Story in hindi
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लिवइन रिलेशनशिप को सब से बड़ा नुकसान यह है कि लडक़ी को हमेशा यह संदेह रहता है कि अगर पार्टनर छोड़ कर चला गया तो वह आॢथक रूप से कमजोर हो जाएगी. लिवइन रिलेशन शिप भी शादी की तरह ही होते है जिन में लडक़ा ज्यादा कमाता है और घर खर्च का भार उठाता है अगर मकान, गाड़ी व्यवसाय लडक़े के नाम हो तो कुछ दिन बाद पार्टनर को ङ्क्षचता होने लगती है कि चाहे वह कमाऊ क्यों न हो, अलग हो जाने के बाद वह लिङ्क्षवग स्टैर्ड नहीं रख सकेगी जो पार्टनर के साथ रहने पर मिलता है और वहीं उसे हक भी न मिलेगा.
लिवइन जोड़ों में ये झगड़े बढऩे लगे हैं और पूनावाला व श्रद्धा का मामला उन में से एक है जिस की जड़ में फाइनेंशियल इनस्क्यिोरिटी रही लिवइन समझौता लड़कियों के लिए बहुत खतरनाक है तो केवल इसलिए कि दोनों मिल कर जो कमाते है उस से जो लाइफ स्टाइल मिलता है वह एक की कमाई से नहींं मिल सकता. पार्टनस में पैस को ले कर झगड़ा इसलिए आम बात है.
इस का कोई आसान हल नहीं अदालतों ने लड़कियों के दरवाजे खटखटाने पर लिवइन रिलेशनशिप के बावजूद उन्हें मैंनटेनैंस देनी शुरू कर दी है पर इस का कानूनी आधार नहीं है इस पर आपत्ति इसलिए नहीं होती कि लडक़ी जब अदालत का दरवाजा खटखटाती तो वाकई बुरी हालत में होती है.
लिवइन रिलेशनशिप को कानूनी जामा पहनाना भी गलत होगा क्योंकि यह लडक़ेलड़कियों की स्वतंत्रता को खत्म कर देगा. कुछ मामलों में हत्या तक बात पहुंच जाए केवल इसीलिए इन कच्चे संबंध पर लिमेंट पोतना भी संबंधों से फ्रीडम छीनना होगा.
यह तो मामला समझदारी का है. लिवइन में रहने वाले हरेक को अपनी हैसीयत समझनी चाहिए और संबंध कभी भी टूट जाए, इस की तैयारी करते रहना चाहिए. लिवइन में पार्टनर में आंख मूंद कर भरोसा गलत होगा. लिवइन में फाइनेंस अलग रखे जाए और खर्चें इस तरह बढ़ा नहीं लिए जाए कि दो को अलग रहना तो मुश्किल हो जाए. लिवइन रिलेशनशिप एक ऐसी पार्टनरशिप है जिस में ट्रेन में एक कूपे में सफर करने वाले होते साथसाथ है पर अपना खर्च संपत्ति अलग रखते हैं.
लिवइन को बिना कानूनी आधार वाली आजाद शादी की शक्ल देना गलत है. शादी में ढेरों बंधन हैं जो सदियों से समाजों ने चाहे मनचाहे लगाए हैं. लड़कियों को यह समझ देर से आती है क्योंकि उन का माहौल और उन्हें जानकारी तो उन से मिलती है जो शादीशुदा है. वे ही बेचैन होती हैं. वे ही रिलेशनशिप को पक्का करने पर विवाद करती हैं, वे आमतौर पर पैसे के बारे ङ्क्षचतित रहती हैं.
पपड़ीदार व रूखी त्वचा, कटेफटे होंठ, फटी एडि़यां आदि ऐसी आम समस्याएं हैं, जिन का सामना सर्दियों में सभी को करना पड़ता है. सर्दियों में हम रूमहीटर और ब्लोअर का भी इस्तेमाल करते हैं. इस से हमारी त्वचा का रूखापन बढ़ता है, क्योंकि ये हमारी त्वचा से नमी सोखते हैं, जिस से त्वचा बेजान और पोषणविहीन हो जाती है. इसीलिए हम आप को कुछ टिप्स दे रहे हैं, जिन पर गौर कर आप सर्दी के मौसम में भी पा सकती हैं दमकती त्वचा:
त्वचा में नमी बनाए रखें
त्वचा शरीर का महत्त्वपूर्ण अंग है. इसे कोमल और पोषित बनाए रखने के लिए अतिरिक्त देखभाल की जरूरत होती है. क्रीमयुक्त मौइश्चराइजर, औयल बाथ और नहाते समय विटामिन ई युक्त बौडी वाश का इस्तेमाल करने से त्वचा में नमी बरकरार रहती है.
