Anupama New Cast: अनुपमा में होगी इस एक्ट्रेस की धमाकेदार एंट्री, मेकर्स ने किया अप्रोच

टीवी का सबसे सुपरहिट सीरियल ‘अनुपमा’(Anupamaa)में ट्विस्ट खत्म होने का नाम तक नहीं ले रहे. टीवी सीरियल में पांच साल का लीप आ गया है. ऐसे में शो के मेकर्स नए-नए कलाकारों को लेकर आ रहे है. अनुपमा सीरियल के लीप के बाद पांच से छह नए चेहरों की एंट्री हुई है. अब इस लिस्ट में एक और नया नाम शामिल होने जा रहा है. जिससे अनुज और अनुपमा की जिंदगी में काफी असर होगा. दावा किया जा रहा है कि शो में टीवी सीरियल इश्कबाज में नजर आई एक्ट्रेस की शामिल होने वाली है. ऐसे में सावल उठ रहा है कि नई एंट्री के आने से रुपाली गांगुली का पत्ता साफ हो सकता है क्या?

अनुपमा में दिशी दुग्गल की एंट्री

टीवी सीरियल अनुपमा में अमेरिका के ट्विस्ट से फैंस काफी खुशी कर दिया है. शो में आए नए कलाकारों को दर्शक खूब पसंद कर रहे है. अनुपमा में इश्कबाज फेम एक्ट्रेस दिशी दुग्गल की एंट्री हो चुकी है. दिशी दुग्गल सीरियल में यशपाल की मां का किरदार निभाने वाली है. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक यशपाल और अनुज में काफी बड़ा कनेक्शन होने वाला है. सीरियल में कहानी में आगे पता चलेगा कि यशपाल ही अनुज का असली पिता है और यशपाल को मालती देवी धोखा देकर चली गई थी. यानी यशपाल की मां अनुपमा की दादी सास बनेगी, जिसके बारे में अनुपमा को जल्द ही पता चल सकता है. दावा यह भी है कि अनुपमा अनुज से मिलने के बाद यशपाल से भी उसे मिलवा सकती है.

 

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अनुपमा की अपकमिंग कहानी

रुपाली गांगुली और गौरव खन्ना स्टारर अनुपमा के अपकमिंग एपिसोड में काफी ड्रमा देखने को मिलेगा. सीरियल में अपकमिंग एपिसोड में अनुज को महसूस होने लगेगा कि जोशी बेन ही अनुपमा है. दूसरी तरफ यशपाल की मां अनुपमा से मुलाकात करेगी और उससे बहुत खुश होगी. वह अनुपमा को शगुन भी देगी. इतना ही नही श्रुती अनुज को जोशी बेन की तस्वीर दिखाने वाली होती है लेकिन किसी तरह छोटी अनु उसे रोक लेती है. लेकिन वह अनुपमा से मिलने कैफ में जाती है और दोनों के बीच अच्छी दोस्ती हो जाती है.

रिश्तों की डोर: भाग 3- माता-पिता के खिलाफ क्या जतिन की पसंद सही थी

लेखिका- रेनू मंडल

एक शाम पापा के मित्र सुरेश अंकल आए. बातों ही बातों में वह पापा से बोले, ‘‘एक बात मुझे समझ नहीं आई. आप ने जब जतिन और स्वाति को विवाह की इजाजत दे दी थी तो फिर जतिन घर से अलग क्यों हुआ और क्यों उस ने स्वयं मंदिर में शादी कर ली?’’

‘‘अब तुम्हें क्या बताऊं? छोटीछोटी बातों में हमारे विचार मेल नहीं खा रहे थे किंतु इस का मतलब यह तो नहीं कि घर से अलग हो जाओ और स्वयं शादी रचा डालो. पालपोस कर क्या इसी दिन के लिए बड़ा किया था?’’ दबी जबान में पापा बोले.

‘‘यार, अब जमाना बहुत बदल गया है. आज की युवा पीढ़ी इन सब बातों को कहां सोचती है? मांबाप के प्रति भी उन का कुछ फर्ज है, ऐसी भावनाओं से कोसों दूर वे अपने स्वार्थ में लिप्त हैं.’’

अंकल के जाते ही मम्मी भड़क उठीं, ‘‘दोस्त के आगे बेटे को क्यों कोस रहे थे? अपनी बात भी तो उन्हें बताते कि मैं ही दहेज मांग रहा था. तुम्हारे पैसे के लालच के कारण ही जवान बेटे को घर छोड़ने के लिए मजबूर होना पड़ा. मेरी क्याक्या इच्छाएं थीं बेटे की शादी को ले कर किंतु सब तुम्हारे लालच की आग में भस्म हो गईं.’’

मम्मी रोने लगीं. पापा उन के आंसुओें की परवा न करते हुए चिल्लाए, ‘‘तुम तो ऐसे कह रही हो जैसे मैं अकेला ही पैसे की इच्छा कर रहा था. क्या तुम इस काम में मेरे साथ नहीं थीं? आज बड़ी दूध की धुली बन रही हो. इतनी ही पाकसाफ थीं तो उस समय मुझ से क्यों नहीं कहा कि दहेज मत मांगो. नीलू, तू ही बता, क्या तेरी मम्मी दहेज लेना नहीं चाहती थीं?’’

पापा ने मुझे अपने पक्ष में करना चाहा किंतु मम्मी भी पीछे रहने वाली नहीं थीं. वह भी बिना एक पल

गंवाए बोलीं, ‘‘नीलू, तू सच कहना, ज्यादा इच्छा किस की थी, तेरे पापा की या मेरी?’’

‘‘ओह, मम्मीपापा, आप दोनों चुप रहो,’’ मैं खीज उठी, ‘‘जो बीत गया उस की लकीर पीटने से क्या फायदा? बीता वक्त तो हाथ आ नहीं सकता. हां, आने वाला वक्त हमारे हाथ में है. उसे अवश्य संवार सकते हैं,’’ बिगड़ी बात मनाने का एक सूत्र उन के हाथ में दे कर मैं कमरे से बाहर चली आई. अभी मुझे ढेरों काम करने थे. 2 दिन बाद मम्मीपापा और मुझे रमा मौसी की लड़की की शादी में जयपुर जाना था.

