कुछ दिनों से आंखों में दर्द रहता है, मैं क्या करुं?

सवाल-

मैं 24 वर्षीय युवती हूं और मेरा पूरा दिन औफिस में कंप्यूटर पर काम करते बीतता है. कुछ दिनों से मेरी आंखों में रिड़कन रहती है और कभीकभी आंखों में दर्द  होने लगता है. कृपया उचित समाधान बताएं?

जवाब-

घंटो कंप्यूटर पर काम करने वाले लोगों में ड्राई आई की समस्या आम है. दरअसल, यह समस्या कंप्यूटर स्क्रीन पर आंखें एकटक लगातार गड़ाए रखने से उपजती है. इस के फलस्वरूप पलक झपकने की कुदरती गति धीमी पड़ जाती है और आंखों की बाहरी सतह को प्राकृतिक रूप से नम रखने वाली आंसुओं की सूक्ष्म धारा टूट जाती है. नतीजतन आंखें शुष्क पड़ जाती हैं.ड्राई आई की समस्या से उबरने के लिए जरूरी है कि आप पलकें समयसमय पर झपकाती रहें. काम करते हुए बीचबीच में कुछ देर के लिए कंप्यूटर छोड़ कर कोई दूसरा काम कर लें.चाहें तो खिड़की से ही बाहर झांक लें या दूर लगी तसवीर को निहार लें. जब कभी फोन परबात कर रही हों, तो अपनी आंखें मूंद लें. इतना करने भर से आंखों की नमी लौट आएगी और उन्हें राहत मिलेगी.आंखों को नम बनाए रखने के लिए दिन में 3-4 बार आंखों में टीयरप्लस या रिफ्रैश जैल आई ड्रौप्स भी इस्तेमाल में ला सकती हैं. समस्या फिर भी जस की तस रहे तो बेहतर होगा कि किसी आंख के डाक्टर से परामर्श कर लें. 

गरमी की तपन के बाद बारिश की रिमझिम फुहारें बड़ा सुकून देती हैं. लेकिन इस मौसम में नमी और उमस बढ़ने के कारण रोगाणु और बैक्टीरिया भी बड़ी संख्या में पनपने लगते हैं. इन के कारण आंखों के संक्रमणों जैसे स्टाई, फंगल इंफेक्शन, कंजक्टिवाइटिस और दूसरी कईं समस्याओं का खतरा बढ़ जाता है. आंखें हमारे शरीर का बहुत ही नाजुक और महत्वपूर्ण अंग हैं, इसलिए मानसून में हमें अपनी आंखों का विशेष ध्यान रखना चाहिए. जानिए इस मौसम में आंखों की कौनकौन सी समस्याएं हो जाती हैं और इन्हें स्वस्थ्य रखने और संक्रमण से बचाने के लिए क्या करें.

अगर आपकी भी ऐसी ही कोई समस्या है तो हमें इस ईमेल आईडी पर भेजें- submit.rachna@delhipress.biz   सब्जेक्ट में लिखे…  गृहशोभा-व्यक्तिगत समस्याएं/ Personal Problem

भैरवी: भाग 2- आखिर मल्हार और भैरवी की शादी क्यों नहीं हुई

इसी बीच बलदेव सिंह का अचानक सड़क दुर्घटना में देहांत हो गया. पिता के देहांत पर जब भैरवी गांव आई तो उसे अपनी बचपन की सहेली से पता चला कि मल्हार का परिवार गांव छोड़ कर राजस्थान चला गया है, जहां के कणकण में लोकसंगीत बसा है. मल्हार के परिवार को वहां बहुत प्रसिद्धि मिल रही है.

पिता की मृत्यु के पश्चात मां राजरानी बिलकुल टूट गई थीं और दादी ने भी खाट पकड़ ली थी. खेतों पर भी बटियादारों द्वारा कब्जा हो गया था और पैसों की तंगी के कारण घर चलाना मुश्किल हो रहा था.

भैरवी का सिविल सेवा परीक्षा का वह चौथा प्रयास था. वह दिनरात कड़ी मेहनत कर रही थी कि इस बार तो वह सिविल सेवा की परीक्षा उत्तीर्ण कर ले. एक दिन वह लाइब्रेरी से लौट रही थी कि उसे मां की चिट्ठी मिली. चिट्ठी में लिखा था-

‘बिटिया भैरवी, शादी विवाह समय पर हो जाए तो सही रहता है. तुम न जाने क्या मन में पाले बैठी हो. बड़ी मुश्किल से तुम्हारे लिए एक रिश्ता आया है, मेरी भाभी के मायके की तरफ का. अगले रविवार को लड़के वाले आ रहे हैं. तुम भी आ जाओ. तुम्हारा विवाह हो तो आगे सोनी का भी विवाह करना है. दोनों बेटियों का विवाह कर लूं तो गंगा नहाऊं.’’

