रिलेशनशिप: क्या करें, क्या नहीं

जब 2 लोग एक दूसरे को पसंद करते हैं तो उन्हें साथ रहना अच्छा लगता है और वे चाहते हैं कि ज्यादा से ज्यादा वक्त साथ बिताएं, वे हमेशा एकदूसरे से कनैक्ट रहना चाहते हैं. इस के लिए वे मिलते हैं, साथ वक्त बिताते हैं, घूमते फिरते हैं, मौजमस्ती करते हैं और जब उन्हें लगता है कि उन के बीच में कनैक्शन है तो वे आपसी सहमति से रिलेशनशिप में आने का फैसला लेते हैं. रिलेशनशिप में आने के बाद कुछ टाइम बहुत अच्छा बीतता है, लेकिन फिर कभीकभी कुछ पाइंट पर आ कर उन के बीच मनमुटाव या लड़ाई झगड़ा होने लगता है. इस सब से बचने के लिए उन्हें अपने पार्टनर से बात कर के अपनी रिलेशनशिप पर वर्क करना चाहिए.

कहते हैं एक अच्छी रिलेशनशिप वही है जिस में आप को जीने की पूरी आजादी हो, जहां आप को कभी छोटा न महसूस कराया जाए, जहां आप की जाति और धर्म को जज न किया जाए, जहां प्यार और विश्वास की कमी न हो, जहां कोई  झिझक, कोई डर न हो, केवल वहीं एक मजबूत रिश्ता पनप सकता है.

नोएडा की एमएनसी में जौब करने वाली 34 वर्षीय शिखा डोगरा कहती है कि पार्टनर्स को चाहिए कि वे एकदूसरे को समझें, सभी मामलों में अपने पार्टनर की जिम्मेदारी लें, उस के सुख-दुख में खड़े रहें, अपने पार्टनर की कमजोरियों और खूबियों को अपनाएं, हमेशा पार्टनर की रिस्पैक्ट करें, पार्टनर के लिए गलत शब्दों का यूज न करें, पार्टनर से ज्यादा ऐक्सपैक्टेशन न रखें, अपने पार्टनर को क्रिटीसाइज न करें, वयस्कों की तरह व्यवहार करें और किसी भी फैसले पर पहुंचने से पहले अपने पार्टनर की बात जरूर सुनें.

अपनी रिलेशनशिप को बनाए रखने और उसे मजबूत करने के लिए क्या करना चाहिए और क्या नहीं, आइए जानते हैं:

1 रिलेशनशिप में क्या करें

आपस में बात करें. एक अच्छा रिलेशन कायम करने के लिए बात करना बहुत जरूरी है. एक नया रिश्ता शुरू करते समय दोनों पार्टनर क्या चाहते हैं और एकदूसरे से क्या उम्मीद रखते हैं, इस बारे में जरूर बात करें.

2 पार्टनर पर करें ट्रस्ट

प्यार और रिलेशनशिप में ट्रस्ट होना बहुत जरूरी है. रिश्ते को बनाए रखने के लिए कपल्स को एकदूसरे पर भरोसा करना चाहिए. पार्टनर पर शक होने से रिलेशन टूट भी सकता है. इसलिए जरूरी है कि आप अपने पार्टनर के मन में ट्रस्ट जगाएं. ट्रस्ट होने में समय लगता है और यह समय तब और अधिक लगता है जब किसी का भरोसा पास्ट में टूटा हो, लेकिन इस का मतलब यह नहीं है कि आप अपने नए पार्टनर को किसी और के किए की सजा दें.

3 एकदूसरे की बातों को धैर्य से सुनें

किसी भी रिश्ते को खुशहाल बनाने का एक तरीका है एकदूसरे की बातें सुनना. समयसमय पर एकदूसरे की बातों को धैर्य से सुनें और उन्हें अहमियत भी दें. साथ ही जब एक बोले तो दूसरा उस की बात को ध्यान से सुने और कुछ समझे न आए तो तभी पूछ ले.

4 अच्छी तरह अपनी बात समझाएं

किसी भी नए व्यक्ति को जानने और समझाने के लिए साथ टाइम बीताना बहुत जरूरी  है. काफी समय के बाद ही आप एकदूसरे को सम?ा सकते हैं. लेकिन इस बीच ऐसा कई बार होगा जब आप दोनों के बीच गलतफहमी पैदा होगी. इस गलतफहमी को खत्म करने के लिए आप को अपनी बात समझानी आनी चाहिए. इसलिए जरूरी है कि आप अपने पार्टनर को अपनी बात बिना ताना कसे, बिना तुलना किए, बिना रोए समझाएं. खासकर गुस्से में कुछ न कहें और न ही अपने पार्टनर की डिसरिस्पैक्ट करें.

5 प्राइवेसी भी है जरूरी

आप को अपने पार्टनर के साथ 24 घंटे रहने की जरूरत नहीं है. एकदूसरे के प्रति अपनी ड्यूटी पूरी करने के अलावा खुद के लिए भी टाइम निकालें. इस के लिए एकदूसरे से बात करना बहुत जरूरी है. रिश्ते में बैलेंस बनाए रखने के लिए अपनी प्राइवेसी को ले कर डिस्कशन जरूर करें. इस बात को दोनों सम?ों कि हर चीज को ले कर पार्टनर की जांचपड़ताल और रोकटोक करना सही नहीं है. फिर चाहे आप दोनों रिलेशनशिप में ही क्यों न हों. दोनों की अपनी अलगअलग आइडैंटिटी है. दोनों इस बात का खयाल रखें कि उन का कोई भी काम पार्टनर की प्राइवेसी को प्रभावित न करे.

मुंबई के खार इलाके के पीडी हिंदुजा हौस्पिटल ऐंड मैडिकल रिसर्च में कंसलटैंट साइकेट्रिस्ट डाक्टर करसी चावड़ा का कहना है कि जब कोई इंसान अकेला होता है, तो अकेलेपन के सकारात्मक प्रभावों को फील कर पाता है. वह उन सभी चीजों को खुद करने में सक्षम होता है. अकेले रहने से इंसान के पास आत्मनिरीक्षण, कल्पना करने और भविष्य के बारे में सोचने का समय होता है. ये सभी चीजें फायदेमंद हैं खासकर तब जब कोई इंसान ऐसे रिश्ते में हो, जहां उस के जीवन में बहुत सारी चीजें चल रही हों. इसलिए कई बार आप खुद पर काम करने के लिए भी स्पेस चाहते हैं.

6 पार्टनर का करें सम्मान

रिश्ता चाहे दोस्ती का हो या प्यार का, उस की मर्यादा को हमेशा याद रखना चाहिए. कोई भी रिलेशन बिना सम्मान के ज्यादा दिन नहीं टिक पाता है. अपने रिलेशन को स्ट्रौंग बनाने के लिए एकदूसरे की इज्जत करना बहुत ही ज्यादा जरूरी है. सम्मान हर रिश्ते में जरूरी होता है.

7 पार्टनर के साथ बिताएं क्वालिटी टाइम

एक अच्छी रिलेशनशिप के लिए कपल को चाहिए कि वे एकदूसरे के साथ क्वालिटी टाइम स्पैंड करें. कई बार ज्यादा दिनों की दूरी होने से रिश्तों में मनमुटाव आ जाता है. भले ही आप की अपनी प्रोफैशनल लाइफ कितनी ही बिजी क्यों न हो, अपने पार्टनर के लिए टाइम जरूर निकालें. इस से आप की रिलेशनशिप मजबूत होगी. भले ही कुछ पलों के लिए ही सही, मगर एकसाथ टाइम स्पैंड करें जैसे मार्केट जाना हो, मूवी जाना हो तो कोशिश करें कि साथ जाएं.

8 सैक्स भी है जरूरी

सैक्स 2 लोगों को करीब लाने और उन के रिश्ते को नया आयाम देने में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाता है. सैक्स प्यार को ऐक्सप्रैस करने का एक तरीका है. इस से दोनों पार्टनर के बीच भावनात्मक जुड़ाव बढ़ता है. एक रिसर्च  के अनुसार, इस से कपल्स के बीच भरोसा बढ़ता है. एनसीबीआई (नैशनल सैंटर फौर बायोटैक्नोलौजी इन्फौरमेशन) द्वारा पब्लिश एक वैज्ञानिक शोध में बताया गया है कि सैक्स करने से शरीर में ऐंडोर्फिन हारमोन का निर्माण होता है, जिस से मानसिक संतुलन बना रहता है. इस से न सिर्फ मूड अच्छा होता है बल्कि तनाव भी दूर होता है. सैक्स कपल्स के बीच रोमांस व एकदूसरे के प्रति अट्रैक्शन को बनाए रखने में मदद करता है. यह डिप्रैशन के चांस को भी कम करता है.

एक अनुमान के मुताबिक 300 मिलियन लोगों को प्रभावित करने वाला डिप्रैशन सब से आम मानसिक विकार है और आमतौर पर पुरुषों की तुलना में महिलाओं को यह अधिक बार प्रभावित करता है. एक आंकड़े से यह बात सामने आई है कि हर साल करीब 2 लाख भारतीय अपनी जान खुद ले लेते हैं. ये आंकड़े और अधिक हो जाएंगे अगर इन में आत्महत्या के प्रयासों की संख्या को भी शामिल कर लिया जाए. एक रिपोर्ट के अनुसार, 2022 में भारत में  डिप्रैशन की व्यापकता दर 4.50% रही.

छुट्टियों में घूमने जाएं

अपने रिलेशन को मजबूत बनाने के लिए घूमने का प्लान बनाते रहें. पार्टनर के साथ नई जगह घूमने जाने से आप के रिलेशन में नई ताजगी आएगी. इस के लिए आप दोनों सालभर में एक बार लंबी छुट्टी और हर महीने छोटी आउटिंग प्लान कर सकते हैं. इस से आप दोनों के बीच का बौंड और मजबूत होगा.

2022 की एक रिपोर्ट से पता चला है कि 2021 में भारत में लगभग 677.63 मिलियन घरेलू घूमने गए. यह 2020 में आए पर्यटकों से 11.05% ज्यादा था.

साथ मिल कर लें फैसले

हमेशा अपने पार्टनर की सहमति से ही फैसले लें. चाहे फैसला छोटा हो या बड़ा, अगर आप पार्टनर को उस फैसले में शामिल नहीं करेंगे तो आप के पार्टनर को अच्छा नहीं लगेगा.