जयपुर पहुंचने पर रमा मौसी से आराम से बैठ कर बात करने का वक्त ही नहीं मिला. अगले दिन शादी थी और वह काम करने में व्यस्त थीं. मुझे लगा, व्यस्त होने के साथसाथ वह तनावग्रस्त भी थीं. शाम के समय बड़े मामाजी से मौसीमौसा की परेशानी का कारण पूछा तो वह बोले, ‘‘अरे, तुम लोगों को नहीं पता रमा की परेशानी का कारण. लड़के वालों ने दहेज में कार मांगी है. अब तुम लोग तो जानते ही हो, रमा के पति सुरेशजी रिटायर हो चुके हैं. कार के लिए रुपयों का इंतजाम करना कितना कठिन काम था. लड़की की शादी

क्या की, कर्जे के नीचे दब गए रमा और जीजाजी.’’

मामीजी बोलीं, ‘‘मैं ने तो रमा दीदी से कहा था कि ऐसे लालची लोगों से रिश्ता मत जोड़ो. अरे, जिस ने अपनी लड़की दे दी उस ने सबकुछ दे दिया किंतु रमा दीदी नहीं मानीं. उन्हें डर था, कहीं अच्छा रिश्ता जल्दी मिले न मिले. दरअसल, लड़की वालों की कमजोरी की वजह से ही लड़के वाले ज्यादा सिर चढ़ते हैं.’’

मामामामी की बातें सुन कर मम्मीपापा के चेहरे का रंग उड़ गया. मम्मी धीरे से हांहूं कर के रह गईं. मैं मन ही मन उन की मनोस्थिति का अंदाजा लगा रही थी. क्या बीत रही होगी उन के मन पर. थोड़ी देर पहले तक दोनों रमा मौसी को ले कर कितने चिंतित थे किंतु अब उन की परेशानी का कारण जान कर दोनों के मुंह पर ताला लग गया था.

जयपुर से वापस लौट कर मम्मीपापा और भी व्यथित रहने लगे. मन ही मन दोनों प्रायश्चित की अग्नि में जल रहे थे. अब हर दूसरे दिन मम्मी मुझ से पूछ बैठतीं, ‘‘नीलू, जतिन के घर गई थी क्या?’’ मेरे हां कहने पर उत्सुकता से बेटेबहू के बारे में पूछतीं. मैं जानती थी, मम्मी और पापा के मन में इन दिनों क्या चल रहा था. दोनों अजीब सी कशमकश में फंसे हुए थे. एक तरफ बेटेबहू की ममता तो दूसरी तरफ उन का अहं.

एक दिन मैं कालिज से लौटी तो देखा, मम्मीपापा चाय पी रहे थे. मैं ने उन्हें बताया, ‘‘आज मैं जतिन के घर गई थी. स्वाति को 2 दिन से बुखार है.’’

‘‘अरे, तो उस की देखभाल कौन कर रहा होगा? वह तो पहले ही कमजोर है,’’ मम्मी को चिंता होने लगी.

पापा बोले, ‘‘ऐसा करो जतिन

की मां, खाना बना लो, नीलू वहां दे आएगी.’’

मैं कुछ पल सोचती रही फिर बोली, ‘‘मम्मी, सच कहिए, क्या आप दोनों का मन नहीं करता जतिन और स्वाति को देखने का?’’

‘‘मन तो बहुत करता है. अकसर रातों को नींद खुल जाती है. उस समय कितनी छटपटाहट होती है, क्या बताऊं. तुम्हारे पापा से कुछ कहती हूं तो उन की आंखें पहले ही भर आती हैं. कहते हैं, मांबाप तो अपने घर को बसाते हैं और हम ने बसेबसाए घर के टुकड़े कर दिए.’’

‘‘आप चाहें मम्मी तो इन टुकड़ों को पुन: जोड़ सकती हैं. इस घर को फिर से बसा सकती हैं.’’

‘‘जतिन कभी हमें याद करता है, नीलू,’’ पापा के चेहरे पर गहन पीड़ा के भाव उभर आए थे.

‘‘आप को अपनी ममता पर भरोसा नहीं है मम्मीपापा. जब आप उसे नहीं भूले तो वह आप को कैसे भूल सकता है? आप दोनों मेरा कहा मानिए, यह अत्यंत उपयुक्त अवसर है जतिन और स्वाति के पास जाने का. इस समय आप का बड़प्पन भी बना रहेगा और आप की इच्छा भी पूरी हो जाएगी.’’

‘‘ठीक है जतिन की मां, हम चलते हैं अपने बेटेबहू के पास.’’

हम तीनों जतिन के घर पहुंचे. हमें यों अचानक आया देख जतिन और स्वाति हक्केबक्के रह गए. स्वाति ने तुरंत उठ कर मम्मीपापा के पांव छू लिए. स्नेह से दोनों के सिर पर हाथ फेर कर मम्मी बोलीं, ‘‘हमें माफ कर दो बच्चो. हम अपनी गलती पर बहुत शर्मिंदा हैं.

‘‘ऐसा मत कहिए मम्मी, क्षमा मांगने का अधिकार सिर्फ बच्चों का होता है,’’ मम्मीपापा को देख कर जतिन का चेहरा खुशी से चमक उठा था. उस ने आदर से उन्हें बैठाया. मैं ने जल्दी से सब के लिए चाय बना ली. चाय पीते हुए पापा बोले, ‘‘बच्चो, पिछली बातें भुला कर क्या तुम दोनों अब अपने घर चलने के लिए तैयार हो?’’

‘‘पापा, परिस्थितिवश मैं आप से अलग भले ही रहने लगा परंतु दूर कभी नहीं हुआ. आप जब कहेंगे, हम आ जाएंगे.’’

