दिल्लगी: क्या था कमल-कल्पना का रिश्ता- भाग 1

हाथमुंहधो कर राजीव कल्पना के साथ खाना खाने बैठा ही था कि मेड बीना ने भीतर आ कर कहा, ‘‘साहब, बाहर एक साहब खड़े हैं, वे अपनेआप को मेमसाहब का परिचित बताते हैं.’’

‘‘अरे, तो उन्हें सम्मानपूर्वक अपने साथ क्यों नहीं ले आई? भला यह भी कोई पूछने की बात थी?’’ राजीव ने प्लेट में सब्जी डालते हुए हाथ रोक कर कहा. इस के साथ ही उस ने कल्पना की ओर देखा.

कल्पना चौंक उठी. अचानक उस के शरीर में कंपकपाहट सी दौड़ गई. उस ने कल्पना की ओर देखा.

कल्पना चौंक उठी. अचानक उस के शरीर में कंपकंपाहट सी दौड़ गई. उस ने सोचा, बिना सूचित किए एकाएक यह कौन आ टपका.

‘‘हैलो,’’ आगंतुक को यह कहते ही कल्पना हैरान रह गई. सामने खड़े जने के आने की तो उसे स्वप्न में भी आशा नहीं थी. उसे आगंतुक के ‘हैलो’ का जवाब देने का भी खयाल नहीं रहा.

मंदमंद मुसकराता राजीव कल्पना के चेहरे पर आतेजाते भावों को ध्यान से देख रहा था. उस के लिए आगंतुक का सिर्फ इतना ही परिचय काफी था कि वह कल्पना का परिचित है. उस ने सोफे से उठ कर उत्साहपूर्वक आगे बढ़ कर आगंतुक से हाथ मिलाया और उसे अपने निकट ही सोफे पर स्थान देते हुए आत्मीयता से बोला, ‘‘आइए, वैलकम.’’

‘‘थैंक्यू,’’ आगंतुक ने बे?ि?ाक बैठते हुए कहा.

कल्पना अब भी उसे विस्फारित नेत्रों से देखे जा रही थी.

वह उत्साह भरे स्वर में बोला, ‘‘कल्पना, यह क्या बजाय हमारा इंट्रोडक्शन कराने के तुम मु?ो इस तरह देख रही हो जैसे मैं  कोई भूत हूं.’’

कल्पना ने तुरंत संभल कर मुसकराने की कोशिश करते हुए राजीव से कहा, ‘‘राजीव, इन से मिलो, ये हैं मेरे बचपन के साथी व कालेज के क्लीग कमल.’’

‘‘बहुत खुशी हुई आप से मिल कर,’’ राजीव ने हंस कर कमल से कहा.

‘‘और ये हैं मेरे हसबैंड एडवोकेट राजीव,’’ कल्पना ने कमल से कहा.

‘‘जानता हूं,’’ कमल ने मुसकराते हुए कहा.

‘‘आप इन्हें जानते हैं, लेकिन वे कैसे?’’ कल्पना का दिल तेजी से धड़क उठा और चेहरा पीला पड़ गया.

‘‘वाह, यह भी खूब रही,’’ कमल ने हंस कर कहा, ‘‘भूल गईं. तुम ने अपनी शादी का जो इनवाइट मु?ो भेजा था उस पर इन का नाम भी छपा था.’’

‘‘ओह, यह तो मैं भूल ही गई,’’ कल्पना ने चैन की सांस ली.

‘‘मैं यह भी बखूबी जानता हूं कि भूल जाना तुम्हारी पुरानी आदत है,’’ कमल ने कहा तो कल्पना ने चौंक कर उन की तरफ देखा. लेकिन वह मुसकराते हुए आगे बोला, ‘‘चाय में चीनी या सब्जी में नमकमिर्च डालना भूल जाने पर तुम आंटी से डांट खायाकरती थी. क्लास में जो पढ़ाया जाता था वह तुम सहेलियों के साथ गपशप में भूल जाती थी और फिर बाद में घर आ कर मेरा भेजा चाट जाया करती थी.’’

 

कल्पना को कमल का हासपरिहास बिलकुल अच्छा नहीं लग रहा

था. उस का कहा प्रत्येक शब्द उसे भीतर तक बींधता चला जा रहा था. पर प्रत्यक्ष में वह राजीव के सामने अपने चेहरे के भावों पर नियंत्रण पाने की असफल चेष्टा कर रही थी. उस के जीवन में परीक्षा की यह घड़ी भी आएगी, ऐसा तो उस ने कभी सोचा भी नहीं था.

‘‘कल्पना, लगता है कमल तुम्हारी आदतों से भलीभांति परिचित हैं, क्या इसीलिए तुम इन्हें लंच का न्योता देना भी भूल गई हो,’’ राजीव ने हंस कर कहा, ‘‘अब तुम बचपन के दोस्त हो तो यहीं रहोगे. तुम्हारा बैग कहा है?’’

कमल ने कहा, ‘‘वह अभी बाहर कार में है. मैं भुगतान कर के ले कर आता हूं.’’

दोनों न जाने क्यों कमल को छेड़ने पर तुल गए थे.

कल्पना अपनी भूल पर अत्यधिक लज्जित हो उठी. इस के साथ ही वह मन ही मन राजीव पर भी ?ां?ाला उठी कि मेरी जान पर बनी है और ये इसे घर में ठहरा रहे हैं. इन्हें छेड़छाड़ की सू?ा रही है. अपनी ?ां?ालाहट, भय और ?ोंप का मिलाजुला एहसास मिटाने की गरज से ही वह उन के पास से चुपचाप उठ कर कमल के लिए प्लेट आदि लेने रसोई में चली गई.

‘‘कंपनी के एक काम से दिल्ली आया था. अचानक याद आया कि कल्पना भी तो दिल्ली में ही रहती है. यह याद आते ही यहां चला आया.’’ कमल कुछ जोर से बोला और फिर वह टैक्सी का भुगतान करने चला गया.

टेबल पर प्लेट रखते हुए राजीव से कहे कमल के ये शब्द सुने तो कल्पना सहसा ठिठक कर रुक गई. उस का भयभीत दिल और भी तेजी से धड़कने लगा. वह बुरी तरह विचलित हो उठी, कमल को यहां आने की क्या जरूरत थी. उसे दिल्ली में ठहरने के लिए एक से बढ़ कर एक सुंदर स्थान मिल जाता. क्या बिगाड़ा है मैं ने कमल का, जो वह मेरे शांत जीवन में तूफान लाने आ पहुंचा है.

कितनी कोशिशों के बाद मैं इसे भुलाने में सफल हो सकी थी. अब फिर उसी पीड़ा भरी स्थिति से दोबारा गुजरना पड़ेगा. कमल के सामने राजीव को कभी भी मेरे पूर्व संबंधों का आभास हो सकता है. तब क्या राजीव के दिल में मेरा वही स्थान रह सकेगा, जो आज है? मेरा सुखमय दांपत्य जीवन क्या अब विषैले अतीत से सुरक्षित रह सकेगा?

