गुनाह: भाग 1- आकाश ने अपनी गृहस्थी तबाह क्यों की?

‘‘रेवा…’’ बाथरूम में घुसते ही ठंडे पानी के स्पर्श से सहसा मेरे मुंह से निकल गया. यह जानते हुए भी कि वह घर में नहीं है. आज ही?क्यों, पिछले 2 महीनों से नहीं?है. लेकिन लगता ऐसा है,जैसे युगों का पहाड़ खड़ा हो गया.

रेवा का यों अचानक चले जाना मेरे लिए अप्रत्याशित था. जहां तक मैं समझता हूं वह उन में से थी, जो पति के घर डोली में आने के बाद लाख जुल्म सह कर भी 4 कंधों पर जाने की तमन्ना रखती हैं. लेकिन मैं शायद यह भूल गया था कि लगातार ठोंकने से लोहे की शक्ल भी बदल जाती है. खैर, उस वक्त मैं जो आजादी चाहता था, वह मुझे सहज ही हासिल हो गई थी.

श्रुति मेरी सैक्रेटरी थी. उस का सौंदर्य भोर में खिले फूल पर बिखरी ओस की बूंदों सा आकर्षक था. औफिस के कामकाज संभालती वह कब मेरे करीब आ गई, पता ही नहीं चला. उस की अदाओं और नाजनखरों में इतना सम्मोहन था कि उस के अलावा मुझे कुछ और सूझता ही नहीं?था. मेरे लिए रेवा जेठ की धूप थी तो श्रुति वसंती बयार. रेवा के जाने के बाद मेरे साथसाथ घर में?भी श्रुति का एकाधिकार हो गया था.

सब कुछ ठीक चल रहा था कि एक दिन अचानक पश्चिम से सुरसा की तरह मुंह बाए आई आर्थिक मंदी ने मेरी शानदार नौकरी निगल ली. इस के साथ ही मेरे दुर्दिन शुरू हो गए. मैं जिन फूलों की खुशबू से तर रहता था, वे सब एकएक कर कैक्टस में बदलने लगे. मैं इस सदमे से उबर भी नहीं पाया था कि श्रुति ने तोते की तरह आंखें फेर लीं. उस के गिरगिटी चरित्र ने मुझे तोड़ कर रख दिया. अब मैं था, मेरे साथ थी आर्थिक तंगी में लिपटी मेरी तनहाई और श्रुति की चकाचौंध में रेवा के साथ की ज्यादतियों का अपराधबोध.

रेवा का निस्स्वार्थ प्रेम, भोलापन और सहज समर्पण रहरह कर मेरी आंखों में कौंधता है. सुबह जागने के साथ बैड?टी, बाथरूम में गरम पानी, डाइनिंग टेबल पर नाश्ते के साथ अखबार, औफिस के वक्त इस्तिरी किए हुए कपड़े, पौलिश किए जूते, व्यवस्थित ब्रीफकेस और इस बीच मुन्नी को भी संभालना, सब कुछ कितनी सहजता से कर लेती थी रेवा.

इन में से कोई भी एक काम ठीक वक्त पर नहीं कर सकता मैं… फिर रेवा अकेली इतना सब कुछ कैसे निबटा लेती थी, मैं सोच कर हैरान हो जाता हूं. उस ने कितने करीने से संवारा था मुझे और मेरे घर को… अपना सब कुछ उस ने होम कर दिया था. उस के जाने के बाद यहां के चप्पेचप्पे में उस की उपस्थिति और अपने जीवन में उस की उपयोगिता का एहसास हो रहा है मुझे. उसे ढूंढ़ने में मैं ने रातदिन एक कर दिए. हर ऐसी जगह, जहां उस के मिलने की जरा भी संभावना हो सकती थी मैं दौड़ताभागता रहा पर हर जगह निराशा ही हाथ लगी. पता नहीं वह कहां अदृश्य हो गई.

मन के किसी कोने से पुलिस में शिकायत करने की बात उठी. पर इस वाहियात खयाल को मैं ने जरा भी तवज्जो नहीं दी. रेवा को मैं पहले ही खून के आंसू रुला चुका हूं. उसे हद से ज्यादा रुसवा कर चुका हूं. पुलिस उस के जाने के 100 अर्थ निकालती, इसलिए अपने स्तर से ही उसे ढूंढ़ने के प्रयास करता रहा.

मेरे मस्तिष्क में अचानक बिजली सी कौंधी. रीना रेवा की अंतरंग सखी थी. अब तक रीना का खयाल क्यों नहीं आया… मुझे खुद पर झुंझलाहट होने लगी. जरूर उसी के पास गई होगी रेवा या उसे पता होगा कि कहां गई?है वह. अवसाद के घने अंधेरे में आशा की एक किरण ने मेरे भीतर उत्साह भर दिया. मैं जल्दीजल्दी तैयार हो कर निकला, फिर भी 10 बज चुके थे. मैं सीधा रीना के औफिस पहुंचा.

‘‘मुझे अभी पता चला कि रेवा तुम्हें छोड़ कर चली गई,’’ मेरी बात सुन कर वह बेरुखी से बोली, ‘‘तुम्हारे लिए तो अच्छा ही हुआ, बला टल गई.’’

मेरे मुंह से बोल न फूटा. ‘‘मैं नहीं जानती वह कहां है. मालूम होता तो भी तुम्हें हरगिज नहीं बताती,’’ उस की आवाज से नफरत टपकने लगी, ‘‘जहां भी होगी बेचारी चैन से तो जी लेगी. यहां रहती तो घुटघुट कर मर जाती.’’

‘‘रीना प्लीज,’’ मैं ने विनती की, ‘‘मुझे अपनी भूल का एहसास हो गया है. श्रुति ने मेरी आंखों में जो आड़ीतिरछी रेखाएं खींच दी थीं, उन का तिलिस्म टूट चुका है.’’

‘‘क्यों मेरा वक्त बरबाद कर रहे हो,’’ वह बोली, ‘‘बहुत काम करना है अभी.’’

रात गहराने के साथ ठिठुरन बढ़ गई?थी. ठंडी हवाएं शरीर को छेद रही थीं. इन से बेखबर मैं खुद में खोया बालकनी में बैठा था. बाहर दूर तक कुहरे की चादर फैल चुकी थी और इस से कहीं अधिक घना कुहरा मेरे भीतर पसरा हुआ था, जिस में मैं डूबता जा रहा था. देर तक बैठा मैं रेवा की याद में कलपता रहा. उस के साथ की ज्यादतियां बुरी तरह मेरे मस्तिष्क को मथती रहीं. जिस ग्लेशियर में मैं दफन होता जा रहा था, उस के आगे शीत की चुभन बौनी साबित हो रही थी.

अगले कई दिनों तक मेरी स्थिति अजीब सी रही. रेवा के साथ बिताया एकएक पल मेरे सीने में नश्तर की तरह चुभ रहा था. काश, एक बार, सिर्फ एक बार रेवा मुझे मिल जाए फिर कभी उसे अपने से अलग नहीं होने दूंगा. उस से हाथ जोड़ कर, झोली फैला कर क्षमायाचना कर लूंगा. वह जैसे चाहेगी मैं अपने गुनाहों का प्रायश्चित्त करने के लिए तैयार हूं. उसे इतना प्यार दूंगा कि वह सारे गिलेशिकवे भूल जाएगी. उस के हर आंसू को फूल बनाने में जान की बाजी लगा दूंगा. अपनी सारी खुशियां उस के हर एक जख्म को भरने में होम कर दूंगा. पर इस के लिए रेवा का मिलना निहायत जरूरी था, जोकि संभव होता नजर नहीं आ रहा था.

