Monsoon Special: बारिश में सुरक्षित रहने के 10 टिप्स

बारिश का मौसम लगभग पूरे देश में प्रारम्भ हो चुका है परन्तु बारिश हो या आंधी तूफान दैनिक जीवन के क्रिया कलाप तो हम सभी को सम्पन्न करने ही होते हैं फिर चाहे वह कामकाजी लोगों का ऑफिस जाना हो अथवा बच्चों का स्कूल या फिर आमजनों का नाते रिश्तेदारी में जाना हो. बारिश अपनी मर्जी से आती है और चारों ओर पानी ही पानी कर देती है इसलिए इन दिनों में की गई जरा सी असावधानी बहुत बड़ी समस्या बन सकती है. बारिश में निम्न 10 बातों का ध्यान रखकर स्वयम को सुरक्षित रखा जा सकता है-

1. अपने गंतव्य स्थल पर जाने के  नियत समय से कुछ समय पूर्व ही घर से निकलें ताकि बारिश के जाम में फंसने और रास्ते में तेज  बारिश आने पर कहीं रुकना पड़े तो रुकने का समय आपके पास हो.

2. यदि आप अपनी गाड़ी से पहली बार किसी रास्ते पर जा रहे हैं तो गूगल मैप का सहारा लेने के स्थान पर किसी जानकर से मार्ग की स्थिति का पता करें क्योंकि गूगल सड़कों के गड्ढे आदि नहीं बताता.

3. बारिश में सड़क पर पैदल चलते समय मोबाइल का उपयोग जरा भी नहीं करें क्योंकि ऐसा करने से एक तो अचानक बारिश आने से मोबाइल भीग सकता है दूसरे रास्ते के पानी भरे गड्ढे में गिरने से आप खुद भी किसी भी दुर्घटना के शिकार हो सकते हैं.

4. पब्लिक ट्रांसपोर्ट से सफर करते समय लाइन में लगे आगे वाले नागरिकों से पर्याप्त दूरी बनाकर रखें क्योंकि इन दिनों हर तरफ गीलापन और फिसलन होती है और एक व्यक्ति का फिसलना दूसरों को भी नुकसान पहुंचा सकता है.

5. घरों में इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों का प्रयोग करते समय बेहद सावधानी रखें, साथ ही यदि कहीं कुछ खराबी है तो स्वयम ही ठीक करने का प्रयास करने के स्थान पर किसी प्रोफेशनल की मदद लें क्योंकि इन दिनों करेंट बहुत आसानी से फैलता है.

6. घर के बड़े बुजुर्गों और छोटे बच्चों को इस मौसम में घर से बाहर कम ही जाने दें क्योंकि इन दिनों चारों तरफ पानी भरा रहता है और सड़कें गीली होती हैं ऐसे में कहीं पर फिसलने से वे किसी भी दुर्घटना के शिकार हो सकते हैं.

7. घर से बाहर निकलते समय अपने साथ छतरी, रेनकोट और मोबाइल रखने के लिए एक छोटी पॉलीथिन अवश्य ले जाएं ताकि आपका मोबाइल भीगने से बचा रहे.

8. आजकल के घरों के फर्श को बनाने में विट्रीफाइड टाइल्स का प्रयोग किया जाता है, चिकनी सतह होने के कारण हल्का सा गीला होने पर ही इन पर पैर बहुत जल्दी स्लिप हो जाता है इससे बचने के लिए डेली यूज में एंटी स्किट मानसून स्पेशल चप्पलों का प्रयोग करें.

9. घर में जगह जगह बिछाने के लिए एंटी स्किट पैरदान का प्रयोग करें साथ ही घर के पुराने तौलियों और पर्दों से घर के फर्श को हरदम  सूखा रखने का प्रयास करें.

10. तेज बारिश होने पर अनावश्यक रूप से गंतव्य तक जल्दी पहुंचने के स्थान पर कहीं शेड युक्त स्थान पर रुककर बारिश के रुकने का इंतजार करें क्योंकि तेज बारिश में सड़क की वास्तविक स्थिति का पता नहीं चलता दूसरे बारिश के तीव्र वेग में सामने से आने वाले वाहन भी ठीक से दिखाई नहीं देते.

Monsoon Special: बरसात में बच्चों की केयर

गरमी के बाद बरसात का आना तनमन को सराबोर कर जाता है, क्योंकि गरमी से राहत जो मिलती है. लेकिन मौनसून का यह मौसम अपने साथ बहुत सारी स्वास्थ्य संबंधी परेशानियां भी लाता है खासकर छोटों यानी छोटे बच्चों के लिए.

चूंकि छोटे बच्चे स्वयं तो अपनी देखभाल करने में असमर्थ होते हैं, इसलिए उन की देखभाल की जिम्मेदारी होती है मातापिता पर. अत: मौनसून शुरू होते ही मातापिता को चाहिए कि वे अपने छोटे बच्चों की देखभाल में कतई लापरवाही न बरतें और निम्न बातों का खयाल रखें:

1. स्वच्छता

बरसात के मौसम में घर के आसपास व घर के अंदर सफाई का पूरापूरा खयाल रखें. कहीं भी पानी न भरा रहे, क्योंकि जमा पानी में मक्खी-मच्छर, कीड़ेमकोड़े पैदा होते हैं, जिन से डायरिया, हैजा, डेंगू, चिकनगुनिया व त्वचा संबंधी बीमारियां फैलने का डर बना रहता है. वैसे तो ये बीमारियां सभी के लिए जानलेवा सिद्ध हो सकती हैं, परंतु छोटे बच्चे अगर इन की चपेट में आ जाएं तो बड़ी मुश्किल से बाहर निकल पाते हैं.

2. आहार पर ध्यान

बरसात के मौसम में बच्चों के खाने का भी विशेष खयाल रखें. उन्हें हलका, ताजा, सुपाच्य खाना दें. मौसमी फलों का सेवन भी जरूर कराएं. हरी सब्जियों व ताजे फलों को साफ पानी से अच्छी तरह धो कर ही बच्चों को खिलाएं. उन्हें सड़कों के किनारे मिलने वाले खुले खाद्यपदार्थों को खाने से रोकें.

स्वच्छ पानी: दूषित पानी बरसात के दिनों में बीमारी का मुख्य कारण बनता है, इसलिए बच्चों को साफ पानी ही पीने को दें. पीने के पानी को 10-15 मिनट तक उबाल कर साफ बरतन में रखें. जब भी घर से बाहर निकलें तो पानी की बोतल साथ जरूर रखें. अगर पानी खरीदना ही पड़े तो किसी अच्छी कंपनी का सीलबंद पानी ही लें.

