Winter Special: सर्दियों के मौसम में इस तरह से करें अपने घर की सजावट

हर एक इंसान की अपनी पसंद होती है, चाहे खानेपीने की हो या महंगे कपड़ों या फिर घरों के सजावट की. जी हां, हम बात कर रहे हैं अपने घरों को मौसम के हिसाब से कैसे सजाएं. अब सर्दी का मौसम शुरू हो गया है. जब ज्यादा ठंड बढ़ जाती है तो काम करने का मन नहीं होता. ऐसे में आप अपने घर को नया लुक दे कर टाइमपास करने के साथ ही घर को खूबसूरत बना सकते हैं. सभी की ख्वाहिश होती है कि हमारा घर दूसरों से अलग दिखे. इस के लिए आप को दूसरों से कुछ अलग करना होगा. कुछ अलग करने के लिए अलग सोचना होगा.

ठंड के मौसम में अपने घर या औफिस को सजाने से पहले यह पता लगाएं कि इस साल कौनकौन सी नई सजावटी चीजें आई हैं. साथ ही, यह भी देखें कि आप के घर और औफिस के लिहाज से क्या बेहतर होगा.

खूबसूरती में इजाफा

घर को सजाने में बरामदे को न भूलें. अगर आप घर की सजावट कोले कर गंभीर हैं तो आप को थोड़ी मेहनत करनी पड़ेगी. ठंड में आप जिस तरह से अपने रूम को सजाते हैं, वैसे ही अपने बरामदे को भी सजाएं. यह आप के घर की खूबसूरती में इजाफा कर देगा. अगर वहां धूप आती है तो उस में बैठना तभी अच्छा लगेगा जब वह ढंग से सजा हो.

बहुत ज्यादा ठंड पड़ने पर वार्डरोब से ले कर खानपान सबकुछ बदल जाता है. ऐसे में आप विंटर डैकोरेशन के कुछ टिप्स अपना कर अपने घर को हौट रखने के साथ नया लुक दे सकते हैं, ठंड से बचने के लिए नैचुरल तरीके से कमरे को गरम रख सकते हैं.

सीलिंग रूम या घर का ऐसा हिस्सा होता है जो सब से पहले ठंडा होता है. इसलिए इसे गरम करने के उपाय के साथ इस का खूबसूरत होना भी जरूरी है. इस के लिए सीलिंग बनाते वक्त अगर थर्माकोल लगा दिया जाए तो यह ठंड में फायदेमंद होता है.

इन दिनों पर्पल कलर की काफी डिमांड है. यदि आप चाहें तो लाइट और डार्क कलर का कौंबिनेशन भी दीवारों पर ट्राय कर सकती हैं. वौल को ब्राइट कलर, जैसे कि औरेंज, रेड व ब्लू कलर्स से सजाएं. यह भी काफी अच्छा लुक देगा.

दीवारों पर वौलपेपर भी इस्तेमाल किया जा सकता है. डार्क शेडके वौलपेपर दीवारों पर लगाएजा सकते हैं. यह भी गरमी का एहसास दिलाएगा.

ठंड बहुत ज्यादा पड़ने पर आप हीटर का तो इस्तेमाल करती ही हैं लेकिन, चाहें तो, आप आगे के लिए ढेर सारी लकडि़यां जमा कर लें. घर को नैचुरल तरीके से गरम करने का यह आसान तरीका है.

कैंडल्स की गरमाहट सर्दी की शाम को अपनी मद्धिम रोशनी से गरम और खूबसूरत बना देती है. कमरे में सैंटर टेबल, डाइनिंग टेबल या साइड टेबल पर खुशबूदार मोमबत्ती जलाएं और गरमाहट का एहसास पाएं.

स्वेटरों, जो अब पुराने हो गए हैं, से आप कई प्रकार के क्राफ्ट बना सकती हैं. तकिए, फुट मैट, कुशन, डैकोरेशन की कई चीजें बनाई जा सकती हैं उन से.

ठंड के मौसम में खिड़कियों से हलके परदे उतार कर भारी परदे लगाएं. इन से हवा कम घुसती है और कमरे में गरमी बनी रहती है.

सर्दी के दिनों में कुशन और तकिए आदि के ऊनी कवर इस्तेमाल करें. बैड पर भी ऊनी कंबल या शीट बिछा लें. इस से आप को लेटतेबैठते समय सर्दी का एहसास नहीं होगा और गरमी मिलेगी.

ठंड के दिनों में बिस्तर पर मोटा गद्दा बिछाएं, ऊनी कंबल बिछाएं और उस पर चादर डालें. इस से बिस्तर गुदगुदा होगा और सर्दी भी नहीं लगेगी.

खाने के दौरान सब से ज्यादा ठंड लगती है, इसलिए अपनी डाइनिंग टेबल को मोटे कवर से ढकें और उसे चेंज लुक दें जो गरमी का एहसास करवाता है. आप टेबल पर कैंडल को जलाएं चाहे बल्ब जल ही क्यों न रहा हो.

ठंड के समय साजसज्जा के साथ आप अपने बजट का भी ध्यान रखें. जहां तक हो सके अपने बजट को कम रखने की कोशिश करें. सजावट का मतलब यह नहीं होता कि आप बेकार में पैसे खर्च करें. आप घर के भी कुछ सामानों का इस्तेमाल सजावट में कर सकते हैं. ठंड में विंटर वैकेशन यानी छुट्टियों का समय होता है, तो इस बार ठंड में अपने घर को सजा कर छुट्टियों को और भी ज्यादा खुशनुमा बनाएं.