मल्हार के प्रेम में रचीबसी भैरवी इस बार मां को कुछ न कह पाई. उसे तो यह भी नहीं पता था कि इतने साल बीत जाने के बाद मल्हार उस से प्रेम करता भी है या नहीं.

उस ने अपनी सखियों से सुना भी था कि लड़के तो निर्मोही होते हैं. आज किसी से प्रेम तो कली किसी दूसरे से. दिल देने में माहिर होते हैं दिल फेंक किस्म के लड़के, मल्हार भी ऐसा ही हो, क्या पता.

रविवार का दिन था. मां के कहने पर भैरवी ने मां की ही हलकी गुलाबी साड़ी पहनी थी. गुलाबी साड़ी में उस की सांवली सी रंगत और खिल आई थी. आईने में स्वयं को देख कर इतराई थी भैरवी. सांवलासलोना सा रूप, तीखे नैननक्श और लंबी छरहरी काया.

लड़के वालों के सामने जब भैरवी चाय ले कर गई तो उस ने देखा होने वाला दूल्हा और सोनी आपस में बातें कर रहे हैं. अल्हड़ सी सोनी चिडि़या की तरह चहक रही थी, इधरउधर फुदक रही थी.

थोड़ी ही देर में परिणाम सामने था. लड़के वालों ने भैरवी के स्थान पर सोनी को पसंद कर लिया था.

लड़के की मां बोली थीं, ‘‘माफ कीजिए बहनजी, हमें तो अपने बेटे के लिए गोरी लड़की चाहिए. आप की भैरवी का तो रंग बहुत दबा हुआ है. हम सोनी के साथ अपने लड़के का रिश्ता करना चाहेंगे, भैरवी के साथ नहीं.’’

चारों तरफ सन्नाटा छा गया. समय की गति थम गई. तभी दादी ने नीरवता तोड़ते

हुए कहा, ‘‘कोई बात नहीं, आप को सोनी पसंद है तो हम सोनी का विवाह आप के लड़के से करा देंगे. सोनी भी अब विवाह लायक है ही.’’

भैरवी सोनी को दुलहन बनते देखती रही. सोनी के साथ ही उस का दुलहन बनने का सपना भी जैसे विदा हो गया.

उसी साल भैरवी का आईएएस में चयन हो गया. फिर कभी दादी या मां ने भैरवी को विवाह करने के लिए नहीं कहा.

भैरवी ने घर का पूरा बोझ अपने कंधों पर उठा लिया. उसकी आमदनी से ही घर चलने लगा. नौकरोंचाकरों की आदत भैरवी को कम उस के घर वालों को अधिक पड़ने लगी.

सभी की सुषुप्त इच्छाएं एक बार पुन: जाग उठीं. मां को महंगी साडि़यां भाने लगी और राजू और दीपू को ब्रैंडेड कपड़े और मोटरसाइकिलें. बड़ी मेहनत से भैरवी ने राजू को इंजीनियर बनाया और दीपू को विदेश पढ़ने भेजा.

आज सभी के विवाह हो चुके हैं. सभी अपनेअपने परिवारों के साथ खुश हैं. दादी को गुजरे हुए 5-6 वर्ष बीत चुके हैं. मां राजरानी भैरवी के साथ ही रहती हैं. भैरवी के बालों में चांदी ?ांकने लगी है. शरीर भी थोड़ा सा भर गया है परंतु चेहरे का लावण्य ज्यों का त्यों है.

‘‘मैडम, चाय बना दूं? क्या आप की तबीयत नहीं ठीक है? आप का चेहरा उतरा सा लग रहा है.’’ मोहना ने पूछा.

मोहना की आवाज से भैरवी अपने अतीत की पुस्तक बंद कर वर्तमान में लौट आई.

इतने सालों से साथ काम करतेकरते मोहना भी भैरवी के लिए सैके्रटरी कम और सखी ज्यादा हो गई थी.

‘‘हां, बना दो… और हां, मां के लिए कल सवेरे की दिल्ली की फ्लाइट का टिकट बुक कर दो, उन्हें मौसी के यहां किसी शादी में जाना है,’’ चाय का घूंट भरते हुए भैरवी के सामने मल्हार का चेहरा उभर आया. वही 16-17 बरस का पतली सी मूंछों वाला मल्हार, जिस की बोलती सी भूरी आंखों में डूब जाने का मन करता था भैरवी का.

‘‘सुन, यदि मैं कुछ दिन तुझ से न मिलूं तो क्या तू मुझे भूल जाएगी?’’ गंगा के कछार पर बैठे हुए एक दिन मल्हार ने उस से पूछा था.

‘‘हां बिलकुल,’’ कहते हुए वह जोर से खिलखिला पड़ी और मल्हार का मासूम सा चेहरा रोंआंसा हो आया था, ‘‘पर मैं तो तुझे जिंदगीभर नहीं भूलूंगा, ब्याह करूंगा तो सिर्फ तुझ से,’’ मल्हार ने अपनी हथेलियों में उस का चेहरा लेते हुए कहा था, ‘‘चल झूठे.’’

