दूसरी औरत पहली के लिए खतरा

दुनिया भर में वेश्यावृत्ति में औरतों को देह परोस कर पैसा पाने से ज्यादा पैसा वेश्याओं का लालच दे कर पुरुषों से लूटा जाता है. दिल्ली में एक ऐसा गिरोह पकड़ा गया है, जो मसाजपार्लर चलाने के नाम पर ठगी करता था. वह गिरोह मसाज का बहाना बना कर ग्राहकों को फंसाता था. जब आदमी कपड़े उतार चुका होता तो उसी गिरोह के लोग पुलिस की वरदी में पहुंच जाते और उसे लूट लेते.

इस काम में औरतें पूरी तरह शामिल रहती हैं और वे ही वे कीड़ा होती हैं, जिन से मछली फंस ही जाती है. ऐसा कमोबेश सारे देशों और सारे शहरों में होता है. औरतें 1-2 बार तो नानुकुर करती हैं पर फिर साथ देने लगती हैं, क्योंकि जीने के लिए पैसा चाहिए. फिर चाहे वह देह परोस कर मिले या आकर्षित कर के.

औरतों के प्रति यह उत्सुकता घरों पर बहुत भारी पड़ती है. पत्नियों को जब पता चलता है कि पति इस तरह लुट कर आया है, तो उन को मालूम नहीं होता कि वे हमदर्दी दिखाएं या गुस्सा करें. पति का इस तरह का कार्य पत्नी के स्वाभिमान के खिलाफ होता है और वह इस बात को किसी से शेयर भी नहीं कर सकती. परिणामस्वरूप पतिपत्नी के बीच एक दरार पड़ जाती है.

वेश्यावृत्ति के मामलों में आमतौर पर हमदर्दी वेश्याओं के प्रति दर्शाई जाती है कि उन्हें देह बेचने पर मजबूर होना पड़ रहा है. वेश्यावृत्ति के लिए लड़कियों का अपहरण भी होता है. वे आमतौर पर बीमार रहती हैं और जल्दी बूढ़ी हो जाती हैं. उन के उद्धार के लिए बहुत रोना रोया जाता है पर उन औरतों का क्या जिन के पति या बेटे इस तरह की औरतों के पास जा कर पैसा बरबाद कर के आते हैं?

पुरुषों में दूसरी औरत के लिए स्वाभाविक प्राकृतिक चाह होती है, पर हमेशा से यह दूसरी औरत पहली वाली के लिए खतरा बनी रही है. यहां मामला सिर्फ सौतिया ढाह का नहीं है, घर की पूरी व्यवस्था का है. यदि पति को किसी से प्रेम हो जाए तो पत्नी फिर भी तसल्ली दे सकती है कि तलाक तो लिया जा सकता है. बाजारू औरतों के चक्कर में लूटे गए पति के बारे में किस से कैसी शिकायत करे पत्नी या मां?

कानून और पुलिस इस मामले में ज्यादा कुछ नहीं कर सकते. यह मामला तो सामाजिक है और अफसोस यह है कि समाज में विचारक कम हैं तोड़फोड़ करने वाले, धमकी देने वाले, खिल्ली उड़ाने वाले या मजा लेने वाले ज्यादा. यह व्यापार चल रहा ही इसलिए है कि समाज की इस लूट को बंद कराने में कोई रुचि नहीं है. भले इस की वजह से सारी पत्नियां या मांएं परेशान रहती हों.

ऐसे परिवार कैसे खुश रह सकता है

स्वास्थ्य में सुधार और लंबी आयु तक जीना अब नई समस्याएं पैदा कर रहा है. घर में पला बेटा बड़ा होने के बाद विवाह और बच्चों के बाद घर में और ज्यादा जगह चाहता है, तो मातापिता जिन्होंने अपने पैसे से मकान बनाया हो अपने क्षेत्र को खाली करने को तैयार नहीं होते. दिल्ली के तिलक नगर इलाके में पहली मंजिल पर रह रहे बेटे बहू के खिलाफ एक 65 वर्षीय मां को अदालत का दरवाजा खटखटाना पड़ा कि बेटेबहू को घर से निकालो.

अदालत ने थोड़ा समय तो लिया पर फिर फैसला दिया कि बेटाबहू मकान खाली करें, पिछले सालों का किराया दें और आगे हर माह क्व10 हजार मां को दें. यह निर्णय निचली अदालत का है और हो सकता है कि अपील में बेटेबहू को रहने की अनुमति मिल ही जाए.