बैठने की जगह को बनाएं गरम

अपने लिविंगरूम को गरम बनाएं, इस के लिए उस के रंग को चेंज करवाएं. हर मौसम में अपने घर में नए प्रकार का रंगरोगन करवाना संभव नहीं है पर आप किसी और तरीके से गरमाहट भरे रंगों जैसे नारंगी लाल रंग से घर की सजावट करें. डार्क ब्राउन, चौकलेटी रंग भी गरमाहट का एहसास देते हैं.

स्ट्रक्चरल एलमेंट का इस्तेमाल

ठंड में आप अपने गार्डन को उतना ही खूबसूरत बना सकते हैं, जितना कि यह गरमी के वक्त में रहता है. इस के लिए आप इस में कुछ स्ट्रक्चरल एलमेंट्स लगा सकते हैं. कुछ रंगों का इस्तेमाल कर के आप अपने गार्डन को खूबसूरत व कलरफुल बना सकते हैं. ठंड के समय आप का गार्डन मौसम की तरह ही खास होना चाहिए. आप थोड़ा सा ध्यान दे कर इसे और खूबसूरत बना सकते हैं.

Winter Special: औयली स्किन से छुटकारा पाने के लिए परफेक्ट है ये होममेड 6 टिप्स

बदलते मौसम का असर हमारी सेहत के साथ-साथ स्किन पर भी दिखाई देता है. स्किन हमारे शरीर का बेहद संवेदनशील हिस्सा माना गया है. जाहिर है कि पहले सरदी फिर गर्मी का असर  इस पर साफ देखने को मिलेगा. बात अगर औयली टी  जोन की ,की जाए तो इसे फिक्स करना बेहद ही मुश्किल है. इन समस्याओं से बहुत सी महिलाओं को जूझना पड़ जाता है. दरअसल इस तरह की स्किन  में आपके फोरहेड, नाक और चिन पर भरपूर मात्रा में तेल जमा हो जाता है. जिससे आपके पोर्स बड़े दिखने लगते हैं.  नतीजन आप अपना मनोबल खोने लगते हैं. अपनी इस प्रौब्लम को फिक्स   कर सकती हैं कुछ प्रोडक्ट के इस्तेमाल के बाद. जिससे आपको मिलेगी सुपर मैट फिनिश.

1. एलोवेरा जेल

क्या आप जानते हैं कि एलोवेरा में सूदिंग प्रौपर्टीज होने के साथ-साथ और भी कई गुण होते हैं.  जी हां एलोवेरा आपके चेहरे से एक्स्ट्रा आयल को हटाते हुए आपको सुपर मैट फिनिश देता है. स्किन को हेल्दी बनाने में एलोवेरा की बेहद अहम भूमिका होती है. सिर्फ 15 मिनट में आप एलोवेरा जेल से चेहरे की मसाज करें और फिर देखें कमाल.

2. ब्लोटिंग शीट्स 

आयल को कंट्रोल करने का सबसे बेहतर उपाय है कि ब्लोटिंग पेपर.  इस से आप अपने चेहरे को पौछें जिससे अतिरिक्त आयल ब्लोटिंग पेपर सोख लेगा . आपको तुरंत अपनी स्किन  के टेक्सचर में भी बदलाव दिखाई देगा .

3. कॉन्पैक्ट पाउडर

पार्टी में या ट्रेवलिंग करते वक़्त यदि आप अपनी स्किन  के एक्स्ट्रा आयल से परेशान हैं तो कॉन्पैक्ट पाउडर का प्रयोग करें. यह आपके चेहरे से औयल की मात्रा को कम करते हुए, आपको हर ओकेजन के लिए देता है, सुपर कूल लुक.

4. प्राइमर

जिन महिलाओं का टी जोन औयली होता है, वह मेकअप करने से पहले से प्राइमिंग जरूर कर लें.  फाउंडेशन का असर तब दिखाई देता है, जब आपने प्राइमिंग जैसे बेसिक स्टेप्स को फॉलो किया हो. दरअसल प्राइमिंग आपके चेहरे के एक्स्ट्रा आयल को कंट्रोल कर लेता है और स्किन  को मैट लुक देता है.

5. मैटिफाइंग स्किन सीरम

मैटिफाइंग वैसे तो कई प्रकार के होते हैं. बात करें मैटिफाइंग सीरम   की तो यह आपके चेहरे से तेल की मात्रा को कम करने में मदद करते हैं . चेहरे को धोने के बाद में मैटिफाइंग सीरम का प्रयोग करें . यह आपके चेहरे के माइश्चर को बरकरार रखेगा और आप खूबसूरत दिखेंगी.

6. क्ले मास्क

क्ले मास्क यानी मुल्तानी मिट्टी ,आपकी स्किन को हेल्दी  बनाने में बहुत मदद करती है. यह आपकी स्किन  के पोर्स को टाइट करती  हैं. आपकी स्किन  में गजब का कसाव लाती है. यहां तक की स्किन को ब्लेमिशेस से मुक्त करने में भी काफी सहायक है. गुलाब जल में मुल्तानी मिट्टी को अच्छे से मिलाएं और हफ्ते में चेहरे पर कम से कम 2 बार प्रयोग करें. रंगत के साथ साथ आपको अपनी स्किन  में भी काफी फर्क देखने को मिलेगा.

वैक्सिंग के बाद हाथ-पैरों पर लालनिशान पड़ जाते हैं, मैं क्या करूं?

सवाल-

जब भी मैं वैक्स करवाती हूं तो मेरे हाथ, पैरों पर लाललाल निशान पड़ जाते हैं ? इस समस्या के कारण अब मैं वैक्स करवाने से भी डरने लगी हूँ. आप ही कोई समाधान बताएं?