कहते हुए भैरवी ने शरारत से अपना मुंह बिचकाया था और फिर न जाने क्या सोच कर उस ने उचकते हुए मल्हार के कपोलों पर अपने प्रेम की नन्ही सी मुहर लगा दी थी.

Bigg Boss 17: वाइल्ड कार्ड बनकर शो में धमाका करेंगी Rakhi Sawant

बॉलीवुड एक्टर सलमान खान का सबसे कॉन्ट्रोवर्शियल रियलिटी शो बिग बॉस 17 शुरु हुए 1 महीना हो चुका है. शो दिनों- दिन बोरिंग होता जा रहा है. बिग बॉस की ऑडियंस इस शो को देखने से दूर भाग रहे है क्योंकि शो में मौजूद कंटेस्टेंट्स कुछ खास कमाल करते नजर नहीं आ रहे. बिग बॉस 17 की टीआरपी भी गिरती जा रही है. मेकर्स इस सीजन की टीआरपी को धांसू बनाने के लिए घर में नए-नए ट्विस्ट लेकर आ रहे है, लेकिन कंटेस्टेंट्स की घटिया स्ट्रैटजी देखकर दर्शक भी बोर हो गए है. ऐसे में दावा किया जा रहा है कि शो में जल्द ही अब नए वाइल्ड कार्ड कंटेस्टेंट्स की एंट्री हो सकती है, जिसमें राखी सावंत (Rakhi Sawant) का नाम सामने आ रहा है. कहा जा रहा है कि मेकर्स इस सीजन की टीआरपी की उठाने के लिए राखी सावंत की एंट्री घर में करवा सकते हैं.

पति आदिल दुर्रानी के साथ आएंगी राखी सांवत

टीवी का सबसे पॉपुलर रियलिटी शो बिग बॉस 17 में जल्द ही बड़ा धमाका होने वाला है. दावा किया जा रहा है कि शो के मेकर्स बिग बॉस 17 से पांच बोरिग कंटेस्टेंट्स का पत्ता साफ होने वाला है. जिसकी शुरुआत नाविद सोल से हो चुकी है. नाविद सोल का मिड वीक इविक्शन हुआ है. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक जल्द ही कुछ और कंटेस्टेंट शो से बाहर होंगे, जिसके बाद घर में पांच से छह वाइल्ड कार्ड कंटेस्टेंट्स की एंट्री हो सकती है. लेटेस्ट खबर के मुताबिक बिग बॉस 17 में राखी सांवत आ सकती है. दरअसल, मेकर्स राखी सांवत को अकेले लाने की प्लानिंग नहीं कर रहे वह राखी एक्स हसबैंड आदिल दुर्रानी को लेकर आएंगे, जिससे घर में काफी ज्यादा धमाके होंगे.

 

पति रितेश के संग शो में हिस्सा ले चुकी है राखी सांवत

आपको बता दें कि राखी सांवत बिग बॉस के घर में कई बार आ चुकी है. वह इस शो के फर्स्ट सीजन में आ चुकी है. इसके बाद राखी सांवत को शो में टीआरपी बढ़ाने के लिए बुलाते रहे है. राखी ने बिग बॉस 15 में अपने पति रितेश के साथ एंट्री लीं थी. उस दौरान ड्रामा क्वीन ने पहली बार दुनिया को रितेश का चेहरा दिखाया था, जिस वजह से शो की टीआरपी तेजी से ऊपर भागी थी. अब मेकर्स एक बार फिर इसी तरह की प्लानिंग कर रहे हैं.

औनलाइन गेम्स कैरियर भी फेम भी

दुनियाभर में गेमिंग इंडस्ट्री तेजी से उभर रही है. यह ऐसी फील्ड है जहां युवा, खासकर, टीनऐजर अपने कैरियर के मौके तलाश रहे हैं.

ग्लोबल गेम्स मार्केट रिपोर्ट के अनुसार, औनलाइन गेम्स से ग्लोबल मार्केट में साल खत्म होतेहोते गेमिंग इंडस्ट्री में इनकम 200 बिलियन डौलर हो जाएगी. यानी यह कितना बड़ा सैक्टर है, इस का अंदाजा लगाना कइयों को चौंका सकता है.

यूट्यूब इस समय गूगल के बाद सब से बड़ा सर्च इंजन है. यहां हर दिन लगभग 2 बिलियन यूजर्स आते हैं और इस प्लेटफौर्म पर एक बिलियन घंटे समय बिताया जाता है. गेमर्स यूट्यूब पर लाइव आ कर रिकौर्ड करते हैं और अपनी स्किल्स दिखाते हैं. यह प्लेटफौर्म गेमर्स के लिए खुद की रीच बढ़ाने का बड़ा माध्यम बन चुका है.

