भारतीय प्रधानमंत्री का विदेशी दौरा

भारतीय मूल के और भारतीय ससुर के दामाम होने के बावजूद ब्रिटेन के प्रधानमंत्री रिषी सुनक भी भारतीयों के इंग्लैंड में प्रवेश पर पाबंदियां लगाने लगे हैं. इंग्लैंड के कट्टरपंथी अब रेस रिलिज्य व कलर को लेकर उसी तरह बेचैन होने लगे हैं जैसे भारतीय प्रधानमंत्री, गृहमंत्री से ले कर आप की गली के नुक्कड़ के मंदिर के पुरोहित हैं. उन्हें लगता है कि ग्रेट ब्रिटेन में जल्दी ही गोरे मूल निवासी बन रह जाएंगे. उन्हें भी गोरों की कम जन्मदर और भूरों, कालों की जन्मदर के बारे में व्हाट्सएप ज्ञान उसी तरह बांटा जा रहा है जैसा भारत में बांटा जा रहा है.

भारतीय प्रधानमंत्री इस बार में बात करने के अलावा कुछ कर भी नहीं सकते. अमेरिका की भारतीय रक्त वाली कमला हैरिस और गृह ब्रिटेन के पूरे भारतीय रक्त वाले रिषी सुनक को ले कर भारतीय जनता पार्टी ने न तो देश भर में घी के दिए जला कर न देश में ढोल में पीटे कि यह कारनामा पार्टी की उपलब्धि है क्योंकि इन दोनों विश्व नेताओं ने भारत के प्रधानमंत्री से कोई ज्यादा लाड नहीं जताया.

भारतीयों का वीसा ले कर ग्रेट ब्रिटेन में प्रवेश करने के लिए कतारों में खड़ा रहना तो चालू है ही, हजारों जोखिम भरी इंग्लिश चैनल छोटीछोटी बातों में यूरोपीय मेनलैंड से चल कर प्यार पा रहे हैं ताकि वहां जा कर कह सकें कि उन्हें अपने देश की सरकार से खतरा है. दुनिया भर में जो भारतीय गैरकानूनी ढंग से फैले हुए हैं उन में से बहुतों ने यही कहा है कि वे अपने मूल देश में भेदभाव, जुल्मों सरकारी तानाशाही के शिकार हैं और उन्हें राजनीतिक शरणार्थी के तौर पर शरण दी जाए. इस तरह वे कानून बहुत से यूरोपीय देश में हैं कि वे किसी भी शरण मांगने वाले को बिना सुनवाई के भगाएंगे नहीं. इस सुनवाई के दौरान भारतीय शरण मांगने वाले अपने घर हो रहे जुल्मों की झूठी अच्छी कहानियां अदालत को सुनाते हैं.

यह अफसोस है कि ङ्क्षहदू होते हुए भी रिषी सुनक ने अपने धर्म भाईयों की नहीं सुनी. उन्हें धर्म भाईयों और रक्त भाइयों की नहीं, अपने नए देश के नागरिकों की वोटों की ङ्क्षचता है. रिषी सुनक जैसे भारतीय मूल के लोग ग्रेट ब्रिटेन और अमेरिका में ही नहीं और बहुत से देशों में हैं जो अपने देश को एक बुरा सपना मान कर त्याग चुके हैं. वे भारतीय मूल के हो कर भी भारत सरकार की हां में हां नहीं मिलाते.

उस से अच्छे थे तो पिछले एक अमेरिकी राष्ट्रपति डोनेल्ड ट्रंप थे जो दिल्ली, मुंबई में टं्रप टौवर बनवाने के लिए अमेरिका के हाउसटन में नरेंद्र मोदी की भारतीय मूल के लोगों की सभा में खड़े हुए थे और फिर भारत भी ऐन कोविड से पहले आए थे जब अहमदाबाद में वे नरेंद्र मोदी की मौजूदगी में ‘एक बार फिर ट्रंप सरकार’ के नारे से गदगद हुए थे. रिषी सुनक और कमला हैरिस जो यहाकदा पूजापाठ करने भारत आते हैं को धर्म विद्रोही क्यों नहीं घोषित किया जाए.

रुबीना दिलैक की बहन ज्योतिका बनीं दुल्हन, देखें वेडिंग फोटोज

टीवी की पॉपुलर एक्ट्रेस रुबीना दिलैक (Rubina Dilaik) की बहन ज्योतिका दिलैक शादी के बंधन में बंध गई हैं. उन्होंने लॉन्ग टाइम बॉयफ्रेंड रजत शर्मा शिमला के होटल में शादी की. शादी में सिर्फ में परिवार के लोग, रिश्तेदार और कुछ करीबी दोस्त शामिल हुए. ज्योतिका ने शादी के बाद की पहली तस्वीर खुद शेयर कर फैंस को झलक दिखाई है.

ज्योतिका दिलैक की शादी की तस्वीरें हुईं वायरल

Rubina Dilaik’s Sister Jyotika Dilaik Rajas Sharma Wedding Photos: टीवी की मशहूर एक्ट्रेस रुबीना दिलैक की बहन ज्योतिका दिलैक शादी के बंधन में बंध चुकी हैं. उन्होंने लॉन्ग टाइम बॉयफ्रेंड रजत शर्मा संग शादी रचाई, जिसमें परिवार और खास दोस्त ही शामिल हुए. ज्योतिका दिलैक और रजत शर्मा की शादी से जुड़ी तस्वीरें सोशल मीडिया पर भी जमकर वायरल हो रही हैं. इन तस्वीरों ने लोगों का दिल जीतने में भी कोई कसर नहीं छोड़ी है. खास बात तो यह है कि शादी के जोड़े में दूल्हा-दुल्हन दोनों ही बेहद प्यारे लगे। तो चलिए एक नजर डालते हैं ज्योतिका दिलैक और रजत शर्मा की शादी की तस्वीरों पर-

 

 

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ज्योतिका ने शेयर की पहली तस्वीर

फेरों के बाद रुबीना दिलैक की बहन ज्योतिका दिलैक ने इंस्टाग्राम एकाउंट से शादी की पहली तस्वीर साझा की. इस तस्वीर में रजत अपनी दुल्हनिया में खोए नजर आए

 

 

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बेहद प्यारी लगी रजत और ज्योतिका की जोड़ी

ज्योतिका दिलैक और रजत शर्मा की जोड़ी बेहद प्यारी लगी. फोटोज में कपल एक-दूजे की आंखों में खोया नजर आया. उनकी इन तस्वीरों पर फैंस भी खूब प्यार लुटा रहे हैं.