जवाब

आपका डरना बिलकुल जायज है. क्योंकि जिस वैक्स का इस्तेमाल आप अपने हाथपैरों को क्लीन करने के लिए करती हैं , अगर वे आपको खूबसूरत बनाने के बजाह आपके शरीर पर दागधब्बे छोड़ दे तो आप उसका इस्तेमाल करने से पहले 10 बार सोचेंगी. लेकिन आपको बता दें कि ऐसा अकसर सेंसिटिव स्किन वाले लोगों के साथ ज्यादा होता है. जिससे स्किन पर लाललाल स्पोट्स पड़ जाते हैं. ऐसा इसलिए होता है क्योंकि वैक्स में इस्तेमाल किए गए केमिकल्स व फ्रैंगरेंस के संपर्क में जब स्किन आती है तो एलर्जी की वजह से भी स्किन पर लाललाल निशान यानि रेड बम्प्स हो जाते हैं.  कई बार स्किन पर पहले से ही इंफेक्शन होता है और फिर उस पर अगर वैक्स का इस्तेमाल किया जाता है तो उससे स्किन में और जलन व इर्रिटेशन पैदा होने के कारण ये समस्या होती है. या फिर अगर आप वैक्सिंग बहुत जल्दी जल्दी करवाती हैं तो उससे अंडररुट बालों को जड़ से निकालने के लिए जब वैक्स का इस्तेमाल किया जाता है तो उससे भी स्किन को नुकसान पहुंचता है. इसलिए कोशिश करें कि जब तक पूरी ग्रोथ न आए तब तक वैक्स न करवाएं.

अगर आपको रेड बम्प्स हो गए हैं तो उससे कैसे निबटें – 

– अगर आपको वैक्स करवाने के बाद हाथपैरों पर जलन महसूस हो रही है तो तुरंत ही बर्फ या ठंडा पानी अप्लाई करें. इससे जलन, सूजन व इर्रिटेशन को कम होने में मदद मिलेगी.

– एलोवीरा जैल इस प्रोब्लम के लिए बेस्ट माना जाता है. क्योंकि इसमें एंटी इंफ्लेमेटरी प्रोपर्टीज होने के कारण ये स्किन की जलन को कम करके स्किन को नौरिश करने का काम करता है.

– अगर वैक्स करवाने के बाद आपकी स्किन रेड पड़ने के साथ जल रही है, तो आप उस पर टी ट्री आयल में कोकोनट आयल मिलाकर उसे प्रभावित जगह पर लगाएं. असल में इसमें एंटी इंफ्लेमेटरी प्रोपर्टीज होती हैं , जो स्किन को स्मूद बनाने के साथ दर्द, सूजन व रेडनेस को कम करने में मददगार साबित होती हैं .

– बता दें कि एप्पल साइडर विनेगर में एंटीसेप्टिक और एस्ट्रिंजेंट प्रोपर्टीज होने के कारण ये स्किन के पीएच लेवल को बैलेंस करने के साथ जलन को कम करने का काम करता है. इसके लिए आप दोनों को बराबर मात्रा में लेकर रुई की मदद से अफेक्टेड एरिया में अप्लाई करें. फिर ड्राई होने के बाद पानी से क्लीन करें. रोजाना ऐसा करने पर आपको तुरंत सुधार नजर आने लगेगा.

– स्किन को सोफ्ट बनाने व उसकी जलन को कम करने के लिए हमेशा खुशबू रहित मोइस्चराइज़र का ही इस्तेमाल करें.

कैसी हो आपकी वैक्स 

अगर आपकी स्किन बारबार रेड हो जाती है तो आप सिर्फ सेंसिटिव स्किन के लिए ही बनी वैक्स का इस्तेमाल करें, क्योंकि इसमें नेचुरल इंग्रीडिएंट्स का इस्तेमाल होने के साथसाथ एंटीइंफ्लेमेटरी प्रोपर्टीज होती हैं , जो स्किन में जलन पैदा होने से रोकती है. साथ ही स्किन को सोफ्ट व स्मूद बनाने का भी काम करती है. सेंसिटिव स्किन वालों के लिए बीन्स वैक्स, क्रीम वैक्स और लिपसोलुबल वैक्स बेस्ट रहती है. क्योंकि ये स्किन पर एकदम से गर्म नहीं लगती और सोफ्टली हेयर्स को रिमूव करने का काम करती हैं. अंडररूट्स हेयर्स को भी स्किन को नुकसान पहुंचाए बिना आसानी से  रिमूव कर देती है. इसलिए आप कोई भी वैक्स के इस्तेमाल करने से बचें. आप चाहें तो परमानेंट लेज़र ट्रीटमेंट का भी सहारा ले सकती हैं.

इन बातों का भी रखें ख्याल 

वैक्सिंग से पहले अपनी स्किन को मोइस्चराइज़ जरूर करें, क्योंकि इससे वैक्स स्किन पर आसानी से अप्लाई होकर स्किन से आसानी से हेयर्स निकल जाते हैं. इस बात का भी ध्यान रखें कि आप वैक्सिंग से पहले सैलिसिलिक एसिड वाले प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल न करें. क्योंकि ये स्किन को पतला बनाने का काम करते हैं , जिससे आपकी स्किन जल्दी हर्ट हो सकती है.