बौडी लोशन आप घर पर भी बना सकती हैं. औलिव औयल, आमंड औयल और विटामिन के कुछ कैप्सूल्स का ऐक्स्ट्रैक्ट अच्छी तरह मिलाएं. आप का बौडी लोशन तैयार हो गया.
इस मौसम में एक बार सैलून में जा कर फेशियल या बौडी मसाज कराना भी फायदेमंद रहता है. फेशियल के लिए आप रैडिएंस ग्लो फेशियल का चयन कर सकती हैं. इस में भरपूर ऐंटीऔक्सीडैंट्स होते हैं, जो त्वचा में नमी के स्तर को संतुलित रखते हैं. सर्दियों में कोकोआ बटर से बौडी मसाज कराने से बेहतर और कुछ नहीं हो सकता है. कोकोआ बटर त्वचा को कोमल तो बनाता ही है, उसे दागधब्बे और मृत कोशिकाओं से भी मुक्त करता है.
कोमल होंठ
सूखे, पपड़ीदार, कटेफटे होंठों की समस्या से छुटकारा पाने का सब से आसान तरीका है कि अपने हैंडबैग में छोटा सा लिप बाम रखें. प्राकृतिक रूप से होंठों में नमी लाने के लिए नियमित तौर पर नारियल या बादाम तेल लगाएं. इस से सूखे होंठ जल्दी भरते हैं और उन का कालापन भी दूर होता है.
फटी एडि़यां
फटी एडि़यां न केवल बदसूरत दिखती हैं बल्कि उन में दर्द भी होता है. इस की प्रमुख वजह होती है. सर्दियों में परेशानी ज्यादा हो जाती है. फटी एडि़यों की समस्या से छुटकारा पाने के लिए नियमित तौर पर उन की क्लीनिंग, स्क्रबिंग और मौइश्चराइजिंग जरूरी है. इस के लिए आप सैलून से इंटैंस मौइश्चराइजिंग पैडीक्योर करा सकती हैं.
इंटैंस मौइश्चराइजिंग पैडीक्योर से मांसपेशियों को आराम मिलना है. पैडीक्योर त्वचा में रक्तप्रवाह बढ़ा कर त्वचा को पोषण देता है. इस के अतिरिक्त नियमित रूप से पैट्रोलियम जैली, फुट क्रीम लगाने से भी फटी एडि़यों को आराम मिलता है. इस के अलावा धूल आदि से बचने के लिए मोजे या फिर बंद जूते पहनें.
हाथों, घुटनों और टखनों की देखभाल
अकसर सर्दियों में घुटने और टखने काले पड़ने लगते हैं. उन पर नीबू और शहद रगड़ने से उन का रंग निखरने के साथसाथ उन में नमी बरकरार रखने में मदद मिलती है.
एक अध्ययन के अनुसार हाल के वर्षों में किशोरावस्था के लड़केलड़कियों में यौन संबंधों में तेजी से वृद्धि होने का मुख्य कारण विवाह की उम्र का बढ़ना है. जीव विज्ञानियों के अनुसार, बच्चे शारीरिक रूप से 13 साल की उम्र में परिपक्व हो जाते हैं और उन में सैक्स की इच्छा जाग्रत होने लगती है, जबकि अब उन का विवाह औसतन 27 वर्ष की उम्र में होता है. ऐसी स्थिति में वे इतने लंबे समय तक सैक्स की इच्छा को दबा पाने में असमर्थ होते हैं और वे यौन संबंध स्थापित कर लेते हैं.