पहाड़ी रीति-रिवाजों से हुई ज्योतिका दिलैक की शादी

बता दें कि ज्योतिका दिलैक और रजत शर्मा की शादी हिमाचली रीति-रिवाजों से हुई. दोनों ने शिमला की खूबसूरत वादियों के बीच फेरे लिये

लाल जोड़े में बेहद प्यारी लगीं ज्योतिका

ज्योतिका दिलैक ने शादी के मौके पर लाल जोड़ा पहनना बेहतर समझा. इस लाल जोड़े में ज्योतिका दिलैक का लुक भी देखने लयक रहा. वहीं उनके पति रजत शर्मा गहरे हरे रंग की शेरवानी में नजर आए.

मेहमानों संग भी कपल ने दिये पोज

ज्योतिका दिलैक और रजत शर्मा ने शादी में आए मेहमानों के साथ भी एक से बढ़कर एक पोज दिये। फोटोज में दोनों के चेहरे पर खुशी देखने लायक रही

 

 

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ज्योतिका-रजत के रिसेप्शन की फोटोज भी हुई वायरल

ज्योतिका दिलैक और रजत शर्मा का रिसेप्शन भी उसी दिन हुआ, जिससे जुड़ी फोटो सोशल मीडिया पर खूब सुर्खियां बटोर रही है. फोटो में ज्योतिका गोल्डन कलर के लहंगे में दिखीं, जिसमें उनका लुक बेहद प्यारा लगा

 

 

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पिंक सूट में बेहद प्यारी लगी थीं ज्योतिका

रुबीना दिलैक की बहन ज्योतिका दिलैक ने हल्दी पर पिंक सूट पहना था, जिसमें उनका लुक देखने लायक रहा. हल्दी पर रुबीना और उनका पूरा परिवार साथ में पोज देता दिखाई दिया

YRKKH: फिर करीब आएंगे अक्षरा-अभिमन्यु! टूटेगा आरोही -अभिनव का दिल

टीवी सीरियल ये रिश्ता क्या कहलाता है में दर्शकों के बीच काफी ज्यादा पॉपुलर है. इस सीरियल की कहानी में जमकर फैमिली ड्रामा देखने को मिलता है और इन दिनों सीरियल में बवाल मचा हुआ है. कहानी में अक्षरा और अभिमन्यु छह साल पहले अलग हो चुके हैं. अभि की शादी आरोही से हो रही है. लेकिन बीते एपिसोड में देखने को मिला था कि अभिमन्यु बार-बार अक्षरा को फोन करता है लेकिन जब वह फोन नहीं उठाती तो वह गोयनका हाउस आ जाता है. तभी उसका एक्सीडेंट हो जाता है. हालांकि, मंजरी अक्षरा को अभि की इस हालत का जिम्मेवार बताती है. वहीं, अब अपकमिंग एपिसोड में भी काफी कुछ देखने को मिलेगा.

 

अभिनव से सवाल करेगी मंजरी

ये रिश्ता क्या कहलाता है (Yeh Rishta Kya Kehlata Hai) में देखने को मिला था कि सुरेखा, अभिनव और अक्षरा के अलग-अलग बिस्तर देख लेती है. अपकमिंग एपिसोड में देखने को मिलेगा कि सुरेखा अभिनव से स्वर्णा और सोहासनी के सामने ही पूछती है कि क्या कल रात उसकी कमर में सच में दर्द था. वह कहती है कि आप और अक्षरा काफी स्वीट है और दोनों का रिश्ता भी प्यार है. लेकिन पति-पत्नी ऐसे नहीं होते हैं.

 

 

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अभिनव के मन में आएंगे ढेरों सवाल

सीरियल में आगे देखने को मिलेगा कि सुरेखा की बातें सुनकर अभिनव शांत हो जाता है और फिर अपने कमरे में चला जाता है. यहां पर वह बार-बार अक्षरा और अभिमन्यु के बारे में सोचता है। इतना ही नहीं, वह बाहर बैठी हुई अक्षु के पास भी जाता है, जहां वह उसे देखकर कर सोचता है कि आपने मेरी तरफ एक कदम बढ़ाया था और मैंने मन ही मन चार कदम बढ़ा लिए थे. लेकिन अब आप जैसे अभिमन्यु की तरफ भागी है, उससे मैं कंफ्यूज हो गया हूं.

एकांत कमजोर पल- भाग 2

घर आ कर मां से सारी बात बताई और फफक कर रो पड़ी, ‘‘साहिल ने मुझे धोखा दिया. अब मैं उस के साथ नहीं रह सकती.’’

बड़ी बेगम का दिल रो पड़ा. वर्षों पहले जिस आग में उन का घर जला था आज उन की बेटी के घर पर उस की आंच आ गई.

निकाह में शर्तें रखने से भी क्या हुआ? सब मर्द एकजैसे होते हैं, जब जिसे मौका मिल जाए कोई नहीं चूकता.

बड़ी बेगम ने बेटी को संभाला, ‘‘बेटी मैं तुम्हारा दुख समझ सकती हूं. तुम सो जाओ.’’ और उस का सिर अपनी गोद में रख कर सहलाने लगीं.

दूसरे दिन जब सनोबर औफिस गई और बच्ची स्कूल तो साहिल आया. जानता था बड़ी बेगम अकेली होगी. नौकरानी ने बैठाया. बड़ी बेगम को सलाम कर के बैठ गया. धीरे से बोला, ‘‘खालाजान, मुझ से बड़ी गलती हो गई. मैं एक कमजोर पल में बहक गया था. मुझ से गलती हो गई. मैं कसम खाता हूं अब कभी ऐसा नहीं होगा. मुझे माफ कर दीजिए, सनोबर से माफ करवा दीजिए,’’ इतना सब वह एक सांस में ही कह गया था.

बड़ी बेगम चुप रहीं. उन को बहुत दुख था और गुस्सा भी. साहिल की बातों और आंखों में शर्मिंदगी और पछतावा था. वे धीरे से बोलीं, ‘‘मैं कुछ नहीं कर सकती, जैसा सनोबर चाहे.’’

‘‘खालाजान मेरा घर टूट जाएगा, मेरी बेटी मेरे बारे में क्या सोचेगी? मैं सनोबर के बिना जी नहीं सकता.’’

बड़ी बेगम कुछ न कह सकीं.

शाम को जब सनोबर औफिस से आई तो बड़ी बेगम ने बताया कि साहिल आया था और माफी मांग रहा था.

सनोबर ने गुस्सा किया, ‘‘आप ने उसे आने क्यों दिया? हमारा कोई रिश्ता नहीं उस से. मैं तलाक लूंगी.’’

बड़ी बेगम को याद आया जब वकील साहब दूसरी बीवी ले आए थे तो वे भी मायके जाना चाहती थीं पर उन का न तो कोई सहारा था न वे अपने पैरों पर खड़ी थीं. आज सनोबर अपने पैरों पर खडी है. अपने फैसले खुद ले सकती है. फिर सोचने कि लगीं तलाक से इस मासूम बच्ची का क्या होगा? मां या बाप किसी एक से कट जाएगी. अगर दोनों ने दूसरी शादी कर ली तो इस का क्या होगा? वे अंदर ही अंदर डर गईर्ं. अपने बेटे को सनोबर और साहिल के बारे में बताया तो वह दूसरे दिन ही आ गया. दोनों बहनभाई की एक ही राय थी कि तलाक ले लिया जाए. साहिल रोज फोन करता, मैसेज भेजता पर सनोबर जवाब न देती.