तभी कल्पना ने राजीव का स्वर सुना. कमल आ चुका था. वह कह रहा था, ‘‘बहुत अच्छा किया आप ने. चलिए, इसी बहाने आप से मिलने का मौका प्राप्त हो गया वरना क्या पता हमारी मुलाकात कभी होती भी या नहीं. लेकिन आप मैरिज के समय कल्पना के यहां दिखाई क्यों नहीं दिए?’’

‘‘जी हां, आप लोगों का विवाह जून में हुआ था और मैं उन दिनों कालेज बंद होने के कारण अपने घर बाजपुर गया हुआ था. कल्पना ने मु?ो शदी का इनवाइट भी भेजा था, लेकिन अकस्मात दिल का दौरा पड़ने से मां का निधन हो जाने के कारण मैं विवाह में शरीक नहीं हो सका,’’ कमल ने जवाब में कहा.

‘‘क्षमा कीजिए, यह जिक्र छेड़ कर मैं ने बेकार आप का दिल दुखाया,’’ राजीव ने खेद भरे स्वर में कहा.

‘‘कोई बात नहीं, मेरे विचार में तो मर जाने वालों की याद में आंसू बहाना भावुकता के सिवा और कुछ नहीं,’’ कमल ने पहले की सहजता से कहा.

‘‘डाइनिंगटेबल पर चलिए. खाना ठंडा हो रहा है,’’ कल्पना ने आ कर उन की बातों का सिलसिला तोड़ दिया.

कल्पना देखते ही राजीव के होंठों पर फिर शरारत भरी मुसकराहट उभर आई.

‘‘भई वाह, खाना बनाने के मामले में तो अब तुम बहुत होशियार हो गई हो. लगता है, यह सब राजीव की ही करामात है,’’ मटर पुलाव का पहला कौर खाते ही कमल ने कहा.

‘‘नहीं भाई, मैं वकील हूं. कोई खानसामा नहीं,’’ राजीव ने हंस कर कहा.

सुन कर कमल तो हंसा ही, भयभीत और अपराधबोध से घिरी कल्पना भी एक पल के लिए सबकुछ भूल कर हंस पड़ी पर दूसरे ही क्षण वह फिर गंभीर हो गई मानो उस ने हंस करकोई अपराध कर दिया हो.

पहला कौर खाते ही कमल किसी भी चीज की तारीफ करना नहीं भूला था. कल्पना को आज भी याद है अच्छा खाना मिलने पर तारीफ के पुल बांध देना उस की पुरानी आदत है. विचारों में खोई कल्पना से थैंक्स कहते भी नहीं बन पड़ा.

Holi 2023: होली में रखें स्किन का ख्याल 

रंगो के इस मौसम में स्किन का खास ख्याल रखे,ताकि होली के मस्ती के साथ आपका स्क्रीन पहले की तरह बना रहे. तों इस होली स्किन मेकअप को अपने चेहरे पर ट्राई करो और मस्ती से होली कों  इंज्वॉय करो .

शुरुआत बेस प्रोटेक्टिंग क्रीम या सनस्क्रीन से करो. इसके बाद पैन केक लगाओ ताकि स्किन लेयर खतरनाक केमिकल्स के संपर्क में न आएं, जो होली के रंगों में रहते हैं. इस समय मेकअप ट्रेंड भले ही जो भी हो, तुम मल्टीकलर और मेटैलिक मेकअप यूज करो.  ब्लू, ग्रीन, ब्राइट यलो, फूचिशा, पर्पल, ऑरेंज जैसे कलर्स को ट्राई करना मत भूलो. अपने गाल पर पीच शेड के रूज लगाओ. आंखों के सारे मेकअप काजल, आईलाइनर, मस्कारा को डिच कर दो. रंग खेलते समय ये आंखों में जा सकते हैं. खासकर पानी वाले रंग तो आंखों में चले जाएं और काजल भी लगा हो तो आंखें जल उठेंगी. यदि आपकी  इच्छा कुछ डिफरेंट ट्राई करने की हो तो चेहरे को पेंट करवा सकते हो या खुद भी कर सकते हो.

होली के दौरान सूखे रंगों से खेली होली स्किन को बुरी तरह से खराब कर सकती है. नरिश्ड स्किन को अंदर से सूखा सकती है. हमेशा क्रीम बेस्ड मेकअप प्रोडक्ट्स चुनो और इसे ही लगाओ. यह स्किन को एडिशनल मॉयश्चर करता है और कलर आसानी से तुम्हारे मेकअप से मिल भी जाएगा. सिंथेटिक होली रंग तुम्हारी स्किन को नुकसान पहुंचा सकते हैं. ये रफ होते हैं और रोमछिद्रों को बंद कर देते हैं. बॉयल्स, रैशेज और स्किन पिगमेंट्स भी इसी वजह से हो जाते हैं. फाउंडेशन और पैन केक लगाना मत भूलना, जो स्किन पर लेयर की तरह लग जाती है और  होली के रंगों से आपकी स्किन की रक्षा करती है. जब आप का स्किन मेकअप से ढंकी होती है तो कलर आपके स्किन तक नहीं पहुंच पाता, बल्कि मेकअप जितना मोटा होगा, प्रोटेक्शन उतनी ही ज्यादा होगी. मेकअप से कलर स्टेन भी नहीं होगा, जो होली के तीन-चार दिन बाद तक आपकी स्किन पर जमी रहती है.

Holi 2023: होली पर बनाएं शाही गुजिया

हर कोई चाहता है कि होली हो या दीवाली, हर त्यौहार खुशियों से भरा हुआ बीते. जहां अपनों का साथ और दिलों में त्यौहारों की उमंग हो. कई लोगों के लिए तो होली का त्यौहार इतना पसंद होता है, कि इसे मनाने के लिए वो किसी खास जगह या लोगों के साथ चले जाते हैं. तो कई घर पर नई नई रेसिपी के साथ फैमिली इस फैस्टिवल को सैलिब्रेट करते हैं. इसीलिए आज हम आपको होली पर बनने वाली गुजिया को शाही बनाने की टेस्टी रेसिपी के बारे में बताएंगे.

सामग्री

– 4 कप मैदा

– 6 बड़े चम्मच घी

– तेल या घी

– 6 कप मावा

– एक चम्मच इलायची पाउडर

– एक कप नारियल कद्दूकस किया हुआ

– 3 बड़े चम्मच किशमिश

– 5 बड़े चम्मच काजू कटे हुए

– कप चीनी का बूरा (पिसी हुई चीनी)

– 4 कप चीनी

– 4 कप पानी

बनाने की  विधि

गुजिया की बाहरी परत बनाने के लिए मैदा छान लें.

इसमें घी मिलाएं और फिर जरूरत के हिसाब से पानी डालते हुए सख्त गूंद लें.