मुंबई की रहने वाली सूर्यंका मिश्रा कहती है कि रिलेशनशिप में जब भी कोई फैसला लेना हो तो अपने पार्टनर से बात करना बहुत जरूरी है, इस से संबंधों में मजबूती आती है.

शारीरिक परिवर्तन को अपनाएं

फीगर हमेशा एकसी नहीं रहती है. ऐसे में अगर आप के पार्टनर पहले से थोड़े पतले या हैल्दी हो गए हैं, तो उस बदलाव को अपनाएं. महिलाओं और पुरुष दोनों को  ही जरूरत है कि वे अपनी बौडी पर ध्यान दें. इस के लिए ऐक्सरसाइज कर सकते हैं.

अपनी गलती स्वीकार करें

रिलेशनशिप में कई बार ऐसा होता है किसी एक से गलती होती है और वह अपने ईगो के चक्कर में माफी नहीं मांगता जिस से उन का रिश्ता टूटने के कगार पर आ जाता है. इस से बचने के लिए आप को चाहिए कि अगर आप की गलती हो तो आप उसे स्वीकार करें और माफी मांगें.

रिश्ते में लाएं नयापन

अगर आप लिव इन रिलेशनशिप में रहते हैं तो कभीकभी आप दोनों मिल कर घर की साफसफाई करें और साथ में खाना पकाएं. इस से आप के बीच भावनात्मक रिलेशन बनेगा.

लाड़प्यार भी दिखाएं

एकदूसरे को प्यार करना भी रिश्ते के लिए बहुत जरूरी है. जब भी चांस मिले, पार्टनर को बताएं कि वह आप के लिए कितना स्पैशल है.

कैरियर में दें साथ

एक हैल्दी रिलेशनशिप बिल्ट करने के लिए अपने पार्टनर को उन के कैरियर के लिए प्रोत्साहित करते रहें. इस से आप  दोनों के बीच प्यार और बढे़गा.

काम में हाथ बटाएं

अपने पार्टनर के साथ प्रौब्लम्स शेयर करें, अगर आप का पार्टनर कोई गलती कर दे तो सब के सामने न डांट कर अकेले में समझाएं, इन सब बातों का ध्यान रख कर आप अपनी रिलेशनशिप को मजबूती दे सकते हैं. रिलेशनशिप में कुछ ऐसी बातें होती हैं जो हमें कभी नहीं करनी चाहिए, इन्हें करने से कई प्रौब्लम्स आ सकती हैं. ये बातें क्या हैं, आइए जानते हैं.

पार्टनर की न करें तुलना

किसी के बीच प्यार का रिश्ता उन की खूबियों के कारण बनता है. हर व्यक्ति की खूबी अलगअलग होती है खासकर प्यार जैसी चीज की तुलना नहीं की जा सकती है. मगर रिश्ते में लोग तुलना करने की गलती कर बैठते हैं. इसलिए आप का पार्टनर जिस तरह और जितना भी प्यार करे उसे स्वीकार करें. कभी यह जताने की कोशिश न करें कि आप बहुत प्यार करते हैं या ख्याल रखते हैं. अपने मन के अंदर भी यह बात न लाएं कि आप कम प्यार कर रहे हो या वह आप को कम चाह रहा है या चाह रही है. अपने पार्टनर की तुलना करने की कोई जरूरत नहीं है.

कंट्रोलिंग बिहेवियर को कहें न

रिलेशनशिप में 2 लोग हैं तो उन दोनों को साथ ही बात करनी चाहिए, लेकिन अगर एक पार्टनर दूसरे पर हावी होने की कोशिश कर रहा है तो यह गलत है. इस से रिश्ते खराब होते हैं.

बीच में बात न काटें

सामने वाले की बात काट कर अपनी बात बोलने की आदत है, तो इसे बदल दें. रिश्ते को अच्छा और मजबूत बनाने के लिए जरूरी है कि पार्टनर की बात सुनी जाए. बात काटने की आदत से सामने वाले को लगता है कि आप की उस की बात में कोई दिलचस्पी नहीं है और आप अपनी बात को ही आगे रखने की कोशिश करना चाहते हैं.

नीचा दिखाना या मजाक उड़ाने को कहें न

आप के कैरियर को इग्नोर करना, दूसरों के सामने बारबार आप को नीचा दिखाना, आप की बातों का मजाक उड़ाना ये सब गलत है. यह भी देखें कि आप का पार्टनर आप की फैमिली का मजाक तो नहीं बना रहा. यह किसी भी तरह सही नहीं है.

सैक्स में जबरदस्ती न करें

अगर पार्टनर का मूड सैक्स का न हो तो जबरदस्ती न करें. यह प्यार को ऐक्सप्रैस करने का ही एक तरीका है, इसलिए इस में दोनों की सहमति होना बहुत जरूरी है. एनएफएचएस जून, 2019 से अप्रैल, 2021 की रिपोर्ट में यह बात सामने आई कि 5 में से 4 से अधिक महिलाएं (82%) अपने पति को मना कर सकती हैं अगर वे सैक्स नहीं करना चाहती हैं. महिलाओं के गोवा में न कहने में सक्षम होने के सब से ज्यादा चांस (92%) हैं और अरुणाचल प्रदेश में (63%) तथा जम्मू और कश्मीर में सब से कम (65%) चांस है.

रोकें नहीं

अगर दोनों पार्टनर में से कोई जाना चाहता है तो जाने दें, उसे रोकें नहीं. अगर वह आप के साथ रहना चाहेगा तो जरूर रुकेगा, उसे रोकने के लिए गिड़गिड़ाए नहीं.

नैगेटिव फीलिंग न आने दें

अपने रिश्ते में नैगेटिव फीलिंग न आने दें. जब कभी भी ऐसी कोई फीलिंग आए तो अपने पार्टनर से बात करें और इस के कारण तलाशें जिन की वजह से ऐसी फीलिंग आ रही है. बात कर के इन्हें सौल्व करें.

बातचीत बंद न करें

कभीकभी रिश्ते में ऐसे कई पौइंट आते हैं जिन्हें ले कर पार्टनर के बीच मनमुटाव आ जाता है. जब कभी भी ऐसा हो तो पूरी तरह से बात करना बंद न करें.

टौक्सिक रिलेशनशिप को कहें बाय

अगर रिलेशनशिप में एक पार्टनर दूसरे से चीट करे, उस पर रोब जताए, उसे अपने मनमुताबिक काम करने से रोके या फिर रिलेशनशिप में किसी भी तरह का गलत काम करे अथवा रिलेशनशिप में अग्रैशन दिखाए तो ऐसे रिलेशन को टाटाबायबाय कहना ही सही होगा. रिलेशनशिप में हमें सवालजवाव से ज्यादा व्यक्ति को समझना चाहिए. रिलेशनशिप में एकदूसरे को ऐंटरटेन करते रहना चाहिए. किसी भी तरीके से चाहे वह हंसना हो, नोकझोंक हो. रिलेशनशिप को बोरिंग नहीं बनने देना चाहिए. रिलेशनशिप में हर दिन कुछ नया होना चाहिए चाहे वह छोटी से छोटी चीज ही क्यों न हो. कभी-कभी पुरानी चीज को भी इस तरह प्रेजैंट करें कि वह नई-सी लगे. रिलेशनशिप में सब से जरूरी प्यार है. इस प्यार को हमेशा एकदूसरे के बीच जिंदा रखें.

13 TIPS: फंगल इन्फैक्शन के लिए होममेड टिप्स

गरमियों में अकसर लोग फंगल इन्फैक्शन से परेशान रहते हैं. यह एक प्रकार का त्वचा संबंधी संक्रमण होता है. फंगल इन्फैक्शन तब होता है जब फंगस शरीर के किसी क्षेत्र में आक्रमण करते हैं और प्रतिरक्षा प्रणाली इन से लड़ने में सक्षम नहीं होती है, जिस से कवक से प्रभावित त्वचा में लाल धब्बे, दाद, खुजली और त्वचा में घाव आदि लक्षण दिखाई देने लगते हैं. बहरहाल अधिकतर फंगल इन्फैक्शन इलाज के बाद ठीक हो जाते हैं.

क्यों होता है फंगल इन्फैक्शन

यों तो फंगल इन्फैक्शन पनपने या बढ़ने के बहुत से कारण होते हैं, लेकिन इम्यूनिटी कमजोर होना, गरमी और उमस भरा वातावरण इस के बढ़ने की खास वजह बनते हैं. इन के अलावा एड्स, एचआईवी संक्रमण, कैंसर, मधुमेह जैसी बीमारियां भी फंगल संक्रमण का कारण बनती हैं. जो लोग फंगल इन्फैक्शन से जूझ रहे व्यक्ति के संपर्क में आते हैं, उन्हें भी संक्रमण का डर रहता है.

अधिक वजन और मोटापा भी इस का एक कारण बन सकता है क्योंकि मोटापे के कारण जांघों व अन्य हिस्सों में चरबी जमा होती है जिस में साइकिल चलाने, जौगिंग करने या पैदल चलने से भी इन जगहों में पसीना आता है और बारबार आपस में रगड़ लगने से त्वचा पर रैशेज का डर रहता है. इस से फंगल और अन्य संक्रमण हो सकते हैं.

फंगल इन्फैक्शन का पारिवारिक इतिहास भी इस संक्रमण का प्रमुख कारण होता है. महिलाओं को सैनिटरी पैड से भी जांघों के आसपास संक्रमण हो सकता है. आमतौर पर मौनसून के दौरान फंगल पैदा करने वाले जीवाणु कई गुना तेजी से फैलते हैं. मौनसून के दौरान लोग हलकी बूंदाबांदी में भीगने के बाद अकसर त्वचा को गीला छोड़ देते हैं. यही छोटी सी असावधानी संक्रमण का कारण बन जाती है. साफसफाई से परहेज करने वाले और अपने गंदे मोजे और अंडरगामैंट्स को बिना धोए लगातार पहनने से भी फंगल इन्फैक्शन हो सकता है.

फंगल इन्फैक्शन से बचने के तरीके

जीवनशैली और आहार में बदलाव ला कर काफी हद तक मौसमी बीमारियों और इन्फैक्शन से खुद का बचाव कर सकते हैं क्योंकि सही आहार से इम्यूनिटी मजबूत होती है. चूंकि मौनसून और गरमी के उमस भरे मौसम में फंगल इन्फैक्शन ज्यादा होता है ऐसे में त्वचा को सूखा और साफ रख कर, सूती कपड़ों का चुनाव कर खुद को फंगल इन्फैक्शन से बचा सकते हैं. इसके साथ ही पर्याप्त मात्रा में पानी पीएं ताकि त्वचा ड्राई न हो.

