‘पति को इंटीमेट होते देख कुछ होता है’

‘रामायण’ और ‘चिड़ियाघर’ जैसे सीरियल्स में नजर आ चुकीं देबिना बनर्जी ने बताया कि फिल्मों में हसबैंड गुरमीत चौधरी के इंटीमेट सीन्स देखकर कैसा फील करती हैं.

देबिना के मुताबिक, फिल्मों में गुरमीत के स्टीमी सीन्स देखकर उन्हें जलन तो नहीं होती. लेकिन वे इन्हें एक-दो बार से ज्यादा नहीं देख सकतीं. उन्होंने कहा कि ज्यादा बार देखने से उन्हें कुछ-कुछ होने लगता है.

हालांकि, देबिना ने खुलकर इस कुछ-कुछ के बारे में नहीं बताया. बता दें कि गुरमीत ने अपकमिंग फिल्म ‘वजह तुम हो’ में सना खान के साथ स्टीमी सीन्स किए हैं.

रियल लाइफ पार्टनर के साथ स्क्रीन शेयर करना मुश्किल

देबिना ने कहा, “रियल लाइफ पार्टनर के साथ स्क्रीन शेयर करना बड़ा ही मुश्किल है. रियल लाइफ पार्टनर से आपको हमेशा आउट-ऑफ-बॉक्स एक्सपेक्टेशन होती है. जो स्क्रीन में कई बार परेशानी का सबब बन जाती है. जब मैंने और गुरमीत ने ‘रामायण’ में स्क्रीन शेयर की, तो यह समस्या हमारे साथ भी आई. बड़ी मुश्किल से सीरियल पूरा किया और दोनों ने कसम खाई कि कुछ भी हो जाए अब स्क्रीन पर एक साथ काम नहीं करेंगे. तब से अब तक हम किसी सीरियल में साथ नहीं आए.”

एलीमिनेशन से लगा सबसे ज्यादा डर

“फियर फैक्टर में पार्टिसिपेट किया, तो सांप, मेढ़क, छिपकली, केकड़े का सामना करना पड़ा. इतने खतरनाक खेलों को सिर्फ इसलिए कर सकी, क्योंकि मुझे हर बार एलीमिनेशन में जाने से डर लग रहा था. एक बंगाली लड़की (सुष्मिता सेन) को मिस यूनिवर्स बनते देखा, तो उन्हें ही अपना आइडल बना लिया.”

पहली बार नेगेटिव रोल में

बातचीत में देबिना ने बताया कि एंड टीवी के शो ‘मां संतोषी’ के जरिए वे पहली बार नेगेटिव रोल कर रही हैं. इसके लिए उन्हें दिन में 12-12 घंटे काम करना होता है. फिलहाल, उन्होंने शो के प्रोमोज शूट किए हैं. जल्दी ही वे इसके एपिसोड्स पर काम करती नजर आएंगी. एक-दो सप्ताह में उनके हिस्से का स्लॉट शो में दिखाई देगा. देबिना ने यह भी बताया कि हेक्टिक शेड्यूल में वे खुद को फिट रखने के लिए जिम और मार्शल आर्ट करती हैं.

एटीएम का इस्तेमाल करते समय रखें इन बातों का ख्याल

देशभर में अलग-अलग बैंकों के 30 लाख डेबिट कार्ड्स के पिन नंबर और अन्य जानकारियां चोरी हो चुकी हैं. जानकारी के मुताबिक ये सभी कार्ड्स ऐसे एटीएम पर इस्तेमाल किए गए हैं जहां से मालवेयर के जरिए सूचनाएं चोरी हो रही हैं. ऐसा कहा जा रहा है कि यह देश के वित्तीय आंकडों की सबसे बड़ी सेंधमारी है. इस सेंधमारी से सबसे ज्यादा एसबीआई, एचडीएफसी, आईसीआईसीआई बैंक, यस बैंक और ऐक्सिस बैंक के खाताधारकों के सबसे ज्यादा प्रभावित होने की संभावना है.