अजय जो ‘अज्जू भाई’ के नाम से फेमस है, वह गेमिंग इंडस्ट्री में जानामाना नाम है. अहमदाबाद के रहने वाले अज्जू ने गेमिंग की शुरुआत छोटे से मोबाइल से की थी. अज्जू ने अपना कैरियर फ्रीलांसर रह कर सौफ्टवेयर डैवलपर के रूप में शुरू किया.

अजय कई पीएचपी और जावा स्क्रिप्ट प्रोग्रामिंग लैंग्वेज जानता है. वर्ष 2015 में अजय ने क्लैश औफ क्लैन्स जैसे स्मार्टफोन गेम्स खेलना शुरू किया. इस के बाद गेमिंग में उन्हें पछाड़ना गेमर्स के लिए मुश्किल होता गया.

औनलाइन गेमिंग में कैरियर

देखा जाए तो औनलाइन गेमिंग में काफी कैरियर स्कोप है. कई युवा इसे, बस, एंटरटेनमैंट से ही जोड़ कर देखते हैं, लेकिन यह सिर्फ एंटरटेनमैंट ही नहीं, कैरियर के दरवाजे भी खोलता है. 10वीं या 12वीं के बाद मल्टीमीडिया या एनीमेशन कोर्स कराने वाले इंस्टिट्यूट्स में गेम डैवलपर या गेमिंग डिजाइनिंग के कोर्स हैं. इस में सर्टिफिकेट, डिप्लोमा और डिग्री तीनों कोर्स उपलब्ध हैं.

गेमिंग डैवलपर्स अपनी क्रिएटिव सोच के हिसाब से गेम्स बनाता है, इसलिए इस फील्ड में क्रिएटिविटी जरूरी होती है. गेमिंग सौफ्टवेयर और गेमिंग थ्योरी की सम?ा होना भी जरूरी है. इस के अलावा गेमिंग के लिए स्केचिंग, इमेजिनेशन और लाइटिंग इफैक्ट्स की जानकारी भी जरूरी होती है.

उज्ज्वल चौरसिया, जिसे टैक्नो गेमर्स के नाम से भी जाना जाता है, दिल्ली का यूट्यूबर है. वह गेमिंग वर्ल्ड में काफी पौपुलर है. उज्ज्वल ने अपना गेमिंग कैरियर छोटी उम्र से शुरू कर दिया था. बचपन से ही उसे वीडियो गेम को ले कर जिज्ञासा थी.

गेमिंग में कैरियर सिर्फ खेलना नहीं. गेम प्रोड्यूसर भी कैरियर के लिए अच्छा औप्शन है. इस में डिजाइनिंग की जानकारी के अलावा 3डी मौड्यूलिंग और 2डी सौफ्टवेयर की नौलेज होनी जरूरी है. वहीं, औडियो इंजीनियर के लिए एल प्लूसप्लशस व साउंड इंजीनियरिंग के कंप्यूटर लैंग्वेज की जानकारी भी जरूरी है. वीडियो गेम प्रोड्यूसर का काम पूरे प्रोडक्शन के काम पर नजर रखना होता है.

लोकेश राज की पहचान गेमिंग वर्ल्ड में लोकेश गेमर के नाम से है. वह जेनेरा फ्री फायर गेम का मास्टर और यूट्यूबर व कंटैंट डैवलपर है. उस के दोस्त उसे डायमंड किंग के नाम से बुलाते हैं.

लोकेश भारत के सदर्न स्टेट तेलंगाना से है. छोटी उम्र में ही उस ने कामयाबी हासिल की है. लोकेश ने 2017 में यूट्यूब चैनल की शुरुआत की थी, लेकिन पहली वीडियो उस ने 2019 में अपलोड की.

गेम की दुनिया का बादशाह बनने के लिए गेम डिजाइनर अच्छा कैरियर विकल्प है. इस के लिए लेटैस्ट टैक्नोलौजी में महारत हासिल करनी होती है. गेमिंग वर्ल्ड में चीजें बहुत तेजी से बदलती हैं तो बदलती चीजों के साथ खुद को अपडेट रखना बेहद जरूरी होता है. साथ ही, दुनिया में कब क्या नया हो रहा है, यह आप को पता होना चाहिए.

इस में समय की चिंता किए बगैर काम करते रहना होता है. गेम डिजाइनिंग के साथ गेम को फनी बनाना, गेम राइटिंग और डायग्राम तैयार करना होता है. एक तरह से इन के ऊपर बहुत सारी जिम्मेदारियां होती हैं.

अमित शर्मा, जिसे अमित भाई के नाम से लोग पहचानते हैं, वैस्ट बंगाल के सिलीगुड़ी से है. उस ने अपने चैनल का नाम ‘देसी गेमर्स’ और ‘देसी आमी’ रखा है. दोनों चैनलों में मिलियनों में फौलोअर्स हैं.