ऐसे मामले नए नहीं हैं. सदियों से चले आ रहे हैं जब बेटाबहू वृद्ध मातापिता या दादादादी को घर से बाहर निकालते रहे हैं. अब ऐसे मामले चौंकाने वाले बन रहे हैं, क्योंकि अब मिल्कीयत निकाले गए की होती है. हिंदू अविभाजित संपत्ति कानून में बेटे का पैतृक संपत्ति पर हक पैदा होते ही हो जाता था और पिता के मरने के बाद वह हक बेटों में बंट जाता था और तब न तो मां को कुछ मिलता था न ही बहनों को.

अब संपत्ति पर मां का भी हक है और बहनों का भी. बहुत मामलों में जो मकान, शेयर, जमापूंजी होती ही मां के नाम है और बेटा बहू लालच में सेवा करते हैं, फर्ज या प्यार में नहीं. मांबेटे का प्यार तो स्वाभाविक होना चाहिए पर कई बार बहू की जिद के तो कई बार मां के अहम के कारण मनमुटाव बहुत बढ़ जाता है. आज के युग में मांओं को अनपढ़ नहीं माना जा सकता. उन्हें ही समझना होगा कि व्यवहार ऐसा हो कि चाहे बेटाबहू उन के घर में रहते हों, वे मिल्कीयत का सवाल ही न उठाएं.

खानेपीने में, घूमने में, रीतिरिवाजों पर आदरसम्मान के सवालों को ले कर सवाल खड़ा करना गलत होगा. बड़ा होता बेटा एक बिछुड़े रिश्तेदार की तरह हो जाता है. उस की अपनी जिंदगी होती है, अपनी जिम्मेदारियां होती हैं, अपनी परेशानियां होती हैं. बेटे को मां और पत्नी की चक्की में न पीसा जाए, क्योंकि बेटा वैसे ही आर्थिक व सामाजिक चक्कियों का शिकार होता है.

समर्थ मांओं को बेटेबेटियों पर सीमित ही विश्वास करना चाहिए, क्योंकि वे अपनी जिंदगी में क्या कर रहे हैं और कौन से जोखिम ले रहे हैं, यह आमतौर पर पता नहीं चलेगा.

आज आयु 85-90 साल तक की हो गई है और 60 के बाद प्लानिंग कर ली जानी चाहिए, केवल वृद्धों को ही नहीं, बच्चों को भी.

बच्चों को यह नहीं भूलना चाहिए कि जब वे अपने बुढ़ा रहे मातापिता से झगडे़ंगे तब तक उन के अपने बेटेबेटियां भी समझदार हो गए होंगे और इतिहास दोहराया जा सकता है. परिवार में एक स्वस्थ परंपरा बनी रहे, उस की जिम्मेदारी सब की है.

इंस्‍टालमेंट में लें हेल्‍थ कवर

अगर आप ज्‍यादा हेल्‍थ इंश्‍योरेंस कवर लेना चाहते हैं तो आपको प्रीमियम देने में दिक्‍कत नहीं होगी. अब आप मंथली इंस्‍टालमेंट पर हेल्‍थ इंश्‍योरेंस पॉलिसी ले सकेंगे. इसके लिए आपके पास मासिक, तिमाही और छमाही इंस्‍टालमेंट में प्रीमियम के भुगतान का विकल्‍प है. बाजार में कई बीमा कंपनियां इंस्‍टालमेंट पर हेल्‍थ इंश्‍योरेंस पॉलिसी दे रहीं हैं. इसके अलावा कुछ और कंपनियां इंस्‍टालमेंट ऑप्‍शन वाली हेल्‍थ इंश्‍यारेंस पॉलिसी बाजार में लांच करने की तैयारी कर रही हैं.

इंस्‍टालमेंट पर बढ़ जाएगा प्रीमियम

इंस्‍टालमेंट ऑप्‍शन के साथ ज्‍यादा हेल्‍थ कवर वाली पॉलिसी ली जा सकती है. फ्यूचर जनरल इंश्‍योरेंस ऐसी पॉलिसी लांच करने वाली पहली कंपनी है जो आपको इंस्‍टालमेंट पर हेल्‍थ कवर लेने का विकल्‍प देती है. देशपांडे ने बताया कि इंस्‍टालमेंट ऑप्‍शन के साथ हेल्‍थ कवर लेने पर थोड़ा ज्यादा प्रीमियम देना होगा. अगर आप छमाही इंस्‍टालमेंट का ऑप्‍शन चुनते हैं तो 3 फीसदी ज्‍यादा प्रीमियम देना होगा. तिमाही इंस्‍टालमेंट में प्रीमियम 4 फीसदी और मासिक इंस्‍टालमेंट पर प्रीमियम 5 फीसदी बढ़ जाएगा. हालांकि यह ऑप़्शन दो या तीन साल की पॉलिसी के लिए ही उपलब्‍ध है. एक साल की हेल्‍थ इंश्‍योरेंस पॉलिसी के लिए ऑप्‍शन उपलब्‍ध नहीं है.