अध्ययन में पाया गया है कि लड़कियों की तुलना में लड़के सैक्स संबंध में अधिक रुचि लेते हैं, जबकि लड़कियां भावनात्मक लगाव पसंद करती हैं. लेकिन लड़कियां जब लड़कों से भावनात्मक रूप से जुड़ती हैं, तो वे भी यौन संबंध की इच्छा प्रकट करने लगती हैं. आम धारणा है कि लड़कियां खुद को सैक्स से दूर रखना चाहती हैं, लेकिन इस का कारण परिवार और समाज का डर होता है. इसलिए इस से यह साबित नहीं होता कि लड़कियों में यौन इच्छा कम होती है.
कुछ लड़कियों का मानना है कि यौन संबंध के बगैर भी किसी लड़के से दोस्ती निभाई जा सकती है, लेकिन कुछ समय बाद भी जब लड़की यौन संबंध के लिए राजी नहीं होती है, तो उसे असामान्य मान लिया जाता है और उन की दोस्ती टूट जाती है. इसलिए मजबूरीवश भी लड़कियों को इस के लिए तैयार होना पड़ता है. कुछ लड़कों का कहना है कि लड़कियां शर्मीले स्वभाव की होती हैं, इसलिए वे सैक्स के मामले में पहल नहीं करती हैं, लेकिन बाद में इस के लिए तैयार हो जाती हैं.
किशोर लड़केलड़कियों के बीच यौन संबंध महानगरों में तो आम बात हैं ही, छोटे शहर व कसबे भी अब इन से अछूते नहीं हैं. कुछ लड़कों का कहना है कि कौमार्यता उन के लिए कोई माने नहीं रखती. शादी से पहले यौन संबंध बनाना कोई बुरी बात नहीं है. जबकि कुछ लड़कियों का कहना है कि इस मामले में लड़के दोहरा मानदंड अपनाते हैं. एक तरफ तो वे शादी से पूर्व शारीरिक संबंधों को बढ़ावा देते हैं, लेकिन शादी के मामले में वे ऐसी लड़की से ही शादी करना चाहते हैं, जिस ने शादी से पूर्व यौन संबंध स्थापित न किए हों.
यौन संबंधों की शुरुआत
किशोरावस्था के लड़केलड़कियों में यौन संबंधों की शुरुआत शारीरिक आकर्षण से होती है. जब लड़कालड़की एकदूसरे से सम्मोहित हो जाते हैं, तो वे एकदूसरे को प्यार से छूते और चूमते हैं और फिर बहुत जल्द ही उन में यौन संबंध कायम हो जाते हैं. लेकिन प्यार और दोस्ती उसी अवस्था में अधिक दिनों तक कायम रह पाती है जब शारीरिक संबंधों को महत्त्व न दिया जाए. जब प्यार पर सैक्स हावी हो जाता है तो जल्द ही उन का मन सैक्स से भर जाता है और संबंध टूट जाते हैं, क्योंकि यहां भावनात्मक लगाव कम या कह सकते हैं कि न के बराबर होता है. माना जाता है कि ऐसे मामलों में लड़कियां खुद को अधिक असुरक्षित महसूस करती हैं.
अधिकतर मामलों में वे लड़कों पर आंख बंद कर विश्वास नहीं करतीं. कभीकभी वे बड़ों से भी सलाह लेती हैं. लड़कियां किशोरावस्था में अपने व्यक्तित्व के विकास पर अधिक ध्यान देती हैं. वे लड़कों के बराबर चलना चाहती हैं. लेकिन इस का अर्थ यह नहीं है कि लड़कियां संबंध बनाने में दिलचस्पी नहीं लेतीं, बल्कि वे इस में बराबर की भागीदार होती हैं. कुछ लड़कों का तो यहां तक कहना है कि आज के समय में लड़कियां लड़कों से आगे हो गई हैं. वे लड़कों के बीच भेदभाव पैदा कर देती हैं. सैक्स एवं यौन संबंधों के बारे में जानकारी के मुख्य स्रोत टैलिविजन, पत्रपत्रिकाएं, सिनेमा आदि हैं. लेकिन सैक्स शिक्षा के अभाव तथा सही मार्गदर्शन न मिलने के कारण वे भटक जाते हैं. इस का सब से अधिक खमियाजा लड़कियों को भुगतना पड़ता है.
