साझेदारी में ही समझदारी: पति पत्नी का रिश्ता होगा मजबूत

वह जमाना गया, जिस में बेटे श्रवण कुमार की तरह पूरी पगार मांबाप के हाथों या पांवों में रख देते थे और फिर अपने जेबखर्च के लिए मांबाप का मुंह ताकते थे यानी उन्हें अपनी कमाई अपनी मरजी से खर्च करने का हक नहीं था.

परिवार सीमित होने लगे तो बच्चों के अधिकार बढ़तेबढ़ते इतने हो गए हैं कि उन्हें पूरी तरह आर्थिक स्वतंत्रता कुछ अघोषित शर्तों पर ही सही मगर मिल गई है. इन एकल परिवारों में पत्नी का रोल और दखल आमदनी और खर्च दोनों में बढ़ा है, साथ ही उस की पूछपरख भी बढ़ी है.

भोपाल के जयंत एक संपन्न जैन परिवार से हैं और पुणे की एक सौफ्टवेयर कंपनी में क्व18 लाख सालाना सैलरी पर काम कर रहे हैं. जयंत की शादी जलगांव की श्वेता से तय हुई तो शादी के भारीभरकम खर्च लगभग क्व20 लाख में से उन्होंने क्व10 लाख अपनी बचत से दिए. श्वेता खुद भी नौकरीपेशा है. जयंत से कुछ कम सैलरी पर एक बहुराष्ट्रीय कंपनी में काम करती है.

शादी तय होने से पहले दोनों मिले तो ट्यूनिंग अच्छी बैठी. उन के शौक और आदतें दोनों मैच कर चुके थे. दोनों ने 4 दिन साथ एकदूसरे को समझने की गरज से गुजारे और फिर अपनी सहमति परिवार को दे दी. जयंत श्वेता के सादगी भरे सौंदर्य पर रीझा तो श्वेता अपने भावी पति के सरल स्वभाव और काबिलीयत से प्रभावित हुई. इन 4 दिनों का घूमनेफिरने और होटलिंग का खर्च पुरुष होने के नाते स्वाभाविक रूप से जयंत ने उठाया. दोनों ने एकदूसरे की सैलरी के बारे में कोई बात नहीं की.

अकेले सैलरी ही नहीं, बल्कि इन्होंने भविष्य की कोई आर्थिक योजना भी तैयार नहीं की और न ही एकदूसरे की खर्च करने की आदतों को समझा. घर वालों से मिली जानकारी के आधार पर दोनों ने एकदूसरे के बारे में अंदाजा भर लगाया कि अच्छी पगार है, इसलिए सेविंग अकाउंट में पैसा भी खासा होगा.

झिझक क्यों

शादी के बाद हनीमून मनाने दोनों ने पूर्वोत्तर राज्यों का रुख किया. हनीमून को यादगार बनाने के लिए दिल खोल कर खर्च किया. प्यार में डूबे इस नवदंपती ने फिर यह गलती दोहराई कि एकदूसरे की खर्च करने की आदतों के अलावा बचत और भविष्य की कोई बात नहीं की. हनीमून के दौरान अधिकांश बड़े खर्च जयंत ने किए और फिर दोनों पूना वापस आ गए जहां जयंत किराए के फ्लैट में रहता था. श्वेता ने भी अपनी ट्रांसफर पूना करवा ली, वहां उस की कंपनी की ब्रांच थी.

10 लाख शादी में देने के बाद और करीब क्व4 लाख हनीमून पर खर्च करने के बाद जयंत के पास पैसे कम बचे थे. महंगे होटलों का बिल उस ने अपने क्रैडिट कार्ड से अदा किया था.

खुद को आधुनिक कहने और समझने वाले ये दोनों उस पूर्वाग्रही भारतीय मानसिकता के शिकार थे, जिस में पैसों की बाबत खुल कर बात नहीं की जाती. हो यह रहा था कि अभी भी परंपरागत भारतीय पति की तरह घर खर्च जयंत ही कर रहा था. श्वेता बस अपने खर्चे उठा रही थी. उस का ध्यान इस तरफ गया ही नहीं कि जयंत काफी पैसे खर्च कर चुका है. शादी के खर्चे में अपनी भागीदारी की बात जयंत उसे यह सोच कर बता चुका था कि बात समझ कर वह खुद मदद की पहल करेगी, लेकिन यह अंदाजा महज अंदाज ही रहा.

क्रैडिट कार्ड के भारीभरकम बिलों और 40 हजार के किराए वाले लक्जरी फ्लैट का किराया जब भारी पड़ने लगा तो जयंत परेशान हो उठा. घर से पैसे मंगाता तो फजीहत होती. लिहाजा, हार मान कर उस ने श्वेता को तंगी की बात बताई तो वह हैरान तो हुई, लेकिन समझदारी दिखाते हुए अपने खाते से पैसे निकाल कर जयंत को दे दिए.

इस मोड़ पर आ कर शादी के 5 महीने बाद दोनों का ध्यान अपनीअपनी गलतियों पर गया और फिर उन्होंने न केवल पैसों पर खुल कर बात की, बल्कि भविष्य की योजनाओं का भी खाका खींच डाला कि अब आगे क्या करना है.

श्वेता ने जयंत से कहा भी कि पहले बता देते तो लगभग डेढ़ लाख रुपए बच जाते. दरअसल, हुआ यह था कि श्वेता यह समझती रही कि जयंत के पास पर्याप्त पैसे होंगे तभी तो वह खुले हाथ से खर्च कर रहा है. उधर शादी और हनीमून को यादगार बनाने के उत्साह में डूबा जयंत यह मान बैठा था कि श्वेता समझ रही होगी कि वह एक तरह से संयुक्त रूप से खर्च कर रहा है जबकि ऐसा कुछ था नहीं.

अब इन दोनों की माली रेलगाड़ी पटरी पर है और दोनों ने तय किया है कि अगले 3 साल तक जितना हो सकेगा पैसा बचाएंगे. दोनों तमाम नए कपल्स की तरह बच्चा भी प्लान कर रहे हैं कि उस का घर और दुनिया में आना कब ठीक होगा.