अगर आपकी भी ऐसी ही कोई समस्या है तो हमें इस ईमेल आईडी पर भेजें- submit.rachna@delhipress.biz
 
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Top 10 Best Family Story in hindi: कहानियां पढ़ने के हैं शौकीन, तो पढ़ें ये टॉप 10 बेस्ट फैमिली स्टोरीज

Best Family Story in Hindi: परिवार हमारी लाइफ का सबसे जरुरी हिस्सा है, जो हर सुख-दुख में हमारा सपोर्ट सिस्टम साबित होता है. परिवार बिना किसी लालच और स्वार्थ के साथ हमारे साथ खड़ा होता है.  इस आर्टिकल में हम आपके लिए लेकर आये हैं गृहशोभा की 10 Best Family Story in Hindi. रिश्तों से जुड़ी दिलचस्प कहानियां, जो आपके दिल को छू लेगी. इन Family Story से आपको कई तरह की सीख मिलेगी. जो आपके रिश्ते को और भी मजबूत करेगी. तो अगर आपको भी है कहानियां पढ़ने के शौक तो पढ़िए Grihshobha की Best Family Story in Hindi.

Top 10 Family stories in hindi: दिल छू लेने वाली बेहतरीन कहानियां

1. मेरे घर आई नन्ही परी: क्यों परेशान हो गई समीरा

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समीरा परी को गोद में लिए शून्य में ताक रही थी. उस की आंखों से आंसुओं की झमाझम बरसात हो रही थी. उसे सम नहीं आ रहा था कि क्यों उसे परी के लिए वह ममता महसूस नहीं हो रही हैं जैसे एक आम मां को होती है. समीरा को तो यह खुद को भी बताने में शर्म आ रही थी कि उसे परी से कोई लगाव महसूस नहीं होता. तभी परी ने अचानक रोना शुरू कर दीया.
 
समीरा को कुछ समझ नहीं आ रहा था कि उसे रोना क्यों आ रहा है. उसे लग रहा था कि जैसे उसे किसी ने बांध दीया हो. उस की पूरी जिंदगी अस्तव्यस्त सी हो गई थी. वह अपनेआप को ही नहीं पहचान पा रही थी.
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2. मैं चुप रहूंगी: विजय की असलियत जब उसकी पत्नी की सहेली को चली पता

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पिछले दिनों मैं दीदी के बेटे नीरज के मुंडन पर मुंबई गई थी. एक दोपहर दीदी मुझे बाजार ले गईं. वे मेरे लिए मेरी पसंद का तोहफा खरीदना चाहती थीं. कपड़ों के एक बड़े शोरूम से जैसे ही हम दोनों बाहर निकलीं, एक गाड़ी हमारे सामने आ कर रुकी. उस से उतरने वाला युवक कोई और नहीं, विजय ही था. मैं उसे देख कर पल भर को ठिठक गई. वह भी मुझे देख कर एकाएक चौंक गया. इस से पहले कि मैं उस के पास जाती या कुछ पूछती वह तुरंत गाड़ी में बैठा और मेरी आंखों से ओझल हो गया. वह पक्का विजय ही था, लेकिन मेरी जानकारी के हिसाब से तो वह इन दिनों अमेरिका में है. मुंबई आने से 2 दिन पहले ही तो मैं मीनाक्षी से मिली थी.
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3. स्वयंवर: मीता ने आखिर पति के रूप में किस को चुना

टेक्सटाइल डिजाइनर मीता रोज की तरह उस दिन भी शाम को अकेली अपने फ्लैट में लौटी, परंतु वह रोज जैसी नहीं थी. दोपहर भोजन के बाद से ही उस के भीतर एक कशमकश, एक उथलपुथल, एक अजीब सा द्वंद्व चल पड़ा था और उस द्वंद्व ने उस का पीछा अब तक नहीं छोड़ा था.
 
सुलभा ने दीपिका के बारे में अचानक यह घोषणा कर दी थी कि उस के मांबाप को बिना किसी परिश्रम और दानदहेज की शर्त के दीपिका के लिए अच्छाखासा चार्टर्ड अकाउंटैंट वर मिल गया है. दीपिका के तो मजे ही मजे हैं. 10 हजार रुपए वह कमाएगा और 4-5 हजार दीपिका, 15 हजार की आमदनी दिल्ली में पतिपत्नी के ऐशोआराम के लिए बहुत है.

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4.खोया हुआ सच: सीमा के दुख की क्या थी वजह

सीमा रसोई के दरवाजे से चिपकी खड़ी रही, लेकिन अपनेआप में खोए हुए उस के पति रमेश ने एक बार भी पीछे मुड़ कर नहीं देखा. बाएं हाथ में फाइलें दबाए वह चुपचाप दरवाजा ठेल कर बाहर निकल गया और धीरेधीरे उस की आंखों से ओझल हो गया. सीमा के मुंह से एक निश्वास सा निकला, आज चौथा दिन था कि रमेश उस से एक शब्द भी नहीं बोला था. आखिर उपेक्षाभरी इस कड़वी जिंदगी के जहरीले घूंट वह कब तक पिएगी?

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5. अब तुम्हारी बारी

दीप्ति जल्दीजल्दी तैयार हो रही थी. उस ने अपने बेटे अनुज को भी फटाफट तैयार कर दिया. आज शनिवार था और अनुज को प्रदीप के घर छोड़ कर उसे औफिस भी जाना था. शनिवार और रविवार वह अनुज को प्रदीप के घर छोड़ कर आती है क्योंकि उस की छुट्टी होती है. प्रदीप की लिव इन पार्टनर यानी प्रिया भी उस दिन अपनी मां के यहां मेरठ गई हुई होती है. अगर वह कभीकभार घर में होती भी है तो अनुज के साथ ऐंजौय ही करती है.