इसे थोड़ी देर के लिए गीले कपड़े से ढक कर रख दें.

अब भरावन तैयार करने के लिए गैस पर कड़ाही गर्म करें.

इसमें मावा डालकर मध्यम आंच पर 3 मिनट तक भूनें.

मावा चलाते रहें ताकि जले न, जब मावा सुनहरा हो जाए तो गैस बंद कर दें.

कढ़ाई में तेल या घी गर्म करें और मध्यम आंच पर एक बार में 4-5 गुझिया डीप फ्राई कर लें.

जब गुझिया हल्की सुनहरी होने लगे तो इन्हें प्लेट में निकाल लें.

इसी तरह सारी गुझिया तल लें.

चाशनी तैयार करने के लिए गैस पर बर्तन में पानी गर्म करें इसमें चीनी डालकर चलाएं.

चीनी पिघलने तक पानी चलाते रहें.

जब चीनी पिघल जाए तो मध्यम आंच पर चाशनी के पकाएं.

चाशनी को उंगली में चिपकाकर देखें एक तार बनने तक इसे पकाएं.

फिर गैस बंद कर दें, इसके बाद चाशनी में गुझिया डालकर चलाएं.

अब गुझिया को चाशनी से निकालकर प्लेट में रखें और गर्मागर्म मेहमानों को परोसें.

Holi 2023: विदेशी धरती पर होली के रंग

होली का त्योहार हमारे देश के सीमा से बहार विदेशो मे भी मनाया जाता है . होली के रंग मे सब रंगना चाहते है,चाहे वो भारतवाशी हो या अलग-अलग देशो के दिलदार देशवाशी.सभी रंगो मे रंगना चाहते है , बस तरीके अलग-अलग होते है ,लेकिन खुशी और हर्षोल्लास का माहौल ठीक वही यहां होली मे होता है . तो आईए जानते है ,परदेश मे होली का रूप .

रूस:- भारत का पड़ोसी राष्ट्र रूस मे होली का पर्व अनोखे रूप से मनाया जाता है ,यहां लोग मौज मस्ती और आनंद के लिए अजीबो-गरीब हरकत करते है. लोग पेेड़ पर चढ़कर तने के उपर लकडि़या जला कर उनके बीच झंडा गाड़ देते है और दूर जाकर इस झंडे को डंडेे से गिराने की कोशीश करते है. क्यो कि यहा ऐसा मानना है कि जो झंडा गिरा देगा वो  अति भाग्य शाली होगा.

जापान: – जापान में इस त्योहार को बे मौजी ओकुरिबी के नाम से जाना जाता है. अनुमानतः यह आयोजन हर साल 17 अगस्त की रात को की जाती है. इस रात लोग आग जला कर होली का उत्सव मनाते है.

चीन: – भारत का पड़ोसी राष्ट्र चीन में होली कोफोच्शेइच्यिे कहा जाता है. चार दिन तक चलने वाले इस उत्सव में जमकर आतिश बाजी की जाती है और रंगों के साथ हर्षोंल्लास सेे इस पर्व को मनाया जाता है. ऐसा माना जाता है कि यह पर्व नव वर्ष के स्वागत के रूप में मनाया जाता है.

अमेरिका: – होबो के नाम से अमेरिका में होली का पर्व मनाया जाता है. इस दिन एक अजिबो गरीब प्रतियोगिता सभा का आयोजन होता है. इस सभा में लोग एक से बढ़कर एक बेहुदा हरकतें करते हैं. सबसे अच्छे बेहुदा हरकत करने वाले को पुरस्कृत किया जाता है. इस आयोजन में अमेरिका के लोग जमकर मजे लेते हैं.

इटली: – इटली में यह पर्व अन्न की देवी को खुश करने के लिए बेलिमाकोनोन्स के नाम से मनाया जाता है. इस दिन लोग अपनेे मित्रों और रिश्तेदारों से मिलते है और उन्हे तोहफे भोट देते हैं.

रोम:- रोमन वासियों के कुल देवता सैटर्न को प्रसन्न करने के लिए साटरनालियां के नाम से यह पर्व मनाया जाता है. अनुमानतः हर साल इसका आयोजन 17 दिसंबर को होता है. लोग सात दिनों तक चलने वाले इस उत्सव में जम के भाग लेते हैं.

अफ्रीका:- अफ्रीका में हिरण्यकश्यप की कथा काफी प्रचलित है. अफ्रीका में हिरण्यकश्यप की कथा को लोेग वहा के अत्याचारी राजा सेे जोड़ कर देेखते हैं. यहां यह त्योहार आमेन या ओगेना वोगा के नाम से मनाया जाता है.

इजिप्ट:- इजिप्ट में यह पर्व  भारत से कुछ मिलता जुलता मनाया जाता है. 13 अप्रैल की रात यहा होली उत्सव की रात होती है. लोग जंगलों में इकट्ठा होकर आग जलाते है और अपने पुर्वजों को याद करते है. इस रात नृत्य और संगीत का भरपूर मजा लोग उठाते हैं.

जर्मनी:- जर्मनी के सारे शहर पंद्रह दिन तक रंगों में सराबोर रहता है. वसंत के आगमन से ही यह पर्व कार्निवास के नाम से मनाया जाता है. इस दौरान मुर्ख सम्मेलन हंसी सम्मेलन एवं उमंग और मस्ती से जुड़े अनोकों सम्मेलनों का आयोजन किया जाता है.

स्विट्जरलैड:- फरवरी के अंतिम सप्ताह में यहा होली का पर्व मनोंत्सव के रूप में मनाया जाता है. तीन दिन तक चलने वाले इस उत्सव में लोग जम कर मजा लेते हैं.

Holi 2023: जानें क्या पहनें होली वाले दिन?

जैसे की हम जानते हैं होली बिल्कुल आ ही गई है और होली न केवल एक त्यौहार है बल्कि देश भर में खुशियों और मस्ती करने का भी एक प्रतीक है. इस त्यौहार के लिए केवल मिठाई और रंग आदि लेना ही जरूरी नही होता बल्कि होली वाले दिन क्या पहनना है वह तय करना भी बहुत जरूरी होता है. अगर आपको भी होली के दिन कोई पार्टी अटेंड करनी है तो अब आपको यह चिंता करने की जरूरत नहीं है की आपको उस दिन क्या पहनना है क्योंकि हम आपके लिए लाए हैं कुछ परफेक्ट आउटफिट आइडिया.

होली 2021 मनाने के लिए पटियाला सूट में हो जाएं कंफर्टेबल

पटियाला सूट जिसे पंजाबी सूट भी कहा जाता है, आपको बहुत स्टाइलिश और आरामदायक लूक दे सकता है. इसे पहनना और कैरी करना भी बहुत आसान होता है और यह आप पर बहुत अच्छा भी लगने वाला है इसलिए पटियाला सूट अवश्य ट्राई करें.

