Healthcare Tips: कोविड के इस मुश्किल समय में ख़ुद को कैसे सुरक्षित रखें?

त्योहारों का मौसम आ गया है और लोग छुट्टियों के मूड में आ चुके हैं. दीपावली की तैयारियां जोरों पर हैं, ऐसे में इस बात की जानकारी होना जरूरी है कि इस त्योहार को सुरक्षित, स्वस्थ और जिम्मेदार तरीके से कैसे मनाया जाए.

पारस हॉस्पिटल, गुरुग्राम के पल्मोनोलॉजी प्रमुख तथा सीनियर कंसल्टेंट डॉ अरुणेश कुमार ने इस पर अपनी राय देते हुए कहा, “चूंकि दिवाली सभी कम्यूनिटी को एक साथ लाती है, लेकिन महामारी की तीसरी लहर की शुरुआत अभी भी एक बड़ी चिंता का विषय बनी हुई है.  इसलिए स्वास्थ्य या सुरक्षा से समझौता किए बिना रोशनी का त्योहार मनाने के लिए उचित सावधानी और सावधानी बरतना ज़रूरी है.  दिवाली के दौरान किसी भी प्रकार की दुर्घटना या स्वास्थ्य पर नुक़सान से बचने के लिए कुछ सामान्य एहतियाती उपाय करना भी ज़रूरी है. ”

मैग्नेटो क्लीनटेक के सीईओ श्री हिमांशु अग्रवाल ने कहा, “दिवाली नजदीक आने से हमें प्रदूषण के स्तर में बढ़ोत्तरी होने से सावधान रहना चाहिए, यह प्रदूषण घर के अंदर और बाहर दोनों जगह मौजूद है और इसलिए खुद को उसी के अनुसार तैयार करें.  वैसे देखा गया है कि मुख्य रूप से बाहरी स्थानों में प्रदूषण पर ध्यान केंद्रित किया जाता है, हमें यह याद रखने की जरूरत है कि हमारे घरों के अंदर प्रदूषण का स्तर 5 गुना ज्यादा हो सकता है और यह हमारे रेस्पिरेटरी सिस्टम, हार्ट और इम्यूनिटी सिस्टम के लिए खतरनाक है.  वर्तमान समय में वायु प्रदूषण और भी खतरनाक है क्योंकि इससे कोरोनावायरस फैलने का खतरा कई गुना बढ़ जाता है.  दिवाली पर पटाखों से दूरी बनाए रखना नामुमकिन है, इसलिए  प्रदूषण रहित दिवाली उत्सव की वस्तुओं जैसे हरे और पर्यावरण के अनुकूल पटाखे और दीयों का विकल्प चुनना चाहिए.  चूंकि हम भी कुछ पटाखे घर के अंदर ही फोड़ते हैं, इसलिए हमें ऐसा करने से बचना चाहिए.  अपने घरों के अंदर धार्मिक गतिविधियों के लिए इको फ्रेंडली अगरबत्ती जलानी चाहिए.  जितना संभव हो सके घर में वेंटिलेशन में सुधार करना चाहिए.  हालांकि सबसे अच्छा विकल्प यह है कि अपने घरों में एक हाई क्वालिटी  वाला एयर प्यूरीफायर  उपकरण स्थापित किया जाए, जो न केवल हमारे स्वास्थ्य के लिए हानिकारक दिवाली से संबंधित प्रदूषकों का खात्मा कर सकें, बल्कि यह भी सुनिश्चित कर सके कि हम दिवाली के बाद अपने घरों में भी स्वस्थ शुद्ध हवा में सांस लेते रहें. ”

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हेल्थकेयर विशेषज्ञों दुवारा पूरे उत्साह के साथ दिवाली का आनंद लेने के लिए 8 महत्वपूर्ण टिप्स दिए गए हैं.

फिजिकल डिस्टेंसिग बनाए रखें

दिवाली का त्योहार न केवल बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक है बल्कि यह लोगों के रिश्तों को मजबूत करने के लिए उन्हे एक साथ लाता है.  हालाँकि इस दिवाली, चाहे कोई भी मज़ा और उत्साह हो, फिजिकल डिस्टेंसिग बनाए रखना महत्वपूर्ण है क्योंकि कोरोनावायरस की तीसरी लहर के खतरे को नज़रअंदाज़ नहीं किया जा सकता है.  फिजिकल डिस्टेंसिगदूरी कोविड-19 के फैलाव को कम करने में मदद करती है.  इसका मतलब है कि एक दूसरे से कम से कम 1 मीटर की दूरी बनाए रखना और भीड़-भाड़ वाली जगहों पर समय बिताने से बचना चाहिए.

मोमबत्ती या दीया जलाने से पहले सैनिटाइजर के इस्तेमाल से बचें

मोमबत्ती या दीया जलाने के दौरान विशेष रूप से अल्कोहल वाला सैनिटाइज़र का उपयोग नहीं करना चाहिए.  सैनिटाइज़र बहुत ज्वलनशील होता हैं और तुरंत आग पकड़ सकते हैं जिससे गंभीर आग का खतरा हो सकता है.  मोमबत्ती या दीया जलाने से पहले हमेशा हाथों को अच्छी तरह से धोना चाहिए.

मास्क लगाए रखें

कोविड-19 के फैलाव को रोकने के लिए एहतियाती उपाय बरतने के अलावा दिवाली के दौरान मास्क का उपयोग करना बहुत जरूरी है.  पटाखों के जलने से निकलने वाला धुंआ सांस की समस्या से जूझ रहे मरीजों को गंभीर समस्या पैदा कर सकता है और घरघराहट, खांसी या आंखों में जलन जैसे सांस संबंधी समस्याएं पैदा कर सकता है.

कपड़े ढंग से पहनें

दिवाली के दौरान लोग भव्य रूप से तैयार होते है, लेकिन सुरक्षित रूप से तैयार होना हमेशा महत्वपूर्ण होता है.  शिफॉन, जॉर्जेट, साटन और रेशमी कपड़े ऐसे ट्रेंडिंग कपड़े हैं जो त्योहारों के दौरान पहनना हर किसी को पसंद होता है, लेकिन ऐसे रेशों में आग लगने की आशंका ज्यादा होती है.  इसके बजाय सूती रेशम, सूती या जूट के कपड़ों को पहनना ज्यादा बेहतर होता है.  दिवाली समारोह के दौरान ढीले-ढाले कपड़ों से भी बचना चाहिए.

पोषणयुक्त और स्वस्थ भोजन खाएं

दिवाली में अक्सर मिठाई, स्नैक्स और अन्य आकर्षक चीज़ें बहुत खाई जाती  है.  इन चीज़ों को बहुत ज्यादा खाने से पेट खराब हो सकता है, गैस बन सकती है और हार्ट बर्न हो सकता है.  इसलिए पेट पर अनावश्यक दबाव डाले बिना दिन भर में थोड़ा थोड़ा भोजन करना  अच्छा होता है.  स्वस्थ, पोषक तत्वों से भरपूर खाद्य पदार्थ, फल और मेवे खाएं.  खुद को हाइड्रेट और ऊर्जावान बनाए रखने के लिए खूब पानी पिएं.  साथ ही नाश्ता और दोपहर का भोजन मिस न करें और हर तरह  की शारीरिक गतिविधि में भाग लें.

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पटाखे न जलाएं

भारत में दुनिया का सबसे ज्यादा वायु प्रदूषण है और दुनिया के 30 सबसे प्रदूषित शहरों में से 22 शहर भारत के हैं.  दिवाली के दौरान किसी भी प्रकार के पटाखे या कचरा जलाने से स्थिति और ख़तरनाक हो जायेगी.  पटाखे फोड़ने से निकलने वाले कार्बन के कण पहले से मौजूद एलर्जी को बढ़ा सकते हैं.  इसके अलावा वाष्प के कण लंबे समय तक नथुने से चिपके रह सकते हैं जो एलर्जिक राइनाइटिस की संभावना को बढ़ा सकते हैं और यहां तक ​​कि अस्थमा और ब्रोंकाइटिस के अटैक को भी बढ़ा सकते हैं.  साथ ही जश्न के नाम पर पटाखे फोड़ने से कोविड संक्रमित मरीजों की हालत और खराब हो सकती है.  प्रदूषण रेस्पिरेटरी सिस्टम को प्रभावित करता है और  कोरोनावायरस से भी सांस लेने में समस्या होती है.  कहा जाता है कि फेफड़ों के संक्रमण वाले लोगों में कोविड -19 के लिए प्री मोर्बिड कंडीशन होती है और उनके वायरस से संक्रमित होने की संभावना होती है.  इसलिए, इस कोविड में धुआं पैदा करने वाले पटाखों का फोड़ना विनाशकारी हो सकता है.