वह भीड़भाड़ भरा इलाका था. आसपास ज्यादातर बड़ीबड़ी कंपनियों के औफिस थे. शाम को वहां छुट्टी के वक्त कुछ ज्यादा ही भागमभाग हो जाती थी. एक दिन मैं खुद में खोया धक्के खाता वहां से गुजर रहा था कि मेरे निर्जीव से शरीर में करंट सा दौड़ गया. जहां मैं था, उस के ऐन सामने की बिल्डिंग से रेवा आती दिखाई दी. मेरा दिल जोरजोर से धड़कने लगा.

मैं दौड़ कर उस के पास पहुंच जाना चाहता था पर सड़क पर दौड़ते वाहनों की वजह से मैं ऐसा न कर सका. लाल बत्ती के बाद वाहनों का काफिला थमा, तब तक वह बस में बैठ कर जा चुकी?थी. मैं ने तेजी से दौड़ कर सड़क पार की पर सिवा अफसोस कि कुछ भी हासिल न कर सका. मेरा सिर चकराने लगा.

अगले दिन सैकंड सैटरडे?था और उस के अगले दिन संडे. इन 2 दिनों की दूरी मेरे लिए आकाश और पाताल के बराबर थी. कुछ सोचता हुआ मैं उसी तेजी से उस औफिस में दाखिल हुआ, जहां से रेवा निकली थी. रिशैप्सन पर एक खूबसूरत लड़की बैठी?थी. तेज चलती सांसों को नियंत्रित कर मैं ने उस से पूछा कि क्या रेवा यहीं काम करती हैं? उस ने ‘हां’ कहा तो मैं ने रेवा का पता पूछा. उस ने अजीब निगाहों से मुझे घूर कर देखा.

‘‘मैडम प्लीज,’’ मैं ने उस से विनती की, ‘‘वह मेरी पत्नी है. किन्हीं कारणों से हमारे बीच मिसअंडरस्टैंडिंग हो गई थी, जिस से वह रूठ कर अलग रहने लगी. मैं उस से मिल कर मामले को शांत करना चाहता हूं. हमारी एक छोटी सी बेटी भी है. मैं नहीं चाहता कि हमारे आपस के झगड़े में उस मासूम का बचपन झुलस जाए. आप उस का पता दे दें तो बड़ी मेहरबानी होगी. बिलीव मी, आई एम औनेस्ट,’’ मेरा गला भर आया था.

प्रीडायबिटीज से बचने का यूथ के लिए क्या है सही तरीका, जानें यहां

डायबिटीज पूरी दुनिया के लिए एक बड़ी चिंता का विषय है और हर साल लाखों लोगों के इससे पीड़ित होने की संख्या बढ़ रही है, लेकिन इससे भी अधिक चिंताजनक बात है युवाओं में डायबिटीज के मामले का लगातार बढ़ना.

इस बारें में जयपुर के मंगलम प्लस मेडिसिटी हॉस्पिटल के कन्सल्टेंट डायबिटोलॉजिस्ट और एंडोक्रिनोलॉजिस्ट, डॉ. अभिषेक प्रकाश कहते है कि

जब शरीर में ब्लड शुगर का लेवल सामान्य से थोड़ा अधिक हो, तो उसे प्रीडायबिटीज या बॉर्डरलाइन डायबिटीज कहा जाता है, लेकिन शुगर लेवल इतना ज्यादा भी नहीं होता कि उसे टाइप-2 डायबिटीज़ बताया जा सके. भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद- भारतीय मधुमेह अध्ययन (ICMR-INDIAB) के आंकड़े बताते हैं कि, भारत में 10.3% लोग प्रीडायबिटीज से पीड़ित हैं. प्रीडायबिटीज को हलके में न लें, क्योंकि प्रीडायबिटीज के साथ-साथ दिल की बीमारियों और स्ट्रोक का खतरा बढ़ जाता है. प्रीडायबिटीज से पीड़ित लोगों को सेहत से जुड़ी दूसरी समस्याएं होने की संभावना भी अधिक होती हैं, जिनमें हाई ब्लड-प्रेशर, हाई कोलेस्ट्रॉल और मोटापा शामिल होता है.

प्रीडायबिटीज के कारण

  • प्रीडायबिटीज कई वजहों से हो सकता है जिनमें, जेनेटिक कारणों के अलावा ख़राब जीवन शैली तथा पर्यावरण से संबंधित कारक शामिल हैं.
  • ख़राब जीवन शैली का प्रीडायबिटीज में सबसे ज्यादा योगदान होता है. इसके कुछ सामान्य कारण इस प्रकार हैं,
  • अधिक वजन या मोटापा प्रीडायबिटीज की सबसे बड़ी वजह है. जरूरत से ज्यादा वजन, खास तौर पर कमर के इर्द-गिर्द अतिरिक्त वजन बढ़ने से इंसुलिन प्रतिरोध विकसित होने का खतरा काफी बढ़ जाता है.
  • सेहत के लिए हानिकारक आहार मसलन रिफाइन्ड कार्ब्स और चीनी से भरपूर आहार के सेवन से वजन बढ़ने के साथ-साथ इंसुलिन प्रतिरोध भी बढ़ सकता है.
  • आरामदायक जीवन शैली और बेहद कम शारीरिक गतिविधि की वजह से भी इंसुलिन प्रतिरोध हो सकता है.
  • पॉलीसिस्टिक ओवेरियन सिंड्रोम (PCOS) और ऑब्सट्रक्टिव स्लीप एपनिया (OSA) जैसी सेहत से जुड़ी कुछ समस्याएँ भी प्रीडायबिटीज के जोखिम को बढ़ा सकती हैं.

लक्षण

अक्सर प्रीडायबिटीज में कोई लक्षण नजर नहीं आते हैं, इसलिए बहुत से लोग इस बात से अनजान रहते हैं कि वे इस समस्या से पीड़ित हैं. हालाँकि, कुछ लोगों को डायबिटीज जैसे लक्षणों का अनुभव हो सकता है, मसलन

  1. अधिक प्यास लगना
  2. बार-बार पेशाब आना
  3. थकान होना
  4. नजरें कमजोर होना
  5. हाथ-पैरों में सुन्नता या झुनझुनी
  6. बार-बार संक्रमण होना
  7. गर्दन, बगल, ग्रोइन एरिया या घुटनों पर त्वचा का काला पड़ना

जाँच

एक सामान्य से ब्लड टेस्ट के जरिए प्रीडायबिटीज का पता लगाया जा सकता है, जिसे HbA1C टेस्ट कहा जाता है. इस परीक्षण में पिछले दो से तीन महीनों के दौरान शरीर में ब्लड शुगर के औसत रक्त को मापा जाता है. अगर HbA1C का लेवल 5.7% और 6.4% के बीच हो, तो उस व्यक्ति को प्रीडायबिटीज माना जाता है. प्रीडायबिटीज की डायग्नोसिस के लिए और भी कई तरह के टेस्ट किए जाते हैं, जिनमें फास्टिंग प्लाज्मा ग्लूकोज (FPG), ऑरल ग्लूकोज टॉलरेंस टेस्ट (OGTT) शामिल हैं.