3. विशेष देखभाल

बच्चों को नहलाते समय भी साफ पानी का ही प्रयोग करें. गंदे पानी से नहाने पर त्वचा संबंधी रोग हो जाते हैं. नहलाने के बाद उन का बदन पोंछ कर साफ व सूखे कपड़े पहनाएं. गीले कपड़े भूल कर भी कभी न पहनाएं. बाल भी सूखे रखें. बच्चे जब भी बारिश में भीगें तब उन्हें तुरंत साफ पानी से नहलाएं और सूखे कपड़े पहनाएं.

बच्चों की बरसात में सुरक्षा हेतु इन कुछ विशेष बातों का भी खयाल रखना लाभकारी होगा.

मसलन, बाल रोग विशेषज्ञा, डा. सुप्रिया शर्मा के अनुसार, बच्चों को विटामिंस, कैल्सियम, आयरन तीनों को समान रूप से जरूर दें, क्योंकि इन तीनों के सेवन से बच्चों की रोगप्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है, जो उन्हें बरसाती रोगों जैसे डायरिया, वायरल, आई फ्लू जैसे रोगों से बचाती हैं.

– बच्चों से कहें कि जैसे ही वे बाहर से आएं अपने चेहरे को साफ पानी से जरूर धोएं क्योंकि विषाणु ज्यादातर आंखों, नाक, मुंह के द्वारा ही शरीर में प्रवेश करते हैं. उन्हें हाथ साफ रखने की भी सलाह दें. अगर बच्चा छोटा है तो इन सब बातों का खयाल आप खुद रखें.

– रात को बच्चों के लिए मच्छरदानी का प्रयोग करें. बच्चे जब भी घर से बाहर जाएं उन्हें मच्छरों से बचाव के लिए मिलने वाली मोसकिटो स्ट्रिप लगा कर ही भेजें.

– बच्चों को सूप, जूस, कौफी, चाय व हलदी मिला मिल्क पीने को दें. बाहर के खाने की जगह पापड़, चिप्स, पकौड़े आदि घर पर बना कर दें. इस से न केवल बच्चों का टेस्ट बदलेगा, बल्कि उन्हें हैल्दी स्नैक्स भी मिलेंगे.

– बच्चों के बारिश में भीगने के बाद उन के सीने पर यूकलिप्टस औयल की मालिश जरूर करें. इस से बच्चों की जकड़न दूर होगी व सांस लेने में आसानी होगी.

Monsoon Special: मानसून में ब्राइडल लुक के लिए अपनाएं एक्सपर्ट टिप्स

मानसून का मौसम यानी बारिश की ठंडी-ठंडी फुहार का मौसम आ गया है. इस खूबसूरत मौसम में शादी करना रोमांचक हो सकता है तो बस जरूरत है बदलते मौसम के अनुरूप अपनी ड्रेसेज और मेकअप का चुनाव कर अपनी शादी में खूबसूरत दिखने की क्योंकि मौसम कोई भी हो हर दुल्हन अपनी शादी के दिन स्पेशल दिखना चाहती है सीजन के हिसाब से हर साल बदलने वाला मेकअप और फैशन ट्रेंड कैसा हो ये बता रही हैं डिजाइनर सान्या गर्ग. आप इनके बताए आसान टिप्स को फॉलो करें और ड्रेस से लेकर मेकअप तक किसी चीज में कोई कमी नहीं रखे.

1. वेडिंग ड्रेस:

अपनी शादी की ड्रेस को टखने यानी गुटने की लंबाई में रखें, हैवी और गहनों वाली ड्रेस से बचें. ऐसा लहंगा चुनें जो हल्का हो, मखमल, रेशम और ब्रोकेड से बचें. आप शिफॉन, जॉर्जेट, खादी कॉटन, ऑर्गेना या रेयान जैसे गर्मियों में बहुत सारे कूल नेट जैसे फैब्रिक चुनें, जो जल्दी सूख जाते हैं. लहंगे के वर्क के लिए फ्लोरल रेशम धागे की कढ़ाई या हल्का जरदोजी वर्कवाला ले. लहंगे में इम्ब्रायडरी जितनी हल्की होगी आप उतना कंफरटेबल और हल्का फील करेंगी. कलर का चुनाव करना है तो पेस्टल रंग मानसून में अच्छे लगते हैं, आप या तो पेस्टल कलर चुन सकती है या रेड कलर, ये ब्राइडल पर परफेक्ट लगता है.इसके अलावा ब्राइडल ड्रेस में लाइनिंग का खयाल रखना भी बहुत जरूरी है, ठंडी हवाओं में लाइनिंग से गर्माहट तो मिलेगी ही, साथ ही जॉर्जेट और नेट पर यह ड्रेस बहुत ज्यादा खिलेगी.

2.आर्टिफिशियल ज्वैलरी से बचें:

मानसून वेडिंग में आर्टिफिशियल यानी नकली ज्वैलरी से बचें क्योंकि इससे बारिश के पानी के साथ स्किन रिएक्शन हो सकती है. इस लिए गोल्ड ज्वेलरी या गोल्ड प्लेटेड ज्वैलरी चुनें. इसके अलावा, हैवी ज्वेलरी की तुलना में कुछ स्टेटमेंट पीस का विकल्प चुनें. चोकर के बजाय एक लंबे हार पहने मांग टीका अंदर है और आरामदायक भी है.

3. हेयर को लूज न छोड़े:

मानसून के मौसम में ढीले बाल घुंघराले हो सकते हैं. एक्सेसराइज़्ड बन्स और ब्रैड्स जाने का रास्ता हैं. इसके अलावा, ठाठ गन्दा बन्स गाउन के साथ अच्छी तरह से चलते हैं.

4. न्यूड मेकअप:

ब्राइडल अपने नैचुरल लुक से ही खूबसूरत दिखना चाहती हैं. मेकअप तभी खूबसूरत लगता है जब वो जरूरत के मुताबिक हो. और जब बात हो मानसून मेक अप की तो आप मिनिमल या न्यूड मेकअप लुक चुनें और ऐसे मेकअप प्रोडक्ट चुनें जो वाटरप्रूफ हों. इसके अलावा, आंखों और होंठों के लिए हल्के रंगों का प्रयोग करें. हैवी केकी मेकअप गर्म और उमस भरे मौसम में खराब हो जाएगा और लुक को खराब कर देगा.

5. हल्का ब्रीज़ियर दुपट्टा:

मानसून में दुपट्टा ऐसा ले जो वास्तव में हल्का हो इसे टक न करें, इसके बजाय इसे खुला ही छोड़ दें. सिंगल दुपट्टे का ऑप्शन चुनें. जिसे आप आसानी से मैनेज कर सके.

6. हील्स या स्टिलेटोस से बचें:

खासकर अगर शादी बाहर की योजना बनाई गई है, तो यह कीचड़ में डूब जाएगी. साथ ही इस फिसलन भरे मौसम में, वेजेज, जूती या मोजरी पहनना सबसे अच्छा है, ये ट्रेंड में हैं और शादी के आउटफिट के साथ अच्छी तरह से चलते हैं. आप इन्हें अपनी ड्रेस से मैच करवाने के लिए कस्टम डिज़ाइन करवा सकते हैं.