लड़कियां यौन संबंध स्थापित तो कर लेती हैं, लेकिन गर्भनिरोध की जानकारी के अभाव में वे गर्भवती हो जाती हैं. हालांकि अधिकतर मातापिता का यह कहना है कि भारत में गैरशादीशुदा किशोर लड़कियों में गर्भवती होने के बहुत कम मामले होते हैं. शिक्षकों का भी यही मानना है. इस का कारण यह है कि मातापिता और शिक्षक इस मामले में अनभिज्ञ होते हैं, क्योंकि अधिकतर मामलों में उन्हें पता ही नहीं होता कि उन के बच्चे शारीरिक संबंध बनाए हुए हैं. बच्चे भी डर से ऐसी बातें मातापिता या शिक्षकों को नहीं बताते. लड़केलड़कियां खुद ही गर्भपात कराने डाक्टर के पास चले जाते हैं. ऐसे मौके पर उन के दोस्त उन का साथ देते हैं. हालांकि कुछ मामलों में लड़कियां गर्भपात नहीं कराना चाहतीं, लेकिन चूंकि उन के पास दूसरा कोई उपाय नहीं होता, इसलिए अंतत: उन्हें गर्भपात कराना ही पड़ता है.
इंटरनैशनल प्लांड पैरेंटहुड फैडरेशन के अनुसार विश्व भर में हर साल कम से कम 20 लाख युवतियां गैरकानूनी गर्भपात कराती हैं. चिकित्सकों के अनुसार महिलाओं की तुलना में किशोरवय की लड़कियों में गर्भपात अधिक घातक साबित होता है. अवैध और असुरक्षित यौन संबंध एड्स का बहुत बड़ा कारण है. हालांकि एड्स के भय से अब एक ही साथी से यौन संबंध बनाने में लड़केलड़कियां अधिक रुचि रखने लगे हैं, फिर भी शारीरिक संबंध बनाने के समय वे कोई सावधानी नहीं बरतते. कुछ स्कूलों में बच्चों को एड्स के बारे में शिक्षा दी जाने लगी है और कुछ मातापिता भी अपने बच्चों को एड्स तथा सुरक्षित सैक्स की जानकारी देने लगे हैं. फिर भी एचआईवी के नियंत्रण के लिए चलाए जा रहे एकीकृत राष्ट्रीय कार्यक्रम के कार्यकारी निदेशक की रिपोर्ट के अनुसार एचआईवी के नए मामलों में 60% मामले 15 से 24 वर्ष के बीच के युवाओं के पाए गए. इन में लड़कों की तुलना में दोगुनी लड़कियों में एड्स के मामले पाए गए.
अधिकतर मामलों में मातापिता को पता नहीं होता कि उन के बच्चे शारीरिक संबंध स्थापित किए हुए हैं. फिर भी यदि मातापिता और शिक्षक चाहें तो सैक्स अपराध को कुछ हद तक नियंत्रित कर सकते हैं. इस के लिए बच्चों को समय पर उचित सैक्स शिक्षा दी जानी चाहिए. प्रतिकूल हालात में उन की मदद करनी चाहिए. इस के अलावा उन्हें अपनी ऊर्जा किसी खेल या इसी तरह के दूसरे किसी शौक में लगाने के लिए प्रोत्साहित करना चाहिए.
आज एड्स जैसी बीमारियों का प्रकोप तेजी से फैल रहा है. ऐसे में किशोरों में फैल रही यौन उच्छृंखलता पर नियंत्रण आवश्यक है. इस के लिए किशोरों को सैक्स से दूर रहने की शिक्षा देने या सैक्स के बारे में आधीअधूरी जानकारी देने के बजाय उन्हें सही अर्थों में सैक्स के बारे में ज्ञानवान बनाया जाना चाहिए ताकि वे अपने विवेक का इस्तेमाल करते हुए सही मार्ग अपना सकें.
सवाल
मैं 46 वर्षीय घरेलू महिला हूं. मेरे भाई को लिवर ट्रांसप्लांट की जरूरत है. मैं उसे अपना लिवर दान करना चाहती हूं. ऐसा करने से मेरे स्वास्थ्य और जीवन पर तो कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा?
जवाब
लिवर ट्रांसप्लांट के लिए जीवितदाता से लिवर का केवल एक भाग ही लिया जाता है पूरा लिवर नहीं. किसी भी इंसान को जीवित रहने के लिए 25% लिवर ही काफी है. हम 75% प्रतिशत लिवर निकाल सकते हैं. लिवर का जितना भाग निकाला जाता है
वह छह सप्ताह में फिर से विकसित हो कर सामान्य आकार ले लेता है. लिवर दान करने के लिए दाता का शारीरिक और मानसिक रूप से फिट होना बहुत जरूरी है.