बाहर रह कर अपनी गृहस्थी की गाड़ी चला रहे बेटेबेटियों की जिंदगी में मांबाप अब कोई दखल नहीं देते. यह एक अच्छी बात है, लेकिन बात जब पैसों की आती है तो उन का चिंतित होना स्वाभाविक है कि कहीं ऐसा तो नहीं कि बहू के चुनाव में कोई चूक हो गई हो. उलट लड़की के मांबाप भी यह सोच सकते हैं कि कहीं गलत दामाद तो पल्ले नहीं पड़ गया.

ऐसे बनाएं आर्थिक साझेदारी

खुशहाल दांपत्य जीवन के लिए बेहद जरूरी है कि पतिपत्नी के बीच आमदनी को ले कर पारदर्शिता हो, इसलिए शादी तय होते ही या शादी के तुरंत बाद जीवनसाथी से इस मसले पर खुल कर बात लेना काफी कारगर साबित होता है.

नवदंपतियों को चाहिए कि वे अपनी फाइनैंशियल प्लानिंग जल्दी कर लें और इस के लिए जरूरी है:

एकदूसरे से अपनी आमदनी व बचत छिपाएं नहीं, बल्कि उसे साझा करें.

अगर शादी के पहले कोई बड़ा कर्ज ले रखा है तो उसे भावी जीवनसाथी को बता दें.

एकदूसरे से छिपा कर उधारी का लेनदेन और अपने रिश्तेदारों की मदद न करें.

शादी के बाद शुरुआती दौर में अपने जीवनसाथी की आमदनी और खर्च के मामलों पर आंख मूंद कर भरोसा न करें और उस की आदतों को समझें.

क्रैडिट कार्ड के बजाय डैबिट कार्ड का इस्तेमाल करें.

कम वेतन वाला खुद को हीन और ज्यादा वेतन वाला खुद को श्रेष्ठ या बुद्घिमान समझते हुए खुद को दूसरे पर थोपे नहीं.

निजी कंपनियों की नौकरी भले ही अच्छी सैलरी वाली होती है, लेकिन उस के कभी भी जाने या किसी वजह से छोड़ने का जोखिम बना रहता है, इसलिए यह मान कर न चलें कि आज जो आमदनी है वह हमेशा बनी रहेगी. अत: दोनों बचत की आदत डालें.

बचत के लिए कहां निवेश करें इस में मतभेद हों, तो उन्हें किसी अच्छे वित्तीय सलाहकार की मदद से दूर करें. आमतौर पर पत्नियां ज्वैलरी में तो पति म्यूचुअल फंड वगैरह में नियमित निवेश को प्राथमिकता देता है. पैसा ऐसी जगह लगाएं जहां से रिटर्न ज्यादा से ज्यादा मिलने की संभावना हो.

घर खर्च में किस की कितनी हिस्सेदारी होगी यह तय करना कोई हरज या शर्म की बात नहीं. इस के लिए जरूरी है कि एकदूसरे के पैसे को अपना समझा जाए.

याद रखें पतिपत्नी का रिश्ता बेहद संवेदनशील होता है और बात जब पैसों की आती है, तो एकदूसरे से कुछ भी छिपाना या चोरीछिपे खर्च अथवा बचत करना और भी घातक साबित होता है. वैचारिक मतभेद एक दफा वक्त रहते सुलझ जाते हैं, लेकिन आर्थिक अविश्वास आ जाए तो वह आसानी से दूर नहीं होता.

बचत में रखें प्रतिस्पर्धा

यह कहावत गलत नहीं है कि बचाया गया पैसा ही असली आमदनी है, इसलिए नियमित बचत की आदत डालें. इस के लिए एक दिलचस्प तरीका यह अपना सकते हैं कि पतिपत्नी दोनों अपनी आमदनी से ज्यादा से ज्यादा बचत करने की प्रतिस्पर्धा करें.

जाहिर है ऐसा करेंगे तो दोनों अपनी व्यक्तिगत फुजूलखर्ची से छुटकारा पाने की और कोशिश करेंगे. होटलिंग, पैट्रोल, इलैक्ट्रौनिक्स आइटम, मोबाइल आदि पर खर्च करने पर लगाम लगाएं यानी इन पर जरूरत के मुताबिक ही खर्च करें. छोटी बचत लगातार की जाए तो वह देखते ही देखते बड़ी हो जाती है.

बचत प्रतिस्पर्धा के लिए 1 साल की मियाद तय करें कि कौन कितना पैसा बचा सकता है. अगर ईमानदारी से बचत करेंगे तो जान कर हैरान रह जाएंगे कि आप ने साल भर में एक बड़ा अमाउंट इकट्ठा कर लिया है, जिसे किसी बड़े काम या निवेश में लगाया जा सकता है.

यह भी याद रखें कि आजकल पैसा कमाने से दुष्कर काम पैसा बचाना हो चला है, इस के लिए अपने मातापिता का जीवन याद करें कि वे कैसेकैसे बचत करते थे. कुछ पैसा बचत खाते में डाला हो और कुछ निवेश भी किया हो, तो तय है दांपत्य की गाड़ी सरपट दौड़ेगी और दोनों के बीच कोई अविश्वास और मनमुटाव नहीं रहेगा.

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अपार्टमैंट कल्चर को भी जानें

मैट्रो कल्चर की देन अपार्टमैंट कल्चर ने लोगों के रहनसहन व उठनेबैठने का तरीका बदल दिया है. अब न तो वह घर रहा और न ही घर में मौजूद आंगन, छत व खुले में बैठने के लिए बड़ा लौन. शहरों में कम पड़ती जमीन के चलते शहरों में लोगों के अपने घर के सपने को पूरा करने के लिए बहुमंजिला इमारतों का निर्माण आज आम बात हो गई है. पर इन अपार्टमैंट्स में रहने पर आप को न सिर्फ अपने उठनेबैठने का ध्यान रखना होता है, बल्कि अपने साथसाथ अगलबगल, ऊपरनीचे रहने वालों का भी ध्यान रखना होता है वरना आप को पिछड़ा होने का तमगा मिलते देर नहीं लगेगी. अपार्टमैंट्स में रहते हुए आप को निम्न बातों का ध्यान रखना होगा:

