cancer prevention : ब्रैस्ट का सैल्फ ऐग्जामिनेशन क्या होता है और ब्रैस्ट कैंसर के डायग्नोसिस और उपचार में यह कितना महत्त्वपूर्ण है?

ब्रैस्ट कैंसर के लगातार बढ़ते मामलों को देखते हुए हर महिला को महीने में एक बार अपने स्तनों की जांच स्वयं करनी चाहिए. आप पीरियड्स खत्म होने के 4-5 दिन बाद ऐसा करें. जिन महिलाओं का मेनोपौज हो चुका है वे भी महीने की एक तारीख निर्धारित करें और हमेशा उसी दिन अपने स्तनों की जांच करें. आप आईने के सामने खड़ी हो जाएं और अपने एक हाथ को ऊपर उठा लें और दूसरे हाथ से स्तन को जांचें. अपनी बगल को भी दबा कर देखें क्योंकि कई बार कैंसर की गांठ बगल में भी विकसित हो सकती है. धीरे से अपने निप्पल को भी दबाएं, कोई डिस्चार्ज तो नहीं निकल रहा है. ऐसा दूसरे हाथ से भी करें. आईने में यह भी देखें कि कहीं स्तन का रंग तो बदरंग नहीं हो रहा है या स्तन के आकार में कोई असामान्य बदलाव तो नहीं आया है. ब्रैस्ट का सैल्फ ऐग्जामिनेशन बहुत महत्त्वपूर्ण है. शुरुआत में ही ब्रैस्ट कैंसर का पता चलने से उपचार बहुत आसान होता है और पूरी तरह ठीक होने की संभावना काफी बढ़ जाती है.

मेरी मां को ब्रैस्ट में ट्यूमर है. डाक्टर ने सर्जरी के द्वारा ट्यूमर को निकालने को कहा है लेकिन मैं ने सुना है पूरा ब्रैस्ट निकालनी जरूरी है नहीं तो यह दोबारा हो सकता है.

सर्जरी के द्वारा ब्रैस्ट के उसी भाग को निकाला जाता है जिस में कैंसर होता है. डाक्टर हमेशा ब्रैस्ट को सुरक्षित रखना चाहते हैं क्योंकि यह मरीज के आत्मविश्वास और सामान्य जीवन जीने के लिए बहुत जरूरी है. स्वस्थ ब्रैस्ट को बचाने से दोबारा कैंसर होने का रिस्क नहीं बढ़ता है. आप अपने डाक्टर पर विश्वास बनाए रखें और उन के निर्देशों का पालन करें.

मेरे पति को पिछले कुछ महीनों से लगातार खांसी आ रही थी. 1-2 बार बलगम में खून भी आया. क्या यह फेफड़ों के कैंसर का संकेत है? लेकिन उन्होंने तो जीवन में कभी सिगरेट नहीं पी है.

यह सही है कि फेफड़ों के कैंसर को पहले स्मोकर्स डिजीज के नाम से जाना जाता था लेकिन आज हालात बदल गए हैं. बढ़ते वायु प्रदूषण, खानपान की गलत आदतों, शारीरिक सक्रियता की कमी के कारण धूम्रपान न करने वाले भी फेफड़ों के कैंसर के शिकार हो रहे हैं. आप डाक्टर को दिखाएं, छाती का ऐक्सरे या सीटी स्कैन कराने पर ही स्थिति स्पष्ट होगी. फेफड़ों के कैंसर का संदेह होने पर बायोप्सी या ब्रोन्कोस्कोपी कराई जाएगी.

मैं 24 वर्षीय महिला हूं. 2 महीने पहले मुझे बेटी हुई है. मैं बच्चे को दूध पिला रही हूं. मेरे दाएं स्तन में एक गांठ हो गई है. क्या मैं ब्रैस्ट कैंसर से पीडि़त हूं?

स्तन में होने वाली हर गांठ स्तन कैंसर के कारण नहीं होती है. जो महिलाएं बच्चे को दूध पिला रही होती हैं उन में गैलेक्टोसिल (दूध की गांठ) हो जाती है. यह स्तनपान कराने वाली महिलाओं में सामान्य है. हो सकता है आप के स्तन में भी दूध की गांठ हो. आप डाक्टर को दिखाएं. बेसिक जांच कराने पर डाक्टर बताएगा कि आप को आगे जांच करानी चाहिए या नहीं. यह सुनिश्चित करने के लिए कि यह गांठ कैंसर की है बायोप्सी कराना जरूरी है.

कैंसर के लगातार बढ़ते मामलों को देख कर बहुत डर लगता है. कैंसर से बचने के लिए क्याक्या जरूरी कदम उठाए जा सकते हैं?

यह सही है कि कैंसर एक बहुत गंभीर और जानलेवा स्वास्थ्य समस्या है. यह किसी को किसी भी किसी भी उम्र में हो सकता है. लेकिन ऐसा नहीं है कि इस से बचने के लिए आप कुछ नहीं कर सकते. कुछ उपाय हैं जिन के द्वारा आप कैंसर के खतरे को काफी कम कर सकते हैं. जैसे कैंसर से होने वाली कुल मौतों में से एकतिहाई धूम्रपान के कारण होती हैं. इस के अलावा खानपान की गलत आदतें, वजन अधिक होना और शारीरिक सक्रियता की कमी भी कैंसर के प्रमुख रिस्क फैक्टर्स हैं. विश्वभर में हुए कई शोधों में यह बात सामने आई है कि कैंसर के कुल मामलों में से 25-30त्न से स्वस्थ्य व पोषक भोजन का सेवन कर के, शारीरिक रूप से सक्रिय रह कर और मोटापे का शिकार न हो कर बचा जा सकता है.

मेरे पिता को लिवर कैंसर और मां को ब्रैस्ट कैंसर है. मैं अपने भाईबहनों को ले कर बहुत चिंतित हूं. क्या मातापिता दोनों को कैंसर होने से उन के बच्चे हाई रिस्क कैटेगरी में आते हैं?

यह सही है कि आनुवंशिक कारक कैंसर के लिए एक प्रमुख रिस्क फैक्टर्स में से एक हैं लेकिन परिवार में जब 3 पीढि़यों तक कैंसर के मामले लगातार होते हैं तब उसे आनुवंशिक या हेरिडिटरी माना जाता है. आप के मातापिता दोनों को कैंसर है इस से आप को घबराने की जरूरत नहीं है. उन में आपस में कोई रक्त संबंध नहीं है क्योंकि वे अलगअलग परिवारों से आते हैं इसलिए इसे आनुवंशिकता से संबंधित नहीं माना जा सकता है.

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से अपनी समस्या 9650966493 पर भेजें.-डा. अरुण कुमार गोयल, चेयरमैन, सर्जिकल औंकोलौजी, ऐंड्रोमेडा कैंसर हौस्पिटल, सोनीपत.

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