मम्मीपापा के पछतावे के बारे में मैं ने जतिन और स्वाति को पहले ही बता रखा था इसलिए वे दोनों अपने को मानसिक रूप से इस सब के लिए तैयार कर चुके थे.

‘‘फिर देर किस बात की है? आज ही तुम दोनों हमारे साथ चलो. सामान बाद में आता रहेगा. स्वाति बीमार है. वहां पर इस की भलीभांति देखभाल होगी.’’

‘‘और मुझे छुट्टी भी नहीं लेनी पड़ेगी. आप लोग तो जानते ही हैं, मुझ पर छुट्टियों की हमेशा कमी रहती है,’’ जतिन की इस बात पर स्वाति ने उस की ओर आंखें तरेर कर देखा फिर हंस पड़ी.

मैं सोच रही थी, जीवन में सुख और दुख धूपछांव के समान आते रहते हैं. जहां दिलों में प्यार होता है वहां रिश्तों की डोर इतनी आसानी से नहीं टूटती.

इस दिन सात फेरे लेंगी आमिर खान की लाडली, शादी से पहले वीडियो आया सामने

बॉलीवुड के परफेक्‍शनिस्‍ट कहे जाने वाले अभिनेता आमिर खान (Aamir Khan)  की बेटी इरा खान अपनी शादी को लेकर काफी सुर्खियों में हैं.आमिर खान अपनी बेटी की शादी की तैयारियों में लगे हुए. अभी हाल ही में आमिर खान को शोपिंग करते हुए स्पॉट किया गया था. इरा खान की शादी से पहले सोशल मीडिया पर वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है. जिसमें आमिर खान घर सजा हुआ नजर आ रहा है. इस वायरल वीडियो में आमिर का घर लाइट्स से सजा हुआ है. दरअसल, आमिर खान की बेटी इरा खान (Ira Khan)  नुपुर संग 3 जनवरी को शादी के बंधन में बंध रहे है.

दुल्हन की तरह सजा आमिर का घर

आमिर खान की बेटी इरा खान जल्द ही बॉयफ्रेंड नुपुर शिखरे संग शादी करने वाली है. पिछले साल ही इरा खान ने नुपुर शिखरे के साथ सगाई की थी. उस दौरान इन दोनों कपल की सगाई की फोटो और वीडियो जमकर वायरल हुई थी. अब इरा खान और नुपुर शिखरे की शादी से पहले बॉलीवुड एक्टर आमिर खान का बंगला दुल्हन की तरह सुंदर सजाया गया है. जिसने भी यह वीडियो देखी वह देखता रह गया.

 

 

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आमिर खान की अपकमिंग फिल्म बॉलीवुड सुपरस्टार आमिर खान लाल सिंह चड्ढा में नजर आए थे. वहीं इस 2024 में इन फिल्मों में आएंगे नजर. आमिर की ब्लॉकबस्टर हिट ‘तारे जमीन पर’का दूसरा पार्ट ‘सितारे जमीन पर’2024 में रिलीज होगी. चैंपियंस रीमेक की शूटिंग जनवरी में शुरु करेंगे.

Winter Special: कहीं आपकी स्किन नमी तो नहीं खो रही

27उम्र के साथ महिलाओं के शरीर में प्री-मेनोपॉज और मेनोपॉज़ के कारण कई केमिकल और हार्मोनल परिवर्तन होते हैं जो स्किन की नमी को नुकसान पहुँचाते हैं जिसके कारण स्किन अपनी खूबसूरती खो देती है. स्किन की खूबसूरती को बचाने के लिए के डर्मेटोलॉजी क्लिनिक की प्रसिद्ध डर्मेटोलॉजिस्ट, संस्थापक और अध्यक्ष, डॉ निवेदिता दादू बता रही हैं कुछ आसान से टिप्स.

कई कारण हैं जो एक टेक्सचर्ड स्किन स्थिति का कारण बनते हैं. कई बार अनेक डेड स्किन और केराटिनाइज़्ड कोशिकाओं के जमा हो जाने से और स्किन में होने वाली खुजली के कारण भी इसकी कोमलता पर असर पड़ता है. जिन लोगों को कभी मुंहासों/एक्ने हुए हों या अक्सर होते रहते हैं, उनकी स्किन की सतह के नीचे छोटे-छोटे निशान बन जाते हैं. जिन लोगों की स्किन अधिक मात्रा में सीबम (तेल) उत्पादन करती है, उनके पोर्स यानि कि रोमछिद्र बड़े हो जाते हैं. स्किन की सतह पर डेड स्किन का अत्यधिक निर्माण, अनुवांशिकता, सूरज की किरणों द्वारा क्षति और प्रदूषण, गलत कॉस्मेटिक प्रोडक्ट्स का प्रयोग भी स्किन को खुरदरी और असमान बना देता है.

ये कुछ आसान स्किनकेयर टिप्स हैं जिनकी मदद से आप ड्राई स्किन से राहत पा सकते हैं:

1. स्किन को हाइड्रेट करना सबसे जरुरी है – यानि कि स्किन कि नमी को बनाये रखना. इसके लिए ज़रूरी है की पहले आप अपनी स्किन को एक अच्छे फेसवॉश से साफ़ करें और फिर एक हाइड्रेटिंग मॉइस्चराइज़र लगाएं. यदि आपकी स्किन ऑयली है तो क्रीम के बजाय जैल वाले मॉइस्चराइजर का प्रयोग करें.

2. AHA और BHA जैसे एसिड वाले स्किनकेयर उत्पादों का का प्रयोग करें. अल्फा हाइड्रॉक्सी एसिड (AHA) और बीटा हाइड्रॉक्सी एसिड (BHA) दो हाइड्रॉक्सी एसिड हैं जो विभिन्न स्किनकेयर उत्पादों जैसे क्लीन्ज़र, मॉइस्चराइज़र, पील्स और एक्सफ़ोलीएटिंग उत्पादों में पाए जाते हैं. यह एसिड स्किन के टेक्सचर और कोमलता के लिए सबसे अच्छे माने जाते हैं.

