भैरवी: भाग 1- आखिर मल्हार और भैरवी की शादी क्यों नहीं हुई

कमरेमें पंखा फुलस्पीड पर चल रहा था. लखनऊ में वैसे भी अप्रैल आतेआते अच्छीखासी गर्मी पड़ने लगती है.

मेज पर रखी ‘भैरवी सिंह, जिलाधिकारी’ नेमप्लेट के नीचे दबे लिफाफे से झंकते फड़फड़ाते गुलाबी कागज पर भैरवी की नजरें टिकी थीं. कागज पर लिखे सुनहरे रंग के शब्द दूर से ही चमक रहे थे.

‘‘सुप्रसिद्ध लोग गायक ‘मल्हार वेद’ के सुरों से सजी संध्या में आप सादर आमंत्रित हैं.’’

‘मल्हार’ यह नाम पढ़ते ही भैरवी का दिल डूबने सा लगा. उस ने अपनी कुरसी की पीठ पर सिर टिका कर आंखें बंद कर लीं. पलकों के पीछे एक जानापहचाना सा दृश्य उभरने लगा. दूरदूर तक फैला गंगा का कछार और किनारे बसा प्रयाग के नजदीक ही कहीं छोटा सा उस का गांव मल्हार. यही तो नाम था उस का. 9-10 बरस

का लड़का आ कर जोर से भैरवी के कंधों पर धौंस जमाता और उस के कानों में चिल्लाता, ‘‘धप्पा.’’

भैरवी ने अचकचा कर आंखें खोल दीं. सामने उस की सैक्रेटरी मोहना खड़ी थी. बोली, ‘‘मैडम, आप का कल के लिए शेड्यूल बनाना था. कल सुबह आप की मंत्री महोदय के साथ मीटिंग है, फिर दोपहर में एक आर्ट गैलरी के उद्घाटन में जाना है और फिर कल शाम 7 बजे से फोक सिंगर मल्हार के कार्यक्रम में आप आमंत्रित हैं. आयोजकों ने डिनर के लिए भी रिक्वैस्ट की है. क्या कह दूं मैडम उन से?’’

‘‘ठीक है मोहना. हम कार्यक्रम में तो जाएंगे परंतु डिनर तक  रुकेंगे या नहीं यह मैं बाद में देख लूंगी,’’ भैरवी ने अनमने ढंग से कहा, ‘‘चल न. तेरे बाग से आम की कच्ची कैरियां तोड़ें.’’

35 साल पुराना समय और फिर वही 9-10 बरस का लड़का सामने आ खड़ा हुआ.

‘‘मैं नहीं खाती कच्ची कैरियां, मां कहती है कच्ची कैरियां खाने से गला खराब हो जाता है. मेरा गला खराब हो गया तो मैं गाना कैसे गाऊंगी?’’ 7-8 साल की नन्ही भैरवी ने तुनक कर जवाब दिया.

‘‘तेरी मां को कैसे पता? क्या वे भी गाना गाती हैं?’’ लड़के ने उत्सुकता से पूछा.

‘‘गाती हैं न पर पापा से छिप कर जब पापा दूसरे गांवों के दौरे पर जाते हैं तब… पता है मेरी मां बहुत सुरीला गाती हैं कोयल की तरह,’’ भैरवी हाथ और आंखें नचानचा कर बोली.

‘‘तुझे भी गाना पसंद है न?’’ लड़के ने पूछा.

‘‘हां, बहुत… मां कहती हैं कि मेरी तो सांसों में भी लय है. मेरी बातों में राग और मेरी आवाज में संगीत, इसीलिए तो उन्होंने मेरा नाम भैरवी रखा है. तुझे तो गाने के बारे में सब बातें पता होंगी, तेरे पिताजी तो गायक हैं न,’’ भैरवी की प्रश्नसूचक निगाहें मल्हार के चेहरे पर टिकी थीं.

‘‘हां, मेरे तो खानदान में सभी को संगीत से बहुत लगाव है. मेरे पिताजी और बड़े चाचा चैती, फाग, कजरी जैसे लोकगीत गाते हैं, मां तानपुरा बजाती हैं और छोटे चाचा पखावज बजाते हैं.’’

‘‘बाप रे इतने बड़ेबड़े नाम,’’ भैरवी बोली.

फिर दोनों खिलखिला रहे और गंगा के कछार पर दौड़ लगाते, एकदूसरे पर रेत उछालने लगे. कभी उस रेत का नन्हा सा घरौंदा बनाते.

उस घरौंदे में एक कमरा संगीत के रियाज के लिए भी होता.

भैरवी के पिता ठाकुर बलदेव सिंह गांव के जमींदार थे और सारे गांव में उन का बहुत रुतबा था. घर में 7 लोगों का परिवार साथ रहता था. बलदेव सिंह, उन की पत्नी राजरानी, उन की मां श्यामा देवी तथा 4 बच्चे भैरवी, उस की छोटी बहन सोनी, मंझला भाई राजू और छोटा दीपू.

भैरवी सब से बड़ी होने के कारण अपनी उम्र से अधिक समझदार थी और मातापिता और दादी की सब से अधिक लाडली भी.

मां राजरानी ने भैरवी को मल्हार के पिता सोमेश्वर वेदजी के पास संगीत सीखने के लिए भेजना आरंभ कर दिया था. थोड़ी नानुकुर के बाद बलदेव सिंह ने भी हामी भर दी थी क्योंकि राजरानी ने उन्हें यह सम?ाया था कि यदि भैरवी भजन वगैरह गाना सीख लेगी तो उस का विवाह करने में आसानी होगी. अब सप्ताह में 3 दिन गांव की पाठशाला से लौट कर भैरवी मल्हार के घर संगीत सीखने जाती. मल्हारी की झोपड़ी के सामने बड़ से नीम के पेड़ के नीचे गोबर के लिपेपुते चबूतरे पर उन की संगीत की पाठशाला लगती. मल्हार के पिता सोमेश्वर वेद वहीं छोटेछोटे बच्चों को संगीत की शिक्षा देते सुर साधना सिखाते.

एक बार उन्होंने भैरवी की मां से कहा था, ‘‘आप की बिटिया के गले में तो सरस्वती मां का वास है ठकुराइन. इस का संगीत का रियाज कभी मत छुड़वाइएगा. एक दिन यह संगीत की दुनिया का चमकता सितारा बनेगी.’’

समय पंख लगा कर उड़ रहा था. अब भैरवी 12-13 बरस की हो चली थी. राजरानी अक्सर उसे सम?ातीं, ‘‘अब तू बड़ी हो रही है बिटिया, यह लड़कों के संग खेलनाकूदना तुझे शोभा नहीं देता, पाठशाला से सीधे घर आया कर. थोड़ा चूल्हेचौके का काम भी सीख परंतु भैरवी तो भैरवी थी, हवा में गूंजती स्वरलहरियों जैसी उन्मुक्त, गंगा नदी की लहरों जैसी उच्शृंखल. उस का मन कभी अपनी कोठी में लगता ही नहीं था. बस पलक झपकते ही उड़नछू हो जाती, फिर तो वह आम के बगीचे में दिखती या नीम के नीचे निंबोरियां बीनती दिखती या फिर गंगा के कछार में गीली रेत पर घरौंदा बनाते हुए.