Monsoon Special: इन 4 टिप्स से पाएं बरसात की सीलन से छुटकारा

बारिश का मतलब है नमी, बदबू करते कपड़े, अलमारियों में फंगल इंफेक्शन और भी बहुत कुछ. मॉनसून के दस्तक देने के बाद बारिश का लुत्फ उठाने का आनंद ही कुछ और है, लेकिन बारिश का पानी जब घरों में घुस जाता है तो परेशानी का सबब बन जाता है. यही नहीं लीकेज कभी-कभी जबरदस्त नुकसान का कारण बन जाती है.

बरसात के मौसम में घरों में सीलन बढ़ जाती है और कॉकरोचों के पनपने के लिए ये सबसे अनुकूल समय होता है. इनके सबसे अधि‍क पनपने की जगहें किचन और स्टोर रूम होती है.

मॉनसून में घर की, खासकर लकड़ी के फर्नीचर और दरवाजे-खिड़कियों की देखभाल बहुत जरूरी होती है, वरना मॉनसून के बाद उनका आकार और रंग, दोनों खराब हो सकता है. अगर आप अपना घर बारिश के लिए तैयार नहीं रखती हैं तो यह मौसम भारी मुसीबत का कारण बन सकता है.

बरसात के दिनों में अक्सर घर में अजीब-सी बदबू आने लगती है, जिससे घर के वातावरण के साथ ही मूड भी खराब हो जाता है. अगर आप भी इस समस्या से परेशान हैं और सफाई करने के बाद भी घर में ताजगी का एहसास नहीं होता. कुछ घरेलू उत्पादों की मदद से आपका काम बन सकता है.

1. साफ-सफाई

घर की रोज सफाई होनी चाहिये. इससे घर में न तो नमी रहती है और न ही गंदी महक आती है.

2. नालियों की सफाई

घर के अंदर और बाहर की नालियों की अच्छी तरह से सफाई कर लीजिये ताकि वहां कहीं गंदगी जाम न हो और सीवेज सिस्टम भी सही होना चाहिये.

3. दरवाजों को करें फिक्स

बरसात के दिनों में जहां घर में सीलन की परेशानी होती है तो वहीं लकड़ी के दरवाजे पानी पड़ने से फूल जाते हैं. ऐसे में दरवाजों को निकलवा कर उन्हें दुबारा फिक्स करना चाहिये और उसे पेंट या फिर उस पर प्लास्टिक की पट्टी लगानी चाहिये जिससे अगर उस पर पानी पड़े तो वह फूले नहीं.

4. दीवारों पर लाइट पेंट करवाएं

बरसात में अकसर कीड़े-मकोडों आ जाते हैं. क्योंकि डार्क कलर्स कीडे-मकोडों को ज्यादा भाते हैं, इसलिए आप दीवारों पर व्हाइट या लाइट कलर ही पेंट कराएं.

Monsoon Special: मौनसून में ऐसे पाएं रूखे और बेजान बालों से छुटकारा

बरसात के मौसम में नम वातावरण के कारण बालों के रूखे और बेजान होने का खतरा रहता है. ऐसे में बालों में झड़ने, गिरने, खुजली तथा डैंड्रफ जैसी समस्याएं होने लगती हैं. इन सबसे बचने के लिए जरूरी है कि आप बालों की सेहत पर खास ध्यान दें. बालों में नियमित रूप से मसाज करें. सोने से पहले नारियल तेल या बादाम के तेल से बालों में मालिश करने से वे नम बने रहते हैं. ऐसे में बालों के टूटने गिरने की समस्याएं कम होती हैं. इसके अलावा मानसून में बालों को रूखेपन से बचाने के लिए आप इन नुस्खों को अपना सकती हैं.

1. शहद:

शहद और जैतून के तेल से भी बालों के रूखेपन से छुटाकारा पाया जा सकता है. इसके लिए सबसे पहले शहद और जैतून तेल को समान मात्रा में एक कटोरी में मिला लें. इसे बालों में लगाएं और फिर तीस मिनट तक सिर को ढंक लें. इसे शैंपू और कंडीशनर से धो लें. महीने में कम से कम एक बार ऐसा जरूर करें. और अगर आप हर सप्‍ताह ऐसा कर सकें तो और बेहतर परिणाम प्राप्त होंगे.

2. मेथी:

मेथी के इस्तेमाल से आप मानसूम नें बालों के रूखेपन से छुटकारा पा सकते हैं. इसके लिए रात भर मेथी को पानी में भिगोकर रख दें. सुबह पानी को छानकर अलग कर लें. इस पानी से बाल और स्कैल्प को धोएं. यह नुस्खा बालों को पोषण तो देता ही है साथ ही बालों में चमक लाता है तथा रूखापन दूर करता है.

3. बेसन:

ड्राई बालों को सही करने का यह तरीका सबसे अच्‍छा है. इसके लिए सबसे पहले एक कप कच्‍चा दूध या नारियल दूध लें. इसमें दो-तीन चम्‍मच बेसन मिलाएं. इसका अच्‍छा सा पेस्‍ट तैयार कर लें और बालों पर अच्‍छी तरह लगाएं. इसे 15 मिनट के लिए ऐसे ही लगा छोड़ दें. उसके बाद पानी से और बाद में शैम्‍पू से धो लें.

सोच का विस्तार: भाग 1- रिया के फोन से कैसे गायब हुई सुरेश की खुशी

रिया अपनी दादी के कंधे पर सिर रख कर रो रही थी. रिया की मां ने देखा कि दादी रिया के सिर पर हाथ फेरते हुए उसे शांत होने को कह रही थीं. पापा बाहर के कमरे में कुरसी पर बैठे दोनों हाथों से सिर पकड़े रो रहे थे कि जान से प्यारी बेटी रिया को विदेश भेज क्या मिला?

वह तो उन्हें छोड़ जाना ही नहीं चाहती थी. मगर पत्नी की सहेली के बेटे से शादी का प्रस्ताव आया तो विदेश में बसे लड़के का मोह रिया की मां रेखा नहीं छोड़ सकीं. सोचा घर बैठे रिश्ता मिल रहा है… आजकल लड़के ढूंढ़ना और फिर उन की डिमांड्स पूरी करना क्या आसान है?

रिया ने तो अपने लिए साथ काम करते स्मार्ट, अच्छे परिवार व अच्छी पोस्ट पर लगे लड़के से विवाह करने की सोची थी. पापा सुरेश की इस में पूरी सहमति भी थी पर दादी बिदक गई थीं यह जान कर कि लड़का ब्राह्मण परिवार से नहीं है.