अपनी दवाओं को नियमित रूप से खाएं

दिवाली का त्यौहार अधिकांश परिवारों के लिए एक व्यस्त समय हो सकता है, यह महत्वपूर्ण है कि रोजमर्रा के कामों को न भूलें और समय पर दवाएं लेना याद रखें.  दवा खाने के लिए लोग अपने मोबाइल फोन पर रिमाइंडर भी सेट कर सकते हैं या रिमाइंडर नोट लिख सकते हैं और इसे बाथरूम के पीछे, सामने के दरवाजे या किसी अन्य जगह पर चिपका सकते हैं जहां यह ठीक से दिखाई दे.  अगर कोई व्यक्ति दवा लेना भूल जाता है, तो बेहतर होगा कि यथाशीघ्र दवा को खाएं  और तुरन्त अपने डॉक्टर से सलाह लें.

कोविड वैक्सीन लगवाएं

आपको चाहे कोविड हुआ हो या नहीं, आपको कोविड की वैक्सीन लगवानी बहुत ज़रूरी है.  इस बात के सबूत मिले हैं कि लोगों को पूरी तरह से टीका लगवाने से कोविड से बेहतर सुरक्षा मिलती है.  कोविड-19 की वैक्सीन किसी व्यक्ति को गंभीर रूप से बीमार होने से बचाने में भी मदद करती हैं.  वैक्सीन  लगवाने से अन्य लोगों को भी सुरक्षा  हो सकती है.

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नई सुबह : कौनसा हादसा हुआ था शीला के साथ

लेखक- राजेंद्र देवांगन

शीला का अंगअंग दुख रहा था. ऐसा लग रहा था कि वह उठ ही नहीं पाएगी. बेरहमों ने कीमत से कई गुना ज्यादा वसूल लिया था उस से. वह तो एक के साथ आई थी, पर उस ने अपने एक और साथी को बुला लिया था. फिर वे दोनों टूट पड़े थे उस पर जानवरों की तरह. वह दर्द से कराहती रही, पर उन लोगों ने तभी छोड़ा, जब उन की हसरत पूरी हो गई.

शीला ने दूसरे आदमी को मना भी किया था, पर नोट फेंक कर उसे मजबूर कर दिया गया था. ये कमबख्त नोट भी कितना मजबूर कर देते हैं.

जहां शीला लाश की तरह पड़ी थी, वह एक खंडहरनुमा घर था, जो शहर से अलग था. वह किसी तरह उठी, उस ने अपनी साड़ी को ठीक किया और ग्राहकों के फेंके सौसौ रुपए के नोटों को ब्लाउज में खोंस कर खंडहर से बाहर निकल आई. वह सुनसान इलाका था. दूर पगडंडी के रास्ते कुछ लोग जा रहे थे.

शीला से चला नहीं जा रहा था. अब समस्या थी कि घर जाए तो कैसे? वह ग्राहक के साथ मोटरसाइकिल पर बैठ कर आई थी. उसे बूढ़ी सास की चिंता थी कि बेचारी उस का इंतजार कर रही होगी. वह जाएगी, तब खाना बनेगा. तब दोनों खाएंगी.

शीला भी क्या करती. शौक से तो नहीं आई थी इस धंधे में. उस के पति ने उसे तनहा छोड़ कर किसी और से शादी कर ली थी. काश, उस की शादी नवीन के साथ हुई होती. नवीन कितना अच्छा लड़का था. वह उस से बहुत प्यार करता था. वह यादों के गलियारों में भटकते हुए धीरेधीरे आगे बढ़ने लगी.

शीला अपने मांबाप की एकलौती बेटी थी. गरीबी की वजह से उसे 10वीं जमात के बाद पढ़ाई छोड़नी पड़ी थी. उस के पिता नहीं थे. उस की मां बसस्टैंड पर ठेला लगा कर फल बेचा करती थी.

घर संभालना, सब्जी बाजार से सब्जी लाना और किराने की दुकान से राशन लाना शीला की जिम्मेदारी थी. वह अपनी जिम्मेदारी बखूबी निभाती थी. साइकिल पकड़ती और निकल पड़ती. लोग उसे लड़की नहीं, लड़का कहते थे.

एक दिन शीला सब्जी बाजार से सब्जी खरीद कर साइकिल से आ रही थी कि मोड़ के पास अचानक एक मोटरसाइकिल से टकरा कर गिर गई. मोटरसाइकिल वाला एक खूबसूरत नौजवान था. उस के बाल घुंघराले थे. उस ने आंखों पर धूप का रंगीन चश्मा पहन रखा था. उस ने तुरंत अपनी मोटरसाइकिल खड़ी की और शीला को उठाने लगा और बोला, ‘माफ करना, मेरी वजह से आप गिर गईं.’ ‘माफी तो मुझे मांगनी चाहिए. मैं ने ही अचानक साइकिल मोड़ दी थी,’ शीला बोली.

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‘नहीं, ऐसी कोई बात नहीं. आप को कहीं चोट तो नहीं आई?’

‘नहीं, मैं ठीक हूं,’ शीला उठ कर साइकिल उठाने को हुई, पर उस नौजवान ने खुद साइकिल उठा कर खड़ी कर दी.

वह नौजवान अपनी मोटरसाइकिल पर सवार हो गया और स्टार्ट कर के बोला, ‘‘क्या मैं आप का नाम जान सकता हूं?’’

‘शीला… और आप का?’

‘नवीन… अच्छा चलता हूं.’

इस घटना के 4 दिन बाद फिर दोनों की सब्जी बाजार में मुलाकात हो गई.

‘अरे, शीलाजी आप…’ नवीन चहका, ‘सब्जी ले रही हो?’

‘हां, मैं तो हर दूसरेतीसरे दिन सब्जी खरीदने आती हूं. आप भी आते हैं…?’

‘नहीं, सच कहूं, तो मैं यह सोच कर आया था कि शायद आप से फिर मुलाकात हो जाए…’ कह कर नवीन मुसकराने लगा, ‘अगर आप बुरा न मानें, तो क्या मेरे साथ चाय पी सकती हैं?’

‘चाय तो पीऊंगी… लेकिन यहां नहीं. कभी मेरे घर आइए, वहीं पीएंगे,’ कह कर शीला ने उसे घर का पता दे दिया.शीला आज सुबह से नवीन का इंतजार कर रही थी. उसे पूरा यकीन था कि नवीन जरूर आएगा. वह घर पर अकेली थी. उस की मां ठेला ले कर जा चुकी थी, तभी मोटरसाइकिल के रुकने की आवाज आई. वह दौड़ कर बाहर आ गई. नवीन को देख कर उस का मन खिल उठा, ‘आइए… आइए न…’

नवीन ने शीला के झोंपड़ी जैसे कच्चे मकान को गौर से देखा और फिर भीतर दाखिल हो गया. शीला ने बैठने के लिए लकड़ी की एक पुरानी कुरसी आगे बढ़ा दी और चाय बनाने के लिए चूल्हा फूंकने लगी.

‘रहने दो… क्यों तकलीफ करती हो. चाय तो आप के साथ कुछ पल बिताने का बहाना है. आइए, पास बैठिए कुछ बातें करते हैं.’

दोनों बातों में खो गए. नवीन के पिता सरकारी नौकरी में थे. घर में मां, दादी और बहन से भरापूरा परिवार था. वह एक दलित नौजवान था और शीला पिछड़े तबके से ताल्लुक रखती थी. पर जिन्हें प्यार हो जाता है, वे जातिधर्म नहीं देखते.

इस बात की खबर जब शीला की मां को हुई, तो उस ने आसमान सिर पर उठा लिया. दोनों के बीच जाति की दीवार खड़ी हो गई. शीला का घर से निकलना बंद कर दिया गया. शीला के मामाजी को बुला लिया गया और शीला की शादी बीड़ी कारखाने के मुनीम श्यामलाल से कर दी गई.

शीला की शादी होने की खबर जब नवीन को हुई, तो वह तड़प कर रह गया. उसे अफसोस इस बात का रहा कि वे दोनों भाग कर शादी नहीं कर पाए. सुहागरात को न चाहते हुए भी शीला को पति का इंतजार करना पड़ रहा था. उस का छोटा परिवार था. पति और उस की दादी मां. मांबाप किसी हादसे का शिकार हो कर गुजर गए थे.

श्यामलाल आया, तो शराब की बदबू से शीला को घुटन होने लगी, पर श्यामलाल को कोई फर्क नहीं पड़ना था, न पड़ा. आते ही उस ने शीला को ऐसे दबोच लिया मानो वह शेर हो और शीला बकरी. शीला सिसकने लगी. उसे ऐसा लग रहा था, जैसे आज उस की सुहागरात नहीं, बल्कि वह एक वहशी दरिंदे की हवस का शिकार हो गई हो.

सुबह दादी की अनुभवी आंखों ने ताड़ लिया कि शीला के साथ क्या हुआ है. उस ने शीला को हिम्मत दी कि सब ठीक हो जाएगा. श्यामलाल आदत से लाचार है, पर दिल का बुरा नहीं है. शीला को दादी मां की बातों से थोड़ी राहत मिली.