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6.भटकाव के बाद: परिवार को चुनने की क्या थी मुकेश की वजह

 

संजीव का फोन आया था कि वह दिल्ली आया हुआ है और उस से मिलना चाहता है. मुकेश तब औफिस में था और उस ने कहा था कि वह औफिस ही आ जाए. साथसाथ चाय पीते हुए गप मारेंगे और पुरानी यादें ताजा करेंगे. संजीव और मुकेश बचपन के दोस्त थे, साथसाथ पढ़े थे. विश्वविद्यालय से निकलने के बाद दोनों के रास्ते अलग हो गए थे. मुकेश ने प्रतियोगी परीक्षाओं के माध्यम से केंद्र सरकार की नौकरी जौइन कर ली थी. प्रथम पदस्थापना दिल्ली में हुई थी और तब से वह दिल्ली के पथरीले जंगल में एक भटके हुए जानवर की तरह अपने परिवार के साथ जीवनयापन और 2 छोटे बच्चों को उचित शिक्षा दिलाने की जद्दोजहद से जूझ रहा था. संजीव के पिता मुंबई में रहते थे. शिक्षा पूरी कर के वह वहीं चला गया था और उन के कारोबार को संभाल लिया. आज वह करोड़ों में नहीं तो लाखों में अवश्य खेल रहा था. शादी संजीव ने भी कर ली थी, परंतु उस के जीवन में स्वच्छंदता थी, उच्छृंखलता थी और अब तो पता चला कि वह शराब का सेवन भी करने लगा था. इधरउधर मुंह मारने की आदत पहले से थी.

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7. विश्वासघात: जूही ने कैसे छीना नीता का पति

नीला आसमान अचानक ही स्याह हो चला था. बारिश की छोटीछोटी बूंदें अंबर से टपकने लगी थीं. तूफान जोरों पर था. दरवाजों के टकराने की आवाज सुन कर जूही बाहर आई. अंधेरा देख कर अतीत की स्मृतियां ताजा हो गईं…

कुछ ऐसा ही तूफानी मंजर था आज से 1 साल पहले का. उस दिन उस ने जीन्स पर टौप पहना था. अपने रेशमी केशों की पोनीटेल बनाई थी. वह बहुत खूबसूरत लग रही थी. उस ने आंखों पर सनग्लासेज चढ़ाए और ड्राइविंग सीट पर बैठ गई.

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8. नई कालोनी: जब महरी को दिखा तेंदुआ

आधुनिक स्कूलों की जाती एसी बसों में भारी बस्ते लिए बच्चे चढ़ रहे थे. उन की मौडर्न मांएं कैपरीटीशर्ट के ऊपर लिए दुपट्टे को संभालती हुई बायबाय कर रही थीं. कारें दफ्तरों, कारोबारों की तरफ रवाना हो रही थीं. पिछली सीट पर अपने सैलफोन में व्यस्त साहब लोग गार्ड्स के सलाम ठोकने को आंख उठा कर नहीं देखते. 11, 13 और 15 बरस की महरियां काम पर आ रही थीं और कालोनी के सुरक्षा गार्ड्स उन्हें छेड़ रहे थे.

पौश कालोनी के सामने हाईवे सड़क की झडि़यों पर फूल सी कोमल धूप खिल ही रही थी. उस में आज फिर धूल के तेज गुबार आआ कर मिल उठ गए थे. उस पार कलोनाइजर की मशीनी फौज उधर के बचे जंगल को मैदान में बदल रही थी. हाईवे सड़क के आरपार 2 ऊंचे बोर्ड थे. निर्माणाधीन नील जंगल सिटी, नवनिर्मित नील झरना सिटी.

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9.मुलाकात: क्या आरती को मिला मदन का प्यार

आरती ने जब कार से उतरने के लिए पैर बाहर निकाला तो अचानक पूरे बदन में सिहरन सी हुई. उसे लगा कि वापस चली जाए और दावत को टाल दे, मगर फिर उस ने दोबारा कुछ सोचा और कार लौक कर के फटाफट आयोजनस्थल की तरफ चल दी.
 
आरती को उस की एक परिचिता ने इस आयोजन का कार्ड दिया था. मगर अभीअभी उस की परिचिता ने फोन कर उसे बताया कि उसे अचानक शहर से बाहर जाना पड़ रहा है. मगर आरती तब तक तैयार हो कर घर से निकल चुकी थी. आयोजनस्थल में काफी रौनक थी.

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10. मेड इन हैवन: गरिमा के साथ कौन-सी घटना घटी

 
फाइनली गरिमा और हेमंत की शादी हो ही गई. दोनों हनीमून ट्रिप पर स्विट्जरलैंड में ऐश कर रहे हैं. उन के घर वालों का तो पता नहीं परंतु मैं बहुत ख़ुश हूं क्योंकि अभी थोड़ी देर पहले ही गरिमा ने 2 मिनट के लिए स्विट्जरलैंड से बात की, ‘‘थैंक्स आंटी इतना अच्छा लाइफपार्टनर मिलवाने के लिए.’’
 
पीछे से हेमंत का भी स्वर उभरा, ‘‘डार्लिंग, मेरी तरफ से भी आंटी को थैंक्स बोल देना,’’ फिर दोनों की सम्मिलित हंसी का स्वर उभरा और फोन काट दिया गया.
 