3. हम एक्सफोलिएशन का उल्लेख किए बिना इवन और शाइन स्किन की बात नहीं कर सकते हैं. इसके लिए आप एक फिजिकल एक्सफोलिएटर जैसे पिसे हुए अखरोट और जोजोबा ब्रीड्स या केमिकल एक्सफोलिएटर जैसे ग्लाइकोलिक या लैक्टिक एसिड का उपयोग आसानी से कर सकते हैं. एक्सफोलिएशन डेड स्किन सेल्स को धीमा कर देता है जो लेजी स्किन और स्किन के बंद छिद्र/पोर्स को बंद कर देते हैं और कांच जैसी बनावट देते हैं.

4. केमिकल पील्स टेक्सचर्ड, खुरदरी और असमान स्किन की स्थिति से छुटकारा पाने के लिए एक बहुत लोकप्रिय उपचार है. नियमित फेशियल की जगह फूलों के एसिड पील ट्रीटमेंट का इस्तेमाल करें. केमिकल पील्स आपको तुरंत परिणाम देते हैं और भीतर से ताजा और शाइन स्किन का निर्माण करते हैं.

5. स्किन के टेक्सचर को स्वस्थ बनाए रखने का एक सबसे अच्छा तरीका यह है कि आप बेड पर जाने से पहले इसे अच्छी तरह से साफ कर लें. ताकि मेकअप, सनस्क्रीन और धूल बाहर निकल जाए.

6.ड्राई और अनइवेन स्किन बनावट के लिए सनबर्न या सूरज की हानिकारक किरणों से होने वाली क्षति सबसे आम कारणों में से एक है. इसके लिए एक व्यापक स्पेक्ट्रम सनस्क्रीन जिसमें एसपीएफ ३० और पी ए रेटिंग +++ हो आप उसका इस्तेमाल करें और जब आप धूप में बाहर निकलें तो अपनी स्किन को जितना हो सके उतना ढकने का प्रयास करें.

7.अपने छिद्रों को कम करने में मदद करने के लिए एक अच्छे अल्कोहल-मुक्त टोनर के साथ इसका प्रयोग करें.

8.ड्राई और अनइवेन स्किन से राहत पाने के लिए फेस मास्क का प्रयोग करें, फेस मास्क स्किन के बंद पोर्स को खोल देता है इसके लिए क्ले और नीबू एक्सट्रेक्ट वाले फेस मास्क का प्रयोग करें.

9. अगर स्किन की बनावट या स्किन की टेक्सचर में घर की देखभाल के साथ सुधार नहीं हुआ, तो स्किन के टेक्सचर में सुधार के लिए स्किन विशेषज्ञ की सलाह पर लेज़र ट्रीटमेंट ले सकते हैं.

नारियल: जूही और नरेंद्र की गृहस्थी में नंदा घोल रही थी स्वार्थ का जहर

सर्दियों में मेरे बाल बहुत ही रफ व ड्राई हो जाते हैं, मैं क्या करुं?

सवाल-

मेरी उम्र 25 साल है. सर्दियों में मेरे बाल बहुत ही रफ व ड्राई हो जाते हैं. मैं चाहती हूं कि मेरे बाल सिल्की व सौफ्ट हों?

जवाब-

सर्दियों में ज्यादातर हम गरम पानी से हेयर वाश करते हैं जिस से बाल रफ व ड्राई हो जाते हैं. बाल धोने के लिए कुनकुने पानी का इस्तेमाल करना चाहिए न कि बहुत गरम पानी का. अगर फिर भी आप के बाल रफ लगें तो कंडीशनर लगाया जा सकता है, जिस से बाल बहुत सिल्की व शाइनी नजर आते हैं. सैट करते वक्त जरूरी हो तो मौइस्चर किक सिरम का भी इस्तेमाल किया जा सकता है. सर्दियों में हफ्ते में एक बार हैड मसाज करना भी अच्छा रहता है. हैड मसाज करने के लिए नारियल का तेल या औलिव औयल का इस्तेमाल किया जा सकता है.

सर्दियों में एक हेयर पैक लगाया जा सकता है जिस से कि बाल सौफ्ट बने रह सकते हैं. इस के लिए एक केला और दूध लें. इन को मिक्सी में डाल कर बहुत अच्छे से पेस्ट बना लें. इस में एक छोटा चम्मच शहद डाल लें. इस पेस्ट को बालों पर ब्रश की सहायता से लगा लें. आधे घंटे बाद बालों को धो लें. यह बालों को मौइस्चराइज करेगा और सौफ्ट व सिल्की बनाएगा.

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आप की त्वचा की तरह आप के बाल भी मौसम की मार झेलते हैं. चिलचिलाती गरमी बालों को बेहद रूखा बना देती है तो मौनसून की नमी उन की सतह पर फंगल इन्फैक्शन के खतरे को बढ़ा देती है. इस के बाद ठंड आने पर बाल काफी कमजोर और डल से हो जाते हैं. ऐसे में आप अगर सर्दी का मौसम आने से पहले अपने बालों की केयर के लिए निम्न खास तरीके अपनाएंगी तो आप अपने बालों को स्वस्थ और खूबसूरत रख सकती हैं:

हैल्दी डाइट और सप्लिमैंट

अगर आप अंदर से स्ट्रौंग हैं, तो इस का असर आप के बालों पर साफ नजर आता है. अगर आप अपनी डाइट में हैल्दी न्यूट्रिशन लेती हैं, तो इस से आप का शरीर स्वस्थ रहेगा और त्वचा पर भी चमक नजर आएगी. इस का असर बालों पर भी दिखेगा. इस के लिए आप ज्यादा से ज्यादा प्रोटीन युक्त डाइट लें, जिस में अंडे, चिकन, ओमेगा-3 फैटी ऐसिड, आयरन, काजू व बादाम आदि शामिल हों. इस के अलावा आयरन व फोलिक ऐसिड के सप्लिमैंट भी ले सकती हैं. ये आप के बालों को हैल्दी रखते हैं.

