बीहू की शांति: भाग 1- पर्सी दोस्ती की आड़ में लड़की को क्यों फंसता था?

ऐसा बिलकुल नहीं था कि उसे लड़कों से हमेशा से नफरत थी. बचपन से ले कर इंटरमीडिएट तक वह लड़कों के साथ पढ़ी. उस के बाद विश्वविद्यालय तक लड़के ही तो उस के साथी थे. कुछ लड़के बहुत केयरिंग थे सच्चे दोस्तों जैसे पर कुछ लड़के लड़कियों से दोस्ती सिर्फ उन के शरीर तक ही रखते थे.

उस तरह के लड़के, पुरुष हर जगह टकराए, स्कूल, बाजार, रिश्तेदारी, सभी जगह चुभती निगाहें और कुहनियां.

किशोरावस्था में अपनी उम्र से दोगुने अंकल के द्वारा अपने साथ हुए यौन शोषण की भयानक यादों को कितनी मुश्किल से भुला पाई थी बीहू और अगर उस समय मां और पापा की सपोर्ट नहीं मिलती तो वह कब की आत्महत्या कर चुकी होती.

परिवार वालों का साथ पाने से बीहू मजबूत बनी रही और उस ने विश्वास रखा कि अगर उस के साथ गलत हुआ है तो उस की गलती नहीं बल्कि उस व्यक्ति की है जिस ने उस के साथ गलत किया है. सजा तो उस आदमी को मिलनी चाहिए.

बड़ी होती बीहू जानेअनजाने में लड़कों से अपनेआप को दूर ही रखने लगी. लड़कों की मौजूदगी उस के लिए दमघोटू बनने लगी. शादियों, पार्टियों में जाने से भी गुरेज करती थी बीहू और अगर जाए भी तो पापा के साए में ही खानापीना कर के वापस घर आ जाना. यही उस का पार्टी ऐंजौय करने का तरीका था.

पापा भी बीहू के चारों तरफ एक सुरक्षित सा घेरा बनाए रहते थे. धीरेधीरे युवा होती बीहू के मन में लड़कों के प्रति एक रीतापन सा छा गया जबकि लड़कियों की संगत उसे सुहाती थी.

बीहू के पापा की सरिया बनाने की फैक्टरी थी. पैसों की कोई कमी नही थी. अत:

बीहू ने पहले तो कौमर्स से ग्रैजुएशन किया और  फिर अपने अंदर की भावनाओं को व्यक्त करने के लिए थिएटर में काम करना चाहा जिस के लिए उस ने कोलकाता में जा कर ‘ललित स्कूल औफ ड्रामा’ में थिएटर की बारीकियां सीखने के लिए दाखिला ले लिया. यह डिप्लोमा 2 साल का था. बीहू को वहां रहने के लिए एक अच्छे कमरे की तलाश थी जो ड्रामा स्कूल से बहुत दूर न हो.

‘‘वैल तुम तो यूपी से आई है. हमारे स्कूल में यूपी का एक और लड़की है पर्सी नाम का. हम तुम्हें उस से मिलवा देंगे. तुम्हें उस से काफी मदद मिलेगी,’’ ड्रामा स्कूल के सिक्यूरिटी औफिसर ने बीहू से कहते ही मोबाइल पर एक नंबर डायल कर दिया. उधर से कोई बात करने लगा. बातचीत पर्सी से हो रही थी जिसे यह बताया जा रहा था कि अगर उसे रूमपार्टनर की जरूरत है तो वह आ कर बीहू से मिल सकती है क्योंकि बीहू भी उत्तर प्रदेश की है और पर्सी भी वहीं की है इसलिए कोलकाता में उत्तर प्रदेश वालों की आपस में खूब बनेगी.

वैसे तो बीहू को एकाकी रहना अधिक खलता नहीं था पर यहां परदेश में कोई अपने उधर का मिलना अच्छा लग रहा था उसे और अनजान पर्सी के लिए उस के दिल में पहले से ही एक सौफ्ट कौर्नर सा बन चुका था.

बीहू कुरसी पर बैठी हुई थी कि सामने से एक मौडर्न सी लड़की आती दिखाई दी, जिस ने टीशर्ट के ऊपर एक लूजर सी जैकेट डाल रखी थी. उस के बाल कटे हुए थे जोकि पूरी तरह लापरवाही से बिखरे हुए थे. पर्सी को देख कर ही एक टौमबौय जैसी फीलिंग आ रही थी.

आते ही पर्सी ने बीहू की तरफ हाथ बड़ाया, ‘‘मैं मुरादाबाद से हूं और तुम?’’

‘‘मैं नोएडा से,’’ बीहू ने जवाब दिया.

‘‘थिएटर के शौक ने हम दोनों को बड़ी दूर ला दिया, पर अब तुम मिल गई हो तो थोड़ा अकेलापन कम लगेगा,’’ पर्सी बहुत जल्दी मिक्सअप हो गई जैसे वह बीहू को पहले से जानती हो.

पर्सी एक महत्त्वाकांक्षी लड़की थी. वह एक मध्यवर्गीय परिवार से थी और फिल्मों में काम करना चाहती थी, पर जहां भी ट्राई किया हर आदमी ने उस का शोषण ही करना चाहा. फिर फिल्म इंडस्ट्री में कोई गौडफादर नहीं होने के कारण पर्सी ने पैसे कमाने के लिए थिएटर की ओर रुख किया. जिस दिन पर्सी के पास खूब ढेर सारे पैसे हो जाएंगे उस दिन वह वापस अपने घर लौट जाएगी. जहां जा कर वह अपनी 2 छोटी बहनों की पढ़ाईलिखाई और मांबाप की जिम्मेदारी निभाएगी.

बीहू बहुत अधिक सामान ले कर नहीं आई थी. सिर्फ एक बड़ा सा ब्रीफकेस था जो आसानी से कैब में रख लिया गया और ड्राइवर ने जीपीएस में पहुंचने का स्थान साकेत नगर डाल दिया. बहुत दूर नहीं था साकेत नगर, मात्र 15 मिनट की ड्राइविंग के बाद ही मंजिल आ गई दोनों की.

कैब का बिल देने में खुद पर्सी ने देर नहीं करी और बीहू को ले कर फट से अपने कमरे की ओर बढ़ चली.

बीहू ने फोन पर सब ठीक होने की जानकारी अपने मांबाप को दी और उस दिन थकी होने के कारण जल्दी सो गई. अगले दिन क्लास थी, जहां पर बीहू ने बड़ी सहजता से सारे किरदार निभा लिए, उस की किरदारों में जमने की क्षमता को देख कर पर्सी भी हैरान रह गई थी. आज पहले दिन ही अपने सीनियर्स और साथी कलाकारों की वाहवाही लूटी ली थी बीहू ने. पर बीहू सिर्फ उदासी भरे किरदार ही अच्छे से निभा पाती थी जबकि उसे कई बार सर ने यह बताया कि थिएटर का एक अच्छा कलाकार बनने के लिए यह जरूरी है कि वह हर तरह का किरदार निभाए.

बीहू ने सर की बात का कोई विरोध नहीं किया और पर्सी और बीहू दोनों कौफी पी कर अपने कमरे में चली आईं.

आज मौसम खराब था. रहरह कर बिजली कड़क जाती थी. बीहू खिड़की से बाहर देख रही थी. तभी बारिश के एक झोके ने उसे खिड़की बंद कर देने पर मजबूर कर दिया.

‘‘बिलकुल इसी खिड़की की तरह तुम ने अपने को बंद कर रखा है बीहू, कम औन यार, कुछ तो खुलो कोई बौयफ्रैंड. कोई गर्लफ्रैंड,’’ पर्सी ने बीहू के कंधे पर हाथ रखते हुए कहा तो बीहू के अंदर का दर्द जाग उठा और वह कुछ न कह पाई. शब्द घुट कर रह गए और सिसकी निकल पड़ी.

उस की सिसकी सुन कर पर्सी समझ गई कि बीहू ने बहुत कुछ अपने अंदर छिपा रखा है. उस ने बीहू से कुछ नहीं कहा. उस पूरी रात बीहू पर्सी से लिपट कर सोई.

भले ही बीहू के मन में कुछ नहीं था पर इस तरह से लिपट कर सोने को पर्सी ने एक मौन आमंत्रण माना और अगले दिन जब बीहू सोने चली तो खुद पर्सी उस से लिपट गई और उस की पीठ को सहलाने लगी. पीठ से उस के हाथ बीहू की जांघ के आसपास हरकत करने लगे थे.

बीहू पहले तो थोड़ी असहज लगी पर जल्द ही उसे पर्सी का अपने यौननांगों के इतने निकट आना अच्छा लग रहा था. बीहू पर्सी की गरम सांसों को अपने अंगों में महसूस कर सकती थी और पर्सी के हाथ लगातार बीहू के शरीर पर हरकत करते रहे जब तक बीहू चरम पर नहीं पहुंच गई. उस के बाद पर्सी ने भी चरम सुख प्राप्त कर लिया.

Monsoon Special: बरसात में कीड़ेमकोड़ों की होगी NO ENTRY

बारिश के मौसम में चायपकौड़ और गरमगरम जलेबियों जो का स्वाद आता है वह स्वाद किसी और मौसम में कहां. हर तरफ मानो इस स्वादिष्ठ व्यंजन की खशबू महकने लगती है.