एक दिन शाम को श्यामलाल काम से लौटा, तो हमेशा की तरह शराब के नशे में धुत्त था. उस ने आते ही शीला को मारनापीटना शुरू कर दिया, ‘बेहया, तू ने मुझे धोखा दिया है. शादी से पहले तेरा किसी के साथ नाजायज संबंध था.’

‘नहीं…नहीं…’ शीला रोने लगी, ‘यह झूठ है.’

‘तो क्या मैं गलत हूं. मुझे सब पता चल गया है,’ कह कर वह शीला पर लातें बरसाने लगा. वह तो शायद आज उसे मार ही डालता, अगर बीच में दादी न आई होतीं, ‘श्याम, तू पागल हो गया है क्या? क्यों बहू को मार रहा है?’

‘दादी, शादी से पहले इस का किसी के साथ नाजायज संबंध था.’

‘चुप कर…’ दादी मां ने कहा, तो श्यामलाल खिसिया कर वहां से चला गया.

‘बहू, यह श्यामलाल क्या कह रहा था कि तुम्हारा किसी के साथ…’

‘नहीं दादी मां, यह सब झूठ है. यह बात सच है कि मैं किसी और से प्यार करती थी और उसी से शादी करना चाहती थी. मेरा विश्वास करो दादी, मैं ने कोई गलत काम नहीं किया.’

‘मैं जानती हूं बहू, तुम गलत नहीं हो. समय आने पर श्याम भी समझ जाएगा.’ और एक दिन ऐसी घटना घटी, जिस की कल्पना किसी ने नहीं की थी. श्यामलाल ने दूसरी शादी कर ली थी और अलग जगह रहने लगा था.

श्यामलाल की कमाई से किसी तरह घर चल रहा था. उस के जाने के बाद घर में भुखमरी छा गई. शीला मायके में कभी काम पर नहीं गई थी, ससुराल में किस के साथ जाती, कहां जाती. घर का राशन खत्म हो गया था.

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दादी के कहने पर शीला राशन लाने महल्ले की लाला की किराने की दुकान पर पहुंच गई. लाला ने चश्मा लगा कर उसे ऊपर से नीचे तक घूर कर देखा, फिर उस की ललचाई आंखें शीला के उभारों पर जा टिकीं. ‘मुझे कुछ राशन चाहिए. दादी ने भेजा है,’ शीला को कहने में संकोच हो रहा था.

‘मिल जाएगा, आखिर हम दुकान खोल कर बैठे क्यों हैं? पैसे लाई हो?’

शीला चुप हो गई. ‘मुझे पता था कि तुम उधार मांगोगी. अपना भी परिवार है. पत्नी है, बच्चे हैं. उधारी दूंगा, तो परिवार कैसे पालूंगा? वैसे भी तुम्हारे पति ने पहले का उधार नहीं दिया है. अब और उधार कैसे दूं?’

शीला निराश हो कर जाने लगी.

‘सुनो…’

‘जी, लालाजी.’

‘एक शर्त पर राशन मिल सकता है.’

‘बोलो लालाजी, क्या शर्त है?’

‘अगर तुम मुझे खुश कर दो तो…’

‘लाला…’ शीला बिफरी, ‘पागल हो गए हो क्या? शर्म नहीं आती ऐसी बात करते हुए.’

लाला को भी गुस्सा आ गया, ‘निकलो यहां से. पैसे ले कर आते नहीं हैं. उधार में चाहिए. जाओ कहीं और से ले लो…’

शीला को खाली हाथ देख कर दादी ने पूछा, ‘क्यों बहू, लाला ने राशन नहीं दिया क्या?’

‘नहीं दादी…’

‘मुझ से अब भूख और बरदाश्त नहीं हो रही है. बहू, घर में कुछ तो होगा? ले आओ. ऐसा लग रहा है, मैं मर जाऊंगी.’

शीला तड़प उठी. मन ही मन शीला ने एक फैसला लिया और दादी मां से बोली, ‘दादी, मैं एक बार और कोशिश करती हूं. शायद इस बार लाला राशन दे दे.’

‘लाला, तुम्हें मेरा शरीर चाहिए न… अपनी इच्छा पूरी कर ले और मुझे राशन दे दे…’ लाला के होंठों पर कुटिल मुसकान तैर गई, ‘यह हुई न बात.’

लाला उसे दुकान के पिछवाड़े में ले गया और अपनी हवस मिटा कर उसे कुछ राशन दे दिया. इस के बाद शीला को जब भी राशन की जरूरत होती, वह लाला के पास पहुंच जाती. एक दिन हमेशा की तरह शीला लाला की दुकान पर पहुंची, पर लाला की जगह उस के बेटे को देख कर ठिठक गई.

‘‘क्या हुआ… अंदर आ जाओ.’’

‘लालाजी नहीं हैं क्या?’

‘पिताजी नहीं हैं तो क्या हुआ. मैं तो हूं न. तुम्हें राशन चाहिए और मुझे उस का दाम.’

‘इस का मतलब?’

‘मुझे सब पता है,’ कह कर शीला को दुकान के पिछवाड़े में जाने का इशारा किया. अब तो आएदिन बापबेटा दोनों शीला के शरीर से खेलने लगे. इस की खबर शीला के महल्ले के एक लड़के को हुई, तो वह उस के पीछे पड़ गया.

शीला बोली, ‘पैसे दे तो तेरी भी इच्छा पूरी कर दूं.’ यहीं से शीला ने अपना शरीर बेचना शुरू कर दिया था. एक से दूसरे, दूसरे से तीसरे. इस तरह वह कई लोगों के साथ सो कर दाम वसूल कर चुकी थी. उस की दादी को इस बात की खबर थी, पर वह बूढ़ी जान भी क्या करती.

शीला अब यादों से बाहर निकल आई थी. दर्द सहते, लंगड़ाते हुए वह भीड़भाड़ वाले इलाके तक आ गई थी. उस ने रिकशा रोका और बैठ गई अपने घर की तरफ जाने के लिए.

एक दिन हमेशा की तरह शीला चौक में खड़े हो कर ग्राहक का इंतजार कर रही थी कि तभी उसे किसी ने पुकारा, ‘शीला…’

शीला ग्राहक समझ कर पलटी, लेकिन सामने नवीन को देख कर हैरान रह गई. वह अपनी मोटरसाइकिल पर था. ‘‘तुम यहां क्या कर रही हो?’’ नवीन ने पूछा.

शीला हड़बड़ा गई, ‘‘मैं… मैं अपनी सहेली का इंतजार कर रही थी.’’

‘‘शीला, मैं तुम से कुछ बात करना चाहता हूं.’’

‘‘बोलो…’’

‘‘यहां नहीं… चलो, कहीं बैठ कर चाय पीते हैं. वहीं बात करेंगे.’’

शीला नवीन के साथ नजदीक के एक रैस्टोरैंट में चली गई.

‘‘शीला,’’ नवीन ने बात की शुरुआत की, ‘‘मैं ने तुम से शादी करने के लिए अपने मांपापा को मना लिया था, लेकिन तुम्हारे परिवार वालों की नापसंद के चलते हम एक होने से रह गए.’’ ‘‘नवीन, मैं ने भी बहुत कोशिश की थी, लेकिन हम दोनों के बीच जाति की एक मजबूत दीवार खड़ी हो गई.’’

‘‘खैर, अब इन बातों का कोई मतलब नहीं. वैसे, तुम खुश तो हो न? क्या करता है तुम्हारा पति? कितने बच्चे हैं तुम्हारे?’’

शीला थोड़ी देर चुप रही, फिर सिसकने लगी, ‘‘नवीन, मेरे पति ने दूसरी शादी कर ली है,’’ शीला ने अपनी आपबीती सुना दी.

‘‘तुम्हारे साथ तो बहुत बुरा हुआ,’’ नवीन ने कहा.

‘‘तुम अपनी सुनाओ. शादी किस से की? कितने बच्चे हैं?’’ शीला ने पूछा.

‘‘एक भी नहीं. मैं ने अब तक शादी नहीं की.’’

‘‘क्यों?’’

‘‘क्योंकि मुझे तुम जैसी कोई लड़की नहीं मिली.’’

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शीला एक बार फिर तड़प उठी.

‘‘शीला, मेरी जिंदगी में अभी भी जगह खाली है. क्या तुम मेरी पत्नी…’’

‘‘नहीं… नवीन, यह मुमकिन नहीं है. मैं पहली वाली शीला नहीं रही. मैं बहुत गंदी हो गई हूं. मेरा दामन मैला हो चुका है. मैं तुम्हारे लायक नहीं रह गई हूं.’’