साहिल बड़ी बेगम से मिन्नतें करता, ‘‘खालाजान, आप सब ठीक कर सकती हैं. एक बार मुझे माफ कर दीजिए और सनोबर से भी माफ करवा दीजिए. मैं अपनी गलती के लिए बहुत शर्मिंदा हूं.’’

एक दिन सनोबर औफिस से अपने फ्लैट पर कुछ सामान लेने गई तो उस ने देखा घर बिखरा है. किचन में भी कुछ बाहर का खाना पड़ा है. वह समझ गई बाई नहीं आ रही है. घर में हर तरफ लिखा था, ‘आई एम सौरी, वापस आ जाओ सनोबर.’ सनोबर को लगा साहिल 40 साल का नहीं, कोई नवयुवक हो और उसे मना रहा हो.

धीरेधीरे कई कोशिशों के बाद साहिल ने बड़ी बेगम को विश्वास दिला दिया कि यह एक कमजोर पल की भूल थी. उस ने पहले कभी कोई बेवफाई नहीं की. बड़ी बेगम ने सोचा यह तो सच है कि साहिल से भूल हो गई, अपनी गलती पर उसे शर्मिंदगी भी है, माफी भी मांग रहा है. प्रश्न बच्ची का भी है. वह दोनों में से किसी एक से छिन जाएगी. तो क्या इसे एक अवसर देना चाहिए?

बड़ी बेगम ने साहिल को बताया कि सनोबर तलाक लेने की तैयारी कर रही है. यह सुनते ही साहिल दौड़ादौड़ा आया, ‘‘खालाजान, अगर सनोबर ने तलाक की अर्जी डाली तो मैं मर जाऊंगा, मुझे एक मौका दीजिए और बच्चों की तरह रोने लगा.’’

बड़ी बेगम को दया आने लगी बोलीं, ‘‘तुम रो मत मैं आज बात करूंगी.’’

सनोबर बोली, ‘‘औफकोर्स अम्मी.’’

मेरे पिताजी की एक किडनी 70% काम कर रही है, क्या इस के लिए डायलिसिस और किडनी ट्रांसप्लांट ही एकमात्र उपचार है?

सवाल

मेरे पिताजी की उम्र 62 वर्ष है. उन की एक किडनी 70% काम कर रही है. दूसरी लगभग 20%. मैं यह जानना चाहती हूं कि क्या इस के लिए डायलिसिस और किडनी ट्रांसप्लांट ही एकमात्र उपचार है?

जवाब

डायलिसिस और किडनी ट्रांसप्लांट की आवश्यकता तब होती है जब किडनी फेल्योर हो चुका हो. किडनी फेल्योर शब्दावली तब इस्तेमाल की जाती है जब दोनों किडनियां काम करना बंद कर देती हैं. अगर एक किडनी ठीक प्रकार से काम कर रही है तो सामान्य जीवन जीया जा सकता है. जिन्हें किडनी से संबंधित बीमारियां हैंवे ऐक्सरसाइजडाइट और दवाइयों से इसे नियंत्रित कर किडनी फेल्योर के खतरे को कम कर सकते हैं और सामान्य जीवन जी सकते हैं. इसलिए बहुत जरूरी है कि आप के पिताजी की एक किडनी जो ठीक प्रकार से काम कर रही है उसे स्वस्थ रखने के लिए सभी जरूरी उपाय किए जाएं ताकि उन्हें डायलिसिस और किडनी ट्रांसप्लांट जैसी स्थितियों का सामना न करना पड़े.

मुझे माफ कर दो- भाग 1

‘नीरा मेरी छुट्टी मंजूर हो गई है. हम लोग अपनी ऐनिवर्सरी अमृतसर में मनाएंगे. कब से स्वर्ण मंदिर देखने की इच्छा थी, वह अब जा कर तुम्हारे साथ पूरी होगी. तुम अपनी पैकिंग शुरू कर दो. मैं ने होटल में बुकिंग करवा ली है. वहां दोनों ‘जलियांवाला बाग’ देखेंगे और वाघा बौर्डर की परेड. सुना है बहुत अच्छी होती है,’’ पति सजल ने पत्नी नीरा को अपनी बांहों के घेरे में समेट कर उस पर चुंबनों की बौछार कर दी.

दोनों पतिपत्नी बांहों में बांहें डाल कर

2 दिनों तक प्यार से अपनी ऐनिवर्सरी को ऐजौय करते रहे.

सजल ने नीरा को अमृतसर के बाजार से खूब सारी शौपिंग भी करवाई. स्वर्ण मंदिर की खूबसूरती और वाघा बौर्डर की परेड ने दोनों

की इस यात्रा को यादगार बना दिया. आज शाम को राजधानी से लोगों को दिल्ली के लिए निकलना था.

‘‘नीरा डियर, तुम सब पैकिंग कर लेना,’’ कहते हुए सजल अपनी औफिस की कौल में बिजी हो गए.

‘‘सब पैकिंग हो गई?’’

‘‘यस डियर.’’

‘‘चलो, नीचे लंच कर के निकलेंगे. टैक्सी आती ही होगी.’’

सजल मैनेजर के पास बिल पेमैंट कर रहे थे. नीरा टैक्सी को देखते ही जल्दबाजी से उस में जा कर बैठ गई.

जब सजल को आने में देर हुई तो वह बाहर आई और बोली, ‘‘कितनी देर लगाएंगे आप लोग. मेरा सारा समय बेकार हो रहा है.’’

‘‘मैनेजर 5 मिनट रुकने को बोल रहे हैं. रूम चैक कर रहे हैं. कोई सामान तो नहीं छूटा है? मेरा चार्जर रख लिया था?’’

‘‘हां… हां. मैं ने सबकुछ रख लिया है.

कुछ भी नहीं छूटा है, बस अब यहां से जल्दी चलिए.’’

‘‘इतनी परेशान और बेचैन क्यों हो रही हो? वे लोग रूम चैक कर के आ ही रहे होंगे.’’

एक वैरा मैनेजर को धीरेधीरे कुछ बता रहा था, फिर उस ने एक कागज मैनेजर के हाथों में पकड़ाया. सजल कुछ सम?ा नहीं पा रहे थे कि आखिर मामला क्या है.

मैनेजर ने जल्दीजल्दी बिल बना कर तैयार किया और उन के हाथ में देते हुए कहा, ‘‘सर, यह ऐक्स्ट्रा पेमैंट आप को देनी होगी.’’

सजल ने बिल को गौर से पढ़ना शुरू किया.