लेकिन बारिश सिर्फ यह स्वाद ही अपने साथ नहीं लाती बल्कि कुछ मुसीबतें भी साथ लाती हैं जैसे इस मौसम में आने वाले कीड़े.  इन कीड़ों की वजह से खाना बनाते समय बहुत परेशानी होती है क्योंकि ये शाम होते ही हमारे भोजन में गिरने लगते हैं और जिस कारण हमारा भोजन दूषित हो जाता है. हम बीमार भी हो सकते हैं.

अगर आप भी बरसात के मौसम में घर में आने वाले कीड़ेमकौड़ों से  परेशान रहते हैं, तो रोजाना की सफाई की आदत में शामिल करें इन चीजों को:

 कीटनाशक का प्रयोग

घर की साफसफाई तो हम रोज करते ही हैं लेकिन सफाई को बैक्टीरियाफ्री सफाई तभी मान सकते हैं जब हम सफाई के समय उस में फ्लोर क्लीनर का प्रयोग करते हैं क्योंकि ये फ्लोर क्लीनर न सिर्फ हमें चमचमाता फर्श देते हैं, बल्कि हमारे घर को कीटाणु से मुक्त भी रखते हैं.

फर्श की सफाई के लिए आप लाइजौल, नीमली, प्योर कल्ट जैसे फ्लोर क्लीनर का इस्तेमाल कर के घर को खुशबूदार व कीटाणुमुक्त बना सकते हैं. बाजार में ये प्रोडक्ट्स अलगअलग खुशबुओं में मौजूद हैं.

 1.इनसैक्टिसाइड दिखाएं तुरंत असर   

बरसात के मौसम में डेंगू मच्छर, कौकरोच आदि बड़ी परेशानी बन कर आते हैं और लोगों को गंभीर रूप से बीमार कर सकते हैं. डेंगू मच्छर अधिकतर साफ पानी व अधिक आबादी वाली जगह पर ज्यादा पाया जाता है. वहीं कौकरोच का मल ऐलर्जी पैदा करने वाला होता है, जिस की वजह से सांस से जुड़ी बीमारियां होने का खतरा बढ़ जाता है. ये कीड़े किचन की सतह पर, गैसस्टोव पर, खाने पर ऐसे बेक्टैरिया छोड़ देते हैं, जिन की वजह से पेट से जुड़ी गंभीर समस्याएं हो सकती हैं.

इन्हें खत्म करने के लिए जरूरी है कि हिट, खटनील, बायगौन, फिनाइल जैसे इनसैक्टिसाइड का प्रयोग करें. ये मच्छर व कौकरोच के लिए अलगअलग आते हैं. इन का 3-4 दिन रोजाना रात में सोने से पहले स्प्रे करें लेकिन सुनश्चित करें कि कोई भी खानेपीने की चीजें खुली हुई न रखी हों. कौकरोच के लिए आप बोरिक ऐसिड का पेस्ट बना कर कौकरोच वाली जगहों पर भी लगा सकते हैं.

 2.औयल का करें प्रयोग

कीड़ेमकौड़ों से छुटकारा पाने के लिए आप औयल का इस्तेमाल कर सकते हैं। बाजार में कई तरह के औयल उपलब्ध हैं जैसे नीम का औयल, टी ट्री औयल, नीलगरी औयल, पेपरमिंट औयल. जब भी आप इन में से किसी भी औयल का प्रयोग करते हैं तो आधा बालटी पानी में 10 एमएल औयल डाल कर आप घर में पोंछा लगा सकते हैं और यदि स्प्रै के रूप में इस्तेमाल करना चाहते हैं तो 10 बङे चम्मच तेल को 2 गिलास पानी में मिला कर स्प्रे बौटल में भर लें. फिर समयसमय पर घर में इस का छिड़काव करते रहें। इन में मौजूद ऐंटीफंगल और ऐंटीबैक्टीरियल तत्व कीड़ेमकौड़ों को घर से दूर भगाने में मदद करते हैं।

3.ध्यान रखने योग्य बातें

कोशिश करें कि आप अपने घर के खिड़कीदरवाजों को बंद रखें, खासकर शाम के वक्त जरूर ऐसा करें. हफ्ते में 1 बार घर को अच्छे से झाडें व पानी में कीटनाशक डाल कर धुलाई करें.

घर में गमले या पौधे हैं तो वहां पर सफाई रखें और सीलन न आने दें क्योंकि ज्यादा गीले में बारिश के मौसम में काईयां जम जाती हैं जिस से मच्छर पैदा होने लगते हैं. 1 हफ्ते में कुलर की सफाई अवश्य करें या बारिश के मौसम में बिना पानी के चलाएं तो बेहतर होगा. खानेपीने की चीजों को ढंक कर रखें.अगर ज्यादा परेशानी है तो पेस्ट कंट्रोल जरूर कराएं.

 

सुंदर बीवी से कैसे निभे

दिनेश वर्मा ने कभी नहीं चाहा था कि उस की पत्नी कृति नौकरी करे. वह तो हर वक्त कृति को अपनी नजरों के सामने रखना चाहता था. कृति उस के लिए वह अनमोल हीरा थी जिसे खो देने के डर से वह अपने काम पर भी ध्यान नहीं दे पा रहा था. उस की निगरानी के चक्कर में अंतत: घर के आर्थिक हालात इतने बिगड़ गए कि कृति को ही नौकरी करने के लिए घर से बाहर निकलना पड़ा.

कृति 24 साल की पढ़ीलिखी, सुलझी हुई, सुंदर और सलीकेदार लड़की है. ग्रैजुएशन पूरा करने के बाद उस ने नर्सिंग की ट्रेनिंग भी की थी. दिनेश से उस की शादी हुई तो उस ने नौकरी करने के बजाय गृहस्थी को प्राथमिकता दी. दिनेश भी यही चाहता था कि कृति घर पर ही रहे. वह सोचता था कि कहीं उस की सुंदर पत्नी को कोई दूसरा न पटा ले. वह तो कृति को घर के दरवाजे पर भी खड़ा होने पर टोक देता था.

कभी वह कहती कि वह थोड़ी देर छत पर टहल आए तो दिनेश भी उस के साथ जाता. कुल जमा यह कि दिनेश एक सुंदर स्त्री को ब्याह कर ले तो आया मगर उस की सुंदरता ने दिनेश के अंदर असुरक्षा का भाव पैदा कर दिया.

2015 में जब दिनेश की शादी कृति से हुई थी, तब रिश्तेदारों, दोस्तों और महल्ले वालों के मुंह से अपनी पत्नी की खूबसूरती की तारीफ सुन कर उस की छाती फूल जाती थी. हाय कितनी सुंदर दुलहन लाया है. दिनेश तेरे तो आंगन में चांद उतर आया है. ऐसी बातें सुनसुन कर वह फूला नहीं समाता.

असुरक्षा की भावना

दिनेश एक प्राइवेट जौब में था. सैलरी अच्छी थी. काम के सिलसिले में उसे कभीकभी टूर पर भी जाना पड़ता था. घर में उस के और कृति के अलावा मां और छोटा भाई राघव थे. राघव दिनेश से 2 साल ही छोटा है और ग्रैजुएशन कर रहा है. अपनी भाभी के साथ राघव खूब हंसीठिठोली कर लेता है. कृति उम्र में राघव से छोटी है तो कभीकभी उस की बातों से लजा भी जाती है.

इन बातों को दिनेश ने कई बार नोट किया है. कृति के आने के बाद राघव के दोस्तों का भी घर में आनाजाना बढ़ गया था. कृति सब से हंस कर बात करती और एक अच्छी बहू की तरह सब की सेवासत्कार में लगी रहती. लेकिन बाहरी लड़कों का यों घर में जमघट लगना दिनेश को अच्छा नहीं लगता था.

कृति की सुंदरता ने दिनेश के अंदर शक और असुरक्षा की भावना भर दी थी. वह जितनी देर औफिस में होता था, उस की नजर फाइलों पर कम दीवार घड़ी पर ज्यादा रहती थी कि कब 6 बजें और वह घर भागे. दिनेश छुट्टियां भी बहुत लेने लगा था. आएदिन कोई न कोई बहाना बना कर मैनेजर के पास पहुंच जाता. औफिस के काम के संबंध में पहले वह हर महीने टूर पर जाता था, मगर शादी के बाद टूर पर भी नहीं जाना चाहता था. बहाने बना देता था.

मैनेजर जोरजबरदस्ती कर के भेज दे तो उलटापुलटा काम निबटा कर अगले दिन वापस आ जाता था. 6 महीने तो मैनेजर ने उसे औब्जर्व किया और फिर काम से निकाल बाहर किया. बीवी की रखवाली के चक्कर में दिनेश ने न सिर्फ अपना कैरियर बरबाद कर लिया बल्कि दोस्तों और घर वालों की नजर में उसे बीवी का पिछलग्गू भी समझ जाने लगा.