इलाज

जीवन शैली में बदलाव लाना प्रीडायबिटीज के इलाज का सबसे कारगर तरीका है, जिसमें सेहतमंद भोजन का सेवन करना, वजन घटाना और नियमित रूप से व्यायाम करना शामिल है. अध्ययनों के नतीजे बताते हैं कि, शरीर का वजन 5-10% कम करने से डायबिटीज विकसित होने के जोखिम को 58% तक कम किया जा सकता है. इसके अलावा, शारीरिक व्यायाम इंसुलिन के प्रति संवेदनशीलता बढ़ सकती है और ब्लड शुगर लेवल को नियंत्रित रखने में मदद मिल सकती है. जीवन शैली में बदलाव के अलावा, प्रीडायबिटीज के इलाज के लिए दवा भी दी जा सकती है.

प्रीडायबिटीज की रोकथाम

सेहतमंद जीवन शैली को अपनाना, प्रीडायबिटीज को रोकने का सबसे बेहतर तरीका है. इसमें संतुलित आहार का सेवन करना, स्वस्थ वजन बनाए रखना और नियमित रूप से व्यायाम करना शामिल है. इसके लिए धूम्रपान से परहेज करना और शराब के सेवन को सीमित करना भी बेहद जरूरी है. समय-समय पर एंडोक्रिनोलॉजिस्ट से सलाह लेने और फॉलो-अप करने से प्रीडायबिटीज का जल्द पता लगाने और इसे डायबिटीज होने से रोकने में मदद मिल सकती है.

प्रीडायबिटीज एक गंभीर स्थिति है, जिससे आगे चलकर डायबिटीज हो सकता है. आवश्यक कदम उठाने से भविष्य में डायबिटीज से पीड़ित होने वाले युवाओं की संख्या को कम करने में मदद मिल सकती है.

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Monsoon Special: बरसात में ऐसे करें स्किन केयर

मौनसून की फुहार जितनी राहत गरमियों से देती है, उतनी ही परेशानियां भी वह हमारे लिए ले कर आती है. मौनसून के मौसम में आप घर पर हों, औफिस में या बाहर निकलें, हर जगह आप को नमी महसूस होती है. इस का सब से अधिक असर त्वचा पर पड़ता है, इसलिए मौनसून में त्वचा की देखभाल हमें सब से अधिक करनी पड़ती है. त्वचा में कभीकभी फंगल इन्फैक्शन भी होता है, जिसे अगर सावधानी बरती जाए तो दूर रखा जा सकता है. मुंबई के द कौस्मैटिक सर्जरी इंस्टिट्यूट की डर्मैटोलौजिस्ट डा. सोमा सरकार कहती हैं कि बरसात में त्वचा संबंधी समस्या एवं फंगल इन्फैक्शन इसलिए अधिक होता है, क्योंकि त्वचा में अधिक समय तक नमी रहती है. इन सब से बचाव के लिए हलके गरम पानी से नहाना और ऐंटीफंगल क्रीम, साबुन और पाउडर का प्रयोग उपयुक्त होता है. पर निम्न टिप्स इस के लिए ज्यादा उपयोगी हैं:

त्वचा को 3 से 4 बार बिना साबुन वाले फेसवाश से धोएं, जिस से त्वचा पर जमा तैलीय पदार्थ और धूल निकल जाए.

ऐंटीबैक्टीरियल टोनर का प्रयोग मौनसून में अधिक लाभदायक होता है. यह स्किन को संक्रमण और फटने से बचाता है.

मौनसून में कई बार लोग सनस्क्रीन लगाना नहीं चाहते जबकि बादल से भी यूवी किरणें हम तक पहुंचती हैं. इसलिए सनस्क्रीन लोशन या क्रीम अवश्य लगाएं.

इस मौसम में लोग पानी कम पीते हैं, जिस से त्वचा में नमी कम हो जाती है. हमेशा नियमित रूप से 7 से 8 गिलास पानी अवश्य पीएं.

अच्छे स्किन स्क्रबर से रोज अपने चेहरे को साफ करें.

मौनसून में कभी हैवी मेकअप न करें.

खाने में जूस, सूप अधिक लें. किसी भी प्रकार की सब्जी को पकाने से पहले अच्छी तरह धो अवश्य लें. हो सके तो हलके गरम पानी से धोएं.

जब भी आप बाहर से घर आएं, तो हलके गरम पानी और साबुन से हाथपैर धो कर अच्छी तरह सुखा लें. बाद में मौइश्चराइजर लगा लें. इस मौसम में पैरों का खास ध्यान रखना पड़ता है. नमी और अधिक समय तक गीलेपन में रहने की वजह से फंगल इन्फैक्शन उन्हीं में ज्यादा होता है. इस मौसम में बंद और गीले शूज कभी न पहनें. अगर आप के शूज गीले हो जाएं तो उन्हें उतार कर सुखाने की कोशिश करें. इस के साथ ही समयसमय पर पैडिक्योर अवश्य करवाएं. बालों की देखभाल मौनसून में खासतौर पर करनी पड़ती है. इस मौसम में पसीने के साथसाथ बाल कई बार गीले भी हो जाते हैं, इसलिए सप्ताह में 2 से 3 बार शैंपू करें. साथ में कंडीशनर लगाना न भूलें. इस के अलावा जब भी बारिश के पानी से बाल गीले हों तो उन्हें टौवेल से अच्छी तरह सुखा लें. सप्ताह में 1 दिन बालों में तेल अवश्य लगाएं. इस के आगे डा. सोमा सरकार कहती हैं कि मौनसून में तंग और कसे हुए कपड़े कभी न पहनें. नायलौन फैब्रिक की जगह सूती कपड़े पहनें और इस मौसम में आभूषण हमेशा कम पहनें ताकि आप की त्वचा सांस ले सके.

मौनसून में कुछ घरेलू पैक आप समयसमय पर लगा सकती हैं, जो निम्न हैं:

अनारदाने ऐंटीऐजिंग का काम करते हैं और विटामिन सी से भरपूर होने की वजह से ये सूखी त्वचा के लिए लाभप्रद होते हैं. पिसे हुए 2 चम्मच अनारदाने व 1 कप कच्चे ओटमील को एक कटोरी में ले कर उस में 2 बड़े चम्मच शहद व थोड़ी छाछ मिला कर पेस्ट बना लें और चेहरे पर 10 मिनट तक लगा कर रखें. इस के बाद हलके गरम पानी से चेहरा धो लें.

एक सेब को मसल लें. उस में 1-1 चम्मच चीनी और दूध मिला लें. अच्छी तरह फेंट कर उस में कुछ बूंदें कैमोमिल की मिला कर फेसपैक बनाएं और 15 मिनट तक

चेहरे पर लगा कर रखें. इस के बाद चेहरा धो लें. इस से आप की त्वचा की डलनैस कम हो जाएगी.

सोच का विस्तार: भाग 3- रिया के फोन से कैसे गायब हुई सुरेश की खुशी

रात भर रिया खुद को कोस सिसकती रही और मौसी उस का सिर थपथपा तसल्ली देती रहीं. सुबह नाश्ते के बाद जारेद निधि को ले उस की डाक्टर अपौइंटमैंट पर चला गया. मौसी ने रिया को समझाया कि अच्छा होगा तुम अमन को तलाक दे नई जिंदगी की शुरुआत करो. मैं तुम्हारे मम्मीपापा से पूरी बात करूंगी. जारेद तुम्हारी पूरी मदद करेंगे.