वह एक गरमी की दुपहरी थी. आम के बगीचे में मल्हार ने हमेशा की तरह भैरवी की पीठ पर धौल जमाते हुए कहा, ‘‘धप्पा,’’ और फिर अचानक उस ने भैरवी के कंधे पर अपना चेहरा ?ाका दिया.

भैरवी के सारे शरीर में झरझरी सी दौड़ गई और सांसें धौंकनी सी चलने लगीं. वह तुरंत भाग कर अपनी कोठी के भीतर चली गई. उस दिन के बाद भैरवी और मल्हार के बीच प्रेम के बीज से नवांकुर फूट कर पल्लवित होने लगा.

अब संगीत की कक्षा में दोनों एकसाथ बैठने से कतराते, एकदूसरे से नजरें मिलते ही आंखों ही आंखों में मुसकराते और गंगा किनारे की तेरी पर बैठ भविष्य के सपने बुनते. उन सपनों के धागे कभी चांदी से रुपहले होते तो कभी सोने से सुनहरे. वे अपने सपनों की चादर में अपने अरमानों के सितारे और प्रेम के चमकते जुगनू टांकते.

सोमेश्वर वेद की पारखी आंखों से यह सब अधिक दिनों तक छिपा न रहा. उस दिन जब संगीत की कक्षा समाप्त हो गई तो मल्हार उठते हुए बोला, ‘‘चल भैरवी, तुझे तेरे घर तक छोड़ आऊं.’’

सोमेश्वर वेद ने तुरंत कहा, ‘‘भैरवी, अब तू बड़ी हो रही है और समझदार भी, आज से तू अकेली घर जाया कर या अपनी मां से कह कर अपनी सवारी बुलवा लिया कर. अब मल्हार तुझे छोड़ने नहीं जाया करेगा.’’

भैरवी के जाने के बाद उन्होंने मल्हार को सम?ाते हुए कहा, ‘‘देख मल्हार, मैं सब देख

रहा हूं और समझ भी रहा हूं. यह किशोरावस्था का आकर्षण है और कुछ नहीं. झोंपड़ी में रह

कर कोठी के सपने मत देख बेटा. कहीं ठाकुर साहब को पता चल गया तो हम तो कहीं के नहीं रहेंगे. ठाकुर साहब हमें गांव छोड़ने पर विवश कर देंगे.’’

फिर वही हुआ जिस की सोमेश्वरजी को आशंका थी. किसी ने भैरवी और

मल्हार को साथ देख कर बलदेव सिंह को खबर कर दी थी. उस दिन भैरवी पर तो जैसे आसमान टूट पड़ा. बलदेव सिंह अपनी पत्नी राजरानी से दहाड़ते हुए बोले, ‘‘देख लिया तुम ने संगीत सिखाने का नतीजा तुम ही भैरवी को संगीत सिखाना चाहती थी न. देखा कैसे उस नचैएगवैए के संग मुंह काला कर के आ गई तुम्हारी लड़की. मेरी तो सारी इज्जत मिट्टी में मिल गई. अब मैं इसे पढ़ने के लिए शहर भेज रहा हूं और सभी कान खोल कर सुन लो कोईर् भी मेरे इस निर्णय पर उंगली नहीं उठाएगा.’’

सोनी, राजू और दीपू सहम कर दादी के पीछे छिप गए. भैरवी रोती रही, चीखती रही, चिल्लाती रही, परंतु सभी ने जैसे अपने कानों में रुई भर ली हो. किसी ने उस की एक बात भी नहीं सुनी.

शहर में भैरवी को छात्रावास में डाल दिया गया. संगीत छूटने से जैसे भैरवी का मन ही मर गया. उस ने स्वयं को पढ़ाई में ?ोंक दिया. वह दिनरात मशीन की तरह पढ़ाई में जुटी रहती जहां केवल किताबें ही उस की सखियां थीं. पढ़लिख कर बड़ी अफसर बनना ही उस के जीवन का उद्देश्य रह गया.

इस बीच एक बार गांव आने पर दादी ने पूछा, ‘‘ब्याह कब करना बिटिया? उम्र तो हो गई तुम्हारी.’’

‘‘मुझे आईएएस बनना है दादी, उस के बाद ही ब्याह के लिए सोचूंगी.’’

सोनी, राजू और दीपू भी अपनीअपनी स्कूली पढ़ाई के पश्चात अलगअलग शहरों में आगे की पढ़ाई कर रहे थे. साल पर साल बीतते जा रहे थे. भैरवी का मल्हार से संपर्क पूरी तरह से टूट गया था. उस ने मल्हार की यादों को भी अपने सीने में हमेशा के लिए दफन कर दिया. मल्हार के प्रति उस का प्रेम सच्चा था, पवित्र था, इसीलिए उस ने मल्हार से पुन: कभी भी न मिलने का निर्णय लिया. भैरवी जानती थी कि यदि उस के पिता को पता चल गया कि वह और मल्हार एकदूसरे के संपर्क में हैं तो वे मल्हार को जीवित नहीं छोड़ेंगे.

न्यू मॉम Aashka Goradia ने बेटे संग शेयर की क्यूट वीडियो

टीवी अभिनेत्री आशका गोराडिया ने बेटे का स्वागत करने के बाद अपना पहला सोशल मीडिया अपडेट पोस्ट किया. एक्ट्रेस ने कुछ दिन पहले ही लंबा चौड़ा पोस्ट सोशल मीडिया पर शेयर करके खुलासा किया था कि वह मां बन गई हैं. इसी दौरान आशका ने अपने पति के साथ फोटो शेयर की थी जिसमें उनके बेटे की झलक भी दिखाई दे रही थी.
आशका और पति ब्रेंट गोबल ने 27 अक्टूबर को अपने बच्चे का स्वागत किया.

अपने नवजात शिशु के साथ आशका गोराडिया की झलकियाँ देखें

आशका गोराडिया ने जो वीडियो इंस्टाग्राम पर शेयर किया है, उसमें कई दिल पिघलाने वाले क्षण हैं, जिसमें नवजात शिशु अपनी मां की छाती पर शांति से लेटा हुआ है. न्यू मॉम ने अपने बच्चे का चेहरा नहीं किया दिखाया. एक्ट्रेस ने जो वीडियो शेयर की है उसमें, बच्चे का छोटा चेहरा उसकी प्यारी माँ के हाथ से ढका हुआ है. एक अन्य क्लिप में उनका चेहरा दिल वाले इमोजी से ढका हुआ दिख रहा है.