अपने शुरुआती समय में वह एनिमेटेड वीडियो बनाता था. उस के बाद वह गेमिंग फील्ड में आया और इंडिया के फेमस गेमर्स में शुमार हो गया.

अगर आप कल्पनाशील हैं और अपनी कल्पनाओं को उड़ान देना चाहते हैं व अपनी चीजों को सीरियसली लेते हैं तो एनिमेशन की दुनिया में कैरियर बनाना अच्छा औप्शन है. इस के लिए 2डी कौन्सैप्ट आर्ट के माध्यम से 3डी मौडल्स और 2डी टैक्स्चर मैप तैयार करना आना चाहिए. एक एनिमेटर आमतौर पर प्रोग्रामर और सीनियर आर्टिस्ट के साथ गेम के कैरेक्टर के हर पहलू पर काम करता है.

‘कैरी मिनाटी’ को कौन नहीं जानता. यूट्यूब में भारत के अगर टौप इन्फलुएन्सर की बात की जाए तो कैरी का नाम शुरुआती 5 में आएगा. कैरी का असली नाम अजय नागर है. वह फरीदाबाद का रहने वाला है. उसे रोस्ट के रूप में पहचान मिली है. करोड़ों बार उस की वीडियोज को देखा जाता है. हालांकि उस की वीडियो में गालियां होती हैं और देखने वाले अधिकतर युवा होते हैं तो एक खराब मैसेज युवाओं को पहुंचता है.

अजय का नाम गेमर के तौर पर भी खूब चर्चित रहता है. वह यूट्यूब पर लाइव गेम अपलोड करता है. हजारों की संख्या में युवा उस की वीडियो देखते हैं.

औडियो प्रोग्रामर की डिमांड गेमिंग वर्ल्ड में बहुत ज्यादा है. दमदार आवाज से अपनी अलग पहचान बनाने वालों के लिए यह क्षेत्र बेहतरीन है. अलगअलग गेम कैरेक्टर्स की तरह आवाजें जनरेट करने की कला इस फील्ड में कैरियर को आगे बढ़ा सकती है. और, आवाज मौड्यूलेशन का काम सिर्फ गेमिंग वर्ल्ड में ही नहीं, बल्कि इस जैसी कई इंडस्ट्रीज को यह कवर करता है, खासकर सिनेमा में इस का खूब यूज होता है.

वैसे, यह फील्ड कंप्यूटर इंजीनियर के लिए बेहतरीन मानी जाती है. औडियो प्रोग्रामर को गेम में स्पैशल इफैक्ट के इस्तेमाल के लिए साउंड के बारे में अच्छी नौलेज रखना जरूरी है. इस तरह के प्रोग्रामर गेम के लिए औडियो तैयार करने के अलावा साउंड इंजीनियरिंग का भी काम करते हैं.

चारकोल फेस पैक निखारे खूबसूरती

खूबसूरती निखारने में चारकोल का इस्तेमाल इन दिनों खूब किया जाने लगा है. यही वजह है कि मेकअप किट में भी इस ने अपनी जगह बना ली है. क्लींजर, फेस मास्क, स्क्रब्स यहां तक कि नहाने के साबुन में भी इस का इस्तेमाल हो रहा है. आजकल शाइनिंग स्किन के लिए चारकोल का इस्तेमाल अब करीब हर कंपनी अपने प्रोडक्ट में करने लगी है.

आइए जानते हैं इस के फायदों के बारे में

चारकोल फेस मास्क

चारकोल फेस मास्क लगाने के बाद उस के सूखने के बाद उसे पील औफ किया जाता है. यह त्वचा पर हैल्दी ओर ग्लोइंग असर दिखाता है. चारकोल फेस मास्क लगाने से चेहरे की गंदगी, तेल और बारीक धूल साफ हो जाती है. ब्लैकहैड्स करे दूर: अगर आप ब्लैकहैड्स की समस्या से परेशान हैं, तो ब्लैकहैड्स रिमूवल स्ट्रिप इस्तेमाल करें, जिस में ऐक्टिवेटेड चारकोल हो. यह चेहरे में गहराई तक जा कर ब्लैकहैड्स को जड़ से खत्म कर देता है. यही नहीं, यह चेहरे के मुंहासों को भी खत्म करने में मदद करता है. यह न सिर्फ चेहरे को क्लीन करता है, बल्कि पोर्स को भी साफ कर के त्वचा की चमक को बरकरार रखता है. इस के इस्तेमाल से चेहरे पर गंदगी जमा नहीं होती और आप पूरा दिन फ्रैश फील करती हैं.

करता है सनस्क्रीन का काम

बदलते मौसम का सब से ज्यादा असर चेहरे पर ही पड़ता है. तेज धूप के संपर्क में आने से स्किन डल हो जाती है. ऐसे में चारकोल स्किन को हैल्दी बनाने के साथसाथ सूर्य की हानिकारक किरणों से भी त्वचा की रक्षा करता है. अगर आप सनस्क्रीन लगाना भूल भी जाती हैं, तो आप की स्किन को ज्यादा नुकसान नहीं पहुंचेगा.