‘‘तौलिया, आइरन, हेयर ड्रायर, बाथगाउन, हैंड टौवेल, सर, आप के रूम में ये चीजें मिसिंग हैं. चाहे तो आप ये चीजें लौटा दें या फिर इन की पेमैंट कर दें.’’

नीरा नाराज हो कर बोली, ‘‘हमें आप ने चोर सम?ा है क्या जो आप की चीजें हम ने

चुरा ली?’’

‘‘मु?ो आप के बैग की तलाशी लेनी होगी.’’

सजल पत्नी की इस आदत से अनजान थे. उन्होंने धीरे से कहा, ‘‘कोई बात नहीं, यदि सामान तुम ने रख भी लिया है तो निकाल कर दे दो बात खत्म हो जाएगी.’’

‘‘मैं सच कह रही हूं मैं ने कोई सामान

नहीं लिया है… ये वैरों ने ही इधरउधर किया

होगा और हम लोगों पर इलजाम लगा रहे हैं,’’ और वह जोरजोर से नाटक कर के आंसू बहाने लगी.

सजल पत्नी की ड्रामेबाजी देख कर नाराज हो कर बोले, ‘‘क्या शोर मचा रखा है… चाबी कहां है निकाल कर दो. इन लोगों को बैग खोल कर देखने दो.’’

नीरा बैग पकड़ कर खड़ी हो गई, ‘‘मेरा बैग कोई नहीं खोलेगा.’’

नीरा मन ही मन भगवान का जाप करने लगी कि हे भगवान सत्यनारायण भगवान की कथा करवाऊंगी, 16 सोमवार का व्रत करूंगी. हे भगवान तुम तो सर्वशक्तिमान हो, बैग से सारा सामान गायब कर दो.’’

पत्नी की बेवकूफी भरा व्यवहार सजल की सम?ा से बाहर हो रहा था. उन्होंने पत्नी के हाथ से पर्स ?ापट कर खींच लिया और उस में से चाबी निकाल कर बैग खोल दिया.

नीरा तेजी से बैग पकड़ कर बोली, ‘‘ठहरो,’’ मेरे बैग को कोई हाथ नहीं लगाएगा,

मैं दिखा रही हूं,’’ और वह अपने सामान से होटल के सामान को छिपाती हुई होशियारी से सामान दिखाने लगी. मगर होटल के मैनेजर की अनुभवी निगाहों से कुछ भी नहीं छिपा सका क्योंकि उन्हें तो ऐसे कस्टमर से जबतब निबटना पड़ता था.

पोल खुलती देख नीरा मुंह छिपा कर

टैक्सी में जा कर बैठ गई, परंतु सजल के लिए बेइज्जती सहन करना मुश्किल हो रहा था. उन

का चेहरा अपमान की कालिमा से बेरौनक हो गया था.

नीरा अपनी आंखें मूंद कर पति से बचने का प्रयास कर रही थी. सजल का चेहरा क्रोध से लाल हो रहा था. ड्राइवर की उपस्थिति के कारण वे बिलकुल मौन थे.

नीरा पुन: मन ही मन सारे देवीदेवताओं को मना रही थी कि हे हनुमानजी, मेरी इज्जत बचा लो, मैं तुम्हें क्व501 का प्रसाद चढ़ाऊंगी.

जब सजल अपने क्रोध को संयत कर चुके तो पत्नी से बोले, ‘‘तुम ?ाठ पर ?ाठ क्यों बोलती जा रही थी. तुम्हें आज वादा करना होगा कि इस तरह कभी किसी की चीज नहीं उठाओगी.’’

नीरा ने धीरे से अपना सिर हिला दिया. वह अपने बचपन में खो गई थी…

नीरा को अपनी सहेली विभा की पैंसिल उन्हें बहुत आकर्षित करती थी. बस मौका देख कर एक दिन पैंसिल चुरा ली. जब मां ने उस के पैंसिल बौक्स में नई पैंसिल देखी तो उस का कान पकड़ कर भगवान के सामने माफी मांगने को कहा.

नीरा को तो यह बड़ा सरल सा उपाय लगा. बस वह इस तरह से अकसर स्कूल से कुछ न कुछ उठा लाती और भगवान के सामने कान पकड़ कर माफी मांग लेती. अपराध क्षमा हो गया.

मां ने एक  बार माला जपने को भी कहा तो वह माला के दानों को ?ाटपट अपनी उंगलियों से सरकाती, बस सब माफ.

धीरेधीरे दूसरों का सामान चुराना नीरा की आदत बन गई. वह जहां भी जाती मौका देख

कर चुपचाप सामान उठा कर अपने बैग के

हवाले कर लेती. अपने चेहरे के भोलेपन और होशियारी के चलते, कोई उस पर शक भी नहीं करता. मगर एक बार जब वह कक्षा 8 में थी, रश्मि के हाथ में 100-100 के करारे नोटों को देख कर उस की आंखें चमक उठीं. वह स्कूल ट्रिप में जाने के लिए रुपए जमा कराने के लिए लाई थी.

अब नीरा इस जुगत में लग गई कि वह उस के बैग से रुपए कैसे पार करे. रश्मि ने रुपए चोरी से बचाने के लिए पौकेट में रख लिए थे. अब तो उस के लिए रुपए गायब करना बाएं हाथ का खेल था. उस ने उस की जेब से ?ांकते रुपए चुरा लिए और अपनी किताब के कवर के अंदर रख कर निश्चिंत हो गई.

दिल्लगी: क्या था कमल-कल्पना का रिश्ता- भाग 2

खाने के बाद राजीव और कमल बाहर बालकनी में रखी कुरसियों पर आ बैठे. बीना को कमल के रहने का प्रबंध गैस्टरूम कक्ष में करने का आदेश देने के बाद कल्पना भी बाहर आ गई. तीनों ने वहीं कौफी पी. काफी रात तक ड्राइंगरूम में मजलिस जमी रही. राजीव कल्पना को बराबर छेड़ रहा था. मौका मिलने पर कमल भी पीछे नहीं रहा. कल्पना सम?ा नहीं पा रही थी कि क्यों दोनों ही उसे तंग करने पर आमादा हैं.

औपचारिकता व सभ्यता के एहसास ने उसे उन के समीप ही बैठे रहने पर विवश कर दिया. कमल को छोड़ने के बाद राजीव के साथ सीढि़यां उतरते हुए कल्पना ने मन पर छाया बो?ा कुछ समय के लिए हलका महसूस किया. लेकिन थोड़ी देर बाद ही उस के विचार उसे फिर कुरेदने लगे.

 

जिस कमरे में वह लेटी पड़ी है उसी के ऊपर वाले कमरे में एक ऐसा आदमी

मौजूद है, जो कभी भी उस के सुखी, शांत व हंसतेमुसकराते दांपत्य जीवन को तहसनहस कर सकता है. इस एहसास तले दबी कल्पना राजीव के समीप ही डबलबैड पर लेटी सोने की असफल चेष्टा करते हुए कसमसाती रही.