‘‘मैं जानता हूं कि तुम गलत राह पर चल रही हो. पर, इस में तुम्हारा क्या कुसूर है? तुम्हें हालात ने इस रास्ते पर चलने को मजबूर कर दिया है. तुम चाहो, तो इस राह को अभी भी छोड़ सकती हो. मुझे कोई जल्दी नहीं है. तुम सोचसमझ कर जवाब देना.’’

इस के बाद नवीन ने चाय के पैसे काउंटर पर जमा कए और बाहर आ गया. शीला भी नवीन के पीछे हो ली.नवीन ने मोटरसाइकिल स्टार्ट कर के कहा, ‘‘मुझे तुम्हारे जवाब का इंतजार रहेगा. उम्मीद है कि तुम निराश नहीं करोगी,’’ कह कर नवीन आगे बढ़ गया.

शीला के पैर जमीन पर नहीं पड़ रहे थे. उस ने तो सपने में भी नहीं सोचा था कि वक्त उसे दलदल से निकलने का एक और मौका देगा. अभी शीला आगे बढ़ी ही थी कि एक नौजवान ने उस के सामने अपनी मोटरसाइकिल रोक दी, ‘‘चलेगी क्या?’’

‘‘हट पीछे, नहीं तो चप्पल उतार कर मारूंगी…’’ शीला गुस्से से बोली और इठलातीइतराती अपने घर की तरफ बढ़ गई.

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सर्दी के मौसम में ऐसे पाएं झड़ते बालों से छुटकारा

सर्दी जल्द ही दस्तक देने वाली है. लेकिन इसके साथ ही कई प्रौब्लम्स की भी शुरुआत होने वाली है. इस मौसम में बेजान और गिरते बालों की प्रौब्लम सबसे ज्यादा होती है, जिससे छुटाकरा पाने के लिए मार्केट में कई औप्शन मौजूद हैं. लेकिन क्या आपने इस समस्या के लिए कभी कोई आयुर्वेदिक इलाज ट्राय किया है. अगर नहीं तो आज हम आपको बताएंगे सर्दियों में झड़ते बालों की प्रौब्लम और उससे छुटकारा पाने के लिए आयुर्वेदिक इलाज के बारे में….

सर्दियों में बाल गिरने के कारण

सर्दियों में बालों से जुड़ी प्रौब्लम होना आम बात है और इसके कई कारण हो सकते हैं, जैसे- स्किन ड्राय होने के कारण रूसी यानी डैंड्रफ की परेशानी. वहीं कई लोग बालों को सही ढंग से सुखाते नहीं हैं, जिसके कारण भी बालों के टूटने की समस्या होती है. इसके अलावा बहुत ज्यादा शैम्पू और कैमिकल वाले प्रौडक्ट का इस्तेमाल करने से भी बाल झड़ने लगते हैं.

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Kesh king से करें बालों के झड़ने का इलाज

तेजी से झड़ते बालों की प्रौब्लम से छुटकारा पाने के लिए औयलिंग और मसाज सबसे अच्छा औप्शन है. एक्सपर्ट्स का मानना है कि हफ्ते में 2 से 3 बार ऑइलिंग जरुर करनी चाहिए ताकि झड़ते बालों से छुटकारा मिल सके.

वहीं केश किंग तेल में मौजूद भृगराज, आंवला और ब्राह्मी जैसी आयुर्वेदिक जड़ी बूटियां बालों से जुड़ी कई समस्याओं से छुटकारा पाने में मदद करती है. साथ ही यह बिना किसी कैमिकल के बालों को मजबूत बनाने का काम भी करती है. ये तेल इंटरनेशनल इंस्टिट्यूट द्वारा सर्टिफाइड है और इससे लाखों लोगों को फायदा मिला है.

सर्दियों में झडते बालों की प्रौब्लम से बचने के लिए आप इस तेल का इस्तेमाल करें. इस बात का ध्यान रखें कि ये तेल जितना आपके बालों की जड़ों तक पहुंचेगा, उतने ही आपके बाल मजबूत होंगे, जिससे सर्दियों में आपको घने और शाइनी बाल मिल सकेंगे. आप इस तेल को अच्छे से जड़ों तक पहुंचाने के लिए डीप रुट कॉम्ब का इस्तेमाल करें.

औयल मसाज के बाद शैम्पू और कंडिशनर का करें इस्तेमाल

Oil मसाज करने के बाद आप इसके शैम्पू से बालों को धोएं औऱ कंडिशनर से बालों की कंडीशनिंग करें. क्योंकि इसमें हैं एलोवेरा और 21 आयुर्वेदिक हर्ब्स की खूबियां जो आपके बालों को फ्रिज़ीनेस से बचाने के साथ उन्हें मुलायम व खूबसूरत बनाने का काम करती है. इन प्रौडक्ट्स की खास बात ये है कि ये केमिकल्स से फ्री है , जिससे आपके बाल पूरी तरह से सेफ हैं. इसे हर उम्र की महिला इस्तेमाल कर सकती हैं.

बालों की ऐसे करें एक्स्ट्रा केयर
– गीले बालों में कंघी न करें, इससे बाल कमजोर हो जाते है.
–हल्के गीले बालों में सीरम लगाएं, सीरम बालों को स्मूद करता है, इससे बाल उड़े-उड़े नहीं लगते. यदि आपके बाल ड्राई, फ्रीजी या घूंगराले है तो आप हेयर सीरम का इस्तेमाल जरूर करें. फर्क आपको दिख जाएगा.

– बाल धोने के लिए ज्यादा गरम पानी का इस्तेमाल न करें.

– महीने में 2 बार स्पा जरूर लें. यदि पार्लर नही जा सकती तो घर पर ही स्पा कर लें.

– बालों को स्टीम जरूर दें. अगर आपके पास स्टीमर नहीं है तो आप हौट टौवल से भी बालो को स्टीम दें सकती है.

– बालों में इस्तेमाल होने वाले प्रौडक्ट्स की क्वालिटी का ध्यान रखें.

Diwali Special: फर्नीचर चमके तो घर दमके

मौका दीवाली का हो, घर को खूबसूरत दिखाने की बात हो तो फर्नीचर की साफसफाई को भला कैसे अनदेखा किया जा सकता है. इस दीवाली अपने घर के फर्नीचर को सही साफसफाई से कैसे दें नए जैसा लुक, बता रही हैं अनुराधा गुप्ता.

प्रकाशोत्सव के नजदीक आते ही हर कोई अपने आशियाने की साफसफाई में जुट जाता है. दीवारों पर रंगरोगन के साथ ही लोग घर के फर्नीचर की सफाई कर उसे ब्रैंड न्यू लुक देने की कोशिश करते हैं. लेकिन इस कोशिश में वे अकसर अपने फर्नीचर की सूरत बिगाड़ लेते हैं. इस बाबत दिल्ली के लक्ष्मीनगर स्थित वुड विला फर्नीचर ऐंड इंटीरियर के मालिक अशोक कहते हैं, ‘‘हर घर में तरहतरह का फर्नीचर होता है. यदि फर्नीचर की सफाई सही तरीके से न की जाए तो वह कम समय में ही पुराना सा लगने लगता है.’’

आइए जानें इस दीवाली पर विभिन्न प्रकार के फर्नीचर की सफाई किस तरह करें कि वह नयानया सा लगने लगे.

लैदर फर्नीचर

लैदर फर्नीचर दिखने में जितना अच्छा लगता है, उस की देखभाल करना उतना ही कठिन होता है. खास बात यह है कि लैदर फर्नीचर की उचित देखभाल न करने से वह जगहजगह से क्रैक हो जाता है.

फर्नीचर पर किसी तरह का तरल पदार्थ गिर जाए तो उसे तुरंत साफ कर दें क्योंकि लैदर पर किसी भी चीज का दाग चढ़ते देर नहीं लगती. यहां तक कि पानी की 2 बूंद से भी लैदर पर सफेद निशान बन जाते हैं. फर्नीचर को किसी भी तरह के तेल के संपर्क में न आने दें, क्योंकि इस से फर्नीचर की चमक तो खत्म होती ही है, साथ ही उस में दरारें भी पड़ने लगती हैं.

फर्नीचर की रोज डस्टिंग करें जिस से वह लंबे समय तक सहीसलामत रहे. फर्नीचर को सूर्य की रोशनी और एअरकंडीशनर से दूर रखें. इस से फर्नीचर फेडिंग और क्रैकिंग से बचा रहेगा.फर्नीचर को कभी भी बेबी वाइप्स से साफ न करें, इस से उस की चमक चली जाती है.

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वुडन फर्नीचर

वुडन फर्नीचर की साफसफाई में अकसर लोग लापरवाही बरतते हैं जिस से वह खराब हो जाता है. ध्यान से फर्नीचर की सफाई की जाए तो उस में नई सी चमक आ जाती है. महीने में एक बार अगर नीबू के रस से फर्नीचर की सफाई की जाए तो उस में नई चमक आ जाती है. पुराने फर्नीचर को आप मिनरल औयल से पेंट कर के भी नया बना सकते हैं और अगर चाहें तो पानी में हलका सा बरतन धोने वाला साबुन मिला कर उस से फर्नीचर को साफ कर सकते हैं.