फंगल इन्फैक्शन को ठीक करने के लिए यों तो बाजार में काफी दवाइयां मौजूद हैं जोकि कारगर भी हैं, लेकिन फंगल इन्फैक्शन से बचने के लिए घरेलू नुसखों का भी इस्तेमाल कर सकते हैं. ये काफी कारगर होते हैं और इन से जल्द ही राहत भी मिलती है:

1 हल्दी

हल्दी में ऐंटीफंगल गुण होते हैं, इसलिए इस के प्रयोग से भी फंगल इन्फैक्शन ठीक हो जाता है. इस के लिए आप इन्फैक्शन वाली जगह पर कच्ची हल्दी को पीस कर लगा सकते हैं. अगर कच्ची हल्दी उपलब्ध नहीं है तो आप हल्दी पाउडर को थोड़े से पानी के साथ गाढ़ा पेस्ट बना कर उसे भी प्रभावित जगह पर लगा सकते हैं. हलदी के प्रयोग से इन्फैक्शन की वजह से होने वाले दागधब्बे भी मिट जाते हैं.

2 टीट्री औयल

टीट्री औयल में ऐंटीफंगल और ऐंटीबैक्टीरियल गुण पाए जाते हैं, जिस से फंगल इन्फैक्शन का उपचार किया जा सकता है. इस के लिए आप इस की कुछ बूंदे नारियल या जैतून के तेल में मिला कर दिन में कई बार संक्रमित एरिया पर लगाएं. ध्यान रहे कि इसे कौटन या सूती कपड़े की मदद से हलके हाथ से डैब मौशन में लगाएं. साफसफाई का खास ध्यान रखें. योनि संक्रमण के लिए एक टैंपोन पर टीट्री औयल की कुछ बूंदें डालें और इसे योनि में 2-3 घंटे तक डाले रखें. इसे प्रतिदिन 2 बार दोहराएं.

3 नीम

नीम त्वचा के किसी भी तरह के संक्रमण को रोकने में लाभकारी होता है. इस की पत्तियों को पानी में उबाल कर उस के पानी के इस्तेमाल या उस की पत्तियों का पेस्ट बना कर संक्रमण एरिया पर लगाने से जल्द संक्रमण से राहत मिलती है.

4 कपूर

कैरोसिन के तेल में 5 ग्राम कपूर और 1 ग्राम नेप्थलीन (कपूर) को मिला लें. इसे संक्रमण वाली जगह पर कुछ देर मलहम की तरह लगा कर छोड़ दें. जब तक संक्रमण ठीक न हो जाए, इस प्रक्त्रिया को दिन में 2 बार दोहराएं.

5 पीपल की पत्तियां

पीपल की पत्तियों को थोड़े पानी के साथ उबाल लें. इसे ठंडा होने दें और फिर इस पानी का प्रयोग त्वचा को धोने के लिए करें. इस से घाव जल्दी ठीक होने लगते हैं.

6 पुदीना

पुदीने में इन्फैक्शन के प्रभाव को नष्ट करने की क्षमता होती है. इस की पत्तियों को पीस कर पेस्ट बना लें. इस पुदीने पेस्ट को त्वचा में लगा कर 1 घंटा लगा रहने दे, फिर धो लें.

7 लहसुन

लहसुन में ऐंटीफंगल गुण मौजूद होते हैं, इसलिए खाने में लहसुन के प्रयोग से फंगल इन्फैक्शन का खतरा कम हो जाता है और इम्यूनिटी बेहतर होती है. लहसुन की 3-4 कलियों के पेस्ट को इन्फैक्शन वाली जगह पर लगाएं.

8 शहद

खाने में भले शहद मीठा हो लेकिन अपने ऐंटीसैप्टिक गुणों के चलते यह फंगस के लिए खतरनाक साबित होता है. आप 1 टीस्पून शहद संक्रमित एरिया पर करीब 30 मिनट तक लगाए रख कर फिर साफ पानी से धो लें. ऐसा दिन में 2 बार करें.

9 ऐलोवेरा जैल

फंगल इन्फैक्शन ऐलोवेरा जैल काफी लाभकारी साबित होता है. इस से न सिर्फ इन्फैक्शन के वजह से हो रही खुजली से तुरंत राहत मिलती है बल्कि इस के जैल के लगातार उपयोग से इन्फैक्शन जल्दी ठीक भी हो जाता है. इस के लिए ताजा ऐलोवेरा के पत्तों से जैल निकाल कर इस्तेमाल करें. इसे बीच से काट कर सीधे भी संक्रमित स्थान पर रगड़ सकते हैं. 30 मिनट तक जैल को लगे रहने दें, फिर धो लें.

10 दही

दही में लैक्टोबैसिलस नामक बैक्टीरिया होता है जो हाइड्रोजन पैराऔक्साइड छोड़ता है. इस से फंगस मर जाता है. बस थोड़ा सा ठंडा दही प्रभावित जगह पर 10-15 मिनट मलें और फिर कुनकुने पानी से धो लें. ध्यान रहे कि इन्फैक्शन वाली जगह को कभी हाथ से न छुएं क्योंकि यह इन्फैक्शन संक्रामक होता है.

11 ऐप्पल साइडर विनेगर

ऐप्पल साइडर विनेगर चूंकि ऐसिडिक होता है तथा इस में जीवाणुरोधी और ऐंटीफंगल गुण भरपूर होते हैं, इसलिए यह फंगस के विकास को प्रभावी ढंग से धीमा कर देता है. इस के लिए आप ऐप्पल साइडर विनेगर के साथ थोड़ा सा पानी मिलाएं और कौटन की सहायता से दिन में 2-3 बार संक्रमित एरिया में लगाएं.

12 नारियल तेल

प्रभावित क्षेत्र पर नारियल का तेल लगाएं और इसे सूखने दें. जब तक संक्रमण साफ नहीं हो जाता तब तक दिन में 2-3 बार यह प्रक्रिया दोहराएं.

नारियल व दालचीनी के तेल को बराबर मात्रा में मिलाएं और प्रभावित क्षेत्र पर लगाएं. दिन में 2 बार इस मिश्रण के इस्तेमाल से भी फंगस से छुटकारा मिलता है.

13 जैतून का तेल व पत्ते

जैतून के पत्ते में ऐंटीफंगल और एंटीमाइक्रोबौयल गुण होते हैं जो फंगस को खत्म करने में मदद करते हैं. यह प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूत बनाने में भी मददगार होता है, जिस से इन्फैक्शन से राहत पाने में आसानी होती है. इन का पेस्ट बनाने के लिए जैतून के कुछ पत्तों को पीस कर प्रभावित क्षेत्र पर लगाएं. 30 मिनट तक लगा रहने दें. संक्रमण खत्म होने तक रोजाना 1-2 बार इस का उपयोग करें. साथ ही कौटन की मदद से सीधे जैतून के तेल का भी इस्तेमाल कर सकते हैं.

मैंने हाइड्रा फेशियल के बारे में बहुत सुना है, क्या से स्किन के लिए अच्छा है?

सवाल

मेरी स्किन बहुत ड्राई है. मैं ने हाइड्रा फेशियल के बारे में बहुत सुना है. क्या सचमुच में मेरी ड्राई स्किन को हाइड्रा फेशियल ठीक कर सकता है?

जवाब

आप ने बिलकुल सही सुना है. हाइड्रा फेशियल 60 मिनट का स्किन ट्रीटमैंट है जिस में आप की स्किन से लिंफ को ड्रेन किया जाता है और उस के लिए एक सौफ्ट सक्शन मशीन का इस्तेमाल किया जाता है. इस से टौक्सिंस रिमूव हो जाते हैं और स्किन में ब्लड सर्कुलेशन बढ़ जाता है. स्किन खूबसूरत दिखने लग जाती है. इस के बाद एक स्पैशल मशीन से ऊपर की स्किन को ऐक्सफौलिएट किया जाता है जिस से कि स्किन बिलकुल साफसुथरी  नजर आती है और तैयार हो जाती है. किसी भी ट्रीटमैंट को करने के लिए इस से ओपन पोर्स को अंदर तक साफ कर दिया जाता है जिस से पिगमैंट रिमूव हो जाते हैं और स्किन ब्राइट हो जाती है. इस में खास तरह के पैप्टाइड का इस्तेमाल होता है जोकि अंदर स्किन के अंदर जा कर आप की फाइनलाइन को कम करते हैं और इन के अंदर कौलोजन बूस्ट करते हैं जिस से स्किन और खूबसूरत दिखाई देती है.

इस के बाद खास सीरम जोकि बहुत ही हाइड्रेटिंग होता है अप्लाई किया जाता है और साथ में ह्यालूरोनिक ऐसिड स्किन के अंदर इंसर्ट किया जाता है. जो स्किन को हाइड्रेट करता है और इस के ऊपर बायोलाइट दी जाती है जोकि आप के प्रोडक्ट को स्किन में इन्फ्यूज करने में हैल्प करती है. यह एक ऐसा सौल्यूशन है जो आप की स्किन की बहुत सारी प्रौब्लम्स को सौल्व करता है. स्किन को हाइड्रेट करता हैयंग करता हैग्लोइंग बनाता है और पिगमैंटेशन पर भी कुछ हद तक काम करता है. तो आप की स्किन ड्राई है तो आप को हाइड्रा फेशियल जरूर करा लेना चाहिए.

अपराजेय: भाग 3-क्यों अपने पति को गिरफ्तार न कर सकी अदिती?

‘‘अरे तुम? तुम तो बिराज हो.’’

‘‘हां मैम, मैं बिराज ही हूं. छुट्टी ले कर गांव गया था. मेरे पिताजी का आकस्मिक निधन हो गया. मुझे

गांव में ही पता चला था कि आप यहां आई हैं. आज से जौइन किया है, सुना आप ने बुलाया है.’’

अदिति की आंखों में जैसे अनजाना सा स्रोत आ कर गुजर गया.

बिराज ने अदिति की मां के चरणस्पर्श किए. गुलाबी देवी ने उसे गले

से लगा कर कहा, ‘‘पता नहीं लाल तुम्हारी क्या जाति है… पांव मत पड़ो.’’