घर में कमाने वाला सिर्फ दिनेश ही था. उस की तनख्वाह से घर का खर्च और छोटे भाई की पढ़ाई ठीकठाक चल रही थी. जौब छूटने के बाद दिनेश ने कई जगह इंटरव्यू दिए, मगर नौकरी पाने में सफल नहीं हुआ. इधर बचत के पैसे खत्म होने लगे और उधर कृति की डिलिवरी की तारीख भी नजदीक आ गई. दिनेश की आर्थिक स्थिति इतनी जर्जर हो गई कि उस ने महल्ले वालों को घर में बच्चा होने की खुशी की मिठाई एक दोस्त से उधार पैसे ले कर खिलाई.

शक जब गहराने लगे

दिनेश के सिर पर कर्ज बढ़ रहा था. कृति को इस का एहसास था. खर्चा चलाने के लिए वह अपनी सोने की चेन दिनेश को दे चुकी थी. अम्मां ने भी अपनी चेन गिरवी रखवाई थी क्योंकि छोटे की फीस जमा होनी थी. कुछ दिन बाद कृति ने सोने की चूडि़यां भी दे दीं. दिनेश ने भारी मन से उन्हें बेचा.

धीरेधीरे डेढ़ साल गुजर गया. दिनेश को कोई अच्छी नौकरी नहीं मिली. कभी ट्यूशन पढ़ा कर तो कभी किसी और तरीके से वह थोड़ाबहुत पैसा कमा रहा था, मगर इस थोड़ी सी पूंजी से घर का खर्च चलाना संभव नहीं हो रहा था.

एक दिन कृति ने दिनेश से कहा कि अगर उसे जौब नहीं मिल रही है तो क्यों न वह कहीं जौब कर ले. आखिर नर्सिंग ट्रेनिंग किस दिन काम आएगी. दिनेश को जब जौब मिल जाएगी तो कृति छोड़ देगी.

दिनेश राजी हो गया तो कृति ने 2-3 प्राइवेट अस्पतालों में अपना आवेदन भेज दिया. जल्द ही एक अस्पताल से इंटरव्यू की कौल आ गई. कृति दिनेश के साथ इंटरव्यू देने गई और पहले ही इंटरव्यू में उस का चयन हो गया. इंटरव्यू लेने वालों पर उस की डिगरियों से ज्यादा उस की सुंदरता और सलीके ने प्रभाव डाला. मां बनने के बाद कृति पहले से ज्यादा निखर गई थी.

कृति नौकरी पर जाने लगी तो दिनेश के मन में असुरक्षा की भावना और ज्यादा बढ़ गई. अस्पताल में तमाम जवान डाक्टर हैं. कहीं किसी के साथ कृति के संबंध न हो जाएं. सुबह जब कृति अस्पताल जाने के लिए तैयार हो कर निकलती तो दिनेश उस के दमकते शरीर को आंखें फाड़ कर देखता रह जाता. इस हीरे को कोई गपक न ले इस चिंता में वह घुला जाता था. कृति को अस्पताल छोड़ने और लेने वह खुद जाता था.

अब हाल यह हो गया कि अपने लिए नौकरी तलाशने के बजाय दिनेश दिन में कईकई चक्कर कृति के अस्पताल के लगाने लगा. 1-2 बार फोन भी कर लेता था. इस पर कृति को झंझलाहट भी होती थी. अगर किसी गंभीर केस की वजह से कृति को अंदर देर होती तो दिनेश की बेचैनी 7वें आसमान पर पहुंच जाती थी.

सुंदरता को ज्यादा महत्त्व

समाज चाहे जितना आधुनिक हो गया हो किंतु कुछ मामलों में सोच अभी भी पुरानी ही है. शादीविवाह के मामलों में आज भी स्त्री की पढ़ाई और योग्यता से ज्यादा उस की सुंदरता को तरजीह दी जाती है. सुंदर लड़कियों की शादी भी चटपट तय हो जाती है. लेकिन यह सुंदरता कभीकभी पति पर बहुत भारी पड़ती है. पति साधारण शक्लसूरत का हो और पत्नी हीरोइन जैसी दिखती हो तो पति चौकीदार बन कर रह जाता है.

आशंकित पति

पत्नी सुंदर हो तो पति उसे कहीं अकेले नहीं जाने देता बल्कि खुद साथ जाता है और कभीकभी तो ऐसा होता है कि जहां पत्नी को जाने की आवश्यकता भी नहीं होती, वहां भी वह यह सोच कर उसे साथ ले जाता है कि कहीं उस के घर में अकेले होने पर कोई अनहोनी न हो जाए, कहीं किसी पड़ोसी या छोटे या बड़े भाई से उस के संबंध न बन जाएं.

खूबसूरत और चिरजवां पत्नी पति के हाथ में एटम बम की तरह होती है जिस के प्रति वह हमेशा आशंकित रहता है कि पता नहीं कब दुर्घटना घट जाए.

सुंदरता और फरमाइशें

सुंदर पत्नी के कारण पति को पैसे भी ज्यादा खर्च करने पड़ते हैं. मसलन, खूबसूरत बीवी की सुंदरता कायम रखने के लिए अच्छे कपड़े, आधुनिक और महंगे कौस्मैटिक्स तथा अन्य सौंदर्य प्रसाधनों इत्यादि पर खर्च करना पड़ता है. खूबसूरत बीवी की सुंदरता में चार चांद लगाने के लिए त्योहारों या सालगिरह के मौके पर हीरे या सोने के आभूषण खरीदने पड़ते हैं. खासतौर पर दीवाली के मौके पर खूबसूरत पत्नी गहनों की डिमांड जरूर करती है.

खुद को फिट रखने की मजबूरी

सुंदर बीवी हो तो पति को अपने जीवन में भी कई बदलाव करने पड़ते हैं. अपनी फिटनैस की तरफ ध्यान देना पड़ता है. मनचाहे भोजन का त्याग कर के ऐसी डाइट लेनी पड़ती है जिस से उस की तोंद न निकले. कुछ पति तो खुद को स्लिमट्रिम रखने के चक्कर में केवल सलाद या बेस्वाद खाने से काम चलाने लगते हैं.

देखा गया है कि सुंदर पत्नी वाले पति के परिवार में शादीब्याह या कोई अन्य फंक्शन हो तो वह 1-2 महीने पहले से ही कसरत या गू्रमिं सैशन में जा कर अपने को फिट करने लगता है ताकि कोई उन की जोड़ी को बेमेल न कह दे.

सार्वजनिक जगह पर असुविधा

खूबसूरत बीवी साथ में होने पर सार्वजनिक जगह पर आप को असुविधाजनक स्थिति का सामना करना पड़ता है. कई नौजवान और तरसे हुए लोगों को अपनी बीवी की ओर ताकते पाएंगे जो आप को असुरक्षा और हीनता का बोध कराएगा. खूबसूरत बीवी साथ में होने से आप उन लोगों को अपने आसपास ‘भाभीजी’ कहते हुए मंडराते पाएंगे, जिन्हें आप फूटी आंख भी पसंद नहीं करते हैं. पत्नी खूबसूरत मिल जाए तो रिश्तेदार और दोस्त भी आप में हीनभावना भरने का काम करने लगते हैं फिर चाहे आप अपने कार्यक्षेत्र में कितना ही सफल क्यों न हों.

क्या पहनें

खूबसूरत बीवी के साथ आप अपनी शौपिंग करने में भी सहज नहीं होते हैं. कपड़ों की दुकानों में सेल्समैन आप को महंगे कपड़े यह कह कर बेचने की कोशिश करेगा कि सर आप इस में भाभीजी के साथ जंचेंगे. मानों इन के महंगे कपड़े आप ने न पहने तो इन की नजर में आप की जोड़ी ‘हूर के साथ लंगूर वाली’ होगी.

औफिस और अन्य जगहों पर असहजता

आप चाहे जितने भी अक्लमंद और खुद्दार क्यों न हों, आप की तमाम खूबियां आप की खूबसूरत बीवी के आगे फीकी पड़ जाएंगी. आप चाहे जितने सफल हों औफिस की सालाना पार्टी में जब अपनी बीवी के साथ जाएंगे तो कई मातहत और वरिष्ठजन अनावश्यक रूप से आप की पत्नी की ओर काफी ध्यान देंगे जो आप को और आप की पत्नी को असहज कर देगा.

धर्मस्थलों पर कई स्वयं घोषित साधुसंन्यासी अथवा ज्योतिषी भी आप की जोड़ी की ओर आकृष्ट होंगे और आप की पत्नी से कहेंगे कि बेटी हाथ दिखाओ हम भविष्य देख कर बताएंगे कि तुम कब मां बनोगी.

यही ज्योतिषी जब आप का हाथ या कुंडली देखेंगे तो कहेंगे कि आप पूर्व जन्म में दुराचारी, दुष्ट पापी रहे हों और इसीलिए आप जिंदगी में कुछ बन नहीं रहे. पिछले जन्म में किए गए केवल एक पुण्य के चलते आप को यह सुंदर व सुशील स्त्री पत्नी रूप में मिली है. इस तरह की बकवास कर के आप से रुपएपैसे ऐंठने की कोशिश करेंगे और आप के तनाव को बढ़ा देंगे.