लकड़ी के फर्नीचर में अकसर वैक्स जम जाता है जिसे साफ करने के लिए सब से अच्छा विकल्प है कि उसे स्टील के स्क्रबर से रगड़ें और मुलायम कपड़े से पोंछ दें. कई बार बच्चे लकड़ी पर के्रयोन कलर्स लगा देते हैं. इन रंगों का वैक्स तो स्टील के स्क्रबर से रगड़ने से मिट जाता है लेकिन रंग नहीं जाता. ऐसे में बाजार में उपलब्ध ड्राई लौंडरी स्टार्च को पानी में मिला कर पेंटब्रश से दाग लगे हुए स्थान पर लगाएं और सूखने के बाद गीले कपड़े से पोंछ दें.

माइक्रोफाइबर फर्नीचर

माइक्रोफाइबर फर्नीचर को साफ करने से पहले उस पर लगे देखभाल के नियमों के टैग को देखना बेहद जरूरी है. क्योंकि कुछ टैग्स पर डब्लू लिखा होता है. यदि टैग पर डब्लू लिखा है तो इस का मतलब है कि उसे पानी से साफ किया जा सकता है और जिस पर नहीं लिखा है उस का मतलब है कि अगर फर्नीचर को पानी से धोया गया तो उस पर पानी का दाग पड़ सकता है. सब से सौफ्ट ब्रश से माइक्रोफाइबर फर्नीचर की पहले डस्ंिटग करें.

इस के बाद ठंडे पानी में साबुन घोलें और तौलिए से फर्नीचर की सफाई करें. ध्यान रखें कि तौलिए को अच्छे से निचोड़ कर ही फर्नीचर की सफाई करें ताकि ज्यादा पानी से फर्नीचर गीला न हो. तौलिए से पोंछने के बाद तुरंत साफ किए गए स्थान को हेयरड्रायर से सुखा दें.सुखाने के बाद उस स्थान पर हलका ब्रश चलाएं ताकि वह पहली जैसी स्थिति में आ सके.बेकिंग सोडा में पानी मिला कर गाढ़ा सा घोल बना लें. अब इस घोल को दाग लगे हुए स्थान पर लगा कर कुछ देर के लिए छोड़ दें. फिर उसे हलके से पोंछ दें.फर्नीचर पर लगे दाग को पानी से साफ करने के स्थान पर बेबी वाइप्स से साफ करें. ध्यान रखें कि दाग लगे स्थान को ज्यादा रगड़ें नहीं.

यदि फर्नीचर पर ग्रीस जैसा जिद्दी दाग लग जाए तो उसे हटाने के लिए बरतन धोने वाला साबुन और पानी का घोल बनाएं और दाग वाले स्थान पर स्प्रे करें. कुछ देर बाद गीले कपडे़ से उस स्थान को पोंछ दें.

प्लास्टिक फर्नीचर

अकसर देखा गया है कि जब बात प्लास्टिक के फर्नीचर को साफ करने की आती है तो उसे या तो स्टोररूम का रास्ता दिखा दिया जाता है या फिर कबाड़ में बेच दिया जाता है. लेकिन वास्तव में अगर प्लास्टिक के फर्नीचर की सही तरह से सफाई की जाए तो उसे भी चमकाया जा सकता है. ब्लीच और पानी बराबरबराबर मिला कर एक बोतल में भर लें और फर्नीचर पर लगे दागों पर स्प्रे करें. स्प्रे करने के बाद फर्नीचर को 5 से 10 मिनट के लिए धूप में रख दें.

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ट्यूब और टाइल क्लीनर से भी प्लास्टिक का फर्नीचर चमकाया जा सकता है. इस के लिए ज्यादा कुछ नहीं, बस दाग लगी जगह पर स्प्रे कर के 5 मिनट बाद पानी से धो दें. दाग साफ हो जाएंगे.

बरतन धोने वाला डिटरजैंट भी प्लास्टिक के फर्नीचर में लगे दाग को छुड़ाने में सहायक होता है. इस के लिए 1:4 के अनुपात में डिटरजैंट और पानी का घोल बना लें. इस घोल को फर्नीचर पर स्प्रे कर के 5 से 10 मिनट के लिए छोड़ दें. इस के बाद कपड़े से फर्नीचर को पोंछें. नई चमक आ जाएगी.

प्लास्टिक पर लगे हलके दागों को बेकिंग सोडा से भी धोया जा सकता है. इस के लिए स्पंज को बेकिंग सोडा में डिप कर के दाग वाली जगह पर गोलाई में रगड़ें. दाग हलका हो जाएगा.

नौन जैल टूथपेस्ट से प्लास्टिक फर्नीचर पर पड़े स्क्रैच मार्क्स हटाए जा सकते हैं.

यह सच है कि घर की रंगाईपुताई तब तक अधूरी ही लगती है जब तक घर के फर्नीचर साफसुथरे न दिखें. उपरोक्त तरीकों से घर के सभी प्रकार के फर्नीचर को चमका लिया जाए तो दीवाली की खुशियों का मजा कहीं ज्यादा हो जाएगा.

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Karva Chauth fashion Tips in hindi: इस करवाचौथ ट्राय करें ये फैशन टिप्स

Karva Chauth 2021: शादीशुदा महिलाओं के लिए करवाचौथ किसी फेस्टिवल्स से कम नहीं है. इस फेस्टिवल में वह नई दुल्हन की तरह तैयार होती है, जिसके लिए वह कई तरह की शौपिंग करती हैं. इसीलिए आज गृहशोभा की टौप इंडियन लुक्स की झलक आपको दिखाएंगे, जिसे ट्राय करके आप अपने लुक को करवाचौथ के लिए ट्राय कर सकते हैं. इन Fashion Tips in hindi से आप करवाचौथ लुक में चार चांद लगा सकती हैं. तो पढ़िए Grihshobha की Karva Chauth fashion in hindi…

1. मराठी लुक में दिखीं ‘गुम है किसी के प्यार में’ की सई और पाखी, देखें फोटोज

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सीरियल में सई (Ayesha Singh) के किरदार में नजर आने वाली आएशा सिंह (Ayesha Singh) का लुक फैंस को काफी पसंद आ रहा है. मराठी मुलगी के लुक में आएशा सिंह का लुक बेहद खूबसूरत लग रही हैं.

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2. बहन Rhea Kapoor की शादी में छाया सोनम कपूर का लुक

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कोरोनाकाल में कई सेलेब्स ने शादी करने का फैसला लिया. वहीं इस लिस्ट में अब बॉलीवुड एक्टर अनिल कपूर की छोटी बेटी Rhea Kapoor का नाम भी शामिल हो गया है. इसी बीच बहन Rhea Kapoor की शादी में एक्ट्रेस सोनम कपूर का लुक सोशलमीडिया पर वायरल हो रहा है.

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3. तलाक के बाद बदला अनुपमा अंदाज, एक से बढ़कर लुक में आईं नजर

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हाल ही में सीरियल अनुपमा की लीड एक्ट्रेस रुपाली गांगुली मुंबई की सड़कों पर नजर आईं. वहीं इस दौरान उनका लुक काफी खूबसूरत लग रही थीं. दरअसल, ऑरेंज रेड कलर की साड़ी में नजर आईं, जिसके साथ मैचिंग ज्वैलरी उनके लुक पर चार चांद लगा रही थीं.

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4. परफेक्ट लुक के लिए बनारसी दुपट्टे को इन स्टाइलिश अंदाज में करें ड्रेप

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सूट हो या फिर साड़ी जिसे पहनकर नारी या फिर लड़की एक अलग ही आभा बिखेरती है. बनारसी साड़ी में लिपटी सोलह सिंगार किये हुए एक भारतीय नारी की छवि दिखती है जब हम अंतर्राष्ट्रीय मंच पर बात करते हैं. भारत में शायद ही ऐसी कोई औरत होगी जिसकी अलमारी में एक बनारसी साड़ी या दुपट्टा ना हो. दुल्हन की बकसिया भी एक बनारसी साड़ी और दुपट्टा ज़रूर समेटे होती है, भारतीय महिलाओं में बनारसी सिल्क का क्रेज हमेशा ही देखने को मिल जाता है. यह क्रेज अब केवल बनारसी सिल्क साड़ियों तक ही सीमित नहीं रहा है.