दूसरी कंपनियां भी लाएंगी पॉलिसी

कई दूसरी बीमा कंपनियों को इंश्‍योरेंस रेगुलेटर से इस तरह की पॉलिसी के लिए मंजूरी मिली है. एक्‍सपर्ट्स का कहना है कि कई दूसरी कंपनियां भी इस तरह की पॉलिसी बाजार में लांच कर सकती हैं. इंश्‍योरेंस इंडस्‍ट्री के एक्‍सपर्ट का कहना है कि इंस्‍टालमेंट प्रीमियम का ऑप्‍शन हेल्‍थ इंश्‍योरेंस का प्रसार बढ़ाने का बेहतर जरिया है. खास कर मिडिल और लोअर इनकम ग्रुप के लिए प्रीमियम का सस्‍ता होना बेहद अहम है. ज्‍यादा समइंश्‍योर्ड के लिए वन टाइम प्रीमियम ज्‍यादा होता है. सीनियर सिटीजन जैसे हायर एज ग्रुप के लिए यह और भी ज्‍यादा पड़ता है. ऐसे में इंस्‍टालमेंट ऑप्‍शन कुछ राहत दे सकता है.

क्रेडिट कार्ड ईएमआई से अलग है इंस्टालमेंट वाली पॉलिसी

आईसीआईसीआई लोबार्ड जैसी कई इंश्योरेंस कंपनियां पहले ही हेल्‍थ इंश्‍योरेंस पॉलिसी खरीदने के लिए क्रेडिट कार्ड से ईएआई के जरिए प्रीमियम चुकाने का ऑप्शन पहले से दे रहीं हैं. क्रेडिट कार्ड से ईएमआई के जरिए प्रीमियम चुकाने पर आपको कुछ इंट्रेस्‍ट भी चुकाना होता है. मासिक, तिमाही और छमाही इंस्‍टालमेंट का ऑप्शन इससे अलग है.

जानिए ऑनलाइन बीमा के बारे में

इंटरनेट उपयोग में चीन के बाद भारत दुनिया का सबसे बड़ा देश हो गया है. इंटरनेट का बढ़ता इस्तेमाल हर तरह के कारोबार को प्रभावित करेगा. हर क्षेत्र की कंपनियां इस बदलते माहौल के लिए खुद को तैयार कर रही हैं. ग्राहकों को भी इस  माहौल के लिए तैयार रहना चाहिए. इसे सही तरीके से उपयोग किया जाए तो यह कंपनियों के साथ ही ग्राहकों के हितों को भी बढ़ावा देगा.

दरअसल, इंटरनेट का बढ़ता इस्तेमाल ग्राहकों के फैसला लेने के तौर-तरीके को प्रभावित करने लगा है. बोस्टन कंसल्टिंग ग्रुप का एक अध्ययन बताता है कि 40 फीसद शहरी ग्राहक कोई भी उत्पाद या सेवा खरीदने से पहले उसके बारे में इंटरनेट पर रिसर्च करते हैं. स्मार्टफोन के ग्राहकों की बढ़ती संख्या इसमें नया आयाम जो रहा है. इंटरनेट और स्मार्टफोन के बढ़ते प्रचलन की वजह से ग्राहकों के फैसला लेने का तौर तरीका बदलता जा रहा है.

वर्ष 2017 तक 31-32 करोड़ भारतीयों के पास स्मार्टफोन होगा. यह आने वाले दिनों में कई तरह का बदलाव लाने जा रहा है. बीमा भी एक ऐसा क्षेत्र है जहां इंटरनेट का बढ़ता दायरा कई बदलाव करेगा. लेकिन सवाल यह है कि क्या देश की बीमा कंपनियां इस बदलाव के लिए तैयार हैं? बीमा कंपनियों की तैयारियों को देख कर लगता है कि उन्होंने इस मुद्दे को समझना शुरू कर दिया है.

बीमा कंपनियों ने भी इंटरनेट प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल करना शुरू कर दिया है.