ग्लास

होली के दौरान आपकी आंखों को भी बहुत खतरा रहता है क्योंकि इस दिन बहुत से लोग कुछ ऐसे स्प्रे या रंगों का प्रयोग करते हैं जो बहुत ही केमिकल से युक्त होते हैं इसलिए अपनी आंखों को उन केमिकल्स के नुकसान से बचाने के लिए आंखों पर ग्लास अवश्य लगाएं. अगर आप बाहर होली खेलते हैं तो सन ग्लास लगाएं यह आपको धूप से भी बचायेंगे. आपकी आंखों की सुरक्षा करने के साथ साथ ही सन ग्लास आपके होली आउटफिट को और भी ज्यादा स्टाइलिश बना देंगे. अगर आप लेंस पहनते हैं तो यह ग्लास आपकी लेंस को केमिकल के कारण डेमेज होने से बचाते हैं.

फुट वियर

होली के लिए अपनी ड्रेस के हिसाब से फुट वियर चुनना भी बहुत आवश्यक और थोड़ा सा मुश्किल काम हो जाता है. इसलिए आपको होली के लिए फ्लिप फ्लॉप ही पहनने चाहिए. अगर आप भीग जाएंगे या रंगों से भी लथपथ हो जायेंगे तो इन रंगों और भीगने के कारण आपके फ्लिप फ्लॉप खराब नही होंगे. यह पहनने में भी बहुत अधिक कंफर्टेबल रहते हैं.

होली के लिए एसेसरी

आपके होली आउटफिट को इस बार बेसिक रखने की बजाय उसमें कुछ एसेसरी एड करें. आप अपने लूक को और ज्यादा स्टाइलिश बनाने के लिए गॉगल्स, कैप आदि का प्रयोग कर सकते हैं. यह न केवल आपके लुक को एक और लेवल पर पहुचायेगी बल्कि आपको सूर्य और गर्मी से भी बचाएंगी.

होली से पहल करें हेयर केयर

हो सकता है आपके वहां के लोगों को होली खेलना बहुत पसंद हो और इसलिए वहां आपको कोई भी यह कह कर भिगो सकता है की बुरा न मानो होली है. इसलिए अपने बालों को खराब होने से बचाने के लिए आपको होली से पहले अपने बालों की भी केयर करनी चाहिए. सबसे पहले अपने बालों में पर्याप्त तेल लगाएं. आप कोई भी नारियल का तेल या कैस्टर ऑयल लगा सकते हैं. यह आपके बालों को केमिकल्स के द्वारा खराब होने से बचायेंगे.

पके कपड़ों का फैब्रिक

होली के दिन जितना आवश्यक नए कपड़े खरीदना होता है उतना ही उसके फैब्रिक के बारे में ध्यान देना भी होता है. कोई भी ऐसे फैब्रिक में कपड़ा न लें जिससे आपको कंफर्टेबल महसूस होने में दिक्कत हो. इस त्यौहार के लिए बेस्ट फैब्रिक कॉटन ही होता है. यह न केवल आरामदायक होता है बल्कि सभी पर बहुत अच्छा भी लगता है.

 

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पुरुषों के लिए होली स्क्वा टी शर्ट

आरामदायक रहने के साथ साथ स्टाइलिश भी लगना है तो टी शर्ट से ज्यादा आप पर कोई चीज नहीं सूट कर सकती. इस होली पहनिए अपने स्क्वाड के जैसी मिलती जुलती टी शर्ट और इस होली को अपनी जिंदगी की सबसे अधिक यादगार होली बनाएं.

रंगों मगर प्यार से टी शर्ट

अगर आप अब भी होली पर क्या पहनें इसको लेकर दुविधा में हैं तो बॉलीवुड कोट से युक्त यह टी शर्ट पहन सकते हैं जिस पर आपको रंगो मगर प्यार से लिखा मिलेगा. यह एक सफेद टी शर्ट है जिसमें रंग बिरंगे कलर्स से यह स्लोगन लिखा हुआ है. आप इसे भी ट्राई कर सकते हैं और इसे पहनने से ही आपको सही होली वाली वाइब्स देखने को मिलेंगी.

Shivam Soni, Founder & CEO, Beyoung Folks Private Limited

Holi 2023: अगर वह उसे माफ कर दे

Top 7 Holi Tips In Hindi: इन टिप्स से बनाएं अपनी होली को खास

Holi 2023: होली के मौके पर अपनी स्किन से लेकर घर की हालत रंगों के कारण बेहद खराब हो जाती है, जिसके चलते आपकी होली बेकार हो जाती है. लेकिन इस बार हम आपको स्किन, हेयर केयर, हेल्थ, फैशन और होमकेयर से जुड़ी कुछ टिप्स बताएंगे, जिसे अपनाकर अपने होली सेलिब्रेशन में चार चांद लगा सकती हैं. तो अगर आप भी अपनी होली को बिना किसी परेशानी के शानदार बनाना है तो पढ़िए गृहशोभा की Top 7 Holi Tips in Hindi.

1. Holi 2023: होली के रंगों में भी आप दिख सकती हैं फैशनेबल

fashionable look

होली रंगों का त्योहार है. होली के मौके पर अगर आप किसी होली इवेंट में जा रही हैं तो आपके फैब्युलस लुक का होना जरूरी है. अगर आप इस बात से चिंतित हैं कि होली इवेंट में किस तरह से ड्रेसअप करना चाहिए या किस तरह का मेकअप करना चाहिए तो चलिए हम आपकी ये परेशानी भी दूर कर देते हैं. यहां हम आपको बता रहे हैं कुछ ऐसे टिप्स जिसमें आप फैब्युलस लग सकती हैं.

1. ड्रेसअप

व्हाइट कलर होली पर पहनने वाला एक पुराना फैशन बन चुका है. अब आप व्हाइट के साथ अलग-अलग कलर को पेयर करके अपने पहनावे को और भी वाइब्रेंट और आकर्षक बना सकती हैं. ऐसे ड्रेस चुनें जो आपको होली सेलिब्रेशन के दौरान कंफर्ट का एहसास कराये.

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2. Holi 2023: इन 7 टिप्स को अपनाएं और लें होली का मजा

colorful holi

होली के दिन आपका भी मन करता होगा रंगो में डूब जाने का और जी खोल कर मस्ती करने का. करें भी क्यों ना आखिर कितने इंतजार के बाद तो ये दिन आता है. तो खुद को जरा भी रोके बिना रंग का पूरा लुत्फ उठाइये पर जरा सानधानी से.

एक पुराना समय था जब लोग हल्‍दी, चदंन, गुलाब और टेसू के फूल से रंग बनाया करते थे पर आजकल तो रासायनिक रंगों का ही बोलबाला है. ऐसे मे सावधानी बरतना बहुत जरूरी है. ऐसे रंगों मे कई तरह के रासायनिक और विषैले पदार्थ मिले होते हैं, जो त्वचा, नाखून व मुंह से शरीर मे प्रवेश कर अदंरूनी हिस्सों को क्षति पहुंचा सकते हैं. ऐसे में अगर होली खेलने से पहले कुछ सावधानियां बरती जायें तो त्वचा को रासायनिक रंगों से होने वाले नुक्सान से काफी हद तक बचाया जा सकता है.