बावजूद इन सब बातों के लगभग हर आदमी की यही इच्छा होती हैं कि जब भी उस की शादी हो तो किसी सुंदर कन्या से ही हो. सिर्फ शादी करने वाला लड़का ही नहीं, बल्कि उस की मां और पिता भी यही चाहते हैं कि उन के घर में बेहद खूबसूरत बहू कदम रखे.

आजकल के जमाने में घर में खूबसूरत बीवी या बहू रखना एक तरह का शोऔफ सा हो गया है. लोग लड़की की योग्यता, शिक्षा या कैरियर की बजाय उस की सुंदरता के पीछे भागते हैं, जबकि बाहरी खूबसूरती ही सबकुछ नहीं होती हैं, आंतरिक सुंदरता और अच्छा व्यवहार भी माने रखता है.

शादी के 3-4 साल बीत जाने के बाद बहू का अच्छा व्यवहार और समझ ही रिश्तों को दूर तक निभाने में सहायक होती है. अगर अति सुंदर बहू घर के काम न करे, सासससुर से अच्छा व्यवहार न करे, पति की परेशानियों को न समझ पाए तो ऐसी सुंदरता कुछ समय बाद जहर लगने लगती है. समझदार वही पुरुष है जो लड़की के रूप के साथसाथ उस के गुण भी देखे. रूप भले कुछ कम हो मगर गुण और व्यवहार ही शादी को लंबे समय तक चलाते हैं.

कुछ दिनों से मेरी आईब्रो के बाल झड़ रहे हैं, क्या करूं?

सवाल-

मेरी आयु 25 साल है. कुछ दिनों से मेरी आईब्रो के बाल झड़ रहे हैं, जिस कारण मुझे बहुत चिंता हो रही है. कृपया कोई उपाय बताएं जिस से मेरी आईब्रोज के बाल झड़ने बंद हो जाएं?

जवाब-

अगर आप की आईब्रोज के बाल झड़ रहे हैं तो इस का कारण तनाव हो सकता है. दरअसल, ज्यादा टैंशन लेने से बाल झड़ने लगते हैं. इसलिए तनाव लेना बंद करें.

भोजन में पोषण और विटामिन की कमी जैसे जिंक, आयरन, विटामिन डी, विटामिन बी12 की कमी से भी आईब्रोज के बाल झड़ते हैं. अत: भोजन में इन्हें शामिल करें. जरूरत से ज्यादा प्लकिंग न करें. इस से भी आईब्रोज के बाल झड़ने लगते हैं. बालों को झड़ने से रोकने के लिए औलिव औयल से हलके हाथों से आईब्रोज की सर्कुलर मोशन में मसाज करें. 30 मिनट तक तेल को लगा रहने दें. फिर कुनकुने पानी से चेहरा धो लें.

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आजकल घनी और मोटी आकार की आइब्रो काफी ट्रेंड में है. इस तरह की आइब्रो आपके चेहरे को सुंदर व आकर्षक बनाती है. वैसे तो अलग अलग फेसकट के अनुसार, अलग अलग आइब्रो शेप फबती है लेकिन इसके लिए सबसे जरूरी है आइब्रो का घना और मोटा होना. हालांकि कुछ लड़किया जिनकी आइब्रो हल्की होती है वो बाजार में मिलने वाली आइब्रो पेंसिल का इस्तेमाल कर अपने आइब्रो को अस्थायी रूप से मोटा दिखाने का प्रयास करती हैं जो देखने में सुंदर भी लगता है. लेकिन प्राकृतिक रूप से घने आइब्रो की बात ही कुछ अलग है, यह आपको नेचुरल रूप से खूबसूरत दिखाते हैं. अगर आपकी आइब्रो भी हल्की हैं तो आपको परेशान होने की आवश्यकता नहीं है, क्योंकि नीचे दिए हुए कुछ घरेलू उपाय अपनाकर आप घर बैठे ही इस समस्या से निजात पा सकती हैं.

Monsoon Special: बारिश के मौसम में हेयर कलरिंग से दें नया लुक

अकसर हम हर मौनसून का मजा नईनई डिशेज का लुत्फ उठा कर लेते हैं. क्यों न इस मौनसून का हम अपनी पर्सनैलिटी में कुछ बदलाव कर के मजा लें? अपनी पर्सनैलिटी को नया लुक देने के लिए आप अपने बालों को डिफरैंट स्टाइल में कलर कर सकती हैं. आइए, जानते हैं कैसे :

1. स्लाइसिंग:

बालों की पतलीपतली 1-2 लेयर्स ले कर कलर करें. ऐसा करने से कलर की क्वालिटी तो अच्छी नजर आती ही है, लुक भी पूरी तरह चेंज नजर आता है.

2. चंक्स:

चंक्स को बालों में फैशन ऐक्सैसरीज की तरह प्रयोग किया जाता है. इस में बालों के एक मोटे हिस्से की अंदर की छिपी जगह पर कलर किया जाता है. इस से कलर अंदर से हाईलाइट होता है. अगर आप खुद को बोल्ड ऐंड कौन्फिडैंट लुक में देखना चाहती हैं, तो चंक्स आप के लिए बढि़या औप्शन है.

3. फैदर ब्लौक:

इस में अंदर बालों के एंड्स पर कलर किया जाता है. इसी कारण यह स्टाइल लेयर्स में कटे बालों में ज्यादा सुंदर दिखता है.

4. ओंब्रे:

हेयर कलरिंग की यह तकनीक उन महिलाओं के लिए बैस्ट है, जो नैचुरल लुक के साथसाथ ग्लैमरस भी नजर आना चाहती हैं. इस में ऊपर के बालों में डार्क कलर किया जाता है, जो नीचे तक आतेआते लाइट हो जाता है. कई बार कुछ महिलाएं अपने प्रोफैशन के कारण अपने लिए बोल्ड कलर्स का चयन नहीं कर पाती हैं. कलरिंग की यह तकनीक उन के लिए बैस्ट है.

5. हेयर कलर्स:

इंडियन टोन पर सूट करती मरसाला टोन इन दिनों इन है. इसीलिए इस टोन को हेयर कलरिंग के लिए काफी पसंद किया जा रहा है. मरसाला के अलावा रैड, पिंक, पर्पल टोन भी इन हैं. ब्राउन तो ऐवरग्रीन टोन है ही. इन दिनों इस टोन में डार्क चौकलेट ब्राउन व कैरेमल ब्राउन शेड्स काफी पसंद किए जा रहे हैं. वैसे परमानैंट कलर्स के अलावा आप टैंपरेरी हेयर चौक्स से भी बालों को कलरफुल बना सकती हैं. ये चौक्स मल्टीपल कलर में मिलती हैं और 3-4 वाश तक टिकती हैं.

6. बै्रंड:

हेयर कलरिंग के शौकीनों को हमेशा ब्रैंडेड हेयर कलर का ही इस्तेमाल करना चाहिए, क्योंकि बालों को स्टाइलिश लुक देने के साथसाथ उन की मजबूती और प्राकृतिक चमक का ध्यान रखना भी जरूरी होता है.

– इशिका तनेजा ऐल्प्स ब्यूटी क्लिनिक

नीली आंखों के गहरे रहस्य: भाग-4

बहुत शातिर दिमाग लड़की है, फोन पर कोई ऐसी बात नहीं की जिस से उस का कोई क्लू पकड़ा जाए. जानती है आजकल फोन पर कुछ ऐसावैसा बोल दिया तो रिकौर्डिंग के जरिए खेल खत्म हो सकता है. यह बात साधना सच कह रही थी.

‘‘तीसरे दिन सुबह ही उस का फोन आ गया,’’ सर, 2 दिन हो गए लेकिन आप ने मेरा काम नहीं किया.

‘‘मैं तुम से मिलना चाहता हूं.’’

‘‘किसलिए?’’

‘‘वह तो मैं तुम्हें मिलने पर ही बताऊंगा.’’

‘‘ठीक है. लेकिन मिलने की जगह मैं बताऊंगी. बस, एक गुजारिश है कि आप कुछ ऐसावैसा मत करना. नुकसान आप का ही होगा क्योंकि आप की अमानत…’’

‘‘नहीं, मैं कुछ नहीं करूंगा. और अकेला ही आऊंगा.’’

‘‘तो ठीक है, आज शाम 8 बजे रेलवेस्टेशन के पूछताछ काउंटर के पास हमारी मुलाकात होगी.’’

यह सुन कर मुझे और साधना को आश्चर्य हुआ कि भीड़भाड़ वाले रेलवेस्टेशन पर बुला रही है. हम तो सोच रहे थे फिल्मों की तरह किसी सुनसान जगह पर बुलाएगी. इतने चिंतित महौल में भी हम पतिपत्नी मुसकरा पड़े.

‘‘साधना, हम ने उसे बोल तो दिया है लेकिन उस से बात क्या करनी है?’’

‘‘कुछ नहीं, बिलकुल चुप रहना. सिर्फ उस की नीली आंखों को ताकना.’’

‘‘यहां जान पर बनी है और तुम्हें मजाक सूझ रहा है.’’