सुरेशजी ने मां को समझाने का पूरा प्रयास किया कि आज के समय की सोच अलग है पर रूढि़वादी मां को मनाना नामुमकिन था. रिया ने पापा से कहा था कि जल्दी न करें. शायद दादी अपनी सोच बदल लें. मगर ऐसा नहीं हो पाया.

2 साल पहले दादाजी के गुजर जाने के बाद दादी और भी जिद्दी हो गई थीं. अपने कमरे में ही रहतीं. उन्हें स्नान करना, अलग बरतनों में अलग खाना बनाना, मां के अलावा किसी और से कोई काम न करवाना मां के लिए कठिन होता जा रहा था. पर क्या करें. अपने ही बेटे को पराया कर दिया. उन के दरवाजे की चौखट पर खड़े पापा प्रणाम कहते और वे वहीं बैठी हाथ उठा आशीर्वाद दे देतीं.

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सहेली ने सूचना दी और बेटे अमन को ले रिया को देखने चली आईं. काफी समय अमेरिका की बातें करती रहीं. रेखाजी ने पूछा, ‘‘तो तुम घूम आई वहां?’’

‘‘नहीं. अब इन की शादी के बाद जाऊंगी. देखो हमें कोई दहेजवहेज नहीं चाहिए. बस बेटीदामाद के लिए अमेरिका के टिकट करवा दें.’’

रिया को अजीब लगी थीं आंटी, आंटी का बेटा और उन की सोच… पर मां ने कहा, ‘‘बेटा यहां से क्या कुछ ले जाना… वहां अच्छीअच्छी चीजें मिलती हैं… फिर हमारा ढेरों आशीर्वाद जो होगा तुम्हारे साथ.’’

रिया के मम्मीपापा खुश थे, दादी नाराज कि कहां गए सब ब्राह्मण जाति के लोग और उन के बेटे… रिया को तो देखो पहले अपनी मरजी का लड़का ढूंढ़ बैठी और अब जब दूसरा मिल रहा है, तो वह है तो ब्राह्मण पर विदेश में रहता… क्या भरोसा मांसाहारी हो… शराब भी पीता हो… आज रिया के दादाजी होते तो यह रिश्ता कभी नहीं मानते.

मगर दादी को क्या पता कि पढ़लिखे व सरकारी नौकरी में अफसर वे दादी की हां में हां इसलिए मिलाते थे कि वे जानते थे कि मायके से लाई सोच को पत्नी कभी नहीं बदलेगी. पढ़ालिखा, कमाता व संस्कारी लड़का उन की रिया को खुश रखे और ससुराल वाले सब एकदूसरे का मान, सम्मान करें यही सोच होती दादाजी की.

अचानक सहेली के घर से आई सूचना कि अमन आ रहा है, जल्दी शादी करनी है ने सब को व्यस्त कर दिया. अकेली बेटी को बहुत धूमधाम से ब्याहने के सपने को छोटा कर साधारण ढंग से ब्याह कर विदा किया. अमेरिका के अनजाने शहर में पहुंच रिया थोड़ा अकेला महसूस कर रही थी, पर औफिस के बाद का समय अमन उसे न्यूयौर्क घुमाने में बिताता, कभी वर्डट्रेड सैंटर, कभी स्टेटन आईलैंड फेरी और आज ऐंपायर स्टेट बिल्डिंग की 104वीं मंजिल पर खड़े न्यूयौर्क शहर के कई फोटो खींचते रोमांच हो आया रिया को. कई फोटो भेजते मैसेज भी लिख डाला कि मैं बहुत खुश हूं. मम्मीपापा को तसल्ली हुई.

1 महीना खुशीखुशी बीत गया. फिर एक दिन अमन ने झिझकते बताया कि उसे 3 दिनों के लिए औफिस के काम से बाहर जाना है. तब रिया ने भी साथ चलने को कहा तो अमन बोला कि नहीं, वह उसे फोन करता रहेगा.

मगर न तो स्वयं फोन किया और न ही रिया के किए फोन को उठाया. 3 दिन की कह 25वें दिन लौटे अमन को देख रिया घबरा गई. ऐसा लगा जैसे कुछ पीछे छोड़ आया हो. उस के गले लगने लगी तो हाथ से रोकते कहा कि वह बहुत थका है. आराम करेगा. क्या हुआ शायद काम ज्यादा हो या कुछ काम बिगड़ गया हो.

बिगड़ ही तो गया था. पिछले 3 सालों से साथ रह रही गर्लफ्रैंड कैसे बरदाश्त करती अमन की पत्नी को. पहले तो अमन भी टालता रहा मां की इस जिद को कि शादी कर लो. वहां अकेले रहते हो. उन्हें चिंता होती है. पर उन का थोपा विवाह उसे रास आया.

कितनी प्यारी और उस का ध्यान रखने वाली है रिया. उस के स्पर्श में कितना अपनापन है. उस की मुसकराहट देख उस के अंदर तक प्यार की लहर झूम उठती है. मगर अब अचानक आए बदलाव से कैसे बचे?

कहीं नहीं गया था वह औफिस के काम से…गर्लफ्रैंड अमीलिया की धमकी से उस के घर में छिपा था… बिना विवाह किए साथ रह रहे थे, उस के चलते 2 बार गर्भपात करवाया था अमीलिया ने. अस्पताल के कागज  प्रूफ थे, जिन पर पिता के नाम के आगे अमन का नाम लिखा था. क्या वह ये सब बता पाएगा रिया को?

परेशान रिया जानने की कोशिश कर रही थी कि अमन में अचानक आए बदलाव का क्या कारण हो सकता है. जल्दी परदाफाश हो गया. औफिस से लौटते एक लड़की बड़ा सा सूटकेस लिए अमन के साथ आई तो बताया गया कि उस के मकानमालिक ने जल्दी में उस से मकान खाली करवा लिया. दूसरा मिलते ही चली जाएगी.

भोली रिया खुश हुई कि कुछ दिन अच्छी कंपनी रहेगी. दूसरा बैडरूम उसे दे दिया. दोनों सुबह इकट्ठे निकलते और रात देर से आते. चौथे ही दिन सुबह अमन को अमीलिया के कमरे से निकलते देख रिया का तो रंग ही फक हो गया. सोचने लगी कि सही सुना था अमेरिका के कल्चर के बारे में… बिना बात किए अमन तैयार हो चला गया. अमीलिया घर पर ही रुकी.

थोड़ी देर बाद अमीलिया सीधी रिया के सामने जा खड़ी हुई. धमकाते हुए अमीलिया ने कहा कि चाहे तुम्हारी अमन से इंडिया में शादी हो चुकी है, पर उस पर अभी भी उस का हक ज्यादा है. इस देश में बिना शादी किए भी बच्चे पैदा करने की मान्यता है और यदि पिता चाहे तो बच्चे का खर्चा उठा अलग हो सकता है. सरकार भी ऐसी स्थिति में सिंगल मदर की सहायता करती है.