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5. ‘साथ निभाना साथिया 2’ की इस एक्ट्रेस के पास है डिजाइनर साड़ियों का कलेक्शन, देखें फोटोज

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साथ निभाना साथिया 2 के सेट पर अनंत यानी हर्ष नागर संग राधिका यानी कृतिका देसाई फोटोज क्लिक करवाती नजर आईं. इस दौरान लाइट स्काई ब्लू कलर और वाइट के कौम्बिनेशन वाली साड़ी में कृतिका बेहद खूबसूरत लग रही थीं. इसके साथ डायमंड पैटर्न वाले इयरिंग्स उनके लुक पर चार चांद लगा रहे थे.

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6. शिल्पा शेट्टी के ये इंडियन लुक करें ट्राय

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बौलीवुड में फिट रहने का ट्रैंड एक्ट्रैस शिल्पा शेट्टी कुंद्रा (Shilpa Shetty Kundra) से शुरू हुआ है. शिल्पा शेट्टी (Shilpa Shetty Kundra) दो बच्चों की मां हैं बावजूद इसके वह जितना अपनी बौडी को शेप में रखती हैं, उतनी ही फैशन के लिए ट्रैंड में बनी रहती है. चाहे घर के लिए हो, औफिस के लिए हो या शादी के लिए फैशन की जरूरत हर किसी को पड़ती है.

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7. बेहद स्टाइलिश हैं ‘अनुपमा’ की होने वाली ‘छोटी बहू’, ये लुक्स देख हो जाएंगे फिदा

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हाल ही में सीरियल के सेट से कुछ फोटोज वायरल हो रही हैं, जिनमें अनुपमा-वनराज अपने बेटे समर और नंदिनी (Angha Bhosle) को आर्शाीवाद देते नजर आ रहे हैं. वहीं इस दौरान नंदिनी लाल साड़ी में बेहद खूबसूरत लग रही है.

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8. राजस्थानी लुक में कहर ढाती दिखीं सुष्मिता सेन की भाभी, देखें फोटोज

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बौलीवुड एक्ट्रेस सुष्मिता सेन की भाभी टीवी एक्ट्रेस चारू असोपा आए दिन अपनी मैरिड लाइफ को लेकर सुर्खियों में रहती हैं. लेकिन इस बार चारू असोपा की कोई शादी की खबर नहीं बल्कि गणगौर में उनका राजस्थानी लुक सोशलमीडिया पर छाया हुआ है. फैंस को उनका गणगौर लुक काफी पसंद आ रहा है. आइए आपको दिखाते हैं चारू असोपा के कुछ राजस्थानी लुक्स, जिसे आप फैमिली फंक्शन हो या शादी ट्राय कर सकती हैं.

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9. फैशन के मामले में ‘सई’ को टक्कर देती हैं ‘गुम हैं किसी के प्यार में’ की ‘पाखी’, देखें फोटोज

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सीरियल में सिंपल साड़ी में फैंस का दिल जीतने वाली पाखी यानी एश्वर्या हर लुक में खूबसूरत लगती हैं. वहीं उनके मंगेत्तर विराट यानी एक्टर नील भट्ट (Neil Bhatt) भी उनके लुक्स के कायल हैं. तो आइए आपको दिखाते हैं पाखी यानी एक्ट्रेस ऐश्वर्या शर्मा (Aishwarya Sharma) के कुछ खास इंडियन लुक्स….

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10. Sasural Simar Ka 2 से पहले छाया दीपिका कक्कड़ का सिमर लुक, देखें फोटोज

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हाल ही में ‘ससुराल सिमर का-2’ के सेट से एक वीडियो हुई थी, जिसमें दीपिका हरे रंग के लहंगे में बेहद खूबसूरत लग रही थीं. वहीं इस लुक में वह डांस करते हुए फैंस का दिल जीतती भी नजर आईं थीं. हालांकि फैंस उनके लुक की तारीफें करते हुए भी नजर आए थे. सिंपल ग्रीन कलर के लहंगे के साथ हैवी झुमके पहने दीपिका गजब की खूबसूरत लग रही थीं.

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पं. जसराज की नातिन व Actress श्लोका पंडित सीख रही हैं कत्थक नृत्य

मशहूर शास्त्रीय गायक और पद्मविभूषण से सम्मानित स्व.  पंडित जसराज की नातिन श्लोका पंडित सबसे पहले 2014 में फिल्म ‘‘द परसियन’’ में नजर आयी थी,मगर श्लोका पंडित को कुछ माह पहले उस वक्त शोहरत मिली,जब वह  अमेजॉन प्राइम पर प्रसारित फिल्म ‘‘हेलो चार्ली’’ में वह अभिनय करते हुए नजर आयीं.  फिल्म ‘‘ हेलो चार्ली’’ में अभिनय कर श्लोका पंडित ने  हर किसी को मंत्रमुग्ध कर दिया था,पर इन दिनों वह श्लोका पंडित कत्थक नृत्य सीख रही हैं.

मगर फिल्म ‘‘ हेलो चार्ली’’ ओटीटी पर कोरोना माहारी के वक्त आयी,जिसका उन्हे फायादा नही मिल पाया. इस पर श्लोका पंडित कहती हैं-‘‘ मेरे लिए ‘हेलो चार्ली’ पहली फिल्म है. हर कोई एक बेहतर कल और एक बेहतर करियर चाहता है. लेकिन कोरोना महामारी के संकट ने सब कुछ अनिश्चित कर दिया. आम तौर पर पहली फिल्म के बाद आप अपनी यात्रा शुरू करते हैं और आप उस पर आगे के कैरियर का निर्माण करना चाहते हैं.  लेकिन कोरोना की वजह से सब कुछ बंद रहा. परिणामतः ‘हेलो चार्ली’से शोहरत मिली,पर उसका फायदा नही मिल पाया. लेकिन मैं आशावादी हॅूं.  ऐसे में घर पर खाली बैठने की बनिस्बत मैने कत्थक नृत्य की ट्रेनिंग लेनी शुरू की. ’’

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कत्थक नृत्य की ऐसी शैली है,जो आंखों और से भावों में उत्कृष्टता प्राप्त करने में मदद करता है.  श्लोका पंडित को नृत्य शैली बहुत पसंद है . इसीलिए वह वर्तमान में कत्थक के लिए प्रशिक्षण ले रही हैं,क्योकि उनकी नजर में कहानी कहने का एक साधन कत्थक नृत्य भी है.  वह कहती हैं-‘‘अभिनय से जुड़ने की मूल वजह लोगों को कहानियंा सुनाना ही है. मुझे नृत्य के माध्यम से कहानी कहने वाला पहलू पसंद है. इसलिए मैने अॉनलाइन क्लासेज से जुड़कर कत्थक नृत्य सीखना शुरू कर दिया.  अब इसे फुल टाइम सीख रही हॅूं. ’’

श्लोका पंडित आगे कहती हैं-‘‘मुझे नृत्य शैली पसंद है.  कत्थक कहानी कहने का एक रूप है और एक नृत्य रूप के माध्यम से हर दिन इस रूप में एक नई चुनौती होती है और यह अत्यंत रोमांचक है.  नृत्य मेरे लिए बहुत सहज है और जब मैं ऐसा करती हूं,तो मुझे सबसे अच्छा लगता है. यॅूं भी मुझे नृत्य के हर प्रकार सीखने का शौक है. यह मुझे आगे बढ़ाता है. मेरी राय में नृत्य इंसान के अंदर खुशी जगाने के साथ ही बौडी को भी लचीला बनाता है. इसलिए हम सभी को नृत्य  जरुर सीखना व करना चाहिए.  माना कि कत्थक नृत्य सबसे कठिन नृत्य रूपों में से एक है.  और इस कला रूप को आजमाने के लिए भी बहुत प्रयास करना पड़ता है.

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GHKKPM: अनाथ सई के रिश्तों पर उठेंगे सवाल तो विराट-सम्राट देंगे करारा जवाब

स्टार प्लस के सीरियल गुम है किसी के प्यार में (Ghum Hai Kisikey Pyaar Meiin) जल्द नए ट्विस्ट आने वाले हैं. जहां सई (Ayesha Singh) और विराट (Neil Bhatt) एक दूसरे के करीब आएंगे तो वहीं सम्राट और पाखी (Aishwarya Sharma) के रिश्ते में दरार आ जाएगी. इसी के चलते पाखी चव्हाण परिवार में दरार डालना शुरु कर देगी. आइए आपको बताते हैं क्या होगा शो में आगे…

पाखी करेगी ये काम

 

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अब तक आपने देखा कि एक्सीडेंट के बाद सई के घर वापस आने पर अश्विनी उन्हें दूर और अलग कमरे में रहने के लिए कहती है, जिसके कारण विराट और सई दोनों ही परेशान नजर आते हैं. लेकिन अश्विनी के फैसले को मानने के लिए मजबूर हो जाते हैं. हालांकि पाखी इस मामले में भी आग लगाने की कोशिश करती नजर आती है.