‘‘जैसा मैं कह रही हूं वैसा ही करना. वह बोले तो कहना, मीठी, मैं आखिरी बार तुम से आलिंगन करना चाहता हूं और उस वक्त धीरे से कहना, तुम मेरे साथ ऐसा क्यों कर रही हो. मैं ने तुम्हारा क्या बिगाड़ा है.’’

‘‘अगर वह आलिंगन के लिए राजी न हुई तो?’’

‘‘मैनेजर साहब, यह सब वह पैसे के लिए कर रही है तो उसे आलिंगन से परहेज क्यों होगा? और वैसे भी, वह आप के साथ…’’

‘‘प्लीज साधना, वह भयानक हादसा मुझे याद मत दिलाओ. मैं कांप जाता हूं.’’

‘‘आप अपनेआप को दोषी महसूस मत करो. वह सब क्षणिक आवेश में हुआ था,’’ उस ने मुझे सांत्वना दी.

‘‘सच साधना, तुम बहुत अच्छी हो. तुम्हारी जगह कोई और होती तो शायद मुझे कभी माफ नहीं करती,’’ उसे बांहों में भर कर मैं ने भीगे स्वर में कहा.

‘‘पतिपत्नी का रिश्ता इतना कमजोर नहीं होता कि एक झटके में टूट जाए. पूरे 28 साल गुजारे हैं आप के साथ. कौफीहाउस वाली घटना को देख कर लगा कि शायद आप भटक गए हो लेकिन जब आप की आंखों में देखा तो उस में सचाई नजर आई.’’

शाम के 6 बजे से ही घबराहट शुरू हो गई. रेलवेस्टेशन घर से आधे घंटे की दूरी पर था. ठीक 7 बजे मैं घर से रेलवेस्टेशन के लिए रवाना हो गया. स्कूटी पार्क कर के प्लेटफौर्म का टिकट ले कर यों ही स्टेशन पर टहलने लगा. चाय की स्टौल और बुक स्टौल दोनों ही मेरी पसंदीदा जगहें थीं. इंतजार के क्षणों में चाय के साथ पत्रिका पढ़ने का आनंद लेता था. लेकिन आज चाय और पत्रिका में भी मन नहीं लगा.

8 बजने में जैसे ही 10 मिनट शेष रह गए, मैं पूछताछ खिड़की के पास आ गया. वह ठीक 8 बजे पूछताछ खिड़की पर कुछ पूछताछ करती नजर आ गई. मेरी धड़कनें तेज हो गईं. माथे से पसीने की बूंदें टपकने लगीं.

जैसे ही उस ने अपनी नीली आंखों के इशारे से मुझे अपने पास आने को कहा तो मैं चाबी जैसे खिलौने की तरह उस की तरफ चल पड़ा और एकटक उस की नीली आंखों को ताकने लगा.

‘‘कुछ बोल क्यों नहीं रहे हो? जो कहना है जल्दी कहो,’’ यह बात वह मोबाइल पर बोल रही थी लेकिन मुझे पता था मुझ से कह रही है.

उस की तरह मैं ने भी मोबाइल पर कहा, ‘‘मैं तुम से आलिंगन करना चाहता हूं.’’

‘‘ठीक है, ठीक है, जल्दी करो,’’ कहती हुई वह एक कोने में आ गई.

‘‘तुम मेरे साथ ऐसा क्यों कर रही हो? मैं ने तुम्हारा क्या बिगाड़ा है?’’

‘‘मैं ने कुछ नहीं किया है. मैं बेकुसूर हूं,’’ कहते हुए सैकंड्स में अलग हो गई और तुरंत वहां से चली गई.

हम पतिपत्नी की नींद और भूख दोनों ही उड़ चुकी थी. मामला और पेचीदा होता जा रहा था.

‘‘साधना, अब क्या करें?’’ मैं ने बेचैन स्वर में पूछा.

‘‘आप कुछ मत करो. वह ही संपर्क करेगी क्योंकि जरूरत उस की है. रकम उसे चाहिए.’’

‘‘कहीं ऐसा न हो वह चिढ़ जाए और वीडियो व फोटो जोनल औफिस ले जाए.’’

‘‘वह ऐसा भूल कर भी नहीं करेगी. वह शतरंज की माहिर खिलाड़ी है और जानती है अगली चाल कब और कैसे चलनी है,’’ साधना ने यह कहा तो इतने तनाव में होने के बावजूद मैं हंस पड़ा और बोला, ‘‘लगता है अब तुम ने भी अपनी कमर कस ली है उस से पंगा लेने के लिए.’’

‘‘आप निर्दोष हो. वह जरूर पकड़ी जाएगी और उस का खेल खत्म हो जाएगा. चलो, अब चैन की नींद सोते हैं. 4-5 दिनों से तो ढंग से सो भी नहीं पाए हैं. घर भी अस्तव्यस्त पड़ा है. गंदे कपड़े का ढेर हो गया है.’’

सुबह साधना ने चाय का कप पकड़ाते हुए कहा, ‘‘आप चिंतामुक्त हो कर बैंक जाओ. मैं बाई के साथ मिल कर पूरा घर व्यवस्थित कर लूंगी क्योंकि इन दिनों मौके का फायदा उठा कर उस ने भी खूब लापरवाही बरती थी.’’ यह कह कर उस ने वाश्ंिग मशीन में पानी का पाइप लगा दिया और कपड़े इकट्ठा करने लगी.

मेरी पैंट और शर्ट धोने से पहले उन की जेबें वह जरूर चैक करती थी. जैसे ही उस ने पैंट की जेब टटोली तो उस में एक मुड़ातुड़ा विजिटिंग कार्ड निकला जिस पर लिखा था- नैना ब्यूटीपार्लर. साथ ही पता और मोबाइल नंबर भी था. दूसरी तरफ जल्दबाजी में पैंसिल से लिखा था- ‘सर, मैं बेकुसूर हूं. भरोसा कीजिए मुझ पर.’

यह विजिटिंग कार्ड मेरी जेब में कैसे आया? तभी ध्यान आया कल शाम को रेलवेस्टेशन पर आलिंगन करते वक्त मीठी ने रख दिया होगा यानी मीठी निर्दोष है. उस से यह सब कोई करा रहा है. विजिटिंग कार्ड पर लिखा मोबाइल नंबर मिलाया तो वह स्विचऔफ था.

‘‘साधना, हमें तुरंत ब्यूटीपार्लर चलना चाहिए. शायद, वहां कुछ पता चले.’’

‘‘ठीक है, मैं अभी तैयार होती हूं.’’

लेकिन तभी मेरा मोबाइल नंबर बज उठा, ‘‘सर, क्यों लेट कर रहे हैं आप? नुकसान आप का ही होगा. प्लीज, आप हमारा काम कर दीजिए. हम सबकुछ मिटा देंगे. आप भरोसा करें मुझ पर.’’

‘‘मीठी, मैं कैसे यकीन करूं कि तुम सबकुछ डिलीट कर दोगी. हो सकता है रकम मिलने के बाद भी भविष्य में तुम मुझे ब्लैकमेल कर के पैसे ऐंठती रहो?’’

‘‘मैं अपनी मां की कसम खा कर कहती हूं, काम हो जाने के बाद सबकुछ खत्म कर दूंगी.’’

‘‘मुझे तुम्हारी झूठी कसम पर भरोसा नहीं है. अगर तुम इतनी बड़ी रकम मांग रही हो तो मेरी भी एक शर्त है. अगर तुम उसे मानोगी, तब ही मैं तुम्हारे अकाउंट में पैसा डालूंगा.’’

‘‘क्या शर्त है?’’

‘‘फोन पर नहीं बता सकता, इसलिए तुम्हें मुझ से मिलना होगा.’’

‘‘लेकिन आप मेरी बताई हुई जगह पर ही मुझ से मिलने आएंगे. कब, कहां और कितने बजे आना है, यह मैं आप को मैसेज कर दूंगी. लेकिन अकेले आना और मोबाइल मत लाना और न ही कोई होशियारी दिखाना. अगर आप ने जरा भी स्मार्टगीरी दिखाई तो…आगे आप खुद ही समझदार हैं,’’ इस बार उस का स्वर चेतावनी से भरा था.

‘‘मीठी, जैसा तुम कहती हो वैसा ही होगा. मैं 2 लाख रुपए कैश ले कर भी आऊंगा. अगर तुम्हें मेरी शर्त मंजूर होगी तो वह 2 लाख रुपए तुम्हें एडवांस दे दूंगा और बाकी दूसरे दिन बैंक खुलते ही…’’

2 लाख रुपए का दाना उस के सामने डालने का आइडिया साधना ने इसलिए दिया था जिस से वह लालच के जाल में फंस जाए.

‘‘कहीं वह नकली हुए तो?’’

‘‘इस की जांच के लिए तुम अपने किसी भरोसेमंद इंसान को ला सकती हो लेकिन मैं अकेला ही आऊंगा. और हां, बैंक के समय पर नहीं आ सकता क्योंकि क्लोजिंग का महीना है, काम ज्यादा है. इसलिए सुबह 9 बजे के पहले या शाम 5 बजे के बाद.’’

‘‘ठीक है, मैं आप को बता दूंगी.’’

‘‘साधना, कहीं यह सीआईडीगीरी करतेकरते हम लोग ही न फंस जाएं?’’