पौल्युशन से बचाव

ऐक्टिवेटेड चारकोल की खासीयत यह है कि वह स्किन से टौक्सिन को खींच निकालता है यानी यह टौक्सिन के लिए एक मैगनेट की तरह है. रात में सोने से पहले चारकोल बेस्ड फेसवाश का इस्तेमाल चेहरे को अंदर तक क्लीन कर तरोताजा कर देगा. चारकोल फेसवाश से चेहरा साफ करने से स्किन में मौजूद गंदगी, तेल और धूल पोर्स से बाहर निकल जाएगी और स्किन साफ और हैल्दी हो जाएगी. फेयर स्किन: फेयर स्किन के लिए चारकोल का इस्तेमाल खूब किया जा रहा है. यह स्किन को अंदर तक साफ कर उसे मुलायम बनाता है. इस में ऐसे तत्त्व होते हैं, जो स्किन को हैल्दी तो बनाते ही हैं, साथ ही चेहरे की रौनक भी लौटाते हैं.

असल में चारकोल का मतलब कोयले से नहीं है. यहां बात हो रही है ऐक्टिवेटेड चारकोल की, जो लकड़ी और नारियल के शेल से बना बारीक पाउडर होता है और यह त्वचा के साथसाथ कई रोगों में भी बहुत कारगर है. हैल्दी और शाइनिंग स्किन के लिए हफ्ते में 1 बार चारकोल फेसमास्क का उपयोग करें. औयली स्किन वाली महिलाएं इस का उपयोग हफ्ते में 2 बार कर सकती हैं.

अगर स्किन ड्राई है, तो फेस मास्क लगाने के बाद, मौइश्चराइजर लगाना न भूलें. पील औफ मास्क त्वचा पर लंबे समय तक रखने पर बुरा असर हो सकता है. इस बात का ध्यान रखें कि ऐसा फेस मास्क, जिस में त्वचा की तैलीय ग्रंथियों की सक्रियता कम होती है, उसे त्वचा पर लंबे समय तक लगा कर नहीं रखना चाहिए. इस से त्वचा की जरूरी नमी खत्म हो जाती है. अगर मास्क आप रात में लगाती हैं, तो इस का असर ज्यादा अच्छा होगा.

मिनी सिंह 

ऐसे बनाएं रवा उपमा

सामग्री

– रवा/सूजी (01 कप)

– फ्रेंच बीन्स (01 बड़ा चम्‍मच कटी हुई/इच्‍छानुसार)

– हरी मटर (01 बड़ा चम्‍मच)

– गाजर  (01 नग बारीक कटे हुए)

– मूंगफली के दाने ( 01 बड़ा चम्‍मच, भुने हुए)

– राई ( 1/4 छोटा चम्मच)

– हरी मिर्च (01 बारीक कटी हुई)

– तेल (02 बड़े चम्‍मच)

– बटर ( 01 बड़ा चम्‍मच)

– हरी धनिया (01 बड़ा चम्‍मच कटा हुआ)

– नमक ( स्वादानुसार)

रवा उपमा बनाने की विधि :

सबसे पहले सूखी कढ़ाई को गरम करें.

– कढ़ाई गरम होने पर उसमें सूजी डालें और हल्का भूरा होने तक उसे लगातार चलाते हुये भून लें.

– भुनने के बाद सूजी को एक प्‍लेट में निकाल लें.

– अब कढ़ाही मे तेल डालकर गरम करें.

– तेल गरम होने पर उसमें मूंगफली के दाने डालें और हल्का सा भून लें.

–  भुने हुए दानों को एक प्लेट में निकाल लें.

– अब कढ़ाही में राई डाल कर चटकाएं.

–  राई तड़कने पर तेल में कटी हुई हरी मिर्च, कटी हुए गाजर, कटी हुई बींस और मटर के दाने डालें                 और चलाते हुए थोड़ा सा भून लें.

–  इसके बाद कढ़ाई में सूजी, तीन कप पानी और नमक डालें और चलाने के बाद मीडियम आंच पर               पकाएं.

–   कढ़ाई में उबाल आने पर सूजी को बराबर चलाते रहें.

–   कुछ देर बाद सूजी का मिश्रण हलवा जैसा गाढ़ा हो जाएगा.

–   गाढा होने पर इसमें भुने हुए मूंगफली के दाने डाल दें और चलाते हुए तीन-चार मिनट तक                        पकाएं. इसके बाद गैस बंद कर दें और कढ़ाई में बटर डाल कर अच्‍छी तरह से मिला लें.

लीजिए अब आपका स्‍वादिष्‍ट रवा उपमा  तैयार है. बस इसे हरी धनिया से गार्निश करें और                     गरमा-गरम सर्व करें.