अगर आप की डाइट में न्यूट्रिशन की भरपूर मात्रा न हो तो सप्लिमैंट की जरूरत होती है. अत: अपने बालों को सर्दी की मार से बचाने के लिए आप विटामिन बी कौंप्लैक्स, प्रोटीन और कैल्सियम के सप्लिमैंट ले सकती हैं. अगर आप बहुत ज्यादा हेयरफौल से परेशान हैं तो डर्मेटोलौजिस्ट की सलाह लें.

ब्लोड्रायर का इस्तेमाल

पतझड़ के मौसम में नमी काफी कम होती है. ऐसे में ड्रायर और हौट आयरन का इस्तेमाल बालों पर कम करें. ऐसा करने पर आप के बाल सर्दी के मौसम में ब्लोड्रायर्स के इस्तेमाल के लिए तैयार रहेंगे. बालों पर ड्रायर का ज्यादा इस्तेमाल करने से सिर की परत के रोमछिद्र खुल जाते हैं. जिस से गंदगी रोमछिद्रों से अंदर प्रवेश कर जाती है. इस से बालों की जड़ें बेहद कमजोर हो जाती हैं. अत: बालों को ड्रायर करने से पहले अगर सिर की सतह पर बालों को सौफ्ट करने वाली क्रीम लगा ली जाए तो ड्रायर से होने वाला नुकसान काफी कम हो जाएगा.

अगर आपकी भी ऐसी ही कोई समस्या है तो हमें इस ईमेल आईडी पर भेजें- submit.rachna@delhipress.biz   सब्जेक्ट में लिखे…  गृहशोभा-व्यक्तिगत समस्याएं/ Personal Problem

Rakul Preet Singh इस दिन बॉयफ्रेंड संग लेंगी सात फेरे ! सामने आई शादी की सारी डिटेल

Rakul Preet-Jackky Bhagnani Marriage : साल 2023 में जहां कई बॉलीवुड सेलेब्स शादी के बंधन में बंधे हैं. तो वहीं वर्ष 2024 में भी कई अभिनेता-अभिनेत्री सात फेरे लेने वाले हैं. जनवरी 2024 में जहां आमिर खान की बेटी इरा खान अपने बॉयफ्रेंड नुपुर शिखरे संग सात फेरे लेंगी. तो वहीं बॉलीवुड एक्ट्रेस रकुल प्रीत सिंह भी अपने लॉन्ग टाइम बॉयफ्रेंड जैकी भगनानी संग शादी करने वाली हैं.

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, अभिनेत्री रकुल और अभिनेता जैकी इसी साल फरवरी के महीने में सात फेरे लेंगे. हालांकि दोनों की शादी की खबर को लेकर अभी आधिकारिक पुष्टी नहीं हुई है.

 

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फरवरी में होगी शादी

आपको बता दें कि, रकुल प्रीत सिंह और जैकी भगनानी (Rakul Preet-Jackky Bhagnani Marriage) 22 फरवरी को शादी के बंधन में बंधेगे. दोनों अपने परिवार के सदस्यों और करीबी दोस्तों की मौजूदगी में गोवा में सात फेरे लेंगे. कहा जा रहा है कि स्टार्स अपनी शादी को बहुत ज्यादा प्राइवेट रखना चाहते हैं. इसलिए वह इसकी आधिकारिक घोषणा भी नहीं करेंगे.

हालांकि इससे पहले भी दोनों की शादी की खबरों को लेकर रूमर्स उड़ी थी. कहा जा रहा था कि पिछले साल ही दोनों शादी करेंगे. लेकिन बाद में एक्ट्रेस ने इससे इनकार कर दिया था.

बैचलर पार्टी एंजॉय कर रहे हैं जैकी

इसके अलावा कहा तो ये भी जा रहा है कि इस वक्त एक्टर जैकी भगनानी (Jackky Bhagnani) अपनी बैचलर पार्टी एंजॉय कर रहे हैं. वहीं एक्ट्रेस रकुल, (Rakul Preet) फिल्मों से ब्रेक लेकर थाईलैंड में अपना क्वालिटी टाइम एन्जॉय कर रही हैं.

 

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रकुल-जैकी का वर्क फ्रंट

आपको बताते चलें कि, एकट्रेस रकुल, (Rakul Preet) एक्टर कमल हासन के साथ फिल्म इंडियन 2 में नजर आएंगी, जिसमें कमल एक वृद्ध स्वतंत्रता सेनानी की भूमिका निभाएंगे. जो भ्रष्टाचार के खिलाफ युद्ध छेड़ने का फैसला करते है. तो वहीं दूसरी तरफ जैकी (Jackky Bhagnani) के प्रोडक्शन तले बनी फिल्म ‘बड़े मियां छोटे मियां’ रिलीज होने को पूरी तरह से तैयार है. जो इसी साल ईद के मौके पर सिनेमाघरों में रिलीज होगी.

हेल्दी टिफिन हेल्दी किड्स कॉम्पटीशन

हेल्दी टिफिन बच्चों को हेल्दी रखने में सहायक होते हैं. हालांकि खाने में स्वाद और स्वास्थ्य दोनों को संतुलित करना मुश्किल है. ये एक ऐसी समस्या है, जिसका मदर्स हमेशा से समाधान निकालने की कोशिश में लगी रहती हैं. टिफिन सिर्फ हेल्दी फूड सर्व करने तक ही सीमित नहीं है, बल्कि इसे साफ हेल्दी लंच बौक्स में परोसना भी जरूरी होता है. एंटी बैक्टीरियल एक्सो, सिर्फ सफाई नहीं करता, बल्कि गंदे बर्तनों पर 10 सेकंड में 700 पर्सेंट बढ़ने वाले बैक्टीरिया का खात्मा भी करता है और लंच बौक्स को साफ करके टिफिन बौक्स को भी हेल्दी बनाता है.