दाता से लिवर लेने के पहले सारे टैस्ट किए जाते हैं कि लिवर लेने के बाद वह फिर से विकसित होगा या नहीं. सारे टैस्ट पौजिटिव आने के बाद ही दाता से लिवर लिया जाता है.
घर पर अपनों के साथ खाने का मजा ही कुछ ओर होता है और उसके लिए ज़रुरी है कि हम कुछ आसान तरीकों से जल्दी खाना पका लें, तो ऐसे में आपके लिए तैयार है दालसब्जी बिरयानी की रेसेपी.
सामग्री
-1/4 कप धुली मसूर दाल
-1 कप चावल
-1/2 कप गोभी के छोटे कटे टुकड़े
-1/4 कप हरे मटर के दाने
-1/2 कप प्याज लंबाई में कटा
-2 टमाटर कद्दूकस किए
-1 छोटा चम्मच अदरक व लहसुन पेस्ट
-1/4 छोटा चम्मच लालमिर्च पाउडर
-2 छोटे चम्मच धनिया पाउडर
–1 छोटा चम्मच जीरा2 छोटे चम्मच खसखस
-10-12 केसर के धागे
-1/2 छोटा चम्मच गरममसाला
-3 बड़े चम्मच घी या तेल
-नमक स्वादानुसार.
विधि
-खसखस को 1 घंटा गरम पानी में भिगो कर पीस लें. चावलों व दाल को 20 मिनट अलगअलग पानी में भिगो दें. फिर चावलों को 5 कप उबलते पानी में गलने तक पकाएं.
-अब पानी निथार दें. मटरों और गोभी के टुकड़ों को भाप में थोड़ा कम गलने तक पका लें. केसर के धागों को 1 चम्मच कुनकुने दूध में भिगो दें.
-एक नौनस्टिक कड़ाही में घी गरम कर के प्याज सुनहरा होने तक भून कर निकाल लें. बचे घी में जीरे का तड़का लगा कर अदरक व लहसुन पेस्ट भूनें. फिर टमाटर डालें. 2 मिनट बाद लालमिर्च, धनिया पाउडर, नमक
-खसखस व गरममसाला डाल कर घी छूटने तक भूनें इस में दाल और सब्जियां डाल कर 2 चम्मच पानी डाल कर ढक कर पकाएं ताकि दाल गल जाए.
-जब सब्जियों व दाल से मसाला अच्छी तरह लिपट जाए तब केसर डाल कर कुछ सैकंड भूनें. अब एक बाउल में नीचे भुने प्याज के कतले डालें, फिर चावलों की तह लगाएं.
-ऊपर से थोड़ी सब्जी डालें. पुन: चावलों की तह, फिर भुना प्याज डालें. 2 चम्मच दूध डाल कर इसे ओवन में 200 डिग्री सैल्सियस पर 5 मिनट पकाएं. बिरयानी तैयार है. चटनी, दही या सौस के साथ टिफिन में रख लें.
मशहूर बिग बॉस11 ओटीटी की विजेता दिव्या अग्रवाल ने रचाई सगाई. जी हां, बिजनेसमैन और ब्याफ्रेंड अपूर्व पडगांवकर संग सगाई कर ली है.इस बात की जानकारी खुद दिव्या ने अपने इंस्टाग्राम पर फोटो शेयर कर के दी है.
आपको बता दे, कि एक्ट्रेस दिव्या अग्रवाल ने सगांई अपने जन्मदिन पर सेलिब्रेट की है. उन्होने अपनी सगाई से जुड़ी तस्वीरें सोशल मीडिया पर साझा की है. इससे पहले एक्ट्रेस वरुण सूद को डेट कर रही थी, जिनसे ब्रेकअप के 8 महीने बाद अब उन्होंने सगाई कर ली है लेकिन ये सगाई उन्होने अपूर्वा पडगांवकर से की है.