 

सर्दियों में बढ़ता हार्ट अटैक का खतरा, जानें क्यों

ठंड का मौसम खुशियों का मौसम होता है, इस खुशनुमा मौसम का मतबल है ढेर सारे त्‍यौहार, छुट्टियां और कई और चीजें. सर्दियों का यह मौसम बच्‍चों और बुजुर्गों की सेहत के लिये परेशानी खड़ी कर कर सकता है, ठंड का यह मौसम अपने साथ हमेशा ही कुछ चुनौतियां और सेहत से जुड़े खतरे लेकर आता है, खासकर बुजुर्गों के लिये. वातावरण में काफी बदलाव होने की वजह से बुजुर्गों के लिये एक सामान्‍य जीवनशैली का पालन कर पाना मुश्किल हो जाता है.

बुजुर्ग जब युवा होते हैं तो उसकी तुलना में इस उम्र में बौडी हीट जल्‍दी खो देते हैं. शरीर में होने वाला बदलाव उम्र बढ़ने के साथ आता है, जिससे आपके लिये ठंड महसूस होना ज्‍यादा मुश्किल हो सकता है. इससे पहले कि बुजुर्ग व्‍यक्ति को कुछ पता चले कि आखिर क्‍या हो रहा है, बहुत ज्‍यादा ठंड खतरनाक समस्‍याओं में बदल सकता है.

ठंड के मौसम में दिल का दौरा पड़ने का खतरा क्‍यों बढ़ जाता है

1. अध्‍ययनों में यह बात सामने आयी है कि अगर आपको पहले भी दिल का दौरा पड़ चुका है, आपको दिल की बीमारी है या आपकी उम्र 65 साल से ज्‍यादा है तो खासतौर से ठंड का मौसम खतरनाक हो सकता है.

2. ठंड का मौसम ब्‍लड प्रेशर और कोलेस्‍ट्रॉल के स्‍तर को बढ़ा सकता है- ये दोनों ही दिल के दौरे के लिये जोखिम का कारण हैं.

3. इससे दिल को नुकसान पहुंचाने वाले ब्‍लड की क्‍लॉटिंग भी हो सकती है

3. जैसे ही तापमान नीचे गिरता है, आपकी रक्‍त वाहिकाएं सख्‍त हो जाती हैं और आपके शरीर को गर्म रखने के लिये रक्‍त का संचार तेज हो जाता है.

स्‍वीडन के 274,000 लोगों का निरीक्षण करने के बाद, ‘JAMA कार्डियोलॉजी’ में प्रकाशित अध्‍ययन में यह बात सामने आयी है कि जब तापमान काफी कम हो जाता है तो दिल का दौरा पड़ने का खतरा बहुत ज्‍यादा बढ़ जाता है.

बचाव

कमजोर दिल वालों को खासतौर से ठंड के मौसम में सतर्क रहना चाहिये. उन्‍हें नियमित रूप से एक्‍सरसाइज करनी चाहिये, हालांकि उन्‍हें इसके समय में बदलाव करना चाहिये, यानी बहुत ठंड में जाने से बचें. ‘अमेरिकन हार्ट एसोसिएशन’ के अनुसार, जिन बुजुर्गों को कार्डियोवेस्‍कुलर समस्‍याएं हैं उन पर ठंड का विपरीत प्रभाव पड़ सकता है. कम तापमान और हवाओं के कारण बॉडी हीट कम हो जाती है, रक्‍त वाहिकाएं सिकुड़ जाती हैं, पूरे शरीर तक ऑक्‍सीजन पहुंचना मुश्किल हो जाता है.

‘अमेरिकन हार्ट एसोसिएशन’ सलाह देता है कि बुजुर्गों को गर्मी को बनाये रखने के लिये और इंसुलेशन प्रदान करने के लिये परतों में कपड़े पहनने चाहिये. पतली काया वाले बुजुर्गों को ठंड संबंधी कार्डियोवेस्‍कुलर समस्‍याओं का खतरा ज्‍यादा रहता है, क्‍योंकि उनमें गर्मी देने के लिये और रक्‍त संचार को बनाये रखने के लिये पर्याप्‍त फैट नहीं होता है. इस बात का पता होना अच्‍छा है कि किन बातों का ध्‍यान रखना चाहिये और किस चीज की उम्‍मीद की जानी चाहिये, ताकि इस मौसम में आप स्‍वस्‍थ रह सकें या बुजुर्ग की सेहत पर नज़र रख सकें:

1. खुद को गर्म रखें, ठंड से बचें

2. नमक और पानी की मात्रा का सेवन कम कर देना चाहिये ताकि ज्‍यादा पसीना ना निकले

3. जरूरत से ज्‍यादा ना खायें

4. शराब सीमित मात्रा में लें

5. जरूरत से ज्‍यादा काम ना करें

6. नियमित रूप से बीपी पर नज़र रखें और अगर यह बढ़ता है तो इसका सही रूप में इलाज होना चाहिये

7. इंफेक्‍शन से बचना एक और महत्‍वपूर्ण पहलू है और इस मौसम के शुरू होने से पहले इंफ्लुएंजा और निमोनिया की वैक्‍सीन लगवा लेनी चाहिये ताकि छाती में होने वाले संक्रमण से बचा जा सके.