दरअसल, राजीव से शादी से पहले कल्पना कमल के पीछे शादी के लिए सोचने लगी थी. दोनों वैसे तो पड़ोसी होने के नाते बहुत मिलते थे पर कभी प्यार जैसी बात नहीं हुई. कमल ने कभी उस का हाथ तक नहीं पकड़ा. हां जब चाहे वह उसे धौल जमा देता, उस की चोटी पकड़ लेता पर सब में दोस्तानापन होता था, प्यार की भावना नहीं.

व्हाट्सऐप पर उस के ‘आई लव यू’ मैसेज का वह गोलमोज जवाब ‘यू आर ग्रेट,’ ‘यू आर ए ब्यूटी,’ ‘यू आर माई बैस्ट फ्रैंड’ कर के देता था.

कल्पना की सहेलियां अकसर कहतीं कि उसे पटा ले वरना वह उड़ जाएगा या कोई उसे उड़ा ले जाएगा. कल्पना को भी लगता कि उस जैसे हैंडसम लड़के को कौन छोड़ेगा. इसलिए एक दिन उस ने एक एडवैंचरस कार्य करने का प्लान बनाया.

कमल का घर पास था. उस के मातापिता कब घर में रहते हैं कब नहीं, उसे मालूम रहता था. एक दिन जब पेरैंट्स बाहर गए हुए थे और वह अकेला था, दिन में कल्पना ने साइड के एक डोर को खोल दिया. रात को जब सब सो गए तो वह उठी. उस ने बेहद सैक्सी अंडरगारमैंट पहने और ऊपर से शाल ओड़ ली. रात के 12 बजे वह अपने घर से निकल कर चुपके से उस के घर के पिछले दरवाजे से उस के घर में घुस गई.

कमल के बैड पर पहुंच कर उस ने शाल उतार फेंकी. कमल ढीलेढाले पाजामे में बिना बनियान के लेटा हुआ था. उस ने उसे लपक कर बांहों में ले लिया. इस से पहले कि कमल सम?ा पाता कि क्या हो रहा है, उस ने कमल के मोबाइल से 4-5 शौट ले लिए और एक वीडियो भी चालू कर दिया. वह कमल को अपना प्यार जताना चाहती थी, सबकुछ दे देना चाहती थी.

कमल ने संभलने के बाद बैड लाइट लैंप जलाया और कल्पना को इस हालत में देख कर चीखा. ‘‘होश में आओ, कल्पना… यह क्या कर रही हो?’’

‘‘होश में तुम नहीं हो जानू. मैं कब से ऐसे मौके की तलाश में हूं और तुम भाव ही नहीं देते. मेरे पास अब यही रास्ता बचा है कमल,’’ कल्पना ने आधी मदहोशी में कहा.

 

कमल ने उसे एक चांटा मारा और धक्का देता हुआ बोला, ‘‘यह तुम्हारा

पागलपन है, कल्पना. हम अच्छे दोस्त हो सकते हैं पर प्रेमी नहीं. मैं और तुम शादी नहीं कर सकते क्योंकि तुम्हारे मातापिता मु?ा जैसे ओबीसी के साथ कभी शादी नहीं होने देंगे. मै अपनी दोस्ती पर तुम्हारे इस पागलपन की छाया भी नहीं पड़ने दूंगा. तुम मेरी सब से अच्छी दोस्त हो और रहोगी पर अब घर जाओ. मु?ो सम?ाने की कोशिश करो, कल्पना हम बचपन के साथी हैं. जिंदगी भर साथ रहेंगे.’’

इसी तरह राजीव न जाने क्या सोच कर पड़ापड़ा मुसकरा दिया. कल्पना में अचानक आया परिवर्तन उस से छिपा नहीं था. वह अनुभव कर रहा था कि जब से कमल आया है, कल्पना कुछ दबीदबी, उमड़ीउखड़ी और भयभीत सी नजर आ रही है मानो उसे कमल का आना अच्छा न लगा हो या उस की तरफ से उसे किसी विशेष खतरे की संभावना हो.

सहसा उस ने चौंकने का उपक्रम करते हुए कल्पना से पूछा, ‘‘अरे, तुम अभी तक सोई नहीं.’’

‘‘न जाने क्यों नींद नहीं आ रही,’’ कल्पना ने उस की तरफ करवट लेते हुए कहा, ‘‘लाइट बुझा दो.’’

राजीव ने हाथ बढ़ा कर लाइट का स्विच औफ कर दिया और नाइट बल्व जला दिया. कुछ देर चुप रहने के बाद वह फिर बाला, ‘‘कल्पना, मैं देख रहा हूं, जब से  कमल गया है, तुम कुछ उदास, गुमसुम और डरी सी लग रही हो. तुम्हारी चंचलता न जाने कहां गायब हो गई. क्या तुम्हें उस का आना अच्छा नहीं लगा?’’

‘‘नहीं तो, ऐसा आप से किस ने कहा,’’ कल्पना संभलतेसंभलते भी चौक गई.

‘‘कमल को देखते ही तुम्हारे चेहरे की रंगत उड़ जाना, आंखों में विस्मय की परछाइयां ?िलमिलाना और पलकों का स्थिर हो जाना क्या ये सब लक्षण इस बात के संकेत नहीं हैं?’’ राजीव ने उसे कुरेदा.

‘‘यह प्रतिक्रिया तो किसी भी पुराने परिचित था मित्र को सहसा सामने देख कर होनी संभव है.’’

‘‘खैर, छोड़ो, वैसे एक बात कहूं?’’ राजीव ने लापरवाही से कहा. दरअसल, कल्पना को इस प्रकार बात गोल करते देख उस की चंचलता फिर लौट आई थी.

‘‘कहिए.’’ कल्पना ने कहा.

‘‘कमल मु?ा से कहीं अधिक खूबसूरत है और तुम्हारा बचपन और कालेज जीवन भी उस के साथ बीता है.’’

कल्पना उस का आशय नहीं सम?ा पाई. इसलिए चुप ही रही.

‘‘तुम्हारी जोड़ी मेरी अपेक्षा कमल के साथ खूब जमती.’’

कल्पना स्तब्ध रह गई. आश्चर्य और भय के कारण बुरी तरह धड़कते दिल के साथ आंखें फाड़े वह राजीव को देखती रह गई. चूंकि नाइट बल्व राजीव के पीछे था इसलिए अंधेरे में डूबे उस के चेहरे के भाव न पढ़ सकने की स्थिति में कोई सही अनुमान नहीं लगा पाई. उस ने सोचा, वह इसे पति की चंचलता सम?ो या स्पष्टवादिता या अपने और कमल के पिछले जीवन के संबंधों पर व्यंग्य. एक बार फिर वह भय, आशंका और अपराधबोध की विचित्र स्थिति में फंस गई. यदि राजीव उस के और कमल के पूर्व संबंधों को जान गया है तो आगे की मात्र कल्पना से ही वह सिहर उठी, उस का संपूर्ण शरीर सूखे पत्ते की भांति कांप गया.

