Hindi Story : ‘ सुनों, आज तुम्हारी बड़ी मामी का फोन आया था.’’ औफिस से आते ही सुधीर ने कहा.
‘‘अच्छा, तुम्हारे नंबर पर?’’ सुरभी ने पूछा, ‘‘मामी क्या कह रही थी?’’ चाय का प्याला सुधीर को पकड़ाते हुए सुरभी ने पूछा.
‘‘कुछ ज्यादा नहीं वह उन के बेटे अपूर्व की शादी है अगले महीने. उसी का निमंत्रण देने के लिए फोन किया था. कह रही थीं शादी में जरूर आना है. तुम से बात करने के लिए भी कह रही थीं. तुम कल बात कर लेना.’’
‘‘हां, कल ही करूंगी आज तो रात भी हो गई. बेवक्त बात करना तो ठीक नहीं,’’ कह कर सुरभी काम में लग गई. पर मन बड़ी मामी पर ही उल?ा गया. उन का बेटा अपूर्व मन बारबार इसी शब्द पर उल?ा रहा था. क्या वह सच में उन का बेटा है या मामी यहां भी छली गईं? क्या अपूर्व उन्हें अपनी मां सम?ाता है या संबंधों का निर्वाहन मात्र है?
सुरभी की नानी का घर भरापूरा था पर सब से ज्यादा प्यार बड़े मामा से मिलता था. मामा ने एक शादी समारोह में उन्होंने बड़ी मामी को देख लिया था और उन्हीं से शादी करने की ठान ली.
जब यह बात उन्होंने नानी से कही तब नानी ने कहा, ‘‘तुम्हारा दिमाग खराब है वे लोग हमारी हैसियत के नहीं हैं. शादीविवाह तो बराबरी वालों में की जाती है. उन के पास है क्या जो हमें देंगे.’’
बड़े मामा का चेहरा उतर गया. पहली बार में ही जबरदस्त विरोध हुआ. बात नाना तक भी पहुंच गई. समाज में हैसियत, नाम, प्रतिष्ठा सब की दुहाई दी जाने लगी. बड़े मामा शांत हो गए. धीरेधीरे घर में सन्नाटा पसरने लगा. सदा हंसते और बोलते रहने वाले बड़े मामा अब चुप हो गए थे. अनेक रिश्ते आए मामा के लिए पर मामा ने किसी को देखा तक नहीं.
आगे की कहानी पढ़ने के लिए सब्सक्राइब करें
डिजिटल
- गृहशोभा मैगजीन का सारा कंटेंट
- 2000+ फूड रेसिपीज
- 6000+ कहानियां
- 2000+ ब्यूटी, फैशन टिप्स
24 प्रिंट मैगजीन + फ्री डिजिटल
- 24 प्रिंट मैगजीन + फ्री डिजिटल एक्सेस
- फ्री गृहशोभा ऐप
- सभी गृहशोभा इवेंट्स के फ्री इन्विटेशन
- डिजिटल कवरेज का मौका (Women Achievers & Influencers)
- 2000+ फूड रेसिपीज | 6000+ कहानियां | 2000+ ब्यूटी, फैशन टिप्स