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चव्हाण परिवार में आएगी दरार

अपकमिंग एपिसोड में आप देखेंगे कि सई और विराट जहां अपने परिवार के साथ खुश होंगे तो वहीं ओमकार और सोनाली के दिल में सई के लिए नफरत होने लग जाएगी. वहीं इस नफरत को हवा और कोई नहीं पाखी देगी. दरअसल, भवानी, सोनाली को सई की जगह किचन में काम करने के लिए कहेगी. लेकिन सोनाली, सई पर आरोप लगाएगी कि वह पिछले सेलिब्रेशन में भी घर छोड़कर चली गई थी, जिसमें सोनाली का साथ ओमकार देगा. हालांकि भवानी, सई का साथ देते हुए ओमकार को जोरु का गुलाम ना बनने की सलाह देगी, जिसके चलते सोनाली भी चुप हो जाएगी.

सई पर उठेंगे सवाल

 

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दूसरी तरफ ओमकार और सोनाली का गुस्सा सई के लिए बढ़ जाएगा, जिसका कारण पाखी होगी. दरअसल, पूजा में ओंकार चव्हाण परिवार के सामने चिल्लाते हुए कहेगा कि जल्द ही सई के कारण उनका घर टूट जाएगा. वहीं सोनाली कहेगी कि सई एक अनाथ है, जिसके कारण वह रिश्तों की कीमत नहीं जानती. हालांकि ओमकार और सोनाली को करारा जवाब देते हुए सम्राट कहेगा कि वह सई का बड़ा भाई है और भवानी कहेगी कि वह उसकी चाची और अश्विनी कहेगी कि वह उसकी मां है, जिसके बाद विराट कहेगा कि वह उसका है .. फिर सोचेगा कि आखिर वह सई का क्या है. इसी बात पर पाखी, विराट पर ताना कसती नजर आएगी.

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Anupama पूछेगी अनुज से शादी का सवाल, देखें वीडियो

सीरियल ‘अनुपमा’ में इन दिनों फैमिली ड्रामा देखने को मिल रहा है, जिसके चलते शो की टीआरपी पहले नंबर बनी हुई है. सरियल में अनुज और अनुपमा की दोस्ती जहां गहरी हो रही है तो वहीं बा और वनराज उनके रिश्ते पर सवाल उठाते नजर आ रहे हैं. हालांकि इस बार अनुपमा ने बा-वनराज समेत पूरे समाज को आइना दिखाया है. आइए आपको बताते हैं क्या होगा शो में आगे आने वाला ट्विस्ट…

बा के खिलाफ हुई अनुपमा

 

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अब तक आपने देखा कि दशहरा पंडाल में बा, अनुज और जीके सभी के सामने बेइज्जत करती है. साथ ही दोनों को पंडाल से चले जाने के लिए कहती है. लेकिन अनुपमा बा को रोकती है और अनुज के सम्मान के लिए लड़ती हैं. वहीं वनराज, अनुपमा के खिलाफ खड़ी होती है. हालांकि बापूजी, समर, किंजल और नंदिनी, अनुपमा का साथ देते नजर आते हैं.

 

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अनुपमा ने दिखाया आईना

 

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अपकमिंग एपिसोड में आप देखेंगे कि बा के खिलाफ जाकर अनुपमा बुरी सोच के रावण का दहन करेगी. दरअसल, अनुपमा पंडाल में आए लोगों से कहेगी कि आज हमें बुरी सोच के रावण को मारना होगा. भगवान राम ने उस रावण को तो मार डाला था, लेकिन आज भी सबके मन में रावण है, जो हमें अच्छा काम नहीं करने देता. हमें बुरा करने वालों को मुंह तोड़ जवाब देना होगा. हालांकि वनराज और बा इस बात से खुश नही होते, जिसके बाद अनुपमा पूरे समाज के सामने अनुज से रावण का दहन करने के लिए कहेगी.

अनुज से पूछेगी सवाल

दूसरी तरफ आप देखेंगे कि घर पहुंचकर जहां अनुज की खुशी का ठिकाना नहीं होगा तो बा, अनुपमा के साथ एक घर में ना रहने का फैसला करेगी. लेकिन बापू जी उन्हें समझाएंगे. हालांकि वनराज बा का साथ देगा. वहीं अनुपमा पंडाल में हुए मामले को याद करती नजर आएगी. इसी के साथ आप देखेंगे कि अनुपमा, अनुज से अभी तक शादी ना करने की वजह पूछेगी, जिसके जवाब में अनुज कहेगा कि क्या वह सच में वजह जानना चाहती है. वहीं वनराज औऱ बा, अनुपमा के घर ना आने से परेशान नजर आएंगे.

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Yami Gautam से लेकर Disha Parmar तक, शादी के बाद पहला करवाचौथ मनाएंगी ये Celebs

Karwa Chauth 2021: साल 2021 में कई सेलेब्स शादी के बंधन में बंधे, जिनमें कुछ सेलेब्स ने फैंस के साथ खुशियां बांट कर शादी के हर फंक्शन को एंजौय किया तो वहीं कुछ सेलेब्स ने चोरी चुपके शादी करके फैंस को चौंका दिया. हालांकि फैंस को इन शादियों को देखकर बेहद खुशी हुई. इसी बीच ‘करवा चौथ’ का सेलिब्रेशन शादी के बाद पहली बार मनाने के लिए ये सेलेब्स तैयार हैं. तो आइए आपको बताते हैं कौन-कौन से सेलेब्स शादी के बाद पहली बार मनाएंगे करवाचौथ.

यामी गौतम का होगा पहला करवाचौथ

 

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बौलीवुड एक्ट्रेस यामी गौतम ने फिल्म निर्माता आदित्य धर के साथ 4 जून 2021 को हिमाचल प्रदेश के मंडी के फार्महाउस में शादी की थी. वहीं दोनों ने सोशलमीडिया के जरिए फैंस को अपनी शादी की खबर दी थी, जिसके चलते दोनों की फोटोज सोशलमीडिया पर छा गई थी. वहीं इस साल य़ामी का पहला करवाचौथ है, जिसकी तैयारियों में वह इन दिनों बिजी नजर आ रही हैं.

दिशा परमार और राहुल वैद्य की शादी थी यादगार

 

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पौपुलर टीवी शो बिग बॉस 14 में अपने प्यार का इजहार करने वाले सिंगर राहुल वैद्य अपनी गर्लफ्रैंड और एक्ट्रेस दिशा परमार संग 16 जुलाई को शादी के बंधन में बंध गए थे. वहीं सोशलमीडिया पर दोनों की मेहंदी से लेकर रिसेप्शन की फोटोज ने काफी सुर्खियां बटोरी. इसी बीच शादी के बाद दोनों का ये पहला करवाचौथ बेहद ही यादगार होगा.

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वरुण धवन का भी होगा पहला सेलिब्रेशन

 

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बौलीवुड एक्ट्रेसेस ही नहीं बल्कि एक्टर ने भी साल 2021 में शादी करने का फैसला लिया था. एक्टर वरुण धवन अपनी बचपन की दोस्त नताशा दलाल के साथ 24 जनवरी, 2021 को अलीबाग में शादी के बंधन में बंध गए थे. हालांकि कोरोना के चलते साल 2020 में दोनों ने शादी न करने का फैसला लिया था. वहीं अब करवाचौथ का सेलिब्रेशन दोनों इस साल पहली बार साथ मिलकर मनाएंगे.

‘ये है मोहब्बतें’ एक्टर ने फैंस को चौंकाया

 

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हाल ही में टीवी सीरियल ‘ये है मोहब्बतें’ (Yeh Hai Mohabbatein) और ‘कहां हम कहां तुम’ (Kahaan Hum Kahaan Tum) एक्टर अभिषेक मलिक (Abhishek Malik) ने 19 अक्टूबर को मंगेतर सुहानी चौधरी (Suhani Chaudhary) के साथ सात फेरे लिए थे, जिसके बाद ये दोनों का पहला सेलिब्रेशन होगा.

ये सितारे भी मनाएंगे करवाचौथ

रियलिटी शोज के सितारे यानी सुगंधा मिश्रा और डॉ संकेत भोसले के अलावा एंकर और सिंगर आदित्य नारायण इस साल अपना पहला करवाचौथ सेलिब्रेट करेंगे, जिसकी तैयारियों में दोनों जोड़ी इन दिनों बिजी हैं.

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असम की खूबसूरती से जुडी है पोशाक मेखला चादोर, जानें कैसे

असम की हरी-भरी वादियाँ और सुंदर पर्वत श्रृंखला अनायास ही किसी को आकर्षित करती है. वहां की रहन-सहन, खान-पान और मौसम बहुत ही मनोरम होता है. वहां की महिलाओं का खास परिधान मेखला चादोर है. पारंपरिक इस परिधान अधिकतर सिल्क या कॉटन होते है. उस पर खुबसूरत डिजाईन की बुनाई कर सुंदर रूप दिया जाता है, लेकिन ऐसी खूबसूरत परिधानों का चलन पहले की अपेक्षा कम होने लगी है, क्योंकि नए जेनरेशन को पुरानी डिजाईन आकर्षित नहीं करती, जिससे इन्हें बनाने वाले बुनकरों का पेट भरना भी मुश्किल होने लगा. इनके बच्चे घर छोड़कर बाहर काम की तलाश में जाने लगे.