आशका ने कैप्शन के साथ लिखा, “इससे अधिक मधुर, अधिक अर्थपूर्ण, अधिक कीमती कभी कुछ नहीं हुआ! ये सच्चे प्यार का एक गीत है. ये बात दुनिया की सभी माताओं के लिए है! आशका ने कैप्शन में बताया प्यार को सबसे ऊपर.

 

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एक्टिंग की दुनिया को अलविदा कह चुकी है आशका गोराडिया

बता दें कि, टीवी एक्ट्रेस आशका गोराडिया कई सीरियल्स में काम कर चुकी है लेकिन वह अब एक्टिंग छोड चुकी है. आखिरी बार साल 2019 में एक्ट्रेस टीवी पर नजर आईं थी. इसके बाद आशका गोराडिया ने बिजनेस में कदम रखा जहां वह करोड़ो कमा रही है. साल 2020 में आशका अपना मेकअप और ब्यूटी ब्रांड रेनी कॉस्मेटिक्स लॉन्च किया था. कुछ ही समय में आशका कई बड़ी बिजनेसवुमन को टक्कर दे रही हैं.

 

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क्या रणवीर सिंह कंगाल हो रहे हैंः क्यों बेचे दो फ्लैट

2010 में फिल्म ‘बैंड बाजा बारात’’ से अभिनय कैरियर की शुरूआत करने वाले अभिनेता रणवीर सिंह के सितारे कुछ वर्षों से गर्दिश में चल रहे हैं. ‘घूमकेतु’,‘सूर्यवंशी’,‘83’, ‘जयेशभाई जोरदार’ व ‘सर्कस’ जैसी फिल्मों की लगातार असफलता की वजह से रणवीरं सिंह बुरी तरह से आहत व परेशान हैं.उनके हाथ से कई ब्रांड भी जा चुके हैं.लेकिन किसी ने भी कल्पना नही की होगी कि रणवीर सिंह की आर्थिक हालत इस कदर गड़बड़ है कि दीवाली से चंद दिन पहले उन्हें अपने मुंबई के दो फ्लैट औने पौने दाम पर बेचने पड़े.

रणवीर सिंह ने अपनी मां के साथ मिलकर 2014 में मुंबई के गोरेगांव पूर्व इलाके की बहुमंजली इमारत के 43 वें फ्लोर पर दो हजार छह सौ अड़तालिस स्क्यायर फुट क्षेत्रफल के दो रिहायशी फ्लैट खरीदे थे,जिसे अब उन्हे बेचना पड़ा. जी हाॅ!छह नवंबर को रणवीर सिंह ने अपने यह दो फ्लैट महज 15 करोड़ बीस लाख रूपए में बेच दिए. जिसके लिए 91 लाख पचास हजार रूपए स्टैंप ड्यूटी भी भरी गयी. इसमें दो पार्किंग भी समाहित हैं. हर फ्लैट की कीमत 7 करोड़ 62 लाख रूपए बतायी जा रही है. तो क्या वास्तव में रणवीर सिंह इस कदर कंगाल हो गए हैं? या उनके सामने कोई मजबूरी थी,जिसके चलते उन्हे यह कदम उठाना पड़ा?

माना कि रणवीर सिंह की लगातार कई फिल्मों ने बाक्स आफिस पर पानी भी नही मांगा और आज की तारीख में उनके पास रोहित शेट्टी के निर्देशन में बन रही फिल्म ‘‘सिंघम अगेन’’ के अलावा कोई दूसरी फिल्म भी नही है.‘जयेशभाई जोरदार ’की असफलता के बाद रणवीर सिंह ने एक विदेशी पत्रिका के लिए ‘नग्न’ फोटो शूट भी कराया था,जिससे उन्हे फायदे की बजाय नुकसान ही हुआ. इसी वजह से कुछ ब्रांड उनके हाथ से निकल गए.फिर भी यकीन नही होता कि रणवीर सिंह कंगाली के मुकाम पर पहुॅच गए हैं. क्योंकि गत वर्ष ही बैंड स्टैंड पर सलमान खान की इमारत ग्लैक्सी और शाहरुख खान के  मन्नत बंगले के बीच एक इमारत में रणवीर सिंह ने सी फेसिंग फ्लैट 129 करोड़ रूपए में खरीदकर हंगामा बरपाया था.तो फिर एक वर्ष के अंदर ही उन्हे अपने दो फ्लैट क्यों बेचने पड़े? इस सवाल के जवाब फिलहाल नजर नहीं आ रहे हैं. मगर बौलीवुड में तो यही कहा जा रहा है कि रणवीर सिंह कंगाली की तरफ बढ़ रहे हैं……

बथुआ साग के जबरदस्त फायदे, वेट लॉस से लेकर इम्यूनिटी बूस्ट करने मे कारगर

सर्दियों के मौसम में सेहत का विशेष ख्याल रखा जाता है. इस मौसम मे बाजार मे कई तरह-तरह के साग और फल तमाम चीजें मिलती है. ठंड के मौसम में अच्छे स्वस्थ के लिए विशेष चीजों को डाइट में शामिल करे. सर्दियों के मौसम में सबसे अच्छी चीज है साग है, जो बाजारों में दिखाई देते है. इनमें से एक है बथुआ का साग. बथुआ का साग सेहत के लिए बेहद लाभकारी होता है. बथुआ का साग काफी लोगों को बहुत पसंद होता है. हेल्थ एक्सपर्ट्स भी इसे खाने की सलाह देते है बथुआ पौष्टिक गुणों से भरपूर है.

  1. वेट लॉस में मददगार

अगर आपको अपना वजन कम करना है तो सर्दियों में बथुआ के साग का सेवन जरुर करे. आप चाहे तो इसे उबालकर खा सकते है या फिर इसका सूप बनाकर पी सकते है. बथुआ वेट लॉस में कारगार साबित होता है. बथुआ में अधिक मात्रा मे फाइबर मौजूद होते है. इसके सेवन करने से पेट फुल रहता है और इसे बार-बार खाने से बचते हैं. बथुआ लो कैलोरी फूड है.

2. डायबिटीज पेशेंट के लिए लाभदायक

डायबिटीज मरीजों के लिए बथुआ किसी चमत्कार से कम नहीं है. दरअसल, इसके सेवन से शरीर का ब्लड शुगर लेवल सामान्य रहता है. आप बथुआ का साग दाल चावल के साथ खा सकते हैं. डायबिटीज कंट्रोल करने में ये साग कारगर है.

3. मजबूत और स्वस्थ बाल

दरअसल, बथुआ में प्रोटीन की मात्रा पाई जाती है इसके साथ ही इसमें अन्य विटामिन और खनिज भी होते हैं. जिन लोगों को बाल झड़ने की समास्या है वह इसका सेवन जरूर करे. डाइट में रोजाना बथुआ का साग खाना चाहिए. इससे आपके बालों की जड़ें मजबूती होती हैं.