आइए आपको बताते हैं कुछ मजेदार रेसिपीज के बारे में…

  1. कटलेट रोल

एक पैन में 2 छोटे चम्मच तेल गरम कर 1/4 कप बारीक कटा प्याज भूनें. फिर 1 कप कटी मिक्स वैज (शिमला मिर्च, गाजर, उबली मटर) डाल कर 1 मिनट तक पकाएं. अब 2 कटी हरी मिर्च, 1/2 चम्मच अदरक लहसुन पेस्ट, 1/2 चम्मच कालीमिर्च पाउडर, 1/2 चम्मच लालमिर्च पाउडर, 1/2 चम्मच ओरिगैनो, नमक, 2 आलू उबले व मैस किए, 3 चम्मच ब्रैड क्रंब्स, 1 चम्मच नीबू का रस, 1 चम्मच कटी हुई धनियापत्ती डाल कर अच्छी तरह मिलाएं. ठंडा होने पर रोल बनाएं और ब्रैड क्रंब्स में कोट कर सुनहरा तल लें.

प्रतियोगिता की विजेता: अमिता गुप्ता, भोपल (मध्य प्रदेश)

2. लौकी पालक बौल्स

1 कप कसी हुई लौकी और 100 ग्राम कटी पालक को 1/2 कप बेसन में जरूरतानुसार पानी, नमक, अमचूर पाउडर, 1 चुटकी हींग, 1 छोटा चम्मच सूखा अनारदाना, थोड़ा जीरा पाउडर के साथ मिक्स कर बौल्स तैयार करें. कड़ाही में तेल गरम कर धीमी आंच पर सुनहरा तल लें. मेयो और कैचप के साथ टिफिन में दें.

हमें अपने हेल्दी और टेस्टी लंच बौक्स रेसिपीज को grihshobha@delhipress.biz पर भेजें या 9650966493 पर व्हाट्सऐप करें. ताकि आप दूसरी मदर्स की मदद कर सकें और यहां आपको अपनी हेल्दी रेसिपीज को फीचर करने का मौका मिल सकें.

स्कैन करें और जानें कि आपके बच्चों के लंच बौक्स स्वास्थय समस्याओं का कारण कैसे हो सकते हैं.

EXO

रेसिपी भेजने की अंतिम तिथि: 25 जनवरी 2024

चयनित रेसिपीज को पत्रिका में प्रकाशन और 1000/- का अमेजन गिफ्ट वाउचर जीतने का मौका.

श्रीदेवी के मुंबई स्थित दो फ्लैट बेचे उनके पति बोनी कपूर ने

अपने समय की मशहूर अदाकारा श्रीदेवी ने सफल फिल्म निर्माता बोनी कपूर से 1996 में प्रेम विवाह किया था.बोनी कपूर ने अपनी पहली पत्नी यानी कि अभिनेता अर्जुन कपूर की मां मोना शोरी को तलाक देकर श्रीदेवी संग विवाह किया था. बाद में 25 मार्च 2012 को मोना शोरी की मौत हो गयी. श्रीदेवी व बोनी कपूर की दो बेटियां जान्हवी कपूर और खुशी कपूर हैं.श्रीदेवी के पास मंुबई के अलावा दक्षिण भाारत में काफी प्रापर्टी रही है.श्रीदेवी का चेन्नई स्थित एक बंगला बोनी कपूर ने उस वक्त बेच दिया था,जब श्रीदेवी जिंदा थी.उस वक्त सूत्रों ने दावा किया था कि इससे श्रीदेवी काफी आहत हुई थीं..पर श्रीदेवी ने बोनी कपूर के खिलाफ कभी कुछ नहीं कहा.24 फरवरी 2018 को दुबई के एक होटल में श्रीदेवी की संदिग्ध हालत में मौत हो गयी थी.कुछ लोग आज भी इसे हत्या मानकर चल रहे हैं.हम यहां याद दिलाना चाहेंगे कि श्रीदेवी ‘‘गृहशोभा’’ पाक्षिक पत्रिका की बहुत बड़ी प्रशंसक थीं.श्रीदेवी ने 2017 में अपने कैरियर की 300 वीं फिल्म ‘‘माॅम’’ के लिए हिंदी में सिर्फ ‘गृहशोभा’’ पत्रिका के साथ ही एक्सक्लूसिब बातचीत की थी.यह बातचीत मुंबई के जे डब्लू मेरिएट होटल में हुई थी.

बहरहाल, श्रीदेवी की मौत के पांच वर्ष बाद अब उनके पति बोनी कपूर ने श्रीदेवी के मुंबई में अंधेरी के लोखंडवाला स्थित ग्रीन एके्रड के चार बड़े आलीशान फ्लैट बेच दिए हैं. सूत्रों पर यकीन किया जाए तो इनमें से एक फ्लैट ग्रीन एक्रेड का निर्माण करने वाले बिल्डर ने श्रीदेवी को उपहार में दिया था.यह बात कितनी सच है,इसकी जानकारी शायद बोनी कपूर को हो. कहा जा रहा है कि श्रीदेवी के फ्लैट , श्रीदेवी की बेटियों जान्हवी कपूर और खुशी कपूर की सहमति से किया गया.बोनी कपूर ने ग्रीन एक्रेड बिल्डिंग में 1807 स्क्वायरफट का फ्लैट सिद्धार्थ नारायण और अंजू नारायण को बेचा है.जबकि 1614 स्क्वायर फुट का फ्लैट मुस्कान विरवानी और नरेंद्र विरवानी को.सभी जानते है कि अब तक ‘ग्रीन एक्रेड’ बिल्डिंग की पहचान श्रीदेवी के ही कारण हुआ करती रही है. श्रीदेवी की मौत के बाद दुबई से उनके पार्थिव षरीर को यहीं पर लाया गया था और उनकी अंतिम यात्रा भी ग्रीन एक्रेड से ही निकली थी.अब बोनी कपूर ने किन मजबूरियों के तहत यह कदम उठाया,यह तो बोनी कपूर के अलावा श्री देवी की दोनों बेटियां ही जानती है.पर सभी चुप हैं.बोनी कपूर ने ग्रीन एक्रेड के श्रीदेवी के फ्लैटों को बेचने की बात जरुर कबूली है.पर इससे अधिक वह कुछ भी कहने को तैयार नही है.इतना ही नही अभी तक इस पर राज बना हुआ कि श्रीदेवी के इन फ्लैटों को बेचने से बोनी कपूर को  कितनी रकम मिली है?