‘‘नाराज हो गई हो क्या?’’ राजीव ने हंस कर पूछा. फिर कल्पना के चेहरे पर पड़ते नाइट बल्ब के मध्यम उजाले में उस की आंखों में ?ांकने का प्रयत्न करने लगा.

‘‘नहीं तो,’’ कल्पना ने बलपूर्वक हंसते हुए अपनी नजरें चुरा लीं.

‘‘अच्छा, अब सो जाओ. रात काफी बीत गई है,’’ कह कर सचमुच राजीव ने पलकें मूंद लीं.

होली की मिठास वेकफील्ड के साथ: यूं बनाएं फालूदा गुलाब-जामुन और कस्टर्ड कप

गुलाबजामुन एक ऐसी मिठाई है जिसे हर कोई बड़े स्वाद से खाता है, इसे मिठाइयों का राजा भी कहा जाता है. छोटे बड़े सभी कार्यक्रमों में इनकी उपस्थिति होती ही है. इसे बनाने के लिए आमतौर पर मावा अर्थात खोया का प्रयोग किया जाता है, बाजार में गुलाबजामुन का खोया अलग से मिलता है जो सामान्य खोए से अधिक चिकनाई वाला होता है. इसके अतिरिक्त आजकल इंस्टेंट गुलाबजामुन मिक्स भी बाजार में उपलब्ध है जिससे कुछ ही मिनटों में बिना मावा के भी स्वादिष्ट गुलाबजामुन बनाये जा सकते हैं. तो इसीलिए आज हम घर पर कम समय में गुलाब जामुन कैसे बनाएं इसकी रेसिपी बताएंगे.

1- फालूदा गुलाब-जामुन

सामग्री

– 2-3 रेडीमेड गुलाब-जामुन

– 1/2 पैकेट वेकफील्ड गुलाब फालूदा मिक्स

– 1/2 लीटर दूध

– चुटकी भर इलाइची पाउडर

-पिस्ता या बादाम और वनीला आइसक्रीम सजाने के लिए.

विधि

गुलाबजामुन को टुकड़ों में काट लें. अब 1 लिटर दूध में 1 गिलास पानी मिलाकर उबाल लें. इसमें फालूदा मिक्स मिला कर चलाते हुए तब तक पकाएं जब तक मिश्रण क्रीमी न हो जाए. उसके बाद दूध में इलाइची पाउडर और गुलाब-जामुन के कुछ टुकड़े डाल कर 2 मिनट और उबालें. तैयार मिश्रण को फ्रिज में ठंडा कर लें. सर्विंग के लिए एक लंबे गिलास में फालूदा डालेंऊपर से कुछ वैनिला आइसक्रीम और बाकी गुलाब-जामुन के टुकड़े डालें. डाईफू्रट स्प्रिंकल कर सर्व करें.

2- कस्टर्ड कप

सामग्री

– 4 ब्रेड स्लाइस

– 1/2 कप आम बारीक कटा

– 3 बड़े चम्मच वेकफील्ड मैंगो कस्टर्ड पाउडर

– वेकफील्ड व्हिपिंग क्रीम सजाने के लिए

– 2 बड़े चम्मच चीनी

– 2 कप दूध

– 1 बड़ा चम्मच क्रीम

– पुदीने की पत्तियां सजाने के लिए

– बटर ग्रीसिंग के लिए.

विधि

ब्रेड स्लाइस को गोल आकार में काट लें. इन सर्कल्स को कप की शेप देने के लिए कप केक मोल्ड्स में डाल कर दबाएं. इन कपों को पहले से गरम ओवन में हलका सुनहरा होने तक बेक करें. दूध में चीनी मिला कर उबाल लें. 2 टेबलस्पून कस्टर्ड पाउडर को 3/4 कप दूध में मिला कर पेस्ट तैयार करें. अब 4 टेबलस्पून चीनी को बचे हुए दूध में मिला कर उबालें. तैयार पेस्ट को उबलते हुए दूध में धीरे-धीरे डाल कर मिलाएं. चलाते हुए 2 मिनट तक पका लें. तैयार मिश्रण को ठंडा होने के लिए रख दें. ठंडे कस्टर्ड में क्रीम डालें और कस्टर्ड को क्रीमी होने तक फेंटें. तैयार मिश्रण को पाइपिंग बैग में भरें और ब्रेड स्लाइस से तैयार कप में डाल दें. ताजे आम के टुकड़े और व्हिपिंग क्रीम से सजाएं. ऊपर से पुदीने की पत्ती रख कर गार्निश करें.

25 स्मार्ट किचन हैक्स

आजकल अधिकतर घरों में महिलाएं भी जौब या फिर अपना कोई व्यवसाय करती हैं, इसलिए उन के पास हमेशा समय का अभाव बना रहता है. उन्हें कम समय में घर की सारी चीजों को व्यवस्थित एवं साफसफाई का काम भी करना पड़ता है इस के साथसाथ कामकाजी महिलाओं के साथ एक समस्या यह होती है कि उन्हें अपना काफी सारा समय किचन में भी देना पड़ता है. उन का अधिकतर समय घर के अलगअलग सदस्यों की फरमाइशें पूरी करने एवं कई तरह की फूड आइटम्स बनाने में ही निकल जाता है, जिस के कारण उन्हें थकान होने लगती है.

यदि आप के साथ भी कुछ ऐसा ही हो रहा है तो आप को जरूरत है किचन में कुछ स्मार्ट टिप्स अपनाने की ताकि आप कम समय में ज्यादा और अच्छा काम कर सकें और बचे समय का उपयोग अपनी पसंद का कोई काम कर सकें या थोड़ा आराम कर सकें.

इस के लिए कुछ किचन हैक्स का उपयोग करना होगा जो किचन में आपके समय को काफी हद तक बचाएंगे.

-अपने गैस बर्नर को समयसमय पर साफ करती रहें. गंदे बर्नर से गैस निकलने में दिक्कत होती है या कम निकलती है और कई बार खाना पकने में ज्यादा वक्त लगता है.

– खाना बनाने या गरम करने के लिए चौड़े बरतन का इस्तेमाल करें क्योंकि चौड़े बरतन में तेल या खाना जल्दी गरम होता है.

आप कामकाजी हैं तो आप को सुबह औफिस जाने की जल्दी होती है तो आप के लिए ये हैक्स काफी मददगार साबित हो सकते हैं:

– आप ऐसी सब्जी का चयन करें जो आसानी से बन जाए. यदि भाजी आदि हो तो उसे रात को ही साफ एवं काट कर टाइट कंटेनर में रख दें ताकि सुबह किसी भी तरह की हड़बड़ाहट न हो. यदि ऐसी कोई सब्जी हो जिस में ग्रेवी जरूरी हो तो टमाटर पहले से ही पीस कर रख ले. अदरक, लहसुन का पेस्ट भी बना कर रख सकती हैं. इसे फ्रिज में 2-3 दिन तक रख सकती हैं.