गरिमा और हेमंत दोनों बहुत खुश लग रहे थे. मैं ने राहत की सांस ली क्योंकि दोनों को मिलवाने में मैं ने ही बीच की कड़ी का काम किया था. संयोगिक घटनाओं की विचित्रता को भला कौन सम?ा सकता है. मेरे मन में यादों की फाइल के पन्ने फड़फड़ाने लगे…

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संयोगिता पुराण: संगीता को किसका था इंतजार

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YRKKH: बड़े पापा ने किया अक्षरा को कॉल, अभिरा रोई फूटकर-फूटकर

टीवी का मोस्ट पॉपुलर सीरियल ‘ये रिश्ता क्या कहलाता है’ दर्शकों को बहुत पसंद आ रहा है. शो में आए दिन कई सारे ट्विस्ट देखने को मिल रहे है. सीरियल ‘ये रिश्ता क्या कहलाता है’ में कृष, दादी-सा के कमरे से चुराई हुईं टॉफिया खाते-खाते उन सारे पलों को याद करेगा जब दादी सा ने घर के सदस्यों की तारीफ की थी. वह फिर काफी इमोशनल हो जाएगा और सोचेगा कि उसके अंदर कोई ऐसी क्वालिटी नहीं है जिससे इम्प्रेस होकर दादी-सा ने उसकी तारीफ करें. इसके बाद कृष अपने आपको लूजर समझने लगेगा. आगे सीरियल में अभिरा इंटर्नशिप के लिए लेट हो जाएगी. वह दौडकर आती है नीचे आएगी और टेबल पर नाश्ता न देखकर हैरान रह जाएगी. वह खुद से ही बड़बड़ाने लगेगी

अभिरा को दादी-सा करेंगी परेशान

टीवी सीरियल ‘ये रिश्ता क्या कहलाता है’ के अपकमिंग एपिसोड में देखने को मिलेगा कि दादी-सा, अभिरा की बातें सुन लेगी. वह अभिरा पर नाश्ता बनाने का दबाव डालेंगी. अभिरा कहेगी मैं सब कुछ कर लूंगी दादी-सा, वह कहेगी कल से शुरू करते हैं न प्लीज. दादी-सा कहेंगी ठीक है. कल तक व्रत रखते हैं. अभिरा कहेगी व्रत क्यों? दादी-सा बोलेंगी- क्योंकि तुम नाश्ता कल बनाओगी. दादी-सा और अभिरा की आवाज सुनकर सब बाहर आ जाएंगे. इसके बाद मनीषा दादी से पूछेंगी, ये क्या हो रहा है मम्मी-सा? दादी-सा कहेंगी, आज हमारी बहुरानी की इंटर्नशिप का पहला दिन है इसलिए सब व्रत रखेंगे. अभिरा भावुक हो जाती है. वह कहेगी आज कोई भुखे पेट नहीं जाएगा.

बड़े पापा का आएगा कॉल

सीरियल ‘ये रिश्ता क्या कहलाता है’ में आगे देखने को मिलेगा कि अभिरा के जाते ही रूही अरमान के लिए नाश्ता बनाएगी. वहीं दूसरी ओर बड़े पापा अभिर के तलाश में जुट जाएंगे. वह अक्षरा का नंबर ढूंढकर उसे कॉल करेंगे. रूही अरमान का नाश्ता बनाने के बाद अपने कमरे की तरफ जाती है तब उसे अभिरा के कमरे में जाने की आवाज आती है. वह अभिरा के कमरे में जाएगी. जब तक रूही फोन के पास जाएगी तब तक कॉल कट जाएगा. इसके बाद आगे बड़े पापा अभिर का नंबर रेस्टोरेंट मैनेजर से लेते है इसके बाद बड़े पापा खुश नजर आते है. वहीं अभिरा रोती हुई नजर आती है. दरअसल, अभिरा लेट ऑफिस जाती है जिस वजह से उसका मैनेजर उस पर चिल्ला देता है.

सोनम कपूर का गजब का ट्रांसफॉर्मेंशन, मां बनने के डेढ़ साल बाद घटाया 20 किलो वजन

बॉलीवुड एक्ट्रेस सोनम कपूर फिटनेस और फैशन के लिए जानी जाती है. एक्ट्रेस ने मां बनने के बाद वजन घटाने की अपनी यात्रा फैंस के साथ शेयर की है. सोनम कपूर ने अगस्त 2022 में बेटे वायु को जन्म दिया है. जिसके बाज उनका काफी हद तक वजन बढ़ गया था. सोनम का वजन 26 किलो ओवर वेट हो गया था. लेकिन एक्ट्रेस की एक नई इंस्टाग्राम स्टोरी में, सोनम ने अब एक पोस्ट-वर्कआउट रील साझा की है और फिटनेस बनाए रखने के माध्यम से अपनी वजन घटाने की यात्रा के बारे में बताया है.

मां बनने के बाद सोनम ने घटाया 20 किलो वजन

फैशन डीवा सोनम कपूर ने बेटे वायु के जन्म देने बाद से अपने लाड़ले का काफी ध्यान रख रही है. सोनम ने बच्चे की देखभाल के साथ अपना वजन भी कम कर लिया है. बीते दिन सोनम ने अपने इंस्टाग्राम पर एक स्टोरी पोस्ट की. इस स्टोरी में सोनम अपना फिट एडं कर्वी फिगर फ्लॉन्ट करती नजर आ रही है. उन्होंने ये भी बताया कि अभी उनका मकसद छह किलो और कम करना है. सोनम ने कैप्शन में लिखा है- क्या बात है 20 किलो कम कर लिया है, 6 किलो कम करना बाकी है.

 

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सोनम ने कैप्शन में लिखा

इस महीने की शुरुआत में, सोनम ने अपने हालिया फोटोशूट से अपनी कई तस्वीरें साझा कीं और अपनी फिटनेस की यात्रा के बारे में बताया. कैप्शन में, उन्होंने लिखा- “मुझे फिर से अपने जैसा महसूस करने में 16 महीने लग गए. बिना किसी क्रैश डाइट और वर्कआउट के धीरे-धीरे, लगातार खुद की देखभाल और बच्चे की देखभाल से. मैं अभी उस वजन तक नहीं पहुंच पाई हूं, लेकिन लगभग वहीं हूं जहां मैं होना चाहती हूं.” मैं अपने शरीर के लिए बहुत आभारी हूं और यह कितना अविश्वसनीय रहा है.” महिला होना कमाल की बात है.