चलिए जानते हैं कि होली खेलने से पहले हमें क्‍या-क्‍या सावधानियां बरतने की जरुरत है-

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3. Holi 2023: होली पर बनाएं शाही गुजिया

ghujiya for holi

हर कोई चाहता है कि होली हो या दीवाली, हर त्यौहार खुशियों से भरा हुआ बीते. जहां अपनों का साथ और दिलों में त्यौहारों की उमंग हो. कई लोगों के लिए तो होली का त्यौहार इतना पसंद होता है, कि इसे मनाने के लिए वो किसी खास जगह या लोगों के साथ चले जाते हैं. तो कई घर पर नई नई रेसिपी के साथ फैमिली इस फैस्टिवल को सैलिब्रेट करते हैं. इसीलिए आज हम आपको होली पर बनने वाली गुजिया को शाही बनाने की टेस्टी रेसिपी के बारे में बताएंगे.

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4. Holi 2023: जानें क्या पहनें होली वाले दिन?

fashionable tips for holi

जैसे की हम जानते हैं होली बिल्कुल आ ही गई है और होली न केवल एक त्यौहार है बल्कि देश भर में खुशियों और मस्ती करने का भी एक प्रतीक है. इस त्यौहार के लिए केवल मिठाई और रंग आदि लेना ही जरूरी नही होता बल्कि होली वाले दिन क्या पहनना है वह तय करना भी बहुत जरूरी होता है. अगर आपको भी होली के दिन कोई पार्टी अटेंड करनी है तो अब आपको यह चिंता करने की जरूरत नहीं है की आपको उस दिन क्या पहनना है क्योंकि हम आपके लिए लाए हैं कुछ परफेक्ट आउटफिट आइडिया.

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5. Holi 2023: विदेशी धरती पर होली के रंग

society

होली का त्योहार हमारे देश के सीमा से बहार विदेशो मे भी मनाया जाता है . होली के रंग मे सब रंगना चाहते है,चाहे वो भारतवाशी हो या अलग-अलग देशो के दिलदार देशवाशी.सभी रंगो मे रंगना चाहते है , बस तरीके अलग-अलग होते है ,लेकिन खुशी और हर्षोल्लास का माहौल ठीक वही यहां होली मे होता है . तो आईए जानते है ,परदेश मे होली का रूप .

रूस:- भारत का पड़ोसी राष्ट्र रूस मे होली का पर्व अनोखे रूप से मनाया जाता है ,यहां लोग मौज मस्ती और आनंद के लिए अजीबो-गरीब हरकत करते है. लोग पेेड़ पर चढ़कर तने के उपर लकडि़या जला कर उनके बीच झंडा गाड़ देते है और दूर जाकर इस झंडे को डंडेे से गिराने की कोशीश करते है. क्यो कि यहा ऐसा मानना है कि जो झंडा गिरा देगा वो  अति भाग्य शाली होगा.

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6. Holi 2023: एक्सपर्ट से जानें होली के रंग से कैसे करे अपने चेहरे का बचाव

skin care for holi

होली एक ऐसा त्यौहार है जिसमें हम भरपूर मस्ती और उत्साह के साथ एक दुसरे पर रंग डालते हुए मनाते है. लेकिन हमें यह भी पता होना चाहिए की यही रंग हमारे चेहरे और शरीर को नुकसान पंहुचा सकता है. शरीर को नुकसान से बचाने के लिए कुछ आसान से उपाय अपना कर त्यौहार का पूरा मजा ले सकते हैं. त्यौहार के दिन हम अपने परिवार और दोस्तों के साथ व्यस्त रहते है लेकिन जब रिलेक्स करने की बारी आती है तो थकावट से उभर नहीं पाते. इस समस्या से कैसे निपटे इस बारे में बता रहीं हैं Cleopatra beauty wellness & makeovers की beauty expert, R.cha aggarwal.

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7. Holi 2023: होली में रखें स्किन का ख्याल

skin care for holi

रंगो के इस मौसम में स्किन का खास ख्याल रखे,ताकि होली के मस्ती के साथ आपका स्क्रीन पहले की तरह बना रहे. तों इस होली स्किन मेकअप को अपने चेहरे पर ट्राई करो और मस्ती से होली कों  इंज्वॉय करो .

शुरुआत बेस प्रोटेक्टिंग क्रीम या सनस्क्रीन से करो. इसके बाद पैन केक लगाओ ताकि स्किन लेयर खतरनाक केमिकल्स के संपर्क में न आएं, जो होली के रंगों में रहते हैं. इस समय मेकअप ट्रेंड भले ही जो भी हो, तुम मल्टीकलर और मेटैलिक मेकअप यूज करो.  ब्लू, ग्रीन, ब्राइट यलो, फूचिशा, पर्पल, ऑरेंज जैसे कलर्स को ट्राई करना मत भूलो. अपने गाल पर पीच शेड के रूज लगाओ. आंखों के सारे मेकअप काजल, आईलाइनर, मस्कारा को डिच कर दो. रंग खेलते समय ये आंखों में जा सकते हैं. खासकर पानी वाले रंग तो आंखों में चले जाएं और काजल भी लगा हो तो आंखें जल उठेंगी. यदि आपकी  इच्छा कुछ डिफरेंट ट्राई करने की हो तो चेहरे को पेंट करवा सकते हो या खुद भी कर सकते हो.

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इन्फ्लूएंजा बी वायरस की चपेट में आईं टीवी एक्ट्रेस देबिना बनर्जी, मासूम बेटियों से रहना पड़ रहा है दूर

टीवी एक्ट्रेस देबिना बनर्जी हाल ही में श्रीलंका की ट्रिप से लौटी हैं. वह यहां अपने पति गुमीरत चौधरी और दोनों बेटियों दिविशा-लियाना के साथ गई थीं. वहां से तो वह राजी खुशी वापस आ गई थीं लेकिन अब उनके साथ एक गोची हो गई है. वह इन्फ्लूएंजा बी से संक्रमित हो गई हैं. ऐसे में वह अपने परिवार से अलग रहेंगी. साथ ही बेटियों के भी संपर्क में भी नहीं आएंगी. क्योंकि वह सभी सुरक्षित हैं और ये इन्फेक्टेड हो गई हैं. ऐसे में एक्ट्रेस अब जल्द ठीक होने की पूरी कोशिश कर रही हैं. वह सभी प्रिकॉशन्स भी ले रही हैं.