जी हां,अपूर्वा द्वारा पहनाई गई अंगूठी की फोटो साझा की है साथ ही कैप्शन में लिखा कि “अब मैं कभी भी अकेली नहीं चलूंगी” हालांकि फोटो शेयर कर दिव्या ट्रोलर्स के निशाने पर आ गई. कुछ यूजर्स ने उन्हे जमकर ट्रोल किया है. कुछ यूजर्स ने जहां वरुण सूद को दिव्या अग्रवाल के लिए बेस्ट बताया तो वहीं कुछ यूजर्स ने बिजनेसमैन संग सगाई करने के लिए एक्ट्रेस पर निशाना साधा.
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बता दें,कि उनकी सगाई कोई हिन्दू रीती रिवाजों के साथ नहीं है बल्कि, जन्मदिन की पार्टी के समय ही बिजनेसमैन अपूर्वा पडगांवकर ने दिव्या अग्रवाल को रिंग देकर प्रोपज किया और दिव्या ने अगूंठी पहनकर अपूर्वा पडगांवकर को अपना जीवन साथी चुन लिया है.
दिव्या अग्रवाल ने इंस्टाग्राम पर अपूर्वा के साथ फोटोज साझा कर रिलेशनशिप की जानकारी दी.एक्ट्रेस ने लिखा, “क्या मैं कभी मुस्कुराना बंद करूंगी? बिल्कुल नहीं. जिंदगी और चमकदार हो गई है और यह सफर साझा करने के लिए मुझे एक सही इंसान भी मिल गया है. इनका #Baico इस बात का वादा है. इस खास दिन के बाद मैं कभी भी अकेले नहीं चलूंगी”.
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दिव्या अग्रवाल और अपूर्वा पडगांवकर पार्टी में सबके सामने रोमांटिक भी हुए. एक तस्वीर में अपूर्वा एक्ट्रेस के माथे पर किस करते दिखाई दिए. दिव्या अग्रवाल बिग बॉस 11 का हिस्सा रह चुकी है. इससे पहले वो प्रियांक शर्मा को भी डेट कर चुकी है. दोनों की मुलाकात ‘स्प्लिट्सविला’ में हुई थी. हालांकि उनका रिलेशनशिप ज्यादा दिनों तक नहीं चल पाया था.
“गुम है किसी के प्यार में” मशहूर शो इन दिनों मीडिया की सुर्खियों में बना हुआ है टीवी शो टीआरपी की रेस में शामिल है शो में आने वाले मोड़ फैंस को काफी पसंद आ रहे है. हाल ही में गुम है किसी के प्यार में का एक प्रोमो वीडियो सामने आया है. जिसे देख काफी एंटरटेन हो जाएंगे. शो में नया मोड़ आया है जिसका असर सई, पाखी और विराट की जिंदगी पर पडेगा. वीडियो को देखकर ये कहा जा सकता है तीनों की जिंदगी अब बदल जाएगी.
आपको बता दें, कि प्रोमो वीडियो में दिखाया गया है कि सपने में सई और विराट एक बस के साथ खेलते दिखाई देते हैं, जिसे लेकिन विनायक कहता है कि इसमें हम जल्द ही पिकनिक करने जाएंगे. वह जैसे ही बस को रिमोट से चलाता है, सवि उसकी स्पीड को बढ़ाने के लिए कहती है. आगे जाकर बस नीचे गिर जाती है. दूसरी तरफ सई और विराट भी चौंककर नींद से उठ जाते हैं और बुरी तरह घबरा जाते हैं.बता दे, इस प्रोमो वीडियो को अबतक 20 हजार लोग देख चुके है .
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प्रोमो वीडियो को देख फैंस कई तरह के कमेंट्स कर रहे है और तरह-तरह के सवाल कर रहे है. एक यूजर ने प्रोमो पर कमेट करते हुए लिखा है कि “फिर से बस हादसा” तो वहीं दूसरे यूजर ने सवाल किया है, “इस हादसे के बाद सई और विराट एक होंगे या फिर विराट और पाखी एक होंगे” दूसरे यूजर ने शो को लेकर बात कही और लिखा, कि “इस हादसे के बाद यह भी सच बाहर आएगा कि विनायक सई और विराट का बेटा है”
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वह दिन उन दोनों की जिंदगी का एक अहम दिन था जब दोनों अस्पताल में टेस्ट के बाद कोरोना नेगेटिव निकले थे. अभी उन्हें चौदह दिनों तक क्वारंटाइन में और रहना था. सो दोनों फिर से निनाद के घर चले गए.