‘‘यह क्या मां. आप भी… हूं तो मैं ब्राह्मण का बेटा ही, लेकिन मेरे पिताजी हमेशा जातिभेद के विरुद्ध आवाज उठाते रहे. अभी तो जाति नामक किसी चीज को देख नहीं पाया. बस सुनता ही हूं कि मैं फलाना जाति… ‘मैं’ और ‘जाति’ जो सिर्फ लोगों की मानसिकता में हैं और इस भ्रम के लिए कितने ही खूनी संघर्ष हो जाते हैं.’’

अदिति विभोर सी बिराज को देखती रही कि वह तो उसी की भाषा कहता है. अदिति ने नाश्ते के बीच बिराज को पूरी गाइडलाइन दे दी.

1-1 नेता, मंत्री के पीछे गैरजरूरी तरीके से 10-10 गनमैन की पोस्टिंग थी. सरकारी गाडि़यां उन की घरेलू खिदमत में उन के रुतबे का सिंबल बनी उन के बंगले के बाहर खड़ी रहतीं. दूसरी ओर कितने ही जरूरी मसलों और पब्लिक हित की बातों में इन गनमैन और गाडि़यों की जरूरत पड़ती और तब इन की कमी के कारण प्रशासनिक तंत्र को लीपापोती करनी पड़ती.

अदिति ने 1-1 कर इन बिलों में हाथ डालने का काम जारी रखा. वह फिर से तैयार थी सर्पदंश का विष ?ोलने को. राजनीतिक रूप से काफी सशक्त हो चुका हिमांशु अब पैसे की ताकत और अपराधी शक्तियों के बूते कई राजनीतिक माफियाओं से लामबंद हो कर देश की आर्थिक और कार्यकारी तंत्र को जर्जर बनाने में पूरी मुस्तैदी से जुटा था. मगर पैसा और अहंकार की तुष्टि का रास्ता निस्संदेह अन्याय और असत्य की सुरंगों से हो कर ही गुजरता है और ऐसे लोग जल्दी एकत्र भी होते हैं.

अदिति की गनमैन पोस्टिंग को ले कर काररवाई करने से लीडर से ले कर अफसर तक सभी उस से बेहद खफा हुए. ऊपरी महकमे से उसे चेतावनी मिली कि वह सब के साथ तालमेल बैठाए, बिना बात लोगों को परेशान न करे, मगर अदिति तो वह थी जो अंधेरे से लड़ने के लिए खुद ही मशाल बन जल उठती थी. वह अपने न्यायपूर्ण फैसलों से डिग तो नहीं सकी, अलबत्ता एक और स्थानांतरण उस ने सहर्ष स्वीकार कर लिया.

बिराज का फोन आया था. उस ने नया फ्लैट लिया था और अदिति को बुलाया था. दोमंजिली पर एक सुंदर गृहस्थी का कोना जो अब बसने वाला था.

मद्धम रोशनी में सुसज्जित इस फ्लैट ने अदिति के मन के कहीं किसी कोने में दुबके पड़े स्त्रीमन को लालायित सा कर दिया. मोहविजडि़त उस की आंखों में किसी की छवि उतर आई थी. प्रतिपल संघर्ष और कर्तव्य में व्यस्त अदिति जैसे चंचल किशोरी सी थी… अभी स्वप्नमीत था जैसे सामने खड़ा और वह सकुचाई सी भावविभोर.

फ्लैट में आगंतुक वही थी और कोई नहीं. क्या बिराज ने ऐसा कुछ सोच कर किया होगा.

बिराज अब भी अदिति को अपलक निहारता दूर खड़ा था. 29 की अदिति और 28 का युवा बिराज… दोनों के बीच था एक गुजरी यादों का नशीला स्वप्न.

डिनर खत्म कर के दोनों पास बैठे. अब तक कुछ सामान्य बातचीत चल रही थी. दोनों के बीच अदिति शायद आज बांध तोड़ जाने को उतावली थी जैसे सदियों की ऊहापोह से वह छुटकारा पाना चाहती थी.

उस ने कहा, ‘‘ऐसा मुझे क्यों लगता है बिराज जैसे कुछ न बोल कर तुम मुझे बहुत कुछ कहना चाहते हो… मैं भी पास थी और तुम भी फिर भी कितने अपरिचय के हिमालय हैं हमारे बीच कि कुछ सुनाई नहीं देता.’’

‘‘मैं ने तो न जाने कब से क्याक्या कहना चाहा आप से, मगर लांघ नहीं पाया इस अपरिचय को.’’

अदिति ने संकोच छोड़ उस का हाथ पकड़ा, कहा, ‘‘क्या अब यही बोल सकते बिराज… नहीं भूल सकते कि मैं बौस हूं तुम्हारी.’’

इतना भर कहने में अदिति ने जैसे दुविधा के सैकड़ों पर्वत लांघे थे. बिराज भी झिझक की जंजीरों से मुक्त होने की भरपूर कोशिश करता हुआ कुछ पास आ गया. दोनों यों ही साथ बैठे रहे जैसे घनी अंधेरी रात का अतल सिंधु उन के ऊपर से गुजर रहा था और वे एकदूसरे में डूबे जा रहे थे.

अदिति ने धीरे से कहा, ‘‘बिराज मेरे ललाट पर अपना होंठ रख दो. एक एहसास भर दो कि कोई है मेरा अपना.’’

बर्फीली सी अंधेरी रात में ज्योत्सना एक पल को जल कर बु?ा गई थी जैसे. बिराज के दिल में सैकड़ों सवाल थे. वह फिर भी अनादर नहीं कर पाया और अदिति के ललाट पर अपने होंठ रख दिए और जब ब्रह्मांड का हर कण उद्यम आलोड़न के साथ अचानक स्तब्ध सा हो गया तब बिराज बोल पड़ा, ‘‘मेरे मोबाइल की इस तसवीर को देखिए.’’

अदिति अवाक थी, बिराज फिर उस अपरिचित स्वर में क्यों बोल रहा है.

‘‘यह चन्द्रमा है,’’ बिराज ने अदिति को दिखाया.

अदिति की सारी नसें खिंच सी गईं. जाने क्या था जो वह इतना डर गई. इतना डर तो उसे उन संघर्षों और साजिशों से भी नहीं लगा जो हमेशा उस की जिंदगी का हिस्सा रहीं. फिर भी अदिति ने अपने स्त्रीमन को अफसरी ढाल में छिपा कर कहा, ‘‘आगे कहो बिराज.’’

‘‘पिताजी की अचानक मृत्यु हो जाने से मेरी बीमार मां काफी अकेली हो गई थीं. चंद्रमा यद्यपि अन्य जाति की है लेकिन उस की सेवा और प्रेम से मेरी मां अभी बहुत हद तक स्वस्थ हैं. मां की इच्छा थी…’’

‘‘अभी किसी को बताए बिना तुम सगाई के लिए ही गांव गए थे न?’’

बिराज मौन बैठा रहा सिर झुकाए.

अदिति ने अपने गले से हीरे के लौकेट वाली सोने की चेन निकाली और

बिराज के हाथ में थमाते हुए कहा, ‘‘इसे चंद्रमा के गले में डालना. यह तुम दोनों के साथ मेरी स्थायी नेहडोर है. चंद्रमा तो तुम्हारी लाखों में एक है जैसे पूर्णिमा की चांदनी. 1 महीने बाद शायद मुझे फिर स्थानांतरण पर जाना पड़े. यमुना का बुलावा आया है. यमुना को बचाना है, सैंड माइथिंग माफिया.’’

‘‘जहां इस के पहले इस केस में वहां

की एसडीएम बर्खाश्त की गई हैं?’’ बिराज चिंतित था.

‘‘हां बिराज जब देश के अर्थतंत्र को राजनीतिक व्यापारी अपनी महत्त्वाकांक्षा का जरीया बना लें तो न्यायप्रिय कर्मदक्ष ब्यूरोक्रैट्स की चूलें हिलने लगती है.’’

‘‘राजनीतिक व्यापारी?’’

‘‘लोकतंत्र में राजनीति लोकहित का माध्यम होती है, लेकिन अब इस देश में ऐसा है नहीं. अब यह देश राजनीतिक व्यापारियों का लीलाक्षेत्र बन गया है. राजनीति अब लाभ और अहंकार का व्यापार है.’’

‘‘यानी सैंड माइथिंग में राजनीतिक हस्तियों का…’’

‘‘हां, राजनीतिक हस्तियां व्यवसायी माफिया से सांठगांठ कर सत्ता तक पहुंचने का रास्ता सुलभ करती हैं. खैर, इन से फिर भी लड़ लूं बिराज, लेकिन लोग न्यायअन्याय की इस लड़ाई में स्त्री होने को मुहरा बना लेते हैं. लोगों को स्त्री की औकात पर रोष भी होता है और स्त्री होने की पीड़ा पर आनंद भी.

‘‘दरअसल, यह ‘औकात’ और ‘पीड़ा’ दोनों ही थोपी गई हैं. सच यह है कि अपना कर्तव्य निभाते वक्त हम सिर्फ ‘लक्ष्यभेदी’ रह जाते हैं और कुछ नहीं.’’

सैंड माइनिंग के यमुना क्षेत्र में आ कर अदिति की धुआंधार धड़पकड़ जारी थी.

मार्केट में 20 हजार के रेत भरे ट्रक के बदले दिल्ली के पास यमुना किनारे रेत काट कर 8 हजार प्रति ट्रक धड़ल्ले से बिक रहे थे. लाभार्थियों में व्यावसायियों के अलावा सत्ता की सुरंगों तक प्रत्येक क्रम में लोग फैले थे. पैसे बनाने और गलत लाभ लेने वालों की न तो अर्थव्यवस्था के नकारात्मक पहलू पर नजर थी न प्रकृति की क्षति पर.

आज अभीअभी टीवी में खबर दिखाई गई कि भयानक ब्लास्ट में अदिति की पुलिस जीप के परखचे उड़ गए. सैंड माइथिंग इलाके से काररवाई कर लौटते वक्त अदिति और 5 पुलिस कर्मी इस के शिकार हुए थे. गंभीर हालत में सभी अस्पताल में भरती कराए गए थे. खबर सुनते ही बिराज हतप्रभ हो गया.