बढ़ते डेबिट कार्ड के इस्तेमाल से इसमें धोखाधड़ी के मामले भी बढ़ते जा रहे हैं. ऐसे में अगर आप भी डेबिट कार्ड इस्तेमाल करते हैं तो कुछ बातों का रखें ख्याल-

1. एटीएम मशीन से पैसे निकालने के बाद जब पैसे गिने तो सावधानी जरूर बरतें. ऐसा इसलिए क्योंकि बाहर खड़ा व्यक्ति आप पर नजर रख सकता है. कई बार लोगों की शिकायतें सामने आती हैं कि मशीन से उतना पैसा नहीं निकलता जितनी उन्होंने राशि डाली होती है. इस स्थिति में अपने बैंक से शिकायत जरूर करें.

2. पैसे निकालने के बाद मशीन में कैसिंल पर टैप करें. साथ ही अपनी रसीद भी लेनी याद रखें. इससे आपके बाद मशीन का इस्तेमेल करने वाला व्यक्ति किसी तरह की कोई छेड़खानी नहीं कर पाएगा.

3. एटीएम का इस्तेमाल करते समय ध्यान रखें कोई और व्यक्ति आपके पासवर्ड को तो नहीं देख रहा. इसलिए पासवर्ड डालते समय सावधान रहें.

4. समय समय पर अपना बैलेंस चेक करने के लिए मिनी स्टेटमेंट जरूर लेते रहें. ऐसा करने से आपको अपनी हाल फिलहाल के लेन देन के बारे में पता रहेगा.

5. कभी भी किसी व्यक्ति के साथ अपना पासवर्ड, पिन, सीवीवी नंबर आदि साझा न करें. इसे हमेशा अपने तक ही रखें.

6. अपने एटीएम पिन को हर महीने बदलते रहना चाहिए. ऐसा करने से किसी भी धोखे से आप बच सकते हैं.

7. अपने मोबाइल फोन में पिन सेव करके न रखें. कई बार लोग आपके फोन का इस्तेमाल करते समय इसे जान सकते हैं.

8. कोशिश करें कि एक से ज्यादा एकाउंट्स के लिए एक ही पिन का इस्तेमाल न करें. बैंक की एसएमएस सर्विस के लिए साइन अप करें ताकि अगर कोई अज्ञात लेन देन हो रहा है तो आपके पास मैसेज आ जाए.

गुप्त जगहों पर होगी ‘रईस’ की बाकी शूटिंग

पाकिस्तानी एक्टर्स को भारतीय फिल्मों में कास्ट किए जाने को लेकर हुई फजीहत के बाद भी शाहरुख खान स्टारर फिल्म ‘रईस’ में माहिरा खान को रिप्लेस नहीं किया जाएगा.

कुछ रिपोर्ट्स के मुताबिक माहिरा अब भी फिल्म का हिस्सा रहेंगी और फिल्म के लिए उनके बाकी के शॉट्स किसी गुप्त जगह पर बिना इस बात का खुसाला किए शूट किए जाएंगे.

मेकर्स का मानना है कि उनको फिल्म से हटाना फिल्म के बजट के लिए ठीक नहीं होगा. सकारात्मक सोच रखने वाले प्रोड्यूसर रितेश सिधवानी, फरहान अख्तर, एक्टर शाहरुख खान और निर्देशक राहुल ढोलकिया का मानना है कि जनवरी में जब फिल्म रिलीज होगी तब तक यह मामला काफी हद तक ठंडा पड़ जाएगा.

गौरतलब है कि उरी हमले के बाद से भारत में काम करने से बैन किए गए एक्टर्स में फवाद खान और माहिरा खान भी शामिल हैं. दीवाली से पहले रिलीज होने जा रही फिल्म ऐ दिल है मुश्किल पहले ही विवादों में आ चुकी है.