  1. अपार्टमैंट्स में बने फ्लैटों में ज्यादा दूरी नहीं होती है. अत: इस बात को इग्नोर करते हुए पड़ोसियों के घर में ताकझांक न करें और न ही उन की डोरबैल बजने या किसी के आने पर अपने घर का दरवाजा खोलें.
  2. अपार्टमैंट्स या सोसाइटी के घरों में कई बार समस्या मसलन, सीढि़यां, लौन, छत आदि की साफसफाई को ले कर हो जाती है. इसे ले कर कई बार पड़ोसियों में अनबन तक की नौबत आ जाती है. अत: इस संयुक्त भागेदारी में सहयोग करने में पीछे न रहें.
  3. अपार्टमैंट्स में विभिन्न प्रांतों, जातियों व धर्मों के लोग रहते हैं. अत: इस मुद्दे को ले कर कभी किसी पर टीकाटिप्पणी न करें और न ही उन के धर्मसंस्कृति को ले कर उन्हें भावनात्मक ठेस पहुंचाएं.
  4. फ्लैट्स आसपास होने के कारण आप के घर का शोर सामने के घर तक पहुंच सकता है, जिस से उन्हें परेशानी हो सकती है. इस से पहले कि सामने वाला आप से इस बात की शिकायत करे, आप स्वंय इस मामले में सावधानी बरतें. खासकर म्यूजिक सुनते समय या टीवी देखते समय.
  5. अगर आप को हर छोटीमोटी चीज मांगने की आदत है तो अपनी इस आदत पर लगाम लगाएं वरना आप के पड़ोसी को आप से कन्नी काटते देर नहीं लगेगी. इसी तरह यदि आप के पड़ोसी को आप से कुछ न कुछ मांगने की आदत है तो मन ही मन कुढ़ने के बजाय उसे बातों ही बातों में समझा दें.
  6. अपने पड़ोसी को न जानने में बेशक आप इसे अपनी शान समझते हों, लेकिन इस बात को भी गांठ बांध लें कि मुसीबत में पहले आप के पड़ोसी आप के काम आएंगे. अत: उन से बना कर रखें.
  7. फ्लैट्स में रहने वालों से अनजान बनने के बजाय, मुसकरा कर उन का हालचाल पूछा  करें. खासकर यदि आप के फ्लैटस में कोई लाचार या फिर बूढ़े लोग रहते हों तो उन की मदद करने में जरा भी न हिचकें.
  8. माना कि आप के पास दूसरों के लिए वक्त नहीं है. फिर भी वक्त निकाल कर फ्लैट्स में होने वाले कार्यक्रमों से दूर रहने की जगह उन में हिस्सा लें. घर में होने वाले फंक्शन में पड़ोसियों की उपेक्षा न करें.
  9. किसी भी गौसिप से बचने के लिए अच्छा है कि आप अपनी प्राइवेसी के साथसाथ पड़ोसियों की प्राइवेसी का भी खयाल रखें.
  10. फ्लैट्स में कभीकभी पानी, बिजली या और कोई समस्या होने पर उसे दूर करने में सहयोग करें.
  11. हर सोसाइटी के अपनेअपने नियम होते हैं. अत: उन का सदैव पालन करें. अपने यहां आने वाले दोस्तों व रिश्तेदारों को भी इस बारे में अवगत करा दें. जैसेकि मेन गेट पर ऐंट्री करना आदि.
  12. आप अपने शौक को पड़ोसी की परेशानी का कारण न बनने दें. मसलन, आप को पालतू जानवर पालने का शौक है, तो उसे अपनी निगरानी में रखें.
  13. महानगरों में घरों में चोरी होना आम बात है. खासकर तब जब घर के सदस्य बाहर गए हों. यदि आप चाहते हैं कि आप के साथ ऐसा हादसा न हो तो आप अपने पड़ोसी के बाहर जाने पर उन के घर की सुरक्षा का खयाल रखें. फिर कहीं जाने पर वे भी आप के घर का खयाल रखेंगे.
  14. फ्लैट्स में घर आमनेसामने व ऊपरनीचे होते हैं. अत: कपड़े आदि सुखाते समय ध्यान रखें कि कहीं पानी वगैरह नीचे तो नहीं टपक रहा है. इसी तरह गमले आदि रखते समय भी ध्यान रहे कि गमले की गंदगी से नीचे रहने वालों को परेशानी न हो.

एकदूसरे को बराबर का सम्मान दें

आम लोगों में जब विवाह टूटते हैं तो मामला मोहल्ले तक रह जाता है पर जब सिमरों के संबंध टूटते हैं तो पता चलता है कि पतिपत्नी संबंध किस तरह नाजुक और रेतीली जमीन पर होते हैं कि जरा सी गलतफहमी उन्हें अलग कर सकती है.

धर्म चोपड़ा और राजीव सेन की शादी के बाद. एक बेटी के जन्म के बाद हो रही अनबन, दोषादोषी साबित कर रही है कि अगर विवाह बाद जीवन को पटरी पर रखना है तो उसी तरह से इंजन की देखभाल करनी होती है जैसे रेलवे करती है. पटरी बिदा दी गई, 200-300 लोगों के सामने एकदूसरे को सुंदर डिजाइनर कपड़ों में घूम लिया काफी नहीं है.

‘क्यों दिल छोड़ आए’ धारावाही की नायिका का कहना है कि राजीव की फेशफुलनैस पर उसे शक है और वह कहता रहता है एक चांस दो, एक धोस दो और फिर कहीं मुंह मार आता है. राजीव का कहना है कि चारू की पहले बीकानेर में शादी हुई थी पर उस ने वह बात राजीव को नहीं बताई. पहली शादी की बात अपने पति से छिपाना किसी पति को मंजूर नहीं होता. शादी के बाद पतिपत्नी एकदूसरे पर अगाध विश्वास करते हैं और यही प्रेम की जौट होती है जो 2 सफल से लोगों को एक छत के नीचे रहने को तैयार रखती है.

जब से दोनों में अनबन हुई है, वकीलों के बीच में ले आया गया, दोनों को एकदूसरे के प्रति झूठसच फैलाना एकदम सुलह के सारे रास्ते बंद कर देना होता है. ऐसी हालत में तलाक तो होता ही है, बेटी को मां या बाप में से एक को खोना होता है. अब राजीव सेन को अपनी बेटी को देखने के लिए गिड़गिड़ाना पड़ता है.

एक खासी सफल सी एक्ट्रेस को काम से रोकना या बेटी के फोटो दोस्तों और फैनों के साथ सोशल मीडिया पर शेखर करने से रोकने जैसी छोटी बातें कई बार ऐसा एसिड हो जाती हैं जो शादी के पहले के प्यार की गोंद को बहा ले जाता है.