4. मजबूत इम्यून सिस्टम

बथुआ खाने से शरीर में इम्यूनिटी बूस्ट होती है. इसमें अमीनो एसिड, फाइबर और कई पोषक तत्व होते है. बथुआ साग का सेवन करने से आप कई बीमारियों से बच सकते है.

लव रिलेशनशिप: फोटो खींचें या नहीं

किसी भी रिश्ते में यादें इंपौर्टेंट रोल प्ले करती हैं और हरकोई चाहता है कि उन यादों को संजो कर रखे. कुछ यादें लमहों के रूप में होती हैं तो कुछ चीजों के रूप में. वहीं कुछ यादें तसवीरों के रूप में भी होती हैं. ये तसवीरें ही हैं जो हमारे चाहने वालों के हमारे पास न होने पर हम उन की तसवीरों से बातें करते हैं.

इसी तरह रिलेशनशिप में भी फोटोज बहुत इंपौर्टेंट होती हैं. रिलेशनशिप में कपल तरहतरह की फोटोज लेते हैं. ये सभी फोटो वे यादों के रूप में अपने साथ रखना चाहते हैं और यह भी चाहते हैं कि समयसमय पर इन्हें देख कर वे अपने पुराने दिनों को जी सकें. आजकल तो फोटोज से बनने वाले तरहतरह के गिफ्ट भी काफी डिमांड में हैं.

कई लोग डेटिंग के दिनों में ही अपनी फोटोज सोशल साइट पर अपलोड कर देते हैं जबकि वे यह नहीं जानते कि ये डेटिंग आगे चल कर रिलेशनशिप में बदलेगी भी या नहीं. ऐसे में उन का इतनी जल्दी रोमांटिक फोटोज अपलोड करना सही नहीं है. उन्हें अपने रिश्ते को वक्त देना चाहिए.

ताकि कोई प्रौब्लम न हो

अपना ऐक्सपीरियंस शेयर करते हुए प्रियंका बताती है कि एक लड़के को 3 महीने डेट करने के बाद वह उस के साथ रिलेशनशिप में आ गई लेकिन करीब 2 साल के बाद उन का रिलेशन टूट गया. तब तक वह उस के साथ अपनी कई फोटोज सोशल साइट पर अपलोड कर चुकी थी. वह कहती है कि जब उन का ब्रेकअप हुआ तो उस ने वे सारी फोटोज डिलीट कर दीं लेकिन अपने दोस्तों के सवालों का जवाब देदे कर वह परेशान हो गई.

प्राइवेट फोटो ही दिक्कत में न डाल दे

मधु श्रीवास्तव बताती है कि शादी के 5 साल बाद जब उन के हसबैंड ने उन की इंस्टाग्राम आईडी पर उन की और उन के एक्स बौयफ्रैंड की रोमांटिक फोटोज देखीं तो वे गुस्से से तिलमिला उठे. वे यह समझने के लिए तैयार नहीं थे कि फोटो वाला लड़का उन का पास्ट था और वे उस का प्रैजेंट हैं. वह कहती है कि काफी सम?ाने के बाद वे इस बात को समझे कि ये सब अतीत की बातें हैं.

अपनी गलती से सीख लेते हुए मधु कहती है, ‘‘ब्रेकअप होने के बाद सभी को सोशल साइट से अपने पार्टनर की फोटोज डिलीट कर देनी चाहिए ताकि बाद में आप को इस से कोई प्रौब्लम न हो.’’

गवर्नमैंट जौब की तैयारी करने वाली दिव्या शर्मा कहती है, ‘‘रिलेशनशिप में फोटोज लेना जरूरी है लेकिन एक हद तक. आज के दौर में लोगों ने फोटोज खींच कर सोशल मीडिया पर अपलोड करने का ट्रैंड बना लिया है. यह, बस, शो-औफ है.’’

कई बार जल्दबाजी में हम अपनी प्राइवेट फोटोज अपने लव वन को भेजने के बजाय किसी और को भेज देते हैं. ऐसे में हमें अजीब स्थिति का सामना करना पड़ता है और उस पर्सन के मन में कुछ गलत हो तो वह हमें इस के लिए ब्लैकमेल भी कर सकता है और किसी पोर्न साइट पर न डाल सकता है. इन सब से बचने के लिए फोटो भेजने में जल्दबाजी न करें.

बातचीत के दौरान वीडियो, फोटो शेयर करना एक सामान्य बात है. इस में कोई नई बात नहीं है और न ही कुछ गलत. लेकिन कई बार लड़की या लड़का सैक्स के दौरान खींचे गए फोटोज या वीडियोज रिकौर्ड कर के एकदूसरे को शेयर करते हैं, जिन में न्यूड फोटो, सैक्स वीडियो टेप, कौल रिकौर्डिंग जैसी कई चीजें भी होती हैं. जब रिलेशन टूटता है तो जो व्यक्ति रिवैंज लेना चाहता है वह इन फोटोज का गलत इस्तेमाल करता है. ऐसा कर के वह दूसरे पार्टनर को बदनाम करना चाहता है.

सोशल मीडिया साइट है खतरनाक

यूपी में एक 20 वर्षीय युवती ने अपने पूर्व प्रेमी पर रेप और ब्लैकमेल करने का आरोप लगाया. पूर्व प्रेमी उस की दूसरी जगह शादी होने के बाद उसे और उस के पति को ब्लैकमेल कर रहा था. पुलिस ने युवती की शिकायत पर तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया.

जब कोई प्रेमी अपने पार्टनर की न्यूड फोटो या शारीरिक संबंध के दौरान ली गई प्राइवेट फोटो, वीडियो, औडियो को उस की परमिशन के बिना किसी सोशल मीडिया साइट या किसी अन्य पब्लिक साइट पर अपलोड करता है इस इरादे से कि पार्टनर को बदनाम किया जा सके तो इसे रिवैंज पोर्न कहते हैं. रिवैंज पोर्न को नौन कंसोलेशन पोर्न इमेज बेस्ड पोर्नोग्राफी भी कहते हैं. यह सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम 2000 के तहत अपराध है.

रिवैंज लेने के कई कारण होते हैं, जैसे फीमेल पार्टनर का शादी से इनकार, लड़की की लाइफ में किसी और का आ जाना या उस का दूसरा बौयफ्रैंड बन जाना जिस की वजह से वह पुराने बौयफ्रैंड को इग्नोर करने लगती है. कई बार लड़के अपना ईगो हर्ट करने पर भी रिवैंज लेते हैं. वहीं कई केस ऐसे भी आते हैं जिन में लड़की शादी से पहले सैक्स करना नहीं चाहती, ऐसे में उस का बौयफ्रैंड फोटो के साथ छेड़छाड़ कर के उसे वायरल कर देता है.