‘‘ऐसा कुछ नहीं होगा.’’

‘‘कहीं, वह 2 लाख रुपए ले कर ही रफूचक्कर हो गई तो?’’

‘‘इस समय उस के दिमाग में 2 लाख रुपए नहीं, 25 लाख रुपए फीड हैं, इसलिए वह कोई गलत कदम नहीं उठाएगी.’’

शाम को उस का मैसेज आ गया. इस बार उस ने एक मंदिर में रात 9 बजे बुलाया था.

उस का बुलाना, मेरा जाना यह सब चूहेबिल्ली का खेल सा लगने लगा था. मैं मानसिक रूप से परेशान हो उठा था लेकिन साधना ने मुझे हौसला देते हुए कहा, ‘‘उस के सामने शर्त रखते वक्त यह बिलकुल भी मत दर्शाना कि आप अपनी बदनामी से डर रहे हो.’’

एक छोटे से कैरीबैग में रुपए रख  कर मैं मंदिर चला गया. मंदिर में  भीड़ ठीकठाक थी. मंदिर के बाहर चारों तरफ नजर दौड़ाई लेकिन वह कहीं नजर नहीं आई. मैं मंदिर के अंदर गया तो वहां एक कोने में आंखें मूंद कर प्रार्थना सी करती बैठी थी वह. वहां एक पुजारी भी बैठा था. इक्कादुक्का लोग वहां थे.

‘‘अकेले आए हो? आंखें बंद किए ही उस ने पूछा.’’

‘‘हां.’’

‘‘मोबाइल लाए हो?’’

‘‘नहीं.’’

‘‘सामान लाए हो?’’

‘‘हां.’’

‘‘तो फिर उस की झलक दिखाओ.’’

‘‘पहले मेरी शर्त सुनो, अगर मानोगी तभी सामान मिलेगा,’’ मैं ने साहसपूर्वक कहा.

‘‘क्या शर्त है?’’

‘‘तुम ने धोखे से मेरा वीडियो बनाया है, फोटो खींचे हैं. अब मैं एक छोटा सा वीडियो बनाना चाहता हूं, जिस में हम दोनों होंगे. उस में कुछ करना नहीं है, सिर्फ बोलना है.’’

‘‘यह कैसी बेहूदा शर्त है?’’ वह उत्तेजित स्वर में बोली.

‘‘अगर नहीं मंजूर है तो कोई बात नहीं, मैं अपना सामान वापस ले जाता हूं और तुम जो करना चाहो, करती रहना,’’ यह कहते वक्त मेरे पसीना आ गया. तीर निशाने पर लगा. वह नरम हो गई, ‘‘क्या बोलना है?’’

उस में तुम मुझ से कहोगी, ‘‘सर, मेरे ब्यूटीपार्लर के लिए 5 लाख रुपए का लोन पास करा दीजिए. और मैं कहूंगा, आप का लोन पास नहीं हो सकता क्योंकि आप की कोई प्रौपर्टी नहीं है जिस के आधार पर हम आप को लोन दें.’’

‘‘लेकिन सर, मेरे पास आप को रिश्वत देते हुए फोटो हैं जो मैं ने धोखे से खिंचवाए. साथ ही, एक वीडियो भी है. इन्हें आप के जोनल औफिस में ले जा कर आप के खिलाफ शिकायत कर दूंगी कि आप ने मेरा लोन पास करवाने के एवज में मुझ से रिश्वत की मांग की थी. आप की नौकरी तो जाएगी ही, साथ ही, कहीं मुंह दिखाने के काबिल भी न रहेंगे.

‘‘बस मीठी, तुम्हें इतना ही बोलना है.’’

‘‘ऐसा करने के पीछे आप का मकसद क्या है?’’

‘‘अगर शर्त मानने के बाद भी मैं तुरा सामान न दूं यानी तुम्हारे साथ धोखा करूं तो तुम तुरंत मेरी शिकायत कर देना और अगर तुम ने मेरे साथ धोखा किया यानी पूरा माल डकारने के बाद भी मुझे ब्लैकमेल किया तो मैं उस वीडियो के सहारे कानून का दरवाजा खटखटाऊंगा. फंसोगी तुम भी.’’

‘‘मुझे अपनी नौकरी और बदनामी का डर है और तुम्हें पैसे प्यारे हैं, इसलिए अगर हम दोनों ही पूरी ईमानदारी और पारदर्शिता से काम करें तो फायदा हम दोनों का ही है. काम हो जाने के बाद हम दोनों सबकुछ डिलीट कर देंगे और फिर से अजनबी हो जाएंगे.’’

‘‘मुझे सोचने का समय दो.’’

‘‘नहीं, अब समय नहीं है. जल्दी जवाब दो हां या न में. अगर हां है तो यह सामान रखो पेशगी के तौर पर.’’

‘‘यहीं बैठो, मैं अभी आती हूं,’’ कह कर वह बाहर चली गई और वहां बैठा पुजारी मुझे घूरने लगा.

‘‘क्या बात है पंडितजी?’’

‘‘कुछ नहीं बच्चा. देख रहा हूं तुम इतनी देर से मंदिर में कर क्या रहे हो? अगर पूजा हो गई हो तो घर जाओ.’’

‘‘जब मन करेगा तब चला जाऊंगा,’’ मैं ने रूखा सा जवाब दिया. मन में आया कह दूं तू क्यों यहां चढ़े हुए फल, मिठाई, मेवा और रुपए पर अपनी गिद्ध दृष्टि लगाए बैठा है.

10 मिनट बाद मीठी आ गई और उसी स्थान पर पूर्व की तरह ध्यानमग्न हो कर बैठ गई. ‘‘मुझे आप की शर्त मंजूर है.’’

‘‘तो फिर कल सुबह किसी जगह पर वीडियो बना लेते हैं और फिर बैंक जाते ही तुम्हारा सामान ठिकाने पर पहुंचा दूंगा.’’

‘‘काम की जगह मैं ही तय करूंगी और आप को मैसेज कर दूंगी जो अभी सामान लाए हो वह सामने बैठे पुजारीजी को बैग सहित सौंप दो.’’

मैं ने आश्चर्य से उस पुजारी को देखा तो वह कुटिलता से मुसकरा पड़ा. उसे बैग सौंप कर जैसे ही मुड़ा, वह बोला, ‘‘शुद्धता की जांच होने के बाद जाइए.’’ मैं ठिठक कर रुक गया.

कुछ मिनटों में ही पुजारी का स्वर गूंजा, ‘‘भक्तगणों, सब शुद्ध मन से प्रार्थना करो. सब शुद्ध है.’’

यह सुन कर मैं चल पड़ा. घर पहुंच कर साधना से बोला, ‘‘उस ने मेरी शर्त मान ली है लेकिन मुझे लगता है कहीं वह घर जा कर अपना इरादा न बदल दे और 2 लाख रुपए हड़प कर जाए.’’

‘‘आप निश्ंिचत रहो. वह शर्त जरूर पूरी करेगी क्योंकि उसे 2 लाख रुपए का दाना मिल चुका है और बाकी 23 लाख रुपए उस की आंखों के सामने नाच रहे हैं. बस, उस के एसएमएस का इंतजार करो.’’

उस का एसएमएस आ गया. सुबह उस की तय की गई जगह पर वीडियो बना ली और उस को बाकी 23 लाख रुपए की रकम बैंक पहुंचते ही उस के आकउंट में डालने को कह कर मैं तुरंत अपनी पूर्व योजनानुसार टैक्सी से अपने जोनल औफिस, दिल्ली के लिए निकल पड़ा और अपना मोबाइल स्विच औफ कर लिया. औफिस पहुंचते ही जेडएम साहब से मिलने की स्लिप लगा दी. शीघ्र ही उन से मुलाकात हो गई.

‘‘सर, एक लड़की मुझे ब्लैकमेल कर रही है क्योंकि मैं ने उस का अयोग्य लोन पास नहीं किया है,’’ कहते हुए मैं ने वह वीडियो और फोटो दिखा दीं.

‘‘इन फोटो में तो आप क्लीयर नोट लेते हुए दिख रहे हो.’’

‘‘सर, यह लड़की बेहद शातिर दिमाग है, यह नोटों की गड्डियां मुझे देती हुई बोली थी, आप चैक कर के बता दीजिए, ये असली हैं या नकली? क्योंकि आप बैंक में हैं.’’

वीडियो देखते ही जेडएम साहब भड़क गए, ‘‘मिस्टर आनंद, आप बैंक में गरिमामय पद पर आसीन हैं और ऐसी आशोभनीय हरकत करते हुए आप को शर्म नहीं आई?’’

‘‘सर, जब विजिट के लिए मैं उस के घर गया तब उस ने कोल्डड्रिंक में कुछ ऐसा नशीला पदार्थ मिला दिया कि मुझे खुद ही होश नहीं रहा,’’ मैं ने सफाई देते हुए कहा.

‘‘फिर भी गलती आप की है. आप विजिट करने गए थे या कोल्डडिं्रक पीने?’’

‘‘सर, मानता हूं गलती मेरी है लेकिन जब हम कहीं जाते हैं तो सामने वाला चायकौफी या कोल्डडिं्रक तो हमारे लाख मना करने के बावजूद पिलाता है.