निधि ने बेटी को जन्म दिया. नाम रखा जूली. छोटी बच्ची के आने से सब व्यस्त हो गए. इसी बीच रिया ने मम्मीपापा से बात कर उन्हें पूरी बात बता दी. सब की सलाह से तलाक के पेपर फाइल करवा दिए गए. जूली के 2 हफ्ते का होते ही आज जो व्यक्ति उन्हें घर बधाई देने आया उसे जारेद का कजन विलियम बताया गया. निधि उस से बातें करती रही. जूली नानी की गोद में सो रही थी. नाश्ते का प्रबंध रिया ने ही किया. जब जारेद बाहर से लौटे तो सब बातें करने लगे पर रिया चुप. क्या बात करे अनजाने आदमी से.

उस के जाते ही निधि ने विलियम के बारे में बताया कि पिछले साल कार ऐक्सीडैंट में पत्नी का देहांत हो गया था. अब उस की ढाई साल की बेटी की दादी, जो एक नर्स हैं, देखभाल कर रही हैं. विली यानी विलियम अकेला रहता है और आंटी उस का जल्दी ब्याह करना चाहती हैं. जारेद बीच में ही बोल पड़े कि विली बहुत अच्छा इंसान है. यदि रिया तुम उस की बेटी को अपनाने को तैयार हो तो तुम्हें उस से अच्छा साथी नहीं मिलेगा.

रिया बात पूरी सुन अपने कमरे में चली गई. क्या… 1 साल में ही शादी, तलाक, दूसरी शादी और एक बच्ची की मां. सोचतेसोचते उस का सिर घूमने लगा. चूंकि निधि भी रिया के पीछे आ गई, इसलिए उसे बेहोश होते देखा तो पकड़ कर कुरसी पर बैठा दिया. उस रात मौसी रिया के साथ सोईं.

दिखावे को रिया सो रही थी पर उस की आंखें जैसे कोई चलचित्र देख रही हों… मम्मीपापा की परेशानी, दादी की फटकार, अमन सलाखों के पीछे, विली की उस की ओर देखती आंखें, मौसी की सलाह और अचानक वह घबराहट से उठ बैठी.

मौसी ने पूछा कि क्या कोई सपना देख रही थी. सपना कहां यह तो उस की जीतीजागती कहानी है. अब रिया को स्वयं इस कहानी का अंत तलाशना है.

निधि से रिया ने 2 दिन का समय मांगा. 2 दिन बाद कठोर दिल कर उत्तर दिया कि ठीक है जैसे जारेद जीजू सोचें मुझे मंजूर है. इसी इतवार विली उस की बेटी काइरा और मां रिया से मिलने आईं. रिया किचन में नाश्ते का इंतजाम करने गई तो विली मदद करने पहुंचा. बोला कि रिया प्लीज नो प्रैशर, इफ यू ऐग्री आई प्रौमिस टू कीप यू आलवेज हैप्पी. रिया ने उस की ओर देख सिर हिलाया जैसे वह उस की कही बात से सहमत हो. उसी रात फिर फोन कर निधि के कहने पर रिया ने अपने मम्मीपापा को सहमति बताई, पर साथ ही सारी बात दादी को बताने पर जोर दिया.

2 दिन बाद शाम को विली बेटी काइरा को ले निधि के घर पहुंचा. अकेले में रिया से मिलते हुए उस ने कहा कि वह उस के साथ इंडिया जा उस की फैमिली से मिल उन्हें पूरा विश्वास दिलाना चाहता है कि सब ठीक होगा और हां वह काइरा को भी साथ ले जाएगा.

जाने का दिन तय हुआ. जाने वाले दिन रिया को बड़ा अजीब सा लग रहा था. अभी बिना बने रिश्ते के आदमी व बच्चे के साथ यात्रा करना. प्लेन में रिया काइरा से ऐसे जुड़ गई जैसे वह उसी की बच्ची हो. उस के साथ बातें करते, खिलाते, सुलाते एक संबंध सा जुड़ गया.

एअरपोर्ट पर अकेले पापा आए. बेटी और विली को गले लगाया और फिर बच्ची को गोद ले कर कार में बैठाया. घर पहुंच अंदर जाते ही रिया सीधी दादी के कमरे में पहुंची और उन की गोद में सिर रख सुबकसुबक कर देर तक रोती रही. दादी प्यार से सिर सहला उसे शांत रहने को कहती रहीं.

विली ने आगे बढ़ मां के चरण स्पर्श किए. वह ये सब यहां आने से पहले निधि से जान गया था. थोड़ा समय बीता तो दादी ने रिया को उसे बुलाने को कहा यानी विली से मिलना चाहा. विली ने दादी के सामने माथा टेका. यह देख रिया हैरान हुई.

दादी ने उस के सिर पर हाथ रखते कहा कि मेरी रिया को सदा खुश रखना, सुखी रहो. दरवाजे की आड़ में काइरा को गोदी में उठाए रेखा यह देख रो पड़ीं जिस सास ने सारी उम्र छूतछात, वहमों, नियमों में अपने को बांधे रखा आज एकाएक सब भूल एक विदेशी मांसाहारी को आशीर्वाद दे रही हैं.

शायद उन की सोच का विस्तार तब हुआ था जब रिया ने फोन कर दादी को सारी बात सच बताने पर जोर दिया था. बेटे सुरेश से रिया के दुख, अमन की हरकतें, जेल जाने और अब तलाक का जान मां दुखी हो बोली थीं कि मेरी फूल सी पोती को इतनी यातना देने वाला तो राक्षस निकला. अब जेल में पड़ा सड़ता रहेगा. सुरेशजी ने मां को समझाया एक इंसान का अच्छा होना धर्मजाति पर नहीं उस के व्यवहार पर निर्भर होता है.

अचानक दादी को ध्यान आया कि बच्ची कहां है. लाओ उसे, मिलूं मैं उस से. दरवाजे की आड़ से निकल बहू रेखा काइरा को लिए अंदर पहुंचीं. आज सुरेशजी मां से आज्ञा लिए बगैर उन के कमरे में आ बैठे. दादी ने बच्ची को गोद में ले माथा चूमा. इतने दिनों बाद मां को बातें करते देख सब खुश थे.

तभी दादी ने कहा कि सुरेश कल सुबह पंडितजी से रिया की शादी करवाने का कह आओ. इन के पास समय कम है. घर को भी सजा लो. हां, एक बात और पंडितजी से जो सामान चाहिए हो लाने को कह दोे. पैसे हम दे देंगे. तुम अकेले कहांकहां भागोगे… और बहू कल दोपहर बाजार जा कर दूल्हादुलहन के कपड़े खरीद लाना. छोटी बेटी को घाघराचोली अच्छा लगेगा. सब के कपड़ों के पैसे मैं दूंगी. जेवर मत खरीदना. मेरे पास हैं. बस अंगरेजी बाबू की अंगूठी खरीद लेना. दादी एक ही सांस में सब कह गईं.

बेटे ने जब पूछा कि मां बुलाना किसकिस को है, तो बोली कि अरे किसी को नहीं. हम ही बराती और हम ही घर वाले.

घर में हलचल थी. सब किसी न किसी काम में व्यस्त थे. पर सब से बड़ी खुशी इस बात की भी थी कि मां ने (दादी) कितने सालों बाद अपने कमरे की दहलीज लांघी. उन के लिए पहले जैसे ही दीवान पर गद्दा बिछा 2 बड़े तकिए लगा दिए गए. शादी का मुहूर्त 4 दिन बाद शुक्रवार का निकला. शनिवार शाम को उन की वापसी.

दुलहन के वेश में रिया और शेरवानी पहने दूल्हे विलियम को सब के बीच बैठा दादी ने अपने संदूक से निकाल अपनी शादी में मिला भारी भरकम सोने का जड़ाऊ रानी हार रिया को और बड़े मोतियों का 4 लड़ी वाला हार विलियम को पहनाया.