हर शादी में पतिपत्नी एकदूसरे को बराबर का सम्मान दें, जगह दें, स्पेस दें, फैसले करने दें, क्या करने दें जरूरी है. कामों का बंटवारा प्यार से हो तराजू में तोल कर नहीं. पतिपत्नी बढ़चढ़ कर एकदूसरे को आराम देने की कोशिश करें. रसोई से ले कर टैक्स तक दोनों एकदूसरे के साथ बने रहें और एकदूसरे के गलत फैसलों का भी सम्मान ही नहीं करें, उन्हें सहन करने की आदत डालें मानों यह फैसला उसी का है.

शो बिजनैस में किसी और के साथ सोना एक आफत नहीं होना चाहिए. यह इंडस्ट्री की कल्चर का हिस्सा है. जैसे पंजाब के शासक रणजीत ङ्क्षसह की 5 पत्नियां थीं और रणजीत ङ्क्षसह फिर भी सफल रहता थे, वैसे ही शो बिजनैस तो विवाहित साथी के दूसरे संबंध सहज लेना ही सही है. जिन्हें इस पर आपत्ति हो, उन्हें साथ रहना ही नहीं चाहिए.

चारू असोपा और रोहित सेन का विवाह टूटे या न टूटे पर इस तरह की घटनाओं से आम लोगों कोई कई सबक मिल सकते हैं.

सांवली स्किन के लिए ऐसा हो मेकअप से लेकर हेयरस्टाइल

सुंदर दिखने की चाह हर किसी को होती है. यह मुश्किल काम भी नहीं है. बस जरूरत होती है थोड़ी जानकारी की कि कैसे अपनी खूबसूरती को बरकरार रखा जाए. हेयरस्टाइलिस्ट ऐंड मेकअप आर्टिस्ट विनीता मलिक और स्किन ऐक्सपर्ट सुनीता मेहरा ने गृहशोभा की फेब मीटिंग के दौरान कुछ ऐसे ही टिप्स बताए. उन्होंने न सिर्फ महिलाओं की स्किन व बालों की समस्याओं के समाधान किए, बल्कि डार्क स्किनटोन पर आकर्षक मेकअप और 4 डिफरैंट ईजी हेयरस्टाइल्स बना कर भी दिखाए.

डार्क स्किन पर मेकअप

फेब में मौजूद कई ब्यूटीशियनों को लगा कि डार्क स्किन पर मेकअप करना बहुत कठिन काम है पर उन की इस बात को गलत साबित किया मेकअप आर्टिस्ट विनीता मलिक ने. उन्होंने बताया कि अगर आप की स्किन डार्क है, तो सब से पहले उसे अच्छी तरह साफ करें. फिर स्किनटोन से मैच करता कंसीलर लगाएं. अगर आप मैच करता कंसीलर लगाएंगी तो स्किन नैचुरल दिखेगी. ध्यान रहे कंसीलर को अच्छी तरह चेहरे पर स्पौंज से ब्लैंड करें. स्पौंज से यह उन सभी पार्ट्स पर भी लगेगा जहां हमारा हाथ आसानी से नहीं जाता. इसे कानों, गरदन, नाक, आंखों के नीचे, फोरहैड पर भी ब्लैंड करें. अब ब्रौंजर अप्लाई करें, साथ ही फिक्सर स्प्रे करें. अब एक बार फिर स्पौंज से पोंछें. अब स्टूडियो फिक्स फाउंडेशन अप्लाई करें. इसे हेयरलाइन पर भी अच्छी तरह ब्लैंड करें.

अब यलो टोन पाउडर लगाएं और फैलाएं. अब चीकबोंस पर हलका कोरल टोन कलर भी अप्लाई करें और फिर अच्छी तरह ब्लशर से ब्लैंड करें. ध्यान रहे कि डार्क स्किन में आप कभी फैलने वाले काजल का इस्तेमाल न करें, क्योंकि वह फैल कर आंखों के नीचे आएगा, जो आप के मेकअप को बिगाड़ देगा. डार्क स्किन वाले हमेशा डार्क कलर जैसे चौकलेट का ही यूज करें, क्योंकि यह फबेगा. अगर आप पीच, पिंक, औरेंज या सिल्वर कलर लगाएंगी तो ज्यादा डार्क दिखेंगी. अब पलकों को कर्ल करें और फिर मसकारा लगाएं. लिप्स पर चौकलेट शेड पर हलका सा औरेंज शेड ऐड करेंगी तो वह और ज्यादा खूबसूरत दिखेगा.

4 हेयरस्टाइल्स

लंबे बालों के लिए: फ्रंट के बालों की पार्टिंग कर पीछे के सारे बालों की साइड पोनी बना लें. अब पोनी के बालों को भी 2 पार्ट्स में बांटें. प्रत्येक भाग की बैककौंबिंग करें और फिर उसे पफ की तरह उभार दे कर बन की शेप दें. हेयर स्प्रे का इस्तेमाल करें ताकि बाल सैट होते जाएं. दूसरे भाग को भी ऐसे ही करें. अब सभी बालों को अच्छी तरह पिनअप कर दें. अब आगे के बालों को भी ऊंचा उठा कर पफ बना कर फोल्ड करें और शेप दें. आप मांग टीका भी लगा सकती हैं. फिर साइड बन पर नगों वाली हेयर ज्वैलरी लगाएं. आप चाहें तो बालों की ही बनी चोटी या उन की लटों से बन पर नीचे की ओर रोल करें ताकि एक अच्छी कवरिंग मिल सके. यह बनीबनाई चोटी विद ऐक्सैसरीज लें तो ज्यादा अच्छी लगेगी और समय भी बचेगा. लास्ट में एक बार फिर हेयर स्प्रे करें ताकि हेयरस्टाइल सैट हो जाए और आप को दे आकर्षक लुक.

ट्विस्टेड बन: इस हेयरस्टाइल में साइड मांग निकाल कर एक तरफ के बालों का पतला सा सैक्शन ले कर पतली सी चोटी गूंथ लें. अब पूरे बालों को दूसरी साइड में कस कर पोनी बना लें. फिर पोनी के ही बालों से पतलेपतले सैक्शन ले कर बालों को ट्विस्ट करें और पोनी के चारों ओर लपेटती जाएं. इस से ट्विस्टेड बन तैयार हो जाएगा. अब आगे के सैक्शन की चोटी को बन के पास ले जा कर अच्छी तरह पिनिंग करें. अब खूबसूरत व आकर्षक हेयर ऐक्सैसरीज से सजाएं. इस हेयरस्टाइल में फूलों वाली ऐक्सैसरीज या फिर गुलाब का फूल ड्रैस से मैच करता लगाएं. ज्यादा सूट करेगा.