आज 10 दिन से लगातार बिराज और उस की पत्नी चंद्रमा गुलाबी देवी की देखभाल कर रहे थे, साथ ही अस्पताल आनाजाना भी. 4 पुलिस कर्मी अब कुछ ठीक हैं. अदिति को आईसीयू से निकाल कर अब पर्सनल कैबिन में रखा गया है.

हाथपैर टूटे थे और उन पर प्लास्टर चढ़ा था. जिस्म का कुछ हिस्सा झुलसा था. सूरज से चमकते चेहरे पर जैसे अमावस का डरा था. मासूम सी अदिति अपने आसपास बैठे लोगों को देख रही थी. सामने मां, पूर्व एसडीएम मैडम शुचिता, चंद्रमा और बिराज.

चंद्रमा के गले में अदिति की दी नेहडोर देख अदिति की आंखों से आंसू छलक पड़े. चंद्रमा ने उस का हाथ थाम लिया. कहा, ‘‘दी, हम सब आप की ओर बड़ी उम्मीद से देख रहे हैं.’’

बिराज करीब आ गया था.

‘‘नेहडोर बांध रखी है, हमेशा के लिए,’’ मां की आंखों में तो गर्व के आंसू भरे थे. वह कुछ बोल नहीं पाई.

एसडीएम ने अदिति के सिर पर हाथ फिराते हुए कहा, ‘‘मैं आप के स्वस्थ होने की राह देख रही हूं, हमें मिल कर अब बहुत दूर चलना है.’’

अदिति ने उन की आंखों में गहरी दृष्टि डाली. मगर न जाने क्यों अदिति की आंखें बारबार पनीली हो जातीं.

चंद्रमा ने उन आंसुओं को थामते हुए कहा, ‘‘दीदी इन आंसुओं से कहो कि

आप एक प्रबल संभावना हो, एक कौशल, एक आशा, एक बिगुल हो. हम आसमान से किसी ईश्वर के अवतार लेने की उम्मीद में नहीं बैठे रहेंगे. भूत से भविष्य तक न्याय की रक्षा कर भार उठाना हम आप से सीखेंगे. आप वर्तमान की मशाल हैं, युवाओं की प्रेरणा हैं. आप ने जीवन का सही उद्देश्य निबाहा. आप फिर से जल्द ही अपना दायित्व संभालो.’’

भावविभोर सी अदिति ने चंद्रमा का हाथ पकड़ बिराज से पूछा, ‘‘हिंदी साहित्य न…’’

चंद्रमा ने कहा, ‘‘हां दी, मगर साहित्य के माध्यम से मैं ने सचाई ही कही है. बुराई का खात्मा और नया परिवर्तन हमारे द्वारा ही आएगा. किसी अवतार की उम्मीद में हम बैठे न रह जाएं.’’

अदिति की आंखों में अब फिर से अपराजेय ज्योति जल उठी थी.

Summer special: बच्चों के लिए ऐसे बनाए चीजी पॉप और मैगी मसाला राईस

बच्चों की गर्मियों की छुट्टियां प्रारम्भ हो चुकीं हैं, इन दिनों वे घर में रहने के साथ साथ समर कैम्प भी अटेंड कर रहे हैं. बच्चों को पूरे दिन ही भूख लगी रहती है, हर एक घंटे के बाद उन्हें कुछ न कुछ खाने को चाहिए होता है और ऐसे में मम्मियों के लिए सबसे बड़ी चुनौती होती है उन्हें कुछ ऐसा खाने को देना जो अच्छा ख़ासा हेल्दी तो हो ही साथ ही उन्हें पसंद भी आये. आपकी इसी समस्या को आज हमने हल करने का प्रयास किया है इन 2 रेसिपीज के माध्यम से जो निस्संदेह बच्चों को बहुत पसंद आयेंगी. तो आइये देखते हैं कि इन्हें कैसे बनाया जाता है-

  1. चीजी पॉप

कितने लोगों के लिए –  8

बनने में लगने वाला समय – 20 मिनट

मील टाइप –  वेज

सामग्री

  1. उबले आलू –  2
  2. मैदा –  1 कप
  3. चीज स्लाइस –  2
  4. ओरेगेनो –  1/4 टीस्पून
  5. चिली फ्लेक्स –  1/4 टीस्पून
  6. नमक स्वादानुसार
  7. काली मिर्च पाउडर –  1/8 टीस्पून
  8. बारीक कटा हरा धनिया –  1 टेबलस्पून
  9. चाट मसाला –  1/8 टीस्पून
  10. तलने के लिए तेल –   पर्याप्त मात्रा में

विधि

आलू और चीज को एक बाउल में किस लें. अब इसमें चाट मसाले को छोडकर अन्य सभी मसाले और हरा धनिया डाल दें. मैदा डालकर अच्छी तरह मिलाएं. इसमें उतना ही पानी मिलाएं जितने में कि मैदा अच्छी तरह बंधने लग जाए. इसे 10 मिनट रेस्ट देकर चकले पर रोटी से थोडा मोटा बेल लें. इससे मनचाहे आकार के पॉप्स काटकर गर्म तेल में सुनहरा होने तक तलकर बटर पेपर पर निकाल लें ताकि अतिरिक्त चिकनाई निकल जाये. अब गर्म में ही चाट मसाला मिलाकर एयर टाईट जार में भरकर रखें.

  1. मैगी मसाला राईस

कितने लोगों के लिए –   8

बनने में लगने वाला समय –  20 मिनट

मील टाइप  –  वेज

सामग्री

  1. उबले चावल –  2 कप
  2. बारीक कटी शिमला मिर्च –   1/4 कप
  3. बारीक कटा प्याज –   1
  4. बारीक कटी गाजर –   1
  5. बारीक कटी बीन्स –    1/4 कप
  6. उबले कॉर्न –     1/4 कप
  7. मैगी मसाला –   1 टेबलस्पून
  8. नमक –  1/8 टीस्पून
  9. चिली फ्लेक्स –  1/8 टीस्पून
  10. नीबू का रस –  1 टीस्पून
  11. बारीक कटा हरा धनिया –  1 टीस्पून
  12. तेल –  1 टीस्पून

विधि

गर्म तेल में प्याज भूनकर सभी सब्जियां और नमक डालकर सब्जियों के नरम होने तक पकाएं. अब उबले चावल डालकर अन्य मसाले व मैगी मसाला डालकर अच्छी तरह चलायें. 3 मिनट के लिए धीमी आंच पर ढककर पकाएं ताकि चावलों में मसाला समा जाये. नीबू का रस और हरा धनिया डालकर सर्व  करें.

न्यू मैरिड कपल्स के लिए कुछ खास टिप्स, जिससे रिश्ते में बनी रहेगी मिठास

मीता ने अपने माता-पिता की बात नहीं मानी और अपनी पसंद के लड़के से शादी कर ली,लेकिन रिश्ता नहीं चला पाया और बाद में तलाक ले लिया. शुरुआत में तो दोनों के कुछ दिन आराम से बीते, पर फिर जिंदगी की जद्दोजहद में मीता का पति ध्रुव व्यस्त हो गया और समय के अभाव में दोनों के बीच में दूरियां आने लगीं. धीरे-धीरे दोनों के बीच में मतभेद बढ़े और वह बाद में मनभेद में बदल गए.

न्यू कपल्स को एक दूसरे के साथ तालमेल बिठाने में थोड़ा समय लगता है. लेकिन आपसी सहमति और समझदारी से रिश्ते को बेहतर बनाया जा सकता है. न्यू मैरिड कपल्स के लिए यह समय काफी अहम होता है जिसमें थोड़ी भी परेशानियों के आने से रिश्ते को नुकसान पहुंच सकता है. असल में कोई भी शादी पर्फेक्ट नहीं होती हर किसी को रिश्ते में चुनौतियों का सामना करना पड़ता है. शादी करने के बाद कई जिम्मेदारियां बढ़ जाती हैं जिनको अच्छे से पूरा करने के लिए दोनों को ही समझदारी से काम लेना पड़ता है. वैवाहिक जीवन में उतार चढ़ाव होते रहते हैं, अपनी शादी को सफल बनाने के लिए कुछ बातों का ध्यान रखना बेहद जरूरी होता है.

अगर आप भी न्यू मैरिड कपल है या शादी को कुछ समय हुआ है और आप अपने रिश्ते को गहरा बनाना चाहते हैं तो यहां हम आपको कुछ ऐसे टिप्स बताएंगे जो आपकी शादी के बाद आने वाली सारी परेशानियां से निपटने के लिए पर्याप्त है.  आइए जानते हैं इन टिप्स के बारे में-

  1. डेट पर जाएं

अपने बिजी शेड्यूल से थोड़ा समय निकालकर अपने पार्टनर के साथ डेट पर जाएं. इससे आप क्वालिटी टाइम स्पेंड कर पाएंगे और एक दूसरे की भावनाओं को अच्छे से समझ पाएंगे.

2. एक दूसरे को सरप्राइज दे

आप अपने पार्टनर को सरप्राइज दे सकते हैं जैसे कि सुबह का नाश्ता, लव लेटर या उनके पसंदीदा गिफ्ट. इन छोटी कोशिशों से आपके पार्टनर को अच्छा लगेगा जिससे यह समय आपके लिए यादगार रहेगा और आपका रिश्ता गहरा होगा.

3. ज्यादा से ज्यादा बातचीत करें

कम्युनिकेशन से रिलेशन को स्ट्रांग बनाने में मदद मिलती है. इसलिए अपने पार्टनर के साथ खुलकर बातचीत करें. एक दूसरे की ज़रूरतें और परेशानियों को सुनें और उनका साथ दें.

4. फिजिकल अफेक्शन दिखाएं 

एक रोमांटिक रिलेशन के लिए फिजिकल अफेक्शन बेहद जरूरी होता है. अपने पार्टनर के साथ कडल्स करें और उन्हें इंपॉर्टेंट होने का एहसास दिलाएं. यह चीजें आपके रोमांस को अच्छा रखने में मदद करती है.

5. एक दूसरे की बातें सुने

एक दूसरे से कम्युनिकेशन करने के अलावा एक दूसरे की बातें भी ध्यान से सुने. अपने पार्टनर की बातें बिना विचलित हुए सुने. जिससे आपका पार्टनर आपको बिना हिचकिचाहट सारी बातें शेयर कर सके.