बहू ने कहा कि इतने सालों से समेटा ये सब उसे क्यों नहीं दिया गया? फिर अगर रिया को ही देना था तो पहली शादी में क्यों नहीं दिया?

उत्तर मिला कि तब दामाद पर मेरा दिल नहीं बैठा था पर अब ये हमारे बेटाबेटी सदा सुखी रहेंगे.

शादी का दिन. कुछ जानेपहचाने लोगों को बुलाया गया था. आवभगत चल रही थी पर अचानक एक गोरे सूटेडबूटेड को देखा तो जाना कि वह विलियम का कजन है. उन्हें देख रिया हैरानी से बोली कि हाय जीजू. जीजू ने कहा हाय रिया… सरप्राइज, रेखाजी हैरान… निधि का पति पर बहन ने तो कभी नहीं बताया कि उन का दामाद गोरा है. शादी रीतिरिवाज से हो रही थी. विदाई के समय नवदंपती ने दादी के पैर छुए तो आशीर्वाद देते दादी की आंखें भर आईं.

विलियम ने दादी के दोनों हाथों को अपने हाथों में ले उन्हें आश्वासन दिया कि वह रिया का अच्छा पति बनेगा. भर आई आंखों से रिया ने दादी की आंखों में ममता का प्रतिबिंब देखा. उन के गले लग कहा कि धन्यवाद दादी. मगर दादी ने कहा कि वह क्यों बिटिया, अब रिया क्या बताए कि दादी ने जो अपनी सोच का विस्तार कर लिया था, अपनी सारी उम्र के धर्म, कर्म, पाबंदियां, रूढि़वादिता त्याग कर पोती की खुशी के लिए जो चुना वह इतना सहज नहीं था.

जारेद रात की फ्लाइट से यूएस लौटने वाले थे. रेखाजी ने निधि के लिए झुमके व नन्ही जूली के लिए सोने की छोटी सी चेन खरीद ली, पर अब जारेद को क्या दें. तभी सासूजी एक पुरानी डिबिया ले आईं और फिर बोलीं कि बहू दामाद पहली बार आया है. उसे दे दो. डिबिया खोली तो उस में सोने की गिन्नी थी. रेखाजी ने मुसकराते कहा कि मां आप तो सोने का खजाना हैं. उत्तर मिला कि वह तो हूं ही.

एक रात होटल में रह सुबह रिया व विलियम घर आए. नन्ही काइरा नानी के पास रही. दिन खुशी से बीता और शाम मम्मीपापा उन्हें एअरपोर्ट छोड़ने जाने लगे तो रिया ने दादी को भी चलने को कहा.

रिया दादी के चेहरे पर आए भावों को पहचानती थी. दादी का हाथ सहलाते रिया ने कहा कि दादी आप को अमेरिका में मेरे घर आना होगा.

इस पर दादी ने कहा कि जरूर पर जब तू काइरा के भाई या बहन को जन्म देगी और मैं परदादी बनूंगी तब.

विली ने रिया की ओर देख मुसकराते हुए कहा कि वह तो आप अब हो गई हैं. काइरा की ग्रेट ग्रांड मां, अगली सीट पर बैठे सुरेशजी ने मुड़ रिया और विली को आशीर्वाद दिया.

Monsoon Special: सावन की बरसात में इन जगहों पर मनाएं रोमांटिक वेकेशन

बारिश, हरियाली, झूले, मिट्टी की सौंधी सी खुशबू, मेहंदी, बागों में खिले फूल, चिड़ियों का चहचहाना. यही तो है सावन की पहचान. सावन आते ही प्रकृति की अनोखी छटा बिखर जाती है. ऐसा लगता है मानो प्रकृति ने हरे रंग की चादर ओढ़ ली हो. बागों में झूले लग जाते हैं, लोग गीत गुनगुनाने लगते हैं, पेड़ों से आम लटक जाते हैं और रिमझिम बारिश से मौसम खुशनुमा हो जाता है. यह एक ऐसा मौसम है जिसमें रोमांस और रोमांच दोनों ही है. यह कहना गलत नहीं होगा की सावन एक ऐसा मौसम है जब प्रकृति का असल रूप और सुंदरता देखने को मिलती है.

जब बारिश की बूंदों को आप महसूस करती हैं तभी आपका मन पूरी तरह मस्ती में सराबोर हो जाता है. आप भी अगर ऐसी जगह जाना चाहती हैं जहां जाकर आप इस बेहतरीन मौसम का लुत्फ उठा सकें तो आज हम आपको भारत की ऐसी जगह बता देते हैं जहां जाकर आप सावन का मजा ले सकती हैं.

1. मेघालय

यदि आपको बारिश की फुहारें पसंद हैं तो आपके लिए मेघालय से अच्छी जगह हो ही नहीं सकती. पूरे साल बारिश होने की वजह से इसे ‘बादलों का निवास स्थान’ भी कहा जाता है. धरती पर सबसे ज्यादा नमी कहीं है तो वह मेघालय का चेरापुंजी ही है. यहां की हरियाली और पेड़-पौधों से टपकती बारिश की बूंदें आपका मन मोह लेगी.

2. गोवा

यूं तो गोवा बीचों के लिए जाना जाता है, लेकिन इस मौसम आप गोवा की असली प्राकृतिक खूबसूरती देख सकती हैं. बारिश के मौसम में अगर आप गोवा जा रही हैं तो मौलेम नैशनल पार्क और कॉटिगो सैंक्चुयरी जरूर जाएं. मौनसून के मौसम में गोवा गए और दूधसागर फॉल नहीं देखा तो क्या देखा. ऑफ सीजन होने के कारण आपके पॉकेट पर भी ज्यादा असर नहीं परेगा.

3. केरला

नदियों व पर्वत-पहाड़ियों से घिरा हुआ एक अनोखा पर्यटन स्थल केरला हमेशा ही सैलानियों को अपनी और खींचता रहा है. वर्षा ऋतु के समय इस जगह का महत्व और ज्यादा बढ़ जाता है. केरला में मॉनसून सीजन को ड्रीम सीजन के नाम से भी जाना जाता है.

4. लद्दाख

सिंधू नदी के किनारे बसा लद्दाख की वादियां, सुंदर झील, आसमान छूती पहाड़ियां हर किसी का मन मोह लेते हैं. मॉनसून में इन जगहों की खूबसूरती और आकर्षण और ज्यादा बढ जाता है. भारत में अगर आप स्वर्ग का दर्शन करना चाहती हैं तो लद्दाख जरूर जाएं.

5. द वैली ऑफ फ्लावर नेशनल पार्क

मॉनसून के मौसम में द वैली ऑफ फ्लावर नेशनल पार्क (उत्तराखण्ड)का परिदृश्य देख आप अभिभूत हो जाएंगी.सावन के मौसम में यहां विभिन्न प्रकार के 300 फूल देखना किसी उपलब्धि से कम नहीं है. दृश्य देखकर आपको लगेगा कि पार्क में कोई बड़ा चमकीला कारपेट बिछाया गया है.

6. कुन्नूर

कुन्नूर तमिलनाडु राज्य के नीलगिरि जिले में स्थित एक प्रसिद्ध एवं खूबसूरत पर्वतीय पर्यटन स्थल है. यहां की हरियाली और मनमोहक दृश्य पर्यटकों को खींच लाते हैं. यह स्थान मनमोहक हरियाली, जंगली फूलों और पक्षियों की विविधताओं के लिए जाना जाता है. यहां ट्रैकिंग और पैदल सैर करने का अलग ही आनन्द है.