फवाद वापस लाहौर चले गए हैं और पिछले एक महीने में इस मामले में काफी कुछ हो चुका है. फिल्म के निर्दशक करण जौहर और मनसे प्रमुख राज ठाकरे ने पिछले शनिवार इस मामले में मुलाकात की जिसके बाद फिल्म पर लगाया गया बैन हटा लिया गया है. हालांकि पाकिस्तानी कलाकारों को बैन करने को लेकर की गई उनकी मांग लगातार बनी हुई है.

क्योंकि फिल्म रईस की शूटिंग तकरीबन पूरी हो चुकी है और शाहरुख और माहिरा के बस कुछ ही सीन शॉट किया जाना बाकी है.

लेकिन माहौल के मुताबिक ऐसा लगता नहीं है कि मुंबई में बाकी के सीन शूट किया जाना संभव है. कयास लगाए जा रहे हैं कि बाकी के सीन अबु धाबी में किसी अघोषित जगह पर शूट किए जाएंगे.

मालूम हो कि रईस बॉलीवुड में माहिरा की डेब्यू फिल्म है और फिल्म के लिए माहिरा पहले ही तकरीबन 20 दिन की शूटिंग शाहरुख के साथ कर चुकी हैं. क्योंकि 18 साल की लड़की से लेकर 35 साल की वयस्क महिला तक उनका फिल्म में एक बड़ा रोल है. ऐसे में मेकर्स के लिए उनका कोई क्विक रिप्लेसमेंट ढूंढना बहुत मुश्किल होगा.

तो ये हैं टीवी की सबसे जहरीली नागिन

टेलीविजन पर नागिन के रोल से मशहूर हुई मौनी रॉय को तो आप जानते ही होंगे. जब भी नागिन का नाम सामने आता है तो सबसे पहले नाम आता है मौनी रॉय का. लेकिन अब टेलीविजन पर नई नागिन आ गई है, और वो एक्ट्रेस कोई और नहीं बल्कि करिश्मा तन्ना हैं.

करिश्मा तन्ना आपको नागार्जुन सीरियल में नागिन के रोल में दिखाई देंगी. हाल ही में करिश्मा ने अपने नागिन लुक की तस्वीर पोस्ट की है जिसमें वो वाकई में काफी खूबसूरत लग रही हैं.

बताया जा रहा है कि वे सबसे ताकतवर और मादक नागिन साबित होंगी. करिश्मा साढ़े तीन साल बाद फिक्शन में वापसी कर रही हैं. वे कहती हैं ‘लोगों को लग रहा था कि मैं फिक्शन नहीं करना चाहती लेकिन ऐसा नहीं था. मैं अपने किरदारों को लेकर संजीदा हो गई हूं और सशक्त भूमिकाएं निभाना चाहती हूं.’

सुपर नैचुरल ड्रामा का हिस्सा बनकर वे खुश हैं. उन्होंने बताया ‘दर्शक सुपरनैचुरल और फैंटेसी शोज को पसंद करते हैं. इस तरह के शो छोटे पर्दे पर अच्छा काम कर रहे हैं और मैं इसका हिस्सा बनना चाहती थी.