घर पहुंचकर निनाद ने अम्बा से कहा, “अम्बा, में ताउम्र तुम्हारा शुक्रगुजार रहूंगा कि तुम मेरी सारी ज़्यादतियाँ भुलाकर मुझे मौत के मुंह से वापस खींच लाई. मैं वादा करता हूं तुमसे, अब कभी पुरानी गलतियां नहीं दोहराऊंगा. कभी बेबात तुम पर नहीं चिल्लाऊंगा. आई एम रीयली वेरी सॉरी. मुझे माफ कर दो.’’
“निनाद, तुम्हारे माफ़ी मांगने से क्या रो रो कर, कुढ़ते झींकते तुम्हारे साथ बिताए तीन साल अनहुए हो जाएँगे? उन तीन सालों में तुमने मुझे जो दर्द दिया, तुम्हारे सॉरी कह देने से क्या उनकी भरपाई हो जाएगी? मैं कैसे मान लूँ कि तुम अब पुरानी बातें नहीं दोहराओगे? नहीं नहीं, हम अलग अलग ही ठीक हैं. अब मुझमें तुम्हारी फ़िज़ूल की कलह को झेलने की सहनशक्ति भी नहीं बची है.मैं अकेले बहुत सुकून से हूँ.“
उसकी बातें सुन निनाद ने उससे फिर से मिन्नतें की “अम्बा, मेरा यकीन करो, तुमसे अलग रह कर अब मुझे अपनी गलती का एहसास हो गया है कि मैंने तुम्हारे साथ बहुत अन्याय किया. बेवज़ह तुमसे झगड़ा करता रहा. प्लीज़ अम्बा, एक बार मुझे माफ़ करदो. वादा करता हूँ, तुम्हें कभी मुझसे शिकायत नहीं होगी. प्लीज़ अम्बा.’’
निनाद की ये बातें सुन अम्बा को अभी तक यकीन नहीं हो रहा था कि यह वही निनाद है जो कुछ महीनों पहले तक उससे बात बात पर लड़ाई मोल लेता था. बहाने बहाने से उसे सताता था. कुछ सोच कर उसने निनाद से कहा, “इस बार तो मैं तुम्हारी बात मान लेती हूँ, लेकिन एक बात कान खोलकर सुन लो, अगर अब तुमने फिर से बेबात मुझसे कभी भी कलह की, बेवज़ह मुझसे झगड़े तो मैं उसी वक़्त तुम्हें छोड़ कर चली जाऊँगी और तुमसे तलाक लेकर रहूंगी. पढ़ी लिखी अपने पैरों पर खड़ी हूं, अकेले जिंदगी काटने का दम खम रखती हूं. इतने दिनों से अकेली बड़े चैन से रह ही रही हूँ. अब मैं तुम्हें अपनी मानसिक शांति भंग करने की इज़ाजत हर्गिज़ हर्गिज़ नहीं दूँगी. ना ही अपनी बेइज्ज़ती करवाऊंगी. तुम्हें अपनी गलती का एहसास हो गया, इसलिए इस बार तो मैंने तुम्हें माफ़ किया लेकिन याद रखना, अगली बार तुम्हें कतई माफ़ी नहीं मिलेगी.“
“नहीं, नहीं अम्बा, भरोसा रखो, अब मैं तुम्हें शिकायत का मौका हर्गिज़ हर्गिज़ नहीं दूंगा. मैं वास्तव में अपनी पुरानी ज़्यादतियों के लिए बहुत शर्मिंदा हूँ. अब हम एक नई जिंदगी की शुरुआत करेंगे. जिंदगी की यह दूसरी पारी तुम्हारे नाम, माय लव,” यह कहते हुए निनाद ने अम्बा को अपने सीने से लगा लिया था .
पति की बाहों में बंधी अम्बा को लगा, मानो पूरी दुनिया उसकी मुट्ठी में थी. निनाद के साथ साझा, सुखद भविष्य के सतरंगे सपने उसकी आंखों में झिलमिला उठे.उसे लगा, एक अर्से बाद उसके चारों ओर खुशियों के फ़ूल गमक महक उठे थे.
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