मौनसून में इन शहरों के नजारे देखने लायक होते हैं इसलिए इस मौसम में यहां घूमने जाना फायदे का सौदा हो सकता है. बिना वक्त जाया किए आप भी इस मौसम में घूमने का प्लान बनाइए और अपने इस सावन को यादगार बनाइए.

5 टिप्स: मौनसून में स्किन को नुकसान से बचाएं ऐसे

स्किन शरीर के बचाव में अहम भूमिका निभाती है, मगर कैमिकल्स, संक्रमण, घाव, धूलमिट्टी, प्रदूषण आदि से स्किन बेजान सी हो जाती है. ऐसे में नाजुक स्किन का खास खयाल रखना बहुत जरूरी है. पेश हैं, स्किन से जुड़ी कुछ समस्याएं व उन से बचने के तरीके:

टैनिंग

धूप से निकलने वाली यूवी यानी अल्ट्रावायलेट किरणें स्किन को बेजान कर देती हैं. धूप में ज्यादा समय बिताने से स्किन में टैनिंग हो जाती है.

बचाव: धूप में निकलने से पहले कम से कम 20 एसपीएफ वाली सनस्क्रीन का इस्तेमाल जरूर करें. यदि आप धूप में ज्यादा वक्त बिताती हैं तो हर 3 घंटे में सनस्क्रीन का इस्तेमाल करें. अगर स्विमिंग भी करती हैं तो पूल में जाने से पहले सनस्क्रीन जरूर लगाएं. इस से स्किन पर टैनिंग नहीं आएगी. इस के अलावा गौगल्स पहनें, साथ ही हैट भी लगाएं. इन सब का प्रयोग न सिर्फ आप को अट्रैक्टिव बनाएगा, बल्कि स्किन को भी हर समस्या से बचाएगा.

कसे कपड़ों से संक्रमण

आजकल महिलाएं फैशन के चक्कर में कुछ भी पहन लेती हैं, यह सोचे बिना कि जो वे पहन रही हैं कहीं वह उन की स्किन के लिए घातक तो नहीं है. कुछ कपड़े तो ऐसे होते हैं जो स्किन में खुजली पैदा कर देते हैं. ज्यादा कसे और काटने वाले कपड़े पहनने से स्किन में निशान पड़ जाते हैं और कभीकभी तो स्किन कट तक जाती है, जिस से बारबार खुजलाने को मन करता है. यही नहीं ज्यादा देर तक या रोजरोज कसे कपड़े पहनने से स्किन कैंसर होने का भी खतरा रहता है.

बचाव: बाजार में हर मौसम के अनुसार कपड़े मिलते हैं. आप बाजार से फैशनेबल के साथसाथ स्किन फ्रैंडली कपड़ों का चुनाव करें. हलके और आरामदायक फैब्रिक वाले कपड़े पहनें.

रूखी और बेजान स्किन

शरीर को स्वस्थ रखने के लिए पर्याप्त पानी का सेवन जरूरी है. पानी की कमी से स्किन रूखी पड़ जाती है. फिर रूखेपन के कारण उस में दरारें आ जाती हैं जो बैक्टीरिया और फंगस को पनपने का मौका देती हैं. रूखी स्किन बेजान तो दिखती ही है, साथ ही इस में झुर्रियां भी पड़ने लगती हैं.

बचाव: स्किन को रूखेपन से बचाने के लिए दिन में कम से कम 2-3 लिटर पानी का सेवन जरूर करें. जब आप नहा कर आती हैं, तो उस के तुरंत बाद मौइश्चराइजिंग लोशन लगाएं. अगर स्किन ज्यादा रूखी है,तो हर 3-4 घंटे में लोशन लगाएं. स्किन को नरिश करने के लिए नारियल तेल का भी इस्तेमाल कर सकती हैं.

कील मुंहासे

यह सच है कि हारमोंस में बदलाव मुंहासों को न्योता देता है, लेकिन इस के अलावा कई और कारण भी होते हैं, जिन से कीलमुंहासे निकलते हैं. जैसेकि ज्यादा पसीना आना, उमस, तनाव, स्किन को बारबार छूना आदि.

बचाव: बारबार फेस वाश करने से मुंहासे घातक रूप ले लेते हैं, इसलिए ऐसा करने से बचें. साफसफाई के साथसाथ खुद को तनाव से दूर रखें, उमस से बचें और स्किन को बारबार हाथ न लगाएं. यदि मुंहासों की हालत गंभीर है, तो तुरंत डाक्टर से सलाह लें.

स्किन का पीला पड़ना

धूम्रपान से स्किन उम्र से पहले ही बेजान नजर आने लगती है और उस में झुर्रियां भी पड़ जाती हैं. धूम्रपान स्किन की बाहरी परत की नसों को छोटा कर देता है, जिस से रक्त प्रवाह ठीक से नहीं हो पाता है और स्किन पीली पड़ने लगती है. धूम्रपान स्किन में औक्सीजन और पोषक तत्त्वों को भी प्रभावित करता है, जोकि स्किन के स्वास्थ्य के लिए महत्त्वपूर्ण होते हैं. धूम्रपान से होंठ और आंखें भी काली पड़ने लगती हैं. यही नहीं धूम्रपान से स्किन और शरीर में कैंसर होने का जोखिम भी रहता है.

बचाव: स्किन को स्वस्थ बनाए रखने के लिए तुरंत धूम्रपान बंद कर दें.

स्किन इरिटेशन

जर्म्स, तेल, गंदगी और डैड सैल्स को हटाने के लिए नियमित रूप से फेस वाश करना जरूरी होता है. हालांकि, स्क्रबिंग से स्किन में इरिटेशन हो सकती है, जिस से वह फट जाती है. कई महिलाएं अपनी स्किन को ज्यादा रगड़ कर स्क्रब या फेस वौश करती हैं, जो ठीक नहीं है.

बचाव: जैंटल स्किन केयर प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल करें. चेहरे को माइल्ड क्लींजर और कुनकुने पानी से धो लें. चेहरे की उंगलियों से सर्कुलर मोशन में मसाज करें. साबुन या झाग को पूरी तरह निकालने के लिए चेहरे को पानी से अच्छी तरह धोएं. चेहरे को रगड़ने के बजाय तौलिए से थपथपा कर पोंछें.

 -डा. गौरव भारद्वाज

कंसल्टैंट डर्मैटोलौजी, सरोज सुपर स्पैश्यलिटी हौस्पिटल,

नई दिल्ली

Monsoon Special: कैसा हो बरसात में पहनावा

मौनसून शुरू होने से पहले ही महिलाओं को चिंता सताने लगती है कि इस मौसम में क्या पहनें और क्या नहीं. अगर आप भी उन में शामिल हैं तो घबराएं नहीं, क्योंकि हम बता रहे हैं कि इस मौसम में क्या पहनना चाहिए और क्या पहनने से बचना चाहिए:

1. बरसात में हमेशा ऐसे कपड़ों का इस्तेमाल करें जो भीगने पर जल्दी सूख जाएं.

2. बरसात में कौटन व लिनेन के कपड़े न पहनें. ये जल्दी नहीं सूखते हैं.

3. पौलिएस्टर, क्रैप्स, नायलोन जैसे कपड़े भीगने के बाद जल्दी सूख जाते हैं. अत: इन का इस्तेमाल करें.