प्लेटेड मील: चीला बाइट्स

सामग्री

– 1/2-1/2 कप धुली मूंग दाल व ओट्स

– चुटकी भर हींग

– 1/2-1/2 छोटा चम्मच नमक व लालमिर्च

– 1-1 छोटा चम्मच धनियापत्ती कटी व हरीमिर्च पेस्ट

– 11/2-11/2 छोटे चम्मच हरी चटनी व चीज स्प्रैड

– थोड़ी सी गाजर कसी

– थोड़ा सा कटा प्याज

– थोड़ीथोड़ी हरी, लाल व पीली शिमलामिर्च बारीक कटी

– 2 अंडों की भुजिया

– 3-4 मशरूम कटी

– नमक व कालीमिर्च स्वादानुसार

– औलिव औयल आवश्यकतानुसार

– सोर क्रीम, खीरा व टमाटर सजाने के लिए

विधि

दाल को 4-5 घंटों के लिए भिगो दें. फिर ओट्स, हींग, नमक, लालमिर्च, धनियापत्ती व मिर्च पेस्ट के साथ पीस लें. 1 छोटा चम्मच ओलिव औयल गरम कर उस में तीनों शिमलामिर्च, गाजर व मशरूम डाल कर चलाएं. हलका नमकमिर्च डाल कर रखें. 1 छोटा चम्मच औलिव औयल गरम कर प्याज व अंडे डाल कर नर्मनर्म पकाएं. ठंडे अंडों में हरी चटनी व तैयार सब्जी मिश्रण में चीज स्प्रैड मिलाएं. स्वादानुसार नमक व कालीमिर्च मिलाएं. तवा गरम कर चिकना करें. घोल फैलाफैला कर दोनों ओर उलटपलट कर चीले तैयार करें. एक चीला फैलाएं, ऊपर से तैयार सब्जी स्प्रैड करें, दूसरा चीला उस के ऊपर रख कर अंडा चटनी स्प्रैड करें. तीसरे चीले से ढकें. ऊपर से सोर क्रीम फैला कर खीरे व टमाटर से सजा कर परोसें.

व्यंजन सहयोग:

सुधा माथुर

ये शोरगुल कहीं आपकी जान न ले ले

अगर आप ऐसी जगह रहते हैं जो मेन रोड के बिल्कुल करीब है और वहां हर समय गाड़ियों के हॉर्न और गाड़ियों के चलने की आवाज आती रहती है तो संभल जाइए.

ट्रैफिक के आसपास रहने वालों में दिल से जुड़ी बीमारियां होने का खतरा शांत इलाके में रहने वालों की तुलना में अधिक होता है. एक शोध के मुताबिक, जो लोग ट्रैफिक के शोर से जूझते हैं उन्हें हार्ट अटैक आने की आशंका बहुत ज्यादा होती है.

शोधकर्ताओं का कहना है कि विमानों से होने वाले शोरगुल की तुलना में सड़क और ट्रेन का शोर ज्यादा खतरनाक है.

जर्मनी के ड्रेस्डन यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्नोलॉजी के आंद्रियास सिडलर और उनके सहयोगियों ने इस अध्ययन के लिए बीमा कंपनियों के आंकड़ों का अध्ययन किया है. इन आंकड़ों के आधार पर उनका कहना है कि मुख्य सड़क के पास रहने वाले लोगों को हार्ट अटैक आने की आशंका बहुत अधिक होती है.

ऐसे में अगर आप भी रोजाना शोरगुल सुनते हुए घंटों बिता देते हैं तो संभल जाइए और अपनी सेहत को लेकर फिक्रमंद हो जाइए.

नेलपॉलिश का नया ट्रेंड, आपने आजमाया क्या

सभी महिलाओं को अपने चमकदार नाखून बहुत पसंद होते हैं. गंदे नाखून आपकी पर्सनैलिटी पर किसी धब्बे से कम नहीं हैं. इसी वजह से महिलाएं उनका बहुत ख्याल रखती हैं. अमूमन ज्यादातर कामकाजी महिलाएं अपनी ड्रेस के हिसाब से रोजाना नेल पॉलिश लगाती हैं. वहीं बहुत सी कोशिश करती हैं कि नेल आर्ट ऐसा हो जिसे रोज बदलने की जरूरत न पड़े.

वैसे नाखूनों पर ड्रेस से मैच करती हुई नेल पॉलिश लगाना आम बात हैं. लेकिन आजकल नाखूनों के पीछे उसमें नेल आर्ट बनाने का ट्रेंड मशहूर हो रहा है. इस ट्रेंड में नाखूनों के नीचे आर्ट बनाई जाती है. इसे अपनाकर आप अपनी कलीग्स या दोस्तों के बीच फैशनिस्टा बनकर उभर सकती हैं.