देबिना बनर्जी (Debina Bonnerjee) पिछले कुछ दिनों से ठीक नहीं थीं. उनकी तबीयत नासाज थी. वह सभी सावधानियां बरत रही थीं. पहले से ही सारे प्रिकॉशन्स ले रही थीं लेकिन जब कोई सुधार नहीं हुआ. सर्दी-झुकाम बेहतर नहीं हुआ तो ‘चिड़िया घर’ एक्ट्रेस ने टेस्ट करवाया. इसके बाद उन्हें पता चला कि वह ‘इन्फ्लूएंजा बी’ वायरस से संक्रमित हो गई हैं. एक्ट्रेस के स्पोक्सपर्सन ने एक स्टेटमेंट भी जारी किया है. उसमें इसकी जानकारी दी है.

 

 

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देबिना की तरफ से जारी स्टेटमेंट

एक्ट्रेस की तरफ से जारी स्टेटमेंट में लिखा है- ‘मैं बताता चाहूंगा कि वह रिकवर कर रही हैं. वह पूरे अच्छे तरह से प्रिकॉशन्स ले रही हैं. अच्छा खा-पी भी रही हैं. साथ ही इस बात का भी पूरा ध्यान दे रही हैं कि उनकी बच्चियां उनसे दूर रहें. उनकी अच्छी देखभाल होती रहे. जल्द ही वह ठीक होकर दमदार वापसी करेंगी. ऐसी उम्मीद है.’

 

 

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बेटियों संग गुरमीत-देबिना की पहली इंटरनेशन ट्रिप

बता दें कि देबिना और गुमीरत ने बेटियों के साथ ये पहली इंटरनेशनल ट्रिप प्लान की थी. कपल वैलेंटाइन डे और वेडिंग एनिवर्सरी दोनों ही सेलिब्रेट करने के लिए परिवार और बच्चों के साथ श्रीलंका गए थे. लेकिन उन्हें नहीं पता था कि बात उनकी हेल्थ पर बन आएगी. खैर एक्ट्रेस ने वीडियो में बताया भी था कि ये ट्रिप उनके लिए कितनी मुश्किल रही थी. उनकी बड़ी बेटी लियाना फ्लाइट में लगातार रो रही थी. इतना ही नहीं, वह अपना फोन भी श्रीलंका के होटल में भूलकर इंडिया वापस आ गईं. हालांकि बाद में उन्हें वो फोन मिल जाएगा. उनकी बात होटलवालों से हो गई है. फिलहाल फैन्स उनके जल्द ठीक होने की कामना कर रहे हैं.

पुरुषों को ही नहीं, महिलाओं को भी बदलने की जरुरत है- निर्देशक राहुल चित्तेला

प्रोड्यूसर मीरा नायर के साथ क्रिएटिव और प्रोड्यूसिंग पार्टनर के रूप में काम कर कर चुके निर्देशक राहुल चित्तेला एक इंडिपेंडेंट राइटर, प्रोड्यूसर है. वे फिल्म ‘आजाद’ के राइटर और डायरेक्टर है, जिसे पहली बार किसी भारतीय फिल्म को ‘प्रेस्टीजियस प्रेस फ्रीडम डे फोरम’ पर UNESCO द्वारा स्क्रीनिंग की गई थी, इस फिल्म ने कई इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल में अवार्ड जीते है. राहुल हमेशा रियल कहनियों और रिलेटेबल कहानियों को कहना पसंद करते है. फिल्म ‘गुलमोहर’ भी ऐसी ही एक कहानी है, जो आज की पारिवारिक परिस्थिति को बयां करती है. जिसे उन्होंने बहुत ही खुबसूरत तरीके से दर्शकों तक पहुँचाने की कोशिश की है. ये फिल्म 3 मार्च को ओटीटी प्लेटफॉर्म डिजनी प्लस हॉटस्टार पर रिलीज होने वाली है. उन्होंने इस फिल्म की मेकिंग और राइटिंग पर बात की और बताया कि ये फिल्म सभी उम्र के लिए है, जिसे सभी एन्जॉय कर सकते है.

कहानी 3 पीढ़ी की

राहुल कहते है कि पिछले 3 साल पहले मैं जब पहली बार पिता बना, उस वक्त इस कांसेप्ट की शुरुआत हुई थी. परिवार और उनके संबंधों को लेकर लिखना शुरू किया था, धीरे-धीरे चरित्र सामने आते गए और मैंने उसे कहानी में पिरोता गया, लेकिन बेसिक बात मैंने अपने मन में रखा था कि इसमें 3 जेनरेशन को दिखाया जायेगा. इसमें ये 3 जेनरेशन आज के समय को कैसे देखते है, उनमे जो बदलाव दिख रहा है, इसका अर्थ सभी के लिए क्या है आदि कई प्रसंगों को बयां करती हुई है. ऐसी कहानिया केवल एक परिवार की नहीं है, बल्कि कई परिवारों की कहानिया है. जो मैंने ऑब्जरवेशन के बाद लिखा है. हमेशा से मुझे हर उम्र के लोगों से बात करना पसंद है. फिल्म के दौरान अभिनेत्री शर्मीला टैगोर के साथ बात करना बहुत अच्छा लगा, उनकी बातें मुझे यंग फील करवाती है. मनोज बाजपेयी से बात करने पर परिवार पर उनकी धारणा को देखा और इसे जानने की उत्सुकता हुई. सभी पीढ़ी के कलाकारों के साथ काम करना मुझे बहुत अच्छा लगा.

 

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बदलना है महिलाओं को भी

महिलाओं में आगे बढ़ने की चाहत में हो रही समस्या के बारें में राहुल कहते है कि इसमें समाज में सभी की नजरिये को बदलने की जरुरत है. इसमें सिर्फ पुरुषों को ही नहीं, महिलाओं को भी बदलने की जरुरत है. इसमें उन्हें समझना है कि महिलाएं न तो पुरुषों से कम है और न ही अधिक है. दोनों को समान दर्जा प्राप्त है. इसी सोच को मैं अपने अंदर रखता हूँ. मैं ये मानता हूँ कि औरते पुरुषों से अधिक अकलमंद होती है, लेकिन पुरुषसत्तात्मक समाज ने पुरुषों को ही सबसे ऊपर रखा है. पुरुषों को ब्रेड अर्नर का दर्जा है, वे बाहर जाकर कमाएंगे. महिलाएं घर सम्हालेगी. बच्चे से पेरेंट्स के बारें में पूछे जाने पर वे भी पिता को ऑफिस और माँ को किचन में देखते है.

 

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आसपास है स्ट्रोंग महिलाएं

अनुभवी मीरा नायर के साथ काम करने के बाद राहुल ने कई चीजे फिल्मों से सम्बंधित सीखा है. वे कहते है कि मैं मीरा नायर के साथ काम कर खुद को लकी मानता हूँ, इस कहानी की लेखक अर्पिता भी है, जो न्यूयार्क में रहती है. इस फिल्म के साथ जुड़े अधिकतर महिलाएं है. पहले मैंने मीरा नायर जैसी महिला के साथ काम किया है और मेरी पत्नी मैथिलि भी एक स्ट्रोंग महिला है.