– यदि सुबह आलू के पराठे बनाने हों तो रात को ही आलू उबाल व मैश कर एवं आटा गूंध कर रख ले ताकि सुबह फटाफट उस में मसाला मिला कर परांठे बना सकें.

– ऐसी कोई सब्जी हो जैसे राजमा, छोले या दाल मखनी आदि बनानी हो तो इसे 8-9 घंटे पहले भिगो दें ताकि इन के उबलने एवं पकने के समय को काफी कम कर सकें.

– लहसुन छीलने में काफी समय लगता है. अत: इस की कलियों को थोड़ी देर के लिए गरम पानी में डाल दें. थोड़ी देर बाद जब आप लहसुन छीलेंगी तो ये आसानी से छिल जाएंगी.

– यदि आप को सुबह पालकपनीर बनाना है तो पालक को रात के समय ही उबाल एवं पीस कर रख लें.

– यदि आप के घर में कौफी के शौकीन हैं तो आप चाहें तो इसे फेंट कर रख सकती हैं. इस से कम समय में टेस्टी और ?ाग वाली कौफी बनेगी. इस के लिए आप को 2-3 चम्मच कौफी में 4-5 चम्मच शक्कर और थोड़ा सा दूध मिल कर फेंटना होगा जब तक कि यह अच्छी तरह मिक्स और फूल न जाए. बस अब जब भी आप को कौफी बनानी हो दूध गरम करें और इस मिक्स कौफी को मिला लें. ?ाटपट ?ाग वाली कौफी तैयार हो जाएगी.

– तुरंत जूस या शरबत बनाने के लिए कई बार शक्कर को घोलने में काफी समय लग जाता है और ठंडे पानी में तो यह और भी मुश्किल होता है. इस के लिए आप शक्कर की चाशनी या शक्कर का घोल पहले से ही बना कर फ्रिज में रखे लें. यह काफी दिनों (15-20)तक खराब नहीं होता. बस अब जब भी जूस, शरबत, लस्सी कुछ भी बनाए तुरंत तैयार हो जाएगा.

खाने को टेस्टी बनाने के स्मार्ट टिप्स

यह जरूरी नहीं कि हर बार खाना अच्छा ही बने, खाना अच्छा बने या बुरा बनाने के लिए समय तो देना ही पड़ता है और यदि आप को खाना बनाने का ज्यादा अनुभव नहीं है तो ये टिप्स आप के लिए ही हैं:

– आमलेट काफी हैल्थी माना जाता है. इसे हैल्थी के साथसाथ टेस्टी बनाने के लिए इस को बनाने के लिए बटर का उपयोग करे एवं अंडों को फेंटते वक्त उन में 2 चम्मच दूध मिला लें. इस से आमलेट सौफ्ट और फ्लफी बनेगा.

– चावल को टेस्टी बनाने के लिए बनाते समय उन में थोड़ा सा नमक एवं घी डालें तो इन का स्वाद दोगुना बढ़ जाएगा.

– यदि आप कही ट्रेन से सफर कर रही हैं और आप की यात्रा थोड़ी लंबी यानी 1-2 दिनों की है और आप पूरी या परांठे ले जाने का मन बना रही हैं तो आटा गूंधते समय इस में पानी की जगह दूध का उपयोग करें. इस से पूरी या परांठे खराब नहीं होंगे और इन की रंगत भी सुनहरी हो जाएगी व स्वाद भी दोगुना होगा एवं ये मुलायम भी बने रहेंगे.

– खीरा या लौकी को कद्दूकस करने के बाद हमें इस पानी को फेंक देते हैं, लेकिन इस बार जो पानी निकले उस से आटा गूंध कर देखें. इस से परांठे न सिर्फ मुलायम बल्कि टेस्टी होने के साथसाथ हैल्दी भी बनेंगे.

– धनिया के डंठल फेंकें नहीं. इन्हें बारीक काट लें या पीस कर सब्जी अथवा दाल में डालें. स्वाद बढ़ जाएगा.

– ग्रेवी वाली सब्जी में प्याज और टमाटर को आप उबाल कर एवं पीस कर डाले तो यह ग्रेवी गाड़ी एवं चिकनी तथा स्वादिष्ठ बनेगी.

– कोफ्ते बनाते समय उस में बेसन थोड़ा सेंक कर मिलाएं.

इस से कोफ्ते मुलायम बनेंगे.

– बने बाजार में छोले काले होते हैं. यदि आप भी ऐसे ही बनाना चाहती हैं तो अनार के छिलकों को सुखा लें एवं छोले उबलते समय एक टुकड़ा डाल दें.

– प्याज भूनते समय इस में थोड़ी शक्कर मिला दें तो इस का कलर भी अच्छा आता है और स्वाद भी.

– दही को जल्दी और गाढ़ा जमाने के लिए दूध थोड़ गरम कर कैसरोल में जमाएं.

– खीर बनाते समय इस में थोड़ा नमक डाले स्वाद बढ़ जाएगा और केसर को सीधे खीर में डालने की जगह इसे ठंडे दूध में डाल कर छोड़ दें. कलर जल्दी आएगा और कम भी लगेगा, फिर इसे धीरेधीरे मिलाए.

– इसी तरह जायफल एवं इलाइची को भी ठंडे दूध में डाल कर छोड़ दें एवं खीर के थोड़ा ठंडा होने पर मिलाएं खीर का स्वाद बढ़ जाएगा और फ्लेवर भी ज्यादा बढ़ कर आएगा.

– मीठे भजिए बनाते समय यदि आप आटे में पानी की जगह दूध का उपयोग करेंगी तो ये और भी स्वादिष्ठ बनेंगे.

खास टिप्स

– कुछ महिलाएं रायता बनाते समय सारी सामग्रियों के साथ ही नमक भी मिला देती हैं. ऐसा करने से रायता खट्टा हो जाता है, इसलिए रायते में पहले से नमक मिलाने से बचें और सर्व करते समय ही इस में नमक डालें.

– अकसर कई महिलाएं सब्जी को स्वादिष्ठ बनाने के लिए उस में दही डाल देती हैं, मगर ध्यान रहे अगर आप सब्जी में दही मिला रही हैं तो सब्जी में उबाल आने के बाद ही नमक डालें. उबाल आने के पहले नमक डालने से दही फट जाता है.

– नमक और मीठे से बनी चीजों को हमेशा अलगअलग रखें. खानेपीने की चीजों को हमेशा साफसुथरे बरतन में ढक कर रखें.