आज हम आपको बताते हैं कि किस तरह आप अपने नाखून के नीचे वाले हिस्से को भी शानदार बना सकती हैं. इसके लिए आपको केवल इन टिप्स को अपनाने की जरूरत है:

1. सबसे पहले अपने नाखूनों के नीचे एक व्हाइट कलर की नेलपॉलिश से अपने पसंदीदा पैटर्न को बनाएं. ये आपको थोड़ा बोझिल लग सकता है लेकिन थोड़ा धैर्य रखें.

2. आप चाहें तो कई रंगों के स्टोन को अपने नाखूनों के नीचे लगा सकती हैं. किसी छोटी से स्टिक की मदद से ही इन स्टोन को लगाएं. लेकिन ध्यान रहे कि आप कुछ ज्यादा ही स्टोन का इस्तेमाल करने से बचें. स्टोन के ज्यादा इस्तेमाल से यह बहुत भद्दा लगेगा.

3. इसके बाद दो तरह की नेलपॉलिश लगाएं. ध्यान रहे कि आपके नाखूनों के ऊपर और नीचे एक ही तरह की नेल पॉलिश ना लगी हो. इसके अलावा किसी भी साइड की नेलपॉलिश को आपस में मिलने ना दें.

4. अपने नाखूनों के नीचे काफी ज्यादा मात्रा में ग्लिटर का उपयोग करें. इसके लिए पहले एक बेस कोट लगाएं और उसके सूखने से पहले उसमें ग्लिटर लगा दें. आखिरी टच देने के लिए ऊपर से एक कोट लगा दें.

इससे आप अपने दोस्तों के बीच मशहूर होने का एक बेहतरीन मौका हासिल कर सकती हैं. वैसे ये आइडिया हमारे देश में बहुत कम उपयोग में आता है, लेकिन अमेरिका और यूरोप में ये एक आम बात है. इस ट्रेंड को एक बार ट्राई कीजिए. यकीन मानिए ये आपकी पर्सनैलिटी में चार चांद लगा देगा.

जानिए फैमिली फ्लोटर प्लैन के बारे में

देश में बढ़ती जा रही इलाज लागत को देखते हुए हेल्थ इंश्योरेंस जरूरी हो जाता है. मौजूदा समय में छोटी सी बीमारी के इलाज में भी लाखों रुपए खर्च हो जाते हैं. जीवन की इन्हीं अनिश्चितताओं के बचने के लिए हेल्थ इंश्योरेंस एक बेहतरीन विकल्प है. लेकिन बीमारियों के इलाज के साथ-साथ हेल्थ इंश्योरेंस पॉलिसी की प्रीमियम दरें भी आए दिन बढ़ रही हैं. अगर आपके परिवार में चार सदस्य है तो चार इंडिविजुअल पॉलिसी के लिए कुल 10 हजार रुपए खर्च करने होंगे. ऐसे में इसका सस्ता विकल्प फैमली फ्लोटर प्लान है.

इसमें हर एक सदस्य के लिए अलग-अलग पॉलिसी लेने की जरूरत नहीं होती है. इंडिविजुअल पॉलिसी की तुलना में इसकी लागत 30 से 50 फीसदी कम आती है. जागरण डॉट कॉम की टीम आज अपने पाठकों को फ्लोटर प्लान के फायदे और उनकी खासियतें बताने जा रही है.

क्या होती है फैमिली फ्लोटर पॉलिसी?

फैमली फ्लोटर पॉलिसी पूरे परिवार को शामिल करती है. आमतौर पर तमाम बीमा कंपनियां फैमिली के साइज, सदस्यों की उम्र और बीमा की राशि के आधार पर फैमिली फ्लोटर प्लान ऑफर करती हैं. सामान्य रुप से इस पॉलिसी में पति-पत्नी और बच्चों को कवर किया जाता है. इसके तहत परिवार के सभी सदस्यों को बीमा राशि का लाभ मिलता है. हालांकि आप बीमा पॉलिसी के टॉप-अप की मदद से कवरेज को और भी बढ़ाया जा सकता है.