ये सब सुन रिया का सिर घूम गया. कुछ समझ न पाने की स्थिति में वह धम्म से पास रखी कुरसी पर जा गिरी. जब होश आया तो अमीलिया को वहां नहीं पाया. उस रात वह लौटी भी नहीं.

अमन औफिस से जल्दी लौटा तो बिस्तर पर बैठी रिया को शून्य में ताकते पाया. न कुछ पूछा न कहा. चाय व नाश्ता ला सामने आ बैठा. रो दी रिया. क्यों किया अमन ऐसा? का उत्तर उस ने संक्षेप में दिया कि तुम चाहो तो यहां रहो नहीं तो लौट जाओ. रिया का जवाब था कि कौन है मेरा यहां तुम्हारे सिवा. बीचबीच में अमीलिया आती रहती. रिया ने सोच लिया कि वह पति को नहीं बांटेगी. क्या मां से बात कर सलाह ले? पर फिर घबरा उठी.

एक बार पापा को आए हार्ट अटैक को वह देख चुकी थी. तभी ध्यान आया कि शादी के बाद विदाई के समय मां ने एक तह किया कागज देते कहा था कि तुम्हारी मौसी का बेटा विनय यूएसए में रहता है. उसे फोन कर लेना. खुश होगा यह जान कर कि अब तुम भी वहां हो.

शारदा मैम: भाग 3-आखिर कार्तिक को किसने ब्लैकमेल किया ?

टेबल पर लग गया था. सभी हंसीमजाक करते हुए खाना खाने में व्यस्त हो गए. खाना खातेखाते ही तय हुआ कि कार्तिक और तनुजा कुछ घंटों के लिए बाहर जाएंगे आपस में बात करने के लिए. खाना खातेखाते कार्तिक ने सोच लिया था कि तनुजा को सबकुछ बता दे या फिर यह रिश्ता टूटे या बचे.

‘‘बेटा कार्तिक, शारदा मैम को भी साथ ले जाओ. शारदा मैम यहां की लोकल है,’’ कार्तिक की मम्मी दीपा बोली,

‘‘क्यों नहीं, मैं गाड़ी निकाल लेती हूं,’’ शारदा मैम बोली.

‘‘हम दोनों बाइक से चले जाएंगे,’’ कार्तिक बोला, ‘‘क्यों परेशान कर रही हो शारदा मैम को.’’

‘‘अरे कैसी परेशानी? चलो आ जाओ,’’ कह कर शारदा मैम बाहर चली गईं.

जब कार्तिक और तनुजा अपार्टमैंट के नीचे पहुंचे, तब तक शारदा मैम ड्राइविंग सीट पर जम गई थीं.

‘‘क्या चक्कर है कार्तिक?’’ तनुजा ने सवाल किया. कार्तिक कुछ कहता उस से पहले ही शारदा मैम चिल्लाई, ‘‘आओ गाड़ी में बैठो.’’

दोनों कार की पिछली सीट पर जा कर बैठ  गए.

‘‘शादी हो रही है तुम दोनों की, शरमाते रहोगे क्या? बोलो कहां चलेंगे?’’ शारदा ने साइड मिरर से कार्तिक को देखा.

‘‘गेट वे औफ इंडिया?’’ शारदा मैम ने पूछा.

‘‘वहीं चलते हैं,’’ कार्तिक बोला.

समंदर की लहरों का शोर लोगों की भीड़, फेरी वालों की आवाजें आ रही थीं.

‘‘चलो आओ भी,’’ शारदा मैम गाड़ी पार्क कर के आ रही थीं. तभी शारदा मैम का मोबाइल बज उठा. वे ऐक्सक्यूज मी कहती हुई थोड़ी दूरी पर चली गईं.

उसी समय तनुजा के मोबाइल पर मैसेज की आवाज आने लगी. तनुजा ने देखा ढेर सारी पिक हैं. अभी लोड नहीं हो पा रही थीं.

‘‘क्या हुआ तनुजा?’’ कार्तिक ने पूछा.

‘‘कुछ नहीं नैट की प्रौब्लम है, कोई अननोन नंबर है,’’ तनुजा ने कहा.

‘‘बताओ तो. अरे यह तो शारदा मैम का नंबर है. सुबह ही तो लिया था उन्होंने तुम से,’’ कार्तिक बोला.

‘‘अरे हां, शायद मैं सेव नहीं कर पाई,’’ तनुजा बोली.

कार्तिक ने तनुजा के हाथ को अपने हाथों में ले लिया. तनुजा को अच्छा लगा, सुकून भरा स्पर्श. दोनो बैंच पर बैठ गए.

‘‘मुंबई कितना सुंदर है,’’ तनुजा ने गेट वे औफ इंडिया को निहारते हुए कहा.

‘‘हां वाकई बहुत सुंदर है,’’ कार्तिक बोला.

इसी बीच तनुजा के मोबाइल में पिक्स लोड हो गई थीं.

‘‘देखें शारदा मैम ने कैसी पिक्स ली हैं,’’ कहते हुए तनुजा ने मोबाइल कार्तिक के सामने कर दिया, ‘‘अरे यह क्या?’’ तनुजा बोली.

‘‘क्या हुआ?’’ कार्तिक घबरा गया.

‘‘तुम खुद ही देख लो,’’ तनुजा बोली.

कार्तिक ने देखा उस के और शारदा मैम की न्यूड पिक्स सब तनुजा के सामने थीं.

‘‘कार्तिक यह क्या है?’’ कह कर वह एकदम चुप हो गई. सामने से शारदा मैम को आते देख लिया था.

‘‘क्या बात है तनुजा? कोई प्रौब्लम?’’ शारदा मैम मुसकराईं.

‘‘अब क्या बचा है यह सब देखने के बाद,’’ तनुजा बोली.

‘‘क्यों? अच्छा, पिक्स जो भेजी तुम्हें.’’

‘‘हां, वही पिक्स, ये सब क्या है?’’ तनुजा की आवाज ऊंची होने लगी थी, ‘‘कार्तिक क्या है ये सब? तुम्हारा संबंध शारदा मैम से है पहले बता देते तो हम मुंबई नहीं आते.’’

कार्तिक की आंखों में आंसू आ गए, वह डर गया. फिर बोला, ‘‘ऐसा कुछ नही है तनुजा. विश्वास करो मेरा.’’

‘‘कार्तिक जो सच है वह बता दो,’’ शारदा मैम बोलीं.

‘‘कार्तिक, शारदा मैम तुम्हारी मां की उम्र की हैं, इन के साथ… अरे, इन के साथ…’’

‘‘तनुजा यह क्या बोल रही हो?’’ शारदा मैम बोली.

‘‘तो फिर ये क्या है सब?’’ तनुजा की आवाज गुस्से से कांप रही थी.

‘‘अरे बाबा, यह तुम को इसलिए बताया ताकि तुम्हें मुंबई का माहौल पता चल जाए,’’ शारदा मैम बोली.