मेरी माँ विजया भी एक मजबूत महिला है, उन्होंने बाहर जाकर काम नहीं किया और ये जरुरी भी नहीं होता, पर उनकी सोच में बदलाव रहा. उन्होंने घर में सेंस ऑफ़ इक्वलिटी को हमेशा बनाये रखा. मैं खुद लिखता हूँ, प्रोड्यूस करता हूँ और निर्देशन भी करता हूँ. इसके फिल्म के लिए 2 से 3 साल लगे है, इसलिए जो कहानी मुझे उत्साहित करें, उसे करता हूँ. आगे मैं मनोहर कहानियों के लिखने पर एक शो बना रहा हूँ.

महिलाओं के लिए खास मैसेज

मेरा सभी महिलाओं से कहना है कि सेंस ऑफ़ इक्वलिटी के इमोशन के लिए रुके नहीं. कोई इसे आपको दिला नहीं सकता, इसे आपको खुद के लिए क्रिएट करना पड़ेगा. उसे पहले दिमाग से लाना पड़ता है, ये वुमन्स वर्ल्ड है और वे ही इस समाज और परिवार को बनाने वाली है. बच्चे के पीछे काम को न छोड़े. बच्चों को छोड़कर काम करने पर मन में अपराध बोध न लायें. साहिर मेरा बेटा है और वह जानता है कि मेरे माता और पिता दोनों ही काम करते है. इसके अलावा घर पर रहने वाली महिलाएं भी काम करती है, खाना पकाना घर की देखभाल करना भी एक काम है. इसलिए उन्हें रेस्पेक्ट ऑफ़ इक्वलिटी सभी को देना बहुतजरुरी है.

कुछ बातें सह-कलाकारों की फिल्म गुलमोहर में काव्या सेठ और उत्सवी झा ने भी भूमिका निभाई है, उनसे हुई बातचीत कुछ इस प्रकार है,

काव्या सेठ

दिल्ली की काव्या सेठ जो अब मुंबई में रहती है और एक एक्टर, डांसर और कोरियोग्राफर है. इस फिल्म में दिव्या की भूमिका निभा रही है. इससे पहले भी कावेरी ने कई फिल्मों में काम किया है, लेकिन इस फिल्म में कावेरी को मौका मिलना एक बड़ी बात है, क्योंकि इस फिल्म की भूमिका उनसे काफी मेल खाती है. वह कहती है कि इस फिल्म से मुझे सीख मिली है कि कई बार सभी को खुश रखने की चाहत में व्यक्ति अपनी ख़ुशी को भूल जाता है, लेकिन फिल्म में दिव्या की जो चाहत पति के साथ रहते हुए है, उसे वह कर पाती है. इस फिल्म  में सबके साथ एक टीम में काम करने का अनुभव बहुत अच्छा रहा है. वह फिल्म में भी दिखेगा. शर्मीला टैगोर और मनोज बाजपेयी के साथ काम करने का अनुभव बहुत अच्छा रहा. उन दोनों ने सच में एक परिवार बना लिया था. शर्मीला के एक इंटेंस सीन को देखकर मैं इतनी प्रभावित हुई कि मैं अपने पैर हिलाने लगी, लेकिन शर्मीला ने देखा और मुझे इसे करने से मना किया. इससे मुझे अपने परिवार की याद आई. ये सारी यादें अब मुझे अच्छा अनुभव करवा रही है.

उत्सवी झा

मुंबई की उत्सवी झा फिल्म ‘गुलमोहर’ में अमृता बत्रा की भूमिका निभाई है. रियाल लाइफ में वह एक सिंगर और सोंग राइटर है, उन्होंने एक्टिंग कभी नहीं की है और कभी सोचा भी नहीं था. ये उनकी डेब्यू फिल्म है. इस फिल्म के ऑफर आने पर पहले उन्हें विश्वास नहीं हुआ, कॉन्ट्रैक्ट साईन करने के बाद उन्हें लगा कि वह एक्टिंग करने वाली है. वह कहती है कि मेरे परिवार के अलावा किसी को भी मेरी एक्टिंग के बारें में पता नहीं था. परिवार और दोस्तों ने मेरे इस काम में बहुत सहयोग दिया है. इस फिल्म में काम करना बहुत अच्छा लगा, क्योंकि मैं एक बड़े परिवार में रहती हूँ और इसमें भी मुझे एक बड़ा परिवार मिला है.

ये एक फॅमिली ड्रामा है, जिसमे रिश्तों और उनके संबंधों को दिखाने की कोशिश की गई है और आज हर वर्ग और उम्र के व्यक्ति खुद से इसे रिलेट कर सकेंगे. मैं रियल लाइफ में भी मैं अमृता की तरह ही हूँ, जिसे जो करना है वह अवश्य कर लेती है. इसके अलवा इस फिल्म में ये भी मेसेज है कि परिवार से अनबन कितनी भी हो, लेकिन मुश्किल वक्त में वे हमेशा साथ देते है और परिवार का महत्व हर किसी को देने की जरुरत है.

अंतर्द्वंद्व: आखिर क्यूं सीमा एक पिंजरे में कैद थी- भाग 1

सीमाऔर सतीश ने ज्यों ही औफिस में प्रवेश किया, वे उस की साजसज्जा देख कर हैरान रह गए. एक वकील का औफिस और इतना खूबसूरत. इस की तो उन्होंने कल्पना भी नहीं की थी. सारे दिन अपराधियों की संगति और ?ाठफरेबों का सहारा ले कर रोजीरोटी कमाने वाले एक वकील का औफिस इतना कलात्मक भी हो सकता है, सचमुच हतप्रभ कर देने वाली बात थी.

औफिस में सभी दीवारों पर सुंदर कलात्मक कलाकृतियां सुसज्जित थीं. सामने वाली दीवार पर एक बड़े शीशे के पीछे बहुत ही सुंदर मौडर्न आर्ट टगी थी. औफिस कंप्यूटर, एअरकंडीशनर आदि आधुनिक उपकरणों से भी परिपूर्र्ण था. कुल मिला कर औफिस का वातावरण बहुत ही खुशनुमा और जिंदादिल था.

सीमा और सतीश औफिस की खूबसूरती में ही डूबे हुए थे कि तभी रमेशजी ने प्रवेश किया. उन की उम्र लगभग 60-65 वर्ष की रही होगी परंतु चेहरे और कपड़ों से वे 50-55 के ही नजर आ रहे थे. काली पैंट और सफेद शर्ट में बहुत ही सभ्य, आकर्षक और खूबसूरत लग रहे थे. उन के आकर्षक व्यक्तित्व को देख कर सीमा और सतीश पहली नजर में ही उन से प्रभावित हुए बिना न रह सके.