क्या हैं फैमली फ्लोटर के फायदे?

फैमिली फ्लोटर पॉलिसी का सबसे बड़ा फायदा इसकी कम लागत है. यह इंडिविजुअल पॅालिसी से काफी सस्ती है. वहीं इसमें सामान्य पॉलिसी के बेनिफिट जैसे हॉस्पिटलाइजेशन फीस, डॉक्टर फीस, एंबुलेंस, मेडिकल प्रक्रियाओं का खर्च, प्री एवं पोस्ट हॉस्पिटलाइजेशन का खर्च आदि शामिल होते हैं. आप को बता दें कि कुछ पॉलिसी में परिवार के सभी सदस्यों के हेल्थ चेकअप का भी सुविधा दी जाती है.

कम लागत में परिवार की सुरक्षा

फैमिली फ्लोटर पॉलिसी की कम लागत इसका सबसे बड़ा फायदा है. उदाहरण के तौर पर मान लीजिए एक परिवार में 4 सदस्य हैं. सभी की दो लाख रुपए की इंडिविजुअल पॉलिसी करवाते हैं तो 10 हजार रुपए खर्च करने होंगे. लेकिन वहीं अगर आप इसकी तुलना में चार लाख रुपए का फ्लोटर प्लान लेने जाते हैं तो आपकी लागत सिर्फ सात हजार रुपए ही आएगी. इसकी सबसे बड़ी खासियत यह है कि अगर परिवार के किसी एक सदस्य को इलाज की जरूरत होती है तो पूरे परिवार के बीमा की राशि उस पर खर्च की जा सकती है.

रिस्टोरेशन बेनिफिट का मिलता है फायदा

फैमिली फ्लोटर पॉलिसी के साथ लोगों को इसी बात की आशंका होती है कि अगर परिवार के किसी एक सदस्य पर बीमा की पूरी राशि खर्च हो जाएगी तो परिवार के अन्य सदस्यों का क्या होगा. लेकिन आप को बता दें कि अधिकांश बीमा कंपनियां फैमिली फ्लोटर प्लान पर रीस्टोरेशन बेनिफिट देती हैं. इसके तहत बीमा कंपनी शेष बचे हुए समय के लिए बीमा की राशि को दोबारा टॉप-अप कर देती हैं.

दबंग 3 में लगेगा डबल रोल का तड़का

सलमान खान के जलवों और दबंगई के अलावा इस बार ‘दबंग’ सीरीज की तीसरी फिल्म में उनके भाई और बॉलीवुड एक्टर अरबाज खान भी बहुत मजेदार रोल निभाते देखे जाएंगे.

‘दबंग’ सीरीज की इस फिल्म में अरबाज खान पहली बार डबल रोल में नजर आएंगे. फिल्म में वह 40 वर्षीय कारोबारी की भूमिका में होंगे, जो कम उम्र की युवती से शादी करता है. उसके बाद इस बिजनेसमैन का मर्डर हो जाता है और कहानी एक नया मोड़ लेती है.

इस फिल्म की शूटिंग जल्द ही शुरू होने वाली है. इस फिल्म का निर्देशन चंद्रकात सिंह करेंगे. हाल ही में अरबाज खान को भाई सोहेल खान की फिल्म ‘फ्रीकी अली’ में एक्टिंग करते देखा गया था. बताया जा रहा है कि सलमान खान अगले साल इस फिल्म की शूटिंग शुरू कर सकते हैं.

मैं स्वभाव से चुलबुली हूं: ईशा सिंह

झीलों की नगरी भोपाल की रहने वाली ईशा सिंह ने जब मिस एमपी का खिताब अपने नाम किया था तभी यह निर्णय ले लिया था कि उन्हें अभिनय जगत में ही कुछ कर के दिखाना है. महज 16 साल की उम्र में अपने पहले ही शो ‘इश्क का रंग सफेद’ में 20 साल की जवान विधवा धानी का किरदार निभा कर ईशा ने अपने जीवंत अभिनय का सब को परिचय दे दिया.