‘‘मतलब?’’ तनुजा समझ नहीं पाई.

‘‘मतलब यहां खुला माहौल है, शादी के बाद तुम को पता चलता कि हमारे सैक्सुअल रिलेशन हैं तो तुम्हें बुरा लगता. इसलिए बता दिया.’’

‘‘ऐसा कुछ नहीं है. प्लीज, मेरा विश्वास करो,’’ कार्तिक रो पड़ा.

‘‘चलो मैं निकलती हूं. आप दोनों टैक्सी या लोकल से आ जाना. कोई काम आ गया है मुझे, दोनों को फ्री छोड़ कर जा रही हूं,  बाय टेक केयर,’’ कह कर मुसकराती हुई शारदा मैम चल गईं.

शारदा मैम सोच रही थीं कि अब तो तनुजा शादी करने से रही. मजा आ गया. अब तक वे थोड़ीबहुत बात कर रहे थे. वह भी नहीं करेंगे. अपनी जीत पर खुश होते हुए वे घर आ गईं.

शारदा को अकेला देख कर कार्तिक की मम्मी और बाबूजी दोनों चौंक गए, ‘‘अरे आप अकेलीं? कार्तिकतनुजा कहां है?’’

‘‘अरे, बहनजी दोनों को थोड़ी देर अकेला भी रहने दो, मैं कहां बीच में रहती कबाब में हड्डी की तरह,’’ शारदा मैम बोलीं. वे सोच रही थीं, आते ही दोनों का रिश्ता टूटना तय है.

कुछ घंटे बाद कार्तिक, तनुजा दोनों एकदूसरे का हाथ थामे घर आ गए.

‘‘आ गए तुम दोनों?’’ दीपा बोली.

‘‘हां मम्मी आ गए हम दोनों,’’ तनुजा मुसकराई.

उस की मुसकराहट देख कर शारदा मैम जल गईं, उन की समझ में कुछ नहीं आया कि दोनों गेटवे औफ इंडिया पर तो झगड़ रहे थे. अब यह क्या हुआ?

‘‘क्या सोचने लगीं शारदा मैम?’’ कार्तिक बोला.

‘‘कुछ नहीं, कुछ नहीं,’’ कह कर शारदा मैम उठ कर जाने लगीं.

‘‘शारदा मैम अभी रुकिए न, थोड़ी देर.’’

‘‘नहीं, मैं चलती हूं, फिर आऊंगी,’’ शारदा मैम बोलीं.

‘‘आएंगी नहीं आप, जाएंगी सीधा जेल,’’ कहते हुए लेडीज पुलिस घर के अंदर आ गई.

पुलिस को देखते ही शारदा मैम घबरा गईं, ‘‘क्यों क्या हुआ? यह पुलिस?’’

‘‘क्या हुआ आप नहीं जानतीं? लेडीज इंस्पैक्टर ने शारदा मैम का हाथ पकड़ा और उसे ले जाने लगीं.

‘‘मगर मैं ने किया क्या है?’’ शारदा मैम एकदम घबरा गईं, डर से कांप उठीं.

‘‘तुम ने कार्तिक का यौन उत्पीड़न किया है, उसे ब्लैकमेल कर रही हो इतने समय से. कार्तिक ने रिपोर्ट लिखवाई है… सुबूत के तौर पर वीडियो दिए हैं.’’

शारदा मैम की शर्म के मारे आंखें नीची हो गईं. वे नजरें ऊंची नहीं कर पाईं.

‘‘शर्म आनी चाहिए तुम्हें,’’ लेडीज इंस्पैक्टर गुस्से से चिल्लाईं.

‘‘मुझे माफ कर दो प्लीज,’’ वे हाथ जोड़ कर गिड़गिड़ाने लगीं.

इंस्पेक्टर बोलीं, ‘‘वीडिओ डिलीट करो और जेल जाने के लिए तैयार रहो.’’

‘‘नहींनहीं प्लीज मुझे माफ कर दो,’’ शारदा मैम बोलीं.

इंस्पैक्टर बोलीं, ‘‘ऐसा करो लिखित में दो कि तुम ने इतने सालों से कार्तिक का यौन उत्पीड़न कर ब्लैकमेल किया है… माफी मांगो.’’

‘‘ठीक है पर फिर मुझे जेल तो नही भेजेंगे?’’ शारदा मैम बोलीं.

‘‘नहीं,’’ इंस्पैक्टर बोलीं.

कार्तिक तुंरत अंदर से एक कागज ले आया. शारदा मैम ने तुरंत ही सब

लिख दिया. फिर इंस्पैक्टर को कागज देती हुई बोलीं, ‘‘प्लीज मुझे गिरफ्तार न करें.’’

‘‘बिलकुल नही करेंगे,’’ इंसेक्टर बोलीं,

‘‘आप खुद अपनी गलती स्वीकारें इसलिए यह खेल खेला गया था. मैं कार्तिक के फ्रैंड की वाइफ हूं.’’

कार्तिक और तनुजा के मम्मीपापा की समझ में कुछ नहीं आ रहा था.

फिर तनुजा ने बताया, ‘‘शारदा मैम ने कार्तिक को घर बुलाया था. किसी काम से

जब आप लोनावाला गए थे. वहां  झूठी धमकी दे कर जबरदस्ती कार्तिक के साथ सैक्सुअल रिलेशन बना लिए थे. उसी वीडियो से ये उसे ब्लैकमेल करती रही. पहला रिश्ता भी इसी ने तुड़वाया था,’’ तनुजा ने संक्षिप्त में समझया.

सब यह सुन कर आश्चर्य में थे कि बेटे की उम्र के लड़के के साथ?

‘‘मम्मी गंदे लोग कहीं भी हो सकते हैं,’’ तनुजा ने आगे बताया, ‘‘जब ये हमें छोड़ कर यहां आ गई थीं तब कार्तिक ने सब बताया और मैं ने विश्वास किया कार्तिक पर. फिर कार्तिक के फ्रैंड से मिल कर यह योजना बनाई.’’

‘‘प्लीज, तनुजा यह विश्वास बनाए रखना,’’ कार्तिक की आंखों में आंसू थे.

‘‘हम पुलिस वाला उपाय नहीं करते तो ये परेशान करती रहतीं. अपनी गलती नहीं मानतीं,’’ तनुजा बोली,

‘‘तनुजा तुम वाकई समझदार निकली. हम तो समझ ही नहीं पाए शारदा मैम को.’’

शारदा मैम शर्म के मारे भाग खड़ी हुईं.

उस का सपना: भाग 3- किस धोखे में जी रही थी तृप्ति?