पार्टी स्टाइल (छोटे बालों के लिए): छोटे, कर्ली और बेबी बालों पर यह हेयरस्टाइल खूब जंचता है. इस में पूरे बालों की एक हाई पोनीटेल बनाएं. अब पोनी के बालों का फिंगर्स से रोल्स बनाएं और छोड़ती जाएं. ये रोल्स का लुक देंगे. आप चाहें तो रोलर्स से भी रोल कर सकती हैं पर इस में ज्यादा समय लगता है. अब इन बालों को या तो आप ऐक्सैसरीज लगा ऐसे ही छोड़ दें या फिर सभी की पोनी पर इस तरह पिनिंग करें कि एक गुच्छा सा लगे. अब इस में जूड़े की नगों जडि़त पिन का इस्तेमाल करें या फिर साइडों में ज्वैलरी वाली ऐक्सैसरीज लगाएं. यह हेयरस्टाइल काफी ईजी है और जल्दी बन जाता है.

वैडिंग फंक्शन: यह हेयरस्टाइल भी जल्दी बन जाता है. आप किसी वैडिंग फंक्शन में जा रही हों और जल्दी तैयार हो जाएं तो सभी चौंक जाते हैं, इसलिए भी यह हेयरस्टाइल सही है. इस में कान से कान तक मांग निकाल कर बालों को 2 भागों में बांट लें.अब आगे के बालों के पतलेपतले कई भाग कर लें. हर भाग को ट्विस्ट करते हुए पीछे की ओर पिनअप करती जाएं. अब पीछे के बालों की चोटी या जूड़ा बना लें. इसे मैचिंग ऐक्सैसरीज से सजा कर आकर्षक बनाएं

Liver Health : बारबार उल्टी हो रही है, खुजली भी परेशान कर रही है, मुझे क्या हुआ है?

Liver Health :

पता नहीं क्यों, मुझे ऐसा लग रहा है कि मेरी लीवर में कोई प्रौब्लम है, बारबार उल्टी हो रही है और खुजली भी परेशान कर रही है ?
1. पीलापन: आंखों का रंग पीला हो जाना, त्वचा के पीलापन नजर आना जैसा सामान्य तौर पर नहीं देखा जाता. 
2. पेट में दर्द और सूजन: खासकर पेट के ऊपर दाईं ओर दर्द या भारीपन महसूस होना.  
3. पैरों और टखनों में सूजन: पैरों में पानी भरने से सूजन आ जाता है, इसे भी लीवर की समस्या के तौर पर  देखा जाता है.  
4. खुजली: पूरे शरीर में बार-बार खुजली होना. 
5. गहरा पेशाब और हल्का मल: पेशाब का रंग गहरा और मल का रंग बहुत हल्का हो जाना.
6. थकावट: बिना ज्यादा काम किए थकान महसूस करना.
7. उल्टी या मतली: बार-बार जी मिचलाना या उल्टी आना. 
8. ध्यान या याददाश्त में गड़बड़ी: भ्रम या बातें भूल जाना. 
9. चोट लगने पर निशान: हल्की चोट में भी खून बह जाना या निशान पड़ जाना. 
10. पेट में पानी भर जाना: पेट फूला हुआ लगना, जैसे अंदर पानी जमा हो गया हो.  
11. पेट की नसों में दबाव बढ़ना: पेट की नसों में ज़्यादा दबाव होने से खून की नलियां फूल जाना, खासकर खाने की नली में.

मैं 32 वर्षीय कामकाजी महिला हूं. पिछले 2 सालों से मैं नियमित रूप से ऐक्सरसाइज कर रही हूं, लेकिन मेरा वजन कम नहीं हो रहा है. मैं जानना चाहती हूं कि खानपान की वजन कम करने में क्या भूमिका है?

वजन कम करने में खानपान की सब से महत्त्वपूर्ण भूमिका है. आप कितनी भी ऐक्सरसाइज कर लें, लेकिन अगर आप अपनी कैलोरी इनटेक को नियंत्रित नहीं रखेंगी तो वजन कम कर पाना संभव नहीं होगा. दिन में 3 बार मेगा मील खाने के बजाय 6 बार मिनी मील खाएं. गेहूं के बजाय मल्टीग्रेन आटे का सेवन करें. हरी सब्जियां जैसे पालक, मेथी और सरसों खूब खाएं. 1 दिन में 600 ग्राम हरी सब्जियां खाने की कोशिश करें. जितनी बार भोजन करें उतनी बार आप की थाली में एक ऐसा पकवान जरूर हो, जिस में प्रोटीन हो. चावल, चौकलेट, कौफी, चिप्स, मिठाई तथा फास्ट फूड के स्थान पर सादा, सुपाच्य तथा संतुलित भोजन लें. भोजन को खूब चबाचबा कर खाएं तथा हमेशा कुछ न कुछ खाते रहने से परहेज करें. रात का खाना सोने से 2 घंटे पहले कर लें.

मुझे फल खाने बहुत पसंद हैं, लेकिन मुझे डायबिटीज है. ऐसे में क्या मुझे इन्हें खाना बंद कर देना चाहिए?

यह एक सामान्य लेकिन पूरी तरह से गलत धारणा है. जिन्हें डायबिटीज है वे सामान्य लोगों की तरह सभी फल खा सकते हैं लेकिन उन्हें केवल मात्रा का ध्यान रखना है. आप रोज 150-200 ग्राम फल बिना किसी परेशानी के खा सकती हैं. जिन्हें डायबिटीज है, उन्हें ऐसे फल खाने चाहिए जिन का ग्लाइसेमिक इंडैक्स कम हो जैसे सेब, संतरा, पपीता, नाशपाती, अमरूद, अनार. अंगूर, आम, चीकू, पाइनऐप्पल से परहेज करना चाहिए, लेकिन अगर बहुत मन करे तो कभीकभार बिलकुल थोड़ी मात्रा में इन्हें ले सकती हैं. आप कभीकभी 1 छोटा केला भी खा सकती हैं, लेकिन बड़े आकार का केला न खाएं.