अपने माता पिता की लाडली ईशा भोपाल में ही पली बढ़ी हैं. ‘एक था राजा एक थी रानी’ में रानी का किरदार निभा रहीं ईशा से एक इवेंट के दौरान मिलना दिलचस्प रहा. पेश हैं, उस दौरान उन से हुई बातचीत के कुछ अंश:

क्या यहीं पर आना सपना था?

मैं जब चौथी क्लास में पढ़ती थी तभी टीवी पर ऐक्टरऐक्ट्रैस को देख कर यही सोचा करती थी कि मुझे उनके जैसा बनना है. मुझे तो याद नहीं पर मेरे पेरैंट्स बताते हैं कि मैं सब ऐक्ट्रैस की नकल उतारा करती थी.

बड़ा होने के साथ मेरा माइंड भी चेंज होता गया. इस दौरान मेरे दिमाग में डाक्टर, इंजीनियर से ले कर एयर होस्टेस तक बनने का खयाल आया. 10वीं कक्षा की परीक्षा देने के बाद मैं ने तय कर लिया कि मुझे ऐक्टिंग में ही अपना कैरियर बनाना है.

जब मैंने अपने पहले शो के लिए औडिशन दिया तो मैं बहुत नर्वस थी, क्योंकि मुझे पता था कि मेरा किरदार मेरे स्वभाव के विपरीत है. ईशा जहां बहुत ज्यादा बोलती है वहीं धानी को मर्यादा में रहना पढ़ता है और कम बोलना पड़ता है. थोड़ी परेशानी हुई, लेकिन मैंने धानी के किरदार को बहुत अच्छी तरह से निभाया.

मुंबई कैसे पहुंचीं?

मेरे अंकल जो मुंबई में रहते थे और खुद इस शो के प्रोडक्शन से जुड़े थे उन्होंने मुझे इस शो के लिए औडिशन देने को कहा. मैंने औडिशन दिया और मैं चुन ली गई. आज भी यकीन नहीं होता है कि मैं ऐक्टिंग में अपना  कैरियर बना रही हूं. मिस एमपी बनने के बाद मैंने कई एड फिल्मों में काम किया. उस के बाद जौन अब्राहम प्रौडक्शन और निर्देशन की एक फिल्म ‘सत्रह को शादी’ है में भी सपना पब्बी की बहन का किरदार निभा चुकी हूं पर वह फिल्म आज तक रिलीज नहीं हो पाई है.

पहले ही शो में यंग विडो का किरदार निभाते समय कुछ असहज नहीं लगा?

मैंने जब इस इंडस्ट्री में कदम रखा था तो यही सोच कर रखा था कि मुझे अलग कुछ कर के दिखाना है. जब मैं पहले शो के लिए औडिशन देने गई तो मुझे अपने किरदार के बारे में पता था कि मुझे एक जवान विधवा का किरदार निभाना है, जो मेरी असल जिंदगी से बिलकुल विपरीत है. लेकिन मैंने वह रोल अपने लिए चैलेंज माना और अपने आप को यह महसूस कराया कि एक जवान औरत जब विधवा होती है तो उसे किनकिन सामाजिक, मानसिक परेशानियों का सामना करना पड़ता है.

मेरी नानी भी विडो हो गई थी. मैं उन के काफी नजदीक रही हूं, इसलिए मुझे मालूम है कि उन्हें क्याक्या परेशानियां झेलनी पड़ती थीं. इन्हीं सब बातों का एहसास कर के मैं कैरेक्टर में डूब गई और मेरा रोल सब को इतना पसंद आया कि आज भी सभी मुझे ईशा के नाम से कम धानी के नाम से ज्यादा जानते हैं.