1. ज्यादा से ज्यादा बीमा कंपनियों ने ग्राहकों के साथ इंटरनेट के जरिए संपर्क साधना शुरू कर दिया है. यह कंपनियों को भौगोलिकी सीमा की बाधाओं को खत्म कर ग्राहकों तक पहुंच बढ़ाने का आसान साधन हो गया है. साथ ही ग्राहकों की बदलती हुई जरूरत के मुताबिक उनकी बीमा की मांग में बदलाव करने और इस बारे में उन्हें जानकारी उपलब्ध कराना आसान हो गया है.

2. इंटरनेट के जरिये बीमा पॉलिसियों की बिक्री आज की एक बड़ी हकीकत है. अब कंपनियों के लिए किसी मध्यवर्ती के जरिये बीमा बेचने की बाध्यता खत्म हो गई है. बीमा कंपनी और ग्राहकों के बीच सीधा संपर्क हो गया है.

3. इंटरनेट ने बीमा कंपनियों को ग्राहकों की समस्या का समाधान तुरंत सुनने और उनका ज्यादा बेहतर तरीके से समाधान करने को भी सुविधाजनक बना दिया है. मेरा मानना है इंटरनेट के इस तेजी से बढ़ रहे प्रभाव के बावजूद ग्राहकों का सीधा कंपनी के साथ व्यक्तिगत स्तर पर संपर्क साधने की ललक अभी खत्म नहीं होने वाली है. इसलिए बीमा कंपनियों को दोनों तथ्यों को ध्यान में रखते हुए अपनी रणनीति बनानी होगी.

एक रिपोर्ट बताती है कि हेल्थ बीमा जैसे क्षेत्र के लिए इंटरनेट सबसे ज्यादा बदलाव वाला जरिया बन सकता है. कुछ हेल्थ बीमा कंपनियों ने इस बदलते माहौल को स्वीकार किया है और इस हिसाब से अपनी रणनीति को बदलना भी शुरू कर दिया है. इसके बावजूद इस बात के साफ प्रमाण मिलने लगे हैं कि इंटरनेट का बढ़ता प्रसार कंपनियों को यह साबित करने का मौका देगा कि उनके लिए ग्राहकों के हितों से ज्यादा कुछ भी महत्व नहीं रखता. जो कंपनी इस तथ्य को जल्दी से अपनाएगी वह निश्चित तौर पर अपनी प्रतिद्वंदियों से आगे रहेगी.

सोनाक्षी कर सकती हैं करीना को रिप्लेस

करीना कपूर प्रेग्नेंट हैं, अब ये बात किसी से छिपी नहीं है. पिछले दिनों सैफ अली खान ने इस बात की जानकारी दी थी. वह अपने पहले बच्चे को दिसंबर में जन्म देने वाली हैं. ऐसे में करीना की फिल्में उनके हाथ से निकलनी शुरू हो गई हैं. सुनने में आया है कि करीना की एक फिल्म सोनाक्षी सिन्हा को ऑफर हुई है. सूत्रों की मानें तो करीना अब एक फिल्म जो राजस्थान की रानी रत्नावती पर आधारित है में नजर नहीं आएंगी. करीना प्रेग्नेंट हैं, इसलिए मेकर्स ने अब इस फिल्म के लिए किसी दूसरी हीरोइन को साइन करने का विचार किया है. इस फिल्म के लिए सबसे ऊपर सोनाक्षी सिन्हा का नाम चल रहा है. हाल ही में सोनाक्षी ने फिल्म ‘अकीरा’ की शूटिंग खत्म की है. इधर सोनाक्षी अपनी अपकमिंग फिल्म ‘नूर’ में भी एक गाना गाने की तैयारी कर रही हैं. इस फिल्म में वह एक कराची बेस्ड जर्नलिस्ट के किरदार में नजर आने वाली हैं. फिल्म की शूटिंग इन दिनों चल रही हैं. बता दें कि इससे पहले सोनाक्षी हिप-हॉप सिंगल ‘मूड इश्कोहॉलिक है…’ को भी अपनी आवाज दी थी. इसे काफी पसंद किया गया था.

12 साल में ही खो दी थी वर्जिनिटी

रणवीर सिंह एक बेहतरीन अभिनेता हैं, ये बात तो उन्होंने अपनी फिल्मों से साबित कर दी है. लेकिन उनसे जुड़ी कुछ और दिलचस्प बाते हैं जिसे सुनकर आप हैरत में पड़ जाएंगे. एक इंटरव्यू के दौरान उन्होंने उन सभी बातों का खुलासा किया.