रिवैंज पोर्न के तहत लड़कियों या महिलाओं के मानसिक स्वास्थ्य पर बुरा प्रभाव पड़ता है, जैसे अनिद्रा, डिप्रैशन, माइग्रेन आदि.

पहले तो नियति डर गई लेकिन जब उस ने अपनी दोस्त मुक्ति को इस बारे में बताया तो उस ने इस की शिकायत पुलिस में दर्ज कराने को कहा. अब अक्षय जेल की हवा खा रहा है और नियति बिना डरे अपने कैरियर पर फोकस कर पा रही है.

यहां कर सकते हैं शिकायत

ब्लैकमेलिंग करने का तरीका औफलाइन या औनलाइन कुछ भी हो सकता है. इस की शिकायत भी उसी आधार पर दर्ज होती है जिस परिस्थिति में ब्लैकमेलिंग या उत्पीड़न हुआ होता है.

सरकार की साइबर क्राइम विभाग की वैबसाइट द्धह्लह्लश्चर्//ष्4ड्ढद्गह्म्ष्द्बद्वह्म्द्ग.द्दश1.द्बठ्ठ/ पर महिलाएं और बच्चे बिना नाम दिए भी अपनी शिकायत रजिस्टर करवा सकते हैं. उन्हें, बस, यह सुबूत देना होगा कि उन के साथ क्राइम हुआ है. अगर किसी को समाज का डर लग रहा है या फिर वह सोच रहा है कि शिकायत दर्ज करवाने पर बदनामी होगी या उसे खतरा होगा तो वह इस वैबसाइट पर जा कर अपनी शिकायत दर्ज करवा सकता है.

अगर किसी लड़की को फोटो वायरल करने की धमकी दी जाती है तो पुलिस आरोपी के खिलाफ साइबर क्राइम की धारा 66, 67 का अपराध दर्ज कर सकती है. इस के अलावा आईपीसी की धारा 320, 34, 170, 465, 468, 469, 120, 425 समेत कई दूसरी धाराओं में भी मामला दर्ज किया जा सकता है.

वहीं आईटी एक्ट की धारा 66 ई कहती है कि अगर कोई व्यक्ति किसी अन्य महिला या पुरुष के प्राइवेट पार्ट की तसवीर उस की अनुमति के बगैर लेता है और उसे औनलाइन कहीं अपलोड करता है या प्रिंट करता है तो ऐसा करने वाला व्यक्ति दोषी कहलाया जाएगा. ऐसे केस में उसे 3 साल तक की कैद और 2 लाख रुपए तक का जुर्माना या दोनों की सजा हो सकती है.

यह बात हमेशा ध्यान रखनी चाहिए कि डरने से बात और ज्यादा बिगड़ सकती है, इसलिए अगर कुछ गलत हो रहा है तो उस की शिकायत जरूर दर्ज होनी चाहिए. चाहे क्राइम औनलाइन हो या औफलाइन, शिकायत करनी बहुत जरूरी है ताकि आरोपी को सजा मिल सके. डरने से जुर्म करने वालों की हिम्मत बढ़ती है और जुर्म को बढ़ावा मिलता है.

लड़कियों को अपने अंदर से यह डर निकालना होगा कि शिकायत कराने से उन की बदनामी होगी. कई लड़कियां सोचती हैं कि अगर उन्होंने ब्लैकमे?िलंग के बारे में घर में बताया तो उन की पढ़ाई या नौकरी छूट जाएगी. लड़कियों को इस से डरना नहीं चाहिए. वे यह सम?ों कि यह उन के अस्तित्व की लड़ाई है और अगर उन्होंने यह लड़ाई लड़ ली तो वे सोसाइटी के लिए एक मिसाल बनेंगी.

बेस्ट स्नैक्स है ‘रोस्टेड आलू वेजेज’

हल्के-फुल्के स्नेक्स के तौर पर आलू से बने किसी भी व्यंजन को अधिकतर लोग पसंद करते हैं. चाहे पैकेट में बंद चिप्स हो, बाजार या घर में बने पकोडे़, समोसे, इत्यादि, आलू से बने हुए व्यंजन हमारे फेवरेट टाईम पास स्नैक्स होते हैं.

उन्हीं व्यंजनों में से एक है रोस्टेड आलू वेजेज (baked Potato wedges) जो कि चाय या काफी के साथ या स्टार्टर के रूप में परोसे जा सकते हैं. इन्हें बनाना भी बहुत ही आसान है. तो जानिए कैसे बनाए रोस्टेड आलू वेजेज.

बनाने की सामग्री

आलू – 4 मीडियम आकार के (300 ग्राम)

आलिव आइल – 2 टेबल स्पून

नमक – आधा छोटा चम्मच

कालीमिर्च चूरा – आधा छोटा चम्मच

आरगेनो – आधा छोटा चम्मच

कसूरी मेथी – आधा छोटा चम्मच

तिल – आधा छोटा चम्मच

बनाने की विधि

सबसे पहले आलू को छील लीजिये और अगर आलू को बिना छीले आलू वेजेज बना रहे हैं तो उन्हें धोकर पहले लम्बाई में काट कर 2 टुकड़े कर लीजिये.  फिर इस आधे आलू को बीच से काटकर 2 टुकड़े कर लीजिये. एक टुकड़ा उठाइये और इसे बराबर के 2 भांगों में बांटते हुये लम्बाई में काट लीजिये. सारे आलुओं को इसी तरह काट लीजिये.

एक बड़े प्याले में आलिव आइल, नमक, काली मिर्च, आरगेनो, कसूरी मेथी, सारे मसाले डाल कर मिला लीजिये. कटे हुये आलुओं को इस मसाले में डालकर तब तक मिलाइये जब तक आलू के टुकड़ों पर मसाले की कोटिंग अच्छी तरह से आ जाए और फिर इसमें तिल भी डालकर मिक्स कर लीजिये.

ओवन को 180 डि. से. पर  प्रिहीट कर लीजिये. मसाले मिले आलू को ट्रे में एक एक करके लगा लीजिये और इन्हें ओवन में रोस्ट करने के लिये रख दीजिये. ओवन को 180 डि.से. पर 35 मिनिट के लिये रोस्ट होने दीजिये. 35 मिनिट बाद आलू वेजेज को ओवन से निकालिये. आलू वेजेज रोस्ट हो गये हैं और खाने के लिए तैयार हैं.