‘‘सर, इस प्रकरण में अगर मैं दोषी पाया जाऊं तो मैं सजा और बदनामी के लिए तैयार हूं लेकिन एक जिम्मेदार बैंक मैनेजर होने के नाते मैं ने उस का काम नहीं किया जो हमारी बैंक नीति के खिलाफ था. मैं ने भी पूरी सतर्कता बरतते हुए एक ऐसा वीडियो बना लिया है जिस से शायद मैं बेगुनाह साबित हो जाऊं.’’

वीडियो देख कर वे बोले, ‘‘अगर वह लड़की आप के खिलाफ शिकायत करती है तो शायद यह वीडियो आप के फेवर में काम करे,’’ फिर वे मुसकराते हुए बोले, ‘‘इस मामले में आप ने भी बड़ी होशियारी दिखाई है.’’

‘‘क्या करें सर, जब से इंटरनैट युग की शुरुआत हुई है तब से हर इंसान सजग और स्मार्ट हो गया है. बैंक मैनेजर की व्यथा कोई नहीं समझता. बैंक मैनेजर बैंक में तलवार की धार के नीचे काम करता है क्योंकि कोई भी जालसाजी, धोखाधड़ी, फ्रौड और डकैती जैसे संगीन अपराध होते हैं तो सब से पहले शक की सूई बैंक मैनेजर पर ही ठहरती है.’’

‘‘शायद आप ठीक कह रहे हैं क्योंकि मैं बैंक मैनेजर के पद पर भी रह चुका हूं. अगर वह लड़की आप के खिलाफ शिकायत करती है तो जांच कमेटी बैठेगी और वह ही फैसला करेगी कि दोषी कौन है आप या वह लड़की?’’

‘‘सर, वह लड़की शिकायत जरूर करेगी क्योंकि उस के अकाउंट में जब पैसा नहीं आएगा तब वह मुझे फोन करेगी और मैं पैसा देने से साफ इनकार कर दूंगा. ऐसे में वह तिलमिला कर मेरे खिलाफ शिकायत करेगी.’’

मैं शाम तक वापस घर आ गया. मोबाइल औन किया तो देखा उस की पचासों मिस्डकौल थीं. उस का फोन आ गया.

‘‘सर, क्या बात है? सुबह से आप का मोबाइल स्विचऔफ जा रहा है और सामान अभी तक ठिकाने पर भी नहीं पहुंचा है.’’

‘‘और न अब कभी पहुंचेगा. तुम्हें जो करना है, करो’’ मैं ने कड़क स्वर में कहा.

‘‘आप को अपनी शर्त याद है न. मैं आप को रातभर का समय दे रही हूं सोचने के लिए. सुबह बैंक खुलते ही मेरा काम कर देना, नहीं तो…’’

‘‘नहीं तो, क्या करोगी?’’

‘‘वह तो आप को भी पता है कि मैं क्या करूंगी. आप ने मेरे साथ धोखा किया है. अब आप अंजाम भुगतने के लिए तैयार हो जाइए,’’ वह जख्मी शेरनी की तरह दहाड़ी.

थोड़े दिनों बाद, जोनल औफिस से फोन आया, जांच कमेटी में मैं निर्दोष साबित हुआ था. मुझे गहरी साजिश के तहत फंसाया गया था. सब पूर्व नियोजित योजना के अनुसार रचा हुआ षडयंत्र था. वह वीडियो और फोटो भी उसी साजिश के हिस्सा थे. यह सब स्वयं मुख्य आरोपी ने स्वीकार किया था. मुख्य आरोपी के साथसाथ इस में संलग्न सभी सहयोगी अपराधियों को भी सजा हुई. वह वीडियो और फोटो सब डिलीट कर दिए गए.

मेरे द्वारा साहसिक कदम उठाने की भी सराहना हुई कि मैं ने अपनी नौकरी और बदनामी की परवा न करते हुए एक जिम्मेदार बैंक मैनेजर का फर्ज अदा किया और जोनल औफिस में जा कर सबकुछ साफसाफ बता दिया.

इन सब का मुख्य आरोपी कौन था मीठी, उस की मां या कोई अन्य? यह एक रहस्य था और मेरे लिए जिज्ञासा.

अचानक मीठी का फोन आ गया, ‘‘सर, मैं बेकुसूर हूं. प्लीज, आप मुझ से मिलिए. पूरी सचाई बता कर अपने दिल का बोझ हलका करना चाहती हूं.’’

मैं खुद को रोक न सका और उस से मिलने जेल गया. वह मुझे देख कर फूटफूट कर रो पड़ी.

‘‘सर, मुझे यकीन था कि आप मुझ से मिलने जरूर आएंगे. अब मैं आप को सचाई बताती हूं. पहले सचाई क्यों नहीं बताई, यह सब आप को सुनने के बाद पता चल जाएगा. हम आगरा के नहीं, बल्कि अलीगढ़ के पास एक गांव के हैं. हम 2 बहनें हैं. 2 साल पहले हमारे मातापिता का देहांत एक बस दुर्घटना में हो गया था. हमारे सौतेले चाचा पिता की जायदाद चाहते थे, इसलिए वे हम दोनों बहनों को मजबूर कर रहे थे कि हम अपना हिस्सा उन के नाम कर दें. लेकिन हम ने ऐसा नहीं किया और चुपचाप गांव छोड़ कर अलीगढ़ आ गए.

‘‘हम ने एक छोटा सा कमरा किराए पर ले लिया. बहन ने कालेज में दाखिला ले लिया और मैं एक ब्यूटीपार्लर में काम करने लगी.

‘‘चाचा को हमारे रहने का ठिकाना पता चल गया और वे हमें परेशान करने लगे. चाचा से हमें नजात दिलाई हमारे मकानमालिक के बेटे मोहित ने. वह हमारी बहुत मदद करता था और मुझे बहन मानता था.

‘‘हमारा गुजारा मुश्किल से होता था. ब्यूटीपार्लर वाली आंटी ने मुझे पैसा कमाने का शौर्टकट रास्ता बताया और मुझे 50 प्रतिशत का साझीदार बनाया. मुझे आप से बैंक में मिल कर ब्यूटीपार्लर खोलने के लिए लोन, मां की बीमारी, गहने गिरवी रखवाना, धोखे से वीडियो और फोटो की कहानी उन्हीं ने रची. एक बार को तो मेरे मन में भी लालच आ गया लेकिन मेरी अंतरात्मा इस के लिए राजी नहीं हुई. मैं ने साफ इनकार कर दिया तो उन्होंने मेरी बहन को गायब करवा दिया और कहा, ‘अगर तुम यह काम नहीं करोगी तो तुम्हारी बहन को बेच दूंगी.’

‘‘अपनी बहन की खातिर मैं ने यह सब किया.’’

‘‘मतलब ब्यूटीपार्लर वाली ने तुम से यह सब करवाया और तुम्हारी मां का रोल भी अदा किया.’’

‘‘नहीं सर, वे आंटी भी बेकुसूर थीं. उन से भी कोई यह सब करवा रहा था. आंटी को फोन पर ही सब दिशानिर्देश दिया जाता था क्योंकि ऐसा न करने पर उन की बेटी के ऊपर तेजाब डालने की धमकी दी गई थी. उन के नानुकुर करने पर एक बार तो तेजाब डालने की कोशिश भी की गई थी. आंटी की इकलौती बेटी थी. आंटी मजबूर थीं.’’

‘‘तो फिर कौन करवा रहा था? तुम्हारा सौतेला चाचा?’’

‘‘नहीं, चाचा भी नहीं.’’

‘‘तो फिर तुम खुद ही होगी. तुम्हारी नीली आंखों की गहराई में न जाने कितने रहस्य छिपे हैं?’’

‘‘सर, यह सारी साजिश मेरी छोटी बहन और उस के बेरोजगार बौयफ्रैंड की रची हुई थी. दोनों 25 लाख रुपए मिलने के बाद भाग कर शादी करना चाहते थे.’’

‘‘वह लड़का कौन था?’’

‘‘वह मोहित है, वह और मेरी छोटी बहन दोनों ही जेल में हैं.’’

‘‘तुम जेल से छूट कर कहां जाओगी? और क्या करोगी?’’

‘‘अब मैं यहां से छूट कर सीधे अपने गांव जाऊंगी और अपने हक के लिए लड़ूंगी. पिता की जायदाद बेच कर आधा हिस्सा बहन को दे दूंगी और अपने हिस्से की रकम से एक प्रशिक्षण केंद्र खोलूंगी जिस में जरूरतमंद गरीब औरतों और लड़कियों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए सिलाई, कढ़ाई, बुनाई आदि कार्यों का निशुल्क प्रशिक्षण दिया जाएगा,’’ यह कहते वक्त उस की नीली आंखों में एक चमक सी आ गई थी.

अनुपमा की जिंदगी में आएगा तूफान, मां को बर्बाद करेगा समर

रुपाली गांगुली और गौरव खन्ना स्टारर ‘अनुपमा’ इन दिनों काफी चर्चाओं में है. शो के मेकर्स टीआरपी लिस्ट में नंबर वन रहने के लिए काफी जद्दोजहद में लगे है. ‘अनुपमा’ को नंबर वन पर बनाए रखने के लिए मेकर्स भी लगातार नया-नया एक्सपेरिमेंट कर रहे हैं, लेकिन शो का लेटेस्ट ट्रैक ने दर्शकों का दिमाग हिला कर रख दिया.