स्क्रीन पर नजर आने वाली सीधीसादी ईशा क्या असल जिंदगी में भी ऐसी ही हैं?

यह तो आप मेरे पेरैंट्स से पूछिए कि मैं कैसी हूं. मैं बहुत नटखट, शरारती हूं. अपने परिवार में मैं ही सब से ज्यादा बातूनी लड़की हूं, जो हर समय किसी न किसी का दिमाग खाती रहती है. मैं जब काम खत्म कर के घर जाती हूं तो शांत नहीं बैठती हूं. शूटिंग पर भी मैं लोगों से मिलती रहती हूं. मुझे नए लोगों से मिलना और दोस्ती करना बहुत पसंद है.

त्योहारों की तैयारी कैसे करती हैं?

मैं पहले ही बता चुकी हूं कि मैं बड़ी खुशमिजाज लड़की हूं. मैं त्योहारों पर सभी के चेहरों पर खुशी देखना चाहती हूं, इसलिए अपने आसपास के लोगों को गिफ्ट देना कभी नहीं भूलती. शायद मेरी एक छोटी सी पहल ही उन के चेहरों पर मुसकराहट ला दे. मैं अपने परिवार के साथ त्योहार मनाती हूं. पटाखों से थोड़ा डरती हूं. पर दीए जलाना और घर की सजावट करना बहुत पसंद है.

यहां तक पहुंचने में परिवार का कितना सहयोग रहा है?

अगर परिवार का सहयोग नहीं होता तो मैं आज यहां नहीं पहुंच पाती. मौम डैड का हर कदम पर साथ मिला. मौम तो मेरे साथ ही मुंबई में रहती हैं. डैडी ने शुरू में मना किया था, क्योंकि वे मुझे बहुत प्यार करते हैं और अपनी लाडली को अपने से अलग नहीं करना चाहते थे. पर जब मैं ने अपना निर्णय सुनाया कि मुझे किसी भी हाल में मुंबई जाना है तो उन्हें मेरी बात माननी पड़ी.

भोपाल की याद आती है कभी?

अरे भोपाल तो मेरे दिल में बसा है. जब भी मुंबई में काम से फ्री होती हूं तुरंत भोपाल आ जाती हूं. यहां मैंने अपनी जिंदगी के 17 साल बिताए हैं. मेरे सारे दोस्त और जानने वाले यहीं रहते हैं. मुंबई आज भी मेरे लिए एक अनजान शहर बना हुआ है. मैं आज भी इस से दिल से नहीं जुड़ पाई हूं.

छोटी उम्र में इंडस्ट्री में आने पर कुछ परेशानियां आईं?

शुरुआत में जब मुझे लंबे समय तक मुंबई में रुकना पड़ा तो धीरेधीरे मेरे अंदर एक खालीपन आने लगा था. मुझे लगता था कि मेरा यहां कोई नहीं है. एक दिन तो ऐसा आया कि मैं ने शूटिंग के लिए मना कर दिया और सोच लिया कि मुझे अब कुछ नहीं करना है. भोपाल लौट जाना है.

मैं डिप्रैशन में चली गई थी. मैं बहुत अकेलापन महसूस कर रही थी. उस समय मेरे पेरैंट्स ने बहुत समझाया. उन के समझाने पर ही मैं यहां रुकने का मन बना पाई और आज यहां हूं. मेरा अनुभव है कि जैसेजैसे आप मैच्योर होते जाते हैं सारी विपरीत परिस्थितियां अनुकूल बनने लगती हैं.

थिएटर किए हैं कभी?

स्कूल और कालेज टाइम में मैं ने बहुत सारे प्ले किए हैं. लेकिन कभी ऐक्टिंग का कोर्स नहीं किया है. यह कला तो हरेक के अंदर छिपी होती है. जरूरत होती है उसे खुद बाहर निकालने की. मैं कैमरे के सामने आई हूं तब मुझे पता चला कि मेरे अंदर क्या खामियां हैं, जिन्हें दूर करना चाहिए.

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