Blood Pressure : मैं 45 वर्षीय कामकाजी महिला हूं. मुझे पिछले कुछ महीनों से उच्च रक्तदाब की शिकायत हो गई है. क्या मुझे नमक खाना पूरी तरह बंद कर देना चाहिए?

नहीं, आप को बिलकुल ऐसा नहीं करना चाहिए. शरीर के सुचारु रूप से काम करने के लिए उचित मात्रा में नमक का सेवन जरूरी है. आप का रक्तदाब सामान्य से अधिक रहने लगा है, इसलिए आप को नमक का सेवन थोड़ा कम कर देना चाहिए. जिन्हें हाइपरटैंशन है, नमक का अधिक मात्रा में सेवन उन के रक्तदाब को खतरनाक स्तर तक बढ़ा देता है. नमक में सोडियम होता है जो रक्तनलिकाओं को कड़ा और संकरा कर देता है. इस से हृदय को शरीर में रक्त पंप करने के लिए अतिरिक्त मेहनत करनी पड़ती है, जिस से हृदय रोगों, स्ट्रोक और गुरदे की बीमारियां होने की आशंका बढ़ जाती है. अगर आप नमक का सेवन पूरी तरह बंद कर देंगी तो आप का रक्तदाब खतरनाक स्तर तक कम हो जाएगा और शरीर के दूसरे अंगों की कार्यप्रणाली भी प्रभावित होगी.    Liver Health

डिस्क्लेमर – किसी भी उपचार से पहले चिकित्सक से परामर्श लें.

‘गुम हैं किसी के प्यार में’ के सेट पर बच्ची बनी पाखी, नील भट्ट ने कही ये बात

सीरियल ‘गुम हैं किसी के प्यार में’ की पाखी यानी ऐश्वर्या शर्मा (Pakhi aka Aishwarya Sharma) को कई बार ट्रोलिंग का शिकार होना पड़ता है. हालांकि वह अपने फैंस के लिए रील्स और अपडेट शेयर करती रहती हैं. वहीं सीरियल के सेट से लगातार मस्ती करती हुई वीडियो और फोटोज शेयर करती हैं. इसी बीच एक्ट्रेस का एक वीडियो सेट से वायरल हो रहा है, जिसमें वह बच्ची बने हुए नजर आ रही है. वहीं उनके पति नील भट्ट यानी विराट मजेदार रिएक्शन दे रहे हैं. आइए आपको दिखाते हैं वायरल वीडियो…

बच्ची बनीं पाखी

 

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सीरियल के सेट से पाखी यानी ऐश्वर्या शर्मा ने एक वीडियो शेयर किया है, जिसमें वह पुष्मा फिल्म का डायलॉग रिक्रिएट करती दिख रही हैं. वहीं खास बात है कि वह इसे बच्चे के रोल में करती दिख रही हैं. इस फनी वीडियो पर जहां फैंस रिएक्शन दे रहे हैं तो वहीं एक्ट्रेस के पति नील भट्ट कमेंट करते हुए लिखते हैं कि Gone Case. इस कमेंट को देखकर फैंस दोनों की कैमेस्ट्री की तारीफ कर रहे हैं.

 

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सेट पर कपल की दिखी कैमेस्ट्री

 

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सीरियल में औनस्क्रीन देवर-भाभी के रोल के चलते नील भट्ट और ऐश्वर्या शर्मा ट्रोलिंग का शिकार होते रहते हैं. हालांकि सीरियल के सेट पर दोनों की रोमांटिक और फनी वीडियो और फोटोज भी वायरल होती रहती है. हाल ही में एक्ट्रेस ऐश्वर्या शर्मा ने कुछ फोटोज शेयर की थीं, जिसमें नील भट्ट सेट पर उनकी गोद में सर रखकर सोते हुए दिखे थे. फैंस ने इन फोटोज पर मजेदार कमेंट भी किए थे.

 

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पाखी पर आएगी मुसीबत

 

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सीरियल की बात करें तो अपकमिंग एपिसोड में आप देखेंगे कि पाखी की प्रैग्नेंसी का सच सामने आने के बाद सई गुस्से में नजर आएगी और वह विराट से बात करेगी. हालांकि वह उसे समझाता दिखेगा. इसी के बाद दोनों पाखी से बच्चे का ख्याल रखने को कहेंगे. तो वहीं सई उसे धमकी देगी कि अगर बच्चे को कुछ हुआ तो वह उसे छोड़ेगी नहीं.

सोलो ट्रिप पर निकलीं ‘तारक मेहता का उल्टा चश्मा’ की ‘बबीता जी’, देखें फोटोज

कॉमेडी सीरियल ‘तारक मेहता का उल्टा चश्मा’ कई सालों से दर्शकों का दिल जीत रहा है. सीरियल की कास्ट अपने किरदार के नाम से दुनियाभर में फेमस हो चुकी है. वहीं जेठालाल से लेकर बबीता जी का हर कोई फैन है. इसी बीच बबीता जी यानी एक्ट्रेस मुनमुन दत्ता (Munmun Dutta) शूटिंग छोड़ सोलो ट्रिप का लुत्फ उठाती दिख रही हैं. वहीं उनकी ट्रैवलिंग की फोटोज सोशलमीडिया पर वायरल हो रही है. आइए आपको बताते हैं पूरी खबर…

थाइलैंड पहुंची बबीता जी

ट्रैवलिंग और फिटनेस की शौकीन एक्ट्रेस मुनमुन दत्ता इन दिनों थाईलैंड पहुंची हुई हैं. जहां से वह अपने फैंस के लिए अपडेट शेयर कर रही हैं. इसी बीच एक्ट्रेस ने केरेन आदिवासियों के साथ अपनी कुछ फोटोज शेयर की हैं, जिसमें वह अकेले ही नेचर का आनंद लेती दिख रही हैं.

फैंस कर रहे तारीफ

थाइलैंड की एक से बढ़कर एक नजारे को दिखाते हुए मुनमुन अपनी खूबसूरत फोटोज को फैंस के साथ शेयर कर रही हैं. वहीं तारक मेहता के फैंस उनकी इन फोटोज पर जमकर प्यार लुटा रहे हैं. फोटोज की बात करें तो एक्ट्रेस मुनमुन दत्ता ने कैप्शन में फैंस को बताया कि ‘बरसों पहले उन्होंने केरेन आदिवासियों के बारे में पढ़ा था या उन्हें डॉक्यूमेंट्री में देखा था, जिसके बाद वह इन्हें देखना चाहती थीं. आखिरकार करेन ट्राइब महिलाओं से मिलने का मौका मिला.