6. अपने प्यार को एक्सप्रेस करते रहें

अपने पार्टनर को एहसास दिलाते रहे कि आप उनसे कितना प्यार करते हैं इसके लिए आप उन्हें बोलकर, लेटर लिखकर या गिफ्ट्स के माध्यम से बता सकते हैं.

7. छोटी-छोटी खुशियों को सेलिब्रेट करते रहे

अपने रिश्ते में जुड़ाव और अपनेपन की भावना को पैदा करने के लिए खुशियों को सेलिब्रेट करें और अपने जीवन के पलों को यादगार बनाएं.

8. अपनी गलती को माने 

कोई भी कपल परफेक्ट नहीं होता है किसी ना किसी से गलतियां होती रहती हैं. अपने बीच शिकायत या नाराजगी को दूर करें. अगर आपकी गलती है तो अपनी गलती माने.  इससे आपके बीच प्यार और रिस्पेक्ट बढ़ती है.

9. एक दूसरे का ख्याल रखें 

एक दूसरे की फिजिकल और इमोशनल जरूरतों का ध्यान रखें. एक साथ एक्सरसाइज करें, खाना बनाने में एक दूसरे की मदद करें और जरूरत पड़ने पर एक दूसरे के साथ खड़े रहे.

10. एक दूसरे को स्पेस दें 

जहां आप एक दूसरे के साथ अच्छा समय व्यतीत करते हैं, वही आपको यह बात भी ध्यान रखनी चाहिए कि एक दूसरे को स्पेस देना भी बेहद जरूरी है. इससे आपके बीच ट्रस्ट बढ़ता है और यह आपको सफोकेटेड और रूड होने से भी रोकता है.

अनुपमा पहले ही दिन झेलेगी गुरू मां का गुस्सा, क्या कैसंल होगा अमेरिका जाने का कांट्रैक्ट?

अनुपमा धारावाहिक जबसे स्टार प्लास पर टेलीकस्ट हुआ है तभी से टीआरपी की लिस्ट में धूम मचा रहा है. इस सीरियल को धांसू बनाने के लिए मेकर्स आए दिन नया ट्विस्ट लेकर आते ही रहते हैं. रुपाली गांगुली और गौरव खन्ना स्टारर इस सीरियल में अनुज और अनुपमा को अलग कर दिया गया है. किंतु जल्द ही दोनों का आमना-सामना हो सकता है. इससे पहले अनुपमा में काफी ड्रामे हुए है. अनुपमा के बीते एपिसोड में देखने के लिए मिला था कि अनुपमा को शाह हाउस में आने के बाद यह खबर मिल जाती है कि अनुज, माया और छोटी के साथ समर की शादी में आ रहा है. चलिए आपको अपकमिंग एपिसोड के बारे में बताते हैं.

अपकमिंग एपिसोड में अनुपमा लेगी बड़ा फैसला

टीवी सीरियल अनुपमा के अपकमिंग एपिसोड में देखने को मिलेगा कि अनुज वापिस आ रहा है और वह माया और छोटी को भी साथ लाएगा, तो सब हैरान रह जाते हैं और अपने मन की बात रखते हैं. इस दौरान अनुपमा सबसे अलग होकर अकेले चली जाती है. यहां पर वह अपना फैसला लेती है. लेकिन अनुपमा ठान लेती है कि इस बार वह किसी के लिए नहीं रुकने वाली है. वह अमेरिका जाएगी और किसी को भी अपनी उड़ान के बीच में नहीं आने देगी. वह कहती है कि एक फैसला अनुज ने लिया था और अब एक फैसला मैं ले रही हूं.

 

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अनुपमा एक बुरा सपना देखेगी

टीवी सीरियल अनुपमा की आगे की कहानी में एक महीने का लीप आ जाएगा. इसी के साथ समर की शादी का वक्त भी आ जाएगा। वहीं, रात के समय में अनुपमा एक बुरा सपना देखेगी, जिसमें गुरु मां अनुपमा को पहले खूब गुस्सा करती है और उसे छड़ी से मारती है. इसके साथ ही, वह अनु को अमेरिका ले जाने से मना कर देती है और उसका कॉन्ट्रैक्ट कैंसिल करती है. इस एक सपने से अनुपमा की नींद खुल जाती है और वह कान्हा जी से दुआ करती है कि उसका यह सपना कभी पूरा न हो.

आगे की कहानी में देखने के लिए मिलेगा कि अनुपमा जल्दी-जल्दी तैयार होकर पहले दिन टाइम पर डांस क्लास जाती है, लेकिन वह तीन मिनट लेट हो जाती है, जिस कारण से गुरु मां नाराज हो जाती है और वह अनुपा को सजा देती है. वह अनुपमा को एक टांग पर खड़ा कर देती है. इतना ही नहीं, वह अनुपमा को खूब खरी खोटी सुनाएगी कि बोलेगी कि अगर उसके बेटे की शादी है तो क्या हम सब काम बंद कर दे. लेकिन, सीरियल में असली धमाल तब शुरू होगा जब अनुपमा के सामने अनुज आएगा.

Face Serum Under 500: कम कीमत के ये Serum स्किनटोन को बना सकते हैं बेहतर

गर्मियों के मौसम में स्किन की देखभाल करना बेहद जरूरी होता है. ऐसे में स्कीन केयर के लिए सबसे बेहतरीन है फेस सीरम. त्वचा को साफ और चमकदार बनाने में फेस सीरम काफी मददगार माने जाते हैं. इसीलिए,हम आपके लिए कुछ बेहतरीन Skin Serum Under 500 का कलेक्शन लेकर आए हैं. इसके इस्तेमाल से आपको ग्लोइंग और बेहतर स्किन मिल सकती है. फेस सीरम स्किनटोन को हल्का करके डार्क स्पॉट को कम करने में मदद करता है. आइए आपको बताते है टॉप 5 फेस सीरम.

1. LAKMÉ 9 To 5 Vitamin C+ Serum

यह फेस सीरम एजिंग , प्रदूषण और सूरज की क्षति और त्वचा की डलनेस जैसी स्किन की कई समस्याओं से लड़ सकता है. सीरम विटामिन सी और काकाडू प्लम से भरपूर है. सीरम त्वचा पर लाइट वेट और नॉन ग्रीसी है.

2. Garnier Skin Naturals Vitamin C Face Serum

यह फेस सीरम सभी प्रकार की त्वचा के लिए उपयुक्त है. Garnier Vitamin C फेस सीरम तुरंत बेरंग त्वचा को ग्लोइंग करता है और नियमित रूप से उपयोग करने पर काले धब्बे कम करता है. काले धब्बों से निपटने के लिए नींबू के अर्क और गार्नियर के ब्राइट कम्प्लीट फेस क्रीम की विटामिन सी की 30 गुना मात्रा से भरपूर है.

3. Pond’s Bright Beauty Vitamin C Serum

यह लेमन, ग्रीन पपाया और पॉमग्रेनेट एक्सट्रैक्ट से युक्त विटामिन-सी वाला फेस सीरम है. यह हल्का होता है और बिल्कुल भी ग्रीसी नहीं होता है. यह आपकी त्वचा पर मौजूद कील मुंहासे और दाग धब्बे को कम करके उसे ब्राइट बनाने में मददगार भी साबित हो सकता है.

4. Mamaearth Ubtan Face Serum

यह सीरम डर्मटोलॉजिकली परीक्षित है. यह उबटन फेस सीरम सल्फेट्स, पैराबेन्स, SLS और खनिज तेलों से मुक्त है। सभी प्रकार की त्वचा के लिए उपयुक्त. यह सीरम त्वचा को हाइड्रेटिंग और ब्राइटनिंग करता है.

5. L’Oreal Paris Revitalift Crystal Micro-Essence

इस सीरम में सैलिसिलिक एसिड है जो स्किन को साफ करता है, यह त्वचा पर लाइट वेट और नॉन ग्रीसी है.  यह आपकी त्वचा में 10 लेयर डीप तक जाकर पोषण देने में मददगार माना जाता है। यह स्किन एक्सफोलिएशन में भी मददगार हो सकता है.

मिसाल बन रहीं अविवाहित मांएं

हिना परवीन फ्रीलांस रिपोर्टर हैं. उच्च शिक्षा प्राप्त हैं और कमाई भी अच्छी है. इंगलिश अखबारों में लिखती हैं. हिना अपने मातापिता की इकलौती संतान हैं. जब उन के अब्बू का इंतकाल हुआ तो अम्मी अकेली न रहे, इस सोच में हिना ने शादी नहीं की. उन की अम्मी अत्यधिक मोटापे और शुगर की मरीज थीं. स्वयं कुछ कर नहीं पाती थीं. हिना ही उन के सारे काम करती थीं. उन की दवा का ख्याल रखती और वक्तवक्त पर डाक्टरी चैकअप करवाती थीं.

ऐसा नहीं था कि हिना निकाह नहीं करना चाहती थीं. बल्कि मसूद अहमद से उन के प्रेम संबंध कालेज के समय से थे. पर मसूद चाहते थे कि हिना निकाह के बाद उन के घर पर उन के परिवार के साथ रहें. लेकिन हिना अपनी असहाय और बीमार अम्मी को अकेला कैसे छोड़ देती? लिहाजा कुछ साल बाद मसूद ने अपने परिजनों की इच्छा को देखते हुए दूसरी लड़की से निकाह कर लिया.

वक्त गुजरता गया. आज हिना अपनी उम्र के 52वें पायदान पर हैं. अम्मी का इंतकाल हो चुका है. एक बड़ा घर, अच्छा बैंक बैलेंस होने के साथसाथ अम्मी के दिए हुए जेवर हिना के पास हैं. किसी चीज की कमी नहीं है मगर एक चीज जो उन्हें सालती थी वह किसी बच्चे का प्यार. हिना को बच्चों से हमेशा प्यार रहा. उम्र बढ़ने के साथ जब बच्चे की ललक बढ़ने लगी तो उन्होंने ‘कारा’ में बच्चा अडौप्ट करने के लिए फौर्म भर दिया. 4 साल के इंतजार के बाद अंतत: हिना को 8 वर्षीय प्रिया को गोद लेने का मौका मिला.

गजब का बदलाव

प्रिया को गोद लेने के बाद हिना की जिंदगी में गजब का बदलाव आ गया. अब उन के सामने एक लक्ष्य है अपनी बेटी को अच्छी परवरिश देने का, उसे अच्छी शिक्षा दिलाने और उस के लाइफ में सैटल करने का. प्रिया के रूप में अब हिना को अपने घरजायदाद का वारिस भी मिल गया है.