 

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खांस-खांसकर बुरा हाल है तो इसे हल्के में न लें, हो सकते हैं कैंसर के संकेत

शिवानी हर समय गले में दर्द और खांसी रहने की समस्या से परेशान रहती थी. उसने पहले घरेलू नुस्खे अपनाये. फिर आराम न मिलने पर डाक्टर से मिली और बोला,” डॉक्टर साब इतनी दवाइयां कर लीं पर आराम नहीं.”

इस पर डॉक्टर ने कहा,”थ्रोट कैंसर यानी गले के कैंसर में कई तरह के कैंसर शामिल होते हैं जिसमें लैरिनिक्स, फैरिनिक्स और टॉन्सिल्स के कैंसर होते हैं. इनके अलग-अलग लक्षण होते हैं जिनसे कैंसर का पता चलता है. इन लक्षणों पर ध्यान देकर तुरंत इलाज की जरूरत होती है. मैक्स सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल, साकेत , हेड व नेक कैंसर के सर्जन डॉक्टर अक्षत मलिक का मानना है कि इन लक्षणों को पहचानकर इसका इलाज कराना बेहद महत्वपूर्ण है.

गले के कैंसर के जो लक्षण होते हैं हालांकि दूसरी अन्य बीमारियों के कारण भी सामने आते हैं, लेकिन अगर ये लक्षण लगातार 2-3 हफ्तों तक दिखाई दे और वक्त के साथ-साथ हालात बिगड़ते जाएं तो इन्हें दरकिनार नहीं करना चाहिए.

लक्षण

लगातार आवाज बैठना या आवाज में बदलाव: अगर किसी का गला लगातार बैठा रहता है या आवाज दबी रहती है तो इस पर ध्यान देने की जरूरत है.

गला सूखा: अगर गला सूखा रहने की परेशानी पुरानी है या फिर लगातार ऐसा रहता है और सामान्य इलाज से भी ठीक नहीं होता तो इसे इग्नोर न करें.

निगलने में समस्या: अगर खाना निगलने में दिक्कत हो रही है तो ये ट्यूमर के लक्षण हो सकते हैं.

लगातार खांसी: आमतौर पर लोग खांसी बहुत हल्के में लेते हैं लेकिन अगर सांस की दिक्कत आदि न हो और फिर भी लगातार खांसी रहती है तो दिखाने की जरूरत है.

एस्पिरेशन: कुछ निगलने पर खांसी आती है तो समस्या है. ऐसा हवा के पाइप में खाना जाने के कारण भी हो सकता है.

कान में दर्द: एक या दोनों कानों में बिना किसी खास वजह के दर्द होना भी गले में समस्या के कारण हो सकता है.

वजन कम होना: अचानक यूं ही वजन कम हो जाना, खाना निगलने में परेशानी और खाने की आदतों में बदलाव भी कैंसर के लक्षण हो सकते हैं.

गर्दन में गांठ: अगर गर्दन में गांठ हो या सूजन हो तो ये बढ़े हुए लिम्फ नोड्स के कारण हो सकता है और इससे कैंसर फैलने के संकेत मिलते हैं.

सांस लेने में कठिनाई: अगर गले का कैंसर एडवांस स्टेज में हो तो इससे सांस की समस्या भी हो सकती है.

लगातार सांस में बदबू: अगर आप टूथब्रश करते हैं और मुंह साफ करने के अन्य तरीके भी अपनाते हैं और फिर सांसों में बदबू रहती है तो ये चिंता का कारण हो सकता है.

डॉक्टर के मुताबिक ये सभी लक्षण किसी कम गंभीर बीमारी के कारण भी हो सकते हैं. लेकिन अगर ऐसा होता है तो डॉक्टर को जरूर दिखाएं. ऐसा करने से ट्यूमर होने की स्थिति में जल्दी डायग्नोज हो जाएगा और इलाज से इसे ठीक करना संभव रहेगा. वहीं, जो लोग स्मोकिंग करते हैं, तंबाकू का सेवन करते हैं, शराब पीते हैं वैसे लोग रेगुलर चेकअप कराएं और अपनी सेहत की मॉनिटरिंग रखें.

अपनी सेहत को सबसे ऊपर रखें, अवेयरनेस बढ़ाएं, समय पर डॉक्टर से सलाह लें और बेहतर इलाज लें ताकि गले के कैंसर के खिलाफ लड़ाई को जीता जा सके.

Winter Special: सर्दियों के दौरान अपने स्किन बैरियर्स की कैसे करें सुरक्षा ?

सर्दियों का मौसम आपकी स्किन के लिए बहुत ही मुश्किल समय होता है. यदि आप इस मौसम में हीटर का प्रयोग भी करते हैं तो भी आप ज्यादा हद तक अपनी स्किन को बचा नहीं सकेंगे. इस दौरान आपकी स्किन को हानिकारक तत्त्वों से बचाने वाले बैरियर्स खतरे में आ जाते हैं.

सर्दियों में यह बैरियर कमजोर हो जाते हैं और यह फिर धीरे धीरे खत्म होने शुरू हो जाते हैं. बहुत से लोगों को यह नहीं पता होता है कि हमें यह बैरियर कैसे बचाने हैं और इसलिए उनकी स्किन बहुत ही डल व खराब हो जाती है. तो आइए जानते हैं सर्दियों में अपने स्किन बैरियर्स को कैसे सुरक्षित कर सकते हैं?