बीते दिन रुपाली गांगुली के ‘अनुपमा’ में देखने को मिला कि समर और डिंपल मालती देवी के साथ कॉन्ट्रैक्ट साइन कर आते हैं. वहीं जब समर वापिस आकर बताता है कि उसने मालती देवी के साथ कॉन्ट्रैक्ट साइन किया है तो पूरा परिवार हैरान रह जाता है. हालांकि रुपाली गांगुली के ‘अनुपमा’ में आने वाले ट्विस्ट यहीं पर खत्म नहीं होते हैं.

 

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डिंपल पर बरसेगी किंजल

रुपाली गांगुली और गौरव खन्ना स्टारर ‘अनुपमा’ में देखने को मिलेगा कि समर ने मालती देवी के साथ कॉन्ट्रैक्ट साइन करने पर सब लोग नराज हो जाते है. समर के इस फैसले से पूरा परिवार हैरान हो जाता है. बापूजी से लेकर तोषू तक समर को कहते हैं कि तू घर का अच्छा बच्चा है तो तू ये गलती कैसे कर सकता है. तोषू समर से कहता है कि गलतियां सिर्फ पाखी और तोषू करते हैं तू कैसे कर सकता है? इसपर डिंपल बीच में आ जाती है और तोषू के नकारा होने का मजाक बनाती है. ऐसे में किंजल का पारा चढ़ जाता है और वह डिंपल को चार बातें सुनाने लगती है.

अपने बाप को उल्टा जबाव देगा

रुपाली गांगुली और गौरव खन्ना स्टारर ‘अनुपमा’ में आगे देखने को मिलेगा कि तोषू के बाद वनराज समर से सवाल करेगा. ऐसे में परेशान होकर समर चिल्ला कर बोलता है कि मैं थक गया हूं अच्छा बच्चा बनकर. नहीं हूं मैं अच्छा बच्चा, मुझे मम्मी की तरह अपनी अच्छाइयों की कीमत नहीं चुकानी है. समर का यह रूप देखकर अनुपमा हैरान रह जाती है. वहीं दूसरी ओर समर मालती देवी के नुकसान के बारे में बात करता है, जिससे अनुज भड़क जाता है और कहता है कि लाकर दो मालती देवी के नुकसान का बिल, मैं अभी भर दूंगा.

RRKPK: आलिया भट्ट-रणबीर कपूर ने स्क्रीनिंग पर साथ में मारी एंट्री, देखें फोटो

बॉलीवुड एक्ट्रेस अलिया भट्ट और रणवीर सिंह की बहुप्रतीक्षित फिल्म ‘रॉकी और रानी की प्रेम कहानी’ सिनेमाघरों में 28 जुलाई को रिलीज हो रही है. वहीं अलिया भट्ट और रणवीर सिंह की ‘रॉकी और रानी की प्रेम कहानी’ फिल्म की एंडवास टिकट मंगलवार से बुक शुरु हो गई है. ऐसे में फिल्मी जगत की निगांहे इस शुक्रवार को रिलीज होने वाली फिल्म ‘रॉकी और रानी की प्रेम कहानी’ पर है पहल दिन ये फिल्म किनती कमाई करती है.

मुबंई में बॉलीवुड स्टार्स के लिए फिल्म की स्क्रीनिंग रखी गई. इस स्क्रीनिंग में कई सितारों ने शिरकत की. स्क्रीनिंग के दौरान आलिया भट्ट अपने पति रणबीर कपूर के साथ बेहद स्टाइलिश अंदाज में नजर आई थीं. दोनों ने इस इवेंट में ग्रैंड एंट्री मारी थी.

आलिया भट्ट-रणबीर कपूर ने साथ में मारी एंट्री

अभी हाल ही में ‘रॉकी और रानी की प्रेम कहानी’ की स्क्रीनिंग रखी गई थी, जिसमें कई सितारों ने अपने कदम रखें. वहीं सबका ध्यान आलिया भट्ट-रणबीर कपूर ने खींच लिया. रणबीर कपूर और आलिया भट्ट बेहद ही कूल लुक में दिखाई दिए. देखें इन कपल की तस्वीरें.

एक जैसी डैस पहनकर आलिया भट्ट और रणबीर कपूर पहुंचे

सोशल मीडिया पर वायरल तस्वीरों में ये कपल काफी क्यूट लग रहा है. आलिया भट्ट और रणबीर कपूर ने ‘रॉकी और रानी की प्रेम कहानी’ की स्क्रीनिंग पर साथ में एंट्री की. दोनो की तस्वीरें सोशल मीडिया पर छाई हुई है. वहीं रणबीर कपूर और आलिया भट्ट ने फिल्म की स्क्रीनिंग पर  एक जैसी टी-शर्ट पहने पहुंचे थे. इस इवेंट में रणवीर की तरह नजर आए.  आलिया और रणवीर की टीर्सट पर लिखा हुआ था, टीम ‘रॉकी और रानी की प्रेम कहानी’. तस्वीरों में काफी खुश दिखाई दे रही है आलिया. आलिया भट्ट की तस्वीरें उनके फैंस काफी शेयर कर रहे है.

 

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अलग अंदाज में दिखें रणवीर सिंह

‘रॉकी और रानी की प्रेम कहानी’ की स्क्रीनिंग पर रणवीर सिंह एक अलग ही अंदाज में नजर आए, लेकिन उनकी पत्नी दीपिका पादुकोण इस इवेंट में नजर नहीं आई. सबकी नजर उनकी पत्नी पर थी, हालांकि अभिनेत्री ने फैंस को काफी नराज कर दिया. वहीं रेड करपेट पर विक्की कौशल और कैटरीना कैफ एक-दूसरे का हाथ थामे नजर आए. कैटरीना वाइट गाउन में बेहद खूबसूरत लग रही थी.

Monsoon Skincare Tips: ग्लोइंग स्किन के लिए फॉलो करें ये आसान टिप्स

मौनसून का मौसम चल रहा है बारिश होने से गर्मी कम हो जाती है लेकिन उमस बढ़ जाती है.मौनसून में अपनी त्वचा का खास ख्याल रखें. नमी के कारण स्किन पर कील, मुंहासे और ब्लैकहेड्स की समास्या उत्पन्न हो जाती हैं. स्किन की जुड़ी समास्याओं से निजात मिल सकता है इसके लिए आपको स्किन केयर रुटीन बनाना होगा. जिससे इन समास्याओं से छुटकारा मिल सके.

इसके अलावा आपकी खाने की आदतें, स्लीप शेड्यूल और आपकी लाइफस्टाइल से स्किन प्रॉब्लम कम करने में मदद करेगी. आज हम आपके लिए कुछ चीजों के बारे में बताने जा रहे हैं, जो आपकी स्किन के लिए हानिकारक साबित हो सकते है. इसलिए इन चीजों का सेवन बिल्कुल नहीं करना चाहिए.

  1. आर्टिफिशियल स्वीटनर

ग्लोइंग स्किन के पाने के लिए सबसे पहले आप आर्टिफिशियल स्वीटनर का इस्तेमाल बंद कर देना चाहिए. खाने के साथ-साथ पीने के पदार्थ में भी इसका उपयोग नहीं करना चाहिए. ये आपकी स्किन के लिए बेहद हानिकारक हैं. ये आपके ब्लड शुगर लेवल को असंतुलित कर देता है, साथ ही इसके सेवन से आपका वजन बढ़ने लगता है, जिससे स्किन समस्याएं होती है. तो वहीं कोल्ड ड्रिंक्स में सबसे ज्यादा शुगर पाया जाता है, इसलिए इसका सेवन करना स्किन प्रॉब्लम को बुलावा देना है.

2. हेल्थी फैट्स

अगर खाने में हेल्थी फैट्स का सेवन नही करेंगे तो स्किन प्रॉब्लम हो सकती है. इसलिए आपको ओमेगा-3 से भरपूर फूड्स जैसे- अखरोट, मैकरल फिश, सालमन फिश, चिया सीड्स आदि खाना चाहिए. ओमेगा-3 आपके दिल के साथ-साथ स्किन के लिए भी बेहद फायदेमंद होता है.

3. डिटॉक्स ड्रिंक

मौनसून में डिटॉक्स ड्रिंक पीना आपकी स्किन के लिए बेहद फायदेमंद होता है. यह स्किन को प्यूरिफाई करके हेल्दी रखती है. इसलिए आप विटामिन सी से भरपूर संतरे का जूस, लेमन शिकंजी, और वॉटर मेलन डिटॉक्स ड्रिंक के लिए सबसे बेस्ट है.

4. हाइड्रेट रहें

स्किन की सभी समस्याओं से छुटकारा पाने के लिए खुद को हाइड्रेट रखना बहुत जरूरी है. इसलिए दिन में कम से कम 6 से 8 गिलास पानी जरूर पिएं. इससे बॉडी डीटॉक्स होती है औऱ स्किन भी साफ रहती है.

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