जब चेहरे पर दिखने लगे झुर्रियां

डिप्रेशन, प्रदूषण और हार्मोनल असंतुलन की वजह से समय से पहले एजिंग की समस्या होने लगती है. ऐसे में बाजार में मिलने वाले महंगे ब्यूटी प्रोडक्ट आपके चेहरे से झुर्रियां ठीक करने के वादे तो बहुत करते हैं पर इनका आपकी त्वचा पर गहरा साइड इफेक्ट भी देखने को मिलता है. ऐसे में आपकी किचन में मौजूद ये कुछ खास चीजें आपके चेहरे पर दिखने वाली झुर्रियों को महीने भर में बिना किसी साइड इफेक्ट के कम कर देगी.

नारियल

नारियल का दूध एंटीआक्सीडेंट और एंटी-इंफ्लेमेटरी गुणों से भरपूर होता है जो झुर्रियों को दूर रखता है. इसे इस्तेमाल करने के लिए करीब आधा कप नारियल का दूध ले लें. इसके बाद अब इसे कौटन की मदद से अपने चेहरे पर 10 मिनट तक लगाकर रखें. सूखने पर चेहरे को ठंडे पानी से धो लें. इस उपाय को हफ्ते में तीन बार जरूर करें.

केला

केला स्किन के लिए बहुत अच्छा होता है. इसमें मौजूद एंटी-एजिंग गुण और विटामिन ए और बी त्वचा में निखार लाने में मदद करते हैं. इसके लिए एक पके केले को लेकर उसमें एक चम्मच गुलाब जल और एक चम्मच शहद मिलाएं. पेस्ट बनाने के लिए इसमें दही मिला दें. इसके बाद इस पेस्ट को अपने चेहरे पर 10 मिनट तक लगाकर रख दें. पेस्ट के सूखने पर उसे ठंडे पानी से धो लें. ऐसा करने से आपके चेहरे की झुर्रियां कम होने लगी है.

आलू

आलू में मौजूद विटामिन सी त्वचा में कसाव बनाए रखने में मदद करता है. इसके लिए आधा आलू लेकर उसे कद्दूकस कर उसका जूस निकाल लें. फिर इसे कौटन की मदद से धीरे-धीरे अपने चेहरे पर लगा लें. इस उपाय को रेगुलर करें. हफ्ते में 3 बार इस उपाय को करने से आप 1 महीने में ही खुद में बदलाव महसूस करने लगेंगी.

शहद

शहद एक नेचुरल स्वीटनर होने के साथ मौइश्चचराइजर का भी काम करता है. शहद ना केवल झुर्रियों को दूर रखता है बल्कि इसके एंटीआक्सीडेंट गुणों के कारण स्किन हेल्दी भी बनती है. इसके लिए कौटन की मदद से शहद को अपने चेहरे और गर्दन पर 10 मिनट के लिए लगाएं. सूखने पर चेहरे को ठंडे पानी से धो लें.

वन मिनट प्लीज: क्या रोहन और रूपा का मिलन दोबारा हो पाया- भाग 1

‘‘रूपा जल्दी आओ.’’ ‘‘वन मिनट प्लीज.’’ रोहन भुनभुना उठा, ‘‘वन मिनट, वन मिनट करते हुए आधा घंटा हो गया.’’ अम्मां सम  झाते हुए बोलीं, ‘‘धीरज रखो. लड़कियों को सजने में देर लगती है.’’
‘‘अम्मां जाम में फंस गए तो होगा यह कि होस्ट ही आखिर में पहुंचेगा.’’

रूपा तैयार हो कर अपने कमरे से निकली. उस ने अम्मां का हाथ पकड़ा और गाड़ी में जा कर बैठ गई. रोहन उसे अपलक निहारता रह गया. लाल साड़ी में वह बहुत सुंदर लग रही थी. वह तेजी से गाड़ी चला कर होटल पहुंचा. वहां लोगों का आना शुरू हो चुका था.

आज उस ने होटल अशोक में शानदार पार्टी का आयोजन किया था. यह उस की ऐडवर्टाइजिंग कंपनी का वार्षिक समारोह था. साथ ही उसे अपनी पत्नी रूपा को सब से मिलवाना था. यह उस के लिए दोहरी खुशी का दिन था.

रोहन माइक पकड़ कर बोला, ‘‘माई डियर फ्रैंड्स, आज खुशी के अवसर पर मैं आप सब के सामने बड़े भाई जैसे दोस्त समीर का सच्चे दिल से शुक्रिया अदा करता हूं, जिन्होंने मु  झे जीने की राह दिखाई. मैं निराश हो कर टूटे हुए दिल से पुणे आया था, लेकिन उन की मदद से यह कंपनी बनाई और आप के सहयोग से आज हम कहां हैं आप सब जानते हैं. और ये हैं मेरी पत्नी रूपा जो मेरे बगल में खड़ी हैं. इन्हें मैं आप सब से मिलवाना चाह रहा था, जिस के लिए आज का दिन मु  झे उपयुक्त लगा.

रोहन का दोस्त ऋषभ बोला, ‘‘क्यों यार, बड़े छिपे रुस्तम निकले, शादी कर ली, लेकिन किसी को हवा भी नहीं लगने दी.’’ हिमांशु उस के कान में फुसफुसाया, ‘‘बहुत सुंदर है भाभी, कहां छिपा रखी थी?’’
वह हंस पड़ा. ज्ञान बोला, ‘‘रोहन तू बड़ा लकी है. चमकता हुआ बिजनैस और दमकती हुई बीवी दोनों एकदूसरे के लिए ही बने हो.’’

समीर, उस का पार्टनर पार्टी की व्यवस्था देख रहा था. पार्टी में खूब रौनक हो रही थी. उस ने रूपा के मम्मीपापा  को भी फोन कर के बुलाया था. पार्टी देर रात तक चलती रही. पीनापिलाना भी बदस्तूर जारी था, परंतु रोहन ने ड्रिंक को हाथ भी नहीं लगाया.

आज रूपा बहुत खुश थी. ऐसे ही रोहन की तो उस ने कल्पना की थी. आज उस  के मम्मीपापा और भैयाभाभी ने भी देख लिया कि रोहन कहां से कहां पहुंच चुका है. आज वह मन ही मन सोच रही थी कि यह तो गर्व की बात है कि उसे रोहन जैसा अच्छा पति मिला है, लेकिन उस ने क्या किया? उस ने तो रोहन पर अत्याचार करने में कोई भी कसर नहीं छोड़ी थी.

पार्टी बहुत अच्छी तरह समाप्त हो गई थी. घर आ कर रोहन नाइट सूट पहन कर आया और उसे किस करते हुए बोला, ‘‘रूपा, तुम खुश तो हो न?’’ ‘‘हां रोहन मैं बहुत खुश हूं लेकिन शर्मिंदा भी हूं कि अपने हीरे जैसे पति को कोयला सम  झ कर मैं ने कितना सताया है, वह उस के मुंह पर उंगली रख कर बोला, ‘‘अब पिछली बातें भूल जाओ. आज को ऐंजौय करो और उस का आनंद उठाओ.’’