व्रत: भाग 1- क्या वर्षा समझ पाई पति की अहमियत

लेखक-अमृत कश्यप

साल में 2 बार नवरात्रे आते हैं. उन दिनों में अनिल की शामत आ जाती. घर में खेती कर दी जाती और सब्जीतरकारी में प्याज का इस्तेमाल बंद हो जाता. वहीं, जरा सी ही कोई प्यार की बात की तो उसे माता रानी के कोप से डराया जाता. अनिल के दिल में यह अरमान ही रहा कि कभी उस की पत्नी उसे प्यार करने के लिए उत्साहित करे. उस ने हमेशा अनिल का तिरस्कार ही किया. अनिल कपड़े पहन कर दफ्तर जाने के लिए तैयार हो चुका था. दूसरे कमरे में उस की पत्नी वर्षा गीता का पाठ करने में मग्न थी. वह दिल ही दिल में खीझ रहा था कि उसे दफ्तर को देर हो रही है और वर्षा पाठ करने में लगी हुई है. सत्ता में नरेंद्र मोदी का फरमान लागू है, समय पर दफ्तर पहुंचने के कड़े आदेश हैं, किंतु वर्षा है कि उसे कुछ परवा ही नहीं. खाना बनने की प्रतीक्षा करूं तो देर हो जाएगी और अधिकारियों की झाड़ सुननी पड़ेगी, भूखा ही जाना होगा आज भी. उस ने एक्टिवा पर कपड़ा मारा और बाहर निकाल कर खड़ी कर दी.

वापस कमरे में आ कर बोला, ‘‘मैं आज भी भूखा ही दफ्तर चला जाऊं या कुछ खाने को मिलेगा?’’

वर्षा ने कोई उत्तर न दिया और पाठ करती रही. अनिल ने थोड़ी देर और प्रतीक्षा की, फिर बड़बड़ाता हुआ एक्टिवा उठा कर भूखा ही दफ्तर चला गया. अनिल के लिए यह नई बात नहीं थी. उस की पत्नी रोज ही सुबह नहाधो कर पूजा करने बैठ जाती और वह नाश्ते के लिए चिल्लाता रहता, किंतु उस पर कोई असर न होता. उस की शादी को 8 साल हो चुके थे, किंतु अभी तक उन के यहां कोई संतान नहीं हुई थी.

पहले वह अपने मातापिता के साथ रहता था. वर्षा सुबह उठ कर पूजापाठ में लग जाती और उस की मां उसे खाना बना कर दे दिया करती थी. कुछ समय बाद उसे सरकारी फ्लैट मिल गया और वह अपनी पत्नी को ले कर फ्लैट में चला आया था. यहां आ कर उसे नई समस्या का सामना करना पड़ रहा था. अनिल को अकसर रोज भूखे ही दफ्तर जाना पड़ता था क्योंकि वर्षा पूजापाठ में लगी रहती थी, खाना कौन बनाता? उस ने कई बार उस से कहा भी था, किंतु वह कब मानने वाली थी. वह तो अपना धर्मकर्म छोड़ने को बिलकुल तैयार न थी. अनिल का विचार था कि इंसान को भगवान की आराधना नहीं, अपनी रोजीरोटी की चिंता करनी चाहिए.

वह वर्षा के रोजरोज के व्रत से भी बहुत परेशान था. आज क्या है? आज पूर्णमासी का व्रत है. आज सोमवती अमावस्या का व्रत है. आज मंगल का व्रत है. यह कहना शायद गलत न होगा कि रोज ही कोई न कोई व्रत होता था और वर्षा उसे अवश्य रखा करती थी. अनिल की उम्र 22 साल की थी और वर्षा की 20 साल. जवानी की उम्र थी, अनिल के दिल में अरमान थे, कुछ उमंगें थीं. वह अपनी पत्नी से प्यार करना चाहता था, किंतु जब भी वह उस से प्यार जताता या उसे छू भर देता तो वर्षा कहती, ‘मुझे हाथ मत लगाओ, जी, मैं आज अमुक व्रत में हूं. मुझे तो पाप लगेगा ही, तुम को भी पाप का भागीदार बनना पड़ेगा,’ बेचारा अनिल दिल मसोस कर रह जाता.

कभी अनिल जोरजबरदस्ती पर उतर आता तो वह अपना पल्ला छुड़ा कर दूसरे कमरे में चली जाती और रामायण या गीता ऊंचीऊंची आवाज में पढ़ने लग जाती. वह उस समय उसे क्या कहता. इन रोजरोज के व्रतों से वह खिन्न रहने लगा था. एक दिन अनिल ने निर्णयात्मक लहजे में कहा, ‘‘वर्षा, यह रोजरोज के व्रत रखने से भला तुम्हें क्या लाभ होता है? क्यों भूखी रहरह कर तुम अपने शरीर को दुर्बल बनाती जा रही हो? कभी अपनी शक्ल भी देखी है आईने में? आंखों के नीचे गड्ढे पड़ गए हैं, रंग पीला पड़ता जा रहा है.’’

इस पर वर्षा बोली, ‘‘व्रत रखने से बड़ा पुण्य मिलता है.’’