4. जौर्जेट, शिफौन या अन्य पारदर्शी कपड़े न पहनें, क्योंकि ऐसे कपड़ों के भीगने पर अंगप्रदर्शन हो सकता है.

5. अगर आप को लगता है कि कपड़े भीगने पर आप के अंतर्वस्त्र दिख सकते हैं तो आप कपड़ों के अंदर मोटी स्लिप और स्लैक्स पहनें. इस से कपड़ों के भीगने के बाद आप के अंतर्वस्त्र नहीं दिखेंगे.

6. बरसात के मौसम में लैदर की फैशनेबल चीजों का इस्तेमाल न करें.

7. अगर बरसात में भीगने की संभावना हो तो हमेशा गहरे रंग के कपड़े पहनें. इन के भीग जाने पर अंतर्वस्त्र दिखेंगे नहीं.

8. ज्यादा तंग कपड़े न पहनें, क्योंकि इन के भीगने पर आप का पूरा शरीर नजर आएगा.

9. बरसात में नायलोन, पौली कौटन टीशर्ट और थ्रीफोर्थ पैंट पहनना सुविधाजनक रहेगा.

10. बरसात में साड़ी न पहनें. ढीलेढाले और आरामदायक कपड़े पहनें.

11. पीरियड्स का समय हो तो रेनकोट जरूर पहनें. इस से कपड़े भी गीले नहीं होंगे और आप को आराम भी महसूस होगा.

बरसात के मौसम में कपड़ों की बदबू से ऐसे बचें

बरसात के मौसम में अक्सर कपड़ों से बदबू आने लगती है. कई बार तो इन कपड़ों पर सफेद दाग भी बन जाते हैं. इस बदबू और दाग का कारण सीलन हो सकती है.

1. जिस अलमारी में आपको कपड़े रखने हैं उसे पहले सूखे कपड़े से अच्छी तरह पोंछ लें. उसके बाद कपूर के पानी से दराज को साफ करें. इसे पूरी तरह सूख जाने दें. सूख जाने के बाद ही कपड़े रखें.

2. कीमती और महंगे कपड़ों को प्लास्ट‍िक के पैकेट में या फिर मोटे पेपर में लपेटकर रखें. इसके अलावा बाजार में बिकने वाले वैक्स पेपर भी काफी उपयोगी होते हैं. इससे कपड़े सीधे अलमारी के संपर्क में नहीं आते हैं और खराब नहीं होते.

3. अगर आपको लग रहा है कि कुछ कपड़ों में सीलन आ गई है तो सबसे पहले इन कपड़ों को धूप में अच्छी तरह सुखा लें. उसके बाद प्लास्ट‍िक बैग में लपेटकर अंदर रखें.

4. सप्ताह में एकबार अलमारी को खोलकर कुछ देर के लिए छोड़ दिया करें. इससे हवा अंदर दराजों में जा सकेगी. जिससे सीलन नहीं होगी.

5. अगर आपको लग रहा है कि कपड़ों से बदबू आ रही है तो नेप्थ्लीन की गोलियों का भी इस्तेमाल किया जा सकता है.

सोच का विस्तार: भाग 2-रिया के फोन से कैसे गायब हुई सुरेश की खुशी

नंबर मिलाया तो आंसरिंग मशीन में भरा मैसेज सुना कि विनय हेयर प्लीज लीव ए मैसेज. काम पर होंगे भैया. अब क्या कहे. अगले दिन शाम को अमन के आने से पहले ही फोन पर बात हो गई. विनय ने बताया कि उस की बहन निधि रिसर्च प्रोग्राम पर आई थी और बाद में यहीं शादी कर ली थी. अब प्रैगनैंट है. महीने बाद मम्मी आ रही हैं 3 महीने के लिए उस की मदद करने. निधि से रिया कभी नहीं मिली थी पर मौसी अंबाला से पापा को अस्पताल देखने आई थीं जब वे हार्ट अटैक आने पर 2 हफ्ते अस्पताल रहे थे.

बहुत सोचने के बाद रिया ने तय किया कि वह सारी बात निधि को बता सलाह मांगेगी. मौका जल्दी मिला जब अमन और अमीलिया कहीं जाने वाले थे. निधि ने समझाया कि उसे अमन से सख्ती से बात कर जल्दी तय कर लेना चाहिए कि वह अमीलिया को छोड़ेगा या नहीं. अकसर ऐसी लड़कियां इतनी आसानी से टलती नहीं.

निधि की सलाह थी कि वह फौरन उस के पास आ जाए. वह उसे टिकट व पैसे भेज रही है.

रिया की समझ में भी आ गया कि वह जिस जंजाल में फंस गई है अकेली ही छटपटाएगी और अमीलिया उस का फायदा उठाएगी. अमन लौटा तो उस की डरावनी सी शक्ल देख रिया सहम गई. फिर भी उस ने अपना प्रश्न सख्ती से पूछा तो अमन ने सारा सच उगल दिया.

एक रात अमीलिया बहुत देर से नशे की हालत में एक आदमी के साथ घर लौटी. वह प्रैगनैंट थी. औंधे मुंह बिस्तर पर जा गिरी. सुबह उठी तो उस के माथे पर घाव था. अमन ने न कुछ पूछा न कहा.

उसी दोपहर पुलिस अमन को घरेलू हिंसा के आरोप में गिरफ्तार कर ले गई. अमीलिया ने फोन कर पुलिस स्टेशन झूठी रिपोर्ट लिखवाई थी कि अमन ने उसे धक्का दिया… वह प्रैगनैंट है. अमन को 2 दिन जेल में काटने पड़े. जब लौटा तो पता नहीं किस डाक्टर का परचा पकड़ाते हुए कहा कि उस के धक्का देने से अब उस का गर्भपात हो गया है.

झूठा आरोप… सब बताते अमन के चेहरे पर आए हावभाव देख रिया ने कहा कि अमन मेरी बात मानों सब छोड़छाड़ इंडिया चलते हैं हमेशा के लिए. अपनों के बीच रहेंगे तो सब ठीक होगा. पर अमन का सिर न में हिलते देख रिया को बहुत गुस्सा आया. शांत रहते रिया ने कुछ पैसे देने को कहा तो झट जेब से 500 डालर निकाल पकड़ाते हुए कहा कि अमीलिया को न बताना.

मौका तलाश फोन कर रिया ने निधि का पता लिया. निधि ने अपने पति जारेद का फोटो भी भेज दिया ताकि वह उसे एअरपोर्ट लेने आए तो वह उसे पहचान ले. अमेरिकन से शादी की थी निधि ने. 1/2 घंटे बाद ही निधि ने ई टिकट भेजते लिखा था कि जल्दी आ जाओ.

बड़ी उलझन में थी रिया कि क्या करे. क्या इंडिया में मां को सब बता दे. नहीं, पापा ये सब जान बहुत घबरा जाएंगे. कहीं उन्हें फिर हार्ट अटैक न आ जाए. अंदरबाहर परेशानी में घूमती रिया ने दोनों कमरों की तलाशी ली.

अमीलिया का बिस्तर उठा कर देखा. डै्रसर के खाने पता नहीं किस तरह की दवाइयों से भरे थे. नीचे रखे एक डब्बे पर निगाह पड़ी तो खींच कर बाहर निकाला. ड्रग्स के छोटेछोटे पैकेट निकले. जल्दी से उन्हें वैसे ही रख दूसरे कमरे में जा जल्दी से अपना पासपोर्ट, शादी की तसवीरें, कुछ कपड़े, पैसे रखे और निधि को फोन कर दिया.