दिन भर का थका हुआ रोहन बैड पर लेटते ही गहरी नींद में सो गया, लेकिन आज रूपा की आंखों से नींद उड़ गई थी. उस के जीवन के सारे उतारचढ़ाव उस की आंखों के सामने पिक्चर की रील की तरह घूम रहे थे. ऐसा लगता है कि कल की ही बात है जब उस ने एम.बी.ए. में ऐडमिशन लिया था. वहां नए बैच की पार्टी में रोहन पर उस की निगाह पड़ी. रोहन कविताएं लिखता था. उस ने स्टेज से कविताएं सुनाई थीं, तो पूरा हौल तालियों से गूंज उठा था. लोगों की फरमाइश पर उस ने एक गाना भी सुनाया था. फिर तो कालेज के सारे फंक्शन रोहन के बिना अधूरे होते थे.

पहली नजर में ही रोहन उस की निगाहों में बस गया था. लेकिन रोहन ने तो उस की ओर निगाहें उठा कर भी नहीं देखा था. वह कई बार उस की तारीफ करने के लिए उस के पास गई भी थी, परंतु वह उस को देख कर अनदेखा करता रहा. उस के रवैये के कारण वह अपमानित महसूस कर रही थी.

फिर मन ही मन उस ने रोहन को सबक सिखाने की ठान ली. एक दिन वह उस के पास पहुंच गई और कौफी पीने के लिए उसे कैफेटेरिया में ले कर गई. बस उस दिन से उन दोनों की मुलाकातें शुरू हो गईं. वह रोज एक नई कविता लिख कर लाता, वह सुनती कम, बस अपलक उसे निहारती रहती. धीरेधीरे वह उस को पाने के लिए पागल हो उठी थी. अब पढ़ाईलिखाई में उस का मन नहीं लगता था. कालेज के बाद वह रोहन के रूम में पहुंच जाया करती थी.

फाइनल सैमेस्टर की परीक्षा के दिन आ गए थे. एक दिन रोहन ने उस से कहा था, ‘रूपा, अब कुछ दिनों के लिए हम लोगों का मिलनाजुलना बंद रहेगा, क्योंकि अब मु  झे अपने ऐग्जाम की तैयारी करनी है.’
वह छूटते ही बोल पड़ी थी, ‘क्यों, क्या केवल तुम्हारा ही ऐग्जाम है, मेरा नहीं? मेरी हैल्प कौन करेगा?’
वह उस को सम  झाते हुए बोला था, ‘देखो रूपा, तुम्हारे नंबर या पोजिशन कुछ खराब भी आई तो तुम्हें तो कोई फर्क नहीं पड़ेगा. तुम्हारे घर वाले किसी रईस परिवार के लड़के के साथ तुम्हारी शादी कर देंगे. फिर तुम बड़ीबड़ी गाडि़यों में घूमा करोगी. पर मेरा तो पूरा भविष्य ही इस रिजल्ट पर निर्भर करता है. मेरा यदि कैंपस सिलैक्शन न हुआ या ढंग की नौकरी न मिली तो मेरे लिए तो रोटी के भी लाले पड़ जाएंगे और मैं अपनी अम्मां को मुंह दिखाने लायक भी नहीं रहूंगा. उन्होंने बहुत मेहनत कर मु  झे पढ़ाया है. प्लीज रूपा, मु  झे माफ कर दो,’ और बाय कर के वह तेजी से चला गया था.

उस ने 2-3 दिन तो किसी तरह बिताए. फिर उसे रोहन के बिना दुनिया वीरान लगने लगी तो वह उस के कमरे में एक दिन पहुंच गई थी. फिर वही सिलसिला चालू हो गया था. एक पल में दोनों के बीच वह सब भी हो गया जो नहीं होना चाहिए था. इस के लिए रोहन को बहुत पछतावा हो रहा था, परंतु वह तो मन ही मन मुसकरा रही थी. अब रोहन पूरी तरह से उस का हो चुका था.

रिजल्ट आने वाला था. रोहन बहुत घबराया हुआ था. नतीजा तो वही हुआ, जो होना था. उस की पोजिशन खराब हो गई थी. उस का कैंपस सिलैक्शन भी नहीं हुआ. वह तो बस किसी तरह से पास हो पाया था. लेकिन रूपा को कोई परवाह नहीं थी.

नौकरी न मिलने के कारण रोहन बहुत परेशान और उदास रहता था. एक शाम जब रूपा रोहन के साथ कैफेडे में कौफी पी रही थी, तो वहां राघव भैया मीटिंग के लिए आ गए. उन्होंने उसे रोहन के साथ देख लिया तो घर में तूफान मचा दिया था. मम्मीपापा भी राघव भैया के साथ चिल्लाने लगे और उस के घर से निकलने पर पाबंदी लगा दी गई. कमरे के अंदर रोरो कर उस का कितना बुरा हाल हो गया था.

पापा ने   झटपट उस का रिश्ता एक रईस परिवार में तय कर दिया. उस के लाख मना करने पर भी पापा उस की शादी की तैयारियों में लगे हुए थे. उस की इच्छा को कोई सम  झने को तैयार नहीं था. वह रोहन को प्यार करने लगी थी और वह उस के साथ शादी कर लेना चाहती थी. एक दिन मौका लगते ही वह भाग कर उस की बांहों में जा कर सिसक उठी थी, ‘रोहन प्लीज, मैं तुम्हारे बिना नहीं जी सकूंगी. मेरे पेट में तुम्हारी निशानी पल रही है. तम्हें अभी मंदिर में चल कर मेरे साथ शादी करनी पड़ेगी, नहीं तो मैं अपनी जान दे दूंगी.’

रोहन बच्चे की बात सुन कर बहुत घबरा गया था. वह रोंआसा हो उठा था. और बोला, ‘रूपा, मैं बहुत गरीब परिवार से हूं्. मेरी मां एक प्राइमरी स्कूल में टीचर हैं. उन बेचारी ने मेरे लिए बहुत से ख्वाब देख रखे हैं. मेरे इस तरह से शादी करने पर वे टूट जाएंगी? और मेरी नौकरी भी अभी नहीं लगी है.

‘फिर मैं साइकिल पर चलने वाला और तुम्हारे पास अपनी कार है. भला बताओ मेरा और तुम्हारा क्या मेल? मैं तुम्हारी जिम्मेदारी कैसे उठा पाऊंगी? प्लीज, मेरा कहना मानो, अपने घर लौट जाओ. इसी में हम दोनों की भलाई है.’

‘मेरी भी सुनो प्लीज, अच्छी तरह सम  झ लो कि मैं अपने घर से भाग कर आई हूं. अब लौट कर जाने का कोई प्रश्न ही नहीं है. बच्चे की बात सुन कर तो पापा मु  झे गोली मार देंगे. घर लौटने से तो अच्छा है, तुम मेरे लिए जहर ला दो.’