बबीता जी से मांगी जेठालाल ने माफी

सीरियल तारक मेहता के लेटेस्ट ट्रैक की बात करें तो हाल ही में जेठालाल, बबीता जी से माफी मांगते हुए नजर आए. दरअसल, शो में बबीता का झुमका सोसायटी कम्पाउंड में कहीं गिर जाता है, जिसे अय्यर और वह दोनों ढूंढते हैं. वहीं जेठालाल भी मदद करने आ जाता है. लेकिन गलती से जेठालाल से झुमका टूट जाता है और वह दोनों से छिपाने की कोशिश करता है. लेकिन अय्यर, बबीता को बता देता है, जिसके बाद जेठालाल को माफी मांगनी पड़ती है.

रूठे मंगेतर को कैसे मनाएं

आप की सगाई हो चुकी है और शादी होने में कुछ वक्त बाकी है, तो ऐसे में आप मोबाइल पर एकदूसरे से बात भी करते होंगे या व्हाट्सऐप के जरिए संदेशों का आदानप्रदान करते होंगे. यदि मंगेतर उसी शहर में है, तो व्यक्तिगत रूप से मुलाकात भी होती होगी. यहां तक तो सब सामान्य है, लेकिन जब आप घंटों आपस में बतियाते हैं या रूबरू होते हैं तो जानेअनजाने कोई बात बुरी भी लग सकती है, जिस की वजह से मंगेतर रूठ सकता है.

यदि आप का मंगेतर आप से रूठ गया है तो क्या किसी बिचौलिए का इंतजार करेंगी या स्वयं इस की पहल करेंगी? कैसे मनाएंगी रूठे मंगेतर को?

रूठे मंगेतर को मनाना आसान भले ही न हो, लेकिन मुश्किल भी नहीं है. उस का आप से रूठना, नाराज होना थोड़े समय के लिए ही होता है, क्योंकि लंबे समय तक वह भी बात किए बिना नहीं रह सकता. हां, पुरुष होने का अहम उसे हो सकता है, इस के चलते वह सोचता है कि आप उसे मनाएंगी.

यदि आप दोनों के बीच असंवाद की स्थिति बनी हुई है, तो इसे लंबा न खींचें. कई बार यह रिश्ता टूटने का कारण भी बन जाती है. इसलिए सौरी कहने में देर न करें.

जब आप अकेली होती हैं और मोबाइल पर उस से बात करते नहीं थकतीं, तो कई बार कोई ऐसी बात निकल जाती है, जो उसे चुभ जाती है. यही नहीं फोन पर या व्हाट्सऐप पर आप झगड़ भी लेती हैं. इस लड़ाईझगड़े को आप तूल देती हैं तो रिश्ता टूटते देर नहीं लगती.

यदि छोटीमोटी बात को ले कर तकरार हुई भी हो तो उसे प्रतिष्ठा का प्रश्न न बनाएं. आप को लगता है कि गलती उस की है और उसे लगता है कि आप गलत हैं. इस का फैसला कौन करेगा? बेहतर होगा कि आप ही झुक जाएं ताकि उस का ईगो शांत हो जाए.

कई बार गलतफहमी की वजह से अर्थ का अनर्थ हो जाता है, जिस से बात का बतंगड़ बन जाता है. इस स्थिति से बचने और गलतफहमी दूर करने के लिए संवाद स्थापित करना बहुत जरूरी है.

रूठे मंगेतर को मनाना भी एक कला है और यदि यह कला आप को आती है तो आप को उसे मनाने में देर नहीं लगेगी. आप की एक मुसकराहट से उस का सारा गुस्सा काफूर हो जाएगा. बस, प्यार भरी दो बातें कर के तो देखिए, वह घुटनों के बल आप के सामने नतमस्तक न हो जाए तो कहिएगा, लेकिन यदि आप यह सोचती हैं कि मैं उसे क्यों मनाऊं? तो बैठी रहिए उस के इंतजार में. यह इंतजार कब खत्म होगा, कह नहीं सकते?

याद रहे, मानमनौअल से प्यार बढ़ता है और रिश्ते में मजबूती आती है. आप चाहें तो उसे मनाने के लिए किसी कवि, गीतकार की प्यार भरी कोईर् कविता, गजल उसे व्हाट्सऐप कर दें या फिर सुंदर खिला गुलाब या गुलदस्ता व्हाट्सऐप कर दें. हां, यदि व्यक्तिगत रूप से मिलना संभव हो तो उस के लिए गुलाब के साथसाथ कोई अच्छा तोहफा भी ले जाएं. और हां, उसे आई लव यू कहने में कोताही न बरतें.

दो बातें युवकों से

आप उस के होने वाले पति हैं. यदि वह आप से नाराज है, तो उस की नाराजगी दूर होने तक इंतजार करें.

यदि आप की मंगेतर किसी बात पर आप से रूठ जाती है तो क्या आप उसे नहीं मनाएंगे? अपने पुरुष अहम को छोड़ कर उसे मनाने की कोशिश करें. सौरी कह कर देखिए, वह मान जाएगी. एक सौरी सारे गिलेशिकवे दूर कर देती है.

युवतियां स्वभाव से काफी भावुक होती हैं. यदि मंगेतर रूठ जाए तो उन की आंखों से आंसू थमने का नाम नहीं लेते. क्या आप उस के आंसू पोंछने नहीं जाएंगे? उसे मनाने के लिए एक चौकलेट ही काफी है. युवतियां इस की दीवानी होती हैं तथा इसे प्रेम का प्रतीक भी मानती हैं. यदि व्यक्तिगत तौर पर मुलाकात हो तो चौकलेट के साथ कोई अच्छा सा तोहफा और प्यार का प्रतीक गुलाब देना न भूलें.