अमित की इस बात से फिर से तृप्ति का दिल टूटा मगर उस ने खुद को संभाला और उस के बालों में हाथ फेरती हुई बोली, ‘‘क्या बात है आजकल मेरी तरफ बिलकुल ध्यान नहीं देते हो. हमारे बीच जो खूबसूरत सी नजदीकियां थीं क्या तुम्हें नहीं लगता कि वे लमहे भी कहीं खोते जा रहे हैं? लगता ही नहीं कि तुम मेरे पुराने अमित हो. आखिर ऐसा क्या हो गया अमित?’’

अमित तृप्ति को बांहों में लेता हुआ बोला, ‘‘कुछ नहीं यार होना क्या है. बस आजकल तुम भी बिजी रहती हो और मैं भी.’’

अमित की बात पर तृप्ति एतबार आने लगा था. आज महीनों बाद दोनों एकदूसरे की सांसों की गरमाहट महसूस कर रहे थे. आज उसे वही सुकून हासिल हो रहा था जो पहले हुआ करता था. तृप्ति ने मन ही मन तय किया कि वह सारे गिलेशिकवे भूल कर रिश्ते की एक नई शुरुआत करेगी.

यह सोचते हुए वह उस की बांहों में सिमट गई. अमित भी आज पूरे मूड में था. सुबह जब तृप्ति की नींद खुली तो देखा अमित तैयार हो रहा है.

‘‘क्या बात है, आज बहुत जल्दी जा रहे हो?’’ तृप्ति ने पूछा.

‘‘हां, आज जरूरी मीटिंग है. अच्छा सुनो

मैं ने कल रात बताया था न कि आज तुम्हें एक डाइरैक्टर से मिलवाऊंगा. मैं ने घर में ही मीटिंग रखी है. एक छोटीमोटी पार्टी ही समझ लो. फ्रिज में केक रखा है लेकिन, तुम मत खाना,’’ कह कर अमित मुसकराया.

पिछले कुछ महीनों से तृप्ति जब भी मिठाई की तरफ देखती तो अमित आंखों के इशारे से मना कर देता. तृप्ति की इच्छा तो बहुत होती थी कुछ अच्छा खाने की लेकिन अमित की इच्छा का खयाल रखती थी. उस का सपना पूरा जो करना चाहती थी.

इसलिए कई महीनों से उस ने न तो कोई मिठाई खाई थी न अपने बर्थडे पर केक ही खाया था. तलीभुनी चीज भी नहीं खाती थी. आजकल अपना खाना उसे खुद पसंद नहीं आता था. मगर अपने आप को अमित की नजरों में खूबसूरत दिखने और उस के सपनों को पूरा करने के लिए सबकुछ कर रही थी.

‘‘जो हुकुम जहांपनाह,’’ तृप्ति ने अलग ही अंदाज में कहा. तो इस पर अमित हंसता हुआ बोला,’’ ये अदाएं उन को दिखाना और हां हो सके तो घर को भी थोड़ा सजा लेना.’’

‘‘ओके श्योर.’’

अमित चला गया तो तृप्ति घर सजाने में लग गई. पहले पूरा घर साफ किया. फिर उस ने कुछ सजावटी सामान खरीदे और उसे दीवारों पर टांगने लगी. टेबल के बीचोंबीच एक एंटीक मूर्ति रखी और कमरे के कोनों में कुछ फ्लौवर वाश सजाए. फिर ड्राइंगरूम के परदे वगैरह भी बदल दिए.

आज तृप्ति जिम जाने के मूड में नहीं थी. गूमिंग क्लास के लिए भी निकलने का मन नहीं कर रहा था. घर सजाने के बाद उस ने चुपचाप हैंडबैग उठाया और शौपिंग करने मौल निकल गई. वह शाम में पहनने के लिए खूबसूरत ड्रैस खरीदना चाहती थी.

शौपिंग के बाद वह कुछ खानेपीने को  सोच रही थी कि तभी उसे सामने अमित काजल के साथ दिखाई दिया. वह चुपकेचुपके अमित का पीछा करने लगी. अमित काजल के हाथों को थामे हुए प्यार से उसे निहारता हुआ उस से बातें करने में मगन था.

थोड़ी देर बाद वह काजल के साथ मौल के एक कोने वाले हिस्से में चला गया जहां किसी का आनाजाना नहीं होता था. फिर उस ने काजल को बांहों में भर लिया. दोनों एकदूसरे को बेतहाशा चूमने लगे. यह नजारा देख कर तृप्ति के तनबदन में आग लग गई. उस से खड़ा नहीं रहा गया. वह रोती हुई घर वापस आ गई. उस के अंदर सबकुछ टूट गया था. उसे प्यार के नाम से भी घिन आ रही थी.

तृप्ति सोचने लगी कि आज तक क्या कर रही थी. अमित के साथ लिव इन में रह कर अपनी ही जिंदगी का मजाक बना रहे थी. अपने सपनों के बजाय उस के सपनों को जी रही थी जो किसी और की आंखों में सपने सजा रहा है. तृप्ति अपने घर का दरवाजा खोल कर अंदर घुसी और सैंडल उतार कर दूर फेंक दिए.

फिर उस ने साइड टेबल पर रखे अमित के फोटो को उठाया और जोर से नीचे पटक दिया. कांच की किरचें टूट कर फर्श पर बिखर गईं. तृप्ति ने सजावट की सारी चीजें भी तोड़तोड़ कर फेंक दीं. टेबल पर रखे फलों की टोकरी को हाथ से धक्का दिया और एंटीक मूर्ति को उठा कर दीवार पर दे मारा.

अमित के लिए एक विश्वास तृप्ति के मन में हमेशा ही रहा था. मगर आज वह विश्वास

टूट कर चकनाचूर हो चुका था. इस के साथ ही वह भी टूट गई थी पूरी तरह और अब वह अमित का हर सपना तोड़ देना चाहती थी. उस ने फ्रिज में से केक निकाला और रोती हुई बैठ कर केक खाने लगी.

Monsoon Special: छाता खरीदते समय जरूर रखें इन 6 बातों का ध्यान

बरसात के इस मौसम में छाते की जरूरत तो हम सभी को पड़ती है लेकिन छाता खरीदते समय किन बातों का ध्यान रखना चाहिए, इस बारे में कम ही लोग जानते हैं. ज्यादातर लोग तो सिर्फ छाते का रंग और उसके ओपन बटन को चेक करके ही छाता खरीद लेते हैं. लेकिन ऐसा करना ठीक नहीं है.

जिस तरह हर चीज को खरीदने के कुछ खास पैमाने होते हैं, उसी तरह छाता खरीदने से पहले भी कुछ खास बातों का ध्यान रखना चाहिए. ऐसे में अगर आपने अभी तक छाता नहीं खरीदा है और खरीदने का मन बना रही हैं तो दुकान पर जाकर सबसे पहले इन बातों को परखें और उसके बाद ही छाता लें.