रणवीर जिंदगी के हर काम जल्द से जल्द करने में विश्वास करते थे, तभी तो महज 12 साल की उम्र में उन्होंने अपनी वर्जिनिटी ही खो दी. स्कूल के दिनों में वो अपने क्लास के बच्चों को हर मुद्दे पर उपदेश दिया करते थे.

इतना ही नहीं रणवीर की छवि ऐसी बन गई थी की उनके क्लास के बच्चों की माओं ने रणवीर के साथ ना रहने के अपने बच्चों को कड़े निर्देश तक दे दिए थे.

अब रणवीर के प्रशंसक उनसे जुड़ी ये बात जानकर हैरत में पड़ जरुर पड़ गए होंगे कि बचपन में वो कितने शरारती थे. खैर अब रणवीर मेच्योर हो गए हैं और वो बॉलीवुड में अपने अभिनय से तहकला मचा रहे हैं.

खबर है कि जल्द ही वो दीपिका पादुकोण के साथ एक बार फिर से संजय लीला भंसाली की फिल्म ‘पद्मावती’ में नजर आएंगे.

‘बेबी डॉल’ इस खान के साथ करेंगी रोमांस

‘बेबी डॉल’ के नाम से मशहूर एक्ट्रेस सनी लियोनी इन दिनों बॉलीवुड के एक खान स्टार के साथ काम करने को लेकर बहुत एक्साइटेड हैं. लियोनी ने बताया कि अरबाज खान के साथ काम करने के लिए वो एक्साइटेड हैं.

सनी लियोनी, अरबाज खान के साथ फिल्म ‘तेरा इंतजार’ की शूटिंग शुरू करने जा रही हैं. लियोनी इस फिल्म में अरबाज के साथ रोमांस करती नजर आएंगी. अरबाज के साथ फिल्म को लेकर लियोनी काफी एक्साइटेड हैं.

लियोनी ने बताया कि वो अगले महीने फिल्म की शूटिंग शुरू करेंगी. उन्होंने कहा, ‘मैं अरबाज खान के साथ फिल्म ‘तेरा इंतजार’ करने जा रही हूं. जिसके लिए अगस्त से शूटिंग भी शुरू हो जाएगी.’

 राजीव वालिया इस फिल्म को डायरेक्ट कर रहे हैं. यह फिल्म एक म्यूजिकल रोमांस फिल्म होगी.

अजय-सलमान फिर साथ-साथ

इस साल अभी कई और बड़ी फिल्में रिलीज होने वाली हैं. इनमें अजय देवगन की ‘शिवाय’ भी शामिल है, जिसके वो निर्देशक भी हैं और अभिनय भी करते दिखेंगे. मगर इस फिल्म के लिए आपका इंतजार अब और भी बढ़ जाएगा, क्योंकि इसमें सलमान खान भी नजर आएंगे. जी हां, खबर है कि ‘शिवाय’ के एक स्पेशल सॉन्ग के लिए उन्हें साइन किया गया है.

सूत्रों के मुताबिक, सलमान के इस स्पेशल सॉन्ग का ‘शिवाय’ के प्रमोशन में इस्तेमाल किया जाएगा. अजय की फिल्म ‘सन ऑफ सरदार’ के ‘पो पो पो’ सॉन्ग में भी सलमान नजर आए थे. ऐसे में दोस्ती को आगे बढ़ाते हुए अजय और सलमान ने एक बार फिर ‘शिवाय’ के लिए हाथ मिलाया है.

आपको बता दें कि ‘शिवाय’ में अजय के अपोजिट दिलीप कुमार की भतीजी साएशा सहगल दिखेंगी, जिसमें सलमान ने दिलचस्पी दिखाई थी और उन्होंने एक्टिंग की सलाह दी थी.

खबर यह भी है कि सलमान ‘सन ऑफ सरदार 2’ में भी एक अहम भूमिका में नजर आ सकते हैं. वैसे आप 1999 में आई फिल्म ‘हम दिल दे चुके सनम’ को तो नहीं भूले होंगे, यह सलमान और अजय की साथ की यादगार फिल्मों में से एक है.