अम्मी के मरने के बाद हिना बहुत अकेली हो गई थीं. कई बार अवसादग्रस्त हो जाती थीं. मैडिटेशन सैंटर्स के चक्कर लगाती थीं. मगर प्रिया को पाने के बाद वे खुद में बहुत ताजगी और स्फूर्ति पाती हैं.

प्रिया के साथ वे बहुत खुश हैं. सुबह जल्दी उठती हैं. बेटी को स्कूल के लिए रैडी करती हैं. अपने और उस के लिए ब्रेकफास्ट बनाती हैं. उस का लंच पैक कर के बैग में रखती हैं. फिर कार से उसे स्कूल छोड़ने जाती हैं. पहले हिना के लिए अकेले घर में जो समय काटे नहीं कटता था अब प्रिया के इर्दगिर्द जल्दी बीत जाता है. हर संडे मांबेटी शौपिंग करने जाती हैं, रेस्तरां में लंच करती हैं और जीवन को पूरी मस्ती में जी रही हैं, बिना यह सोचे कि दुनिया उन के बारे में क्या राय रखती है.

शिक्षा, आर्थिक मजबूती, टूटते पारिवारिक बंधन, घर से दूर नौकरी और नई तकनीकों ने आज औरत को यह आजादी दी है कि वह चाहे तो बिना शादी किए किसी मनचाहे पुरुष के साथ सैक्स कर के अथवा बिना किसी पुरुष के संसर्ग के आईवीएफ तकनीक से या किसी अनाथाश्रम से बच्चा गोद ले कर मां बन सकती है. इस पर कानून ने भी अपनी पूर्ण सहमति दे दी है कि बच्चे के जन्म प्रमाणपत्र पर अब पिता का नाम होना आवश्यक नहीं है. न ही स्कूल में एडमिशन के वक्त महिला से पूछा जाएगा कि बच्चे का बाप कौन है?

मिसाल हैं नीना गुप्ता

अनब्याही मां की बात उठी है तो फिल्म अभिनेत्री नीना गुप्ता का किस्सा याद होगा. नीना का वेस्टइंडीज के मशहूर क्रिकेटर विवियन रिचर्ड्स से अफेयर था. दोनों के बीच शारीरिक संबंध थे, जिस के चलते नीना प्रैगनैंट हुई थीं. हालांकि वे जानती थीं कि विवियन रिचर्ड्स उन से शादी नहीं करेंगे क्योंकि वे पहले से शादीशुदा और बच्चों वाले थे, फिर भी नीना ने गर्भ नहीं गिराया और वे विवियन की बच्ची की अनब्याही मां बनीं.

उन्होंने अपनी बच्ची को अपने ही दम पर पाला और उन की बेटी मसाबा आज एक मशहूर फैशन डिजाइनर है. हालांकि बहुत बाद में नीना गुप्ता ने एक इंटरव्यू में कहा था कि किसी स्त्री को अकेले मां बनने का चुनाव नहीं करना चाहिए. यह बहुत कठिन है.

ऐसा नीना ने इसलिए कहा क्योंकि उस समय माहौल अलग था. समाज की सोच दकियानूसी, परंपरावादी और औरत की पवित्रता को उस के कुंआरेपन से आंकने वाली थी. हालांकि फिल्मी दुनिया में औरतों को ले कर काफी खुलापन था मगर उस वक्त शादीशुदा पुरुष कलाकार भी अपनी शादी की बात छिपा कर फिल्मों में काम करते थे क्योंकि शादीशुदा होने की बात सामने आने पर फिल्में नहीं मिलती थीं. ऐसे में फिल्मों में काम करने वाली अभिनेत्रियों को बच्चे तो छोडि़ए, अपने संबंधों तक को छिपाना पड़ता था.

वे अपने बौयफ्रैंड के बारे में किसी को नहीं बताती थीं. यही नहीं, वे फिल्मी पत्रिकाओं में अकसर अपने कुंआरे होने की घोषणाएं भी करती रहती थीं. उन्हें बताया जाता था कि इस से उन की फिल्में चलेंगी.

लेकिन अब ऐसा नहीं है. समाज की सोच और व्यवहार में काफी बदलाव आ चुका है. आज बौलीवुड की अधिकांश अभिनेत्रियां विवाहित हैं. कई तो बच्चों वाली हैं और उन की फिल्में सफल भी होती हैं.

समाज का डर

नैटफ्लिक्स पर आने वाली ‘मेड’ सीरीज सिंगल मदर की कठिनाइयों को बताती है. इस की कहानी अविवाहित युवा मां पर केंद्रित है जो एक अपमानजनक रिश्ते से बच जाती है और घरों की साफसफाई का काम कर के अपनी बेटी का भरणपोषण करने के लिए संघर्ष करती है. इस सीरीज में किसी स्त्री ने अपने बच्चों को त्यागा नहीं, न ही समाज के डर से उन्हें छिपाया.

उन्होंने खुद के लिए और अपने बच्चों के लिए सम्मानजनक स्थान पाने के लिए संघर्ष किया और अंतत: समाज ने उन्हें स्वीकार कर लिया. हमारे धार्मिक ग्रंथों में अनब्याही मां के रूप में कुंती का उदाहरण मिलता है, मगर कुंती ने कर्ण को त्याग दिया था, जिस के लिए कर्ण ने कभी कुंती को माफ नहीं किया.

आज महिलाओं के सामने स्थितियां भिन्न हैं. आज काफी पढ़ीलिखी महिलाएं धर्म, समाज और परिवार द्वारा पैदा की जाने वाली परेशानियों, तनावों और मनोस्थिति से बाहर निकल आई हैं. कुछ साल पहले राजस्थान की एक आईएएस अधिकारी आईवीएफ तकनीक की मदद से मां बनीं.

उन्होंने अपने मातापिता की देखभाल के लिए विवाह नहीं किया. शादी की उम्र निकल गई. लेकिन मां बनने की इच्छा उन्होंने इस तरह से पूरी की.

इसी तरह हाल ही में मध्य प्रदेश की एक मशहूर रेडियो कलाकार भी अविवाहित मां बनी हैं. अभिनेत्री सुष्मिता सेन, एकता कपूर, रवीना टंडन आदि फिल्मी हस्तियों ने अविवाहित रहते हुए भी बच्चों को गोद लिया, उन्हें पाला और उन को अपना नाम दिया है.

अधिकार में कोई फर्क नहीं

वक्त बदलता है तो नैतिकता के चले आ रहे मानदंडों को भी उसी हिसाब से बदलना पड़ता है. हमारे यहां कानून ने अब स्त्री को मां बनने के चुनाव की आजादी दे दी है. वह अविवाहित है, विवाहित है, अकेली है, इस से एक औरत के मां बनने के अधिकार में कोई फर्क नहीं पड़ता. यहां तक कि अब स्कूलों में भी बच्चे के पिता का नाम बताना जरूरी नहीं है.

6 जुलाई, 2015 को सुप्रीम कोर्ट ने बच्चे पर मां के नैसर्गिक हक पर मुहर लगाते हुए अविवाहित मां को कानूनी पहचान प्रदान कर दी है. सुप्रीम कोर्ट ने अपने ऐतिहासिक फैसले में कहा कि अविवाहित मां को बच्चे का संरक्षक बनने के लिए पिता से मंजूरी लेना जरूरी नहीं. इतना ही नहीं कोर्ट ने यह भी कहा है कि अगर कोई अविवाहित या अकेली रह रही मां बच्चे के जन्म प्रमाणपत्र के लिए आवेदन करती है तो सिर्फ एक हलफनामा देने पर उसे उस के बच्चे का जन्म प्रमाणपत्र जारी किया जाएगा.

एक केस की सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने ऐसे बच्चों के जन्म प्रमाणपत्र हासिल करने में आने वाली दिक्कतों पर विचार करते हुए यह फैसला दिया था. कोर्ट ने कहा कि अभी तक  याचिकाकर्ता मां को अपने 5 साल के बच्चे का जन्म प्रमाणपत्र नहीं मिल सका है जोकि आगे चल कर बच्चे के लिए समस्या बनेगा. कोर्ट सरकार को निर्देशित करती है कि वह तुरंत उस मां को उस के बच्चे का जन्म प्रमाणपत्र मुहैया कराए. कोर्ट ने कहा कि स्कूल में बच्चे के एडमिशन और पासपोर्ट हासिल करने के लिए आवेदन करते समय पिता का नाम देना जरूरी नहीं है, लेकिन इन दोनों ही मामलों में जन्म प्रमाणपत्र लगाना पड़ता है.

मां की पहचान के बारे में कभी संदेह नहीं रहा. कानून गतिशील होता है और उसे समय के साथ चलना चाहिए. कोर्ट ने कहा कि जब कभी भी एकल संरक्षक या अविवाहित मां अपने गर्भ से जन्मे बच्चे का जन्म प्रमाणपत्र प्राप्त करने के लिए आवेदन करेगी तो जिम्मेदार अधिकारी सिर्फ एक हलफनामा ले कर उसे जन्म प्रमाणपत्र जारी करेंगे.

यह सुनिश्चित करना राज्य का कर्तव्य है

कि कोई भी नागरिक इस कारण परेशानी न भुगते कि उस के मातापिता ने उस के जन्म को रजिस्टर नहीं कराया.

अधिकार और आजादी

हालांकि इस अधिकार और आजादी के बाद भी आम कम पढ़ीलिखी और आर्थिक रूप से दूसरों पर निर्भर औरतें बिनब्याही मां बनने का रिस्क नहीं उठाती हैं. औरतें प्रेम में गर्भधारण करने के बाद प्रेमी पर जल्द से जल्द विवाह करने का दबाव बनाती हैं. कभीकभी प्रेमी उस लड़की से शादी नहीं करना चाहता है और छोड़ कर भाग जाता है. ऐसे में लड़की या तो किसी प्राइवेट डाक्टर के क्लीनिक में गर्भपात करवा लेती है

या महीने ज्यादा हो जाने के कारण यदि गर्भपात

न हो सके तो बच्चा पैदा कर के यहांवहां फेंक देती है.

देशभर में ऐसे सैकड़ों नवजात पुलिस को प्रतिदिन ?ाडि़यों में, नालों में या सुनसान जगहों पर रोते मिलते हैं, जिन्हें उन की मांओं ने पैदा कर के मरने के लिए फेंक दिया. कई नवजात बच्चों को तो कुत्ते नोंच डालते हैं.