परेशानहाल रोहन अपने सिर पर हाथ रख कर बैठ गया था. ‘मुंह लटका कर बैठने से थोड़े ही कुछ होगा,’ वह बोली, ‘चलो तम्हारी अम्मां के पास चलते हैं. वे जो भी कहेंगी वह मैं मान लूंगी. वे मेरी स्थिति को सम  झेंगी.’

रोहन उसे अपने घर ले कर गया था. वहां एक छोटे से मकान के एक पोर्शन में उस की अम्मां रहती थी. दूसरा पोर्शन किराए पर चढ़ा था. उस की अम्मां सरोज बेटे के साथ लड़की को देख सन्नाटे में आ गई थीं. वे कुछ सम  झ पातीं इस से पहले ही वह उन के गले से लग कर यह कहते हुए फूटफूट कर रोने लगी थी, ‘मैं रोहन के बिना एक पल भी नहीं रह सकती. मैं उस के बच्चे की मां बनने वाली हूं. मेरे पापा मेरी शादी किसी और लड़के के साथ कर रहे हैं. मैं घर से भाग कर आ गई हूं. हो सकता है वे मु  झे ढूंढ़ते हुए पुलिस ले कर आप के घर आ जाएं.’

अम्मां अपने बेटे की करतूत सुन कर क्रोधित हो उठीं. बेटे के गाल पर जोरदार तमाचा लगा कर बोलीं, ‘तू पैदा होते ही क्यों नहीं मर गया था? आज तेरी वजह से मेरा सिर शर्म से   झुक गया है.’ उन्होंने तुरंत रूपा को अपने एक पड़ोसी के यहां छिपा दिया था. कुछ ही देर में उस के पापा उसे खोजते हुए पुलिस ले कर आ गए थे. पुलिस लड़की भगाने के आरोप में रोहन को अपने साथ पकड़ कर ले जाने वाली थी, तभी वह बाहर निकल कर रोहन का हाथ पकड़ कर खड़ी हो गई थी और बोल पड़ी थी, ‘मैं बालिग हूं ये मेरे पति हैं. मैं इन के साथ शादी कर चुकी हूं.’ दरअसल, वह रोहन को सच में प्यार करने लगी थी.

पापा अपना माथा पीटते हुए यह कह कर चले गए थे, ‘आज से मेरातेरा कोई रिश्ता नहीं है. अभी 6 महीने में तेरा प्यार का भूत उतर जाएगा. तब तु  झे सम  झ आएगा कि तू ने कितनी बड़ी गलती की है.’
रोहन की तो बोलती ही बंद थी. सब कुछ इतना अप्रत्याशित घटा था कि वह कुछ विश्वास ही नहीं कर पा रहा था. अम्मां परेशान थीं कि पराई लड़की और वह भी उम्मीद से है, इस परेशानी से कैसे निबटें? फिर अगले दिन ही वे 8-10 लोगों के सामने मंदिर में फेरे करवा कर उसे अपनी बहू बना कर अपने घर ले आई थीं.

इस तरह की शादी की तो उस ने कभी कल्पना भी नहीं की थी परंतु रोहन को पा कर वह बहुत खुश थी.
लेकिन रईस परिवार की नाजों से पली लाडली थी वह. उस ने अपने हाथों से कभी चाय भी नहीं बनाई थी, तो वह भला घर के काम करना क्या जाने? अम्मां ने उस की सचाई को सम  झा था और इस कारण उस से कोई उम्मीद नहीं की थी.

सीख- क्या सुधीर को कभी अपनी गलती का एहसास हो पाया?

स्कैल्प की मसाज के लिए कौन-कौन से तेल सही होते हैं?

सवाल-

स्कैल्प की मसाज के लिए कौन-कौन से तेल सही होते हैं और मसाज कैसे करनी चाहिए, कृपया बताएं?

जवाब-

स्कैल्प की अच्छी सेहत के लिए जोजोबा औयल, रोजमैरी औयल, औलिव औयल, नारियल, सरसों या बादाम के तेल की मसाज करें. रुखे बालों में हफ्ते में 2 बार, सामान्य बालों में हफ्ते में 1 बार मसाज करें. स्कैल्प को पोषण देने के लिए मसाज का तरीका भी खास होना चाहिए. दोनों हाथों के अंगूठों को गरदन के पिछले भाग के गड्ढे में टिकाएं, उंगलियों को माथे पर सामने फैला कर रखें. फिर उंगलियों को माथे पर टिकाते हुए अंगूठे को गोलाकार घुमाते हुए कनपटी तक लाएं. फिर उंगलियों को सिर के बीच वाले भाग में सीधा खिसकाते हुए कनपटी तक ले जाएं. इस प्रकार नीचे गरदन से ले कर ऊपर सिर तक दबाव देते हुए मसाज करें.

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दिन भर के काम के बाद थकान हमारें पूरे शरीर पर हावी रहता है. ऐसे में थकान के कारण दिमाग कुछ भी सोच पाने की स्थिति में नहीं होता. शरीर में एनर्जी लौटाने के लिए थोड़ा सा आराम और मसाज मददगार साबित हो सकता है. क्या आप जानती हैं कि मसाज आपके लिए कितना फायदेमंद है ? अगर नहीं, तो आपकी जानकारी के लिए बता दें कि सिर पर मसाज करने से रक्त प्रवाह दुरुस्त होता है. इससे दिमाग में पर्याप्त मात्रा में औक्सीजन पहुंचता है और नींद की गुणवत्ता में भी सुधार आता है.

अच्छे किस्म के तेल से जब आप अपने बालों में मसाज करते हैं तो इससे न सिर्फ आपको मानसिक शांति मिलती है बल्कि आपके बाल भी सुंदर और स्वस्थ बनते हैं. इसके अलावा भी सिर पर मसाज करने के ढेरों फायदे होते हैं. उन्हीं फायदों में से कुछ के बारे में आज हम आपको बताने जा रहे हैं.

माइग्रेन और सिरदर्द में

कभी कभार तनाव या चिंता की वजह से पीठ और सिर में दर्द की समस्या होती है. इसकी वजह से आपकी दैनिक जीवन की गतिविधियां प्रभावित हो सकती हैं. ऐसे में अगर आप सिर में मसाज करती हैं तो इससे पूरे शरीर में रक्त का प्रवाह तेज होता है. इससे आपका दिमाग शांत होता है और तनाव दूर होता है. इसके अलावा अगर सिर में नियमित रूप से मसाज किया जाए तो माइग्रेन की समस्या से भी हमेंशा के लिए छुटकारा पाया जा सकता हैं.

अगर आपकी भी ऐसी ही कोई समस्या है तो हमें इस ईमेल आईडी पर भेजें- submit.rachna@delhipress.biz
 
सब्जेक्ट में लिखे…  गृहशोभा-व्यक्तिगत समस्याएं/ Personal Problem
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