कोल्ड ड्रिंक से हो सकती है ये बीमारी

आज के समय में गर्मी हो या सर्दी सभी को सॉफ्ट ड्रिंक पीना बहुत पंसद हैं. और गर्मियों के मौसम में में तो इसे पानी की तरह पीते है. चाहे पानी न पिएं. लेकिन आप जानते है ये आपकी सेहत के लिए कितना खतरनाक साबित हो सकता है. इसका अधिक मात्रा में सेवन करने से किडनी में स्टोन हो सकता हैं.

सॉफ्ट ड्रिंक पीने से एसिडिक लिक्विड आपके सिस्टम में 36 घंटे के लिए रुक जाता है, जो आपके पेशाब रचना को अम्लीय से क्षारीय में बदलने के लिए काफी है. इसलिए अगर आप दिन में छह से सात कैन पीते हैं, तो इससे आपकी किडनी खराब हो सकती है. इस तरह की ड्रिंक्स पीने वाले किशोर और युवाओं को कम उम्र में ही किडनी स्टोन का खतरा होता है. इस तथ्य को कई अध्ययन समर्थन करते हैं.

जर्नल ऑफ क्लिनिकल एपिडीमीआलोजी में प्रकाशित एक अध्ययन में बताया गया कि एक रिसर्च में 18 से 75 उम्र के 1009 लोगों को लिया गया. जो कि पहले से ही किडनी स्टोन से पीड़ित थे और उन्हें रोजाना 160 मिलीलीटर सॉफ्ट ड्रिंक पीने के लिए दी गई. शोधकर्ताओं ने पाया कि जो लोग सॉफ्ट ड्रिंक पीते थे उन्हें किडनी स्टोन का खतरा 6.4 फीसदी तक बढ़ गया था.

क्लिनिकल जर्नल ऑफ अमेरिकन सोसाइटी ऑफ नेफ्रोलोजी में प्रकाशित एक अन्य अध्ययन के अनुसार, चाय, कॉफी, बियर, शराब या संतरे का रस पीने की तुलना में शुगर वाला सोडा पीने से किडनी स्टोन का अधिक खतरा होता है.

जर्नल एपिडीमीआलोजी में प्रकाशित एक अध्ययन के अनुसार, सॉफ्ट ड्रिंक में फॉस्फोरिक एसिड की मात्रा भी अधिक होती है, जिस वजह से इससे किडनी स्टोन का खतरा अधिक होता है.

अगर आपको इस मौसम में नार्मल पानी पीना पंसद नहीं है, तो इसके बदले आप छाछ, जूस, मैंगो शेक, नारियल पानी आदि पी सकते हैं. यह शरीर से टोक्सिन बाहर निकलने में मदद करते है.

हिना लगे बालों की कैसे करें देखभाल

जिन लोगों को बालों को कलर करने का शौक होता है वह हिना पर अपना भरोसा रखते हैं. सिर में हिना लगाने से लंबे समय तक बालों का रंग बना रहता है और साथ ही यह प्राकृतिक भी हेाता है जिससे कोई साइड इफेक्‍ट देखने को नहीं मिलता.

लेकिन हिना लगे बालों को काफी केयर करने की जरुरत होती है. आइये देखते हैं कुछ जरुरी टिप्‍स.

रूखेपन से कैसे पांए निजात

जो लोग बालों में हिना लगाते हैं उनके बाल काफी ड्राई हो जाते हैं जिसके लिये उन्‍हें अपने बालों को नमी प्रदान करने की आवश्‍यकता होगी. जब भी बालों में हिना लगाएं उसमें थोड़ा सा तेल मिला लें या फिर बालों को धोने के बाद अच्‍छी तरह से बादाम या कैस्‍टर के तेल से सिर की मालिश करें.

बलों की बनावट की देखभाल

हिना आपके बालों की बनावट पर भी प्रभाव डाल सकती है. अपने बालों के टेक्‍सचर को बनाए रखने के लिये हिना में आमला पावडर मिक्‍स कर के लगाएं.

सिर की खाल की देखभाल

हिना को सिर से साफ करने के लिये अच्‍छे शैंपू और कंडीशनर का प्रयोग करें. अगर बालों को अच्‍छे से नहीं धोया गया तो सिर में खुजली होने की संभावना रहती है. जो शैंपू कलर वाले बालों के लिये बने हों, उन्‍हीं को खरीदें.

कलर की केयर

अगर आपको बालों में हिना का कलर अच्‍छा नहीं लग रहा है तो आप को या तो अपने बालों को काटना पड़ेगा या फिर उन्‍हें जल्‍दी लंबा करना पड़ेगा. क्‍योकि हिना का रंग काफी पक्‍का होता है और जल्‍दी नहीं निकलता.

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