लुक देगा.

– डै्रस से मैच करती ऐक्सैसरीज पहनें मसलन स्कार्फ, इयररिंग्स, बे्रसलेट आदि.

– स्लिम लुक के लिए छोटे प्रिंट के कपड़ों का चुनाव करें.

– कंफर्टेबल फील के लिए हैरम के साथ कुरती ट्राई करें.

– प्रैगनैंसी के दौरान बढ़े बैस्ट साइज को स्लिम लुक देने के लिए डीप वी नैक पहनें. इसे और स्मार्ट लुक देने के लिए स्कार्फ या स्टोल को स्टाइलिश अंदाज में लें.

– हाईहील फुटवियर के बजाय फ्लैट बेलेरीना या चप्पलें पहनें.

अब आप तैयार हैं प्रैगनैंसी के दौरान खुद को पूरी तरह फैशनेबल व स्टाइलिश लुक दे कर ऐंजौय करने के लिए. यकीनन अब लोग आप की तुलना सैलिब्रिटीज हैडी क्लम, निकोल रिची व जैनिफर गारनर से करेंगे, जो अपनी प्रैगनैंसी में भी हौट व ग्लैमरस दिखाई देती थीं और उन्होंने उस समय को पूरी तरह ऐंजौय किया था.

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