– डा. अनुभा गुप्ता बडेस

पैसे बचत करने के आसान तरीके, आप भी अपनाइए

बचत करना कौन नहीं चाहता है, हर कोई चाहता है की वो अपने रोज के खर्चो में से कुछ बचत करे जो बाद में अपने परिवार के काम में आये, ज्यादातर इस बात की चिंता महिलाओं को होती है,

क्योंकि घर का खर्चा उन्ही को चलाना होता है. पर क्या आप सही तरीके से बचत कर पाती हैं, शायद हो सकता हैं कुछ लोग अच्छी बचत कर लेते होंगे पर बहुत से लोग ऐसे भी हैं जो बचत के मामले में थोड़ा कमजोर हैं, पैसे घर पे आते ही ना जाने कहा खर्च हो जाते हैं. यह महिलाओं की सबसे बड़ी समस्या है अगर आप बचत करना चाहती हैं तो यहां पर आपको कुछ आसान तरीके बताये जा रहे हैं जो आपको बचत करने में बहुत ज्यादा मदद करते हैं. अब आप भी अच्छी बचत कर पाएंगे पर उसके लिए आपको अपनी कुछ आदतों को बदलना होगा. तभी आप एक अच्छी बचत कर पाएंगे.

कहां खर्च करती हैं आप अपने पैसे

जब आपकी मासिक आय घर पर आती है तो आप सबसे पहले सभी जगह देने वाले पैसे अलग कर देती होंगी और कुछ पैसो को संभाल कर रख देती होंगी, और फिर वो भी कभी ना कभी खर्च हो ही जाते हैं. इसलिए इस खर्चे से बचने के लिए सबसे आसान तरीका यह है कि, जब आपकी मासिक आय आती है तो सबसे पहले उसमें से पैसो का कुछ भाग सेविंग करना शुरू करदें अर्थात या तो आप कोई गुल्लक बना लें या फिर अपने बैंक अकाउंट में जमा करले और उन पैसो को कभी ना निकाले. जब तक आपको ज्यादा जरुरत ना पड़ जाये, ऐसे आप हर माह अच्छी सेविंग कर सकती हैं.

कर्जे से हमेशा बचें

कई बार ऐसा होता है कि आपको पैसो की जरुरत पड़ती है और आप अपने दोस्तों या अपने रिश्तेदारों से मदद लें लेते हैं. कर्जे से हमेशा बचने कि कोशिश करें क्योंकि एक बार अगर आप किसी से पैसो कि मदद लें लेते हैं तो फिर आपको धीरे धीरे उस चीज की आदत हो जाती है, फिर आपको थोड़ा बहुत भी परेशानी हो तो आप फिर वही बात दोहराती हैं.

इसलिए कर्जे से जितना हो सके उतना बचने की कोशिश करें. क्योंकि जहां आपने एक बार कर्जा लेना शुरू कर दिया तो फिर आप सेविंग कभी नहीं कर सकती. ज्यादा सुविधा की जगह कम सुविधा से काम चला लें पर कर्जे से बचकर रहें.

फालतू के खर्चो से बचें

फालतू के खर्चों से मतलब इस प्रकार है कि, आज के समय में हम हो या आप छोटी छोटी जगह बहुत फालतू खर्चा करते हैं, जैसे रोज बहार खाना, रोज कही ना कही घूमने जाना, रोज कुछ ना कुछ खरीदना आदि ऐसे बहुत से फालतू खर्चे हैं जो आमतौर पर आप प्रतिदिन करती रहतीं हैं.

इन सभी फालतू खर्चो से बचें रोज बाहर खाने की जगह अपने घर पर खाना खाये और अगर आपका बाहर खाना खाने का मन हैं ही तो हफ्ते में एक बार बाहर चले जाये पर इसे अपनी रोज की आदत ना बनाये, ये सब आपके स्वास्थ्य के लिए भी हानिकारक है.

रोज घूमने की जगह हफ्ते में एक दिन घूमने जाएं, ऐसे आप अपने बहुत से खर्चो को कम कर सकते हैं, इन छोटी छोटी सेविंग से ही तो आप बड़ी सेविंग कर पाएंगी. इसलिए ध्यान दें फालतू के खर्चो को कम करदे.

महत्वपूर्ण ध्यान रखने योग्य बातें

  • अगर आपके परिवार में दो व्यक्ति जौब करने वाले हैं तो आप अच्छी बचत कर सकते हैं, सिर्फ एक ही व्यक्ति की आय का यूज करें और एक व्यक्ति की आय को सीधा बचत खाते में डाल दें.
  • हर महीने अपना बजट बनाये और उसका पालन भी करें.
  • आपके द्वारा की जाने वाली हर खरीददारी पर नजर रखें और ध्यान पूर्वक खरीदी करें.
  • आजकल सभी बैंको में अलग अलग प्रकार की सेविंग की सुविधाएं शुरू हो गयी हैं, उन सभी सुविधाओं का लाभ उठाये.
  • सर्वप्रथम अगर आपने किसी से कर्जा लिया है तो उसका भुगतान करें और उसके बाद ही अपनी सेविंग करना शुरू करें.
  • अपनी एक बजट डायरी बना लें और उसमे अपने हर महीने के खर्चो का लेखा जोखा करें इससे आपको ध्यान रहेगा कि आप कहां पर कितना पैसा खर्च कर रहीं हैं.
  • अगर आपके परिवार में छोटे बच्चे हैं तो उन्हें सिखाएं कि फालतू टीवी ना खोले, फालतू लाइट ना जलाये और फालतू में पानी ना बहायें इससे आपका बिल और ज्यादा बड़ जायेगा और इस बात का आप भी ध्यान रखें, क्योंकि बहुत सारी बचत तो आप घर बैठे ही कर सकती हैं.
  • जब आप कभी बाजार जाते हैं तो अपने पास ज्यादा पैसे ना रखें, क्योंकि आप जितने पैसे लें कर जाते हैं वो कही ना कही पर खर्च हो जाते हैं, इसलिए जितने पैसों की जरुरत हो उतने ही पैसे अपने साथ ले जाये.
  • अगर आप किसी भी बड़ी चीज को खरीदने कि सोचते हैं, तो सबसे पहले उसके बारे में सभी जगह से पता करें और सोच समझ कर अच्छी दुकान से खरीदे.
  • अगर आपका औफिस या मार्किट पास ही है तो कोशिश करें कि आप पैदल ही जाएं ना कि गाड़ी या रिक्शा से जाएं.
  • आप अपने पैसों की सेविंग के लिए एफडी, म्युचुअल फण्ड और सेविंग अकाउंट आदि का प्रयोग भी कर सकती हैं.
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