‘‘कमाल है आप ने अपने औफिस की सजावट बहुत खूबसूरती से कर रखी है. एक वकील से हमें ऐसी उम्मीद नहीं थी,’’ सतीश ने हंसते हुए कहा. हालांकि उस का यह रमेशजी से पहला ही परिचय था फिर भी अपने बातूनी स्वभाव और रमेशजी के हमउम्र होने का उस ने यहां पूरापूरा फायदा उठाया और अपने मन की बात उन से प्रथम मुलाकात और प्रथम वार्त्तालाप में ही कह दी.

सतीश की बात सुन कर सीमा भी मुसकराई और बोली, ‘‘हांहां बहुत ही सुंदर पेंटिंग्स हैं. काफी कीमती भी होंगी. आप ये कहां से लाए?’’

सीमा की बात सुन कर रमेशजी मुसकराने लगे और बोले, ‘‘अरे पेंटिंग्स तो मुफ्त की ही हैं क्योंकि इन्हें बनाने वाला कलाकार अपना ही है.’’

‘‘अरे वाह इतनी सुंदर पेंटिंग्स और वे भी मुफ्त में. माना कि कलाकार अपना ही है फिर भी उस की कला की तो दाद देनी ही पड़ेगी. जब कभी उन से मिलेंगे तो उन की प्रशंसा अवश्य करेंगे,’’ सतीश ने कहा.

 

सतीश की बात सुन कर रमेशजी फिर मुसकराए और बोले, ‘‘फिर देरी

किस बात की. कीजिए प्रशंसा क्योंकि वह अदना सा कलाकार आप के सामने ही है.

सतीश और सीमा के आश्चर्य का ठिकाना न रहा यानी ये सब पेंटिंग्स वकील बाबू ने बनाई हैं.

‘‘अचंभे की बात है साहब. फिर तो आप को वकालत छोड़ कर यही काम करना चाहिए था. कहां यह ?ाठफरेब का धंधा और कहां एक कलाकार का जीवन. दोनों का कोई मेल ही नहीं है.’’

रमेशजी को भी सतीश की बातें भा रही थीं शायद. कोई बहुत दिनों बाद उन से इतनी आत्मीयता से बात कर रहा था वरना लोग तो बहुत आते थे परंतु अपने मतलब की बात कर चले जाते थे. उन के निजी जीवन और उन की पसंदनापसंद का खयाल किसी को भी नहीं था.

वे बोले, ‘‘सतीशजी यह पेट बड़ा पापी होता है और कभीकभी पेट भरने के लिए अपनी इच्छाओं और आकांक्षाओं का गला घोंटना पड़ता है. आप तो जानते ही हैं कि कलाकारों को अकसर अपना पेट काटना पड़ता है. अत: अपनी तथा अपने परिवार की गुजरबसर करने के लिए मु?ो पेंटिंग्स बनाना छोड़ कर वकालत का काम शुरू करना पड़ा. फिर भी मैं समय मिलने पर अपना यह शौक पूरा करता हूं.’’

‘‘मेरी पत्नी सीमा भी बहुत सुंदर पेंटिंग्स बनाती है,’’ सतीश ने कहा.

‘‘अब कहां बनाती हूं. मैं ने तो पेंटिंग्स बनाना कब का छोड़ दिया है,’’ सीमा ने सतीश की बात को काटते हुए कहा. उसे सतीश का इस तरह किसी गैर के सामने अपनी पत्नी की प्रशंसा करना कुछ सुखद पर अजीब सा लग रहा था. सतीश सीमा के मामले में ज्यादा पजैसिव हैं.

‘‘क्यों छोड़ दिया. यह तो अच्छा शौक है. आप को पेंटिंग्स बनाना जारी रखना चाहिए था,’’ रमेशजी ने सीमा की ओर मुंह कर के कहा.

सीमा को उन के पूछने का ढंग बड़ा ही अच्छा लगा. फिर उस ने उत्तर दिया, ‘‘गृहस्थी की जिम्मेदारियां निभातेनिभाते स्त्रियों को अपनी शौक ताक पर रखने ही पड़ते हैं. यही मेरे साथ हुआ. बच्चों का पालनपोषण करने में इतनी मशगूल हो गई कि मु?ो स्वयं की कोई खबर ही नहीं रही.’’

‘‘अब तो आप के बच्चे बड़े हो गए होंगे,’’ रमेशजी ने एक नजर सीमा पर डालते हुए कहा.

हालांकि सीमा उम्र में अधिक बड़ी नजर नहीं आ रही थी फिर भी सतीशजी की उम्र को देख कर उस की उम्र का अंदाजा लगाया जा सकता था कि वह भी लगभग 50 के आसपास तो अवश्य होगी.

‘‘हां बच्चे तो काफी बड़े हो गए हैं और दोनों ही होस्टल में रहते हैं. इंजीनियरिंग कर रहे हैं. कभीकभार ही घर आते हैं. मगर अब पेंटिंग्स बनाने की इच्छा नहीं होती. मु?ो यह भी लगता है अब मैं कभी पेंटिंग्स नहीं बना पाऊंगी. वैसे भी मैं कोई महान कलाकार तो हूं नहीं. यों ही बस थोड़ेबहुत रंग भर लेती थी कैनवास पर,’’ सीमा ने रमेश बाबू से कहा जैसे चाहती हो कि वे उसे फिर से पेंटिंग्स बनाने का आग्रह न करें.

‘‘अजी साहब बहुत सुंदर पेंटिग्स बनाती है. मैं तो इसे कहकह कर थक गया. शायद आप के कहने से ही यह मान जाए. आप एक दिन हमारे घर आइए और देखिए कि इस का हाथ कितना सधा हुआ है,’’ सतीश का यह बदला सा व्यवहार सीमा को नया लग रहा था. क्या कोविड-19 के बाद अपनों की फिक्र अब ज्यादा होने लगी है?

‘‘अवश्य आऊंगा,’’ रमेशजी ने मुसकराते हुए कहा और फिर वे सतीशजी की फाइल देखने में व्यस्त हो गए.

घर पहुंच कर सतीश और सीमा अपनीअपनी दिनचर्या में व्यस्त हो गए और भूल ही गए कि वे रमेशजी को घर आने का न्योता दे आए हैं.

संयोग की बात थी कि एक दिन बाद ही रमेशजी को उन्हीं के घर की तरफ एक और क्लाइंट से मिलने आना था सो आतेआते उन्होंने सोचा क्यों न फिर ना एक मुलाकात सतीश और सीमाजी से भी कर ली जाए. वे दोनों ही उन के मन को भा गए थे. अत: उन्होंने सतीशजी को फोन मिलाया.

संयोग से सतीशजी घर पर ही थे और उन्होंने रमेशजी के घर आने का स्वागत किया.

‘‘आप ने क्याक्या पेंटिंग्स बनाई हैं क्या मु?ो दिखाएंगे?’’ रमेशजी ने सीमा से कहा.

‘‘कुछ खास नहीं. इन की तो आदत मेरी प्रशंसा नहीं करने की है पर आप की पेंटिंग्स देख कर कुछ बदल से गए हैं,’’ सीमा ने सकुचाते हुए कहा.

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