1. केवल हल्के उत्पादों का प्रयोग करें :

आपको अपनी स्किन का Ph बैलेंस बना कर रखना होता है और इसके लिए आपको किसी भी उत्पाद का अधिक प्रयोग नहीं करना है. ऐसे उत्पाद प्रयोग करने चाहिए जो स्किन के लिए बने हों और जो आपकी स्किन को अधिक नुक़सान न पहुंचाएं. यदि आप एक्सफोलिएशन करनी है तो आप बहुत ही माइल्ड उत्पादों का प्रयोग करें और वह भी हफ्ते में केवल दो ही बार प्रयोग करें. अपनी स्किन पर गर्म पानी का प्रयोग न करें.

2. अपनी स्किन पर ऑयल लगाएं :

यदि आप अपनी स्किन के बैरियर्स को नष्ट होने से बचाना चाहते हैं तो आपको अपनी स्किन से वॉटर लॉस होने से रोकना होगा. अतः फेशियल ऑयल का प्रयोग करें. इससे आपकी स्किन पर प्रयोग किए सभी उत्पाद सील हो जाएंगे और उनका आपको ज्यादा से ज्यादा लाभ मिलेगा. ऑयल प्रयोग करने से आपको हाइड्रेशन भी मिलेगी. अतः आपको अपनी स्किन में ऑयल अवश्य प्रयोग करना चाहिए.

3. बैरियर बनाने वाले तत्त्वों का प्रयोग करें :

आपको कुछ ऐसे मॉइश्चराइजर का प्रयोग करना चाहिए जिनमें सेरामाइड, स्क्वालीन, पेप्टाइड आदि तत्त्व मौजूद हों. यदि आप किसी बजट फ्रेंडली मॉइश्चराइजर का प्रयोग करना चाहते हैं जो सिंपल भी हो तो आप पेट्रोलियम जेली का प्रयोग कर सकते हैं. वह आपकी स्किन में सारा मॉइश्चर लॉक कर देगी. कॉलेजन व इलास्टिन आपकी स्किन को सॉफ्ट और जवान रखने में मदद करते हैं और पेप्टाइड इन दोनों तत्त्वों को बनाने में मदद करता है.

4. अल्ट्रा वॉयलेट से होने वाले डेमेज से बचाएं :

सूर्य के द्वारा होने वाले डेमेज से भी आपके स्किन बैरियर नष्ट हो सकते हैं. इससे आपकी स्किन में डार्क स्पॉट्स हो सकते हैं, इससे आपको डिस कलरेशन की समस्या हो सकती है, इससे आपकी स्किन में झुर्रियों जैसी समस्या होती हैं. इसके लिए आपको सनस्क्रीन का प्रयोग अवश्य करना चाहिए. और आपको हर दो से तीन घंटे बाद सनस्क्रीन को दोबारा से अप्लाई कर लेना चाहिए ताकि आपकी स्किन डेमेज होने से बच सके.

5. ह्यूमिडिफायर खरीदें :

यदि आप किसी ऐसी जगह रहते हैं जहां बहुत अधिक ठंड होती है या जहां आपकी स्किन बहुत ज्यादा ड्राई रहती है तो आपको एक अच्छा सा ह्यूमिडिफायर खरीद ही लेना चाहिए. इससे आपकी स्किन में मॉइश्चर भी लॉक रहेगा और आपकी स्किन से वॉटर लॉस भी नहीं होगा. आपकी स्किन सर्दियों में बहुत डिहाइड्रटेड हो जाती है इसलिए उसे मॉइश्चर की व हाइड्रेशन की जरूरत होती है और एक ह्यूमिडिफायर का प्रयोग करने से आपकी स्किन को हाइड्रेशन मिलता है जो उसे बहुत सारा डेमेज होने से बचा सकता है.

यदि आप ऊपर लिखित सभी टिप्स सर्दियों के मौसम में अपनाते हैं तो आपकी स्किन के बैरियर्स को किसी प्रकार का कोई नष्ट नहीं पहुंचेगा और आपकी स्किन हाइड्रेटेड भी रहेगी. अतः अपनी स्किन को डेमेज व ड्राई होने से बचाने के लिए इन सभी टिप्स का प्रयोग करना बहुत आवश्यक है. इसके लिए यदि आपको थोड़े बहुत पैसे भी इन्वेस्ट करने पड़े तो उसमें बिल्कुल भी न झिझकें.

Winter Special: स्वाद और सेहत से भरपूर है किवी, घर पर बनाएं इससे टेस्टी हलवा

अगर आप में भी खून की कमी है तो डौक्टर्स का कहना है कि किवी हेल्थ के लिए फायदेमंद होता है. पर क्या आपने कभी किवी हलवा खाया है. कीवी हलवा न्यूट्रीशियस के साथ-साथ हेल्दी भी होता है. ये हेल्थ के लिए हेल्दी के साथ-साथ टेस्टी भी होता है, जिसे बनाना काफी आसान है.

हमें चाहिए-

3 किवी

3/4 कप सूजी

3/4 कप घी

1 कप चीनी

2 कप पानी

1 बड़ा चम्मच बादाम की कतरन

2 छोटे चम्मच पिस्ते की कतरन

1 बड़ा चम्मच किवी क्रश.

बनाने का तरीका

किवी को छील कर 1/2 कप चीनी के साथ मिक्सी में पीस लें. बची चीनी को 2 कप पानी में घुलने तक पकाएं. एक कड़ाही में घी गरम कर के सूजी को सुनहरा होने तक भूनें.

इस में चाशनी और पिसी हुई किवी डाल दें. हलवा गाढ़ा होने तक पकाएं. अंत में किवी क्रश हलवे में मिक्स करें. बादाम और पिस्ते की कतरन से सजा कर सर्व करें.

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