शहद में छिपा है हैल्थ का राज

बदलते मौसम में सेहत का खास ध्यान रखने की भी जरूरत होती है क्योंकि बदलता मौसम न सिर्फ आपको सर्दीजुखाम व बुखार की चपेट में जकड़ सकता है बल्कि कई बार इसकी वजह से जान पर भी जोखिम बन जाता है. ऐसे में जरूरी है कि आप अपनी सेहत का ध्यान रखने के लिए खानपान पर विशेष ध्यान देने की, ताकि आपका शरीर अंदर व बाहर दोनों जगह से फिट रह सके. इसके लिए जरूरी है आप अपने खान-पान में या फिर अपने रूटीन में हमदर्द हनी को शामिल करें क्योंकि इसमें हैं ढेरों गुण, जो आपको सर्दियों में अंदर से वार्म रखने के साथ-साथ आपकी हैल्थ का भी खास ध्यान रखता है. तो आइए जानते हैं क्यों है यह खास:

हमदर्द हनी ही क्यों

ये एक नेचुरल स्वीट पदार्थ होता है, जो मधुमक्खियों द्वारा फूलों के रस या पौधों के स्राव द्वारा बनाया जाता है. जब इसका अच्छे से निरीक्षण किया जाता है तो देखा जाता है कि ये शहद किसी भी बाहरी तत्त्व जैसे मोल्ड, गंदगी, मैल, मधुमक्खियों के टुकड़ों इत्यादि से पूरी तरह से मुक्त होना चाहिए. इस बात का निरीक्षण में खास ध्यान रखा जाता है. इसका रंग लाइट टू डार्क ब्राउन तक हो सकता है. इस ब्रांड को सभी 1906 से पसंद कर रहे हैं. जो शुद्धता व गुणवत्ता से किसी भी तरह का कोई समझौता करना पसंद नहीं करता?है. तभी तो सर्दियों में हमदर्द हनी पर भरोसा करते हैं हम.

क्या हैं हैल्थ बेनिफिट्स

1- इम्यून सिस्टम को बूस्ट करे:

अगर हमारी इम्यूनिटी स्ट्रोंग होती है, तभी हम बीमारियों से लड़ने में सक्षम बन पाते हैं. बता दें कि शहद एंटीओक्सिडेंट्स से भरपूर होने के साथ इसमें बैक्टीरिया से लड़ने की क्षमता होती है, जिससे ये आपको मौसमी बीमारियों से बचाने का काम करता है. यहां तक कि ये आपके शरीर को डिटोक्स करने का काम करता है. तभी तो एक्सपर्ट्स भी हर रोज इसे अपनी डाइट में शामिल करने की सलाह देते हैं, ताकि इम्यूनिटी बूस्ट होने के साथसाथ आपके शरीर को पूरे दिन काम करने के लिए एनर्जी भी मिल सके.

2- नेचुरल प्रोबायोटिक:

हनी नेचुरल प्राबायोटिक का काम करता है. जो आंतों में गुड बैक्टीरिया का पोषण करने का काम करता है. जो आपके हैल्दी पाचनतंत्र के लिए बहुत जरूरी माना जाता है. क्योंकि ये एक लैक्सेटिव है, जो पाचन में मदद करने के साथ प्रतिरक्षा प्रणाली को बेहतर बनाता है. बता दें कि इसका इस्तेमाल करने से ये आंतों में फंगस से पैदा हुए माइक्रोटोक्सिन के बेषीले प्रभावों को कम करता है. तो हुआ न नेचुरल प्रोबायोटिक.

3- वजन को कम करने में मददगार:

अगर आप भी हैल्थ कौन्सियस हैं और वजन कम कर रहे हैं या फिर करने के बारे में सोच रहे हैं तो आप अपने मोर्निंग और नाइट रूटीन में शहद को जरूर शामिल करें. क्योंकि एक तो ये न्यूट्रिएंट्स से भरपूर होने के कारण आपके शरीर की जरूरतों को पूरा करने का काम करता है और दूसरा इसमें नेचुरल शुगर होने के कारण ये आपके कैलोरी काउंट को भी कंट्रोल में रखता है. इसलिए हर सुबह खाली पेट गरम पानी में शहद का सेवन करें और रात को सोते समय. जिससे ये आपके मेटाबोलिज्म को बूस्ट करके आपके वजन को तेजी से कम कर सके. रिसर्च में यह देखा गया है कि जिन लोगों का मेटाबोलिज्म स्लो होता है, उनका वजन तेजी से बढ़ता है. इसलिए अगर आप वेट वाचर हैं तो अपने रूटीन में हनी को जरूर शामिल करें.

4- स्लीप क्वालिटी को इंपू्रव करे:

शहद आपके मस्तिष्क को मेलाटोनिन रिलीज करने में मदद करता है. बता दें कि ये वो हारमोन होता है, जिसका उपयोग आपका शरीर नींद के दौरान खुद को बहाल करने के लिए करता है. क्या आप जानते हैं कि जब आप सोते हैं तो आपका मस्तिष्क सक्रिय होता है और इस समय उसे ऊर्जा की जरूरत होती है. तब आपका मस्तिष्क स्लीप एनर्जी के लिए लिवर में ग्लाइकोजन भंडार का इस्तेमाल करता है. ऐसे में सोने से पहले हनी के सेवन से ये सुनिश्चित हो जाता है कि आपके पास अच्छी नींद के लए ग्लाइकोजन भंडार है. जो आपको क्वालिटी स्लीप देने में मदद करता है.

5- घावों को तेजी से भरे:

शहद में एंटीबैक्टीरियल, एंटीफंगल और एंटीओक्सिडेंट्स प्रोपर्टीज होती हैं. जो घावों को तेजी से भरने का काम करती है. जब स्किन में कोई घाव होता है, तो बैक्टीरिया उसके अंदर जाकर स्किन में इंफेक्शन कर सकता है. जबकि शहद उस बैक्टीरिया को ढूंढ़ कर उसे मारने का काम करता है.

6- डैंड्रफ का खात्मा करे:

हनी नेचुरल तरीके से डैंड्रफ का खात्मा करने का काम करता है. क्योंकि इसमें है एंटीबैक्टीरियल प्रोपर्टीज, जो डैंड्रफ को कंट्रोल करके स्कैल्प हैल्थ का खास ध्यान रखता है. साथ ही ये स्कैल्प से डैंड्रफ व गंदगी को रिमूव करता है, जो हेयर फोलिकल्स के जमने का कारण बनता है. ये न सिर्फ ड्राई हेयर को नरिश करता है, बल्कि बालों को सोफ्ट व स्मूद बनाने का काम भी करता है. यानि नेचुरल तरीके से डैंड्रफ का खात्मा करने की शक्ति.

7- स्किन को नरिश करे:

इसमें मॉइस्चराइजिंग और नरिशिंग प्रोपर्टीज होने के कारण ये नेचुरल मॉइस्चराइजर का काम करता है. इसके लिए आप शहद की कुछ बूंदों को सीधे भी चेहरे पर अप्लाई कर सकते हैं या फिर इसके मास्क को भी. ये स्किन पर मैजिक इफेक्ट देने का काम करता है. तो फिर हनी से खुद को रखें हैल्दी.

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