1. टू इन वन हो आपका छाता

छाता खरीदने से पहले भी उसकी खूबियों को देख लेना चाहिए. छाता खरीदते समय यह भी ध्यान रखना चाहिये कि छाता ऐसा हो जो बरसात और गर्मियों दोनों मौसम में हमारे काम आ सके.

2. छतरी की गोलाई

छतरी की गोलाई अच्छी होनी चाहिए. यदि हमें एक छाते के नीचे दो लोगों को जाना पड़े तो वह भीगने से बच जायें या कभी आपके पास कोई बैग हो तो वह भी बरसात से बच जाये.

3. छाते का हैंडल आरामदायक हो

छाते की गोलाई के साथ साथ उसका हैंडल भी चेक कर लें क्योंकि सबसे ज्यादा हमें उसे ही पकड़ना पड़ता है. इसलिए छाते का हैंडल आरामदायक होना चाहिए ताकि बहुत देर तक हैंडल पकड़ने पर भी हाथों में दर्द न हो.

4. छाते की लंबाई 10 या 11 इंच हो

ध्यान रहे आपके छाते की लंबाई कम से कम 10 या 11 इंच हो तो होनी ही चाहिए. और साथ ही दाम देखकर कभी भी छाता नहीं खरीदें, छाते की क्वालिटी का विशेष ध्यान दें.

5. शाफ्ट मजबूत होना चाहिए

छाते का शाफ्ट मजबूत होना चाहिए. छाता खरीदते समय उसके कपड़े पर विशेष ध्‍यान दें क्योंकि तेज बरसात के दौरान वहीं आपको भीगने से बचाता है अक्‍सर तेज बारिश में कुछ छाते टपकने लगते हैं या पानी को बौछारों को रोक नहीं पाते हैं तो इसका ध्‍यान रखें.

6. बच्चों के लिए अलग छतरी

छोटे बच्चों के लिए बाजार में कई तरह की छाते मिल जाते हैं छाते की शक्ल की हैट और टोपियां मिलती है जो कि और हैंड-फ्री होने के साथ-साथ बारिश से बचाव भी करती हैं तो बच्चों के लिए हो सके तो वही छाते खरीदें. यह एक बेहतर उपाय है.

इन सभी आसान से उपायों को अपनाकर आप भी अपने लिए एक अच्छे और बेहतर छाता का चुनाव कर सकती हैं.

Monsoon Special: बारिश में भी दमके स्किन

मौनसून का इंतजार भला किसे नहीं होता. झुलसाती गरमी से जहां बारिश राहत प्रदान करती है, वहीं इस मौसम में अगर आप को कहीं जाना पड़ जाए, मसलन किसी पार्टी आदि में तो आप को मेकअप को ले कर चिंता भी होती है. मेकअप मौसम के हिसाब से करना बहुत जरूरी हो जाता है. अगर बारिश में मौसम के हिसाब से सुरक्षित मेकअप न किया जाए, तो पानी और नमी की वजह से वह उतरने लगता है. अगर आप ने मेकअप मौनसून के हिसाब से किया है, तो इस मौसम में भी आप का मेकअप काफी समय तक टिका रह सकता है.

हर मौसम में त्वचा को नमी चाहिए. इसलिए अगर आप ने बिना मौइश्चराइजर के मेकअप किया है, तो वह अधिक समय तक एक जैसा नहीं दिखता. महिलाएं मौनसून में मेकअप खराब होने के डर से मेकअप करती ही नहीं, तो कई बार वाटरप्रूफ मेकअप भी काम नहीं करता.

यहां मौनसून को ध्यान में रख कर दिए जा रहे हैं कुछ मेकअप टिप्स, जिन पर गौर कर इस मौसम में भी खुद को सुंदर बनाए रख सकती हैं:

ऐसे करें मेकअप

– क्रीम ब्लशर का प्रयोग करें.

– फाउंडेशन की जगह फेस पाउडर का अधिक प्रयोग करें.

– आईशैडो हलके रंगों जैसे गुलाबी, कत्थई आदि का प्रयोग करें. क्रीम शैडो की जगह पाउडर शैडो लगाएं.

– इस मौसम में मसकारा वाटरपू्रफ लगाएं और उस की 2 परतें अवश्य लगाएं.

– लिक्विड आईलाइनर की जगह पैंसिल आईलाइनर लगा सकती हैं.

– आईब्रोज पैंसिल का प्रयोग न कर आईब्रोज जैल का प्रयोग करने से फ्रैश लुक आता है.

– मैट लिपस्टिक का प्रयोग इस मौसम में अच्छा रहता है. निओन पिंक इस मौसम में अच्छा लुक देता है, पर लिपस्टिक का चुनाव परिधान के अनुसार करें.

इस के अलावा इस मौसम में अगर आप को किसी शादी या पार्टी में जाना है, तो हैवी मेकअप की जरूरत पड़ती है. मेकअप आर्टिस्ट पल्लवी बताती हैं कि आजकल बाजार में वाटरप्रूफ फाउंडेशन, आईलाइनर, मसकारा, लिपस्टिक, ब्लशर सब कुछ मिलता है. इस मौसम में इन्हें लगाना फायदेमंद रहता है.

प्रभावशाली तरीका

इस मौसम में तैलीय त्वचा के लिए ऐस्ट्रिंजैंट का उपयोग करें, जबकि सूखी और साधारण त्वचा के लिए ठंडे पानी से चेहरा धोने के बाद टोनर का प्रयोग करें. हर मौसम में त्वचा को साफसुथरा रखना बहुत जरूरी है. बरसात में चेहरे को धो कर उस पर आइसक्यूब 5 से10 मिनट तक धीरेधीरे रगड़ें. त्वचा को ठीक रखने का यह एक प्रभावशाली तरीका है.

नैचुरल मेकअप

मौनसून में प्रयोग किए जाने वाले मेकअप ब्रश को हमेशा साफ और सूखी जगह रखें.

हमेशा मेकअप ब्रश को किसी बौक्स या पाउच में सुखा कर रखें. लिपस्टिक और मेकअप ब्रश कभी शेयर न करें. मौनसून में मेकअप नैचुरल करना ठीक रहता है. लेकिन अगर आप ने हैवी या लाइट ड्रैस पहनी है, तो मेकअप उस के अनुसार करें.

चेहरा दिखेगा फ्रैश

इस मौसम में टचअप करना आवश्यक होता है ताकि चेहरा हमेशा फ्रैश दिखे. अधिक ग्लौसी लिपस्टिक न लगाएं. रात को सोने से पहले मेकअप उतार कर मौइश्चराइजर लगाना न भूलें. अगर आप ऐसा नहीं करती हैं, तो आपके रोमछिद्र बंद हो कर कीलमुंहासे बन सकते हैं. कड़ी आईलैशेज न लगाएं वरना वे टूट सकती हैं. इस सब के अलावा इस मौसम में खूब पानी पीएं और संतुलित व पौष्टिक आहार लें.

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