‘‘क्या पुण्य मिलता है? तुम वर्षों से नित्य ही कोई न कोई व्रत रखती आ रही हो. कोई परिवर्तन हुआ है घर में? वही दो वक्त की रोटी नसीब होती है, वही नपीतुली तनख्वाह है. तुम्हारे भोलेनाथ ने हमें क्या दिया? महालक्ष्मी ने धन की कौन सी वर्षा कर दी? तुम लौटरी के इतने टिकट लेती हो, कभी तुम्हारी महालक्ष्मी से यह तक तो हुआ नहीं कि एक पैसे का भी इनाम निकलवाया हो.’’

‘‘लौटरीवौटरी तो दूसरी बातें हैं.’’

‘‘फिर यह कथाकीर्तन और व्रत रख कर भूखे मरने से क्या लाभ? भगवान और देवताओं की चापलूसी, खुशामद का क्या फायदा?’’

‘‘इंसान को कर्म तो करना ही चाहिए.’’

‘‘अवश्य करना चाहिए.’’

लेकिन फिर भगवान, देवीदेवता बीच में कहां से कूद पड़े? जैसा कर्म करें वैसा ही उस का नतीजा होगा. मेहनत करेंगे तो पैसा आएगा ही और फिर इस का यह मतलब नहीं कि पति भूखा ही दफ्तर चला जाए और तुम पूजापाठ करती रहो. मुझे एक बूंद देसी घी नसीब नहीं होता और तुम हो कि पूरा एक किलो देसी घी का डब्बा जोत जलाजला कर ही बरबाद कर देती हो?’’

‘‘क्यों नास्तिकों जैसी बातें करते हो?’’

‘‘हां, मैं नास्तिक हूं, वर्षा, यह कहां का न्याय है कि पति असंतुष्ट रहे, अप्रसन्न रहे, पत्नी देवीदेवताओं को प्रसन्न करने के चक्कर में लगी रहे. सुबह उठ कर खाना बना दिया करो, जिस से मैं खाना खा कर दफ्तर जा सकूं. शायद तुम्हें पता नहीं है कि तुम्हारे

खाना न बनाने की वजह से मुझे रोज ही 100-200 रुपए की चपत लग जाती है. भूखे पेट तो मैं रह नहीं सकता. पूजापाठ करना हो तो दिन में किसी समय कर लिया करो,’’ अनिल ने गुस्से में कहा.

‘‘पूजापाठ तो सुबह ही किया जाता है, उसे कैसे छोड़ दूं?’’

‘‘मुझे चाहे भूखा रहना पड़े? देर से जाने पर मुझे भले ही नौकरी से निकाल दिया जाए?’’

‘‘तुम्हारी नौकरी कहीं नहीं जाती जी, बाबा बालकनाथ सब पर कृपा रखते हैं.’’

‘‘हां, अगर नौकरी से जवाब मिल गया तो तुम्हारे बाबा बालकनाथ की तरह मैं भी झोलीचिमटा ले कर हरिभजन कर लिया करूंगा. मांगने से दो रोटियां मिल ही जाया करेंगी.’’

‘‘तुम बाबा बालकनाथजी का निरादर कर रहे हो?’’ वर्षा ने चिढ़ कर कहा.

‘‘निरादर नहीं कर रहा हूं, मैं तो तुम्हें समझाने की चेष्टा कर रहा हूं. हैरानी है कि तुम्हारे समझ में कुछ नहीं आता.’’

और सचमुच अनिल के लाख समझाने पर भी वर्षा पर कोई असर नहीं हुआ. वह उसी प्रकार व्रत रखती रही, पूजा करती रही और नित्य ही अनिल भूखा दफ्तर जाता रहा. वर्षा का परिवार बेहद अंधविश्वासी था. मातापिता दोनों कईकई आश्रमों में जाते थे. वर्षा सुंदर थी, स्मार्ट थी पर पढ़ाई में साधारण थी और मातापिता व बाबाओं की बात आंख मूंद कर मान लेती थी. उस की शादी अनिल के साथ उस के मामा ने बड़ी भागदौड़ के बाद कराई थी क्योंकि मातापिता तो कहते थे कि बाबा अपनेआप करा देंगे. शादी के बाद अनिल को पता चला कि वर्षा कैसी अंधविश्वासी थी पर उस के अलावा वह हर तरह से ठीकठाक थी. हां, बच्चा न होने पर वह और भावुक हो गई. लेकिन डाक्टरों के पास जाने को वह तैयार नहीं हुई थी.

एक दिन रात के 11 बजे होंगे, अनिल के मन में तरंग उठी. वह उठ कर वर्षा के पलंग के पास जा कर बैठ गया. उस का बैठना था कि वर्षा की आंख खुल गई और वह झट से उठ कर बैठ गई. अनिल ने उसे मनाने की बहुत कोशिश की, किंतु उस ने उसे हाथ तक न लगाने दिया. कहने लगी, ‘‘देखो जी, मैं ने सवा महीने के लिए आप से अलग रहने का व्रत लिया है, अभी 10 दिन बाकी हैं.’’ और फिर उस ने अनिल से अपने कमरे में जा कर सो जाने को कहा. उस के दिल को बहुत गहरी चोट लगी और वह चुपचाप अपने कमरे में आ गया. उसे वर्षा पर बहुत गुस्सा आ रहा था. वह अपनी भूल पर पश्चात्ताप कर रहा था कि मैं ने वर्षा जैसी धर्मांध से क्यों शादी की? मेरा प्यार करने को दिल चाहता है तो मैं कहांजाऊं? उस के दिल में तो यह अरमान ही रहा कि कभी उस की पत्नी उसे प्यार करने के लिए उत्साहित करे, कभी मुसकरा कर उस का स्वागत करे. वर्षा ने हमेशा ही उस का तिरस्कार किया है. उस ने कई तरीकों से उसे समझाने की चेष्टा की, किंतु वर्षा ने अपना नियम न छोड़ा.

आगे पढ़ें- वर्षा को शौचालय जाना था. जाते समय उसे…

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