धड़कते दिल से टैक्सी पकड़ एअरपोर्ट जा पहुंची. जब तक प्लेन उड़ा नहीं वह डरीसहमी सी रही. फीनिक्स पहुंचने का ढाई घंटे का सफर रिया का सोच में ही कटा कि रहे अमीलिया के साथ, गड्डे में गिरे या कुएं में मुझे क्या लेनादेना. कभी स्वयं को कोसती तो कभी अमन को.

जल्दी में अमन के लिए बड़े अक्षरों में लिखा नोट छोड़ आई कि ऐंजौय योर लाइफ. आई एम लीविंग फौरऐवर. सोचता होगा कि मैं इंडिया वापस चली गई. निधि का तो उसे पता ही नहीं था.

फीनिक्स एअरपोर्ट उतर इधरउधर देख रही थी. तभी एक स्मार्ट आदमी ने सीधा सामने आ कर रिया पुकारा. थोड़े से लोगों के बीच इंडियन लड़की को ढूंढ़ना मुश्किल न था. रास्ते में जारेद बस इधरउधर की बातें करता रहा पर घर के पास पहुंच सीधा कहा कि अच्छा किया उसे छोड़ आई वरना तुम्हारी जिंदगी नर्क हो जाती. यहां सब मिल कर कुछ अच्छा सोचेंगे तुम्हारे लिए.

रिया से मिल निधि खुश हुई. अगली सुबह जारेद के औफिस जाते ही दोनों बहनें बातों में व्यस्त हो गईं. पहले रिया से सब पता किया फिर निधि ने अपने व जारेद के बारे में बताया. फिर तसल्ली दी कि जारेद सब खोजबीन कर कुछ अच्छा हल ढूंढ़ेगा. रिया ने विनय भैया के बारे में जानना चाहा, तो निधि ने जो कुछ बताया उसे सुन रिया हैरान हुई.

वे यहां 4 साल की पढ़ाई कर अभी नौकरी पर लगे ही थे कि उन के साथ पढ़ने वाली लड़की रूबी अचानक उन के साथ रहने आ गई और फिर उन से शादी करने पर जोर देने लगी. उस के दबाव में आ विनय ने अपने मम्मीपापा की जानकारी के बिना शादी कर ली. बाद में जो सच सामने आया वह यह कि रूबी किसी लड़के से रिलेशनशिप में रहते हुए 2 महीनों से प्रैगनैंट थी. जब वह लड़का मुकर गया तो रूबी ने भैया को फंसा लिया.

रूबी की तबीयत खराब हुई तो उसे डाक्टर के पास ले जाने पर वास्तविकता सामने आई. घबराए विनय ने यह बात दोस्त को बताई, जिस की सलाह थी कि रूबी को डीएनए टैस्ट करवाने पर जोर दो. यह जान वह एक दिन घर से गायब हो गई. पुलिस में रिपोर्ट लिखाई और फिर उसे एक अस्पताल में ढूंढ़ लिया गया जहां वह अपने ऐक्स बौयफ्रैंड के साथ पाई गई.

दोनों की सहमति से बच्चे को जन्म के बाद अडौप्शन के लिए रजिस्टर करवाया गया. रूबी ने भैया से माफी मांगते हुए तलाक लेने की बात स्वयं की. विनय भैया को इस सब से उबरने में काफी समय लगा. यह तो अच्छा हुआ कि निधि रिसर्च प्रोग्राम में यहां आ गई तो सब जान दुखी तो हुई पर विनय को सहारा हुआ.

रिया ये सब जान बहुत परेशान हुई पर तभी उसे अपनी परेशानी का भी ध्यान आया.

आज मौसी निधि के पास पहुंचने वाली थीं. रिया बहुत परेशान थी कि मौसी उस के बारे में जाने क्या कहेंगी. मम्मीपापा को कौन और कैसे बताएगा? क्या उसे अमन के पास लौट जाना चाहिए? उसे क्या पता था कि निधि और जारेद उस की परेशानी सुलझाने में पहले से ही लगे हैं.

योजनानुसार शाम की चाय पी सब बैठे बातों में लगे थे. मौसी सब के बारे में जानकारी दे रही थी. तभी जारेद एक लिफाफा लिए आया और निधि को देते कहा कि उसे इस विषय में रिया को अभी बता देना चाहिए.रिया यह सुन घबराई. वास्तव में जारेद ने अमन व अमीलिया की खोजबीन कर जाना कि वे दोनों इललिगल ड्रग बेचते पकड़े गए और अब जेल में हैं. वह पुलिस रिपोर्ट भी ले आया और साथ ही रिया से उस के तलाक के पेपर भी.

रिया ये सब जान कर घबरा उठी. मौसी ने प्यार से कंधा थपथपाते हुए अपने पास बैठाया. अब जब बात खुल ही गई तो निधि ने हर बात की जानकारी दे दी.

Monsoon Special: जानें रेनी सीजन में क्या खाएं और क्या नहीं

बारिश का मौसम अपने साथ कई बीमारियां भी लाता है. ऐसे में हम अगर इस मौसम में सही खानपान और साफसफाई का ध्यान न रखें तो बीमारियों का आसानी से शिकार बन जाते हैं. अत: इस मौसम में खानपान संबंधी सही जानकारी होनी आवश्यक है ताकि खुद को तरोताजा और चुस्ततंदुस्त रखा जा सके.

आइए, जानते हैं कि इस मौसम में हमारा आहार कैसा हो:

– बारिश के मौसम में बासी खाना खाने से बचें. हमेशा ताजा भोजन ही करें. यह भी ध्यान रखें कि खाना सुपाच्य हो. गरिष्ठ और तलाभुना खाना नुकसानदेह हो सकता है.

– इस मौसम में खाली पेट न रहें. बाहर भी खाली पेट न जाएं. घर में खाना खा कर और ले कर जाएं. लंचबौक्स में सलाद जरूर हो. पानी की बोतल साथ ले जाना न भूलें.

– फलों का सेवन ज्यादा से ज्यादा करें. ये शरीर में ताजगी बनाए रखते हैं. तरबूज, खरबूजा, खीरा, ककड़ी, संतरा, अंगूर, लीची   आदि का सेवन शरीर में पानी की कमी को तो दूर करता ही है, जरूरी पोषक तत्त्वों की भी पूर्ति होती है.

– चायकौफी की जगह नीबू पानी, शिकंजी, आम पन्ना, लस्सी, छाछ, आदि का सेवन अधिक करें.

– इस मौसम में बेल, सेब और आंवले का मुरब्बा चुस्तदुरुस्त रखने में मदद करेगा.

– इस मौसम में बैक्टीरिया और वायरस ज्यादा फैलते हैं. शुगर कंटैंट वाले फलों में बैक्टीरिया पनपने की संभावना बढ़ जाती है, इसलिए ताजा फलों का ही सेवन करें. पहले से कटे फलों को न खाएं. सब्जियां भी ताजा ही खाएं.

– बारिश के मौसम में स्वच्छ पानी पीना बेहद जरूरी है.

– जहां तक हो सके नौनवेज खाने से परहेज करें.

– हरी चटनियों का सेवन अच्छा रहता है. पुदीनापत्ती, धनियापत्ती, आंवला, प्याज आदि का सेवन करें.

– घर में पुदीनापत्ती, धनियापत्ती, ग्लूकोज आदि जरूर रखें. फूड पौयजनिंग की समस्या होने पर ये उस से राहत दिलाएंगे.

– नियमित ऐक्सरसाइज जरूर करें.

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