फैला रही है विश्व में

असम की राजधानी गौहाटी में रहने वाली डिज़ाइनर संयुक्ता दत्ता ने इन्ही कारीगरों को जोड़कर उनके काम को आगे बढ़ाने की कोशिश कर रही है और उनके द्वारा बनाये गए आसाम सिल्क और मूंगा सिल्क के काम को मार्केट तक पहुंचाकर उनके काम को विश्व में फैला रही है. यही वजह है कि आज इन बुनकरों के बच्चे भी धीरे-धीरे इस काम की ओर रुख कर रहे है. आज मेखला चादोर विश्व में बहुत स्टाइलिस्ट और चर्चित पहनावा बन चुका है. लक्मे फैशन वीक विंटर कलेक्शन में संयुक्ता ने कांसेप्ट ‘चिकी-मिकी’ को रैम्प पर उतारी और उनकी शो स्टॉपर अभिनेत्री दिव्या खोसला कुमार ने ब्लैक मेखला चादोर बेल्टेड साडी स्ट्रेपिंग चोली के साथ पहन रखी थी.

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विलुप्त होती कला कोबचाने की कोशिश

इस कला के बारें में संयुक्ता कहती है कि हैंडलूम कपड़ों को लोगों तक पहुँचाना बहुत कठिन होता है, क्योंकि ये कपडे महंगे होते है.पॉवरलूम को अधिक अहमियत इसलिए मिल रही है, क्योंकि इनके कपडे जल्दी बन जाने की वजह से सस्ते होते है, जबकि पारंपरिक असम सिल्क हाथ से बुनाई कर तैयार किये जाते है इसलिए थोड़े महंगे होते है,लेकिन सालों तक इसकी खूबसूरती बनी रहती है. पॉवरलूम पर वे आसाम सिल्क की खूबसूरती को नहीं ला पाते. इसी वजह से आज भी इन कारीगरों की चाह लोगों में है और मेरी ये कोशिश है कि इन कारीगरों की कारीगरी को विलुप्त होने से बचाई जाय और मेखला चादोर को सब लोग जाने. पहले मैं जब असम से दूर किसी दूसरी जगह जाती थी, तो लोग हर प्रकार के कपड़ों को जानते है, लेकिन आसाम सिल्क और मेखला चादोर से परिचित नहीं थे. मैं हर फैशन शो में मेखला चादोर को ही शो केस करती हूँ, क्योंकि वहां हर तरह के व्यवसायी से लेकर ब्लॉगर सभी आते है और इसे लोगों तक पहुँचाना आसान होता है.

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छोड़नी पडीजॉब 

संयुक्ता ने अपनी जर्नी सरकारी नौकरी, एक इंजिनीयर के रूप में शुरू की थी. 10 साल काम करने के बाद उन्होंने जॉब छोड़ दिया और आसाम सिल्क को पोपुलर करने का बीड़ा उठाया. ये निर्णय लेना उनके लिए आसान नहीं था, क्योंकि संयुक्ता के पिता की मृत्यु के बाद उनकी माँ ने पूरे परिवार का पालन-पोषण बहुत मुश्किल से किया था, ऐसे में माँ ने संयुक्ता को नौकरी न छोड़ने की सलाह दी थी. संयुक्ता आगे कहती है कि माँ के मना करने की वजह मेरा डिज़ाइनर के क्षेत्र में ज्ञान का न होना है, पर मुझे विश्वास था कि मैं कुछ अच्छा कर सकूँगी.पति ने सपोर्ट दिया और दिल की बात सुनने की सलाह दी. नौकरी छोड़ मैं डिज़ाइनर बन गयी. तब मेरे पास कोई फैक्ट्री नहीं थी और बुनकर किसी काम के लिए एडवांस में पैसे लेते थे, पर उन्हें मेरी डिजाईन को बनाना पसंद नहीं था, क्योंकि उन्हें मार्केट की जानकारी नहीं थी. गांव में रहकर वे एक ही डिजाईन को बार-बार बनाते थे. वे किसी नयी डिजाईन को एक्सपेरिमेंट करना नहीं चाहते थे. मेरे लिए ये सबसे बड़ी चुनौती थी.

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हैंडलूम में लगती है अधिक श्रम

असल में एक मेखला चादोर को बनाने में 25 से 30 दिन की कठिन श्रम लगते है, लेकिन उनकी मजदूरी उनके मेहनत के हिसाब से नहीं थी. इसलिए वे इस काम को छोड़ दूसरे क्षेत्र में जाना चाह रहे थे. मैंने उनकी जरूरतों को देखते हुए उन्हें अच्छी मजदूरी के साथ-साथ मुफ्त में खाना, मुफ्त में ठहरने की व्यवस्था, मेडिकल की सुविधा देनी शुरू कर दी. तब उन्हें समझ में आया कि मैं कुछ अच्छा काम उनके लिए कर रही हूँ. अभी मेरे पास 150 लूम्स है और इन सभी बुनकरों को मैं हर तरीके की सपोर्ट करती हूँ. मैंने खुद की फैक्ट्री साल 2015 में शुरू की है. अभी मुझे कोई समस्या नहीं है, बुनकर खुद काम की तलाश में मेरे पास आते है. इसमें व्यस्क ही नहीं, यूथ भी आकर काम सीख रहे है, क्योंकि उनकी बेसिक जरूरतें यहाँ पूरी हो रही है. साथ ही अच्छे और अधिक काम के लिए उन्हें इन्सेन्टिव भी देती हूँ.

मिला बुनकरों का समर्थन

अभी ये बुनकर इस इंडस्ट्री की ओर अधिक से अधिक आकर्षित हो इसकी कोशिश चल रही है. मेरा काम आसाम की मलबरी सिल्क, मूंगा सिल्क और हैंडलूम है. मैं हैंडलूम को जिन्दा रखना चाहती हूँ, क्योंकि पॉवरलूम बहुत तेजी से इस पर हावी हो रहा है और यहाँ एक मेखला चादोर को बनाने में केवल एक दिन लगता है, इसलिए ये सस्ती होती है, पर सस्टेनेबल नहीं होती. बुनकरों को सपोर्ट न करने पर हैण्डलूम एक दिन मर जायेगी. सरकार की तरफ से किसी प्रकार की कोई सहायता नहीं मिलती. इसलिए मैं अधिक से अधिक फैशन शो कर इस कला को विलुप्त होने से बचाना चाहती हूँ. हर साल दो से तीन फैशन शो करती हूँ, जो काफी खर्चीला होता है, लेकिन इसका खर्चा मैं अपनी कमाई से पूरा करती हूँ. मैने जितना कमाया, उसे इन्ही चीजों पर खर्च कर किया है. आसाम सिल्क से बने मेखला चादोर को किसी भी अवसर पर पहना जा सकता है.

सोचनी पड़ती है नयी डिजाईन

डिजाईन में नयापन लाने के लिए वह खुद डिजाईन ड्रा करती है,इस काम में एक लम्बा प्रोसेस होता है. इसके लिए उन्हें बहुत सोचना पड़ता है, इसके बाद उस डिजाईन को कम्प्यूटर पर बनाकर कार्ड्सबनाये जाते है, जिसे लूम से जोड़ा जाता है फिर डिजाईन की बुनाई कपड़ों पर होती है. इस प्रकार कई प्रोसेस से गुजर कर ही ड्रेसेज बनती है. संयुक्ता को ख़ुशी इस बात से है कि उन्हें अगले साल न्यूयार्क फैशन वीक में उनकी यूनिक पोशाक के लिए  आमंत्रित किया गया है.

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विदेशों में है इसकी मांग

संयुक्ता आगे कहती है कि कोविड में पूरा देश लॉकडाउन में था, पर मेरे फैक्ट्री का काम चलता रहा, क्योंकि बुनकर फैक्ट्री में रहते और काम करते रहे. उन्हें बाहर जाने की जरुरत नहीं थी, उनकी देखभाल मैं करती थी. ऐसे में जब लॉकडाउन खुला तो मेरे पास ही केवल ड्रेसेज थे और मैंने 3 महीने का व्यवसाय एक महीने में किया.बांग्लादेश में बहुत सारे लोग मेरे इस काम की बहुत तारीफ़ करते है और मैं उन्हें अपनी ड्रेसेज भेजती हूँ. इसके अलावा यूके, अमेरिका, इंडोनेशिया, दोहा, ऑस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड आदि सभी जगहों पर मैं आसाम सिल्क को पहनना लोग चाहते है. ये लोग आसामीज नहीं, फिर भी मेखला चादोर को पहनना पसंद करते है.

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