दिल्ली सहित देशभर के अनाथाश्रमों में ऐसे दुधमुंहे बच्चों की तादाद बढ़ती जा रही है जो अपनी मांओं द्वारा पैदा कर के फेंक दिए गए. अनेक अनाथाश्रमों ने अपने दरवाजों पर पालने लगा रखे हैं. इन पालनों में आएदिन कोई न कोई नवजात बच्चा पड़ा मिलता है.

साउथ दिल्ली के अनेक छोटेछोटे प्राइवेट अस्पतालों में एक और धंधा डाक्टर, नर्सों, दाइयों और बच्चा बेचने वाले गिरोहों की सांठगांठ में बड़े धड़ल्ले से चल रहा है. इन अस्पतालों में अनब्याही मांओं की डिलिवरी करवाई जाती है और पैदा हुए नवजात को तुरंत बच्चा बेचने वाले गिरोह के सदस्य के हवाले कर दिया जाता है. यह गिरोह शहर के उन अनाथाश्रमों पर नजर रखता है जहां बेऔलाद मांबाप बच्चा गोद लेने के लिए चक्कर काटते हैं.

आसान नहीं प्रक्रिया

‘कारा’ की गाइडलाइन बहुत सख्त होने के चलते बच्चा गोद लेना चूंकि आसान प्रक्रिया नहीं है और इस के लिए कपल को कई साल इंतजार करना पड़ता है, कई कठिन प्रक्रियाओं से गुजरना पड़ता है और बच्चा भी उन्हें बड़ी उम्र का मिलता है. ऐसे में बच्चा बेचने वाले गिरोह के सदस्य ऐसे मातापिता से नवजात बच्चों का सौदा तय कर लेते हैं. यह सौदा डेढ़ लाख रुपए से 5 लाख रुपए तक में तय होता है, जिस में से कभीकभी तो बच्चा पैदा करने वाली मां को धनराशि का कुछ हिस्सा दिया जाता है, पर ज्यादातर में नहीं देते हैं.

उस को तो यही बात बड़ी संतोषजनक लगती है कि अनचाहे बच्चे से उसे मुक्ति मिल गई. अस्पताल वाले बच्चे के जन्म प्रमाणपत्र पर उस महिला का नाम चढ़ा देते हैं जो बच्चा खरीदती है.

कानून द्वारा औरत को शादी से पहले या शादी के बाद मां बनने और अपने बच्चे का पूर्ण अभिभावक होने का अधिकार दिए जाने के बावजूद चूंकि भारतीय समाज और परिवार में अभी भी अनब्याही मां को धिक्कार की नजर से देखा जाता है, उस पर छींटाकशी की जाती है, खासतौर पर छोटे शहरों और कसबों में इसलिए अधिकांश औरतें न चाहते हुए भी अपने बच्चे को अपने से अलग करने की पीड़ा ?ोल रही हैं.

उन औरतों की तादाद बहुत कम है जो

धर्म, समाज और परिवार की जकड़न से खुद को मुक्त कर के अपने पैदा किए शिशु के साथ खुशीखुशी जी रही हैं. इस तसवीर को और बेहतर बनाने की कोशिश होनी चाहिए ताकि कोई औरत मां बनने से वंचित न रहे और कोई बच्चा नाजायज न कहलाए.

अदा बिखेरने के लिए बेस्ट हैं ये 10 साड़ियां

साड़ी पहन कर कोई भी नारी बेहद खूबसूरत नजर आती है. भले ही वह मोटी हो या पतली साड़ी हरकिसी पर सूट करती है. किसी भी मौके के हिसाब से आप अपने लिए एक खास साड़ी का चयन कर सकती हैं. साडि़यां अलगअलग फैब्रिक और रंगों में मिलती हैं. कुछ साडि़यां जिन पर हैवी वर्क किया होता है काफी महंगी बिकती हैं. आप को कैसी साड़ी चाहिए यह अपनी जरूरत, मौका या व्यक्तित्व के आधार पर तय करें.

साड़ी पहन कर आप न सिर्फ ट्रैडिशनल दिखती हैं बल्कि साड़ी एक फैशनेबल अटायर भी है जिस में कोई भी लड़की या महिला खूबसूरत नजर आ सकती है. हालांकि इस बदलते दौर में साडि़यों का फैशन लगातार इन और आउट होता रहता है. ऐसे में आप कैसी साड़ी का चुनाव करती हैं यह ज्यादा माने रखता है.

आजकल मार्केट में कई तरह की डिजाइनर साडि़यों का चलन है. लेकिन बात कुछ ऐसी साडि़यों की हो जो हर मौसम और हर मौके में पहनी जा सकें तो कहने ही क्या. हम बात कर रहे हैं कुछ ऐसी ही सदाबहार साडि़यों की जिन्हें पहन कर आप कहीं भी खड़ी हो जाएं तो सिर्फ आप ही आप नजर आएं.

आइए, जानते हैं विकास भंसाली (सैलिब्रिटी फैशन डिजाइनर, असोपालव) से कुछ ऐसी ही साडि़यों के बारे में:

1 औरगेंजा साड़ी

औरगेंजा साड़ी भले ही आजकल काफी ट्रैंड में हो लेकिन यह काफी पुराने समय से पहनी जा रही है. औरगेजा साड़ी काफी आकर्षक, चमकदार और हलके कपड़े वाली होती है. इस का वजन भी काफी हलका होता है. इस का फैब्रिक भले ही फिसलने वाला हो, लेकिन यह साड़ी सदाबहार साडि़यों की लिस्ट में शुमार है. आप के वार्डरोब में अगर औरगेजा की साड़ी है तो आप को इसे खरीदने पर बिलकुल पछतावा महसूस नहीं होगा.

2 नैट साड़ी

शायद ही कोई ऐसी लड़की या महिला होगी जो नैट की साड़ी की दीवानी न हो. कौकटेल पार्टी हो या शादी आप ऐसे किसी भी मौके पर नैट की साड़ी पहन कर जलवे बिखेर सकती हैं खासकर डार्क कलर या फिर ब्लैक में नैट की साड़ी बेहद खूबसूरत लगती है. इसे खरीदने के बाद आप को बिलकुल पछतावा नहीं होगा.

3 फ्लोरल ऐंब्रौयडरी साड़ी

फ्लोरल ऐंब्रौयडरी वाली साड़ी किसी मास्टर पीस से कम नहीं होती. अलगअलग तरह के डिजाइन पैटर्न में मार्केट में आसानी से मिल सकती है. आप इस साड़ी को किसी भी फंक्शन में पहन कर इठला सकती हैं. साडि़यों में आने वाली नई डिजाइंस की दौड़ में भी फ्लोरल ऐंब्रौयडरी साड़ी सब से आगे है. अगर आप भी किसी फंक्शन के लिए साड़ी खरीदने की सोच रही हैं तो फ्लोरल ऐंब्रौयडरी साड़ी का चयन कर सकती हैं. यह सदाबहार साडि़यों में से एक है.

4 लहरिया साड़ी

चाहे कितन ही समय क्यों न बीत जाए कुछ चीजें कभी आउट आफ फैशन नहीं होतीं. इन्हीं में से एक है लहरिया साड़ी का आकर्षण. खूबसूरत गोटापट्टी के काम से उकेरी गई एक क्लासी जयपुरी लहरिया साड़ी के आकर्षण से कोई नहीं जीत सकता.

5 पतले बौर्डर वाली साड़ी

मोटे और भारी बौर्डर से ऊब चुकी हैं तो अपनी अलमारी में से पतले बौर्डर वाली साड़ी का चयन करें. इस डिजाइन की साडि़यों का फैशन कभी आउट नहीं होता. इस के अलावा ज्यादातर सैलिब्रिटीज और मौडल्स भी पतले बौर्डर वाली साडि़यों को कैरी करना पसंद करती हैं. आप इन में जरी वर्क, मिरर वर्क, कढ़ाई जैसे पैटर्न चुन सकती हैं जिन का फैशन हमेशा रहता है.

6 डबल फैब्रिक साड़ी

काफी पुराने समय से महिलाएं डबल फैब्रिक साड़ी को पहनना पसंद कर रही हैं. हालांकि आज के समय में इसे फ्यूजन टच का नाम दे दिया गया है. आज के दौर में इस फैशन को खूब पसंद किया जा रहा है. आप साटन या फिर जौर्जेट को नैट, वैल्वेट या किसी और तरह के कपड़े के साथ पेयर कर सकती हैं.

7 सिल्क साड़ी

सिल्क की साड़ी हर उम्र की महिला पर जंचती है. हालांकि पेस्टल रंग की सिल्क की साड़ी महिलाओं को सब से ज्यादा पसंद होती है. इस के अलावा सिल्क की साड़ी हर तरह के फिगर वाली महिलाएं आराम से पहन सकती हैं. सिल्क की साड़ी सदाबहार साडि़यों में से एक है और हर महिला के पास एक ऐसी साड़ी तो होनी ही चाहिए.

8 वैल्वेट साड़ी

कई सालों से इस का ट्रैंड लगातार बरकरार है. इस के फैब्रिक की चमक ही इस साड़ी को क्लासी बनाने के लिए काफी है. आप यह साड़ी शादी या किसी ऐसे ही दूसरे अवसर पर पहन कर गौर्जियस दिख सकती हैं. वाइन पर्लपल, मैरून और बाटल ग्रीन कलर की वैल्वेट की साडि़यां कभी आउट औफ सीजन नहीं होती.

9 मल्टी कलर साड़ी

मल्टी कलर साड़ी हमेशा चलन में रही है. इस तरह की साड़ी किसी भी कलर टोन स्किन की महिला के ऊपर जंचती है. मल्टी कलर साड़ी का फैशन कभी आउट नहीं होता. अगर आप ने एक बार मल्टी कलर साड़ी खरीद ली तो आप को इस में किसी तरह का कोई भी पछतावा नहीं होगा.

10 टिशू साड़ी

टिशू साड़ी को ज्यादातर कांस्य, गोल्ड और सिल्वर जैसी धातु के साथ डिजाइन किया जाता है. टिशू साडि़यों का फैब्रिक बेहद नाजुक होता है. हलके वजन वाली यह साड़ी पहनने में खूब फबती है. आप पर इनवैस्ट कर सकती हैं.

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