8. अगर इंफेक्‍शन के लक्षण नज़र आते हैं तो एंटीबायोटिक्‍स के साथ तत्‍काल इलाज करना चाहिये.

9. जो दवाएं बतायी गयी हैं उन्‍हें जरूर लें.

10. अगर आपको अच्‍छा महसूस होने लगा है तो भी दवा लेना ना छोड़ें

11. जिस डौक्‍टर से इलाज करवा रहे हैं उन्‍हें किसी भी तरह के साइड इफेक्‍ट के बारे में तुरंत बतायें.

डौ. के एस सुब्रमणि, MBBS, MD, DM, FESC, FICC सी‍नियर कंसल्‍टेंट इंटरवेंशनल कार्डियोलौजिस्‍ट कंसल्‍टेंट- मेडल क्‍लूमैक्‍स, बेंगलुरू से बातचीत पर आधारित.

मैं अपने रिलेशनशिप को एक लेवल आगे बढ़ाना चाहता हूं, मैं क्या करुं?

सवाल-

गलफ्रैंड के साथ मेरी फ्रैंडशिप हुए अभी  6 महीने हुए हैं. हम आपस में खूब मिलते हैं, बातें करते हैं. वह मु झ से और मैं उस से सैक्सी बातें भी करता हूं. लेकिन मैं पता नहीं लगा पा रहा कि वह मेरे साथ सैक्स करने में कितनी इंट्रैस्टैड है. मैं उस से सैक्स के लिए पूछूं और वह मना कर दे, ऐसा मैं हरगिज नहीं चाहता. ऐसा क्या करूं कि वह मेरी फीलिंग्स सम झे,  मु झे गलत न सम झे और फिजिकल होने में उस की रजामंदी शामिल हो?  उस की रजामंदी मेरे लिए बहुत माने रखती है.

जवाब-

यह अच्छी बात है कि आप अपने पार्टनर की फीलिंग्स का ध्यान रखते हैं और सैक्स के लिए उस की रजामंदी आप के लिए उतनी ही माने रखती है जितनी खुद की.

फिलहाल कुछ तरीके अपना कर देखें जिन के जरिए आप अपनी गर्लफ्रैंड से अपनी ख्वाहिश जाहिर कर सकते हैं, जैसे कि साथसाथ चलते हुए, बातें करते हुए आप उस का हाथ अपने हाथ में ले सकते हैं. उंगलियों को आपस में उल झा सकते हैं. इस से वह महसूस करेगी कि आप ज्यादा नजदीकी चाहते हैं.

उस की तारीफ करते हुए आंखों में आंखें डाल कर उस के हावभाव देखें. उस की कमर पर हाथ रख कर देखें कि उस का क्या रिऐक्शन है. उस का अच्छा मूड देखते हुए एसएमएस या व्हाट्सऐप  भेजें, ‘आई वांट यू.’ इंतजार कीजिए वह क्या जवाब देती है या कोई उत्तर देती है भी या नहीं.

सरप्राइज में इनरवियर सैट गिफ्ट में दें लेकिन उस से कह दें कि अकेले में खोल कर देखे. गर्लफ्रैंड आप की इच्छा जरूर समझ जाएगी.

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प्यार, रोमांस फिर शादी ये चलन सदियों से चला आ रहा है. दो युगलों के बीच प्यार एक पराकाष्ठा को पार तब करता है जब दोनों का मिलन आत्मा से होता है. प्यार का समागम आत्मा और शरीर दोनों से ही होता है. जब नवविवाहिता आती है तो धारणा यह बनती है कि अब दोनों का शारीरिक मिलन तय है, पर यह गलत है. हालांकि, शारीरिक मिलन यानि कि सेक्स जीवन का एक आधार है एक नई पीढ़ी को तैयार करने का. पर नवविवाहित जोड़ों को सेक्स से संबंधी कुछ समस्याओं का सामना करना पड़ता है. या यूं कहें कि कुछ मतभेद जो उनके दिलों में कई सवाल बनकर खड़े हो जाते हैं. सेक्स से जुड़े वो कौन-से मतभेद हैं जो उनको एक-दूसरे के करीब नहीं आने देते –

अगर आपकी भी ऐसी ही कोई समस्या है तो हमें इस ईमेल आईडी पर भेजें- submit.rachna@delhipress.biz   सब्जेक्ट में लिखे…  गृहशोभा-व्यक्तिगत समस्याएं/ Personal Problem

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